<?xml version="1.0"?>
<?xml-stylesheet type="text/css" href="https://script.spoken-tutorial.org/skins/common/feed.css?303"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="en">
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=LibreOffice-Suite-Base%2FC4%2FDatabase-Design-Primary-Key-and-Relationships%2FHindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi - Revision history</title>
		<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=LibreOffice-Suite-Base%2FC4%2FDatabase-Design-Primary-Key-and-Relationships%2FHindi"/>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&amp;action=history"/>
		<updated>2026-04-10T15:55:22Z</updated>
		<subtitle>Revision history for this page on the wiki</subtitle>
		<generator>MediaWiki 1.23.17</generator>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&amp;diff=1175&amp;oldid=prev</id>
		<title>Pravin1389: moved LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships /Hindi to LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&amp;diff=1175&amp;oldid=prev"/>
				<updated>2012-12-02T14:07:36Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;moved &lt;a href=&quot;/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships_/Hindi&quot; class=&quot;mw-redirect&quot; title=&quot;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships /Hindi&quot;&gt;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships /Hindi&lt;/a&gt; to &lt;a href=&quot;/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&quot; title=&quot;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&quot;&gt;LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;table class='diff diff-contentalign-left'&gt;
				&lt;tr style='vertical-align: top;'&gt;
				&lt;td colspan='1' style=&quot;background-color: white; color:black; text-align: center;&quot;&gt;← Older revision&lt;/td&gt;
				&lt;td colspan='1' style=&quot;background-color: white; color:black; text-align: center;&quot;&gt;Revision as of 14:07, 2 December 2012&lt;/td&gt;
				&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td colspan='2' style='text-align: center;'&gt;&lt;div class=&quot;mw-diff-empty&quot;&gt;(No difference)&lt;/div&gt;
&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/table&gt;</summary>
		<author><name>Pravin1389</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&amp;diff=515&amp;oldid=prev</id>
		<title>10.102.152.95: Created page with '{| border=1 !Visual Cue !Narration  |- |00:00 |लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्व…'</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LibreOffice-Suite-Base/C4/Database-Design-Primary-Key-and-Relationships/Hindi&amp;diff=515&amp;oldid=prev"/>
				<updated>2012-11-29T06:22:48Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;#039;{| border=1 !Visual Cue !Narration  |- |00:00 |लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्व…&amp;#039;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cue&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:00&lt;br /&gt;
|लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:04&lt;br /&gt;
|यह ट्यूटोरियल डेटाबेस डिजाइन पर पिछले ट्यूटोरियल के आगे का भाग है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:10&lt;br /&gt;
|और यहाँ हम निम्न विषयों को सीखेंगे:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
|4. सूचना आइटम्स को कॉलम्स में बदलना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
|5. प्राईमारी कीज़ उल्लिखित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:20&lt;br /&gt;
|6. टेबल रिलेशनशिप्स (रिलेशनशिप्स) को स्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:23&lt;br /&gt;
|पिछले ट्यूटोरियल में, हमने एक सरल Library एप्लिकैशन के लिए डेटाबेस डिजाइन की प्रक्रिया को शुरू किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:30&lt;br /&gt;
|हमने पहले लाइब्रेरी डेटाबेस को बनाने के उद्देश्य का पता लगाया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
|फिर हमने लाइब्रेरी के बारे में सूचना खोज कर और सुव्यवस्थित करके अपनी प्रक्रिया को जारी रखा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:44&lt;br /&gt;
|और हमने सूचना को टेबल्स में बाँटा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:49&lt;br /&gt;
|और इस तरह, हमने अपनी लाइब्रेरी डेटाबेस में चार टेबल्स निर्धारित किये थे: Books, Authors, Publications और Members.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
|अब अगले स्टेप पर चलते हैं, जो है सूचना आइटम्स को कॉलम्स में बदलना।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
|यहाँ, हम तय करेंगे कि किस सूचना आइटम को हम प्रत्येक टेबल में संचित करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:13&lt;br /&gt;
|प्रत्येक सूचना आइटम जिसे हमने पहले निर्धारित किया था, एक फील्ड बन गयी है, और टेबल में एक कॉलम के रूप में प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:23&lt;br /&gt;
|जैसा कि स्क्रीन पर चित्र में दर्शाया गया है, Books टेबल में 5 कॉलम्स हैं, जिन्हें फील्ड्स भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:31&lt;br /&gt;
|अतः यहाँ प्रत्येक रो या रिकॉर्ड अपने कॉलम्स में वास्तव में एक पुस्तक के बारे में सूचना रखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:40&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार से, Authors टेबल में प्रत्येक रिकॉर्ड केवल एक रचयिता की सूचना रखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|और Publishers टेबल में प्रत्येक रिकॉर्ड केवल एक प्रकाशक की सूचना रखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:58&lt;br /&gt;
|अब, आगे हम कॉलम्स को अपनी ज़रूरतों के अनुसार सुधार सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:04&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरुप, हम Author name को First Name और Last Name में अलग कर सकते हैं, जिससे कि हम इन कॉलम्स के जरिये खोज या क्रमबद्ध कर सकें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:17&lt;br /&gt;
|और हमें गणनाओं के परिणाम टेबल्स में अलग कॉलम्स में रखने की आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:24&lt;br /&gt;
|क्योंकि जब हम परिणामों को देखना चाहते हैं, बेस तब गणना कर सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31&lt;br /&gt;
|अब हमें टेबल्स और कॉलम्स के बारे में स्पष्ट है, आगे देखते हैं कि कैसे हम प्राइमरी कीज़ उल्लिखित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|प्राइमरी की क्या है? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:44&lt;br /&gt;
|प्रत्येक टेबल एक कॉलम या कॉलम्स के समूह को सम्मिलित करना चाहिये, जो विशिष्ट रूप से टेबल में संचित प्रत्येक रो को बतलाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:54&lt;br /&gt;
|यह कॉलम या कॉलम्स के समूह को टेबल की प्राइमरी की है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
|यह प्रायः एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है, जैसे Book Id या एक Author Id.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:08&lt;br /&gt;
|हम प्राइमरी की फील्ड्स को बहु-टेबल्स के लॉजिकल सम्बन्धित डेटा से जल्दी संघटित करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और डेटा को अपने लिए साथ में ला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:21&lt;br /&gt;
|और प्राइमरी की में हमारे पास समरूपी वेल्युस नहीं हो सकती।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:26&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरुप, हम लोगों के नामों को प्राइमरी की की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकते, क्योंकि नाम यूनिक (अद्वितीय) नहीं होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:34&lt;br /&gt;
|यहाँ एक ही टेबल में एक ही नाम के दो लोग हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
	&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|आगे, प्राइमरी की में हमेशा एक वेल्यू होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:45&lt;br /&gt;
|यदि यह खाली या निरर्थक है, तो हम इसे प्राइमरी की नहीं मान सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52&lt;br /&gt;
|और हम एक ‘AutoNumber’  के रूप में कॉलम का डेटा टाइप निर्धारित करके प्राइमरी की कॉलम पर हमेशा एक वेल्यू बना सकते हैं जो बेस स्वतः ही बनाएगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:09&lt;br /&gt;
|जैसा कि स्क्रीन पर चित्र में दर्शाया गया है, हम अपने टेबल्स के प्राइमरी कीज़ निम्न प्रकार से निर्धारित कर सकते हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:20&lt;br /&gt;
|Books टेबल के लिए BookId, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:24&lt;br /&gt;
|Authors टेबल के लिए AuthorId, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:28&lt;br /&gt;
|Publishers टेबल के लिए PulishersId&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:33&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार से, भले ही यहाँ दर्शाया नहीं गया है, Members टेबल के लिए MembersId प्राइमरी की होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:42&lt;br /&gt;
|अंततः, टेबल्स में प्राइमरी कीज़ निर्धारित करके, हम एंटिटी इंटिग्रिटी लागू कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
|एंटिटी इंटिग्रिटी सुनिश्चित करता है कि यहाँ टेबल में समरूपी रेकॉर्ड्स नहीं हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00&lt;br /&gt;
|यह, यह भी सुनिश्चित करता है कि फील्ड जो टेबल में प्रत्येक रिकॉर्ड को पहचानती है वह यूनिक हैं और कभी निष्प्रभाव नहीं होते।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:10&lt;br /&gt;
|अब हमारे पास तीन टेबल्स में प्राईमरीज़ कीज़ हैं, हम रिलेशनशिप्स को स्थापित करके इन सबको एक साथ ला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:20&lt;br /&gt;
|चूँकि, बेस इस संकल्पना का समर्थन करता है। इसे रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट कहते हैं, संक्षिप्त में RDBMS.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
|यहाँ कुछ प्रकार के रिलेशनशिप्स हैं और हम उन्हें अभी देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:37&lt;br /&gt;
|सबसे पहले हम देखेंगे कि One-to-Many रिलेशनशिप्स क्या है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
|दिख रहे चित्र में Books और Authors टेबल्स को अभी देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:49&lt;br /&gt;
|एक पुस्तक वास्तव में एक रचयिता द्वारा लिखी गयी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|अब, यहाँ उदाहरण हैं कि जहाँ दो या कई लोग एक ही पुस्तक के सह-लेखक होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02&lt;br /&gt;
|किन्तु, हम अपने उदाहरण को केवल एक ही व्यक्ति द्वारा एक ही पुस्तक को रचने तक सीमित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:10&lt;br /&gt;
|अपने उदाहरण के साथ जारी रखते हैं, कि एक रचयिता कई पुस्तकें लिख सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17&lt;br /&gt;
|अतः Authors टेबल में दिखलाये जा रहे एक रचयिता के लिए, यहाँ पर Books टेबल में रचयिता के द्वारा लिखी गयी काई सारी पुस्तकें हो सकती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:28&lt;br /&gt;
|इसलिए यह one-to-many  रिलेशनशिप है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:32&lt;br /&gt;
|और हम इसे अपनी Library डेटाबेस में दर्शा सकते हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:36&lt;br /&gt;
|Author Id को लेकर जोकि Authors टेबल में प्राइमरी की है और उसको Books टेबल में जोड़कर। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:46&lt;br /&gt;
|अतः Books टेबल में Author Id को फॉरेन(Foreign) की कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:53&lt;br /&gt;
|उसी तरह से Publisher Id जोकि Publishers टेबल में प्राइमरी की है यह Books टेबल में जोड़कर फॉरेन की बन जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:06&lt;br /&gt;
|अतः कॉलम या कॉलम्स के समूह को बाँटने से, हम डेटाबेस में one-to-many रिलेशनशिप्स को दर्शा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:17&lt;br /&gt;
|और फॉरेन कीज़ का इस्तेमाल करके टेबल रिलेशनशिप्स को निर्धारित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:23&lt;br /&gt;
|अतः रिलेशनशिप स्थापित करने के लिए टेबल में एक प्राइमरी की को अन्य टेबल में एक फॉरेन की की तरह दर्शा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
|फलस्वरूप हम रेफ्रेंशियल इंटिग्रिटी को लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:39&lt;br /&gt;
|मतलब, टेबल में प्रत्येक फॉरेन की वेल्यू सम्बन्धित टेबल्स में अनुकूल प्राइमरी की वेल्यू होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50&lt;br /&gt;
|आगे,  देखते हैं कि Many-to-Many रिलेशनशिप क्या होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:56&lt;br /&gt;
|अब टेबल डिजाइन विंडो में वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:59&lt;br /&gt;
|एक पुस्तक जितने चाहे उतने लाइब्रेरी सदस्यों को जारी की जा सकती है, (यह मानते हुए कि यहाँ पर कई सारी प्रतियाँ उपलब्ध हैं) &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार से एक सदस्य कितनी भी चाहे पुस्तकें ले सकता है(अवश्य ही, यह मानते हुए कि, पुस्तकें उपलब्ध हैं)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
|अतः यहाँ हमारे पास कई पुस्तकें कई सदयों को जारी करने का एक उदाहरण है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:25&lt;br /&gt;
|जो Many-to-many रिलेशनशिप को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:29&lt;br /&gt;
|अतः हम इस many-to-many रिलेशनशिप को अपने डेटाबेस में दर्शा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
|एक तीसरी टेबल, BooksIssued बना कर, जिसे जंक्शन टेबल भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:45&lt;br /&gt;
|और यहाँ, हम प्रत्येक दोनों टेबल्स- Books और Members से प्राइमरी कीज़ को- BooksIssued टेबल में प्रविष्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:57&lt;br /&gt;
|इसकी वजह से, BooksIssued टेबल सदस्य को जारी की गयी प्रत्येक पुस्तक को रिकॉर्ड करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:05&lt;br /&gt;
|अतः तीसरा जंक्शन टेबल बनाकर, हम many-to-many रिलेशनशिप्स को दर्शा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:13&lt;br /&gt;
|और आखिर में यहाँ One-to-one रिलेशनशिप है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:18&lt;br /&gt;
|कभी-कभी, कुछ एट्रिब्यूट्स या कॉलम्स केवल कुछ विशेष डेटा के लिए निश्चित होते हैं और इसलिए कदाचित डेटा से भरे जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30&lt;br /&gt;
|चलिए एक उदाहरण देखते हैं जिसमें केवल एक रचयिता के पास वेबसाइट एड्रेस है और बाकी के पास नहीं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38&lt;br /&gt;
|और Authors टेबल में नई वेबसाइट कॉलम को ज्यादातर खाली छोड़ने से, हम डिस्क स्पेस बर्बाद कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:47&lt;br /&gt;
|अतः हम इस कॉलम को एक नई अतिरिक्त टेबल स्थानांतरित कर सकते हैं, जिसकी प्राइमरी की वही Author Id होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:58&lt;br /&gt;
|अतरिक्त टेबल में प्रत्येक रिकॉर्ड वास्तव में मुख्य टेबल के एक रिकॉर्ड के अनुरूप होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:06&lt;br /&gt;
|जो One-to-one रिलेशनशिप को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10&lt;br /&gt;
|अतः यहाँ, हमने अपने डेटाबेस में रिलेशनशिप्स को स्थापित करना सीखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:15&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम लिबरऑफिस में डेटाबेस डिजाइन के दूसरे भाग के इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर आ गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|संक्षिप्त में, हमने डेटाबेस डिजाइन में निम्न विषय सीखें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:28&lt;br /&gt;
|4. सूचना आइटम्स को कॉलम्स में बदलना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:32&lt;br /&gt;
|5. प्राइमरी कीज़ उल्लिखित करना ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:34&lt;br /&gt;
|6. टेबल रिलेशनशिप्स को स्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:38&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:48&lt;br /&gt;
|यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org. द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:54&lt;br /&gt;
|इस पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:58&lt;br /&gt;
|आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>10.102.152.95</name></author>	</entry>

	</feed>