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		<title>LaTeX-Old-Version/C2/What-is-Compiling/Hindi - Revision history</title>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=LaTeX-Old-Version/C2/What-is-Compiling/Hindi&amp;diff=49503&amp;oldid=prev</id>
		<title>Nancyvarkey: Created page with &quot;{|border=1 |'''Time''' |''' Narration'''  |- |00:00 |इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आ...&quot;</title>
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				<updated>2019-10-16T09:05:29Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;quot;{|border=1 |&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;Time&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; |&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Narration&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  |- |00:00 |इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|''' Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:00&lt;br /&gt;
|इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आप का स्वागत है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
|यह ट्युटोरियल आप को लेटेक में एक सरल डोक्युमेंट बनाने की प्रक्रिया सिखाएगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
| (Mac OSX) मॅक ओ-एस-एक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में यह प्रक्रिया समझाया जाएगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:18&lt;br /&gt;
| ऐसी प्रक्रियाँएं दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टमस में भी मौजुद हैं – उदाहरण के लिए लिनक्स और विन्ड़ोज़। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:26&lt;br /&gt;
| सबसे पहले आप अपने ऐड़िटर के द्वारा एक स्रोत फ़ाइल अथ्वा सोर्स फ़ाइल (source file) का निर्माण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:32&lt;br /&gt;
|मेरा प्रिय ऐड़िटर (Emacs)“ई-मैक्स” है।   मैंने इस फ़ाइल को “हेलो डॉट टेक” का नाम दिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
| इस फ़ाइल का एक्स्टेंशन “टेक” (tex) है।  हांलांकि, इसके अक्षर टी-इ-एक्स हैं,  परंतु इसका उच्चारण टेक है।  यह एक्स्टेंशन लेटेक में व्यक्तिक्रम रुप से होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
|लेटेक को यह बताना आवश्यक है कि हमें किस डोक्युमेंट क्लास में दिलचस्पी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58&lt;br /&gt;
|  मैं “आरटिकल क्लास” (article class) का उपयोग करुँगी – इस तरह।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:02&lt;br /&gt;
|अब मैं कमप्युटर पर इसको सुरक्षित करुँगी।   लेटेक में अन्य क्लासेज़ भी मौजुद हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09&lt;br /&gt;
| हम अगले कुछ  ट्युटोरियलस में इन से परिचित होंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:14&lt;br /&gt;
|मैं बारह फ़ोंट साइज़ (font size) या हस्ताक्षर प्रणाली दरजे का चुनाव करती हूँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:20&lt;br /&gt;
|दस या ग्यारह भी लोकप्रिय हस्ताक्षर प्रणाली दरजें हैं।  अब इस आदेश से मैं डोक्युमेंट की शुरुवात करती हूँ.........और टेक्स्ट (text) अथ्वा मूल पाठ को टाइप करती हूँ – हेलो वर्लड। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:35&lt;br /&gt;
| यहाँ इस आदेश से मैं डोक्युमेंट को समाप्त करती हूँ और कमप्युटर पर इसको सुरक्षित करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:42&lt;br /&gt;
|जो भी मूल पाठ बिगिन डोक्युमेंट (begin document) और ऐंड डोक्युमेंट (end document) आदेशों के बीच आतें हैं,  वही आखरी प्रक्षेपण में दिखाई देंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:52&lt;br /&gt;
|  यह सोर्स फ़ाइल (source file) अथ्वा स्रोत फ़ाइल है और मैंने इसे “हॅलो डॊट टेक” (hello.tex) का नाम दिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:58&lt;br /&gt;
|  अब “पी-ड़ी-ऐफ़ डॊट लेटेक” (pdf latex) आदेश से  मैं इसका संचय करूँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:04&lt;br /&gt;
|  मैं यहाँ पर इस आदेश को टाइप करूँगी – “पी-ड़ी-ऐफ़ डॊट लेटेक हॅलो डॊट टेक” (pdf.latex hello.tex.)  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
| संचय करने के लिए पी-ड़ी-ऐफ़ डॊट लेटेक हॅलो बिना टेक ऐक्स्टेंशन का आदेश भी दिया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
|  लेटेक व्यक्तिक्रम रुप से टेक ऐक्स्टेंशन का उपयोग करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:23&lt;br /&gt;
| पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक इस आदेश के द्वारा लेटेक के स्रोत फ़ाइल से पी-ड़ी-ऐफ़ फ़ाइल का निर्माण होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31&lt;br /&gt;
| इस आदेश का पालन होने पर,  लेटेक कुछ सूचनात्मक प्रक्षेपण भी देता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:38&lt;br /&gt;
| जैसे कि आप देख रहे हैं,  इन सूचनाओं को “हॅलो डॊट लॊग” (hello.log)फ़ाइल में सुरक्षीत किया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:46&lt;br /&gt;
| इस बात पर ध्यान दें कि हॅलो शब्द हमारे द्वारा निर्माण किए गए हर फ़ाइल में है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
|अब हॅलो डॊट पी-ड़ी-ऐफ़ फ़ाइल को खोलें।  मेरे मॅक सिस्टम  पर मैं  “स्किम हॅलो डॊट पी-ड़ी-ऐफ़” (skim hello.pdf) आदेश के द्वारा यह करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:02&lt;br /&gt;
| “स्किम”  मॅक ओ-एस-एक्स में उप्लब्द एक निशुल्क पी-ड़ी-ऐफ़ रीड़र है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07&lt;br /&gt;
|  इस आदेश को देने से स्किम हॅलो डॊट पी-ड़ी-ऐफ़ फ़ाइल को खोलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:13&lt;br /&gt;
| इस में केवल एक ही पंक्ती है – हेलो वर्लड (hello world). आइए,  इसे ज़ूम करके निकट से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:23&lt;br /&gt;
|   स्किम खुली हुई पी-ड़ी-ऐफ़ फ़ाइल की आधुनिक्तम पाठांथर दिखाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|  उदाहरण के लिए –  अगर मैं कोई परिवर्तन करती हूँ, जैसे यहाँ पर एक और हॆलो वर्लड टाइप करती हूँ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
| उसे सुरक्षीत करती हूँ और उसका संचय करती हूँ – &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:47&lt;br /&gt;
|इसके लिए माफ़ी चाहती हूँ  - तो यह यहाँ पर प्रतीत होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:54&lt;br /&gt;
|  अब मैं इसे मिटा देती हूँ और सुरक्षीत करके इसका संचय करती हूँ।   अब पहले जैसे एक ही हॆलो वर्लड दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:07&lt;br /&gt;
|इस बात पर पुरा ध्यान दें कि मैं, हर बार आदेशों को सुरक्षीत करने के बाद  ही  संचय करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:14&lt;br /&gt;
|  अगर संचालन आदेशों को सुरक्षीत करने से पहले किया जाएगा,  तो कोई भी परिवर्तन दिखाई नहीं देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:23&lt;br /&gt;
|    मैंने इस स्पोकन ट्युटोरियल के लिए इन तीन खिड़कियों को इस तरह से सजाया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:30&lt;br /&gt;
|लेकिन डोक्युमेंट्स के निर्माण के लिए इन्हें इस तरह सजाना आवश्यक नहीं है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:36&lt;br /&gt;
| इस बात को भी समझें कि आप कोई भी ऐड़िटर या पी-ड़ी-ऐफ़ रीड़र का प्रयोग कर सकतें हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:43&lt;br /&gt;
|  लेटेक को उपयोग करने के लिए इन चरणों का प्रयोग करें  - स्रोत फ़ाइल का निर्माण,  संचय और पी-ड़ी-ऐफ़ फ़ाइल का अवलोकन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:01&lt;br /&gt;
|   मैं आप को प्रोत्साहित करती हूँ कि आप स्रोत फ़ाइल को परिवर्तित करके इन चरणों का प्रयोग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|  आप बिगिन डॊक्युमेंट और ऐंड़ डॊक्युमेंट आदेशों के बीच अन्य आदेश जोड़ना चाहें तो अवश्य जोड़ें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:18&lt;br /&gt;
|आप हॆलो डॉट लॉग फ़ाइल को भी देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:22&lt;br /&gt;
|अब मैं आप के सामने एक प्रेज़ेंटेशन प्रस्तुत करती हूँ, जिसमें मैं आप को लेटेक के गुण बताऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:29&lt;br /&gt;
| पहले मैं इन खिड़कियों को बंद करती हूँ।   लेटेक एक उम्दा टाइप-सेटिंग सॉफ़्टवेयर है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:36&lt;br /&gt;
| लेटेक द्वारा तैयार किए गए डॊक्युमेंट्स उत्कृष्ठ हैं।   लेटेक बिना मूल्य और ओपन- सोर्स सॉफ़्टवेयर है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:46&lt;br /&gt;
|यह विन्डोज़ और युनिक्स सिस्टम्स में उपलब्ध है, जिनमें मॉक और लिनक्स शामील है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:52&lt;br /&gt;
|   लेटेक में कुछ खास खुबियाँ हैं जैसे समीकरण,  अध्याय,  विभाग,  आँकड़े,  टेबल्स, इत्यादी को स्वचलित सुची बद्ध करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:04&lt;br /&gt;
|   डॊक्युमेंट्स जिनमें बहुत सारे समीकरण हैं,  उन्हें लेटेक द्वारा आसानी से तैयार किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:11&lt;br /&gt;
| अन्य रुप एवं आकार वाले बिब्लियॉग्रफ़ी भी सरलता से लेटेक द्वारा तैयार किया जा सकता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:18&lt;br /&gt;
|लेटेक डॊक्युमेंट के रुप एवं आकार का ध्यान रखता है, इस लिए प्रयोगकरता अन्य महत्त्वपूर्ण गतिविधियों पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं – जैसे कि सूचना-प्रचारण और योजनाओं का तार्किक अनुक्रम करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34&lt;br /&gt;
|लेटेक पर अन्य मौखिक अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियलस भी उप्लब्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:39&lt;br /&gt;
|आप “मौदगल्या डॉट ओ-आर-जी” साइट पर निम्नलिखित  ट्युटोरियलस पाएँगे – वॉट इज़ कॉम्पायलेशन,  लेटर राइटिंग, रिपोर्ट राइटिंग,  मॆथमाटिकल  टाइप-सेटिंग,  इकुएशन,  टेबल्स एंड़ फ़िगर्ज़,  हाउ टु क्रिएट बिब्लियॉग्रफ़ी,  इंसाइड़ स्र्टोरी ऒफ़ बिब्लियॉग्रफ़ी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:57&lt;br /&gt;
| सर्वोत्म परिणाम के लिए मैं इस व्यवसथा की सिफ़ारिश करूँगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:02&lt;br /&gt;
| आप को इन  ट्युटोरियलस के स्रोत फ़ाइल्स भी इस साइट पर मिलेंगें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07&lt;br /&gt;
| मैं एक और ट्युटोरियल जोड़ना चाहती हूँ जिसमें  विंडोज़ ऒपरेटिंग सिस्टम पर लेटेक को चलाने की विधियाँ बताई गई है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:15&lt;br /&gt;
|   भविष्य में अन्य ट्युटोरियलस भी जोड़े जाएँगें जैसे कि बीमर की स्लाइड़ प्रेज़ेंटेशन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:22&lt;br /&gt;
|यह प्रॆसंटेशन लेटेक द्वारा बीमर में बनाई गई है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
|  कुछ टिप्पणियाँ – बहुत सारे स्पोकन ट्युटोरियलस का अभ्यास करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
| उन्हें सामानांतर प्रैक्टिस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:35&lt;br /&gt;
|  किसी संक्रियात्मक  फ़ाइल से शुरु करें और उसमें एक-एक करके परिवर्तन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:42&lt;br /&gt;
| उसे सुरक्षित करें और उसका संचालन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 |-&lt;br /&gt;
|07:46&lt;br /&gt;
|इस बात का सुनिश्चय करें कि आपने जो भी परिवर्तन किया है,  वह काम कर रहा है और उसके बाद ही अन्य परिवर्तन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
|  भुलियेगा नहीं - सोर्स फ़ाइल की सुरक्षा करने के बाद ही संचय करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
|लेटेक पर अनेक किताबें हैं जिनमें से मैं दो की सिफ़ारिश करती हूँ – पहला – लेटेक के प्रमुख सृष्टिकर्त्ता “लॆज़्ली लॆम्पर्ट” (Leslie Lampart) द्वारा लिखा गया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
| यह किताब  कम लागत के भारतीय संस्करण में भी उप्लब्द है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:20&lt;br /&gt;
|   उन्नत उपयोगकर्ताएं  “द लेटेक कम्पॆनियन” (The Latex Companion) इस पुस्तक का परामर्श करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
| अक्सर, इंटरनॆट की खोज पर पायी जाने वाली पहली किताब लेटेक के अभ्यास के लिए काफ़ी है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:34&lt;br /&gt;
| सभी लेटेक संबंधित जानकारी के लिए मुख्य साइट है  “सी-टॆन डॉट और्ग” (ctan.org)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
|इस परियोजना के लिए फ़ंड़, आईसीटी के माध्यम से,  राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,  मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुआ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
|  इस मिशन का “यु-आर-एल  डबल्यु-डबल्यु-डबल्यु डॉट साक्षात डॉट ए-सी डॉट इन” (www.sakshat.ac.in) है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:58&lt;br /&gt;
|स्पोकन  ट्युटोरियल  गतिविधि “टॉक-टू-अ-टीचर” (Talk to a Teacher) परियोजना  की पहल है,  जो सीड़ीप, आईआईटी बम्बई (CDEEP, IIT Bombay) द्वारा समन्वय किया जा रहा है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:07&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्युटोरियल का उपयोग सॉफ्टवेयर विकास को लोकप्रिय बनाने में किया जाएगा और यह कार्य “डबल्यु-डबल्यु-डबल्यु डॉट फॉस्सी डॉट इन” (www.fossee.in) द्वारा समन्वय किया जाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|  “फॉस्सी” का पूर्ण रूप “फ़्री एंड़ ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर इन सायन्स एंड़ इंजिनीयरिंग ऐड्युकेशन” है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:26&lt;br /&gt;
|  यह परियोजना  भी इस मिशन द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:31&lt;br /&gt;
|  अन्य स्पोकन  ट्यूटोरियलस और उनके अन्य भाषाओं में अनुवाद के लिए  इन कड़ियों को देखते रहें।    यहाँ मैं  इस ट्यूटोरियल को समाप्त करती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:41&lt;br /&gt;
|   इसमें शामिल होने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Nancyvarkey</name></author>	</entry>

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