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		<title>LaTeX-Old-Version/C2/Bibliography/Hindi - Revision history</title>
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		<title>Nancyvarkey: Created page with &quot;{|border=1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- |00:01 |इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आ...&quot;</title>
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				<updated>2019-10-16T12:46:49Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;quot;{|border=1 |&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;Time&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; |&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;Narration&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  |- |00:01 |इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
|इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आप का स्वागत है जिसमें आप को लेटेक और बिबटेक के प्रयोग से “रेफ़रन्सस” (references) का निर्माण सिखाया जाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
|सबसे पहले आप को रेफ़रन्सस के ड़ेटाबेस का निर्माण करना है, जिसका फ़ाइल नाम “रेफ़ ड़ॉट बीब” (ref.bib) है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:20&lt;br /&gt;
|हम इस फ़ाइल में निछे जाएंगे और फ़िर ऊपर।  हर एक रेफ़रन्स एक विषेश “की-वर्ड़” (key word) से शुरु होती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए, यहाँ पर की-वर्ड़ है “केएमएम शुन्य साथ”(kmm07)।  मैं इस लेटेक फ़ाइल को खोलती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
|इस लेटेक फ़ाइल में आप जिस स्थान पर रेफ़रन्स का उपयोग करना चाहते हैं, वहाँ पर “साइट” (cite)आदेश दें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:05&lt;br /&gt;
|यहाँ देखिए, “साइट केएमएम शुन्य साथ” (cite kmm07), पहला रेफ़रन्स जो हमने रेफ़ ड़ॉट बीब में देखा था।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:15&lt;br /&gt;
|अगला, आप उस फ़ाइल का नाम जोड़ें जिसमें रेफ़रन्सस सोर्स फ़ाइल में है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22&lt;br /&gt;
|यहाँ मैंने इसे ड़ॉक्यूमेंट के अंत में शामिल किया है – “बिब्लीयोग्रफ़ी रेफ़” (bibliography ref). याद रहे कि  रेफ़रन्सस “रेफ़ ड़ॉट बिब” (ref.bib) फ़ाइल में है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:34&lt;br /&gt;
|आखिर में आप को यह स्पष्ठ करना है कि बिब्लीयोग्रफ़ी के किस स्टाइल का प्रयोग करना है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:42&lt;br /&gt;
|अगर हम यहाँ पर (plain style) या सरल स्टाइल का प्रयोग करेंगे, तो निम्नलिखित आदेशों के अनुक्रम से, हम सरल स्टाइल में रेफ़रन्सस निर्माण कर पाएंगे।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:03&lt;br /&gt;
|सबसे पहले, सोर्स फ़ाइल को “पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक रेफ़रन्सस” द्वारा संचय करें। “बिबटेक रेफ़रन्सस” आदेश का पालन करें।  और तिसरी बात, सोर्स फ़ाइल को “पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक रेफ़रन्सस” द्वारा दो बार संचय करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:30&lt;br /&gt;
|पहली बार और दुसरी बार।  रेफ़रन्सस निर्माण हो गया है। आईए, देखें।  दुसरा पन्ना – यहाँ पर मूल पाठ है और यहाँ पर रेफ़रन्सस की सूची है।  नीचे जाएंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|सरल स्टाइल में रेफ़रन्सस वर्णमाला के क्रम से और नंबरिंग के साथ दिखाई देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
|यह नंबर मूल पाठ में भी उपयोग में लाया जाता है।  “यू-एन-एस-आर-टी” (unsrt) रेफ़रन्ससिंग स्टाइल सरल स्टाइल के समान है, सिवाय एक अंतर के।  यहाँ पर “यू-एन-एस-आर-टी” टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:27&lt;br /&gt;
| रेफ़रन्सस का क्रम इस तरह सूचीबद्ध है जिस तरह से वे पहले लागू होतें हैं।  अब हम सरल स्टाइल को यू-एन-एस-आर-टी स्टाइल में बदल देतें हैं, कुछ इस तरह से और फ़िर एक बार लेटेक और बिबटेक की कार्यविधि को दौहरातें हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
|यानि कि पहले सोर्स फ़ाइल पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक द्वारा, अगला सोर्स फ़ाइल बिबटेक द्वारा और फ़िर सोर्स फ़ाइल लेटेक द्वारा दो बार।  पहली बार और दुसरी बार।  परिणाम पर ध्यान दें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:07&lt;br /&gt;
|आप देख सकतें हैं कि रेफ़रन्सस के क्रम का निर्माण ठीक उसी क्रम में हुआ है जैसे वे पेपर पर उद्धृत हैं।  उदाहरण के लिए, पहला रेफ़रन्स यहाँ पहले उद्धृत है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:23&lt;br /&gt;
|दुसरे रेफ़रन्स को यहाँ “दो” उद्धृत किया गया है क्योंकि यहाँ यह इस तरह से उद्धृत है।  इस सूची में वह दुसरे स्थान पर है। इस सूची में नीचे जाएंगे।  ठीक है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:40&lt;br /&gt;
|अब वापस। कंप्यूटर वैज्ञानिक अपने प्रयोग के लिए जिस तरह रेफ़रन्सस का निर्माण करतें हैं, उस तरह हम भी कर सकतें हैं अगर हम स्टाइल को “ऍल्फ़ा” (alpha) करें।  आईए, स्टाइल को ऍल्फ़ा में बदल देतें हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
| सुरश्क्षित करें और लेटेक और बिबटेक की कार्यविधि को दौहराएं।  यानि कि पहले सोर्स फ़ाइल पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक द्वारा, अगला रेफ़रन्सस बिबटेक द्वारा और फ़िर रेफ़रन्सस लेटेक द्वारा दो बार।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17&lt;br /&gt;
|अब, हमें यह रेफ़रन्ससिंग स्टाइल प्राप्त हुआ है।  आईए, देखें।  ठीक है।  रेफ़रन्ससिंग के अन्य स्टाइलस भी हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:41&lt;br /&gt;
|  मैंने दो फ़ाइल ड़ाउन-लोड़ किया है – “हावर्ड़ ड़ॉट एस-टी-वाइ” (Harvard.sty) और “आइ-फ़ॅक ड़ॉट बी-एस-टी” (ifac.bst). &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:51&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित परिवर्तन करें।  पहले “यूज़ पॅकेज़स” (use packages) आदेश में हावर्ड़ का प्रयोग करें जैसे कि मैं अब कर रही हूँ और फ़िर स्टाइल को आइ-फ़ॅक में परिवर्तन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:06&lt;br /&gt;
|फ़ाइल को सुरश्क्षित करें।  अब लेटेक और बिबटेक की कार्यविधि को दौहराएं।  लेटेक बिबटेक लेटेक पहली बार और लेटेक दुसरी बार। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:28&lt;br /&gt;
|रेफ़रन्सस की सूची इस पी-ड़ी-ऐफ़ फ़ाइल के अनुरूप है।  आईए, देखें।  यह वर्णमाला के क्रम से सूचीबद्ध है लेकिन यहाँ कोई सीरियल नंबर नहीं है जैसे सरल स्टाइल में था।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:44&lt;br /&gt;
|रेफ़रन्ससिंग लेखक के नाम और वर्ष से सूचित है।  इस स्टाइल में एक विशेष आदेश है – “साइट-ऐज़-नाउन” (cite-as-noun). लेखक का नाम मूल पाठ में उद्धृत करें न कि कोष्ठक के भीतर। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:05&lt;br /&gt;
|यहाँ हमने सिर्फ़ साइट आदेश का प्रयोग किया है और हमें सारे रेफ़रन्सस कोष्ठक के भीतर प्राप्त हुआ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए, दुसरे परिच्छेद को देखें, पाठ्यपुस्तक साइट केएमएम शुन्य साथ द्वारा, पाठ्यपुस्तक लेखक और पुरी जानकारी कोष्ठक के भीतर है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
|अगर मैं इसे साइट-ऐज़-नाउन में परिवर्थित करूँ, सुरश्क्षित करूँ, और संचय करूँ, तो यह “मौदगल्या” कोष्ठक के बाहर मूल पाठ में आ गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47&lt;br /&gt;
|अगर आप अन्य रेफ़रन्ससिंग स्टाइलस चाहतें हैं तो वैब पर कोज करें।  सम्भवता, किसी व्यक्तिने आवश्यक एस-टी-वाइ और बी-एस-टी फ़ाइल लिखे होंगे।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:01&lt;br /&gt;
|यहाँ मैं इस ट्यूटोरियल को समाप्त करती हूँ।  इसमें शामिल होने के लिए धन्यवाद। कृपया अपनी राय “कन्नन ऐट आईआईटी-बी डॉट एसी डॉट इन” (kannan@iitb.ac.in) पर भेजें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
|आईआईटी बम्बई की तरफ़ से मैं नॆन्सी आप से विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Nancyvarkey</name></author>	</entry>

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