<?xml version="1.0"?>
<?xml-stylesheet type="text/css" href="https://script.spoken-tutorial.org/skins/common/feed.css?303"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="en">
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=Linux%2FC2%2FSimple-filters%2FHindi</id>
		<title>Linux/C2/Simple-filters/Hindi - Revision history</title>
		<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=Linux%2FC2%2FSimple-filters%2FHindi"/>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=Linux/C2/Simple-filters/Hindi&amp;action=history"/>
		<updated>2026-04-11T17:36:55Z</updated>
		<subtitle>Revision history for this page on the wiki</subtitle>
		<generator>MediaWiki 1.23.17</generator>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=Linux/C2/Simple-filters/Hindi&amp;diff=110&amp;oldid=prev</id>
		<title>Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- | 0:00 |लिनक्स में सिंपल फिल्टर्स के इस ट्यूटोरियल में आपका …'</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=Linux/C2/Simple-filters/Hindi&amp;diff=110&amp;oldid=prev"/>
				<updated>2012-11-27T10:18:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;#039;{| border=1 !Time !Narration |- | 0:00 |लिनक्स में सिंपल फिल्टर्स के इस ट्यूटोरियल में आपका …&amp;#039;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स में सिंपल फिल्टर्स के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:08&lt;br /&gt;
|यहाँ हम हेड (head),टेल(tail),सोर्ट(sort),कट (cut)और पेस्ट(paste) के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:17&lt;br /&gt;
|यह सारे कमांड लाइन टेक्स्ट मनिप्यूलेशन टूल्स हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:22&lt;br /&gt;
|यदि आप टर्मिनल पर (#) हैशचिन्ह देखते हैं तो आपको उन कमांड्स को निष्पादित करने के लिए रूट बनाना होगा।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:29&lt;br /&gt;
|(sudo su or su root),यदि आप टर्मिनल पर $ डॉलर चिन्ह देखते हैं तो एक सामान्य उपयोगकर्ता उन कमांड्स को निष्पादित कर सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:38&lt;br /&gt;
|मैं ये मानती हूँ कि आपने डिफॉल्ट इन्स्टालेशन की है और पाथ में  कहीं बदलाव नहीं लाया है जहाँ फाइल्स सेव हो रही हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:46&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल के लिए मैं उबंटू 10.10 इस्तेमाल कर रही हूँ । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:51&lt;br /&gt;
|इस भाग के लिए आपको माउस तथा कीबोर्ड का प्रयोग करना और विंडो पर मैक्समाइज़ तथा मिनीमाइज़ बटंस का प्रयोग करना आना ज़रुरी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:02&lt;br /&gt;
|एक फाइल की पहली 10 लाइन्स को प्रदर्शित करने के लिए हम Head कमांड देते हैं ,उसके बाद एक ascii फाइल नेम देते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:10&lt;br /&gt;
|चलिए फाइल बनाते हैं| व्यावहारिक रूप में इसे दिखाने के लिए मैं ESC (एस्केप) की दबा रही हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:17&lt;br /&gt;
|Applications &amp;gt; Accessories &amp;gt; Text Editor पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:24&lt;br /&gt;
|समय की कमी के कारण मेरे पास यह नम्बर्स पहले से ही एक और फाइल में हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:30&lt;br /&gt;
|जिन्हें मैं कॉपी और पेस्ट करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:38&lt;br /&gt;
|फाइल पर हिट करें,Save(सेब) करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:41&lt;br /&gt;
|फाइल को numbers.txt नाम दें और Save पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:48&lt;br /&gt;
|इस फाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:53&lt;br /&gt;
|अब Applications &amp;gt; Accessories &amp;gt; Terminal पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:01&lt;br /&gt;
|अब देखने की कोशिश करते हैं जो फाइल हमने बनाई थी, यदि हम उसे देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:05&lt;br /&gt;
|ls टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:09&lt;br /&gt;
|हमने यहाँ जो किया उससे हमारी होम डाइरेक्टरी पर सभी फाइल्स तथा फ़ोल्डर्स दिखाई देंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:15&lt;br /&gt;
|हमने जो फाइल बनाई है उसके कंटेंट्स को पढ़ने के लिए cat कमांड का प्रयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:21&lt;br /&gt;
|Cat num,फाइल नेम को ऑटोफिल यानि अपने आप आने के लिए टैब दबायें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:29&lt;br /&gt;
|चलिए ऐसा ही head  कमांड के साथ करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:33&lt;br /&gt;
|Head numbers.txt एंटर करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:39&lt;br /&gt;
|अब पहली दस लाइन्स प्रदर्शित हुई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:43&lt;br /&gt;
|यदि हमें पहली पाँच लाइन्स देखनी हैं तो head कमांड तथा फाइल के बीच -n5 ऑप्शन का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:52&lt;br /&gt;
|अप एरो, -n5  दबायें और एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:58&lt;br /&gt;
|अब सिर्फ पहली पाँच लाइन्स प्रदर्शित हुई हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:02&lt;br /&gt;
|प्रेज़न्टैशन पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:08&lt;br /&gt;
|F5.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:14&lt;br /&gt;
|tail कमांड  head कमांड के बिलकुल विपरीत काम करती है, यह डिफॉल्ट रूप से आखिरी दस लाइन्स प्रदर्शित करती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:22&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर वापस जाने के लिए मैं ALT + Tab (आल्ट+ टैब) प्रेस कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:27&lt;br /&gt;
|tail numbers.txt &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:31&lt;br /&gt;
|यदि हमें आखिरी पाँच लाइन्स देखनी हैं तो tail कमांड तथा फाइल नेम के बीच -n5 ऑप्शन का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:40&lt;br /&gt;
|hyphen n5 एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:45&lt;br /&gt;
|स्लाइड्स पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:50&lt;br /&gt;
|एक लॉग फाइल में सिस्टम में हुए इवेंट्स यानि कार्यक्रम मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:55&lt;br /&gt;
|Auth.log फाइल, जो लॉगिन होते हैं तथा जो लॉगआउट होते हैं उनका लॉग बनाए रखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:01&lt;br /&gt;
|tail कमांड का सबसे उपयोगी ऑप्शन है –f ऑप्शन का प्रयोग कर लॉग फाइल की टेल का अनुसरण करना। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:09&lt;br /&gt;
|यदि लॉग फाइल में एक नई लाइन जोड़ी जाती है तो tail  कमांड उसे आखिरी लाइन मानेगा और डिफॉल्ट रूप से इससे ऊपर दस लाइन्स दिखाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:18&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:21&lt;br /&gt;
|tail -f /var/log/auth.log &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:31&lt;br /&gt;
|इस टर्मिनल की साइज़ बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:39&lt;br /&gt;
|चलिए एक और टर्मिनल ओपन करते हैं Application -&amp;gt; Accessories -&amp;gt; Terminal.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:46&lt;br /&gt;
|टर्मिनल का साइज़ बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:52&lt;br /&gt;
|ताकि आपको एक ही स्क्रीन पर बता सकें कि लाग फाइल में tail आखिरी लाइन का कैसे पालन करता है ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:00&lt;br /&gt;
|Su की अपने रूप में कोशिश करें, एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:05&lt;br /&gt;
|कुछ गलत पासवर्ड दीजिए और एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:08&lt;br /&gt;
|आप देखेंगे कि टर्मिनल पर टेल जो रन हो रहा है एक नए लॉग के साथ जोड़ा गया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:15&lt;br /&gt;
|तारीख और समय निर्दिष्ट करती है कि कब ऑथेन्टीकेशन यानि प्रमाणीकरण विफल हुई है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:23&lt;br /&gt;
|date टाइप करें , सिस्टम की डेट तथा टाइम को जांचने के लिए एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:32&lt;br /&gt;
|इस टर्मिनल को बंद करने के लिए Exit टाइप करें । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:36&lt;br /&gt;
|रनिंग tail कमांड को बंद करने के लिए CTRL+C प्रेस करें और टर्मिनल को मेक्सीमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:51&lt;br /&gt;
|हमने पिछले उदाहरण में सिर्फ auth.log file देखी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:57&lt;br /&gt;
|यह लॉग फाइल्स लिनक्स में आमतौर पर इस्तेमाल होती है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:01&lt;br /&gt;
|यदि कोई समस्या है तो लिनक्स सिस्टम ऐड्मिनिस्ट्रेटर उसकी मशीन को ट्रबलशूट करने के लिए इन लॉग फाइल्स में अधिक जानकारी पाने के लिए  देखेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:12&lt;br /&gt;
|Sort कमांड, जैसे कि नाम से पता चलता है, एक फाइल को हमारे लिए दोनों आरोही तथा अवरोही क्रम में सोर्ट यानि छांटती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:23&lt;br /&gt;
|numbers.txt यह हमारी फाइल को आरोही प्रकार में क्रमबद्ध करेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:31&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि कुछ अजीब है यहाँ,सोर्ट करते वक्त Sort बस पहले अक्षर को देखता है,इसलिए 10,11&amp;amp;12 नम्बर 2 के पहले आता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:43&lt;br /&gt;
|इससे बचने के लिए ऑप्शन -n को जोड़े और एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:53&lt;br /&gt;
|अब Sort पूरे नम्बर को देखता है उन्हें सोर्ट करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:58&lt;br /&gt;
|number.txt को उलटे क्रम में सोर्ट करने के लिए ऑप्शन -r को जोड़ें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:09&lt;br /&gt;
|इस फाइल में नम्बर्स हैं जो दुबारा आए हैं, विशिष्ट नम्बर्स को निकालने के लिए –u ऑप्शन के अन्य ऑप्शन को जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:17&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:20&lt;br /&gt;
|अप एरो  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:22&lt;br /&gt;
|U एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:26&lt;br /&gt;
|पिछली बार दो 2 दिखाए थे, और अब सिर्फ एक 2 दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:38&lt;br /&gt;
|अब हम देखेंगे कि किसी कालम के आधार पर कैसे एक फाइल सोर्ट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:44&lt;br /&gt;
|चलिए एक फाइल बनाते हैं और की इन करें जैसे कि बताया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:48&lt;br /&gt;
|Application &amp;gt; Accessories &amp;gt; Text Editor पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:57&lt;br /&gt;
|समय की बचत के लिए पहले से ही एक अलग फाइल में डेटा है जिसे मैं कॉपी और पेस्ट, CTRL+C; CTRL+V करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:11&lt;br /&gt;
|फाइल,marks.txt नाम से इसे सेव करें,सेव(Save) पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:21&lt;br /&gt;
|इस फाइल में जो विशिष्ट अक्षर हैं उस पर ध्यान न दें | मैं नहीं चाहती कि कोई भी कम अंक मिलने पर मुझे कुछ कहे।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:28&lt;br /&gt;
|इस फाइल को बंद करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:33&lt;br /&gt;
|marks.txt फाइल के दूसरी कालम के आधार पर सोर्ट करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:40&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:42&lt;br /&gt;
|space marks dot txt space hyphen t space open inverted commas space close inverted commas space &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:53&lt;br /&gt;
|यहाँ –t डैलिमीटर के लिए है और कोट्स के बीच का स्पेस उसे दर्शाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:02&lt;br /&gt;
|hyphen k2 दूसरे कालम के लिए है जिसपर सोर्ट प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:14&lt;br /&gt;
|एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:20&lt;br /&gt;
|Cat marks dot txt  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:24&lt;br /&gt;
|यह ओरिजिनल फाइल है, यदि आप देखते हैं कि Avir ऊपर चला गया और Bala नीचे आ गया है जब हमने दूसरे कालम के आधार पर सोर्ट किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:43&lt;br /&gt;
|Cut कमांड का उपयोग एक फाइल से कुछ जानकारी कट करने के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:51&lt;br /&gt;
|चलिए marks.txt में से कुछ नाम निकालते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:55&lt;br /&gt;
|टर्मिनल ALT+Tab पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:58&lt;br /&gt;
|cut space marks dot txt space hyphen d space open inverted commas space close inverted commas space.  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:08&lt;br /&gt;
|यहाँ cut कमांड में d एक डैलिमीटर है और उद्धरण-चिन्ह के भीतर का स्पेस डैलिमीटर को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20&lt;br /&gt;
|hyphen f2 दूसरे कालम के लिए, एंटर प्रेस करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:31&lt;br /&gt;
|Paste कमांड फाइल्स की समरूपी उत्तरगामी लाइन्स को मर्ज करेगा यानि जोड़ेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|अब numbers.txt तथा marks.txt दोनों फाइल्स का प्रयोग करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:41&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:43&lt;br /&gt;
|numbers.txt marks.txt पेस्ट करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:50&lt;br /&gt;
|अब marks.txt की पहली लाइन numbers.txt की पहली लाइन से जोड़ी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:57&lt;br /&gt;
|आउटपुट को concatefile.txt नामक फाइल में पुनः निर्दिष्ट करने के लिए हम redirect(रिडाइरेक्ट) की का प्रयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:06&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:08&lt;br /&gt;
|अप एरो प्रेस करें। redirect(रिडाइरेक्ट) की को प्रेस करें, जो ग्रेटर दैन चिन्ह है, concatefile.txt | एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:18&lt;br /&gt;
|Cat concatfile dot txt &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:22&lt;br /&gt;
|अब स्लाइड पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:25&lt;br /&gt;
|यदि हम चाहते हैं कि पेस्ट नम्बर्स को क्रमानुसार दिखाए टैब द्वारा उसे डीलिमिट करें हम –s ऑप्शन का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:34&lt;br /&gt;
|hyphen s पेस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:39&lt;br /&gt;
|numbers dot txt  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:43&lt;br /&gt;
|स्लाइड पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:45&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल 'टॉक टू अ टीचर' प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:49&lt;br /&gt;
|जिसे भारत सरकार के एमएचआरडी मंत्रालय के राष्ट्रीय शिक्षा मिशन ने आईसीटी के माध्यम से समर्थित किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:55&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी हमारी निम्नलिखित वेबसाइट http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:59&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	</feed>