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		<title>Script | Spoken-Tutorial - User contributions [en]</title>
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		<updated>2026-04-30T12:55:03Z</updated>
		<subtitle>User contributions</subtitle>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/How-to-create-a-library/Hindi</id>
		<title>Koha-Library-Management-System/C2/How-to-create-a-library/Hindi</title>
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				<updated>2018-09-20T17:08:08Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border =1 | &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;  |- |  00:01 |  How to create a Library in Koha पर स्पोकन ट्यूटोर...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border =1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|  How to create a Library in Koha पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम लाइब्रेरी बनाना और ग्रुप बनाना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:16&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ उबंटु लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम 16.04&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:24&lt;br /&gt;
| और कोहा वर्जन 16.05&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:29&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को अनुकरण करने के लिए, शिक्षार्थियों को '''Library Science''' का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:35&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर कोहा संस्थापित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:41&lt;br /&gt;
| और आपको कोहा में एडमिन एक्सेस भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:46&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस वेबसाइट पर ''Koha Spoken Tutorial '''  की श्रृंखला देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:53&lt;br /&gt;
|  शुरू करते हैं। मैंने पहले ही अपने सिस्टम पर कोहा संस्थापित कर दिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:59&lt;br /&gt;
|  कोहा इंटरफेस पर जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:03&lt;br /&gt;
|संस्थापन के समय दिए गए '' 'username' 'और' '' password '' का उपयोग करके कोहा में लॉग इन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:10&lt;br /&gt;
| मेरे सिस्टम में, मैंने   Username '''koha underscore library''' दिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:17&lt;br /&gt;
| अब '' 'Password' 'टाइप करें जिसे' conf.xml '' 'फाइल में दिया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:25&lt;br /&gt;
|कोहा का मुख्य पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
| ध्यान दें- जब कोहा की सेटिंग करते हैं, हमें प्रत्येक Branch libraryकी जानकारी डालनी चाहिए, जिसे हम कोहा में बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:38&lt;br /&gt;
|इस डेटा का उपयोग बाद में कोहा 'के कई क्षेत्रों में किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:43&lt;br /&gt;
| अब, एक नई लाईब्रैरी बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
|  कोहा इंटरफेस पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:50&lt;br /&gt;
| Home पर जाएँ और Koha Administration पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:56&lt;br /&gt;
| Basic parameters को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:00&lt;br /&gt;
| Libraries and groups पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
| नई लाईब्रैरी को जोड़ने के लिए,  ''''+ New Library'''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:10&lt;br /&gt;
| हम अभी के लिए  groups सेक्शन को स्किप करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:15&lt;br /&gt;
| इस पैज में, ध्यान दें कि लाल रंग में चिह्नित सभी फ़ील्ड अनिवार्य हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:21&lt;br /&gt;
| अपनी लाइब्रेरी के लिए फ़ील्ड '' 'Library code ' '' और '' 'Name' ' भरें, जैसा कि मैंने यहां किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
|ध्यान देने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं- '' Library code '' में स्पेस नहीं होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
| और यह 10 अक्षरों से कम होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:40&lt;br /&gt;
| इस कोड का उपयोग '' 'database' 'में एक अलग पहचानकर्ता के रूप में किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
|अगला सेक्शन वह है जहां हमें अपनी लाइब्रेरी का संपर्क विवरण भरना होगा जैसे&lt;br /&gt;
पता, फोन नंबर, आदि&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
|  मैंने यहां दिखाए गए अनुसार विवरण भर दिए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:01&lt;br /&gt;
| यदि आपके पास सूचीबद्ध किसी भी '' 'field' 'की जानकारी नहीं है, तो इसे खाली छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:08&lt;br /&gt;
| इसी प्रकार, इस पैज पर अपनी लाइब्रेरी के विवरण भरें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| '' 'address' '' और '' 'phone' '' विवरण का उपयोग बाद में आपकी लाइब्रेरी के लिए कस्टम नोटिस बनाने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:20&lt;br /&gt;
|  सदस्यों द्वारा इन विवरणों का उपयोग भी किया जा सकता है।जब वे लाईब्रैरी से संपर्क करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:26&lt;br /&gt;
| Email id field अनिवार्य नहीं है, जैसा कि आप देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:31&lt;br /&gt;
|हालांकि, आपके द्वारा बनाई गई लाइब्रेरी के लिए '' email id '' होना बेहद महत्वपूर्ण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:38&lt;br /&gt;
| यह '' email id '' है जहां से सदस्यों को नोटिस जाते हैं और आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| '' Gmail id  '' बेहतर है क्योंकि इसे मेल भेजने और / या मेल प्राप्त करने के लिए आसानी से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:54&lt;br /&gt;
| '' 'Email id field' 'के नीचे, हमारे पास '''Reply-To ''' और '''Return-Path fields''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|'' 'Reply-To' ', यदि आप नोटिस के सभी उत्तरों के लिए एक और डिफ़ॉल्ट' '' email address '' निर्दिष्ट करना चाहते हैं, तो आप इसे यहां कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
|मैं  Reply-To email id में  stlibreoffice@gmail.com भरूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
| यदि यह खाली छोड़ दिया गया है, तो सभी उत्तर(जवाब) उपरोक्त दिए गए '' Email id '' पर जाएंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
| Return-Path पर आएँ, यह  email address है जहाँ सभी बाउंस मैसेजेस जाएंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:34&lt;br /&gt;
| यदि यह खाली छोड़ दिया गया है, तो सभी बाउंस मेसेजेस ऊपर दिए गए '' Email id '' पर जाएंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:42&lt;br /&gt;
|  तो मूल रूप से, तीन अलग-अलग '' 'email ids' 'का उपयोग किया जा सकता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:48&lt;br /&gt;
|   '''Email id '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:50&lt;br /&gt;
|   '''Reply-To '''और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:52&lt;br /&gt;
|  '''Return-Path'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:55&lt;br /&gt;
| हालांकि, यदि केवल एक '' 'email id' 'प्रदान किया जाता है, तो डिफ़ॉल्ट रूप से, कोहा 'इसे सभी तीन' 'fields' 'के लिए उपयोग करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| फिर, field में अपनी लाईब्रैरी का URL डालें, जैसे मैंने यहाँ किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:10&lt;br /&gt;
|  '' URL field '' भरने पर, विशेष लाईब्रेरी का नाम '' 'OPAC' ''  पर '' 'holdings table' 'में जोड़ा जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
|  इसके बाद, हमें 'OPAC info' भरना होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:23&lt;br /&gt;
| यह वह जगह है जहां आपको अपनी लाइब्रेरी के बारे में जानकारी देना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:28&lt;br /&gt;
| मैंने यहां अपनी लाइब्रेरी के बारे में कुछ जानकारी प्रविष्ट की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
| यह जानकारी &amp;quot;OPAC, '' 'में दिखाई देगी, जब हम कर्सर को' holdings table 'में लाइब्रेरी नाम पर ले जाते हैं।' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:41&lt;br /&gt;
| यदि किसी विशेष '' 'branch' 'लाईब्रेरी के लिए' '' URL '' इस field में रखा जाता है, फिर '' OPAC '' हमें '' 'branch' 'लाईब्रेरी बताएगा जहां पुस्तक उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:52&lt;br /&gt;
|  हाइपर-लिंक पता जानकारी प्राप्त करने के लिए माउस को लिंक पर घुमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:58&lt;br /&gt;
| यह विशेष '' 'branch' 'लाईब्रेरी का पता देगा जहां से पुस्तक जारी की जा सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
|Koha interface पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:09&lt;br /&gt;
|अगला हमारे पास  IP address है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:12&lt;br /&gt;
| यदि आप 'Koha admin access' '' को किसी विशेष '' 'IP address' 'पर प्रतिबंधित करना चाहते हैं तो आप यहां' '' IP '' निर्दिष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:22&lt;br /&gt;
| अन्यथा, आप इसे खाली छोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:25&lt;br /&gt;
|मैं इसे खाली छोड़ूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:28&lt;br /&gt;
| अंत में, हमारे पास 'Notes field' '' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:32&lt;br /&gt;
| यह वह जगह है जहां आप भविष्य के संदर्भ के लिए कोई भी नोट भर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:37&lt;br /&gt;
| ये 'OPAC' '' 'में प्रदर्शित नहीं होंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:40&lt;br /&gt;
|सभी विवरण प्रविष्ट करने के बाद, '' Submit  '' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:46&lt;br /&gt;
|नई लाइब्रेरी का नाम '' Libraries '' पैज पर दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
| हमारे मामले में,  Spoken Tutorial Library&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
| अब देखें कि '' Group Library  '' विकल्प का उपयोग कब करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
| यदि आप  नया  group जोडना चाहते हैं,  तो ''''+ New Group'''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
| मान लीजिए कि आपके पास कुछ '' 'branch' 'लाईब्रेरीज हैं- उदाहरण के लिए Chemistry Library,&lt;br /&gt;
Physics Library, और  Biology Library, और आप उनका 'group' 'बनाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:19&lt;br /&gt;
|  ऐसे परिदृश्य में '' Group Library  '' विकल्प का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:24 &lt;br /&gt;
|इस ग्रुप को '' Science library  '' के रूप में नामित करें जो मुख्य लाईब्रेरी के अंतर्गत आता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
| ग्रुपिंग समानताएं और / या समान विशेषताओं आदि के आधार पर किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:40&lt;br /&gt;
|  '' 'Database administrative user' 'के रूप में अपने वर्तमान सत्र से लॉगआउट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:45&lt;br /&gt;
| ऐसा करने के लिए, ऊपरी दाएं कोने पर जाएं और '' No Library Set 'पर क्लिक करें।' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:52&lt;br /&gt;
| ड्रॉप-डाउन मैन्यू से,  Logout पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:57&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:01&lt;br /&gt;
| संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने लाईब्रेरी और नए ग्रुप को बनाना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
| नियतकार्य के रूप में- एक नई लाईब्रेरी बनाएँ और एक नया ग्रुप बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित लिंक पर वीडियो '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:25&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण पत्र देती है।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
|विशिष्ट प्रश्नों के लिए फोरम:&lt;br /&gt;
क्या आपको इस '' स्पोकन ट्यूटोरियल '' से संबंधित कोई प्रश्न करना है?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:42&lt;br /&gt;
| कृपया इस साइट पर जाएं। मिनट और सेकंड चुनें जहां आपको संदेह है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
|संक्षेप में अपने प्रश्न लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:51&lt;br /&gt;
| हमारी टीम में से कोई उस सवाल का जवाब देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55&lt;br /&gt;
|विशिष्ट प्रश्नों के लिए फोरम:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:58&lt;br /&gt;
| '' स्पोकन ट्यूटोरियल फोरम '' 'इस ट्यूटोरियल पर विशिष्ट प्रश्नों के लिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:03&lt;br /&gt;
|कृपया उन पर असंबंधित और सामान्य प्रश्न पोस्ट न करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
|  इससे अव्यवस्था कम करने में मदद मिलेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:11&lt;br /&gt;
|कम अव्यवस्था के साथ, हम इन चर्चाओं को शिक्षण सामग्री के रूप में उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:17&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' 'एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:23&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:28&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Create-a-SuperLibrarian/Hindi</id>
		<title>Koha-Library-Management-System/C2/Create-a-SuperLibrarian/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Create-a-SuperLibrarian/Hindi"/>
				<updated>2018-09-20T17:06:32Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border =1 | &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:01 | how to create a '''Superlibrarian.''' पर स्पोकन ट्यूटो...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border =1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| how to create a '''Superlibrarian.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम  Patron category जोड़ना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:11&lt;br /&gt;
| Patron बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
|  Superlibrarian बनाना और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
|   किसी विशेष मॉड्यूल के लिए '' 'Staff' ' को एक्सेस देने के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं '''Ubuntu Linux OS 16.04''' और  '''Koha version 16.05''' का उपयोग कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, शिक्षार्थियों को '' Library Science '' का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर &amp;quot;Koha&amp;quot; स्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| और आपको  Koha में  Admin एक्सेस भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए कृपया इस वेबसाइट पर 'Koha spoken tutorial ' ' की श्रृंखला देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:58&lt;br /&gt;
| आइए जानें कि '' 'Patron category' 'को कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:03&lt;br /&gt;
|'''database administrator username ''' और '''password''' का उपयोग करके  Koha में लॉग इन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
| Koha Administration पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| Patrons and circulation में,  Patron categories पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
| एक नयाँ पैज  Patron categories खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
| New Category पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| एक नया पैज, '' 'New category ' '' खुलता है, जिससे हमें कुछ विवरण भरने के लिए प्रेरित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, ध्यान दें कि लाल रंग में चिह्नित 'fields' 'अनिवार्य हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| मैंने यहां कुछ विवरण भर दिए हैं। कृपया इसी तरह से करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| Category type:  के लिए, ड्रॉप-डाउन सूची से  Staff चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:53&lt;br /&gt;
| Branches limitation: के लिए,  All Branches चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:58&lt;br /&gt;
| फिर, पैज के नीचे  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| '' 'category' 'नाम जिसे हमने प्रविष्ट किया है, ' '' Patron categories ' पैज पर दिखाई देता है।' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:09&lt;br /&gt;
| मेरे इसमें, यह  Library Staff है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|इसी के साथ  Patron Category बन गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|  इसके बाद, हम सीखेंगे कि '' 'Patron' ' कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| ऊपरी बाएँ कोने पर  Home पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|'' Koha homepage '' 'एक डायल़ॉग बॉक्स के साथ खुलता है जो हमें' 'Create a Patron' 'के लिए प्रेरित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:32&lt;br /&gt;
|Patron बनाना अनिवार्य है। अन्यथा database administrator  भूमिका में, '' Koha '' की कुछ चीजें काम नहीं करेंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:42&lt;br /&gt;
|जैसा ही डायलॉग-बॉक्स प्रॉम्प्ट होता है, '' 'Create Patron' पर क्लिक करें। ''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, आप Koha home page  पर Patrons पर क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:54&lt;br /&gt;
|मैं  Create Patron पर क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:58&lt;br /&gt;
|एक नया पैज खुलता है।  New Patron टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| ड्रॉप-डाउन से, मैं  Library Staff चुनूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
| Add patron (Library Staff) नामक नया पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| अब, विभिन्न वर्गों के तहत आवश्यक विवरण भरें जैसे:&lt;br /&gt;
'''Patron identity'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Main address'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Contact ''' आदि&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:26&lt;br /&gt;
| जैसा कि यहां दिखाया गया है मैंने कुछ विवरण भर दिए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
|यदि आपके पास सूचीबद्ध किसी भी '' 'field' 'के लिए जानकारी नहीं है, तो बस इसे खाली छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
| वीडियो को रोकें और सभी विवरण भरें और उसके बाद वीडियो फिर से शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:44&lt;br /&gt;
|Library management: सेक्शन में, field Card Number: देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि नंबर 1 Koha द्वारा स्वचालित रूप से जनरेट किया गया है। ''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
|  इसलिए, आपको अपने 'Koha interface' पर एक अलग नंबर दिखाई देंगे। ''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
|अगला  Library है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:05&lt;br /&gt;
| ड्रॉप-डाउन से, मैं  Spoken Tutorial Library चुनूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
| याद रखें: '' Spoken Tutorial Library '' 'इस श्रृंखला में पहले बनाया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
| यदि आपने अलग नाम दिया था, तो उस नाम को यहां चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:22&lt;br /&gt;
|Category के लिए, मैं ड्रॉप-डाउन से  Library Staff चुनूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:27&lt;br /&gt;
|OPAC/Staff login सेक्शन में,  Username और  Password प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:34&lt;br /&gt;
| प्रत्येक नए यूजर को एक नया Username और Password  बनाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:40&lt;br /&gt;
| मैं यूजरनेम में  Bella प्रविष्ट करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
| पासवर्ड में  library.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46&lt;br /&gt;
|फिर, Confirm password: फिल्ड में समान पासवर्ड प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
|इस यूजरनेम और पासवर्ड को याद रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
|  इसका उपयोग कुछ समय बाद Staff को अधिकार / अनुमति देने के लिए किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:02&lt;br /&gt;
|सभी विवरण भरने के बाद, पैज के शीर्ष पर जाएं और Save पर क्लिक करें।' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|Patron और  card number नामक नया पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:15&lt;br /&gt;
| इस केस में, जैसा कि पहले प्रविष्ट किया गया था, पैज '''card number 1''' के साथ Ms Bella Tony के रूप में Patron है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:24&lt;br /&gt;
|इस सेक्शन्स को एडिट करने के लिए,  Edit टैब पर क्लिक करें, जो संबंधित सेक्शन्स के नीचे स्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
|अब हम सीखेंगे कि  Patrons को अनुमति कैसे देना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:36&lt;br /&gt;
|उसी पैज में,  More टैब पर क्लिक करें और फिर  Set Permissions पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:44&lt;br /&gt;
|Set permissions for Bella Tony टाइटल के साथ नया पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:51&lt;br /&gt;
|'''(superlibrarian) Access to all librarian functions.''' चैक-बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:58&lt;br /&gt;
|फिर पैज के नीचे  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:03&lt;br /&gt;
|अब,  Superlibrarian Ms Bella Tony को  सभी library functions का एक्सेस मिल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:12&lt;br /&gt;
|इस  superlibrarian अकाउंट के साथ, हम Staff को अनुमति दे सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:19&lt;br /&gt;
| अतः, यह '''Koha Library Management System.''' में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:25&lt;br /&gt;
|अब सीखें कि किसी विशेष '' 'module' 'के लिए' '' Staff '' को कैसे एक्सेस देना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:31&lt;br /&gt;
|अपने वर्तमान  Database administrative user से लॉगआउट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:36&lt;br /&gt;
| ऐसा करने के लिए, ऊपरी दाएँ कोने पर जाएँ और  No Library Set पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:43&lt;br /&gt;
| ड्रॉप-डाउन से,  Logout पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:47&lt;br /&gt;
|अब,  Superlibrarian account से लॉगिन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:52&lt;br /&gt;
|Superlibrarian किसी अन्य  Staff को  module एक्सेस करने के लिए अधिकार या अनुमति दे सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए-  '''Cataloging module''',  '''Circulation module'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:05&lt;br /&gt;
|  '''Serial Control''',  '''Acquisition,''' आदि।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:10&lt;br /&gt;
|पहले दर्शाए अनुसार Patron  बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| New Patron टैब पर क्लिक करें। ड्रॉपडाउन '''Library Staff''' से चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:21&lt;br /&gt;
| Salutation में  Ms चुनें।  Surname में  Samruddhi प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:29&lt;br /&gt;
|Category के लिए, ड्रॉप-डाउन से Library Staff  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:35&lt;br /&gt;
| कोई अन्य विकल्प न चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:39&lt;br /&gt;
|OPAC/Staff login सेक्शन में,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| Username में  Samruddhi और  Password में  patron प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:51&lt;br /&gt;
|फिर,  Confirm password फिल्ड में समान पासवर्ड प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
|इस यूजरनेम और पासवर्ड को याद रखें, इसका उपयोग  staff लॉगिन करने के लिए किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:05&lt;br /&gt;
|सभी विवरण भरने के बाद, पैज के शीर्ष में  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:12&lt;br /&gt;
|अब इस विशेष Patron को अनुमति दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16&lt;br /&gt;
|More टैब पर जाएँ और  Set Permissions पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:22&lt;br /&gt;
|Set permissions for Samruddhi टाइटल के साथ नया पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| यह Patron का नाम है, जो हमने बनाया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:32&lt;br /&gt;
|'''(circulate) Check out and check in items.''' चैक-बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|फिर, '''(catalogue) Required for staff login.''' चैक-बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:46&lt;br /&gt;
|'''(borrowers) Add, modify and view patron information.''' पर भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
|फिर, यहाँ plus sign  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| '''reserveforothers Place and modify holds for patrons.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:03&lt;br /&gt;
| फिर,  Edit catalog टैब पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:07&lt;br /&gt;
| plus sign पर क्लिक करें, और '''(editcatalogue) Edit catalog (Modify bibliographic/holdings data).''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:17&lt;br /&gt;
|फिर  Acquisition टैब पर आएँ।  plus sign पर क्लिक करें, और  '''(acquisition) Acquisition and/or suggestion management.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30&lt;br /&gt;
|फिर, tools टैब के लिए,  यहाँ  plus sign पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:36&lt;br /&gt;
| और '''(batch_upload_patron_images) Upload patron images in a batch or one at a time.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:47&lt;br /&gt;
|फिर, '''(edit_patrons) Perform batch modification of patrons.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:55&lt;br /&gt;
|'''(import_patrons) Import patron data.''' भी चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
|फिर,  Edit authorities पर भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:07&lt;br /&gt;
|फिर, '''(reports), Allow access to the reports module.''' टैब पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:14&lt;br /&gt;
|plus sign पर क्लिक करें और  '''(execute _reports) Execute SQL reports''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|फिर, पैज के नीचे  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:28&lt;br /&gt;
|इसके साथ हमने  Ms. Samruddhi नामक Library Staff  को सभी आवश्यक अधिकार( rights) दिए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:37&lt;br /&gt;
|अब  superlibrarian account से लॉग-आउट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:42&lt;br /&gt;
| ऐसा करने के लिए, ऊपरी दाएँ कोने पर जाएँ, spoken tutorial library पर क्लिक करें, ड्रॉप-डाउन से  Logout पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:54&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँच गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:58&lt;br /&gt;
|संक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में हमने&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:03&lt;br /&gt;
| Patron category जोड़ना&lt;br /&gt;
Patronबनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:08&lt;br /&gt;
| Superlibrarian बनाना &lt;br /&gt;
और किसी विशेष  module के लिए  Staff को एक्सेस देना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:16&lt;br /&gt;
|नियतकार्य के रूप में,  Research Scholar नामक नया  Patron Category जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:23&lt;br /&gt;
|Superlibrarian के लिए नियतकार्य, निम्न भूमिकाओँ के लिए नया  Staff जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:30&lt;br /&gt;
|सभी '''Cataloging rights''' को निर्दिष्ट केरं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और सभी  '''Acquisition rights''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:37&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित लिंक पर वीडियो '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:45&lt;br /&gt;
| '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' टीम: कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण पत्र देती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:56&lt;br /&gt;
| कृपया इस फोरम में टाइम के साथ अपने प्रश्न पूछें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:00&lt;br /&gt;
|'' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' 'एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।' '&lt;br /&gt;
इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:12&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Add-an-Item-type/Hindi</id>
		<title>Koha-Library-Management-System/C2/Add-an-Item-type/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Add-an-Item-type/Hindi"/>
				<updated>2018-09-20T17:04:31Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border =1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- | 00:01 | Koha interface में how to add an '''Item type ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल मे...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border =1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Koha interface में how to add an '''Item type ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:08&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम Item types  के बारे में और  Item type जोड़ना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रहा हूँ '''Ubuntu Linux Operating System 16.04''' और  '''Koha '''version''' 16.05'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:30&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, शिक्षार्थी को '' Library Science '' का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर &amp;quot;Koha&amp;quot; संस्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:42&lt;br /&gt;
|और आपको  Koha में  Admin एक्सेस भी होना चाहिए।यदि नहीं, तो कृपया इस वेबसाइट पर '' Koha spoken tutorial'' की श्रृंखला देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
| चलो शुरू करें। मैं  Koha इंटरफैस पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:58&lt;br /&gt;
| याद रखें कि हमने एक Superlibrarian Bella बनाया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:03&lt;br /&gt;
| अब हम यूजरनेम  Bella और उसके पासवर्ड से लॉगिन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| अब हम  Koha interface,  Superlibrarian Bella में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:14&lt;br /&gt;
| आगे बढ़ने से पहले, पहले समझते हैं कि Item Types क्या हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:20&lt;br /&gt;
| Item types  आमतौर पर लाइब्रेरी में सामग्री का संदर्भ देता है, जैसे कि-&lt;br /&gt;
'''Books,'''  '''Journals,'''  '''CDs/DVDs, '''आदि।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
| Koha में प्रत्येक Item type को Collection code दिया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:37&lt;br /&gt;
|यह कोड विशिष्ट रूप से ''Item type '' की पहचान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:42&lt;br /&gt;
| एक नया item type जोड़ना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| Koha Home page पर,  Koha Administration पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:52&lt;br /&gt;
| Basic parameters  सेक्शन पर जाएँ और  Item Types पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:59&lt;br /&gt;
| Item types administration पैज के ऊपरNew Item Type बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:06&lt;br /&gt;
| Item type फिल्ड में,  नएँ item type के लिए कोड प्रविष्ट करें, जिसे आप जोड़ना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:13&lt;br /&gt;
| मैं REF टाइप करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:17&lt;br /&gt;
|Description फिल्ड item type का वर्णन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|तो यहां, मैं संदर्भ टाइप करूंगा। मैं  Search category field को स्किप करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
|अगला Choose an icon: है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:33&lt;br /&gt;
|bridge टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| यहाँ, नीचे दिए गए विकल्पों से, आइकन पर क्लिक करें, जो item type से जुड़े हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:45&lt;br /&gt;
| मैं Reference आइकन पर क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| इसके बाद, हम सीखेंगे कि ''Hide in OPAC:  '' 'कैसे मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:54&lt;br /&gt;
| मान लें कि एक पुस्तक क्षतिग्रस्त है और / या बाइंडिग के लिए वापस रखी जानी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:02&lt;br /&gt;
| ऐसे मामलों में, विकल्प '' 'Hide in OPAC,' '' सभी यूजर्स के लिए पुस्तक अदृश्य कर देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:11&lt;br /&gt;
| अपनी आवश्यकता के अनुसार, '' 'Hide in OPAC' 'के लिए चेकबॉक्स को चेक या अनचेक करें: मैं चेकबॉक्स को खाली छोड़ दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:21&lt;br /&gt;
|ऐसे Items के लिए,  Not for loan ऑप्शन का उपयोग करें, जो लाइब्रेरी में रखे जाते हैं लेकिन '' circulated 'नहीं होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए :  '''Reference books''',  '''Rare books''' , '''Dictionary''' आदि।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:36&lt;br /&gt;
| मैं इस चैकबॉक्स को खाली छोड़ दूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| यदि आप चाहें तो Rental charge  फिल्ड में चार्ज होने वाली राशि प्रविष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
लाइब्रेरी में विशेष '' 'items' 'के लिए न्यूनतम किराया शुल्क पड़ सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
| मैं कोई शुल्क नहीं डालूंगा, क्योंकि ज्यादातर 'items' पर किराया शुल्क लेने की आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:00&lt;br /&gt;
|यदि आप शुल्क दर्ज करना चाहते हैं, तो याद रखें कि केवल वैध नंबर दर्ज करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:07&lt;br /&gt;
| अगला Checkin message: टैक्स्ट फिल्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
| Checkin message विशेष item के प्रकार पर निर्भर करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:16&lt;br /&gt;
|ऑप्शन्स हो सकते हैं- '''Book''' ,  '''Serial,'''  '''Cds/DVDs''',  '''Bound Volume''',  '''Microfilm''' आदि।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:26&lt;br /&gt;
| Checkin message: फिल्ड में, मैं Bound Volume टाइप करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:32&lt;br /&gt;
| यह Checkin message type के बाद है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| item type के आधार पर,  item के लिए मैसेज या अलर्ट का चयन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:42&lt;br /&gt;
|चयनित विकल्प के अनुसार याद रखें कि संदेश या अलर्ट तब प्रदर्शित किया जाएगा जब इस विशेष '' 'item' 'के लिए चेक-इन करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:53&lt;br /&gt;
|मैं message चुनूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
| अगला SIP media type है। SIP media type  केवल तभी लागू होता है जब आपकी लाइब्रेरी में सॉर्टर या लॉकर सुविधा का उपयोग किया जा रहा हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:07&lt;br /&gt;
|तो मैं यहाँ  SIP media type स्किप कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| Summary फिल्ड में, यदि आप चाहते हैं, तो संबंधित '' 'item' 'का सारांश लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:18&lt;br /&gt;
| मैं टाइप करूँगा- '''Item type- Reference'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Facilitate- Self check out/return'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:25&lt;br /&gt;
|अंत में,  Save changes बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:30&lt;br /&gt;
| एक नया पैज Item types administration  खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| नए item type के लिए भरे गए सभी विवरण Item types administration पैज पर एक सारणीबद्ध रूप में प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
| ध्यान देने योग्य कुछ महत्वपूर्ण चीजें हैं-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:49&lt;br /&gt;
|  item types के लिए असाइन किया गया Collection codes संपादित नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
|  ''Item type' 'का विवरण संपादित किया जा सकता है। एक बार लाइब्रेरी में '' 'items' '' द्वारा '' 'item type ' 'का उपयोग किया जाता है, तो इसे हटाया नहीं जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
|इसी के साथ ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
| संक्षेप में...&lt;br /&gt;
इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा Item types  के बारे में और Item types  को कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| नियतकार्य के रूप में, अपने लाइब्रेरी के लिए एक नया आइटम Book और Serial जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:25&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित लिंक पर वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।' 'कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:43&lt;br /&gt;
|कृपया इस फोरम में टाइम के साथ अपने प्रश्न को पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
|'' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' 'एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:59&lt;br /&gt;
|यह ट्यूटोरियल विकास द्वारा अनुवादित है।हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Create-MARC-framework/Hindi</id>
		<title>Koha-Library-Management-System/C2/Create-MARC-framework/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Create-MARC-framework/Hindi"/>
				<updated>2018-09-20T17:02:05Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border=1 | '''Time''' | '''Narration'''  |- |00:01 | '''Create a MARC Framework.'''  पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| '''Create a MARC Framework.'''  पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम Koha में MARC Framework बनाना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:14&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रहा हूँ '''Ubuntu Linux Operating System 16.04''' और  '''Koha version 16.05'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:27&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, आपको '''Library Science का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर Koha संस्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
आपको Koha में Admin एक्सेस भी होना चाहिए। ''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:44&lt;br /&gt;
|यदि नहीं, तो कृपया इस वेबसाइट पर Koha spoken tutorial की श्रृंखला देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
|शुरू करने से पहले, ध्यान दें कि- '''Frameworks'''  को एडिट या डिलीट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:57&lt;br /&gt;
|'''Superlibrarian''' अपने लाइब्रेरी की आवश्यकता के अनुसार अपने स्वयं के frameworks बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| चलो शुरू करते हैं। मैं '''Koha interface.''' पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
|'''Superlibrarian''' यूजरनेम Bella और उसके पासवर्ड से लॉगिन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:17&lt;br /&gt;
| अब हम '''Koha''' इंटरफैस '''Superlibrarian Bella''' में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
|'''Koha administration.''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:29&lt;br /&gt;
| Catalog सेक्शन में, MARC bibliographic framework पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36&lt;br /&gt;
| एक नया पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
|'''plus New framework''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:44&lt;br /&gt;
| विवरण भरने के लिए, एक नया पैज खुलता  है।&lt;br /&gt;
'''Framework code:''' और '''Description:'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:54&lt;br /&gt;
| Framework code के '''field''' में, मैं BK टाइप करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| Description के लिए, मैं BOOKS टाइप करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|फिर, नीचे Submit बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
|खुलने वाले नए पैज पर, Code BK पर जाएँ, उदाहरण के लिए BOOKS.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:18&lt;br /&gt;
| Actions टैब से, MARC structure पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
| एक नया पैज '''MARC Framework for BOOKS (BK) '' खुलता है।इस टाइटल में, यहाँ OK बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| समान टाइटल MARC Framework for BOOKS (BK) के साथ एक ओर पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40&lt;br /&gt;
|यह 342 टैग्स में से 1 से 20 टैग्स को दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:48&lt;br /&gt;
|हालांकि, आप अपनी स्क्रीन पर अधिक संख्या में टैग देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, कि यहाँ कुल 342 डिफॉल्ट टैग्स हैं। मैं Books के लिए कुछ ही टैग्स चुनूँगा। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार टैग चुन सकते हैं।|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि यहाँ '''Edit''' और '''Delete ''' ऑप्शन्स टैग हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:14&lt;br /&gt;
| मैं दिखाउंगा कि इन्हें कैसे डिलीट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
| मैं टैग नंबर 010- Library of Congress Control Number चुनुँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:25&lt;br /&gt;
|दाई ओर Delete टैब पर क्लिक कर करने पर, एक पॉप-अप विंडो आता है:&lt;br /&gt;
'''“Confirm deletion of tag '010'?”'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
|  '''Yes, delete this tag.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
| एक और विंडो '''‘Tag deleted’.''' मैसेज के साथ दिखाई देता है। Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
| ''' MARC Framework for Books (BK) ''' पैज फिर से खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| इस पैज पर, टैग नंबर 010 अब नहीं दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:03&lt;br /&gt;
|इसी तरह, किसी अन्य  टैग्स को डिलीट करें जो किसी विशेष '''item type'''  से संबंधित न हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
|टैग्स को एडिट करने के लिए, Actions पर जाएँ और Edit ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
|मैं टैग नंबर number 000, Leader को चुनूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:24&lt;br /&gt;
| फिर Edit पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:27&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित फ़ील्ड Koha द्वारा डिफ़ॉल्ट रूप से भर चुके हैं&lt;br /&gt;
'''Label for lib:''' ,  '''Label for opac:'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:38&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि, ''''Label for lib'''' '''staff client.''' में दिखाई देगा। ''''Label for OPAC''''     '''OPAC''' के '''MARC''' व्यू में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:50&lt;br /&gt;
| अपनी आवश्यकता के अनुसार, '''Repeatable: '''  चेकबॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
| '''Koha'''  डिफ़ॉल्ट रूप से '''Mandatory''' के लिए चेकबॉक्स को चेक करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| मैं Repeatable चैकबॉक्स चैक करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, यदि आप '''Repeatable'''' पर क्लिक करते हैं, तब- फ़ील्ड के पास '' '''Cataloging''' '' में एक प्लस चिह्न होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:16&lt;br /&gt;
| यह मूल रूप से 3 से अधिक लेखकों या संपादकों के लिए आवश्यक है जो आपको उसी टैग के कई और विवरण जोड़ने की अनुमति देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27&lt;br /&gt;
|यदि '''Koha'''  द्वारा ''''Mandatory'''' को क्लिक या स्वचालित रूप से चुना गया है- तब तक रिकॉर्ड सेव नहीं हो सकता, जब तक कि आप इस विशेष टैग के लिए कोई वैल्यू आवंटित न करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:43&lt;br /&gt;
|'''Koha interface'' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:46&lt;br /&gt;
| सभी विवरण भरने के बाद, '''Save changes''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:52&lt;br /&gt;
|खुलने वाले नए पेज में, ध्यान दें कि-  टैग नंबर 000 के लिए, Leader: Repeatable और Mandatory ''Yes”  के रूप में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
|इसके बाद सीखते हैं कि Authority file को कैसे सक्षम करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:10&lt;br /&gt;
|Koha Administration पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| और Global system preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
|'''Acquisitions preferences ''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
| बाईं ओर टैब की सूची से, Authorities पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:30&lt;br /&gt;
| General सेक्शन में, '''Value of Preference''' बदलना शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| AuthDisplayHierarchy के लिए, ड्रॉप-डाउन से Display चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:44&lt;br /&gt;
|AutoCreateAuthorities के लिए, generate चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:50&lt;br /&gt;
|BiblioAddsAuthorities के लिए allow चुनें।Dontmerge के लिए Do चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:01&lt;br /&gt;
|'''MARCAuthorityControlField008''' और '''UNIMARCAuthorityField100''' को ऐसे ही छोड दें जैसे यह है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:11&lt;br /&gt;
|UseAuthoritiesForTracings के लिए, Koha डिफॉल्ट रूप से Use चुनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:19&lt;br /&gt;
| Linker सेक्शन में, डिफॉल्ट वैल्यू को '''CatalogModuleRelink''' के लिए बरकरार रखा जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:28&lt;br /&gt;
| '''LinkerKeepStale''',  '''LinkerModule '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
| '''LinkerOptions ''',  '''LinkerRelink '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
|अब '''Save all Authorities preferences.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
| अब आप '''Koha''' के Superlibrarian अकाउंट से लॉगआउट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, ऊपरी दाएँ कोने पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52&lt;br /&gt;
|'''Spoken Tutorial Library''' पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन से Log out चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:59&lt;br /&gt;
|यह '''MARC Framework ''' के लिए आवश्यक सभी सेटअप को पूरा करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:04&lt;br /&gt;
| संक्षेप में। इस ट्यूटोरियल में हमने '''Koha''' में MARC Framework बनाना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:13&lt;br /&gt;
| नियतकार्य के रूप में, Serials''' के लिए एक नया MARC Framework बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:20&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित लिंक पर वीडियो '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट 'को सारांशित करता है।' 'कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28&lt;br /&gt;
| ''स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट ''टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|कृपया टाइम के साथ अपने प्रश्न को इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42&lt;br /&gt;
| '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' को 'एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार' द्वारा वित्त पोषित किया गया है।  इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:54&lt;br /&gt;
|यह ट्यूटोरियल विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Set-Currency/Hindi</id>
		<title>Koha-Library-Management-System/C2/Set-Currency/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Set-Currency/Hindi"/>
				<updated>2018-09-20T17:00:15Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border = 1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- |00:01 | Set Currency पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border = 1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| Set Currency पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि '''Koha''' में Currency कैसे सेट करना है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux OS 16.04''','''Koha version 16.05'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का पालन करने के लिए, आपको '''Library Science''' का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर &amp;quot; Koha &amp;quot; संस्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
और आपको Koha में '''Admin''' एक्सेस भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:43&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए कृपया इस वेबसाइट पर Koha spoken tutorial  की श्रृंखला देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
|Superlibrarian यूजरनेम Bella  और उसके पासवर्ड के साथ लॉगिन करके शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:59&lt;br /&gt;
|फिर Koha Administration पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|एक नया पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
| Acquisition parameters सेक्शन में, '''Currencies and exchange rates.'' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि यह डेटा स्वचालित रूप से अपडेट नहीं होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:21&lt;br /&gt;
|इसलिए, डेटा को अपडेट करना महत्वपूर्ण है। इससे सही '''accounting''' विवरण रखने में भी मदद मिलेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
| '''plus New currency''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36&lt;br /&gt;
|खुलने वाले नए पेज में, अनिवार्य विवरण भरें-&lt;br /&gt;
'''Currency:''' '''Rate: और  '''Symbol: '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:48&lt;br /&gt;
| चूंकि मेरी लाइब्रेरी भारत में है, इसलिए मैं मुद्रा के लिए Rupee  प्रविष्ट करूंगा&lt;br /&gt;
'''1 '''for '''Rate '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 '''Rupee (₹)''' का चिन्ह&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:01&lt;br /&gt;
|INR के रूप में ISO code प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:06&lt;br /&gt;
| मुद्रा को एक्टिव करने के लिए, चेकबॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
'''Last updated '''  मुद्रा सेटअप की तारीख दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
|पैज के नीचे '''Submit ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
|खुलने वाले नए पैज में, Currency टैब में, Rupee का विवरण प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:28&lt;br /&gt;
| यदि आवश्यकता हो, तो इसे भी एडिट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:33&lt;br /&gt;
|नियतकार्य के लिए&lt;br /&gt;
अपनी आवश्यकता के अनुसार कोई भी मुद्रा निर्धारित करें लेकिन इसे सक्रिय  न बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
|Koha interface पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:45&lt;br /&gt;
| उसी पैज में Column visibility टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|ऑप्शन्स से, ISO code पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56&lt;br /&gt;
| Rupee के लिए ISO कॉलम टैबल में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:01&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि प्रविष्ट ISO code तब उपयोगित है जब '''MARC files''' '''staging''' टूल्स के माध्यम से इंपोर्ट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|टूल वर्तमान में सक्रिय मुद्रा की कीमत को खोजने और उपयोग करने का प्रयास करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
| Currency को एडिट करने के लिए, उस विशेष Currency के लिए Edit पर क्लिक करें। मैं मुद्रा '' 'USD' के लिए Edit पर क्लिक करूंगा।' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:30&lt;br /&gt;
|'''Modify currency''' पैज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33&lt;br /&gt;
| आप '''Rate'''  और '''Symbol''' की वैल्यू बदल सकते हैं।' 'मैं इसे छोड़ दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:41&lt;br /&gt;
| Note that:&lt;br /&gt;
ध्यना दें, मैं Active फिल्ड के लिए चैकबॉक्स क्लिक नहीं करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:47&lt;br /&gt;
| लाइब्रेरी में उपयोग करने के लिए एक '''active currency ''' मुख्य मुद्रा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52&lt;br /&gt;
| चूँकि मेरी लाइब्रेरी भारत में है, '''Rupee''' active currency के रूप में उपयोग किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:58&lt;br /&gt;
| फिर, पैज के नीचे Submit बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
| Currencies and exchange rates पैज फिर से खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:09&lt;br /&gt;
|अब Koha Superlibrarian अकाउंट से लॉगआउट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:14&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, सबसे पहले ऊपरी दाएँ कोने पर जाएँ, और Spoken Tutorial Library पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:21&lt;br /&gt;
| फिर ड्रॉप-डाउन से Log out चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| संक्षेप में।&lt;br /&gt;
इस ट्यूटोरियल में हमने '''Currency''' सेट करना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:37&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित लिंक पर वीडियो '' स्पोकन ट्यूटोरियल '' प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:45&lt;br /&gt;
| '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट ''  टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55&lt;br /&gt;
| टाइम के साथ अपने प्रश्नों को इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
|'' स्पोकन ट्यूटोरियल '' परियोजना को एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। ''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Koha-Library-Management-System/C2/Add-Budget-and-Allocate-Funds/Hindi</id>
		<title>Koha-Library-Management-System/C2/Add-Budget-and-Allocate-Funds/Hindi</title>
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				<updated>2018-09-20T16:56:50Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border = 1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- | 00:01 |  '''Add a Budget and '''allocate''' Funds''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border = 1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|  '''Add a Budget and '''allocate''' Funds''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगेः'''Budget'''  जोड़ना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 '''duplicate Budget''' बनाना  और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''' Funds''' आवंटन करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:19&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux OS 16.04'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Koha version 16.05'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:33&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको '''Library Science.''' का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर &amp;quot;Koha&amp;quot; संस्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:45&lt;br /&gt;
|आपको Koha में '''Admin'''  एक्सेस भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:49&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए कृपया इस वेबसाइट  पर '''Koha spoken tutorial ''' की श्रृंखला देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:56&lt;br /&gt;
| अब सीखते हैं कि Budget कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:01&lt;br /&gt;
| शुरू करने से पहले यह समझते हैं कि Budgets क्या है। '' '''Budgets''' 'का उपयोग' '''Acquisitions''' से संबंधित  '''accounting'''  वैल्यूज को ट्रैक करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:13&lt;br /&gt;
|  फंड बनाने से पहले एक ''Budget '' परिभाषित किया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:18&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए- वर्तमान वर्ष 2017 के लिए Budget  बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:25&lt;br /&gt;
| इसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए '''Funds''' में विभाजित करें जैसे कि:&lt;br /&gt;
'''Books''' , '''Journals '''और/या  '''Databases'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:38&lt;br /&gt;
|Please note- &lt;br /&gt;
कृपया ध्यान दें-'''Budgets '' को आरंभ से या पिछले किसी भी '''Budget''' को डुप्लिकेट करके &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:50&lt;br /&gt;
|  या तत्काल पिछले वर्ष के '''Budget'''को डुप्लिकेट करके या पिछले वर्ष के '''Budget''' को बंद करके बनाया जा सकता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:00&lt;br /&gt;
| जैसा कि पहले के ट्यूटोरियल्स में बताया गया है, Superlibrarian यूजरनेम Bella और उसके' पासवर्ड से लॉगिन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| Koha Home पैज में Acquisitions पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:16&lt;br /&gt;
|बाई कोने पर, Budgets पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:21&lt;br /&gt;
|अब New budget टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:26&lt;br /&gt;
|सबसे पहले, हमें इस Budget के लिए समय अवधि चुननी होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:31&lt;br /&gt;
|'''Budget''' को एक '''Academic year, ''' '''Fiscal year''' या '''Quarter year''' के लिए बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
|मैं Budget''' को Fiscal year के लिए बनाऊँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:43&lt;br /&gt;
|फिर  '''Start ''' और '''End dates''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
|मैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Start date: ''' '''04/01/2016 (MM/DD/YYYY)'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''End date: ''' '''03/31/2017 (MM/DD/YYYY)''' चुनूँगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07&lt;br /&gt;
|अब हमें अपने '' Budget '' के लिए विवरण देना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:11&lt;br /&gt;
|इससे हमें बाद में '''ordering''' के समय इसकी पहचान करने में मदद मिलेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:17&lt;br /&gt;
|यहाँ मैं '''Spoken Tutorial Library 2016-2017 Phase I''' टाइप करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:26&lt;br /&gt;
|Amount बॉक्स में, हमें विशेष Budget के लिए राशि प्रविष्ट करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:32&lt;br /&gt;
|यह वह राशि है जिसे हम  Spoken Tutorial Library के लिए दी गई अवधि में खर्च करने की योजना बना रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:41&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, यह '''field''' केवल अंक और दशमलव को स्वीकार करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:47&lt;br /&gt;
|विशेष कैरेक्टर्स और सिम्बल्स की अनुमति नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
|'''Amount''' जिसे हम प्रविष्ट करते हैं, उस लाइब्रेरी के लिए स्वीकृत '''Budget''' के अनुसार होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
|यहाँ, मैं Amount में  '''Rs. 5,00,000/-''' जोड़ दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
|फिर, Make a budget active पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
| ऐसा करने पर, Acquisitions मॉड्यूल में orders करते समय budget प्रयोग योग्य हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
| और यह तब भी बना रहता है, भले ही '' order '' '''Budget End date.''' के बाद  दिया गया हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:24&lt;br /&gt;
| इससे हमें पिछले साल के बजट में दिए गए आर्डर रिकॉर्ड करने की भी अनुमति मिलेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:31&lt;br /&gt;
|अगला,  Lock budget  के लिए चैकबॉक्स  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:35&lt;br /&gt;
|जिसका अर्थ है Funds को बाद में library staff द्वारा संशोधित नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:41&lt;br /&gt;
|मैं इस चैक-बॉक्स को खाली छोड दूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:45&lt;br /&gt;
|सभी प्रविष्टियों के बाद, पैज के निचले हिस्से में '' Save '' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
|एक नया पैज '''Budgets administration ''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:57&lt;br /&gt;
|यहां, हम उन विवरणों को देख सकते हैं जो पहले +New Budget page में जोड़े गए थे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| इस पैज पर दिखाई देने वाले विवरण हैं -&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| Budget name टैब में Description &lt;br /&gt;
'''Start date:'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''End date:'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Total amount:'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Actions:'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19&lt;br /&gt;
|हम आवश्यकतानुसार  किसी विशेष '' 'Budget' 'को एडिट, डिलीट या डुप्लिकेट भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:25&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, Budget name की दाईं और Actions पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:33&lt;br /&gt;
|ड्रॉप-डाउन से, कोई भी ऑप्शन्स चुनें।&lt;br /&gt;
'''Edit'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Delete'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Duplicate'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Close'''  या&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Add fund'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:44&lt;br /&gt;
|अब मैं दिखाऊंगा कि बजट को कैसे डुप्लिकेट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48&lt;br /&gt;
|लेकिन इससे पहले, हमें पहले सीखना होगा कि हमें बजट को डुप्लिकेट क्यों करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
|मान लीजिए कि बजट की राशि और Funds की राशि अगले financial year के लिए समान है।&lt;br /&gt;
उस स्थिति में, हम '' Budget '' को डुप्लिकेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
|यह ज्यादा समय और प्रयास बचाने में '' Library staff  '' की मदद करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:11&lt;br /&gt;
|आगे बढ़ें और Duplicate  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:16&lt;br /&gt;
|एक नया पैज  Duplicate Budget खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:20&lt;br /&gt;
|नई '''Start date''' और '''End date''' प्रविष्ट करें।  मैं अगले साल के  Budget के लिए तारीख प्रविष्ट करूँगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:29&lt;br /&gt;
|'''Start date: '''  '''04/01/2017 (MM/DD/YYYY)'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''End date: ''' '''03/31/2018 (MM/DD/YYYY)'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:43&lt;br /&gt;
|अगला  Description है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:45&lt;br /&gt;
|ध्यान दें-&lt;br /&gt;
Description विवरण ऐसा होना चाहिए कि इसे आसानी से किसी विशेष '' Budget '' के साथ पहचाना जा सके।&lt;br /&gt;
डिफ़ॉल्ट रूप से '' Koha '', पहले प्रविष्ट किए गए विवरण दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
|लेकिन मैं इसका नाम बदलकर '''Spoken Tutorial Library 2017-2018, Phase II.''' कर दूंगा।&lt;br /&gt;
आप अपनी लाइब्रेरी से संबंधित कुछ प्रविष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:14&lt;br /&gt;
|Change amounts by फिल्ड में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:18&lt;br /&gt;
| पिछले वर्ष के Budget से निकाले जाने वाले प्रतिशत को प्रविष्ट करें या उसी राशि को आगे बढ़ाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:28&lt;br /&gt;
|याद रखें, '' 5,00,000 / - '' 'की राशि '''Spoken Tutorial Library.''' के लिए स्वीकृत की गई थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:35&lt;br /&gt;
|इसलिए, मैं 1,00,000/ लेने के लिए  -20% (-20 प्रतिशत) प्रविष्ट करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44&lt;br /&gt;
|अगला फिल्ड '''If amounts changed, round to a multiple of:''' है। मैं इस फिल्ड को खाली छोड दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:53&lt;br /&gt;
|आगे बढ़ते हुए, हमारे पास ''' Mark the original Budget as inactive''' के लिए चेकबॉक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:00&lt;br /&gt;
|ऐसा करने पर, मूल Budgetका अब उपयोग नहीं किया जा सकता है। फिर, मैं इस बॉक्स को खाली छोड़ दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
|अंत में,  '''Set all funds to zero.''' चैकबॉक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
|इस बॉक्स को चेक करें, यदि आप चाहते हैं कि नये Budget का Fund स्ट्रक्चर पिछले Budget  के रूप में हों।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
|लेकिन कृपया ध्यान दें- जब तक आप मैन्युअल रूप से Fund  में राशि प्रविष्ट नहीं करते हैं, तब तक आवंटन की अनुमति नहीं दी जाएगी।  मैं इसे भी खाली छोड़ दूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:34&lt;br /&gt;
|सभी विवरण प्रविष्ट करने के बाद, पैज के नीचे Save changes पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42&lt;br /&gt;
|डुप्लिकेट बजट  '''Spoken Tutorial Library 2017-2018 Phase II '''के लिए प्रविष्ट विवरण '''Budgets administration''' पैज पर दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:54&lt;br /&gt;
| अब सीखते हैं कि Fiscal year  के लिए फंड्स आवंटित कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:59&lt;br /&gt;
|उसी टैबल पर, विशेष Budget Name पर क्लिक करें, जिस पर फंड आवंटित किया जाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06&lt;br /&gt;
|मैं, ''' Spoken Tutorial Library 2016-2017 Phase I.''' पर क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:15&lt;br /&gt;
|एक नया पैज '''Funds for 'Spoken Tutorial Library 2016-2017 Phase I', ''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:24&lt;br /&gt;
|'''Funds for 'Spoken Tutorial Library 2016-2017 Phase I’ के ऊपर,  New पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:36&lt;br /&gt;
|ड्रॉप-डाउन से, '''New fund for Spoken Tutorial Library 2016-2017 Phase I.''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:46&lt;br /&gt;
| खुलने वाले नए पेज में, विवरण भरें जैसे कि:&lt;br /&gt;
'''Fund code: Books'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Fund name: Books fund'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:57&lt;br /&gt;
|Amount  25000 प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
'''Warning at (%): 10'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:05&lt;br /&gt;
|| '''Warning at (amount):''' के लिए,  जैसा कि मैंने पहले ही भर दिया है '''Warning at (%)''', मैं इस फील्ड को छोड़ दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
|मैं  Owner और  Users फिल्ड्स को भी छोड दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:18&lt;br /&gt;
|Library के लिए, ड्रॉप-डाउन से '''Spoken Tutorial Library''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:24&lt;br /&gt;
|मैं ''' Restrict access to: ''' को ऐसे ही छोड दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:29&lt;br /&gt;
|मैं ''' Statistic 1 done on''' और '''Statistic 2 done on:'''को खाली छोड दूंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:37&lt;br /&gt;
|सभी विवरण भरने के बाद, पैज के नीचे, Submit बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:44&lt;br /&gt;
|विशेष लाइब्रेरी से संबंधित सभी '' Fund '' आवंटन विवरण, अब एक सारणीबद्ध रूप में प्रकट होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:52&lt;br /&gt;
|अब आप अपने Koha Superlibrarian अकाउंट से लॉग आउट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:57&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, सबसे पहले सबसे ऊपर दाएँ कोने पर जाएँ,  Spoken Tutorial Library पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
फिर, ड्रॉप-डाउन से  Log out चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:09&lt;br /&gt;
| संक्षेप में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस ट्यूटोरियल में हमने  Budget जोड़ना&lt;br /&gt;
डिप्लिकेट  Budget बनाना और &lt;br /&gt;
Funds निर्धारित करना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:22&lt;br /&gt;
|Budget के लिए नियतकार्य&lt;br /&gt;
50 लाख रुपये के आवंटन के साथ '' 'Financial year' '' '' Budget '' के साथ एक नया '' Budget '' जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:32&lt;br /&gt;
| फंड आवंटन के लिए असाइनमेंट &lt;br /&gt;
'''Non-print material''' के लिए 20 लाख फंड आवंटित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:41&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर वीडियो '' स्पोकन ट्यूटोरियल '' प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:49&lt;br /&gt;
|''स्पोकन ट्यूटोरियल '' परियोजना टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण पत्र देती है।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:57&lt;br /&gt;
| कृपया समय के साथ अपने प्रश्नों को इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:01&lt;br /&gt;
| ''स्पोकन ट्यूटोरियल '' परियोजना को एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:13&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Array-Functions-and-Operations/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Array-Functions-and-Operations/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Array-Functions-and-Operations/Hindi"/>
				<updated>2017-12-23T08:14:03Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 || नमस्कार,  Array Functions and Operations पर स्पोकन ट्यूटोरियल...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार,  Array Functions and Operations पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे  OMShell का उपयोग कैसे करना है, '''array construction functions''' का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
||  '''vectors''' और '''matrices''' पर  arithmetic operations कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:23&lt;br /&gt;
||'''array conversion functions''' का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:27&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' ऊबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04 औऱ  gedit&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
||Windows यूजर्स  gedit के बजाय  Notepad जैसे टैक्स्ट एडिटर का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||  इस ट्यूटोरियल को समझने और इसका अभ्यास करने के लिए, आपको  Modelica में '''function''' और '''array declaration''' का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
||आवश्यक शर्तें हमारे वेबसाइट पर उल्लिखित हैं । कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
|| अब OMShell के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
||OMShell एक इंटरैक्टिव कमांड लाइन टूल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
||यह OpenModelica का भाग है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
||'''OpenModelica compiler' 'को' '' '' '' OMShell '' में टाइप किए गए '' commands'' के जरिए उपयोग किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
||इसे '' 'classes' '' लोड करने और उन्हें सिमुलेट करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
||'' 'Functions' '' को 'OMShell' '' में भी कॉल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
|| अब हम  OMShell को प्रदर्शित करने के लिए '''polynomialEvaluatorUsingVectors''' और '''functionTester''' नामक क्लासेस का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
||पिछले ट्यूटोरियल में इन classes पर चर्चा हुई थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:42&lt;br /&gt;
||इनclasses पर अधिक जानकारी के लिए, कृपया पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:48&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में इस्तेमाल की जाने वाली सभी '' 'commands' '' '''OMShell-commands.txt''' 'नामक फ़ाइल में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:57&lt;br /&gt;
||आप हमारी वेबसाइट पर सभी '' 'code files' '' को लोकेट और डाउनलोड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:03&lt;br /&gt;
||कृपया इन सभी फाइलों को आसान पहुंच के लिए एक डाइरेक्टरी में सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
|| अब OMShell लॉंच करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
||ऊबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम पर OMShell खोलने के लिए, लॉंचर में ऊपरी बाईं ओर  Dash Home पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| सर्च बार में  OMShell टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
||OMShell आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:28&lt;br /&gt;
||Windows में, आपStart मैन्यू में आइकन फाइंड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
||अब, कुछ उपयोगी कमांड्स के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:37&lt;br /&gt;
||पहले, उस स्थान पर जाएँ, जहाँ आपने  OMShell-commands.txt नामक फाइल सेव की है औऱ इसे खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, इस फाइल में इस ट्यूटोरियल से संबंधित सभी कमांड्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
||इसलिए, जब भी आपको समस्या हो तो आप इस फाइल को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57&lt;br /&gt;
||अब मैं  OMShell पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| टाइप करें cd ओपन और क्लोज पैरैंथेसिस ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
||command के निष्पादन के परिणामस्वरूप प्रदर्शित परिणाम प्रदर्शित करने के लिए' '' 'Enter' '' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| यह मौजूदा डाइरेक्टरी के पाथ को प्रिटं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:15&lt;br /&gt;
||अब मौजूदा डाइरेक्टरी का स्थान परिवर्तित करें, जहाँ आपने code files सेव की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:22&lt;br /&gt;
|| मैं अपने सिस्टम पर डाइरेक्टरी बदलता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
||टाइप करें '''cd'''(ओपन और क्लोज पैरैंथेसिस ) (डबल कोट्स में), पाथ निर्दिष्ट करें। एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें,  Windows पाथ  '''forward slash''' और ऊबंटु में  '''backward slash'''  का उपयोग होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
||Windows यूजर्स को इस तथ्य पर ध्यान देना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:51&lt;br /&gt;
|| अब polynomialEvaluatorUsingVectors फंक्शन लोड करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
||टाइप करें  loadFile(पैरैंथेसिस )(डबल कोट्स में)  polynomialEvaluatorUsingVectors.mo&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:11&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, '''loadFile()''' कमांड में  F अपर-कैस है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:16&lt;br /&gt;
||इस कमांड का उपयोग .mo फाइल एक्स्टेंशन के साथ  '''class''' या '''model''' फाइल्स को लोड करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
||अब एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
||यदि फाइल मिलती है तो,  OMShell    true रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
||  अब हम इस फ़ंक्शन को अंतःक्रियात्मक ढंग से कॉल करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
||टाइप करें polynomialEvaluatorUsingVectors 10 के आर्ग्युमेंट के साथ। एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
||यह कमांड '' '10' '' यूनिट्स का इनपुट आर्ग्युमेंट लेती है और परिणाम प्रदर्शित करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| मैं functionTester क्लास लोड करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
||टाइप करें loadFile (ओपन और क्लोज पैरैंथेसिस) (डबल कोट्स में)  functionTester.mo. एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
|| अबfunctionTester क्लास सिमुलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
||टाइप करें simulate (पैरैंथेसिस में)  functionTester (कोमा)  startTime(equals) '''0 stopTime''' (equals) '''1'''. एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
||सिमुलेशन पूर्ण हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||FunctionTester क्लास से वैरिएबल z प्लॉट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
|| टाइप करें '''plot''' (पैरैंथेसिस में) (कर्ली ब्रैसेस में)  '''z'''  और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:50&lt;br /&gt;
||यह कमांड वैरिएबल  '''z''' बनाम '''time''' का प्लॉट बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
||अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| Array construction functions का उपयोग दिए गए आकार के  arrays के निर्माण के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:06&lt;br /&gt;
||अब कुछ '''array construction functions''' पर नजर डालते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
||हम उनका OMShell का उपयोग करके भी अभ्यास करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
||'''fill()''' फंक्शन का उपयोग सभी समान एलिमेंट्स के साथarray को बनाने के लिए किया जाता है। fill के लिए सिंटेक्स दिखाए गए अनुसार होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
||पहला  argument नंबर को दर्शाता है, जो  array को भरता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
||शेष arguments प्रत्येक आयाम के आकार को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:34&lt;br /&gt;
||'''zeros()''' एक फंक्शन है जिसका उपयोग शून्य के साथ एक  array को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। '''zeros()''' फंक्शन के लिए सिंटेक्स प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
||Arguments अरै के प्रत्येक आयाम के आकार को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
||Identity() फंक्शन एक आइडेंटिटि मैट्रिक्स बनाता है। यह एक  argument लेता है जो दोनो आयामों के आकार को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| अब  OMShell का उपयोग करके मैं इन फंक्शन्स का प्रदर्शन करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
||मैं OMShell पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
|| टाइप करें '''fill'''(पैरेंथेसिस में)''' 5''' (कोमा) '''2''' (कोमा) '''2'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:16&lt;br /&gt;
||यह कमांड 5 के साथ इसके सभी एलिमेंट्स के टू बाई टू मैट्रिक्स को बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
||पहला  arguments   array में भरे जाने वाले एलिमेंट को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||2 पहले आयाम के आकार को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||और तीसरा आर्ग्युमेंट 2, दूसरे आयाम के आकार को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:40&lt;br /&gt;
||अब एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
||परिणाम अपेक्षित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
||कर्ली ब्रेसिज़ के एक सेट वाले एलिमेंट्स रॉ दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
||इसलिए इस मैट्रिक्स में दो रॉ और दो कॉलम्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| अब अपने सभी zero एलिमेंट्स के साथ (टू बाई टू) का मैट्रिक्स बनाने के लिए '''zeros() function'''  का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:05&lt;br /&gt;
|| टाइप करें '''zeros''' (पैरैंथिसिस में) '''2''' (कॉमा)  '''2''' और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:13&lt;br /&gt;
||परिणाम अपेक्षित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| अब '''identity function''' का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:19&lt;br /&gt;
||टाइप करें '''identity(3)'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
||यह एक  identity मैट्रिक्स बनाता है जिसका आकार 3 बाई 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| हम  '''arithmetic operations''' भी कर सकते हैं और OMShell में  assignment statements का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
||दो मैट्रिक्स बनाते हैं और उन पर arithmetic operations लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:42&lt;br /&gt;
|| टाइप करें '''a''' (कॉलन) (इक्वल्स) (स्क्वैर ब्रैकेट्स में) '''1''' (कॉमा) '''2''' (सेमिकॉलन) '''3''' (कॉमा) '''4'''. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
||Comma का उपयोग रॉ में एलिमेंट्स अलग करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
||जबकि '''semi-colon''' का उपयोग rows को अलग करने के लिए किया जाता है। अब एटंर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
|| टाइप करें '''b''' (कॉलन) (इक्वल्स) '''identity (2)'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
||यह '''2 by 2 identity'''  मैट्रिक्स बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
|| अब '''a''' और '''b''' पर '''arithmetic operations''' लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:24&lt;br /&gt;
||टाइप करें '''a''' (प्लस) '''b''' और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
||यह मैट्रिक्स एडिशन दर्शात है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:32&lt;br /&gt;
||टाइप करें  '''a''' (asterisk)''' b'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
||यह मैट्रिक्स मल्टिप्लिकेशन करता है। एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
|| टाइप करें '''a''' (dot) (asterisk) '''b''' और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:49&lt;br /&gt;
||यह दो मैट्रिक्स का एलिमेंट-वाइज मल्टिप्लिकेशन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:55&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें, कि  OMShell में उपयोग किए जाने वाले डेटा-टाइप के वैरिएबल्स को परिभाषित करना आवश्यक नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:02&lt;br /&gt;
|| अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| '''Reduction functions'''  input के रूप में  array लेता है और  output के रूप में  scalar देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
||'''min()'''  फंक्शन है जो एक अरै में सबसे छोटी वैल्यू रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
||इसीप्रकार, '''max() function'''  एक अरै में सबसे बडी वैल्यू रिटर्न करता है। '''sum()''' सभी एलिमेंट्स के योग को रिटर्न करता है औऱ '''product()'''  सभी एलिमेंट्स के प्रोडक्ट को रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:33&lt;br /&gt;
|| मैं इन फंक्शन को प्रदर्शित करने के लिए  OMShell पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:38&lt;br /&gt;
|| मैं एक नया मैट्रिक्स बनाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:41&lt;br /&gt;
||'''x (colon)(equals) (within square brackets) 3 (comma) 4 (semicolon) 5 (comma) 6'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:52&lt;br /&gt;
|| x की न्यूनतम वैल्यू प्राप्त करने के लिए '''min (x)''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| अरै x में सबसे बडी वैल्यू प्राप्त करने के लिए '''max (x)''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
|| इसी प्रकार, सभी एलिमेंट्स के योग को प्राप्त करने के लिए 'sum (x)''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  11:15&lt;br /&gt;
|| और व्यक्तिगत एलिमेंट्स मिन अरै ''x''' के प्रो़डक्ट को प्राप्त करने के लिए '''product (x)'' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:23&lt;br /&gt;
|| मैं फिर से स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:27&lt;br /&gt;
|| अब हम अन्य  functions पर चर्चा करते हैं जो इनपुट के रूप में अरै लेते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:33&lt;br /&gt;
||''abs()'''  फंक्शन है जो सभी एलिमेंट्स के '''absolute values''' के साथ एक अरै को रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:40&lt;br /&gt;
||'''size()''' प्रत्येक आयाम के आकार के साथ वेक्टर रिटर्न्स करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
||'ndims()' अरै में आयाम की संख्या को रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हमने  OMShell का उपयोग '''array functions'' को इंटरैक्टिव रूप से प्रदर्शित करने के लिए किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
||ये फंक्शन्स  Modelica लैंग्वैज स्पेसिफिकेशन का भाग हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
||इसलिए, उनका उपयोगOMEdit में classes लिखने के लिए किय जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:11&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के लिए, अरै के लिए '''abs(), '''ndims()''' और '''size() functions''' लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:19&lt;br /&gt;
||दूसरा, हमने  functions के लिए '''two-dimensional array''' या मैट्रिक्स को  argument के रूप में उपयोग किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
||नियत-कार्य के लिए,  '''three-dimensional arrays''' के साथ इन सभी functions को लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:35&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें।&lt;br /&gt;
[http://spoken-tutorial.org/ org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:39&lt;br /&gt;
||यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:42&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया दिए गए वेबपेज पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय पुस्तकों के हल उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिमुलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:06&lt;br /&gt;
|| '' 'स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट' 'को' एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी '' भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:14&lt;br /&gt;
|| हम समर्थन के लिए '' OpenModelica '' की डेवलबमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं। &lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Functions-and-Types/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Functions-and-Types/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Functions-and-Types/Hindi"/>
				<updated>2017-12-12T03:30:36Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- ||00:01 || नमस्कार, '''Functions and Types''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार, '''Functions and Types''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि  function कैसे परिभाषित करना है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
|| algorithm का उपयोग कैसे करना है।  type कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' और ऊबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
||लेकिन, यह प्रक्रिया  '''Windows''', '''Mac OS X''' या  '''FOSSEE OS''' में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:35&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को समझने के लिए, आपको  Modelica में क्लास को परिभाषित करने के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||आपको किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में  functions के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:46&lt;br /&gt;
|| पूर्व-अपेक्षित ट्यूटोरियल का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
||अबfunction के बारे में चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:55&lt;br /&gt;
||Function एक विशिष्ट क्लास है जो इनपुट ले सकता है और आउटपुट रिटर्न कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:01&lt;br /&gt;
||इसमें  algorithm सेक्शन शामिल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
||Function में समीकरण नहीं हो सकते हैं और इसे सिम्युलेट नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| Function का सिंटेक्स दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
||अब  polynomialEvaluator नामक फंक्शन लिखते हैं, जो  x के रूप में इनपुट लेता है और '''f(x) = a x (squared) (plus) b x (plus) c'''  रिटर्न करता है, जहाँ आउटपुट के रूप में  '''a=1, b=2''' और '''c=1'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator फाइल हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40&lt;br /&gt;
|कृपया '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध सभी फाइल्स को डाउनलोड और सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:46&lt;br /&gt;
||polynomialEvaluator फंक्शन को प्रदर्शित करने के लिए,  OMEdit पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:52&lt;br /&gt;
||OMEdit अब Welcome परिप्रेक्ष्य में खुला है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
||आप केवल '' OMEdit '' विंडो का एक भाग देख रहे हैं क्योंकि मैंने इसे ज़ूम इन किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||जब भी आवश्यक हो तब विंडो को स्थानांतरित करके मैं आपको प्रासंगिक भाग दिखाऊंगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:09&lt;br /&gt;
||डाउनलोड फाइल को खोलने के लिए, '''Open Model/Library File'' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:16&lt;br /&gt;
||मैंने सभी फाइल्स को एक फोल्डर में सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:19&lt;br /&gt;
||उन्हें एक साथ चुनें औरopen पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:24&lt;br /&gt;
||यदि आपने इन फाइल्स को अलग-अलग फोल्डर्स में सेव किया है, तो आप इनको अलग-अलग करके खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें, निम्नलिखित  classes या  functions अभी  OMEdit में खुले हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 '''bouncingBallWithUserTypes''' , '''functionTester''' ,'''multipleFunctionTester''',  '''multiplePolynomialEvaluator''' and  '''polynomialEvaluator'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
|| PolynomialEvaluator फंक्शन को खोलने और देखने के लिए,  Libraries Browser में आइकन पर राइट क्लिक करें औऱ ''View Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:02&lt;br /&gt;
||यदि फंक्शन '''Text View''' में नहीं खुलता है, तो इसे  '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| इस फंक्शन का नाम  polynomialEvaluator है जिसकी हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| x    real वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:17&lt;br /&gt;
|| Input एक कीवर्ड है जिसका उपयोगinput वैरिएबल्स को निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:22&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, output एक कीवर्ड है जिसका उपयोग output वैरिएबल्स को निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||fx    real वैरिएबल है जो ''f(x)''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
||कोई भी वैरिएबल या पैरामीटर जो ना तो input और ना ही  output है, protected कीवर्ड का उपयोग करके निर्दिष्ट किया जाता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
|| a 1 की वैल्यू के साथ  real पैरामीटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
|| '''a''', '''b''' और '''c''' की वैल्यू की चर्चा पहले ही स्लाइड्स में की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| कृपया ध्यान दें  '''a''', '''b''' और '''c'''    '''protected''' पैरामीटर्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:59&lt;br /&gt;
||Algorithm    function के  algorithm सेक्शन की शुरूआत को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
||Algorithm सेक्शन में केवल  assignment स्टेटमेंट शामिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:10&lt;br /&gt;
|| यह चिन्ह assignment को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
|| एक assignment स्टेटमेंट में, दाईं ओर की वैल्यू को बाईं ओर असाइन किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| बाईं ओर आमतौर पर एक अज्ञात चीज होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
||इस केस में,  fx   अज्ञात वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| दाईं ओर के एक्सप्रेशन की यहाँ गणना की जा सकती है यदि  x की वैल्यू ज्ञात हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
|| x को आमतौर पर  function के  input आर्ग्युमेंट के रूप में पास किया जाता है, जब भी इसे कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| अब देखते हैं कि '''functionTester''' क्लास का उपयोग करके  function कैसे कॉल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
||functionTester आइकन पहले से ही '''Libraries Browser'''  में दिख रहा है, क्योंकि मैंने इसे पहले ही खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:56&lt;br /&gt;
||इस Class को खोलने के लिए, इसके आइकन पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:01&lt;br /&gt;
||Class खोलने का यह वैकल्पिक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
||आप इसके आइकन पर राइट क्लिक भी कर सकते हैं औऱ '''View Class'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| Z  real वैरिएबल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator फंक्शन को 10 यूनिट्स के  input आर्ग्युमेंट के साथ कॉल किया जाता है और यह  z के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator  की Input वैल्यू (वैरिएबल) जोकि  x  10 यूनिट्स की वैल्यू लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
|| अब इस  class को सिमुलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
||इस class को सिमुलेट करने के लिए, आपको '''Libraries Browser'''  में  functionTester आइकन पर राइट क्लिक करना होगा और  Simulate चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
||क्लास अब सिमुलेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
||आप  class को सिमुलेट करने के लिए टूलबार में  Simulate बटन का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
|| अब मैं आपको '''Plotting perspective''' पूरी तरह से दिखाने के लिए  OMEdit विंडो को बाईं ओर करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
||'''variables browser''' में  z चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, ''z'' की वैल्यू '''x = 10''' पर '''f(x)'''  की वैल्यू के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:12&lt;br /&gt;
||अब मैं  z को अचयनित करें और इस परिणाम को डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
||Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
||ऊपर  polynomialEvaluator टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें  polynomialEvaluator फंक्शन में केवल एक  output वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
||अब मैं आपको दिखाता हूँ कि  function का उपयोग करके दो या अधिक वैरिएबल को कैसे output करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
||मैंने  multiplePolynomialEvaluator नामक  function बनाया है जिसमें दो  output वैरिएबल्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
||Function देखने से पहले, मैं '''PolynomialEvaluator''' और '''FunctionTester''' के टैब्स को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:54&lt;br /&gt;
||क्योंकि  Libraries Browser दिखाई नहीं देता है, मैं विंडो को दाईं ओर ले जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:01&lt;br /&gt;
|| multiplePolynomialEvaluator''', '''multipleFunctionTester''' और '''bouncingBallWithUserTypes''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||विंडो को इसके स्थान पर वापस रख लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
||'''multiplePolynomialEvaluator''' टैब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
||यह  function अतिरिक्त  output वैरिएबल के अलावा  polynomialEvaluator फंक्शन के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
|| एक output वैरिएबल का नाम  gx घोषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:32&lt;br /&gt;
|| gx  को  'a x (squared) (minus) b x (plus) c''' की वैल्यू असाइन की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
||जिस क्रम में '' 'output' '' या '' 'input' '' वेरिएबल्स घोषित किए जाते हैं, वह महत्वपूर्ण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
||हम इसके बारे में अधिक समझेंगे जब हम '' multipleFunctionTester ' क्लास की चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| अब multipleFunctionTester टैब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| '''y''' and '''z''' are declared as '''real''' variables.&lt;br /&gt;
'''y''' और '''z'''   real वैरिएबल के रूप में घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
||multiplePolynomialEvaluator फंक्शन 10 यूनिट्स के input आर्ग्युमेंट के साथ कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:08&lt;br /&gt;
||इसका मतलब है कि multiplePolynomialEvaluator का input वेरिएबल 10 यूनिट्स की वैल्यू लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| ''y''' और '''z'''    '''x = 10''' पर क्रमानुसार '''f(x)''' और '''g(x)''' की वैल्यू लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:26&lt;br /&gt;
||y  आउटपुट वैरिएबल  fx की वैल्यू लेता है, चूँकि  function में  gx घोषित होने से पहले  fx घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
||अब इस class को सिमुलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| Simulate बटन पर क्लिक करें। पॉप-अप विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
||variables browser में '''‘y''' और '''z''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, '''y''' और '''z''' की वैल्यूज  '''x = 10''' पर क्रमानुसार '''f(x)''' और '''g(x)''' के समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:01&lt;br /&gt;
||परिणाम डिलीट करें और  Modeling Perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
||अब, मुझे  '''y''' और '''z''' के क्रम को बदलना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:11&lt;br /&gt;
||'''(y,z)''' डिलीट करें और टाइप  '''(z,y)''' करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
||और '''Ctrl+S''' दबाकर इस क्लास को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
||इसclass को एक बार फिर से सिमुलेट करें। पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:28&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर से  '''variables browser''' में  '''y''' और  '''z''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''y''' और '''z''' की वैल्यूज पिछले केस की तुलना में बदल दिए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
||इस परिणाम को डिलीट करें औऱ Modeling Perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:50&lt;br /&gt;
|| Algorithm प्रक्रियात्मक प्रोग्रामिंग को सक्षम करने के लिए  Modelica syntax element है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
||केवल assignment स्टेटमेंट्स को algorithm सेक्शन में अनुमति है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
||Assignment स्टेटमेंट निम्न सिंबल का उपयोग करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
||Assignment स्टेटमेंट्स में डेटा फ्लो दाईं से बाईं ओर होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
||Modelica में परिभाषित फंक्शन पर कुछ प्रतिबंध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
||फंक्शन में der() का उपयोग अमान्य है। time वैरिएबल के उपयोग की अनुमति नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
||फंक्शन में  when स्टेटमेंट्स के उपयोग की अनुमति नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
||Function में एक से अधिक algorithm सेक्शन नहीं हो सकते हैं और  Models   arguments के रूप में पास नहीं हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| Type    Modelica में कस्टम '''data-types'' को परिभाषित करने के लिए एक विशिष्ट क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, '''velocity''' और '''current'' जैसी भौतिक मात्राओं को  data-types के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
||उनका उपयोग बाद में अन्य वैरिएबल्स को घोषित करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
|| '''unit''' और '''start''' जैसी मॉडिलिका डेटा-टाइप के  Attributes को तदनुसार बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, उपरोक्त मामले में '' velocity '' 'को '''real data type''' के समान ही परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
||लेकिन इसकी इकाई को '''m/s''' में संशोधित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||मैंने टाइप डेफिनिएशन को सिमुलेट करने के लिए  bouncingBallWithUserTypes नामक मॉडल बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
||इसmodel को प्रदर्शित करने के लिए  OMEdit पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
|| bouncingBallWithUserTypes टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:28&lt;br /&gt;
|| यह मॉडल bouncingBall मॉडल के समान है जिसकी चर्चा पिछले ट्यूटोरियल में की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
||bouncingBall मॉडल को समझने के लिए कृपया पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:41&lt;br /&gt;
|| Length को  m के लिए संशोधित अपनी यूनिट के साथ  Real डेटा टाइप के रूप में परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:47&lt;br /&gt;
|| इसीतरह,  Velocity को m/s के लिए संशोधित अपनी यूनिट के साथ  Real के रूप में परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
|| '' 'h' '' पृथ्वी की सतह से गेंद की ऊंचाई को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  11:58&lt;br /&gt;
||इसे length datatype के रूप में परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| इसीतरह  v गेंद की गति को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
||इसे velocity datatype घोषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:09&lt;br /&gt;
|| इस  model के शेष वैरिएबल डिक्लेरेशन्स और समीकरण  bouncingBall मॉडल के समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:18&lt;br /&gt;
||अब इसे simulate करें। पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
||Variables Browser में, ध्यान दें, '' h '' और '' v '' के पास अपने डेटा-टाइप के साथ संबंधित यूनिट्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:34&lt;br /&gt;
||'''variables browser''' में 'h'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
||'''h''' बनाम '''time''' के प्लॉट  bouncingBall मॉडल के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
||h को अचयनित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:46&lt;br /&gt;
||अब स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:49&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में फ़ंक्शंस पर प्रतिबंध और उत्पादित एरर का पालन करने।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:56&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:59&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। '''http://spoken-tutorial.org/ http://spoken-tutorial.org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial'''&lt;br /&gt;
यह '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' '' को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:05&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| यदि आपके इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं। कृपया अधिक जानकारी के लिए वेबसाइटों पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:23&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
||  '' 'स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट' '' एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी '', भारत सरकार द्वारा समर्थित है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:36&lt;br /&gt;
||हम उनके समर्थन के लिए '' OpenModelica '' के डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Icon-and-Diagram-Views/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Icon-and-Diagram-Views/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Icon-and-Diagram-Views/Hindi"/>
				<updated>2017-11-22T14:52:05Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 || नमस्कार, ''Icon and Diagram Views''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल मे...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार, ''Icon and Diagram Views''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि क्लास के '''icon and diagram views''' को कैसे निर्दिष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:14&lt;br /&gt;
||'''Icon/Diagram View''' में '''polygon''' और '''ellipse''' कैसे प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica version 1.9.2'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
||आप इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए निम्नलिखित ऑपरेटिंग सिस्टम्स में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं: '''Linux, Windows, Mac OS X''' या ARM पर '''FOSSEE OS'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए, आपको '' 'Modelica' '' में क्लास की परिभाषा के ज्ञान की आवश्यकता है आपको ज्ञान होना चाहिए कि एनोटेशन को निर्दिष्ट कैसे करते हैं।&lt;br /&gt;
 |-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
||पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
|| '''Icon and Diagram Views''' मॉडल को ग्राफिकली देखने में सक्षम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||'' 'Annotations' 'का उपयोग मॉडल के '''Icon and Diagram Views''' को निर्दिष्ट करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09&lt;br /&gt;
||'' 'Icon View' '' को ''Icon Annotation' '' '' का उपयोग करके निर्दिष्ट किया गया है जबकि '' 'Diagram View' '' को '' Diagram Annotation '' 'का उपयोग करके निर्दिष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||वे '''component-oriented modeling''' के लिए ड्रैग और ड्रोप कार्यक्षमता को सक्षम करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:25&lt;br /&gt;
||हम आने वाले ट्यूटोरियल में इस फीचर्स के बारे में अधिक चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:30&lt;br /&gt;
|| अब, '''Icon and Diagram Annotations''' के सिंटैक्स को समझने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:37&lt;br /&gt;
||जैसा कि हमने पिछले ट्यूटोरियल में देखा है, '' annotations '' को' '' 'records' 'के रूप में बेहतर समझा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:44&lt;br /&gt;
||इसलिए, Icon and Diagram annotations को coordinateSystem के साथ  records के रूप में और फिल्ड्स के रूप में  graphics माना  जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:55&lt;br /&gt;
||हम उनमें से प्रत्येक को व्यक्तिगत रूप से देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| coordinateSystem को निम्नलिखित फिल्ड्स के साथ  record के रूप में माना जा सकता है:  '''extent''', '''initialScale''',  '''preserveAspectRatio''' और  '''grid'''. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||हम एक उदाहरण के माध्यम से उन्हें समझेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
||यहाँ ''Icon/Diagram Annotation'' के सिंटैक्स को प्रदर्शित करने वाला एक उदाहरण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
|| अब मैं  OMEdit पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
||हम '''icon and diagram annotations'''  को  bouncingBallWithAnnotations नामक उदाहरण के माध्यम से समझेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
||कृपया इस फाइल को हमारी वेबसाइट से डाउनलोड करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
||इस मॉडल का पिछले ट्यूटोरियल में उपयोग किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
||कृपया इस मॉडल के बारे में अधिक जानकारी के लिए पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:48&lt;br /&gt;
||मैंने OMEdit  में पहले ही bouncingBallWithAnnotations खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
||'''Libraries Browser''' में इसके आइकन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| मॉडल '''Icon View''' में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
||Icon View पर जाएँ, यदि यह '''Diagram''' या  '''Text View''' में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| बेहतर दृश्यता के लिए मैं '' OMEdit '' विंडो को बाईं ओर स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| आप इस मॉडल के '' 'Icon View' '' में सफेद पृष्ठभूमि पर एक वृत्त देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:21&lt;br /&gt;
||मैं canvas के रूप में '' Icon View '' में सफेद स्थान की चर्चा कर रहा हूं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '' 'canvas' '' ग्रिड में विभाजित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
||पहले हम सीखेंगे कि canvas के प्रॉप्रटीज को कैसे मैनिपुलेट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
||फिर हम सीखेंगे कि '''circle''' और '''polygon''' कैसे प्रविष्ट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:43&lt;br /&gt;
||Circle के बगल में कैनवास पर राइट क्लिक करें।  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:51&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स पॉप अप प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
||ध्यान दें यहाँ '''Extent''',  '''Grid''' और  '''Component''' नामक श्रेणियां हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
|| Extent   canvas की सीमा का प्रतीक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
|| '''Left''' और '''Top''' नाम वाले फिल्ड  canvas के शीर्ष बाएँ कोने के निर्देशांक से मेल खाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
||Left क्षैतिज निर्देशांक से मेल खाता है और  Top ऊर्ध्वाधर निर्देशांक से मेल खाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, '' Bottom '' '' और '' Right '' 'canvas' 'के निचले दाहिने कोने के निर्देशांक के अनुरूप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| अब,  Left फिल्ड को -200 यूनिट्स में बदलें। Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:41&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें, कैनवास 100 यूनिट्स द्वारा विस्तारित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर से कैनवास पर राइट क्लिक करें और  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
|| '' 'Grid' '' ग्रिड के आकार का प्रतीक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, '''extent''' और '''grid''' के यूनिट्स '''Scale Factor''' से भिन्न होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:04&lt;br /&gt;
||ग्रिड में क्षैतिज फ़ील्ड को 4 यूनिट्स में बदलें।  OK  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '' canvas '' 'में ग्रिड का आकार बढ़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:16&lt;br /&gt;
|| '''Icon View ''' की इन प्रॉप्रटीज को भी '''Text View''' में 'Icon annotation'' का उपयोग करके मैनिपुलेट किया जा सकात है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '' Icon View' 'में कोई भी परिवर्तन तदनुसार' 'Icon annotation' 'में दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| इसे समझने की कोशिश करते हैं।  modeling भाग के शीर्ष पर जाएँ और '''Text View'' पर क्लिक करें। थोडा सा नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| CoordinateSystem, जैसे हमने स्लाइड्स में देखा,  Icon एनोटेशन में एक फिल्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:50&lt;br /&gt;
|| extent  coordinateSystem में फिल्ड है। इसमें संख्याओं के दो युग्म हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
||हमने पहले से ही देखा है कि Properties डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके  extent  कैसे मैनिपुलेट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
||संख्याओं का पहला युग्म '''{-200,-100}''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:09&lt;br /&gt;
|| इस युग्म की पहली संख्या '' -200 '' 'है जो कैनवास के ऊपरी बाएं कोने के क्षैतिज निर्देशांक को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, '' -100 '' 'उसी बिंदु के ऊर्ध्वाधर निर्देशांक को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| दूसरा युग्म सफेद स्थान के नीचे दायें कोने के निर्देशांक का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि ये चार संख्याएँ ''top, bottom, left''' और '''right'' फिल्ड्स के अनुरूप हैं, हमने  Properties डायलॉग बॉक्स में देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| अब, '''Icon View''' के Properties डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके extent परिवर्तित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:52&lt;br /&gt;
||फिर हम देखेंगे कि क्या यह  Text View के  annotation में तदनुसार परिवर्तित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| मैं '''Icon View''' पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर राइट क्लिक करें और  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
|| Left फिल्ड को -150.00 परिवर्तित करें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
|| '''Text View'' पर क्लिक करें। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि extent में निर्देशांक का पहला युग्म'' '-200, -100}' 'से  '' {-150, -100} ''  में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||यह हमारे द्वारा Properties डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके '' Icon View '' में किए गए बदलाव के कारण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
||इसलिए, '' Icon annotation '' में कोई भी बदलाव '' Icon View '' और इसके विपरीत में एक समान परिवर्तन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
||  '' coordinateSystem '' जैसे '' ScaleFactor '' के अन्य फिल्ड्स की चर्चा इस ट्यूटोरियल के दायरे से परे है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| हमने पहले ही इसके एलिमेंट्स के रूप में  '''coordinateSystem''' और '''graphics'''      Icon एनोटेशन की चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
||graphics record में निम्नलिखित चीजें हो सकती हैं:'''Line''' , '''Rectangle''' , '''Ellipse''' , '''Polygon''', '''Text''' और  '''Bitmap'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
||अब, हम चर्चा करेंगे कि इन आइट्म्स को ''Icon and Diagram views'' में कैसे प्रविष्ट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
|| मैं OMEdit पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| हम इन एनोटेशन को तीन चरण में सीखेंगे।  bouncingBallWithAnnotations में पहले से ही एक  circle है जो इसके '''Icon View''' में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
||Circle को  Ellipse एनोटेशन के जरिए प्राप्त किया जाता है। पहले इसकी प्रॉपर्टीज को बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें  Ellipse को सम्मिलित किया गया है और इसकी प्रॉप्रटीज आइकन एनोटेशन के ग्राफिकल फिल्ड में निर्दिष्ट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:59&lt;br /&gt;
||मैं '''Icon View''' पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:02&lt;br /&gt;
|| circle  में नीले स्थान पर राइट क्लिक करें। Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| OriginX    ellipse के केंद्र का क्षैतिज निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
||इसीतरह,  OriginY    ellipse के केंद्र का ऊर्ध्वाधर निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
|| Extent1X    ellipse पर सबसे बाएँ बिंदु  का क्षैतिज निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
||Extent1Y    ellipse पर सबसे शीर्ष बिंदु  का ऊर्ध्वाधर निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| इसीतरह,  '''Extent2X''' और '''Extent2Y'''    ellipse पर सबसे दाएँ और सबसे नीचे बिंदु के अनुरूप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
||'' 'Line Style' '' का उपयोग बॉर्डर लाइन के प्रॉपर्टीज को बदलने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| '''Line Style''' के नीचे  Color पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:57&lt;br /&gt;
||यह आपको बॉर्डर का रंग बदलने की अनुमति देता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
||मैं रेड चुनता हूँ और OK पर क्लिक करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:05&lt;br /&gt;
||  '''Line Style''' में  Pattern ड्रॉप-डाउन मेन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
||यह आपको बॉर्डर के पैटर्न को बदलने की अनुमति देता है। मैंने  solid line चुना ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
|| Thickness फिल्ड बॉर्डर की मोटाई निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:21&lt;br /&gt;
||इसे '''0.5''' यूनिट में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
|| लाल रंग के बॉर्डर में परिवर्तन और मोटाई में वृद्धि पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|| अब एक बार फिर से सर्कल पर राइट क्लिक करें और  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| '''Fill Style''' में  Color पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| ''Color Palette'' में  Black चुनें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
||यह रंग '' 'ellipse' '' के इंटीरियर में रंग भरने के लिए रंग का दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
|| अब  Fill Pattern ड्रॉप-डाउन मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
||FillPattern.Horizontal चुनें और  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि रंग काला हो गया और पैटर्न को ठोस से क्षैतिज रेखाओं में बदल गया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
|| Ellipse एनोटेसन को समझने के लिए '''Text View''' पर जाएँ। '''Text View''' पर क्लिक करें। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||LineColor तीन संख्या लेता है जो कि बॉर्डर के रंग को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
||इनमें से प्रत्येक संख्या  '' '0' 'और' '255' 'के बीच वैल्यू ले सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
||वे रंग के '' 'RGB' 'तीव्रता के अनुरूप हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
|| '' 'fillPattern' 'इंटीरियर में भरे जाने वाले पैटर्न को निर्दिष्ट करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
|| '' extent '' ' '' 'coordinateSystem' के' extent'' '' फिल्ड के संदर्भ में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
||LineThickness बॉर्डर की मोटाई को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि इन सभी फिल्ड्स को '' 'Properties' '' डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके बदला जा सकता है जैसा हमने पहले ही देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:10&lt;br /&gt;
||अब मैं टूलबार का उपयोग करके नए  ellipse बनाने के लिए  Icon View पर जाता हूँ।'''Icon View''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:19&lt;br /&gt;
|| मैं कुछ जगह खाली करने के लिए मौजूदा '' 'सर्कल' को फिर से व्यवस्थित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| Circle पर राइट-क्लिक करें और  properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| Extent2Y को 0 यूनिट में परिवर्तित करें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:35&lt;br /&gt;
|| अब नए ellipse को प्रविष्ट करने के लिए, टूलबार में  Ellipse बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:42&lt;br /&gt;
|| Canvas में कहीं लेफ्ट क्लिक करें और माउस को पकड कर खींचे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:50&lt;br /&gt;
||ellipse  बनने के बाद माउस छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| ellipse पर राइट क्लिक करें और अपने पसंद की प्रॉप्रटीज बदलने के लिए  Properties चुनें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, आप Tool Bar का उपयोग करके '''Line, Polygon, Rectangle''' और '''Text''' प्रविष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:13&lt;br /&gt;
|| अब, मैं Diagram View को समझाता हूँ।  Diagram View पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि एक लाइन यहां प्रविष्ट है इस लाइन की प्रॉप्रटीज को '' '' Diagram '' एनोटेशन में निर्दिष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| Diagram एनोटेशन को समझने के लिए '''Text View''' पर जाएँ। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:35&lt;br /&gt;
|| Diagram एनोटेशन इसके सिंटैक्स में Icon एनोटेशन के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
||इसमें इसके कंपोनेंट रिकॉर्ड के रूप में '''coordinateSystem''' और '''graphics'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:47&lt;br /&gt;
|| Diagram View में प्रविष्ट ' 'Line'  की प्रॉप्रटीज को यहां निर्दिष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:53&lt;br /&gt;
||'' Line '' 'एनोटेशन के फिल्ड्स को आसानी से समझा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:58&lt;br /&gt;
||अब, हम '''Icon और Diagram Views''' के बीच अंतर को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:04&lt;br /&gt;
|| मैं '' OMEdit '' विंडो को दाईं ओर स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:09&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + S''' दबाकर मॉडल सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:13&lt;br /&gt;
|| '' Icon View '' 'में दिखाए गए आंकड़े' '' Libraries Browser '' में एक आइकन के रूप में दिखाई देते हैं, जैसा कि यहां देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:22&lt;br /&gt;
|| जबकि '' 'Diagram View' '' component-oriented modeling '' 'में काफी प्रयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:29&lt;br /&gt;
||हम आने वाले ट्यूटोरियल में '' 'component-oriented modeling' 'के बारे में अधिक सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:35&lt;br /&gt;
|| अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:39&lt;br /&gt;
|| '' 'Ellipse' 'में निम्नलिखित फ़ील्ड हैं जिनकी हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:44&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में, मॉडल के '' Icon View '' में एक '''line, polygon, rectangle''' और '''text'''  प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:53&lt;br /&gt;
||उनकी प्रॉप्रटीज को संशोधित करें और उनके एनोटेशन को समझें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:58&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:02&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:08&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:14&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:20&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय पुस्तकों के हल उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं। कृपया दिखाए गए वेबसाइट पर जाएँ&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:28&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में मदद करते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:33&lt;br /&gt;
||कृपया हमारे लैब माइग्रैशन प्रोजेक्ट पर अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:39&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||15:46&lt;br /&gt;
|| हम समर्थन के लिए '' OpenModelica '' की डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं। यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है । हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Modelica-Packages/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Modelica-Packages/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Modelica-Packages/Hindi"/>
				<updated>2017-11-18T05:41:17Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;  {| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 || '''Packages''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वाग...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Packages''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:05&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखने जा रहे हैं- '''Modelica''' में '''classes''' का एक '''package''' कैसे बनाएँ।&lt;br /&gt;
.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||एक '''package''' में '''classes'' को कैसे रिफरेंस करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:16&lt;br /&gt;
|| एक '''package''' को कैसे इम्पोर्ट करना है और '''Modelica Library''' को कैसे प्रयोग करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:22&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ : '''OpenModelica 1.9.2''' और '''Ubuntu'''  ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन '''14.04''' और '''gedit'''।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35&lt;br /&gt;
||'''Windows''' के उपयोगकर्ता  '''gedit''' की जगह '''Notepad''' या किसी अन्य दूसरे टेक्स्ट एडिटर का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:42&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए, आपको '''Modelica''' में '''class'' और '''type definition''' के बारे में जानकारी होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियलों के बारे में हमारे वेबसाइट पर बताया गया है। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
|| एक '''Package''' '''Modelica''' में एक विशेष '''class''' होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:01&lt;br /&gt;
|| यह '''classes'' का एक संग्रह होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
|| इसे एक '''single file''' या एक '''directory''' के रूप में स्टोर किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले हम '''single file storage''' के बारे सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:12&lt;br /&gt;
|| '''single file storage''' में एक '''package''' से संबंधित सभी '''classes''' एक '''single file''' में लिखे जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:20&lt;br /&gt;
|| इसकी अनुशंसा नहीं की जाती है, क्योंकि कुछ मामलों में यह बहुत लंबा हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
|| अब एक '''package''' के लिए '''single file storage''' को प्रदर्शित के लिए '''OMEdit''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:31&lt;br /&gt;
|| कृपया हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध सभी फाइलों को डाउनलोड और सेव कर लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि, वहाँ '''spokenTutorialExamples''' नाम की एक फाइल और एक फोल्डर है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
|| कृपया उन दोनों को डाउनलोड कर लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| अब, हम '''OMEdit'' में आवश्यक फाइलों को खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:51&lt;br /&gt;
||'''Ctrl + O''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
|| अपने सिस्टम पर सही लोकेशन पर जाएं और सेलेक्ट करें, '''spokenTutorialExamples.mo''',&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
|| '''bouncingBallWithUserTypes.mo''' और  '''bouncingBallWithImport'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| आप उनमें से हर एक को एक-एक करके भी ओपन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि मैंने '''spokenTutorialExamples''' फोल्डर को सेलेक्ट नहीं किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| हम इसके बारे में विस्तार से चर्चा तब करेंगे जब हम डायरेक्टरी स्टोरेज पर जाएंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
|| '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि '''spokenTutorialExamples''' पैकेज अब '''Libraries Browser''' में दिख रहा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' आइकॉन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:37&lt;br /&gt;
|| यदि फाइल '''Icon/Diagram View''' में खुलती है तो '''Text View''' पर स्विच करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
|| आइए, अब '''spokenTutorialExamples''' पर चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| पहली लाइन एक '''package''' के नाम को परिभाषित करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
|| स्पष्ट रूप से, इस पैकेज का नाम '''spokenTutorialExamples''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
|| इस पैकेज में  '''freefall class'''  '''bouncingBall''' मॉडल और '''bouncingBallWithUserTypes''' मॉडल होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| '''end statement''' पैकेज के समाप्ति को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| हमने इस पैकेज के सभी '''classes''' और '''models'' को एक जगह देख लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:19&lt;br /&gt;
|| अब, हमें सीखते हैं कि, एक पैकेज में कैसे एक-एक करके ''classes'' को देखना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:24&lt;br /&gt;
|| '''Libraries Browser''' में '''spokenTutorialExamples''' के साथ ही (+) बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| यह पैकेज में मौजूद '''classes''' के नामों को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| '''Libraries Browser''' में '''freeFall''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
|| अब '''freeFall class''' खुल गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
|| एक पैकेज का हर एक '''classes''' सिमुलेटेड हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
|| लेकिन अपने आप में पैकेज सिमुलेटेड नहीं हो सकता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| अब '''spokenTutorialExamples''' टैब पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, '''Simulate''' बटन टूलबॉर में नहीं प्रदर्शित होता, जो दर्शाता है कि, पैकेज सिमुलेटेड नहीं हो सकता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| अब, मैं OMEdit से '''spokenTutorialExamples''' को अनलोड करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
||राइट-क्लिक करें और '''unload''' सलेक्ट करें। '''Yes''' सलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
|| डायरेक्टरी स्टोरेज को प्रदर्शित करते समय, कनफ्लिक्ट को टालने के लिए, यह किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| अब, स्लाइडों पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| '''Directory storage classes''' अलग-अलग फाइलों में स्टोर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
||डायरेक्टरी का नाम वही है, जो पैकेज का है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
||'''package.mo''' नामक फाइल को डायरेक्टरी में शामिल करना है और प्रत्येक '''class''' एक '''within statement''' से शुरू होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| अब, मैं फोल्डर '''spokenTutorialExamples''' को प्रदर्शित करता हूँ, जिसे आपने डाउनलोड किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि यह फोल्डर उसी पैकेज को दर्शाता है, जिसकी चर्चा हम पहले ही कर चुके हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:02&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर के फाइल स्ट्रक्चर को देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
|| उस लोकेशन पर जाएँ जहाँ आपने अपने सिस्टम पर फाइलों को सेव और डाउनलोड किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' फ़ोल्डर पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, फ़ोल्डर में ये फ़ाइलें हैं :   '''package.mo''',  '''freeFall.mo''', '''bouncingBallWithUserTypes''' और  '''bouncingBall'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| हम लोग डायरेक्टरी स्टोरेज के बारे और अधिक, '''OMEdit''' और  '''gedit''' इन दोनों के उपयोग से जानेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:38&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, '''package.mo''' ये दर्शाता है कि यह फ़ोल्डर एक पैकेज को रिप्रेजेंट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| बिना इस फ़ाइल के, फोल्डर '''Modelica package''' को रिप्रेजेंट नहीं करता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| डायरेक्टरी स्टोरेज को प्रदर्शित करने के लिए अब हम '''OMEdit''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + O''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:59&lt;br /&gt;
||'''spokenTutorialExamples''' फोल्डर को नेविगेट करें, जिसे आपने डाउनलोड किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर से '''package.mo'''  सेलेक्ट करें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:11&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' पैकेज को अब '''Libraries Browser''' में देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' आइकॉन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| अगर खुलता है तो पैकेज को '''Text View''' में खोलें, नहीं तो '''Icon/Diagram View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:27&lt;br /&gt;
|| यदि आप नीचे स्क्रॉल करते हैं, तो देख सकते हैं कि यह पैकेज ठीक वैसे ही है जैसा हमने '''single file storage''' में देखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| सिंगल फाइल और डायरेक्टरी के बीच का अंतर तभी समझा जा सकता है, जब हम इस '''package''' को '''gedit'' जैसे टेक्स्ट एडिटर का उपयोग करके खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| यदि आप '''Windows''' का प्रयोग कर रहे हैं, तो आप '''Notepad'' या किसी अन्य टेक्स्ट एडिटर का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| अब, मैं 'OMEdit''' से '''spokenTutorialExamples''' पैकेज को अनलोड करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:59&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples'' पर स्विच करें और सभी फाइलों को '''gedit''' का उपयोग करके खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
|| अब सभी फाइलें '''gedit'' में खुली हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| अब सबसे पहले '''package.mo''' पर एक नजर डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| '''within statement''' दर्शाता है कि यह फाइल एक '''package''' को रिप्रेजेंट करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
|| इस पैकेज का नाम '''spokenTutorialExamples''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:25&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, फोल्डर का नाम भी '''spokenTutorialExamples''' ही था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:31&lt;br /&gt;
|| '''package.mo''' फाइल में केवल '''within statement''' और '''package''' डेक्लरेशन हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| अब '''freeFall''' टैब पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| यह '''within statement''' दर्शाता है कि '''freefall class''' '''spokenTutorialExamples'' पैकेज से संबंधित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| इस फाइल के शेष भाग में '''freeFall class''' से संबंधित विशेष जानकारी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि, इस पैकेज में दूसरे मॉडल, नामतः '''bouncingBallWithUserTypes''' और '''bouncingBall''', इसी प्रकार की समान सिंटेक्स का अनुसरण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| लेकिन, जब हमने पैकेज को '''OMEdit''' में खोला तो हमने '''within statement''' को ऑब्जर्व नहीं किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| यह दर्शाता है कि '''within statement''', फाइल स्ट्रक्चर की पहचान करने में '''OMEdit''' की सहायता करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| इसलिए, '''package''' का प्रदर्शन करते समय, यह '''OMEdit''' द्वारा छोड़ दिया गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:22&lt;br /&gt;
|| आइए, स्लाइडों पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
|| अब हम '''Modelica Library''' के बारे में और अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
||'''Modelica Library''' एक ओपन सोर्स पैकेज है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
||'''OMEdit''' स्वतः ही इसे हर सेसन के लिए लोड करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| इसे '''Libraries Browser''' में देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
||'''mechanical, electrical''' और '''thermal''' डोमेन से इसमें '''classes''' हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| इस लाइब्रेरी के '''classes''' को संदर्भित और उपयोग किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
|| '''Modelica Library''' का प्रदर्शन करने के लिए अब हम '''OMEdit''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| '''Libraries Browser''' में '''Modelica'' आइकॉन को खोजे और उसे एक्सपैंड करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:03&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, '''Modelica Library''' में '''Blocks, Complex Blocks''' आदि नाम के पैकेज हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि, एक पैकेज में और पैकेज भी हो सकते हैं, जैसा कि यहाँ प्रमाण है। विशेष रूप से, यह '''SIunits''' पैकेज है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
|| इसे एक्सपैंड करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| इस पैकेज में '''Angle, Length, Position''' इत्यादि जैसे भौतिक परिमाणों के लिए प्रकार निर्धारण हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:32&lt;br /&gt;
|| हम देखेंगे कि, किस तरह से '''bouncingBallWithImport class''' के उपयोग से इस प्रकार के निर्धारणों का उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
|| '''SIunits''' को कॉम्प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
|| और '''bouncingBallWithImport''' तथा '''bouncingBallWithUserTypes''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:49&lt;br /&gt;
|| अच्छे से दिखने के लिए, मैं '''OMEdit''' विंडो को बायीं तरफ शिफ्ट करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:55&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले हम '''bouncingBallWithUserTypes''' पर नजर डालेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
|| हम पहले ही अपेक्षित ट्यूटोरिलयों में इस मॉडल के बारे में सीख चुके हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:03&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल में '''Length''' और '''Velocity''' नामक प्रकार निर्धारण हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| हर मॉडल में उन्हें अलग से निर्धारित करने के बजाय हम '''SIunits''' में प्रकार निर्धारण का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:18&lt;br /&gt;
|| हम देखेंगे कि '''bouncingBallWithImport''' मॉडल का प्रयोग करके, इसे कैसे करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| अब '''bouncingBallWithImport''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:27&lt;br /&gt;
|| एक पैकेज में '''class''' '''dot''' के उपयोग से संदर्भित किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:32&lt;br /&gt;
||'''Modelica.SIunits''' '''SIunits''' पैकेज को रेफर करता है, जो '''Modelica''' लाइब्रेरी से संबंधित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:39&lt;br /&gt;
|| वेरिएबल '''h''' को '''Length'' टाइप घोषित करना है, जो कि '''SIunits''' पैकेज में निर्धारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:47&lt;br /&gt;
|| इसी प्रकार, वेरिएबल '''v''' को '''Velocity''' टाइप घोषित करना है जो कि '''SIunits''' पैकेज में निर्धारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, पैरामीटर '''radius''' और  '''g''' को भी उसी तरह से घोषित किया जाना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:03&lt;br /&gt;
|| अब, इस मॉडल को '''Simulate''' करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
|| टूलबॉर में '''Simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
|| पॉप अप विंडो को क्लोज करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:13&lt;br /&gt;
||'''Variables Browser''' में '''h''' को सेलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:17&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, प्राप्त प्लॉट, वैसा ही है, जैसा कि '''bouncingBallWithUserTypes''' के मामले में देखा गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
|| अब '''h''' को डीसेलेक्ट करते हैं। परिणाम को डिलीट करते हैं। '''Modeling''' पर्स्पेक्टिव पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:33&lt;br /&gt;
|| हर बार, किसी क्लास का पूरा नाम लेना उबाऊ है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| इसे '''import statement''' का उपयोग करके आसान किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| अब, हम कुछ '''statements''' को टाइप करेंगे जो '''import''' के प्रयोग को दिखाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| टाइप किए जाने वाले '''statements''', '''import-statements.txt''' नामक टेक्स्ट फाइल में दिए गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
|| उस लोकेशन पर जाएँ, जहाँ आपने इसे अपने सिस्टम पर सेव किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
|| '''import-statements.txt''' पर डबल क्लिक करें। इस फाइल को खोलने के लिए '''Windows''' उपयोगकर्ता '''Notepad''' का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:11&lt;br /&gt;
|| फाइल अब '''gedit''' में खुल गई है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl+C''' के उपयोग से या राइट-क्लिक के द्वारा सभी स्टेटमेंट्स को कॉपी करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' पर स्विच करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:23&lt;br /&gt;
||मॉडल के प्रारंभ में सभी '''statements''' को पेस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
|| '''Length''' और '''Velocity''' के लिए '''declaration statements''' को डिलिट करें, जिसे पहले निर्धारित किया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
||अतिरिक्त स्पेस को डिलिट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:39&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + S''' को प्रेस करके इस मॉडल को सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
||अब मॉडल पूर्ण हो गया है और सिमुलेशन के लिए तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| इसे सिमुलेट करने के लिए '''Simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
||पॉप अप विंडो को क्लोज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| '''Variables Browser''' में '''h''' को सलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:58&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि, पहले वाले मामले के अनुसार ही प्लॉट समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:03&lt;br /&gt;
|| '''h''' को डी-सलेक्ट करें और परिणाम को डिलिट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:07&lt;br /&gt;
|| '''Modeling''' पर्स्पेक्टिव पर स्विच करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:10&lt;br /&gt;
|| अब, '''import''' statements को समझने की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| '''import statements''' के उपयोग से, यहाँ बताए गए पॉथ के उपयोग से '''Modelica''', '''Length''' और '''Velocity''' प्रकार निर्धारणों का अवलोकन करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:25&lt;br /&gt;
|| इससे हर बार पैकेज को संदर्भित करने की परेशानी से बचा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:30&lt;br /&gt;
|| '''lookup rules''' की एक विस्तृत चर्चा, इस ट्यूटोरियल के दायरे से बाहर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:36&lt;br /&gt;
|| अब, हम देखते हैं कि हम कैसे एक सिंगल '''import statement''' के द्वारा इन दो '''import statements'''को रिप्लेस कर सकते हैं। दो '''statements''' को डिलिट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:47&lt;br /&gt;
|| और '''import (space) Modelica (dot) SIunits (dot) asterisk (semicolon)''' टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:58&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + S''' प्रेस करके इस मॉडल को सेव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:02&lt;br /&gt;
|| यह '''statement''' '''wild-card import''' के नाम से जाना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:06&lt;br /&gt;
||इस तरह से, स्पष्ट रूप से इसे बताए बिना, '''SIunits''' से कोई भी '''class''' एक्सेस किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:14&lt;br /&gt;
|| अब इस मॉडल को '''Simulate''' करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:17&lt;br /&gt;
|| '''Simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:20&lt;br /&gt;
||पॉप अप विंडो क्लोज करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:22&lt;br /&gt;
|| '''Variables Browser''' में '''h''' सलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:25&lt;br /&gt;
|| आप एक बार फिर प्लॉट की समानता देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:29&lt;br /&gt;
|| '''h''' को डी-सलेक्ट करें और परिणाम डिलिट कर दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:32&lt;br /&gt;
|| '''Modeling perspective''' में वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:35&lt;br /&gt;
|| अब, स्लाइडों पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:38&lt;br /&gt;
|| एक असाइनमेंट के रूप में,  क्रमशः '''Length''' और '''Velocity''' के रूप में '''freeFall class'' के घोषित वैरियवल '''h''' और '''v''' को टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:47&lt;br /&gt;
|| इन टाइप निर्धारणों को '''Modelica''' लाइब्रेरी के '''SIunits''' पैकेज में पाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:54&lt;br /&gt;
|| अब, हम इस ट्यूटोरिलय की समाप्ति पर पहुँच गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:58&lt;br /&gt;
|| नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें : ][http://spoken-tutorial.org/ org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:02&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:05&lt;br /&gt;
||अगर आपको इस '''Spoken Tutorial''' से संबंधित कोई प्रश्न पूछना है, तो कृपया दी गई वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||15:11&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय पुस्तकों के हल किए हुए उदाहरणों की कोडिंग का समन्वय करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:15&lt;br /&gt;
|| हम योगदानकर्ताओं को पारिश्रमिक देते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:21&lt;br /&gt;
|| हम कामर्शियल सिम्युलेटरों से लैब्स को '''OpenModelica''' पर माइग्रेट करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:26&lt;br /&gt;
|| कृपया, निम्न वेबसाइट देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:29&lt;br /&gt;
|| '''Spoken Tutorial Project''' '''NMEICT, MHRD''', भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:36&lt;br /&gt;
|| हम '''OpenModelica''' के टीम के प्रति, उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:41&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में आने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करती हूँ। नमस्कार।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi"/>
				<updated>2017-11-18T05:38:20Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''  |- || 00:01 | | '''OMEdit''' का परिचय, के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' का परिचय, के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:07&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हम '''OpenModelica''' और '''OMEdit''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:15&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' खोलें, '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' सिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:23&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं '''OpenModelica version 1.9.5''' और '''Ubuntu Linux OS 14.04''' का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:36&lt;br /&gt;
|| लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रोसेस, अन्य OS, जैसे कि '''Windows''', '''Mac OS X''' या '''ARM''' पर '''FOSSEE OS''' के समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:48&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको डिफरेंशियल और बीजगणितीय समीकरणों का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:55&lt;br /&gt;
|| '''OpenModelica''' क्या है? OpenModelica एक ओपन-सोर्स मॉडलिंग और सिम्युलेशन इनवायरमेंट है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:03&lt;br /&gt;
|| कॉम्पलेक्स सिस्टमों के लिए ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड, मल्टी-डोमेन मॉडलिंग लैंग्वेज़।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
|| औद्योगिक और शैक्षणिक दोनों उद्देश्यों के लिए अभिप्रेत (इंटेंडेड) है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
|| आइए, सबसे पहले देखते हैं कि '''OMEdit''' क्या होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||'''OMEdit''', '''OpenModelica Connection Editor''' का संक्षिप्त रूप है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:24&lt;br /&gt;
|| ग्राफ़िकल मॉडल के लिए, यह एक नया '''Graphical User Interface''' है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:29&lt;br /&gt;
|| मॉडलों को बनाने एवं संशोधित करने के लिए इसमें कई विशेषताएँ हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:34&lt;br /&gt;
| | अब हमें '''OMEdit''' विंडो पर जाना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||मैंने पहले ही अपने सिस्टम में '''OMEdit''' इंस्टॉल कर लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:43&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' विंडो खोलने के लिए, '''Dash Home''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:47&lt;br /&gt;
| | सर्च बॉर में, '''OMEdit''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:51&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' आइकॉन पर क्लिक करें, जो प्रदर्शित हो रहा है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:55&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' आइकॉन पर क्लिक करने पर, हमें '''Welcome perspective''' विंडो दिखता है। इसमें '''Recent Files''' और '''Latest News''' की एक सूची दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit '''window''' के बाईं ओर, हमें '''Libraries Browser''' दिखता है। यहाँ हम लाइब्रेरियों की एक सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:15&lt;br /&gt;
| | आइए, '''Modelica''' library को विस्तारित (एक्सपांड) करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||इसे करने के लिए, '''Modelica''' library की बाईं ओर ऐरो हेड पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||यहाँ हम उपलब्ध लाइब्रेरियों की सूची देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:28&lt;br /&gt;
| | '''Thermal''' library के बाएँ, ऐरो हेड पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:31&lt;br /&gt;
|| '''Thermal''' के अंदर, हम '''HeatTransfer''' library पाते हैं। इसे विस्तारित (एक्सपांड) करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:37&lt;br /&gt;
| | एकबार फिर, हमें कई अलग-अलग प्रदर्शित लाइब्रेरी दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:43&lt;br /&gt;
||अब, '''Example''' library को विस्तारित (एक्सपांड) करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Heat Transfer''' के विभिन्न उदाहरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| | आइए, '''TwoMasses''' नामक class खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
|| '''TwoMasses''' पर राइट-क्लिक करें और '''Open Class''' सलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
||'''class''' को खोलने के लिए हम '''class''' पर डबल-क्लिक भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:06&lt;br /&gt;
| | अब हम '''Modeling Perspective''' विंडो पर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:10&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से '''class''', '''Diagram View''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| अगर '''Diagram View''' में class नहीं खुलता है, तो चिंता न करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
||मैं आप सबको दिखाऊँगा कि विभिन्न '''views''' के बीच कैसे स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:23&lt;br /&gt;
| | '''modeling area''' विंडो पर, हम मॉडलों के '''Diagram View''' को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:28&lt;br /&gt;
| | '''modeling area''' के टॉप पर, हमें चार अलग-अलग आइकॉन दिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |03:33&lt;br /&gt;
|| पहला आइकॉन '''Icon View''' को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
|| '''Model''' रेप्रीज़ेन्टेशन को देखने के लिए इसपर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:41&lt;br /&gt;
|| अगला आइकॉन '''Diagram view''' को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:45&lt;br /&gt;
||मॉडल का प्रतिनिधित्व करने वाले रेखा-चित्र को देखने के लिए इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:49&lt;br /&gt;
|| तीसरा आइकॉन '''Text View''' आइकॉन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||अब इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:54&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Two Masses''' class से संबंधित '''Modelica''' कोड देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:00&lt;br /&gt;
||आगामी ट्यूटोरियलों में हम सीखेंगे कि '''OMEdit''' में कोड कैसे लिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
|| अगले आयकॉन पर क्लिक करें, जो '''Documentation view''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:10&lt;br /&gt;
|| '''Documentation Browser''' नाम की एक नई विंडो, '''OMEdit''' विंडो के साइट साइड में खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
||यहाँ हम मॉडल के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी पढ़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:23&lt;br /&gt;
| | अब '''Documentation Browser''' को क्लोज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
| | किसी '''model''' को सिम्युलेट करने से पहले, हमें '''model''' की सत्यता को जाँचने की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:32&lt;br /&gt;
|| इसे करने के लिए, सबसे पहले टूलबॉर पर '''Check All Models''' बटन लोकेट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||इस बटन पर सफेद डबल टिक्स (white coloured double ticks) बना हुआ है। इस पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:43&lt;br /&gt;
| | ध्यान दें कि, विंडो के बॉटम में एक '''Messages Browser''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| यह '''Modelica class''' से संबंधित संदेशों को दिखाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:53&lt;br /&gt;
| | अब, मॉडल को सिम्युलेट करने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:56&lt;br /&gt;
| | इसे करने के लिए, टूलबॉर पर हरे रंग वाले ऐरो (green colored arrow) पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||यह '''Simulate''' बटन है, जिसका उपयोग मॉडल को सिम्युलेट करने के लिए होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
|| '''Modelica class''' को सिम्युलेट करने के लिए हम '''Ctrl +B''' भी प्रेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:11&lt;br /&gt;
|| सिम्युलेटिंग पर, एक नया विंडो खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:14&lt;br /&gt;
| | यह '''class''' के काम्पलेशन प्रोसेस को दर्शाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:18&lt;br /&gt;
| | एक बार काम्पलेशन के सफल हो जाने पर, ऑउटपुट विंडो यह संदेश प्रदर्शित करता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:23&lt;br /&gt;
||'''Simulation process finished successfully.''' इस विंडो को मिनीमाइज़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:30&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, '''Plotting Perspective''', '''OMEdit''' विंडो में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||अगर यह नहीं खुलता है तो, बॉटम राइट में '''Plotting''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
|| '''Plotting''' विंडो को खोलने के लिए हम '''Ctrl +F3''' भी प्रेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:45&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम '''Modelica class''' के सिम्युलेशन परिणामों को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:50&lt;br /&gt;
|| '''Plotting Perspective''' की दाईं ओर, '''Variables Browser''' विंडो देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:55&lt;br /&gt;
|| '''Variables Browser''' के अंदर: मैं बताऊँगी कि '''Modelica class''' के इनपुट वेरिएबल मानों को कैसे बदलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| आइए, '''conduction''' variable को विस्तारित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:06&lt;br /&gt;
|| '''G''' के मान को बदलते हैं और देखते हैं कि '''Q_flow''' और '''dT''' के मान कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, '''G''' = '''10, Q_flow''' = '''263.599 W''' और '''dT = 26.3599 K'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:25&lt;br /&gt;
| | आइए, '''G''' के मान को '''10''' से '''15''' कर दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:30&lt;br /&gt;
| |और '''Enter''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:32&lt;br /&gt;
|| विंडो के टॉप राइट कार्नर पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:35&lt;br /&gt;
| | टूलबॉर पर '''Re-simulate''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:39&lt;br /&gt;
|| हमें सक्सेस मैसेज विंडो दिखती है। इस विंडो को मिनीमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:44&lt;br /&gt;
| | एक बार सिम्युलेशन पूरा हो जाने पर, बदलावों को नोट कर लें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:48&lt;br /&gt;
| |'''Q_flow''' = '''203.009 W''' और '''dT = 13.5339 K'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:56&lt;br /&gt;
|| अब मैं आप सबको दिखाती हूँ कि एक प्लॉट को कैसे जनरेट करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:00&lt;br /&gt;
| | '''dT''' variable के सामने वाले चेक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:04&lt;br /&gt;
|| आप '''X-axis''' पर '''time''' और '''Y-axis''' पर '''dT''' के बीच एक प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:11&lt;br /&gt;
| |यह प्लॉट, टाइम से अलग-अलग होने वाले दो masses के बीच के तापमान अंतर को बताता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:17&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन '''0''' से '''1''' यूनिट टाइम पर रन होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:22&lt;br /&gt;
| |हम '''Simulation Setup''' ऑप्शन के उपयोग से इस इंटर्वल को भिन्न-भिन्न कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:27&lt;br /&gt;
| | इसके लिए, '''Modeling Perspective''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:30&lt;br /&gt;
| |बॉटम में राइट ओर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:33&lt;br /&gt;
| |या '''Modeling''' विंडो को खोलने के लिए '''Ctrl +F2''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:38&lt;br /&gt;
|| टूलबॉर पर '''Simulation Setup''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
| | '''Simulation Setup''' विंडो खुल जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:46&lt;br /&gt;
|| '''Stop Time''' को '''5''' unit में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:49&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि '''Simulate''' चेक बॉक्स को चेक किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:52&lt;br /&gt;
| | '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:55&lt;br /&gt;
| | तुरंत, हमें सक्सेस मैसेज विंडो दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:59&lt;br /&gt;
| | इस विंडो को मिनीमाइज़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:02&lt;br /&gt;
| | '''class''', '''0''' से '''5''' यूनिट टाइम के सिम्युलेशन इंटर्वल के साथ री-सिम्युलेट हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:08&lt;br /&gt;
| | हम किसी भी दो variables के बीच, टाइम के अलावा, एक प्लॉट भी ऑब्टेन (प्राप्त) कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:16&lt;br /&gt;
| | टूलबॉर पर '''New Parametric Plot Window''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:20&lt;br /&gt;
| | आइए, उन दो variables '''Q_flow''' और '''dT''' को सलेक्ट करें, जिन्हें हम प्लॉट करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:26&lt;br /&gt;
|| अब हम '''X-axis''' पर '''dT''' और '''Y-axis''' पर '''Q_flow''' के बीच एक प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:34&lt;br /&gt;
| |यह हीट फ्लो की भिन्नता को दर्शाता है, जैसा कि उनके बीच के तापमान का अंतर कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
| | एकबार आवश्यक प्लॉट के जनरेट हो जाने पर, हम परिणामों (रिजल्ट) को डिलिट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:45&lt;br /&gt;
| | '''Variables Browser''' में, '''TwoMasses''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:49&lt;br /&gt;
| | '''Delete Result''' सलेक्ट करें। अब रिजल्ट डिलिट कर दिया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:55&lt;br /&gt;
| | '''OpenModelica''' में एक '''Help''' मेनू है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:58&lt;br /&gt;
| | '''Menu''' बॉर में जाएँ और '''Help''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:02&lt;br /&gt;
| |यहाँ हम '''User Guide, System, Scripting''' और '''Modelica Documentation''' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:10&lt;br /&gt;
| | आइए, सारांशित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा है, '''OpenModelica''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:16&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' का परिचय&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' ओपन करना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:21&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' सिम्युलेट करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
| | एक असाइनमेंट के रूप में:  '''Fluid''' library को '''Modelica''' में विस्तारित करना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:30&lt;br /&gt;
| | '''Examples''' Library को '''Modelica''' में विस्तारित करना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:34&lt;br /&gt;
| | '''HeatExchangerSimulation''' class को '''HeatExchanger''' Library में सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:39&lt;br /&gt;
| |कुछ इनपुट variables का वैल्यू बदलना और फिर से सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:43&lt;br /&gt;
| | '''Q_Flow_1''' और '''time''' के बीच एक प्लॉट जनरेट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:48&lt;br /&gt;
|| नीचे के लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:51&lt;br /&gt;
| |यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:55&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल के उपयोग से कार्यशालाएँ संचालित करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:08&lt;br /&gt;
| | क्या आप इस '''Spoken Tutorial''' पर कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं?  कृपया इस साइट पर जाएँ, उस मिनट और सेकंड का चयन करें, जिसके संबंध में आप प्रश्न पूछना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 |-&lt;br /&gt;
| |10:17&lt;br /&gt;
| |अपना प्रश्न संक्षेप में बताएँ। '''FOSSEE''' टीम का कोई सदस्य आपके प्रश्नों का उत्तर देगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:23&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल फोरम इस ट्यूटोरियल पर विशिष्ट प्रश्नों के लिए है। कृपया इस पर अप्रासंगिक और सामान्य प्रश्न न पूछें। इससे अव्यवस्था को कम करने में सहायता मिलेगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:36&lt;br /&gt;
|| कम भाग-दौड़ करते हुए, हम इन चर्चाओं का उपयोग शिक्षण सामग्री के रूप में कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:42&lt;br /&gt;
|| '''FOSSEE''' टीम लोकप्रिय पुस्तकों के हल किए हुए उदाहरणों की कोडिंग का समन्वय करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:47&lt;br /&gt;
||हम इसे करने वालों को पारिश्रमिक और प्रमाण-पत्र प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:56&lt;br /&gt;
| | '''FOSSEE''' टीम कामर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को '''OpenModelica''' पर माइग्रेट करने में सहायता करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:02&lt;br /&gt;
| |हम इसे करने वालों को पारिश्रमिक और प्रमाण-पत्र प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
| | '''Spoken Tutorial''' और '''FOSSEE''' परियोजनाएँ '''NMEICT, MHRD''', भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:20&lt;br /&gt;
| | यह स्क्रिप्ट बिंदु पांडे द्वारा अनुवादित है। देखने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Component-oriented-modeling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Component-oriented-modeling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Component-oriented-modeling/Hindi"/>
				<updated>2017-11-16T15:24:30Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- ||00:01 || नमस्कार ''Component oriented modeling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार ''Component oriented modeling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  model को कैसे शुरू करना है, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||connector class कैसे परिभाषित करना है औरcomponent models का उपयोग करके '''simple electric circuit''' के मॉडल को कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:21&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' ऊबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:31&lt;br /&gt;
||लेकिन यह प्रक्रिया निम्न में से किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए आपको '' 'Modelica' '' में एक क्लास को परिभाषित करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
||आपको जानकारी होनी चाहिए कि  '''package''' और '''Icon and Diagram Views''' को परिभाषित कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:51&lt;br /&gt;
|| पूर्व आवश्यक ट्यूटोरियल्स का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया उनके माध्यम से जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
||अब '''Class Instantiation''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
||'' Modelica classes' ' को इंस्टैंशिएट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति को मानव '' '' class '' का एक उदाहरण माना जा सकता है। '' 'class' का उदाहरण class  के समान वैरिएबल और समीकरण होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
||  '''Class Instantiation'''  के लिए सिंटेक्स प्रदरशित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| अब, हम एक उदाहरण के माध्यम से इसे समझते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध सभी फाइल्स को डाउनलोड करें और सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| मैं  OMEdit पर जाता हूँ। निम्नलिखित फाइल्स '' 'OMEdit' '' में पहले से ही खुली हैं: ''''classInstantiationExample''' और '''simpleCircuit'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| classInstantiationExample पर डबल-क्लिक करें। अब इसclass के बारे में ओर चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| बेहतर दृश्यता के लिए मैं '' OMEdit '' विंडो को बाईं ओर स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| यहां, मैंने '''object1''' और '''object2''' नाम वाले दो ऑब्जेक्ट्स को बनाने के लिए '' bouncingBall class '' को इंस्टैंशिएट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि प्रत्येक '' 'instance' '' की ऊंचाई वेरिएबल h के लिए भिन्न प्रारंभिक वैल्यूज हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
||  '' bouncingBall '' मॉडल के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
|| अब इस क्लास को सिमुलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| टूलबार में  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
|| क्लास सिमुलेट नहीं होता और एक एरर देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| यह इसलिए क्योंकि  bouncingBall क्लास OMEdit में नहीं खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| bouncingBall क्लास खोलें,  जिसे आपने वेबसाइट से डाउनलोड किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब, एक बार फिर से इस क्लास को सिमुलेट करें। पॉप-अप विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें,  class इस बार सफलतापूर्वक सिमुलेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| यह अभ्यास दर्शाता है कि एक '' 'class' '' OMEdit '' में खुला होना चाहिए, जिसे इंस्टैंशिएट किया जाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| '' object1 1' ''  वेरिएबल का '''variables browser''' में विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि यहां सूचीबद्ध वेरिएबल्स '' '' bouncingBall class '' में घोषित किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
|| ये वेरिएबल '' ' object1' 'और' ' object2' 'का हिस्सा हैं, क्योंकि' 'bouncingBall class' 'के समायोजन के उदाहरण हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||अब परिणाम डिलीट करें और स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|| Component orientation अन्य मॉडलिंग औऱ सिमुलेशन सॉफ्टवेयर के अलावा  Modelica सेट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
||यह '''Modelica' '' की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
||  '' 'component' '' मॉडल सिंगल फिजिकल फेनोमेनन का प्रतिनिधित्व करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| उन्हें तत्काल और वांछित प्रभाव उत्पन्न करने के लिए जोड़ा जा सकता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, '' RLC circuit '' को '''resistor, inductor''' और '''capacitor''' मॉडल से विकसित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| ' 'Acausal connectors' 'कंपोनेंट instances के बीच इंटरफेस के रूप में काम करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| वे '' 'connector class' '' का प्रयोग करके परिभाषित होते हैं उदाहरण के लिए, '' pins '' 'को विद्युत घटकों के लिए' '' 'connectors' 'के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| हम इस बारे में अधिक सीखेंगे जब हम एक इलेक्ट्रिक सर्किट के उदाहरण को सिमुलेट करने की कोशिश करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| '' Connectors '' ' में एक्रोस और फ्लो वेरिएबल होते हैं और वे समीकरण शामिल नहीं कर सकते।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| अब, हम स्लाइड में दिखाए गए '' Electric Circuit '' को सिमुलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| बैटरी का वोल्टेज '''{VoSin(2pift)}''' द्वारा दिया जाता है, जहां '''Vo'''    '''10''' Volts है, '''f'''    '''1''' Hz है और प्रतिरोध '' '5' ' ohm है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| पिछली स्लाइड में दिखाए गए '' electric circuit '' को मॉडल करने के लिए, हम '' 'Solution Methodology' '' पर नजर डालते हैं: ध्यान दें कि किसी भी  '''Resistor''' और '''Voltage Source''' के दो पिन्स हैं: '''Positive''' और '''Negative'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
|| इसलिए, एक '''pin''' नामक '' 'connector' '' को परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| pin connector के एक उदाहरण के साथ एक '' 'class' '' नामक '' Ground '' को परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
|| '' 'Resistor' '' नामक क्लास को परिभाषित करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| Resistor class में '' pin connector '' के दो उदाहरण हैं: '''Positive pin''' और '''Negative pin''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| जैसा कि हमने ''resistor class'' के मामले में देखा है, ''pin connector '' के दो उदाहरणों के साथ '' 'VoltageSource नामक क्लास को परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:46&lt;br /&gt;
||SimpleCircuit नामक क्लास परिभाषित करें। simpleCircuit   '''Resistor''' और '''VoltageSource''' का उदाहरण होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| Resistor, ''ground''' और '''VoltageSource'' के संबंधित पिन्स को कनेक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:02&lt;br /&gt;
|| आवश्यक घटक मॉडलों को पहले से प्रोग्राम किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
||इसलिए, मैं '' 'Solution Methodology' 'के केवल अंतिम दो चरणों का प्रदर्शन करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
|| OMEdit पर जाएँ।  Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
||मैं '' OMEdit '' विंडो को दाईं ओर स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| '' 'Libraries Browser' '' में '' 'simpleElectricCircuit' 'पैकेज का विस्तार करें' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि इस पैकेज में पांच '' 'classes' ' दिए गए हैं: '''pin''',  '''Ground''',  '''Resistor''',   '''Voltage Source''' और   '''circuit'''. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
||simpleElectricCircuit पर डबल-क्लिक करें।  ClassinstantiationExample बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
||मैं बेहतर दृश्यता के लिए 'OMEdit' विंडो को एक बार फिर से बाईं ओऱ स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:54&lt;br /&gt;
|| '''Modelica.Siunits''' पैकेज simpleElectricCircuit पैकेज में इम्पोर्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||इसलिए, उस पैकेज में type डेफिलिशन,  पूरे नामों के संदर्भ के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| '''pin connector'' को समझने की कोशिश करते हैं। थोडा नीचे स्क्रलो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| Pin को  connector class का उपयोग करके परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
|| '' Voltage '' 'और' '' current '' वेरिएबल्स हैं जो अपने परिवेश के साथ एक '' pin '' बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
||Pin पर  Potential   v द्वारा परिभाषित किया गया है। '''Voltage''' और '''Current'''     Modelica library के  Siunits पैकेज में  types डिफाइन्ड हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
||Voltage पास कंपोनेंट इसके माध्यम से प्रवाह करने के लिए एक मौजूदा कारण बनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:44&lt;br /&gt;
||इसलिए,  current   flow वैरिएबल है और इसे flow keyword का उपयोग करके परिभाषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| '' 'pin connector' 'में भी' 'Icon view' ''  है जिसे '' annotations '' ' द्वारा निर्दिष्ट है, जैसा दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| अबResistor class के बारे में चर्चा करते हैं। थोडा ओर नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| जैसे कि  Solution Methodology में चर्चा की गई है,  Resistor class में  pin connector के दो उदाहरण हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
||P   positive pin को दर्शाता है औरn   negative pin को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:18&lt;br /&gt;
|| अब, मैं आपको बताता हूं कि '' OMEdit '' के '' drag and drop '' ' फंक्शन का उपयोग करके  class कैसे इंस्टैंशिएट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:26&lt;br /&gt;
|| यह प्रदर्शित करने के लिए, '' Ctrl + N '' 'का उपयोग करके एक नया' '' class '' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
|| इसे '''class example1''' नाम दें और Ok दबाएँ।  OMEdit विंडो को दाईं ओर शिफ्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
|| Diagram View पर जाएँ, यदि क्लास  Text View में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| अबpin class इंस्टैंशिएट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
||Libraries Browser में pin आइकन पर लेफ्ट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||Diagram लेयर में आइकन पकड़कर रखें और ड्रैग करें। इसे कैनवास पर किसी भी स्थान पर छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:04&lt;br /&gt;
||अब हम '' pin class '' का '' instance '' बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
||जैसा कि दिखाया गया है, आप इसे छोड़ने के बाद भी डायमेंशन और लोकेशन बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:16&lt;br /&gt;
|| अब देखते हैं कि यह क्लास कैसे Text View में इंस्टैंशिएट है।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
||Diagram View में अपने प्लेसमेंट के आधार पर '' 'class pin' 'और' 'annotation' 'के इंस्टैंशिएट के लिए कमांड पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||इसलिए, '''Diagram View'''  में क्लास का एक उदाहरण बनाना स्वतः ही '''Text View''' में प्रतिबिंबित होता है। '''example1''' टैब बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
||सीखते हैं कि electric circuit कैसे मॉडल करना है,जिसे हमने स्लाइड में देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
|| Circuit आइकन पर डबल-क्लिक करें, जो कि simpleElectricCircuit पैकेज का भी भाग है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:58&lt;br /&gt;
||इस '' 'class' 'में पहले से ही हमारे सर्किट की इंटरेस्ट एसेंबल है, जैसा कि' 'Diagram View' 'में देखा जा सकता है। यह सिमुलेट होने के लिए तैयार है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| लेकिन, नई फाइल में समान  circuit बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
||हम '' 'drag and drop' '' फंक्शन का उपयोग करेंगे जो हमने अभी सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:19&lt;br /&gt;
|| Ctrl + N दबाएँ। इस फाइल को  circuit(underscore)construction नाम दें।  OK दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
|| Diagram View पर जाएँ, यदि यह Text View में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:32&lt;br /&gt;
|| Libraries Browser से drag and drop '''VoltageSource'''  चुनें। आप अपने अनुसार डायमेंशन बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:43&lt;br /&gt;
|| इसीतरह,  Libraries Browser से drag and drop  '''Resistor''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| इसी तरह  Ground class के साथ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
|| अब, हमें प्रत्येक कंपोनेंट के संबंधित 'pins' '' से जुड़ने की जरूरत है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले,  Resistor के 'positive pin''' के लिए  Voltage Source के  positive pin को जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
||Voltage Source के बाएँ पिन पर घुमाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
||प्रदर्शित टेक्स्ट, इंगित करता है कि यह '''positive pin p''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:17&lt;br /&gt;
|| Pin पर लेफ्ट क्लिक करें और कर्सर को Resistor के बाएँ pin के पास ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
||जब कर्सर ऐरो से क्रास में बदल जाय माउस छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:30&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, resistor के negative pin को voltage source के  negative pin से कनेक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| सर्किट आरेख में हमने '' 'Ground' 'के साथ कनेक्शन का उल्लेख नहीं किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
||लेकिन, हम व्यक्तिगत रूप से Resistor औरVoltage Source के negative pins को Ground से कनेक्ट करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
||यह  circuit में  potential के संदर्भ बिंदु को सुनिश्चित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
||अब, यह class पूर्ण हो गया है।  Ctrl + S दबाकर क्लास सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:04&lt;br /&gt;
|| Simulate बटन पर क्लिक करें। पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:10&lt;br /&gt;
||Class सफलतापूर्वक सिमुलेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
||मैं Variables browser की बेहतर दृश्यता के लिए 'OMEdit' 'विंडो को बाईं ओर स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:20&lt;br /&gt;
|| Variables Browser में Resistor कॉलम का विस्तार करें और  Ir चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, प्रोफाइल  sinusoidal अपेक्षित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||चूंकि '' Voltage Source '' 'DC' '' के बजाय 'AC' 'स्रोत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| इसलिए, हमने इसके कंपोनेंट्स भागों से एक मॉडल बनाया है और इसे सिमुलेट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:44&lt;br /&gt;
||हम अगले ट्यूटोरियल में '' 'Resistor' 'और' 'Voltage Source classes' 'के बारे में और अधिक सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:59&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य के रूप में, एक  Voltage Source के साथ,  series में दो  resistors के साथ  electric circuit बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:07&lt;br /&gt;
||'' simple electric circuit '' पैकेज में प्रदान किए गए '' Voltage source '' और '' Resistor '' के लिए कंपोनेंट मॉडल का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें:  [http://spoken-tutorial.org/ org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial It summarises '''Spoken Tutorial project'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:21&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करते हुए कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:26&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस ट्यूटोरियल से प्रश्न हैं, तो नीचे दी गई वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:32&lt;br /&gt;
||हम लोकप्रिय पुस्तकों के हल उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:38&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में मदद करते हैं अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:47&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:54&lt;br /&gt;
||हम समर्थन के लिए '''OpenModelica''' की डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं। &lt;br /&gt;
यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi"/>
				<updated>2017-11-15T15:23:34Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 || नमस्कार,  Block component modeling पर स्पोकन ट्यूटोरियल मे...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार,  Block component modeling पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि  blocks कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
||Blocks कैसे कनेक्ट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
||Modelica Library  से blocks का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ  OpenModelica version 1.9.2&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
||आप निम्न में से किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
||  इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए, आपको '' 'Modelica' में '' 'component oriented modeling' 'के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
|| पूर्व आवश्यक ट्यूटोरियल का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:44&lt;br /&gt;
|| Blocks के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:48&lt;br /&gt;
|| Block   Modelica  में  एक विशिष्ट क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:52&lt;br /&gt;
|| यह कंट्रोल एप्लिकेशन में उपयोगी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:56&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए,  Modelica Library  में '''PI''' और '''PID''' कंट्रोलर्स के लिए ब्लॉक्स हैं जो अक्सर केमिकल इंजीनियरिंग कंट्रोल एप्लिकेशन में दिखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
||एक ब्लॉक क्लास के वैरिएबल्स का सही कारण होना चाहिए: या तो '' 'input' '' या '' 'output' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
|| Blocks को connect स्टेटमेंट का उपोयग करके कनेक्ट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में connectस्टेटमेंट्स के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
||  '''Connectors''' 'blocks' '' के बीच इंटरफेस के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
||वे मॉडल '' 'input' '' और '' 'output' 'सिग्नल के लिए उपयोग किये जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, यह एक '' block connector '' के लिए घोषित है जो मॉडल ''real'' इनपुट सिग्नल्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
|| अब एक उदाहरण के माध्यम से '' block component modeling '' को समझने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:47&lt;br /&gt;
|| हम एक क्लास लिखते हैं जो निम्नलिखित कार्यों को पूरा करने के लिए ब्लॉक्स का उपयोग करता है: '''input''' और '''output''' के रूप में दो बार अलग-अलग सिग्नल लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:59&lt;br /&gt;
||एक सिग्नल अलग-अलग इनपुट के रूप में लें और इसे कॉंस्टेंट द्वारा एम्पलिफाई करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||schematics का उपयोग करके इस प्रॉब्लम स्टेटमेंट को परिभाषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| यह आंकड़ा ब्लॉक के लिए एक schematic दिखाता है जो इनपुट के रूप में दो सिग्नल लेता है और उनका योग वापस करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:19&lt;br /&gt;
||चीजों को सरल बनाने के लिए, सिग्नल 1 को t चुनें जो समय दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||सिग्नल  '''2''' को '''2 (times) t (squared)''' लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| यह '' 'signal' '' के एम्पलिफिकेशन के लिए schematic है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||यह दो '''inputs''' और एक '''output''' के सथ पिछले केस के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
||अपने  signal के लिए एक  input चुनते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:46&lt;br /&gt;
||अन्य  input, अर्थात '''signal 2'''   कॉंस्टेंट  K है जो सि्गनल को एम्पिलफाइ करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:54&lt;br /&gt;
||इन दो  inputs के प्रोडक्ट को  output की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||हमने signal 2 चुना है अर्थात  K 5 यूनिट्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि दोनों सिग्नल्स और एम्प्लिफिकेशन के योग को '' '2' ' inputs और' '' 1 '' आउटपुट के साथ ब्लॉक की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:16&lt;br /&gt;
||'' 'Modelica library' 'में पहले से ही एक MISO नामक ब्लॉक है जो Multiple Input Single Output है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:24&lt;br /&gt;
||यह Modelica.Interfaces.Block पैकेज में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||इस ब्लॉक '' u '' 'के लिए इनपुट एक वेक्टर है क्योंकि यह इनपुट के रूप में कई सिग्नल स्वीकार कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:38&lt;br /&gt;
||y आउटपुट है, जो कि scalar है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
|| अब चर्चा करते हैं कि OMEdit का उपयोग करके अपनी समस्या को कैसे हल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||Sum नामक ब्लॉक को बनाने के लिए  MISO का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में एक क्लास को विस्तारित करने के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:59&lt;br /&gt;
||Product नामक ब्लॉक बनाने के लिए  MISO का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||main नामक क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||main क्लास में '''Sum''' और '''Product''' ब्लॉक्स के उदाहरण बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
||अंत में,  '''input''' और '''output''' वैरिएबल्स से संबंधित आवश्यक समीकरण प्रोग्राम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:22&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '' Sum '' सिग्नल्स के योग से मेल खाता है जबकि '' 'Product' '' '' सिग्नल्स के एम्प्लिफिकेशन से मेल खाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही आवश्यक  blocks बना दिए हैं और उन्हें  arithmeticOperationsUsingBlocks नामक फाइल में पैकैज किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||आप हमारी वेबसाइट पर इस फाइल को देख सकते हैं और इसे डाउनलोड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| अब  OMEdit पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:49&lt;br /&gt;
||मैं सबसे पहले arithmeticOperationsUsingBlocks पैकेज का प्रदर्शन करूंगा औऱ फिर  MISO ब्लॉक के सिंटैक्स को प्रदर्शित करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही  OMEdit में arithmeticOperationsUsingBlocks पैकेज खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||मैं इसका Libraries Browser में विस्तार करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि पैकैज में ब्लॉक्स का नाम '''Sum''', '''Product''' और '''main''' क्लास।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| उन तीनों पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||मैं MISO ब्लॉक को भी Modelica Library से खोलता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| '''Modelica library''' का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| '''Blocks → Interfaces''' पर जाएँ। थोडा सा नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||MISO पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:43&lt;br /&gt;
|| इंटरफेस पैकेज में कई अन्य ब्लॉक भी हैं जो कि कार्यक्षमता में ''MISO'' के समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| अब मैं बेहतर दृश्यता के लिए '' OMEdit '' विंडो को बाईं तरफ स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:57&lt;br /&gt;
||सबसे पहले  Sum ब्लॉक को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| Text View पर जाएँ, यदि यह  Diagram View में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| यह  block घोषित करने के लिए सिंटैक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट '' 'MISO block' '' को अपने स्थान से '' 'Modelica library' '' में प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में Class inheritance''' या '''Class extension'''के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| मैं थोडा सा पीछे जाता हूँ और '' MISO block '' का प्रदर्शन करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29&lt;br /&gt;
||MISO टैब पर जाएँ।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| ' MISO '' 'एक आंशिक ब्लॉक है जिसका अर्थ है कि यह केवल इनहैरिट किया जा सकता है, लेकिन इंस्टेंशीएट नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| यहBlock class इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:46&lt;br /&gt;
||आप इसका '' 'Modelica library' '' में दिखाए गए पाथ का उपयोग करके पता लगा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:51&lt;br /&gt;
||इस क्लास का प्रयोग केवल '' Diagram View '' के लिए ही किया जाता है और इसलिए इसकी चर्चा नहीं की जानी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:58&lt;br /&gt;
|| nin इनपुट की संख्या को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:02&lt;br /&gt;
|| यह पैरामीटर तब बदला जा सकता है जब ब्लॉक इनहैरिट हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
||'' 'RealInput' 'एक कनेक्टर है जो स्पष्ट रूप से एक' 'real' '' इनपुट सिग्नल को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||इस मामले में, इनपुट एक वेक्टर '' u '' है, जैसा कि हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, '' RealOutput '' 'एक कनेक्टर है जो' 'real' '' आउटपुट सिग्नल को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||यहाँ, '' 'y' '' रियल-वैल्यू आउटपुट सिग्नल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
||'' 'RealInput' 'और' 'RealOutput' '' 'Modelica Library' 'के एक ही पैकेज में' 'MISO' 'के रूप में मौजूद हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:38&lt;br /&gt;
||कृपया इन्हे देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| अब, मैं आपको यह बताता हूं कि '' MISO block '' का '' Diagram View '' कैसे दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब Sum ब्लॉक पर वापस जाएँ और जहां से हमने छोड़ा था वहां से शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| वेरिएबल्स '' y '' 'और' 'u' 'इस ब्लॉक का एक हिस्सा हैं, क्योंकि यह' MISO '' 'इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||जैसा कि हमने पिछले ट्यूटोरियल में सीखा है, '' '' Sum '' एक '' 'array' 'फंक्शन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||यह इनपुट के रूप में '' 'array' '' लेता है और उसके एलिमेंट्स का योग देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| Product ब्लॉक पर जाएँ।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| यह ब्लॉकMISO को अच्छी तरह से इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| जैसा हमने पिछले ट्यूटोरियल में देखा है, '' 'Product' '' एक अरै फ़ंक्शन है जो अरै को '' 'input' '' के रूप में लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:29&lt;br /&gt;
||यह अपने एलिमेंट्स का प्रोडक्ट वापस करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
|| मैं main क्लास पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:39&lt;br /&gt;
|| ये स्टेटमेंट्स '''Sum''' और '''Product''' ब्लॉक्स के इन्स्टैंशिएशन को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:44&lt;br /&gt;
||इन उदाहरणों को '' OMEdit '' 'के ड्रैग और ड्रॉप कार्यक्षमता का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:51&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में इस फीचर्स पर चर्चा की।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
||  '' 'nin' '' MISO '' में '' input '' 'वेक्टर' 'u' '' के आयाम के लिए एक पैरामीटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:03&lt;br /&gt;
||हमने इस पैरामीटर के लिए '' 2 '' 'की वैल्यू निर्दिष्ट की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:07&lt;br /&gt;
|| यह समीकरण सिग्नल्स के  Sum के लिए '''signal 1''' और '''signal 2''' की वैल्यूज को दर्शाता है जिसकी हमने स्लाइड्स में चर्चा की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
||इसीतरह, यह सिग्नल के एम्पलिफिकेशन के लिए '''Signal 1''' और '''Signal 2''' की वैल्यू को दर्शाता है जिसकी हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
|| अब इस क्लास को सिमुलेट करते हैं।  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:33&lt;br /&gt;
||पॉप अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| Libraries Browser में mySum का विस्तार करें।  y चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:43&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, कि यह एक ऐसा प्लॉट उत्पन्न करता है जो दिए गए सिग्नल वैल्यूज के अनुसार है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में, '''RealInput, RealOutput, SI, SO''' और '''MO''' ब्लॉक्स के लिए कोड देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:04&lt;br /&gt;
||आप उन्हें Modelica.Blocks.Interfaces पैकेज में देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
||'''RealInput'''और '''RealOutput''' कनेक्टर्स हैं जो काफी बार उपयोग किए जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:17&lt;br /&gt;
||इसलिए उन्हें समझना जरूरी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:21&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। प्रमाणपत्र भी देते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया उल्लेख किए गए वेबपेज पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों से हल किए गए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं हम योगदानकर्ताओं को मानदेय देते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| हम वाणिज्यिक सिमुलेटरों से प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में स्थानांतरित करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:03&lt;br /&gt;
|| हम समर्थन के लिए '' OpenModelica '' के डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Arrays-in-Modelica/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Arrays-in-Modelica/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Arrays-in-Modelica/Hindi"/>
				<updated>2017-11-14T14:37:16Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 ||नमस्कार,  Arrays पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
||नमस्कार,  Arrays पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:05&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे  Arrays वैरिएबल घोषित कैसे करना है,  Arrays कैसे बनाना है,  '''for''' और '''while''' लूप्स का उपयोग कैसे करना है और  OMShell का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
||आप इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए निम्नलिखित ऑपरेटिंग सिस्टम में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:32&lt;br /&gt;
||  इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए: आपको किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा में '' '' arrays '' के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
||आपको '' 'Modelica' '' में '' '' class '' को परिभाषित करने के बारे में पता होना चाहिए। पूर्व-अपेक्षित ट्यूटोरियल का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया इनके माध्यम से जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| Vector वन डायमेंशनल array है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
||इसमें एक इंडेक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
||वेक्टर घोषित करने के लिए Syntax दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
||प्रदर्शित उदाहरण वेक्टर वैरिएबल  a को घोषित करता है जिसका साइज 2 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
||एक वेक्टर को कर्ली ब्रैसेस में एलिमेंट्स शामिल कर बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:11&lt;br /&gt;
||यह उदाहरण एक '' vector '' पैरामीटर '' a '' के साथ '' '2' 'और' '3' 'को उसके एलिमेंट्स के रूप में परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
|| Vector के एलिमेंट्स को एक्सेस करने के लिए,  indexing को समझना आवश्यक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
||'vector indexing''' के लिए सिंटेक्स दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
||'''Vector indexing'' 1 से शुरू होता है और  Indices पूर्णाँक( integers) होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:35&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluatorUsingVectors नामक एक फंक्शन बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
||यह फंक्शन  polynomialEvaluator का एक एक्सटेंशन है जिसकी पिछले ट्यूटोरियल में चर्चा की गई थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
||हमpolynomialEvaluator के '''a,b''' और '''c''' पैरामीटर्स को वेक्टर a के साथ परिवर्तित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| कृपया हमारी '''Code Files''' लिंक पर उपलब्ध सभी फाइल्स को डाउनलोड और सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
||आपकी सुविधा के लिए, '' polynomialEvaluator '' फ़ंक्शन भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
|| अब मैं इस फंक्शन को प्रदर्शित करने के लिए  OMEdit पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
||OMEdit  अब Welcome परिप्रेक्ष्य में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
||मैंने सभी आवश्यक फाइल्स को खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, निम्न क्लासेस और फंक्शन्स अभी OMEdit में खुले हैं:  '''functionTester''', &lt;br /&gt;
'''matrixAdder''',   '''polynomialEvaluator''' और    '''polynomialEvaluatorUsingVectors'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
|| अब उन्हें देखने के लिए, प्रत्येक आइकन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
||बेहतर दृश्यता के लिए मैं '' OMEdit '' विंडो को बाईं तरफ स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
||polynomialEvaluator टैब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
||इसे '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
||इस फंक्शन पर अधिक जानकारी के लिए, पिछले ट्यूटोरियल को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| मैं polynomialEvaluatorUsingVectors पर जाएँ। इसे '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
|| '''Input''' और '''output''' वैरिएबल्स,  polynomialEvaluator फंक्सन के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator के '''a,b''' और '''c''' पैरामीटर्स को वैक्टर  a के साथ परिवर्तित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
|| इस वैक्टर का साइज 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
|| इस वैक्टर के एलिमेंट्स कर्ली ब्रैकेट्स में शामिल हैं जैसे कि दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
||एलिमेंट्सcomma से अलग अलग किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| assignment स्टेटमेंट में, वैक्टर  a के एलिमेंट्स को उनके सूचकांको का उपयोग करके एक्सेस किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:54&lt;br /&gt;
||'''a[1]'''  वैक्टर a का पहला एलिमेंट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, वैक्टर a का दूसरा एलिमेंट और तीसरा एलिमेंट एक्सेस किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
||अब, मैं  functionTester टैब पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
||इसे '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
||यह क्लास  functionTester क्लास के समान है जिसकी हमने पिछले ट्यूटोरियल में चर्चा की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||Z Real वैरिएबल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| PolynomialEvaluatorUsingVectors फंक्शन को '''10''' यूनिट्स के  input आर्ग्युमेंट के साथ कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| इस फ़ंक्शन द्वारा दिया गया वैल्यू '' '' z '' 'के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
||अब मैं इस क्लास को सिमुलेट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:49&lt;br /&gt;
|| Variables ब्राउजर में  z चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि  z की वैल्यू  '''f(x)''' at '''x = 10''' के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
||यह प्लॉट polynomialEvaluator फंक्शन में दिखाए गए केस के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
||अबz को अचयनित करें और परिणाम डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
|| Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
|| अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:19&lt;br /&gt;
|| for लूप का उपयोग स्टेटमेंट्स को बार बार दोहराने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग '''algorithm''' और '''equation''' सेक्शन्स में किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
||for लूप के लिए सिंटेक्स एक उदाहरण के साथ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
|| for लूप का उपयोग कैसे करें यह प्रदर्शित करने के लिए, मैं  OMEdit पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluatorUsingVectors टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
||fx के लिए  assignment स्टेटमेंट में, हम वैक्टर  a के एलिमेंट्स को एक्सेस कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
||यहfor लूप का उपयोग करके भी किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:55&lt;br /&gt;
||अब, देखते हैं कि algorithm सेक्शन में  for लूप कैसे शामिल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, शुरू और अंत में डबल स्लैश रखकर fx के लिए  assignment स्टेटमेंट कमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
||'''Ctrl+S''' दबाकर फंक्शन सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:15&lt;br /&gt;
|| प्रविष्ट किए जाने वाला for लूप '''for-loop.txt'' नामक टैक्स्ट फाइल में प्रदान किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:23&lt;br /&gt;
||यह हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। मैंने  gedit का उपयोग करके इस फाइल को खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:29&lt;br /&gt;
||विंडो यूजर इसे खोलने के लिए notepad या किसी अन्य एडिटर का उपयोग कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:35&lt;br /&gt;
|| मैं gedit पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:38&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl+C'' दबाकर कर सभी स्टेटमेंट्स को कॉपी करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:44&lt;br /&gt;
||OMEdit पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:46&lt;br /&gt;
|| एंटर दबाएँ।''Ctrl + V'' दबाकर सभी स्टेटमेंट्स को पेस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:53&lt;br /&gt;
||''Ctrl + S''' दबाकर इस फंक्शन को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:57&lt;br /&gt;
|| अब, मैं इस लूप के प्रत्येक स्टेटमेंट को समझाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  07:02&lt;br /&gt;
||लूप शुरू होने से पहले यह असाइनमेंट शून्य की प्रारंभिक वैल्यू '' 'fx' 'को आवंटित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| यहाँ,  i एक लूप काउंटर के रूप में कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
||लूप रन होता है जब तक  i की वैल्यू 3 नहीं होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:16&lt;br /&gt;
||इसका प्रयोग करने से पहले '' 'i' 'को घोषित करना आवश्यक नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
||मैं थोडा नीचे स्क्रोल करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट मौलिक रूप से polynomial '' f(x) '' के टर्म्स को जोड़ता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||Polynomial '''f(x)'''  की चर्चा की गई है जब '''polynomialEvaluator''' फंक्शन की चर्चा की गई थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट  for लूप के अंत को इंगित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
||अब, यह फंक्शन पूरा हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:44&lt;br /&gt;
||इस फंक्शन को जाँचने के लिए, मैं  functionTester फंक्शन का उपयोग करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
||मैंने इस फंक्शन में  class के लिए कोई बदलाव नहीं किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| मैं टूलबार में Simulate बटन दबाकर इस क्लास को सिमुलेट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| '''variables browser' में  z चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि z की वैल्यू फंक्शन में परिवर्तन के बाद भी समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
||मैं z अचयनित करता हूँ और परिणाम डिलीट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:14&lt;br /&gt;
|| '''Modeling perspective'' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| अब मैं एक बार फिर से स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| '' 'while' '' लूप का उपयोग स्टेटमेंट को पुनरावृत्त करने के लिए किया जाता है जब तक कि कोई दी गई स्थिति संतुष्ट नहीं हो जाती।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
||while लूप का उपयोग  equation सेक्शन में नहीं कर सकते।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
||while  की तुलना में for लूप अधिक बार Modelica में उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| अबArrays पर चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
||Arrays का उपयोग '''multi-dimensional'' डेटा को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
||उन्हें vector नोटेशन का उपयोग करके बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| Array घोषित करने के लिए औऱ indexing  के लिए सिंटेक्स प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| '''array''' बनाने और  indexing के बारे में अधिक जानने के लिए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
||मैं  matrixAdder नामक क्लास लिखता हूँ, जो mySum देने के लिए  '''myMatrix''' और '''adder matrices''' जोडता है। '''myMatrix''' और '''adder matrices''' प्रदर्शित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:14&lt;br /&gt;
|| अब मैं matrixAdder क्लास प्रदर्शित करने के लिए OMEdit पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||यह OMEdit में पहले ही खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:23&lt;br /&gt;
|| '''matrixAdder''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
||इसे '''Text view''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
|| '''myMatrix'''     '''Real''' पैरामीटर array है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||स्क्वैर ब्रैकेट में नंबर्स, इस array के साइज को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
||पहले डायमेंशन का साइज 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
||इसीतरह, दूसरे डायमेंशन का साइज 2 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:46&lt;br /&gt;
||MyMatrix array का निर्माण प्रत्येक दो एलिमेंट्स के तीन वैक्टर्स का उपयोग करके किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| '''{1,2}'''  पहले वैक्टर को &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:57&lt;br /&gt;
|| '''{3,4}''' दूसरा और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| '''{5,6}}''' तीसरे वैक्टर को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
||इस प्रत्येक वैक्टर का साइज इस array के दूसरे डायमेंशन के साइज के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
||इसलिए, myMatrix  के दूसरे डायमेंशन का साइज 2 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| वैक्टर की संख्या पहले डायमेंशन के साइज के बराबर होती है। इसलिए, पहले डायमेंशन का साइज 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| '' 'adder' '' मैट्रिक्स का निर्माण समान रूप में किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
||इस दो arrays या matrices को जोड़ने के लिए हमें दो डायमेंशन के एलिमेंट्स को एक्सेस करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
||इसलिए '''nested for''' लूप की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| यह  for लूप पहले डायमेंशन के माध्यम से रन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, यह  for लूप दूसरे डायमेंशन के माध्यम से रन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
||मैं इसे थोडा नीचे स्क्रोल करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:52&lt;br /&gt;
|| '''myMatrix''' और '''adder matrices''' के अनुरूप एलिमेंट्स mySum के लिए जोडे गये हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट प्रत्येक  for लूप के अंत को प्रदर्शित करता है। क्लास अब पूरा हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
|| मैं Simulate बटन पर क्लिक करके इसे सिमुलेट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
||पॉप-अप विंडो बंद करें, यदि यह दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
||अब मैं variables कॉलम का विस्तार करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:18&lt;br /&gt;
||'''adder[1,1]''', '''myMatrix[1,1]''',  और '''mySum[1,1]''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, '''adder[1,1]''' plus '''myMatrix[1,1]''    '''mySum[1,1]''' देता है, जिसका अर्थ है कि परिणाम सटीक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
||मैं उन्हे अचयनित करता हूँ और परिणाम डिलीट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:40&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:43&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में, वैक्टर में एलिमेंट्स के क्रम को विपरीत करने के लिए vectorReversal नामक फंक्शन लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
||इसीतरह, matrix के प्रत्येक रॉ में एलिमेंट्स के क्रम को विपरीत करने के लिए  matrixReversal नामक फंक्शन बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:00&lt;br /&gt;
|| इन दो फंक्शन्स का जाँचने के लिए '''functionTester'''  क्लास लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:09&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। '''http://spoken-tutorial.org/ http://spoken-tutorial.org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial'''&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:15&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||यदि इस स्पोकन ट्यूटोरियल से सबंधित कोई सवाल है तो कृपया निम्न वेबसाइय पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||हम उन लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:39&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं।अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| हम '' OpenModelica '' की डेवलपमेंट टीम के समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Annotations--in-Modelica/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Annotations--in-Modelica/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Annotations--in-Modelica/Hindi"/>
				<updated>2017-11-11T06:44:42Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- |00:01 ||Annotations पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
||Annotations पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:05&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि Annotations  निर्दिष्ट कैसे करना है और record कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica 1.9.2'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|आप इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए निम्न में से  किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और इसका अभ्यास करने के लिए, आपको Modelica में क्लास की परिभाषा के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:33&lt;br /&gt;
|कृपया हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध पूर्व अपेक्षित ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
||Annotations क्लास में कई स्थानों पर प्रदर्शित हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:44&lt;br /&gt;
|उनका उपयोग सिमुलेशन सेटिंग्स बदलने, सपोर्टिंग '' '' documentation '' को जोड़ने और क्लास के लिए '''icon और diagram views''' जोड़ने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
|| पिछले ट्यूटोरियल में, हमने सिमुलेशन सेटिंग्स को बदलने के लिए टूलबार में '' 'SimulationSetup'  बटन का इस्तेमाल किया ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
| '' experiment '' 'एक मॉडल एनोटेशन है जिसका इस्तेमाल निम्न में परिवर्तन करने के लिए किया जा सकता है:''Start Time''' , '''Stop Time''' ,'''Tolerance''' और '''Interval'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
|'''Tolerance''' और '''Interval''' की चर्चा इस ट्यूटोरियल श्रृंखला के दायरे से परे है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| यहाँ experiment एनोटेशन के सिंटेक्स का एक उदाहरण दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||अब हम '''bouncingBallWithAnnotations''' नामक क्लास के माध्यम से experiment एनोटेशन समझेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:40&lt;br /&gt;
|मैं OMEdit पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
|| कृपया हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध सभी फाइल्स डाउनलोड करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|मैं इस ट्यूटोरियल के लिए उपयुक्त मॉडल फाइल्स खोलता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|'''Ctrl+O''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|अपने डेस्कटोप पर उचित स्थान पर जाएँ और '''color.mo''' और '''bouncingBallWithAnnotations''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
|ये फाइल्स अभी  OMEdit में खुली हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:13&lt;br /&gt;
|| हम पहले  bouncingBallWithAnnotations देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
|यह मॉडल bouncingBall मॉडल का एक एक्स्टेंशन है, जिसकी चर्चा पिछले ट्यूटोरियल में का गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|कृपया इस मॉडल पर अधिक जानकारी के लिए पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
||'''Libraries Browser''' में  bouncingBallWithAnnotations पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:37&lt;br /&gt;
|मैं बेहतर दृश्यता के लिए 'OMEdit' विंडो को बाईं ओर स्थानांतरित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
|| यदि क्लास '''Icon/Diagram View''' में खुली है तो  '''text view'''  पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:48&lt;br /&gt;
|मॉडल अब '''Text View''' में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:52&lt;br /&gt;
||मैं थोडा सा नीचे स्क्रोल करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|यहाँ, हम experiment एनोटेशन का उपयोग '''startTime''' को '''0''' और '''stopTime''' को '''5''' यूनिट्स करने के लिए करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
| '' experiment '' 'एनोटेशन 'Simulation Setup''' टूलबॉक्स के समान प्रयोजन करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| टूलबार में 'Simulation Setup''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:15&lt;br /&gt;
||आप यहाँ समान '''stopTime''' और '''startTime''' फिल्ड्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|हम experiment एनोटेशन का उपयोग करके इन फिल्ड्स की वैल्यू बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
|अब हम मॉडल को सिमुलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:30&lt;br /&gt;
|| Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:33&lt;br /&gt;
||variables browser में  h चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|ध्यान दें सिमुलेशन इंटरवल 5 यूनिट्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
|यहexperiment एनोटेशन के '''startTime''' और ‘'''StopTime'' के कारण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
|| अब h अचयनित करें और परिणाम डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:54&lt;br /&gt;
|| नीचे दाईं ओर  Modeling बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
|| अब,  annotations का उपयोग करके मॉडल में documentation जोडने के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| चिन्हांकित टैक्स्ट  Documentation एनोटेशन में दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|अब, मैं Documentation एनोटेशन का एक एप्लिकेशन दिखाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
|| Modeling भाग के ऊपरी बाई ओर पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|'''Documentation View''' नामक चौथे बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| आप ब्राउजर में '' 'Documentation' '' एनोटेशन 'में टाइप किए गए टैक्स्ट को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
|यह कार्यक्षमता हमें उन बड़े मॉडल के लिए उपयोगी जानकारी जोड़ने की अनुमति देता है जिनके लिए documentation  की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| Documentation ब्राउजर बंद करें। मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||Record एक विशेष क्लास है, जो Record डेटा स्ट्रक्चर को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए, बैंक खातों में फिल्ड्स के रूप में व्यक्ति का नाम, आयु आदि के साथ रिकॉर्ड होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:01&lt;br /&gt;
|Records में केवल वैरिएबल्स हो सकते हैं। इनमें equations नहीं हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:08&lt;br /&gt;
|| यहाँ Person नामक रिकॉर्ड एक उदाहरण दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
|फिल्ड्स में name और age है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| मैं रिकॉर्ड परिभाषित करने के लिए OMEdit पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|मैं OMEdit विंडो को दाईं ओर शिफ्ट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:27&lt;br /&gt;
||अब हम  Color नामक फाइल का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
||इसे  Textview में खोलने के लिए,  '''Libraries Browser''' में  color आइकन पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| इस record में तीन वैरिएबल्स '''red, blue''' और '''green''' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि  Simulate बटन टूलबार में प्रदर्शित नहीं हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
| यह इंगित करता है कि रिकॉर्ड सिमुलेट होने के लिए नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| रिकॉर्ड के रूप में एनोटेशन एलिमेंट्स को समझना आसान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए,  '' experiment '' 'एनोटेशन को' फ़ील्ड 'के रूप में '''StartTime, StopTime, Interval''' और '''Tolerance'''  के साथ' 'record' 'के रूप में माना जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
|ग्राफिकल एलिमेंट्स की समान रूप से व्याख्या की जा सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|हम रिकॉर्ड्स के रूप में एनोटेशन की व्याख्या के बारे में अधिक समझेंगे जब हम  '''icon और diagram views''' पर चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:33&lt;br /&gt;
||नियतकार्य के रूप में,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
| ''10 '' से लेकर '20' यूनिट्स तक bouncingBallWithAnnotations के सिमुलेशन के लिए स्टॉप टाइम बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|इसके लिए '''experiment annotation''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|इस परिवर्तन के बाद class सिमुलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
|'''h''' बनाम '''time''' प्लॉट करें और स्टॉप टाइम में बदलाब को नोटिस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:57&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:00&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
||  हम '' 'स्पोकन ट्यूटोरियल' '' का प्रयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||हम उन लोगों को प्रमाण पत्र देते हैं जो ऑनलाइन परीक्षा पास करते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से प्रश्न है, तो कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों से हल किए गए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
||कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
||हम व्यावसायिक सिमुलेटर लैब्स को 'OpenModelica' '' में माइग्रेट करने में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
||हम उन लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट 'एनएमईआईटीटी, एमएचआरडी' ', भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| हम '' OpenModelica '' डेवलपमेंट टीम को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Developing-an-equation-based-model/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Developing-an-equation-based-model/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Developing-an-equation-based-model/Hindi"/>
				<updated>2017-11-11T05:55:58Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- ||00:01 ||नमस्कार, '''Developing an equation based model''' पर स्पोकन ट्यूटोरि...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
||नमस्कार, '''Developing an equation based model''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि  OMEdit में textual मॉडल कैसे बनाना है और इसे सिम्युलेट कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
||वैरिएबल्स और इक्वेशन्स को घोषित कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
||'''Simulation Setup'''  टूलबॉक्स का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:21&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica 1.9.2 '''  और ऊबंटु लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
||लेकिन, यह प्रक्रिया '''Windows, Mac OS X ''' या  ARM पर  FOSSEE में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने के लिए, आपको फिजिकल सिस्टम्स के इक्वेशन-आधारित मॉडलिंग को जानने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:48&lt;br /&gt;
||मास (द्रव्यमान)  m के बॉल की गति को सिम्युलेट करते हैं, जो '''free fall due to gravity''' में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
||पृथ्वी की सतह से बॉल की ऊंचाई वैरिएबल h द्वारा दर्शायी गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
||बॉल के वेग को वैरिएबल '' 'v' '' द्वारा दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
||'''Acceleration due to gravity''' को '' g '' द्वारा प्रदर्शित किया गया है और इसे स्थाई माना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
||पृथ्वी की सतह से दूर किए गए वैरिएबल को सकारात्मक माना जाता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| स्वतंत्र रूप से गिरने वाले बॉडी के लिए '''equations of motion''' निम्नानुसार है: '''dh/dt = v'''  ,  '''dv/dt = g'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
||'''t = 0''' समय पर h की वैल्यू 30  m है और '''t = 0''' समय पर v की वैल्यू 0 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
|| अब मैं OMEdit पर जाता हूँ। मैंने पहले ही इसे अपने सिस्टम पर रखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
|| ऊबंटु लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम पर  OMEdit खोलने के लिए, '''Dash Home ''' आइकन पर क्लिक करें, जो कि  launcher में ऊपरी बाईं ओऱ प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:53&lt;br /&gt;
||सर्च बार में  OMEdit टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
||OMEdit आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:59&lt;br /&gt;
||OMEdit आइकन पर क्लिक करके, आप इस तरह की विंडो देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
||इस विंडो को '''&amp;quot;Welcome perspective&amp;quot;''' नाम से जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
||OMEdit डिफॉल्ट रूप से, ''&amp;quot;Welcome perspective&amp;quot;'' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| निचले दाहिने कोने पर, आप '''‘Welcome’, ‘Modeling’''' और '''‘Plotting’ perspectives''' के लिए बटन्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:23&lt;br /&gt;
|| ''' ‘Modeling perspective’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||'''‘Modeling perspective’'' अब खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| मैं '''modeling area'''के रूप में बाईं ओर '''Libraries Browser''', नीचे '''Messages Browser'''  और ऊपर Toolbar के बीच क्षेत्र का संदर्भित कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| टूलबार में '''file operations, graphical view''' और '''simulation''' से संबधित बटन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
||हम आगे आगे इन बटन्स के बारे में अधिक सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
||अब, हम  '''Spoken Tutorial webpage''' पर '''Code Files'''  लिंक में उपलब्ध ''' ‘freeFall’ class'''  का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
||कृपया इस फाइल को डाउनलोड करें औऱ इसे अपने सिस्टम पर सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| इस class को खोलने के लिए, '''Menu bar''' में  File मैन्यू पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
||'''Open Model/Library File''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
|| freeFall फाइल खोजें जिसे आपने डाउनलोड किया है और अपने सिस्टम पर सेव किया है और इसे खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:24&lt;br /&gt;
|| आप फ़ाइल खोलने के लिए '''Open Model/Library File''' का उपयोग भी कर सकते हैं, जिसे मेरा कर्सर इंगित कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:34&lt;br /&gt;
||ध्यान दें freeFall आइकन '''Libraries Browser''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:39&lt;br /&gt;
||Libraries Browser सभी क्लासेस दिखाता है, जो OMEdit के सेशन में लोड किये गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
||freeFall आइकन पर राइट-क्लिक करें और ''View Class'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| क्लास अब Diagram में खुल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:56&lt;br /&gt;
||चिंता न करें, यदि  class  Diagram view में नहीं खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
||मैं आपको दिखाऊंगा कि कैसे अलग-अलग व्यूज के बीच स्विच किया जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||'' Modeling area''' के शीर्ष पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
||ध्यान दें दूसरा बटन '''Diagram''' view के लिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
||तीसरा बटन '''Text View''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
||'''Text View'' पर जाने के लिए इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
||class अब ''Text view''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, पहला बटन '''Icon View''' के लिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||हम बाद में '''Icon view '''और '''Diagram view ''' के बारे में अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| आप freeFall नामक नया क्लास भी बना सकते हैं और आवश्यक जानकारी टाइप कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
|| नईं क्लास बनाने के लिए,  File मैन्यू पर जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
||'''New Modelica Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:43&lt;br /&gt;
|| जैसा कि दिखाया गया है, एक डायलॉग बॉक्स पॉप अप होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||इस डायलॉग बॉक्स के Name फिल्ड में, freeFall टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
||मैं भिन्न नाम freeFall1 का उपयोग कर रहा हूँ, क्योंकि  freeFall class पहले ही  OMEdit में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि दो classes का एक ही नाम नहीं हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| Specialization ड्रॉप-डाउन मैन्यू पर क्लिक करें। Class चुनें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| एक नया class बन गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
||आप नए class को खोलने के लिए, '''New Modelica class''' नामक टूल का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:20&lt;br /&gt;
||मैं '''annotation section''' डिलीट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
||अब, आप यहाँ आवश्यक जानकारी टाइप कर सकते हैं और इस क्लास को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
||इस क्लास को सेव करने के लिए, '''Menu bar''' में File मैन्यू पर जाएँ और  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| इस फाइल के लिए उपयुक्त स्थान चुनें और इसे सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:41&lt;br /&gt;
|| अब '''freeFall class''' का उपयोग करके Modelica के सिंटेक्स को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
||''freeFall class''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:49&lt;br /&gt;
||Modelling area के शीर्ष पर जाएँ।  freeFall टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
||Modelica में प्रोग्राम्स classes के रूप में व्यवस्थित किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| Class की पहली लाइन उसका नाम परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:02&lt;br /&gt;
||इस क्लास का नाम  freeFall है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| क्लास कहाँ समाप्त है यह दर्शाने के लिए सभी क्लास का एक '''end statement''' होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
||इस क्लास में '''variable declarations ''' और '''equations'' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
||मैं आपको दिखाता हूँ कि  variables कैसे घोषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
||  '''Real'''  '''data-type''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
|| '' 'h' '' पृथ्वी की सतह से बॉल की ऊंचाई को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:25&lt;br /&gt;
||start  '''Real variable''' की एक विशेषता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक '''data-type''' के पास कुछ विशेषताएँ हैं, जो  variables से संबंधित उपयोगी जानकारी निर्दिष्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
||start विशेषता  variable के आरंभिक वैल्यू को निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:41&lt;br /&gt;
||h की प्रारंभिक वैल्यू 30 यूनिट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| unit attribute    variable की यूनिट निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
||h की यूनिट metre है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:52&lt;br /&gt;
|| सभी '''variable declaration'''  सेमी-कॉलन के साथ समाप्त होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57&lt;br /&gt;
||v बॉल के वेग को प्रदर्शित करता है। यह '''Real data-type''' का है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||v की प्रारंभिक वैल्यू शून्य है। इसकी यूनिट  '''meter per second''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| g  '''acceleration due to gravity''' को प्रदर्शित करता है। यह 'Real data-type'''  है। और इसकी यूनिट '''meter per second square''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
|| ' 'parameter' 'एक मात्रा है जो सिम्युलेशन में स्थिर रहता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
||  '' g '' की वैल्यू  9.81 की वैल्यू के साथ, सिम्युलेशन के समय स्थिर रहता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
||नकारात्मक चिन्ह, साइन कन्वेंशन के इस्तेमाल के कारण होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| डबल कोट्स में टैक्स्ट '' '' g '' की घोषणा के साथ लिखित एक '' comment '' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:42&lt;br /&gt;
||Comments प्रोग्राम के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। वे डॉक्यूमेंटेशन के लिए भी उपयोगी होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| अब, स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
||'' 'parameter' 'एक मात्रा है जो सिम्युलेशन के समय स्थिर रहता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
||'''Real, Integer, Boolean''' और ''' String data-types'''   Modelica में समर्थित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:03&lt;br /&gt;
||'''start''' और '''unit attributes''' पहले ही परिभाषित किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:07&lt;br /&gt;
||'''min attribute''   variable की न्यूनतम वैल्यू को निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
||इसीतरह,  max attribute    variable की अधिकतम वैल्यू को निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| मैं OMEdit पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:19&lt;br /&gt;
|| equation     class के '''equation section'''  की शुरूआत का प्रतीक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
|| यह comments प्रविष्ट करने का एक वैकल्पिक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| freely falling बॉडी के लिए दो ''equations of motion'' को यहां शामिल किया गया है।जैसा कि हमने पहले ही चर्चा की है, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| '''der()'''    '''time derivative''' के लिए ''Modelica function'' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||इसलिए ''der(h)'''    '''dh/dt.''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| और '''der(v)'''    '''dv/dt.''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक  equation सेमी-कॉलन के साथ समाप्त होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| मैं आपको दिखाता हूँ कि इस class को सिम्युलेट कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
||टूलबार में simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:04&lt;br /&gt;
|| पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
||इस विंडो को '''Plotting perspective''' नाम से जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:11&lt;br /&gt;
||क्लास के सफल सिम्युलेशन पर,   Plotting perspective स्वचालित रूप से खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
|| '''Variables browser''  क्लास के '''variables''' और '''parameters''' से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:24&lt;br /&gt;
||ध्यान दें यहाँ '''Unit''' और '''Description''' नामक कॉलम्म हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
||Unit कॉलम,  variables के units को निर्दिष्ट करता है जैसे कि Unit विशेषता का उपयोग कर परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:37&lt;br /&gt;
||Description कॉलम, '''variable declarations'' के साथ डबल कोट्स में लिखे कमेंट्स को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
|| मैं आपको दिखाता हूँ कि plot कैसे बनाना है। h चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:51&lt;br /&gt;
||यह  '''y-axis''' पर h और ''x-axis''' पर '''time''' के साथ समय के संबंध में  h के प्लॉट को बनाता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:01&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन 0 से 1 यूनिट तक चलाया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:07&lt;br /&gt;
||Time की यूनिट अन्य वैरिएबल्स के लिए इ्स्तेमाल units के सिस्टम पर आधारित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| मैं h अचयनित करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:17&lt;br /&gt;
||आवश्यक प्लॉट बनने के बाद, यह हमेशा परिणामों को डिलीट करना एक अच्छा अभ्यास होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:25&lt;br /&gt;
||इस परिणाम को डिलीट करने के लिए,  freeFall पर राइट-क्लिक करें और '''Delete result'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
||परिणाम अब डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| मैं '''Modeling perspective'' पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:39&lt;br /&gt;
||दाईं ओर नीचे Modeling बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:43&lt;br /&gt;
|| Modelica में,  class का उपयोग model के साथ समानार्थित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
||एक ही प्रभाव का निर्माण करने के लिए, यहां class के बजाय model का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
||अब, मैं आपको दिखाता हूँ कि सिम्युलेशन के लिए '''time interval'''  कैसे बदलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
||टूलबार में उपस्थित '''Simulation Setup''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| General टैब में, '''Stop time''' फिल्ड पर जाएँ। इसे 5 यूनिट्स में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:14&lt;br /&gt;
||Simulate पर क्लिक करें। प्रदर्शित पॉप-अब विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
||मैं एक बार फिर से '''Variables browser''' में h चुनता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
||यह '''h''' v/s '''time''' प्लॉट बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:29&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, टाइम इंटरवल 5 यूनिट्स में बढ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:33&lt;br /&gt;
||लेकिन,  h की वैल्यू 0 से नीचे चली गयी है, जो अस्वीकार्य है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:40&lt;br /&gt;
||हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में, इस प्रोब्लम्स को सुधारने के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:45&lt;br /&gt;
||मैं freeFall पर राइट-क्लिक करके इस परिणाम को डिलीट करता हूँ और '''Delete result''' चुनता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| नीचे दाईं ओर '''Modeling perspective''' पर क्लिक करके,  Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:59&lt;br /&gt;
|| यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि समीकरणों ( equation) की संख्या वैरिएबल की संख्या के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:07&lt;br /&gt;
||इस class में दो वैरिएबल्स औऱ दो इक्वेशन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:11&lt;br /&gt;
||अब, मैं पहले  equation को डिलीट करता हूँ और इस क्लास को सिम्युलेट करता हूँ, यह देखने के लिए कि क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:18&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले equation को डिलीट कर लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, कि freeFall टैब में क्लास के नाम के बगल में स्टार दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
||यह क्लास में अनसेव परिवर्तन को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:31&lt;br /&gt;
||इसलिए, परिवर्तन किए जाने के बाद, क्लास को सेव करना एक अच्छा अभ्यास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:38&lt;br /&gt;
||इस क्लास को सेव करने के लिए, '''File menu''' पर जाएँ औऱ  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:44&lt;br /&gt;
||आप टूलबार में से भी Save बटन का उपयोग कर सकते हैं, जो फाइल सेव करने के लिए मेरा कर्सर इंगित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:53&lt;br /&gt;
||अब, मैं Simulate बटन पर क्लिक करके इस क्लास को सिम्युलेट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:59&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि एक एरर मैसेज '''Messages browser''' में पॉप अप होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:04&lt;br /&gt;
||यह कहता है कि, यहाँ बहुत कम equations है और मॉडल में 1  equations और 2  variables हैं। इसलिए यह सिम्युलेट नहीं हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:14&lt;br /&gt;
||मैं equation को उसकी जगह पर वापस करता हूँ और टूलबार में  Save पटन पर क्लिक करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:24&lt;br /&gt;
||इस क्लास को सिम्युलेट करने के लिए  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, क्लास सफलतापूर्वक सिम्युलेट हो गई है, क्योंकि equations की संख्या variables की संख्या के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:37&lt;br /&gt;
||पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:40&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:43&lt;br /&gt;
|| '''“der()”'''   '''time derivative''' के लिए  Modelica फंक्शन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:48&lt;br /&gt;
||यहाँ equations के लिए कोई डेटा फ्लो दिशा नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:52&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, '''der(h) = v'''   को '''v = der(h)''' के रूप में लिखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:00&lt;br /&gt;
||'''Initial equations section''' का उपयोग प्रारंभिक कंडिशन्स को प्रविष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:05&lt;br /&gt;
||हम '''Initial equation'''  के बारे में विस्तार से बाद में जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:10&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में,  '''differential equation''' '''dx/dt = -a  into x ''' को सिम्युलेट करने के लिए एक मॉडल लिखें, जहाँ  '''a = 1''', ''x'''    '''R'''  से संबधित है और टाइम '''t=0'''  पर  x की वैल्यू 5  है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:28&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:31&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर वीडियो देखें यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:37&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं करते हैं; प्रमाण पत्र देते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:43&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:49&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुडने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:53&lt;br /&gt;
||धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi"/>
				<updated>2017-10-07T15:32:21Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- ||00:01 ||'''Control flow and Event handling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपक...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
||'''Control flow and Event handling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे,   '''if-else''' स्टेटमेंट का उपयोग कैसे करें, '''time''' और '''state''' इवेंट्स कैसे हैंडल करें, '''when''' स्टेटमेंट का उपयोग कैसे करें?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' और उबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04. &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
||लेकिन यह प्रक्रिया '''Windows, Mac OS X''' या  '''ARM'''  पर '''FOSSEE OS''' में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए आपको निम्न की जानकारी होनी चाहिए physical systems की इक्वेशन आधारित '''modeling''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में ब्रांचिंग, '''Modelica''' में क्लास की परिभाषा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
||पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर हैं, कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
||'''freeFall''' क्लास की चर्चा पिछले ट्यूटोरियल में की जा चुकी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
||अब इसमें '''constraint''' जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
||बॉल '''t = 0.5''' सैकेंड तक रूकती है। '''gravity''' में Free fall  '''t = 0.5''' सैकेंड पर शुरू होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
||मैंने '''timeEventExample''' नामक एक मॉडल बनाया है, जो इस कंडिशन को सेम्युलेत करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:25&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample''' फाइल स्पोकन ट्यूटोरियल पर '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||कृपया डाउनलोड करें और सभी फाइल्स को '''Code Files''' लिंक में सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
||आपकी सहूलियत के लिए '''freeFall class''' भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
||अब '''OMEdit''' पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
||मैंने इसे पहले ही मेरे सिस्टम पर रखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
||उबंटू ऑपरेटिंग सिस्टम पर '''OMEdit''' खोलने के लिए ऊपर बाईँ ओर पर '''Dash Home''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| सर्च बार में '''OMEdit''' टाइप करें और '''OMEdit'''  आइकन पर क्लिक करें। वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
||नोटः विंडो यूजर उसी तरह '''Start''' मैन्यू में '''OMEdit''' खोजें और इसे खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:13&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample''' फाइल खोलने के लिए,'''Open Model/Library File''' नामक टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
||अपने सिस्टम में '''timeEventExample''' फाइल खोजें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:28&lt;br /&gt;
||आप इस फाइल को खोलने के लिए वैकल्पिक रूप में '''File''' मैन्यू का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
||ध्यान दें '''timeEventExample'''  '''Libraries browser''' में प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:39&lt;br /&gt;
||इस आइकन पर राइट-क्लिक करें और '''View class'''  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
||मॉडल अब '''Diagram view''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||तीसरे बटन '''Text View''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
||हम पहले ही चर्चा कर चुके हैं कि '''Modelica''' में '''model''' और '''class''' समानार्थी रूप से उपयोगित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल का नाम '''timeEventExample''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| इस प्रकार के '''Comments''',  '''model''' या '''class''' की पहली लाइन में लिखे जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| '''h, v''' और '''g'''  '''freeFall class''' में समान मान प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
|| '''initial equation''' सेक्शन में इनिशियल कंडिशन्स होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| '''h''' की वेल्यू '''t = 0''' टाइम पर '''30m''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
|| '''v''' की वेल्यू '''t = 0''' टाइम पर '''0''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| '''Equation''' इस '''model'''  के इक्वेशन सेक्शन की शुरूआत प्रकट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| अब देखते हैं कि स्लाइड में वर्णित '''constraint'''  को प्रविष्ट कैसे करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि यहां इक्वेशन सेक्शन में एक '''if-else block''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
||इस '''if-else block''' के प्रत्येक स्टेटमेंट को समझने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| '''if statement'''  '''time''' वेरिएबल पर '''constraint'''  रखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
||'''time'''  '''Modelica''' में बिल्ट-इन वेरिएबल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
||इसे '''class''' या '''model''' में स्पष्ट रूप से घोषित करने की आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| ball समय '''0.5'''  सैकेंड के बाद free fall का अनुभव करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
||इसलिए ये दो इक्वेशन '''freeFall class''' के समान इक्वेशन्स प्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:19&lt;br /&gt;
|| '''else branch''' में '''equations''' हैं, जो निष्पादित होती हैं, जब समय '''0.5''' सैकेंड से कम होता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| ball रूक जाता है,जब समय '''0.5''' सैकेंड से कम होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
||इस मामले में ये दो '''equations''' सही हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
|| '''end if''' '''if-else block''' का अंत दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:41&lt;br /&gt;
||'''model''' अब पूर्ण हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' बटन पर क्लिक करके इसे सेम्युलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| '''Plotting perspective''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
||'''Variables browser''' में '''h''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| यह '''h''' versus '''time''' प्लॉट बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
||चूंकि समय '''t=0.5'''  सैकेंड तक बॉल रूक जाता है, ऊँचाई समान रहती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
||परिणाम को डिलीट करने के लिए,  Variables browser में '''timeEventExample''' पर राइट क्लिक करें और '''Delete Result''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| '''Modeling perspective''' पर वापस जाने के लिए, नीचे दाईं ओर पर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| अब '''else branch''' में दूसरा '''equation''' डिलीट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
||इस '''model''' को सेव करने के लिए टूवबार में '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
||सेम्युलेशन असफल हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:37&lt;br /&gt;
||'''Messages browser''' पर जाएँ और एरर मैसेज देखने के लिए ऊपर स्क्रॉल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:42&lt;br /&gt;
||एरर मैसेज दर्शाता है कि प्रत्येक '''branch'''  में '''equations''' की संख्या समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
||इसलिए '''if''' और '''else branches''' में '''equations''' की संख्या वेरिएबल्स की संख्या के समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
||फिर से '''equation''' को इसकी जगह पर प्रविष्ट करें और '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें '''der(h) = v''' एक '''equation'''  है, जो '''if''' और '''else branches''' दोनों के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
||इसलिए '''if-else block''' को दो स्टेटमेंट द्वारा बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
||मैं आपको दिखाता हूँ कि यह कैसे होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
||पहले '''if-else block''' डिलीट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
||यहाँ टाइप किए जाने वाले इक्वेशन्स '''if else-statement.txt''' नामक फाइल में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:34&lt;br /&gt;
|| ये फाइल '''Code Files''' लिंक में भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
|| क्योंकि यह टेक्स्ट फाइल है, मैंने इसे खोलने के लिए '''gedit''' का उपयोग किया ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| '''gedit''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
||विंडो यूजर्स '''Notepad''' या किसी अन्य टेक्स्ट एडिटर का उपयोग करके यह फाइल खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:54&lt;br /&gt;
|| दो इक्वेशन्स कॉपी करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:57&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:00&lt;br /&gt;
||राइट-क्लिक करें और '''Paste''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:04&lt;br /&gt;
|| फिर से टूलबार में '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:08&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' सेम्युलेट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||pop up विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||फिर से '''Variables browser''' में '''h'''चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''h''' versus '''time''' प्लॉट पिछले मामले के समान है, जो दर्शाता है कि दोनों मॉडल्स समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||परिणाम को डिलीट करने के लिए '''timeEventExample''' पर राइट-क्लिक करें और '''Delete Result''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:34&lt;br /&gt;
|| नीचे दाईं ओर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| यह एक '''if-else statement''' है, जो दर्शाता है कि यदि '''time &amp;gt;= 0.5''' '''dv/dt = g''' अन्यथा '''dv/dt = 0'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:52&lt;br /&gt;
||अब स्लाइड्स पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:55&lt;br /&gt;
||कृपया ध्यान दें कि '''if branch''' में इक्वेशन्स की संख्या '''else branch''' में इक्वेशन्स की संख्या के समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||और दोनों '''class''' या '''model''' में वेरिएबल्स की संख्या के समान होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:10&lt;br /&gt;
|| '''Event''' सिस्टम के व्यवहार में अप्रत्यासित बदलाव है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||'''Events''' को time events और state events में वर्गीकृत किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||'''time event''' में, इवेंट होने का समय निश्चित पता होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample'''  '''t = 0.5''' सैकेंड पर टाइम इवेंट नियंत्रित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
||'''state event'''  तब होता है जब सिस्टम वेरिएबल कोई वेल्यू क्रॉस करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
||एक उदाहरण का उपयोग करके स्टेट इवेंट को समझने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||free fall में बॉल,  ग्राउंड छूने पर '''state event''' का सामना करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
||निम्न व्यवहार देखा गया जब यह ग्राउंड को हिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
||गेंद की गति दिशा में बदलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||गति का परिणाम बदलता है यदि टक्कर स्थिर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:00&lt;br /&gt;
||मैंने इस व्यवहार को सेम्युलेट करने के लिए '''bouncingBall''' नामक मॉडल बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
||यह फाइल स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल को देखने और इसे सेम्युलेट करने के लिए '''OMEdit''' पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
||'''OpenModel/LIbrary File''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||अपने सिस्टम पर '''bouncingBall''' फाइल खोजें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| '''Libraries browser''' में '''bouncingBall''' आइकन पर राइट-क्लिक करें और '''View Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||यदि मॉडल '''Text View'''  में नहीं खुलता है, तो '''modeling area''' के शीर्ष पर जाएँ और '''Text View''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
|| '''e''' पृथ्वी के साथ बॉल की असफल टक्कर के लिए क्षतिपूर्ति का गुणांक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
||यह एक पैरामीटर है और पूरे सेम्युलेशन के समय इसकी वेल्यू  0.8 पर स्थिर रहती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| '''radius'''  '''m''' में बॉल के radius को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:00&lt;br /&gt;
|| '''h, v''' और '''g''' '''timeEventExample''' के समान मान प्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:07&lt;br /&gt;
|| मोशन्स के इन दो इक्वेशन्स की चर्चा '''freeFall class''' में कर चुके हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| '''when statement''' इवेंट के सिग्नल के लिए उपयोगित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग इवेंट घटित होते समय लिए जाने वाले एक्शन को निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
||'''h &amp;lt;= radius'''  '''true''' रखता है, जब बॉल का संपर्क ग्राउंड से होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
||यह '''statement''' निष्पादित होता है, जबभी इवेंट घटित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
|| '''reinit()''' फंक्शन का उपयोग वेरिएबल को इनिशिलाइज करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:39&lt;br /&gt;
|| यहाँ यह '''e''' के नकारात्मक उत्पाद के साथ बॉल के वेग और ग्राउंड छूने से पहले बॉल के वेग को इनिशिलाइज करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल को सेम्युलेट करने के लिए टूलबार में '''Simulation Setup''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| '''General''' टैब में, '''Stop Time''' फिल्ड 30 units में बदलें और '''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:04&lt;br /&gt;
||pop-up विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| '''Variables browser''' में '''h''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
||ध्यान दें '''h''' जीरो के नीचे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
||'''freeFall class''' सेम्युलेट करते समय हमने समान व्यवहार देखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| यह गलत व्यवहार न्यूमेरिकल एरर्स के कारण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||न्यूमेरिकल एरर्स की चर्चा इस ट्यूटोरियल के दायरे से बाहर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:30&lt;br /&gt;
||कृपया अच्छे से समझने के लिए बाउंसिंग बॉल के '''Zeno''' व्यवहार का अनुशरण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:36&lt;br /&gt;
||'''h''' को अचयनित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| '''when statement''' का उपयोग एक इवेंट के सिग्नल के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
||'''reinit(a,b)'''  '''b''' की वेल्यू वेरिएबल '''a'''को असाइन करता है और सेम्युलेशन को पुनः आरंभ करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
||'''pre(a)''' इवेंट से पहले वेरिेएबल की वेल्यू '''a''' वापस करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:59&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरूप '''reinit(a, 10)''' इवेंट होते समय '''a''' को '''10'' वेल्यू असाइन करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
||'''bouncingBall''' मॉडल का त्रुटिपूर्ण व्यवहार '''bouncingBallWithHysteresis''' में सही होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:15&lt;br /&gt;
||'''bouncingBallWithHysteresis''' मॉडल स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||'''bouncingBallWithHysteresis''' सेम्युलेट करें और '''h''' versus '''time''' प्लॉट बनाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:27&lt;br /&gt;
||'''bouncingBall''' और '''bouncingBallWithHysteresis''' के बीच का अंतर ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें '''http://spoken-tutorial.org/ http://spoken-tutorial.org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:40&lt;br /&gt;
||यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:42&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न हो तो कृपया निम्न वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| Under '''Textbook Companion Project''' के तहत हम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:03&lt;br /&gt;
||हम ऐसे लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| '''Lab Migration Project''' के तहत हम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:17&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:21&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| हम '''OpenModelica''' टीम को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:33&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi"/>
				<updated>2017-10-05T14:31:18Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 | | नमस्कार,  '''OpenModelica Connectors.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
| | नमस्कार,  '''OpenModelica Connectors.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:06&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे नई  class बनाना, मौजूदा class खोलना, भिन्न classes कनेक्ट करना,  model बनाना औऱ  model सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:22&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ  OpenModelica वर्जन 1.11.0 और ऊबंटु लिनक्स  OS 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:34&lt;br /&gt;
| |लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS में समान है- जैसे '''Windows, '''  '''Mac OS X'''  या '' ARM पर  FOSSEE OS &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:47&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको  OMEdit के बारे में पता होना चाहिए, पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:57&lt;br /&gt;
| | ट्यूटोरियल में उपयोगति '''RLC_Circuit ''' फ़ाइल, हमारी साइट पर एक कोड फाइल के रूप में दी गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:04&lt;br /&gt;
| |'''Code Files''' लिंक से फाइल्स डाउनलोड करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही  OMEdit विंडो खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:13&lt;br /&gt;
|| अब हम चर्चा करेंगे कि नया model कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:18&lt;br /&gt;
| |पहले हम नई class बनायेंगे। तो File मैन्यू पर जाएँ और '''New Modelica Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:27&lt;br /&gt;
| |'''Create New Modelica Class'''  विंडो प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:31&lt;br /&gt;
| |Name फिल्ड में, क्लास का नाम प्रविष्ट करें, जिसे हम बनाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:37&lt;br /&gt;
| |मैं Sample नाम टाइप प्रविष्ट करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:41&lt;br /&gt;
| | Specialization फिल्ड में, क्लास का टाइप चुनें, जिसे आप बनाना चाहते हैं। मैं  Class चुनुँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:50&lt;br /&gt;
|| फिरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
| | दिए गए नाम के साथ नया क्लास बनेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:57&lt;br /&gt;
| |हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में classes के बारे में और अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:02&lt;br /&gt;
| |अब हम इस क्लास को सेव करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:05&lt;br /&gt;
| |इसके लिए, '''Sample class''' पर राइट-क्लिक करें औरSave पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:11&lt;br /&gt;
| |इस फाइल को सेव करने के लिए उचित स्थान चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
| | Sample फाइल बंद करें। Sample पर राइट क्लिक करें और  Unload चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:22&lt;br /&gt;
| |प्रदर्शित कंफरमेशन डायलॉग बॉक्स में Yes पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:27&lt;br /&gt;
| |अब हम सीखेंगे कि मौजूदा class को कैसे खोलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:32&lt;br /&gt;
| |class खोलने के लिए,  File मैन्यू पर जाएँ। फिर '''Open Model/Library File''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:40&lt;br /&gt;
| | इच्छित फ़ाइल का चयन करें जिसे आप खोलना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:44&lt;br /&gt;
| |मैं '''RLC_Circuit.mo'''  फाइल चुनुँगा जो हमने '''Code files''' से डाउनलोड की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| |Open बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:55&lt;br /&gt;
| | अब हमConnectors के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:59&lt;br /&gt;
| |Connector एक model से अन्य model के साथ जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिए एक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:07&lt;br /&gt;
| |Connectors के उपयोग:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:09&lt;br /&gt;
| |Connectors का उपयोग  कनेक्शन, कम्युनिकेशन, कंपोनेंट और बाहरी दुनिया के बीच युग्मन के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
| |फिर, हमclasses कनेक्ट करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:20&lt;br /&gt;
| |इसके लिए, मैं ''RLC_Circuit''' फाइल का उपयोग करुँगा जिसे हमने पहले खोला था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:28&lt;br /&gt;
| |''RLC_Circuit'''   Modelica package है जिसमें भिन्न classes शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:34&lt;br /&gt;
| |Package का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:37&lt;br /&gt;
| | यहाँ हम विभिन्न '''classes,'''   '''Ground'',  '''VoltageSource''' , '''Resistor''' , '''Capacitor '''और  '''Inductor'''&amp;lt;br/&amp;gt;  देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:49&lt;br /&gt;
| |और '''Pin''' नामक  '''connector''' भी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:53&lt;br /&gt;
| |हम इस श्रृंखला में आने वाले ट्यूटोरियल्स में '' 'classes' 'और' 'connectors' 'के बारे में अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
|| इसpackage में circuit क्लास भी शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
| |Circuit फाइल पर डबल-क्लिक करें और '''Text view''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:11&lt;br /&gt;
| |यहाँ हम देख सकते हैं कि class में कोई भी कोड नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:17&lt;br /&gt;
| | अब '''Diagram View'' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:20&lt;br /&gt;
| | सभी '''blocks/components''' को ग्रिड भाग में रखते हैं। फिर हम उन्हें कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:29&lt;br /&gt;
| | Resistor पर क्लिक करें और इसे ग्रिड भाग में ड्रेग औऱ ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:35&lt;br /&gt;
| | हमें मैसेज प्राप्त होता है: ''Enter Component Name.''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:38&lt;br /&gt;
| |Name फिल्ड में, कंपोनेंट नाम '''R'' प्रविष्ट करें और OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:47&lt;br /&gt;
| |Inductor पर क्लिक करें, इसे ग्रिड भाग में ड्रेग औऱ ड्रॉप करें और इसे Resistor के बाद रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:56&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम '''L'' प्रविष्ट करें और OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:02&lt;br /&gt;
| |Capacitor पर क्लिक करें, इसे ग्रिड भाग में ड्रैग औऱ ड्रॉप करें और इसे Inductor के बाद रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:10&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम '''C'' प्रविष्ट करें औरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:15&lt;br /&gt;
| |फिर,  VoltageSource पर क्लिक करें औऱ इसे ग्रिड भाग में ड्रैग और ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:22&lt;br /&gt;
| |इसे ''R, L''' और '''C'' के ऊपर रखें, जो श्रृंखला में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:28&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम ACVoltage प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  05:32&lt;br /&gt;
| | याद रखें, कृपया कंपोनेंट नाम फिल्ड में कोई भी स्पेस ना रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:38&lt;br /&gt;
| |यह सिम्युलेशन के समय ट्रांसलेशन एरर देगा।  OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:45&lt;br /&gt;
| |फिर,  Ground पर क्लिक करें और इसे ग्रिड भाग में ड्रैग औऱ ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:52&lt;br /&gt;
| |इसे श्रृंखला में ''R, L''' और '''C'''  कंपोनेंट के नीचे रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:57&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम G प्रविष्ट करें औरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:02&lt;br /&gt;
| |अब श्रृंखला में ''RLC Circuit '' का निर्माण करने के लिए हमारे पास सभी आवश्यक कंपोनेंट्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:09&lt;br /&gt;
| | इनcomponents को कनेक्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:12&lt;br /&gt;
| | माउस को कंपोनेंट के बाईं ओर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:16&lt;br /&gt;
| |पॉप-अप '''RLC underscore Circuit dot pin p''' प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:22&lt;br /&gt;
| |यह '''positive pin''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:25&lt;br /&gt;
| |इसीतरह, कंपोनेंट का दायाँ भाग ''RLC underscore Circuit dot pin n'' पॉप-अप दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:34&lt;br /&gt;
| |यह '''negative pin''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:37&lt;br /&gt;
| | कर्सर को Resistor के '''negative pin'''  पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:42&lt;br /&gt;
| |हम ''''+'''' चिन्ह देख सकते हैं जब कर्सर '''n pin''' पर रखा जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
| | pin पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:49&lt;br /&gt;
| |इसे Inductor के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:54&lt;br /&gt;
| | '''Inductor's p pin ''' पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:01&lt;br /&gt;
| | फिर, हम Inductor के '''n pin'''  को  Capacitor के ''p pin ''' के साथ कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:08&lt;br /&gt;
| |Inductor के '''n pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:11&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरCapacitor के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
| | Capacitor के '''p pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:20&lt;br /&gt;
| |अब हमने श्रृंखला में '''Resistor, Inductor''' और ''' Capacitor''' कनेक्ट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
| | अगला चरण VoltageSource प्रदान करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:32&lt;br /&gt;
| |Resistor के '''p pin'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:36&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें और VoltageSource के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:42&lt;br /&gt;
| | इसीतरह, हम Capacitor के '''n pin''' को VoltageSource के '''n pin''' के साथ कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:50&lt;br /&gt;
| |Capacitor के '''n pin'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:53&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरVoltageSource के  '''n pin'''  पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:58&lt;br /&gt;
| | '''n pin'''  पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:03&lt;br /&gt;
|| अगला चरण सर्किट Ground करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:07&lt;br /&gt;
| |VoltageSource के '''n pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:11&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरGround  पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:14&lt;br /&gt;
| |ध्यान दें,  Ground को केवल एक पिन मिला है जो '''p pin''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:20&lt;br /&gt;
| |इस पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें। अब सर्किट पूरा हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:25&lt;br /&gt;
| | ट्यूटोरियल रोक दें और देखें कि आपका सर्किट इस तरह दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| | class सेव करने के लिए '''CTRL  S''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:37&lt;br /&gt;
| | अब हम class की शुद्धता की जाँच करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:41&lt;br /&gt;
| | '''Check All Models''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:45&lt;br /&gt;
|| '''Messages Browser''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:49&lt;br /&gt;
| |यह समीकरणों की संख्या और वैरिएबल्स की संख्या को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:53&lt;br /&gt;
| |मॉडल सिम्युलेट के लिए तैयार हो जायेगा यदि दोनों समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:58&lt;br /&gt;
| | Simulate बटन पर क्लिक करें। एक नया विंडो प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:03&lt;br /&gt;
|| यह आउटपुट विंडो सक्सेस मैसेज प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
| | R का विस्तार करें और ''Ir''' और '''time'' के बीच प्लॉट करने के लिए  Ir पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| |हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में '''Equations''' और '''Variables''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:24&lt;br /&gt;
| | यह सब इस ट्यूटोरियल के लिए है। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:28&lt;br /&gt;
| |इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: नए क्लास को बनाना, मौजूदा क्लास को खोलना, भिन्न  classes कनेक्ट करना,  Model बनाना और  Model सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
| | नियत-कार्य के रूप में,  RLC Circuit का निर्माण करें, जहाँ: '''Resistor, Inductor''' और '''Capacitor '''   parallel कनेक्शन में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:53&lt;br /&gt;
| |''RLC_Circuit package''' मैं मौजूद '''classes''' और '''connector''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |यह सर्किट का चित्र है जिसे निर्माण किया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| | निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। [Http://spoken-tutorial.org/spoken-tutorial.org/] &lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करती है, ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:31&lt;br /&gt;
| | इस फोरम में समय के साथ अपने प्रश्नों को पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:34&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करती है। हम ऐसे लोगों के लिए मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:49&lt;br /&gt;
| | FOSSEE टीम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करती है। हम ऐसे लोगों के लिए मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:06&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल और FOSSEE आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:15&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| | यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Examples-through-OMEdit/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Examples-through-OMEdit/Hindi</title>
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				<updated>2017-10-04T14:57:37Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''  |- || 00:01 |नमस्कार, '''Examples through OMEdit''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल मे...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, '''Examples through OMEdit''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे, भिन्न '''Modelica''' लाइब्रेरी क्लासेस को खोलना और सेम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:13&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica वर्जन 1.9.5''' और ऊबंटु लिनक्स OS 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:25&lt;br /&gt;
||लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS में समान है- '''Windows, ''' '''Mac OS X''' या '' '''ARM''' पर  '''FOSSEE OS'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:37&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर '''OMEdit'''  संस्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:43&lt;br /&gt;
||आपको '' '''OMEdit''' '' विंडो पर कैसे काम करना चाहिए यह भी जानना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:47&lt;br /&gt;
||यदि नहीं तो, कृपया इस वेबसाइट पर '''OpenModelica''' के पिछले  ट्यूटोरियल्स को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:53&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit'''  विंडो पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:57&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit'''  विंडो के बाईं ओर पर, हम Libraries  ब्राउजर देखेंगे। यह हम लाइब्रेरीज की सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:07&lt;br /&gt;
| |'''Modelica'''  लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं। ऐसा करने के लिए, '''Modelica''' लाइब्रेरी के बाईं ओर ऐरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:16&lt;br /&gt;
| | अब मैं '''Electrical'''  लाइब्रेरी का एक उदाहरण प्रस्तुत करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:21&lt;br /&gt;
| | '''Electrical'''  लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:24&lt;br /&gt;
||'''Electrical'''  लाइब्रेरी के बाई ओर ऐरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:28&lt;br /&gt;
||'''Electrical''' में, हम '''Analog'''  लाइब्रेरी देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:32&lt;br /&gt;
||'''Analog''' लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:35&lt;br /&gt;
| |एक बार फिर से, हम कई अलग-अलग प्रदर्शित लाइब्रेरीज देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:39&lt;br /&gt;
||अब, '''Example'''  लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:43&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Analog''' के विभिन्न उदाहरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:48&lt;br /&gt;
| | फिर, हम '''Rectifier''' नामक क्लास खोलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:53&lt;br /&gt;
||'''Rectifier''' पर राइट-क्लिक करें और '''Open Class'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:58&lt;br /&gt;
||हम क्लास खोलने के लिए, क्लास नाम पर डबल-क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:03&lt;br /&gt;
| | अब हम '''Modeling Perspective''' विंडो पर हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:07&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से, क्लास '''Diagram View''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:11&lt;br /&gt;
||मैंने इस श्रृंखला में पहले ही समझाया है कि विभिन्न views में कैसे जाना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:18&lt;br /&gt;
| |अब  '''Text View''' आइकन पर क्लिक करके  '''Text View''' पर जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:24&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '' '''Rectifier''' ' क्लास से संबंधित ''''Modelica'''  कोड देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:30&lt;br /&gt;
| | मॉडल सेम्युलेट करने से पहले, हमें मॉडल की शुद्धता की जांच करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |02:36&lt;br /&gt;
| | ऐसा करने के लिए, पहले टूलबार पर  '''Check All Models''' बटन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |02:42&lt;br /&gt;
| | यह बटन सफेद रंग में होगा, इस पर डबल टिक होगा। इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:48&lt;br /&gt;
|| तुरंत ही, विंडो के तल में '''Messages Browser''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:54&lt;br /&gt;
||यह '''Modelica'''  क्लास से संबंधित मैसेज दिखायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:58&lt;br /&gt;
|| अब, मॉडल सेम्युलेट करने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:00&lt;br /&gt;
|| टूलबार पर, हरे रंग के ऐरो बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:07&lt;br /&gt;
||यह '''Simulate'''  बटन है जिसका उपयोग मॉडल को सेम्युलेट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:13&lt;br /&gt;
||हम मॉडल को सेम्युलेट करने के लिए '''Ctrl''' और'''B'''  कीज भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:18&lt;br /&gt;
|| सेम्युलेट करने पर एक नया विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:21&lt;br /&gt;
| | यह क्लास के कंपाइलेशन प्रोसेस को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
| | एक बार जब कंपाइलेशन पूरा हो जाता है, तो आउटपुट विंडो मैसेज प्रदर्शित करता है '''Simulation process finished successfully'''. विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:37&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट रूप से, '''Plotting Perspective''' अब '''OMEdit'''  विंडो में खुलना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:43&lt;br /&gt;
||यदि यह नहीं खुलता है, तो नीचे दाईं ओर '''Plotting'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:48&lt;br /&gt;
||हम  '''Plotting Perspective''' खोलने के लिए '''Ctrl''' और '''F3''' कीज भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:54&lt;br /&gt;
| | यहां हम '''Modelica'''  क्लास के सिम्युलेशन परिणाम देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:59&lt;br /&gt;
| | '''Plotting Perspective''' के दाईं ओर,  '''Variables Browser''' विंडो देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
| | '''Variables Browser''' में, हम '''Modelica'''  क्लास के इनपुट वैरिएबल वैल्यूज को परिवर्तित करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:13&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट रूप से, '''IDC = 500''', '''Losses = 2890.26'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:22&lt;br /&gt;
||'''IDC'''  की वैल्यू परिवर्तित करें और देखें कि '''Losses'''  की वैल्यू कैसे परिवर्तित होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:28&lt;br /&gt;
| | '''IDC'''  की वैल्यू 500 से 250 में वरिवर्तित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:33&lt;br /&gt;
||और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:37&lt;br /&gt;
| | विंडो के शीर्ष पर दाईं ओर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:39&lt;br /&gt;
||'''Re-simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:42&lt;br /&gt;
| | success message विंडो खुलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:46&lt;br /&gt;
||इस विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:48&lt;br /&gt;
|| एक बार जब सिम्युलेशन पूरा हो जाता है, तो परिवर्तित '''Losses = 1756.77''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:57&lt;br /&gt;
|| अब मैं दिखाता हूँ कि प्लॉट कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:01&lt;br /&gt;
||हम '''Losses''' और '''Time''' के बीच प्लॉट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:06&lt;br /&gt;
|| '''Losses'''  वैरिएबल चैक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| हम  '''Time on the X-axis''' और '''Losses on the Y-axis''' के बीच प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:17&lt;br /&gt;
||यह प्लॉट टाइम के साथ  '''diode bridge''' के पावर नुकसान का वर्णन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
| |डिफॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन  '''0'''  से '''0.1'''  यूनिट टाइम तक रन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:31&lt;br /&gt;
||हम '' '''Simulation Setup''' ऑप्शन का उपयोग करके इस अंतर को बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:36&lt;br /&gt;
| | ऐसा करने के लिए, '''Modeling Perspective''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:40&lt;br /&gt;
||'''Modeling'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| टूलबार पर  '''Simulation Setup'''  ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:47&lt;br /&gt;
||'''Simulation Setup''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:50&lt;br /&gt;
| |यहाँ,  '''Start Time'''  को '''0.01''' यूनिट में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:55&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि '''Simulate'''  चैक बॉक्स चैक्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:59&lt;br /&gt;
| | और फिर  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:02&lt;br /&gt;
|| तुरंत ही हम सक्सेस मैसेज विंडो देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:06&lt;br /&gt;
| | इस विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:08&lt;br /&gt;
| | यह क्लास '''0.01''' से '''0.1''' के सिम्युलेसन इंटरवल के साथ पुनःसिम्युलेट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:16&lt;br /&gt;
|| इन परिणामों को डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:18&lt;br /&gt;
||ऐसा करने के लिए,  Rectifier पर राइट क्लिक करें और फिर '''Delete Result''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:26&lt;br /&gt;
||परिणाम अब डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
| | अब मैं  Mechanics लाइब्रेरी से एक उदाहरण प्रदर्शित करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  06:34&lt;br /&gt;
||पहले हम  Mechanics लाइब्रेरी का विस्तार करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:38&lt;br /&gt;
||Mechanics में, हम  Multibody लाइब्रेरी पाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:43&lt;br /&gt;
||Multibody लाइब्रेरी का भी विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:47&lt;br /&gt;
|| इसके बाद,  Example लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:51&lt;br /&gt;
||यहाँ हम  '''Multibody''' Mechanics के विभिन्न उदाहरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:56&lt;br /&gt;
| |फिर, हम  Elementary लाइब्रेरी का विस्तार करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:00&lt;br /&gt;
| | DoublePendulum नामक क्लास खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:04&lt;br /&gt;
||ऐसा करने के लिए,  DoublePendulum पर राइट-क्लिक करें और '''Open Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
| | क्लास  '''Text view''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:14&lt;br /&gt;
| |अब, टूलबार पर '''Check All Models''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:19&lt;br /&gt;
| | '''Messages Browser''' का निरिक्षण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:22&lt;br /&gt;
| |यह  Modelica क्लास से संबंधित मैसेज प्रदर्शित करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:27&lt;br /&gt;
| |अब, मॉडल को सिम्युलेट करने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:31&lt;br /&gt;
| |ऐसा करने के लिए, टूलबार पर  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |07:35&lt;br /&gt;
| |कंपाइलेशन पूरा होने पर,  Plotting Perspective    OMEdit विंडो में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:43&lt;br /&gt;
| | '''Variables Browser''' में,  damper वैरिएबल का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:49&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट रूप से,  '''d =  0.1, '''relative angular acceleration(a_rel)''' = '''11.567''' और  '''relative rotational angle [der(phi_rel)]''' = '''4.1'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:05&lt;br /&gt;
| | d की वैल्यू ''0.1''' से '''0.05' में परिवर्तित करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:14&lt;br /&gt;
| | फिर '''Re-simulate'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:17&lt;br /&gt;
| | सिम्युलेशन पूरा होने के बाद, परिवर्तन पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:22&lt;br /&gt;
| |'''relative angular acceleration (a_rel) = 15.449''' और  '''relative rotational angle [der(phi_rel)] = 4.359'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| |अब, हम  '''relative angular acceleration''' और '''Time''' के बीच प्लॉट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:40&lt;br /&gt;
| | '''a_rel''' वेरिएबल चैक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:46&lt;br /&gt;
| | हम  '''Time on the X-axis''' और '''a_rel on the Y-axis''' के बीच प्लॉट देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:54&lt;br /&gt;
| |यह प्लॉट टाइम के साथ बदलते '''relative angular acceleration''' का वर्णन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:00&lt;br /&gt;
| |डिफॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन '''0''' से '''3''' यूनिट टाइम से रन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:06&lt;br /&gt;
| |इंटरवल को बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:10&lt;br /&gt;
| |ऐसा करने के लिए, '''Modeling Perspective''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:14&lt;br /&gt;
| |टूलबार पर '''Simulation Setup''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:18&lt;br /&gt;
| | Simulation Setup विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:21&lt;br /&gt;
| |यहाँ '''Start Time''' को 1 यूनिट और '''Stop Time''' को 5 यूनिट्स में बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:28&lt;br /&gt;
| | सुनिश्चित कर लें कि  Simulate चैक बॉक्स चैक्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:32&lt;br /&gt;
| | फिर  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:35&lt;br /&gt;
| | हम सक्सेस मैसेज विंडो देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:37&lt;br /&gt;
| | इस विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:39&lt;br /&gt;
| |क्लास 1 से 5 यूनिट टाइम के सिम्युलेशन इंटरवल के साथ पुनःसिमुलेट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:45&lt;br /&gt;
| |आवश्यक प्लॉट बनने के बाद, हम परिणामों को डिलीट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:50&lt;br /&gt;
| |Variable ब्राउजर में,  DoublePendulum पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:55&lt;br /&gt;
| |'''Delete Result''' चुनें।परिणाम अब डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
||10:03&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हमने भिन्न  Modelica लाइब्रेरी क्लासेस को खोलना और सिम्युलेट करना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
| | नियत-कार्य के रूप में,  Modelica में  Magnetic लाइब्रेरी का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:16&lt;br /&gt;
| |FluxTubes लाइब्रेरी में  SaturatedInductor क्लास सिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:21&lt;br /&gt;
| | कुछ इनपुट वेरिएबल्स की वैल्यूज को बदलें और पुनःसिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:26&lt;br /&gt;
| |वैरिएबल '''r''' के  '''i''' और '''LossPower'''  के बीच '''Parametric plot''' बनायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:32&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:41&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:53&lt;br /&gt;
| | यदि आपको इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं तो कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:00&lt;br /&gt;
||FOSSEEटीम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करती है। हम ऐसे लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| | FOSSEE टीम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:22&lt;br /&gt;
| |जो ऐसा करते हैं, हम उनको मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं । अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:31&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल और FOSSEE प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:40&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| |यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Methods/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Static-Methods/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Methods/Hindi"/>
				<updated>2017-09-30T06:30:09Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''  |- |  00:01 | नमस्कार,  Static Methods पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपक...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार,  Static Methods पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे:  static methods क्या हैं,  static methods परिभाषित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:12&lt;br /&gt;
|'''instance methods''' और '''static methods'' के बीच अंतर औरstatic methods कैसे उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:20&lt;br /&gt;
|यहाँ हम ऊबंटु 14.04, '''JDK 1 .7''' और '''Eclipse 4.3.1''' का उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:31&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, आपको '''Java''' और '''Eclipse IDE''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:38&lt;br /&gt;
|आपको जावा में '''instance variables''', '''methods''' और '''static variables''' का ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:45&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है, तो जावा के संबधित ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:50&lt;br /&gt;
|static method एक मैथड है जो पूर्ण क्लास के साथ जुडा होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:56&lt;br /&gt;
|इसे class method भी कहते हैं और इसे static keyword का उपयोग करके घोषित किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:02&lt;br /&gt;
|Static methods का आमतौर पर static variables हैंडल करने के लिए उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:07&lt;br /&gt;
|अब हम Eclipse पर जायेंगे और StaticMethodDemo नामक प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:14&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में, हम Static methods के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक classes बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:21&lt;br /&gt;
|हम StudentEnroll नामक नया क्लास बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:25&lt;br /&gt;
|एक उदाहरण के साथ  static methods के उपयोग को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
|उदाहरण उसी के समान है, जिसका प्रयोग '' Static Variable '' ट्यूटोरियल में किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:37&lt;br /&gt;
|यहाँ हम फिर से StudentEnroll class प्रदर्शित कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:42&lt;br /&gt;
|याद रखें कि वैरिएबल name और  id   को instance variable के रूप में हैंडल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:48&lt;br /&gt;
|यहाँ वैरिएबल्स '''organization''' और '''total count''' सभी क्लास के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:54&lt;br /&gt;
|इसलिए इन्हें static variables के रूप में माना जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:58&lt;br /&gt;
|अब StudentEnroll class प्रदर्शित करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:03&lt;br /&gt;
|ध्यान दें यहाँ दो  static variables '''count''' और '''orgname''' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि orgname    static constant नहीं है बल्कि यह सामान्य static variable है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:15&lt;br /&gt;
|static variable orgname    IIT Bombay के रूप में इनीशिलाइज्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:21&lt;br /&gt;
|अब '''Source''' -&amp;gt; पर क्लिक करें और '''Generate Constructor using Fields''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:27&lt;br /&gt;
| बने हुए कोड से super कीवर्ड डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:32&lt;br /&gt;
|Constructor में, टाइप करें '''count ++ semicolon''', अत: count वैल्यू हर बार बढ़ जाता है, जबobject बनाया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|अत: count वैल्यू हर बार बढ़ जाता है, जब object बनाया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
|अब हम वैरिएबल्स की वैल्यूज प्रिंट करने के लिए इस क्लास में '''showData'''( ) मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:48&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें '''public void showData'''( ).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:51&lt;br /&gt;
|'''id''', name और '''organisation name''' प्रिंट करने के लिए ब्रैकेट्स में निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
|अब हम स्टेटिक मैथड setOrgName जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:03&lt;br /&gt;
|निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:05&lt;br /&gt;
|प्रदर्शित SetOrgName मैथड  static मैथड है जो orgname की वैल्यू को संशोधित कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:13&lt;br /&gt;
|कोई भी मैथड जिसका उपयोग static variables हैंडल करने के लिए किया जाता है  static method के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|अब ''instance method''' और '''static method' के बीच अंतर का पता करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
|Instance methods    static variables एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:29&lt;br /&gt;
|जबकि static method सीधे केवल static variables को एक्सेस और संशोधित कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:35&lt;br /&gt;
|Instance मैथड्स केवल object द्वारा लागू होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:39&lt;br /&gt;
|जबकि static मैथड object बनाए बिना सीधे लागू किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:45&lt;br /&gt;
|हम static method में  '''‘this’''' और '''‘super’''' कीवर्ड उपयोग नहीं कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:50&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि ये कीवर्ड्स किसी खास क्लास के उदाहरण का उल्लेख करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:56&lt;br /&gt;
|static context में, हम क्लास के उदाहरणों का उल्लेख नहीं कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि क्या होता है जब हम सीधे ही static method में instance variable एक्सेस करने की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|टाइप करें '''id= “newid” सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:13&lt;br /&gt;
|अब  Eclipse मे एक एरर आती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:17&lt;br /&gt;
|यह इंगित करता है कि एक instance variable सीधे ही static method में एक्सेस नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:23&lt;br /&gt;
|अत: इस लाइन को कमेंट करते हैं और आगे बढते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
|अब हम एक औऱ '''static method showOrgData''' जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|ये स्टेटमेंट '''orgname''' और '''count''' की वैल्यूज प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:36&lt;br /&gt;
|अब default package पर राइट-क्लिक करें,  '''New-&amp;gt; Class''' पर क्लिक करें और फिर Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
|इस क्लास में हमारे पास main मैथड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:48&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें main और फिर main मैथड बनाने के लिए Ctrl+space दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:54&lt;br /&gt;
|हम छात्र नामांकन प्रदर्शित करने के लिएStudentEnroll क्लास के कुछ ऑब्जेक्टस बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:01&lt;br /&gt;
|अत: 3 ऑब्जेक्ट्स '''s1, s2''' और '''s3''' बनाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:08&lt;br /&gt;
|अब, नामांकन विवरण प्रिंट करने के लिए showData मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:12&lt;br /&gt;
|'''s1, s2''' और '''s3''' पर showData मैथड लागू करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:19&lt;br /&gt;
|'''orgname''' और '''count''' की वैल्यू प्रिंट करने के लिए showOrgData मैथड भी लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:27&lt;br /&gt;
|चूँकि यह एक static मैथड है इसलिए हम इसके class नाम का उपयोग करके सीधे इसे लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:31&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, इस कोड को टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:34&lt;br /&gt;
|अब डेमो प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
|हम देख सकते है कि  s1 से संबंधित वैरिएबल की वैल्यू अर्थात '''IT101, ADIL''' और  '''IIT BOMBAY''' प्रिंट होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:47&lt;br /&gt;
|इसीतरह '''s2''' और '''s3''' संबधित वैल्यू भी प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:53&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, '''orgname अर्थात IIT BOMBAY''' की वैल्यू '''s1, s2''' और '''s3''' के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:02&lt;br /&gt;
|orgname और count,   static method showOrgData द्वारा अलग-अलग प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:08&lt;br /&gt;
|ध्यान दें,  organisation का नाम '''IIT Bombay''' के रूप में प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
|छात्र नामांकन की संख्या की वैल्यू 3 प्रिंट होती है, क्योंकि हमने पहले ही 3 ऑब्जेक्ट्स बनाए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:21&lt;br /&gt;
|static method को सीधे class नाम से लागू किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:26&lt;br /&gt;
|अब  static method setOrgName लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:30&lt;br /&gt;
|हम संस्थान का नाम '''“IIT Bombay”''' से '''“IIT Mumbai”''' में बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:36&lt;br /&gt;
|अत:, निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:38&lt;br /&gt;
|अब, फिर से नामांकन विवरण प्रिंट करने के लिए '''s1, s2''' और '''s3''' पर  showData मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
|उसके लिए फिर से निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:50&lt;br /&gt;
|एक बार फिर से, ''orgname''' और '''count'' की वैल्यू प्रिंट करने के लिएshowOrgData मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, इस कोड को टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:00&lt;br /&gt;
|अब फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:03&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि संस्थान का नाम '''“IIT Mumbai”''' में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:08&lt;br /&gt;
|स्लाइड्स पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:11&lt;br /&gt;
|Object references को static method  पर पास किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:15&lt;br /&gt;
|इस तरह से  static method उस विशिष्ट  object के instance variables को एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:22&lt;br /&gt;
|हम इसे अपने कोड में करते हैं।  Eclipse पर जाएँ और StudentEnroll क्लास पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:30&lt;br /&gt;
|अब setOrgName मैथड में, अन्य argument को StudentEnroll क्लास के object के रूप में पास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:38&lt;br /&gt;
|अत:,  String org के बाद, टाइप करें कोमा '''StudentEnroll s'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:45&lt;br /&gt;
|अब इस मैथड में, '''id = &amp;quot;newid&amp;quot;''' अनकमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:50&lt;br /&gt;
|और id के स्थान पर s.id टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:54&lt;br /&gt;
|अब Demo क्लास पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:56&lt;br /&gt;
|अब StudentEnroll object s1 पास करके '''function call''' से '''setOrgName method''' में परिवर्तित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:05&lt;br /&gt;
|अत:, यहाँ '''“IIT Mumbai”''' के बाद टाइप करें कोमा  s1.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:10&lt;br /&gt;
|अब फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:12&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि s1 के लिएid की वैल्यू '''“newid”'' में बदल गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:19&lt;br /&gt;
|संक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:24&lt;br /&gt;
|static method क्या है और इसका उपयोग कब किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:28&lt;br /&gt;
|'''static methods''' और '''instance methods'''  कैसे अलग-अलग करना है और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:33&lt;br /&gt;
|static methods को कैसे बनाना है और लागू करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:37&lt;br /&gt;
|यह नियत-कार्य '' 'Static variable' ' के नियत-कार्य की निरंतरता है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:42&lt;br /&gt;
|सुनिश्चित करें कि आपने Static variable का नियत-कार्य पूरा कर लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:47&lt;br /&gt;
|हम यहां केवल संशोधनों को चिन्हांकित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:50&lt;br /&gt;
|हमारे पास  status प्रदर्शित करने के लिए एक बैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:55&lt;br /&gt;
|यह इंगित करने के लिए प्रयोग किया जाता है कि कार सर्विर के लिए '''“in”'''  है या सर्विस के बाद '''“out”''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:01&lt;br /&gt;
|हमारे पास  '''No of cars out after Service'' को प्रदर्शित करने के लिए एक और वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
|मैथड service( Car c) परिभाषित करें जो out के लिए स्टेटस अपडेट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:13&lt;br /&gt;
|तदनुसार यह &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:17&lt;br /&gt;
|सर्विस के लिए '''No of Cars in''' और सर्विस के बाद '''No of Cars out'''  के लिए वेल्यूज को संशोधित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:21&lt;br /&gt;
|कार के विवरण को प्रिंट करने के लिए '''show'''( )  मैथड भी परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
|पहले जैसे, हमें सूचीबद्ध के अनुसार निम्न कार्य करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि हमें आवश्यकतानुसार  static method को पहचानना और परिभाषित करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:35&lt;br /&gt;
|Demo क्लास भी बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:38&lt;br /&gt;
|main मैथड में,  CarService के कुछ ऑब्जेक्ट्स बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:43&lt;br /&gt;
|उनमें से कुछ पर service( ) मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:47&lt;br /&gt;
|सभी ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करके show( ) मैथड को लागू करें औऱ परिणामों की पुष्टि करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:52&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर दिए गए वीडियो में स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  का सारांश है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:57&lt;br /&gt;
|कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:59&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाओं का आयोजन करती है और ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र भी देती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:08&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:11&lt;br /&gt;
|'''Spoken Tutorial Project is''' funded by the NMEICT, MHRD, Government of India. &lt;br /&gt;
स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:18&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:22&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Variables/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Static-Variables/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Variables/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T15:32:40Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 |&amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt; |&amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;  |- |00:01 |नमस्कार,  '''Static Variables.''' पर स्पोकन ट्यू...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार,  '''Static Variables.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  static variables क्या हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:10&lt;br /&gt;
|static variables बनाना और static variables कैसे उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
|Here, we are using: यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं '''Ubuntu ऊबंटु 12.04''' , '''JDK 1.7 ''' और '''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:27&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, आपको ''' Java''' और ''' Eclipse IDE''' का बुनियादी ज्ञान होना चहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:35&lt;br /&gt;
|आपको जावा में ''' classes, objects ''' और ''' instance variables''' का ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:42&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो, संबंधित जावा ट्यूटोरियल के लिए, कृपया प्रदर्शित लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:49&lt;br /&gt;
|static variable एक वेरिएबल है जो पूर्ण  class के साथ जु़डा हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:55&lt;br /&gt;
|इसे class variable भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58&lt;br /&gt;
|इसे static कीवर्ड का उपयोग करके घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| हमने पहले ट्यूटोरियल में static variable के बारे में संक्षेप में देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:08&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम इसे विस्तार से देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:11&lt;br /&gt;
|अब, हम Eclipse पर जाएंगे और StaticVariableDemo नामक प्रोजेक्ट बनाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:18&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में, हम Static variables के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक क्लासेस बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
|अत:,  src फोल्डर पर राइट-क्लिक करें और '''New &amp;gt; Class''' पर क्लिक करें और क्लास का नाम  StudentEnroll टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:37&lt;br /&gt;
| उदाहरण के साथ ''static variables '' के उपयोग के बारे में देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:42&lt;br /&gt;
|किसी संगठन में छात्र नामांकन ( student enrollments) प्रदर्शित करने के लिए बनाई गए '' 'class' 'पर विचार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|इस क्लास में नामांकित छात्रों के '''Name, Id , Branch''' और ''' Total Count''' शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:56&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि जब छात्र नामांकन पूरा होता है तो क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:02&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट रूप से, '''Total Count'''  0 है। पहले छात्र का नामADIL है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:09&lt;br /&gt;
|Id  IT101 है और Branch   IT है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:14&lt;br /&gt;
|अब Total Count  1 अपडेट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
|इसीतरह, जब दूसरा छात्र AMAL नामांकन करता है, तो '''Total Count''' में 2 अपडेट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|जब तीसरा छात्र CAROL नामांकन करता है, तो  Total Count में 3 अपडेट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:32&lt;br /&gt;
|अब हम पहचान सकते हैं कि वैरिएबलTotal Count सभी ऑब्जेक्ट्स के लिए समान है और सिंगल वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40&lt;br /&gt;
|अत:, वैरिएबल Total Count  को static variable के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
|हम यह भी देख सकते हैं कि प्रत्येक object के लिए वैरिएबल्स ''' Name, Id''' और ''' Branch''' की अपनी कॉपी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:54&lt;br /&gt;
|इसके अलावा उनके प्रत्येक '' 'object' 'के लिए विशिष्ट वैल्यूज हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59&lt;br /&gt;
|इन वेरिएबल्स को instance variables के रूप में माना जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| अब,  student enrollment class को दर्शाने वाले कोड को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:09&lt;br /&gt;
|instance variables ''' id, name''' और ''' branch''' के रूप में घोषित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
|वेरिएबल  count   static के रूप में घोषित है क्योंकि यह पूरे क्लास के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22&lt;br /&gt;
|जब क्लास लोडेड है, तो  static variable एक सिंगल फिक्स मैमोरी में स्थित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|जबकि प्रत्येकobject का Instance variables भिन्न मैमोरी पर स्थित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:35&lt;br /&gt;
|अब ''' Source''' &amp;gt;' पर क्लिक करें औरGenerate Constructor using Fields चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:41&lt;br /&gt;
|बने हुए कोड से  super कीवर्ड डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:45&lt;br /&gt;
|यह constructor  ''' id, name''' और ''' branch ''' फिल्ड्स की वैल्यूज इनीशिलाइज कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
|प्रत्येक बार एक ''object '' 'बनाया जाता है तो हमें वैरिएबल count की वैल्यू में वृद्धि करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
|अत:, constructor में, टाइप करें: '''count ++''' सेमीकॉलन।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:05&lt;br /&gt;
|अब हम सभी वैरिएबल्स की वैल्यू प्रिंट करने के लिए, इस क्लास में '''showData'''( ) मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void showData( ) ब्रैकेट्स में,  ''' id, name, branch,''' और छात्र नामांकन की कुल संख्या को प्रिंट करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:27&lt;br /&gt;
|अब default package पर राइट-क्लिक करें और '''New &amp;gt; Class'''  पर क्लिक करें और फिर Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:36&lt;br /&gt;
|इस class में, हमारे पास main मैथड होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें main और फिर main मैथड बनाने के लिए एक साथ ctrl+space दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46&lt;br /&gt;
|अब हमें Student Enrollment data प्रिंट करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:50&lt;br /&gt;
|छात्र नामांकन प्रदर्शित करने के लिए हम StudentEnroll class में कुछ ऑब्जेक्ट्स बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:57&lt;br /&gt;
|अत:, निम्न कोड टाइप करें: ''' StudentEnroll s1 equals new StudentEnroll'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:04&lt;br /&gt;
|अब हम भिन्न arguments की वैल्यूज पास कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
|ब्रैकेट्स में, टाइप करें ''' IT101 '''   id के लिए,  ADIL नाम के लिए और  IT ब्रांच के लिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17&lt;br /&gt;
|अब नामांकन विवरण को प्रिंट करने के लिए showData मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:22&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें 's1.showData( ). आब डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:29&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '' 's1' 'से संबंधित इंस्टेंस वैरिएबल की वेल्यूज प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:36&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि छात्र नामांकन की संख्या की वेल्यू 1 है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:42&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि हमने केवल एक ऑब्जेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:47&lt;br /&gt;
|अब और object s2 बनाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:52&lt;br /&gt;
|showData मैथड को एक बार फिर से s2 का उपयोग करके कॉल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
|फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:59&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि '' 's2' 'से संबंधित इंस्टेंस वैरिएबल की वेल्यूज प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:06&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि छात्र नामांकन की सख्या की वेल्यू ''' s1''' और ''' s2''' दोनों के लिए अपडेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:14&lt;br /&gt;
|अब एक और object s3 बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:18&lt;br /&gt;
|अब फिर से s3 का उपयोग करके showData मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
|फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि '' 's3' 'से संबंधित इंस्टेंस वैरिएबल की वेल्यूज प्रिंट होती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:32&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि सभी मामलों में छात्रों के नामांकन की संख्या की वेल्यू अब 3 में अपडेट कर दी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:41&lt;br /&gt;
|अब हम समझ सकते हैं कि छात्र नामांकन की संख्या की वेल्यू सभी ऑब्जेक्टस के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48&lt;br /&gt;
|स्लाइड्स पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:51&lt;br /&gt;
|static modifier  का उपयोग final modifier के साथ भी किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:56&lt;br /&gt;
|यह constant को परिभाषित करने के लिए किया जाता है जो पूर्ण क्लास के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:01&lt;br /&gt;
|परंपरागत रूप से, ऐसे constant variables के अक्षर अपरकेस में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:08&lt;br /&gt;
|अब eclipse पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:11&lt;br /&gt;
|StudentEnroll class खोलें और '''public static final String ORG_NAME = “IITB”;''' के रूप में '''variable declaration'''   टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:23&lt;br /&gt;
|उदाहरण के रूप में, यदि सभी छात्र एक ही सगंठन IITB से नामांकित किये जा रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
|इसे '''constant static variable'''   ''' ORG_NAME.''' का उपोयग करके प्रदर्शित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
|यदि नाम एक से अधिक शब्द से बना है, तो शब्दों को '' अंडरस्कोर '' से अलग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44&lt;br /&gt;
|आमतौर पर हम इस प्रकार के constants  को public दृश्यता के साथ घोषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:49&lt;br /&gt;
| अब डेमो क्लास पर जाएँ और निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:55&lt;br /&gt;
|यहाँ आप देख सकते हैं कि ORG_NAME को इसके class नाम  StudentEnroll का उपयोग करके एक्सेस किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:03&lt;br /&gt;
|अब फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:06&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि ORGANISATION का नाम IITB के रूप में प्रिंट हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:11&lt;br /&gt;
|सक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
|static variable क्या है और कब इसे उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
|static variable कैसे बनाना और लागू करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:25&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में, एक कार सर्विस स्टेशन को प्रदर्शित करने के लिए एक '''class CarService''' तैयार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:32&lt;br /&gt;
|इस क्लास में निम्नलिखित विवरण प्रदर्शित करने के लिए वैरिएबल्स होने चाहिए&lt;br /&gt;
सर्विस स्टेशन का नाम&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:39&lt;br /&gt;
|Car '''make, model''' और '''register number''' जो कि चार सर्विस में हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:44&lt;br /&gt;
|'''No. of Cars in''' सर्विस के लिए,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:47&lt;br /&gt;
|'''instance variables''' और '''static variables''' ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:51&lt;br /&gt;
|उपयुक्त कीवर्ड का उपयोग करके उन्हें घोषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55&lt;br /&gt;
|Car '''make, model''' और '''register number''' की वैल्यू इनीशिलाइज करने के लिए constructor परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
|सभी वैरिएबल्स की वैल्यू प्रिंट करने के लिए show( ) मैथड परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:07&lt;br /&gt;
|इसके साथ ही, परिणामों को सत्यापित करने के लिए '''main''' मैथड वाली '' डेमो क्लास '' बनाएँ, अर्थातCarService के कुछ ऑब्जेक्ट्स बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16&lt;br /&gt;
|इनobjects का उपयोग करके show( ) मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|इसके अलावा, सीधे ही class नाम का उपयोग करके  static variables एक्सेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:25&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर दिए गए वीडियो में स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट का सारांश है। कृपया डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:32&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:41&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:45&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्टNMEICT MHRD, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:51&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:56&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03&lt;br /&gt;
| हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Using-final-keyword/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Using-final-keyword/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Using-final-keyword/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T14:29:07Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| Border=1 |  '''Time'''  |  '''Narration'''   |- | 00:01 | नमस्कार, '''Using final keyword.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल म...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| Border=1&lt;br /&gt;
|  '''Time''' &lt;br /&gt;
|  '''Narration''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, '''Using final keyword.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम '''final''' कीवर्ड औऱ इसे कब शुरू करना है के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:11&lt;br /&gt;
| हम  '''final variables''',  '''final methods''' ,'''final classes'''&lt;br /&gt;
के बारे में भी सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरिल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ ऊबंटु लिनक्स वर्जन 12.04, '''JDK''' 1.7, '''Eclipse''' 4.3.1 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:30&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, आपको  '''Java''' और'''Eclipse IDE.''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:36&lt;br /&gt;
| आपको  '''Subclassing''' और'''Method overriding'''का ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| यदि नहीं है तो, संबंधित Java ट्यूटोरियल के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| सबसे पहले, हम सीखेंगे कि '''final'''  कीवर्ड क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
|  '''final'''  जावा में '''keyword'''  या रिजर्व्ड शब्द है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
| इसे '''variables, methods ''' या '''classes''' पर लागू किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:01&lt;br /&gt;
|  अब, सीखते हैं कि '''final'''  वैरिएबल क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
|  '''final variable''' एक वैरिएबल है जिसकी वैल्यू परिवर्तित नहीं की जा सकती। अर्थात यह '''constant''' होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:13&lt;br /&gt;
| मैं अभी '''Eclipse IDE ''' पर जा रही हूँ। मैंने पिछले ट्यूटोरियल में पहले से ही '''MyProject''' नामक प्रोजेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:22&lt;br /&gt;
| अत:, हम सीधे ही प्रोजेक्ट के  '''Employee class''' में जायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
|  वेरिएबल name पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
|  वेरिएबल name से पहले '''final keyword''' जोडें। मैंने वेरिएबल नेम final रखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:40&lt;br /&gt;
|  हम वैल्यू sneha के साथ वेरएबल नाम शुरू करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:45&lt;br /&gt;
|  हम प्रोग्राम को सेव और रन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:48&lt;br /&gt;
|  हमें कंपाइलेशन एरर प्राप्त होती है: '''The final field Employee.name cannot be assigned''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:55&lt;br /&gt;
|  यह इसलिए क्योंकि यहाँ  '''final variable''' नाम पहले से ही घोषित किया गया है और इनीसिलाइज्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
|  हम '''final'''  वेरएबल को केवल एक बार इनीसिलाइज कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|  अत:, हम मैथड '''setName'''  कमेंट करेंगे जो कि वेरएबल '''name''' संशोधित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:14&lt;br /&gt;
| '''Class''' सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
|  अब, '''TestEmployee class''' पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:19&lt;br /&gt;
|  '''main'''  मेथड पर आएँ और  '''manager.setName(&amp;quot;Nikkita Dinesh&amp;quot;);''' लाइन कमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
| हमने इस लाइन को कमेंट किया है क्योंकि यह '''setName.''' मेथड का उदाहरण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:31&lt;br /&gt;
| हमने पहले से ही '''Employee ''' क्लास में '''setName ''' मेथड कमेंट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:35&lt;br /&gt;
| अब क्लास सेव करें और प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:38&lt;br /&gt;
| हमें निम्न आउटपुट प्राप्त होता है:&lt;br /&gt;
'''Name: Sneha''' &lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Manager of: Accounts''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
|हमें यह आउटपुट मिला है क्योंकि हमने '''TestEmployee class''' और '''Employee class''' में पहले से ही इन वैल्यूज के साथ वैरिएबल्स को इनीशिलाइज किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
| अब Employee  क्लास में, final variable नेम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| final variable name के इनीशिलाइजेशन को हटा दें। अर्थात, sneha हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:08&lt;br /&gt;
| '''setName''' मेथड को अनकमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:14&lt;br /&gt;
| हमें एरर प्राप्त होती है: '''The final field Employee.name cannot be assigned''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:20&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि, यदि '''final'''  वेरिएबल इनीशिलाइज नहीं है तो केवल  constructor इसको इनीशिलाइज कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| अर्थात, इसे प्रोग्राम में कहीं और संशोधित नहीं किया जा सकता।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
|इसके लिए, Employee क्लास में '''constructor बनाएँ। हमने पहले सीखा है कि '''constructor क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:43&lt;br /&gt;
| हम जानते हैं कि '''constructor नाम क्लास नाम समान होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| अत:, हम टाइप करेंगे '''Employee, parentheses, open and close curly brackets''' और कर्ली ब्रैकेट्स में, वैल्यू '''sneha''' के साथ वेरिएबल नाम इनीसिलाइज करें, सेमिकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
| '''method setName''' कमेंट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:12&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:15&lt;br /&gt;
| हमें वांछित आउटपुट प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:17&lt;br /&gt;
|'''final ''' सफलतापूर्वक '''constructor''' में इनिशीलाइज हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:22&lt;br /&gt;
| अब हम '''final static variables.''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:26&lt;br /&gt;
| Employee क्लास में final वेरिएबल पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:30&lt;br /&gt;
| '''final keyword''' से पहले '''static''' कीवर्ड जोडें। हमने '''final variable'''  '''static''' बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:38&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:40&lt;br /&gt;
|  We get error हमें एरर प्राप्त होता है: '''The final field Employee.name cannot be assigned''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:46&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि '''static final variables '''   '''constructor.''' में इनीशिलाइज नहीं होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:53&lt;br /&gt;
| उन्हें उनके डिक्लेरेशन के साथ एक वैल्यू आवांटित की जानी चाहिए। या उन्हें '''static block''' में घोषित किया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:01&lt;br /&gt;
|'''Static''' वेरिएबल्स '''class''' के सभी ऑब्जेक्ट्स के साथ साझा किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:06&lt;br /&gt;
|एक नए '''object''' को बनाना, '''static variable''' बदल देगा। इसकी अनुमति नहीं है यदि '''static variable'''  '''final.''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
| '''Eclipse IDE.''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
| अत:, अब हम '''static block.''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
|इसके लिए, Employee क्लास में, '''constructor ''' पर आएँ, जिसे हमने बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:26&lt;br /&gt;
|यहाँ, '''Employee''' पैरेंथीसिस के बजाय, हम '''static''' टाइप करेंगे। हमने एक '''static block''' बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| अब हम प्रोग्राम सेव और रन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:38&lt;br /&gt;
| हमें वांछित आउटपुट प्राप्त होता है। हमने समफलतापूर्वक '''static final''' वेरिएबल इनीशिलाइज किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:46&lt;br /&gt;
|अब, '''method''' के लिए पैरामीटर के रूप में '''final''' का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:52&lt;br /&gt;
| '''Employee''' क्लास में, '''setEmail''' मैथड पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:55&lt;br /&gt;
| '''String newEmail''' से पहले '''final''' कीवर्ड जोडें। हमने '''final''' के रूप में पैरामीटर जोडा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:03&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:06&lt;br /&gt;
| हमें इच्छित आउटपुट प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|अब, setEmail मैथड पर आएँ। मैथड में, टाइप करें: '''newEmail is equal to abc@gmail.com''' semicolon &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:28&lt;br /&gt;
|हमने '''final''' वेरिएबल '''newEmail''' को संशोधित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:32&lt;br /&gt;
| एक बार हम फिर से प्रोग्राम सेव और रन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
|हमें एरर प्राप्त होता है: '''The final local variable newEmail cannot be assigned.''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि method के लिए पैरामीटर के रूप में '''final''' वेरिएबल उस '''method''' द्वारा संशोधित नहीं होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:50&lt;br /&gt;
| तो, वेरिएबल मोडिफिकेशन को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:54&lt;br /&gt;
| अब हम '''final method''' के बारे में सीखेंगे। employee क्लास में '''method getDetails''' पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
| '''method getDetails''' से पहले final कीवर्ड जोडें। हमने  final के रूप में मैथड बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:08&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| हमें एरर प्राप्त होता है: '''class Manager overrides final method getDetails()'''. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:16&lt;br /&gt;
|'''Manager''' क्लास में '''method getDetails()''' पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:21&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि, यदि आप '''final''' के रूप में कोई '''method''' बनाते हैं, तो आप इसे ओवरराइड नहीं कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
| '''Manager class method getDetails'''    Employee क्लास में getDetails मैथड को ओवरराइड करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| क्या होगा यदि final मैथड '''private''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:39&lt;br /&gt;
|'''Private''' मैथड्स child  क्लास द्वारा इनहेरिट नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| तो हम child क्लास में '''getDetails() ''' मैथड जोड सकते हैं। आप इसे नियत-कार्य के रूप में कोशिश कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:51&lt;br /&gt;
|  '''Eclipse IDE''' पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:54&lt;br /&gt;
| '''Employee''' क्लास में, '''getDetails''' मैथड से पहले '''final''' कीवर्ड को हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:03&lt;br /&gt;
| '''Final''' वेरिएबल नाम से पहले '''static''' कीवर्ड हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:10&lt;br /&gt;
| अब, हम सीखेंगे कि क्या '''constructor''' हमें final के रूप में घोषित कर सकता है या नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
| उसके लिए, हम फिर से '''constructor''' बनायेंगे। अत:, '''static''' के बजाय हम टाइप करेंगे:'''Employee''' पैरेंथीसेस।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:26&lt;br /&gt;
| '''Constructor''' से पहले final कीवर्ड जोडें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:31&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:36&lt;br /&gt;
| हमें एरर प्राप्त होता है: '''Illegal modifier for the constructor in type Employee'''. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:42&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि, '''constructor''' '''final''' नहीं हो सकता, जब तक '''constructors'''  इनहेरिट नहीं होता।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:50&lt;br /&gt;
| हम '''constructor''' से पहले '''final'''  कीवर्ड हटा देंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:54&lt;br /&gt;
| अब, हम final क्लास के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:57&lt;br /&gt;
|इसे '''final''' बनाने के लिए Employee क्लास से पहले '''final'''  कीवर्ड जोडें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:03&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:06&lt;br /&gt;
| हमें एरर प्राप्त होता है: '''The method setEmail is undefined for the type Manager'''. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
|वास्तविक एरर के बारे में जानने के लिए, '''TestEmployee ''' क्लास पर आएँ और इसे कमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
| '''manager.setEmail(&amp;quot;abc@gmail.com&amp;quot;); manager.setDepartment(&amp;quot;Accounts&amp;quot;); '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:28&lt;br /&gt;
| क्लास सेव करें और प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:31&lt;br /&gt;
|वास्तविक एरर है: '''The type manager cannot subclass the final class Employee.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| यहाँ, Manager क्लास Employee क्लास को एक्सटेंड करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:45&lt;br /&gt;
| अत:, Employee क्लास पर वापस आएँ, और final  कीवर्ड हटाएँ। क्लास सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:54&lt;br /&gt;
| TestEmployee क्लास पर आएँ। लाइन अनकमेंट करें&lt;br /&gt;
'''manager.setEmail(&amp;quot;abc@gmail.com&amp;quot;); manager.setDepartment(&amp;quot;Accounts&amp;quot;); '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:06&lt;br /&gt;
|क्लास सेव करें और प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:09&lt;br /&gt;
| हमें इच्छित आउटपुट प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
| अब संक्षेप में.. इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:final कीवर्ड कब इन्वोक करना है, Final वेरिएबल्स, final मैथड्स और final क्लासेस क्या हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में,&lt;br /&gt;
'''Bike''' और '''Vehicle''' क्लास के लिए  '''Using final keyword ''' ट्यूटोरियल के स्टेप को दोहराएँ, जिसे हमने पिछले ट्यूटोरियल में उपयोग किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:37&lt;br /&gt;
| जावा में '''classes''' लिखें, जो कि '''final classes ''' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:47&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए,&lt;br /&gt;
कृपया '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:56&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Blocks/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Static-Blocks/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Blocks/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T14:18:32Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''  |- |  00:01 |'''Static blocks ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वाग...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|'''Static blocks ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि: '''static blocks'''  क्या है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:10&lt;br /&gt;
|'''static blocks''' घोषित कैसे करें और '''static blocks''' का उपयोग कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:16&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं :'''Ubuntu 14.04'''  '''JDK 1 .7''' और '''Eclipse 4.3.1''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:26&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको ''Java''' और '''Eclipse IDE'''का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:34&lt;br /&gt;
|आपको जावा में '''instance variables, static variables''' और '''static methods का भी ज्ञान होना  चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:43&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो संबंधित जावा ट्यूटोरियल के लिए कृपया दिए गए लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:48&lt;br /&gt;
|अब '''static blocks''' के बारे में सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:52&lt;br /&gt;
|'''Static block'''  का उपयोग ज्यादातर '''static variables''' की वेल्यू को इनिसिलाइज करने के लिए होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:59&lt;br /&gt;
|'''static block'''  '''static''' कीवर्ड का उपयोग करके घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:03&lt;br /&gt;
|'''Static blocks''' को निष्पादित करते हैं जब क्लास मेमोरी में होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
|यदि यहाँ प्रोग्राम में '''static blocks'''  हैं, तो वे '''constructors''' से पहले लागू होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:14&lt;br /&gt;
|हम '''static block''' में '''instance variables''' एक्सेस नहीं कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:19&lt;br /&gt;
|अब हम '''Eclipse''' पर जायेंगे और '''StaticBlockDemo''' नामक एक नया प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:26&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में, हम '''Static Blocks''' के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक '''classes'''  बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:33&lt;br /&gt;
|src फोल्डर पर राइट क्लिक करें और '''New-&amp;gt; Class ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:38&lt;br /&gt;
|'''class''' का नाम '''StudentEnroll''' टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:44&lt;br /&gt;
|'''StudentEnroll''' क्लास को प्रदर्शित करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:49&lt;br /&gt;
|ध्यान दें यहाँ दो '''static variables count''' और '''orgname''' हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:54&lt;br /&gt;
|'''Source''' -&amp;gt; पर क्लिक करें और '''Generate Constructor using Fields''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:00&lt;br /&gt;
|तैयार कोड में से '''super''' कीवर्ड डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
|'''constructor''' लागू होने पर हम एक मैसेज प्रिंट करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:09&lt;br /&gt;
| इस '''constructor''' में, “Constructor invoked” प्रिंट करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:15&lt;br /&gt;
|अब हम वेरिएबल्स की वेल्यूज को प्रिंट करने के लिए इस क्लास में '''showData'''( )  मैथड जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:21&lt;br /&gt;
|निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:23&lt;br /&gt;
|अब हम '''count''' और '''orgname''' की वेल्यूज को इनिसीलाइज करने के लिए '''static block''' जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:29&lt;br /&gt;
|निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:32&lt;br /&gt;
|वेरिएबल्स '''orgname''' और '''count'''  '''static variables''' हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|'''static''' कीवर्ड द्वारा प्रिफिक्स्ड कर्ली ब्रैकेट्स में कोड का यह ब्लॉक '''static block'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
|यह ''static block''' क्रमशः '''count''' और '''orgname''' की वेल्यूज के लिए '''100''' और '''IITM''' इनिसीलाइज करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:51&lt;br /&gt;
|Inside thisइस '''static block''' में, '''“static block-1 is invoked”''' प्रिंट करने के लिए कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
|हम '''main method'''  के साथ एक और क्लास जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:03&lt;br /&gt;
| '''default package''' पर राइट क्लिक करें, '''New-&amp;gt; Class''' पर क्लिक करें और फिर '''Demo''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:11&lt;br /&gt;
|इस '''class''' में हमारे पास '''main''' मैथड है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:15&lt;br /&gt;
|'''main''' टाइप करें और फिर'''main method''' बनाने के लिए '''Ctrl+space''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:21&lt;br /&gt;
|हम '''StudentEnroll class'''  का एक ऑब्जेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
|ऑब्जेक्ट '''s1''' बनाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:29&lt;br /&gt;
|अब वेल्यूज को प्रिंट करने के लिए '''showData''' मैथड लागू करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:33&lt;br /&gt;
|टाइप करें '''s1.showData() semicolon''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:38&lt;br /&gt;
|अब '''Demo''' प्रोग्राम रन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:41&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि '''static block''' '''constructor''' से पहले लागू होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:46&lt;br /&gt;
|'''count और orgname''' की वेल्यूज इनिसीलाइज होती हैं जैसा '''static block''' में परिभाषित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:53&lt;br /&gt;
|अब '''StudentEnroll class''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:57&lt;br /&gt;
|देखें कि क्या होता है यदि हम '''static block''' में  id की वेल्यू इनिसीलाइज करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:03&lt;br /&gt;
|'''static block''' में टाइप करें  '''id equals IT01 semicolon''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:10&lt;br /&gt;
|हम देखते हैं कि एक एरर आती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
|यह दर्शाता है कि एक '''instance variable''' को '''static block''' में एक्सेस नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:19&lt;br /&gt;
|इस लाइन को कमेंट करें और आगे बढ़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:25&lt;br /&gt;
|स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
|'''class''' में कई '''static blocks''' हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:30&lt;br /&gt;
|ऐसे मामले में उन्हें केवल क्रम में एक बार कॉल किया जाता है जैसे वे सोर्स कोड में दिखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
|इसे सत्यापित करने के लिए '''Eclipse''' पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:40&lt;br /&gt;
|मौजूद ब्ल़ॉक के बाद एक और '''static block''' शामिल करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:45&lt;br /&gt;
|निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:47&lt;br /&gt;
|यह '''static block''' क्रमशः '''count''' और '''orgname''' की वेल्यूज'''200''' और '''IITB'''  इनिसीलाइज करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:57&lt;br /&gt;
|इस '''static block''' में निम्न कोड टाइप करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:01&lt;br /&gt;
|अब '''Demo''' प्रोग्राम फिर से रन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:04&lt;br /&gt;
|आउटपुट से हम सत्यापित कर सकते हैं कि दूसरा '''static block''' पहले से बाद लागू होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:10&lt;br /&gt;
|'''static variables count''' और '''orgname''' की वेल्यूज दूसरे '''static block''' द्वारा अपडेट होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
|क्रमशः वे '''200''' और '''IITB''' हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:22&lt;br /&gt;
|संक्षेप में...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:24&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा : '''static block''' क्या है, '''static block''' को कैसे घोषित और परिभाषित करें और '''static block''' को लागू और निष्पादित कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के लिए, यह नियत-कार्य '''Static Methods'''  के नियत-कार्य का आगे का भाग है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:44&lt;br /&gt;
|सुनिश्चित कर लें कि आपने '''Static Methods'''  के नियत-कार्य को पूर्ण किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:48&lt;br /&gt;
|पहले डिजाइन के आधार पर '''CarService'''  क्लास इस स्लाइड में निर्दिष्ट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:54&lt;br /&gt;
|'''instance variables''' और '''static variables''' ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:58&lt;br /&gt;
|'''instance variables''' के लिए वेल्यूज इनिसीलाइज करने के लिए '''constructor''' परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:03&lt;br /&gt;
|'''static variables'''  के लिए वेल्यूज इनिसीलाइज करने के लिए '''static block''' परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:08&lt;br /&gt;
|'''main method''' के साथ एक '''Demo''' क्लास भी बनाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:12&lt;br /&gt;
|main method में, '''CarService''' के कुछ ऑब्जेक्ट्स बनाएँ और '''show'''( ) method लागू करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:19&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:24&lt;br /&gt;
|कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:35&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:46&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है: '''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:50&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
|हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Custom-Exceptions/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Custom-Exceptions/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Custom-Exceptions/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T14:12:08Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- |  00:01 |''' custom exceptions''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|''' custom exceptions''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे:  '''Custom exceptions ''' और '''throw''' और '''throws keywords''' का उपयोग।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:14&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ :'''Ubuntu Linux 16.04 OS''' '''JDK 1 .7 ''' और '''Eclipse 4.3.1 '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:26&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको Java  में Exceptions Handling का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। यदि नहीं है तो संबंधित जावा ट्यूटोरियल के लिए कृपया निम्न लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:38&lt;br /&gt;
|पहले '''custom exceptions''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:42&lt;br /&gt;
| '''Custom exception''' एक '''user defined exception class''' है, इसे आमतौर पर '''checked exceptions''' के रूप में बनाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
|इसका उपयोग यूजर की आवश्यकता के अनुसार exception कस्टमाइज करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
|हम ''' eclipse''' खोलेंगे और ''' CustomExceptionDemo''' नामक एक नया प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:04&lt;br /&gt;
|'''custom exceptions''' के  प्रदर्शन के लिए इस प्रोजेक्ट में हम आवश्यक  classes बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
|हम नया '''class InvalidMarkException''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|इसे exception class का प्रकार बनाने के लिए,  यह Java exception class का  subclass होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए टाइप करें''' extends Exception'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
|'''Source''' मेन्यू पर क्लिक करें और फिर '''Generate constructors from Superclass''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:34&lt;br /&gt;
| अब दाईं ओर पर '''Deselect All''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:38&lt;br /&gt;
| फिर '''single string argument''' के साथ '''constructor''' को चुनें और नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
|इस '''string argument'''  का उपयोग प्रदर्शित मैसेज को कस्टमाइज करने के लिए किया जा सकता है जब यह '''exception''' आता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
| '''StudentMarks''' नामक अन्य '''class''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
|फिर निम्न कोड टाइप करें,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:00&lt;br /&gt;
|इस '''class''' में '''marks''' नामक केवल एक '''variable''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
|यह '''constructor'''  '''marks''' की वेल्यू इनिसिलाइज करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:09&lt;br /&gt;
| मार्क्स को मान्य करने के लिए '''method''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|मार्क्स की सामान्य श्रेणी 0 से 100 तक होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:18&lt;br /&gt;
|यदि'''marks less than 0 or greater than 100''' परिष्कृत है '''InvalidMarkException''' आयेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
|इसके लिए हमें '''custom exception''' को हटाने के लिए '''throw keyword''' का उपयोग करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:33&lt;br /&gt;
|यदि मार्क सही है, तो '''“Entry OK” ''' प्रदर्शित होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि यहाँ एक '''InvalidMarkException''' एरर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
|इस चेक करें और पुनः हल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
| एरर पर क्लिक करें और '''“Add throws declaration'''” पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि '''method signature''' में '“throws InvalidMarkException”''' जोड़ने पर एरर गायब हो जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:00&lt;br /&gt;
| यहाँ हम देख सकते हैं कि '''throws keyword'' का उपयोग '''methods''' के साथ किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है कि मैथड  '''specified exception''' को बढायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:11&lt;br /&gt;
| हमें '''exception handling''' प्रदान करना होगा जब इस मैथड का कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:16&lt;br /&gt;
|अब '''file access operation''' दर्शाते हैं, जो '''FileNotFoundException''' को बढायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
|'''FileReader class''' का एक उदाहरण बनाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29&lt;br /&gt;
|  '''Eclipse''' कुछ एरर्स दिखायेगा क्योंकि हमने संबंधित '''Java packages''' को इंपोर्ट नहीं किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
|उसको सही करने के लिए एरर पर क्लिक करें और फिर '''import 'FileReader' (java.io)''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
|हम '''package''' और उसके उपयोग के बारे में बाद के ट्यूटोरियल में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:50&lt;br /&gt;
|होम फोल्डर में ''' Marks''' नामक फाइल को ऐक्सेस करने के लिए '''fr ''' को अनुमति देने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
|यहाँ दिखाए गए पाथ को अपने सिस्टम के होम फोल्डर के साथ बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:05&lt;br /&gt;
| एक एरर दर्शाती है कि कोड की यह लाइन '''FileNotFoundException'' को बढ़ा सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
|हम '''throws clause''' में इस एक्सेप्शन को जोड़ कर इसे सही कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:16&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि '''FileNotFoundException''' भी '''throws clause''' में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:22&lt;br /&gt;
|जैसा कि यहाँ दिखाया गया है  हम का उपयोग '''throws''' करके कई '''exceptions''' को नियंत्रित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:28&lt;br /&gt;
| अब हम '''StudentMarks class''' में '''main method''' बनायेंगे और परिणामों का सत्यापन करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:34&lt;br /&gt;
| यहाँ हमने '''marks''' के लिए वेल्यू के रूप में 40 इनिसीलाइज करने के साथ एक ऑब्जेक्ट '''m1''' बनाया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:41&lt;br /&gt;
|अगली लाइन में हम '''m1''' ऑब्जेक्ट का उपयोग करके '''validate''' मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि यहाँ एक एरर है जब '''validate method''' लागू होता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
|यह दर्शाता है कि यह मैथड '''InvalidMarkException''' और '''FileNotFoundException''' को बढायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:59&lt;br /&gt;
|एरर को सही करने के लिए हम '''main method'''  में '''throws clause''' जोड़ सकते हैं। जैसा हमने पहले किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
|लेकिन '''try''' और '''catch block''' का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:10&lt;br /&gt;
|अतः '''Surround with try/catch''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
|अब आवश्यक '''try-catch blocks''' जोड़े गए हैं और are added and the '''exception''' को नियंत्रित किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| अब प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:23&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है “Entry OK” और “rest of the code”.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
|यह इसलिए होता है क्योंकि '''marks''' की वेल्यू 40 एक सही प्रविष्टि है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| अब वेल्यू को -10 करें जो सही प्रविष्टि नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
|  हम प्रोग्राम को फिर से रन करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:40&lt;br /&gt;
| अब हम देख सकते हैं कि '''InvalidMarkException''' को हटाता है क्योंकि -10 सही प्रविष्टि नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
|चूँकि हमने '''exception''' को नियंत्रित कर दिया है, हम “rest of the code” मैसेज देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:53&lt;br /&gt;
|इसके बजाय यदि हम ''“throws” clause''' का उपयोग करते हैं, तो यह मैसेज “rest of the code” प्रिंट नहीं होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
|और प्रोग्राम टर्मिनेट हो जायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:03&lt;br /&gt;
|अतः '''try catch block''' का उपयोग करना बेहतर है, जब '''main method''' में एक मैथड कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
| संक्षेप में..&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:15&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा :'''Custom Exception''' क्या है '''throw''' और '''throws keywords''' का उपयोग,  '''custom exceptions''' को कैसे बनाएँ और उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:26&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में:  '''InvalidAgeException''' नामक '''custom exception class''' बनाएँ।&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:33&lt;br /&gt;
| अन्य '''class Age'''  बनाएँ और age की वेल्यू को इनिसीलाइज करने के लिए '''constructor''' बनाएँ। &lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
|एक '''exception''' का हटाने के लिए '''method validate''' भी बनाएँ, यदि उम्र 18 से कम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:45&lt;br /&gt;
|'''main method''' में ऑब्जेक्ट बनाएँ और '''validate() method''' लागू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
|जब भी आवश्यक हो '''try-catch blocks''' का उपयोग करके '''exception handling''' प्रदान करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:56&lt;br /&gt;
|'''custom exception class''' का सत्यापन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:06&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया'''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:18&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Exception-Handling/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Exception-Handling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Exception-Handling/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T14:10:37Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:01 |''' Exception Handling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|''' Exception Handling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे:  ''' exception ''' क्या है, '''exceptions '''  को चेक और अनचेक करना '''try-catch''' '''block ''' और '''finally block ''' का उपयोग करके '''exceptions''' को नियंत्रित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:20&lt;br /&gt;
|  Here we are using यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं '''Ubuntu Linux 16.04 OS'''  '''JDK 1 .8 ''' और '''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको ''' Java''' और''' Eclipse IDE''' की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो संबंधित जावा ट्यूटोरियल के लिए कृपया दिखाई गई वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:45&lt;br /&gt;
| एक '''exception''' अनपेक्षित घटना है, जो प्रोग्राम के निष्पादन के समय होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:52&lt;br /&gt;
|यह प्रोग्राम के सामान्य फ्लो को बाधित करता है और परिणाम गलत होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:00&lt;br /&gt;
|उनकी घटना के आधार पर '''exceptions'''  को '''unchecked'''  exceptions और '''checked''' exceptions के रूप में वर्गीकृत किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| अब हम''' eclipse''' खोलेंगे और '''ExceptionDemo''' नामक नया प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में हम '''exception handling''' के प्रदर्शन के लिए आवश्यक क्लासेस बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:24&lt;br /&gt;
| हम नया '''class Marks''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| अब '''Marks class''' को दर्शाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
|यह प्रोग्राम 5 छात्रों के मार्क्स प्रिंट करता है, जो अरै ''marks'''  में संग्रहीत हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| इस प्रोग्राम को रन करें और आउटपुट का सत्यापन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि अरै में वेल्यूज प्रिंट हो रही हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:50&lt;br /&gt;
| देखें कि क्या होगा यदि हम एक अरै एलिमेंट को एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हैं जो मौजूद नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:57&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:00&lt;br /&gt;
| हम जानते हैं कि यहाँ हमारे अरै में केवल 5 एलिमेंट्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
| लेकिन इस स्टेटमेंट में हम '''index 50''' पर एलिमेंट एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हैं जो मौजूद नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
| इस प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:15&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि प्रोग्राम लाइन संख्या 7 पर एक मैसेज “'''ArrayIndexOutOfBoundsException''' के साथ टर्मिनेट होता है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:25&lt;br /&gt;
|एरर मैसेज exception का विवरण दर्शाता है जैसे  exception का प्रकार यह कहाँ घटित हुआ और अन्य विवरण।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:35&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि '''print statement''' निष्पादित नहीं हुआ है क्योंकि प्रोग्राम एरर के बाद टर्मिनेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
|यह '''Unchecked exception''' का एक उदाहरण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
|  '''Unchecked exceptions''' को '''Runtime exception''' कहते हैं क्योंकि यह केवल निष्पादन के समय चेक होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:54&lt;br /&gt;
|वे प्रोग्रामिंग बग्स और लॉजिकल एरर्स को नियंत्रित करते हैं जैसे कि शून्य से संख्या को विभाजित करना और एक अरै एलिमेंट एक्सेस करना जो मौजूद न हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:07&lt;br /&gt;
| अब सीखते हैं कि ''' try catch block'''का उपयोग करके '''exception ''' कैसे नियंत्रित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| '''try block''' में कोड का यह भाग '''exception''' को रेज़ कर सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:19&lt;br /&gt;
|अनुरूपी '''catch block'''  ऑब्जेक्ट '''e''' में '''exception''' का विवरण प्राप्त कर सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
|'''catch block''' में हम एरर मैसेज को प्रदर्शित करने या एरर से बचने के लिए कोड लिख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
|  अब '''eclipse''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:37&lt;br /&gt;
| पहले कोड में '''try block ''' को जोड़ें जो इस प्रकार के '''exception'''  का कारण होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:44&lt;br /&gt;
| अब हमें अनुरूपी '''catch block''' जोड़ना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:48&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:51&lt;br /&gt;
|यहाँ हम कस्टम मैसेज '''“Array Overflow Exception occurred”''' प्रिंट कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:57&lt;br /&gt;
| राउंड ब्रैकेट्स में हमने '''ArrayIndexOutOfBoundsException''' का एक उदाहरण बनाया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:05&lt;br /&gt;
| अतः यह ब्लॉक '''ArrayIndexOutOfBoundsException''' के '''exceptions''' को कैच कर सकता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
| अब प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि एरर मैसेज प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:18&lt;br /&gt;
| लेकिन इस समय उस प्रिंटिंग पर ध्यान दें '''marks array''' भी निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:24&lt;br /&gt;
| इस तरह से हम '''exceptions''' नियंत्रित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
| आगे देखते हैं कि विभिन्न '''catch blocks''' का उपयोग कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:32&lt;br /&gt;
| हम उनका उपयोग कर सकते हैं जब ब्लॉक द्वारा विभिन्न प्रकार के '''exceptions''' रेज़ होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:38&lt;br /&gt;
| '''try block''' में निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:42&lt;br /&gt;
| कोड की यह लाइन एक '''array element''' को जीरो द्वारा विभाजित करती है क्योंकि '''a ''' की वेल्यू  0 है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:49&lt;br /&gt;
|तो एक '''ArithmeticException''' पहले रेज़ होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:53&lt;br /&gt;
|'''ArithmeticException''' को नियंत्रित करने के लिए एक और'''catch block''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:58&lt;br /&gt;
| मौजूदा '''catch block''' के बाद निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:06&lt;br /&gt;
| इस समय एरर मैसेज '''&amp;quot;Arithmetic Exception occurred&amp;quot;''' प्रिंट होता है क्योंकि यह पहले कैच हुआ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
|कोड का बाकी भाग '''try catch block ''' के बाहर निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:19&lt;br /&gt;
| अब '''checked exceptions''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| '''Checked exceptions'''  '''compile time''' पर चेक होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
|अतः उन्हें प्रोग्राम रन करने से पहले नियंत्रित करना जरूरी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| उदाहरणस्वरूप: फाइल को एक्सेस करना जो मौजूद नहीं है या नेटवर्क सिस्टम को एक्सेस करना जब नेटवर्क डाउन हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:41&lt;br /&gt;
| अब '''Eclipse''' पर जाएँ और नया '''class MarksFile ''' बनाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
| '''main method''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:50&lt;br /&gt;
|अब हमें कंप्यूटर में स्थित फाइल को पढ़ना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| यहाँ '''FileReader''' ऑब्जेक्ट '''fr '''  '''null''' के रूप में इनिसिलीइज है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:03&lt;br /&gt;
| '''FileReader''' ऑब्जेक्ट का उपयोग विशेष फाइल को एक्सेस करने और पढ़ने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:08&lt;br /&gt;
|  '''Eclipse''' एक एरर दिखायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:11&lt;br /&gt;
|एरर को सही करने के लिए इस पर क्लिक करें और '''import FileReader java dot io''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:19 &lt;br /&gt;
| '''FileReader class''' को '''java dot io package''' से इंपोर्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25 &lt;br /&gt;
| हम '''package''' और इसके उपयोग के बारे में बाद के ट्यूटोरियल में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
| ''' Marks''' नामक फाइल को एक्सेस करने के लिए, जो कि होम फोल्डर में स्थित है,  निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:40&lt;br /&gt;
| यहाँ दिखाए गए पाथ को अपने सिस्टम के होम फोल्डर के साथ बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:46&lt;br /&gt;
|एक एरर आती है। यह दर्शाती है कि कोड की यह लाइन '''FileNotFoundException''' बना सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
| एरर पर क्लिक करें और '''Surround with try/catch''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:00&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि इस एरर को सही करने के लिए '''Eclipse'''  स्वतः ही '''try catch block'''  प्रविष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:08&lt;br /&gt;
| हम समझ सकते हैं कि यह '''checked exception''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:12&lt;br /&gt;
| अब देखते हैं कि '''finally block''' का उपयोग कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:16&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:18&lt;br /&gt;
| '''finally block''' आमतौर पर '''try-catch block ''' का अनुकरण करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:22&lt;br /&gt;
|इस ब्लॉक का कोड निष्पादित होता है, चाहे exception हुआ हो या नहीं। इसमें '''print statement''' शामिल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:32&lt;br /&gt;
| अब '''finally block''' में फाइल रिफ्रेंस को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:37&lt;br /&gt;
| टाइप करें'''fr dot close'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:40&lt;br /&gt;
|  अब '''Eclipse''' दर्शाता है कि यह एक '''IOException''' रेज़ करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:45&lt;br /&gt;
| एरर पर क्लिक करें और '''Surround with try/catch''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:51&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:54&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि ''' FileNotFoundException''' मैसेज प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:59&lt;br /&gt;
| ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे होम फोल्डर में '''Marks''' नामक फाइल नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:04&lt;br /&gt;
| हम '''NullPointerException ''' भी देख सकते हैं क्योंकि '''fr ''' की वेल्यू अभी भी नल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:12&lt;br /&gt;
| लेकिन हम देख सकते हैं कि '''finally block''' में '''print statement''' निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:18&lt;br /&gt;
| अपने होम फोल्डर में '''Marks''' टेक्स्ट फाइल बनाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
| यदि आप विंडो यूजर हैं तो अपने लोकल ड्राइव में टेक्स्ट फाइल बनाएँ और पाथ निर्दिष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए यह '''D:\\Marks.txt''' इस तरह निर्दिष्ट हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:37&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम को फिर से रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
| हम सत्यापन कर सकते हैं कि '''Marks''' फाइल बनने के बाद वहाँ  exceptions नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:46&lt;br /&gt;
| '''“Inside finally block”''' प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:50&lt;br /&gt;
| '''cleanup operation'''  अर्थात '''FileReader''' ऑब्जेक्ट '''fr ''' बंद करना, यह भी सफलतापूर्वक निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:58&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:02&lt;br /&gt;
| संक्षेप में..&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:04&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरिल में हमने सीखा:  '''Exception''' क्या है, ''Checked '''और '''Unchecked Exceptions ''',  ''try-catch''' '''block''' और '''finally block ''' का उपयोग करके '''Exceptions''' निष्पादित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:17&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में '''NullPointerException''' नामक अन्य '''Runtime Exception''' के बारे में सीखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:24&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल के '''Assignment''' लिंक में दिए गए '''Demo.java ''' नामक जावा प्रोग्राम को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
|एक '''exception'''  रेज़ होगा जब आप इस कोड को रन करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
|कोड ज्ञात करें जो '''exception''' के लिए जिम्मेदार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
|''' try-catch block''' का उपयोग करके इसे सही करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:43&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया'''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:04&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:15&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Java-Interfaces/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Java-Interfaces/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Java-Interfaces/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T14:03:43Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:01 | नमस्कार, ''' Java Interfaces''' पर स्पोकन ट्यू...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, ''' Java Interfaces''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम  interface बनाने &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:10&lt;br /&gt;
|Implementation classes बनाने और  Interface के उपयोग के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| इसके लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''Ubuntu ऊबंटु 12.04''', '''JDK 1.7 ''' और '''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको '' Java''' और ''' Eclipse IDE.''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:36&lt;br /&gt;
|आपको जावा में ''' subclassing''' और''' Abstract classes ''' का ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:42&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो, जावा से संबंधित ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया प्रदर्शित लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:48&lt;br /&gt;
|  सबसे पहले  interface के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
|इंटरफैस में  abstract''' मैथड्स और ''' static data members''' का सेट शामिल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:58&lt;br /&gt;
|यह बिना बॉडी के मैथड्स के सेट के signatures को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
|इसे '' 'interface' '' कीवर्ड का उपयोग करके घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| अब  Eclipse पर जाएँ और  InterfaceDemo नामक नया प्रोजेक्ट बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:15&lt;br /&gt;
|यहाँ, हम  interfaces के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक ''' classes''' और ''' interface''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| src फोल्डर पर राइट-क्लिक करें और ''' New &amp;gt; Interface''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
|नाम  Animal टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:34&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि  interface कीवर्ड का उपयोग इंटरफेस को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:39&lt;br /&gt;
|अब स्क्रीन पर प्रदर्शित कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
| यहाँ, इंटरफेस का नाम  Animal है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:46&lt;br /&gt;
|इसमें तीन एब्स्ट्रैक मैथड्स ''' talk(), see()''' और ''' move().''' शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में सभी तरह के मैथड्स  ''' public''' और ''' abstract''' परस्पर हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:59&lt;br /&gt;
|एक इंटरफेस में  constant variable डिक्लेरेशन भी शामिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
|यहाँ, कॉंन्टेंट स्ट्रिंग वैल्यू  Mammal वैरिएबल  type1 के लिए असाइन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|और  Reptiles वैरिएबल  type2 के लिए असाइन है।&lt;br /&gt;
|-, &lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
|सभी  constant वैल्यूज एक इंटरफेस में परिभाषित हैं, जो ''' public, static''' और ''' final''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
| आगे, हम उदाहरण के साथ इंटरफेस के लिए  implementation क्लास के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Human क्लास है जो  Animal इंटरफेस लागू करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:38&lt;br /&gt;
|अत:, इसे मैथड्स ''' talk(), see()''' और ''' move().''' के लिए कार्यान्वयन प्रदान करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
| क्लास भी कई इंटरफेसेस का कार्यान्वयन कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:49&lt;br /&gt;
|जैसे कि उदाहरण में दिखाया गया है,  Human क्लास दो इंटरफेस '''Animal''' और ''' Action''' का कार्यान्वयन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:57&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि सिंटैक्स में उपयोग किए गए '' comma operator '' को विभिन्न इंटरफेस की पहचान करनी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:04&lt;br /&gt;
|अब इस क्लास को दोनों ''' Animal''' और ''' Action''' इंटरफेस में सभी  abstract मैथड्स के लिए कार्यान्वयन प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| फिगर यहाँ कार्यान्वयन संबंध प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:18&lt;br /&gt;
|Animal क्लास एक इंटरफेस है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
|Human और  Snake क्लासेस दो  implementation classes हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
|Human क्लास ''' talk()''',''' see()''' और ''' move()'''  मैथड्स के लिए अपना स्वयं का भिन्न कार्यान्वयन प्रदान करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:36&lt;br /&gt;
|और Snake क्लास '''talk(), see()''' और '''move()''''  मैथड्स के लिए अपना स्वयं का विभिन्न कार्यान्वयन प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| अब सैम्पल प्रोग्राम के साथ  interfaces के उपयोग को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
| default package पर राइट-क्लिक करें और  Human नामक क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:56&lt;br /&gt;
|अब, इसे  Animal क्लास का  implementation class बनाने के लिए, टाइप करें  implements Animal&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
| अब, हम Eclipse IDE में एक एरर देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|यह एरर इंगित करता है कि हमें  Animal interface को  implementation प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:15&lt;br /&gt;
| देखें कि इस एरर को कैसे सुधारें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| अब  '''talk(), see()''' और ''' move().''' मैथड्स परिभाषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:23&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void talk( )''' कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें System.out.println कोट्स में &amp;quot;I am a human and I belong to&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
|अब हम  Animal इंटरफेस में घोषित ''' static, final variable type1'' के वैल्यू का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:45&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें '''+ Animal.type1+''' कोट्स में  family सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:54&lt;br /&gt;
|अब see() मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:57&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void see( ) कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें System.out.println कोट्स में &amp;quot;I can see all colors&amp;quot;  सेमिकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:11&lt;br /&gt;
|हमें move() मैथड भी परिभाषित करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:14&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void move( ) कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें  System.out.println कोट्स में &amp;quot;I move by walking&amp;quot; सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, एरर गायब हो जाती है, एक बार सभी मैथड्स इंप्लिमेंट होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:34&lt;br /&gt;
| आगे हम सीखेंगे कि  Snake क्लास कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:38&lt;br /&gt;
| मैंने इसे पहले से ही अपने प्रोजेक्ट में बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:42&lt;br /&gt;
|कृपया अपने प्रोजेक्ट में  snake क्लास बनाएँ और स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:49&lt;br /&gt;
|अब कोड पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि ''' Animal interface के सभी मैथड्स- talk(), see()''' और ''' move()'''  इस क्लास में लागू हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:01&lt;br /&gt;
|यहाँ, talk() मैथड “I am a snake and I belong to” प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
|फिर,  Animal.type2 की वैल्यू प्रिंट होती है और फिर  family की।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
|यहाँ, see() मैथड “I can see only in black and white” प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:19&lt;br /&gt;
|move() मैथड &amp;quot;I move by crawling&amp;quot; प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
| ध्यान दें,  Human क्लास के ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड के स्वयं के कार्यान्वयन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
|और,  Snake क्लास के ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स के स्वंय के कार्यान्वयन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| अब,  default package पर राइट-क्लिक करें, '' new &amp;gt;  class''' पर क्लिक करें और फिर  Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
|इस केस में, हमारे पास  main मैथड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें main और फिर main मैथड बनाने के लिए  '''ctrl+space''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
|इस लाइन में, हम  Animal इंटरफेस का उपयोग करके  Human क्लास दृष्टांत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:07&lt;br /&gt;
|यह '''Animal h''' equals''' new Human()''' के रूप में दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:14&lt;br /&gt;
|अब हम इस '' 'object' 'को '''h.talk(); h.see();   h.move();''' के रूप में उपयोग करके विभिन्न तरीकों को लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:26&lt;br /&gt;
| फिर, हम  Animal इंटरफेस का उपयोग करके  Snake क्लास दृष्टांत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
|अब  हम इस  object का उपयोग करके भिन्न मैथड्स को लागू कर सकते हैं जैसे कि दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:38&lt;br /&gt;
| अब, इस डेमो प्रोग्राम को रन करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:41&lt;br /&gt;
| अत:,  Demo क्लास पर राइट क्लिक करें और फिर ''' Run as &amp;gt; Java Application''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:48&lt;br /&gt;
|हम आउटपुट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:52&lt;br /&gt;
|ये ''' human class object h''' का उपयोग करके ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स लागू करके प्रिंट हुए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:00&lt;br /&gt;
| ये ''' Snake class object s''' का उपयोग करके ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स लागू करके प्रिंट हुए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:08&lt;br /&gt;
| अब,  interface और  abstract क्लास के बीच भिन्नता का पता लगाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:14&lt;br /&gt;
| इंटरफेस में सभी मैथड्स  abstract होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:18&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में, यहाँ कोई भी  constructors,  concrete मैथड्स नहीं होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:23&lt;br /&gt;
| static  मैथड्स और main  मैथड्स नहीं होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:28&lt;br /&gt;
|लेकिन एक  abstract क्लास में यह सब हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:32&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में वेरिएबल्स ''' static''' और ''' final.''' होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:38&lt;br /&gt;
|यहाँ  abstract क्लास के लिए ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:43&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं। संक्षेप में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हमने इंटरफेस बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:53&lt;br /&gt;
| implementation क्लास बनाना और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:56&lt;br /&gt;
|इंटरफेस के उपयोग के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:59&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में,  Vehicle इंटरफेस बनाएँ, जिसमें '''brake()''' और ''' run()''' मैथड्स शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:07&lt;br /&gt;
| एक और  Fuel इंटरफेस बनाएँ, जिसमें निम्न मैथड्स शामिल हो।&lt;br /&gt;
  '''fill(String type,int quantity)''', '''pay(int quantity,int price)'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
| सबक्लास  Car बनाएँ, जो दोनों इंटरफेस  Vehicle और  Fuel का कार्यान्वयन करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
|यहाँ,  brake मैथड  &amp;quot;Car Applies Power brake&amp;quot; प्रिंट करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
|और  run मैथड  &amp;quot;Car is running on 4 wheels&amp;quot; प्रिंट करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:35&lt;br /&gt;
| इसीतरह fill() मैथड  fuel फिल्ड के टाइप और क्वालिटी प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए: 10 Litres of petrol.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:44&lt;br /&gt;
|pay() मैथड दी जाने वाली कीमत प्रिंट करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए Pay Rs. 640&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
|एक और  Bike सबक्लास बनाएँ, जिसमें फिर से दोनों इंटरफेस  Vehicle और  Fuel का कार्यान्वयन करता हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
|यहाँ,  brake मैथड &amp;quot;Bike Applies hand brake&amp;quot; प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
|और  run मैथड “Bike is running on 2 wheels” प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:10&lt;br /&gt;
|फिर, '''fill()''' और '''pay()''' मैथड्स लागू करें जो पहले समझाये गए थे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:15&lt;br /&gt;
|आखिरकार परिणामों को सत्यापित करने के लिए  Demo class बनाएँ जिसमें  main मैथड शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:21&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:38&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  NMEICT MHRD, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:48&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:52&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:01&lt;br /&gt;
| हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Abstract-Classes/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Abstract-Classes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Abstract-Classes/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T14:01:56Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:00 | नमस्कार, ''' Abstract Classes''' पर स्पोकन ट्य...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| नमस्कार, ''' Abstract Classes''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपको स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे, '''Abstract Methods '''और''' Concrete Methods'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
|'''Abstract Classes '''और ''' Concrete Classes '''और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| '''Abstract Classes''' का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ '''Ubuntu ऊबंटु 12.04''' , '''JDK 1.7 ''' और  '''Eclipse''' '''4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:28&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको '' Java''' और ''' Eclipse IDE.''' का बुनियादी  ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:36&lt;br /&gt;
|आपको जावा में  subclassing का  ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो, प्रासंगिक जावा ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया दिखाए गए लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:46&lt;br /&gt;
|पहले हम  Abstract मैथड के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
| एक  Abstract मैथड एक मैथड है जो  implementation के बिना घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
|यह  abstract कीवर्ड का उपयोग करके घोषित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
|इस मैथड के लिए कोष्ठक को खोलना और बंद नहीं करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|सैम्पल प्रोग्राम के साथ  Abstract क्लास के उपयोग को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09&lt;br /&gt;
|अब हम  Eclipse पर जायेंगे और  AbstractDemo नामक नया प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में, हम  Abstract क्लास के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक  classes बनाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:24&lt;br /&gt;
|अब,  src फोल्डर पर राइट-क्लिक करें औऱ '''New &amp;gt; Class''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
|Person के रूप में क्लास का नाम टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:35&lt;br /&gt;
|अब, हम नाम का प्रतिनिधित्व करने के लिए  field और  Person की उम्र जोड देंगे । टाइप करें ''' String name''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:44&lt;br /&gt;
|इसके अलावा टाइप करें: ''' int age''' semicolon. सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:48&lt;br /&gt;
|अब  Source पर क्लिक करें और ''' Generate constructor using fields''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:55&lt;br /&gt;
|उत्पन्न कोड से  super कीवर्ड डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:59&lt;br /&gt;
|Constructor '''name''' और '''age ''' फिल्ड्स की वैल्यूज को इनीशिलाज कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05&lt;br /&gt;
|अब हम '''concrete method''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:08&lt;br /&gt;
|Concrete मैथड को पूर्ण रूप से कर्ली ब्रैकेट्स में लागू कर दिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:14&lt;br /&gt;
|हम इस क्लास में नेम और एज प्रिंट करने के लिए  concrete मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:21&lt;br /&gt;
|स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड को टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|यह मैथड showBasicDetails() यहाँ सचित्र है, यह  concrete मैथड का एक उदाहरण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:32&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि यह मैथड पूरी तरह लागू किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:36&lt;br /&gt;
|अब हम इस क्लास के लिए  abstract मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें '''public void showDetails( )''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:46&lt;br /&gt;
|एक एरर आती है, क्योंकि हमने अभी तक  abstract मैथड नहीं जोडा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|अत:,  abstract कीवर्ड जोडें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:55&lt;br /&gt;
|अब हम एक और एरर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:58&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि,  abstract मैथड केवल  abstract क्लासेस के लिए जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
|अत:, इसे  abstract क्लास बनाने के लिए  Person क्लास में  abstract कीवर्ड जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
| '''class Person''' यहाँ एक  abstract क्लास प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|इसमें showDetails() नामक  abstract मैथड शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
|फिगर यहाँ एक '''inheritance relation''' का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:24&lt;br /&gt;
|यहाँ,  Person क्लास एक  abstract क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29&lt;br /&gt;
|Employee क्लास और  Student क्लास    Person क्लास के  subclasses हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:35&lt;br /&gt;
|ये  subclasses अपने स्वयं के विभिन्न कार्यान्वयन प्रदान कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|इसे  Person क्लास में उपस्थित showDetails( ) मैथड द्वारा किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:45&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए,  Employee क्लास में ShowDetails() मैथड ''Employee ID''' और ''' Salary''' प्रिंट करता है, जबकि  Student क्लास में ShowDetails() मैथड  '''Student Register Number''' और '''Grade''' प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:01&lt;br /&gt;
|फिर  default package पर राइट-क्लिक करें और  Employee नामक अन्य क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:07&lt;br /&gt;
|अब इसे  Person क्लास का  subclass बनाने के लिए, टाइप करें '' extends Person''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:14&lt;br /&gt;
|अब, हम Eclipse IDE में एक एरर देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:19&lt;br /&gt;
|यह इंगित करता है कि हमें '''abstract method showDetails( )''' से एक  implementation प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:26&lt;br /&gt;
|हम इसे थोडी देर बाद करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
| अब '''employee id''' और '''employee salary''' को दर्शाने के लिए दो  field बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें  ''' String empid''' सेमीकॉलन और ''' int salary''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:42&lt;br /&gt;
|अब  Source पर क्लिक करें और फिर '' Generate constructor using fields.'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:49&lt;br /&gt;
|यह  constructor  '''name, age, empid '''और''' salary''' की वैल्यू इनीशिलाज कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
|अब  showDetails मैथड परिभाषित करते हैं। अत:, टाइप करें ''' public void showDetails( )'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:04&lt;br /&gt;
|इस मैथड में, हमें  employee की जानकारी को प्रिंट करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:13&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, एरर गायब हो जाती है, एक बार जब showDetails() मैथड लागू किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19&lt;br /&gt;
|आगे हम प्रोजेक्ट के  Student क्लास के बारे में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:23&lt;br /&gt;
|मैंने पहले से ही  Student नामक  subclass बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|यहाँ  Student क्लास में दो फिल्ड्स हैं- register number और grade, जो स्टुडेंट रजिस्ट्रैशन नंबर और ग्रेड को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
|इस क्लास में  constructor भी बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:42&lt;br /&gt;
|इस  constructor का उपयोग ''' name, age, register number '''और''' grade''' की वैल्यू को इनीशिलाइज करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:50&lt;br /&gt;
| showDetails मैथड इस क्लास में भी लागू किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
|यह '' Student Register Number''' और ''' grade'' की वैल्यूज को प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
| अब ध्यान दें,  Employee क्लास का अपना स्वयं का showDetails() का कार्यान्वयन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
|और  Student क्लास का अपना स्वंय का showDetails() का  कार्यान्वयन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| अब  default package पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17&lt;br /&gt;
|'''New''' &amp;gt; '''Class''' पर क्लिक करें और  Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
|इस क्लास में, हमारे पास main मैथड होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:27&lt;br /&gt;
|अत:,  टाइप करें  main और फिर  main मैथड बनाने के लिए '''ctrl+space'''  दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| अब '''Person p equals new Person.''' टाइप करके  Person क्लास को दृष्टांत करने की कोशिश करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|ब्रैकेट्स और डबल कोट्स में टाइप  करें John और सेमीकॉलन डालें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48&lt;br /&gt;
|अब हम एक एरर देख सकते हैं। यह इसलिए क्योंकि  Person क्लास  abstract है और यह दृष्टांतिकृत नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:58&lt;br /&gt;
|इस लाइन को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
|स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:04&lt;br /&gt;
|अब,  ''' Employee class'''    '''Person p1 equals new Employee.'''  के रूप में  Person क्लास को  दृष्टांतिकृत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:14&lt;br /&gt;
|पहली लाइन में, हम विभिन्न arguments की वैल्यूज को पास कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:19&lt;br /&gt;
|John '''Employee name''' को पास करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:22&lt;br /&gt;
|40   age की वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:25&lt;br /&gt;
|E267  ''Employee ID''' की वैल्यू और  10000   Employee salary की वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|अब हम '''p1.showBasicDetails()''' के रूप में  Person क्लास में  concrete मैथड लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
|हम  object p1 को '''p1.showDetails()''' के रूप में showDetails() मैथड कॉल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50&lt;br /&gt;
|इसीतरह,  Student क्लास का उपयोग करके  Person क्लास दृष्टांतिकृत करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:55&lt;br /&gt;
|यह '''Person p2 equals new Student.''' के रूप में प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:01&lt;br /&gt;
|अब हम विभिन्न arguments के लिए वैल्यूज पास कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:06&lt;br /&gt;
|हम  object का उपयोग करके showBasicDetails() मैथड और showDetails() मैथड को लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
| अब इस डेमो प्रोग्राम को रन करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:18&lt;br /&gt;
|तो,  class Demo पर राइट क्लिक करें और फिर  '''Run as''' &amp;gt;''' Java Application''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
| हम बुनियादी जानकारी जैसे कि ''' name '''और''' age''' आउटपुट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:31&lt;br /&gt;
|ये showBasicDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
|अन्य employee जानकारी जैसे कि ''' employee ID '''और '''salary '''  showDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:43&lt;br /&gt;
|इसीतरह छात्र की बुनियादी जानकारी जैसे कि '''name''' और '''age''  showBasicDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
|छात्र की अन्य जानकारी जैसे कि  '''Student register number '''और '''grade'''    showDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:01&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:07&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:  '''Abstract Methods '''और ''' Concrete Methods'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:14&lt;br /&gt;
| '''Abstract Classes '''और''' Concrete Classes '''और ''' Abstract Classes''' कैसे बनाना और उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में, एक  abstract class Vehicle बनाएँ, जिसमें '''abstract method''' '''run()''' शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|subclass Car क्लास बनाएँ जो  Vehicle class का विस्तार करता हो और '''run''' मैथड लागू करें, जो “Car is running on 4 wheels” प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:39&lt;br /&gt;
| subclass Bike भी बनाएँ जो फिर से  Vehicle class का विस्तार करता हो और  run मैथड लागू करें, जो  “Bike is running on 2 wheels” प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
|परिणामों की पुष्टि करने के लिए '' 'main' '' मैथड  वाली '' Demo class '' भी बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:56&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर दिए गए वीडियो में स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट का सारांश है। कृपया डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:03&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:09&lt;br /&gt;
|ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:28&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
|हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Calling-methods-of-the-superclass/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Calling-methods-of-the-superclass/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Calling-methods-of-the-superclass/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T13:56:53Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, Calling methods of the super class पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: कि super keyword का उपयोग कब करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
|super class के मैथड को कैसे कॉल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
|super class के  constructor को कैसे खोलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं: ऊबंटु वर्जन 12.04''', '''JDK 1.7''',''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको Java और Eclipse IDE का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
| आपको JAVA में  '''subclassing '''और '''method overriding''' का  ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:45&lt;br /&gt;
|यदि नहीं तो, संबंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
| Subclass   super कीवर्ड का उपयोग करके  '''superclass''' डेटा या '''method ''' का उपयोग कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:58&lt;br /&gt;
| '''super''' कीवर्ड: parent क्लास के  instance वेरिएबल को संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
 '''parent class constructor''' को  शुरू करने के उपयोग में आता है।&lt;br /&gt;
'''parent class method''' को  शुरू करने के उपयोग में आता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:13&lt;br /&gt;
| अब,  IDE और  project पर जाएँ जिसे हमने पहले बनाया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| Manager क्लास पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| अब, ''getDetails()'' मैथड पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
| return स्टेटमेंट में,  '''Name ''' और '''Email''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| अब,  Employee क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
| यह  parent क्लास या  super क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| हमारे पास यहाँ पहले से ही  '''getDetails()'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| यह मैथड '''name '''और '''email''' रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
| अत:, हम इस getDetails() मैथड का उपयोग  Manager क्लास में कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| हम Manager क्लास में,  Employee क्लास से getDetails() मैथड कॉल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
| अत:,  manager क्लास में getDetails() मैथड पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| return स्टेटमेंट में टाइप करें: '''super dot getDetails()''' ''plus slash'' n '''Manager of  getDepartment().'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|अब, प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमें  Manager का विवरण प्राप्त होता है।इस प्रकार हम  subclass के अंदर  superclass मैथड को कॉल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| अब Employee क्लास पर आएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:41&lt;br /&gt;
| यहाँ  constructor सम्मिलित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44&lt;br /&gt;
| अत:,  Employee क्लास में टाइप करें:  '''public''' space '''Employee '''  ब्रैकेट्स में '''String name, String email_address '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
|कर्ली ब्रैकेट में टाइप करें:&lt;br /&gt;
'''this dot name is equal to name semicolon'''&lt;br /&gt;
'''this dot email_address is equal to email_address'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
|अब, '''setter '''और '''getter''' मैथड को कमेंट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| getDetails() मैथड में,  getName की जगह  name और  getEmail के स्थान पर  email_address टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| Subclass    parent क्लास से सभी मैथड्स और वेरिएबल्स को इन्हेरिट्स करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि यह  constructors को इन्हेरिट नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| लेकिन,  constructors  अपने  superclass के  non-private constructors को कॉल कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| हम child class constructor से  super कीवर्ड का उपयोग करके इसे करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:01&lt;br /&gt;
| वह अब हम देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:04 &lt;br /&gt;
|इसके लिए,  Manager क्लास पर आएँ। हम यहाँ  constructor सम्मिलित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें '''public''' ''space'' '''Manager'''  ब्रैकेट्स में 'String''' ''space '' '''name comma String''' space '''email underscore address comma String''' space '''dept '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
|फिर, कर्ली ब्रैकेट्स में, टाइप करें '''super ''' ब्रैकेट्स में  '''name, email underscore address''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:44&lt;br /&gt;
|फिर टाइप करें: '''department is equal to dept semicolon'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:51&lt;br /&gt;
| यहाँ हम '''setter''' और '''getter'''  मैथड कमेंट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
| फिर, getDetails() मैथड में, getDepartment के अंदर   department टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| अब, TestEmployee क्लास पर आएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:09&lt;br /&gt;
| setter मैथड कमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:15&lt;br /&gt;
| अब, Manager constructor के अंदर टाइप करें: कोट्स में '''Nikkita Dinesh,  abc@gmail.com, Accounts'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| अब, प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| हमें प्रदर्शित आउटपुट प्राप्त होता है। हमें  Manager विवरण मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
|इस तरह,  हम  super क्लास के  constructor कॉल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल, में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
'''super keyword '''&lt;br /&gt;
super क्लास के मैथड को कॉल करना&lt;br /&gt;
Super क्लास के  constructor को  invoke करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के लिए, पिछला नियत-कार्य खोलें।  Bike क्लास में  Vehicle class run method कॉल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| आउटपुट होना चाहिए:&lt;br /&gt;
'''The Vehicle is running.'''&lt;br /&gt;
'''The Bike is running safely.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए, निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:17&lt;br /&gt;
|यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:26&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का एक हिस्सा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
|यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:54&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:05&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Calling-methods-of-the-superclass/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Calling-methods-of-the-superclass/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Calling-methods-of-the-superclass/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T13:54:51Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;  {| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:01 | नमस्कार, ''Calling methods of the super class''' पर स्पो...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, ''Calling methods of the super class''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: कि  super keyword का उपयोग कब करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
|super class के मैथड को कैसे कॉल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
|super class के  constructor को कैसे खोलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ऊबंटु वर्जन 12.04'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''JDK 1.7'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको Java और Eclipse IDE का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
| आपको JAVA में  '''subclassing '''और '''method overriding''' का  ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:45&lt;br /&gt;
|यदि नहीं तो, संबंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
| Subclass   super कीवर्ड का उपयोग करके  '''superclass''' डेटा या '''method ''' का उपयोग कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:58&lt;br /&gt;
| '''super''' कीवर्ड:&lt;br /&gt;
parent क्लास के  instance वेरिएबल को संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
 '''parent class constructor''' को  शुरू करने के उपयोग में आता है।&lt;br /&gt;
'''parent class method''' को  शुरू करने के उपयोग में आता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:13&lt;br /&gt;
| अब,  IDE और  project पर जाएँ जिसे हमने पहले बनाया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| Manager क्लास पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| अब, ''getDetails()'' मैथड पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
| return स्टेटमेंट में,  '''Name ''' और '''Email''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| अब,  Employee क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
| यह  parent क्लास या  super क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| हमारे पास यहाँ पहले से ही  '''getDetails()'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| यह मैथड '''name '''और '''email''' रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
| अत:, हम इस getDetails() मैथड का उपयोग  Manager क्लास में कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| हम Manager क्लास में,  Employee क्लास से getDetails() मैथड कॉल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
| अत:,  manager क्लास में getDetails() मैथड पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| return स्टेटमेंट में टाइप करें: '''super dot getDetails()''' ''plus slash'' n '''Manager of  getDepartment().'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|अब, प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमें  Manager का विवरण प्राप्त होता है।इस प्रकार हम  subclass के अंदर  superclass मैथड को कॉल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| अब Employee क्लास पर आएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:41&lt;br /&gt;
| यहाँ  constructor सम्मिलित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44&lt;br /&gt;
| अत:,  Employee क्लास में टाइप करें:  '''public''' space '''Employee '''  ब्रैकेट्स में '''String name, String email_address '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
|कर्ली ब्रैकेट में टाइप करें:&lt;br /&gt;
'''this dot name is equal to name semicolon'''&lt;br /&gt;
'''this dot email_address is equal to email_address'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
|अब, '''setter '''और '''getter''' मैथड को कमेंट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| getDetails() मैथड में,  getName की जगह  name और  getEmail के स्थान पर  email_address टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| Subclass    parent क्लास से सभी मैथड्स और वेरिएबल्स को इन्हेरिट्स करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि यह  constructors को इन्हेरिट नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| लेकिन,  constructors  अपने  superclass के  non-private constructors को कॉल कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| हम child class constructor से  super कीवर्ड का उपयोग करके इसे करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:01&lt;br /&gt;
| वह अब हम देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:04 &lt;br /&gt;
|इसके लिए,  Manager क्लास पर आएँ। हम यहाँ  constructor सम्मिलित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें '''public''' ''space'' '''Manager'''  ब्रैकेट्स में 'String''' ''space '' '''name comma String''' space '''email underscore address comma String''' space '''dept '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
|फिर, कर्ली ब्रैकेट्स में, टाइप करें '''super ''' ब्रैकेट्स में  '''name, email underscore address''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:44&lt;br /&gt;
|फिर टाइप करें: '''department is equal to dept semicolon'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:51&lt;br /&gt;
| यहाँ हम '''setter''' और '''getter'''  मैथड कमेंट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
| फिर, getDetails() मैथड में, getDepartment के अंदर   department टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| अब, TestEmployee क्लास पर आएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:09&lt;br /&gt;
| setter मैथड कमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:15&lt;br /&gt;
| अब, Manager constructor के अंदर टाइप करें: कोट्स में '''Nikkita Dinesh,  abc@gmail.com, Accounts'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| अब, प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| हमें प्रदर्शित आउटपुट प्राप्त होता है। हमें  Manager विवरण मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
|इस तरह,  हम  super क्लास के  constructor कॉल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल, में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
'''super keyword '''&lt;br /&gt;
super क्लास के मैथड को कॉल करना&lt;br /&gt;
Super क्लास के  constructor को  invoke करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के लिए, पिछला नियत-कार्य खोलें।  Bike क्लास में  Vehicle class run method कॉल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| आउटपुट होना चाहिए:&lt;br /&gt;
'''The Vehicle is running.'''&lt;br /&gt;
'''The Bike is running safely.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए, निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:17&lt;br /&gt;
|यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:26&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का एक हिस्सा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
|यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:54&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:05&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T13:51:46Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, ''' Subclassing''' and '''Method overriding.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: '''subclassing''' , '''extends '''कीवर्ड और '''method overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं: ऊबंटु लिनक्स वर्जन 12.04, '''JDK '''1.7, '''Eclipse '''4.3.1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको ''Java''' और Eclipse IDE का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
| यदि नहीं है तो, संबंधित  Java ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| सबसे पहले, हम सीखेंगे कि  subclassing क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| यह एक मौजूदा  class से नए  class बनाने का एक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| नया क्लास  '''subclass ''' या ''' derived class ''' या ''' child class''' बनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| पहले से ही मौजूद  क्ला को  '''superclass ''' या ''' base class ''' या ''' parent class''' कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| अब, मैं आपको दिखाती हूँ कि  subclass कैसे बनाना है। मैंने पहले से ही  MyProject नामक एक प्रोजेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
|मैंने इसमें  Employee नामक एक क्लास बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स  name और  '''email_addressहै।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| इसमें क्लास के लिए '''setter ''' और '''getter''' मैथड  भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| इसमें &amp;quot;getDetails()&amp;quot; मैथड है। यह मैथड  '''&amp;quot;name&amp;quot; '''और''' &amp;quot;email_address&amp;quot; रिटर्न करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|अब,  Manager क्लास पर आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स ''', name, email_address '''और '''department.''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि कुछ वैरिएबल्स '''Employee ''' और '''Manager class''' दोनों में समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| '''name ''' और ''' email_address '''  Employee क्लास में हैं। हम देख सकते हैं कि ये  Manager क्लास में भी हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| इस प्रकार,  Manager क्लास को Employee क्लास का  subclass बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| इसके लिए, हमें  Manager क्लास में कुछ परिवर्तन करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|public class Manager के बाद, टाइप करें : '''extends Employee'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| हम मौजूदा क्लास से  subclass बनाने के लिए  extends कीवर्ड का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| दोनो क्लास में समान डुप्लिकेट वैरिएबल्स को हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
| अत:,  Manager क्लास से '''name '''और ''' email_address ''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| इसके अलावा '''setter ''' और '''getter''' मैथड भी हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| Manager क्लास में, हमारे पास केवल एक department वैरिएबल होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| हमारे पास  department के लिए '''setter '''और '''getter''' मैथड भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
| इस तरह,  Manager क्लास  Employee क्लास के मैंबर्स को संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| एक क्लास को अन्य क्लास में विस्तार करने का यह तरीका  single inheritance कहलाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| मैंने एक अन्य  TestEmployee नामक क्लास भी बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| Main मैथड में, हम  Manager क्लास का  object बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| अत:,  main मैथड में, टाइप करें Manager manager''' equal to '''new Manager''' parentheses&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| फिर, हम  Manager क्लास के  setter मैथड को कॉल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| तो, टाइप करें  manager dot setName ब्रैकेट में, और डबल कोट्स में  Nikkita Dinesh&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|फिर टाइप करें: '''manager''' dot '''setEmail'' ब्रैकेट्स और डबल कोट्स में  abc at gmail dot com&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| फिर टाइप करें:  manager dot setDepartment ब्रैकेट्स में और डबल कोट्स में  Accounts&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| आप कोई भी '''name, email address''' और '''department''' उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| अब,  Manager ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करके  '''getDetails()''' मैथड को कॉल करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें: System.out.println  ब्रैकेट्स में  manager dot getDetails&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
|अब, प्रोग्राम को सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:21&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जेक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि यहाँ getDetails() मैथड नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
|लेकिन, फिर भी हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है। यह इसलिए क्योंकि,  '''Manager क्लास  Employee  क्लास का विस्तार करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| Manager क्लास स्वचालित रूप से  Employee क्लास के वैरिएबल्स और मैथड्स को बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
| अत:, यह  parent क्लास की जाँच करता है जो कि  Employee है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| Employee क्लास पर वापस आते हैं। यह यहाँ getDetails() मैथड प्राप्त करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, हमने  department रिटर्न नहीं किया है। फलस्वरूप, यह आउटपुट में  department प्रिंट नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| अब,  getDetails मैथड को  private में बदलते हैं। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमें TestEmployee क्लास में एक संकलन  एरर मिलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है: &amp;quot;The method getDetails() from the type Employee is not visible&amp;quot;.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि getDetails() मैथड का उपयोग नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
| यह इसलिए क्योंकि हमने getDetails() मैथड को  private किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
|subclass इसके  superclass के  private मैंबर्स को नहीं संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
| Subclass    superclass के  private मैंबर्स को सीधे एक्सेस नहीं कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| superclass    public या  protected मैथड हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|  ये मैथड्स उसके private फिल्ड्स को एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| subclass  इन मैथड्स के माध्यम से private फिल्ड्स को भी एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| अत: इसे  public में वापस बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास में  getDetails मैथड सम्मिलित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:27&lt;br /&gt;
| यह मैथड  '''name, email_address ''' और '''department.''' रिटर्न करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| अत:, टाइप करें ''public String getDetails'' ब्रैकेट्स&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| मैथड में टाइप करें: '''return''' ब्रैकेट्स में '''Name''' plus '''getName()''' plus '''slash n''' plus '''Email''' plus '''getEmail() '''plus '''slash n''' plus '''Manager of '''plus '''getDepartment()''' सेमिकॉलन। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि अब, हमारे पास  getDetails मैथड  Manager और  Employee दोनों क्लास में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:15&lt;br /&gt;
| मैथड का '''name, return type ''' और  '''argument list ''' दोनों क्लासेस में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:22&lt;br /&gt;
| subclass में मैथड   parent क्लास में मैथड को override करने को कहता है यदि:&lt;br /&gt;
'''name'''&lt;br /&gt;
'''return type'''&lt;br /&gt;
'''argument list''' बिल्कुल समान हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:33&lt;br /&gt;
| Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| getDetails() मैथड से पहले टाइप करें: @Override&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| यह एक  override annotation है। यह इंगित करता है कि मैथड superclass में मैथड को override करने के लिए अभिप्रेत करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| अब, देखते हैं कि  annotation क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:57&lt;br /&gt;
| '''Annotations:'''&lt;br /&gt;
at (@) चिन्ह कैरेक्टर से साथ शुरू होता है&lt;br /&gt;
प्रोग्राम के बारे में डेटा प्रदान करता है&lt;br /&gt;
कोड के ऑपरेशन पर कोई सीधा प्रभाव नहीं डालता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|यदि मैथड @Override के साथ  annotate है, कंपाइलर एरर उत्पन्न करता है यदि:  superclass में घोषित मैथड  override नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
|method signature इसके  superclass से भिन्न है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अब,  IDE पर वापस आएँ। Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
|  '''at (@)'''  चिन्ह कैरेक्टर कंपाइलर को इंगित करता है कि  annotation के बाद क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:42&lt;br /&gt;
| यहाँ, यह दर्शाता है कि getDetails() मैथड overridden है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| TestEmployee क्लास पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:51&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करें और प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
|हमें निम्न आउटपुट प्राप्त होता है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Manager of Accounts'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:05&lt;br /&gt;
|यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जैक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:11&lt;br /&gt;
| लेकिन इस समय, यह स्वयं  Manager क्लास के मैथड को कॉल कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
|इस तरह, हम  subclass द्वारा  parent क्लास के मैथड को  override कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
|संक्षेप में। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
'''Subclassing'''और '''Method Overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में, एक  Vehicle क्लास बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि “'''The Vehicle is running.”''' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| एक  Bike क्लास भी बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि  “'''The Bike is running safely.”'' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:48&lt;br /&gt;
| आउटपुट  “'''The Bike is running safely”''' होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में अधिक जानने के लिए, निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:06&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:21&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:42&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T13:51:17Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, ''' Subclassing''' and '''Method overriding.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: '''subclassing''' , '''extends '''कीवर्ड और '''method overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं: ऊबंटु लिनक्स वर्जन 12.04, '''JDK '''1.7, '''Eclipse '''4.3.1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको ''Java''' और '''Eclipse IDE.' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
| यदि नहीं है तो, संबंधित  Java ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| सबसे पहले, हम सीखेंगे कि  subclassing क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| यह एक मौजूदा  class से नए  class बनाने का एक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| नया क्लास  '''subclass ''' या ''' derived class ''' या ''' child class''' बनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| पहले से ही मौजूद  क्ला को  '''superclass ''' या ''' base class ''' या ''' parent class''' कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| अब, मैं आपको दिखाती हूँ कि  subclass कैसे बनाना है। मैंने पहले से ही  MyProject नामक एक प्रोजेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
|मैंने इसमें  Employee नामक एक क्लास बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स  name और  '''email_addressहै।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| इसमें क्लास के लिए '''setter ''' और '''getter''' मैथड  भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| इसमें &amp;quot;getDetails()&amp;quot; मैथड है। यह मैथड  '''&amp;quot;name&amp;quot; '''और''' &amp;quot;email_address&amp;quot; रिटर्न करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|अब,  Manager क्लास पर आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स ''', name, email_address '''और '''department.''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि कुछ वैरिएबल्स '''Employee ''' और '''Manager class''' दोनों में समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| '''name ''' और ''' email_address '''  Employee क्लास में हैं। हम देख सकते हैं कि ये  Manager क्लास में भी हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| इस प्रकार,  Manager क्लास को Employee क्लास का  subclass बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| इसके लिए, हमें  Manager क्लास में कुछ परिवर्तन करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|public class Manager के बाद, टाइप करें : '''extends Employee'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| हम मौजूदा क्लास से  subclass बनाने के लिए  extends कीवर्ड का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| दोनो क्लास में समान डुप्लिकेट वैरिएबल्स को हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
| अत:,  Manager क्लास से '''name '''और ''' email_address ''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| इसके अलावा '''setter ''' और '''getter''' मैथड भी हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| Manager क्लास में, हमारे पास केवल एक department वैरिएबल होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| हमारे पास  department के लिए '''setter '''और '''getter''' मैथड भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
| इस तरह,  Manager क्लास  Employee क्लास के मैंबर्स को संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| एक क्लास को अन्य क्लास में विस्तार करने का यह तरीका  single inheritance कहलाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| मैंने एक अन्य  TestEmployee नामक क्लास भी बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| Main मैथड में, हम  Manager क्लास का  object बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| अत:,  main मैथड में, टाइप करें Manager manager''' equal to '''new Manager''' parentheses&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| फिर, हम  Manager क्लास के  setter मैथड को कॉल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| तो, टाइप करें  manager dot setName ब्रैकेट में, और डबल कोट्स में  Nikkita Dinesh&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|फिर टाइप करें: '''manager''' dot '''setEmail'' ब्रैकेट्स और डबल कोट्स में  abc at gmail dot com&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| फिर टाइप करें:  manager dot setDepartment ब्रैकेट्स में और डबल कोट्स में  Accounts&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| आप कोई भी '''name, email address''' और '''department''' उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| अब,  Manager ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करके  '''getDetails()''' मैथड को कॉल करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें: System.out.println  ब्रैकेट्स में  manager dot getDetails&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
|अब, प्रोग्राम को सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:21&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जेक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि यहाँ getDetails() मैथड नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
|लेकिन, फिर भी हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है। यह इसलिए क्योंकि,  '''Manager क्लास  Employee  क्लास का विस्तार करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| Manager क्लास स्वचालित रूप से  Employee क्लास के वैरिएबल्स और मैथड्स को बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
| अत:, यह  parent क्लास की जाँच करता है जो कि  Employee है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| Employee क्लास पर वापस आते हैं। यह यहाँ getDetails() मैथड प्राप्त करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, हमने  department रिटर्न नहीं किया है। फलस्वरूप, यह आउटपुट में  department प्रिंट नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| अब,  getDetails मैथड को  private में बदलते हैं। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमें TestEmployee क्लास में एक संकलन  एरर मिलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है: &amp;quot;The method getDetails() from the type Employee is not visible&amp;quot;.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि getDetails() मैथड का उपयोग नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
| यह इसलिए क्योंकि हमने getDetails() मैथड को  private किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
|subclass इसके  superclass के  private मैंबर्स को नहीं संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
| Subclass    superclass के  private मैंबर्स को सीधे एक्सेस नहीं कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| superclass    public या  protected मैथड हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|  ये मैथड्स उसके private फिल्ड्स को एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| subclass  इन मैथड्स के माध्यम से private फिल्ड्स को भी एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| अत: इसे  public में वापस बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास में  getDetails मैथड सम्मिलित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:27&lt;br /&gt;
| यह मैथड  '''name, email_address ''' और '''department.''' रिटर्न करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| अत:, टाइप करें ''public String getDetails'' ब्रैकेट्स&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| मैथड में टाइप करें: '''return''' ब्रैकेट्स में '''Name''' plus '''getName()''' plus '''slash n''' plus '''Email''' plus '''getEmail() '''plus '''slash n''' plus '''Manager of '''plus '''getDepartment()''' सेमिकॉलन। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि अब, हमारे पास  getDetails मैथड  Manager और  Employee दोनों क्लास में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:15&lt;br /&gt;
| मैथड का '''name, return type ''' और  '''argument list ''' दोनों क्लासेस में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:22&lt;br /&gt;
| subclass में मैथड   parent क्लास में मैथड को override करने को कहता है यदि:&lt;br /&gt;
'''name'''&lt;br /&gt;
'''return type'''&lt;br /&gt;
'''argument list''' बिल्कुल समान हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:33&lt;br /&gt;
| Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| getDetails() मैथड से पहले टाइप करें: @Override&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| यह एक  override annotation है। यह इंगित करता है कि मैथड superclass में मैथड को override करने के लिए अभिप्रेत करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| अब, देखते हैं कि  annotation क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:57&lt;br /&gt;
| '''Annotations:'''&lt;br /&gt;
at (@) चिन्ह कैरेक्टर से साथ शुरू होता है&lt;br /&gt;
प्रोग्राम के बारे में डेटा प्रदान करता है&lt;br /&gt;
कोड के ऑपरेशन पर कोई सीधा प्रभाव नहीं डालता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|यदि मैथड @Override के साथ  annotate है, कंपाइलर एरर उत्पन्न करता है यदि:  superclass में घोषित मैथड  override नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
|method signature इसके  superclass से भिन्न है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अब,  IDE पर वापस आएँ। Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
|  '''at (@)'''  चिन्ह कैरेक्टर कंपाइलर को इंगित करता है कि  annotation के बाद क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:42&lt;br /&gt;
| यहाँ, यह दर्शाता है कि getDetails() मैथड overridden है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| TestEmployee क्लास पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:51&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करें और प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
|हमें निम्न आउटपुट प्राप्त होता है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Manager of Accounts'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:05&lt;br /&gt;
|यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जैक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:11&lt;br /&gt;
| लेकिन इस समय, यह स्वयं  Manager क्लास के मैथड को कॉल कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
|इस तरह, हम  subclass द्वारा  parent क्लास के मैथड को  override कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
|संक्षेप में। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
'''Subclassing'''और '''Method Overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में, एक  Vehicle क्लास बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि “'''The Vehicle is running.”''' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| एक  Bike क्लास भी बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि  “'''The Bike is running safely.”'' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:48&lt;br /&gt;
| आउटपुट  “'''The Bike is running safely”''' होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में अधिक जानने के लिए, निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:06&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:21&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:42&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi"/>
				<updated>2017-09-26T13:50:31Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:01 |नमस्कार, ''' Subclassing''' and '''Method overriding.''' पर स्...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, ''' Subclassing''' and '''Method overriding.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: '''subclassing''' , '''extends '''कीवर्ड और '''method overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं:-&lt;br /&gt;
ऊबंटु लिनक्स वर्जन 12.04&lt;br /&gt;
 '''JDK '''1.7&lt;br /&gt;
'''Eclipse '''4.3.1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको ''Java''' और '''Eclipse IDE.' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
| यदि नहीं है तो, संबंधित  Java ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| सबसे पहले, हम सीखेंगे कि  subclassing क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| यह एक मौजूदा  class से नए  class बनाने का एक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| नया क्लास  '''subclass ''' या ''' derived class ''' या ''' child class''' बनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| पहले से ही मौजूद  क्ला को  '''superclass ''' या ''' base class ''' या ''' parent class''' कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| अब, मैं आपको दिखाती हूँ कि  subclass कैसे बनाना है। मैंने पहले से ही  MyProject नामक एक प्रोजेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
|मैंने इसमें  Employee नामक एक क्लास बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स  name और  '''email_addressहै।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| इसमें क्लास के लिए '''setter ''' और '''getter''' मैथड  भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| इसमें &amp;quot;getDetails()&amp;quot; मैथड है। यह मैथड  '''&amp;quot;name&amp;quot; '''और''' &amp;quot;email_address&amp;quot; रिटर्न करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|अब,  Manager क्लास पर आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स ''', name, email_address '''और '''department.''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि कुछ वैरिएबल्स '''Employee ''' और '''Manager class''' दोनों में समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| '''name ''' और ''' email_address '''  Employee क्लास में हैं। हम देख सकते हैं कि ये  Manager क्लास में भी हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| इस प्रकार,  Manager क्लास को Employee क्लास का  subclass बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| इसके लिए, हमें  Manager क्लास में कुछ परिवर्तन करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|public class Manager के बाद, टाइप करें : '''extends Employee'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| हम मौजूदा क्लास से  subclass बनाने के लिए  extends कीवर्ड का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| दोनो क्लास में समान डुप्लिकेट वैरिएबल्स को हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
| अत:,  Manager क्लास से '''name '''और ''' email_address ''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| इसके अलावा '''setter ''' और '''getter''' मैथड भी हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| Manager क्लास में, हमारे पास केवल एक department वैरिएबल होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| हमारे पास  department के लिए '''setter '''और '''getter''' मैथड भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
| इस तरह,  Manager क्लास  Employee क्लास के मैंबर्स को संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| एक क्लास को अन्य क्लास में विस्तार करने का यह तरीका  single inheritance कहलाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| मैंने एक अन्य  TestEmployee नामक क्लास भी बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| Main मैथड में, हम  Manager क्लास का  object बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| अत:,  main मैथड में, टाइप करें Manager manager''' equal to '''new Manager''' parentheses&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| फिर, हम  Manager क्लास के  setter मैथड को कॉल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| तो, टाइप करें  manager dot setName ब्रैकेट में, और डबल कोट्स में  Nikkita Dinesh&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|फिर टाइप करें: '''manager''' dot '''setEmail'' ब्रैकेट्स और डबल कोट्स में  abc at gmail dot com&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| फिर टाइप करें:  manager dot setDepartment ब्रैकेट्स में और डबल कोट्स में  Accounts&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| आप कोई भी '''name, email address''' और '''department''' उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| अब,  Manager ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करके  '''getDetails()''' मैथड को कॉल करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें: System.out.println  ब्रैकेट्स में  manager dot getDetails&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
|अब, प्रोग्राम को सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:21&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जेक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि यहाँ getDetails() मैथड नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
|लेकिन, फिर भी हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है। यह इसलिए क्योंकि,  '''Manager क्लास  Employee  क्लास का विस्तार करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| Manager क्लास स्वचालित रूप से  Employee क्लास के वैरिएबल्स और मैथड्स को बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
| अत:, यह  parent क्लास की जाँच करता है जो कि  Employee है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| Employee क्लास पर वापस आते हैं। यह यहाँ getDetails() मैथड प्राप्त करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, हमने  department रिटर्न नहीं किया है। फलस्वरूप, यह आउटपुट में  department प्रिंट नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| अब,  getDetails मैथड को  private में बदलते हैं। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमें TestEmployee क्लास में एक संकलन  एरर मिलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है: &amp;quot;The method getDetails() from the type Employee is not visible&amp;quot;.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि getDetails() मैथड का उपयोग नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
| यह इसलिए क्योंकि हमने getDetails() मैथड को  private किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
|subclass इसके  superclass के  private मैंबर्स को नहीं संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
| Subclass    superclass के  private मैंबर्स को सीधे एक्सेस नहीं कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| superclass    public या  protected मैथड हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|  ये मैथड्स उसके private फिल्ड्स को एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| subclass  इन मैथड्स के माध्यम से private फिल्ड्स को भी एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| अत: इसे  public में वापस बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास में  getDetails मैथड सम्मिलित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:27&lt;br /&gt;
| यह मैथड  '''name, email_address ''' और '''department.''' रिटर्न करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| अत:, टाइप करें ''public String getDetails'' ब्रैकेट्स&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| मैथड में टाइप करें: '''return''' ब्रैकेट्स में '''Name''' plus '''getName()''' plus '''slash n''' plus '''Email''' plus '''getEmail() '''plus '''slash n''' plus '''Manager of '''plus '''getDepartment()''' सेमिकॉलन। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि अब, हमारे पास  getDetails मैथड  Manager और  Employee दोनों क्लास में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:15&lt;br /&gt;
| मैथड का '''name, return type ''' और  '''argument list ''' दोनों क्लासेस में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:22&lt;br /&gt;
| subclass में मैथड   parent क्लास में मैथड को override करने को कहता है यदि:&lt;br /&gt;
'''name'''&lt;br /&gt;
'''return type'''&lt;br /&gt;
'''argument list''' बिल्कुल समान हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:33&lt;br /&gt;
| Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| getDetails() मैथड से पहले टाइप करें: @Override&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| यह एक  override annotation है। यह इंगित करता है कि मैथड superclass में मैथड को override करने के लिए अभिप्रेत करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| अब, देखते हैं कि  annotation क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:57&lt;br /&gt;
| '''Annotations:'''&lt;br /&gt;
at (@) चिन्ह कैरेक्टर से साथ शुरू होता है&lt;br /&gt;
प्रोग्राम के बारे में डेटा प्रदान करता है&lt;br /&gt;
कोड के ऑपरेशन पर कोई सीधा प्रभाव नहीं डालता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|यदि मैथड @Override के साथ  annotate है, कंपाइलर एरर उत्पन्न करता है यदि:  superclass में घोषित मैथड  override नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
|method signature इसके  superclass से भिन्न है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अब,  IDE पर वापस आएँ। Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
|  '''at (@)'''  चिन्ह कैरेक्टर कंपाइलर को इंगित करता है कि  annotation के बाद क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:42&lt;br /&gt;
| यहाँ, यह दर्शाता है कि getDetails() मैथड overridden है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| TestEmployee क्लास पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:51&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करें और प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
|हमें निम्न आउटपुट प्राप्त होता है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Manager of Accounts'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:05&lt;br /&gt;
|यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जैक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:11&lt;br /&gt;
| लेकिन इस समय, यह स्वयं  Manager क्लास के मैथड को कॉल कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
|इस तरह, हम  subclass द्वारा  parent क्लास के मैथड को  override कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
|संक्षेप में। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
'''Subclassing'''और '''Method Overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में, एक  Vehicle क्लास बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि “'''The Vehicle is running.”''' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| एक  Bike क्लास भी बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि  “'''The Bike is running safely.”'' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:48&lt;br /&gt;
| आउटपुट  “'''The Bike is running safely”''' होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में अधिक जानने के लिए, निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:06&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:21&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:42&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C3/Snippets-in-gedit/Hindi</id>
		<title>Gedit-Text-Editor/C3/Snippets-in-gedit/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C3/Snippets-in-gedit/Hindi"/>
				<updated>2017-03-25T13:38:53Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''   |- |  00:01 | gedit Text editor में  Snippets पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपक...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| gedit Text editor में  Snippets पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम डिफॉल्ट  Snippets का उपयोग&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:13&lt;br /&gt;
|नए '''snippets'''  जोडना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:15&lt;br /&gt;
| '''snippets'''  डिलीट करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:17&lt;br /&gt;
|'''Highlight matching brackets''' और '''Document Statistics''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:22&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं ऊबंटु लिनक्स 14.04 ऑपरेटिंग सिस्टम gedit Text editor''' 3.10  का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:33&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:39&lt;br /&gt;
| snippests क्या हैं ?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:41&lt;br /&gt;
|Snippets टेक्स्ट या सोर्स कोड की लाइन्स हैं जिनका उपयोग हम अक्सर प्रोग्राम लिखते समय करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:49&lt;br /&gt;
| यह यूजर को दोहराव टाइपिंग करने से बचाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:54&lt;br /&gt;
|Snippets     gedit Text editor में एक डिफॉल्ट  plugins है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:59&lt;br /&gt;
| देखते हैं कि हमें  Snippets को कैसे बनाना या उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
| '''gedit Text editor''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
|पहले हमें  Snippet plugin को सक्षम करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:12&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Edit और  Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:17&lt;br /&gt;
|  Plugin टैब में, नीचे स्क्रोल करें और  Snippets बॉक्स चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:23&lt;br /&gt;
|'''Close''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:25&lt;br /&gt;
| दी गई संख्या सकारात्मक या नकारात्मक की जाँच करने के लिए एक C प्रोग्राम लिखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:32&lt;br /&gt;
| पहले फाइल को  NumCheck.c नाम से सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:39&lt;br /&gt;
|ट्यूटोरियल को रोकें और इस कोड को अपने gedit Text editor में लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:44&lt;br /&gt;
| टाइप पूरा करने पर, कर्सर को अगली लाइन पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:49&lt;br /&gt;
|अब  If शब्द टाइप करें और  Tab की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:54&lt;br /&gt;
|क्या आप यहाँ स्वत: ही आये  If स्टेटमेंट की संरचना देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:00&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, कर्सर डिफॉल्ट रूप से  condition शब्द पर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:05&lt;br /&gt;
|'''num==0''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:09&lt;br /&gt;
|Condition शब्द ओवरराइट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
| आप स्वत: ही आये हुए ओपन कर्ली ब्रैसेस और एंड ब्रैसेस देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:18&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि हमनें पिछले ट्यूटोरियल में  Intelligent text completion नामक  plugin जोडा था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:26&lt;br /&gt;
|टाइप करें '''printf open brackets double quotes'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:31&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि एंड डबल कोट्स भी स्वत: ही आ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|स्मरण करें कि   Intelligent Text Completion का एक फीचर्स  Auto close brackets and quotes है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:44&lt;br /&gt;
|अब जैसा कि यहाँ दिखाया गया है टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:48&lt;br /&gt;
|अब, मैन मैन्यू से,  Tools और Manage Snippets चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:54&lt;br /&gt;
|Manage Snippets डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:56&lt;br /&gt;
|बाईं ओर पैनल पर, नीचे स्क्रोल करें और  C चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:02&lt;br /&gt;
|इसके आगे त्रिकोण के चिन्ह पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:06&lt;br /&gt;
|C के लिए सभी  Snippets की सूची यहाँ सूचिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:11&lt;br /&gt;
|If snippet पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:14&lt;br /&gt;
|ऊपरी दायें पैनल पर, आप  C लैंग्वेज में  If स्टेटमेंट के लिए पूर्ण सिंटेक्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:21&lt;br /&gt;
|नीचे दाईं ओर Tab Trigger फिल्ड पर देखें। यह डिफॉल्ट रूप से  If प्रदर्शित कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
|अत:,  If टाइप करके और टैब की दबाकर, पूर्ण  If स्टेटमेंट आ जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:38&lt;br /&gt;
|एक और  else if नामक  snippet देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:42&lt;br /&gt;
|बाएँ हाथ की ओर,  C के नीचे  else if     snippet पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:48&lt;br /&gt;
|आप इसके लिए सिंटेक्स को ऊपरी दायें पैनल पर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:53&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि  Tab trigger  में  elif  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:56&lt;br /&gt;
|Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:00&lt;br /&gt;
|अब देखते हैं कि अपने प्रोग्राम में इस  snippet का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
|elif टाइप करें और टैब दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|आप देख सकते हैं कि  else if के लिए सिंटेक्स प्रविष्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
|यहाँ दिखाया गया प्रोग्राम कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:19&lt;br /&gt;
|अत:,  Snippets की सहायता के साथ, हम अपने सोर्स कोड में दोहराव टाइपिंग से बच सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:26&lt;br /&gt;
|आगे, हम देखेंगे कि अपने खुद के Snippet कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:30&lt;br /&gt;
|अब, मैन मैन्यू से,  Tools और  Manage snippets पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:38&lt;br /&gt;
|Manage Snippets डायलॉग बॉक्स में, जो प्रदर्शित हो रहा है,  C चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:42&lt;br /&gt;
|विंडो के नीचे दाईं ओर पर, नए  snippet को बनाने के लिए प्लस के आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:49&lt;br /&gt;
|HelloWorld टाइप करें औऱ एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:53&lt;br /&gt;
|Edit पैनल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:56&lt;br /&gt;
|निम्न कोड टाइप करें। यह  C में सरल बुनियादी प्रोग्राम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:02&lt;br /&gt;
|Tab trigger फिल्ड में,  hello टाइप करें। यह एडिटर में उपयोग करने के लिए शॉर्टकट कीवर्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:10&lt;br /&gt;
|Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:13&lt;br /&gt;
|gedit Text editor में नया डॉक्यूमेंट खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
|फाइल को helloworld.c नाम से सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:22&lt;br /&gt;
|यदि आप फाइल को .c एक्सटेंशन के बिना सेव करते हैं तो  snippets काम नहीं करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
| यह फाइल को टेक्स्ट फाइल के रूप में समझेगा, न कि  c प्रोग्राम फाइल ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:35&lt;br /&gt;
|hello टाइप करें और टैब की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:39&lt;br /&gt;
|टेक्स्ट जिसे हमने  HelloWorld  snippet में  लिखा था, यहाँ प्रविष्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:45&lt;br /&gt;
|इस तरह custom snippet बनाते और इनका उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:50&lt;br /&gt;
|आगे,  snippet को डिलीट करने के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:54&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Tools और Manage Snippets पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:59&lt;br /&gt;
|Snippet सूची में,  C पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:02&lt;br /&gt;
|HelloWorld    snippet पर क्लिक करें, जिसे हमने पहले बनाया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
|विंडो के नीचे बाईं ओर पर, snippet को डिलीट करने के लिए माइनस आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
|Snippet डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:16&lt;br /&gt;
|अब,  सूची से  While loop  snippet का पता लगाएँ और हटाने के लिए इसे चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:23&lt;br /&gt;
|यहाँ हम देख सकते हैं कि डिलीट आइकन अक्षम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:28&lt;br /&gt;
|इसका मतलब है कि हम केवल  हमारे द्वारा बनाए snippets को डिलीट कर सकते हैं और न कि डिफॉल्ट वालों को।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:35&lt;br /&gt;
|Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:37&lt;br /&gt;
|NumCheck.c टैब पर वापस जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:42&lt;br /&gt;
|C प्रोग्राम में, आप भिन्न प्रकार के ब्रैकेट्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
|कभी कभी, हम क्लोजिंग ब्रैकेट्स के ट्रैक को खो सकते हैं, जो कि ओपनिंग ब्रैकेट्स के साथ मेल खाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:54&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि समान ब्रैकेट्स को कैसे हाइलाइट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Edit और  Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:03&lt;br /&gt;
|View टैब में,  Highlight matching brackets बॉक्स चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:07&lt;br /&gt;
|Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:09&lt;br /&gt;
|अब, कर्सर को प्रोग्राम के शुरूआत में ओपन कर्ली ब्रैसेस पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:15&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि अंतिम क्लोज कर्ली ब्रैसेस तुरंत ही हाइलाइट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:22&lt;br /&gt;
|अपने कर्सर को दूसरे ओपन कर्ली ब्रैसेस पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:27&lt;br /&gt;
|देखें कि दूसरा अंतिम क्लोज कर्ली ब्रैसेस भूरे रंग में हाइलाइट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:33&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम में ब्रैकेट्स को ट्रैक करने का यह अच्छा तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:38&lt;br /&gt;
|यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि, सभी ओपन ब्रैकेट्स के अनुरूप क्लोजिंग ब्रैकेट्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:44&lt;br /&gt;
|अब हम  Document Statistics फीचर्स के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:49&lt;br /&gt;
|Document Statistics plugin  मौजूदा डॉक्यूमेंट से संबंधित विभिन्न आँकडों को दिखाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:56&lt;br /&gt;
|यह जानकारी जैसे कि  Number of words ,Number of lines ,Number of characters ,Number of non-space characters ,Size of the file in bytes को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:10&lt;br /&gt;
| gedit Text editor पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:14&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Edit और  Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:19&lt;br /&gt;
|Plugins टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:22&lt;br /&gt;
|Document Statistics ऑप्शन देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:26&lt;br /&gt;
|यदि  Document Statistics plugin सक्षम नहीं है तो इसे चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:32&lt;br /&gt;
| Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:34&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
मैन मैन्यू से,  Tools and Document Statistics चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:39&lt;br /&gt;
|Document Statistics डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:43&lt;br /&gt;
|यह  NumCheck.c डॉक्यूमेंट में  lines, words, characters और bytes सहित ऑंकडे प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:53&lt;br /&gt;
|NumCheck.c फाइल में, शब्दों को बदलें जैसे यहाँ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:01&lt;br /&gt;
|अब,  Document Statistics डायलॉग बॉक्स से,  Update पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:07&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, जानकारी हमारे द्वारा बदलाव में अपडेट हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:12&lt;br /&gt;
|Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:15&lt;br /&gt;
|यह फीचर्स बहुत ही उपयोगी है, जब एक डॉक्यूमेंट में शब्दों की निश्चित संख्या की आवश्यकता हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:22&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:25&lt;br /&gt;
|संक्षेप में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:27&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हमने डिफॉल्ट  snippets का उपयोग&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:32&lt;br /&gt;
|नए snippets  जोडना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:34&lt;br /&gt;
|डिलीट करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:36&lt;br /&gt;
|Highlight matching brackets  औऱ Document Statistics के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
|यहाँ आपके लिए असाइनमेंट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:44&lt;br /&gt;
|company header नाम का एक नया कस्टम  snippet बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:49&lt;br /&gt;
|एडिट पैनल में कंपनी का पूरा पता टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:53&lt;br /&gt;
|Tab trigger फिल्ड में,  company के रूप में शॉर्टकट की प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:58&lt;br /&gt;
|नया डॉक्यूमेंट खोलें और  snippet का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:02&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर दिया गया वीडिओ स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:10&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र भी देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:19&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:22&lt;br /&gt;
|कृपया अपने सवालो को समय के साथ इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:26&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस मिशन की अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:39&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे की ओर से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C2/Common-Edit-Functions/Hindi</id>
		<title>Gedit-Text-Editor/C2/Common-Edit-Functions/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C2/Common-Edit-Functions/Hindi"/>
				<updated>2017-03-25T13:32:53Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{|border=1 | '''Time'''	 | '''Narration'''   |- |  00:01 |gedit Text editor में Common Edit Functions पर स्पोकन ट्यूटोरियल में...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| '''Time'''	&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|gedit Text editor में Common Edit Functions पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:08&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम एडिटिंग के फंक्शन्स सीखेंगे जिन्हें हम gedit में अक्सर उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:015&lt;br /&gt;
|हम कंटेंट को  ''' Cut, Copy ''' और ''' Paste ''' ,  कार्य को ''' Undo ''' और ''' Redo ''' और टेक्स्ट को  Search और  Replace करना भी सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:25&lt;br /&gt;
|हम अपने डॉक्यूमेंट्स को प्रिंट करना भी सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:029&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं ऊबंटु लिनक्स 14.04 ऑपरेटिंग सिस्टम ''' gedit '''  3.10 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:39&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:44&lt;br /&gt;
| ''' gedit Text editor ''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:48&lt;br /&gt;
|अब  Students.txt  फाइल खोलें, जिसे हमने पहले बनाया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:55&lt;br /&gt;
|अत: टूलबार में आइकन लेबल open के साथ आइकन पर क्लिक करके ऐसा करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  001:01&lt;br /&gt;
|यह मौजूदा फाइल को खोलने के लिए शॉर्टकट आइकन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:06&lt;br /&gt;
|Open Files डाइलॉग बॉक्स दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:09&lt;br /&gt;
|दाईं ओर पर Desktop फोल्डर चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:12&lt;br /&gt;
|Students.txt फाइल चुनें और  Open पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:17&lt;br /&gt;
|अब, सीखते हैं कि टेक्स्ट को cut, copy और paste कैसे करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:22&lt;br /&gt;
|सबसे पहले, हमें टेक्स्ट को चुनना है, जिसे हम cut  या copy करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:27&lt;br /&gt;
|मैं इस फाइल से पहले तीन छात्रों के विवरण को  cut करना चाहती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:32&lt;br /&gt;
|पहले तीन छात्रों के विवरण को चुनने के लिए, क्लिक करें और उन तीन लाइन्स पर कर्सर को ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:39&lt;br /&gt;
|अब टेक्ट्स चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:42&lt;br /&gt;
|हम टूलबार में  Cut आइकन का उपयोग कर सकते हैं। या मैन मैन्यू से  Edit  और Cut चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:51&lt;br /&gt;
|इसके अलावा, टेक्स्ट को cut करने के लिए हम Ctrl + X कीज को एक साथ दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:58&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि, चुनित टेक्स्ट फाइल में नहीं दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:03&lt;br /&gt;
|कृपया ध्यान दें कि यह टेक्स्ट डिलीट नहीं हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|यह कंप्यूटर मैमोरी के पार्ट में स्टोर हो गया है, जिसे  clipboard के रूप में जाना जाता हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:13&lt;br /&gt;
|clipboard कंटेंट को स्टोर करता है जिसे  cut या copy किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:18&lt;br /&gt;
|कंटेंट अस्थायी रूप से स्टोर रहता है जब तक इसको पेस्ट या अन्य केंटेंट को copy नहीं किया जाता।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:25&lt;br /&gt;
|gedit  को बंद करने पर Clipboard कंटेंट मैमोरी से डिलीट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:31&lt;br /&gt;
|''' gedit ''' पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:34&lt;br /&gt;
|अब इस टेक्स्ट को नये डॉक्यूमेंट में  paste करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:38&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  File और New पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
|Gedit विंडो में  Untitled Document 1 नामक नया डॉक्यूमेंट्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
|अब, मैन मैन्यू से,  Edit और Paste चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:53&lt;br /&gt;
|इसके अलावा, टेक्स्ट को पेस्ट करने के लिए हम  Ctrl + V कीज को एक साथ दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:00&lt;br /&gt;
|या टूलबार से  Paste आइकन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:04&lt;br /&gt;
|Students dot txt  से टेक्स्ट इस डॉक्यूमेंट में पेस्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:11&lt;br /&gt;
|'' Students.txt ''' टेब चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:14&lt;br /&gt;
|अब, शेष छोत्रों के विवरण को चुनें और इसे कॉपी करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:20&lt;br /&gt;
|From the ''' Main ''' menu, select ''' Edit ''' and ''' Copy '''.&lt;br /&gt;
मैन मैन्यू से,  Edit और Copy चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:24&lt;br /&gt;
|हम कंटेंट को कॉपी करने के लिए कीबोर्ड से Ctrl + C  का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि कॉपी किया हुआ टेक्स्ट अभी भी दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
|यह टेक्स्ट clipboard में भी स्टोर हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:38&lt;br /&gt;
|''' Untitled Document 1'''  टेब चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:42&lt;br /&gt;
|तीसरी लाइन के बाद कर्सर रखें और  Enter दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:46&lt;br /&gt;
|अब, कंटेक्स्ट मैन्यू के लिए राइट-क्लिक करें और  Paste चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:52&lt;br /&gt;
|कंटेंट निर्दिष्ट स्थान में पेस्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:56&lt;br /&gt;
|यह  gedit में  cut, copy और paste करने के लिए सरल और प्रभावी तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
|आगे, हम  Undo और Redo ऑप्शन्स देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:07&lt;br /&gt;
|gedit Text editor फाइल में किए गए परिवर्तन के लिए  Undo की अनुमति देता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:13&lt;br /&gt;
|असल में, यह डॉक्यूमेंट में अंतिम परिवर्तन को मिटाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:18&lt;br /&gt;
|यह उपयोगी है, जब आपने कोई गलती की हो और इसे Undo करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:23&lt;br /&gt;
|Undo के लिए शॉर्टकट कीज  Ctrl + Z है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
|Undo का विपरीत Redo है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|Redo कमांड  Undo क्रिया को विपरीत करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:35&lt;br /&gt;
|Redo के लिए शॉर्टकट कीज  Shift + Ctrl + Z है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:41&lt;br /&gt;
|अब  '''  gedit Text editor  '''  पर जायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
|राइट-क्लिक करके  Undo चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:47&lt;br /&gt;
|टेक्स्ट जिसे हमने कॉपी औऱ पेस्ट किया है, दिखाई नहीं दे रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:52&lt;br /&gt;
|Copy-paste क्रिया नहीं हुई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:56&lt;br /&gt;
|एक बार फिर से  undo करें। इस बार,  Ctrl + Z कीज को एक साथ दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:04&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि, कर्सर तीसरी लाइन के अंत में वापस आ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:09&lt;br /&gt;
| पिछली क्रिया अब नहीं हुई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:13&lt;br /&gt;
| राइट-क्लिक करें और फिर से  Undo चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
| पहले की तीन लाइनें जिन्हे हमने पहले पेस्ट किया था वो भी नहीं दिखाई दे रही हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:23&lt;br /&gt;
| हम टूलबार से भी  Undo आइकन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:28&lt;br /&gt;
| इस तरीके से, हमारे द्वारा किए गए सभी क्रियाओं को हम undo  कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:34&lt;br /&gt;
|अब, हम टेक्स्ट को फिर से कैसे प्राप्त कर सकते हैं?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:38&lt;br /&gt;
| साधारणत: राइट-क्लिक करें औऱ  Redo चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:42&lt;br /&gt;
| एक बार फिर से अपनी क्रिया को  redo करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:45&lt;br /&gt;
| इस बार  Shift + Ctrl + Z कीज दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:50&lt;br /&gt;
| हम टूलबार से भी  Undo आइकन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:55&lt;br /&gt;
| हमें टेक्स्ट फिर से वापस मिल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:57&lt;br /&gt;
| और अब, हम देख सकते हैं कि  Students.txt नामक फाइल से केवल छात्रों का विवरण ही हमारे  gedit विंडो में कॉपी हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:06&lt;br /&gt;
| आगे, हम  Search और  Replace ऑप्शन को देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:10&lt;br /&gt;
| फाइल में एक विशेष शब्द को सर्च करना बहुत ही कठिन है, जब उसमें टेक्स्ट की कई लाइनें हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:17&lt;br /&gt;
| सर्च फंक्शन, पूरे डॉक्यूमेंट में शब्द का एक या सभी उदाहरणों को सर्च करने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:24&lt;br /&gt;
|'''   gedit Text editor '''  पर वापस जायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:28&lt;br /&gt;
| मैं school.txt नामक डॉक्यूमेंट खोलूँगी जिसे कि मैंने पहले ही बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:34&lt;br /&gt;
| school.txt फाइल इस ट्यूटोरियल के साथ  Codefile लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:40&lt;br /&gt;
| डाउनलोड करें और उस टेक्स्ट डॉक्यूमेंट का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:44&lt;br /&gt;
| इस डॉक्यूमेंट में, मैं एक विशेष शब्द को सर्च करना चाहती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:48&lt;br /&gt;
| ऐसा करने के लिए, मैन मैन्यू से  Search पर और फिर  Find पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:53&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, हम  Ctrl + F कीज को एक साथ दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
| या टूलबार से  Search for text आइकन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:02&lt;br /&gt;
|विंडो के ऊपरी दाईं ओर  Find बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
| Find बॉक्स में,  School शब्द टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:11&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि, डॉक्यूमेंट में सभी school शब्द पीले रंग में हाईलाइट हो गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:18&lt;br /&gt;
| पहला सही school शब्द भूरे रंग में हाईलाइट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:24&lt;br /&gt;
| अब  Find बॉक्स में कर्सर रखें और माउस को राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:29&lt;br /&gt;
| प्रदर्शित ऑप्शन्स की सूची में से,  Match Case पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:34&lt;br /&gt;
|case ऑप्शन में केवल एक शब्द मेल खा रहा है। जो कि  School शब्द में केपिटल S है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:41&lt;br /&gt;
|फिर से  Find बॉक्स में कर्सर रखें और माउस को राइट-क्लिक करें।   Match Case ऑप्शन को अनचैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:50&lt;br /&gt;
| अब, मैन मैन्यू से,  Search औऱ  Replace पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:56&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, हम  Ctrl + H कीज को एक साथ दबा सकते हैं। या टूलबार से  Search for and replace text आइकन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:08&lt;br /&gt;
|Replace डायलोग बॉक्स दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
| Search for फिल्ड में,  schools टाइप करें और  Enter दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:17&lt;br /&gt;
| Replace with बॉक्स में,  colleges टाइप करें।  Match entire word only चैक बॉक्स को चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:26&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि, सभी  schools शब्द पीले रंग में हाईलाइट हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:31&lt;br /&gt;
| ''' Replace ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:34&lt;br /&gt;
| यह पहले schools को colleges में बदलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:39&lt;br /&gt;
| सभी schools शब्दों को colleges में बदलने के लिए Replace All बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:46&lt;br /&gt;
| विंडो को बंद करने के लिए  Close बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:50&lt;br /&gt;
|gedit Text editor हमें किसी भी चीज को सर्च करने की भी अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:56&lt;br /&gt;
| Find  बॉक्स को खोलने के लिए Ctrl ''' और F कीज को एक साथ दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:01&lt;br /&gt;
|अब,  Find बॉक्स में,  Students टाइप करना शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:06&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि जैसे ही हम पहला S अक्षर टाइप करते हैं, तो कर्सर डॉक्यूमेंट में सभी S अक्षरों को हाईलाइट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:14&lt;br /&gt;
| अंत में, पूर्ण शब्द Students हाईलाइट हो जाता है जैसे ही हम पूरा टाइप कर लेते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:20&lt;br /&gt;
|आगे हम सीखेंगे कि  school.txt फाइल को प्रिंट कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:25&lt;br /&gt;
| मैन्यू बार से File और फिर  Print चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
| हम टूलबार में Print आइकन पर भी क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:35&lt;br /&gt;
|Print डायलॉग बॉक्स दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:38&lt;br /&gt;
| यदि प्रिंटर आपकी मशीन से जुडा हुआ है, तो यह यहाँ  Printer details की सूची में दिखेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:44&lt;br /&gt;
| इस विंडो में टैब और सेलेक्शन्स डिफॉल्ट कॉन्फिगरेशन सेटिंग्स के रूप में होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:50&lt;br /&gt;
| अपने डॉक्यूमेंट को प्रिंट करने के लिए, नीचे दाईं ओर  Print बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:55&lt;br /&gt;
| यदि प्रिंटर कॉन्फिगरेशन सही है, तो आपका डॉक्यूमेंट प्रिंट हो जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा-&lt;br /&gt;
Cut, Copy और Paste&lt;br /&gt;
Undo और Redo&lt;br /&gt;
Search और Replace टेक्स्ट और Print ऑप्शन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:16&lt;br /&gt;
| यहाँ आपके लिए असाइनमेंट है-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:19&lt;br /&gt;
| gedit में  School.txt फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:23&lt;br /&gt;
| पहले पैराग्राफ को कॉपी करें और उसे नए डॉक्यूमेंट में पेस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:27&lt;br /&gt;
| नए डॉक्यूमेंट को SchoolNew.txt  नाम से सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:32&lt;br /&gt;
| पहली लाइन में  About School शीर्षक टाइप करें। बदलाव को  Undo करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:38&lt;br /&gt;
| फाइल के कंटेंट्स में परिवर्तन पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:42&lt;br /&gt;
| नीचे लिंक पर दिया गया वीडिओ स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:49&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है और प्रमाण पत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:54&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:58&lt;br /&gt;
|यदि आपको स्पोकन ट्यूटोरियल के इस वीडियो से संबंधित कोई सावल है। तो इस साइट पर जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:03&lt;br /&gt;
|मिनट और सेकेंड चुनें जहाँ आपको समस्या है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:07&lt;br /&gt;
| अपने सवाल को संक्षेप में समझाएँ। हमारी टीम में से कोई भी एक उसका जवाब देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:13&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:20&lt;br /&gt;
| इस मिशन की अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:25&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे की ओर से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C3/Third-party-plugins-in-gedit/Hindi</id>
		<title>Gedit-Text-Editor/C3/Third-party-plugins-in-gedit/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C3/Third-party-plugins-in-gedit/Hindi"/>
				<updated>2017-02-21T18:03:16Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- |00:01 | gedit Text editor में  Third party Plugins पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| gedit Text editor में  Third party Plugins पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:07&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम third party '''plugins''' को संस्थापित करना और इनका उपयोग करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं ऊबंटु लिनक्स 14.04 ऑपरेटिंग सिस्टम gedit Text editor 3.10 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:25&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:32&lt;br /&gt;
|अब हम third party '''plugins''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
|Plugins  अन्य प्रोग्रामर्स द्वारा भी बनाएं जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:40&lt;br /&gt;
|इन्हें third party '''plugins''' कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:44&lt;br /&gt;
|यह आपको अतिरिक्त फंक्शन देते हैं जो कि डिफॉल्ट gedit plugins में उपलब्ध नहीं होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:51&lt;br /&gt;
| third-party '''plugin''' को संस्थापित करने में शामिल हैं: निम्न लिंक से  plugin को डाउनलोड करना।&lt;br /&gt;
https://wiki.gnome.org/Apps/Gedit&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58&lt;br /&gt;
|plugin फाइल्स को सही डायरेक्टरी में रखना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:02&lt;br /&gt;
|plugin सक्रिय करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:05&lt;br /&gt;
|Plugins को डाउनलोड करने के लिए gedit वेबसाइट पर जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10&lt;br /&gt;
|ऊपरी दायें कोने पर plugins लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:14&lt;br /&gt;
|'''Lists of gedit plugins.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:18&lt;br /&gt;
|हम gedit Text editor के विभिन्न वर्जन्स के लिएthird-party '''plugins''' के बहुत सारे लिंक्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:25&lt;br /&gt;
|क्योंकि मेरे gedit का वर्जन 3.10 है, तो मैं 3.8 और 3.10 के वर्जन के लिए क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:34&lt;br /&gt;
|आपको अपने gedit वर्जन के आधार पर लिंक को चुनना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:39&lt;br /&gt;
|विभिन्न third party '''plugins''' को देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:44&lt;br /&gt;
|Intelligent Text completion की विशेषताओं का पता लगाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|ऑटो-क्लोज ब्रैकेट्स और क्वोट्स&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:52&lt;br /&gt;
|ऑटो-कम्पलीट  html टैग्स&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:55&lt;br /&gt;
|फंक्शन या लिस्ट के बाद ऑटो-इंडेंट&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:59&lt;br /&gt;
|मैं प्रदर्शित करूँगी कि Intelligent Text Completion को कैसे संस्थापित और उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:06&lt;br /&gt;
|Gedit वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:09&lt;br /&gt;
|डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
|हम Intelligent Text Completion के लिए विशेषताएँ और संस्थापन विवरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
|अपनी समझ के लिए जानकारी को अच्छे से देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:22&lt;br /&gt;
|ऊपरी दायें कोने पर Clone or download ड्रोप डाउन बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:29&lt;br /&gt;
|फिर Download Zip पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:32&lt;br /&gt;
|Save file ऑप्शन चुनें और Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:36&lt;br /&gt;
|फाइल  Downloads फोल्डर में सेव हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40&lt;br /&gt;
|फाइल को एक्स्ट्रैक करें। उपलब्ध फाइल्स को देखने के लिए फोल्डर खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:47&lt;br /&gt;
|मैं  gedit3-8 फोल्डर को कॉपी करूँगी, क्योंकि मेरा  gedit वर्जन इसकी तुलना में उच्च है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:55&lt;br /&gt;
|हमें इस फोल्डर को Home डायरेक्टरी में ''dot local/share/gedit/plugins''' में कॉपी करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:05&lt;br /&gt;
|Home डायरेक्टरी चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:08&lt;br /&gt;
|मैन्यू बार पर View मैन्यू पर क्लिक करें और Show Hidden Files चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|.local    share फोल्डर पर जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
|Gedit सबडायरेक्टरी बनाएँ, यदि यह यहाँ नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:26&lt;br /&gt;
|Gedit डायरेक्टरी के अंदर, एक और plugins नामक सबडायरेक्टरी बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33&lt;br /&gt;
|फोल्डर को पेस्ट करें या फोल्डर से फाइल्स को plugins के अंदर कॉपी करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:39&lt;br /&gt;
|Third party plugin फाइल्स सही डायरेक्टरी में कॉपी होनी चाहिए, जैसे कि यहाँ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:45&lt;br /&gt;
|अब हमारा plugin उपयोग करने के लिए तैयार हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:49&lt;br /&gt;
| '''gedit Text editor''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Edit और Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
|Plugins टैब के नीचे, हमारे third party '''plugin'''  जुडें हैं या नहीं देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं  Intelligent Text completion plugin हमारी सूची में जुड गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:09&lt;br /&gt;
|बॉक्स को चैक करें। Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि Intelligent Text completion हमें html प्रोग्राम लिखने में कैसे मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:19&lt;br /&gt;
|मैं टैग्स टाइप करूँगी जैसे यहाँ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:23&lt;br /&gt;
|लेस दैन सिंबल के बाद, बैकस्लेश दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:27&lt;br /&gt;
|यह स्वत: ही title क्लोजिंग टैग प्रविष्ट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:32&lt;br /&gt;
|अगली लाइन में, लेस दैन बैकस्लेश टाइप करें। आप देख सकते हैं कि head क्लोजिंग टैग प्रविष्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:41&lt;br /&gt;
|फिर से लेस दैन बैकस्लेश टाइप करें। html क्लोजिंग टैग भी प्रविष्ट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48&lt;br /&gt;
|अत:, यह स्वत: ही html टैग्स का पता करता है और उन्हें बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:54&lt;br /&gt;
|सोर्स कोड को लिखते समय यह हमारे कार्य को आसान बना देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:59&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं, कि सिंटेक्स हाइलाइट off mode में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:02&lt;br /&gt;
|जब तक आप डॉक्यूमेंट को gedit Text editor में सेव नहीं करते हैं, सिंटेक्स हाइलाइट off रहता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:10&lt;br /&gt;
|आप इसे View और Highlight Mode मैन्यू पर क्लिक करके ON कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:16&lt;br /&gt;
|आप अपने सोर्स कोड के आधार पर मोड का चयन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:02&lt;br /&gt;
|क्योंकि हमारा प्रोग्राम  HTML है, मैं सूची से HTML ऑप्शन चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि हमारा HTML कोड सिंटेक्स के साथ हाइलाइट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:33&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हमने third party plugins  का संस्थापन और इसका उपयोग करने के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:45&lt;br /&gt;
|यहाँ आपके लिए असाइनमेंट है। gedit Text editor के लिए Advanced find/replace plugin नामक plugin को डाउनलोड और संस्थापित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
|इसे सक्षम करें और इसके फंक्शन्स को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:00&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर दिया गया वीडिओ स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:07&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है और प्रमाण पत्र भी देते हैं। अधिक जानकारी के लिए, हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:16&lt;br /&gt;
|कृपया अपने सवालो को समय के साथ इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस मिशन की अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:33&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे की ओर से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C3/Default-plugins-in-gedit/Hindi</id>
		<title>Gedit-Text-Editor/C3/Default-plugins-in-gedit/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C3/Default-plugins-in-gedit/Hindi"/>
				<updated>2017-02-21T17:55:15Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- |00:01 | gedit Text editor में  Default Plugins पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपक...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| gedit Text editor में  Default Plugins पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम gedit Text editor में डिफॉल्ट प्लगिन्स जैसे '''Sort''', '''Change Case''', '''Spell checker''' और '''Insert Date and Time''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:23&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं ऊबंटु लिनक्स 14.04 ऑपरेटिंग सिस्टम gedit Text editor''' 3.10 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:34&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:40&lt;br /&gt;
|Plugin एक सॉफ्टवेयर कंपोनेंट्स है जो कि एप्लिकेशन के लिए विशिष्ट फीचर जोडता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:46&lt;br /&gt;
|यह अतिरिक्त कार्यक्षमता देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:49&lt;br /&gt;
| '''gedit Text editor''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:53&lt;br /&gt;
|कुछ plugins   gedit Text editor में डिफॉल्ट रूप से संस्थापित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:59&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट  plugins को देखने के लिए, मैन मैन्यू से  Edit और Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:06&lt;br /&gt;
|Preferences डायलॉग बॉक्स में,  Plugins टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:12&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट रूप से संस्थापित plugins की सूची यहाँ सूचिबद्ध होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:18&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि कुछ plugins डिफॉल्ट रूप से चैक हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:23&lt;br /&gt;
|यह इंगित करता है कि वे सक्रिय हैं और हम उन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:28&lt;br /&gt;
|यदि आपको यहाँ प्रदर्शित कोई plugins  नहीं दिखते हैं, तो आप आसानी से उन्हें संस्थापित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36&lt;br /&gt;
|आप Ubuntu Software Center का उपयोग करके कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:40&lt;br /&gt;
|gedit Preferences बॉक्स के  Close बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:45&lt;br /&gt;
|अब, कंप्यूटर डेस्कटॉप के ऊपरी बायें कोने पर  Dash Home आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:52&lt;br /&gt;
|सर्च बॉक्स में,  Ubuntu Software Center टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57&lt;br /&gt;
|Ubuntu Software Center आइकन दिखेगा। इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:03&lt;br /&gt;
|सर्च बॉक्स में,  gedit टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:07&lt;br /&gt;
|Text Editor icon आइकन पर क्लिक करें। फिर  More Info पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:14&lt;br /&gt;
|gedit Text editor के लिए उपलब्ध Add-ons देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
|हम अतिरिक्त plugins ऑप्शन देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:24&lt;br /&gt;
|इनको हम अपनी आवश्यकता के अनुसार उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:28&lt;br /&gt;
| '''A set of gedit plugins for developers''' और '''Set of plugins for gedit''' चैक बॉक्स को चुनें, यदि ये पहले से ही चयनित नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40&lt;br /&gt;
|Apply Changes बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:43&lt;br /&gt;
|प्रोम्प्ट करते समय एडमिन पासवर्ड डालें। Authenticate पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|अब, आमतौर पर उपयोगित plugins हमारी सूची में जुड जायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|'''Ubuntu Software Center''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
|अब हम कुछ  plugins को सक्षम करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:04&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू में,  Edit पर क्लिक करें और फिर  Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:09&lt;br /&gt;
|Plugins टैब में, इन फीचर्स को सक्षम करने के लिए Change Case, Sort और Spell checker चैक बॉक्स को चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:21&lt;br /&gt;
| '''Close''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:24&lt;br /&gt;
|एक बार फिर से, मैन मैन्यू में  Edit पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|हम हमारे मैन्यू लिस्ट में जुडे plugins को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33&lt;br /&gt;
|मैं Fruits.txt डॉक्यूमेंट खोलती हूँ, जिसे मैंने पहले ही बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|Fruits.txt फाइल इस ट्यूटोरियल के साथ Codefile लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48&lt;br /&gt;
|डाउनलोड करें और उस टेक्स्ट डॉक्यूमेंट का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
|Let us see -  how to increase or decrease the font size  and change the background color in the document.&lt;br /&gt;
अब देखते हैं कि फॉंट साइज को कम या ज्यादा करना और डॉक्यूमेंट में बैकग्राउंड कलर को कैसे बदलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू में  Edit और  Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
|फिर  Font &amp;amp; Colors टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:08&lt;br /&gt;
|Use the system fixed width font बॉक्स को अनचैक करें, यदि यह पहले से ही चैक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:14&lt;br /&gt;
|अंत में,  Editor font बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:18&lt;br /&gt;
|यहाँ, हम विभिन्न फॉंट नाम देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:22&lt;br /&gt;
|फॉंट नाम को चुनें जिसे आप उपयोग करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:26&lt;br /&gt;
|नीचे दाईं ओर,   minus या plus चिन्ह के बटन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:31&lt;br /&gt;
|इनका उपयोग फॉंट साइज को घटाने या बढाने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:36&lt;br /&gt;
|मैं फॉंट साइज को 20 बढाउँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39&lt;br /&gt;
|फॉंट साइज को सेट करने के लिए Select पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:43&lt;br /&gt;
|बैकग्राउंड कलर को बदलने के लिए,  Color Scheme ऑप्शन में Cobalt पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:49&lt;br /&gt;
|तुरंत ही, आप देखेंगे कि बैकग्राउंड कलर नीले रंग में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:54&lt;br /&gt;
|सामान्य सैटिंग में वापस जाने के लिए Classic  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
|फिर  Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:01&lt;br /&gt;
|अब, देखते हैं कि sort ऑप्शन कैसे कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:05&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू में,  Edit और Sort पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|Sort डाइलॉग बॉक्स प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:12&lt;br /&gt;
|हमारे डॉक्यूमेंट में, हमने  Oranges दो बार लिखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17&lt;br /&gt;
|Remove duplicates बॉक्स चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:20&lt;br /&gt;
|यह डॉक्यूमेंट से डुप्लिकेट शब्द को हटा देगा, यदि कोई है तो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:25&lt;br /&gt;
|Ignore case चैकबॉक्स को भी चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:29&lt;br /&gt;
|अब  Sort पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि सूची में शब्द अब वर्णात्मक क्रम में व्यवस्थित हो गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि  Oranges शब्द की डुप्लिकेट कॉपी हट गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:44&lt;br /&gt;
|आगे, सीखते हैं कि  Change Case ऑप्शन का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:49&lt;br /&gt;
|पहले टेक्स्ट की लाइन को चुनें, जिसका आप केस बदलना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|यहाँ, मैं पूरे डॉक्यूमेंट को चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:59&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Edit औऱ  Change Case पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:03&lt;br /&gt;
|हम ऑप्शन देख सकते हैं&lt;br /&gt;
* All Upper case&lt;br /&gt;
* All Lower case&lt;br /&gt;
* Invert case - अर्थात, यह सभी  lowercase को  uppercase में और  uppercase को  lowercase में बदलेगा।&lt;br /&gt;
* Title case- यह सभी शब्दों के पहले अक्षर को  uppercase में बदलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:25&lt;br /&gt;
|अब मैं  Title Case चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29&lt;br /&gt;
|डॉक्यूमेंट में बदलाव पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:32&lt;br /&gt;
|अन्य ऑप्शन्स का प्रयास करें और स्वत: ही संबंधित आउटपुट का पता लगाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:38&lt;br /&gt;
|आगे हम  spell check ऑप्शन को देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|इस डॉक्यूमेंट में,  Oranges शब्द को गलत लिखते हैं, जैसे दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Tools और Highlight Misspelled Words चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:54&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, गलत शब्द अब लाल रंग में रेखांकित हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:00&lt;br /&gt;
|कर्सर को शब्द में रखें और इस पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:05&lt;br /&gt;
| '''Spelling Suggestions''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:08&lt;br /&gt;
|सूची में से सही शब्द को चुनें। वर्तनी अब सही हो जाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:14&lt;br /&gt;
|हम पूरे डॉक्यूमेंट के लिए भी  spell check का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:18&lt;br /&gt;
|मैं grapes और apples शब्द को गलत कर दूँगी, जैसे दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:24&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से Tools और Check Spelling को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:29&lt;br /&gt;
|Check Spelling डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है, डॉक्यूमेंट में गलत शब्द को दर्शा रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36&lt;br /&gt;
|यह सही वर्तनी को भी प्रदर्शित कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:39&lt;br /&gt;
|Suggestions सूची से सही शब्द को चुनें और Change पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:45&lt;br /&gt;
|यहाँ, हमारे पास दो गलत शब्द हैं। सही शब्द को चुनें और change पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:51&lt;br /&gt;
|बाहर निकलने के लिए Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:54&lt;br /&gt;
|कभी कभी, हम तारीख और समय का रिकॉर्ड रखना चाहते हैं, जब कोई विशेष फाइल बनाई या संशोधित की गई।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
|इसके लिए,  plugin को सक्षम करते हैं जिसे  Insert Date and Time कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू में,  Edit औऱ  Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:14&lt;br /&gt;
|Preferences डायलॉग बॉक्स में प्रदर्शित  Plugins टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:20&lt;br /&gt;
|Insert Date and Time चैकबॉक्स को चैक करें।  Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
|अब, मैं डॉक्यूमेंट की पहली लाइन में तारीख और समय डालना चाहती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:32&lt;br /&gt;
|कर्सर को पहली लाइन पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Edit पर क्लिक करें औऱ Insert Date and Time चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
|विभिन्न तारीख औऱ समय के प्रारूप के साथ डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:46&lt;br /&gt;
|मैं दूसरे प्रारूप को चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:48&lt;br /&gt;
|फिर  Insert पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:51&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि जहाँ हमने कर्सर रखा था वहाँ तारीख और समय आ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:59&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:04&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने  gedit Text editor में डिफॉल्ट  plugins जैसे Sort, Change Case, Spell checker, Insert Date and Time के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16&lt;br /&gt;
|यहाँ आपके लिए असाइनमेंट है।  Fruits.txt डॉक्यूमेंट खोलें, फॉंट को Italic में बदलें और फॉंट साइज को 24 करें। टेक्स्ट फाइल के कंटेंट को Upper case में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:34&lt;br /&gt;
|नीचे लिंक पर दिए गए वीडिओ स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इन्हें डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:42&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है और प्रमाण पत्र देती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:48&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:51&lt;br /&gt;
|कृपया इस फोरम में अपने प्रश्नों को समय के साथ पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:56&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस मिशन की अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:09&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है,  आईआईटी बॉम्बे की ओर से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C2/Handling-Tabs/Hindi</id>
		<title>Gedit-Text-Editor/C2/Handling-Tabs/Hindi</title>
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				<updated>2017-02-21T17:52:13Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''   |- |  00:01 |gedit Text editor में  Handling tabs पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|gedit Text editor में  Handling tabs पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:04&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम टैब्स को Add, move, re-order और बंद करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:13&lt;br /&gt;
|फाइल को ब्राउज और खोलने के लिए  Side Panel का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:19&lt;br /&gt;
|लाइन नंबर डालें और टेक्स्ट को Wrap करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:22&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं ऊबंटु लिनक्स 14.04 ऑपरेटिंग सिस्टम  gedit 3.10 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:32&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:38&lt;br /&gt;
|'''gedit Text editor''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:42&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट रूप से,  gedit Text editor में  Untitled Document 1 नामक टैब होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:49&lt;br /&gt;
|अब, ट्यूटोरियल को रोकें और स्क्रीन पर प्रदर्शित कोड को टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:56&lt;br /&gt;
|यह C प्रोग्रामिंग लैंग्वेज  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:58&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:01&lt;br /&gt;
|कीबोर्ड पर एक साथ  Ctrl + S कीज दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:06&lt;br /&gt;
|Save डायलॉग बॉक्स में,  sample dot c नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:11&lt;br /&gt;
|Extension ‘c’ यह दर्शाता है कि यह  C लैंग्वेज प्रोग्रामिंग  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:16&lt;br /&gt;
|फोल्डर को चुनें जहाँ आप फाइल को सेव करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:20&lt;br /&gt;
|मैं  Desktop चुनूँगी और फिर  Save बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:25&lt;br /&gt;
|टैब का नाम  sample dot c में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:29&lt;br /&gt;
|क्या आपने ध्यान दिया कि फाइल को सेव करने के बाद प्रोग्राम में कई रंग हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:35&lt;br /&gt;
|यह इस लिए क्योंकि  gedit Text editor पहचानता है कि यह  C प्रोग्राम कोड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:42&lt;br /&gt;
|हम अगले ट्यूटोरियल में सिंटेक्स हाइलाइट के बारे में और अधिक सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि स्टेटस बार जो  C में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि विंडो का नाम भी sample dot c में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:57&lt;br /&gt;
|नए टैब को जोडने के लिए, मैन मैन्यू से,  File और New पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
| sample.c डॉक्यूमेंट के दाईं ओर Untitled Document 1 नामक नया टैब बन गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|फिर, विंडो के शीर्ष पर टाइटल  Untitled Document 1 में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:18&lt;br /&gt;
|अत:, सक्रिया टैब का नाम विंडो के टाइटल के रूप में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:23&lt;br /&gt;
|अब, टैब को अन्य तरीके से खोलने के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:27&lt;br /&gt;
|टूलबार में  New आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:31&lt;br /&gt;
|अन्य टैब  Untitled Document 2 बन जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:35&lt;br /&gt;
|टैब का क्रमांकन 1 से शुरू होता है और प्रत्येक नए खुले टैब के लिए 1 बढता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:43&lt;br /&gt;
|यही कारण है कि यह टैब 2 नंबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
|इसी तरह,  दो और नये डॉक्यूमेंट्स बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:52&lt;br /&gt;
|अब, हमारे पास  sample.c सहित 5 टैब्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
|हम इन टैब्स से संचालन कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:01&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, टैबबार के दोनों सिरों पर त्रिकोणीय बटन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:07&lt;br /&gt;
|आप इन बटन्स का उपयोग टैब्स के माध्यम से संचालन करने के लिए कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:12&lt;br /&gt;
|बायें त्रिकोणीय बटन पर क्लिक करें, जब तक  sample.c डॉक्यूमेंट दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|हम टैब्स को कैसे बंद कर सकते हैं? यह बहुत ही साधारण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  File और Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:27&lt;br /&gt;
|इसके अलावा, आप साधारणत: टैब के X बटन पर क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:32&lt;br /&gt;
|इसी तरह  Untitled Document 2 और 3 को बंद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:39&lt;br /&gt;
|अत:, हमारे पास अब sample dot c, Untitled Document 1 और Untitled Document 4 बचे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:47&lt;br /&gt;
|अब, दो और नए डॉक्यूमेंट्स जोडते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:52&lt;br /&gt;
|इन दो नए टैब्स के नाम Untitled Document 2 और 3 हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:57&lt;br /&gt;
|डॉक्यूमेंट्स क्रमांकित या क्रम में है, जैसे यहाँ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:03&lt;br /&gt;
|ऑर्डर  gedit के निचले वर्जन के लिए भिन्न हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:08&lt;br /&gt;
|वर्जन्स में कुछ अंतर होगा और शिक्षार्थी को इन्हे संभालने के लिए तैयार रहना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:15&lt;br /&gt;
|अब टैब्स को पुनर्व्यवस्थित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:18&lt;br /&gt;
|First, select '''Untitled Document1'''.&lt;br /&gt;
पहले,  Untitled Document1 चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:21&lt;br /&gt;
|माउस के बायें बटन को दबाएँ और इसे  sample.c फाइल के बाईं ओर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
|माउस के बायें बटन को छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:30&lt;br /&gt;
|टैब पुन: व्यवस्थित हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:33&lt;br /&gt;
|इसी तरह टैब 2 और 4 को पुन: व्यवस्थित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:38&lt;br /&gt;
|आगे, टैब को अन्य विंडो में स्थानांतरित करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:42&lt;br /&gt;
|पहले,  sample.c टैब को चुनें जिसे हम स्थानांतरित करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:47&lt;br /&gt;
|फिर, टैब पर राइट क्लिक करें और  Move to New Window चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:52&lt;br /&gt;
|sample.c नए विंडो में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:56&lt;br /&gt;
|Untitled Documents के साथ अन्य विंडो पर जाने के लिए sample.c से वापस जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:02&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू पर जाएँ और  View और Side Panel पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:07&lt;br /&gt;
|साइड पैनल विंडो के बाईं ओर पर खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:12&lt;br /&gt;
|आप साइड पैनल में सभी डॉक्यूमेंट्स के नाम देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
|ये समान क्रम में है जैसे कि वे विंडो पैनल में दिखाई दे रहे थे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:22&lt;br /&gt;
|साइड पैनल में,  Untitled Document 2 पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:27&lt;br /&gt;
|वह डॉक्यूमेंट सक्रिय हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:31&lt;br /&gt;
|डॉक्यूमेंट को  gedit Text editor window में पुनर्व्यवस्थित करते हैं, जैसे कि पहले किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
|Untitled Document 4 टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:40&lt;br /&gt;
|फाइल को अंतिम टैब के बाद क्लिक, ड्रैग और ड्रोप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:46&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि डॉक्यूमेंट का क्रम अब साइड पैनल में भी बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:52&lt;br /&gt;
|साइड पैनल को बंद करने के लिए, ऊपरी दाईं ओर X बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:58&lt;br /&gt;
|अब सीखते हैं कि  gedit Text editor file में विशिष्ट लाइन नंबर पर कैसे जाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:04&lt;br /&gt;
|sample.c फाइल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू में,  Search और Go to Line पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:12&lt;br /&gt;
|Go to Line डायलॉग बॉक्स  gedit Text editor window के ऊपरी दाएँ कोने पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:20&lt;br /&gt;
|डॉयलॉग बॉक्स में, 8 प्रविष्ट करें और  Enter दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:26&lt;br /&gt;
|कर्सर लाइन 8 पर आ जाता है। हम लाइन नंबर 8 को स्टेटस बार में भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:33&lt;br /&gt;
|लेकिन, कर्सर का पता करने के लिए आसान हो जायेगा यदि लाइन नंबर टैक्स्ट के साथ प्रदर्शित हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:40&lt;br /&gt;
|कोड के लाइन नंबर्स को प्रदर्शित करने के लिए, मैन मैन्यू से  Edit and Preferences चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
|'''gedit Preferences''' डॉयलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:50&lt;br /&gt;
| '''View''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:52&lt;br /&gt;
|'''Display line numbers'''  ऑप्शन को चैकमार्क करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:56&lt;br /&gt;
|Highlight current line ऑप्शन को चैकमार्क करें। Close बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:04&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि लाइन नंबर्स कोड के दाईं ओर प्रदर्शित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:09&lt;br /&gt;
|इसके अलावा, लाइन जिस पर कर्सर है बोल्ड में प्रदर्शित हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:14&lt;br /&gt;
|अब हम टैक्स्ट wrapping के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:18&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम में कोड की लाइन gedit Text editor विंडो की लंबाई से अधिक हो सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:24&lt;br /&gt;
|अत: टेक्स्ट की पूरी लाइन को पढने में मुश्किल हो जाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:29&lt;br /&gt;
|Text wrapping टैक्स्ट को विंडो के आकार में wrap करने का काम करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:34&lt;br /&gt;
|'''sample.c'''  प्रोग्राम पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:37&lt;br /&gt;
|मैन मैन्यू से,  Edit पर और फिर  Preferences पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:43&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि  Enable text wrapping ऑप्शन डिफॉल्ट रूप से चैक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:50&lt;br /&gt;
|इस बॉक्स को अनचैक करें।  Close बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:55&lt;br /&gt;
|मैं प्रोग्राम के अंत में कोड की एक लाइन जोडती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:00&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि टैक्स्ट की लंबाई विंडो के साइज को पार कर गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:05&lt;br /&gt;
|अब,  Enable text wrapping ऑप्शन को चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:10&lt;br /&gt;
|टैक्स्ट सही से विंडो में फिट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:15&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:20&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने टैब्स को  Add, move, re-order और बंद करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:26&lt;br /&gt;
|फाइल्स को ब्राउज और खोलने के लिए साइड पैनल का उपयोग करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:30&lt;br /&gt;
|लाइन नंबर सम्मिलित करना और टैक्स्ट को Wrap करना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:34&lt;br /&gt;
|यहाँ आपके लिए असाइनमेंट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:37&lt;br /&gt;
| '''gedit Text Editor''' में 5 नए टैब्स बनाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:41&lt;br /&gt;
|उनको  One, Two,Three, Four और Five के रूप में सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:47&lt;br /&gt;
|अब टैब्स को  Three, Two, One, Five और Four के रूप में पुनव्यवस्थित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:54&lt;br /&gt;
|साइड पैनल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:56&lt;br /&gt;
|साइड पैनल में फाइल  Five पर क्लिक करें और कुछ टैक्स्ट लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:01&lt;br /&gt;
|नीचे लिंक पर दिया गया वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:17&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:21&lt;br /&gt;
|यदि आपको स्पोकन ट्यूटोरियल के इस वीडियो से संबंधित कोई सावल है। इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
|मिनट और सेकंड को चुनें जहाँ आपको समस्या है। अपने प्रश्न को संक्षेप में समझायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:32&lt;br /&gt;
|हमारी टीम में से कोई भी एक उसका जवाब देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:36&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:43&lt;br /&gt;
|इस मिशन की अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:48&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे की ओर से मैं जयाअब आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C2/Overview-of-gedit-Text-Editor/Hindi</id>
		<title>Gedit-Text-Editor/C2/Overview-of-gedit-Text-Editor/Hindi</title>
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				<updated>2017-02-21T17:46:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot;{| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''   |- |  00:01 |''' Overview of gedit Text editor ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपक...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|''' Overview of gedit Text editor ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम&lt;br /&gt;
''' gedit Text editor '''&lt;br /&gt;
''' gedit Text editor ''' की विशेषताएँ और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:15&lt;br /&gt;
|इस श्रृंखला के तहत इस ट्यूटोरियल में उपलब्ध विभिन्न कंटेंट्स के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के लिए मैं ऊबंटु लिनक्स 14.04 ऑपरेटिंग सिस्टम ''' gedit Text editor ''' 3.10 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:32&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको ''' Windows ''' या ''' Linux ''' ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:40&lt;br /&gt;
|सबसे पहले ''' gedit Text editor ''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:45&lt;br /&gt;
|Gedit एक प्रभावशाली टेक्स्ट एडिटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:49&lt;br /&gt;
|यह उपयोग करने के लिए सरल और आसान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:52&lt;br /&gt;
|यह ऊबंटु लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में डिफॉल्टGUI टेक्स्ट एडिटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:59&lt;br /&gt;
|आगे, ''' gedit Text editor ''' की विशेषताओं के बारे में देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
|''' gedit Text editor ''' में सभी सामान्य एडिटिंग विशेषताएँ जैसे '''  Cut, Copy, Paste, Undo ''' और Redo ''' ऑप्शन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:14&lt;br /&gt;
|''' Search ''' और ''' Replace ''' टेक्स्ट ऑप्शन्स, जैसे कि अन्य टेक्स्ट एडिटर में होते हैं, ये भी  gedit में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:22&lt;br /&gt;
|''' gedit Text editor ''' में  spell-check की सुविधा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:26&lt;br /&gt;
|यह लाइन नंबर प्रदर्शित करता है, जो कि आसानी से सोर्स कोड को डिबग करने के लिए बहुत ही उपयोगी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:32&lt;br /&gt;
|यह टेक्स्ट को wraps करता है और मौजूदा टेक्स्ट को हाइलाइट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:37&lt;br /&gt;
|Tabbed विंडोज फीचर,  एक ही विंडो में कई फाइलों पर कार्य करने के लिए इसे आसान बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:44&lt;br /&gt;
|''' gedit text editor '''  विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में सिंटेक्स को हाईलाइट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:50&lt;br /&gt;
|यह प्रोग्राम्स में ओपन और क्लोज ब्रैकेट्स का ध्यान रखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:55&lt;br /&gt;
|plugins के माध्यम से इसमें नए फीचर्स भी उपलब्ध होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:00&lt;br /&gt;
|स्वत: ही सेव और बैकअप ऑप्शन भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:05&lt;br /&gt;
|टेक्स्ट फाइल्स के साथ कार्य करने वाला कोई भी, प्रोग्रामर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर्स, लेखक  Gedit text editor का उपयोग कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
|हम इस श्रृंखला में व्यक्तिगत ट्यूटोरियल्स को संक्षेप में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:21&lt;br /&gt;
|इस श्रृंखला में पहला ट्यूटोरियल, ऊबंटु लिनक्स और विंडोज में  gedit Text editor संस्थापन करने &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:30&lt;br /&gt;
| और नए फाइल कैसे बनाते हैं, वर्तमान फाइल को ओपन, सेव और बंद करने के बारे में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:38&lt;br /&gt;
|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:41&lt;br /&gt;
| *** video Clip ***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:51&lt;br /&gt;
| अगला ट्यूटोरियल  Common Edit Functions है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:55&lt;br /&gt;
| यह हमें&lt;br /&gt;
कंटेन्ट को ''' Cut, Copy ''' और ''' Paste ''' &lt;br /&gt;
''' Undo ''' और ''' Redo '''  क्रिया&lt;br /&gt;
टेक्स्ट को ''' Search ''' और ''' Replace '''  करना और&lt;br /&gt;
डॉक्यूमेंट्स को ''' Print '''  कैसे करना है, यह समझने में मदद करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:10&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल पर नजर डालते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:13&lt;br /&gt;
|*** video Clip ***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
|अगला ट्यूटोरियल 'Handling tabs' है। यहाँ हम&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
|Add, move, re-order और close टैब्स के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
|फाइल को ब्राउज औऱ खोलने के लिए साइड पैनल का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:39&lt;br /&gt;
|लाइन नंबर प्रविष्ट करें और टेक्स्ट को wrap करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:43&lt;br /&gt;
| यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:46&lt;br /&gt;
|*** video Clip ***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:55&lt;br /&gt;
|अगला ट्यूटोरियल 'Default Plugins' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:55&lt;br /&gt;
|यह हमें  default plugins जैसे&lt;br /&gt;
Sort&lt;br /&gt;
Change case&lt;br /&gt;
Spell checker&lt;br /&gt;
Insert date and time का उपयोग करने में मदद करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:10&lt;br /&gt;
|मैं इस ट्यूटोरिल को चलाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:12&lt;br /&gt;
|*** video Clip ***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:20&lt;br /&gt;
|अगला ट्यूटोरियल थर्ड पार्टी ''' Plugins ''' के बारे में समझायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:25&lt;br /&gt;
|इसमें सीखेंगे कि थर्ड पार्टी  plugins को कैसे संस्थापित करना है और इसका कैसे उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|थर्ड पार्टी  plugin जिसे इंटेलिजेंट टेक्स्ट Completion कहते हैं को इस ट्यूटोरियल में समझाया जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:40&lt;br /&gt;
|*** video Clip ***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:50&lt;br /&gt;
|अंतिम ट्यूटोरियल snippets के बारे में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:54&lt;br /&gt;
|Snippets यूजर को कोड की पुनरावृत्तीय टाइपिंग से बचाने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:00&lt;br /&gt;
|यह दर्शाता है कि डिफॉल्ट ''' Snippets ''' का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
नए ''' snippets ''' को कैसे जोडना है।&lt;br /&gt;
 ''' snippets ''' को कैसे डिलीट करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:08&lt;br /&gt;
|अन्य ऑप्शन्स जैसे&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:10&lt;br /&gt;
|समान  brackets को हाईलाइट करना और  Document Statistics भी इस ट्यूटोरियल में शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
|*** video Clip ***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:30&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
|संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:35&lt;br /&gt;
|In this tutorial, we learnt about:&lt;br /&gt;
इस ट्यूटोरियल में ''' gedit Text editor '''  के अवलोकन &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| के बारे में हमने सीखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:41&lt;br /&gt;
|कृपया सभी उल्लेखित विषय पर विस्तृत ट्यूटोरियल के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:47&lt;br /&gt;
|लिंक पर दिया गया वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:56&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है और प्रमाण पत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए, हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:05&lt;br /&gt;
|यदि आपको इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई सावल है तो कृपया साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:11&lt;br /&gt;
|मिनट और सेकेंड चुनें जहाँ आपको समस्या है। अपने सवाल को संक्षेप में समझाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:18&lt;br /&gt;
|हमारी टीम में से कोई भी एक उनका जवाब देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:22&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल पर विशिष्ट प्रश्न के लिए स्पोकन ट्यूटोरियल फोरम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
|कृपया उन पर असंबंधित और सामान्य प्रश्न पोस्ट न करें,  इससे अव्यवस्था को कम करने में मदद मिलेगी। कम अव्यवस्था के साथ, हम इस चर्चा को अनुदेशात्मक तथ्य के रूप में उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:41&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस मिशन की अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:53&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे की ओर से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C2/Introduction-to-gedit-Text-Editor/Hindi</id>
		<title>Gedit-Text-Editor/C2/Introduction-to-gedit-Text-Editor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Gedit-Text-Editor/C2/Introduction-to-gedit-Text-Editor/Hindi"/>
				<updated>2017-02-21T17:43:08Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Vikaskothiyara: Created page with &amp;quot; {| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''   |- |  00:01 | ''' Introduction to gedit Text Editor ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| ''' Introduction to gedit Text Editor ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम  gedit Text Editor, ऊबंटु लिनक्स और विंडोज OS में  gedit को संस्थापित करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:17&lt;br /&gt;
|हम नए फाइल को बनाना भी सीखेंगे। मौजूदा फाइल को ऑपन, सेव और क्लोज करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:25&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं ''' Ubuntu Linux ''' 14.04 ऑपरेटिंग सिस्टम ''' gedit 3.10 ''' का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:36&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम का कार्यत्मक ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:42&lt;br /&gt;
|पहले हम सीखेंगे की  gedit Text Editor को कैसे संस्थापित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:47&lt;br /&gt;
|आप दिखाए गए लिंक पर जाकर, विंडोज पर  gedit Text Editor कैसे संस्थापित करना है के निर्देशों को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:56&lt;br /&gt;
|gedit Text Editor ऊबंटु लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में पहले से ही संस्थापित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:02&lt;br /&gt;
|इसको ऊबंटु लिनक्स पर ''' Ubuntu Software Centre ''' का उपयोग करके संस्थापित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
|''' Ubuntu Software Centre ''' के बारे में अधिक जानकारी के लिए, हमारी वेबसाइट पर 'Linux' spoken tutorials ' को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:15&lt;br /&gt;
|मेरे सिस्टम में  gedit Text Editor पहले से ही संस्थापित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:20&lt;br /&gt;
|अब  gedit Text Editor को खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:24&lt;br /&gt;
|कम्प्यूटर डेस्कटॉप के ऊपरी बाएँ कोने पर  Dash Home  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:29&lt;br /&gt;
|सर्च बॉक्स में  gedit टाइप करें।  text Editor का आइकन दिखेगा। इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:37&lt;br /&gt;
|यह नया gedit Text Editor  विंडो खोलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:41&lt;br /&gt;
|वैकल्पिक रूप से, आप  Terminal का उपयोग करके भी Text Editor खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
|मैं अभी इस विंडो को बंद करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:50&lt;br /&gt;
|Terminal  खोलने के लिए,  CTRL+ALT + T  कीज को एक साथ दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:56&lt;br /&gt;
|Gedit टाइप करें और  Enter दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:00&lt;br /&gt;
|एक नया  gedit Text Editor विंडो खुलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
|सभी मैन्यूज के साथ शीर्ष वाले बार को Menu bar कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:09&lt;br /&gt;
|अगला  Tool bar है,  जिसमें अधिकांश इस्तेमाल किए जाने वाले मैन्यूज आइकन के रूप में शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
|प्रदर्शित क्षेत्र जहाँ सभी गतिविधियाँ जैसे टाइपिंग, एडिटिंग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:23&lt;br /&gt;
|आप  Untitled Document 1 नामक टैब देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:28&lt;br /&gt;
|यह gedit Text Editor द्वारा नए डॉक्यूमेंट का डिफॉल्ट नाम दिया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:35&lt;br /&gt;
|टेक्स्ट भाग में,  Welcome to Spoken Tutorial टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
|इसके नीचे, हम कुछ और टेक्स्ट टाइप करेंगे जैसे यहाँ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:48&lt;br /&gt;
|अब टैब में, आप फाइल के नाम से आगे asterisk देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:54&lt;br /&gt;
|इसका मतलब है कि फाइल अभी सेव नहीं हुई है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:59&lt;br /&gt;
|नीचे का बार  Status bar है, जो कि वर्तमान गतिविधि के बारे में जानकारी प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:06&lt;br /&gt;
|Status bar लाइन नंबर और कॉलम नंबर के संबंध में कर्सर की स्थिति को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:13&lt;br /&gt;
|यह यह भी प्रदर्शित करता है कि मोड ओवरराइट या इंसर्ट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट रूप से यह  INS में होता है, जो कि  insert mode है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:24&lt;br /&gt;
|हम अन्य दो के बारे में बाद में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
|अब देखते हैं कि फाइल को सेव कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:31&lt;br /&gt;
|इसके लिए,  Menu bar में  File ऑप्शन पर क्लिक करें और फिर  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:37&lt;br /&gt;
|सेव डाइलॉग बॉक्स खुलेगा। मैं फाइल को  Students.txt दूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:45&lt;br /&gt;
|स्थान को चुनें जहाँ आप फाइल को सेव करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:49&lt;br /&gt;
|मैं  Desktop चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:52&lt;br /&gt;
|''' Save '''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:55&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि, सेव फाइल का नाम अब टैब में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|और यह भी ध्यान दें कि  asterisk अब हट गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:06&lt;br /&gt;
|अब इस फाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|मैन्यू बार में  File पर क्लिक करें और  Close को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
|हम ''' File ''' और ''' New ''' पर क्लिक करके विंडो में नई फाइल खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:21&lt;br /&gt;
|इसके अलावा,  आप टूलबार में प्लस साइन के आइकन पर क्लिक करके भी खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
|अब देखते हैं कि मौजूदा डॉक्यूमेंट को कैसे खोलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|मैन्यू बार में  File पर क्लिक करें और  Open चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:36&lt;br /&gt;
|Desktop फोल्डर से  Students.txt  फाइल चुनें, जहाँ हमने पहले फाइल को सेव किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
|''' Open ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:47&lt;br /&gt;
|अब हम छात्र का कुछ ओर विवरण जोडते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:52&lt;br /&gt;
|फाइल को बार बार सेव करना एक अच्छा अभ्यास है। यह डेटा के नुकसान को बचाता है यदि  पावर कट या सिस्टम क्रैश होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:02&lt;br /&gt;
|Auto save ऑप्शन का उपयोग निर्धारित समय के अंतराल में स्वचालित रूप से फाइल को सेव करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:09&lt;br /&gt;
|अब देखते हैं कि  auto save ऑप्शन का उपयोग कैसे करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:14&lt;br /&gt;
|मैन्यू बार में  Edit पर क्लिक करें। फिर  Preferences पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:19&lt;br /&gt;
|''' gedit Preferences ''' डाइलॉग बॉक्स दिखेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:23&lt;br /&gt;
|विंडो के सबसे ऊपर  Editor टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:27&lt;br /&gt;
|File Saving ऑप्शन के नीचे,   Autosave  files चैकबॉक्स को टिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
|और  minutes बॉक्स में 2 लिखें।  Close पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:39&lt;br /&gt;
|अब हमारी फाइल प्रत्येक 2 मिनट्स में स्वत: ही सेव होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:44&lt;br /&gt;
|आप अपनी टाइपिंग जारी रख सकते हैं, यह स्वत: ही सेव होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:49&lt;br /&gt;
|अन्यथा, आप बदलाव को सेव करने के लिए Toolbar में नीचे की ओर ऐरो आइकन पर क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:56&lt;br /&gt;
|अंत में,  gedit Text Editor विंडो से बाहर निकलने के लिए, File और Quit पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:03&lt;br /&gt;
|हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँच गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:05&lt;br /&gt;
|संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:08&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने ऊबंटु लिनक्स और विंडोज ओपरेटिंग सिस्टम में  gedit को संस्थापित करना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:16&lt;br /&gt;
|हमने यह भी सीखा कि नई फाइल को कैसे बनाना है और मौजूदा फाइल को कैसे खोलना, सेव करना और बंद करना है और  Text Editor को कैसे बंद करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित असाइनमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:29&lt;br /&gt;
|''' gedit Text Editor''' में नया विंडो खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:33&lt;br /&gt;
|एक निमंत्रण पत्र टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:36&lt;br /&gt;
|इसे  Invitation.txt नाम से सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
|अब फाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:42&lt;br /&gt;
|उसी फाइल को खोलें और उसमें कुछ बदलाव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:46&lt;br /&gt;
|फाइल को सेव करने के लिए  Save as ऑप्शन का उपयोग करें और फाइल को  Invitation1.txt नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:54&lt;br /&gt;
|''' Invitation.txt ''' और ''' Invitation1.txt''' फाइल्स में परिवर्तित कंटेंट पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:02&lt;br /&gt;
|नीचे दिए गए लिंक पर वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:10&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:19&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:23&lt;br /&gt;
|यदि आपको स्पोकन ट्यूटोरियल के इस वीडियो से संबंधित कोई सावल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:26&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
कृपया साइट पर जाएँ। मिनट और सेकेंड को चुनें, जहाँ आपको समस्या है। अपने सवाल को संक्षेप में समझाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:35&lt;br /&gt;
|हमारी टीम में से कोई भी एक उसका जवाब देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:39&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल पर विशिष्ट प्रश्न के लिए स्पोकन ट्यूटोरियल फोरम है।&lt;br /&gt;
कृपया उस पर असंबंधित और सामान्य प्रश्न पोस्ट न करें,  इससे अव्यवस्था को कम करने में मदद मिलेगी। कम अव्यवस्था के साथ, हम इस चर्चा को अनुदेशात्मक तथ्य रूप में उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है,  आईआईटी बॉम्बे की ओर से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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		<author><name>Vikaskothiyara</name></author>	</entry>

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