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		<title>Health-and-Nutrition/C2/Importance-of-Calcium/Marathi - Revision history</title>
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		<updated>2026-04-14T22:29:45Z</updated>
		<subtitle>Revision history for this page on the wiki</subtitle>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php?title=Health-and-Nutrition/C2/Importance-of-Calcium/Marathi&amp;diff=55388&amp;oldid=prev</id>
		<title>Latapopale: Created page with &quot;{|border=1 | &lt;center&gt;Time&lt;/center&gt; |&lt;center&gt;Narration&lt;/center&gt;  |- | 00:00 | कॅल्शिअमचे महत्त्व ह्यावरील स्पोकन...&quot;</title>
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				<updated>2021-07-20T05:34:00Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Created page with &amp;quot;{|border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; |&amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:00 | कॅल्शिअमचे महत्त्व ह्यावरील स्पोकन...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;New page&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| कॅल्शिअमचे महत्त्व ह्यावरील स्पोकन ट्युटोरिअलमध्ये आपले स्वागत आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
|ह्या ट्युटोरिअलमध्ये आपण शिकणार आहोत :&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:09&lt;br /&gt;
| कॅल्शिअमची भूमिका आणि आपल्या शरीरात त्याची आवश्यकता,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| त्याच्या कमतरतेची लक्षणे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| आणि कॅल्शिअमने समृद्ध असे अन्न स्रोत.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
| कॅल्शिअम हे आपल्या शरीरातील सर्वात विपुल खनिज आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:24&lt;br /&gt;
| शरीरातील 99% कॅल्शिअम हाडे आणि दातांमध्ये आढळते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
| उर्वरित 1% आपल्या रक्तात आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
| हे मल, मूत्र आणि घाम यांद्वारे आपल्या शरीरातून उत्सर्जित होते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| कॅल्शिअम आपल्या शरीरात अनेक कार्य करते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:45&lt;br /&gt;
| हाडांचा विकास आणि त्यांची देखभाल हे मुख्य कार्य आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
| जर शरीरात कॅल्शिअम जास्त असेल तर ते हाडांमध्ये जमा होते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:58&lt;br /&gt;
| कमतरता झाल्यास ते हाडांपासून घेतले जाऊ शकते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:03&lt;br /&gt;
| कॅल्शिअम हे आपल्या शरीरातील मज्जातंतूंच्या संकेतांच्या हस्तांतरणासाठी आवश्यक आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:09&lt;br /&gt;
| हे स्नायूचे आकुंचन आणि त्याच्या हालचालीस मदत करते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:14&lt;br /&gt;
|कापल्यावर रक्तप्रवाह थांबविण्यातदेखील हे मदत करते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:18&lt;br /&gt;
| इन्सुलिन आणि एड्रेनालाईनसारख्या हार्मोन्सच्या स्त्रावासाठी कॅल्शिअम आवश्यक आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
| इतर फायदे म्हणजे शरीराचे वजन, रक्तदाब आणि हृदयाचे आरोग्य राखणे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
|कॅल्शिअमसाठी रोज शिफारस केलेले सेवन वेगवेगळ्या वयोगटांसाठी बदलते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| बालपण आणि तारुण्यासारख्या जलद वाढीच्या कालावधीत हे जास्त असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| शिशूंसाठी, 12 महिन्यांपर्यंत दररोज 500 मिलीग्राम कॅल्शिअमची शिफारस केली जाते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| 9 वर्षांपर्यंतच्या मुलांसाठी, दररोज 600 मिलीग्राम कॅल्शिअमची शिफारस केली जाते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| पौगंडावस्थेत ह्याची गरज दररोज 800 मिलीग्रामपर्यंत वाढते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| प्रौढांसाठी, हे दररोज 600 मिलीग्राम आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
| गर्भधारणेदरम्यान आणि स्तनपानाच्या काळात कॅल्शिअमची आवश्यकतादेखील जास्त असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| गरोदरपण आणि स्तनपानाच्या काळात, 1,200 मिलीग्राम कॅल्शिअमची शिफारस केली जाते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
| आता आपण कॅल्शिअमच्या कमतरतेमुळे होणाऱ्या परिणामांबद्दल चर्चा करू.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| गर्भधारणेदरम्यान कॅल्शिअमच्या कमतरतेमुळे रक्तदाब वाढू शकतो.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| हातापायांमध्ये सूज दिसून येते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
| मातांनी अपुरे कॅल्शिअम घेण्यामुळे बाळावरही परिणाम होतो.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
| त्यांचे जन्माचे वजन कमी असू शकते आणि त्यांची वाढ मंदावू शकते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
| त्यांच्या शारीरिक आणि संज्ञानात्मक विकासास बाधा येऊ शकते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
| कॅल्शिअमच्या कमतरतेमुळे मुलांना मुडदूस होऊ शकतो.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| मुडदूस हा कंकाल प्रणालीचा विकार आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
|वाढ खुंटते आणि मणक्याच्या आकारात बदल होतात.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:18&lt;br /&gt;
| इतर लक्षणे आहेत - खोल गेलेल्या बरगड्या, वाढलेले किंवा पुढे आलेले कपाळ आणि धनुष्याच्या आकारात वाकलेले पाय.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
| कमी उंची, मनगट, कोपर, गुडघा आणि घोट्याचे सांधे रुंद होऊ शकते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:34&lt;br /&gt;
| प्रौढांमध्ये कॅल्शिअमच्या कमतरतेची सुरुवातीची लक्षणे म्हणजे स्नायूमधील पेटके&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| बोटे सुन्न होणे किंवा मुंग्या येणेदेखील दिसून येते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
| तसेच मानसिक गोंधळ, चिडचिड,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| कोरडी त्वचा, ठिसूळ नखे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
| आणि दात किडणे हेदेखील होऊ शकते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| दीर्घ काळ कॅल्शिअमच्या कमतरतेमुळे ऑस्टिओपोरोसिस होऊ शकते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:01&lt;br /&gt;
|ऑस्टियोपोरोसिसमध्ये, हाडांची घनता कमी होते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
| हाडे नाजूक होऊन ती मोडण्याचा धोका असू शकतो.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
| इतर लक्षणे म्हणजे पुढे वाकलेले शरीर, उंची कमी होणे आणि पाठदुखी.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:18&lt;br /&gt;
| पुरुषांच्या तुलनेत स्त्रियांमध्ये ऑस्टिओपोरोसिस होण्याचा धोका जास्त असतो.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:23&lt;br /&gt;
| कारण रजोनिवृत्तीनंतर स्त्रियांमध्ये इस्ट्रोजेन पातळी कमी होते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:29 &lt;br /&gt;
| त्यामुळे, कॅल्शिअमचे शोषण कमी होते आणि मूत्रमार्गातून त्याचे उत्सर्जन वाढते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|कॅल्शिअमची कमतरता टाळण्यासाठी, कॅल्शिअमने समृद्ध अन्नाचे पुरेसे सेवन करणे आवश्यक आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:44&lt;br /&gt;
| उत्तम स्त्रोत आहेत दूध आणि दुग्धजन्य पदार्थ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:48&lt;br /&gt;
| यात दही, पनीर (मीठ नसलेले भारतीय चीज), चीज आणि खवा यांचा समावेश आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:55&lt;br /&gt;
| त्यातून मिळवलेले कॅल्शिअम आपल्या शरीरात सहज शोषित होते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:00&lt;br /&gt;
| गाईचे 200 मिलीलीटर दूध 236 मिलीग्राम कॅल्शिअम पुरवते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:07&lt;br /&gt;
| गाईच्या दुधाच्या 100 ग्रॅम दह्यामध्ये 150 मिलीग्राम कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
| गाईच्या दुधाच्या 30 ग्रॅम पनीरमध्ये 142 मिलीग्राम कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:21&lt;br /&gt;
| काही मांसाहारी अन्नदेखील कॅल्शिअमने समृद्ध असतात.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:25&lt;br /&gt;
| उदाहरणार्थ - सुकी सुकट, बोंबील, कोळंब्या, शेवंड(लॉबस्टर) आणि सुके बोनी मासे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| 100 ग्रॅम कोळंब्या 67 मिलीग्राम कॅल्शिअम देतील.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| 20 ग्रॅम सुक्या सुकटीमध्ये, 73 मिलीग्राम कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:46&lt;br /&gt;
| सुक्या बोंबीलमध्ये 15 ग्रॅममध्ये 208 मिलीग्राम कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
| बिया हे कॅल्शिअमचे उत्कृष्ट स्रोत आहेत.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58 &lt;br /&gt;
| उदाहरणार्थ : तीळ, कारळे, आळशी(जवस), बाळंतशेपू आणि खसखस.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| 1 चमचा किंवा 5 ग्रॅम तीळामध्ये 64 मिलीग्राम कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| याव्यतिरिक्त बदाम आणि अक्रोडसारख्या ह्यासारखे बियाणेदेखील कॅल्शिअमने समृद्ध असतात.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| बर्‍याच हिरव्या पालेभाज्यांमध्ये चांगल्या प्रमाणात कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:26&lt;br /&gt;
| उदाहरणार्थ : राजगिरा, अगस्ती, शेवगा आणि मेथीची पाने.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| आणि मुळ्याची पाने, काळ्या अळूची पाने आणि मोहरीची पानेदेखील चांगले स्त्रोत आहेत.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:39&lt;br /&gt;
| 100 ग्रॅम राजगिराच्या पानांमध्ये 330 मिलीग्राम कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
| 100 ग्रॅम मेथीच्या पानांमध्ये 274 मिलीग्राम कॅल्शिअम असते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| सोयाबीन, कुळीथ आणि मटकी यासारख्या काही कडधान्यांमध्ये कॅल्शिअम आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
| 50 ग्रॅम कुळीथ 135 मिलीग्राम कॅल्शिअम देते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
| नाचणीदेखील कॅल्शिअमचे समृद्ध स्त्रोत आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:11&lt;br /&gt;
| 30 ग्रॅम नाचणी 110 मिलीग्राम कॅल्शिअम पुरवते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:18&lt;br /&gt;
| अन्नसेवनासोबतच कॅल्शिअम शोषणदेखील तितकेच महत्वाचे आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:24&lt;br /&gt;
| ऑक्सलेट्स, फिटाट्स आणि फायबरची उपस्थिती कॅल्शिअमच्या शोषणावर परिणाम करते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| ते बियाणे, बिया, शेंगा आणि हिरव्या पालेभाज्यांमध्ये आहेत.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
| हे पदार्थ अद्राव्य मिश्रण बनविण्यासाठी कॅल्शिअमसोबत एकत्र असू शकतात. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:45&lt;br /&gt;
| परिणामी, शरीरात कॅल्शिअमचे शोषण रोखले जाते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:50&lt;br /&gt;
| स्वयंपाकाच्या विविध तंत्राचा वापर करून शोषण वाढवता येते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| उदाहरणार्थ : भिजवणे, मोड आणणे, उकळणे, भाजणे आणि आंबवणे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| कॅल्शिअम शोषणासाठी, कॅल्शिअमने समृद्ध अन्नासोबत चहा, कॉफी व कोला टाळा.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:13&lt;br /&gt;
| त्यामध्ये कॅफिन असते जे मूत्रमार्गातून कॅल्शिअमचे उत्सर्जन वाढवते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:20&lt;br /&gt;
| जास्तीत जास्त कॅल्शिअम शोषणासाठी, इतर काही पौष्टीक पदार्थ आवश्यक आहेत.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
| उदाहरणार्थ : ड-जीवनसत्त्व, मॅग्नेशिअम, पोटॅशिअम आणि फॉस्फरस.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:32&lt;br /&gt;
| पौष्टीक पदार्थांव्यतिरिक्त, पुरेशा शारीरिक हालचाली आणि व्यायामदेखील आवश्यक आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:39&lt;br /&gt;
| हे हाडांचे वजन आणि हाडांची ताकद वाढवेल.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:44&lt;br /&gt;
| याव्यतिरिक्त, वयाचादेखील कॅल्शिअम शोषणावर परिणाम होतो.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:50&lt;br /&gt;
| हे बाल्यावस्था आणि बालपणात सर्वाधिक आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
| प्रोढावस्थेच्या दरम्यान, शोषण मध्यम असते आणि नंतर ते वयानुसार कमी होते.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:02&lt;br /&gt;
| म्हणूनच, लहान वयातच कॅल्शिअमने समृद्ध अन्नाचे पुरेसे सेवन करणे आवश्यक आहे.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:09&lt;br /&gt;
| यासह आपण ट्युटोरिअलच्या अंतिम टप्प्यात पोहोचलो आहोत. सहभागासाठी धन्यवाद.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Latapopale</name></author>	</entry>

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