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		<title>Inkscape/C2/Create-and-edit-multiple-objects/Sanskrit - Revision history</title>
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		<subtitle>Revision history for this page on the wiki</subtitle>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=Inkscape/C2/Create-and-edit-multiple-objects/Sanskrit&amp;diff=40627&amp;oldid=prev</id>
		<title>NaveenBhat: Created page with &quot;{| Border =1 | Time |  Narration  |- | 00:01 | नमस्कारः , इङ्क्-स्केप्-मध्ये  create and edit multiple objects इति पा...&quot;</title>
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				<updated>2017-11-12T06:17:41Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;quot;{| Border =1 | Time |  Narration  |- | 00:01 | नमस्कारः , इङ्क्-स्केप्-मध्ये  create and edit multiple objects इति पा...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{| Border =1&lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
|  Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कारः , इङ्क्-स्केप्-मध्ये  create and edit multiple objects इति पाठार्थं स्वागतम् । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:08&lt;br /&gt;
|अस्मिन् पाठे वयं ओब्जेक्ट्स्-इतीमानि कोपि पेस्ट् कर्तुं ,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
|अनुकृतिं कर्तुम्, प्रतिकृतिं कर्तुम्,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
|नाना ओब्जेक्ट्स्-इतीमानि समूहं कर्तुं संयोजयितुम्,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
| बहूनि ओब्जेक्ट्स् –इत्येतेषां चयनम्, अपि च चयनं विपर्ययं कर्तुम्,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
|कर्तनम् अपि च गोपनम्, च कथं करणीयमिति ज्ञास्यामः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:25&lt;br /&gt;
| पाठमिदं रेकोर्ड्-कर्तुमहं उबण्टु लिनक्स्  12.04 ओ एस्, इङ्क्स्केप् वर्शन् 0.48.4 इत्यनयोः उपयोगं करोमि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:35&lt;br /&gt;
| डेश्-होम्-गत्वा इङ्क्-स्केप् इति टङ्कयतु ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
| लोगो इतीदं द्विवारं नुत्त्वा इङ्क्-स्केप्-इतीदं उद्घाटयितुं शक्नुमः ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:42&lt;br /&gt;
| पूर्वरचितं assignment_one.svg इति पाठार्थसञ्चिकाम् उद्घाटयाम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:49&lt;br /&gt;
|इदं वयं डोक्यूमेण्ट्-सञ्चये रक्षितवन्तः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
|आदौ वयं ओब्जेक्ट्स्-इईमानि कोपि पेस्ट् कर्तुं जानाम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:56&lt;br /&gt;
|तदर्थं अस्माभिः ओब्जेक्ट् इतीदं सेलेक्ट् करणीयम् । तदर्थं पञ्चभुजस्योपरि नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
|इदमधुना कोपि कर्तुं कीलफलके , ctrl अपि च c कीलके नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:07&lt;br /&gt;
|अधुना ओब्जेक्ट् इतीदं पेस्ट् करुं, ctrl अपि च v कीलके नुदतु । अधुना केन्वास्-इत्यस्योपरि पञ्चभुजः दृश्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:17&lt;br /&gt;
|ओब्जेक्ट्-इत्यस्य प्रतिकृतिं कर्तुं त्रीणि विधानानि सन्ति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
| त्रिष्वपि विधानेषु ओब्जेक्ट्-इत्यस्य प्रतिकृतिः मूलपृतेरुपर्येव सृज्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:29&lt;br /&gt;
|प्रथमं विधानं –पेस्ट्-स्पेशियल् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
|अस्माभिः ओब्जेक्टितीदं कोपि कर्तुं ctrl अपि च c नोदनं कृतमिति स्मर्यताम् ।.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| यस्मात् वयं ओब्जेक्ट् इतीदं कोपि कृतवन्तः तत्रैव पेस्ट् कर्तुं  ctrl, alt अपि च v कीलकानि नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
|कोपि कृतं ओब्जेक्ट् इतीदं कर्षयित्वा तदधः स्थितं ओब्जेक्ट्-इतीदं दृष्टुं शक्नुमः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:54&lt;br /&gt;
|द्वे अपि पार्श्वे स्थापयाम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
|द्वितीयं विधानं :  प्रतिकृतिं कर्तुं पूर्वे ओब्जेक्ट् इत्यस्य कोपि करणं नावश्यकम् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
|पञ्चभुजं चित्वा , कीलफलके ctrl अपि च D कीलके नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|अधुना, पञ्चभुजस्योपरि पञ्चभुजस्य प्रतिकृतिः रचिता वर्तते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:19&lt;br /&gt;
| प्रतिकृतिं पार्श्वे स्थापयित्वा ओरिजिनल्-ओब्जेक्ट् इतीदं पश्याम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
| प्रतिकृतौ कृतानि परिवर्तनानि मूले किमपि परिवर्तनं न करोति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
|इदं परीक्षितुं तस्य वर्णं हरिद्वर्णं कृत्वा तस्य परिमाणं न्यूनं करवाम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:40&lt;br /&gt;
|तृतीयं विधानम् : क्लोनिङ्ग् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44&lt;br /&gt;
|क्लोन्-कर्तुं दीर्घवृत्तस्योपरि क्लिक् कृत्वा alt अपि च D कीलके नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| पूर्ववत् प्रतिकृतिः मूलपृतेरुपरि रचितं भवति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| इदं कर्षयित्वा मूलपृतिं पश्याम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
| प्रतिकृतिः सर्वदा ओरिजिनल्-ओब्ज्र्क्ट्-इत्यनेन सह सम्पर्कं प्राप्तवती वर्तते इति स्मर्यताम् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| ओरिजिनल्-ओब्जेक्ट् इतीदमस्य पोषकं वर्तते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| ओरिजिनल्-ओब्जेक्ट्-इत्यस्मै कृतानि सर्वाणि परिवर्तनानि प्रतिकृतावपि परिवर्तनं करोति । उदाहरणार्थं परिमाणं, वर्णम् इत्यादीनि । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
|इदं परीक्षितुं  मूलाकृत्यै पाटलवर्णं पूरयित्वा, तत् वलनं कृत्वा, परिमाणं न्यूनं करोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:30&lt;br /&gt;
| पश्यन्तु  यत् इमानि परिवर्तनानि प्रतिकृतावपि स्वयमेव सम्भवन्तीति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
| मूलस्य प्रतिकृत्या सह सम्पर्कं वारयितुं , प्रतिकृतिं चित्वा , Shift, Alt  अपि च  D कीलकानि नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
|अधुना, पुनः ओरिजिनल्-ओब्जेक्ट्-इतीदं चित्वा तस्य परिमाणं परिवर्तयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
|प्रतिकृतौ किमपि परिवर्तनं न दृश्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:54&lt;br /&gt;
|अत्र यथा दर्शितं तथा, इमानि कार्याणि कर्तुं शोर्ट्-कट्-ऐकान् इतीमानि कमाण्ड्-बार् मध्ये वर्तन्ते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:01&lt;br /&gt;
|बहूनि ओब्जेक्ट्स् इत्येतेषां चयनार्थं , shift  कीलकं नुत्वा , आवश्यकं ओब्जेक्ट् नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
| अहमादौ दीर्घवृत्तं चिनोमि, तदनन्तरं shift  कीलकं नुत्त्वा अन्यद्दीर्घवृत्तं चिनोमि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:15&lt;br /&gt;
|अधुना, द्वेपि ओब्जेक्ट्स् चिते इति ज्ञायते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
|अधुना, ctrl अपि च G कीलके नुत्वा , इतान एकत्र कर्तुं शक्नुमः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:24&lt;br /&gt;
|दीर्घवृत्तानि , अधुना एकमेव ओब्जेक्ट् जातानि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
| तत् कर्षयामः चेत् , द्वेऽपि ओब्जेक्ट्स् एकैव ओब्जेक्ट् इव चलन्ति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:35&lt;br /&gt;
|अस्य समूहस्य परिमाणं परिवर्तयतु । उभयोः परिमाणे परिवर्तनं दृश्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
|वर्णं नीलं करोतु ।उभयत्र नीलवर्णः दृश्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:53&lt;br /&gt;
| एकस्य समूहस्य ओब्जेक्ट्-इत्येतेषां लक्षणं परिवर्तनीयञ्चेत् किं कर्तव्यम् ?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:01&lt;br /&gt;
|एकस्मिन् समूहे स्थितं ओब्जेक्ट्-इतीदं चयनं कर्तुं  ctrl कीलकं नुत्वा ओब्जेक्ट्-इत्यस्योपरि नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| एवं क्रियते चेत्, वयं समूहं प्रविश्य , प्रत्येकं ओब्जेक्ट् इतीदं चेतुं शक्नुमः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
|समूहात् बहिरागन्तुं , केन्वास्-इत्यस्य रिक्तस्थाने नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
| ओब्जेक्ट्-इतीमानि समूहात् निष्कासितुं , आदौ समूहं चित्वा , पश्चात्, Ctrl, Shift अपि च  G कीलकानि नुदन्तु  अथवा   Ctrl अपि च  u कीलके नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
|अधुना दीर्घवृत्तानि समूहस्थानि न सन्ति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| अत्र यथा दर्शितं तथा कार्याणि कर्तुं शोर्ट्-कट् ऐकान्स् कमाण्ड्-बार् मध्ये सन्ति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:36&lt;br /&gt;
| केन्वास्-इत्यस्योपरि स्थितान् सर्वाणि ओब्जेक्ट्स्-इतीमानि चेतुं, Ctrl अपि च  A कीलके नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:42&lt;br /&gt;
| यत्किमपि ओब्जेक्ट् न चेतव्यं चेत् , केन्वास् मध्ये रिक्तस्थाने नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
| एकं हित्वा अन्यानि सर्वाणि चेतुं इन्वर्ट्-सेलेक्शन् विकल्पः अस्ति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
|बाणं(arrow) हित्वा अन्यानि सर्वाः अकृतीः चेतुं ,,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
|आदौ, arrow  इतीदं चित्वा एडिट्(edit) मेन्यू-मध्ये इन्वर्ट्-सेलेक्षन् इति विकल्पं चिनोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:08&lt;br /&gt;
|arrow इतीदं हित्वा सर्वाः  आकृतयः चेताः दृश्यन्ते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:16&lt;br /&gt;
|अधुना, ओब्जेक्ट्स्-इतीमानि कथं व्यवस्थापनीयमिति ज्ञास्यामः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:20&lt;br /&gt;
| लघुपञ्चभुजं गुरुपञ्चभुजस्योपरि स्थापयामि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|अधुना, एकं लघुनक्षत्रं चित्रयित्वा लघुपञ्चभुजस्योपरि स्थापयाम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:36&lt;br /&gt;
| लघुपञ्चभुजं चित्वा ओब्जेक्ट्-मेन्यू मध्ये raise इतीदं नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
|लघुपञ्चभुजमधुना नक्षत्रसोपरि आरोहितम् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
|अधुना नक्षत्रस्योपरि नुत्वा ओब्जेक्ट्-मेन्यू-मध्ये lower इतीदं नुदन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
|अधुना, नक्षत्रं अधः स्थापितम् अपि च  गुरुपञ्चभुजमस्योपरि दृश्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
|अधुना, गुरुपञ्चभुजं नुदाम । ओब्जेक्ट्-मेन्यू-मध्ये  raise to top इतीदं नुदाम । अधुना बृहत्पञ्चभुजं तस्योपरि दृश्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:11&lt;br /&gt;
|अधुना पुनः ओब्जेक्ट्-मेन्यू-मध्ये lower to bottom इतीदं नुदतु । बृहत्पञ्चभुजमधुना अधास्तात् वर्तते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:20&lt;br /&gt;
|वयम्, इमानि विकल्पानि टूल्-कण्ट्रोल्-बार्-मध्ये पश्यन्तः स्मः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
|अधुना, क्लिप्पिङ्ग्-इतीदं कथं करणीयमिति ज्ञास्यामः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:28&lt;br /&gt;
|सङ्कीर्णानि ओब्जेक्ट्स् इतीमानि रचयितुं क्लिप्पिङ्ग्स् इतीमानि साहाय्यमाचरन्ति ।.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:31&lt;br /&gt;
|तेषामाकारं शीघ्रम् सुलभतया अन्यत् एलिमेण्ट् इत्यस्मै अथवा आकारस्य संरूपं करोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:39&lt;br /&gt;
|अहमेकस्य चित्रस्योगं पाठेऽस्मिन्  करोमि । अस्मिन् इङ्क्-स्केप्-फैल्-मध्ये एकं चित्रं वर्तते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:45&lt;br /&gt;
| अस्य चित्रस्योपरि अहमेकं दीर्घवृत्तं रचयामि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:49&lt;br /&gt;
|अधुना चित्रं दीर्घवृत्तञ्च  चिनोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
|ओब्जेक्ट्-मेन्यू-मध्ये clip नुत्त्वा पश्चात् set इति नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:59&lt;br /&gt;
|अधुना चित्रं दीर्घवृत्तस्य आकारे क्लिप्-अभवदिति दृश्यते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:04&lt;br /&gt;
|क्लिप्पिङ्ग्-मध्ये क्लिप्-कर्तुं उपयोक्तस्य ओब्जेक्ट्-इत्यस्याकारः क्लिप्-करणीयस्य प्रदेशं सूचयति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
|क्लिप् इतीदं निष्कासितुं ओब्जेक्ट्-मेन्यू-मध्ये , clip इतीदं नुत्वा पश्चात् release इतीदं नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
|अधुना क्लिप् मुक्तं भवति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:19&lt;br /&gt;
|अधुना मास्किङ्ग्-इतीदं ज्ञानाम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| मास्किङ्ग्-इतीदं क्लिप्पिङ्ग्-वत् वर्तते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|मास्किङ्-मध्ये एकस्य वस्तुनः  पारदर्शकतायाः अपि च अन्यस्य अपारदर्शकतायाश्च   निश्चयः भविष्यति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:32&lt;br /&gt;
| मास्किङ्ग्-इत्यस्य विवरणार्थं , अहमादौ दीर्घवृत्तम् अपि च ग्रेडियेण्ट्-टूल् इतीदञ्च अर्धपारदर्शकं करोमि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:38&lt;br /&gt;
|अधुना दीर्घवृत्तं चिनोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:40&lt;br /&gt;
|ओब्जेक्ट्-मेन्यू-मध्ये fill and stroke नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:44&lt;br /&gt;
| radial gradient नुत्वा edit नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:50&lt;br /&gt;
|वर्णं श्वेतं कर्तुं , RGB स्लैडर् इतीदं दक्षिणपार्श्वं कर्षयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:00&lt;br /&gt;
|stop ड्रोप्-दौन्-एर्रो-इतीदं नुत्वा, stop इतीदं नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:05&lt;br /&gt;
| वर्णं कृष्णं कर्तुं  RGB स्लैडर् इतीदं वामतः कर्षयतु । आल्फा-वेल्यू-इतीदं 255 भविष्यति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:15&lt;br /&gt;
|अनयोः मध्ये अन्यं वर्णं योजयितुं  add stop इत्यस्योपरि नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:20&lt;br /&gt;
|नोड्-टूल्-इत्यस्योपरि नुत्वा , डैमण्ड्-हेण्डल्-इतीदं उपरि कर्षयतु ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
|अधुना इदं चित्रं दीर्घवृत्तञ्च चिनोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:30&lt;br /&gt;
|ओब्जेक्ट्-मेन्यू-मध्ये mask इतीदं नुत्वा पश्चात् set इतीदं नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:36&lt;br /&gt;
| चित्रस्योपरि एकं आच्छादनम् आगच्छति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| चित्रं मास्किङ्ग्-ओब्जेक्ट्  यद्दीर्घवृत्तं वर्तते तस्य पारदर्शकलक्षणं प्रप्नोति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:47&lt;br /&gt;
| मास्क्-इतीदं निष्कासितुं ओब्जेक्ट्-मेन्यू गच्छतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:51&lt;br /&gt;
| mask नुदतु अपि च  release नुदतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:54&lt;br /&gt;
|अधुना मास्क् निष्कासितम् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:56&lt;br /&gt;
| अधुना पाठसारं अवलोकयाम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:57&lt;br /&gt;
|अस्मिन् पाठे वयम् – ओब्जेक्ट् इतीदं कोपि पेस्ट् कर्तुं ,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:02&lt;br /&gt;
| प्रतिकृतिं , तथाप्रतिञ्च कर्तुम्,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:05&lt;br /&gt;
| ओब्जेक्ट् इत्येतेषां समूहं कर्तुं , व्यवस्थापितुञ्च , &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:08&lt;br /&gt;
| बहूनि ओब्जेक्ट्स् इतीएमनि चेतुं , तिर्यक्कर्तुम्,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:10&lt;br /&gt;
|क्लिप्पिङ्ग् अपि च मास्किङ्ग्-विषयान् , च ज्ञातवन्तः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
|युष्मभ्यमत्र द्वे पाठनियोजने स्तः -&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
|पिङ्गलवर्णस्य विषमचक्रवालम् अपि च कृष्णवर्णस्य वृत्तमेकं रचयतु । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:20&lt;br /&gt;
|वृत्तं विषमचक्रवालस्य केन्द्रे स्थापयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:23&lt;br /&gt;
|तत् नयनवत् दृश्येत् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:25&lt;br /&gt;
|अधुना समूहं करोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
|पश्चात् अन्यद्-नयनार्थं अस्य अनुकृतिं रचयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:31&lt;br /&gt;
|द्वे नयने इव दृष्टुं इदं करषयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:35&lt;br /&gt;
|एकं नीलवृत्तम् अपि च रक्तचतुरश्रं रचयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:40&lt;br /&gt;
|चतुरश्रस्य प्रतिकृतिं रचयित्वा द्वे अपि विरुद्धदिशि एवं स्थापयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:45&lt;br /&gt;
|द्वे चतुरश्रे एकत्र स्थापयित्वा एकं करोतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:50&lt;br /&gt;
|वृत्तं केन्द्रे एकत्र स्थापयित्वा चतुरश्रोपरि स्थापयतु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:54&lt;br /&gt;
| द्वेऽपि चित्वा अपि च क्लिप् करोतु । इदं धनुरिव दृश्येत् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:00&lt;br /&gt;
|युष्माकं पाठनियोजनम् एवं दृश्येत् ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:03&lt;br /&gt;
| लिङ्क्-मध्ये विद्यमानं विडियो स्पोकन्-ट्युटोरियल् इत्यस्य सारांशं दर्शयति । उत्तमं बेण्ड्-विड्ट् नास्ति चेदवचित्य पश्यन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:12&lt;br /&gt;
| स्पोकन् ट्युटोरियल् टीम् इमान् पाठान् उपयुज्य कार्यशालां चालयति । ओन् लैन् परीक्षायां ये उत्तीर्णतां यान्ति ते प्रमाणपत्रमपि प्राप्नुवन्ति ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:21&lt;br /&gt;
| अधिकविवरणार्थं अस्मै लिखन्तु   contact@spoken-tutorial.org ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:23&lt;br /&gt;
| इदं , राष्ट्रिय-साक्षरता-मिशन्  ICT, MHRDभारतसर्वकारस्य माध्यमेन समर्थितं वर्तते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:31&lt;br /&gt;
| अधिकविवरणार्थं spoken-tutorial.org/nmeict-intro इत्यत्र गच्छन्तु ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:35&lt;br /&gt;
| वयं पाठस्यान्तमागतवन्तः ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:38&lt;br /&gt;
| पाठस्यास्य अनुवादकः प्रवाचकश्च नवीन भट्टः उप्पिनप्ट्टणं, धन्यवादाः ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>NaveenBhat</name></author>	</entry>

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