<?xml version="1.0"?>
<?xml-stylesheet type="text/css" href="https://script.spoken-tutorial.org/skins/common/feed.css?303"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="en">
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=LibreOffice-Suite-Base%2FC4%2FDatabase-Design-Purpose-OrganizeTables%2FHindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi - Revision history</title>
		<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=LibreOffice-Suite-Base%2FC4%2FDatabase-Design-Purpose-OrganizeTables%2FHindi"/>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&amp;action=history"/>
		<updated>2026-04-17T12:50:55Z</updated>
		<subtitle>Revision history for this page on the wiki</subtitle>
		<generator>MediaWiki 1.23.17</generator>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&amp;diff=1172&amp;oldid=prev</id>
		<title>Pravin1389: moved LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables /Hindi to LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&amp;diff=1172&amp;oldid=prev"/>
				<updated>2012-12-02T14:05:05Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;moved &lt;a href=&quot;/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables_/Hindi&quot; class=&quot;mw-redirect&quot; title=&quot;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables /Hindi&quot;&gt;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables /Hindi&lt;/a&gt; to &lt;a href=&quot;/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&quot; title=&quot;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&quot;&gt;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;table class='diff diff-contentalign-left'&gt;
				&lt;tr style='vertical-align: top;'&gt;
				&lt;td colspan='1' style=&quot;background-color: white; color:black; text-align: center;&quot;&gt;← Older revision&lt;/td&gt;
				&lt;td colspan='1' style=&quot;background-color: white; color:black; text-align: center;&quot;&gt;Revision as of 14:05, 2 December 2012&lt;/td&gt;
				&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td colspan='2' style='text-align: center;'&gt;&lt;div class=&quot;mw-diff-empty&quot;&gt;(No difference)&lt;/div&gt;
&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/table&gt;</summary>
		<author><name>Pravin1389</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&amp;diff=510&amp;oldid=prev</id>
		<title>10.102.152.95: Created page with '{| border=1 !Visual Cue !Narration  |- |00:00 |लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्व…'</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Purpose-OrganizeTables/Hindi&amp;diff=510&amp;oldid=prev"/>
				<updated>2012-11-29T06:21:30Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;#039;{| border=1 !Visual Cue !Narration  |- |00:00 |लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्व…&amp;#039;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cue&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:00&lt;br /&gt;
|लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:04&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम डेटाबेस डिजाइन पर निम्न विषयों के बारे में सीखेंगे:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:09&lt;br /&gt;
|अपने डेटाबेस का उद्देश्य पता करना।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
|अपेक्षित सूचना का पता करना और सुव्यवस्थित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
|जानकारी को टेबल्स में बाँटना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:19&lt;br /&gt;
|डेटाबेस डिजाइन क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:21&lt;br /&gt;
|डेटाबेस डिजाइन डेटाबेस के विस्तृत डेटा मॉडल को बनाने की प्रक्रिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:28&lt;br /&gt;
|अच्छे डिजाइन के साथ, डेटाबेस......&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:32&lt;br /&gt;
|नवीनतम, सही और पूर्ण सूचना प्रदान कर सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:37&lt;br /&gt;
|जिसका मतलब है कि हम विभिन्न स्तरों पर अपनी सूचना की पूर्णता सुनिश्चित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:43&lt;br /&gt;
|डेटा संसाधन और रिपोर्टिंग की आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:48&lt;br /&gt;
|और बदलावों को आसानी से समायोजित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:51&lt;br /&gt;
|डेटाबेस डिजाइन की प्रक्रिया में निम्न स्टेप्स होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:57&lt;br /&gt;
|अपने डेटाबेस का उद्देश्य पता करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
|अपेक्षित सूचना को प्राप्त करना और सुव्यवस्थित करना।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|जानकारी को टेबल्स में बाँटना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
|जानकारी विषयों को कॉलम्स में बदलना।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:11&lt;br /&gt;
|प्राइमरी कीज़ का विवरण देना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:14&lt;br /&gt;
|टेबल रिलेशनशिप्स को स्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:17&lt;br /&gt;
|अपने डिजाइन को सुधारना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:20&lt;br /&gt;
|सामान्यकरण नियम लागू करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:23&lt;br /&gt;
|और अंततः, डेटाबेस को जाँचना, रन करना और अनुरक्षण करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:28&lt;br /&gt;
|ठीक है, पहले स्टेप पर जाते हैं जो है.........&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:32&lt;br /&gt;
|अपने डेटाबेस का उद्देश्य पता करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:35&lt;br /&gt;
|एक सरल Library एप्लिकैशन पर विचार करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:38&lt;br /&gt;
|लाइब्रेरी में सामान्यतः पुस्तकें होती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:41&lt;br /&gt;
|और यह पुस्तकें उसके पंजीकृत सदस्यों को जारी की जाती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:45&lt;br /&gt;
|अतः हमें पुस्तकों और सदस्यों की सूची को रखने के लिए एक Library एप्लिकैशन की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51&lt;br /&gt;
|और इसके सदस्यों को जारी की जाने वाली पुस्तकों को ट्रैक करने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:56&lt;br /&gt;
|हमारा पहला स्टेप है, अपेक्षित सूचना का पता लगाना और सुव्यवस्थित करना ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:01&lt;br /&gt;
|यहीं हम सभी प्रकार की सूचनाओं को इकठ्ठा करते हैं, जिन्हें हम डेटाबेस में रिकॉर्ड करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:09&lt;br /&gt;
|अब हम Library एप्लिकैशन का उद्देश्य जानते हैं, यहाँ विषयों को समझते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:17&lt;br /&gt;
|यहाँ books हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:19&lt;br /&gt;
|एक पुस्तक में एक शीर्षक, एक रचयिता, एक प्रकाशक, और एक कीमत होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:24&lt;br /&gt;
|और हम साथ ही रचयिता की सूचना जैसे कि, जन्म तिथि और देश भी रख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:33&lt;br /&gt;
|हम प्रकाशक का नाम, पता और फोन भी रख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:38&lt;br /&gt;
|और, यहाँ Library  के सदस्य हैं जिनके नाम, फोन नम्बर्स और पते होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
|अब जब सदस्य को एक पुस्तक जारी होती है, तो यहाँ....... &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
|पुस्तक जारी करने की दिनाँक, वापस करने की दिनाँक,  वास्तविक वापस करने की दिनाँक और चेक्ड इन स्थिति होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56&lt;br /&gt;
|इन प्रत्येक विषयों को ऐट्रिब्यूट्स(attributes) भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:01&lt;br /&gt;
|इनमें से प्रत्येक ऐट्रिब्यूट्स टेबल में एक सामर्थ्य कॉलम को दर्शाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:08&lt;br /&gt;
|इस जगह पर, हम प्रश्नों को प्रतिपादित कर सकते हैं जैसे कि: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:12&lt;br /&gt;
|हम Library को प्रकाशक द्वारा दी गयी नई पुस्तकों के सेट के बारे में सूचना को कैसे जोड़ेंगे?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
|हम इसके सदस्यों की सूची को कैसे बनाये रखेंगे?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:25&lt;br /&gt;
|क्या, यदि सदस्य छोड़ना या अपना पता बदलना चाहता है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:32&lt;br /&gt;
|हम सूचना को अपडेट कैसे करें, जब सदस्य द्वारा पुस्तक वापस की जाती है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:38&lt;br /&gt;
|किस प्रकार की रिपोर्ट्स हम बनाना चाहेंगे?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:42&lt;br /&gt;
|कौन-सी पुस्तकें सदस्यों में सबसे अधिक पढ़ी जाती हैं?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:46&lt;br /&gt;
|और सदस्यों द्वारा ली गयी पुस्तकें जो वापस करने के लिए शेष हैं,हम उनकी एक सूची कैसे बनाएँ?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55&lt;br /&gt;
|अब हमारी कुछ सूचनाएँ हैं, देखते हैं कि हम सूचना को टेबल्स में कैसे बाँट सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:02&lt;br /&gt;
|हम अपनी सूचना विषयों (आइटम्स) या एट्रिब्यूट्स को मुख्य तत्व या प्रसंग में कैसे बाँटें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
|प्रत्येक प्रसंग फिर एक टेबल बन जाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:14&lt;br /&gt;
|अतः टेबल्स की आरंभिक सूची स्क्रीन पर दिख रहे चित्र के जैसे दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:21&lt;br /&gt;
|यहाँ दर्शाए जा रहे मुख्य प्रसंग या तत्व(entities) Books और members हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:26&lt;br /&gt;
|अतः, इसका तात्पर्य है कि दो सूचियों के साथ शुरू करें, एक books के लिए और एक members के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:33&lt;br /&gt;
|अब Books टेबल को विस्तार से देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:37&lt;br /&gt;
|इसमें 10 ऐट्रिब्यूट्स या कॉलम्स हैं, जिन्हें हम पहले परिभाषित कर चुके हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:43&lt;br /&gt;
|Title,  Author, Publisher, PublisherAddress, PublisherCity, PublisherPhone, PublishYear, Price, AuthorBirthDate और AuthorCountry. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
|अब देखते हैं कि इस टेबल में डेटा कैसे प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03&lt;br /&gt;
|ध्यान दीजिये, प्रत्येक रो या रिकॉर्ड पुस्तक, उसके रचयिता और उसके प्रकाशक की सूचनाएँ रखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:13&lt;br /&gt;
|अब, इस डिजाइन में दो त्रुटियाँ हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17&lt;br /&gt;
|यहाँ एक ही रचयिता और प्रकाशक की कई पुस्तकें हो सकती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:23&lt;br /&gt;
|अतः हम देखते हैं कि रचयिता का विवरण और प्रकाशक का विवरण कई बार दोहराया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:31&lt;br /&gt;
|जो कि कंप्यूटर की डिस्क स्पेस बर्बाद करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:34&lt;br /&gt;
|और इस डिजाइन के साथ दूसरी समस्या यह है कि:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
|यह डेटाबेस में अनियमितता(एनोमलीस) उत्पन्न करने के खतरे को बढ़ाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:44&lt;br /&gt;
|अब एनोमली क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:47&lt;br /&gt;
|यह डेटाबेस में केवल एक एरर या असंगति है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:53&lt;br /&gt;
|यहाँ तीन प्रकार की एनोमलीस होती हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:57&lt;br /&gt;
|पहले को इंसर्शन एनोमली कहते हैं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:01&lt;br /&gt;
|जोकि तब हो सकता है जब नया रिकॉर्ड प्रविष्ट करते हैं, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:06&lt;br /&gt;
|या जब कुछ ऐट्रिब्यूट्स बिना अन्य ऐट्रिब्यूट्स की मौजूदगी में डेटाबेस में प्रविष्ट न हो सकें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:14&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरुप, हम मानते हैं कि यहाँ Penguin नामक एक नया प्रकाशक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
|अब हमारा डिजाइन हमें Penguin प्रकाशकों की सूचनाओं को प्रविष्ट करने की अनुमति नहीं देगा, जब तक हमारी लाइब्रेरी इसके द्वारा कम से कम एक पुस्तक को नहीं रखती।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34&lt;br /&gt;
|दूसरे को डिलीशन(मिटाना) एनोमली कहते हैं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:39&lt;br /&gt;
|जो कि रिकॉर्ड को मिटाते समय होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:43&lt;br /&gt;
|यहाँ, डेटाबेस में रो या रिकॉर्ड का डिलीशन, हमारी इच्छा से अधिक सूचनाएँ डिलीट कर देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:51&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरुप, हम देखते हैं कि Orient प्रकाशक की ‘Paradise Lost’ शीर्षक नामक केवल एक ही पुस्तक हमारी लाइब्रेरी में है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:01&lt;br /&gt;
|अब यदि हम इस पूरे रिकॉर्ड को डिलीट करते है, तो हम Orient प्रकाशक पर सारी जानकारी खो देंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:10&lt;br /&gt;
|और हम साथ ही रचयिता John Milton की जानकरी भी खो देंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
|और अंततः देखते हैं कि अपडेट एनोमली क्या है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:21&lt;br /&gt;
|यह रिकॉर्ड को अपडेट करने के दौरान होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:26&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरुप, चलिए मानते हैं कि Cambridge प्रकाशकों के पास नया पता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
|अब, इस प्रकाशक के लिए Address कॉलम को अपडेट करने के लिए हमें एक से अधिक स्थान पर बदलाव करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:40&lt;br /&gt;
|हमारे उदाहरण में, दो स्थानों पर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
|और यदि Cambridge हज़ार पुस्तकें देता है, तो इसका मतलब है कि हमें उन हज़ार रेकॉर्ड्स में पता बदलने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:54&lt;br /&gt;
|और हो सकता है, हम अनजाने में एक स्थान पर पता बदलें, किन्तु अन्य स्थानों पर इसे बदलना भूल जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
|अतः इसकी वजह से जानकारी सही नहीं होगी और फलस्वरूप डेटा पूर्णता खो जाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:11&lt;br /&gt;
|हम इन समस्याओं को कैसे हल करें?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:14&lt;br /&gt;
|हमें फिर से डिजाइन करना होगा, जिससे कि हम प्रत्येक तथ्य को केवल एक बार रिकॉर्ड करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:20&lt;br /&gt;
|यदि एक ही जानकारी एक से अधिक स्थान पर दोहराई गई है, तो हमें उस सूचना को एक अलग टेबल में रखना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:29&lt;br /&gt;
|चलिए देखते हैं कैसे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:31&lt;br /&gt;
|अब हमने Books  टेबल को Books, Authors और Publications में बाँट दिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|ध्यान दीजिये कि प्रत्येक टेबल में कॉलम्स केवल उस तत्व या प्रसंग के तथ्यों को रखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:47&lt;br /&gt;
|इस प्रकार से, हम प्रकाशक की जानकारी Publications  टेबल में केवल एक बार रिकॉर्ड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार से, अलग Authors टेबल के होने से रचयिता की जानकारी को केवल एक बार रिकॉर्ड करने की अनुमति मिलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:04&lt;br /&gt;
|और अगले ट्यूटोरियल में हम देखेंगे कि कैसे हम इन टेबल्स को Books टेबल्स में वापस जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:12&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम लिबरऑफिस में डेटाबेस डिजाइन के पहले भाग के इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर आ गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:19&lt;br /&gt;
|संक्षिप्त में, हमने डेटाबेस डिजाइन में निम्न विषय सीखे:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:25&lt;br /&gt;
|अपने डेटाबेस का उद्देश्य पता करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:28&lt;br /&gt;
|अपेक्षित सूचना का पता लगाना और सुव्यवस्थित करना।     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:32&lt;br /&gt;
|जानकारी को टेबल्स में बाँटना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:36&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:48&lt;br /&gt;
|यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org. द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:54&lt;br /&gt;
|इस पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:58&lt;br /&gt;
|आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>10.102.152.95</name></author>	</entry>

	</feed>