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		<title>Script | Spoken-Tutorial - User contributions [en]</title>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Breastfeeding-latching/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Breastfeeding-latching/Hindi</title>
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				<updated>2018-07-09T20:35:43Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Blanked the page&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Football-hold-for-breastfeeding/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Football-hold-for-breastfeeding/Hindi</title>
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				<updated>2018-07-09T20:30:54Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Blanked the page&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</title>
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				<updated>2018-07-04T20:11:01Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| 'openFoam' उपयोग करके 'Simulating Flow in a Lid Driven Cavity' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में मैं आपको दिखाऊँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:09&lt;br /&gt;
|  'Lid Driven Cavity' फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:12&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री 'Mesh' करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:14&lt;br /&gt;
| 'Paraview' में हल करना और पोस्ट-प्रोसेसिंग परिणाम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:17&lt;br /&gt;
| स्प्रेडशीट पर प्लॉट और परिणामों को प्रमाणित करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: 'Linux Operating system Ubuntu' वर्जन 10.04 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:27&lt;br /&gt;
| 'OpenFOAM' वर्जन 2.1.0 और 'ParaView' वर्जन 3.12.0. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:32&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity', एक 'CFD code' के प्रमाणीकरण का बहुत अधिक उपयोग होने वाला 2D टेस्ट केस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:39&lt;br /&gt;
| यह 'Lid Driven Cavity' का चित्र है, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| 'boundary conditions' समान ही हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| एक गतिमान वॉल और तीन स्थिर वॉल्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:46&lt;br /&gt;
| हम इसे 'Reynolds no (Re) = 100' के लिए हल करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
| गतिमान वॉल की गति 1 मीटर प्रति सेकंड है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven Cavity' के लिए 'पाथ' वही है जो संस्थापन के ट्यूटोरियल में था। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
| अब एक कमांड टर्मिनल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए अपने कीबोर्ड पर एक साथ 'Ctrl+Alt+t' कीज़ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल पर 'lid driven cavity' के लिए 'पाथ' टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:12&lt;br /&gt;
| और टाइप करें 'run' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:15&lt;br /&gt;
| 'cd (space) tutorials' और एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
| 'cd'(space)'incompressible' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26 &lt;br /&gt;
| 'cd'(space)' icoFoam'(ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
|  'cd'(space) 'cavity' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| अबटाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| 'cavity' के फाइल संरचना में आप तीन फ़ोल्डर्स देखेंगे: '0 , constant, और system'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:46&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'constant' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:55&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर 'polyMesh' नामक एक अन्य फोल्डर और फ्लूइड के भौतिक गुणों का वर्णन करने वाली एक फाइल रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd (space) polymesh' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| 'PolyMesh', 'blockMeshDict' नामक एक फाइल रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
|  आप 'blockMeshDict' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:17&lt;br /&gt;
| 'blockMeshDict' फाइल को खोलने के लिए टाइप करें 'gedit space blockMeshDict'&lt;br /&gt;
(ध्यान दें यहाँ M और D  बड़े अक्षर में हैं) अब एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| यह 'blockMeshDict' फाइल खोलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| अब इसे कैप्चर एरिया में लाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|  यह 'lid driven cavity' के लिए निर्देशांक है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:41&lt;br /&gt;
| 'blocking' और 'meshing parameters' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:44&lt;br /&gt;
| और 'boundary patches' रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
| चूँकि कोई भी 'arcs' साथ ही 'patches' मर्ज करने के लिए नहीं हैं, 'edges' और 'mergePatchPairs' को खाली रखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:56&lt;br /&gt;
| अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें: 'cd (space) .. (dot) (dot)' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| इसे दो बार करें। आप 'cavity' फोल्डर में वापस आएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'system' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'ls', एंटर दबाएं। यह तीन फाइल्स रखता है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
| 'controlDict, fvSchemes' और 'fvSolutions'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:26&lt;br /&gt;
| 'controlDict' शुरू/ (और) अंत के लिए 'control parameters' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
| 'fvSolution' 'run time' में उपयोग हुई 'discritization schemes' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:35&lt;br /&gt;
| और 'fvSchemes', 'solvers', 'tolerance' आदि के लिए समीकरण रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| अब दोबारा टाइप करें 'cd (space) (dot dot) ..' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd ( space )' 0 (ज़ीरो) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
|  यह 'boundary conditions' जैसे 'Pressure, Velocity, Temperature' आदि के लिए शुरूआती वैल्यूज़ रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:03&lt;br /&gt;
| अब 'cavity' फोल्डर में वापस जाने के लिए टाइप करें 'cd ( space ) (dot dot) . .' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| अब हमें ज्योमेट्री 'मैश' करनी है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
| यहाँ हम एक रफ़ मैश उपयोग कर रही हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
| 'terminal' में 'blockMesh' टाइप करके ज्योमेट्री मैश करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:18 &lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'blockMesh'(ध्यान दें यहाँ M बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:25&lt;br /&gt;
| 'मैशिंग' पूरी हो गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:27&lt;br /&gt;
| यदि 'blockMesh' फाइल में कोई गलती आती है तो यह 'टर्मिनल' में दिखेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री देखने के लिए टाइप करें 'paraFoam' ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:40&lt;br /&gt;
| यह 'paraview window' खोलेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
| 'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ 'Apply' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| आप 'lid driven cavity' ज्योमेट्री देख सकते हैं। अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर 'checkMesh' टाइप करके मैश चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:04&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'M' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
| आप सेल्स की संख्या, 'skewness' और कुछ अन्य पैरामीटर्स जो 'मैश' से सम्बंधित हैं देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:15&lt;br /&gt;
| अब मैं 'स्लाइड्स' पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
| सॉल्वर जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं वो है 'icoFoam':&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
| 'icoFoam' 'newtonian fluids' के 'incompressible flow' के लिए एक 'Transient (अस्थायी) solver' है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:26&lt;br /&gt;
| अब मैं टर्मिनल पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|  टर्मिनल पर टाइप करें 'icoFoam'. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'F' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| रन हो रही 'Iterations' टर्मिनल विंडो में दिखेंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| सॉल्विंग पूरी होने के बाद ज्योमेट्री और परिणामों को देखने के लिए टर्मिनल में टाइप करें 'paraFoam' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
|  'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:57&lt;br /&gt;
| 'Apply' पर क्लिक करें। अब 'object inspector' मेन्यू में गुणों में नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:02&lt;br /&gt;
| आप 'mesh parts, Volume Fields' आदि देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:07&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity' के भिन्न-भिन्न बाउंड्री क्षेत्रों को देखने के लिए 'mesh part' में इन बॉक्सेस को चेक या अनचेक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15 &lt;br /&gt;
| इसके बाद 'active variable control' ड्राप-डाउन मेन्यू के ऊपर बायीं तरफ इसे 'solid color' से 'p' या कैपिटल 'U' में बदलें जोकि 'initial conditions' जैसे 'pressure, velocity' हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
| मैं कैपिटल 'U' चुनूँगी। यह आपको गति (velocity) की प्रारंभिक कंडीशन दिखायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:37&lt;br /&gt;
| 'paraview' विंडो में ऊपर आप 'VCR control' देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:44&lt;br /&gt;
| 'play' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
| यह 'lid driven cavity' के लिए 'velocity' का अंतिम परिणाम है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| 'active variable control' मेन्यू पर ऊपर बायीं तरफ क्लिक करके 'color legend' पर टॉगल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:03&lt;br /&gt;
| यह 'U velocity' के लिए 'color legend' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
| हमें प्राप्त परिणामों को प्रमाणित करना है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:09&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'U' और 'V velocity' प्लॉट करते हैं। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:12&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Filters' पर जाकर नीचे जाएँ &amp;gt; 'Data Analysis' &amp;gt; 'Plot Over line'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:21&lt;br /&gt;
| इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:23&lt;br /&gt;
|  आप X , Y और Z एक्सीस देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
| 'X और Y एक्सिस' को बारी बारी चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
| मैं 'X axis' चुनूँगी और 'Apply' पर क्लिक करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:37&lt;br /&gt;
| आप देख सकते हैं 'Pressure' और 'velocity' प्लॉट्स प्लॉट होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| चूँकि यह नॉन-डायमेंशनल एनालिसिस है हमें 'Reynolds number =100' के लिए 'u/U v/s y/L' का ग्राफ प्लॉट करना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Plot Data' में 'Y-axis' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58 &lt;br /&gt;
| और 'APPLY' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:01&lt;br /&gt;
| आप 'प्लॉट' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:03&lt;br /&gt;
| अब मेन्यू बार में 'File &amp;gt; Save Data' पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
| अपनी फाइल को उचित नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
| मैं इसे 'cavity' नाम दूंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:15&lt;br /&gt;
| यह फाइल '.csv' (dot csv) फाइल की तरह सेव होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:19&lt;br /&gt;
| अब OK पर क्लिक करें। दोबारा OK पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
| अब 'openfoam directory' के 'cavity' फोल्डर पर जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ। आप 'cavity.csv' फाइल देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
| इसे 'Open office' या 'LibreOffice Spreadsheet' में खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:39&lt;br /&gt;
| लिबरे ऑफिस स्प्रेडशीट में U0 (u velocity) और दायीं तरफ points 1(Y-axis) कॉलम्स को एक अन्य स्प्रेडशीट में कॉपी करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
| अब दोनों कॉलम्स को डिवाइड करें यानि 'u zero' को कैपिटल U से और 'points 1' को कैपिटल L से&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:59&lt;br /&gt;
| और परिणामों को मेन्यू बार में ऊपर 'libreoffice' 'chart' विकल्प में प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
| अब मैं स्लाइड्स पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:10&lt;br /&gt;
| प्राप्त परिणाम इस चित्र की तरफ होंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
| '''Validate''' the results on a  paper published on '''Lid Driven Cavity by : Ghia et al. (1982''') and Results obtained from Fluent. Ghia et al. (1982) द्वारा 'Lid Driven Cavity' पर प्रकाशित पेपर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:24  &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven cavity' की फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:28&lt;br /&gt;
|  'lid driven cavity' हल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
| परिणामों की पोस्ट प्रोसेसिंग &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:32&lt;br /&gt;
| और प्रमाणिकता &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में: 'lid driven cavity' में कुछ पैरामीटर्स बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:38&lt;br /&gt;
| '0 folder' में 'Velocity Magnitude'  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर में 'transport Properties' में 'Kinematic viscosity'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:45&lt;br /&gt;
| और 'u/U v/s  y/L' के परिणाम प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:50&lt;br /&gt;
| इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:54&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:57&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:02&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
| ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:09&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken-tutorial.org पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:18&lt;br /&gt;
| यह भारत सरकार के एम एच आर डी के आई सी टी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:23&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है:  http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Supersonic-flow-over-a-wedge/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/Supersonic-flow-over-a-wedge/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Supersonic-flow-over-a-wedge/Hindi"/>
				<updated>2018-07-04T20:08:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1 &lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार 'OpenFOAM' उपयोग करके 'Supersonic flow over a wedge' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में मैं दिखाऊँगी: 'supersonic flow over a wedge' की 'compressible flow' प्रश्न को हल करने और 'paraView' में परिणामों को पोस्टप्रोसेस करने के बारे में। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ 'Linux Operating system Ubuntu' वर्जन 10.04 'OpenFOAM' वर्जन 2.1.0' 'ParaView' वर्जन 3.12.0&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:30&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए सीखने वाले को 'Compressible flows' और 'Gas Dynamics' की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:38&lt;br /&gt;
| अब 'OpenFOAM' उपयोग करके 'wedge' पर 'supersonic flow' को हल करें और 'paraview' उपयोग करके निर्मित 'shock structure' को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
| The problem consists of a wedge with a '''semi-angle''' of 15 degrees kept in a uniform '''supersonic flow'''. इस प्रश्न में 15 डिग्री के 'semi-angle' की एक वैज है जो एक समान 'supersonic flow' में रखी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
| इनलेट वेलॉसिटी 5 मीटर प्रति सेकंड है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| 'boundary conditions' चित्र की तरह सेट की गयी हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं जो सॉल्वर उपयोग कर रही हूँ वो 'rhoCentralFoam' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| यह 'Density' (घनत्व) पर आधारित 'compressible flow solver' सॉल्वर है। यह 'Kurganov और Tadmor' की 'central- upwind' स्कीम्स पर आधारित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
| एक कमांड टर्मिनल खोलें। यह करने के लिए अपने कीबोर्ड पर एक साथ 'ctrl +alt+ t' कीज़ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| इस कमांड टर्मिनल में 'वैज' पर 'सुपरसॉनिक फ्लो' के लिए पाथ टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|01:35&lt;br /&gt;
| टर्मिनल में टाइप करें 'run' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| 'cd space tutorials' और एंटर दबाएं। 'cd space compressible' और एंटर दबाएं। 'cd space rhoCentralFoam' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:02&lt;br /&gt;
| 'cd space wedge15Ma5'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
| यह 'rhoCentralFoam' में वैज पर 'सुपरसॉनिक फ्लो' के फोल्डर का नाम है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:24&lt;br /&gt;
| आप तीन फ़ोल्डर्स '0, constant' और 'system' देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
| अब 'blockMeshDict file' खोलें। इसके लिए  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:34&lt;br /&gt;
| टाइप करें 'cd space constant' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:41&lt;br /&gt;
| 'cd space polyMesh' ध्यान दें यहाँ 'M' कैपिटल है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। आप 'blockMeshDict file' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:54&lt;br /&gt;
| 'blockMeshDict' फाइल देखने के लिए टाइप करें 'gedit space blockMeshDict'. ध्यान दें यहाँ 'M' और 'D' कैपिटल में हैं एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| इसे कैप्चर एरिया में लाएं, नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| इसमें आपको वैज के लिए निर्देशांकों की गणना करनी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| यह प्रश्न में पहले से ही गणित और सेट की गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| शेष डेटा समान रहता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29&lt;br /&gt;
| 'boundary patches' में, चित्र में प्रदर्शित की तरह बॉउंड्रीज़ सेट हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| 'blockMeshDict' फाइल बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
| 'wedge' फोल्डर में वापस जाने के लिए कमांड टर्मिनल में टाइप करें 'cd space ..(dot dot)' दो बार &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| अब 0 (ज़ीरो) फोल्डर खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
| इसके लिए टाइप करें 'cd space 0' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:58&lt;br /&gt;
| टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| यह प्रेशर, वेलॉसिटी और टेम्परेचर के लिए प्रारंभिक बाउंड्री कंडीशन्स रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
| टाइप करें 'cd space .. (dot dot)' और एंटर दबाएं। अब हमें ज्योमेट्री 'मैश' करनी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| इसके लिए कमांड टर्मिनल में टाइप करें 'blockMesh' और एंटर दबाएं। 'मैशिंग' पूरी हो गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:32&lt;br /&gt;
| अब ज्योमेट्री देखने के लिए कमांड टर्मिनल में टाइप करें 'paraFoam' और एंटर दबाएं। इससे 'paraview' विंडो खुलेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:45&lt;br /&gt;
| 'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ 'APPLY' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:53&lt;br /&gt;
| इसमें आप वो ज्योमेट्री देख सकते हैं जिसमें आयताकार सेक्शन 'अपस्ट्रीम' से बदलकर 'वैज डाउनस्ट्रीम' होता है। 'पैराव्यू' विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
|अब 'सॉल्वर' 'rhoCentralFoam' को रन करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| इसके लिए कमांड टर्मिनल में टाइप करें 'rhoCentralFoam' और एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
|  रन हो रही 'iterations' टर्मिनल विंडो में दिख सकती हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:24&lt;br /&gt;
| इसके अभिसारित होने के बाद या टाइम स्टेप के अंत तक यह रन होना रुक जायेगा। अब सॉल्विंग पूरी हो गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| इन परिणामों को देखने के लिए एक बार फिर 'पैराव्यू' विंडो खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें 'paraFoam' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:49&lt;br /&gt;
| 'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ दोबारा 'APPLY' पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
| 'active variable control' मेन्यू में ऊपर बायीं तरफ 'solid color' दिखाते हुए आप एक ड्राप डाउन देखेंगे। इस पर क्लिक करें और इसे 'solid color' से कैपिटल 'U' करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| अब 'color legend' को 'ON' करें, 'active variable control' मेन्यू के ऊपर बायीं तरफ क्लिक करें और 'color legend' 'ON' करें। इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:28&lt;br /&gt;
| 'पैराव्यू' विंडो के ऊपर आप 'VCR control' देख सकते हैं। 'PLAY' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| आप 'U velocity' के अंतिम परिणाम देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
| अब बायीं तरफ 'object inspector menu' में 'properties' पर नीचे जाएँ। अब 'Properties' के आलावा 'Display' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:56&lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ और 'Rescale to Size' पर क्लिक करें। आप 'Velocity, magnitude' की अंतिम वैल्यू देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:05&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार आप 'pressure' चुन सकते हैं। आप 'pressure' का अंतिम परिणाम देख सकते हैं। अब 'पैराव्यू' विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:16&lt;br /&gt;
| आप फ्लो के लिए 'Mach' नंबर की गणना भी कर सकते हैं। इसके लिए हम 'Openfoam' उपयोगिता प्रयोग कर सकते हैं, कमांड टर्मिनल में टाइप करें 'Mach' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| टाइप करें 'Mach'.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:29 &lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'M' कैपिटल में है और एंटर दबाएं। आप प्रत्येक टाइम स्टेप के लिए 'Mach number' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| अब दोबारा 'पैराव्यू' विंडो खोलें कमांड टर्मिनल में टाइप करें 'paraFoam' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:48&lt;br /&gt;
| 'APPLY' पर क्लिक करें नीचे जाएँ, 'volume fields' में 'Ma' बॉक्स को चेक करें और दोबारा 'APPLY' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:04&lt;br /&gt;
| 'active variable control' मेन्यू के ऊपर 'Solid Color' पर क्लिक करके इसे 'Ma' करें।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:11&lt;br /&gt;
| 'VCR control' मेन्यू में दोबारा 'PLAY' पर क्लिक करें और 'color legend' 'ON' करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| आप 'color legend' और सम्बंधित रंगों के लिए 'Mach number' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:29&lt;br /&gt;
| We notice here that when the '''wedge''' is kept in '''supersonic flow''', it produces a '''shock''' across which the flow properties like temprature, pressure &lt;br /&gt;
and density drastically change. हम यहाँ ध्यान देते हैं कि जब 'wedge' को 'supersonic flow' में रखा जाता है तो यह प्रबल रूप से बदले हुए फ्लो प्रॉपर्टीज़ जैसे टेम्परेचर, प्रेशर और डेंसिटी पर एक 'shock' उत्पन्न करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:43&lt;br /&gt;
| अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाती हूँ। हल किये हुए ट्यूटोरियल जॉन डी एंडरसन की 'Aerodynamics' की बुनियादी किताबों में उपलब्ध ठीक हल के साथ प्रमाणित किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: * एक कम्प्रेसिबल फ्लो प्रश्न को हल करना &lt;br /&gt;
वैज के लिए 'वेलोसिटी' और 'प्रेशर' और 'Mach number' की गणना करने के लिए 'OpenFOAM' उपयोगिता &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:06&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में फ्लो के लिए 'shock characteristic' देखने के लिए वैज एंगल को 10 ° से 15 ° परिवर्तित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:14&lt;br /&gt;
| यह हमें इस ट्यूटोरियल के अंत में लाता है। इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:28&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाती है &lt;br /&gt;
ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए कृपया 'contact@spoken-tutorial.org' पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:41&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के MHRD के ICT के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
इस मिशन पर अधिक जानकारी निम्न URL पर उपलब्ध है: http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:56&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Football-hold-for-breastfeeding/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Football-hold-for-breastfeeding/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Football-hold-for-breastfeeding/Hindi"/>
				<updated>2018-05-24T20:07:39Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot; {| border=1 | Time | Narration  |-  |00:01 | स्तनपान के लिए Football होल्ड (पकड़) पर स्पोकन ट्यूटोरि...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| स्तनपान के लिए Football होल्ड (पकड़) पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे - माँ और उसके बच्चे के लिए सही स्तनपान के लिए पकड़ चुनना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
| स्तनपान से पहले माँ की तयारी और Football होल्ड के लिए क्रमशः प्रक्रिया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|00:23&lt;br /&gt;
| शुरू करते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:24&lt;br /&gt;
| दुनिया भर में माएं अलग-अलग पकड़ के तरीके उपयोग करके अपने बच्चों को स्तनपान कराती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
| पिछले ट्यूटोरियल में समझाए गए अनुसार माँ और उसके बच्चे के लिए सबसे अच्छी स्तनपान पकड़ वो है जिसमें- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| पूरे स्तनपान के दौरान माँ और बच्चा दोनों आरामदायक स्थिति में हों। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
| बच्चा माँ के स्तन से अच्छे से जुड़ने में सक्षम हो और पर्याप्त दूध प्राप्त करे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:56&lt;br /&gt;
| अब Football होल्ड (पकड़) नामक एक पकड़ के बारे में सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
| फुटबॉल होल्ड उन माओं के लिए उपयोगी है: जिनका प्रसव सी-सेक्शन से हुआ हो।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| जिनके स्तन बड़े हों। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| जिनका बच्चा छोटा या समय से पहले हुआ हो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:14&lt;br /&gt;
| या जिनके जुड़वाँ बच्चे हों। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|हमेशा याद रखें अपने बच्चे को स्तनपान कराने से पहले माँ को अपने हाथ अच्छी तरह धो और पोंछ लेने चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|फिर उसको एक ग्लास उबला और ठंडा पानी पी लेना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
| औसतन दूध पिलाने वाली माएं प्रतिदिन 750 से 850 मिलीलीटर दूध का उत्पादन करती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
| इसलिए उन्हें प्रतिदिन पानी की मात्रा बढानी चाहिए।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
|आगे माँ की स्थिति के बारे में चर्चा करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
|माँ को पालथी मारकर फर्श पर या बिस्तर पर। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:48&lt;br /&gt;
| या ज़मीन पर पैर रखकर कुर्सी पर बैठना चाहिए।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
| यदि कुर्सी ज़्यादा ऊँची है और पैर ज़मीन तक नहीं पहुँच पाते तो वह ज़मीन पर एक छोटे स्टूल या तकियों को रखकर उस पर अपने पैर रख सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:02&lt;br /&gt;
| बैठते समय उसे निश्चित करना चाहिए कि - पीठ दर्द से बचने के लिए उसकी पीठ सीधी हो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|02:09&lt;br /&gt;
| उसके कंधे आरामदेह स्थिति में हों और उचके हुए या मुड़े हुए न हों। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
| और यह आरामदेह स्थिति पूरे स्तनपान के समय बनी रहे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|02:19&lt;br /&gt;
| माँ को 3 से 4 तकिये उस स्तन के साइड में रखने चाहिए जिससे वो स्तनपान कराने वाली हो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
|सबसे ऊपर वाला तकिया अन्य तकियों और माँ की जांघ के ऊपर तिरछा रखा होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| फिर माँ को उस स्तन से कपड़ा हटा लेना चाहिए जिससे वो बच्चे को दूध पिलाना चाहती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| उसे निश्चित कर लेना चाहिए कि स्तन पर ब्रा या ब्लाउज़ का दबाव न पड़े। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:45&lt;br /&gt;
| आरामदेह स्थिति में बैठने के बाद बच्चे को माँ के पास लायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| माँ को बच्चे की पीठ तकियों पर रखनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
| उसे अपने बच्चे के सर को उसी तरफ के हाथ से पकड़ना चाहिए जिस तरफ के स्तन से वो स्तनपान कराएगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:01&lt;br /&gt;
| बच्चे की टाँगें तकियों के ऊपर उसी हाथ की बगल से पास होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| माँ को इस हाथ को और बच्चे की टाँगों को तकियों पर स्थिर करना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| इस पिक्चर में माँ अपने दायें स्तन से अपने बच्चे को दूध पिलाएगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:18&lt;br /&gt;
| इसलिए बच्चे की टाँगें माँ की दायीं बगल से पास होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| वह बच्चे के सर के निचले भाग को पकड़ने के लिए अपने दाहिने हाथ का अंगूठा और उँगलियों का उपयोग कर रही है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
|याद रखें माँ को अपनी पीठ मोड़कर बच्चे तक स्तन कभी नहीं ले जाना चाहिए। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| यह माँ के इ कष्टप्रद और पीठ दर्द का कारण होगा ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|03:42&lt;br /&gt;
| उसे अपनी पीठ हमेशा सीधी रखनी और अपने बच्चे को उठाकर स्तन तक पहुँचाना  चाहिए।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
| आगे बच्चे के सर को पकड़ने के लिए माँ के अंगूठे और उँगलियों की सही स्थिति को देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| माँ का अंगूठा बच्चे के एक कान के पीछे और बाकी की उँगलियाँ दूसरे कान के पीछे होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:03&lt;br /&gt;
|उसको अपनी उँगलियों या अंगूठे को कान के पीछे से हटाकर  गर्दन तक नहीं ले जाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| उसकी कलाई बच्चे के कंधे की हड्डी के बीच होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
| उसे अपने हाथ से बच्चे के सर के पीछे दबाव नहीं डालना चाहिए. यह स्तनपान के दौरान बच्चे को आरामदेह स्थिति में रखेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:23&lt;br /&gt;
| आगे सीखते हैं की बच्चे के शरीर को सही स्थिति में कैसे रखना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:27&lt;br /&gt;
| बच्चे का चेहरा माँ के चेहरे की तरफ होना चाहिए।। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:31&lt;br /&gt;
| बच्चे के शरीर को धीरे से माँ के शरीर की तरफ दबाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| उनके शरीर के बीच की कम दूरी  बच्चे को स्तन तक पहुँचने के प्रयास को घटाएगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:41&lt;br /&gt;
| और यह बच्चे को अच्छे से जोड़ने के लिए बहुत आसान होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
|स्थिति के लिए दूसरा पॉइंट बच्चे के शरीर का सरेखण है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:51&lt;br /&gt;
| जब हम खाना खाते हैं तो हमारा सर, गर्दन और शारीर हमेशा एक ही दिशा में होते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:57&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार स्तनपान के दौरान बच्चे का सर, गर्दन और शरीर हमेशा एक ही दिशा में होने चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
| यह बच्चे के लिए दूध पीना आसान बनाएगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:10&lt;br /&gt;
|अब हम बच्चे के शरीर की स्थिति के तीसरे पॉइंट पर आ गए है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:16&lt;br /&gt;
| माँ को अपने बच्चे के पूरे शरीर को सहारा देना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:22&lt;br /&gt;
| अन्यथा बच्चे को स्तन से अच्छे से जुड़ने के लिए बहुत प्रयास करना पड़ेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:30&lt;br /&gt;
| आगे बच्चे की नाक और दाढ़ी की स्थिति को देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
|  बच्चे की नाक हमेशा निप्पल की सीध में होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:39&lt;br /&gt;
| और उसकी दाढ़ी आगे और स्तन के बहुत पास होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
|  यह निश्चित करेगा कि लैचिंग के दौरान बच्चा areola के निचले भाग से ज़्यादा लेता है। &lt;br /&gt;
और इसलिए वह निपुणता से ज़्यादा दूध पीने के लिए निचला जबड़ा उपयोग करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
| ध्यान दें - Areola निप्पल के चारों तरफ का गहरा भाग है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
|अब बच्चा सही स्थिति में है, अब सीखते हैं कि स्तन को कैसे पकड़ते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:07&lt;br /&gt;
| माँ को अपने दूसरे हाथ की उँगलियाँ उपयोग करके, साइड से C के आकर की पकड़ में अपने स्तन को पकड़ना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:15&lt;br /&gt;
|  इस पिक्चर में माँ दायें स्तन को पकड़ने के लिए अपने बाएं हाथ का उपयोग करेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
| अंगूठे और उँगलियों की सही स्थिति समझने के लिए- दायें स्तन पर निप्पल को घड़ी के केंद्र में कल्पना क।रें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
| उसको अपना बाँया अंगूठा इस घड़ी पर 12 बजे के स्थान पर रखना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
|  जबकि उसकी तर्जनी और बीच की ऊँगली 6 बजे के स्थान पर रखनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
| उँगलियाँ हमेशा बच्चे के होठों की दिशा में होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| क्यूँ ? इसे एक सरल उदाहरण उपयोग करके समझते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| जब हम वडा पाव या बर्गर खाते हैं तो हमारे होंठ क्षैतिज स्थिति में खुलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
| हम बड़ा निवाला लेने के लिए वडा पाव या बर्गर को क्षैतिज स्थिति में पकड़ते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:03&lt;br /&gt;
| यहाँ अंगूठा और उँगलियाँ होठों की दिशा में रखे जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| यदि हम वडा पाव या बर्गर को उर्ध्वाधर स्थिति में पकड़ते हैं तो हम बड़ा निवाला लेने में सक्षम नहीं होते। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार बच्चे के होठों की दिशा को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:21&lt;br /&gt;
| यहाँ होंठ क्षैतिज स्थिति में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:24&lt;br /&gt;
| इसलिए उँगलियाँ और अंगूठा भी स्तन पर क्षैतिज स्थिति में रखे जाने चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:32&lt;br /&gt;
| यह बच्चे को उसके मुंह में areola के निचले भाग का बड़ा हिस्सा लेने में मदद करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:39&lt;br /&gt;
| बच्चे के होठों की दिशा के आलावा माँ का अंगूठा और उँगलियाँ हमेशा निप्पल से 3 उँगलियों की दूरी पर होने चाहिए।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:50&lt;br /&gt;
| दोबारा, वडा पाव या बर्गर खाते समय यदि हम इसे बहुत पास से पकड़ते हैं तो बड़ा निवाला लेने के लिए हमारी उँगलियाँ मुंह को बंद कर देंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:00&lt;br /&gt;
| यदि हम इसे बहुत दूर से पकड़ते हैं तो हमारे मुंह में फिट होने के लिए इसका आकर ठीक नहीं होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:07&lt;br /&gt;
| इसलिए बड़ा निवाला लेने के लिए हम इसे सही दूरी पर रखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:13&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार बच्चे के लिए पिक्चर में दिखाए अनुसार निप्पल से 3 उँगलियों का फासला सही दूरी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
| यह दूरी निश्चित करेगी कि माँ की उँगलियाँ बच्चे के मुंह में areola के निचले भाग को लेने से बच्चे को नहीं रोकती। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:31&lt;br /&gt;
| माँ केवल निप्पल को नहीं दबाती जो बहुत कम दूध निकालेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:36&lt;br /&gt;
| माँ ज़्यादा दूध बाहर निकालने के लिए areola के नीचे ज़्यादा दूध की नलिकाओं को दबाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:42&lt;br /&gt;
| और स्तन का आकर बच्चे को अच्छे से जोड़ने में मदद के लिए सही है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:50&lt;br /&gt;
| याद रखें- पिक्चर में दिखाए अनुसार माँ का अंगूठा स्तन के ऊपर की तरफ होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
| और उसकी दो उँगलियाँ स्तन के नीचे की तरफ होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
| वडा पाव या बर्गर के उदाहरण पर वापस जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06&lt;br /&gt;
| वडा पाव या बर्गर को सही से पकड़ने के बाद हम हमेशा बड़ा निवाला लेने के लिए इसे दबाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार, माँ को साइड से C आकार की पकड़ में अपने स्तन को धीरे से दबाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:18&lt;br /&gt;
|  यह बच्चे को अपने मुंह में स्तन का बड़ा भाग लेने में उसकी मदद करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
|  लेकिन याद रखें, माँ को कैंची के आकार की पकड़ में अपने स्तन को नहीं दबाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:30&lt;br /&gt;
| कैंची के आकार में दबाना स्तन में चुभन करेगा और निप्पल फीडिंग का कारण होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:36&lt;br /&gt;
| यह भी निश्चित कर लें कि अंगूठे और उँगलियों से स्तन का दबाव समान हो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:43&lt;br /&gt;
| अन्यथा निप्पल ऊपर की या नीचे की दिशा में शिफ्ट हो जायेगा और खराब जुडाव का कारण होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:51&lt;br /&gt;
| कभी-कभी माँ अपने बच्चे को अलग स्थिति में पकड़ना पसंद कर भी सकती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:56&lt;br /&gt;
|  इस पिक्चर में बच्चे का चेहरा माँ की तरफ नहीं है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:00&lt;br /&gt;
| बच्चे का सर स्तन की साइड से स्तन की तरफ लाया जाता है और न कि नीचे से। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:07&lt;br /&gt;
| यहाँ बच्चे के होंठ उर्ध्वाधर हैं. इसलिए माँ को U आकार की पकड़ में स्तन पर उर्ध्वाधर स्थिति में अपनी उँगलियाँ स्थित करनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:17&lt;br /&gt;
| याद करें किसी भी स्तनपान की स्थिति के लिए स्तन को पकड़ते हुए माँ की उँगलियाँ और अंगूठा हमेशा बच्चे के होंठों की दिशा में होने चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:28&lt;br /&gt;
| अब बच्चा Football पकड़ में है और स्तनपान के लिए स्तन पट लैच करने को तैयार है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:34&lt;br /&gt;
| सही लैचिंग तकनीक इसी श्रंखला में एक अन्य ट्यूटोरियल में समझाया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:41&lt;br /&gt;
| एक बार जब बच्चा सही से लैच किया जाता है और यदि स्तन बड़े या भारी नहीं है तो- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 माँ अपने हाथ से स्तन को छोड़ सकती है और उस हाथ को खाली रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:53&lt;br /&gt;
|  यह हमें इस ट्यूटोरियल के अंत में लाता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:57&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न के बारे में सीखा: माँ और उसके बच्चे के लिए सही स्तनपान की पकड़ को चुनना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:04&lt;br /&gt;
|  स्तनपान से पहले माँ की तैयारी और Football पकड़ के लिए क्रमशः प्रक्रिया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:12&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का योगदान स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट IIT बॉम्बे द्वारा किया गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:18&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:26&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:30&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन से जेनेरस कॉन्ट्रिब्यूशन द्वारा आंशिक रूप से वित्त पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:38&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल माँ और शिशु प्रोजेक्ट का एक भाग है। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:44&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल की विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. रूपल दलाल (एमडी. बाल चिकित्सा) है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:50&lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे की ओर से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Breastfeeding-latching/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Breastfeeding-latching/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Breastfeeding-latching/Hindi"/>
				<updated>2018-05-24T19:53:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot; {| border =1  | &amp;lt;center&amp;gt;''' Time '''&amp;lt;/center&amp;gt;  | &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;   |-  |  00:02 | स्तन से जुडाव पर स्पोकन ट्यू...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border =1 &lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;''' Time '''&amp;lt;/center&amp;gt; &lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  00:02&lt;br /&gt;
| स्तन से जुडाव पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम बच्चे के स्तन से अच्छे से जुड़ने के लिए सही तकनीक और स्तनपान बारंबारता के बारे में सीखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
| शुरू करने से पहले ध्यान दें कि प्रभावी स्तनपान के लिए सही जुड़ाव बहुत ज़रूरी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:29&lt;br /&gt;
| बच्चे के मुंह का स्तन से सही जुड़ाव नहीं होगा तो केवल निप्पल द्वारा दूध पीयेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  00:36&lt;br /&gt;
| इससे बच्चे को बहुत कम दूध मिलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   00:40&lt;br /&gt;
|जबकि स्तन के areola के निचले भाग से बच्चे के अच्छे जुड़ाव से बच्चे को सही मात्रा में दूध मिलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
|ध्यान दें- areola निप्पल के चारों ओर का गहरे रंग वाला भाग है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 00:56&lt;br /&gt;
| अब शुरू करते हैं, शुरू करने के लिए माँ को अपने बच्चे को सही स्तनपान की स्थिति में रखना चाहिए।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| ये पकड़ इसी शृंखला के अन्य विडियोज़ में विस्तार से समझाए गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:11&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल क्रॉस क्रैडल होल्ड का उपयोग करके समझाया जायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:16&lt;br /&gt;
| याद रखें बच्चे को सही स्थिति में रखना सफल जुड़ाव और स्तनपान के लिए आवश्यक है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:24&lt;br /&gt;
| इस पिक्चर में, माँ बच्चे को ठीक से क्रॉस क्रैडल होल्ड में पकड़े हुए है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:31&lt;br /&gt;
| और बच्चा स्तनपान के लिए तैयार है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:35&lt;br /&gt;
| जुड़ाव से पहले यह ज़रूरी है कि बच्चा जम्भाई की तरह अपना बड़ा मुंह खोले। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:42&lt;br /&gt;
|क्यों ? एक वयस्क को वडा पाव या बर्गर खाते हुए देखकर इसे समझते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:49&lt;br /&gt;
| हम वड़ा पाव या बर्गर का बड़ा निवाला लेने के लिए अपना मुंह बड़ा खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:56&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार बच्चा यदि बड़ा मुंह खोलता है तो स्तन का अधिक भाग मुंह में ले सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
|बच्चे के बड़े मुंह खोलने के लिए, माँ अपने निप्पल से उसके ऊपर वाले होंठ पर थोडा सा स्पर्श करना चाहिए जब तक वो अपना मुंह बड़ा न खोले।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
| सब्र रखें, कभी-कभी बच्चे को मुंह बड़ा खोलने में कुछ सेकंड्स से 2 मिनट तक लग सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  02:25&lt;br /&gt;
| याद रखें, स्तनपान की कोई भी स्थिति के लिए- माँ की उँगलियाँ और अंगूठा, स्तन को पकड़ते हुए हमेशा बच्चे के होंठ के समानांतर होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| जब बच्चा अपना मुंह बड़ा खोले तो उसका नीचे वाला होंठ ऐरीओला के तल पर होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| और निप्पल उसके मुंह के ऊपर की ओर होनी चाहिए न कि उसके मुंह के बीच में। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   02:50&lt;br /&gt;
| अब माँ को अपना स्तन जल्दी से बच्चे के मुंह में रखना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| उसे पहले बच्चे के सर को थोडा सा बाहर की तरफ मोड़ते हुए उसकी ठुड्डी को स्तन में दबाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| उसको अपनी पीठ को न ही मोड़ना चाहिए या न ही अपने स्तन को बच्चे के मुंह तक ले जाना चाहिए।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| बच्चे के कंधे के पीछे से हल्का जोर लगा कर बच्चे को स्तन तक लायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:15&lt;br /&gt;
| जुड़ाव में महत्वपूर्ण बात है कि माँ के ऐरीओला का निचला भाग बच्चे के मुंह में होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
| यह निप्पल को बच्चे के मुंह में आरामदायक भाग में पहुँचाने में मदद करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
| बच्चे को उसके नीचे वाले होंठ से ऐरीओला को जीभ से दबाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   03:37&lt;br /&gt;
|इससे दूध की नलिकाओं पर दबाव पड़ेगा और ज्यादा दूध बाहर आएगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:42&lt;br /&gt;
|  अगला स्टेप यह जाँचना है कि बच्चा स्तन से अच्छे से जुड़ा हुआ है या नहीं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
|  अच्छे जुडाव को निश्चित करने के लिए माँ को निम्न संकेत देखने चाहिए:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:54&lt;br /&gt;
| बच्चे का मुंह बड़ा खुला हो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  03:57&lt;br /&gt;
| बच्चे के ऊपर वाले होंठ के पास दिखने वाला ऐरीओला का भाग बच्चे के नीचे वाले होंठ के पास से ज़्यादा होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
|  बच्चे की ठुड्डी माँ के स्तन में पूरी तरह घुसी होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
| बच्चे का जबड़ा स्पष्ट रूप से नीचे की ओर आता है जब वो दूध पीता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   04:16&lt;br /&gt;
| और बच्चे का नीचे वाला होंठ बाहर की दिशा में मुड़ा हुआ हो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  04:22&lt;br /&gt;
| यद्यपि यह स्तन से अच्छे से जुड़े हुए बच्चे में ज्यादातर छिपा होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  04:28&lt;br /&gt;
| इस स्थिति में बच्चे के नीचे वाले होंठ के पास से स्तन को धीरे से दबा कर देखे और जाँचें कि क्या बच्चे का नीचे वाला होंठ बाहर की तरफ मुड़ा हुआ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:41&lt;br /&gt;
| आगे बच्चे की नाक को देखें। यदि बच्चे की नाक माँ के स्तन के विरुद्ध दबी हो तो-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| माँ बच्चे का सर धीरे से बाहर की तरफ मोड़ सकती है जिससे कि बच्चे की ठुड्डी स्तन में और दब जाए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| और बच्चे की नाक और माथा स्तन से दूर हो जाते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| यह करने से बच्चे का स्तन से जुडाव और अच्छा होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:09&lt;br /&gt;
| बच्चे का पूरा चेहरा स्तन से दूर न करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
| इससे केवल निप्पल से दूध प्राप्त हो सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  05:16&lt;br /&gt;
|  याद रखें- स्तनपान माँ के लिए आरामदायक होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:21&lt;br /&gt;
| उसको अपने निप्पल पर नोचना, खींचना या रगड़न महसूस नहीं होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
|  यदि स्तनपान माँ के लिए कष्टदायक है तो संभवतः बच्चा अच्छे से जुड़ा हुआ नहीं है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   05:35&lt;br /&gt;
| अच्छे से न जुड़ने के कुछ सामान्य कारणों में से एक देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
|  बहुत सी माँ अपने ऐरीओला को दबाकर केवल निप्पल बच्चे के मुंह के बीच में रखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
|  यहाँ बच्चे का मुंह बड़ा नहीं खुला है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  05:52&lt;br /&gt;
|  बच्चा केवल निप्पल से जुड़ पाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
|  यहाँ बच्चे के ऊपर और नीचे वाले होंठ के पास ऐरीओला का समान भाग दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| बच्चे की ठुड्डी स्तन से अलग है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:07&lt;br /&gt;
| बच्चे का दूध पीने का तरीका तेज़ है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  06:14&lt;br /&gt;
| स्तनपान के समय बच्चे के गालों पर डिंपल हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  06:17&lt;br /&gt;
|  उसका जबड़ा स्पष्ट रूप से नीचे नहीं होता जब वो दूध पीता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  06:23&lt;br /&gt;
| और बच्चे के मुंह के कठोर भाग से निप्पल में चुभन और दबाव होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| यह माँ के लिए कष्टदायक है और निप्पल पर घाव हो सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  06:37&lt;br /&gt;
|  निप्पल से पीते समय बच्चा ऐरीओला के नीचे ज्यादा दूध की नलिकाओं से दूध नहीं प्राप्त कर सकता। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:45&lt;br /&gt;
|  इसलिए बच्चे को पूर्ण मात्रा में दूध नहीं मिल पाता। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:50&lt;br /&gt;
|  यदि बच्चा केवल निप्पल से पीता है तो, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:54&lt;br /&gt;
| माँ को अपनी साफ छोटी ऊँगली बच्चे के मुंह में कोने से डालनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:59&lt;br /&gt;
| उसे इसका उपयोग बच्चे द्वारा निप्पल के खिंचाव को छोड़ने के लिए करना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:04&lt;br /&gt;
| फिर उसे सही जुड़ाव निश्चित करते हुए बच्चे को दोबारा उसी स्तन से जोड़ना चाहिए।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  07:11&lt;br /&gt;
| सही जुड़ाव के बाद - माँ को यह निश्चित कर लेना चाहिए कि बच्चे को सही मात्रा में foremilk और hindmilk दोनों मिलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  07:19&lt;br /&gt;
|  Foremilk पानी जैसा दूध है जो स्तन के अगले भाग में रहता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  07:25&lt;br /&gt;
|  यह पानी और प्रोटीन से बनता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   07:29&lt;br /&gt;
|  यह बच्चे के विकास और मज़बूत बनाने के लिए ज़रूरी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  07:36&lt;br /&gt;
|  Hindmilk गाढ़ा दूध है जो स्तन के पिछले भाग में होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| यह मुख्य रूप से चर्बी से बना होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  07:46&lt;br /&gt;
| यह बच्चे के दिमाग के विकास और वज़न बढ़ने के लिए ज़रूरी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| सुनिश्चित करने के लिए कि बच्चे को फोरमिल्क और हाइंडमिल्क मिल रहा है - माँ को बच्चे को दूसरा स्तन देने से पहले,  पहले स्तन से पूरी तरह दूध पिला लेना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:05&lt;br /&gt;
| जाँचने के लिए कि माँ ने बच्चे को एक स्तन से पूरी तरह दूध पिला लिया है - माँ को हाथ से दबाकर स्तन से दूध निकालना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:15&lt;br /&gt;
|  यदि स्तन से पलते पानी की तरह दूध आता है, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   08:19&lt;br /&gt;
|  या यदि निकालने पर गाढ़ा हाइंडमिल्क आता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:24&lt;br /&gt;
| तो माँ को अपने बच्चे को दोबारा उसी स्तन से जोड़ना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   08:29&lt;br /&gt;
| जब हाथ से निकालने पर गाढ़ा हाइंडमिल्क कम होकर कुछ बूँदे हो जाये। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:35&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि माँ अपने बच्चे को उस स्तन से पूरी तरह दूध पिला चुकी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:41&lt;br /&gt;
| लेकिन दूसरा स्तन देने से पहले, माँ को बच्चे को अपनी गोद में बैठाकर उसके धड़ को थोडा सा आगे की ओर मोड़कर और उसके जबड़े को अपने हाथ में लेकर डकार दिलवानी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|09:00&lt;br /&gt;
| बच्चे को 2-3 मिनट में डकार लेनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  09:04&lt;br /&gt;
| अगर अगले 5 मिनट में डकार नहीं आती तो,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   09:08&lt;br /&gt;
|  इसका मतलब है कि बच्चे का स्तन से जुडाव बहुत अच्छा था।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:14&lt;br /&gt;
| बच्चे ने स्तनपान के दौरान अपने पेट में अधिक मात्रा में हवा नहीं ली है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   09:21&lt;br /&gt;
| अब माँ को अपना दूसरा स्तन बच्चे को देना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
| यदि बच्चे का पेट भरा होगा तो वो दूसरे स्तन से नहीं पी सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:32&lt;br /&gt;
| लेकिन माँ को स्तनपान के लिए बच्चे को हमेशा दोनों स्तन देने चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:39&lt;br /&gt;
|  उसे अंतिम फैसला बच्चे को करने देना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  09:45&lt;br /&gt;
| यदि स्तनपान के दौरान बच्चा सो जाता है तो माँ को बच्चे के पैर के तलुए पर धीरे से थपथपा कर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:55&lt;br /&gt;
| या धीरे से बच्चे की पीठ पर गुदगुदी करके &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:59&lt;br /&gt;
| या डकार लेने के दौरान दिखायी गयी स्थिति में बच्चे को बैठाकर उसे जगाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   10:04&lt;br /&gt;
|  सही तरीके के साथ स्तनपान बार-बार कराना भी ज़रूरी है। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
| माँ को 24 घंटे में कम से कम 12 बार अपने बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:17&lt;br /&gt;
| जिसमें से रात में उसको कम से कम 2-3 बार स्तनपान कराना चाहिए।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   10:24&lt;br /&gt;
| बच्चे को स्तनपान कराने से पहले माँ को बच्चे के भूख के संकेत देखने चाहिए जैसे - बेचैनी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| मुंह खोलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 सर घुमाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 अपने हाथ को मुंह में लेना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  10:37&lt;br /&gt;
|  उँगलियाँ चूसना और शरीर में खिंचाव। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:42&lt;br /&gt;
| यदि बच्चा स्तनपान के लिए रोना शरू कर दे, तो इसका मतलब है बहुत देर हो गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:49&lt;br /&gt;
| ध्यान दें- 2 सप्ताह, 6 सप्ताह और 3 महीने की आयु में बच्चे के विकास में बहुत तेज़ी से वृद्धि होती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:59&lt;br /&gt;
| और बच्चे को ज्यादा दूध की ज़रूरत होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:05&lt;br /&gt;
| माँ के स्तन के दूध में भी वृद्धि होगी यदि बच्चा बार-बार पियेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:12&lt;br /&gt;
| इसलिए इस विकास के समय माँ को बार-बार स्तनपान कराना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  11:19&lt;br /&gt;
| याद रखें - बच्चे के जीवन के पहले 6 महीने बच्चे के लिए माँ का दूध सबसे अच्छा पोषण होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  11:30&lt;br /&gt;
| और अच्छा जुडाव सफल स्तनपान का मुख्य भाग है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:36&lt;br /&gt;
| यह हमें इस ट्यूटोरियल के अंत में लाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:41&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा स्तन से बच्चे के अच्छे जुडाव के लिए सही तकनीक और स्तनपान की  बारंबारता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:54&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का योगदान स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट IIT बॉम्बे द्वारा किया गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  12:02&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है।  इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:15&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल जेनेरस कॉन्ट्रिब्यूशन फ्रॉम व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा आंशिक रूप से वित्त-पोषित है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   12:22&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल माँ और शिशु प्रोजेक्ट का एक भाग है।  इस ट्यूटोरियल की विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. रूपल दलाल (एमडी. बाल चिकित्सा) है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:34&lt;br /&gt;
|आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।  हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi"/>
				<updated>2018-04-10T20:32:12Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| DWSIM में 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| CSTR में एक अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence Time की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ DWSIM 4.3 और Windows 7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे Linux, Mac OS X, या ARM पर FOSSEE में भी समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए आपको फ्लोशीट पर कंपोनेंट्स को जोड़ने का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
|| thermodynamic पैकेजेस चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| 'material' और 'energy' स्ट्रीम जोड़ें और उनकी विशेषताएं निर्दिष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| और 'reaction manager’ में 'kinetic reaction' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:03&lt;br /&gt;
|| आप इन ट्यूटोरियल्स को सभी सम्बंधित फाइल्स को इस साईट से एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| हम एक isothermal CSTR से exit composition को निर्धारित करने के लिए एक फ्लोशीट विकसित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Reaction, Property Package और Inlet Stream Conditions देते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| आगे हम CSTR dimensions और reaction kinetics देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर DWSIM पहले ही खोल लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| File मेनू पर जाएँ और New Steady-state Simulation चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
||Simulation Configuration Wizard विंडो दिखती है. नीचे Next पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| अब Compounds Search टैब में टाइप करें Ethanol.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| ChemSep डेटाबेस से Ethanol चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Acetic Acid जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| अगला Water जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| अगला Ethyl Acetate जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| अब Property Packages आता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
||Available Property Packages से NRTL पर डबल-क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
|| फिर Next पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| हम Flash Algorithm पर लाये गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| Default Flash Algorithm से Nested Loops(VLE) चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प System of Units है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
|| System of Units में हम C5 चुनेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| फिर Finish पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:46&lt;br /&gt;
|| अब सिमुलेशन विंडो को मैक्सिमाईज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब एक feed stream प्रविष्ट करें जो CSTR में प्रवेश करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
|| Streams सेक्शन से फ्लोशीट पर Material Stream को ड्रैग और ड्राप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| अब इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Feed करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| अब हम Feed स्ट्रीम विशेषताओं को उल्लिखित करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:12&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो, Flash Spec में Temperature and Pressure (TP) चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Flash Spec में पहले से ही Temperature and Pressure चयनित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:27&lt;br /&gt;
|| Temperature को 70 degC करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| Pressure को 1 bar करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 3600 kg/hour करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
|| अब feed stream compositions को उल्लिखित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
|| Composition में, यदि पहले से चयनित न हो तो, Basis में Mole Fractions चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में पहले से ही Mole Fractions चयनित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
|| अब Ethanol के लिए, Amount में 0.48 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 0.5 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Water के लिए 0.02 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| Ethyl Acetate के लिए 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ, Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| आगे हम Kinetic Reaction परिभाषित करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| Tools में, Reactions Manager पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions Manager विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions टैब में हरे रंग के Add Reaction बटन पर क्लिक करें।.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| फिर Kinetic पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| Add New Kinetic Reaction विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| Identification में Name में Ethyl Acetate प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| अब Description प्रविष्ट करें “Irreversible reaction for synthesis of Ethyl Acetate from Ethanol and Acetic Acid.”&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| अगला भाग Components, Stoichiometry and Reaction Orders की सूची है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| पहला कॉलम Name यहाँ उपलब्ध कंपाउंड्स दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| दूसरा कॉलम इसके Molar Weight के समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Include है। Include में सारे चेक बॉक्सेस को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:37&lt;br /&gt;
|| चौथा कॉलम BC है, BC में Ethanol चेक बॉक्स को चेक करें क्योंकि Ethanol बेस कॉम्पोनेन्ट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Stoichiometric coefficients है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| Stoichiometric coefficients कॉलम में Ethanol के लिए -1 प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:58&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए -1 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
|| Water के लिए 1 और Ethyl Acetate के लिए 1 और फिर एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
|| Stoichiometry फील्ड में हम देख सकते हैं यह OK  दिखा रहा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| यहाँ Equation फील्ड reaction equation दिखाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम DO है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| हम अभिक्रिया को प्राथमिक मान रहे हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
|| अतः DO कॉलम में Ethanol के लिए 1 प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:32&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 1 प्रविष्ट करें और फिर एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम RO है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
|| चूँकि हम एक irreversible अभिक्रिया मान रहे हैं तो यहाँ हम कुछ भी प्रविष्ट नहीं करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| Then comes '''Kinetic Reactions Parameters.''' फिर Kinetic Reactions Parameters आता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| हमारा रेट molar concentration की टर्म्स में है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:55&lt;br /&gt;
|| अतः हम Basis में Molar Concentrations चुनेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो Fase  में Liquid चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| Tmin में 300 प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
|| Tmax  में 2000 प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
|| अब Direct and Reverse Reactions Velocity Constant पर जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
|| Direct Reaction में A के लिए  0.005 प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| OK पर क्लिक करें और Chemical Reactions Manager विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| अब फ्लोशीट पर Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:37&lt;br /&gt;
|| Unit Operations में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
|| इसे फ्लोशीट पर ड्रैग और ड्राप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब इसे आवश्यक की तरह समायोजित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| और फिर एक Output Stream प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| वह करने के लिए एक Material Stream को ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर इसे समायोजित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| हम इस स्ट्रीम का नाम बदलकर ‘Product’ करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक Energy Stream प्रविष्ट करेंगे और इस स्ट्रीम का नाम Energy करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| अब हम उस Continuous Stirred Tank Reactor को उल्लिखित करने के लिए तैयार हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम एक टैब देख सकते हैं जो CSTR से सम्बंधित विशेषताएं दिखा रही है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| Connections में Inlet Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और Feed चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| आगे Outlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Product चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
|| फिर Energy Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Energy चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन Calculation Parameters पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प Reaction Set है। डिफ़ॉल्ट रूप से Default Set है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:02&lt;br /&gt;
|| आगे Calculation Mode के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Isothermic चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| फिर Reactor Volume के सामने वाली फील्ड पर क्लिक करें और 0.14 प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
|| अब हम सिमुलेशन रन करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:21&lt;br /&gt;
|| अतः टूल बार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाएँ तो फ्लोशीट में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
|| CSTR के Property Editor Window से Results सेक्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
|| General टैब में Residence time पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
यह 0.033 hour है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:46&lt;br /&gt;
|| अब Conversions टैब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:49&lt;br /&gt;
|| यहाँ Ethanol के लिए कन्वर्जन 99.5% है और Acetic Acid के लिए यह 95.5% है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| अब Insert मेन्यु पर जाएँ और Master Property Table चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| Master Property Table पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
|| Name में Results – Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से ही चयनित है, तो हम इसे नहीं बदलेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| Properties to display में, Object में Product और Feed चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:40&lt;br /&gt;
|| अब propertiesमें निम्न चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
||Liquid Phase (Mixture) Volumetric Fraction&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्य के लिए Master Property Table को घुमाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Product और Feed के लिए सम्बंधित परिणाम देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| इसे सारांशित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:33&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने Continuous Stirred Tank Reactor को सिमुलेट करना सीखा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:38&lt;br /&gt;
|| CSTR में अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence time की गणना करना सीखा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में निम्न के साथ सिमुलेशन दोहरायें: भिन्न-भिन्न कंपाउंड्स और थर्मोडायनामिक्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
||भिन्न-भिन्न feed conditions &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न CSTR dimensions और reaction kinetics.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:58&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:01&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:05&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है. अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:18&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मौजूदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:47&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:01&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi"/>
				<updated>2018-04-10T20:24:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| DWSIM में 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| CSTR में एक अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence Time की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ DWSIM 4.3 और Windows 7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे Linux, Mac OS X, या ARM पर FOSSEE में भी समान है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए आपको फ्लोशीट पर कंपोनेंट्स को जोड़ने का ज्ञान होना चाहिए.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
|| thermodynamic पैकेजेस चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| 'material' और 'energy' स्ट्रीम जोड़ें और उनकी विशेषताएं निर्दिष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| और 'reaction manager’ में 'kinetic reaction' जोड़ें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:03&lt;br /&gt;
|| आप इन ट्यूटोरियल्स को सभी सम्बंधित फाइल्स को इस साईट से एक्सेस कर सकते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| हम एक isothermal CSTR से exit composition को निर्धारित करने के लिए एक फ्लोशीट विकसित करेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Reaction, Property Package और Inlet Stream Conditions देते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| आगे हम CSTR dimensions और reaction kinetics देते हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर DWSIM पहले ही खोल लिया है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| File मेनू पर जाएँ और New Steady-state Simulation चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
||Simulation Configuration Wizard विंडो दिखती है. नीचे Next पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| अब Compounds Search टैब में टाइप करें Ethanol.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| ChemSep डेटाबेस से Ethanol चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Acetic Acid जोड़ें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| अगला Water जोड़ें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| अगला Ethyl Acetate जोड़ें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| अब Property Packages आता है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
||Available Property Packages से NRTL पर डबल-क्लिक करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
|| फिर Next पर क्लिक करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| हम Flash Algorithm पर लाये गए हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| Default Flash Algorithm से Nested Loops(VLE) चुनें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प System of Units है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
|| System of Units में हम C5 चुनेंगे .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| फिर Finish पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:46&lt;br /&gt;
|| अब सिमुलेशन विंडो को मैक्सिमाईज़ करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब एक feed stream प्रविष्ट करें जो CSTR में प्रवेश करता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
|| Streams सेक्शन से फ्लोशीट पर Material Stream को ड्रैग और ड्राप करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| अब इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Feed करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| अब हम Feed स्ट्रीम विशेषताओं को उल्लिखित करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:12&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो, Flash Spec में Temperature and Pressure (TP) चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Flash Spec में पहले से ही Temperature and Pressure चयनित है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:27&lt;br /&gt;
|| Temperature को 70 degC करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| Pressure को 1 bar करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 3600 kg/hour करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
|| अब feed stream compositions को उल्लिखित करते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
|| Composition में, यदि पहले से चयनित न हो तो, Basis में Mole Fractions चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में पहले से ही Mole Fractions चयनित है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
|| अब Ethanol के लिए, Amount में 0.48 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 0.5 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Water के लिए 0.02 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| Ethyl Acetate के लिए 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ, Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| आगे हम Kinetic Reaction परिभाषित करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| Tools में, Reactions Manager पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions Manager विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions टैब में हरे रंग के Add Reaction बटन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| फिर Kinetic पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| Add New Kinetic Reaction विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| Identification में Name में Ethyl Acetate प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| अब Description प्रविष्ट करें “Irreversible reaction for synthesis of Ethyl Acetate from Ethanol and Acetic Acid.”&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| अगला भाग Components, Stoichiometry and Reaction Orders की सूची है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| पहला कॉलम Name यहाँ उपलब्ध कंपाउंड्स दिखाता है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| दूसरा कॉलम इसके Molar Weight के समान है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Include है. Include में सारे चेक बॉक्सेस को चेक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:37&lt;br /&gt;
|| चौथा कॉलम BC है, BC में Ethanol चेक बॉक्स को चेक करें क्योंकि Ethanol बेस कॉम्पोनेन्ट है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Stoichiometric coefficients है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| Stoichiometric coefficients कॉलम में Ethanol के लिए -1 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:58&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए -1 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
|| Water के लिए 1 और Ethyl Acetate के लिए 1 और फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
|| Stoichiometry फील्ड में हम देख सकते हैं यह OK  दिखा रहा है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| यहाँ Equation फील्ड reaction equation दिखाती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम DO है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| हम अभिक्रिया को प्राथमिक मान रहे हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
|| अतः DO कॉलम में Ethanol के लिए 1 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:32&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 1 प्रविष्ट करें और फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम RO है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
|| चूँकि हम एक irreversible अभिक्रिया मान रहे हैं तो यहाँ हम कुछ भी प्रविष्ट नहीं करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| Then comes '''Kinetic Reactions Parameters.''' फिर Kinetic Reactions Parameters आता है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| हमारा रेट molar concentration की टर्म्स में है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:55&lt;br /&gt;
|| अतः हम Basis में Molar Concentrations चुनेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो Fase  में Liquid चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| Tmin में 300 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
|| Tmax  में 2000 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
|| अब Direct and Reverse Reactions Velocity Constant पर जाते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
|| Direct Reaction में A के लिए  0.005 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| OK पर क्लिक करें और Chemical Reactions Manager विंडो बंद करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| अब फ्लोशीट पर Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:37&lt;br /&gt;
|| Unit Operations में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
|| इसे फ्लोशीट पर ड्रैग और ड्राप करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब इसे आवश्यक की तरह समायोजित करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| और फिर एक Output Stream प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| वह करने के लिए एक Material Stream को ड्रैग करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर इसे समायोजित करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट छोड़ दें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| हम इस स्ट्रीम का नाम बदलकर ‘Product’ करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक Energy Stream प्रविष्ट करेंगे और इस स्ट्रीम का नाम Energy करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| अब हम उस Continuous Stirred Tank Reactor को उल्लिखित करने के लिए तैयार हैं .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम एक टैब देख सकते हैं जो CSTR से सम्बंधित विशेषताएं दिखा रही है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| Connections में Inlet Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और  Feed चुनें .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| आगे Outlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Product चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
|| फिर Energy Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Energy चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन Calculation Parameters पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प Reaction Set है. डिफ़ॉल्ट रूप से Default Set है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:02&lt;br /&gt;
|| आगे Calculation Mode के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Isothermic चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| फिर Reactor Volume के सामने वाली फील्ड पर क्लिक करें और 0.14 प्रविष्ट करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
|| अब हम सिमुलेशन रन करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:21&lt;br /&gt;
|| अतः टूल बार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाएँ तो फ्लोशीट में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
|| CSTR के Property Editor Window से Results सेक्शन पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
|| General टैब में Residence time पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
यह 0.033 hour है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:46&lt;br /&gt;
|| अब Conversions टैब पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:49&lt;br /&gt;
|| यहाँ Ethanol के लिए कन्वर्जन 99.5% है और Acetic Acid के लिए यह 95.5% है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| अब Insert मेन्यु पर जाएँ और Master Property Table चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| Master Property Table पर डबल क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
|| Name में Results – Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से ही चयनित है, तो हम इसे नहीं बदलेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| Properties to display में, Object में Product और Feed चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:40&lt;br /&gt;
|| अब propertiesमें निम्न चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
||Liquid Phase (Mixture) Volumetric Fraction&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्य के लिए Master Property Table को घुमाएं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Product और Feed के लिए सम्बंधित परिणाम देख सकते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| इसे सारांशित करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:33&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने Continuous Stirred Tank Reactor को सिमुलेट करना सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:38&lt;br /&gt;
|| CSTR में अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence time की गणना करना सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में निम्न के साथ सिमुलेशन दोहरायें: भिन्न-भिन्न कंपाउंड्स और थर्मोडायनामिक्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
||भिन्न-भिन्न feed conditions &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न CSTR dimensions और reaction kinetics&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:58&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:01&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:05&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है. अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:18&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मौजूदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:47&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:01&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi"/>
				<updated>2018-02-28T19:38:41Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot;{| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:01 | Chimera Interface उपयोग करके Animation पर इस ट्यूटोरि...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Chimera Interface उपयोग करके Animation पर इस ट्यूटोरियल में आपका सागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगे: बैकग्राउंड लाइटिंग और इफेक्ट्स को समायोजित करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
| एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
| टाइमलाइन के साथ सीन्स स्थित करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
| परिणामी एनीमेशन की मूवी रेकॉर्ड करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। यदि नहीं हैं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
|  यहाँ मैंने Chimera विंडो खोल ली है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:53&lt;br /&gt;
|  कमांड टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें Open 1MBO. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
|  पैनल पर हीमोग्लोबिन का एक स्ट्रक्चर खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|  जल अणुओं को डिलीट करने के लिए टाइप करें delete solvent. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10&lt;br /&gt;
|  अब मैं दिखाती हूँ कि एनीमेशन के लिए सीन्स कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|  एक काईमेरा सीन निम्न रखता है: मॉडल्स का अभिविन्यास और क्लिपिंग प्लेन्स। मॉडल्स के दिखावट के स्टाइल्स और रंग। मॉलिक्यूलर सरफेस। इलेक्ट्रान डेंसिटी मैप्स और इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल मैप्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:33&lt;br /&gt;
|  एक सीन निम्न भी रखता है- 2D लेबल्स। एक्सिस, प्लेन और सेंट्रोइड प्रदर्शन। CAST-P पॉकेट डिस्प्ले। पैरामीटर्स जैसे बैकग्राउंड लाइटिंग और इफेक्ट्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|  पैनल पर वापस आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51&lt;br /&gt;
| एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना शुरू करने से पहले, बैकग्राउंड लाइटिंग को नियंत्रित करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:59&lt;br /&gt;
|  tools मेन्यू पर क्लिक करें, Viewing Controls तक स्क्रॉल करें, सब-मेन्यू से Effects चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|Viewing डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
|  Effects सेक्शन में depth cueing पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:16&lt;br /&gt;
| यह आगे से पीछे की शेडिंग का उल्लेख करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
| color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
| color well से शेडिंग के लिए रंग चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
|color editor चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
|  आउटलाइन्स दिखाने के लिए Silhouettes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:33 &lt;br /&gt;
|आप Width फील्ड उपयोग करके Silhouettes की चौडाई को बड़ा या घटा सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:39&lt;br /&gt;
|  color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|color editor से रंग चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
|color editor को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:47&lt;br /&gt;
|  अब Viewing डायलॉग बॉक्स पर Lighting बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51 &lt;br /&gt;
| यहाँ हम आवश्यकतानुसार लाइटिंग पैरामीटर्स बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|  Shininess बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
| दो विकल्प Intensity और Shininess हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:04 &lt;br /&gt;
|Intensity चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07 &lt;br /&gt;
|mode बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|  डिफ़ॉल्ट रूप से two-point लाइटिंग चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:14&lt;br /&gt;
| ज़्यादा ब्राइटनेस के लिए इसे three-point करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:18&lt;br /&gt;
|  ब्राइटनेस और कॉन्ट्रास्ट समायोजित करने के लिए स्लाइडर को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
|  दोबारा Intensity बटन पर क्लिक करें, Shininess चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28 &lt;br /&gt;
| sharpness और reflectivity को समायोजित करने के लिए स्लाइडर को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33 &lt;br /&gt;
|  Save पर क्लिक करें फिर Close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
|  पैनल पर स्ट्रक्चर को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|Shading और Silhouettes को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43 &lt;br /&gt;
|  अब एनीमेशन के लिए कुछ सीन्स बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:47&lt;br /&gt;
|  Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Utilities विकल्प तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52 &lt;br /&gt;
| सब-मेन्यू से Animation पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55 &lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:58&lt;br /&gt;
|  Animation डायलॉग बॉक्स में Scenes, Actions और Timeline सेक्शन्स होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:06 &lt;br /&gt;
|  Scenes सेक्शन में हरे प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
| यह पैनल पर सीन नाम से वर्तमान इमेज को सेव करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:15&lt;br /&gt;
| यह Scenes सेक्शन में सीन की थम्बनेल इमेज भी बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:21 &lt;br /&gt;
| यह इमेज एनीमेशन के लिए पहला सीन है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
|  थम्बनेल इमेज पर राइट-क्लिक करें, एक कॉन्टेक्स्ट मेन्यू विकल्पों के साथ खुलता है जैसे; Add to timeline, properties, delete आदि।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39 &lt;br /&gt;
|  एक अन्य सीन बनाने के लिए पैनल पर प्रोटीन स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को संशोधित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:45 &lt;br /&gt;
|  Presets मेन्यू उपयोग करके, डिस्प्ले को Interactive 1 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:50&lt;br /&gt;
|  Select मेन्यू से ligand चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:54&lt;br /&gt;
|Actions मेन्यू से Sphere चुनें। यह ligand को CPK डिस्प्ले में बदल देगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
|  सिलेक्शन को clear करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
|  Animation डायलॉग बॉक्स में, scenes सेक्शन से हरे प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:12&lt;br /&gt;
| यह पैनल पर scene 2 नाम से इमेज जोड़ेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:16 &lt;br /&gt;
|  scene 3 के लिए स्ट्रक्चर में उपस्थित helices के लिए एक्सीस जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:22 &lt;br /&gt;
|  Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Structure Analysis विकल्प तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|सब-मन्यू से Axes, Planes, Centroids पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
|  Structure measurement डायलॉग बॉक्स में Define Axes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05 :37&lt;br /&gt;
|Define Axes डायलॉग बॉक्स में Each helix रेडियो बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
|  OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:47&lt;br /&gt;
|  इस इमेज को scene 3 की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50&lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स में प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  अब axes को डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
|Structure measurement डायलॉग बॉक्स में, सारी रोज़ को चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02 &lt;br /&gt;
|Delete बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05&lt;br /&gt;
|Structure measurement डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
|  scene 4 के लिए, Select मेन्यू उपयोग करके main चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15&lt;br /&gt;
| Actions मेन्यु उपयोग करके surface दिखाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17 &lt;br /&gt;
|  दोबारा Select मेन्यू से main चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21 &lt;br /&gt;
| Actions मेन्यू उपयोग करके सरफेस के रंग को बदलकर पीला करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
|Ligand चुनें और उस ligand के रंग को बदलकर नीला करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:32&lt;br /&gt;
|सिलेक्शन को हटायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:35 &lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स में इस सीन को scene 4 की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:40 &lt;br /&gt;
| सबस्ट्रेट पॉकेट को ज्यादा साफ़ दिखाने के लिए सतह को पारदर्शी बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:46&lt;br /&gt;
|Actions मेन्यू पर क्लिक करें, surface तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:50&lt;br /&gt;
|सब मेन्यू से transparency चुनें. 50% पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:58 &lt;br /&gt;
| scenes सेक्शन में इस सीन को 5&amp;lt;sup&amp;gt;th&amp;lt;/sup&amp;gt; scene की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03 &lt;br /&gt;
| यदि आप Scenes section से एक सीन डिलीट करना चाहते हैं तो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07&lt;br /&gt;
| थम्बनेल इमेज पर राइट-क्लिक करें, delete विकल्प चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13 &lt;br /&gt;
| एक सीन जोड़ने के लिए दोबारा प्लस आइकन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:18&lt;br /&gt;
|  माउस बटन उपयोग करके ड्रैग और ड्राप से Timeline section पर सीन्स सम्मिलित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:25&lt;br /&gt;
| थम्बनेल इमेज पर क्लिक करें, ड्रैग करें और उस इमेज को Timeline पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
| माउस बटन को छोड़ दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से हम थम्बनेल पर राइट-क्लिक कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
| मेन्यू से add to timeline विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
|  एक श्रंखला में Timeline पर सभी सीन्स जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47 &lt;br /&gt;
| Actions सेक्शन में दो विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:51&lt;br /&gt;
| Rock दोलन गति के लिए। Roll निरंतर गति के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
|  Roll चुनते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:59&lt;br /&gt;
| अब हम इस एनीमेशन को रेकॉर्ड करने के लिए तैयार हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| Record बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:06&lt;br /&gt;
|Record animation डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:13&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करने के लिए मैं Desktop चुनूँगी। टेक्स्ट बॉक्स में फाइल को नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17 &lt;br /&gt;
| फाइल के नाम में Animation hyphen one (Animation-1) टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21 &lt;br /&gt;
|फाइल टाइप में .ogv या अपनी पसंद का कोई भी मूवी फॉर्मेट चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28 &lt;br /&gt;
| एनीमेशन की रेकॉर्डिंग शुरू करने के लिए Record बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
| इमेजेस की श्रंखला डेस्कटॉप पर मूवी फाइल में एन्कोड की जाएगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42 &lt;br /&gt;
| यदि आप रेकॉर्डिंग को बंद करना चाहते हैं, तो Animation डायलॉग बॉक्स में दोबारा Record बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
| रिकॉर्डिग प्रक्रिया को पूरा करने में कुछ समय लगेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:54 &lt;br /&gt;
|फाइल डेस्कटॉप पर Animation hyphen one (Animation-1) नाम से सेव की जाएगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
| एनीमेशन देखने के लिए .ogv फाइल पर डबल-क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:14&lt;br /&gt;
| इसे सारांशित करें, इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न करना सीखा: बैकग्राउंड लाइटिंग औए इफेक्ट्स को समायोजित करना। एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:23&lt;br /&gt;
| टाइमलाइन के साथ सीन्स स्थित करना। परिणामी एनीमेशन की मूवी रेकॉर्ड करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट में Chymotrypsin (PDB code: 7GCH) का मॉडल खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| बैकग्राउंड और लाइटिंग इफेक्ट्स को समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38&lt;br /&gt;
| प्रोटीन सरफेस में लीगेंड दिखाने के लिए ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:43&lt;br /&gt;
| कुछ सीन्स बनाएं और एनीमेशन मूवी बनाएं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:47&lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:55&lt;br /&gt;
|  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। हमसे संपर्क करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03 &lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:09&lt;br /&gt;
|  आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।  &lt;br /&gt;
हमने जुड़ने के लिये धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi"/>
				<updated>2018-02-26T20:27:56Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| Superimposing and Morphing पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: एक ही प्रोटीन के भिन्न-भिन्न स्ट्रक्चर्स की तुलना और सुपरइम्पोज़ करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| कॉनफॉरमेशन को मॉर्फ़ (रूप) करना और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने Chimera विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| graphic access इंटरफ़ेस से, 3w7f फाइल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर Squalin Synthase का स्ट्रक्चर खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57 &lt;br /&gt;
| अब superimposing के लिए इस स्ट्रक्चर को तैयार करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
| यह एक ही प्रोटीन के लिए दो कॉपीज़ रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| कमांड लाइन उपयोग करके उन में से एक चेन को डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:09&lt;br /&gt;
| मैं कमांड हिस्ट्री पर क्लिक करके उस कमांड को दोबारा कॉल करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:14&lt;br /&gt;
| कमांड हिस्ट्री डायलॉग बॉक्स से “delete:.a” कमांड चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| आगे स्ट्रक्चर से solvent अणुओं को हटाने के लिए मैं टाइप करुँगी कमांड “del solvent”. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| यह स्ट्रक्चर सब्सट्रेट एनालॉग Farnesyl thiopyrophosphate, शोर्ट में FPS तक सिमित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| हम दो समान प्रोटीन्स को उनके सेकेंडरी स्ट्रक्चर्स की तुलना करने के लिए सुपरइम्पोज़ करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| इसके लिए हम बिना ससब्सट्रेट के समान एंजाइम का स्ट्रक्चर ढूँढेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52  &lt;br /&gt;
| कमांड लाइन पर टाइप करें “open 2zco”, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:02&lt;br /&gt;
| नया स्ट्रक्चर नीले रंग में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
| अब ये दोनों स्ट्रक्चर्स सुपरइम्पोज़ होने के लिए तैयार हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| Superimposition या Structural alignment दो या अधिक प्रोटीन स्ट्रक्चर्स के लिए तुलना करने वाला टूल हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:18&lt;br /&gt;
| वह अलाइनमेंट उनकी आकृति और तीन-डाईमेन्शनल कोन्फोरमेशन पर आधारित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:24&lt;br /&gt;
| सुपरइम्पोज़िंग शुरू करने से पहले हम टूल बार में कुछ आइकन्स रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| Favorites मेन्यू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| Add to favorites/Tool bar विकल्प तक नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:37  &lt;br /&gt;
| Preferences डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:40 &lt;br /&gt;
| Category ड्राप-डाउन से Tools चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44 &lt;br /&gt;
| Settings शीर्षक में On Tool bar कॉलम में बॉक्सेस चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53 &lt;br /&gt;
| निम्न के लिए बॉक्सेस चेक करें Command line , Model Panel, Side View &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59 &lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ और MatchMaker  और Match-Align पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| आप अपनी ख़ुद की टूलबार कस्टमाइज़ कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| अपनी ज़रुरत के अनुसार टूल्स चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| पैनल में सबसे ऊपर Tool bar पर आइकन्स जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:19&lt;br /&gt;
| Tool bar की स्थिति बदलने के लिए Toolbar placement बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
| और ड्राप-डाउन मेन्यू से विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29 &lt;br /&gt;
| जब आप टूल बार पर सभी आइकन्स जोड़ लें तो Save बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:35 &lt;br /&gt;
| और डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए Close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| अब स्ट्रक्चर्स विभिन्न स्थितियों में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:43  &lt;br /&gt;
| अब हम MatchMaker फंक्शन उपयोग करके उन स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48 &lt;br /&gt;
| Tool bar पर MatchMaker टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:53 &lt;br /&gt;
| MatchMaker डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
| Reference structure में 3w7f पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:01 &lt;br /&gt;
| अभी के लिए डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स के साथ जारी रखें। OK बटन दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:07&lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| दो स्ट्रक्चर्स एक दूसरे पर सुपरइम्पोज़ होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13&lt;br /&gt;
| दो स्ट्रक्चर्स एक दूसरे पर करीब-करीब पूरी तरह से सुपरइम्पोज़ेबल हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:19&lt;br /&gt;
| एक छोटे से भाग को छोड़कर जो नॉन- सुपरइम्पोज़ेबल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:23 &lt;br /&gt;
| इस नॉन- सुपरइम्पोज़ेबल भाग में शामिल फ्रेग्मेंट एमिनो एसिड नंबर 53 से एमिनो एसिड नंबर 57 तक शुरू होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
| MatchMaker, रेसीड्यू टाइप्स और सेकेंड्री स्ट्रक्चर उपयोग करके सीक्वेंस अलाइनमेंट बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:40&lt;br /&gt;
| और फिर सीक्वेंस-अलाइंड रेसीड्यूज़ को 3D में फिट करता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:44  &lt;br /&gt;
| अब Match-Align टूल को जाँचें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48  &lt;br /&gt;
| टूल बार से Match-Align टूल पर क्लिक करें। एक डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55  &lt;br /&gt;
| चेन्स को चुनने के लिए उनके pdb Ids पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:59 &lt;br /&gt;
| OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
| sequence alignment डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:05  &lt;br /&gt;
| इस बॉक्स में अंतिम बॉक्स में फिट हुए एमिनो एसिड युग्म हलके नारंगी बॉक्सेस जैसे दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:13&lt;br /&gt;
| रेसीड्यू 52-54 पर लूप को छोड़कर स्ट्रक्चर्स लगभग समान हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:21 &lt;br /&gt;
| कर्सर को सम्बंधित एक अक्षर कोड पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:25  &lt;br /&gt;
| 52 से 54 तक रेसीड्यूज़ सीक्वेंस में अन्तराल होने के कारण शिफ्ट होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:33&lt;br /&gt;
| कर्सर उपयोग करके इस भाग को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:41&lt;br /&gt;
| सीक्वेंस का वह चयनित भाग हाईलाइट होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:45&lt;br /&gt;
| यह उस संरचना के नॉन-सुपरइम्पोज़ेबल भाग से मेल खाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50 &lt;br /&gt;
| आप Actions मेन्यू उपयोग करके इस नॉन-सुपरइम्पोज़िंग भागों के रंग बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| Actions मेन्यू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:57  &lt;br /&gt;
| Color तक स्क्रॉल करें। orange-red विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02 &lt;br /&gt;
| अब यह भाग हाईलाइट हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05&lt;br /&gt;
| सिलेक्शन को क्लियर करें और डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| अब दिखाते हैं कि कॉनफॉरमेशन को कैसे मॉर्फ़ (रूप) करते हैं और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15 &lt;br /&gt;
| मॉर्फिंग, वास्तविक इनपुट स्ट्रक्चर्स के बीच इंटरमीडिएट स्ट्रक्चर्स की श्रंखला की गणना करने में शामिल होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23 &lt;br /&gt;
| बने हुए इंटरमीडिएट स्ट्रक्चर्स की श्रंखला को Molecular Dynamics Movie शार्ट में MD Movie की तरह सेव किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:32&lt;br /&gt;
| पैनल पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:34 &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू से मॉर्फिंग टूल शुरू करें।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:37&lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Structure Comparison तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42  &lt;br /&gt;
| Morph conformations विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
| Morph conformations डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:50&lt;br /&gt;
| Add पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:52  &lt;br /&gt;
| Models डायलॉग बॉक्स की परिणामी सूची में कॉन्फोरमेशन्स में जोड़ने के लिए मॉडल नंबर ज़ीरो यानि 3w7f पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03 &lt;br /&gt;
| अगला मॉडल नंबर 1 यानि 2zco पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| फिर 3w7f यानि मॉडल नंबर ज़ीरो पर दोबारा क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16  &lt;br /&gt;
| यह सीक्वेंस एक लिगेंड के मॉर्फ़ ट्रेजेक्ट्री से सम्बंधित है जो स्ट्रक्चर से खोखले स्ट्रक्चर तक और फिर वापस, से जुड़ा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| model list डायलॉग बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:29 &lt;br /&gt;
| Morph conformations डायलॉग बॉक्स में Create पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
|कुछ सेकेंड बाद एक MD Movie बनती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:39 &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर डायलॉग बॉक्स दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:42 &lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में मूवी को चलाने के लिए प्ले या पॉज़ बटन्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:42 &lt;br /&gt;
| प्ले करने के लिए एरो पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52  &lt;br /&gt;
| कॉनफोर्मेशन्स की मॉर्फिंग मूवी की तरह प्ले की जा रही है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
| मूवी को पॉज़ करें और MD movie डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
| अब सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:05  &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा एक ही प्रोटीन के लिए भिन्न-भिन्न स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ और तुलना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:12  &lt;br /&gt;
|कॉनफॉरमेशन को मॉर्फ़ (रूप) करना और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16  &lt;br /&gt;
| ट्रेजेक्ट्री को Molecular Dynamics Movie की तरह सेव करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:20&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में PDB कोड 1TAG और 1TND के साथ GTP बाईंडिंग प्रोटीन्स के स्ट्रक्चर्स खोलें।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:31 &lt;br /&gt;
| MatchMaker टूल उपयोग करके स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:34 &lt;br /&gt;
| Sequence Alignment टूल उपयोग करके असमान क्षेत्रों का पता लगाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। इसे डाउनलोड करके देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:48 &lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:57&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है। इस मिशन पर अधिक जानकारी दर्शाए लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09 &lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi"/>
				<updated>2018-02-26T20:26:18Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot; {| border=1 ||''' Time ''' ||'''Narration'''  |- |00:01 | Superimposing and Morphing पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| Superimposing and Morphing पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: एक ही प्रोटीन के भिन्न-भिन्न स्ट्रक्चर्स की तुलना और सुपरइम्पोज़ करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| कॉनफॉरमेशन को मॉर्फ़ (रूप) करना और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने Chimera विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| graphic access इंटरफ़ेस से, 3w7f फाइल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर Squalin Synthase का स्ट्रक्चर खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57 &lt;br /&gt;
| अब superimposing के लिए इस स्ट्रक्चर को तैयार करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
| यह एक ही प्रोटीन के लिए दो कॉपीज़ रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| कमांड लाइन उपयोग करके उन में से एक चेन को डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:09&lt;br /&gt;
| मैं कमांड हिस्ट्री पर क्लिक करके उस कमांड को दोबारा कॉल करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:14&lt;br /&gt;
| कमांड हिस्ट्री डायलॉग बॉक्स से “delete:.a” कमांड चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| आगे स्ट्रक्चर से solvent अणुओं को हटाने के लिए मैं टाइप करुँगी कमांड “del solvent”. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| यह स्ट्रक्चर सब्सट्रेट एनालॉग Farnesyl thiopyrophosphate, शोर्ट में FPS तक सिमित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| हम दो समान प्रोटीन्स को उनके सेकेंडरी स्ट्रक्चर्स की तुलना करने के लिए सुपरइम्पोज़ करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| इसके लिए हम बिना ससब्सट्रेट के समान एंजाइम का स्ट्रक्चर ढूँढेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52  &lt;br /&gt;
| कमांड लाइन पर टाइप करें “open 2zco”, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:02&lt;br /&gt;
| नया स्ट्रक्चर नीले रंग में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
| अब ये दोनों स्ट्रक्चर्स सुपरइम्पोज़ होने के लिए तैयार हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| Superimposition या Structural alignment दो या अधिक प्रोटीन स्ट्रक्चर्स के लिए तुलना करने वाला टूल हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:18&lt;br /&gt;
| वह अलाइनमेंट उनकी आकृति और तीन-डाईमेन्शनल कोन्फोरमेशन पर आधारित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:24&lt;br /&gt;
| सुपरइम्पोज़िंग शुरू करने से पहले हम टूल बार में कुछ आइकन्स रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| Favorites मेन्यू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| Add to favorites/Tool bar विकल्प तक नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:37  &lt;br /&gt;
| Preferences डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:40 &lt;br /&gt;
| Category ड्राप-डाउन से Tools चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44 &lt;br /&gt;
| Settings शीर्षक में On Tool bar कॉलम में बॉक्सेस चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53 &lt;br /&gt;
| निम्न के लिए बॉक्सेस चेक करें Command line , Model Panel, Side View &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59 &lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ और MatchMaker  और Match-Align पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| आप अपनी ख़ुद की टूलबार कस्टमाइज़ कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| अपनी ज़रुरत के अनुसार टूल्स चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| पैनल में सबसे ऊपर Tool bar पर आइकन्स जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:19&lt;br /&gt;
| Tool bar की स्थिति बदलने के लिए Toolbar placement बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
| और ड्राप-डाउन मेन्यू से विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29 &lt;br /&gt;
| जब आप टूल बार पर सभी आइकन्स जोड़ लें तो Save बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:35 &lt;br /&gt;
| और डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए Close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| अब स्ट्रक्चर्स विभिन्न स्थितियों में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:43  &lt;br /&gt;
| अब हम MatchMaker फंक्शन उपयोग करके उन स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48 &lt;br /&gt;
| Tool bar पर MatchMaker टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:53 &lt;br /&gt;
| MatchMaker डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
| Reference structure में 3w7f पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:01 &lt;br /&gt;
| अभी के लिए डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स के साथ जारी रखें। OK बटन दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:07&lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| दो स्ट्रक्चर्स एक दूसरे पर सुपरइम्पोज़ होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13&lt;br /&gt;
| दो स्ट्रक्चर्स एक दूसरे पर करीब-करीब पूरी तरह से सुपरइम्पोज़ेबल हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:19&lt;br /&gt;
| एक छोटे से भाग को छोड़कर जो नॉन- सुपरइम्पोज़ेबल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:23 &lt;br /&gt;
| इस नॉन- सुपरइम्पोज़ेबल भाग में शामिल फ्रेग्मेंट एमिनो एसिड नंबर 53 से एमिनो एसिड नंबर 57 तक शुरू होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
| MatchMaker, रेसीड्यू टाइप्स और सेकेंड्री स्ट्रक्चर उपयोग करके सीक्वेंस अलाइनमेंट बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:40&lt;br /&gt;
| और फिर सीक्वेंस-अलाइंड रेसीड्यूज़ को 3D में फिट करता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:44  &lt;br /&gt;
| अब Match-Align टूल को जाँचें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48  &lt;br /&gt;
| टूल बार से Match-Align टूल पर क्लिक करें। एक डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55  &lt;br /&gt;
| चेन्स को चुनने के लिए उनके pdb Ids पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:59 &lt;br /&gt;
| OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
| sequence alignment डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:05  &lt;br /&gt;
| इस बॉक्स में अंतिम बॉक्स में फिट हुए एमिनो एसिड युग्म हलके नारंगी बॉक्सेस जैसे दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:13&lt;br /&gt;
| रेसीड्यू 52-54 पर लूप को छोड़कर स्ट्रक्चर्स लगभग समान हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:21 &lt;br /&gt;
| कर्सर को सम्बंधित एक अक्षर कोड पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:25  &lt;br /&gt;
| 52 से 54 तक रेसीड्यूज़ सीक्वेंस में अन्तराल होने के कारण शिफ्ट होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:33&lt;br /&gt;
| कर्सर उपयोग करके इस भाग को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:41&lt;br /&gt;
| सीक्वेंस का वह चयनित भाग हाईलाइट होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:45&lt;br /&gt;
| यह उस संरचना के नॉन-सुपरइम्पोज़ेबल भाग से मेल खाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50 &lt;br /&gt;
| आप Actions मेन्यू उपयोग करके इस नॉन-सुपरइम्पोज़िंग भागों के रंग बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| Actions मेन्यू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:57  &lt;br /&gt;
| Color तक स्क्रॉल करें। orange-red विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02 &lt;br /&gt;
| अब यह भाग हाईलाइट हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05&lt;br /&gt;
| सिलेक्शन को क्लियर करें और डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| अब दिखाते हैं कि कॉनफॉरमेशन को कैसे मॉर्फ़ (रूप) करते हैं और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15 &lt;br /&gt;
| मॉर्फिंग, वास्तविक इनपुट स्ट्रक्चर्स के बीच इंटरमीडिएट स्ट्रक्चर्स की श्रंखला की गणना करने में शामिल होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23 &lt;br /&gt;
| बने हुए इंटरमीडिएट स्ट्रक्चर्स की श्रंखला को Molecular Dynamics Movie शार्ट में MD Movie की तरह सेव किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:32&lt;br /&gt;
| पैनल पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:34 &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू से मॉर्फिंग टूल शुरू करें।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:37&lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Structure Comparison तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42  &lt;br /&gt;
| Morph conformations विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
| Morph conformations डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:50&lt;br /&gt;
| Add पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:52  &lt;br /&gt;
| Models डायलॉग बॉक्स की परिणामी सूची में कॉन्फोरमेशन्स में जोड़ने के लिए मॉडल नंबर ज़ीरो यानि 3w7f पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03 &lt;br /&gt;
| अगला मॉडल नंबर 1 यानि 2zco पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| फिर 3w7f यानि मॉडल नंबर ज़ीरो पर दोबारा क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16  &lt;br /&gt;
| यह सीक्वेंस एक लिगेंड के मॉर्फ़ ट्रेजेक्ट्री से सम्बंधित है जो स्ट्रक्चर से खोखले स्ट्रक्चर तक और फिर वापस, से जुड़ा है|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| model list डायलॉग बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:29 &lt;br /&gt;
| Morph conformations डायलॉग बॉक्स में Create पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
|कुछ सेकेंड बाद एक MD Movie बनती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:39 &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर डायलॉग बॉक्स दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:42 &lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में मूवी को चलाने के लिए प्ले या पॉज़ बटन्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:42 &lt;br /&gt;
| प्ले करने के लिए एरो पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52  &lt;br /&gt;
| कॉनफोर्मेशन्स की मॉर्फिंग मूवी की तरह प्ले की जा रही है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
| मूवी को पॉज़ करें और MD movie डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
| अब सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:05  &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा एक ही प्रोटीन के लिए भिन्न-भिन्न स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ और तुलना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:12  &lt;br /&gt;
|कॉनफॉरमेशन को मॉर्फ़ (रूप) करना और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16  &lt;br /&gt;
| ट्रेजेक्ट्री को Molecular Dynamics Movie की तरह सेव करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:20&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में PDB कोड 1TAG और 1TND के साथ GTP बाईंडिंग प्रोटीन्स के स्ट्रक्चर्स खोलें।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:31 &lt;br /&gt;
| MatchMaker टूल उपयोग करके स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:34 &lt;br /&gt;
| Sequence Alignment टूल उपयोग करके असमान क्षेत्रों का पता लगाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। इसे डाउनलोड करके देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:48 &lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:57&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है। इस मिशन पर अधिक जानकारी दर्शाए लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09 &lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi"/>
				<updated>2018-02-19T18:51:54Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot;{| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- |00:01  | Attributes पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वाग...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01 &lt;br /&gt;
| Attributes पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर एक प्रोटीन में परमाणुओं को रंग करना। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:18&lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आदर पर रेसीड्यूज़ को रंग करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। यदि नहीं हैं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33 &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla Firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कारकरी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने एक 	Chimera विंडो खोली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:54&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन उपयोग करके Leucine zipper का स्ट्रक्चर खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
|कमांड टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें open 1zik एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:05 &lt;br /&gt;
| पैनल पर मॉडल ribbons की तरह दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10 &lt;br /&gt;
|Presets मेन्यू उपयोग करके डिस्प्ले को Interactive 2 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:14&lt;br /&gt;
| जल अणुओं को छिपाने के लिए कमांड लाइन पर टाइप करें delete solvent, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22  &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को स्टिक्स में बदलने के लिए टाइप करें rep stick, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर में हाइड्रोजन जोड़ने के लिए टाइप करें addh .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36 &lt;br /&gt;
| अब हम सीखते हैं लिंक इस स्ट्रक्चर के लिए atoms और residues के ऐट्रिब्यूट्स को कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:43 &lt;br /&gt;
|  Attributes नामों और वैल्यूज़ के साथ विशेषताएं होते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:47  &lt;br /&gt;
|Chimera में आइटम्स जैसे atoms, bonds, residues और molecule models ऐट्रिब्यूट्स रखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:54&lt;br /&gt;
| Attributes को बदलने के लिए भिन्न-भिन्न तरीके हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57 &lt;br /&gt;
| Favorites मेन्यू उपयोग करके Model Panel खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:01 &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर Model Panel डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05 &lt;br /&gt;
| पैनल के दायीं तरफ attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:10  &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर 1zik के लिए Attributes डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15 &lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स attribute सूची रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18  &lt;br /&gt;
| सूची Molecule Attributes और इसके कंपोनेंट्स Atom, bond और residue attributes रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:28&lt;br /&gt;
| Molecule Attributes चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31 &lt;br /&gt;
| उपलब्ध attributes विंडो पर सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:35 &lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए – एरोमेटिक रिंग्स के डिस्प्ले को बदलने के लिए aromatic display के आगे वाले बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:42&lt;br /&gt;
| ड्राप-डाउन से True चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45  &lt;br /&gt;
| Aromatic ring style में disk चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
| aromatic color के आगे वाले color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53 &lt;br /&gt;
| color editor से रंग चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56 &lt;br /&gt;
|डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें, सभी aromatic rings केंद्र में डिस्क्स के साथ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:06  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ball and stick में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन पर टाइप करें rep bs.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16 &lt;br /&gt;
| Attributes डायलॉग बॉक्स पर परमाणुओं की Van der Walls radii बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22 &lt;br /&gt;
| ball scale की वैल्यू बदलकर 0.5 करें। एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:27  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। परमाणु बहुत बड़े परमाण्विक रेडिआई के साथ दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33  &lt;br /&gt;
| Molecular Attributes चेक बॉक्स पर दोबारा क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:38&lt;br /&gt;
| सूची से Component Atom Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43  &lt;br /&gt;
| तत्स्थानी विंडो में atom style button पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू में बहुत से विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को cpk में बदलने के लिए sphere पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55 &lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:57 &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले में वापस जाने के लिए dot चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:02 &lt;br /&gt;
| अब Component Bond Attributes पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:10&lt;br /&gt;
| यहाँ bond style को stick या wire में बदलने के लिए विकल्प हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13 &lt;br /&gt;
|Component Residue Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
| यहाँ रिबन के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए हमारे पास विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:22 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके पैनल पर स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ribbons में बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:28  &lt;br /&gt;
|अब Attribute डायलॉग बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:32 &lt;br /&gt;
| Attribute डायलॉग बॉक्स में ribbon color के आगे वाले color well पर क्लिक करें. रिबन कलर को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:41&lt;br /&gt;
| color editor को बंद करने के लिए close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46 &lt;br /&gt;
| ribbon और scaling के क्रॉस-सेक्शन (अनुप्रस्थ काट) को बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके दोबारा परमाणुओं के डिस्प्ले क बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00  &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू उपयोग करके Attributes को बदला जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू पर क्लिक करें, Structure Analysis तक नीचे जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|और सब-मेन्यू से Render by Attribute विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:14  &lt;br /&gt;
| Render by attribute डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17 &lt;br /&gt;
| यहाँ atoms, residues, molecules, segmentation regions आदि के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27 &lt;br /&gt;
|atoms चुनें। Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
| उपलब्ध विकल्पों की जाँच के लिए Attribute सूची पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:37&lt;br /&gt;
| सूची दो विकल्प दिखाती है: bfactor और occupancy&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
| ये दो ऐट्रिब्यूट्स इनपुट PDB फाइल से पढ़े जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48 &lt;br /&gt;
| bfactor चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50 &lt;br /&gt;
| रंगीन उर्ध्वाधर बार्स के साथ वैल्यूज़ का एक हिस्टोरम दिखेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  B-factor वैल्यूज़ मैक्रोमॉलिक्यूल्स में गतिशीलता की माप देती हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:01&lt;br /&gt;
| कम B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो सुव्यवस्थित है, से सम्बंधित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08 &lt;br /&gt;
| बड़े B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो बहुत लचीला है, से सम्बंधित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15 &lt;br /&gt;
| प्रोटीन स्ट्रक्चर के लिए PDB फाइल B-factor जानकारी रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
| पैनल पर वापस आएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
| उर्ध्वाधर बार्स माउस से हिस्टोग्राम के साथ ड्रैग की जा सकती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29 &lt;br /&gt;
| B-factor की वैल्यू Value टेक्स्ट बॉक्स में दिखती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34 &lt;br /&gt;
| नीली उर्ध्वाधर बार को ज़ीरो तक लाल को 100 तक ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:41&lt;br /&gt;
| फिर सफ़ेद बार को 50 पर फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:45  &lt;br /&gt;
| Colors बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48 &lt;br /&gt;
| color atoms, keep opaque और color surfaces विकल्पों को चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:55&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट कलर palette blue और red है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| आप कलर palette को ड्राप-डाउन से बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:04  &lt;br /&gt;
| Apply बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07 &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। बड़े B-factor वाले परमाणु लाल में और कम वाले नीले में दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16 &lt;br /&gt;
| अपेक्षित की तरह बड़े B-factors के परमाणु स्ट्रक्चर के बाहर की तरफ हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:22 &lt;br /&gt;
| अब रेसीड्यूज़ के ऐट्रिब्यूट्स को बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:26 &lt;br /&gt;
| Select by Attribute डायलॉग बॉक्स में, Attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
|ड्राप डाउन से residues चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36 &lt;br /&gt;
| Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ में लिए वो ऐट्रिब्यूट्स kdHydrophobicity scale रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू से kdHydrophobicity पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48 &lt;br /&gt;
| हिस्टोग्राम में वैल्यूज़ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52  &lt;br /&gt;
|kdHydrophobicity scales वो वैल्यूज़ हैं जो एमिनो एसिड रेसीड्यूज़ की रिलेटिव hydrophobicity परिभाषित करती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:00 &lt;br /&gt;
| KdHydrophobicity वैल्यूज़ hydrophobic residues के लिए पॉज़िटिव और polar residues के लिए नेगेटिव होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ की Hydrophobicity colors या worms में देखी जा सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15 &lt;br /&gt;
|Colors चुनें। डिफ़ॉल्ट रूप से कुछ पैरामीटर्स चयनित हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
|Apply बटन पर क्लिक करें। पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
|hydrophobic residues का रंग लाल और polar residues का रंग नीला होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
| Worms बटन पर क्लिक करें. Apply पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
|Worms संशोधित रिबन्स हैं जो जिनकी रेडियस (त्रिज्या) परिवर्तित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| अधिकतर hydrophobic residues स्ट्रक्चर के अन्दर की तरफ होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से ज़्यादा hydrophobic residues बड़ी रेडियस के दिखेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर को सामान्य ribbon में वापस जाने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:03&lt;br /&gt;
| worm-style पर क्लिक करें और non-worm विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:12 &lt;br /&gt;
|File मेन्यू उपयोग करके Chimera सेशन बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16 &lt;br /&gt;
| इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स को बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:25 &lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर प्रोटीन में परमाणुओं को कलर करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35 &lt;br /&gt;
| नियत कार्य में पैनल पर hemoglobin (PDB code: 2HCO) का मॉडल खोलें. B-factor वैल्यूज़ के आधार पर परमाणुओं को कलर करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:44 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:49 &lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:56&lt;br /&gt;
|  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:04&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10 &lt;br /&gt;
|आई आई ती बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।  &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Component-oriented-modeling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Component-oriented-modeling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Component-oriented-modeling/Hindi"/>
				<updated>2018-02-03T19:27:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार ''Component oriented modeling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  model को कैसे शुरू करना है, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||connector class कैसे परिभाषित करना है औरcomponent models का उपयोग करके '''simple electric circuit''' के मॉडल को कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:21&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' ऊबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:31&lt;br /&gt;
||लेकिन यह प्रक्रिया निम्न में से किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए आपको '' 'Modelica' '' में एक क्लास को परिभाषित करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
||आपको जानकारी होनी चाहिए कि  '''package''' और '''Icon and Diagram Views''' को परिभाषित कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:51&lt;br /&gt;
|| पूर्व आवश्यक ट्यूटोरियल्स का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया उनके माध्यम से जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
||अब '''Class Instantiation''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
||'' Modelica classes' ' को इंस्टैंशिएट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति को मानव '' '' class '' का एक उदाहरण माना जा सकता है। '' 'class' का उदाहरण class  के समान वैरिएबल और समीकरण होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
||  '''Class Instantiation'''  के लिए सिंटेक्स प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| अब, हम एक उदाहरण के माध्यम से इसे समझते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध सभी फाइल्स को डाउनलोड करें और सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| मैं  OMEdit पर जाता हूँ। निम्नलिखित फाइल्स '' 'OMEdit' '' में पहले से ही खुली हैं: ''''classInstantiationExample''' और '''simpleCircuit'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| classInstantiationExample पर डबल-क्लिक करें। अब इसclass के बारे में ओर चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| बेहतर दृश्यता के लिए मैं '' OMEdit '' विंडो को बाईं ओर स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| यहां, मैंने '''object1''' और '''object2''' नाम वाले दो ऑब्जेक्ट्स को बनाने के लिए '' bouncingBall class '' को इंस्टैंशिएट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि प्रत्येक '' 'instance' '' की ऊंचाई वेरिएबल h के लिए भिन्न प्रारंभिक वैल्यूज हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
||  '' bouncingBall '' मॉडल के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
|| अब इस क्लास को सिमुलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| टूलबार में  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
|| क्लास सिमुलेट नहीं होता और एक एरर देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| यह इसलिए क्योंकि  bouncingBall क्लास OMEdit में नहीं खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| bouncingBall क्लास खोलें,  जिसे आपने वेबसाइट से डाउनलोड किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब, एक बार फिर से इस क्लास को सिमुलेट करें। पॉप-अप विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें,  class इस बार सफलतापूर्वक सिमुलेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| यह अभ्यास दर्शाता है कि एक '' 'class' '' OMEdit '' में खुला होना चाहिए, जिसे इंस्टैंशिएट किया जाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| '' object1 1' ''  वेरिएबल का '''variables browser''' में विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि यहां सूचीबद्ध वेरिएबल्स '' '' bouncingBall class '' में घोषित किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
|| ये वेरिएबल '' ' object1' 'और' ' object2' 'का हिस्सा हैं, क्योंकि' 'bouncingBall class' 'के समायोजन के उदाहरण हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||अब परिणाम डिलीट करें और स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|| Component orientation अन्य मॉडलिंग औऱ सिमुलेशन सॉफ्टवेयर के अलावा  Modelica सेट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
||यह '''Modelica' '' की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
||  '' 'component' '' मॉडल सिंगल फिजिकल फेनोमेनन का प्रतिनिधित्व करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| उन्हें तत्काल और वांछित प्रभाव उत्पन्न करने के लिए जोड़ा जा सकता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, '' RLC circuit '' को '''resistor, inductor''' और '''capacitor''' मॉडल से विकसित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| ' 'Acausal connectors' 'कंपोनेंट instances के बीच इंटरफेस के रूप में काम करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| वे '' 'connector class' '' का प्रयोग करके परिभाषित होते हैं उदाहरण के लिए, '' pins '' 'को विद्युत घटकों के लिए' '' 'connectors' 'के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| हम इस बारे में अधिक सीखेंगे जब हम एक इलेक्ट्रिक सर्किट के उदाहरण को सिमुलेट करने की कोशिश करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| '' Connectors '' ' में एक्रोस और फ्लो वेरिएबल होते हैं और वे समीकरण शामिल नहीं कर सकते।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| अब, हम स्लाइड में दिखाए गए '' Electric Circuit '' को सिमुलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| बैटरी का वोल्टेज '''{VoSin(2pift)}''' द्वारा दिया जाता है, जहां '''Vo'''    '''10''' Volts है, '''f'''    '''1''' Hz है और प्रतिरोध '' '5' ' ohm है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| पिछली स्लाइड में दिखाए गए '' electric circuit '' को मॉडल करने के लिए, हम '' 'Solution Methodology' '' पर नजर डालते हैं: ध्यान दें कि किसी भी  '''Resistor''' और '''Voltage Source''' के दो पिन्स हैं: '''Positive''' और '''Negative'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
|| इसलिए, एक '''pin''' नामक '' 'connector' '' को परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| pin connector के एक उदाहरण के साथ एक '' 'class' '' नामक '' Ground '' को परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
|| '' 'Resistor' '' नामक क्लास को परिभाषित करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| Resistor class में '' pin connector '' के दो उदाहरण हैं: '''Positive pin''' और '''Negative pin''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| जैसा कि हमने ''resistor class'' के मामले में देखा है, ''pin connector '' के दो उदाहरणों के साथ '' 'VoltageSource नामक क्लास को परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:46&lt;br /&gt;
||SimpleCircuit नामक क्लास परिभाषित करें। simpleCircuit   '''Resistor''' और '''VoltageSource''' का उदाहरण होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| Resistor, ''ground''' और '''VoltageSource'' के संबंधित पिन्स को कनेक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:02&lt;br /&gt;
|| आवश्यक घटक मॉडलों को पहले से प्रोग्राम किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
||इसलिए, मैं '' 'Solution Methodology' 'के केवल अंतिम दो चरणों का प्रदर्शन करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
|| OMEdit पर जाएँ।  Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
||मैं '' OMEdit '' विंडो को दाईं ओर स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| '' 'Libraries Browser' '' में '' 'simpleElectricCircuit' 'पैकेज का विस्तार करें' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि इस पैकेज में पांच '' 'classes' ' दिए गए हैं: '''pin''',  '''Ground''',  '''Resistor''',   '''Voltage Source''' और   '''circuit'''. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
||simpleElectricCircuit पर डबल-क्लिक करें।  ClassinstantiationExample बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
||मैं बेहतर दृश्यता के लिए 'OMEdit' विंडो को एक बार फिर से बाईं ओऱ स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:54&lt;br /&gt;
|| '''Modelica.Siunits''' पैकेज simpleElectricCircuit पैकेज में इम्पोर्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||इसलिए, उस पैकेज में type डेफिलिशन,  पूरे नामों के संदर्भ के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| '''pin connector'' को समझने की कोशिश करते हैं। थोडा नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| Pin को  connector class का उपयोग करके परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
|| '' Voltage '' 'और' '' current '' वेरिएबल्स हैं जो अपने परिवेश के साथ एक '' pin '' बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
||Pin पर  Potential   v द्वारा परिभाषित किया गया है। '''Voltage''' और '''Current'''     Modelica library के  Siunits पैकेज में  types डिफाइन्ड हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
||Voltage पास कंपोनेंट इसके माध्यम से प्रवाह करने के लिए एक मौजूदा कारण बनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:44&lt;br /&gt;
||इसलिए,  current   flow वैरिएबल है और इसे flow keyword का उपयोग करके परिभाषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| '' 'pin connector' 'में भी' 'Icon view' ''  है जो '' annotations '' ' द्वारा निर्दिष्ट है, जैसा दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| अबResistor class के बारे में चर्चा करते हैं। थोडा और नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| जैसे कि  Solution Methodology में चर्चा की गई है,  Resistor class में  pin connector के दो उदाहरण हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
||P   positive pin को दर्शाता है औरn   negative pin को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:18&lt;br /&gt;
|| अब, मैं आपको बताती हूं कि '' OMEdit '' के '' drag and drop '' ' फंक्शन का उपयोग करके  class कैसे इंस्टैंशिएट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:26&lt;br /&gt;
|| यह प्रदर्शित करने के लिए, '' Ctrl + N '' 'का उपयोग करके एक नया' '' class '' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
|| इसे '''class example1''' नाम दें और Ok दबाएँ।  OMEdit विंडो को दाईं ओर शिफ्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
|| Diagram View पर जाएँ, यदि क्लास  Text View में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| अबpin class इंस्टैंशिएट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
||Libraries Browser में pin आइकन पर लेफ्ट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||Diagram लेयर में आइकन पकड़कर रखें और ड्रैग करें। इसे कैनवास पर किसी भी स्थान पर छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:04&lt;br /&gt;
||अब हम '' pin class '' का '' instance '' बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
||जैसा कि दिखाया गया है, आप इसे छोड़ने के बाद भी डायमेंशन और लोकेशन बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:16&lt;br /&gt;
|| अब देखते हैं कि यह क्लास कैसे Text View में इंस्टैंशिएट है।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
||Diagram View में अपने प्लेसमेंट के आधार पर '' 'class pin' 'और' 'annotation' 'के इंस्टैंशिएट के लिए कमांड पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||इसलिए, '''Diagram View'''  में क्लास का एक उदाहरण बनाना स्वतः ही '''Text View''' में प्रतिबिंबित होता है। '''example1''' टैब बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
||सीखते हैं कि electric circuit कैसे मॉडल करना है,जिसे हमने स्लाइड में देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
|| Circuit आइकन पर डबल-क्लिक करें, जो कि simpleElectricCircuit पैकेज का भी भाग है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:58&lt;br /&gt;
||इस '' 'class' 'में पहले से ही हमारे सर्किट की इंटरेस्ट एसेंबल है, जैसा कि' 'Diagram View' 'में देखा जा सकता है। यह सिमुलेट होने के लिए तैयार है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| लेकिन, नई फाइल में समान  circuit बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
||हम '' 'drag and drop' '' फंक्शन का उपयोग करेंगे जो हमने अभी सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:19&lt;br /&gt;
|| Ctrl + N दबाएँ। इस फाइल को  circuit(underscore)construction नाम दें।  OK दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
|| Diagram View पर जाएँ, यदि यह Text View में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:32&lt;br /&gt;
|| Libraries Browser से drag and drop '''VoltageSource'''  चुनें। आप अपने अनुसार डायमेंशन बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:43&lt;br /&gt;
|| इसीतरह,  Libraries Browser से drag and drop  '''Resistor''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| इसी तरह  Ground class के साथ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
|| अब, हमें प्रत्येक कंपोनेंट के संबंधित 'pins' '' से जुड़ने की जरूरत है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले,  Resistor के 'positive pin''' के लिए  Voltage Source के  positive pin को जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
||Voltage Source के बाएँ पिन पर घुमाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
||प्रदर्शित टेक्स्ट, इंगित करता है कि यह '''positive pin p''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:17&lt;br /&gt;
|| Pin पर लेफ्ट क्लिक करें और कर्सर को Resistor के बाएँ pin के पास ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
||जब कर्सर ऐरो से क्रास में बदल जाय माउस छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:30&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, resistor के negative pin को voltage source के  negative pin से कनेक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| सर्किट आरेख में हमने '' 'Ground' 'के साथ कनेक्शन का उल्लेख नहीं किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
||लेकिन, हम व्यक्तिगत रूप से Resistor औरVoltage Source के negative pins को Ground से कनेक्ट करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
||यह  circuit में  potential के संदर्भ बिंदु को सुनिश्चित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
||अब, यह class पूर्ण हो गया है।  Ctrl + S दबाकर क्लास सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:04&lt;br /&gt;
|| Simulate बटन पर क्लिक करें। पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:10&lt;br /&gt;
||Class सफलतापूर्वक सिमुलेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
||मैं Variables browser की बेहतर दृश्यता के लिए 'OMEdit' 'विंडो को बाईं ओर स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:20&lt;br /&gt;
|| Variables Browser में Resistor कॉलम का विस्तार करें और  Ir चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, प्रोफाइल  sinusoidal अपेक्षित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||चूंकि '' Voltage Source '' 'DC' '' के बजाय 'AC' 'स्रोत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| इसलिए, हमने इसके कंपोनेंट्स भागों से एक मॉडल बनाया है और इसे सिमुलेट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:44&lt;br /&gt;
||हम अगले ट्यूटोरियल में '' 'Resistor' 'और' 'Voltage Source classes' 'के बारे में और अधिक सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:59&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य के रूप में, एक  Voltage Source के साथ,  series में दो  resistors के साथ  electric circuit बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:07&lt;br /&gt;
||'' simple electric circuit '' पैकेज में प्रदान किए गए '' Voltage source '' और '' Resistor '' के लिए कंपोनेंट मॉडल का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें:  [http://spoken-tutorial.org/ org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial &lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:21&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करते हुए कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:26&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस ट्यूटोरियल से प्रश्न हैं, तो नीचे दी गई वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:32&lt;br /&gt;
||हम लोकप्रिय पुस्तकों के हल उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:38&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में मदद करते हैं अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:47&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:54&lt;br /&gt;
||हम समर्थन के लिए '''OpenModelica''' की डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं। &lt;br /&gt;
यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ,धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Icon-and-Diagram-Views/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Icon-and-Diagram-Views/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Icon-and-Diagram-Views/Hindi"/>
				<updated>2018-01-31T12:21:17Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार, ''Icon and Diagram Views''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि क्लास के '''icon and diagram views''' को कैसे निर्दिष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:14&lt;br /&gt;
||'''Icon/Diagram View''' में '''polygon''' और '''ellipse''' कैसे प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica version 1.9.2'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
||आप इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए निम्नलिखित ऑपरेटिंग सिस्टम्स में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं: '''Linux, Windows, Mac OS X''' या ARM पर '''FOSSEE OS'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए, आपको '' 'Modelica' '' में क्लास की परिभाषा के ज्ञान की आवश्यकता है आपको ज्ञान होना चाहिए कि एनोटेशन को निर्दिष्ट कैसे करते हैं।&lt;br /&gt;
 |-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
||पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
|| '''Icon and Diagram Views''' मॉडल को ग्राफिकली देखने में सक्षम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||'' 'Annotations' 'का उपयोग मॉडल के '''Icon and Diagram Views''' को निर्दिष्ट करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09&lt;br /&gt;
||'' 'Icon View' '' को ''Icon Annotation' '' '' का उपयोग करके निर्दिष्ट किया गया है जबकि '' 'Diagram View' '' को '' Diagram Annotation '' 'का उपयोग करके निर्दिष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||वे '''component-oriented modeling''' के लिए ड्रैग और ड्राप कार्यक्षमता को सक्षम करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:25&lt;br /&gt;
||हम आने वाले ट्यूटोरियल में इस फीचर्स के बारे में अधिक चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:30&lt;br /&gt;
|| अब, '''Icon and Diagram Annotations''' के सिंटैक्स को समझने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:37&lt;br /&gt;
||जैसा कि हमने पिछले ट्यूटोरियल में देखा है, '' annotations '' को' '' 'records' 'के रूप में बेहतर समझा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:44&lt;br /&gt;
||इसलिए, Icon and Diagram annotations को coordinateSystem के साथ  records के रूप में और फिल्ड्स के रूप में  graphics माना  जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:55&lt;br /&gt;
||हम उनमें से प्रत्येक को व्यक्तिगत रूप से देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| coordinateSystem को निम्नलिखित फिल्ड्स के साथ  record के रूप में माना जा सकता है:  '''extent''', '''initialScale''',  '''preserveAspectRatio''' और  '''grid'''. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||हम एक उदाहरण के माध्यम से उन्हें समझेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
||यहाँ ''Icon/Diagram Annotation'' के सिंटैक्स को प्रदर्शित करने वाला एक उदाहरण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
|| अब मैं  OMEdit पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
||हम '''icon and diagram annotations'''  को  bouncingBallWithAnnotations नामक उदाहरण के माध्यम से समझेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
||कृपया इस फाइल को हमारी वेबसाइट से डाउनलोड करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
||इस मॉडल का पिछले ट्यूटोरियल में उपयोग किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
||कृपया इस मॉडल के बारे में अधिक जानकारी के लिए पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:48&lt;br /&gt;
||मैंने OMEdit  में पहले ही bouncingBallWithAnnotations खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
||'''Libraries Browser''' में इसके आइकन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| मॉडल '''Icon View''' में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
||Icon View पर जाएँ, यदि यह '''Diagram''' या  '''Text View''' में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| बेहतर दृश्यता के लिए मैं '' OMEdit '' विंडो को बाईं ओर स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| आप इस मॉडल के '' 'Icon View' '' में सफेद पृष्ठभूमि पर एक वृत्त देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:21&lt;br /&gt;
||मैं canvas के रूप में '' Icon View '' में सफेद स्थान की चर्चा कर रही हूं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '' 'canvas' '' ग्रिड में विभाजित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
||पहले हम सीखेंगे कि canvas के प्रॉप्रटीज को कैसे मैनिपुलेट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
||फिर हम सीखेंगे कि '''circle''' और '''polygon''' कैसे प्रविष्ट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:43&lt;br /&gt;
||Circle के बगल में कैनवास पर राइट क्लिक करें।  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:51&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स पॉप अप प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
||ध्यान दें यहाँ '''Extent''',  '''Grid''' और  '''Component''' नामक श्रेणियां हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
|| Extent,  canvas की सीमा का प्रतीक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
|| '''Left''' और '''Top''' नाम वाले फिल्ड  canvas के शीर्ष बाएँ कोने के निर्देशांक से मेल खाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
||Left क्षैतिज निर्देशांक से मेल खाता है और  Top ऊर्ध्वाधर निर्देशांक से मेल खाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, '' Bottom '' '' और '' Right '' 'canvas' 'के निचले दाहिने कोने के निर्देशांक के अनुरूप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| अब,  Left फिल्ड को -200 यूनिट्स में बदलें। Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:41&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें, कैनवास 100 यूनिट्स द्वारा विस्तारित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर से कैनवास पर राइट क्लिक करें और  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
|| '' 'Grid' '' ग्रिड के आकार का प्रतीक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, '''extent''' और '''grid''' के यूनिट्स '''Scale Factor''' से भिन्न होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:04&lt;br /&gt;
||ग्रिड में क्षैतिज फ़ील्ड को 4 यूनिट्स में बदलें।  OK  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '' canvas '' 'में ग्रिड का आकार बढ़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:16&lt;br /&gt;
|| '''Icon View ''' की इन प्रॉप्रटीज को भी '''Text View''' में 'Icon annotation'' का उपयोग करके मैनिपुलेट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '' Icon View' 'में कोई भी परिवर्तन तदनुसार' 'Icon annotation' 'में दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| इसे समझने की कोशिश करते हैं।  modeling भाग के शीर्ष पर जाएँ और '''Text View'' पर क्लिक करें। थोडा सा नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| CoordinateSystem, जैसे हमने स्लाइड्स में देखा,  Icon एनोटेशन में एक फील्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:50&lt;br /&gt;
|| extent  coordinateSystem में फील्ड है। इसमें संख्याओं के दो युग्म हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
||हमने पहले से ही देखा है कि Properties डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके  extent  कैसे मैनिपुलेट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
||संख्याओं का पहला युग्म '''{-200,-100}''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:09&lt;br /&gt;
|| इस युग्म की पहली संख्या '' -200 '' 'है जो कैनवास के ऊपरी बाएं कोने के क्षैतिज निर्देशांक को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, '' -100 '' 'उसी बिंदु के ऊर्ध्वाधर निर्देशांक को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| दूसरा युग्म सफेद स्थान के नीचे दायें कोने के निर्देशांक का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि ये चार संख्याएँ ''top, bottom, left''' और '''right'' फिल्ड्स के अनुरूप हैं, हमने  Properties डायलॉग बॉक्स में देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| अब, '''Icon View''' के Properties डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके extent परिवर्तित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:52&lt;br /&gt;
||फिर हम देखेंगे कि क्या यह  Text View के  annotation में तदनुसार परिवर्तित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| मैं '''Icon View''' पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर राइट क्लिक करें और  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
|| Left फिल्ड को -150.00 परिवर्तित करें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
|| '''Text View'' पर क्लिक करें। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि extent में निर्देशांक का पहला युग्म'' '-200, -100}' 'से  '' {-150, -100} ''  में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||यह हमारे द्वारा Properties डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके '' Icon View '' में किए गए बदलाव के कारण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
||इसलिए, '' Icon annotation '' में कोई भी बदलाव '' Icon View '' और इसके विपरीत में एक समान परिवर्तन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
||  '' coordinateSystem '' जैसे '' ScaleFactor '' के अन्य फिल्ड्स की चर्चा इस ट्यूटोरियल के दायरे से परे है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| हमने पहले ही इसके एलिमेंट्स के रूप में  '''coordinateSystem''' और '''graphics'''      Icon एनोटेशन की चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
||graphics record में निम्नलिखित चीजें हो सकती हैं:'''Line''' , '''Rectangle''' , '''Ellipse''' , '''Polygon''', '''Text''' और  '''Bitmap'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
||अब, हम चर्चा करेंगे कि इन आइट्म्स को ''Icon and Diagram views'' में कैसे प्रविष्ट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
|| मैं OMEdit पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| हम इन एनोटेशन को तीन चरण में सीखेंगे।  bouncingBallWithAnnotations में पहले से ही एक  circle है जो इसके '''Icon View''' में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
||Circle को  Ellipse एनोटेशन के जरिए प्राप्त किया जाता है। पहले इसकी प्रॉपर्टीज को बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें  Ellipse को सम्मिलित किया गया है और इसकी प्रॉप्रटीज आइकन एनोटेशन के ग्राफिकल फिल्ड में निर्दिष्ट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:59&lt;br /&gt;
||मैं '''Icon View''' पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:02&lt;br /&gt;
|| circle  में नीले स्थान पर राइट क्लिक करें। Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| OriginX    ellipse के केंद्र का क्षैतिज निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
||इसीतरह,  OriginY    ellipse के केंद्र का ऊर्ध्वाधर निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
|| Extent1X    ellipse पर सबसे बाएँ बिंदु  का क्षैतिज निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
||Extent1Y    ellipse पर सबसे शीर्ष बिंदु  का ऊर्ध्वाधर निर्देशांक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| इसीतरह,  '''Extent2X''' और '''Extent2Y'''    ellipse पर सबसे दाएँ और सबसे नीचे बिंदु के अनुरूप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
||'' 'Line Style' '' का उपयोग बॉर्डर लाइन के प्रॉपर्टीज को बदलने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| '''Line Style''' के नीचे  Color पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:57&lt;br /&gt;
||यह आपको बॉर्डर का रंग बदलने की अनुमति देता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
||मैं रेड चुनती हूँ और OK पर क्लिक करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:05&lt;br /&gt;
||  '''Line Style''' में  Pattern ड्रॉप-डाउन मेन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
||यह आपको बॉर्डर के पैटर्न को बदलने की अनुमति देता है। मैंने  solid line चुना ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
|| Thickness फिल्ड बॉर्डर की मोटाई निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:21&lt;br /&gt;
||इसे '''0.5''' यूनिट में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
|| लाल रंग के बॉर्डर में परिवर्तन और मोटाई में वृद्धि पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|| अब एक बार फिर से सर्कल पर राइट क्लिक करें और  Properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| '''Fill Style''' में  Color पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| ''Color Palette'' में  Black चुनें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
||यह रंग '' 'ellipse' '' के अन्दर रंग भरने के लिए रंग को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
|| अब  Fill Pattern ड्रॉप-डाउन मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
||FillPattern.Horizontal चुनें और  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि रंग काला हो गया और पैटर्न को ठोस से क्षैतिज रेखाओं में बदल गया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
|| Ellipse एनोटेसन को समझने के लिए '''Text View''' पर जाएँ। '''Text View''' पर क्लिक करें। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||LineColor तीन संख्या लेता है जो कि बॉर्डर के रंग को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
||इनमें से प्रत्येक संख्या  '' '0' 'और' '255' 'के बीच वैल्यू ले सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
||वे रंग के '' 'RGB' 'तीव्रता के अनुरूप हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
|| '' 'fillPattern' 'इंटीरियर में भरे जाने वाले पैटर्न को निर्दिष्ट करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
|| '' extent '' ' '' 'coordinateSystem' के' extent'' '' फिल्ड के संदर्भ में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
||LineThickness बॉर्डर की मोटाई को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि इन सभी फिल्ड्स को '' 'Properties' '' डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके बदला जा सकता है जैसा हमने पहले ही देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:10&lt;br /&gt;
||अब मैं टूलबार का उपयोग करके नए  ellipse बनाने के लिए  Icon View पर जाती हूँ।'''Icon View''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:19&lt;br /&gt;
|| मैं कुछ जगह खाली करने के लिए मौजूदा '' 'सर्कल' को फिर से व्यवस्थित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| Circle पर राइट-क्लिक करें और  properties चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| Extent2Y को 0 यूनिट में परिवर्तित करें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:35&lt;br /&gt;
|| अब नए ellipse को प्रविष्ट करने के लिए, टूलबार में  Ellipse बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:42&lt;br /&gt;
|| Canvas में कहीं लेफ्ट क्लिक करें और माउस को पकड कर खींचे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:50&lt;br /&gt;
||ellipse  बनने के बाद माउस छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| ellipse पर राइट क्लिक करें और अपने पसंद की प्रॉप्रटीज बदलने के लिए  Properties चुनें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, आप Tool Bar का उपयोग करके '''Line, Polygon, Rectangle''' और '''Text''' प्रविष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:13&lt;br /&gt;
|| अब, मैं Diagram View को समझाती हूँ।  Diagram View पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि एक लाइन यहां प्रविष्ट है इस लाइन की प्रॉप्रटीज को '' '' Diagram '' एनोटेशन में निर्दिष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| Diagram एनोटेशन को समझने के लिए '''Text View''' पर जाएँ। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:35&lt;br /&gt;
|| Diagram एनोटेशन इसके सिंटैक्स में Icon एनोटेशन के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
||इसमें इसके कंपोनेंट रिकॉर्ड के रूप में '''coordinateSystem''' और '''graphics'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:47&lt;br /&gt;
|| Diagram View में प्रविष्ट ' 'Line'  की प्रॉप्रटीज को यहां निर्दिष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:53&lt;br /&gt;
||'' Line '' 'एनोटेशन के फिल्ड्स को आसानी से समझा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:58&lt;br /&gt;
||अब, हम '''Icon और Diagram Views''' के बीच अंतर को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:04&lt;br /&gt;
|| मैं '' OMEdit '' विंडो को दाईं ओर स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:09&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + S''' दबाकर मॉडल सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:13&lt;br /&gt;
|| '' Icon View '' 'में दिखाए गए आंकड़े' '' Libraries Browser '' में एक आइकन के रूप में दिखाई देते हैं, जैसा कि यहां देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:22&lt;br /&gt;
|| जबकि '' 'Diagram View' '' component-oriented modeling '' 'में काफी प्रयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:29&lt;br /&gt;
||हम आने वाले ट्यूटोरियल में '' 'component-oriented modeling' 'के बारे में अधिक सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:35&lt;br /&gt;
|| अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:39&lt;br /&gt;
|| '' 'Ellipse' 'में निम्नलिखित फ़ील्ड हैं जिनकी हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:44&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में, मॉडल के '' Icon View '' में एक '''line, polygon, rectangle''' और '''text'''  प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:53&lt;br /&gt;
||उनकी प्रॉप्रटीज को संशोधित करें और उनके एनोटेशन को समझें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:58&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:02&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:08&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:14&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:20&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय पुस्तकों के हल उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं। कृपया दिखाए गए वेबसाइट पर जाएँ&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:28&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में मदद करते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:33&lt;br /&gt;
||कृपया हमारे लैब माइग्रैशन प्रोजेक्ट पर अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:39&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||15:46&lt;br /&gt;
|| हम समर्थन के लिए '' OpenModelica '' की डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं। यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आई आई टी से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Structure-Analysis/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C3/Structure-Analysis/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Structure-Analysis/Hindi"/>
				<updated>2018-01-29T12:37:27Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:01&lt;br /&gt;
| | Structure Analysis पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:05&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: स्ट्रक्चर में परमाणुओं के बीच की दूरी नापना, हाइड्रोजन बांड्स दिखाना, नॉन-पोलर इंटरेक्शन्स पहचानना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:16&lt;br /&gt;
| और विभिन्न rotamers प्राप्त करने के लिए रेसीड्यूज़ में बांड्स को घुमाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:21&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए, यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:30&lt;br /&gt;
| | यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04,Chimeraवर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0, और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:46&lt;br /&gt;
| | यहाँ मैंने एक Chimera विंडो खोली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:49&lt;br /&gt;
| | कमांड लाइन उपयोग करकेSqualene Synthase का एक स्ट्रक्चर खोलें.यह pdbकोड 3w7f के साथ एक Transferace एंजाइम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:00&lt;br /&gt;
| |कमांड लाइन पर टाइप करें Open space 3w7f एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
| | एंजाइम का एक मॉडल पैनल पर दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:12&lt;br /&gt;
| | Presets मेन्यु उपयोग करके डिस्प्ले को Interactive 1 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:18&lt;br /&gt;
| | प्रोटीन दो कॉपीज़ की तरह दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:21&lt;br /&gt;
| |किसी भी एक कॉपी को मिटाने के लिए टाइप करें delete colon dot a एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:29&lt;br /&gt;
| | स्ट्रक्चर से साल्वेंट अणुओं को मिटने के लिए टाइप करें delete solvent एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:37&lt;br /&gt;
| | इस स्ट्रक्चर में ligand, farnesylthiopyrophosphate है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:43&lt;br /&gt;
| | कमांड्स उपयोग करके ligand रेसीड्यूज़ को लेबल करें.टाइप करें rlabelस्पेस ligand एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:53&lt;br /&gt;
| | दो farnesylthiopyrophosphate हैं जोकि इस स्ट्रक्चर में शोर्ट में FPS है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:01&lt;br /&gt;
| |स्ट्रक्चर्स sticks डिस्प्ले में दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:05&lt;br /&gt;
| | स्ट्रक्चर को घुमाएं और ज़ूम इन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:08&lt;br /&gt;
| | बहुत सी साइड चेन्स हैं जो हाइड्रोजन बांड्स को FPS के phosphate oxygens में डोनेट कर सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:15&lt;br /&gt;
| |कर्सर को साइड चेन रेसीड्यू में परमाणुओं पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:21&lt;br /&gt;
| | Serine 21 रेसीड्यू पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:23&lt;br /&gt;
| |अब Serine 21 के ऑक्सीजन और करीबी FPS के phosphate oxygen के बीच की दूरी नापते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:32&lt;br /&gt;
| | दूरी नापने के लिए Serine 21 रेसीड्यू के ऑक्सीजन को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:37&lt;br /&gt;
| | CTRL key दबाकर रखें और Serine 21 के साइड चेन ऑक्सीजन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:43&lt;br /&gt;
| | एक साथ CTRL और Shift कीज़ दबाते हुए FPS के करीबी फॉस्फेट ऑक्सीजन पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| | कॉन्टेक्स्ट मेन्यु से Show Distance चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:56&lt;br /&gt;
| | पैनल का निरिक्षण करें.दोनों परमाणुओं के बीच की दूरी दिखती है। सिलेक्शन क्लियर करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:04&lt;br /&gt;
| | उसी प्रकार Tyrosine के साइड चेन ऑक्सीजन और FPS के उसी फॉस्फेट ऑक्सीजन के बीच की दूरी नापें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:15&lt;br /&gt;
| | हाइड्रोजन बांड्स के साथ दूरियाँ एक सी दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:20&lt;br /&gt;
| | हाइड्रोजन बांड्स डोनर और एक्सेप्टर दूरियों के आधार पर इस प्रकार वर्गीकृत किये गए हैं: 2.2 से 2.5 Angstroms मज़बूत, 2.5 से 3.2 सामान्य, 3.2 से 4.0 कमज़ोर। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:36&lt;br /&gt;
| | अब Select  मेन्यु उपयोग करके ligand चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:40&lt;br /&gt;
| |रेसीड्यू विकल्प तक नीचे जाएँ सब-मेन्यु से FPS पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:46&lt;br /&gt;
| | FPS से बने हाइड्रोजन बांड्स को खोजने का आसान तरीका Tools मेन्यु से Find Hydrogen bond विशेषता उपयोग करना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:55&lt;br /&gt;
| | Structure Analysis विकल्प में FindHbond पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:01&lt;br /&gt;
| |  H-Bond Parameters डायलॉग खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
| | रंगीन बॉक्स पर क्लिक करके हाइड्रोजन बांड के रंग को फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:09&lt;br /&gt;
| | लाइन की चौड़ाई मोटी लाइन के लिए 3.0 फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:13&lt;br /&gt;
| | Label Hydrogen bond with distance के सामने वाले चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:21&lt;br /&gt;
| | Only find H-bonds with at least one end selected पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:26&lt;br /&gt;
| | और Write information to reply log पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:31&lt;br /&gt;
| | OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:33&lt;br /&gt;
| | पैनल का निरिक्षण करें. हाइड्रोजन बांड्स उल्लिखित रंग और लाइन की चौड़ाई के साथ pseudo बांड्स की तरह दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:42&lt;br /&gt;
| | बांड्स का विवरण Reply log पर देखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:45&lt;br /&gt;
| |Favorites मेन्यु उपयोग करके Reply log खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:49&lt;br /&gt;
| | प्रत्येक हाइड्रोजन बांड के बारे में जानकारी यहाँ दी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:53&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:55&lt;br /&gt;
| | यदि आप स्ट्रक्चर से हाइड्रोजन बांड्स हटाना चाहते हैं तो कमांड लाइन पर टाइप करें: Tilda सिंबल के बाद hbond एंटर दबाएँ।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |05:07&lt;br /&gt;
| | Structure Analysisविकल्प में Tools मेन्यू में एक अन्य विशेषता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:13&lt;br /&gt;
| |यह Findclashes/contacts है.एक डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:19&lt;br /&gt;
| |यह विशेषता नॉन-पोलर इंटरेक्शन्स जैसे Clashes और Contacts को पहचानती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:26&lt;br /&gt;
| |  Clashes प्रतिकूल इंटरेक्शन्स होती हैं जहाँ परमाणु एक दुसरे से बहुत करीब होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:33&lt;br /&gt;
| |Contacts सभी सीधे इंटरेक्शन्स होते हैं: पोलर और नॉन-पोलर, अनुकूल और प्रतिकूल (clashes सहित) &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:43&lt;br /&gt;
| | अब सभी अन्य परमाणुओं के साथ FPS रेसीड्यूज़ के contacts की पहचान करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:48&lt;br /&gt;
| | मेन्यु उपयोग करके FPS रेसीड्यू चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:52&lt;br /&gt;
| |Find Clashes/Contacts डायलॉग बॉक्स में Designate पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |05:58&lt;br /&gt;
| | यह 48 atoms designated दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:02&lt;br /&gt;
| | “All other atoms” के सामने वाले रेडियो बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |06:06&lt;br /&gt;
| | Clash/Contact Parameters को defaultकांटेक्ट पर सेट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:11&lt;br /&gt;
| | Treatment of Clash/Contact Atoms में निम्न चेक बॉक्सेस पर क्लिक करें Select, Draw pseudo-bonds, If endpoint atom hidden और Write information to reply log.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |06:27&lt;br /&gt;
| | OK बटन पर क्लिक करें.पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:32&lt;br /&gt;
| |रेसीड्यूज़ के सभी कॉन्टेक्ट्स दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |06:37&lt;br /&gt;
| | Reply Log खोलें। Atom-atom contacts यहाँ सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:44&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:46&lt;br /&gt;
| | अब कुछ clashes दिखाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:49&lt;br /&gt;
| | अब Tyrosine 248 रेसीड्यू पर फोकस करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:54&lt;br /&gt;
| | कमांड लाइन पर टाइप करें:  focus space colon 248, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:03&lt;br /&gt;
| | चयन को clear करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:06&lt;br /&gt;
| | अब Tyrosine 248 रेसीड्यू चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:10&lt;br /&gt;
| |CTRL key दबाते हुए Tyrosine 248 में एक अन्य परमाणु पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:15&lt;br /&gt;
| | पूरे अणु को चुनने के लिए कीबोर्ड पर अप एरो की दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:20&lt;br /&gt;
| | अब हम एक दुसरे को प्रभावित करते हुए Tyrosine 248 साइड चेन को घुमाएंगे और Clashes के लिए चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:27&lt;br /&gt;
| | Tyrosine 248 के 4 Angstroms के अन्दर रेसीड्यूज़ दिखाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:32&lt;br /&gt;
| |कमांड लाइन पर टाइप करें डिस्प्ले disp स्पेस कोलन 248 स्पेस z less than four(disp :248 z&amp;lt;4),एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:45&lt;br /&gt;
| | clashes को दिखाने के लिए Tools मेन्यू से FindClashes/Contacts विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:53&lt;br /&gt;
| | Designate पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:55&lt;br /&gt;
| | “All other atoms” के सामने वाले बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:59&lt;br /&gt;
| | Clash के लिए Clash/Contact Parameters सेट करें।Treatment of Clash/Contact Atoms को Select, Draw pseudobonds, If end point atom hidden सेट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:11&lt;br /&gt;
| |और Frequency of Checking को Continuously सेट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:15&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स को हटायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:18&lt;br /&gt;
| | Tyrosine 248 की साइड चेन को एक दुसरे से प्रभावित करते हुए घुमाने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:22&lt;br /&gt;
| |CTRL key दबाते हुएribbon से जुड़े हुए बांड पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:29&lt;br /&gt;
| | कॉन्टेक्स्ट मेन्यू से rotate bond विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| |Build structureडायलॉग खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:36&lt;br /&gt;
| | डायल पर पॉइंटर को ड्रैग करके बांड को घुमाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:41&lt;br /&gt;
| | वैकल्पिक रूप से एंगल वैल्यूज़ को एडिट करने के लिए काले एरोहेड्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:47&lt;br /&gt;
| | पैनल का निरिक्षण करें.जैसे-जैसे साइड चेन घूमती है नए pseudo-bonds बनते हैं या गायब हो जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:55&lt;br /&gt;
| | बांड को वापस वास्तविक स्थिति में लाने के लिए:  Bond में प्रविष्टि पर क्लिक करें। Revert चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:03&lt;br /&gt;
| |बांड को ज्यादा देर तक न घुमाने के लिए फिर से bond पर क्लिक करें फिर Deactivateपर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:09&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:11&lt;br /&gt;
| | Tools मेन्यू में विकल्प उपयोग करके हम Tyrosine 248 के सभी rotamers की तुलना कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| |पहले Tryrosine 248 चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:22&lt;br /&gt;
| |Tools मेन्यू पर क्लिक करें, Structure editing तक नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:26&lt;br /&gt;
| |Rotamers विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:29&lt;br /&gt;
| |Rotamer डायलॉग बॉक्स में, rotamer library से Dunbrack चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:36&lt;br /&gt;
| | OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:38&lt;br /&gt;
| | पैनल पर rotamers वायर प्रदर्शन की तरह दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:43&lt;br /&gt;
| | एक अन्य डायलॉग खुलता है.rotamer को दिखाने के लिए डायलॉग बॉक्स में लाइन्स पर क्लिक करें। पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:52&lt;br /&gt;
| | हम rotamers के लिए Clash और hydrogen bonds का भी पता लगा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:58&lt;br /&gt;
| | Columns पर क्लिक करें, फिर Add. Clashes चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:03&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स में OK पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:06&lt;br /&gt;
| | अब हाइड्रोजन बांड्स जोड़ने के लिए Columns पर क्लिक करें, Add तक नीचे जाएँ और hydrogen bonds चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| | Hydrogen bonds डायलॉग बॉक्स में OK पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:19&lt;br /&gt;
| | डायलॉग का निरिक्षण करें दो नए कॉलम्स जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:24&lt;br /&gt;
| |प्रत्येक rotamer कुछ Clashes बनाते हैं लेकिन hydrogen bonds नहीं बनाते। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:30&lt;br /&gt;
| | भिन्न-भिन्न रेसीड्यू में बांड्स को घुमाकर rotamers को ढूँढने की कोशिश करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:35&lt;br /&gt;
| | इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: स्ट्रक्चर में परमाणुओं के बीच की दूरी नापना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:43&lt;br /&gt;
| |Hydrogen bonds दिखाना। नॉन-पोलर इंटरेक्शन्स पहचानना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:48&lt;br /&gt;
| | clashes और contacts ढूँढने के लिए रेसीड्यूज़ में बांड्स को घुमाना और भिन्न-भिन्न rotamers की तुलना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:56&lt;br /&gt;
| | नियत कार्य में Squalene Synthasepdb code 3w7f का एक स्ट्रक्चर खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:03&lt;br /&gt;
| |Clashes और Contacts को निर्धारित करने के लिए Tyrosine 41 रेसीड्यू में बांड्स को घुमाएं। और rotamers की तुलना करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:11&lt;br /&gt;
| | निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:17&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:27&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:37&lt;br /&gt;
| | आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Structure-Analysis/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C3/Structure-Analysis/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Structure-Analysis/Hindi"/>
				<updated>2018-01-29T12:36:16Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot; {| border=1 || '''Time''' || '''Narration'''  |- | | 00:01 | | Structure Analysis पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वा...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:01&lt;br /&gt;
| | Structure Analysis पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:05&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: स्ट्रक्चर में परमाणुओं के बीच की दूरी नापना, हाइड्रोजन बांड्स दिखाना, नॉन-पोलर इंटरेक्शन्स पहचानना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:16&lt;br /&gt;
| और विभिन्न rotamers प्राप्त करने के लिए रेसीड्यूज़ में बांड्स को घुमाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:21&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए, यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:30&lt;br /&gt;
| | यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04,Chimeraवर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0, और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:46&lt;br /&gt;
| | यहाँ मैंने एक Chimera विंडो खोली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:49&lt;br /&gt;
| | कमांड लाइन उपयोग करकेSqualene Synthase का एक स्ट्रक्चर खोलें.यह pdbकोड 3w7f के साथ एक Transferace एंजाइम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:00&lt;br /&gt;
| |कमांड लाइन पर टाइप करें Open space 3w7f एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
| | एंजाइम का एक मॉडल पैनल पर दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:12&lt;br /&gt;
| | Presets मेन्यु उपयोग करके डिस्प्ले को Interactive 1 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:18&lt;br /&gt;
| | प्रोटीन दो कॉपीज़ की तरह दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:21&lt;br /&gt;
| |किसी भी एक कॉपी को मिटाने के लिए टाइप करें delete colon dot a एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:29&lt;br /&gt;
| | स्ट्रक्चर से साल्वेंट अणुओं को मिटने के लिए टाइप करें delete solvent एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:37&lt;br /&gt;
| | इस स्ट्रक्चर में ligand, farnesylthiopyrophosphate है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:43&lt;br /&gt;
| | कमांड्स उपयोग करके ligand रेसीड्यूज़ को लेबल करें.टाइप करें rlabelस्पेस ligand एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:53&lt;br /&gt;
| | दो farnesylthiopyrophosphate हैं जोकि इस स्ट्रक्चर में शोर्ट में FPS है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:01&lt;br /&gt;
| |स्ट्रक्चर्स sticks डिस्प्ले में दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:05&lt;br /&gt;
| | स्ट्रक्चर को घुमाएं और ज़ूम इन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:08&lt;br /&gt;
| | बहुत सी साइड चेन्स हैं जो हाइड्रोजन बांड्स को FPS के phosphate oxygens में डोनेट कर सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:15&lt;br /&gt;
| |कर्सर को साइड चेन रेसीड्यू में परमाणुओं पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:21&lt;br /&gt;
| | Serine 21 रेसीड्यू पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:23&lt;br /&gt;
| |अब Serine 21 के ऑक्सीजन और करीबी FPS के phosphate oxygen के बीच की दूरी नापते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:32&lt;br /&gt;
| | दूरी नापने के लिए Serine 21 रेसीड्यू के ऑक्सीजन को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:37&lt;br /&gt;
| | CTRL key दबाकर रखें और Serine 21 के साइड चेन ऑक्सीजन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:43&lt;br /&gt;
| | एक साथ CTRL और Shift कीज़ दबाते हुए FPS के करीबी फॉस्फेट ऑक्सीजन पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| | कॉन्टेक्स्ट मेन्यु से Show Distance चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:56&lt;br /&gt;
| | पैनल का निरिक्षण करें.दोनों परमाणुओं के बीच की दूरी दिखती है। सिलेक्शन क्लियर करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:04&lt;br /&gt;
| | उसी प्रकार Tyrosine के साइड चेन ऑक्सीजन और FPS के उसी फॉस्फेट ऑक्सीजन के बीच की दूरी नापें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:15&lt;br /&gt;
| | हाइड्रोजन बांड्स के साथ दूरियाँ एक सी दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:20&lt;br /&gt;
| | हाइड्रोजन बांड्स डोनर और एक्सेप्टर दूरियों के आधार पर इस प्रकार वर्गीकृत किये गए हैं: 2.2 से 2.5 Angstroms मज़बूत, 2.5 से 3.2 सामान्य, 3.2 से 4.0 कमज़ोर। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:36&lt;br /&gt;
| | अब Select  मेन्यु उपयोग करके ligand चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:40&lt;br /&gt;
| |रेसीड्यू विकल्प तक नीचे जाएँ सब-मेन्यु से FPS पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:46&lt;br /&gt;
| | FPS से बने हाइड्रोजन बांड्स को खोजने का आसान तरीका Tools मेन्यु से Find Hydrogen bond विशेषता उपयोग करना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:55&lt;br /&gt;
| | Structure Analysis विकल्प में FindHbond पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:01&lt;br /&gt;
| |  H-Bond Parameters डायलॉग खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
| | रंगीन बॉक्स पर क्लिक करके हाइड्रोजन बांड के रंग को फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:09&lt;br /&gt;
| | लाइन की चौड़ाई मोटी लाइन के लिए 3.0 फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:13&lt;br /&gt;
| | Label Hydrogen bond with distance के सामने वाले चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:21&lt;br /&gt;
| | Only find H-bonds with at least one end selected पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:26&lt;br /&gt;
| | और Write information to reply log पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:31&lt;br /&gt;
| | OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:33&lt;br /&gt;
| | पैनल का निरिक्षण करें. हाइड्रोजन बांड्स उल्लिखित रंग और लाइन की चौड़ाई के साथ pseudo बांड्स की तरह दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:42&lt;br /&gt;
| | बांड्स का विवरण Reply log पर देखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:45&lt;br /&gt;
| |Favorites मेन्यु उपयोग करके Reply log खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:49&lt;br /&gt;
| | प्रत्येक हाइड्रोजन बांड के बारे में जानकारी यहाँ दी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:53&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:55&lt;br /&gt;
| | यदि आप स्ट्रक्चर से हाइड्रोजन बांड्स हटाना चाहते हैं तो कमांड लाइन पर टाइप करें: Tilda सिंबल के बाद hbond एंटर दबाएँ।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |05:07&lt;br /&gt;
| | Structure Analysisविकल्प में Tools मेन्यू में एक अन्य विशेषता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:13&lt;br /&gt;
| |यह Findclashes/contacts है.एक डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:19&lt;br /&gt;
| |यह विशेषता नॉन-पोलर इंटरेक्शन्स जैसे Clashes और Contacts को पहचानती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:26&lt;br /&gt;
| |  Clashes प्रतिकूल इंटरेक्शन्स होती हैं जहाँ परमाणु एक दुसरे से बहुत करीब होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:33&lt;br /&gt;
| |Contacts सभी सीधे इंटरेक्शन्स होते हैं: पोलर और नॉन-पोलर, अनुकूल और प्रतिकूल (clashes सहित) &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:43&lt;br /&gt;
| | अब सभी अन्य परमाणुओं के साथ FPS रेसीड्यूज़ के contacts की पहचान करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:48&lt;br /&gt;
| | मेन्यु उपयोग करके FPS रेसीड्यू चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:52&lt;br /&gt;
| |Find Clashes/Contacts डायलॉग बॉक्स में Designate पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |05:58&lt;br /&gt;
| | यह 48 atoms designated दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:02&lt;br /&gt;
| | “All other atoms” के सामने वाले रेडियो बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |06:06&lt;br /&gt;
| | Clash/Contact Parameters को defaultकांटेक्ट पर सेट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:11&lt;br /&gt;
| | Treatment of Clash/Contact Atoms में निम्न चेक बॉक्सेस पर क्लिक करें Select, Draw pseudo-bonds, If endpoint atom hidden और Write information to reply log.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |06:27&lt;br /&gt;
| | OK बटन पर क्लिक करें.पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:32&lt;br /&gt;
| |रेसीड्यूज़ के सभी कॉन्टेक्ट्स दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |06:37&lt;br /&gt;
| | Reply Log खोलें। Atom-atom contacts यहाँ सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:44&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:46&lt;br /&gt;
| | अब कुछ clashes दिखाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:49&lt;br /&gt;
| | अब Tyrosine 248 रेसीड्यू पर फोकस करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:54&lt;br /&gt;
| | कमांड लाइन पर टाइप करें:  focus space colon 248, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:03&lt;br /&gt;
| | चयन को clear करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:06&lt;br /&gt;
| | अब Tyrosine 248 रेसीड्यू चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:10&lt;br /&gt;
| |CTRL key दबाते हुए Tyrosine 248 में एक अन्य परमाणु पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:15&lt;br /&gt;
| | पूरे अणु को चुनने के लिए कीबोर्ड पर अप एरो की दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:20&lt;br /&gt;
| | अब हम एक दुसरे को प्रभावित करते हुए Tyrosine 248 साइड चेन को घुमाएंगे और Clashes के लिए चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:27&lt;br /&gt;
| | Tyrosine 248 के 4 Angstroms के अन्दर रेसीड्यूज़ दिखाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:32&lt;br /&gt;
| |कमांड लाइन पर टाइप करें डिस्प्ले disp स्पेस कोलन 248 स्पेस z less than four(disp :248 z&amp;lt;4),एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:45&lt;br /&gt;
| | clashes को दिखाने के लिए Tools मेन्यू से FindClashes/Contacts विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:53&lt;br /&gt;
| | Designate पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:55&lt;br /&gt;
| | “All other atoms” के सामने वाले बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:59&lt;br /&gt;
| | Clash के लिए Clash/Contact Parameters सेट करें।Treatment of Clash/Contact Atoms को Select, Draw pseudobonds, If end point atom hidden सेट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:11&lt;br /&gt;
| |और Frequency of Checking को Continuously सेट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:15&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स को हटायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:18&lt;br /&gt;
| | Tyrosine 248 की साइड चेन को एक दुसरे से प्रभावित करते हुए घुमाने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:22&lt;br /&gt;
| |CTRL key दबाते हुएribbon से जुड़े हुए बांड पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:29&lt;br /&gt;
| | कॉन्टेक्स्ट मेन्यू से rotate bond विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| |Build structureडायलॉग खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:36&lt;br /&gt;
| | डायल पर पॉइंटर को ड्रैग करके बांड को घुमाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:41&lt;br /&gt;
| | वैकल्पिक रूप से एंगल वैल्यूज़ को एडिट करने के लिए काले एरोहेड्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:47&lt;br /&gt;
| | पैनल का निरिक्षण करें.जैसे-जैसे साइड चेन घूमती है नए pseudo-bonds बनते हैं या गायब हो जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:55&lt;br /&gt;
| | बांड को वापस वास्तविक स्थिति में लाने के लिए:  Bond में प्रविष्टि पर क्लिक करें। Revert चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:03&lt;br /&gt;
| |बांड को ज्यादा देर तक न घुमाने के लिए फिर से bond पर क्लिक करें फिर Deactivateपर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:09&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:11&lt;br /&gt;
| | Tools मेन्यू में विकल्प उपयोग करके हम Tyrosine 248 के सभी rotamers की तुलना कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| |पहले Tryrosine 248 चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:22&lt;br /&gt;
| |Tools मेन्यू पर क्लिक करें, Structure editing तक नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:26&lt;br /&gt;
| |Rotamers विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:29&lt;br /&gt;
| |Rotamer डायलॉग बॉक्स में, rotamer library से Dunbrack चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:36&lt;br /&gt;
| | OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:38&lt;br /&gt;
| | पैनल पर rotamers वायर प्रदर्शन की तरह दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:43&lt;br /&gt;
| | एक अन्य डायलॉग खुलता है.rotamer को दिखाने के लिए डायलॉग बॉक्स में लाइन्स पर क्लिक करें। पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:52&lt;br /&gt;
| | हम rotamers के लिए Clash और hydrogen bonds का भी पता लगा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:58&lt;br /&gt;
| | Columns पर क्लिक करें, फिर Add. Clashes चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:03&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स में OK पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:06&lt;br /&gt;
| | अब हाइड्रोजन बांड्स जोड़ने के लिए Columns पर क्लिक करें, Add तक नीचे जाएँ और hydrogen bonds चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| | Hydrogen bonds डायलॉग बॉक्स में OK पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:19&lt;br /&gt;
| | डायलॉग का निरिक्षण करें दो नए कॉलम्स जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:24&lt;br /&gt;
| |प्रत्येक rotamer कुछ Clashes बनाते हैं लेकिन hydrogen bonds नहीं बनाते। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:30&lt;br /&gt;
| | भिन्न-भिन्न रेसीड्यू में बांड्स को घुमाकर rotamers को ढूँढने की कोशिश करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:35&lt;br /&gt;
| | इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: स्ट्रक्चर में परमाणुओं के बीच की दूरी नापना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:43&lt;br /&gt;
| |Hydrogen bonds दिखाना। नॉन-पोलर इंटरेक्शन्स पहचानना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:48&lt;br /&gt;
| | clashes और contacts ढूँढने के लिए रेसीड्यूज़ में बांड्स को घुमाना और भिन्न-भिन्न rotamers की तुलना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:56&lt;br /&gt;
| | नियत कार्य में Squalene Synthasepdb code 3w7f का एक स्ट्रक्चर खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:03&lt;br /&gt;
| |Clashes और Contacts को निर्धारित करने के लिए Tyrosine 41 रेसीड्यू में बांड्स को घुमाएं। और rotamers की तुलना करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:11&lt;br /&gt;
| | निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:17&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:27&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:37&lt;br /&gt;
| | आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi"/>
				<updated>2018-01-18T19:43:52Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot; {| border=1 ||'''Time''' ||'''Narration'''  |- ||00:01 || DWSIM में Heat Exchanger को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरिय...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| DWSIM में Heat Exchanger को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: Heat Exchanger को सिमुलेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:13&lt;br /&gt;
||  Outlet stream temperatures की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:16&lt;br /&gt;
||  Thermal Efficiency और LMTD की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ DWSIM 4.3 और Windows 7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे Linux,  Mac OS X  या ARM पर FOSSEE OS में भी समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए आपको फ्लोशीट पर कंपोनेंट्स को जोड़ने का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||  thermodynamic पैकेजेस चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
||   material stream जोड़ें और उनकी विशेषताओं का उल्लेख करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
||  आप इन ट्यूटोरियल्स को और सभी सम्बंधित फाइल्स को इस साईट से एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
|| हम Outlet stream temperatures को निर्धारित करने के लिए एक फ्लोशीट विकसित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Compounds और Inlet stream conditions देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Heat Exchanger प्रॉपर्टीज़ और Property package देते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:18&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर DWSIM पहले से ही खोल लिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:23&lt;br /&gt;
|| File मेन्यु पर जाएँ और New Steady-state Simulation चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| Simulation Configuration Wizard विंडो आती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| नीचे Next बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| अब Compounds Search टैब में टाइप करें Methanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:42&lt;br /&gt;
|| ChemSep डेटाबेस से Methanol चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| उसी तरह Water जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| नीचे Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
|| अब Property Packages आता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
|| Available Property Packages से Raoult’s Law पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| फिर Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| हम Flash Algorithm नामक नयी विंडो पर ले जाए जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08&lt;br /&gt;
|| Default Flash Algorithm से Nested Loops(VLE) चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प System of Units है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| System of Units में C5 चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
|| नीचे Finish बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| अब बेहतर द्रश्यता के लिए सिमुलेशन विंडो को मैक्सिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| अब दो मटिरियल स्ट्रीम इन्सर्ट करते हैं जो Heat Exchanger प्रविष्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| मेन सिमुलेशन विंडो के दायें हाथ की ओर Flowsheet Objects पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| Filter List टैब में टाइप करें Material Stream&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शित सूची से फ्लोशीट पर मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग और ड्राप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| मटिरियल स्ट्रीम “MSTR-000” पर क्लिक करें और इसकी विशेषताएं देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Water In करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| अब हम Water In स्ट्रीम विशेषताओं का उल्लेख करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित नहीं है तो Temperature and Pressure (TP) में Flash Spec चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Temperature and Pressure में पहले से ही Flash Spec चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
|| Temperature को 10 degC करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:32&lt;br /&gt;
|| Pressure को 1 bar करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 15000 kg per hour करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| अब हम feed stream compositions का उल्लेख करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चनित न हो तो Composition में Basis को Mole Fractions चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:56&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में Mole Fractions ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| Methanol के लिए Amount में 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Water के लिए 1 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| अब फ्लोशीट पर एक अन्य मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग और ड्राप करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| मटिरियल स्ट्रीम “MSTR-001” पर क्लिक करें और इसकी विशेषताएं देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Methanol In करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| अब हम Methanol In स्ट्रीम विशेषताओं का उल्लेख करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Temperature and Pressure(TP) में Flash Spec चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Temperature and Pressure में पहले से ही Flash Spec चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Temperature को 80 degC करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| Pressure को 5 bar करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 25000 kg/h करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| अब हम Methanol In स्ट्रीम कम्पोज़ीशन्स का उल्लेख करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| Composition में, Basis में Mole Fractions चुनें, यदि पहले से चयनित न हो &lt;br /&gt;
डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में Mole Fractions ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:29&lt;br /&gt;
|| Methanol के लिए Amount में 1 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| उसीप्रकार Water के लिए इसे 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| अब दो अन्य मटिरियल स्ट्रीम्स इन्सर्ट करते हैं जो Heat Exchanger को एग्ज़िट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:54&lt;br /&gt;
|| वह करने के लिए, हम एक मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| अब इसे समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट की तरह छोड़ दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| हम इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Water Out करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक अन्य मटिरियल स्ट्रीम इन्सर्ट करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
|| इसे एक बार फिर समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट की तरह छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
|| और इस स्ट्रीम को Methanol Out नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| अब एक Heat Exchanger को फ्लोशीट में इन्सर्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| Flowsheet Objects पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:30&lt;br /&gt;
|| Filter list टैब में टाइप करें Heat Exchanger&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शित Heat Exchanger पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
||इसे फ्लोशीट पर ड्रैग और ड्राप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए इसे आवश्यकतानुसार समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| हम अब Heat Exchanger को उल्लिखित करने के लिए तैयार हैं। इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम Property Editor Window नामक एक टैब देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:58&lt;br /&gt;
|| Connections में Inlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और Methanol In चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
|| आगे Outlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Methanol Out चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
|| फिर Inlet Stream 2 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
और Water In चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
|| फिर Outlet Stream 2 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
और Water Out चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन- Calculation Parameters पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प Calculation Type है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| Calculation Type के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:39&lt;br /&gt;
|| Outlet Temperatures चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
|| आगे Flow Direction के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
Counter Current चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| फिर Cold Fluid Pressure Drop के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 0.002 bar प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| Hot Fluid Pressure Drop के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 0.025 bar प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
|| Overall Heat Transfer Coefficient के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 450 Watt meter sqaure Kelvin प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| Heat Exchange Area के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 250 meter square प्रविष्ट करें &lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| अब हम सिमुलेशन को रन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| अतः टूलबार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाती हैं तो फ्लोशीट में Heat Exchanger पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| Heat Exchanger के Property Editor Window से Results सेक्शन पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
|| Thermal efficiency चेक करें यह 94.5% है। Log Mean Temperature Difference चेक करें यह 10.29 degree Centigrade है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| अब हम स्ट्रीम-वाइज़ टेम्परेचर परिणामों और मटिरियल बैलेंस चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| Insert मेनू पर जाएँ और Master Property Table चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| Master Property Table को एडिट करने के लिए इस पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:24&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
|| Name में Heat Exchanger – Stream Wise Results प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें। डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
|| अतः हम इसे नहीं बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:43&lt;br /&gt;
|| Properties to display में Object में: Water In, Methanol In, Water Out, Methanol Out चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
||अब प्रॉपर्टीज़ में निम्न चुनें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
||Molar Fraction(Mixture) / Methanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
||Molar Fraction(Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए Master Property Table को मूव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Inlet और Outlet स्ट्रीम्स के लिए सम्बंधित परिणाम देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| अब हम Heat Exchanger की विशेषताओं को चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
|| Insert मेन्यु पर जाएँ और Master Property Table चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
|| Master Property Table पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:46&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| Name में Heat Exchanger – Results प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| Object Type  में Heat Exchanger प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
|| Properties to display में Object में HE-004 चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||अब properties में निम्न चुनें: Global Heat Transfer Coefficient (U)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:17&lt;br /&gt;
||Heat Exchange Area (A)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Heat Load&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
||Cold fluid outlet temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Hot fluid outlet temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
||Logarithmic mean temperature difference(LMTD) और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Thermal Efficiency&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए Master Property Table को मूव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Heat Exchanger के लिए सम्बंधित परिणामों को देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:43&lt;br /&gt;
|| इसे सारांशित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने  Heat Exchanger को सिमुलेट करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
|| Outlet stream temperatures की गणना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| Thermal Efficiency  LMTD की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में, भिन्न-भिन्न Compounds, feed conditions और Thermodynamics के लिए इस सिमुलेशन को दोहराएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:20&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मौजूदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:36&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:41&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi"/>
				<updated>2018-01-18T14:39:23Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार,  Block component modeling पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि  blocks कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
||Blocks कैसे कनेक्ट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
||Modelica Library  से blocks का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ  OpenModelica version 1.9.2&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
||आप निम्न में से किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
||  इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए, आपको '' 'Modelica' में '' 'component oriented modeling' 'के ज्ञान की आवश्यकता होंनी चाहिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
|| पूर्व आवश्यक ट्यूटोरियल का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:44&lt;br /&gt;
|| Blocks के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:48&lt;br /&gt;
|| Block   Modelica  में  एक विशिष्ट क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:52&lt;br /&gt;
|| यह कंट्रोल एप्लिकेशन में उपयोगी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:56&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए,  Modelica Library  में '''PI''' और '''PID''' कंट्रोलर्स के लिए ब्लॉक्स हैं जो अक्सर केमिकल इंजीनियरिंग कंट्रोल एप्लिकेशन में दिखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
||एक ब्लॉक क्लास के वैरिएबल्स का सही कारण होना चाहिए: या तो '' 'input' '' या '' 'output' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
|| Blocks को connect स्टेटमेंट का उपोयग करके कनेक्ट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में connectस्टेटमेंट्स के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
||  '''Connectors''' 'blocks' '' के बीच इंटरफेस के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
||वे मॉडल '' 'input' '' और '' 'output' 'सिग्नल के लिए उपयोग किये जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, यह एक '' block connector '' के लिए घोषित है जो मॉडल ''real'' इनपुट सिग्नल्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
|| अब एक उदाहरण के माध्यम से '' block component modeling '' को समझने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:47&lt;br /&gt;
|| हम एक क्लास लिखते हैं जो निम्नलिखित कार्यों को पूरा करने के लिए ब्लॉक्स का उपयोग करता है: '''input''' और '''output''' के रूप में दो बार अलग-अलग सिग्नल लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:59&lt;br /&gt;
||एक सिग्नल अलग-अलग इनपुट के रूप में लें और इसे कॉंस्टेंट द्वारा एम्पलिफाई करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||schematics का उपयोग करके इस प्रॉब्लम स्टेटमेंट को परिभाषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| यह आंकड़ा ब्लॉक के लिए एक schematic दिखाता है जो इनपुट के रूप में दो सिग्नल लेता है और उनका योग वापस करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:19&lt;br /&gt;
||चीजों को सरल बनाने के लिए, सिग्नल 1 को t चुनें जो समय दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||सिग्नल  '''2''' को '''2 (times) t (squared)''' लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| यह '' 'signal' '' के एम्पलिफिकेशन के लिए schematic है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||यह दो '''inputs''' और एक '''output''' के सथ पिछले केस के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
||अपने  signal के लिए एक  input चुनते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:46&lt;br /&gt;
||अन्य  input, अर्थात '''signal 2'''   कॉंस्टेंट  K है जो सि्गनल को एम्पिलफाइ करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:54&lt;br /&gt;
||इन दो  inputs के प्रोडक्ट को  output की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||हमने signal 2 चुना है अर्थात  K 5 यूनिट्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि दोनों सिग्नल्स और एम्प्लिफिकेशन के योग को '' '2' ' inputs और' '' 1 '' आउटपुट के साथ ब्लॉक की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:16&lt;br /&gt;
||'' 'Modelica library' 'में पहले से ही एक MISO नामक ब्लॉक है जो Multiple Input Single Output है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:24&lt;br /&gt;
||यह Modelica.Interfaces.Block पैकेज में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||इस ब्लॉक '' u '' 'के लिए इनपुट एक वेक्टर है क्योंकि यह इनपुट के रूप में कई सिग्नल स्वीकार कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:38&lt;br /&gt;
||y आउटपुट है, जो कि scalar है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
|| अब चर्चा करते हैं कि OMEdit का उपयोग करके अपनी समस्या को कैसे हल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||Sum नामक ब्लॉक को बनाने के लिए  MISO का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में एक क्लास को विस्तारित करने के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:59&lt;br /&gt;
||Product नामक ब्लॉक बनाने के लिए  MISO का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||main नामक क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||main क्लास में '''Sum''' और '''Product''' ब्लॉक्स के उदाहरण बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
||अंत में,  '''input''' और '''output''' वैरिएबल्स से संबंधित आवश्यक समीकरण प्रोग्राम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:22&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '' Sum '' सिग्नल्स के योग से मेल खाता है जबकि '' 'Product' '' '' सिग्नल्स के एम्प्लिफिकेशन से मेल खाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही आवश्यक  blocks बना दिए हैं और उन्हें  arithmeticOperationsUsingBlocks नामक फाइल में पैकैज किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||आप हमारी वेबसाइट पर इस फाइल को देख सकते हैं और इसे डाउनलोड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| अब  OMEdit पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:49&lt;br /&gt;
||मैं सबसे पहले arithmeticOperationsUsingBlocks पैकेज का प्रदर्शन करूंगी औऱ फिर  MISO ब्लॉक के सिंटैक्स को प्रदर्शित करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही  OMEdit में arithmeticOperationsUsingBlocks पैकेज खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||मैं इसका Libraries Browser में विस्तार करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि पैकैज में ब्लॉक्स का नाम '''Sum''', '''Product''' और '''main''' क्लास।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| उन तीनों पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||मैं MISO ब्लॉक को भी Modelica Library से खोलती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| '''Modelica library''' का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| '''Blocks → Interfaces''' पर जाएँ। थोडा सा नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||MISO पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:43&lt;br /&gt;
|| इंटरफेस पैकेज में कई अन्य ब्लॉक भी हैं जो कि कार्यक्षमता में ''MISO'' के समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| अब मैं बेहतर दृश्यता के लिए '' OMEdit '' विंडो को बाईं तरफ स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:57&lt;br /&gt;
||सबसे पहले  Sum ब्लॉक को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| Text View पर जाएँ, यदि यह  Diagram View में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| यह  block घोषित करने के लिए सिंटैक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट '' 'MISO block' '' को अपने स्थान से '' 'Modelica library' '' में प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में Class inheritance''' या '''Class extension'''के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| मैं थोडा सा पीछे जाती  हूँ और '' MISO block '' का प्रदर्शन करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29&lt;br /&gt;
||MISO टैब पर जाएँ।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| ' MISO '' 'एक आंशिक ब्लॉक है जिसका अर्थ है कि यह केवल इनहैरिट किया जा सकता है, लेकिन इंस्टेंशीएट नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| यहBlock class इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:46&lt;br /&gt;
||आप इसका '' 'Modelica library' '' में दिखाए गए पाथ का उपयोग करके पता लगा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:51&lt;br /&gt;
||इस क्लास का प्रयोग केवल '' Diagram View '' के लिए ही किया जाता है और इसलिए इसकी चर्चा नहीं की जानी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:58&lt;br /&gt;
|| nin इनपुट की संख्या को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:02&lt;br /&gt;
|| यह पैरामीटर तब बदला जा सकता है जब ब्लॉक इनहैरिट हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
||'' 'RealInput' 'एक कनेक्टर है जो स्पष्ट रूप से एक' 'real' '' इनपुट सिग्नल को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||इस मामले में, इनपुट एक वेक्टर '' u '' है, जैसा कि हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, '' RealOutput '' 'एक कनेक्टर है जो' 'real' '' आउटपुट सिग्नल को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||यहाँ, '' 'y' '' रियल-वैल्यू आउटपुट सिग्नल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
||'' 'RealInput' 'और' 'RealOutput' '' 'Modelica Library' 'के एक ही पैकेज में' 'MISO' 'के रूप में मौजूद हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:38&lt;br /&gt;
||कृपया इन्हे देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| अब, मैं आपको यह बताती हूं कि '' MISO block '' का '' Diagram View '' कैसे दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब Sum ब्लॉक पर वापस जाएँ और जहां से हमने छोड़ा था वहां से शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| वेरिएबल्स '' y '' 'और' 'u' 'इस ब्लॉक का एक हिस्सा हैं, क्योंकि यह' MISO '' 'इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||जैसा कि हमने पिछले ट्यूटोरियल में सीखा है, '' '' Sum '' एक '' 'array' 'फंक्शन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||यह इनपुट के रूप में '' 'array' '' लेता है और उसके एलिमेंट्स का योग देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| Product ब्लॉक पर जाएँ।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| यह ब्लॉकMISO को अच्छी तरह से इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| जैसा हमने पिछले ट्यूटोरियल में देखा है, '' 'Product' '' एक अरै फ़ंक्शन है जो अरै को '' 'input' '' के रूप में लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:29&lt;br /&gt;
||यह अपने एलिमेंट्स का प्रोडक्ट वापस करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
|| मैं main क्लास पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:39&lt;br /&gt;
|| ये स्टेटमेंट्स '''Sum''' और '''Product''' ब्लॉक्स के इन्स्टैंशिएशन को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:44&lt;br /&gt;
||इन उदाहरणों को '' OMEdit '' 'के ड्रैग और ड्रॉप कार्यक्षमता का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:51&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में इस फीचर्स पर चर्चा की।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
||  '' 'nin' '' MISO '' में '' input '' 'वेक्टर' 'u' '' के आयाम के लिए एक पैरामीटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:03&lt;br /&gt;
||हमने इस पैरामीटर के लिए '' 2 '' 'की वैल्यू निर्दिष्ट की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:07&lt;br /&gt;
|| यह समीकरण सिग्नल्स के  Sum के लिए '''signal 1''' और '''signal 2''' की वैल्यूज को दर्शाता है जिसकी हमने स्लाइड्स में चर्चा की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
||इसीतरह, यह सिग्नल के एम्पलिफिकेशन के लिए '''Signal 1''' और '''Signal 2''' की वैल्यू को दर्शाता है जिसकी हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
|| अब इस क्लास को सिमुलेट करते हैं।  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:33&lt;br /&gt;
||पॉप अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| Libraries Browser में mySum का विस्तार करें।  y चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:43&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, कि यह एक ऐसा प्लॉट उत्पन्न करता है जो दिए गए सिग्नल वैल्यूज के अनुसार है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में, '''RealInput, RealOutput, SI, SO''' और '''MO''' ब्लॉक्स के लिए कोड देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:04&lt;br /&gt;
||आप उन्हें Modelica.Blocks.Interfaces पैकेज में देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
||'''RealInput'''और '''RealOutput''' कनेक्टर्स हैं जो काफी बार उपयोग किए जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:17&lt;br /&gt;
||इसलिए उन्हें समझना जरूरी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:21&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। प्रमाणपत्र भी देते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया उल्लेख किए गए वेबपेज पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों से हल किए गए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं हम योगदानकर्ताओं को मानदेय देते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| हम वाणिज्यिक सिमुलेटरों से प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में स्थानांतरित करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:03&lt;br /&gt;
|| हम समर्थन के लिए '' OpenModelica '' के डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Block-Component-Modeling/Hindi"/>
				<updated>2018-01-18T14:36:37Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार,  Block component modeling पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि  blocks कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
||Blocks कैसे कनेक्ट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
||Modelica Library  से blocks का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ  OpenModelica version 1.9.2&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
||आप निम्न में से किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
||  इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए, आपको '' 'Modelica' में '' 'component oriented modeling' 'के ज्ञान की आवश्यकता होंनी चाहिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
|| पूर्व आवश्यक ट्यूटोरियल का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:44&lt;br /&gt;
|| Blocks के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:48&lt;br /&gt;
|| Block   Modelica  में  एक विशिष्ट क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:52&lt;br /&gt;
|| यह कंट्रोल एप्लिकेशन में उपयोगी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:56&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए,  Modelica Library  में '''PI''' और '''PID''' कंट्रोलर्स के लिए ब्लॉक्स हैं जो अक्सर केमिकल इंजीनियरिंग कंट्रोल एप्लिकेशन में दिखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
||एक ब्लॉक क्लास के वैरिएबल्स का सही कारण होना चाहिए: या तो '' 'input' '' या '' 'output' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
|| Blocks को connect स्टेटमेंट का उपोयग करके कनेक्ट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में connectस्टेटमेंट्स के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
||  '''Connectors''' 'blocks' '' के बीच इंटरफेस के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
||वे मॉडल '' 'input' '' और '' 'output' 'सिग्नल के लिए उपयोग किये जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, यह एक '' block connector '' के लिए घोषित है जो मॉडल ''real'' इनपुट सिग्नल्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
|| अब एक उदाहरण के माध्यम से '' block component modeling '' को समझने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:47&lt;br /&gt;
|| हम एक क्लास लिखते हैं जो निम्नलिखित कार्यों को पूरा करने के लिए ब्लॉक्स का उपयोग करता है: '''input''' और '''output''' के रूप में दो बार अलग-अलग सिग्नल लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:59&lt;br /&gt;
||एक सिग्नल अलग-अलग इनपुट के रूप में लें और इसे कॉंस्टेंट द्वारा एम्पलिफाई करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||schematics का उपयोग करके इस प्रॉब्लम स्टेटमेंट को परिभाषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| यह आंकड़ा ब्लॉक के लिए एक schematic दिखाता है जो इनपुट के रूप में दो सिग्नल लेता है और उनका योग वापस करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:19&lt;br /&gt;
||चीजों को सरल बनाने के लिए, सिग्नल 1 को t चुनें जो समय दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||सिग्नल  '''2''' को '''2 (times) t (squared)''' लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| यह '' 'signal' '' के एम्पलिफिकेशन के लिए schematic है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||यह दो '''inputs''' और एक '''output''' के सथ पिछले केस के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
||अपने  signal के लिए एक  input चुनते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:46&lt;br /&gt;
||अन्य  input, अर्थात '''signal 2'''   कॉंस्टेंट  K है जो सि्गनल को एम्पिलफाइ करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:54&lt;br /&gt;
||इन दो  inputs के प्रोडक्ट को  output की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||हमने signal 2 चुना है अर्थात  K 5 यूनिट्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि दोनों सिग्नल्स और एम्प्लिफिकेशन के योग को '' '2' ' inputs और' '' 1 '' आउटपुट के साथ ब्लॉक की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:16&lt;br /&gt;
||'' 'Modelica library' 'में पहले से ही एक MISO नामक ब्लॉक है जो Multiple Input Single Output है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:24&lt;br /&gt;
||यह Modelica.Interfaces.Block पैकेज में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||इस ब्लॉक '' u '' 'के लिए इनपुट एक वेक्टर है क्योंकि यह इनपुट के रूप में कई सिग्नल स्वीकार कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:38&lt;br /&gt;
||y आउटपुट है, जो कि scalar है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
|| अब चर्चा करते हैं कि OMEdit का उपयोग करके अपनी समस्या को कैसे हल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||Sum नामक ब्लॉक को बनाने के लिए  MISO का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में एक क्लास को विस्तारित करने के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:59&lt;br /&gt;
||Product नामक ब्लॉक बनाने के लिए  MISO का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||main नामक क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||main क्लास में '''Sum''' और '''Product''' ब्लॉक्स के उदाहरण बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
||अंत में,  '''input''' और '''output''' वैरिएबल्स से संबंधित आवश्यक समीकरण प्रोग्राम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:22&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '' Sum '' सिग्नल्स के योग से मेल खाता है जबकि '' 'Product' '' '' सिग्नल्स के एम्प्लिफिकेशन से मेल खाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही आवश्यक  blocks बना दिए हैं और उन्हें  arithmeticOperationsUsingBlocks नामक फाइल में पैकैज किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||आप हमारी वेबसाइट पर इस फाइल को देख सकते हैं और इसे डाउनलोड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| अब  OMEdit पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:49&lt;br /&gt;
||मैं सबसे पहले arithmeticOperationsUsingBlocks पैकेज का प्रदर्शन करूंगी औऱ फिर  MISO ब्लॉक के सिंटैक्स को प्रदर्शित करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही  OMEdit में arithmeticOperationsUsingBlocks पैकेज खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||मैं इसका Libraries Browser में विस्तार करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि पैकैज में ब्लॉक्स का नाम '''Sum''', '''Product''' और '''main''' क्लास।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| उन तीनों पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||मैं MISO ब्लॉक को भी Modelica Library से खोलती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| '''Modelica library''' का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| '''Blocks → Interfaces''' पर जाएँ। थोडा सा नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||MISO पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:43&lt;br /&gt;
|| इंटरफेस पैकेज में कई अन्य ब्लॉक भी हैं जो कि कार्यक्षमता में ''MISO'' के समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| अब मैं बेहतर दृश्यता के लिए '' OMEdit '' विंडो को बाईं तरफ स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:57&lt;br /&gt;
||सबसे पहले  Sum ब्लॉक को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| Text View पर जाएँ, यदि यह  Diagram View में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| यह  block घोषित करने के लिए सिंटैक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट '' 'MISO block' '' को अपने स्थान से '' 'Modelica library' '' में प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में Class inheritance''' या '''Class extension'''के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| मैं थोडा सा पीछे जाती  हूँ और '' MISO block '' का प्रदर्शन करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29&lt;br /&gt;
||MISO टैब पर जाएँ।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| ' MISO '' 'एक आंशिक ब्लॉक है जिसका अर्थ है कि यह केवल इनहैरिट किया जा सकता है, लेकिन इंस्टेंशीएट नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| यहBlock class इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:46&lt;br /&gt;
||आप इसका '' 'Modelica library' '' में दिखाए गए पाथ का उपयोग करके पता लगा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:51&lt;br /&gt;
||इस क्लास का प्रयोग केवल '' Diagram View '' के लिए ही किया जाता है और इसलिए इसकी चर्चा नहीं की जानी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:58&lt;br /&gt;
|| nin इनपुट की संख्या को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:02&lt;br /&gt;
|| यह पैरामीटर तब बदला जा सकता है जब ब्लॉक इनहैरिट हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
||'' 'RealInput' 'एक कनेक्टर है जो स्पष्ट रूप से एक' 'real' '' इनपुट सिग्नल को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||इस मामले में, इनपुट एक वेक्टर '' u '' है, जैसा कि हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, '' RealOutput '' 'एक कनेक्टर है जो' 'real' '' आउटपुट सिग्नल को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||यहाँ, '' 'y' '' रियल-वैल्यू आउटपुट सिग्नल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
||'' 'RealInput' 'और' 'RealOutput' '' 'Modelica Library' 'के एक ही पैकेज में' 'MISO' 'के रूप में मौजूद हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:38&lt;br /&gt;
||कृपया इन्हे देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| अब, मैं आपको यह बताती हूं कि '' MISO block '' का '' Diagram View '' कैसे दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब Sum ब्लॉक पर वापस जाएँ और जहां से हमने छोड़ा था वहां से शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| वेरिएबल्स '' y '' 'और' 'u' 'इस ब्लॉक का एक हिस्सा हैं, क्योंकि यह' MISO '' 'इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||जैसा कि हमने पिछले ट्यूटोरियल में सीखा है, '' '' Sum '' एक '' 'array' 'फंक्शन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||यह इनपुट के रूप में '' 'array' '' लेता है और उसके एलिमेंट्स का योग देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| Product ब्लॉक पर जाएँ।  Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| यह ब्लॉकMISO को अच्छी तरह से इनहैरिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| जैसा हमने पिछले ट्यूटोरियल में देखा है, '' 'Product' '' एक अरै फ़ंक्शन है जो अरै को '' 'input' '' के रूप में लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:29&lt;br /&gt;
||यह अपने एलिमेंट्स का प्रोडक्ट वापस करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
|| मैं main क्लास पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||Text View पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:39&lt;br /&gt;
|| ये स्टेटमेंट्स '''Sum''' और '''Product''' ब्लॉक्स के इन्स्टैंशिएशन को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:44&lt;br /&gt;
||इन उदाहरणों को '' OMEdit '' 'के ड्रैग और ड्रॉप कार्यक्षमता का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:51&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में इस फीचर्स पर चर्चा की।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
||  '' 'nin' '' MISO '' में '' input '' 'वेक्टर' 'u' '' के आयाम के लिए एक पैरामीटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:03&lt;br /&gt;
||हमने इस पैरामीटर के लिए '' 2 '' 'की वैल्यू निर्दिष्ट की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:07&lt;br /&gt;
|| यह समीकरण सिग्नल्स के  Sum के लिए '''signal 1''' और '''signal 2''' की वैल्यूज को दर्शाता है जिसकी हमने स्लाइड्स में चर्चा की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
||इसीतरह, यह सिग्नल के एम्पलिफिकेशन के लिए '''Signal 1''' और '''Signal 2''' की वैल्यू को दर्शाता है जिसकी हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
|| अब इस क्लास को सिमुलेट करते हैं।  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:33&lt;br /&gt;
||पॉप अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| Libraries Browser में mySum का विस्तार करें।  y चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:43&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, कि यह एक ऐसा प्लॉट उत्पन्न करता है जो दिए गए सिग्नल वैल्यूज के अनुसार है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में, '''RealInput, RealOutput, SI, SO''' और '''MO''' ब्लॉक्स के लिए कोड देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:04&lt;br /&gt;
||आप उन्हें Modelica.Blocks.Interfaces पैकेज में देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
||'''RealInput'''और '''RealOutput''' कनेक्टर्स हैं जो काफी बार उपयोग किए जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:17&lt;br /&gt;
||इसलिए उन्हें समझना जरूरी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:21&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। प्रमाणपत्र भी देते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया उल्लेख किए गए वेबपेज पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों से हल किए गए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं हम योगदानकर्ताओं को मानदेय देते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| हम वाणिज्यिक सिमुलेटरों से प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में स्थानांतरित करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:03&lt;br /&gt;
|| हम समर्थन के लिए '' OpenModelica '' के डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आई आई ती बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi"/>
				<updated>2018-01-16T14:17:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Chimera में Writing Commands ट्यूटोरियल पर आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम कमांड्स टाइप करेंगे display को परमाणुओं में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
|   ribbons को दर्शाने और छिपाने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
|   amino acid residues का रंग बदलने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|   एक एक residues को लेबल करने के लिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:21&lt;br /&gt;
|  solvent अणुओं को हटाने के लिए और इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको स्नातक स्तर की Biochemistry का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
|  Structural Biology और Chimera interface से अवश्य परिचित होने चाहियें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
|  संबधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं Ubuntu Linux ओ एस वर्जन 14.04 और chimera वर्जन 1.10.2 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
|  Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो को खोलने के लिए  Chimera आइकॉन पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:06&lt;br /&gt;
|graphics window को खोलने के लिए lightning bolt icon पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम दर्शाएंगे कि संरचना में बदलाव लाने के लिए commands को कैसे प्रयोग करना है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|  Favorites मेनू का प्रयोग करके Command Line खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो के तल में एक command text box दिखाई देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
|menus से होने वाली टास्कस को commands द्वारा किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|Chimera Commands के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
|Chimera commands, Command line पर प्रविष्ट किये जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
|semicolon सेपरेटर से विभिन्न commands एक लाइन में संयुक्त किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter key दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| पहले वाले commands पर command History से जाया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
|commands के बारे में ज्यादा जानकारी दिए हुए लिंक पर दर्शायी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो पर वापस जाएँ। आइये एक command टाइप करके leucine zipper का एक मॉडल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
|command एक command वर्ड से शुरू होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|command line टेक्स्ट बॉक्स पर, open space 1zik टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|आपको एक एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन की जरुरत होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| संरचना स्क्रीन पर दिखाई देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
|ribbons डिस्प्ले को atoms में बदलने के लिए command line text box में टाइप करें: The command word display और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास atoms display में protein की संरचना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| ये संरचना आंशिक रूप से ribbons की तरह  प्रदर्शित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
|ribbons छुपाने के लिए – टाइप करें wave symbol जो tilda की तरह भी जाना जाता है। उसके बाद  command वर्ड ribbon टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
| tilda के साथ कमांड रिवर्स फंक्शन को दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
|यहाँ, संकेत tilda इसके बाद ribbon keyword ribbons को छुपा देता है। &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
| हम atoms, bonds, surfaces को रंगीन बनाने के लिए color command का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
|उदहारण के लिए सारे leucines का रंग बदलने के लिए टाइप करें: Color space yellow space colon और इसके बाद amino acid के लिए तीन अक्षर का लघु रूप। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| leucine के लिए, मैं टाइप करुँगी leu.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| यहाँ color yellow argument के साथ command word है और संरचना के सारे leucines टारगेट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| यदि आप टारगेट का विशेष विवरण नहीं देते हैं तो पूरी संरचना पीले रंग में रंगी होगी।  &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
|panel का निरिक्षण करें, सारे leucines अब पीले रंग में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
|  हम एक विशेष स्थान के amino acid को एक खास रंग से रंग सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए histidine का रंग बदलने के लिए, जो की chain B पर स्थान 18 पर उपस्थित  है, टाइप करें:&lt;br /&gt;
color space red space colon18.B और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें, histidine अब लाल हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| पूरी संरचना के डिस्प्ले को CPK spacefill में बदलने के लिए, rep टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
|rep कीवर्ड represent का संक्षिप्त रूप है, rep space sphere; एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|संरचना को stick  डिस्प्ले पर वापस लाने  के लिए, पुन्हा टाइप करें rep space stick और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| solvent अणुओं को संरचना से छुपाने के लिए, टाइप करें- del (मिटाने के लिए) space solvent.&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| चुनाव के लिए residues को सक्रिय करने के लिए, वर्ड select command का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| command line टेक्स्ट बॉक्स पर टाइप करें, select space colon उसके बाद रेज़िडियु की संख्या एवं chain&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए chain B  पर स्थान 28 पर उपस्थित lysine को सक्रिय करने के लिए, टाइप करें, select space colon उसके बाद 28 dot B. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| अब चुने हुए residue का label दिखाने के लिए, टाइप करें rlabel space sel&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| पेनल का निरिक्षण करें, चुने हुए residue का residue label प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
| पहले चुने हुए residue को अचयनित करने के लिए, select command पाने के लिए अप एरो की को दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
|command की शुरुआत में tilda symbol टाइप करें। एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| Help menu में keywords और command index की सूची उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|Help menu पर क्लिक करें, मेनू में नीचे जाएँ और Commands index पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:16&lt;br /&gt;
| commands लिखने के लिए keywords की सूची के साथ एक web-page खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:22&lt;br /&gt;
| Chimera विंडो पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|यदि आप पृष्ठदृश्य यानि बैकग्राउंड के रंग को काले से नीला करना चाहते हैं, टाइप करें: background space solid space blue&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:38&lt;br /&gt;
| अब पेनल का रंग नीला है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
|Command का पुनरावृत्त  करने के लिए, Command line के दाहिनी तरफ उपस्थित काले त्रिकोण पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
|Command history पहले उपयोग किये हुए commands को सूचीबद्ध करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
|Commands, Command  पर क्लिक करके फिर से निष्पादित किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
|Command line छुपाने के लिए, ड्राप-डाउन मेनू में Hide command line विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:03&lt;br /&gt;
| आपकी बनायी हुई संरचना को save करने के अनेक विकल्प होते हैं, File menu को खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| आप ये कर सकते हैं: Restore a Session, Save a Session&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| इमेज को JPEG या PNG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:19&lt;br /&gt;
| इमेज को PDB या Mol2 फाइल्स में सेव करें, दृश्य इत्यादि को Export करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:27&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|Save image विकल्प पर क्लिक करें एक Save image' डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| फाइल लोकेशन के लिए डेस्कटॉप को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| File name को 1zik की तरह टाइप करें File type को JPEG की तरह चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| इमेज के आकार को अपनी जरुरत के हिसाब से निश्चित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं चौड़ाई को 800 और ऊंचाई को 600 टाइप करुँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| Save बटन पर क्लिक करें इमेज डेस्कटॉप पर 1zik.jpg में सेव होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
| सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने कमांड्स टाइप किये, display को atoms में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| ribbons को दर्शाने और छुपाने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|amino acid residues का रंग बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अलग-अलग residues को लेबल करने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
|solvent molecules को हटाने के लिए, इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
| अब  '''Assignment''' के लिए &lt;br /&gt;
Human oxy-hemoglobin (PDB code: 2dn1) की संरचना लोड करने के लिए कमांड्स टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को atoms में बदलें और ribbons को छुपायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| सारे histidine residues को हरे रंग में रंगें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| solvent molecules को हटायें और इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:03&lt;br /&gt;
| आपका पूरा किया असाइनमेंट निम्न प्रकार दिखना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक का वीडीयो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।  &lt;br /&gt;
कृपया इसको डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और उनको सर्टिफिकेट देती है जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं।&lt;br /&gt;
ज्यादा जानकारी के लिए हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट की वित्तीय सहायता NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा दी गयी है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य अब आपसे विदा लेती हूँ। हमें जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi"/>
				<updated>2018-01-16T14:15:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Chimera में Writing Commands ट्यूटोरियल पर आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम कमांड्स टाइप करेंगे display को परमाणुओं में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
|   ribbons को दर्शाने और छिपाने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
|   amino acid residues का रंग बदलने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|   एक एक residues को लेबल करने के लिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:21&lt;br /&gt;
|  solvent अणुओं को हटाने के लिए और इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको स्नातक स्तर की '''Biochemistry''' का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
|  Structural Biology और Chimera interface से अवश्य परिचित होने चाहियें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
|  संबधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं Ubuntu Linux ओ एस वर्जन 14.04 और chimera वर्जन 1.10.2 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
|  Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो को खोलने के लिए  '''Chimera''' आइकॉन पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:06&lt;br /&gt;
|graphics window को खोलने के लिए lightning bolt icon पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम दर्शाएंगे कि संरचना में बदलाव लाने के लिए commands को कैसे प्रयोग करना है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|  Favorites मेनू का प्रयोग करके Command Line खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो के तल में एक command text box दिखाई देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
|menus से होने वाली टास्कस को commands द्वारा किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|Chimera Commands के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
|Chimera commands, Command line पर प्रविष्ट किये जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
|semicolon सेपरेटर से विभिन्न commands एक लाइन में संयुक्त किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter key दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| पहले वाले commands पर command History से जाया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
|commands के बारे में ज्यादा जानकारी दिए हुए लिंक पर दर्शायी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो पर वापस जाएँ। आइये एक command टाइप करके leucine zipper का एक मॉडल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
|command एक command वर्ड से शुरू होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|command line टेक्स्ट बॉक्स पर, open space 1zik टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|आपको एक एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन की जरुरत होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| संरचना स्क्रीन पर दिखाई देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
|ribbons डिस्प्ले को atoms में बदलने के लिए command line text box में टाइप करें: The command word display और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास atoms display में protein की संरचना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| ये संरचना आंशिक रूप से ribbons की तरह  प्रदर्शित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
|ribbons छुपाने के लिए – टाइप करें wave symbol जो tilda की तरह भी जाना जाता है। उसके बाद  command वर्ड ribbon टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
| tilda के साथ कमांड रिवर्स फंक्शन को दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
|यहाँ, संकेत tilda इसके बाद ribbon keyword ribbons को छुपा देता है। &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
| हम atoms, bonds, surfaces को रंगीन बनाने के लिए color command का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
|उदहारण के लिए सारे leucines का रंग बदलने के लिए टाइप करें: Color space yellow space colon और इसके बाद amino acid के लिए तीन अक्षर का लघु रूप। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| leucine के लिए, मैं टाइप करुँगी leu.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| यहाँ color yellow argument के साथ command word है और संरचना के सारे leucines टारगेट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| यदि आप टारगेट का विशेष विवरण नहीं देते हैं तो पूरी संरचना पीले रंग में रंगी होगी।  &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
|panel का निरिक्षण करें, सारे leucines अब पीले रंग में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
|  हम एक विशेष स्थान के amino acid को एक खास रंग से रंग सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए histidine का रंग बदलने के लिए, जो की chain B पर स्थान 18 पर उपस्थित  है, टाइप करें:&lt;br /&gt;
color space red space colon18.B और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें, histidine अब लाल हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| पूरी संरचना के डिस्प्ले को CPK spacefill में बदलने के लिए, rep टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
|rep कीवर्ड represent का संक्षिप्त रूप है, rep space sphere; एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|संरचना को stick  डिस्प्ले पर वापस लाने  के लिए, पुन्हा टाइप करें rep space stick और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| solvent अणुओं को संरचना से छुपाने के लिए, टाइप करें- del (मिटाने के लिए) space solvent.&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| चुनाव के लिए residues को सक्रिय करने के लिए, वर्ड select command का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| command line टेक्स्ट बॉक्स पर टाइप करें, select space colon उसके बाद रेज़िडियु की संख्या एवं chain&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए chain B  पर स्थान 28 पर उपस्थित lysine को सक्रिय करने के लिए, टाइप करें, select space colon उसके बाद 28 dot B. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| अब चुने हुए residue का label दिखाने के लिए, टाइप करें rlabel space sel&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| पेनल का निरिक्षण करें, चुने हुए residue का residue label प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
| पहले चुने हुए residue को अचयनित करने के लिए, select command पाने के लिए अप एरो की को दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
|command की शुरुआत में tilda symbol टाइप करें। एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| Help menu में keywords और command index की सूची उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|Help menu पर क्लिक करें, मेनू में नीचे जाएँ और Commands index पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:16&lt;br /&gt;
| commands लिखने के लिए keywords की सूची के साथ एक web-page खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:22&lt;br /&gt;
| Chimera विंडो पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|यदि आप पृष्ठदृश्य यानि बैकग्राउंड के रंग को काले से नीला करना चाहते हैं, टाइप करें: background space solid space blue&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:38&lt;br /&gt;
| अब पेनल का रंग नीला है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
|Command का पुनरावृत्त  करने के लिए, Command line के दाहिनी तरफ उपस्थित काले त्रिकोण पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
|Command history पहले उपयोग किये हुए commands को सूचीबद्ध करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
|Commands, Command  पर क्लिक करके फिर से निष्पादित किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
|Command line छुपाने के लिए, ड्राप-डाउन मेनू में Hide command line विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:03&lt;br /&gt;
| आपकी बनायी हुई संरचना को save करने के अनेक विकल्प होते हैं, File menu को खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| आप ये कर सकते हैं: Restore a Session, Save a Session&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| इमेज को JPEG या PNG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:19&lt;br /&gt;
| इमेज को PDB या Mol2 फाइल्स में सेव करें, दृश्य इत्यादि को Export करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:27&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|Save image विकल्प पर क्लिक करें एक Save image' डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| फाइल लोकेशन के लिए डेस्कटॉप को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| File name को 1zik की तरह टाइप करें File type को JPEG की तरह चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| इमेज के आकार को अपनी जरुरत के हिसाब से निश्चित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं चौड़ाई को 800 और ऊंचाई को 600 टाइप करुँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| Save बटन पर क्लिक करें इमेज डेस्कटॉप पर 1zik.jpg में सेव होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
| सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने कमांड्स टाइप किये, display को atoms में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| ribbons को दर्शाने और छुपाने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|amino acid residues का रंग बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अलग-अलग residues को लेबल करने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
|solvent molecules को हटाने के लिए, इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
| अब  '''Assignment''' के लिए &lt;br /&gt;
Human oxy-hemoglobin (PDB code: 2dn1) की संरचना लोड करने के लिए कमांड्स टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को atoms में बदलें और ribbons को छुपायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| सारे histidine residues को हरे रंग में रंगें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| solvent molecules को हटायें और इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:03&lt;br /&gt;
| आपका पूरा किया असाइनमेंट निम्न प्रकार दिखना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक का वीडीयो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।  &lt;br /&gt;
कृपया इसको डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और उनको सर्टिफिकेट देती है जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं।&lt;br /&gt;
ज्यादा जानकारी के लिए हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट की वित्तीय सहायता NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा दी गयी है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य अब आपसे विदा लेती हूँ। हमें जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi"/>
				<updated>2018-01-16T14:05:28Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot;{| border=1 ! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; ! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | 00:01 | Chimera में Writing Commands ट्यूटोरियल पर आपका स्व...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| पहले वाले commands पर command History से जाया जा सकता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
|commands के बारे में ज्यादा जानकारी दिए हुए लिंक पर दर्शायी गयी है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो पर वापस जाएँ, आइये एक command टाइप करके leucine zipper का एक मॉडल खोलते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
|command एक command वर्ड से शुरू होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|command line टेक्स्ट बॉक्स पर, open space 1zik टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|आपको एक एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन की जरुरत होती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter दबाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| संरचना स्क्रीन पर दिखाई देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
|ribbons डिस्प्ले को atoms में बदलने के लिए command line text box में टाइप करें: The command word display और एंटर दबाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास atoms display में protein की संरचना है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| ये संरचना आंशिक रूप से ribbons की तरह  प्रदर्शित होती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
|ribbons छुपाने के लिए – टाइप करें, wave symbol जो tilda की तरह भी जाना जाता है, उसके बाद  command वर्ड ribbon टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
| tilda के साथ कमांड रिवर्स फंक्शन को दिखाता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
|यहाँ, संकेत tilda इसके बाद ribbon keyword ribbons को छुपा देता है &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
| हम atoms, bonds, surfaces को रंगीन बनाने के लिए color command का उपयोग कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
|उदहारण के लिए सारे leucines का रंग बदलने के लिए टाइप करें: Color space yellow space colon और इसके बाद amino acid के लिए तीन अक्षर का लघु रूप &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| leucine के लिए, मैं टाइप करुँगी leu&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| यहाँ color yellow argument के साथ command word है और संरचना के सारे leucines टारगेट है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| यदि आप टारगेट का विशेष विवरण नहीं देते हैं तो पूरी संरचना पीले रंग में रंगी होगी  &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
|panel का निरिक्षण करें, सारे leucines अब पीले रंग में हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
|  हम एक विशेष स्थान के amino acid को एक खास रंग से रंग सकते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए histidine का रंग बदलने के लिए, जो की chain B पर स्थान 18 पर उपस्थित  है, टाइप करें :&lt;br /&gt;
color space red space colon18.B और एंटर दबाएँ &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें, histidine अब लाल हो गया है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| पूरी संरचना के डिस्प्ले को CPK spacefill में बदलने के लिए, rep टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
|rep कीवर्ड represent का संक्षिप्त रूप है, rep space sphere; एंटर दबाएँ &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|संरचना को stick  डिस्प्ले पर वापस लाने  के लिए, पुन्हा टाइप करें rep space stick और एंटर दबाएँ&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| solvent अणुओं को संरचना से छुपाने के लिए, टाइप करें- del (मिटाने के लिए) space solvent&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| चुनाव के लिए residues को सक्रिय करने के लिए, वर्ड select command का उपयोग करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| command line टेक्स्ट बॉक्स पर टाइप करें, select space colon उसके बाद रेज़िडियु की संख्या एवं chain&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए ''' chain B'''  पर स्थान 28 पर उपस्थित lysine को सक्रिय करने के लिए, टाइप करें, select space colon उसके बाद 28 dot B. एंटर दबाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| अब चुने हुए residue का label दिखाने के लिए, टाइप करें rlabel space sel&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| पेनल का निरिक्षण करें, चुने हुए residue का residue label प्रदर्शित होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
| पहले चुने हुए residue को अचयनित करने के लिए, select command पाने के लिए अप एरो की को दबाएँ  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
|command की शुरुआत में tilda symbol टाइप करें, एंटर दबाएँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| Help menu में keywords और command index की सूची उपलब्ध है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|Help menu पर क्लिक करें, मेनू में नीचे जाएँ और Commands index पर क्लिक करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:16&lt;br /&gt;
| commands लिखने के लिए keywords की सूची के साथ एक web-page खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:22&lt;br /&gt;
| Chimera विंडो पर वापस जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|यदि आप पृष्ठदृश्य यानि बैकग्राउंड के रंग को काले से नीला करना चाहते हैं, टाइप करें: background space solid space blue&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:38&lt;br /&gt;
| अब पेनल का रंग नीला है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
|Command का पुनरावृत्त  करने के लिए, Command line के दाहिनी तरफ उपस्थित काले त्रिकोण पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
|Command history पहले उपयोग किये हुए commands को सूचीबद्ध करती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
|Commands, Command  पर क्लिक करके फिर से निष्पादित किये जा सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
|Command line छुपाने के लिए, ड्राप-डाउन मेनू में Hide command line विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:03&lt;br /&gt;
| आपकी बनायी  हुए संरचना को save करने के अनेक विकल्प होते हैं File menu&lt;br /&gt;
 को खोलें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| आप ये कर सकते हैं: Restore a Session, Save a Session&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| इमेज को JPEG या PNG फॉर्मेट में सेव करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:19&lt;br /&gt;
| इमेज को PDB या Mol2 फाइल्स में सेव करें, दृश्य इत्यादि को Export करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:27&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करती हूँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|Save image विकल्प पर क्लिक करें एक Save image' डायलॉग बॉक्स खुलता है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| फाइल लोकेशन के लिए डेस्कटॉप को चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| File name को 1zik की तरह टाइप करें File type को JPEG की तरह चुनें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| इमेज के आकार को अपनी जरुरत के हिसाब से निश्चित करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं चौड़ाई को 800 और ऊंचाई को 600 टाइप करुँगी &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| Save बटन पर क्लिक करें इमेज डेस्कटॉप पर 1zik.jpg में सेव होती है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
| सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने कमांड्स टाइप किये, display को atoms में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| ribbons को दर्शाने और छुपाने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|amino acid residues का रंग बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अलग-अलग residues को लेबल करने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
|solvent molecules को हटाने के लिए, इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
| अब  '''Assignment''' के लिए &lt;br /&gt;
Human oxy-hemoglobin (PDB code: 2dn1) की संरचना लोड करने के लिए कमांड्स टाइप करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को atoms में बदलें और ribbons को छुपायें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| सारे histidine residues को हरे रंग में रंगें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| solvent molecules को हटायें और इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:03&lt;br /&gt;
| आपका पूरा किया असाइनमेंट निम्न प्रकार दिखना चाहिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक का वीडीयो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है  &lt;br /&gt;
कृपया इसको डाउनलोड करें और देखें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और उनको सर्टिफिकेट देती है जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ज्यादा जानकारी के लिए हमें लिखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट की वित्तीय सहायता NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा दी गयी है   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर उपलब्ध है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| मैं आई आई टी से मैं श्रुति आर्य अब आपसे विदा लेती हूँ | हमें जुड़ने के लिए धन्यवाद &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Modelica-Packages/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C3/Modelica-Packages/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C3/Modelica-Packages/Hindi"/>
				<updated>2018-01-12T13:25:46Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Packages''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:05&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखने जा रहे हैं- '''Modelica''' में '''classes''' का एक '''package''' कैसे बनाएँ।&lt;br /&gt;
.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||एक '''package''' में '''classes'' को कैसे रिफरेंस करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:16&lt;br /&gt;
|| एक '''package''' को कैसे इम्पोर्ट करना है और '''Modelica Library''' को कैसे प्रयोग करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:22&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ : '''OpenModelica 1.9.2''' और '''Ubuntu'''  ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन '''14.04''' और '''gedit'''।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35&lt;br /&gt;
||'''Windows''' के उपयोगकर्ता  '''gedit''' की जगह '''Notepad''' या किसी अन्य दूसरे टेक्स्ट एडिटर का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:42&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए, आपको '''Modelica''' में '''class'' और '''type definition''' के बारे में जानकारी होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियलों के बारे में हमारे वेबसाइट पर बताया गया है। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
|| एक '''Package''' '''Modelica''' में एक विशेष '''class''' होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:01&lt;br /&gt;
|| यह '''classes'' का एक संग्रह होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
|| इसे एक '''single file''' या एक '''directory''' के रूप में स्टोर किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले हम '''single file storage''' के बारे सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:12&lt;br /&gt;
|| '''single file storage''' में एक '''package''' से संबंधित सभी '''classes''' एक '''single file''' में लिखे जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:20&lt;br /&gt;
|| इसकी अनुशंसा नहीं की जाती है, क्योंकि कुछ मामलों में यह बहुत लंबा हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
|| अब एक '''package''' के लिए '''single file storage''' को प्रदर्शित के लिए '''OMEdit''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:31&lt;br /&gt;
|| कृपया हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध सभी फाइलों को डाउनलोड और सेव कर लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि, वहाँ '''spokenTutorialExamples''' नाम की एक फाइल और एक फोल्डर है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
|| कृपया उन दोनों को डाउनलोड कर लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| अब, हम '''OMEdit'' में आवश्यक फाइलों को खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:51&lt;br /&gt;
||'''Ctrl + O''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
|| अपने सिस्टम पर सही लोकेशन पर जाएं और सेलेक्ट करें, '''spokenTutorialExamples.mo''',&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
|| '''bouncingBallWithUserTypes.mo''' और  '''bouncingBallWithImport'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| आप उनमें से हर एक को एक-एक करके भी ओपन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि मैंने '''spokenTutorialExamples''' फोल्डर को सेलेक्ट नहीं किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| हम इसके बारे में विस्तार से चर्चा तब करेंगे जब हम डायरेक्टरी स्टोरेज पर जाएंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
|| '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि '''spokenTutorialExamples''' पैकेज अब '''Libraries Browser''' में दिख रहा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' आइकॉन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:37&lt;br /&gt;
|| यदि फाइल '''Icon/Diagram View''' में खुलती है तो '''Text View''' पर स्विच करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
|| आइए, अब '''spokenTutorialExamples''' पर चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| पहली लाइन एक '''package''' के नाम को परिभाषित करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
|| स्पष्ट रूप से, इस पैकेज का नाम '''spokenTutorialExamples''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
|| इस पैकेज में  '''freefall class'''  '''bouncingBall''' मॉडल और '''bouncingBallWithUserTypes''' मॉडल होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| '''end statement''' पैकेज के समाप्ति को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| हमने इस पैकेज के सभी '''classes''' और '''models'' को एक जगह देख लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:19&lt;br /&gt;
|| अब, हमें सीखते हैं कि, एक पैकेज में कैसे एक-एक करके ''classes'' को देखना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:24&lt;br /&gt;
|| '''Libraries Browser''' में '''spokenTutorialExamples''' के साथ ही (+) बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| यह पैकेज में मौजूद '''classes''' के नामों को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| '''Libraries Browser''' में '''freeFall''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
|| अब '''freeFall class''' खुल गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
|| एक पैकेज का हर एक '''classes''' सिमुलेटेड हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
|| लेकिन अपने आप में पैकेज सिमुलेटेड नहीं हो सकता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| अब '''spokenTutorialExamples''' टैब पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, '''Simulate''' बटन टूलबॉर में नहीं प्रदर्शित होता, जो दर्शाता है कि, पैकेज सिमुलेटेड नहीं हो सकता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| अब, मैं OMEdit से '''spokenTutorialExamples''' को अनलोड करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
||राइट-क्लिक करें और '''unload''' सलेक्ट करें। '''Yes''' सलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
|| डायरेक्टरी स्टोरेज को प्रदर्शित करते समय, कनफ्लिक्ट को टालने के लिए, यह किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| अब, स्लाइडों पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| '''Directory storage classes''' अलग-अलग फाइलों में स्टोर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
||डायरेक्टरी का नाम वही है, जो पैकेज का है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
||'''package.mo''' नामक फाइल को डायरेक्टरी में शामिल करना है और प्रत्येक '''class''' एक '''within statement''' से शुरू होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| अब, मैं फोल्डर '''spokenTutorialExamples''' को प्रदर्शित करता हूँ, जिसे आपने डाउनलोड किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि यह फोल्डर उसी पैकेज को दर्शाता है, जिसकी चर्चा हम पहले ही कर चुके हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:02&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर के फाइल स्ट्रक्चर को देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
|| उस लोकेशन पर जाएँ जहाँ आपने अपने सिस्टम पर फाइलों को सेव और डाउनलोड किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' फ़ोल्डर पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, फ़ोल्डर में ये फ़ाइलें हैं :   '''package.mo''',  '''freeFall.mo''', '''bouncingBallWithUserTypes''' और  '''bouncingBall'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| हम लोग डायरेक्टरी स्टोरेज के बारे और अधिक, '''OMEdit''' और  '''gedit''' इन दोनों के उपयोग से जानेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:38&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, '''package.mo''' ये दर्शाता है कि यह फ़ोल्डर एक पैकेज को रिप्रेजेंट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| बिना इस फ़ाइल के, फोल्डर '''Modelica package''' को रिप्रेजेंट नहीं करता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| डायरेक्टरी स्टोरेज को प्रदर्शित करने के लिए अब हम '''OMEdit''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + O''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:59&lt;br /&gt;
||'''spokenTutorialExamples''' फोल्डर को नेविगेट करें, जिसे आपने डाउनलोड किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर से '''package.mo'''  सेलेक्ट करें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:11&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' पैकेज को अब '''Libraries Browser''' में देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples''' आइकॉन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| अगर खुलता है तो पैकेज को '''Text View''' में खोलें, नहीं तो '''Icon/Diagram View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:27&lt;br /&gt;
|| यदि आप नीचे स्क्रॉल करते हैं, तो देख सकते हैं कि यह पैकेज ठीक वैसे ही है जैसा हमने '''single file storage''' में देखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| सिंगल फाइल और डायरेक्टरी के बीच का अंतर तभी समझा जा सकता है, जब हम इस '''package''' को '''gedit'' जैसे टेक्स्ट एडिटर का उपयोग करके खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| यदि आप '''Windows''' का प्रयोग कर रहे हैं, तो आप '''Notepad'' या किसी अन्य टेक्स्ट एडिटर का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| अब, मैं 'OMEdit''' से '''spokenTutorialExamples''' पैकेज को अनलोड करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:59&lt;br /&gt;
|| '''spokenTutorialExamples'' पर स्विच करें और सभी फाइलों को '''gedit''' का उपयोग करके खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
|| अब सभी फाइलें '''gedit'' में खुली हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| अब सबसे पहले '''package.mo''' पर एक नजर डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| '''within statement''' दर्शाता है कि यह फाइल एक '''package''' को रिप्रेजेंट करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
|| इस पैकेज का नाम '''spokenTutorialExamples''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:25&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, फोल्डर का नाम भी '''spokenTutorialExamples''' ही था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:31&lt;br /&gt;
|| '''package.mo''' फाइल में केवल '''within statement''' और '''package''' डेक्लरेशन हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| अब '''freeFall''' टैब पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| यह '''within statement''' दर्शाता है कि '''freefall class''' '''spokenTutorialExamples'' पैकेज से संबंधित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| इस फाइल के शेष भाग में '''freeFall class''' से संबंधित विशेष जानकारी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि, इस पैकेज में दूसरे मॉडल, नामतः '''bouncingBallWithUserTypes''' और '''bouncingBall''', इसी प्रकार की समान सिंटेक्स का अनुसरण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| लेकिन, जब हमने पैकेज को '''OMEdit''' में खोला तो हमने '''within statement''' को ऑब्जर्व नहीं किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| यह दर्शाता है कि '''within statement''', फाइल स्ट्रक्चर की पहचान करने में '''OMEdit''' की सहायता करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| इसलिए, '''package''' का प्रदर्शन करते समय, यह '''OMEdit''' द्वारा छोड़ दिया गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:22&lt;br /&gt;
|| आइए, स्लाइडों पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
|| अब हम '''Modelica Library''' के बारे में और अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
||'''Modelica Library''' एक ओपन सोर्स पैकेज है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
||'''OMEdit''' स्वतः ही इसे हर सेसन के लिए लोड करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| इसे '''Libraries Browser''' में देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
||'''mechanical, electrical''' और '''thermal''' डोमेन से इसमें '''classes''' हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| इस लाइब्रेरी के '''classes''' को संदर्भित और उपयोग किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
|| '''Modelica Library''' का प्रदर्शन करने के लिए अब हम '''OMEdit''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| '''Libraries Browser''' में '''Modelica'' आइकॉन को खोजे और उसे एक्सपैंड करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:03&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, '''Modelica Library''' में '''Blocks, Complex Blocks''' आदि नाम के पैकेज हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| आप देख सकते हैं कि, एक पैकेज में और पैकेज भी हो सकते हैं, जैसा कि यहाँ प्रमाण है। विशेष रूप से, यह '''SIunits''' पैकेज है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
|| इसे एक्सपैंड करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| इस पैकेज में '''Angle, Length, Position''' इत्यादि जैसे भौतिक परिमाणों के लिए प्रकार निर्धारण हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:32&lt;br /&gt;
|| हम देखेंगे कि, इस तरह से '''bouncingBallWithImport class''' के उपयोग से इस प्रकार के निर्धारणों का उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
|| '''SIunits''' को कॉम्प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
|| और '''bouncingBallWithImport''' तथा '''bouncingBallWithUserTypes''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:49&lt;br /&gt;
|| अच्छे से दिखने के लिए, मैं '''OMEdit''' विंडो को बायीं तरफ शिफ्ट करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:55&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले हम '''bouncingBallWithUserTypes''' पर नजर डालेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
|| हम पहले ही अपेक्षित ट्यूटोरिलयों में इस मॉडल के बारे में सीख चुके हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:03&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल में '''Length''' और '''Velocity''' नामक प्रकार निर्धारण हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| हर मॉडल में उन्हें अलग से निर्धारित करने के बजाय हम '''SIunits''' में प्रकार निर्धारण का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:18&lt;br /&gt;
|| हम देखेंगे कि '''bouncingBallWithImport''' मॉडल का प्रयोग करके, इसे कैसे करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| अब '''bouncingBallWithImport''' पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:27&lt;br /&gt;
|| एक पैकेज में '''class''' '''dot''' के उपयोग से संदर्भित किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:32&lt;br /&gt;
||'''Modelica.SIunits''' '''SIunits''' पैकेज को रेफर करता है, जो '''Modelica''' लाइब्रेरी से संबंधित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:39&lt;br /&gt;
|| वेरिएबल '''h''' को '''Length'' टाइप घोषित करना है, जो कि '''SIunits''' पैकेज में निर्धारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:47&lt;br /&gt;
|| इसी प्रकार, वेरिएबल '''v''' को '''Velocity''' टाइप घोषित करना है जो कि '''SIunits''' पैकेज में निर्धारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, पैरामीटर '''radius''' और  '''g''' को भी उसी तरह से घोषित किया जाना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:03&lt;br /&gt;
|| अब, इस मॉडल को '''Simulate''' करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
|| टूलबॉर में '''Simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
|| पॉप अप विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:13&lt;br /&gt;
||'''Variables Browser''' में '''h''' को चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:17&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि, प्राप्त प्लॉट, वैसा ही है, जैसा कि '''bouncingBallWithUserTypes''' के मामले में देखा गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
|| अब '''h''' को अचयनित करें। परिणाम को डिलीट करें। '''Modeling''' पर्स्पेक्टिव पर स्विच करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:33&lt;br /&gt;
|| हर बार, किसी क्लास का पूरा नाम लेना उबाऊ है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| इसे '''import statement''' का उपयोग करके आसानी से किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| अब, हम कुछ '''statements''' को टाइप करेंगे जो '''import''' के प्रयोग को दिखाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| टाइप किए जाने वाले '''statements''', '''import-statements.txt''' नामक टेक्स्ट फाइल में दिए गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
|| उस लोकेशन पर जाएँ, जहाँ आपने इसे अपने सिस्टम पर सेव किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
|| '''import-statements.txt''' पर डबल क्लिक करें। इस फाइल को खोलने के लिए '''Windows''' उपयोगकर्ता '''Notepad''' का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:11&lt;br /&gt;
|| फाइल अब '''gedit''' में खुल गई है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl+C''' के उपयोग से या राइट-क्लिक के द्वारा सभी स्टेटमेंट्स को कॉपी करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' पर स्विच करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:23&lt;br /&gt;
||मॉडल के प्रारंभ में सभी '''statements''' को पेस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
|| '''Length''' और '''Velocity''' के लिए '''declaration statements''' को डिलिट करें, जिसे पहले निर्धारित किया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
||अतिरिक्त स्पेस को डिलिट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:39&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + S''' को दबाकर इस मॉडल को सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
||अब मॉडल पूर्ण हो गया है और सिमुलेशन के लिए तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| इसे सिमुलेट करने के लिए '''Simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
||पॉप अप विंडो को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| '''Variables Browser''' में '''h''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:58&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि, पहले वाले मामले के अनुसार ही प्लॉट समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:03&lt;br /&gt;
|| '''h''' को अचयनित करें और परिणाम को डिलिट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:07&lt;br /&gt;
|| '''Modeling''' पर्स्पेक्टिव पर स्विच करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:10&lt;br /&gt;
|| अब, '''import''' statements को समझने की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| '''import statements''' के उपयोग से, यहाँ बताए गए पॉथ के उपयोग से '''Modelica''', '''Length''' और '''Velocity''' प्रकार निर्धारणों का अवलोकन करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:25&lt;br /&gt;
|| इससे हर बार पैकेज को संदर्भित करने की परेशानी से बचा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:30&lt;br /&gt;
|| '''lookup rules''' की एक विस्तृत चर्चा, इस ट्यूटोरियल के दायरे से बाहर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:36&lt;br /&gt;
|| अब, हम देखते हैं कि हम कैसे एक सिंगल '''import statement''' के द्वारा इन दो '''import statements'''को रिप्लेस कर सकते हैं। दो '''statements''' को डिलिट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:47&lt;br /&gt;
|| और '''import (space) Modelica (dot) SIunits (dot) asterisk (semicolon)''' टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:58&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + S''' दबाकर इस मॉडल को सेव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:02&lt;br /&gt;
|| यह '''statement''' '''wild-card import''' के नाम से जाना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:06&lt;br /&gt;
||इस तरह से, स्पष्ट रूप से इसे बताए बिना, '''SIunits''' से कोई भी '''class''' एक्सेस किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:14&lt;br /&gt;
|| अब इस मॉडल को '''Simulate''' करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:17&lt;br /&gt;
|| '''Simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:20&lt;br /&gt;
||पॉप अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:22&lt;br /&gt;
|| '''Variables Browser''' में '''h''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:25&lt;br /&gt;
|| आप एक बार फिर प्लॉट की समानता देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:29&lt;br /&gt;
|| '''h''' को अचयनित करें और परिणाम डिलिट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:32&lt;br /&gt;
|| '''Modeling perspective''' में वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:35&lt;br /&gt;
|| अब, स्लाइडों पर स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:38&lt;br /&gt;
|| एक असाइनमेंट के रूप में,  क्रमशः '''Length''' और '''Velocity''' के रूप में '''freeFall class'' के घोषित वैरियवल '''h''' और '''v''' को टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:47&lt;br /&gt;
|| इन टाइप निर्धारणों को '''Modelica''' लाइब्रेरी के '''SIunits''' पैकेज में पाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:54&lt;br /&gt;
|| अब, हम इस ट्यूटोरिलय की समाप्ति पर पहुँच गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:58&lt;br /&gt;
|| नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें : ][http://spoken-tutorial.org/ org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:02&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:05&lt;br /&gt;
||अगर आपको इस '''Spoken Tutorial''' से संबंधित कोई प्रश्न पूछना है, तो कृपया दी गई वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||15:11&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय पुस्तकों के हल किए हुए उदाहरणों की कोडिंग का समन्वय करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:15&lt;br /&gt;
|| हम योगदानकर्ताओं को पारिश्रमिक देते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:21&lt;br /&gt;
|| हम कामर्शियल सिम्युलेटरों से लैब्स को '''OpenModelica''' पर माइग्रेट करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:26&lt;br /&gt;
|| कृपया, निम्न वेबसाइट देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:29&lt;br /&gt;
|| '''Spoken Tutorial Project''' '''NMEICT, MHRD''', भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:36&lt;br /&gt;
|| हम '''OpenModelica''' के टीम के प्रति, उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:41&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में आने के लिए मैं श्रुति आर्य आपका आभार व्यक्त करती हूँ। धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi"/>
				<updated>2018-01-10T19:40:44Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot; {| border=1 ||'''Time''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 || DWSIM में 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करने पर इस...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| DWSIM में 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| CSTR में एक अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence Time की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ DWSIM 4.3 और Windows 7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे Linux, Mac OS X, या ARM पर FOSSEE में भी समान है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए आपको फ्लोशीट पर कंपोनेंट्स को जोड़ने का ज्ञान होना चाहिए.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
|| thermodynamic पैकेजेस चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| 'material' और 'energy' स्ट्रीम जोड़ें और उनकी विशेषताएं निर्दिष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| और 'reaction manager’ में 'kinetic reaction' जोड़ें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:03&lt;br /&gt;
|| आप इन ट्यूटोरियल्स को सभी सम्बंधित फाइल्स को इस साईट से एक्सेस कर सकते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| हम एक isothermal CSTR से exit composition को निर्धारित करने के लिए एक फ्लोशीट विकसित करेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Reaction, Property Package और Inlet Stream Conditions देते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| आगे हम CSTR dimensions और reaction kinetics देते हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर DWSIM पहले ही खोल लिया है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| File मेनू पर जाएँ और New Steady-state Simulation चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
||Simulation Configuration Wizard विंडो दिखती है. नीचे Next पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| अब Compounds Search टैब में टाइप करें Ethanol.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| ChemSep डेटाबेस से Ethanol चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Acetic Acid जोड़ें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| अगला Water जोड़ें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| अगला Ethyl Acetate जोड़ें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| अब Property Packages आता है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
||Available Property Packages से NRTL पर डबल-क्लिक करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
|| फिर Next पर क्लिक करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| हम Flash Algorithm पर लाये गए हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| Default Flash Algorithm से Nested Loops(VLE) चुनें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प System of Units है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
|| System of Units में हम C5 चुनेंगे .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| फिर Finish पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:46&lt;br /&gt;
|| अब सिमुलेशन विंडो को मैक्सिमाईज़ करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब एक feed stream प्रविष्ट करें जो CSTR में प्रवेश करता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
|| Streams सेक्शन से फ्लोशीट पर Material Stream को ड्रैग और ड्राप करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| अब इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Feed करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| अब हम Feed स्ट्रीम विशेषताओं को उल्लिखित करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:12&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो, Flash Spec में Temperature and Pressure (TP) चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Flash Spec में पहले से ही Temperature and Pressure चयनित है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:27&lt;br /&gt;
|| Temperature को 70 degC करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| Pressure को 1 bar करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 3600 kg/hour करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
|| अब feed stream compositions को उल्लिखित करते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
|| Composition में, यदि पहले से चयनित न हो तो, Basis में Mole Fractions चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में पहले से ही Mole Fractions चयनित है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
|| अब Ethanol के लिए, Amount में 0.48 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 0.5 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Water के लिए 0.02 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| Ethyl Acetate के लिए 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ, Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| आगे हम Kinetic Reaction परिभाषित करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| Tools में, Reactions Manager पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions Manager विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions टैब में हरे रंग के Add Reaction बटन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| फिर Kinetic पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| Add New Kinetic Reaction विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| Identification में Name में Ethyl Acetate प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| अब Description प्रविष्ट करें “Irreversible reaction for synthesis of Ethyl Acetate from Ethanol and Acetic Acid.”&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| अगला भाग Components, Stoichiometry and Reaction Orders की सूची है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| पहला कॉलम Name यहाँ उपलब्ध कंपाउंड्स दिखाता है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| दूसरा कॉलम इसके Molar Weight के समान है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Include है. Include में सारे चेक बॉक्सेस को चेक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:37&lt;br /&gt;
|| चौथा कॉलम BC है, BC में Ethanol चेक बॉक्स को चेक करें क्योंकि Ethanol बेस कॉम्पोनेन्ट है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Stoichiometric coefficients है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| Stoichiometric coefficients कॉलम में Ethanol के लिए -1 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:58&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए -1 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
|| Water के लिए 1 और Ethyl Acetate के लिए 1 और फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
|| Stoichiometry फील्ड में हम देख सकते हैं यह OK  दिखा रहा है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| यहाँ Equation फील्ड reaction equation दिखाती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम DO है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| हम अभिक्रिया को प्राथमिक मान रहे हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
|| अतः DO कॉलम में Ethanol के लिए 1 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:32&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 1 प्रविष्ट करें और फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम RO है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
|| चूँकि हम एक irreversible अभिक्रिया मान रहे हैं तो यहाँ हम कुछ भी प्रविष्ट नहीं करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| Then comes '''Kinetic Reactions Parameters.''' फिर Kinetic Reactions Parameters आता है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| हमारा रेट molar concentration की टर्म्स में है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:55&lt;br /&gt;
|| अतः हम Basis में Molar Concentrations चुनेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो Fase  में Liquid चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| Tmin में 300 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
|| Tmax  में 2000 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
|| अब Direct and Reverse Reactions Velocity Constant पर जाते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
|| Direct Reaction में A के लिए  0.005 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| OK पर क्लिक करें और Chemical Reactions Manager विंडो बंद करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| अब फ्लोशीट पर Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:37&lt;br /&gt;
|| Unit Operations में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
|| इसे फ्लोशीट पर ड्रैग और ड्राप करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब इसे आवश्यक की तरह समायोजित करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| और फिर एक Output Stream प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| वह करने के लिए एक Material Stream को ड्रैग करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर इसे समायोजित करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट छोड़ दें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| हम इस स्ट्रीम का नाम बदलकर ‘Product’ करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक Energy Stream प्रविष्ट करेंगे और इस स्ट्रीम का नाम Energy करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| अब हम उस Continuous Stirred Tank Reactor को उल्लिखित करने के लिए तैयार हैं .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम एक टैब देख सकते हैं जो CSTR से सम्बंधित विशेषताएं दिखा रही है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| Connections में Inlet Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और  Feed चुनें .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| आगे Outlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Product चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
|| फिर Energy Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Energy चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन Calculation Parameters पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प Reaction Set है. डिफ़ॉल्ट रूप से Default Set है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:02&lt;br /&gt;
|| आगे Calculation Mode के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Isothermic चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| फिर Reactor Volume के सामने वाली फील्ड पर क्लिक करें और 0.14 प्रविष्ट करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
|| अब हम सिमुलेशन रन करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:21&lt;br /&gt;
|| अतः टूल बार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाएँ तो फ्लोशीट में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
|| CSTR के Property Editor Window से Results सेक्शन पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
|| General टैब में Residence time पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
यह 0.033 hour है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:46&lt;br /&gt;
|| अब Conversions टैब पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:49&lt;br /&gt;
|| यहाँ Ethanol के लिए कन्वर्जन 99.5% है और Acetic Acid के लिए यह 95.5% है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| अब Insert मेन्यु पर जाएँ और Master Property Table चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| Master Property Table पर डबल क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
|| Name में Results – Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से ही चयनित है, तो हम इसे नहीं बदलेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| Properties to display में, Object में Product और Feed चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:40&lt;br /&gt;
|| अब propertiesमें निम्न चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
||Liquid Phase (Mixture) Volumetric Fraction&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्य के लिए Master Property Table को घुमाएं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Product और Feed के लिए सम्बंधित परिणाम देख सकते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| इसे सारांशित करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:33&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने Continuous Stirred Tank Reactor को सिमुलेट करना सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:38&lt;br /&gt;
|| CSTR में अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence time की गणना करना सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में निम्न के साथ सिमुलेशन दोहरायें: भिन्न-भिन्न कंपाउंड्स और थर्मोडायनामिक्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
||भिन्न-भिन्न feed conditions &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न CSTR dimensions और reaction kinetics&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:58&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:01&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:05&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है. अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:18&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मौजूदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:47&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:01&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi"/>
				<updated>2018-01-10T18:38:41Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| 'DWSIM' में 'Plug Flow Reactor(PFR)' सिम्युलेट करने पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'kinetic reaction' परिभाषित करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
|| 'Plug Flow Reactor (PFR)' सिम्युलेट करना  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| 'PFR' में 'रिएक्शन' के लिए 'Conversion' और 'Residence time' की गणना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:22&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ 'DWSIM 4.3' और 'Windows 7'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे 'Linux', 'Mac OS X' या 'ARM' पर 'FOSSEE OS' पर भी समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:42&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको निम्न का ज्ञान होना चाहिए: 'flowsheet' पर कंपोनेंट्स को जोड़ने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| 'thermodynamic' पैकेजेस चुनने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
|| 'material' और 'energy' स्ट्रीम्स जोड़ने और उनके गुणों के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| पूर्वावश्यक ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
|| आप इस साइट से इन ट्यूटोरियल्स और संबधित फाइल्स को एक्सेस कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| हम एक आइसोथर्मल 'PRF' से 'exit composition' को निर्धारित करने के लिए एक 'फ्लोशीट' बनाएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम 'reaction, property package' और 'inlet stream' कंडीशंस देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
|| आगे हम 'Reactor Parameters' और 'reaction kinetics' देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर 'DWSIM' पहले ही खोल लिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:33&lt;br /&gt;
|| 'File' मेनू पर जाएँ और 'New Steady-state Simulation' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
|| 'Simulation Configuration Wizard' विंडो दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
|| नीचे 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| पहले हम 'कंपाउंड्स' जोड़ेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| 'Compounds Search' टैब में टाइप करें 'Nitrogen' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:52&lt;br /&gt;
|| 'ChemSep' डेटाबेस से 'Nitrogen' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार 'ChemSep' डेटाबेस से 'Hydrogen' जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| आगे 'ChemSep' डेटाबेस से 'Ammonia' जोड़ें। अब सारे 'कंपाउंड्स' जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| अब 'Property Packages' पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| 'Available Property Packages' से 'Peng-Robinson (PR)' पर डबल- क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| हम 'Flash Algorithm' पर आ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
||  'Default Flash Algorithm' से 'Nested Loops(VLE)' चुनें। 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प 'System of Units' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| 'System of Units' में 'C5' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| यह हमारे प्रश्न अभिव्यक्ति के अनुसार वांछित सिस्टम ऑफ़ यूनिट्स रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| फिर 'Finish' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| अब सिम्युलेशन विंडो को मिनिमाइज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब एक 'feed stream' सम्मिलित करते हैं जो 'PFR' प्रविष्ट करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| मेन सिम्युलेशन विंडो के दायीं तरफ 'Object Palette' पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
||'Streams' सेक्शन से 'फ्लोशीट' पर एक 'मटीरियल स्ट्रीम' ड्रैग और ड्राप करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| 'Material Stream' 'MSTR-000' के गुणों को देखने के लिए इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| इस 'स्ट्रीम' का नाम बदलकर 'Feed' करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Feed stream' के गुणों को उल्लिखित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:18&lt;br /&gt;
|| 'Input Data' में 'Flash Spec' में, 'Temperature and Pressure (TP)' चुनें यदि पहले से चयनित न हो तो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से 'Flash Spec' में पहले से ही 'Temperature and Pressure ' चयनित हैं। &lt;br /&gt;
इसे नहीं बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| 'Temperature' को '425 degC' करें और नयी वैल्यू को स्वीकार करने के लिए एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
|| 'Pressure' को '200 bar' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| 'Mass Flow' को '3600 kg/h' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| अब 'feed stream compositions' को उल्लिखित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| 'Composition' में 'Basis' को 'Mole Fractions' करें यदि पहले से चयनित न हो तो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:05&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से 'Basis' में 'Mole Fractions' पहले से ही चयनित है। इसे नहीं बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| 'Nitrogen' के लिए 'Amount' को '0.5' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार 'Hydrogen' के लिए इसे '0.5' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| 'Ammonia' के लिए '0' प्रविष्ट करें कर एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ बदलावों को स्वीकार करने के लिए हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Kinetic Reaction' को परिभाषित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| 'Tools' में 'Reactions Manager' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| 'Chemical Reactions Manager' विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| 'Chemical Reactions' टैब में हरे रंग के 'Add Reaction' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
|| फिर 'Kinetic' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| 'Add New Kinetic Reactions' विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
|| पहला भाग 'Identification' है। 'Identification' में 'Name' में 'Ammonia Synthesis' लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
|| अगला 'Description' प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| 'Irreversible reaction for synthesis of Ammonia from Nitrogen and Hydrogen' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| अगला भाग 'Components, Stoichiometry and Reaction Orders' की सूची है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| पहला कॉलम 'Name' यहाँ उपलब्ध कंपोनेंट्स दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| दूसरा कॉलम 'Molar Weight' से सम्बंधित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'Include' है। यह उन कंपोनेंट्स को दिखाता है जो रिएक्शन में भाग लेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| 'Include' में सभी कंपोनेंट्स के नामों के सामने वाले चेक बॉक्सेस को चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| चौथा कॉलम 'BC' है। यह रिएक्शन के बेस कॉम्पोनेन्ट को दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| 'BC' में 'Nitrogen' चेक बॉक्स को चेक करें क्योंकि 'Nitrogen' बेस कॉम्पोनेन्ट है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'Stoich. Coeff. (stoichiometric coefficients)' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| 'Stoic Coeff' कॉलम में निम्न प्रविष्ट करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Nitrogen' के लिए '-1', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Hydrogen' के लिए '-3', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और 'Ammonia' के लिए 2 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
||'नेगेटिव साइन' दिखाता है कि 'कंपोनेंट्स' 'रीऐक्टन्ट्स' (अभिकारक) की तरह हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| 'Stoichiometry' फील्ड में हम देख सकते हैं यह 'OK' दिखा रहा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
|| अतः 'stoichiometric coefficients' प्रविष्ट करने के बाद रिएक्शन बैलेन्स होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| यहाँ 'Equation' फील्ड 'reaction equation' दिखाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'DO' है, जो 'direct/(या) forward' रिएक्शन आर्डर दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| हम 'रिएक्शन' को 'नाइट्रोजन' के सन्दर्भ में 'फर्स्ट आर्डर' का मान रहे हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| अतः हम 'DO' कॉलम में 'Nitrogen' के सामने '1' प्रविष्ट करेंगे और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'RO' है जो 'reverse reaction order' दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| चूँकि हम 'irreversible reaction' ध्यान में रख रहे हैं तो हम यहाँ कुछ प्रविष्ट नहीं करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| फिर 'Kinetic Reactions Parameters' पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| हमारा रेट 'मोलर कॉन्सेंट्रेशन' के टर्म्स में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| तो हम 'Basis' में 'Molar Concentrations' चुनेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:21&lt;br /&gt;
|| 'Fase' में 'Vapor' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:25&lt;br /&gt;
|| अगला 'Tmin' और 'Tmax' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| यह टेम्परेचर रेंज देता है जिसमें रेट एक्सप्रेशन को वैध कल्पित किया गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| अतः 'Tmin (K)' में '500' और 'Tmax (K)' में '2000' प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| अब 'Direct and Reverse Reactions Velocity Constant' पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| 'Direct Reaction' में 'A' को '0.004' प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:51&lt;br /&gt;
|| 'OK ' पर क्लिक करें और  'Chemical Reactions Manager' विंडो को बंद करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
|| अब उस 'फ्लोशीट' में एक 'Plug-Flow Reactor (PFR)' प्रविष्ट करते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:02&lt;br /&gt;
|| ऑब्जेक्ट पैलेट पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| 'Unit Operations' में Plug-Flow Reactor (PFR) पर क्लिक करें इस पर क्लिक करके उस फ्लोशीट में ड्रैग करें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| अब आवश्यकतानुसार इसे व्यवस्थित करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:14&lt;br /&gt;
|| हम एक 'Output Stream' प्रविष्ट करेंगे, इसके लिए एक  'Material Stream' को ड्रैग करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर इसे व्यवस्थित करें चूँकि यह एक 'output stream' है हम इसे अनिर्दिष्ट छोड़ देंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| हम इस 'स्ट्रीम' का नाम बदलकर 'Product' करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक 'Energy Stream' प्रविष्ट करेंगे और इस 'स्ट्रीम' को 'Energy' नाम देंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Plug-Flow Reactor' को उल्लिखित करने के  तैयार हैं, इस पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम 'PFR' से सम्बंधित विशेषताएं दिखा रही 'टैब' देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| यह टैब 'Property Editor Window; कहलाती है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| 'Connections' में 'Inlet Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Feed' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
|| आगे 'Outlet Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Product' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:07&lt;br /&gt;
|| फिर 'Energy Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Energy' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन 'Calculation Parameters' पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:18&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प 'Reaction Set' है डिफ़ॉल्ट रूप से यह 'Default Set' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| चूँकि हमारे पास केवल एक 'reaction' है इसे ऐसे ही रहने दें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| आगे Calculation Mode के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें, Isothermic चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:38&lt;br /&gt;
|| फिर Reactor Volume के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 1 meter cube प्रविष्ट करें, फिर एंटर दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
||  फिर Reactor length के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 1.5 m प्रविष्ट करें, फिर एंटर दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| अब हम 'सिमुलेशन' रन करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
|| टूलबार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाएँ तो फ्लोशीट में PFR पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| PFR के Property Editor Window से  Results सेक्शन पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| General टैब में Residence time को चेक करें, यह '0.013 hour' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| Conversions टैब में दोनों 'रेअक्टिंग कंपाउंड्स' के लिए कन्वर्शन को चेक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| Nitrogen के लिए कन्वर्शन 17.91%  और Hydrogen के लिए यह 53.73% है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| अब हम मटीरिअल बैलेंसेस को चेक करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| Insert मेनू पर जाएँ और Master Property Table चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| Master Property Table को एडिट करने के लिए इस पर डबल क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:57&lt;br /&gt;
|| Name में Results - Plug Flow Reactor प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:05&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से चयनित है, अतः हम इसे नहीं बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
|| Properties to display में, Object  में Feed और Product चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:17&lt;br /&gt;
|| Property में, सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:22&lt;br /&gt;
|| अब प्रॉपर्टीज़ में निम्न चुनें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| Vapor Phase Volumetric Fraction &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Nitrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Nitrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Hydrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Hydrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Ammonia &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Ammonia &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्य के लिए Master Property Table को मूव करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Product और Feed के लिए सम्बंधित परिणामों को देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:06&lt;br /&gt;
|| अब सारांशित करते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा kinetic reaction को परिभाषित करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| Plug-Flow Reactor (PFR) को सिमुलेट करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:17&lt;br /&gt;
|| PFR में अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence time की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:23&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में निम्न के साथ इस सिमुलेशन को दोहराएँ: भिन्न-भिन्न कंपाउंड्स और थर्मोडायनामिक्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न फीड कंडीशन्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:31&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न PFR dimensions और reaction kinetics&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/ '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल को सारांशित करता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:42&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है , प्रमाणपत्र देती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| अधिक जाकारी के लिए कृपया हमें contact@spoken-tutorial.org पर लिखें।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:51&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
||जो यह करता है हम उसको मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:14&lt;br /&gt;
||जो यह करता है हम उसको मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:23&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मोजुदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
|| जो यह करते हैं हम उन्हें मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:37&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:45&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Arrays-in-Modelica/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Arrays-in-Modelica/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Arrays-in-Modelica/Hindi"/>
				<updated>2018-01-04T20:05:49Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
||नमस्कार,  Arrays पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:05&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे  Arrays वैरिएबल घोषित कैसे करना है,  Arrays कैसे बनाना है,  '''for''' और '''while''' लूप्स का उपयोग कैसे करना है और  OMShell का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
||आप इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए निम्नलिखित ऑपरेटिंग सिस्टम में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:32&lt;br /&gt;
||  इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए: आपको किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा में '' '' arrays '' के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
||आपको '' 'Modelica' '' में '' '' class '' को परिभाषित करने के बारे में पता होना चाहिए। पूर्व-अपेक्षित ट्यूटोरियल का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया इनके माध्यम से जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| Vector वन डायमेंशनल array है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
||इसमें एक इंडेक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
||वेक्टर घोषित करने के लिए Syntax दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
||प्रदर्शित उदाहरण वेक्टर वैरिएबल  a को घोषित करता है जिसका साइज 2 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
||एक वेक्टर को कर्ली ब्रैसेस में एलिमेंट्स शामिल कर बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:11&lt;br /&gt;
||यह उदाहरण एक '' vector '' पैरामीटर '' a '' के साथ '' '2' 'और' '3' 'को उसके एलिमेंट्स के रूप में परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
|| Vector के एलिमेंट्स को एक्सेस करने के लिए,  indexing को समझना आवश्यक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
||'vector indexing' के लिए सिंटेक्स दिया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
||'''Vector indexing'' 1 से शुरू होता है और  Indices पूर्णाँक( integers) होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:35&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluatorUsingVectors नामक एक फंक्शन बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
||यह फंक्शन  polynomialEvaluator का एक एक्सटेंशन है जिसकी पिछले ट्यूटोरियल में चर्चा की गई थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
||हमpolynomialEvaluator के '''a,b''' और '''c''' पैरामीटर्स को वेक्टर a के साथ परिवर्तित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| कृपया हमारी '''Code Files''' लिंक पर उपलब्ध सभी फाइल्स को डाउनलोड और सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
||आपकी सुविधा के लिए, '' polynomialEvaluator '' फ़ंक्शन भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
|| अब मैं इस फंक्शन को प्रदर्शित करने के लिए  OMEdit पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
||OMEdit  अब Welcome परिप्रेक्ष्य में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
||मैंने सभी आवश्यक फाइल्स को खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, निम्न क्लासेस और फंक्शन्स अभी OMEdit में खुले हैं:  '''functionTester''', &lt;br /&gt;
'''matrixAdder''',   '''polynomialEvaluator''' और    '''polynomialEvaluatorUsingVectors'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
|| अब उन्हें देखने के लिए, प्रत्येक आइकन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
||बेहतर दृश्यता के लिए मैं '' OMEdit '' विंडो को बाईं तरफ स्थानांतरित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
||polynomialEvaluator टैब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
||इसे '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
||इस फंक्शन पर अधिक जानकारी के लिए, पिछले ट्यूटोरियल को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| मैं polynomialEvaluatorUsingVectors पर जाएँ। इसे '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
|| '''Input''' और '''output''' वैरिएबल्स,  polynomialEvaluator फंक्सन के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator के '''a,b''' और '''c''' पैरामीटर्स को वैक्टर  a के साथ परिवर्तित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
|| इस वैक्टर का साइज 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
|| इस वैक्टर के एलिमेंट्स कर्ली ब्रैकेट्स में शामिल हैं जैसे कि दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
||एलिमेंट्सcomma से अलग अलग किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| assignment स्टेटमेंट में, वैक्टर  a के एलिमेंट्स को उनके सूचकांको का उपयोग करके एक्सेस किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:54&lt;br /&gt;
||'''a[1]'''  वैक्टर a का पहला एलिमेंट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, वैक्टर a का दूसरा एलिमेंट और तीसरा एलिमेंट एक्सेस किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
||अब, मैं  functionTester टैब पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
||इसे '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
||यह क्लास  functionTester क्लास के समान है जिसकी हमने पिछले ट्यूटोरियल में चर्चा की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||Z Real वैरिएबल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| PolynomialEvaluatorUsingVectors फंक्शन को '''10''' यूनिट्स के  input आर्ग्युमेंट के साथ कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| इस फ़ंक्शन द्वारा दिया गया वैल्यू '' '' z '' 'के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
||अब मैं इस क्लास को सिमुलेट करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:49&lt;br /&gt;
|| Variables ब्राउजर में  z चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि  z की वैल्यू  '''x = 10''' पर '''f(x)''' के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
||यह प्लॉट polynomialEvaluator फंक्शन में दिखाए गए केस के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
||अबz को अचयनित करें और परिणाम डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
|| Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
|| अब मैं स्लाइड्स पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:19&lt;br /&gt;
|| for लूप का उपयोग स्टेटमेंट्स को बार बार दोहराने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग '''algorithm''' और '''equation''' सेक्शन्स में किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
||for लूप के लिए सिंटेक्स एक उदाहरण के साथ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
|| for लूप का उपयोग कैसे करें यह प्रदर्शित करने के लिए, मैं  OMEdit पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluatorUsingVectors टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
||fx के लिए  assignment स्टेटमेंट में, हम वैक्टर  a के एलिमेंट्स को एक्सेस कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
||यहfor लूप का उपयोग करके भी किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:55&lt;br /&gt;
||अब, देखते हैं कि algorithm सेक्शन में  for लूप कैसे शामिल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, शुरू और अंत में डबल स्लैश रखकर fx के लिए  assignment स्टेटमेंट कमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
||'''Ctrl+S''' दबाकर फंक्शन सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:15&lt;br /&gt;
|| प्रविष्ट किए जाने वाला for लूप '''for-loop.txt'' नामक टैक्स्ट फाइल में प्रदान किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:23&lt;br /&gt;
||यह हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। मैंने  gedit का उपयोग करके इस फाइल को खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:29&lt;br /&gt;
||विंडो यूजर इसे खोलने के लिए notepad या किसी अन्य एडिटर का उपयोग कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:35&lt;br /&gt;
|| मैं gedit पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:38&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl+C'' दबाकर कर सभी स्टेटमेंट्स को कॉपी करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:44&lt;br /&gt;
||OMEdit पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:46&lt;br /&gt;
|| एंटर दबाएँ।''Ctrl + V'' दबाकर सभी स्टेटमेंट्स को पेस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:53&lt;br /&gt;
||''Ctrl + S''' दबाकर इस फंक्शन को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:57&lt;br /&gt;
|| अब, मैं इस लूप के प्रत्येक स्टेटमेंट को समझाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  07:02&lt;br /&gt;
||लूप शुरू होने से पहले यह असाइनमेंट शून्य की प्रारंभिक वैल्यू '' 'fx' 'को आवंटित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| यहाँ,  i एक लूप काउंटर के रूप में कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
||लूप रन होता है जब तक  i की वैल्यू 3 नहीं होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:16&lt;br /&gt;
||इसका प्रयोग करने से पहले '' 'i' 'को घोषित करना आवश्यक नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
||मैं थोडा नीचे स्क्रोल करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट मौलिक रूप से polynomial '' f(x) '' के टर्म्स को जोड़ता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||Polynomial '''f(x)'''  की चर्चा की गई है जब '''polynomialEvaluator''' फंक्शन की चर्चा की गई थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट  for लूप के अंत को इंगित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
||अब, यह फंक्शन पूरा हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:44&lt;br /&gt;
||इस फंक्शन को जाँचने के लिए, मैं  functionTester फंक्शन का उपयोग करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
||मैंने इस फंक्शन में  class के लिए कोई बदलाव नहीं किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| मैं टूलबार में Simulate बटन दबाकर इस क्लास को सिमुलेट करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| '''variables browser' में  z चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि z की वैल्यू फंक्शन में परिवर्तन के बाद भी समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
||मैं z अचयनित करती  हूँ और परिणाम डिलीट करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:14&lt;br /&gt;
|| '''Modeling perspective'' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| अब मैं एक बार फिर से स्लाइड्स पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| '' 'while' '' लूप का उपयोग स्टेटमेंट को पुनरावृत्त करने के लिए किया जाता है जब तक कि कोई दी गई स्थिति संतुष्ट नहीं हो जाती।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
||while लूप का उपयोग  equation सेक्शन में नहीं कर सकते।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
||while  की तुलना में for लूप अधिक बार Modelica में उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| अबArrays पर चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
||Arrays का उपयोग '''multi-dimensional'' डेटा को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
||उन्हें vector नोटेशन का उपयोग करके बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| Array घोषित करने के लिए औऱ indexing  के लिए सिंटेक्स प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| '''array''' बनाने और  indexing के बारे में अधिक जानने के लिए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
||मैं  matrixAdder नामक क्लास लिखती हूँ, जो mySum देने के लिए  '''myMatrix''' और '''adder matrices''' जोडता है। '''myMatrix''' और '''adder matrices''' प्रदर्शित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:14&lt;br /&gt;
|| अब मैं matrixAdder क्लास प्रदर्शित करने के लिए OMEdit पर जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||यह OMEdit में पहले ही खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:23&lt;br /&gt;
|| '''matrixAdder''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
||इसे '''Text view''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
|| '''myMatrix''' '''Real''' पैरामीटर array है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||स्क्वैर ब्रैकेट में नंबर्स, इस array के साइज को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
||पहले डायमेंशन का साइज 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
||इसीतरह, दूसरे डायमेंशन का साइज 2 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:46&lt;br /&gt;
||MyMatrix array का निर्माण प्रत्येक दो एलिमेंट्स के तीन वैक्टर्स का उपयोग करके किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| '''{1,2}'''  पहले वैक्टर को &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:57&lt;br /&gt;
|| '''{3,4}''' दूसरा और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| '''{5,6}}''' तीसरे वैक्टर को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
||इस प्रत्येक वैक्टर का साइज इस array के दूसरे डायमेंशन के साइज के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
||इसलिए, myMatrix  के दूसरे डायमेंशन का साइज 2 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| वैक्टर की संख्या पहले डायमेंशन के साइज के बराबर होती है। इसलिए, पहले डायमेंशन का साइज 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| '' 'adder' '' मैट्रिक्स का निर्माण समान रूप में किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
||इस दो arrays या matrices को जोड़ने के लिए हमें दो डायमेंशन के एलिमेंट्स को एक्सेस करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
||इसलिए '''nested for''' लूप की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| यह  for लूप पहले डायमेंशन के माध्यम से रन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, यह  for लूप दूसरे डायमेंशन के माध्यम से रन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
||मैं इसे थोडा नीचे स्क्रोल करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:52&lt;br /&gt;
|| '''myMatrix''' और '''adder matrices''' के अनुरूप एलिमेंट्स mySum के लिए जोडे गये हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| यह स्टेटमेंट प्रत्येक  for लूप के अंत को प्रदर्शित करता है। क्लास अब पूरा हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
|| मैं Simulate बटन पर क्लिक करके इसे सिमुलेट करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
||पॉप-अप विंडो बंद करें, यदि यह दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
||अब मैं variables कॉलम का विस्तार करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:18&lt;br /&gt;
||'''adder[1,1]''', '''myMatrix[1,1]''',  और '''mySum[1,1]''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, '''adder[1,1]''' plus '''myMatrix[1,1]''    '''mySum[1,1]''' देता है, जिसका अर्थ है कि परिणाम सटीक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
||मैं उन्हे अचयनित करती हूँ और परिणाम डिलीट करताती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:40&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:43&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में, वैक्टर में एलिमेंट्स के क्रम को विपरीत करने के लिए vectorReversal नामक फंक्शन लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
||इसीतरह, matrix के प्रत्येक रॉ में एलिमेंट्स के क्रम को विपरीत करने के लिए  matrixReversal नामक फंक्शन बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:00&lt;br /&gt;
|| इन दो फंक्शन्स का जाँचने के लिए '''functionTester'''  क्लास लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:09&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। '''http://spoken-tutorial.org/ http://spoken-tutorial.org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial'''&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:15&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||यदि इस स्पोकन ट्यूटोरियल से सबंधित कोई सवाल है तो कृपया निम्न वेबसाइय पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||हम उन लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:39&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं।अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्नलिखित वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| हम '' OpenModelica '' की डेवलपमेंट टीम के समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Functions-and-Types/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Functions-and-Types/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Functions-and-Types/Hindi"/>
				<updated>2017-12-29T15:51:41Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| नमस्कार, '''Functions and Types''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि  function कैसे परिभाषित करना है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
|| algorithm का उपयोग कैसे करना है।  type कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' और ऊबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
||लेकिन, यह प्रक्रिया  '''Windows''', '''Mac OS X''' या  '''FOSSEE OS''' में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:35&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को समझने के लिए, आपको  Modelica में क्लास को परिभाषित करने के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||आपको किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में  functions के ज्ञान की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:46&lt;br /&gt;
|| पूर्व-अपेक्षित ट्यूटोरियल का उल्लेख हमारी वेबसाइट पर किया गया है। कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
||अबfunction के बारे में चर्चा करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:55&lt;br /&gt;
||Function एक विशिष्ट क्लास है जो इनपुट ले सकता है और आउटपुट रिटर्न कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:01&lt;br /&gt;
||इसमें  algorithm सेक्शन शामिल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
||Function में समीकरण नहीं हो सकते हैं और इसे सिम्युलेट नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| Function का सिंटेक्स दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
||अब  polynomialEvaluator नामक फंक्शन लिखते हैं, जो  x के रूप में इनपुट लेता है और '''f(x) = a x (squared) (plus) b x (plus) c'''  रिटर्न करता है, जहाँ आउटपुट के रूप में  '''a=1, b=2''' और '''c=1'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator फाइल हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40&lt;br /&gt;
|कृपया '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध सभी फाइल्स को डाउनलोड और सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:46&lt;br /&gt;
||polynomialEvaluator फंक्शन को प्रदर्शित करने के लिए,  OMEdit पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:52&lt;br /&gt;
||OMEdit अब Welcome परिप्रेक्ष्य में खुला है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
||आप केवल '' OMEdit '' विंडो का एक भाग देख रहे हैं क्योंकि मैंने इसे ज़ूम इन किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||जब भी आवश्यक हो तब विंडो को स्थानांतरित करके मैं आपको प्रासंगिक भाग दिखाऊंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:09&lt;br /&gt;
||डाउनलोड फाइल को खोलने के लिए, '''Open Model/Library File'' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:16&lt;br /&gt;
||मैंने सभी फाइल्स को एक फोल्डर में सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:19&lt;br /&gt;
||उन्हें एक साथ चुनें औरopen पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:24&lt;br /&gt;
||यदि आपने इन फाइल्स को अलग-अलग फोल्डर्स में सेव किया है, तो आप इनको अलग-अलग करके खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें, निम्नलिखित  classes या  functions अभी  OMEdit में खुले हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 '''bouncingBallWithUserTypes''' , '''functionTester''' ,'''multipleFunctionTester''',  '''multiplePolynomialEvaluator''' and  '''polynomialEvaluator'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
|| PolynomialEvaluator फंक्शन को खोलने और देखने के लिए,  Libraries Browser में आइकन पर राइट क्लिक करें औऱ ''View Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:02&lt;br /&gt;
||यदि फंक्शन '''Text View''' में नहीं खुलता है, तो इसे  '''Text View''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| इस फंक्शन का नाम  polynomialEvaluator है जिसकी हमने पहले ही चर्चा की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| x    real वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:17&lt;br /&gt;
|| Input एक कीवर्ड है जिसका उपयोगinput वैरिएबल्स को निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:22&lt;br /&gt;
|| इसीतरह, output एक कीवर्ड है जिसका उपयोग output वैरिएबल्स को निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||fx    real वैरिएबल है जो ''f(x)''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
||कोई भी वैरिएबल या पैरामीटर जो ना तो input और ना ही  output है, protected कीवर्ड का उपयोग करके निर्दिष्ट किया जाता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
|| a 1 की वैल्यू के साथ  real पैरामीटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
|| '''a''', '''b''' और '''c''' की वैल्यू की चर्चा पहले ही स्लाइड्स में की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| कृपया ध्यान दें  '''a''', '''b''' और '''c'''    '''protected''' पैरामीटर्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:59&lt;br /&gt;
||Algorithm    function के  algorithm सेक्शन की शुरूआत को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
||Algorithm सेक्शन में केवल  assignment स्टेटमेंट शामिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:10&lt;br /&gt;
|| यह चिन्ह assignment को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
|| एक assignment स्टेटमेंट में, दाईं ओर की वैल्यू को बाईं ओर असाइन किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| बाईं ओर आमतौर पर एक अज्ञात चीज होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
||इस केस में,  fx   अज्ञात वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| दाईं ओर के एक्सप्रेशन की यहाँ गणना की जा सकती है यदि  x की वैल्यू ज्ञात हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
|| x को आमतौर पर  function के  input आर्ग्युमेंट के रूप में पास किया जाता है, जब भी इसे कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| अब देखते हैं कि '''functionTester''' क्लास का उपयोग करके  function कैसे कॉल करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
||functionTester आइकन पहले से ही '''Libraries Browser'''  में दिख रहा है, क्योंकि मैंने इसे पहले ही खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:56&lt;br /&gt;
||इस Class को खोलने के लिए, इसके आइकन पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:01&lt;br /&gt;
||Class खोलने का यह वैकल्पिक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
||आप इसके आइकन पर राइट क्लिक भी कर सकते हैं औऱ '''View Class'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| Z  real वैरिएबल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator फंक्शन को 10 यूनिट्स के  input आर्ग्युमेंट के साथ कॉल किया जाता है और यह  z के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| polynomialEvaluator  की Input वैल्यू (वैरिएबल) जोकि  x  10 यूनिट्स की वैल्यू लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
|| अब इस  class को सिमुलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
||इस class को सिमुलेट करने के लिए, आपको '''Libraries Browser'''  में  functionTester आइकन पर राइट क्लिक करना होगा और  Simulate चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
||क्लास अब सिमुलेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
||आप  class को सिमुलेट करने के लिए टूलबार में  Simulate बटन का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
|| अब मैं आपको '''Plotting perspective''' पूरी तरह से दिखाने के लिए  OMEdit विंडो को बाईं ओर करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
||'''variables browser''' में  z चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, ''z'' की वैल्यू '''x = 10''' पर '''f(x)'''  की वैल्यू के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:12&lt;br /&gt;
||अब z को अचयनित करें और इस परिणाम को डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
||Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
||ऊपर  polynomialEvaluator टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें  polynomialEvaluator फंक्शन में केवल एक  output वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
||अब मैं आपको दिखाती हूँ कि  function का उपयोग करके दो या अधिक वैरिएबल को कैसे output करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
||मैंने  multiplePolynomialEvaluator नामक  function बनाया है जिसमें दो  output वैरिएबल्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
||Function देखने से पहले, मैं '''PolynomialEvaluator''' और '''FunctionTester''' के टैब्स को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:54&lt;br /&gt;
||क्योंकि  Libraries Browser दिखाई नहीं देता है, मैं विंडो को दाईं ओर ले जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:01&lt;br /&gt;
|| multiplePolynomialEvaluator''', '''multipleFunctionTester''' और '''bouncingBallWithUserTypes''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||विंडो को इसके स्थान पर वापस रख लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
||'''multiplePolynomialEvaluator''' टैब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
||यह  function अतिरिक्त  output वैरिएबल के अलावा  polynomialEvaluator फंक्शन के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
|| एक output वैरिएबल का नाम  gx घोषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:32&lt;br /&gt;
|| gx  को  'a x (squared) (minus) b x (plus) c''' की वैल्यू असाइन की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
||जिस क्रम में '' 'output' '' या '' 'input' '' वेरिएबल्स घोषित किए जाते हैं, वह महत्वपूर्ण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
||हम इसके बारे में अधिक समझेंगे जब हम '' multipleFunctionTester ' क्लास की चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| अब multipleFunctionTester टैब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| '''y''' और '''z'''   real वैरिएबल के रूप में घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
||multiplePolynomialEvaluator फंक्शन 10 यूनिट्स के input आर्ग्युमेंट के साथ कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:08&lt;br /&gt;
||इसका मतलब है कि multiplePolynomialEvaluator का input वेरिएबल 10 यूनिट्स की वैल्यू लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| ''y''' और '''z'''    '''x = 10''' पर क्रमानुसार '''f(x)''' और '''g(x)''' की वैल्यू लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:26&lt;br /&gt;
||y  आउटपुट वैरिएबल  fx की वैल्यू लेता है, चूँकि  function में  gx घोषित होने से पहले  fx घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
||अब इस class को सिमुलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| Simulate बटन पर क्लिक करें। पॉप-अप विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
||variables browser में '''‘y''' और '''z''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, '''y''' और '''z''' की वैल्यूज  '''x = 10''' पर क्रमानुसार '''f(x)''' और '''g(x)''' के समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:01&lt;br /&gt;
||परिणाम डिलीट करें और  Modeling Perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
||अब, मुझे  '''y''' और '''z''' के क्रम को बदलना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:11&lt;br /&gt;
||'''(y,z)''' डिलीट करें और '''(z,y)''' टाइप  करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
||और '''Ctrl+S''' दबाकर इस क्लास को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
||इसclass को एक बार फिर से सिमुलेट करें। पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:28&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर से  '''variables browser''' में  '''y''' और  '''z''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''y''' और '''z''' की वैल्यूज पिछले केस की तुलना में बदल दिए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
||इस परिणाम को डिलीट करें औऱ Modeling Perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:50&lt;br /&gt;
|| Algorithm प्रक्रियात्मक प्रोग्रामिंग को सक्षम करने के लिए  Modelica syntax element है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
||केवल assignment स्टेटमेंट्स को algorithm सेक्शन में अनुमति है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
||Assignment स्टेटमेंट निम्न सिंबल का उपयोग करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
||Assignment स्टेटमेंट्स में डेटा फ्लो दाईं से बाईं ओर होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
||Modelica में परिभाषित फंक्शन पर कुछ प्रतिबंध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
||फंक्शन में der() का उपयोग अमान्य है। time वैरिएबल के उपयोग की अनुमति नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
||फंक्शन में  when स्टेटमेंट्स के उपयोग की अनुमति नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
||Function में एक से अधिक algorithm सेक्शन नहीं हो सकते हैं और  Models   arguments के रूप में पास नहीं हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| Type    Modelica में कस्टम '''data-types'' को परिभाषित करने के लिए एक विशिष्ट क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, '''velocity''' और '''current'' जैसी भौतिक मात्राओं को  data-types के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
||उनका उपयोग बाद में अन्य वैरिएबल्स को घोषित करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
|| '''unit''' और '''start''' जैसी मॉडिलिका डेटा-टाइप के  Attributes को तदनुसार बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, उपरोक्त मामले में '' velocity '' 'को '''real data type''' के समान ही परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
||लेकिन इसकी इकाई को '''m/s''' में संशोधित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||मैंने टाइप डेफिनिएशन को सिमुलेट करने के लिए  bouncingBallWithUserTypes नामक मॉडल बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
||इसmodel को प्रदर्शित करने के लिए  OMEdit पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
|| bouncingBallWithUserTypes टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:28&lt;br /&gt;
|| यह मॉडल bouncingBall मॉडल के समान है जिसकी चर्चा पिछले ट्यूटोरियल में की गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
||bouncingBall मॉडल को समझने के लिए कृपया पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:41&lt;br /&gt;
|| Length को  m के लिए संशोधित अपनी यूनिट के साथ  Real डेटा टाइप के रूप में परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:47&lt;br /&gt;
|| इसीतरह,  Velocity को m/s के लिए संशोधित अपनी यूनिट के साथ  Real के रूप में परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
|| '' 'h' '' पृथ्वी की सतह से गेंद की ऊंचाई को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  11:58&lt;br /&gt;
||इसे length datatype के रूप में परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| इसीतरह  v गेंद की गति को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
||इसे velocity datatype घोषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:09&lt;br /&gt;
|| इस  model के शेष वैरिएबल डिक्लेरेशन्स और समीकरण  bouncingBall मॉडल के समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:18&lt;br /&gt;
||अब इसे simulate करें। पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
||Variables Browser में, ध्यान दें, '' h '' और '' v '' के पास अपने डेटा-टाइप के साथ संबंधित यूनिट्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:34&lt;br /&gt;
||'''variables browser''' में 'h'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
||'''h''' बनाम '''time''' के प्लॉट  bouncingBall मॉडल के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
||h को अचयनित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:46&lt;br /&gt;
||अब स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:49&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में फ़ंक्शंस पर प्रतिबंध और उत्पादित एरर का पालन करने।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:56&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आ जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:59&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। '''http://spoken-tutorial.org/ http://spoken-tutorial.org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial'''&lt;br /&gt;
यह '' स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '' '' को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:05&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| यदि आपके इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं, तो कृपया वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| हम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वय करते हैं। कृपया अधिक जानकारी के लिए वेबसाइटों पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:23&lt;br /&gt;
|| हम व्यावसायिक सिम्युलेटर लैब्स को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
||  '' 'स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट' '' एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी '', भारत सरकार द्वारा समर्थित है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:36&lt;br /&gt;
||हम उनके समर्थन के लिए '' OpenModelica '' में डेवलपमेंट टीम का धन्यवाद करते हैं।&lt;br /&gt;
यह स्क्रीप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi"/>
				<updated>2017-12-27T19:40:54Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
||'''Control flow and Event handling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे,   '''if-else''' स्टेटमेंट का उपयोग कैसे करें, '''time''' और '''state''' इवेंट्स कैसे हैंडल करें, '''when''' स्टेटमेंट का उपयोग कैसे करें?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' और उबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04. &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
||लेकिन यह प्रक्रिया '''Windows, Mac OS X''' या  '''ARM'''  पर '''FOSSEE OS''' में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए आपको निम्न की जानकारी होनी चाहिए physical systems की इक्वेशन आधारित '''modeling''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में ब्रांचिंग, '''Modelica''' में क्लास की परिभाषा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
||पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर हैं, कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
||'''freeFall''' क्लास की चर्चा पिछले ट्यूटोरियल में की जा चुकी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
||अब इसमें '''constraint''' जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
||बॉल '''t = 0.5''' सैकेंड तक रूकती है। '''gravity''' में Free fall  '''t = 0.5''' सैकेंड पर शुरू होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
||मैंने '''timeEventExample''' नामक एक मॉडल बनाया है, जो इस कंडिशन को सेम्युलेत करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:25&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample''' फाइल स्पोकन ट्यूटोरियल पर '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||कृपया डाउनलोड करें और सभी फाइल्स को '''Code Files''' लिंक में सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
||आपकी सहूलियत के लिए '''freeFall class''' भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
||अब '''OMEdit''' पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
||मैंने इसे पहले ही मेरे सिस्टम पर रखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
||उबंटू ऑपरेटिंग सिस्टम पर '''OMEdit''' खोलने के लिए ऊपर बाईँ ओर पर '''Dash Home''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| सर्च बार में '''OMEdit''' टाइप करें और '''OMEdit'''  आइकन पर क्लिक करें। वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
||नोटः विंडो यूजर उसी तरह '''Start''' मैन्यू में '''OMEdit''' खोजें और इसे खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:13&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample''' फाइल खोलने के लिए,'''Open Model/Library File''' नामक टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
||अपने सिस्टम में '''timeEventExample''' फाइल खोजें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:28&lt;br /&gt;
||आप इस फाइल को खोलने के लिए वैकल्पिक रूप में '''File''' मैन्यू का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
||ध्यान दें '''timeEventExample'''  '''Libraries browser''' में प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:39&lt;br /&gt;
||इस आइकन पर राइट-क्लिक करें और '''View class'''  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
||मॉडल अब '''Diagram view''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||तीसरे बटन '''Text View''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
||हम पहले ही चर्चा कर चुके हैं कि '''Modelica''' में '''model''' और '''class''' समानार्थी रूप से उपयोगित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल का नाम '''timeEventExample''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| इस प्रकार के '''Comments''',  '''model''' या '''class''' की पहली लाइन में लिखे जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| '''h, v''' और '''g'''  '''freeFall class''' में समान मान प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
|| '''initial equation''' सेक्शन में इनिशियल कंडिशन्स होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| '''h''' की वेल्यू '''t = 0''' टाइम पर '''30m''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
|| '''v''' की वेल्यू '''t = 0''' टाइम पर '''0''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| '''Equation''' इस '''model'''  के इक्वेशन सेक्शन की शुरूआत प्रकट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| अब देखते हैं कि स्लाइड में वर्णित '''constraint'''  को प्रविष्ट कैसे करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि यहां इक्वेशन सेक्शन में एक '''if-else block''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
||इस '''if-else block''' के प्रत्येक स्टेटमेंट को समझने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| '''if statement'''  '''time''' वेरिएबल पर '''constraint'''  रखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
||'''time'''  '''Modelica''' में बिल्ट-इन वेरिएबल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
||इसे '''class''' या '''model''' में स्पष्ट रूप से घोषित करने की आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| ball समय '''0.5'''  सैकेंड के बाद free fall का अनुभव करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
||इसलिए ये दो इक्वेशन '''freeFall class''' के समान इक्वेशन्स प्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:19&lt;br /&gt;
|| '''else branch''' में '''equations''' हैं, जो निष्पादित होती हैं, जब समय '''0.5''' सैकेंड से कम होता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| ball रूक जाता है,जब समय '''0.5''' सैकेंड से कम होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
||इस मामले में ये दो '''equations''' सही हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
|| '''end if''' '''if-else block''' का अंत दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:41&lt;br /&gt;
||'''model''' अब पूर्ण हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' बटन पर क्लिक करके इसे सेम्युलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| '''Plotting perspective''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
||'''Variables browser''' में '''h''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| यह '''h''' versus '''time''' प्लॉट बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
||चूंकि समय '''t=0.5'''  सैकेंड तक बॉल रूक जाता है, ऊँचाई समान रहती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
||परिणाम को डिलीट करने के लिए,  Variables browser में '''timeEventExample''' पर राइट क्लिक करें और '''Delete Result''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| '''Modeling perspective''' पर वापस जाने के लिए, नीचे दाईं ओर पर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| अब '''else branch''' में दूसरा '''equation''' डिलीट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
||इस '''model''' को सेव करने के लिए टूवबार में '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
||सेम्युलेशन असफल हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:37&lt;br /&gt;
||'''Messages browser''' पर जाएँ और एरर मैसेज देखने के लिए ऊपर स्क्रॉल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:42&lt;br /&gt;
||एरर मैसेज दर्शाता है कि प्रत्येक '''branch'''  में '''equations''' की संख्या समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
||इसलिए '''if''' और '''else branches''' में '''equations''' की संख्या वेरिएबल्स की संख्या के समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
||फिर से '''equation''' को इसकी जगह पर प्रविष्ट करें और '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें '''der(h) = v''' एक '''equation'''  है, जो '''if''' और '''else branches''' दोनों के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
||इसलिए '''if-else block''' को दो स्टेटमेंट द्वारा बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
||मैं आपको दिखाती हूँ कि यह कैसे होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
||पहले '''if-else block''' डिलीट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
||यहाँ टाइप किए जाने वाले इक्वेशन्स '''if else-statement.txt''' नामक फाइल में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:34&lt;br /&gt;
|| ये फाइल '''Code Files''' लिंक में भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
|| क्योंकि यह टेक्स्ट फाइल है, मैंने इसे खोलने के लिए '''gedit''' का उपयोग किया ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| '''gedit''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
||विंडोज़ यूजर्स '''Notepad''' या किसी अन्य टेक्स्ट एडिटर का उपयोग करके यह फाइल खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:54&lt;br /&gt;
|| दो इक्वेशन्स कॉपी करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:57&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:00&lt;br /&gt;
||राइट-क्लिक करें और '''Paste''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:04&lt;br /&gt;
|| फिर से टूलबार में '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:08&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||pop up विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||फिर से '''Variables browser''' में '''h'''चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''h''' versus '''time''' प्लॉट पिछले मामले के समान है, जो दर्शाता है कि दोनों मॉडल्स समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||परिणाम को डिलीट करने के लिए '''timeEventExample''' पर राइट-क्लिक करें और '''Delete Result''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:34&lt;br /&gt;
|| नीचे दाईं ओर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| यह एक '''if-else statement''' है, जो दर्शाता है कि यदि '''time &amp;gt;= 0.5''' '''dv/dt = g''' अन्यथा '''dv/dt = 0'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:52&lt;br /&gt;
||अब स्लाइड्स पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:55&lt;br /&gt;
||कृपया ध्यान दें कि '''if branch''' में इक्वेशन्स की संख्या '''else branch''' में इक्वेशन्स की संख्या के समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||और दोनों '''class''' या '''model''' में वेरिएबल्स की संख्या के समान होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:10&lt;br /&gt;
|| '''Event''' सिस्टम के व्यवहार में अप्रत्यासित बदलाव है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||'''Events''' को time events और state events में वर्गीकृत किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||'''time event''' में, इवेंट होने का समय निश्चित पता होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample'''  '''t = 0.5''' सैकेंड पर टाइम इवेंट नियंत्रित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
||'''state event'''  तब होता है जब सिस्टम वेरिएबल कोई वेल्यू क्रॉस करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
||एक उदाहरण का उपयोग करके स्टेट इवेंट को समझने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||free fall में बॉल,  ग्राउंड छूने पर '''state event''' का सामना करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
||निम्न व्यवहार देखा गया जब यह ग्राउंड को हिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
||गेंद की गति दिशा में बदलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||गति का परिणाम बदलता है यदि टक्कर स्थिर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:00&lt;br /&gt;
||मैंने इस व्यवहार को सेम्युलेट करने के लिए '''bouncingBall''' नामक मॉडल बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
||यह फाइल स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल को देखने और इसे सेम्युलेट करने के लिए '''OMEdit''' पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
||'''OpenModel/LIbrary File''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||अपने सिस्टम पर '''bouncingBall''' फाइल खोजें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| '''Libraries browser''' में '''bouncingBall''' आइकन पर राइट-क्लिक करें और '''View Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||यदि मॉडल '''Text View'''  में नहीं खुलता है, तो '''modeling area''' के शीर्ष पर जाएँ और '''Text View''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
|| '''e''' पृथ्वी के साथ बॉल की असफल टक्कर के लिए क्षतिपूर्ति का गुणांक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
||यह एक पैरामीटर है और पूरे सेम्युलेशन के समय इसकी वेल्यू  0.8 पर स्थिर रहती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| '''radius'''  '''m''' में बॉल के radius को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:00&lt;br /&gt;
|| '''h, v''' और '''g''' '''timeEventExample''' के समान मान प्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:07&lt;br /&gt;
|| मोशन्स के इन दो इक्वेशन्स की चर्चा '''freeFall class''' में कर चुके हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| '''when statement''' इवेंट के सिग्नल के लिए उपयोगित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग इवेंट घटित होते समय लिए जाने वाले एक्शन को निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
||'''h &amp;lt;= radius'''  '''true''' रखता है, जब बॉल का संपर्क ग्राउंड से होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
||यह '''statement''' निष्पादित होता है, जबभी इवेंट घटित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
|| '''reinit()''' फंक्शन का उपयोग वेरिएबल को इनिशिलाइज़ करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:39&lt;br /&gt;
|| यहाँ यह '''e''' के नकारात्मक उत्पाद के साथ बॉल के वेग और ग्राउंड छूने से पहले बॉल के वेग को इनिशिलाइज़ करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल को सेम्युलेट करने के लिए टूलबार में '''Simulation Setup''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| '''General''' टैब में, '''Stop Time''' फिल्ड 30 units में बदलें और '''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:04&lt;br /&gt;
||pop-up विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| '''Variables browser''' में '''h''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
||ध्यान दें '''h''' जीरो के नीचे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
||'''freeFall class''' सेम्युलेट करते समय हमने समान व्यवहार देखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| यह गलत व्यवहार न्यूमेरिकल एरर्स के कारण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||न्यूमेरिकल एरर्स की चर्चा इस ट्यूटोरियल के दायरे से बाहर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:30&lt;br /&gt;
||कृपया अच्छे से समझने के लिए बाउंसिंग बॉल के '''Zeno''' व्यवहार का अनुसरण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:36&lt;br /&gt;
||'''h''' को अचयनित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| '''when statement''' का उपयोग एक इवेंट के सिग्नल के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
||'''reinit(a,b)'''  '''b''' की वेल्यू वेरिएबल '''a'''को असाइन करता है और सेम्युलेशन को पुनः आरंभ करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
||'''pre(a)''' इवेंट से पहले वेरिेएबल की वेल्यू '''a''' वापस करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:59&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरूप '''reinit(a, 10)''' इवेंट होते समय '''a''' को '''10'' वेल्यू असाइन करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
||'''bouncingBall''' मॉडल का त्रुटिपूर्ण व्यवहार '''bouncingBallWithHysteresis''' में सही होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:15&lt;br /&gt;
||'''bouncingBallWithHysteresis''' मॉडल स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||'''bouncingBallWithHysteresis''' सेम्युलेट करें और '''h''' versus '''time''' प्लॉट बनाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:27&lt;br /&gt;
||'''bouncingBall''' और '''bouncingBallWithHysteresis''' के बीच का अंतर ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें '''http://spoken-tutorial.org/ http://spoken-tutorial.org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:40&lt;br /&gt;
||यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:42&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न हो तो कृपया निम्न वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| Under '''Textbook Companion Project''' के तहत हम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:03&lt;br /&gt;
||हम ऐसे लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| '''Lab Migration Project''' के तहत हम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:17&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:21&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| हम '''OpenModelica''' टीम को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:33&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Control-flow-and-Event-handling/Hindi"/>
				<updated>2017-12-26T19:45:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
||'''Control flow and Event handling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे,   '''if-else''' स्टेटमेंट का उपयोग कैसे करें, '''time''' और '''state''' इवेंट्स कैसे हैंडल करें, '''when''' स्टेटमेंट का उपयोग कैसे करें?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica 1.9.2''' और उबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 14.04. &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
||लेकिन यह प्रक्रिया '''Windows, Mac OS X''' या  '''ARM'''  पर '''FOSSEE OS''' में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने और अभ्यास करने के लिए आपको निम्न की जानकारी होनी चाहिए physical systems की इक्वेशन आधारित '''modeling''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में ब्रांचिंग, '''Modelica''' में क्लास की परिभाषा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
||पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर हैं, कृपया उन्हें देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
||'''freeFall''' क्लास की चर्चा पिछले ट्यूटोरियल में की जा चुकी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
||अब इसमें '''constraint''' जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
||बॉल '''t = 0.5''' सैकेंड तक रूकती है। '''gravity''' में Free fall  '''t = 0.5''' सैकेंड पर शुरू होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
||मैंने '''timeEventExample''' नामक एक मॉडल बनाया है, जो इस कंडिशन को सेम्युलेत करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:25&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample''' फाइल स्पोकन ट्यूटोरियल पर '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||कृपया डाउनलोड करें और सभी फाइल्स को '''Code Files''' लिंक में सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
||आपकी सहूलियत के लिए '''freeFall class''' भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
||अब '''OMEdit''' पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
||मैंने इसे पहले ही मेरे सिस्टम पर रखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
||उबंटू ऑपरेटिंग सिस्टम पर '''OMEdit''' खोलने के लिए ऊपर बाईँ ओर पर '''Dash Home''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| सर्च बार में '''OMEdit''' टाइप करें और '''OMEdit'''  आइकन पर क्लिक करें। वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
||नोटः विंडो यूजर उसी तरह '''Start''' मैन्यू में '''OMEdit''' खोजें और इसे खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:13&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample''' फाइल खोलने के लिए,'''Open Model/Library File''' नामक टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
||अपने सिस्टम में '''timeEventExample''' फाइल खोजें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:28&lt;br /&gt;
||आप इस फाइल को खोलने के लिए वैकल्पिक रूप में '''File''' मैन्यू का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
||ध्यान दें '''timeEventExample'''  '''Libraries browser''' में प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:39&lt;br /&gt;
||इस आइकन पर राइट-क्लिक करें और '''View class'''  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
||मॉडल अब '''Diagram view''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||तीसरे बटन '''Text View''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
||हम पहले ही चर्चा कर चुके हैं कि '''Modelica''' में '''model''' और '''class''' समानार्थी रूप से उपयोगित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल का नाम '''timeEventExample''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| इस प्रकार के '''Comments''',  '''model''' या '''class''' की पहली लाइन में लिखे जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| '''h, v''' और '''g'''  '''freeFall class''' में समान मान प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
|| '''initial equation''' सेक्शन में इनिशियल कंडिशन्स होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| '''h''' की वेल्यू '''t = 0''' टाइम पर '''30m''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
|| '''v''' की वेल्यू '''t = 0''' टाइम पर '''0''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| '''Equation''' इस '''model'''  के इक्वेशन सेक्शन की शुरूआत प्रकट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| अब देखते हैं कि स्लाइड में वर्णित '''constraint'''  को प्रविष्ट कैसे करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि यहां इक्वेशन सेक्शन में एक '''if-else block''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
||इस '''if-else block''' के प्रत्येक स्टेटमेंट को समझने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| '''if statement'''  '''time''' वेरिएबल पर '''constraint'''  रखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
||'''time'''  '''Modelica''' में बिल्ट-इन वेरिएबल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
||इसे '''class''' या '''model''' में स्पष्ट रूप से घोषित करने की आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| ball समय '''0.5'''  सैकेंड के बाद free fall का अनुभव करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
||इसलिए ये दो इक्वेशन '''freeFall class''' के समान इक्वेशन्स प्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:19&lt;br /&gt;
|| '''else branch''' में '''equations''' हैं, जो निष्पादित होती हैं, जब समय '''0.5''' सैकेंड से कम होता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| ball रूक जाता है,जब समय '''0.5''' सैकेंड से कम होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
||इस मामले में ये दो '''equations''' सही हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
|| '''end if''' '''if-else block''' का अंत दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:41&lt;br /&gt;
||'''model''' अब पूर्ण हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' बटन पर क्लिक करके इसे सेम्युलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| '''Plotting perspective''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
||'''Variables browser''' में '''h''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| यह '''h''' versus '''time''' प्लॉट बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
||चूंकि समय '''t=0.5'''  सैकेंड तक बॉल रूक जाता है, ऊँचाई समान रहती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
||परिणाम को डिलीट करने के लिए,  Variables browser में '''timeEventExample''' पर राइट क्लिक करें और '''Delete Result''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| '''Modeling perspective''' पर वापस जाने के लिए, नीचे दाईं ओर पर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| अब '''else branch''' में दूसरा '''equation''' डिलीट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
||इस '''model''' को सेव करने के लिए टूवबार में '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
||सेम्युलेशन असफल हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:37&lt;br /&gt;
||'''Messages browser''' पर जाएँ और एरर मैसेज देखने के लिए ऊपर स्क्रॉल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:42&lt;br /&gt;
||एरर मैसेज दर्शाता है कि प्रत्येक '''branch'''  में '''equations''' की संख्या समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
||इसलिए '''if''' और '''else branches''' में '''equations''' की संख्या वेरिएबल्स की संख्या के समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
||फिर से '''equation''' को इसकी जगह पर प्रविष्ट करें और '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें '''der(h) = v''' एक '''equation'''  है, जो '''if''' और '''else branches''' दोनों के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
||इसलिए '''if-else block''' को दो स्टेटमेंट द्वारा बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
||मैं आपको दिखाती हूँ कि यह कैसे होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
||पहले '''if-else block''' डिलीट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
||यहाँ टाइप किए जाने वाले इक्वेशन्स '''if else-statement.txt''' नामक फाइल में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:34&lt;br /&gt;
|| ये फाइल '''Code Files''' लिंक में भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
|| क्योंकि यह टेक्स्ट फाइल है, मैंने इसे खोलने के लिए '''gedit''' का उपयोग किया ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| '''gedit''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
||विंडोज़ यूजर्स '''Notepad''' या किसी अन्य टेक्स्ट एडिटर का उपयोग करके यह फाइल खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:54&lt;br /&gt;
|| दो इक्वेशन्स कॉपी करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:57&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:00&lt;br /&gt;
||राइट-क्लिक करें और '''Paste''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:04&lt;br /&gt;
|| फिर से टूलबार में '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:08&lt;br /&gt;
||'''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||pop up विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||फिर से '''Variables browser''' में '''h'''चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''h''' versus '''time''' प्लॉट पिछले मामले के समान है, जो दर्शाता है कि दोनों मॉडल्स समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||परिणाम को डिलीट करने के लिए '''timeEventExample''' पर राइट-क्लिक करें और '''Delete Result''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:34&lt;br /&gt;
|| नीचे दाईं ओर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| यह एक '''if-else statement''' है, जो दर्शाता है कि यदि '''time &amp;gt;= 0.5''' '''dv/dt = g''' अन्यथा '''dv/dt = 0'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:52&lt;br /&gt;
||अब स्लाइड्स पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:55&lt;br /&gt;
||कृपया ध्यान दें कि '''if branch''' में इक्वेशन्स की संख्या '''else branch''' में इक्वेशन्स की संख्या के समान होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||और दोनों '''class''' या '''model''' में वेरिएबल्स की संख्या के समान होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:10&lt;br /&gt;
|| '''Event''' सिस्टम के व्यवहार में अप्रत्यासित बदलाव है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||'''Events''' को time events और state events में वर्गीकृत किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||'''time event''' में, इवेंट होने का समय निश्चित पता होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
||'''timeEventExample'''  '''t = 0.5''' सैकेंड पर टाइम इवेंट नियंत्रित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
||'''state event'''  तब होता है जब सिस्टम वेरिएबल कोई वेल्यू क्रॉस करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
||एक उदाहरण का उपयोग करके स्टेट इवेंट को समझने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||free fall में बॉल,  ग्राउंड छूने पर '''state event''' का सामना करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
||निम्न व्यवहार देखा गया जब यह ग्राउंड को हिट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
||गेंद की गति दिशा में बदलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||गति का परिणाम बदलता है यदि टक्कर स्थिर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:00&lt;br /&gt;
||मैंने इस व्यवहार को सेम्युलेट करने के लिए '''bouncingBall''' नामक मॉडल बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
||यह फाइल स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल को देखने और इसे सेम्युलेट करने के लिए '''OMEdit''' पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
||'''OpenModel/LIbrary File''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||अपने सिस्टम पर '''bouncingBall''' फाइल खोजें और '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| '''Libraries browser''' में '''bouncingBall''' आइकन पर राइट-क्लिक करें और '''View Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||यदि मॉडल '''Text View'''  में नहीं खुलता है, तो '''modeling area''' के शीर्ष पर जाएँ और '''Text View''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
|| '''e''' पृथ्वी के साथ बॉल की असफल टक्कर के लिए क्षतिपूर्ति का गुणांक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
||यह एक पैरामीटर है और पूरे सेम्युलेशन के समय इसकी वेल्यू  0.8 पर स्थिर रहती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| '''radius'''  '''m''' में बॉल के radius को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:00&lt;br /&gt;
|| '''h, v''' और '''g''' '''timeEventExample''' के समान मान प्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:07&lt;br /&gt;
|| मोशन्स के इन दो इक्वेशन्स की चर्चा '''freeFall class''' में कर चुके हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| '''when statement''' इवेंट के सिग्नल के लिए उपयोगित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग इवेंट घटित होते समय लिए जाने वाले एक्शन को निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
||'''h &amp;lt;= radius'''  '''true''' रखता है, जब बॉल का संपर्क ग्राउंड से होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
||यह '''statement''' निष्पादित होता है, जबभी इवेंट घटित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
|| '''reinit()''' फंक्शन का उपयोग वेरिएबल को इनिशिलाइज करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:39&lt;br /&gt;
|| यहाँ यह '''e''' के नकारात्मक उत्पाद के साथ बॉल के वेग और ग्राउंड छूने से पहले बॉल के वेग को इनिशिलाइज करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| इस मॉडल को सेम्युलेट करने के लिए टूलबार में '''Simulation Setup''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| '''General''' टैब में, '''Stop Time''' फिल्ड 30 units में बदलें और '''Simulate''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:04&lt;br /&gt;
||pop-up विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| '''Variables browser''' में '''h''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
||ध्यान दें '''h''' जीरो के नीचे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
||'''freeFall class''' सेम्युलेट करते समय हमने समान व्यवहार देखा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| यह गलत व्यवहार न्यूमेरिकल एरर्स के कारण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||न्यूमेरिकल एरर्स की चर्चा इस ट्यूटोरियल के दायरे से बाहर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:30&lt;br /&gt;
||कृपया अच्छे से समझने के लिए बाउंसिंग बॉल के '''Zeno''' व्यवहार का अनुशरण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:36&lt;br /&gt;
||'''h''' को अचयनित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| '''when statement''' का उपयोग एक इवेंट के सिग्नल के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
||'''reinit(a,b)'''  '''b''' की वेल्यू वेरिएबल '''a'''को असाइन करता है और सेम्युलेशन को पुनः आरंभ करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
||'''pre(a)''' इवेंट से पहले वेरिेएबल की वेल्यू '''a''' वापस करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:59&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरूप '''reinit(a, 10)''' इवेंट होते समय '''a''' को '''10'' वेल्यू असाइन करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
||'''bouncingBall''' मॉडल का त्रुटिपूर्ण व्यवहार '''bouncingBallWithHysteresis''' में सही होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:15&lt;br /&gt;
||'''bouncingBallWithHysteresis''' मॉडल स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||'''bouncingBallWithHysteresis''' सेम्युलेट करें और '''h''' versus '''time''' प्लॉट बनाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:27&lt;br /&gt;
||'''bouncingBall''' और '''bouncingBallWithHysteresis''' के बीच का अंतर ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें '''http://spoken-tutorial.org/ http://spoken-tutorial.org] /What\_is\_a\_Spoken\_Tutorial'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:40&lt;br /&gt;
||यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:42&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| यदि आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न हो तो कृपया निम्न वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| Under '''Textbook Companion Project''' के तहत हम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:03&lt;br /&gt;
||हम ऐसे लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| '''Lab Migration Project''' के तहत हम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:17&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:21&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| हम '''OpenModelica''' टीम को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:33&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Structure-Manipulation/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C2/Structure-Manipulation/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Structure-Manipulation/Hindi"/>
				<updated>2017-12-23T17:35:34Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot;­ {| border=1 ! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; ! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- | | 00:01 | | Chimera का उपयोग करके 'Structure Manipulation' पर इस ट्...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;­&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:01&lt;br /&gt;
| | Chimera का उपयोग करके 'Structure Manipulation' पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:06&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में हम Chimera विंडो पर संरचना खोलना सीखेंगे &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:12&lt;br /&gt;
| |  संरचना को चलाना, घुमाना और ज़ूम करना, स्केल और क्लिप करना और डिस्प्ले को बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:20&lt;br /&gt;
| |  इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए आपको स्नातक स्तर की 'Biochemistry' का ज्ञान होना चाहिए या ‘Structural Biology’ से परिचित होना चाहिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:29&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ  'Ubuntu Linux’ OS वर्जन 14.04 और Chimera  वर्जन 1.10.2 'Mozilla Firefox' ब्राउज़र 35.0  और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:47&lt;br /&gt;
| | 'UCSF Chimera' आणविक संरचनाओं और पारस्परिक विज़ुलाइज़ेशन के लिए एक सॉफ्टवेर है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:55&lt;br /&gt;
| |'Chimera' कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी,सेन फ्रांसिस्को में 'Resource for Biocomputing, Visualization and Informatics' द्वारा विकसित किया गया है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:05&lt;br /&gt;
| | ज्यादा जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
| | ‘Chimera’ विंडो को शुरू करने के लिए डेस्कटॉप के 'Chimera' आइकन पर डबल क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:16&lt;br /&gt;
| | एक 'Rapid access' इंटरफ़ेस खुलती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:20&lt;br /&gt;
| | 'Rapid access' विंडो आपको बहुधा प्रयोग किये गए डाटा और टूल्स एक्सेस करने देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:27&lt;br /&gt;
| | विंडो के निचले दायें कोने में 'lightning bolt' आइकन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:32&lt;br /&gt;
| | यह विंडो 'graphics'  दर्शायेगा, '3D structures' और अन्य डाटा इस विंडो पर दिखाई देते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:40&lt;br /&gt;
| | 'lightning bolt' आइकन पर क्लिक करके दो विन्डोज़ के बीच टॉगल कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:45&lt;br /&gt;
| | अब मैं 'graphics' विंडो पर वापस जाती हूँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:48&lt;br /&gt;
| |'Chimera' में अनेक कार्य दो तरीकों से पूरे किये जाते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:53&lt;br /&gt;
| | पहला, 'menu bar' का उपयोग करके, जो कि 'Chimera' विंडो के ऊपरी हिस्से में स्थित है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:59&lt;br /&gt;
| | दूसरा, 'command line' पर कमांड्स  देकर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:03&lt;br /&gt;
| | 'command line' दिखाने के लिए 'Favorites' मेनू पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:06&lt;br /&gt;
| | ऊपर से नीचे जाएँ और 'command line' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:10&lt;br /&gt;
| | एक 'command' डायलॉग बॉक्स विंडो के निचले हिस्से में दिखाई देता है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:15&lt;br /&gt;
| | किसी खास कार्य के लिए 'commands' टेक्स्ट बॉक्स में लिखे जाने होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:21&lt;br /&gt;
| | हम इस विशेषता के बारे में और अधिक आने वाले ट्यूटोरियल्स में सीखेगें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |02:25&lt;br /&gt;
| | विंडो को छोटा या बड़ा करने के लिए विंडो के किसी भी कोने को पकड़कर खींचें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:30&lt;br /&gt;
| | अब देखें कि एक 'protein'  संरचना को कैसे खोलते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:34&lt;br /&gt;
| | आप इसे तीन प्रकार से कर सकते हैं, यदि आप इन्टरनेट से जुड़े हैं तो 'File' मेनू पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:40&lt;br /&gt;
| | ऊपर से नीचे जाएँ और 'Fetch by ID'  विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:45&lt;br /&gt;
| | स्क्रीन पर एक डायलॉग बॉक्स खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:48&lt;br /&gt;
| | संरचना को निकलने के लिए आप अनेकों डेटाबेसेस को कनेक्ट कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:53&lt;br /&gt;
| | प्रदर्शन के लिए, मैं एक 'protein' संरचना दिखाना चाहती हूँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:58&lt;br /&gt;
| | मैं विकल्पों से 'PDB' चुनुगीं, आप जिस 'protein' अणु को दर्शाना चाहते हैं उसका चार अक्षर 'PDB code' टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:08&lt;br /&gt;
| | मैं '1zik' (one z i k) टाइप करुँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:12&lt;br /&gt;
| | ये 'Leucine zipper' प्रोटीन के लिए 'pdb'  कोड है, 'Fetch' बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |03:19&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, प्रदर्शन विंडो पर 'protein' का एक रिबन प्रदर्शन दिखाई देगा  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:25&lt;br /&gt;
| | हम संरचना को निकालने के लिए 'command' भी टाइप कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:29&lt;br /&gt;
| |'command line' टेक्स्ट बॉक्स में 'open 1zik' टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:35&lt;br /&gt;
| | प्रदर्शन विंडो पर संरचना खोलने के लिए 'Enter' दबाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:40&lt;br /&gt;
| | इन्टरनेट से ना जुड़े होने पर आप पहले से ही डाउनलोड की हुई 'pdb' फाइल खोल सकते हैं   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:46&lt;br /&gt;
| | स्क्रीन पर मौजूद संरचना को मिटाने के लिए: 'Favorites' मेनू में ऊपर से नीचे जाएँ और 'Model Panel' विकल्प पर क्लिक करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:55&lt;br /&gt;
| | 'Model Panel' डायलॉग बॉक्स खुलता है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:58&lt;br /&gt;
| | 'model id' पर क्लिक करें, इसके बाद 'Close' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:04&lt;br /&gt;
| | 'model panel' विंडो को बंद कर दें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:07&lt;br /&gt;
| | अब मैं दिखाउंगी कि 'PDB' फाइल को कैसे डाउनलोड किया जाता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:12&lt;br /&gt;
| | आपको 'PDB' फाइल डाउनलोड करने के लिए एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन की जरुरत पड़ती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:17&lt;br /&gt;
| | 'File' मेनू में ऊपर से नीचे जाएँ और 'Fetch by ID' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:23&lt;br /&gt;
| | एक डायलॉग बॉक्स खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:26&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स में ऊपर से नीचे तक जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:30&lt;br /&gt;
| | 'web page' बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:33&lt;br /&gt;
| | 'PDB database' वेब पेज ब्राउज़र में खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:37&lt;br /&gt;
| | यदि आप 'protein' के लिए 'pdb' कोड जानते हैं तो इसे दिए गए टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें या फिर 'protein' का नाम टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:46&lt;br /&gt;
| | मैं 'leucine zipper' के लिए 'pdb' कोड जानती हूँ अतः मैं टेक्स्ट बॉक्स में ‘1zik’ टाइप करुँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:54&lt;br /&gt;
| | 'Go' बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:57&lt;br /&gt;
| | पेज पर ऊपर से नीचे जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:59&lt;br /&gt;
| | पेज के दाहिने कोने में स्थित 'Download files' बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:06&lt;br /&gt;
| | ड्रॉप-डाउन मेनू से 'PDB-file-text' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:12&lt;br /&gt;
| | एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:14&lt;br /&gt;
| | 'Save File' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:17&lt;br /&gt;
| | 'Ok' बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:20&lt;br /&gt;
| | डाउनलोड की गयी 'pdb' फाइल अब 'Downloads' फोल्डर में सेव की जाएगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:25&lt;br /&gt;
| | 'Chimera' विंडो पर वापस जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:27&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स को बंद करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:30&lt;br /&gt;
| | पहले से ही डाउनलोड की गयी 'pdb' फाइल को खोलने के लिए 'File' में 'Open' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:37&lt;br /&gt;
| | फोल्डर पर जाएँ, '1zik.pdb' फाइल चुनें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:44&lt;br /&gt;
| | 'Open' बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:47&lt;br /&gt;
| | पैनल पर 'leucine zipper' का मॉडल प्रदर्शित होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:51&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, दो 'peptide chains' ग्रे रिबंस की तरह प्रदर्शित होती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:57&lt;br /&gt;
| |  संरचना को पैनल पर लाने के लिए माउस बटन का उपयोग करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:01&lt;br /&gt;
| | रोटेशन के लिए बायाँ माउस बटन &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:04&lt;br /&gt;
| | मध्य माउस बटन 'xy translation' नियंत्रित करता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:08&lt;br /&gt;
| | दायाँ माउस बटन या माउस व्हील ज़ूम इन या ज़ूम आउट करने के लिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:13&lt;br /&gt;
| | संरचना की पारस्परिक स्केलिंग और क्लिपिंग के लिए: 'Favorites menu' से 'Side View' विकल्प का उपयोग करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:20&lt;br /&gt;
| | एक 'viewing window' खुलती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:22&lt;br /&gt;
| | संरचना का एक छोटा प्रारूप विंडो पर खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:27&lt;br /&gt;
| | बायीं तरफ पीला वर्ग दर्शक की आंख की स्थिति दर्शाता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:32&lt;br /&gt;
| | छोटे वर्ग को बाएं माउस बटन का उपयोग करके चलने की कोशिश करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:36&lt;br /&gt;
| | इसको क्षैतिज स्थिति में खींचते हुए 'scale factor' समायोजित करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:41&lt;br /&gt;
| | आंख की स्थिति को डबल क्लिक करने से कैमरा मोड बदलने का मेनू प्रदर्शित होता  है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:46&lt;br /&gt;
| | 'clipping planes' अर्थात दो उर्ध्वाधर रेखाओं को बाएं माउस बटन का उपयोग करके चलायें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:53&lt;br /&gt;
| | विंडो पर और भी प्रदर्शन नियंत्रण हैं जिन्हें आप जाँच सकते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:58&lt;br /&gt;
| |  'viewing window' को बंद करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:01&lt;br /&gt;
| | अब हम संरचना में परिवर्तन करना सीखेंगे  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:04&lt;br /&gt;
| | स्टेप संरचना के उस भाग को चुनना होता है जिसमें हम संशोधन करना चाहते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:09&lt;br /&gt;
| | अभी के लिए, मैं पूरी 'protein' संरचना को 'atoms' की तरह दर्शाना चाहती हूँ &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:15&lt;br /&gt;
| |    मेनू बार में 'Select' मेनू पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:19&lt;br /&gt;
| | मेनू बार में '''Select''' मेनू हमें संरचना के अलग-अलग भाग चुनने देता है  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:25&lt;br /&gt;
| | जैसे कि 'chain, element, residue, ligand' आदि &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:31&lt;br /&gt;
| | तथापि, यदि '''Select''' मेनू से कुछ भी नही चुना जाता तो इसका मतलब है कि हमें पूरी संरचना में संशोधन करना है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:39&lt;br /&gt;
| | अब 'Actions' मेनू पर जाएँ और विकल्पों से 'atoms/bonds' चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:46&lt;br /&gt;
| | सब-मेनू से 'show’ पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:49&lt;br /&gt;
| | हम स्क्रीन पर परमाणुओं और संरचना के भागों को रिबंस की तरह भी देखते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:55&lt;br /&gt;
| | अब रिबंस को मिटने के लिए '''Action''' मेनू से रिबंस को चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:00&lt;br /&gt;
| | फिर 'hide' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:03&lt;br /&gt;
| | अब पूरी संरचना स्टिक्स डिस्प्ले की तरह दिखाई देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:08&lt;br /&gt;
| | अब संरचना का संशोधन थोड़ा और करते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:13&lt;br /&gt;
| | निम्न स्टेप्स इसे बॉल और स्टिक्स डिस्प्ले में बदल देंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:18&lt;br /&gt;
| | 'Actions' मेनू पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:21&lt;br /&gt;
| | ऊपर से नीचे ‘atoms/bonds’ पर जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:24&lt;br /&gt;
| | सब-मेनू से '''ball and stick''' चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:28&lt;br /&gt;
| | ध्यान दें की संरचना बिना हाइड्रोजन परमाणुओं के है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| | हाइड्रोजन परमाणुओं को जोड़ने के लिए 'Tools' मेनू में ऊपर से नीचे जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:37&lt;br /&gt;
| | 'Structure Editing' पर क्लिक करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:40&lt;br /&gt;
| | सब-मेनू से 'Add hydrogens' विकल्प चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:45&lt;br /&gt;
| | डायलॉग बॉक्स में दर्शाए गए की तरह चुनाव करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:49&lt;br /&gt;
| | 'OK' बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:52&lt;br /&gt;
| | देखें की अब संरचना 'hydrogen' परमाणुओं के साथ दिखाई देती है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:57&lt;br /&gt;
| | सामान्यतः 'protein' संरचना जल अणुओं के साथ जुड़ी होती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:02&lt;br /&gt;
| | जल अणुओं को छिपाने के लिए 'Select ' मेनू पर जाएँ, फिर 'Residue' पर ऊपर से नीचे जाएँ, 'HOH' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |09:13&lt;br /&gt;
| | स्क्रीन को देखें, सभी जल अणु हाईलाइट हो गये हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| | 'actions' मेनू  पर जाएँ, फिर ऊपर से नीचे 'Atoms\bonds'  पर जाएँ और 'hide' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:26&lt;br /&gt;
| | ये संरचना से जल अणुओं को छिपा देगा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:30&lt;br /&gt;
| |  मेनू बार के  'Presets'  विकल्प में डिस्प्ले को बदलने के लिए कुछ और भी विकल्प होते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:36&lt;br /&gt;
| |जब आप 'Interactive 1' विकल्प पर क्लिक करते हैं: संरचना रिबंस और भिन्न रंगों में दोनों 'peptide chains' में दिखाई देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:45&lt;br /&gt;
| | 'Interactive 2' डिस्प्ले को 'atoms' में बदल देगा&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:50&lt;br /&gt;
| | 'Interactive 1' डिस्प्ले पर वापस जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:53&lt;br /&gt;
| | हम चयनपुर्वक 'peptide chains' का रंग भी बदल सकते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:57&lt;br /&gt;
| | 'Select' मेनू में ऊपर से नीचे जाएँ और सब-मेनू से 'chain A' चुनें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:02&lt;br /&gt;
| |'chain A' अब हाईलाइट हो जाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:05&lt;br /&gt;
| |'Actions' मेनू पर जाएँ फिर कलर पर जाएँ, पीला चुनें  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:11&lt;br /&gt;
| | ‘चेन A’ अब पीले रंग में दिखाई देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| | चुनाव को हटाने के लिए  'CTRL'  की को दबाएँ और 'Chimera' विंडो पर खाली जगह में क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:23&lt;br /&gt;
| | अब हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:26&lt;br /&gt;
| | 'Chimera' विंडो से निकलने के लिए, 'File' मेनू पर जाएँ और 'Quit' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:32&lt;br /&gt;
| | इसे सारांशित करते हैं, इन ट्यूटोरियल में हमने 'Chimera' विंडो में संरचना को खोलना व संरचनाओं के लिए फाइल डाउनलोड करना सीखा है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:43&lt;br /&gt;
| | संरचना को चलाना, घुमाना और ज़ूम करना, स्केल और क्लिप करना &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:49&lt;br /&gt;
| | मेनू बार में मेनूज़ उपयोग करके डिस्प्ले बदलना &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:53&lt;br /&gt;
| | जल अणुओं को हटाना और 'hydrogens' जोड़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:57&lt;br /&gt;
| |  नियत कार्य के लिए 'PDB' डेटाबेस से  'Leucine zipper'  की 'pdb' फाइल डाउनलोड करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:04&lt;br /&gt;
| |'File' मेनू में 'Open' विकल्प का उपयोग करके 'Chimera' विंडो पर 'pdb' फाइल खोलें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:10&lt;br /&gt;
| | परमाणुओं के डिस्प्ले को 'wire' में और सभी 'aromatic rings' को 'disks' में बदलें  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:16&lt;br /&gt;
| | आपका पूर्ण नियत कार्य निम्न प्रकार दिखेगा &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:21&lt;br /&gt;
| | निम्न लिंक का वीडीयो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:26&lt;br /&gt;
| | कृपया इसको डाउनलोड करें और देखें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:28&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को सर्टिफिकेट देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:34&lt;br /&gt;
| | ज्यादा जानकारी के लिए हमें लिखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:38&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:44&lt;br /&gt;
| |  इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर उपलब्ध है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:48&lt;br /&gt;
| | आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Developing-an-equation-based-model/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Developing-an-equation-based-model/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Developing-an-equation-based-model/Hindi"/>
				<updated>2017-12-21T20:15:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
||नमस्कार, '''Developing an equation based model''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि  OMEdit में textual मॉडल कैसे बनाना है और इसे सिम्युलेट कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
||वैरिएबल्स और इक्वेशन्स को घोषित कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
||'''Simulation Setup'''  टूलबॉक्स का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:21&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रहा हूँ '''OpenModelica 1.9.2 '''  और ऊबंटु लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
||लेकिन, यह प्रक्रिया '''Windows, Mac OS X ''' या  ARM पर  FOSSEE में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को समझने के लिए, आपको फिजिकल सिस्टम्स के इक्वेशन-आधारित मॉडलिंग को जानने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:48&lt;br /&gt;
||मास (द्रव्यमान)  m के बॉल की गति को सिम्युलेट करते हैं, जो '''free fall due to gravity''' में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
||पृथ्वी की सतह से बॉल की ऊंचाई वैरिएबल h द्वारा दर्शायी गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
||बॉल के वेग को वैरिएबल '' 'v' '' द्वारा दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
||'''Acceleration due to gravity''' को '' g '' द्वारा प्रदर्शित किया गया है और इसे स्थाई माना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
||पृथ्वी की सतह से दूर किए गए वैरिएबल को सकारात्मक माना जाता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| स्वतंत्र रूप से गिरने वाले बॉडी के लिए '''equations of motion''' निम्नानुसार है: '''dh/dt = v'''  ,  '''dv/dt = g'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
||'''t = 0''' समय पर h की वैल्यू 30  m है और '''t = 0''' समय पर v की वैल्यू 0 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
|| अब मैं OMEdit पर जाता हूँ। मैंने पहले ही इसे अपने सिस्टम पर रखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
|| ऊबंटु लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम पर  OMEdit खोलने के लिए, '''Dash Home ''' आइकन पर क्लिक करें, जो कि  launcher में ऊपरी बाईं ओऱ प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:53&lt;br /&gt;
||सर्च बार में  OMEdit टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
||OMEdit आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:59&lt;br /&gt;
||OMEdit आइकन पर क्लिक करके, आप इस तरह की विंडो देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
||इस विंडो को '''&amp;quot;Welcome perspective&amp;quot;''' नाम से जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
||OMEdit डिफॉल्ट रूप से, ''&amp;quot;Welcome perspective&amp;quot;'' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| निचले दाहिने कोने पर, आप '''‘Welcome’, ‘Modeling’''' और '''‘Plotting’ perspectives''' के लिए बटन्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:23&lt;br /&gt;
|| ''' ‘Modeling perspective’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||'''‘Modeling perspective’'' अब खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| मैं '''modeling area'''के रूप में बाईं ओर '''Libraries Browser''', नीचे '''Messages Browser'''  और ऊपर Toolbar के बीच क्षेत्र को संदर्भित कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| टूलबार में '''file operations, graphical view''' और '''simulation''' से संबधित बटन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
||हम आगे आगे इन बटन्स के बारे में अधिक सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
||अब, हम  '''Spoken Tutorial webpage''' पर '''Code Files'''  लिंक में उपलब्ध ''' ‘freeFall’ class'''  का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
||कृपया इस फाइल को डाउनलोड करें औऱ इसे अपने सिस्टम पर सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| इस class को खोलने के लिए, '''Menu bar''' में  File मैन्यू पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
||'''Open Model/Library File''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
|| freeFall फाइल खोजें जिसे आपने डाउनलोड किया है और अपने सिस्टम पर सेव किया है और इसे खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:24&lt;br /&gt;
|| आप फ़ाइल खोलने के लिए '''Open Model/Library File''' का उपयोग भी कर सकते हैं, जिसे मेरा कर्सर इंगित कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:34&lt;br /&gt;
||ध्यान दें freeFall आइकन '''Libraries Browser''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:39&lt;br /&gt;
||Libraries Browser सभी क्लासेस दिखाता है, जो OMEdit के सेशन में लोड किये गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
||freeFall आइकन पर राइट-क्लिक करें और ''View Class'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| क्लास अब Diagram में खुल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:56&lt;br /&gt;
||चिंता न करें, यदि  class  Diagram view में नहीं खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
||मैं आपको दिखाऊंगी कि कैसे अलग-अलग व्यूज़ के बीच स्विच किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||'' Modeling area''' के शीर्ष पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
||ध्यान दें दूसरा बटन '''Diagram''' view के लिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
||तीसरा बटन '''Text View''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
||'''Text View'' पर जाने के लिए इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
||class अब ''Text view''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, पहला बटन '''Icon View''' के लिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||हम बाद में '''Icon view '''और '''Diagram view ''' के बारे में अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| आप freeFall नामक नया क्लास भी बना सकते हैं और आवश्यक जानकारी टाइप कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
|| नईं क्लास बनाने के लिए,  File मैन्यू पर जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
||'''New Modelica Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:43&lt;br /&gt;
|| जैसा कि दिखाया गया है, एक डायलॉग बॉक्स पॉप अप होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||इस डायलॉग बॉक्स के Name फिल्ड में, freeFall टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
||मैं भिन्न नाम freeFall1 का उपयोग कर रही हूँ, क्योंकि  freeFall class पहले ही  OMEdit में खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि दो classes का एक ही नाम नहीं हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| Specialization ड्रॉप-डाउन मैन्यू पर क्लिक करें। Class चुनें।  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| एक नया class बन गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
||आप नए class को खोलने के लिए, '''New Modelica class''' नामक टूल का उपयोग भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:20&lt;br /&gt;
||मैं '''annotation section''' डिलीट करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
||अब, आप यहाँ आवश्यक जानकारी टाइप कर सकते हैं और इस क्लास को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
||इस क्लास को सेव करने के लिए, '''Menu bar''' में File मैन्यू पर जाएँ और  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| इस फाइल के लिए उपयुक्त स्थान चुनें और इसे सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:41&lt;br /&gt;
|| अब '''freeFall class''' का उपयोग करके Modelica के सिंटेक्स को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
||''freeFall class''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:49&lt;br /&gt;
||Modelling area के शीर्ष पर जाएँ।  freeFall टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
||Modelica में प्रोग्राम्स classes के रूप में व्यवस्थित किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| Class की पहली लाइन उसका नाम परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:02&lt;br /&gt;
||इस क्लास का नाम  freeFall है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| क्लास कहाँ समाप्त है यह दर्शाने के लिए सभी क्लास का एक '''end statement''' होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
||इस क्लास में '''variable declarations ''' और '''equations'' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
||मैं आपको दिखाती हूँ कि  variables कैसे घोषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
||  '''Real'''  '''data-type''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
|| '' 'h' '' पृथ्वी की सतह से बॉल की ऊंचाई को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:25&lt;br /&gt;
||start  '''Real variable''' की एक विशेषता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक '''data-type''' के पास कुछ विशेषताएँ हैं, जो  variables से संबंधित उपयोगी जानकारी निर्दिष्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
||start विशेषता  variable के आरंभिक वैल्यू को निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:41&lt;br /&gt;
||h की प्रारंभिक वैल्यू 30 यूनिट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| unit attribute    variable की यूनिट निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
||h की यूनिट metre है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:52&lt;br /&gt;
|| सभी '''variable declaration'''  सेमी-कॉलन के साथ समाप्त होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57&lt;br /&gt;
||v बॉल के वेग को प्रदर्शित करता है। यह '''Real data-type''' का है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||v की प्रारंभिक वैल्यू शून्य है। इसकी यूनिट  '''meter per second''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| g  '''acceleration due to gravity''' को प्रदर्शित करता है। यह 'Real data-type'''  है। और इसकी यूनिट '''meter per second square''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
|| ' 'parameter' 'एक मात्रा है जो सिम्युलेशन में स्थिर रहता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
||  '' g '' की वैल्यू  9.81 की वैल्यू के साथ, सिम्युलेशन के समय स्थिर रहता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
||नकारात्मक चिन्ह, साइन कन्वेंशन के इस्तेमाल के कारण होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| डबल कोट्स में टैक्स्ट '' '' g '' की घोषणा के साथ लिखित एक '' comment '' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:42&lt;br /&gt;
||Comments प्रोग्राम के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। वे डॉक्यूमेंटेशन के लिए भी उपयोगी होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| अब, स्लाइड्स पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
||'' 'parameter' 'एक मात्रा है जो सिम्युलेशन के समय स्थिर रहता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
||'''Real, Integer, Boolean''' और ''' String data-types'''   Modelica में समर्थित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:03&lt;br /&gt;
||'''start''' और '''unit attributes''' पहले ही परिभाषित किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:07&lt;br /&gt;
||'''min attribute''   variable की न्यूनतम वैल्यू को निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
||इसीतरह,  max attribute    variable की अधिकतम वैल्यू को निर्दिष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| मैं OMEdit पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:19&lt;br /&gt;
|| equation     class के '''equation section'''  की शुरूआत का प्रतीक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
|| यह comments प्रविष्ट करने का एक वैकल्पिक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| freely falling बॉडी के लिए दो ''equations of motion'' को यहां शामिल किया गया है।जैसा कि हमने पहले ही चर्चा की है, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| '''der()'''    '''time derivative''' के लिए ''Modelica function'' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||इसलिए ''der(h)'''    '''dh/dt.''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| और '''der(v)'''    '''dv/dt.''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक  equation सेमी-कॉलन के साथ समाप्त होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| मैं आपको दिखाती हूँ कि इस class को सिम्युलेट कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
||टूलबार में simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:04&lt;br /&gt;
|| पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
||इस विंडो को '''Plotting perspective''' नाम से जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:11&lt;br /&gt;
||क्लास के सफल सिम्युलेशन पर,   Plotting perspective स्वचालित रूप से खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
|| '''Variables browser''  क्लास के '''variables''' और '''parameters''' से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:24&lt;br /&gt;
||ध्यान दें यहाँ '''Unit''' और '''Description''' नामक कॉलम्म हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
||Unit कॉलम,  variables के units को निर्दिष्ट करता है जैसे कि Unit विशेषता का उपयोग कर परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:37&lt;br /&gt;
||Description कॉलम, '''variable declarations'' के साथ डबल कोट्स में लिखे कमेंट्स को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
|| मैं आपको दिखाती हूँ कि plot कैसे बनाना है। h चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:51&lt;br /&gt;
||यह  '''y-axis''' पर h और ''x-axis''' पर '''time''' के साथ समय के संबंध में  h के प्लॉट को बनाता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:01&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन 0 से 1 यूनिट तक चलाया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:07&lt;br /&gt;
||Time की यूनिट अन्य वैरिएबल्स के लिए इ्स्तेमाल units के सिस्टम पर आधारित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| मैं h अचयनित करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:17&lt;br /&gt;
||आवश्यक प्लॉट बनने के बाद, यह हमेशा परिणामों को डिलीट करना एक अच्छा अभ्यास होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:25&lt;br /&gt;
||इस परिणाम को डिलीट करने के लिए,  freeFall पर राइट-क्लिक करें और '''Delete result'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
||परिणाम अब डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| मैं '''Modeling perspective'' पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:39&lt;br /&gt;
||दाईं ओर नीचे Modeling बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:43&lt;br /&gt;
|| Modelica में,  class का उपयोग model के साथ समानार्थित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
||एक ही प्रभाव का निर्माण करने के लिए, यहां class के बजाय model का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
||अब, मैं आपको दिखाती हूँ कि सिम्युलेशन के लिए '''time interval'''  कैसे बदलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
||टूलबार में उपस्थित '''Simulation Setup''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| General टैब में, '''Stop time''' फिल्ड पर जाएँ। इसे 5 यूनिट्स में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:14&lt;br /&gt;
||Simulate पर क्लिक करें। प्रदर्शित पॉप-अब विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
||मैं एक बार फिर से '''Variables browser''' में h चुनती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
||यह '''h''' v/s '''time''' प्लॉट बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:29&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, टाइम इंटरवल 5 यूनिट्स में बढ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:33&lt;br /&gt;
||लेकिन,  h की वैल्यू 0 से नीचे चली गयी है, जो अस्वीकार्य है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:40&lt;br /&gt;
||हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में, इस प्रोब्लम को सुधारने के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:45&lt;br /&gt;
||मैं freeFall पर राइट-क्लिक करके इस परिणाम को डिलीट करती हूँ और '''Delete result''' चुनती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| नीचे दाईं ओर '''Modeling perspective''' पर क्लिक करके,  Modeling perspective पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:59&lt;br /&gt;
|| यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि समीकरणों ( equation) की संख्या वैरिएबल की संख्या के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:07&lt;br /&gt;
||इस class में दो वैरिएबल्स औऱ दो इक्वेशन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:11&lt;br /&gt;
||अब, मैं पहले  equation को डिलीट करती हूँ और इस क्लास को सिम्युलेट करती हूँ, यह देखने के लिए कि क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:18&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले equation को डिलीट कर लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, कि freeFall टैब में क्लास के नाम के बगल में स्टार दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
||यह क्लास में अनसेव परिवर्तन को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:31&lt;br /&gt;
||इसलिए, परिवर्तन किए जाने के बाद, क्लास को सेव करना एक अच्छा अभ्यास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:38&lt;br /&gt;
||इस क्लास को सेव करने के लिए, '''File menu''' पर जाएँ औऱ  Save पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:44&lt;br /&gt;
||आप टूलबार में से भी Save बटन का उपयोग कर सकते हैं, जो फाइल सेव करने के लिए मेरा कर्सर इंगित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:53&lt;br /&gt;
||अब, मैं Simulate बटन पर क्लिक करके इस क्लास को सिम्युलेट करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:59&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि एक एरर मैसेज '''Messages browser''' में पॉप अप होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:04&lt;br /&gt;
||यह कहता है कि, यहाँ बहुत कम equations है और मॉडल में 1  equations और 2  variables हैं। इसलिए यह सिम्युलेट नहीं हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:14&lt;br /&gt;
||मैं equation को उसकी जगह पर वापस करती हूँ और टूलबार में  Save पटन पर क्लिक करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:24&lt;br /&gt;
||इस क्लास को सिम्युलेट करने के लिए  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, क्लास सफलतापूर्वक सिम्युलेट हो गई है, क्योंकि equations की संख्या variables की संख्या के बराबर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:37&lt;br /&gt;
||पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:40&lt;br /&gt;
|| मैं स्लाइड्स पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:43&lt;br /&gt;
|| '''“der()”'''   '''time derivative''' के लिए  Modelica फंक्शन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:48&lt;br /&gt;
||यहाँ equations के लिए कोई डेटा फ्लो दिशा नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:52&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, '''der(h) = v'''   को '''v = der(h)''' के रूप में लिखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:00&lt;br /&gt;
||'''Initial equations section''' का उपयोग प्रारंभिक कंडिशन्स को प्रविष्ट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:05&lt;br /&gt;
||हम '''Initial equation'''  के बारे में विस्तार से बाद में जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:10&lt;br /&gt;
|| नियत-कार्य के रूप में,  '''differential equation''' '''dx/dt = -a  into x ''' को सिम्युलेट करने के लिए एक मॉडल लिखें, जहाँ  '''a = 1''', ''x'''    '''R'''  से संबधित है और टाइम '''t=0'''  पर  x की वैल्यू 5  है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:28&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:31&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर वीडियो देखें यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:37&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं; प्रमाण पत्र देते हैं। कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:43&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एनएमईआईसीटी, एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:49&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:53&lt;br /&gt;
||धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi"/>
				<updated>2017-11-29T20:14:48Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
| | नमस्कार,  '''OpenModelica Connectors.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:06&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे नई  class बनाना, मौजूदा class खोलना, भिन्न classes कनेक्ट करना,  model बनाना औऱ  model सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:22&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ  OpenModelica वर्जन 1.11.0 और ऊबंटु लिनक्स  OS 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:34&lt;br /&gt;
| |लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS में समान है- जैसे '''Windows, '''  '''Mac OS X'''  या '' ARM पर  FOSSEE OS &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:47&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको  OMEdit के बारे में पता होना चाहिए, पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:57&lt;br /&gt;
| | ट्यूटोरियल में उपयोगित '''RLC_Circuit ''' फ़ाइल, हमारी साइट पर एक कोड फाइल के रूप में दी गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:04&lt;br /&gt;
| |'''Code Files''' लिंक से फाइल्स डाउनलोड करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही  OMEdit विंडो खोली है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:13&lt;br /&gt;
|| अब हम चर्चा करेंगे कि नया model कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:18&lt;br /&gt;
| |पहले हम नई class बनायेंगे। तो File मैन्यू पर जाएँ और '''New Modelica Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:27&lt;br /&gt;
| |'''Create New Modelica Class'''  विंडो प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:31&lt;br /&gt;
| |Name फिल्ड में, क्लास का नाम प्रविष्ट करें, जिसे हम बनाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:37&lt;br /&gt;
| |मैं Sample नाम टाइप प्रविष्ट करूँगी ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:41&lt;br /&gt;
| | Specialization फिल्ड में, क्लास का टाइप चुनें, जिसे आप बनाना चाहते हैं। मैं  Class चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:50&lt;br /&gt;
|| फिरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
| | दिए गए नाम के साथ नया क्लास बनेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:57&lt;br /&gt;
| |हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में classes के बारे में और अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:02&lt;br /&gt;
| |अब हम इस क्लास को सेव करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:05&lt;br /&gt;
| |इसके लिए, '''Sample class''' पर राइट-क्लिक करें औरSave पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:11&lt;br /&gt;
| |इस फाइल को सेव करने के लिए उचित स्थान चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
| | Sample फाइल बंद करें। Sample पर राइट क्लिक करें और  Unload चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:22&lt;br /&gt;
| |प्रदर्शित कंफरमेशन डायलॉग बॉक्स में Yes पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:27&lt;br /&gt;
| |अब हम सीखेंगे कि मौजूदा class को कैसे खोलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:32&lt;br /&gt;
| |class खोलने के लिए,  File मैन्यू पर जाएँ। फिर '''Open Model/Library File''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:40&lt;br /&gt;
| | इच्छित फ़ाइल का चयन करें जिसे आप खोलना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:44&lt;br /&gt;
| |मैं '''RLC_Circuit.mo'''  फाइल चुनुँगी जो हमने '''Code files''' से डाउनलोड की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| |Open बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:55&lt;br /&gt;
| | अब हमConnectors के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:59&lt;br /&gt;
| |Connector एक model से अन्य model के साथ जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिए एक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:07&lt;br /&gt;
| |Connectors के उपयोग:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:09&lt;br /&gt;
| |Connectors का उपयोग  कनेक्शन, कम्युनिकेशन, कंपोनेंट और बाहरी दुनिया के बीच युग्मन के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
| |फिर, हमclasses कनेक्ट करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:20&lt;br /&gt;
| |इसके लिए, मैं ''RLC_Circuit''' फाइल का उपयोग करुँगी जिसे हमने पहले खोला था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:28&lt;br /&gt;
| |''RLC_Circuit'''   Modelica package है जिसमें भिन्न classes शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:34&lt;br /&gt;
| |Package का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:37&lt;br /&gt;
| | यहाँ हम विभिन्न '''classes,'''   '''Ground'',  '''VoltageSource''' , '''Resistor''' , '''Capacitor '''और  '''Inductor'''&amp;lt;br/&amp;gt;  देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:49&lt;br /&gt;
| |और '''Pin''' नामक  '''connector''' भी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:53&lt;br /&gt;
| |हम इस श्रृंखला में आने वाले ट्यूटोरियल्स में '' 'classes' 'और' 'connectors' 'के बारे में अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
|| इसpackage में circuit क्लास भी शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
| |Circuit फाइल पर डबल-क्लिक करें और '''Text view''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:11&lt;br /&gt;
| |यहाँ हम देख सकते हैं कि class में कोई भी कोड नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:17&lt;br /&gt;
| | अब '''Diagram View'' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:20&lt;br /&gt;
| | सभी '''blocks/components''' को ग्रिड भाग में रखते हैं। फिर हम उन्हें कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:29&lt;br /&gt;
| | Resistor पर क्लिक करें और इसे ग्रिड भाग में ड्रेग औऱ ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:35&lt;br /&gt;
| | हमें मैसेज प्राप्त होता है: ''Enter Component Name.''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:38&lt;br /&gt;
| |Name फिल्ड में, कंपोनेंट नाम '''R'' प्रविष्ट करें और OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:47&lt;br /&gt;
| |Inductor पर क्लिक करें, इसे ग्रिड भाग में ड्रेग औऱ ड्रॉप करें और इसे Resistor के बाद रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:56&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम '''L'' प्रविष्ट करें और OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:02&lt;br /&gt;
| |Capacitor पर क्लिक करें, इसे ग्रिड भाग में ड्रैग औऱ ड्रॉप करें और इसे Inductor के बाद रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:10&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम '''C'' प्रविष्ट करें औरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:15&lt;br /&gt;
| |फिर,  VoltageSource पर क्लिक करें औऱ इसे ग्रिड भाग में ड्रैग और ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:22&lt;br /&gt;
| |इसे ''R, L''' और '''C'' के ऊपर रखें, जो श्रृंखला में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:28&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम ACVoltage प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  05:32&lt;br /&gt;
| | याद रखें, कृपया कंपोनेंट नाम फिल्ड में कोई भी स्पेस ना रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:38&lt;br /&gt;
| |यह सिम्युलेशन के समय ट्रांसलेशन एरर देगा।  OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:45&lt;br /&gt;
| |फिर,  Ground पर क्लिक करें और इसे ग्रिड भाग में ड्रैग औऱ ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:52&lt;br /&gt;
| |इसे श्रृंखला में ''R, L''' और '''C'''  कंपोनेंट के नीचे रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:57&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम G प्रविष्ट करें औरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:02&lt;br /&gt;
| |अब श्रृंखला में ''RLC Circuit '' का निर्माण करने के लिए हमारे पास सभी आवश्यक कंपोनेंट्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:09&lt;br /&gt;
| | इनcomponents को कनेक्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:12&lt;br /&gt;
| | माउस को कंपोनेंट के बाईं ओर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:16&lt;br /&gt;
| |पॉप-अप '''RLC underscore Circuit dot pin p''' प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:22&lt;br /&gt;
| |यह '''positive pin''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:25&lt;br /&gt;
| |इसीतरह, कंपोनेंट का दायाँ भाग ''RLC underscore Circuit dot pin n'' पॉप-अप दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:34&lt;br /&gt;
| |यह '''negative pin''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:37&lt;br /&gt;
| | कर्सर को Resistor के '''negative pin'''  पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:42&lt;br /&gt;
| |हम ''''+'''' चिन्ह देख सकते हैं जब कर्सर '''n pin''' पर रखा जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
| | pin पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:49&lt;br /&gt;
| |इसे Inductor के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:54&lt;br /&gt;
| | '''Inductor's p pin ''' पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:01&lt;br /&gt;
| | फिर, हम Inductor के '''n pin'''  को  Capacitor के ''p pin ''' के साथ कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:08&lt;br /&gt;
| |Inductor के '''n pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:11&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरCapacitor के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
| | Capacitor के '''p pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:20&lt;br /&gt;
| |अब हमने श्रृंखला में '''Resistor, Inductor''' और ''' Capacitor''' कनेक्ट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
| | अगला चरण VoltageSource प्रदान करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:32&lt;br /&gt;
| |Resistor के '''p pin'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:36&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें और VoltageSource के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:42&lt;br /&gt;
| | इसीतरह, हम Capacitor के '''n pin''' को VoltageSource के '''n pin''' के साथ कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:50&lt;br /&gt;
| |Capacitor के '''n pin'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:53&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरVoltageSource के  '''n pin'''  पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:58&lt;br /&gt;
| | '''n pin'''  पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:03&lt;br /&gt;
|| अगला चरण सर्किट Ground करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:07&lt;br /&gt;
| |VoltageSource के '''n pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:11&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरGround  पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:14&lt;br /&gt;
| |ध्यान दें,  Ground को केवल एक पिन मिला है जो '''p pin''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:20&lt;br /&gt;
| |इस पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें। अब सर्किट पूरा हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:25&lt;br /&gt;
| | ट्यूटोरियल रोक दें और देखें कि आपका सर्किट इस तरह दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| | class सेव करने के लिए '''CTRL  S''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:37&lt;br /&gt;
| | अब हम class की शुद्धता की जाँच करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:41&lt;br /&gt;
| | '''Check All Models''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:45&lt;br /&gt;
|| '''Messages Browser''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:49&lt;br /&gt;
| |यह समीकरणों की संख्या और वैरिएबल्स की संख्या को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:53&lt;br /&gt;
| |मॉडल सिम्युलेट के लिए तैयार हो जायेगा यदि दोनों समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:58&lt;br /&gt;
| | Simulate बटन पर क्लिक करें। एक नया विंडो प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:03&lt;br /&gt;
|| यह आउटपुट विंडो सक्सेस मैसेज प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
| | R का विस्तार करें और ''Ir''' और '''time'' के बीच प्लॉट करने के लिए  Ir पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| |हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में '''Equations''' और '''Variables''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:24&lt;br /&gt;
| | यह सब इस ट्यूटोरियल के लिए है। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:28&lt;br /&gt;
| |इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: नए क्लास को बनाना, मौजूदा क्लास को खोलना, भिन्न  classes कनेक्ट करना,  Model बनाना और  Model सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
| | नियत-कार्य के रूप में,  RLC Circuit का निर्माण करें, जहाँ: '''Resistor, Inductor''' और '''Capacitor '''   parallel कनेक्शन में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:53&lt;br /&gt;
| |''RLC_Circuit package''' मैं मौजूद '''classes''' और '''connector''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |यह सर्किट का चित्र है जिसे निर्माण किया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| | निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। [Http://spoken-tutorial.org/spoken-tutorial.org/] &lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करती है, ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:31&lt;br /&gt;
| | इस फोरम में समय के साथ अपने प्रश्नों को पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:34&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करती है। हम ऐसे लोगों के लिए मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:49&lt;br /&gt;
| | FOSSEE टीम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करती है। हम ऐसे लोगों के लिए मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:06&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल और FOSSEE आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:15&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| | यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/OpenModelica-Connectors/Hindi"/>
				<updated>2017-11-27T10:46:22Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
| | नमस्कार,  '''OpenModelica Connectors.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:06&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे नई  class बनाना, मौजूदा class खोलना, भिन्न classes कनेक्ट करना,  model बनाना औऱ  model सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:22&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ  OpenModelica वर्जन 1.11.0 और ऊबंटु लिनक्स  OS 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:34&lt;br /&gt;
| |लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS में समान है- जैसे '''Windows, '''  '''Mac OS X'''  या '' ARM पर  FOSSEE OS &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:47&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको  OMEdit के बारे में पता होना चाहिए, पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:57&lt;br /&gt;
| | ट्यूटोरियल में उपयोगति '''RLC_Circuit ''' फ़ाइल, हमारी साइट पर एक कोड फाइल के रूप में दी गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:04&lt;br /&gt;
| |'''Code Files''' लिंक से फाइल्स डाउनलोड करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही  OMEdit विंडो खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:13&lt;br /&gt;
|| अब हम चर्चा करेंगे कि नया model कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:18&lt;br /&gt;
| |पहले हम नई class बनायेंगे। तो File मैन्यू पर जाएँ और '''New Modelica Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:27&lt;br /&gt;
| |'''Create New Modelica Class'''  विंडो प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:31&lt;br /&gt;
| |Name फिल्ड में, क्लास का नाम प्रविष्ट करें, जिसे हम बनाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:37&lt;br /&gt;
| |मैं Sample नाम टाइप प्रविष्ट करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:41&lt;br /&gt;
| | Specialization फिल्ड में, क्लास का टाइप चुनें, जिसे आप बनाना चाहते हैं। मैं  Class चुनुँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:50&lt;br /&gt;
|| फिरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
| | दिए गए नाम के साथ नया क्लास बनेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:57&lt;br /&gt;
| |हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में classes के बारे में और अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:02&lt;br /&gt;
| |अब हम इस क्लास को सेव करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:05&lt;br /&gt;
| |इसके लिए, '''Sample class''' पर राइट-क्लिक करें औरSave पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:11&lt;br /&gt;
| |इस फाइल को सेव करने के लिए उचित स्थान चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
| | Sample फाइल बंद करें। Sample पर राइट क्लिक करें और  Unload चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:22&lt;br /&gt;
| |प्रदर्शित कंफरमेशन डायलॉग बॉक्स में Yes पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:27&lt;br /&gt;
| |अब हम सीखेंगे कि मौजूदा class को कैसे खोलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:32&lt;br /&gt;
| |class खोलने के लिए,  File मैन्यू पर जाएँ। फिर '''Open Model/Library File''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:40&lt;br /&gt;
| | इच्छित फ़ाइल का चयन करें जिसे आप खोलना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:44&lt;br /&gt;
| |मैं '''RLC_Circuit.mo'''  फाइल चुनुँगा जो हमने '''Code files''' से डाउनलोड की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| |Open बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:55&lt;br /&gt;
| | अब हमConnectors के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:59&lt;br /&gt;
| |Connector एक model से अन्य model के साथ जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिए एक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:07&lt;br /&gt;
| |Connectors के उपयोग:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:09&lt;br /&gt;
| |Connectors का उपयोग  कनेक्शन, कम्युनिकेशन, कंपोनेंट और बाहरी दुनिया के बीच युग्मन के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
| |फिर, हमclasses कनेक्ट करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:20&lt;br /&gt;
| |इसके लिए, मैं ''RLC_Circuit''' फाइल का उपयोग करुँगा जिसे हमने पहले खोला था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:28&lt;br /&gt;
| |''RLC_Circuit'''   Modelica package है जिसमें भिन्न classes शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:34&lt;br /&gt;
| |Package का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:37&lt;br /&gt;
| | यहाँ हम विभिन्न '''classes,'''   '''Ground'',  '''VoltageSource''' , '''Resistor''' , '''Capacitor '''और  '''Inductor'''&amp;lt;br/&amp;gt;  देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:49&lt;br /&gt;
| |और '''Pin''' नामक  '''connector''' भी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:53&lt;br /&gt;
| |हम इस श्रृंखला में आने वाले ट्यूटोरियल्स में '' 'classes' 'और' 'connectors' 'के बारे में अधिक जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
|| इसpackage में circuit क्लास भी शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
| |Circuit फाइल पर डबल-क्लिक करें और '''Text view''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:11&lt;br /&gt;
| |यहाँ हम देख सकते हैं कि class में कोई भी कोड नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:17&lt;br /&gt;
| | अब '''Diagram View'' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:20&lt;br /&gt;
| | सभी '''blocks/components''' को ग्रिड भाग में रखते हैं। फिर हम उन्हें कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:29&lt;br /&gt;
| | Resistor पर क्लिक करें और इसे ग्रिड भाग में ड्रेग औऱ ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:35&lt;br /&gt;
| | हमें मैसेज प्राप्त होता है: ''Enter Component Name.''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:38&lt;br /&gt;
| |Name फिल्ड में, कंपोनेंट नाम '''R'' प्रविष्ट करें और OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:47&lt;br /&gt;
| |Inductor पर क्लिक करें, इसे ग्रिड भाग में ड्रेग औऱ ड्रॉप करें और इसे Resistor के बाद रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:56&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम '''L'' प्रविष्ट करें और OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:02&lt;br /&gt;
| |Capacitor पर क्लिक करें, इसे ग्रिड भाग में ड्रैग औऱ ड्रॉप करें और इसे Inductor के बाद रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:10&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम '''C'' प्रविष्ट करें औरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:15&lt;br /&gt;
| |फिर,  VoltageSource पर क्लिक करें औऱ इसे ग्रिड भाग में ड्रैग और ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:22&lt;br /&gt;
| |इसे ''R, L''' और '''C'' के ऊपर रखें, जो श्रृंखला में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:28&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम ACVoltage प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  05:32&lt;br /&gt;
| | याद रखें, कृपया कंपोनेंट नाम फिल्ड में कोई भी स्पेस ना रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:38&lt;br /&gt;
| |यह सिम्युलेशन के समय ट्रांसलेशन एरर देगा।  OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:45&lt;br /&gt;
| |फिर,  Ground पर क्लिक करें और इसे ग्रिड भाग में ड्रैग औऱ ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:52&lt;br /&gt;
| |इसे श्रृंखला में ''R, L''' और '''C'''  कंपोनेंट के नीचे रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:57&lt;br /&gt;
| |कंपोनेंट नाम G प्रविष्ट करें औरOK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:02&lt;br /&gt;
| |अब श्रृंखला में ''RLC Circuit '' का निर्माण करने के लिए हमारे पास सभी आवश्यक कंपोनेंट्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:09&lt;br /&gt;
| | इनcomponents को कनेक्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:12&lt;br /&gt;
| | माउस को कंपोनेंट के बाईं ओर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:16&lt;br /&gt;
| |पॉप-अप '''RLC underscore Circuit dot pin p''' प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:22&lt;br /&gt;
| |यह '''positive pin''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:25&lt;br /&gt;
| |इसीतरह, कंपोनेंट का दायाँ भाग ''RLC underscore Circuit dot pin n'' पॉप-अप दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:34&lt;br /&gt;
| |यह '''negative pin''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:37&lt;br /&gt;
| | कर्सर को Resistor के '''negative pin'''  पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:42&lt;br /&gt;
| |हम ''''+'''' चिन्ह देख सकते हैं जब कर्सर '''n pin''' पर रखा जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
| | pin पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:49&lt;br /&gt;
| |इसे Inductor के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:54&lt;br /&gt;
| | '''Inductor's p pin ''' पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:01&lt;br /&gt;
| | फिर, हम Inductor के '''n pin'''  को  Capacitor के ''p pin ''' के साथ कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:08&lt;br /&gt;
| |Inductor के '''n pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:11&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरCapacitor के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
| | Capacitor के '''p pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:20&lt;br /&gt;
| |अब हमने श्रृंखला में '''Resistor, Inductor''' और ''' Capacitor''' कनेक्ट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
| | अगला चरण VoltageSource प्रदान करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:32&lt;br /&gt;
| |Resistor के '''p pin'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:36&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें और VoltageSource के '''p pin''' पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:42&lt;br /&gt;
| | इसीतरह, हम Capacitor के '''n pin''' को VoltageSource के '''n pin''' के साथ कनेक्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:50&lt;br /&gt;
| |Capacitor के '''n pin'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:53&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरVoltageSource के  '''n pin'''  पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:58&lt;br /&gt;
| | '''n pin'''  पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:03&lt;br /&gt;
|| अगला चरण सर्किट Ground करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:07&lt;br /&gt;
| |VoltageSource के '''n pin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:11&lt;br /&gt;
| |इसे पकड़कर रखें औरGround  पर ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:14&lt;br /&gt;
| |ध्यान दें,  Ground को केवल एक पिन मिला है जो '''p pin''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:20&lt;br /&gt;
| |इस पर क्लिक करें और कर्सर छोड दें। अब सर्किट पूरा हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:25&lt;br /&gt;
| | ट्यूटोरियल रोक दें और देखें कि आपका सर्किट इस तरह दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| | class सेव करने के लिए '''CTRL  S''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:37&lt;br /&gt;
| | अब हम class की शुद्धता की जाँच करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:41&lt;br /&gt;
| | '''Check All Models''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:45&lt;br /&gt;
|| '''Messages Browser''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:49&lt;br /&gt;
| |यह समीकरणों की संख्या और वैरिएबल्स की संख्या को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:53&lt;br /&gt;
| |मॉडल सिम्युलेट के लिए तैयार हो जायेगा यदि दोनों समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:58&lt;br /&gt;
| | Simulate बटन पर क्लिक करें। एक नया विंडो प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:03&lt;br /&gt;
|| यह आउटपुट विंडो सक्सेस मैसेज प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
| | R का विस्तार करें और ''Ir''' और '''time'' के बीच प्लॉट करने के लिए  Ir पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| |हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में '''Equations''' और '''Variables''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:24&lt;br /&gt;
| | यह सब इस ट्यूटोरियल के लिए है। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:28&lt;br /&gt;
| |इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: नए क्लास को बनाना, मौजूदा क्लास को खोलना, भिन्न  classes कनेक्ट करना,  Model बनाना और  Model सिम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
| | नियत-कार्य के रूप में,  RLC Circuit का निर्माण करें, जहाँ: '''Resistor, Inductor''' और '''Capacitor '''   parallel कनेक्शन में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:53&lt;br /&gt;
| |''RLC_Circuit package''' मैं मौजूद '''classes''' और '''connector''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |यह सर्किट का चित्र है जिसे निर्माण किया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| | निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। [Http://spoken-tutorial.org/spoken-tutorial.org/] &lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाओं का आयोजन करती है, ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:31&lt;br /&gt;
| | इस फोरम में समय के साथ अपने प्रश्नों को पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:34&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करती है। हम ऐसे लोगों के लिए मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:49&lt;br /&gt;
| | FOSSEE टीम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करती है। हम ऐसे लोगों के लिए मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:06&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल और FOSSEE आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:15&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| | यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi"/>
				<updated>2017-11-25T20:42:40Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' के परिचय पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:07&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे '''OpenModelica''' और '''OMEdit''' के बारे में ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:15&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' खोलने, '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' सिम्युलेट करने के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:23&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं '''OpenModelica version 1.9.5''' और '''Ubuntu Linux OS 14.04''' का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:36&lt;br /&gt;
|| लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रोसेस, अन्य OS, जैसे कि '''Windows''', '''Mac OS X''' या '''ARM''' पर '''FOSSEE OS''' के समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:48&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको डिफरेंशियल और बीजगणितीय समीकरणों का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:55&lt;br /&gt;
|| '''OpenModelica''' क्या है? OpenModelica एक ओपन-सोर्स मॉडलिंग और सिम्युलेशन इनवायरमेंट है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:03&lt;br /&gt;
|| कॉम्पलेक्स सिस्टमों के लिए ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड, मल्टी-डोमेन मॉडलिंग लैंग्वेज़।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
|| औद्योगिक और शैक्षणिक दोनों उद्देश्यों के लिए अभिप्रेत (इंटेंडेड) है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
|| आइए, सबसे पहले देखते हैं कि '''OMEdit''' क्या होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||'''OMEdit''', '''OpenModelica Connection Editor''' का संक्षिप्त रूप है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:24&lt;br /&gt;
|| ग्राफ़िकल मॉडल के लिए, यह एक नया '''Graphical User Interface''' है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:29&lt;br /&gt;
|| मॉडलों को बनाने एवं संशोधित करने के लिए इसमें कई विशेषताएँ हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:34&lt;br /&gt;
| | अब हमें '''OMEdit''' विंडो पर जाना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||मैंने पहले ही अपने सिस्टम में '''OMEdit''' इंस्टॉल कर लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:43&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' विंडो खोलने के लिए, '''Dash Home''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:47&lt;br /&gt;
| | सर्च बॉर में, '''OMEdit''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:51&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' आइकॉन पर क्लिक करें, जो प्रदर्शित हो रहा है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:55&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' आइकॉन पर क्लिक करने पर, हमें '''Welcome perspective''' विंडो दिखता है। इसमें '''Recent Files''' और '''Latest News''' की एक सूची दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit window''' के बाईं ओर, हमें '''Libraries Browser''' दिखता है। यहाँ हम लाइब्रेरीज़ की एक सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:15&lt;br /&gt;
| | आइए, '''Modelica''' library को विस्तारित (एक्सपांड) करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||इसे करने के लिए, '''Modelica''' library की बाईं ओर ऐरो हेड पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||यहाँ हम उपलब्ध लाइब्रेरीज़ की सूची देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:28&lt;br /&gt;
| | '''Thermal''' library के बाएँ, ऐरो हेड पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:31&lt;br /&gt;
|| '''Thermal''' के अंदर, हम '''HeatTransfer''' library पाते हैं। इसे विस्तारित (एक्सपांड) करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:37&lt;br /&gt;
| | एकबार फिर, हमें कई अलग-अलग प्रदर्शित लाइब्रेरी दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:43&lt;br /&gt;
||अब, '''Example''' library को विस्तारित (एक्सपांड) करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Heat Transfer''' के विभिन्न उदाहरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| | आइए, '''TwoMasses''' नामक class खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
|| '''TwoMasses''' पर राइट-क्लिक करें और '''Open Class''' सलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
||'''class''' को खोलने के लिए हम '''class''' पर डबल-क्लिक भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:06&lt;br /&gt;
| | अब हम '''Modeling Perspective''' विंडो पर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:10&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से '''class''', '''Diagram View''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| अगर '''Diagram View''' में class नहीं खुलता है, तो चिंता न करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
||मैं आप सबको दिखाऊँगी कि विभिन्न '''views''' के बीच कैसे स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:23&lt;br /&gt;
| | '''modeling area''' विंडो पर, हम मॉडल्स के '''Diagram View''' को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:28&lt;br /&gt;
| | '''modeling area''' के टॉप पर, हमें चार अलग-अलग आइकॉन दिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |03:33&lt;br /&gt;
|| पहला आइकॉन '''Icon View''' को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
|| '''Model''' रेप्रीज़ेन्टेशन को देखने के लिए इसपर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:41&lt;br /&gt;
|| अगला आइकॉन '''Diagram view''' को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:45&lt;br /&gt;
||मॉडल का प्रतिनिधित्व करने वाले रेखा-चित्र को देखने के लिए इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:49&lt;br /&gt;
|| तीसरा आइकॉन '''Text View''' आइकॉन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||अब इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:54&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Two Masses''' class से संबंधित '''Modelica''' कोड देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:00&lt;br /&gt;
||आगामी ट्यूटोरियल्स में हम सीखेंगे कि '''OMEdit''' में कोड कैसे लिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
|| अगले आयकॉन पर क्लिक करें, जो '''Documentation view''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:10&lt;br /&gt;
|| '''Documentation Browser''' नाम की एक नई विंडो, '''OMEdit''' विंडो के दायीं तरफ खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
||यहाँ हम मॉडल के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी पढ़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:23&lt;br /&gt;
| | अब '''Documentation Browser''' को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
| | किसी '''model''' को सिम्युलेट करने से पहले, हमें '''model''' की सत्यता को जाँचने की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:32&lt;br /&gt;
|| इसे करने के लिए, सबसे पहले टूलबॉर पर '''Check All Models''' बटन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||इस बटन पर सफेद डबल टिक्स (white coloured double ticks) बना हुआ है। इस पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:43&lt;br /&gt;
| | ध्यान दें कि, विंडो के बॉटम में एक '''Messages Browser''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| यह '''Modelica class''' से संबंधित संदेशों को दिखाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:53&lt;br /&gt;
| | अब, मॉडल को सिम्युलेट करने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:56&lt;br /&gt;
| | इसे करने के लिए, टूलबॉर पर हरे रंग वाले ऐरो (green colored arrow) पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||यह '''Simulate''' बटन है, जिसका उपयोग मॉडल को सिम्युलेट करने के लिए होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
|| '''Modelica class''' को सिम्युलेट करने के लिए हम '''Ctrl +B''' भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:11&lt;br /&gt;
|| सिम्युलेटिंग पर, एक नया विंडो खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:14&lt;br /&gt;
| | यह '''class''' के कम्पाइलेशन प्रोसेस को दर्शाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:18&lt;br /&gt;
| | एक बार कम्पाइलेशन के सफल हो जाने पर, ऑउटपुट विंडो यह संदेश प्रदर्शित करता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:23&lt;br /&gt;
||'''Simulation process finished successfully.''' इस विंडो को मिनीमाइज़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:30&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, '''Plotting Perspective''', '''OMEdit''' विंडो में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||अगर यह नहीं खुलता है तो, नीचे दायीं तरफ '''Plotting''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
|| '''Plotting''' विंडो को खोलने के लिए हम '''Ctrl +F3''' भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:45&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम '''Modelica class''' के सिम्युलेशन परिणामों को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:50&lt;br /&gt;
|| '''Plotting Perspective''' की दाईं ओर, '''Variables Browser''' विंडो देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:55&lt;br /&gt;
|| '''Variables Browser''' के अंदर: मैं बताऊँगी कि '''Modelica class''' के इनपुट वेरिएबल मानों को कैसे बदलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| आइए, '''conduction''' variable को विस्तारित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:06&lt;br /&gt;
|| '''G''' के मान को बदलते हैं और देखते हैं कि '''Q_flow''' और '''dT''' के मान कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, '''G''' = '''10, Q_flow''' = '''263.599 W''' और '''dT = 26.3599 K'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:25&lt;br /&gt;
| | आइए, '''G''' के मान को '''10''' से '''15''' कर दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:30&lt;br /&gt;
| |और '''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:32&lt;br /&gt;
|| विंडो के ऊपर दायें कोने पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:35&lt;br /&gt;
| | टूलबॉर पर '''Re-simulate''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:39&lt;br /&gt;
|| हमें सक्सेस मैसेज विंडो दिखती है। इस विंडो को मिनीमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:44&lt;br /&gt;
| | एक बार सिम्युलेशन पूरा हो जाने पर, बदलावों को नोट कर लें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:48&lt;br /&gt;
| |'''Q_flow''' = '''203.009 W''' और '''dT = 13.5339 K'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:56&lt;br /&gt;
|| अब मैं आप सबको दिखाती हूँ कि एक प्लॉट को कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:00&lt;br /&gt;
| | '''dT''' variable के सामने वाले चेक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:04&lt;br /&gt;
|| आप '''X-axis''' पर '''time''' और '''Y-axis''' पर '''dT''' के बीच एक प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:11&lt;br /&gt;
| |यह प्लॉट, टाइम से अलग-अलग होने वाले दो masses के बीच के तापमान अंतर को बताता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:17&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन '''0''' से '''1''' यूनिट टाइम पर रन होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:22&lt;br /&gt;
| |हम '''Simulation Setup''' विकल्प के उपयोग से इस अन्तराल को भिन्न-भिन्न कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:27&lt;br /&gt;
| | इसके लिए, '''Modeling Perspective''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:30&lt;br /&gt;
| |नीचे दायीं ओर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:33&lt;br /&gt;
| |या '''Modeling''' विंडो को खोलने के लिए '''Ctrl +F2''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:38&lt;br /&gt;
|| टूलबॉर पर '''Simulation Setup''' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
| | '''Simulation Setup''' विंडो खुल जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:46&lt;br /&gt;
|| '''Stop Time''' को '''5''' unit में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:49&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि '''Simulate''' चेक बॉक्स को चेक किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:52&lt;br /&gt;
| | '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:55&lt;br /&gt;
| | तुरंत, हमें सक्सेस मैसेज विंडो दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:59&lt;br /&gt;
| | इस विंडो को मिनीमाइज़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:02&lt;br /&gt;
| | '''class''', '''0''' से '''5''' यूनिट टाइम के सिम्युलेशन अन्तराल के साथ री-सिम्युलेट हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:08&lt;br /&gt;
| | हम किसी भी दो variables के बीच, टाइम के अलावा, एक प्लॉट भी प्राप्त कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:16&lt;br /&gt;
| | टूलबॉर पर '''New Parametric Plot Window''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:20&lt;br /&gt;
| | आइए, उन दो variables '''Q_flow''' और '''dT''' को चुनें, जिन्हें हम प्लॉट करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:26&lt;br /&gt;
|| अब हम '''X-axis''' पर '''dT''' और '''Y-axis''' पर '''Q_flow''' के बीच एक प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:34&lt;br /&gt;
| |यह हीट फ्लो की भिन्नता को दर्शाता है, जैसा कि उनके बीच के तापमान का अंतर कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
| | एकबार आवश्यक प्लॉट के जनरेट हो जाने पर, हम परिणामों (रिजल्ट) को हटा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:45&lt;br /&gt;
| | '''Variables Browser''' में, '''TwoMasses''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:49&lt;br /&gt;
| | '''Delete Result''' चुनें। अब रिजल्ट डिलिट कर दिया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:55&lt;br /&gt;
| | '''OpenModelica''' में एक '''Help''' मेनू है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:58&lt;br /&gt;
| | '''Menu''' बॉर में जाएँ और '''Help''' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:02&lt;br /&gt;
| |यहाँ हम '''User Guide, System, Scripting''' और '''Modelica Documentation''' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:10&lt;br /&gt;
| | आइए, सारांशित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा है, '''OpenModelica''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:16&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' का परिचय&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' खोलना &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:21&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' सिम्युलेट करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
| | एक असाइनमेंट के रूप में:  '''Fluid''' library को '''Modelica''' में विस्तारित करें &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:30&lt;br /&gt;
| | '''Examples''' Library को '''Modelica''' में विस्तारित करें &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:34&lt;br /&gt;
| | '''HeatExchangerSimulation''' class को '''HeatExchanger''' Library में सिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:39&lt;br /&gt;
| |कुछ इनपुट variables का वैल्यू बदलें और फिर से सिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:43&lt;br /&gt;
| | '''Q_Flow_1''' और '''time''' के बीच एक प्लॉट बनाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:48&lt;br /&gt;
|| नीचे के लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:51&lt;br /&gt;
| |यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:55&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल के उपयोग से कार्यशालाएँ संचालित करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:08&lt;br /&gt;
| | क्या आप इस '''Spoken Tutorial''' पर कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं?  कृपया इस साइट पर जाएँ, उस मिनट और सेकंड का चयन करें, जिसके संबंध में आप प्रश्न पूछना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 |-&lt;br /&gt;
| |10:17&lt;br /&gt;
| |अपना प्रश्न संक्षेप में बताएँ। '''FOSSEE''' टीम का कोई सदस्य आपके प्रश्नों का उत्तर देगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:23&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल फोरम इस ट्यूटोरियल पर विशिष्ट प्रश्नों के लिए है। कृपया इस पर अप्रासंगिक और सामान्य प्रश्न न पूछें। इससे अव्यवस्था को कम करने में सहायता मिलेगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:36&lt;br /&gt;
|| कम भाग-दौड़ करते हुए, हम इन चर्चाओं का उपयोग शिक्षण सामग्री के रूप में कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:42&lt;br /&gt;
|| '''FOSSEE''' टीम लोकप्रिय पुस्तकों के हल किए हुए उदाहरणों की कोडिंग का समन्वय करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:47&lt;br /&gt;
||हम इसे करने वालों को पारिश्रमिक और प्रमाण-पत्र प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:56&lt;br /&gt;
| | '''FOSSEE''' टीम कामर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को '''OpenModelica''' पर माइग्रेट करने में सहायता करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:02&lt;br /&gt;
| |हम इसे करने वालों को पारिश्रमिक और प्रमाण-पत्र प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
| | '''Spoken Tutorial''' और '''FOSSEE''' परियोजनाएँ '''NMEICT, MHRD''', भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:20&lt;br /&gt;
| | यह स्क्रिप्ट बिंदु पांडे द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, देखने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Introduction-to-OMEdit/Hindi"/>
				<updated>2017-11-25T20:41:24Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' के परिचय पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:07&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे '''OpenModelica''' और '''OMEdit''' के बारे में ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:15&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' खोलने, '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' सिम्युलेट करने के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:23&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं '''OpenModelica version 1.9.5''' और '''Ubuntu Linux OS 14.04''' का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:36&lt;br /&gt;
|| लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रोसेस, अन्य OS, जैसे कि '''Windows''', '''Mac OS X''' या '''ARM''' पर '''FOSSEE OS''' के समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |00:48&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको डिफरेंशियल और बीजगणितीय समीकरणों का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:55&lt;br /&gt;
|| '''OpenModelica''' क्या है? OpenModelica एक ओपन-सोर्स मॉडलिंग और सिम्युलेशन इनवायरमेंट है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:03&lt;br /&gt;
|| कॉम्पलेक्स सिस्टमों के लिए ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड, मल्टी-डोमेन मॉडलिंग लैंग्वेज़।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:09&lt;br /&gt;
|| औद्योगिक और शैक्षणिक दोनों उद्देश्यों के लिए अभिप्रेत (इंटेंडेड) है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
|| आइए, सबसे पहले देखते हैं कि '''OMEdit''' क्या होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||'''OMEdit''', '''OpenModelica Connection Editor''' का संक्षिप्त रूप है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:24&lt;br /&gt;
|| ग्राफ़िकल मॉडल के लिए, यह एक नया '''Graphical User Interface''' है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:29&lt;br /&gt;
|| मॉडलों को बनाने एवं संशोधित करने के लिए इसमें कई विशेषताएँ हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:34&lt;br /&gt;
| | अब हमें '''OMEdit''' विंडो पर जाना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||मैंने पहले ही अपने सिस्टम में '''OMEdit''' इंस्टॉल कर लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:43&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' विंडो खोलने के लिए, '''Dash Home''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:47&lt;br /&gt;
| | सर्च बॉर में, '''OMEdit''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:51&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit''' आइकॉन पर क्लिक करें, जो प्रदर्शित हो रहा है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:55&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' आइकॉन पर क्लिक करने पर, हमें '''Welcome perspective''' विंडो दिखता है। इसमें '''Recent Files''' और '''Latest News''' की एक सूची दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| '''OMEdit '''window''' के बाईं ओर, हमें '''Libraries Browser''' दिखता है। यहाँ हम लाइब्रेरीज़ की एक सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:15&lt;br /&gt;
| | आइए, '''Modelica''' library को विस्तारित (एक्सपांड) करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||इसे करने के लिए, '''Modelica''' library की बाईं ओर ऐरो हेड पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||यहाँ हम उपलब्ध लाइब्रेरीज़ की सूची देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:28&lt;br /&gt;
| | '''Thermal''' library के बाएँ, ऐरो हेड पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:31&lt;br /&gt;
|| '''Thermal''' के अंदर, हम '''HeatTransfer''' library पाते हैं। इसे विस्तारित (एक्सपांड) करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:37&lt;br /&gt;
| | एकबार फिर, हमें कई अलग-अलग प्रदर्शित लाइब्रेरी दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:43&lt;br /&gt;
||अब, '''Example''' library को विस्तारित (एक्सपांड) करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Heat Transfer''' के विभिन्न उदाहरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:52&lt;br /&gt;
| | आइए, '''TwoMasses''' नामक class खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
|| '''TwoMasses''' पर राइट-क्लिक करें और '''Open Class''' सलेक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
||'''class''' को खोलने के लिए हम '''class''' पर डबल-क्लिक भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:06&lt;br /&gt;
| | अब हम '''Modeling Perspective''' विंडो पर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:10&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से '''class''', '''Diagram View''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| अगर '''Diagram View''' में class नहीं खुलता है, तो चिंता न करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
||मैं आप सबको दिखाऊँगी कि विभिन्न '''views''' के बीच कैसे स्विच करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:23&lt;br /&gt;
| | '''modeling area''' विंडो पर, हम मॉडल्स के '''Diagram View''' को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:28&lt;br /&gt;
| | '''modeling area''' के टॉप पर, हमें चार अलग-अलग आइकॉन दिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |03:33&lt;br /&gt;
|| पहला आइकॉन '''Icon View''' को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
|| '''Model''' रेप्रीज़ेन्टेशन को देखने के लिए इसपर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:41&lt;br /&gt;
|| अगला आइकॉन '''Diagram view''' को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:45&lt;br /&gt;
||मॉडल का प्रतिनिधित्व करने वाले रेखा-चित्र को देखने के लिए इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:49&lt;br /&gt;
|| तीसरा आइकॉन '''Text View''' आइकॉन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||अब इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:54&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Two Masses''' class से संबंधित '''Modelica''' कोड देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:00&lt;br /&gt;
||आगामी ट्यूटोरियल्स में हम सीखेंगे कि '''OMEdit''' में कोड कैसे लिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
|| अगले आयकॉन पर क्लिक करें, जो '''Documentation view''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:10&lt;br /&gt;
|| '''Documentation Browser''' नाम की एक नई विंडो, '''OMEdit''' विंडो के दायीं तरफ खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
||यहाँ हम मॉडल के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी पढ़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:23&lt;br /&gt;
| | अब '''Documentation Browser''' को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
| | किसी '''model''' को सिम्युलेट करने से पहले, हमें '''model''' की सत्यता को जाँचने की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:32&lt;br /&gt;
|| इसे करने के लिए, सबसे पहले टूलबॉर पर '''Check All Models''' बटन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||इस बटन पर सफेद डबल टिक्स (white coloured double ticks) बना हुआ है। इस पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:43&lt;br /&gt;
| | ध्यान दें कि, विंडो के बॉटम में एक '''Messages Browser''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| यह '''Modelica class''' से संबंधित संदेशों को दिखाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:53&lt;br /&gt;
| | अब, मॉडल को सिम्युलेट करने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:56&lt;br /&gt;
| | इसे करने के लिए, टूलबॉर पर हरे रंग वाले ऐरो (green colored arrow) पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||यह '''Simulate''' बटन है, जिसका उपयोग मॉडल को सिम्युलेट करने के लिए होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
|| '''Modelica class''' को सिम्युलेट करने के लिए हम '''Ctrl +B''' भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:11&lt;br /&gt;
|| सिम्युलेटिंग पर, एक नया विंडो खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:14&lt;br /&gt;
| | यह '''class''' के कम्पाइलेशन प्रोसेस को दर्शाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:18&lt;br /&gt;
| | एक बार कम्पाइलेशन के सफल हो जाने पर, ऑउटपुट विंडो यह संदेश प्रदर्शित करता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:23&lt;br /&gt;
||'''Simulation process finished successfully.''' इस विंडो को मिनीमाइज़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:30&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, '''Plotting Perspective''', '''OMEdit''' विंडो में खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||अगर यह नहीं खुलता है तो, नीचे दायीं तरफ '''Plotting''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
|| '''Plotting''' विंडो को खोलने के लिए हम '''Ctrl +F3''' भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:45&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम '''Modelica class''' के सिम्युलेशन परिणामों को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:50&lt;br /&gt;
|| '''Plotting Perspective''' की दाईं ओर, '''Variables Browser''' विंडो देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:55&lt;br /&gt;
|| '''Variables Browser''' के अंदर: मैं बताऊँगी कि '''Modelica class''' के इनपुट वेरिएबल मानों को कैसे बदलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| आइए, '''conduction''' variable को विस्तारित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:06&lt;br /&gt;
|| '''G''' के मान को बदलते हैं और देखते हैं कि '''Q_flow''' और '''dT''' के मान कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, '''G''' = '''10, Q_flow''' = '''263.599 W''' और '''dT = 26.3599 K'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:25&lt;br /&gt;
| | आइए, '''G''' के मान को '''10''' से '''15''' कर दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:30&lt;br /&gt;
| |और '''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:32&lt;br /&gt;
|| विंडो के ऊपर दायें कोने पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:35&lt;br /&gt;
| | टूलबॉर पर '''Re-simulate''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:39&lt;br /&gt;
|| हमें सक्सेस मैसेज विंडो दिखती है। इस विंडो को मिनीमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:44&lt;br /&gt;
| | एक बार सिम्युलेशन पूरा हो जाने पर, बदलावों को नोट कर लें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:48&lt;br /&gt;
| |'''Q_flow''' = '''203.009 W''' और '''dT = 13.5339 K'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:56&lt;br /&gt;
|| अब मैं आप सबको दिखाती हूँ कि एक प्लॉट को कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:00&lt;br /&gt;
| | '''dT''' variable के सामने वाले चेक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:04&lt;br /&gt;
|| आप '''X-axis''' पर '''time''' और '''Y-axis''' पर '''dT''' के बीच एक प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:11&lt;br /&gt;
| |यह प्लॉट, टाइम से अलग-अलग होने वाले दो masses के बीच के तापमान अंतर को बताता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:17&lt;br /&gt;
| | डिफ़ॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन '''0''' से '''1''' यूनिट टाइम पर रन होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:22&lt;br /&gt;
| |हम '''Simulation Setup''' विकल्प के उपयोग से इस अन्तराल को भिन्न-भिन्न कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:27&lt;br /&gt;
| | इसके लिए, '''Modeling Perspective''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:30&lt;br /&gt;
| |नीचे दायीं ओर '''Modeling''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:33&lt;br /&gt;
| |या '''Modeling''' विंडो को खोलने के लिए '''Ctrl +F2''' प्रेस करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:38&lt;br /&gt;
|| टूलबॉर पर '''Simulation Setup''' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
| | '''Simulation Setup''' विंडो खुल जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:46&lt;br /&gt;
|| '''Stop Time''' को '''5''' unit में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:49&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि '''Simulate''' चेक बॉक्स को चेक किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:52&lt;br /&gt;
| | '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:55&lt;br /&gt;
| | तुरंत, हमें सक्सेस मैसेज विंडो दिखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:59&lt;br /&gt;
| | इस विंडो को मिनीमाइज़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:02&lt;br /&gt;
| | '''class''', '''0''' से '''5''' यूनिट टाइम के सिम्युलेशन अन्तराल के साथ री-सिम्युलेट हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:08&lt;br /&gt;
| | हम किसी भी दो variables के बीच, टाइम के अलावा, एक प्लॉट भी प्राप्त कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:16&lt;br /&gt;
| | टूलबॉर पर '''New Parametric Plot Window''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:20&lt;br /&gt;
| | आइए, उन दो variables '''Q_flow''' और '''dT''' को चुनें, जिन्हें हम प्लॉट करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:26&lt;br /&gt;
|| अब हम '''X-axis''' पर '''dT''' और '''Y-axis''' पर '''Q_flow''' के बीच एक प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:34&lt;br /&gt;
| |यह हीट फ्लो की भिन्नता को दर्शाता है, जैसा कि उनके बीच के तापमान का अंतर कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
| | एकबार आवश्यक प्लॉट के जनरेट हो जाने पर, हम परिणामों (रिजल्ट) को हटा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:45&lt;br /&gt;
| | '''Variables Browser''' में, '''TwoMasses''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:49&lt;br /&gt;
| | '''Delete Result''' चुनें। अब रिजल्ट डिलिट कर दिया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |08:55&lt;br /&gt;
| | '''OpenModelica''' में एक '''Help''' मेनू है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:58&lt;br /&gt;
| | '''Menu''' बॉर में जाएँ और '''Help''' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:02&lt;br /&gt;
| |यहाँ हम '''User Guide, System, Scripting''' और '''Modelica Documentation''' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:10&lt;br /&gt;
| | आइए, सारांशित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा है, '''OpenModelica''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:16&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit''' का परिचय&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:18&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' खोलना &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:21&lt;br /&gt;
| | '''Libraries Browser''' से एक '''Class''' सिम्युलेट करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
| | एक असाइनमेंट के रूप में:  '''Fluid''' library को '''Modelica''' में विस्तारित करें &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:30&lt;br /&gt;
| | '''Examples''' Library को '''Modelica''' में विस्तारित करें &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:34&lt;br /&gt;
| | '''HeatExchangerSimulation''' class को '''HeatExchanger''' Library में सिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:39&lt;br /&gt;
| |कुछ इनपुट variables का वैल्यू बदलें और फिर से सिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:43&lt;br /&gt;
| | '''Q_Flow_1''' और '''time''' के बीच एक प्लॉट बनाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:48&lt;br /&gt;
|| नीचे के लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:51&lt;br /&gt;
| |यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:55&lt;br /&gt;
| | स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल के उपयोग से कार्यशालाएँ संचालित करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:08&lt;br /&gt;
| | क्या आप इस '''Spoken Tutorial''' पर कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं?  कृपया इस साइट पर जाएँ, उस मिनट और सेकंड का चयन करें, जिसके संबंध में आप प्रश्न पूछना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 |-&lt;br /&gt;
| |10:17&lt;br /&gt;
| |अपना प्रश्न संक्षेप में बताएँ। '''FOSSEE''' टीम का कोई सदस्य आपके प्रश्नों का उत्तर देगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:23&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल फोरम इस ट्यूटोरियल पर विशिष्ट प्रश्नों के लिए है। कृपया इस पर अप्रासंगिक और सामान्य प्रश्न न पूछें। इससे अव्यवस्था को कम करने में सहायता मिलेगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:36&lt;br /&gt;
|| कम भाग-दौड़ करते हुए, हम इन चर्चाओं का उपयोग शिक्षण सामग्री के रूप में कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:42&lt;br /&gt;
|| '''FOSSEE''' टीम लोकप्रिय पुस्तकों के हल किए हुए उदाहरणों की कोडिंग का समन्वय करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:47&lt;br /&gt;
||हम इसे करने वालों को पारिश्रमिक और प्रमाण-पत्र प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:56&lt;br /&gt;
| | '''FOSSEE''' टीम कामर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को '''OpenModelica''' पर माइग्रेट करने में सहायता करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:02&lt;br /&gt;
| |हम इसे करने वालों को पारिश्रमिक और प्रमाण-पत्र प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
| | '''Spoken Tutorial''' और '''FOSSEE''' परियोजनाएँ '''NMEICT, MHRD''', भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |11:20&lt;br /&gt;
| | यह स्क्रिप्ट बिंदु पांडे द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, देखने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LaTeX/C2/LaTeX-on-Windows-using-TeXworks/Hindi</id>
		<title>LaTeX/C2/LaTeX-on-Windows-using-TeXworks/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LaTeX/C2/LaTeX-on-Windows-using-TeXworks/Hindi"/>
				<updated>2017-11-25T09:29:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Title of script''': '''LaTeX on Windows using TeXworks'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Keywords: '''video tutorial,''' LaTeX''', '''TeXworks''', windows, '''MikTeX''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| 'LaTeX on Windows using TeXworks' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे: MikTeX को डाउनलोड और संस्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
| TeXworks  प्रयोग करके बुनियादी LaTeX डॉक्युमेंट लिखना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
| खोये हुए पैकेजेस को डाउनलोड करने के लिए MikTeX कॉन्फ़िगर करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:19&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं प्रयोग कर रही हूँ विंडोज़ 7 ऑपरेटिंग सिस्टम और MikTeX2.9&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:27&lt;br /&gt;
| अब TeXworks की प्रमुख़ विशेषताओं को देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:31&lt;br /&gt;
| यह प्लेटफार्म इंडिपेंडेंट है। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:34&lt;br /&gt;
| इसमें एक सन्निहित pdf रीडर होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
| यह भारतीय भाषा लिखने का सपोर्ट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:40&lt;br /&gt;
| TeXworks शुरू करने से पहले, हमें MikTeX संस्थापित करना है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:45&lt;br /&gt;
| MikTeX विंडोज़ के लिए TeX या LaTeX और सम्बंधित प्रोग्राम्स का नवीनतम कार्यान्वयन है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
| यह विंडोज़ पर LaTeX में बुनियादी डॉक्युमेंट्स बनाने के लिए आवश्यक पैकेजेस रखता है, इसके अतिरिक्त, TeXworks, MikTeX संस्थापन के साथ उपलब्ध डिफ़ॉल्ट एडिटर है।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:04&lt;br /&gt;
| www.miktex.org वेबसाइट पर जाएँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10&lt;br /&gt;
| बताये गए MikTeX संस्थापक के लिए डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें। यह MikTeX संस्थापक डाउनलोड करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| इसे अपने डेस्कटॉप पर डाउनलोड और सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22&lt;br /&gt;
| यह बहुत बड़ी फाइल है लगभग 154 मेगा बाइट्स,  अतः, यह डाउनलोड होने के लिए कुछ समय लेगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:28&lt;br /&gt;
| मैंने यह फाइल पहले ही डाउनलोड कर ली है। यह यहाँ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:32&lt;br /&gt;
| संस्थापन शुरू करने के लिए इस फाइल पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36&lt;br /&gt;
| चेक बॉक्स पर क्लिक करें और Next पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:40&lt;br /&gt;
| सारे डिफ़ॉल्ट विकल्पों को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| संस्थापन लगभग 5 से 10 मिनट का समय लेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:47&lt;br /&gt;
| मैंने MikTeX को अपने कंप्यूटर पर पहले ही संस्थापित कर लिया है।  अतः मैं संस्थापन के साथ आगे नहीं जाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
| अपने कंप्यूटर पर MikTeX को सफलतापूर्वक संस्थापित करने के बाद,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:58&lt;br /&gt;
| अब देखते हैं कि TeXworks एडिटर जो MikTeX के साथ आता है, कैसे प्रयोग होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:04&lt;br /&gt;
| विंडोज़ के 'Start' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:07&lt;br /&gt;
|'All Programs' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:10&lt;br /&gt;
|'MikTeX2.9' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:12&lt;br /&gt;
|'TeXworks' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15&lt;br /&gt;
| TeXworks एडिटर खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
| अब मैं पहले से मौजूद LaTeX डॉक्युमेंट को खोलती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:22&lt;br /&gt;
| मैं 'File' पर क्लिक करुँगी, फिर 'Open' पर क्लिक करुँगी और डिरेक्टरी चुनूँगी। फिर मैं hello.tex फाइल खोलूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:33&lt;br /&gt;
| आप देख सकते हैं कि इस फाइल में लिखा हुआ टेक्स्ट रंगीन है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:38&lt;br /&gt;
| इसे सिंटेक्स हाइलाइटिंग कहते हैं। यह यूज़र को LaTeX सिंटेक्स और यूज़र कंटेंट के बीच अंतर करने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:47&lt;br /&gt;
| LaTeX सिंटेक्स हाईलाइट न होने की स्थिति में, निम्न करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
| TeXworks विंडो में, मेन्यू बार पर उपलब्ध 'Format' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59&lt;br /&gt;
| 'Syntax Colouring' चुनें और फिर 'LaTeX' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
| अगर आप चाहते हैं कि जो आपने LaTeX डॉक्युमेंट बनाया है उस पर TeXworks हर बार सिंटेक्स हाइलाइटिंग करे, तो निम्न करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:11&lt;br /&gt;
| मेन्यू बार पर, 'Edit' पर क्लिक करें, फिर 'Preferences' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
| एडिटर टैब में, ड्राप डाउन बटन पर क्लिक करें जो सिंटेक्स कलरिंग के विकल्प देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22&lt;br /&gt;
|'LaTeX' चुनें और फिर 'OK' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:27&lt;br /&gt;
| इस तरह से, भविष्य में बनाये जाने वाले सभी डॉक्युमेंट्स पर सिंटेक्स हाइलाइटिंग की जाएगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| अब हम अपने LaTeX डॉक्युमेंट को कंपाइल करने के लिए तैयार हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| कम्पाइलेशन शुरू करने के लिए 'Ctrl' और 't' कीज़ एकसाथ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43&lt;br /&gt;
| एक बार जब बिना गलती के डॉक्युमेंट कम्पाइल होता है तो परिणामी pdf खोला जायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:49&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि यह pdf रीडर TeXworks के साथ आता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| कम्पाइल किये हुए pdf डॉक्युमेंट को दिखाने के लिए TeXworks के द्वारा प्रयोग हुआ यह डिफ़ॉल्ट pdf रीडर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:00&lt;br /&gt;
| हम LATEX संस्थापन के मूल तत्व समाप्त कर चुके हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:04&lt;br /&gt;
| यह बहुत सी फॉर्मेटिंग आवश्यकताओं के लिए उचित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:07&lt;br /&gt;
| आप इस ट्यूटोरिअल को छोड़ भी सकते हैं प्लेलिस्ट पर शेष LATEX ट्यूटोरियल्स का अभ्यास करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:14&lt;br /&gt;
| अन्य ट्यूटोरियल्स का अभ्यास करते समय आपको निम्न एरर मैसेज भी मिल सकता है।“The required file ABC is missing. It is a part of the following package: XYZ” &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
| यहाँ पैकेज XYZ के अन्दर एक फाइल ABC&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:29&lt;br /&gt;
|  आपके केस के लिए ABC और XYZ निर्दिष्ट किये जायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:33&lt;br /&gt;
|  जब आपको इस तरह का एक एरर मैसेज मिलता है तो इस ट्यूटोरियल का शेष भाग सुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:38&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल के शेष भाग में उस समस्या को हल करने के दो तरीके समझाए गए हैं। उनमें से एक आपके लिए कार्य करना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46&lt;br /&gt;
|Goodbye for now&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48&lt;br /&gt;
| क्या आप जानना चाहते हैं कि निम्न प्रकार की एक समस्या को कैसे हल करना है: इस ट्यूटोरियल के शेष भाग को सुनें और मेरे साथ अभ्यास करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:56&lt;br /&gt;
| अब एक बीमर डॉक्युमेंट को कम्पाइल करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
|बीमर पैकेज डिफ़ॉल्ट रूप से MikTeX सेटअप में, जो हमने संस्थापित किया है, सम्मिलित नहीं है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:05&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि हमें : किसी अन्य सोर्स से डाउनलोड करना है और इसे हमारे मौजूदा MikTeX वितरण में जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:12&lt;br /&gt;
| एक खोये हुए पैकेज को संस्थापित करने के दो तरीके होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:16&lt;br /&gt;
| एक तरीका यह है कि LaTeX डॉक्युमेंट कम्पाइल करते समय इसे संस्थापित करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:21&lt;br /&gt;
| औसतन इस LaTeX डॉक्युमेंट को एक ऐसे पैकेज की ज़रुरत होगी जो आपके MikTeX वितरण में उपलब्ध नहीं है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
| दूसरा तरीका है मैनुअली चुनना और MikTeX का पैकेज मैनेजर प्रयोग करके एक पैकेज संस्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| अब पहला तरीका देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:37&lt;br /&gt;
| हम खोलेंगे और एक LaTeX डॉक्युमेंट कम्पाइल करेंगे, जिसे इंटरनेट से पैकेजेस संस्थापित करने के लिए MikTeX की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| पहले TeXworks एडिटर को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48&lt;br /&gt;
| ऐसा होना चाहिए कि हम प्रबंधक विशेषाधिकार से tex फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:53&lt;br /&gt;
| Start बटन पर क्लिक करें।  फिर All programs पर क्लिक करें।  MikTeX2.9 पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02&lt;br /&gt;
| TeXworks पर राइट क्लिक करें और Run as Administrator चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
| यह प्रबंधक विशेषाधिकार के साथ TeXworks एडिटर का आरम्भ करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:13&lt;br /&gt;
| अब 'File' पर क्लिक करें। फिर 'Open' पर क्लिक करें। beamer.tex फाइल चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
| कम्पाइलेशन शुरू करने के लिए 'Ctrl' और 't' कीज़ एकसाथ दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
| Package Installation डायलॉग बॉक्स खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:30&lt;br /&gt;
| यह खोये हुए पैकेज beamer.cls को संस्थापित करने के लिए कहेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:35&lt;br /&gt;
| इस डायलॉग बॉक्स पर Change बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:40&lt;br /&gt;
| Change Package Repository डायलॉग बॉक्स खुलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:44&lt;br /&gt;
| Packages shall be installed from the internet विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:49&lt;br /&gt;
| Connection Settings पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:52&lt;br /&gt;
| यह प्रॉक्सी सेटिंग्स को कॉन्फ़िगर करने के लिए आपसे पूछेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:56&lt;br /&gt;
| अगर आप प्रॉक्सी नेटवर्क पर नहीं हैं तो Use proxy server चेक बॉक्स को अनचेक छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03&lt;br /&gt;
| क्योंकि मैं प्रॉक्सी नेटवर्क पर हूँ, मैं चेक बॉक्स पर क्लिक करके विकल्प को सक्षम करुँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:09&lt;br /&gt;
| मैं प्रॉक्सी एड्रेस प्रविष्ट करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
| मैं प्रॉक्सी port नंबर प्रविष्ट करुँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
|  मैं Authentication required विकल्प को उससे सम्बंधित चेक बॉक्स पर क्लिक करके सक्षम करुँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:23&lt;br /&gt;
| 'OK' पर क्लिक करती हूँ और फिर 'Next' पर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
| यह मुझसे प्रॉक्सी यूज़रनेम और पासवर्ड के लिए पूछेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
| मैं जानकारी प्रविष्ट करुँगी और 'OK' पर क्लिक करुँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36&lt;br /&gt;
| यह अनेक remote package repositories की सूची दिखायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
| सूची में से एक चुनें और 'Finish' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:45 &lt;br /&gt;
| 'Install' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48&lt;br /&gt;
| यह beamer.cls पैकेज संस्थापित करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52&lt;br /&gt;
| एक बार फिर Package Installation डायलॉग बॉक्स खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
| यह खोये हुए पैकेज pgfcore.sty को संस्थापित करने के लिए पूछेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| आप Always show this dialog before installing packages विकल्प को अनचेक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
| अगर आप यह करते हैं तो अनुपस्थित पैकेज के होने पर भी MikTeX आपसे दोबारा नहीं पूछेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16&lt;br /&gt;
|'Install' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:18&lt;br /&gt;
| अब अगर कोई अन्य खोये हुए पैकेजेस हों, तो यह आपकी अनुमति के बिना इसे स्वतः ही संस्थापित करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28&lt;br /&gt;
| एक बार जब संस्थापन समाप्त होता है तो यह कम्पाइलेशन ख़त्म करेगा और pdf आउटपुट खोलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमने एक बीमर डॉक्युमेंट को सफलतापूर्वक कम्पाइल कर लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:39&lt;br /&gt;
| अब खोये हुए पैकेजेस को संस्थापित करने का दूसरा तरीका देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:44&lt;br /&gt;
| विंडोज़ के start बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:47&lt;br /&gt;
| All Programs पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
| MikTeX2.9 पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| Maintenance (Admin) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55&lt;br /&gt;
| Package Manager (Admin) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00&lt;br /&gt;
| यह उपलब्ध अनेक पैकेजेस की सूची को दिखायेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:04&lt;br /&gt;
| अब इस सूची पर एक निगाह डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:07&lt;br /&gt;
| सूची में छः कॉलम्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:10&lt;br /&gt;
| ये हैं Name, Category, Size, Packaged date, Installed on date और Title.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:18&lt;br /&gt;
| Installed on कॉलम हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:22&lt;br /&gt;
| पैकेजेस जिनके लिए यह कॉलम खाली है दिखाता है कि ये पैकेजेस संस्थापित नहीं किये गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
| अब देखते हैं कि एक विशेष पैकेज को संस्थापित कैसे करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:33&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए मैं पैकेज abc चुनती हूँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि जैसे ही मैं पैकेज चुनती हूँ, तो ऊपर बायीं तरफ का प्लस बटन सक्षम हो जाता है।     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:45&lt;br /&gt;
| प्लस बटन संस्थापन का बटन है। प्लस बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
| एक विंडो खुलेगी जो उन पैकेजेस को सूचीबद्ध करेगा जो आपने संस्थापित करने या न करने के लिए चुनें हैं।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:58&lt;br /&gt;
| Proceed पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
| क्योंकि मैंने प्रॉक्सी नेटवर्क कनेक्शन को कॉन्फ़िगर किया है, तो यह मुझसे प्रॉक्सी यूज़रनेम और पासवर्ड पूछेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:08&lt;br /&gt;
| अब मैं अपना यूज़रनेम और पासवर्ड टाइप करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:11&lt;br /&gt;
|'OK' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
| एक विंडो खुलेगी जो संस्थापन के लिए चुने हुए पैकेज के डाउनलोड प्रोग्रेस को दिखाएगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20&lt;br /&gt;
| यह संभव है कि रिमोट सर्वर कनेक्टिविटी की समस्या के कारण आपका अनुरोधित पैकेज डाउनलोड न हो पाये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:26&lt;br /&gt;
| उस स्थिति में, पैकेज संग्राहक (repository) को बदलें और दोबारा प्रयास करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:31&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि चुने हुए पैकेज का संस्थापन समाप्त हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|'Close' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:38&lt;br /&gt;
| पैकेज की सूची रिफ्रेश की जाएगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:41&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि 11 सितम्बर 2013 Installed on कॉलम में पैकेज abc के लिए दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:49&lt;br /&gt;
| यह LaTeX on Windows using TeXworks ट्यूटोरियल को समाप्त करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:54&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:-  MikTeX को डाउनलोड और संस्थापन करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:59&lt;br /&gt;
| TeXworks प्रयोग करके LaTeX डॉक्युमेंट के मूल तत्व लिखना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:03&lt;br /&gt;
| दो भिन्न तरीकों से खोये हुए पैकेजेस को डाउनलोड करने के लिए MikTeX कॉन्फ़िगर करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:08&lt;br /&gt;
|  निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडिओ देखें, [http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:12&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है, अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:18&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का प्रयोग करके कार्यशालाएं चलाती है। &lt;br /&gt;
ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:28&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken-tutorial.org पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:33&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एम एच आर डी के आई सी टी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:45&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी http://spoken-tutorial.org /NMEICT-Intro पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:56&lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LaTeX/C2/LaTeX-on-Windows-using-TeXworks/Hindi</id>
		<title>LaTeX/C2/LaTeX-on-Windows-using-TeXworks/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LaTeX/C2/LaTeX-on-Windows-using-TeXworks/Hindi"/>
				<updated>2017-11-24T19:19:01Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Title of script''': '''LaTeX on Windows using TeXworks'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Keywords: '''video tutorial,''' LaTeX''', '''TeXworks''', windows, '''MikTeX''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| 'LaTeX on Windows using TeXworks' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे: MikTeX को डाउनलोड और संस्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
| TeXworks  प्रयोग करके बुनियादी LaTeX डॉक्युमेंट लिखना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
| खोये हुए पैकेजेस को डाउनलोड करने के लिए MikTeX कॉन्फ़िगर करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:19&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं प्रयोग कर रही हूँ विंडोज़ 7 ऑपरेटिंग सिस्टम और MikTeX2.9&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:27&lt;br /&gt;
| अब TeXworks की प्रमुख़ विशेषताओं को देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:31&lt;br /&gt;
| यह प्लेटफार्म इंडिपेंडेंट है। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:34&lt;br /&gt;
| इसमें एक सन्निहित pdf रीडर होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
| यह भारतीय भाषा लिखने का सपोर्ट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:40&lt;br /&gt;
| TeXworks शुरू करने से पहले, हमें MikTeX संस्थापित करना है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:45&lt;br /&gt;
| MikTeX विंडोज़ के लिए TeX या LaTeX और सम्बंधित प्रोग्राम्स का नवीनतम कार्यान्वयन है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
| यह विंडोज़ पर LaTeX में बुनियादी डॉक्युमेंट्स बनाने के लिए आवश्यक पैकेजेस रखता है, इसके अतिरिक्त, TeXworks, MikTeX संस्थापन के साथ उपलब्ध डिफ़ॉल्ट एडिटर है।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:04&lt;br /&gt;
| www.miktex.org वेबसाइट पर जाएँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10&lt;br /&gt;
| बताये गए MikTeX संस्थापक के लिए डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें। यह MikTeX संस्थापक डाउनलोड करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| इसे अपने डेस्कटॉप पर डाउनलोड और सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22&lt;br /&gt;
| यह बहुत बड़ी फाइल है लगभग 154 मेगा बाइट्स,  अतः, यह डाउनलोड होने के लिए कुछ समय लेगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:28&lt;br /&gt;
| मैंने यह फाइल पहले ही डाउनलोड कर ली है। यह यहाँ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:32&lt;br /&gt;
| संस्थापन शुरू करने के लिए इस फाइल पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36&lt;br /&gt;
| चेक बॉक्स पर क्लिक करें और Next पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:40&lt;br /&gt;
| सारे डिफ़ॉल्ट विकल्पों को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| संस्थापन लगभग 5 से 10 मिनट का समय लेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:47&lt;br /&gt;
| मैंने MikTeX को अपने कंप्यूटर पर पहले ही संस्थापित कर लिया है।  अतः मैं संस्थापन के साथ आगे नहीं जाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
| अपने कंप्यूटर पर MikTeX को सफलतापूर्वक संस्थापित करने के बाद,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:58&lt;br /&gt;
| अब देखते हैं कि TeXworks एडिटर जो MikTeX के साथ आता है, कैसे प्रयोग होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:04&lt;br /&gt;
| विंडोज़ के 'Start' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:07&lt;br /&gt;
|'All Programs' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:10&lt;br /&gt;
|'MikTeX2.9' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:12&lt;br /&gt;
|'TeXworks' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15&lt;br /&gt;
| TeXworks एडिटर खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
| अब मैं पहले से मौजूद LaTeX डॉक्युमेंट को खोलती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:22&lt;br /&gt;
| मैं 'File' पर क्लिक करुँगी, फिर 'Open' पर क्लिक करुँगी और डिरेक्टरी चुनूँगी। फिर मैं hello.tex फाइल खोलूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:33&lt;br /&gt;
| आप देख सकते हैं कि इस फाइल में लिखा हुआ टेक्स्ट रंगीन है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:38&lt;br /&gt;
| इसे सिंटेक्स हाइलाइटिंग कहते हैं। यह यूज़र को LaTeX सिंटेक्स और यूज़र कंटेंट के बीच अंतर करने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:47&lt;br /&gt;
| LaTeX सिंटेक्स हाईलाइट न होने की स्थिति में, निम्न करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
| TeXworks विंडो में, मेन्यू बार पर उपलब्ध 'Format' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59&lt;br /&gt;
| 'Syntax Colouring' चुनें और फिर 'LaTeX' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
| अगर आप चाहते हैं कि जो आपने LaTeX डॉक्युमेंट बनाया है उस पर TeXworks हर बार सिंटेक्स हाइलाइटिंग करे, तो निम्न करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:11&lt;br /&gt;
| मेन्यू बार पर, 'Edit' पर क्लिक करें, फिर 'Preferences' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
| एडिटर टैब में, ड्राप डाउन बटन पर क्लिक करें जो सिंटेक्स कलरिंग के विकल्प देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22&lt;br /&gt;
|'LaTeX' चुनें और फिर 'OK' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:27&lt;br /&gt;
| इस तरह से, भविष्य में बनाये जाने वाले सभी डॉक्युमेंट्स पर सिंटेक्स हाइलाइटिंग की जाएगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| अब हम अपने LaTeX डॉक्युमेंट को कंपाइल करने के लिए तैयार हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| कम्पाइलेशन शुरू करने के लिए 'Ctrl' और 't' कीज़ एकसाथ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43&lt;br /&gt;
| एक बार जब बिना गलती के डॉक्युमेंट कम्पाइल होता है तो परिणामी pdf खोला जायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:49&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि यह pdf रीडर TeXworks के साथ आता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| कम्पाइल किये हुए pdf डॉक्युमेंट को दिखाने के लिए TeXworks के द्वारा प्रयोग हुआ यह डिफ़ॉल्ट pdf रीडर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:00&lt;br /&gt;
| हम LATEX संस्थापन के मूल तत्व समाप्त कर चुके हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:04&lt;br /&gt;
| यह बहुत सी फॉर्मेटिंग आवश्यकताओं के लिए उचित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:07&lt;br /&gt;
| आप इस ट्यूटोरिअल को छोड़ भी सकते हैं प्लेलिस्ट पर शेष LATEX ट्यूटोरियल्स का अभ्यास करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:14&lt;br /&gt;
| अन्य ट्यूटोरियल्स का अभ्यास करते समय आपको निम्न एरर मैसेज भी मिल सकता है।“The required file ABC is missing. It is a part of the following package: XYZ” &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
| यहाँ पैकेज XYZ के अन्दर एक फाइल ABC&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:29&lt;br /&gt;
|  आपके केस के लिए ABC और XYZ निर्दिष्ट किये जायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:33&lt;br /&gt;
|  जब आपको इस तरह का एक एरर मैसेज मिलता है तो इस ट्यूटोरियल का शेष भाग सुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:38&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल के शेष भाग में उस समस्या को हल करने के दो तरीके समझाए गए हैं। उनमें से एक आपके लिए कार्य करना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46&lt;br /&gt;
|Goodbye for now&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48&lt;br /&gt;
| क्या आप जानना चाहते हैं कि निम्न प्रकार की एक समस्या को कैसे हल करना है: इस ट्यूटोरियल के शेष भाग को सुनें और मेरे साथ अभ्यास करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:56&lt;br /&gt;
| अब एक बीमर डॉक्युमेंट को कम्पाइल करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
|बीमर पैकेज डिफ़ॉल्ट रूप से MikTeX सेटअप में, जो हमने संस्थापित किया है, सम्मिलित नहीं है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:05&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि हमें : किसी अन्य सोर्स से डाउनलोड करना है और इसे हमारे मौजूदा MikTeX वितरण में जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:12&lt;br /&gt;
| एक खोये हुए पैकेज को संस्थापित करने के दो तरीके होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:16&lt;br /&gt;
| एक तरीका यह है कि LaTeX डॉक्युमेंट कम्पाइल करते समय इसे संस्थापित करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:21&lt;br /&gt;
| औसतन इस LaTeX डॉक्युमेंट को एक ऐसे पैकेज की ज़रुरत होगी जो आपके MikTeX वितरण में उपलब्ध नहीं है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
| दूसरा तरीका है मैनुअली चुनना और MikTeX का पैकेज मैनेजर प्रयोग करके एक पैकेज संस्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| अब पहला तरीका देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:37&lt;br /&gt;
| हम खोलेंगे और एक LaTeX डॉक्युमेंट कम्पाइल करेंगे, जिसे इंटरनेट से पैकेजेस संस्थापित करने के लिए MikTeX की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| पहले TeXworks एडिटर को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48&lt;br /&gt;
| ऐसा होना चाहिए कि हम प्रबंधक विशेषाधिकार से tex फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:53&lt;br /&gt;
| Start बटन पर क्लिक करें।  फिर All programs पर क्लिक करें।  MikTeX2.9 पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02&lt;br /&gt;
| TeXworks पर राइट क्लिक करें और Run as Administrator चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
| यह प्रबंधक विशेषाधिकार के साथ TeXworks एडिटर का आरम्भ करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:13&lt;br /&gt;
| अब 'File' पर क्लिक करें। फिर 'Open' पर क्लिक करें। beamer.tex फाइल चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
| कम्पाइलेशन शुरू करने के लिए 'Ctrl' और 't' कीज़ एकसाथ दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
| Package Installation डायलॉग बॉक्स खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:30&lt;br /&gt;
| यह खोये हुए पैकेज beamer.cls को संस्थापित करने के लिए कहेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:35&lt;br /&gt;
| इस डायलॉग बॉक्स पर Change बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:40&lt;br /&gt;
| Change Package Repository डायलॉग बॉक्स खुलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:44&lt;br /&gt;
| Packages shall be installed from the internet विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:49&lt;br /&gt;
| Connection Settings पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:52&lt;br /&gt;
| यह प्रॉक्सी सेटिंग्स को कॉन्फ़िगर करने के लिए आपसे पूछेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:56&lt;br /&gt;
| अगर आप प्रॉक्सी नेटवर्क पर नहीं हैं तो Use proxy server चेक बॉक्स को अनचेक छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03&lt;br /&gt;
| क्योंकि मैं प्रॉक्सी नेटवर्क पर हूँ, मैं चेक बॉक्स पर क्लिक करके विकल्प को सक्षम करुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:09&lt;br /&gt;
| मैं प्रॉक्सी एड्रेस प्रविष्ट करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
| मैं प्रॉक्सी port नंबर प्रविष्ट करुँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
|  मैं Authentication required विकल्प को उससे सम्बंधित चेक बॉक्स पर क्लिक करके सक्षम करुँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:23&lt;br /&gt;
| 'OK' पर क्लिक करती हूँ और फिर 'Next' पर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
| यह मुझसे प्रॉक्सी यूज़रनेम और पासवर्ड के लिए पूछेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
| मैं जानकारी प्रविष्ट करुँगी और 'OK' पर क्लिक करुँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36&lt;br /&gt;
| यह अनेक remote package repositories की सूची दिखायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
| सूची में से एक चुनें और 'Finish' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:45 &lt;br /&gt;
| 'Install' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48&lt;br /&gt;
| यह beamer.cls पैकेज संस्थापित करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52&lt;br /&gt;
| एक बार फिर Package Installation डायलॉग बॉक्स खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
| यह खोये हुए पैकेज pgfcore.sty को संस्थापित करने के लिए पूछेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| आप Always show this dialog before installing packages विकल्प को अनचेक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
| अगर आप यह करते हैं तो अनुपस्थित पैकेज के होने पर भी MikTeX आपसे दोबारा नहीं पूछेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16&lt;br /&gt;
|'Install' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:18&lt;br /&gt;
| अब अगर कोई अन्य खोये हुए पैकेजेस हों, तो यह आपकी अनुमति के बिना इसे स्वतः ही संस्थापित करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28&lt;br /&gt;
| एक बार जब संस्थापन समाप्त होता है तो यह कम्पाइलेशन ख़त्म करेगा और pdf आउटपुट खोलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमने एक बीमर डॉक्युमेंट को सफलतापूर्वक कम्पाइल कर लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:39&lt;br /&gt;
| अब खोये हुए पैकेजेस को संस्थापित करने का दूसरा तरीका देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:44&lt;br /&gt;
| विंडोज़ के start बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:47&lt;br /&gt;
| All Programs पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
| MikTeX2.9 पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| Maintenance (Admin) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55&lt;br /&gt;
| Package Manager (Admin) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00&lt;br /&gt;
| यह उपलब्ध अनेक पैकेजेस की सूची को दिखायेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:04&lt;br /&gt;
| अब इस सूची पर एक निगाह डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:07&lt;br /&gt;
| सूची में छः कॉलम्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:10&lt;br /&gt;
| ये हैं Name, Category, Size, Packaged date, Installed on date और Title.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:18&lt;br /&gt;
| Installed on कॉलम हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:22&lt;br /&gt;
| पैकेजेस जिनके लिए यह कॉलम खाली है दिखाता है कि ये पैकेजेस संस्थापित नहीं किये गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
| अब देखते हैं कि एक विशेष पैकेज को संस्थापित कैसे करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:33&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए मैं पैकेज abc चुनती हूँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि जैसे ही मैं पैकेज चुनती हूँ, तो ऊपर बायीं तरफ का प्लस बटन सक्षम हो जाता है।     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:45&lt;br /&gt;
| प्लस बटन संस्थापन का बटन है। प्लस बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
| एक विंडो खुलेगी जो उन पैकेजेस को सूचीबद्ध करेगा जो आपने संस्थापित करने या न करने के लिए चुनें हैं।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:58&lt;br /&gt;
| Proceed पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
| क्योंकि मैंने प्रॉक्सी नेटवर्क कनेक्शन को कॉन्फ़िगर किया है, तो यह मुझसे प्रॉक्सी यूज़रनेम और पासवर्ड पूछेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:08&lt;br /&gt;
| अब मैं अपना यूज़रनेम और पासवर्ड टाइप करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:11&lt;br /&gt;
|'OK' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
| एक विंडो खुलेगी जो संस्थापन के लिए चुने हुए पैकेज के डाउनलोड प्रोग्रेस को दिखाएगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20&lt;br /&gt;
| यह संभव है कि रिमोट सर्वर कनेक्टिविटी की समस्या के कारण आपका अनुरोधित पैकेज डाउनलोड न हो पाये&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:26&lt;br /&gt;
| उस स्थिति में, पैकेज संग्राहक (repository) को बदलें और दोबारा प्रयास करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:31&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि चुने हुए पैकेज का संस्थापन समाप्त हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|'Close' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:38&lt;br /&gt;
| पैकेज की सूची रिफ्रेश की जाएगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:41&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि 11 सितम्बर 2013 Installed on कॉलम में पैकेज abc के लिए दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:49&lt;br /&gt;
| यह LaTeX on Windows using TeXworks ट्यूटोरियल को समाप्त करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:54&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:-  MikTeX को डाउनलोड और संस्थापन करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:59&lt;br /&gt;
| TeXworks प्रयोग करके LaTeX डॉक्युमेंट के मूल तत्व लिखना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:03&lt;br /&gt;
| दो भिन्न तरीकों से खोये हुए पैकेजेस को डाउनलोड करने के लिए MikTeX कॉन्फ़िगर करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:08&lt;br /&gt;
|  निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडिओ देखें, [http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:12&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है, अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:18&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का प्रयोग करके कार्यशालाएं चलाती है। &lt;br /&gt;
ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:28&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken-tutorial.org पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:33&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एम एच आर डी के आई सी टी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:45&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी http://spoken-tutorial.org /NMEICT-Intro पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:56&lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Examples-through-OMEdit/Hindi</id>
		<title>OpenModelica/C2/Examples-through-OMEdit/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenModelica/C2/Examples-through-OMEdit/Hindi"/>
				<updated>2017-11-23T18:40:09Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, '''Examples through OMEdit''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे, भिन्न '''Modelica''' लाइब्रेरी क्लासेस को खोलना और सेम्युलेट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:13&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ '''OpenModelica वर्जन 1.9.5''' और ऊबंटु लिनक्स OS 14.04.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:25&lt;br /&gt;
||लेकिन, इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS में समान है- '''Windows, ''' '''Mac OS X''' या '' '''ARM''' पर  '''FOSSEE OS'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:37&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपके सिस्टम पर '''OMEdit'''  संस्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:43&lt;br /&gt;
||आपको '' '''OMEdit''' '' विंडो पर कैसे काम करना चाहिए यह भी जानना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:47&lt;br /&gt;
||यदि नहीं है तो, कृपया इस वेबसाइट पर '''OpenModelica''' के पिछले  ट्यूटोरियल्स को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:53&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit'''  विंडो पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 00:57&lt;br /&gt;
| | '''OMEdit'''  विंडो के बाईं ओर पर, हम Libraries  ब्राउजर देखेंगे। यहाँ हम लाइब्रेरीज की सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:07&lt;br /&gt;
| |'''Modelica'''  लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं। ऐसा करने के लिए, '''Modelica''' लाइब्रेरी के बाईं ओर ऐरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:16&lt;br /&gt;
| | अब मैं '''Electrical'''  लाइब्रेरी का एक उदाहरण प्रस्तुत करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |01:21&lt;br /&gt;
| | '''Electrical'''  लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:24&lt;br /&gt;
||'''Electrical'''  लाइब्रेरी के बाई ओर ऐरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:28&lt;br /&gt;
||'''Electrical''' में, हम '''Analog'''  लाइब्रेरी देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:32&lt;br /&gt;
||'''Analog''' लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:35&lt;br /&gt;
| |एक बार फिर से, हम कई अलग-अलग प्रदर्शित लाइब्रेरीज देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:39&lt;br /&gt;
||अब, '''Example'''  लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:43&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '''Analog''' के विभिन्न उदाहरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:48&lt;br /&gt;
| | फिर, हम '''Rectifier''' नामक क्लास खोलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:53&lt;br /&gt;
||'''Rectifier''' पर राइट-क्लिक करें और '''Open Class'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 01:58&lt;br /&gt;
||हम क्लास खोलने के लिए, क्लास नाम पर डबल-क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:03&lt;br /&gt;
| | अब हम '''Modeling Perspective''' विंडो पर हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:07&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से, क्लास '''Diagram View''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:11&lt;br /&gt;
||मैंने इस श्रृंखला में पहले ही समझाया है कि विभिन्न views में कैसे जाना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:18&lt;br /&gt;
| |अब  '''Text View''' आइकन पर क्लिक करके  '''Text View''' पर जायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:24&lt;br /&gt;
||यहाँ हम '' '''Rectifier''' ' क्लास से संबंधित ''''Modelica'''  कोड देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:30&lt;br /&gt;
| | मॉडल सेम्युलेट करने से पहले, हमें मॉडल की शुद्धता की जांच करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |02:36&lt;br /&gt;
| | ऐसा करने के लिए, पहले टूलबार पर  '''Check All Models''' बटन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |02:42&lt;br /&gt;
| | यह बटन सफेद रंग में होगा, इस पर डबल टिक होगा। इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:48&lt;br /&gt;
|| तुरंत ही, विंडो के तल में '''Messages Browser''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:54&lt;br /&gt;
||यह '''Modelica'''  क्लास से संबंधित मैसेज दिखायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 02:58&lt;br /&gt;
|| अब, मॉडल सेम्युलेट करने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:00&lt;br /&gt;
|| टूलबार पर, हरे रंग के ऐरो बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:07&lt;br /&gt;
||यह '''Simulate'''  बटन है जिसका उपयोग मॉडल को सेम्युलेट करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:13&lt;br /&gt;
||हम मॉडल को सेम्युलेट करने के लिए '''Ctrl''' और'''B'''  कीज भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:18&lt;br /&gt;
|| सेम्युलेट करने पर एक नया विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:21&lt;br /&gt;
| | यह क्लास के कंपाइलेशन प्रोसेस को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
| | एक बार जब कंपाइलेशन पूरा हो जाता है, तो आउटपुट विंडो मैसेज प्रदर्शित करता है '''Simulation process finished successfully'''. विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:37&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट रूप से, '''Plotting Perspective''' अब '''OMEdit'''  विंडो में खुलना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:43&lt;br /&gt;
||यदि यह नहीं खुलता है, तो नीचे दाईं ओर '''Plotting'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:48&lt;br /&gt;
||हम  '''Plotting Perspective''' खोलने के लिए '''Ctrl''' और '''F3''' कीज भी दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:54&lt;br /&gt;
| | यहां हम '''Modelica'''  क्लास के सिम्युलेशन परिणाम देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 03:59&lt;br /&gt;
| | '''Plotting Perspective''' के दाईं ओर,  '''Variables Browser''' विंडो देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:05&lt;br /&gt;
| | '''Variables Browser''' में, हम '''Modelica'''  क्लास के इनपुट वैरिएबल वैल्यूज को परिवर्तित करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:13&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट रूप से, '''IDC = 500''', '''Losses = 2890.26'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:22&lt;br /&gt;
||'''IDC'''  की वैल्यू परिवर्तित करें और देखें कि '''Losses'''  की वैल्यू कैसे परिवर्तित होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:28&lt;br /&gt;
| | '''IDC'''  की वैल्यू 500 से 250 में परिवर्तित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:33&lt;br /&gt;
||और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:37&lt;br /&gt;
| | विंडो के शीर्ष पर दाईं ओर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:39&lt;br /&gt;
||'''Re-simulate''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |04:42&lt;br /&gt;
| | success message विंडो खुलेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:46&lt;br /&gt;
||इस विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:48&lt;br /&gt;
|| एक बार जब सिम्युलेशन पूरा हो जाता है, तो परिवर्तित '''Losses = 1756.77''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 04:57&lt;br /&gt;
|| अब मैं दिखाती हूँ कि प्लॉट कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:01&lt;br /&gt;
||हम '''Losses''' और '''Time''' के बीच प्लॉट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:06&lt;br /&gt;
|| '''Losses'''  वैरिएबल चैक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| हम  '''X-axis''' Time और '''Y-axis''' Losses के बीच प्लॉट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:17&lt;br /&gt;
||यह प्लॉट टाइम के साथ  '''diode bridge''' के पावर नुकसान का वर्णन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
| |डिफॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन  '''0'''  से '''0.1'''  यूनिट टाइम तक रन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:31&lt;br /&gt;
||हम '' '''Simulation Setup''' विकल्प का उपयोग करके इस अंतर को बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:36&lt;br /&gt;
| | ऐसा करने के लिए, '''Modeling Perspective''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:40&lt;br /&gt;
||'''Modeling'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| टूलबार पर  '''Simulation Setup'''  विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:47&lt;br /&gt;
||'''Simulation Setup''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:50&lt;br /&gt;
| |यहाँ,  '''Start Time'''  को '''0.01''' यूनिट में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:55&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि '''Simulate'''  चैक बॉक्स चैक्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 05:59&lt;br /&gt;
| | और फिर  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:02&lt;br /&gt;
|| तुरंत ही हम सक्सेस मैसेज विंडो देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:06&lt;br /&gt;
| | इस विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:08&lt;br /&gt;
| | यह क्लास '''0.01''' से '''0.1''' के सिम्युलेसन अन्तराल के साथ पुनःसिम्युलेट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:16&lt;br /&gt;
|| इन परिणामों को मिटायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:18&lt;br /&gt;
||ऐसा करने के लिए,  Rectifier पर राइट क्लिक करें और फिर '''Delete Result''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:26&lt;br /&gt;
||परिणाम अब डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
| | अब मैं  Mechanics लाइब्रेरी से एक उदाहरण प्रदर्शित करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  06:34&lt;br /&gt;
||पहले हम  Mechanics लाइब्रेरी का विस्तार करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:38&lt;br /&gt;
||Mechanics में, हम  Multibody लाइब्रेरी पाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:43&lt;br /&gt;
||Multibody लाइब्रेरी का भी विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:47&lt;br /&gt;
|| इसके बाद,  Example लाइब्रेरी का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:51&lt;br /&gt;
||यहाँ हम  '''Multibody''' Mechanics के विभिन्न उदाहरण देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 06:56&lt;br /&gt;
| |फिर, हम  Elementary लाइब्रेरी का विस्तार करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:00&lt;br /&gt;
| | DoublePendulum नामक क्लास खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:04&lt;br /&gt;
||ऐसा करने के लिए,  DoublePendulum पर राइट-क्लिक करें और '''Open Class''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
| | क्लास  '''Text view''' में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:14&lt;br /&gt;
| |अब, टूलबार पर '''Check All Models''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:19&lt;br /&gt;
| | '''Messages Browser''' का निरिक्षण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:22&lt;br /&gt;
| |यह  Modelica क्लास से संबंधित मैसेज प्रदर्शित करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:27&lt;br /&gt;
| |अब, मॉडल को सिम्युलेट करने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:31&lt;br /&gt;
| |ऐसा करने के लिए, टूलबार पर  Simulate बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |07:35&lt;br /&gt;
| |कंपाइलेशन पूरा होने पर,  Plotting Perspective    OMEdit विंडो में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:43&lt;br /&gt;
| | '''Variables Browser''' में,  damper वैरिएबल का विस्तार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 07:49&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट रूप से,  '''d =  0.1, '''relative angular acceleration(a_rel)''' = '''11.567''' और  '''relative rotational angle [der(phi_rel)]''' = '''4.1'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:05&lt;br /&gt;
| | d की वैल्यू ''0.1''' से '''0.05' में परिवर्तित करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:14&lt;br /&gt;
| | फिर '''Re-simulate'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:17&lt;br /&gt;
| | सिम्युलेशन पूरा होने के बाद, परिवर्तन पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:22&lt;br /&gt;
| |'''relative angular acceleration (a_rel) = 15.449''' और  '''relative rotational angle [der(phi_rel)] = 4.359'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:33&lt;br /&gt;
| |अब, हम  '''relative angular acceleration''' और '''Time''' के बीच प्लॉट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:40&lt;br /&gt;
| | '''a_rel''' वेरिएबल चैक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:46&lt;br /&gt;
| | हम  '''X-axis''' पर Time और '''Y-axis''' पर a_rel के बीच प्लॉट देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 08:54&lt;br /&gt;
| |यह प्लॉट टाइम के साथ बदलते '''relative angular acceleration''' का वर्णन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:00&lt;br /&gt;
| |डिफॉल्ट रूप से, सिम्युलेशन '''0''' से '''3''' यूनिट टाइम से रन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:06&lt;br /&gt;
| |अन्तराल को बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:10&lt;br /&gt;
| |ऐसा करने के लिए, '''Modeling Perspective''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:14&lt;br /&gt;
| |टूलबार पर '''Simulation Setup''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:18&lt;br /&gt;
| | Simulation Setup विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:21&lt;br /&gt;
| |यहाँ '''Start Time''' को 1 यूनिट और '''Stop Time''' को 5 यूनिट्स में बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:28&lt;br /&gt;
| | सुनिश्चित कर लें कि  Simulate चैक बॉक्स चैक्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:32&lt;br /&gt;
| | फिर  Ok पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:35&lt;br /&gt;
| | हम सक्सेस मैसेज विंडो देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:37&lt;br /&gt;
| | इस विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:39&lt;br /&gt;
| |क्लास 1 से 5 यूनिट टाइम के सिम्युलेशन अन्तराल के साथ पुनःसिमुलेट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:45&lt;br /&gt;
| |आवश्यक प्लॉट बनने के बाद, हम परिणामों को मिटा कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |  09:50&lt;br /&gt;
| |Variable ब्राउजर में,  DoublePendulum पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 09:55&lt;br /&gt;
| |'''Delete Result''' चुनें।परिणाम अब डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:01&lt;br /&gt;
| |संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
||10:03&lt;br /&gt;
| | इस ट्यूटोरियल में, हमने भिन्न  Modelica लाइब्रेरी क्लासेस को खोलना और सिम्युलेट करना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
| | नियत-कार्य के रूप में,  Modelica में  Magnetic लाइब्रेरी का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:16&lt;br /&gt;
| |FluxTubes लाइब्रेरी में  SaturatedInductor क्लास सिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:21&lt;br /&gt;
| | कुछ इनपुट वेरिएबल्स की वैल्यूज को बदलें और पुनःसिम्युलेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:26&lt;br /&gt;
| |वैरिएबल '''r''' के  '''i''' और '''LossPower'''  के बीच '''Parametric plot''' बनायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:32&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:41&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:53&lt;br /&gt;
| | यदि आपको इस स्पोकन ट्यूटोरियल में प्रश्न हैं तो कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 11:00&lt;br /&gt;
||FOSSEEटीम लोकप्रिय किताबों के हल किये हुए उदाहरणों के कोडिंग का समन्वयन करती है। हम ऐसे लोगों को मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं जो ऐसा करते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:15&lt;br /&gt;
| | FOSSEE टीम वाणिज्यिक सिम्युलेटर प्रयोगशालाओं को '' OpenModelica '' में माइग्रेट करने में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| | 10:22&lt;br /&gt;
| |जो ऐसा करते हैं, हम उनको मानदेय और प्रमाण पत्र देते हैं । अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:31&lt;br /&gt;
| |स्पोकन ट्यूटोरियल और FOSSEE प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| |10:40&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| |यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C3/General-Features-in-Avogadro/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C3/General-Features-in-Avogadro/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C3/General-Features-in-Avogadro/Hindi"/>
				<updated>2017-11-22T16:57:36Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| 'General Features in Avogadro'पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे 'pH values'बदलकर कंपाउंड्स (यौगिकों) में 'Proton transfer'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:16&lt;br /&gt;
| क्रिस्टल संरचनाओं को लोड करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
| विभिन्न 'Miller planes'दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
| सुपर सेल्स बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
| कोऑर्डिनेशन (समन्वय) कंपाउंड्स में ज्योमेट्रीज़ दिखाना और 'nanotubes'बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:31&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ 'Ubuntu Linux' OS वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:37&lt;br /&gt;
|'Avogadro'वर्जन 1.1.1.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:41&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:47&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में उपयोग हुई उदाहरण फाइल्स कोड फाइल्स में दी गयी हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58&lt;br /&gt;
|. मैंने एक नयी 'Avogadro'विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:01&lt;br /&gt;
| मैं 'pH values'बदलकर कंपाउंड्स में 'proton transfer'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
| इसके लिए ‘ment library'से मैं 'amino acids'लोड करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:12&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू उपयोग करके 'Fragment library'पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:16&lt;br /&gt;
| 'Fragment library'में 'Amino acids'फोल्डर पर डबल क्लिक्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:21&lt;br /&gt;
| 'D-alanine.cml'चुनें और 'Insert'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:26&lt;br /&gt;
| 'Insert Fragment'डायलॉग बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL, SHIFT'और 'A'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:34&lt;br /&gt;
|उचित ओरिएंटेशन (अभिविन्यास) के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके संरचना को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:39&lt;br /&gt;
| मैं 'pH'बदलकर 'amino acids'में 'proton transfer'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:46&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51&lt;br /&gt;
|डिफ़ॉल्ट वैल्यू 7.4 के साथ 'Add Hydrogens for pH'टेक्स्ट बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH value'को बदलकर 7.0 करें। 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:04&lt;br /&gt;
| संरचना पर ध्यान दें। 'Carboxylic group(COOH)''Carboxylate ion'में बदल गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
|'Amino group(NH2)'पर 'प्रोटॉन(NH3+)'आ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15&lt;br /&gt;
| Build'मेनू पर जाएँ और 'Add Hydrogens for pH'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'को 2.0 करें और 'Ok'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:26&lt;br /&gt;
|'Carboxylate ion''Carboxylic group'में बदल गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाएँ और 'Add Hydrogens for pH'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:35&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'को 10.0 करें और 'Ok'पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|.  'Carboxylic group''Carboxylate ion'में बदल गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:46&lt;br /&gt;
|'Amino'ग्रुप(NH2)'से 'प्रोटॉन'हट गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
| संरचना को डिलीट करने के लिए 'Delete' key दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
| 'pH'बदलकर मैं 'amines'में 'proton transfer'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:58&lt;br /&gt;
| इसके लिए मैं 'Fragment library'से 'ethylamine'संरचना लोड करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:05&lt;br /&gt;
| 'Insert Fragment'डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:09&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL, SHIFT'और 'A'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:13&lt;br /&gt;
| उचित ओरिएंटेशन (अभिविन्यास) के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके संरचना को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:18&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:23&lt;br /&gt;
|'Add Hydrogens for pH'टेक्स्ट बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:27&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'वैल्यू को 7.0 करें। 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:34&lt;br /&gt;
| संरचना को देखें। 'Amino'ग्रुप पर 'प्रोटॉन'आ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:39&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'Add Hydrogens for pH'को 2.0 करें और 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:49&lt;br /&gt;
| यहाँ हम संरचना में कोई बदलाव नहीं देखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
|क्योंकि 'ethylamine'केवल बुनियादी मीडियम में 'proton transfer'दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'को 10.0 करें और 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:09&lt;br /&gt;
|'Amino group'से 'प्रोटॉन'हट गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:12&lt;br /&gt;
| अब मैं 'Crystal Library'से 'Crystal structures'लोड करना और कुछ 'Crystal properties'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:20&lt;br /&gt;
| नयी विंडो खोलने के लिए टूल बार पर 'New'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
| 'File'मेनू पर जाएँ 'Import'पर जाएँ और 'Crystal'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:30&lt;br /&gt;
|'Insert Crystal'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
| यहाँ हम विभिन्न फ़ोल्डर्स देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:37&lt;br /&gt;
| 'halides'फोल्डर पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:40&lt;br /&gt;
| 'NaCl-Halite.cif'फाइल चुनें और 'Insert'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:47&lt;br /&gt;
| 'Insert Crystal'डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:51&lt;br /&gt;
|. यहाँ उचित व्यू के लिए मैं 'Tool Settings'और 'Display Settings'बंद करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
|'Panel'पर 'सोडियम क्लोराइड'की 'क्रिस्टल'संरचना दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:02&lt;br /&gt;
| संरचना के साथ इसके 'Cell Parameters'दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:07&lt;br /&gt;
| 'पैनल'के ऊपरी बायीं तरफ आप देख सकते हैं: 'सोडियम क्लोराइड क्रिस्टल'का &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Lattice Type'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Spacegroup'और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Unit cell volume'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:18&lt;br /&gt;
| अब इस 'क्रिस्टल'के लिए मैं 'Miller planes'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:22&lt;br /&gt;
| इससे पहले मैं 'Miller indices'के बारे में एक संक्षिप्त परिचय दूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|'Miller Indices'तीन नंबर ('''hkl''') का एक सेट होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:34&lt;br /&gt;
| वे 'क्रिस्टल सिस्टम्स'में दिशाओं और आंतरिक 'planes'को उल्लिखित करने में उपयोग होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:41&lt;br /&gt;
| अब 'सोडियम क्लोराइड सिस्टम'में 'Miller planes'के लिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:45&lt;br /&gt;
| 'View'मेनू पर जाएं और 'Crystal View Options'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:51&lt;br /&gt;
|'Crystal View Options'मेनू दायीं तरफ लोड होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
| 'Miller Indices'रेडियो बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:00&lt;br /&gt;
| मैं 'h', 'k', 'l'वैल्यूज़ को 2, 3, 2 करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:07&lt;br /&gt;
| 'क्रिस्टल'में परमाणुओं के 'प्लेन्स'और स्थानों में बदलाव को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:13&lt;br /&gt;
| अब मैं सुपर सेल बनाने के बारे में समझाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाएँ और 'Super Cell Builder'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:22&lt;br /&gt;
|'Super Cell Parameters'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:26&lt;br /&gt;
| 'Super Cell Options'में हम यूनिट सेल पैरामीटर्स 'A', 'B'और 'C'बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34&lt;br /&gt;
| मैं A', 'B'और 'C'की फील्ड वैल्यूज़ बदलकर '2', '2', '2'करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:43&lt;br /&gt;
| फिर 'Generate cell'पर क्लिक करें। डायलॉग बॉक्स बंद करने के लिए 'Close'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:50&lt;br /&gt;
| उचित व्यू के लिए आवश्यकतानुसार ज़ूम करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:55&lt;br /&gt;
|पैनल पर 'Crystal lattice'दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| अब मैं 'Miller Indices'को बदलकर 3, 2, 3 करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:05&lt;br /&gt;
| 'Navigation'टूल उपयोग करके सेल को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:09&lt;br /&gt;
| यहाँ डॉटेड चित्र'प्लेन'दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
| h', 'k', 'l'वैल्यूज़ को बदलकर आप विभिन्न 'प्लेन्स'देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
|अब मैं 'Hexamminecobalt(III)'के लिए 'octahedral'ज्योमेट्री बनाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:26&lt;br /&gt;
| एक नयी विंडो खोलने के लिए टूल बार पर 'New'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
|'Hexammine cobalt(III)'बनाने के लिए 'Draw'टूल आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:37&lt;br /&gt;
| 'Element'ड्राप डाउन में 'Other'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
|  'Periodic table'विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44&lt;br /&gt;
| सूची से 'Cobalt'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47&lt;br /&gt;
| 'Periodic table'विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50&lt;br /&gt;
| 'पैनल'पर क्लिक करें। 'Element'ड्राप डाउन से 'Nitrogen'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:56&lt;br /&gt;
| 'कोबॉल्ट परमाणु'पर छः 'बॉन्ड्स'बनाने के लिए क्लिक और ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| ध्यान दें प्रत्येक 'नाइट्रोजन'दो जुड़े हुए 'हाइड्रोजन्स'रखता है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:08&lt;br /&gt;
| 'hexamminecobalt(III)'संरचना में प्रत्येक 'नाइट्रोजन'तीन जुड़े हुए 'हाइड्रोजन्स'रखता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
| 'Element'ड्राप डाउन से 'Hydrogen'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:19&lt;br /&gt;
| सारे 'नाइट्रोजन परमाणुओं'पर क्लिक और ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:25&lt;br /&gt;
|'Hexamminecobalt(III)'संरचना पैनल पर बनती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:29&lt;br /&gt;
| 'Display Settings'मेनू को खोलने के लिए 'Display Settings'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:36&lt;br /&gt;
| अब मैं 'Hexamminecobalt(III)'संरचना की 'octahedral geometry'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42&lt;br /&gt;
| इसके लिए मैं 'Polygon Display Type'उपयोग करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:46&lt;br /&gt;
| यदि 'Polygon Display Type'सक्रीय नहीं है तो सक्रीय करने के लिए 'Add'बटन का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| 'Polygon Display Type'चेकबॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:56&lt;br /&gt;
| ऑप्टिमाइज़ करने के लिए टूल बार पर 'Auto Optimization Tool'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
| 'Force Field'ड्राप डाउन में 'UFF'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06&lt;br /&gt;
| ऑप्टिमाइज़ करने के लिए 'Start'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:11&lt;br /&gt;
| 'Auto optimization'प्रक्रिया रोकने के लिए 'Stop'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16&lt;br /&gt;
| 'Navigation'टूल उपयोग करके 'octahedral geometry'देखने के लिए संरचना को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:22&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार यह 'iodine heptafluoride'की 'pentagonal bipyramidal geometry'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
| अब हम 'Build'मेनू में 'Nanotube builder'नामक एक अन्य विशेषता देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| एक 'nanotube''nanometer-scale'की ट्यूब जैसी संरचना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:40&lt;br /&gt;
| भिन्न-भिन्न प्रकार के 'nanotubes'के उदाहरण हैं: 'Boron carbon nitrogen', 'Boron carbon'और 'Carbon'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
| 'carbon nanotube''कार्बन संरचना'का लघु रूप सिलिंडर है जो किनारों पर जुड़े हुए हेक्ज़ागोनल 'ग्रेफाइट मॉलिक्यूल्स'रखता है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
|नयी विंडो खोलने के लिए टूल बार पर 'New'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:06&lt;br /&gt;
| 'nanotube'के बेहतर व्यू के लिए मैं बैकग्राउंड रंग को नीला करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:12&lt;br /&gt;
| 'View'पर जाएँ और 'Set Background Color'पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:17&lt;br /&gt;
|'Select Color'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:21&lt;br /&gt;
| बॉक्स में नीला रंग चुनें और 'Ok'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:26&lt;br /&gt;
|'Build'मेनू पर जाएँ और 'Nanotube Builder'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:30&lt;br /&gt;
|'Nanotube Builder''पैनल'के नीचे खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
| 'Nanotube Builder'मेनू को देखने के लिए मैं 'Avogadro'विंडो को री-साइज़ करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:40&lt;br /&gt;
| 'nanotube'के प्रकार को निर्धारित करने के लिए आप 'chirality indexes n, m'को सेट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:47&lt;br /&gt;
| मैं 'index वैल्यूज़ n'और 'm'को 4 और 4 सेट करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:53&lt;br /&gt;
| 'Length'को 4.00(four point zero zero) करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:57&lt;br /&gt;
| 'Unit'फील्ड को 'Periodic units'करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:01&lt;br /&gt;
| 'nanotube'में डबल बॉन्ड्स को दिखाने के लिए 'Find double bonds'चेकबॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:08&lt;br /&gt;
| फिर 'Build'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:10&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL + SHIFT + A'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:15&lt;br /&gt;
| अच्छे व्यू के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके 'nanotube'को घुमाएं और ज़ूम करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:21&lt;br /&gt;
| आगे मैं 6,6 'index values'के साथ एक नैनोट्यूब बनाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:27&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाएँ, 'Nanotube Builder'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:31&lt;br /&gt;
| 'n'और 'm'वैल्यूज़ को बदलकर 6 और 6 करें। फिर 'Build'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:40&lt;br /&gt;
| दो ओवरलैपिंग 'नैनोट्यूब्स'को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:44&lt;br /&gt;
| 'नैनोट्यूब्स'को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए 'Auto Optimization Tool'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:50&lt;br /&gt;
| 'Force Field'ड्राप डाउन में 'MMFF94'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:56&lt;br /&gt;
| ऑप्टिमाइज़ करने के लिए 'Start'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:02&lt;br /&gt;
| 'auto optimization'प्रक्रिया को रोकने के लिए 'Stop'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:07&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL + SHIFT + A' कीज़ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:11&lt;br /&gt;
| पैनल पर डबल-वॉल्ड (दोहरी दीवार) 'नैनोट्यूब'दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:16&lt;br /&gt;
| अच्छे व्यू के लिए 'Navigation tool'उपयोग करके 'नैनोट्यूब'को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:21&lt;br /&gt;
| अब मैं 'नैनोट्यूब'में 'carbon hexagon rings'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:26&lt;br /&gt;
|'Display Types'मेनू में 'Ring'चेकबॉक्स चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:31&lt;br /&gt;
| 'carbon hexagons'देखने के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके 'नैनोट्यूब'को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:38&lt;br /&gt;
| सारांश में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:40&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:43&lt;br /&gt;
| 'pH values'बदलकर कंपाउंड्स में 'Proton transfer'करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:48&lt;br /&gt;
| 'crystal library'से 'crystal structures'लोड करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:51&lt;br /&gt;
| विभिन्न 'Miller planes'दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:54&lt;br /&gt;
| सुपर सेल्स बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:56&lt;br /&gt;
| कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स में ज्योमेट्रीज़ दिखाना और 'नैनोट्यूब्स'बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:03&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'silver chloride(AgCl) crystal structure'लोड करें और इसका 'Miller planes'दिखाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:09&lt;br /&gt;
| कोऑर्डिनेशन लाइब्रेरी से संरचनाएं लोड करें और ज्योमेट्रीज़ दिखाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:14&lt;br /&gt;
| 'chirality index' 9,9 के साथ 'नैनोट्यूब'बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:19&lt;br /&gt;
| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:27&lt;br /&gt;
| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:34&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट 'NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:41&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट जया द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ,हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C2/Create-and-Edit-Components/Hindi</id>
		<title>CellDesigner/C2/Create-and-Edit-Components/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C2/Create-and-Edit-Components/Hindi"/>
				<updated>2017-11-17T08:43:03Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार। '''CellDesigner''' में '''Create and Edit Components''' के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:08&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगें : एक पहले से सेव की गई .xml फ़ाइल को ड्रॉ एरिया में खोलना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:15&lt;br /&gt;
| एक कम्पार्टमेंट में : आकृति, आकार, रंग एवं बॉर्डर की मोटाई को बदलना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:22&lt;br /&gt;
| '''CellDesigner''' में मल्टिपल फाइल बनाना, '''Species''' की पहचान बदलना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
|  हम निम्न भी सीखेंगें '''Species''' को कट, कॉपी एवं पेस्ट कैसे करते हैं, '''Species''' के Start-point एवं End-point के बारे में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
|  '''Species''' को कैसे सक्रिय करते हैं एवं कैसे रंग बदलते हैं। एक '''Reaction''' की विशेषताओं को कैसे बदलते हैं ''' File''' को कैसे बंद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:47&lt;br /&gt;
|  यहाँ मैं '''Ubuntu Linux OS version 14.04'''  '''CellDesigner version 4.3'''  '''Java version 1.7''' का प्रयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:57&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल पर आगे बढ़ने के लिए, आपको स्नातक स्तर की ''' Biochemistry''' एवं '''CellDesigner ''' इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:05&lt;br /&gt;
| यदि ऐसा नहीं है, तो सम्बंधित ''' CellDesigner tutorials''' के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट '''www.spoken-tutorial.org''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:16&lt;br /&gt;
|  शिक्षार्थी कृपया ध्यान दें: इस शृंखला के पिछले कुछ ट्यूटोरियल '''Windows OS''' पर बनाए गए थे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:24&lt;br /&gt;
| हालाँकि, यहाँ से यह शृंखला '''Ubuntu Linux OS''' पर पूरी की जाएगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
| '''CellDesigner''' में create and edit components पर आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:35&lt;br /&gt;
| एक साथ '''Ctrl+Alt+T''' कीज़ दबाकर '''terminal''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:41&lt;br /&gt;
|  अब '''./runCellDesigner4.3''' टाइप करें एवं '''एंटर''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
| अब '''CellDesigner''' आपकी स्क्रीन पर खुल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:56&lt;br /&gt;
|  '''Create and Edit''' फ़ाइल खोलें, जो हमने पहले बनाई थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:02&lt;br /&gt;
| तो, '''File''' पर और फिर '''Open''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:07&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Open''' नामक एक डायलॉग बॉक्स खुल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:11&lt;br /&gt;
| यहाँ, हमें ‘'''Folders’''' लेबल के अंदर फ़ोल्डर का चयन करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
| ‘'''File’''' लेबल में '''Create_and_Edit.xml'''' फ़ाइल पर क्लिक करें और फिर ‘'''Ok’''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:27&lt;br /&gt;
|  हमारी फ़ाइल '''Create_and_Edit.xml''' अब ड्रॉ एरिया में खुल गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:35&lt;br /&gt;
|  कम्पार्टमेंट चुनें। मेन मेनू बार में '''Component''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:43&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और '''Change to OVAL''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:48&lt;br /&gt;
| ड्रा एरिया पर, हमारे पास अब एक ओवल कंपार्टमेंट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:54&lt;br /&gt;
|  रंग या मोटाई बदलने के लिए,  मेन मेनू बार में “'''Component'''” पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:00&lt;br /&gt;
| “'''Change color &amp;amp; shape'''”  विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:05&lt;br /&gt;
|   वैकल्पिक रूप से, कंपार्टमेंट की बाउंड्री पर राइट क्लिक करें तथा “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:14&lt;br /&gt;
|   स्क्रीन पर ''''Change color &amp;amp; shape'''' नामक एक डायलॉग बॉक्स खुल जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:20&lt;br /&gt;
| एक अपेक्षाकृत पतली बाउंड्री लाइन के लिए, '''Membrane Thickness''' को 12 से घटाकर 8 या उससे कम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:29&lt;br /&gt;
|   रंग बदलने के लिए, ''' Color panel''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
| '''Color panel'''  में  एक हैंडल जैसे पॉइंटर के साथ, एक कलर व्हील है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:39&lt;br /&gt;
|  पॉइंटर को क्लिक एवं होल्ड करें और वांछित रंग का चयन करने के लिए घुमाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
|  सभी संशोधन कर लेने के बाद, '''Apply''' पर क्लिक करें। और फिर ''''Ok'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:53&lt;br /&gt;
|  रिएक्शन टूलबार पर, अपने आप विभिन्न ''' Compartments''' ड्रा करने के अन्य विकल्प खोजें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:00&lt;br /&gt;
|   अब हम ''' Species''' की '''पहचान बदलने''' का तरीक़ा सीखेंगें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:05&lt;br /&gt;
|   तो,  सर्वप्रथम हम ''' CTRL+N''' दबाकर एक नई विंडो खोलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
|  फाइल को एक नाम, माना ''' Change Species''', देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:16&lt;br /&gt;
|  हम चौड़ाई एवं ऊंचाई को डिफ़ॉल्ट रखेंगे। और '''Ok''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:22&lt;br /&gt;
|   अब, टूलबार से ''''Generic protein'''' के आइकन पर क्लिक करें। ड्रा एरिया पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:30&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में,''' Pectin'''  टाइप करें और '''Ok''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
|   अब ''' Generic protein Pectin''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:41&lt;br /&gt;
| और '''Change Identity''' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:46&lt;br /&gt;
|  ''''Change identity of the species''''नामक एक डायलॉग बॉक्स स्क्रीन पर खुल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:53&lt;br /&gt;
|  ''' Class''' बॉक्स में down arrow पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:58&lt;br /&gt;
| ड्रॉप डाउन मेनू में से कोई एक विकल्प, उदाहरण के लिए, माना ''' simple molecule'''चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:05&lt;br /&gt;
|अब, ''' Name''' बॉक्स में इस '' simple molecule''' को नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:10&lt;br /&gt;
| इसे ''' Fructose''' कहें  और '''Apply'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
|   देखें कि हमारा''' Protein Pectin'''  अब ''' Fructose''' नामक एक ''' simple molecule''' में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:25&lt;br /&gt;
|   अब ''' Cut, Copy'''  और ''' Paste''' करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
| मैं '''Fructose'''  का ही प्रयोग करूंगी, जो ड्रा एरिया में पहले ही मौजूद है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
|  ''' Species'''को  कट करने के लिए, पहले''' Species Fructose'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:40&lt;br /&gt;
| '''Edit'''  मेनू पर जाएं,  नीचे स्क्रॉल करें और '''Cut''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:47&lt;br /&gt;
| यहां ध्यान दें कि ''' Cut'''  के लिए शॉर्टकट की (key ''' Ctrl+X''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:53&lt;br /&gt;
|''' Species Fructose ''' कट की जा चुकी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:56&lt;br /&gt;
|   स्पिशीज़ को पेस्ट करने के लिए, ''''Edit'''' मेनू पर वापस जाएं,  नीचे स्क्रॉल करें तथा '''Paste''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:03&lt;br /&gt;
| यहां ध्यान दें कि ''' Paste''' के लिए शॉर्टकट key ''' Ctrl+V''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:08&lt;br /&gt;
|''' Species Fructose'''  ड्रा एरिया पर वापस दिखाई देने लगता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:12&lt;br /&gt;
|  ''' Species की कॉपी बनाने के लिए, मेन मेनू बार पर ''' Edit'''  पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:18&lt;br /&gt;
|  ''' Copy''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:21&lt;br /&gt;
| यहां ध्यान दें कि कॉपी के लिए शॉर्टकट ''' Ctrl+C''' है। '''Copy''' पर क्लिक करें। ड्रा एरिया पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
| इस बार, पेस्ट करने के लिए ''' Ctrl + V''' दबाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:36&lt;br /&gt;
|   हमने अब '''Fructose'''  की एक कॉपी को ड्रा एरिया पर पेस्ट कर लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:40&lt;br /&gt;
|   किसी भी कार्य को अन-डू करने के लिए, ''' Ctrl+Z'''  दबाएं  तथा री-डू करने के लिए''' Ctrl+Y'''दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
| हालांकि  इनके उपयोग की कुछ सीमाएं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
|  ''' Fructose molecules''' को ड्रैग करके ड्रा एरिया में एक तरफ मूव करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  07:00&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, ''' Fructose''' पर क्लिक करें तथा इसे वांछित स्थिति तक ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:07&lt;br /&gt;
|    फिर हम सीखेंगे,'''start-point''' एवं '''end-point''' '''species'''क्या है और '''Species''' को कैसे '''activate''' करते हैं?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:13&lt;br /&gt;
|   इसके लिए, मैंने पहले ही 2''' generic proteins''' के बीच एक ''' state transition reaction'''  ड्रा कर ली है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:21&lt;br /&gt;
| मैंने उन्हें '''Protein 1'''  एवं '''Protein 2''' नाम दिए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:25&lt;br /&gt;
|   याद करें,  हम पहले ही '''reaction''' ड्रा करना सीख चुके हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:29&lt;br /&gt;
| यदि आप नहीं जानते, तो इस श्रृंखला के पिछले ट्यूटोरियल देखें। आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:35&lt;br /&gt;
|   इस रिएक्शन में,  ''' ‘start point’''' ''' ‘Protein 1’'''  है और''' ‘end point’''' ''' Protein 2''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:43&lt;br /&gt;
|  ''' species''' को एक्टिवेट करने के लिए,  एक ''' Species''' पर क्लिक करें, जो एक '''Reaction'''  का ''''end-point''''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:50&lt;br /&gt;
| हमारी स्थिति में,  यह '''Protein 2''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:53&lt;br /&gt;
| अतः ''' Protein 2'''  पर क्लिक करें और कीबोर्ड पर '''A'''  दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:59&lt;br /&gt;
| अब '''Ctrl + Z''' की (key) दबाकर इस परिवर्तन को अन-डू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:05&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, ''' Protein 2''' पर क्लिक करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:09&lt;br /&gt;
| फिर,  मेन मेनू बार में, '''Component''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:13&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और ''' Set Active''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:18&lt;br /&gt;
|   ध्यान दें कि ''' activated species'''  डैश्ड लाइन से लिपटी होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:24&lt;br /&gt;
|   अब ''' species, Protein 2''' का रंग बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
|   तो,  इस पर राइट क्लिक करें और फिर''''Change color and shape'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:35&lt;br /&gt;
|   जैसाकि हमने पहले देखा, ''' Color''' पैनल में एक कलर व्हील है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
| वांछित रंग चुनने के लिए, पॉइंटर पर क्लिक करें तथा घुमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:44&lt;br /&gt;
| फिर, '''Apply'''  और '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:49&lt;br /&gt;
| '''species'''  में हुए रंग परिवर्तनों को देखें,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:53&lt;br /&gt;
|   अब हम एक ''' Reaction''' की विशेषताओं को बदलना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:57&lt;br /&gt;
|  ड्रा एरिया पर मौजूद अपनी ''' state transition reaction ''' पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:03&lt;br /&gt;
|  दो '''species''' के बीच '''reaction arrow''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:08&lt;br /&gt;
| अब '''Change Identity''' विकल्प चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:13&lt;br /&gt;
|  '''Change Properties of the Reaction'''  नामक एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:18&lt;br /&gt;
| '''Name'''  बॉक्स में रिएक्शन का नाम,  माना''' Reaction1''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:26&lt;br /&gt;
|  '''Type''' बॉक्स के ड्रॉप-डाउन में आवश्यक रिएक्शन, माना '''Transcription''' चुनें।''''Ok''''पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:38&lt;br /&gt;
|   देखें कि ड्रा एरिया पर ''' reaction'''  बदल गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:42&lt;br /&gt;
| हमें वह नाम नहीं दिखता जो हमने ड्रॉ एरिया में रिएक्शन एरो पर दिया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:47&lt;br /&gt;
| चिंता ना करें, हम आने वाले ट्यूटोरियल्स में इसके बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:53&lt;br /&gt;
|  एक बार फिर से '''reaction arrow'''  पर राइट क्लिक करें तथा ''' Change Identity'''  विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|   10:00&lt;br /&gt;
|यदि यह एक '''Reversible'''  रिएक्शन है,  तो ''' TRUE''' विकल्प चुनें तथा '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   10:09&lt;br /&gt;
|   अब आप देखेंगे कि रिएक्शन रिवर्स हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   10:14&lt;br /&gt;
|  ''' CellDesigner'''  से बाहर निकलने के लिए, ''' File''' पर क्लिक करें तथा''' Exit'''  विकल्प चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:20&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से,  आप ''' Ctrl Q''' दबा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:25&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर यह पूछता हुआ '''Confirmation'''  नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है कि क्या मैं परिवर्तनों को सेव करना चाहती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:32&lt;br /&gt;
| '''Yes'''  पर क्लिक करें और '''Ok'''  बटन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:38&lt;br /&gt;
|  यह कहता है कि फाइल संशोधित हो चुकी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
|'''Save the changes?'''  '''Yes''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:45&lt;br /&gt;
|   सारांशित करते हैं:  इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:50&lt;br /&gt;
| ड्रा एरिया में पहले से सेव की गई .xml  फाइल खोलना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:55&lt;br /&gt;
|'''Compartment''' की आकृति, आकार, रंग एवं बॉर्डर की मोटाई को बदलना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:01&lt;br /&gt;
| '''CellDesigner'''  में मल्टीपल फाइल बनाना तथा  पहचान बदलना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:07&lt;br /&gt;
| और '''Species''' को कट, कॉपी एवं पेस्ट करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:10&lt;br /&gt;
|   हमने निम्न भी सीखा: '''Species''' के Start-point  एवं End-point  के बारे में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:15&lt;br /&gt;
|  '''Species'''को एक्टिवेट करना ''' Species'''का रंग बदलना '''Reaction''' की properties बदलना तथा ''' File''' बंद करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:25&lt;br /&gt;
|   आपके असाइनमेंट के लिए:  एक ''' complex''' बनाएँ तथा ''' Complex'''के अंदर एक '''Species'''  रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:32&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट 2:  टूल बार के बारे में जाने तथा पता लगाएं कि एक रिएक्शन में एक '''reactant'''  एवं एक ''' product'''  को कैसे जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:41&lt;br /&gt;
| आपका पूर्ण असाइनमेंट ऐसा दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:45&lt;br /&gt;
|   आपका पहला असाइनमेंट ऐसा दिखना चाहिए:  एक complex  तथा '''Complex''' के अंदर रखी गई ''' Species'''।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:55&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट 2 ऐसा देखना चाहिए:  एक ''' reactant''' एवं एक ''' product''' के साथ '''state-transition reaction'''।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:00&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:05&lt;br /&gt;
| इस लिंक पर दिया गया वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:13&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:23&lt;br /&gt;
|   स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD,  भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:35&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल इं. अमित कुमार द्वारा अनुवादित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Picking-and-Selection/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C2/Picking-and-Selection/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Picking-and-Selection/Hindi"/>
				<updated>2017-11-17T05:53:42Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot;{| border=1 ! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; ! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- |  00:01 |  Chimera का उपयोग करके 'Picking and Selection' पर इस ट्यू...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|  Chimera का उपयोग करके 'Picking and Selection' पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:06&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे परमाणुओं और 'residues' के लिए लेबल्स दिखाना  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:12&lt;br /&gt;
|  'Select menu' का प्रयोग करके या 'Picking' द्वारा परमाणुओं और 'residues' को चुनना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:17&lt;br /&gt;
|  'residues' का रंग और प्रदर्शन बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
|  परमाणुओं को जोड़ना, मिटाना या बदलना, बॉन्ड्स को घुमाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:27&lt;br /&gt;
|  डिस्प्ले विंडो पर एक से अधिक मॉडल खोलें. मॉडल को चुने और मूव करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए आपको स्नातक स्तर की 'Biochemistry' का ज्ञान होना चाहिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
| या 'structural biology' से परिचित होना चाहियें, सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेब साईट पर जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:47&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं 'Ubuntu Operating System' वर्जन 14.04 का उपयोग कर रही हूँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:52&lt;br /&gt;
| 'Chimera' वर्जन  1.10.2&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:57&lt;br /&gt;
| 'Mozilla firefox' ब्राउज़र 35.0&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:01&lt;br /&gt;
| और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
|  यहाँ मैंने एक 'Chimera window' खोली है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:07&lt;br /&gt;
|'rapid access window' पर, अभी उपयोग किये डेटा की सूची से '1zik ' पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| 'graphics window' पर 'Leucine zipper' का एक मॉडल खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:20&lt;br /&gt;
|  किसी संरचना के अलग अलग अवयवों जैसे कि: रेज़िडियु, परमाणु, बॉन्ड्स आदि में 'Chimera' में उपलब्ध टूल्स प्रयोग करके संशोधन किया जा सकता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:31&lt;br /&gt;
| पहला स्टेप चुनाव करना होता है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:34&lt;br /&gt;
|  चुनने के भिन्न भिन्न तरीके होते हैं: मेनू बार में 'Select' मेनू का प्रयोग करके &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:40&lt;br /&gt;
|  'graphics'  विंडो से  'Picking'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
|  कमांड लाइन पर कमांड टाइप करके, या 'Favorites' मेनू में उपस्थित 'Model Panel' और 'Sequence'  विकप्ल चुनकर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:53&lt;br /&gt;
|  chimera विंडो पर वापस जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
| 'Leucine zipper' मोटिफ 'leucine' रेज़िडियु का पीरिऑडिक दोहराव से बनता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:02&lt;br /&gt;
| अब मैं दर्शाउंगी कि इस संरचना में उपस्थित 'leucine' को किस प्रकार हाईलाइट करना है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|  प्रीसेट मेनू से 'interactive 2' विकल्प चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
| यह संरचना को परमाणु प्रदर्शन में बदल देता है| 'Select'  मेनू से 'Residue' विकप्ल चुनिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| सब-मेनू में बहुत से विकल्प हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:23&lt;br /&gt;
|  एमिनो एसिड केटेगरी मेनू में एमिनो एसिड्स इस प्रकार वर्गित हैं: 'aliphatic', 'aromatic', 'hydrophobic', 'polar' इत्यादि&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:34&lt;br /&gt;
|  इस संरचना में उपस्थित एमिनो एसिड रेज़ीडियुज़ की सूची मानक एमिनो एसिड मेनू में उपलब्ध है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'leucine' पर क्लिक करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
| सारे 'leucine'  रेज़ीडियुज़ अब हाईलाइट हो जाते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
|  'actions' मेनू पर क्लिक करें और 'color' चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| मैं रंगों की सूची से पीला चुनुंगी, सभी 'leucines' अब पीले रंग में प्रदर्शित हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:57&lt;br /&gt;
|  चुनाव को हटाने के लिए 'Select' मेनू पर क्लिक करें, उसके बाद 'Clear selection'  विकप्ल पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:03&lt;br /&gt;
|  ‘Leucine’ 'hydrophobic' होने के कारण प्रोटीन के 'hydrophobic' कोष में भरा होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:09&lt;br /&gt;
|  प्रीसेट विकल्प का प्रयोग करके प्रदर्शन को रिबंस में बदलें, 'Interactive 1’ पर क्लिक करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:17&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन से रेज़िडियु चुनने  के लिए: कर्सर को संरचना के ऊपर घुमायें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
|  पहचान सकने वाली जानकारी के साथ एक 'pop-up balloon' दिखाई देता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
| इसमें 'residue' का नाम, नंबर और चेन जैसी जानकारी होती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:32&lt;br /&gt;
|  जब आप कर्सर चलाते हैं तो 'balloon' अद्रश्य हो जाता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:36&lt;br /&gt;
|  कर्सर को चेन A के पहले 'residue' पर लायें, वह 'arginine' है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:41&lt;br /&gt;
|  कीबोर्ड की CTRL की (key) को दबाएँ रखें और माउस के बाएं बटन को क्लिक करें &lt;br /&gt;
CTRL की को छोड़ें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:49&lt;br /&gt;
|  'residue' की रूपरेखा हाईलाइट होती है| डिफ़ॉल्ट रूप से चुनाव हरे रंग में रूपरेखित होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:57&lt;br /&gt;
|  यदि आप एक से ज्यादा चुनना चाहते हैं; कीबोर्ड की CTRL और shift दोनों की को दबाएँ रखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:04&lt;br /&gt;
| पेप्टाइड चेन पर माउस को घुमायें| जो 'residues' आप चुनना चाहते हैं उस पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
| कीबोर्ड से CTRL और shift दोनों कीज़ को छोड़ें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
|  अब आपने रेज़िडियु को संशोधन के लिए चुन  लिया है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:18&lt;br /&gt;
|'Actions' मेनू से एक विकप्ल चुने| 'Actions' मेनू पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:23&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए, परमाणुओं को दर्शाने के लिए 'atoms/bonds' चुनें &lt;br /&gt;
'Show' पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
|  चुने हुए रेज़ीडियुज़ अब परमाणुओं के प्रदर्शन में दिखाई देतें है, चुनाव को क्लियर करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
|  हम 'Picking' से  संरचना में उपस्थित परमाणुओं या बॉन्ड्स में परिवर्तन कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:42&lt;br /&gt;
|  कर्सर को एक ऑब्जेक्ट जैसे एक परमाणु या बॉन्ड पर रखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
| यह अपनी लेबल की जानकारी एक 'atomspec balloon' में दिखायेगा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:52&lt;br /&gt;
|  परमाणु के लिए 'Atomspec balloon' में ऐसी जानकारी होती है जैसे: 'Residue' का नाम, नंबर, चेन और परमाणु का नाम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:01&lt;br /&gt;
|  परमाणु को चुनने के लिए कीबोर्ड की CTRL  की(key) को दबाएँ रखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:06&lt;br /&gt;
| CTRL की को दबाये रखते समय उस परमाणु पर क्लिक करें जिसे आप बदलना चाहते हों &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:11&lt;br /&gt;
|  परमाणु अब हाईलाइट हो जाता है, परमाणु में संशोधन करने के लिए CTRL की को दबाकर रखते हुए परमाणु पर डबल क्लिक करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
|  'context menu' विकल्पों के साथ खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:24&lt;br /&gt;
| 'Modify-atom' विकल्प पर क्लिक करें| CTRL की छोड़ें | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:30&lt;br /&gt;
|  'Build Structure' विंडो खुलती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
| चुने हुए परमाणु को बदलते हैं अर्थात नाइट्रोजन को मिथायल ग्रुप में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:38&lt;br /&gt;
| 'Build Structure' विंडो मे ‘element’ में ‘carbon’, ‘bonds’ में 4 और ‘apply’ बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:49&lt;br /&gt;
|  पेनल को देखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
| मिथायल ग्रुप अब मौजूदा संरचना में जुड़ गया है &lt;br /&gt;
विंडो बंद कर दें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:57&lt;br /&gt;
|  बॉन्ड्स को घुमाने का भी एक विकल्प है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
| जिस बॉन्ड को आप घुमाना चाहते हैं उसके ऊपर कर्सर को घुमायें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| बॉन्ड से सम्बंधित जानकारी 'atomspec balloon' में दिखाई देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:09&lt;br /&gt;
|  बॉन्ड चुनने के लिए कर्सर को बॉन्ड पर रखें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| CTRL की को दबाकर रखें | माउस के बाएं बटन को क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:18&lt;br /&gt;
|  चुना गया बॉन्ड अब हाईलाइट हो जाता है | CTRL की को दबाकर रखते हुए बॉन्ड पर डबल क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:26&lt;br /&gt;
| कीबोर्ड पर CTRL की को छोड़ें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:29&lt;br /&gt;
|  'context-menu' खुलता है, 'rotate bond' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:35&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर 'Build Structure' डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
|  डायलॉग बॉक्स में उपस्थित रोटेटिंग टूल को क्लिक और रोटेट करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:46&lt;br /&gt;
| पैनल को देखें, चुना गया बॉन्ड अब घूम रहा है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
| जब आप वांछित कोण पर पहुँच जाएँ तो घुमाना बंद कर दें, डायलॉग बॉक्स बंद करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:57&lt;br /&gt;
|  चुनाव हटा दें | हम चेन्स को  हाईलाइट करने के लिए टूल मेनू के 'Sequence' विकल्प का भी उपयोग कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:05&lt;br /&gt;
| टूल्स मेनू में नीचे जाएँ और 'Sequence' विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:10&lt;br /&gt;
| सब-मेनू से 'Sequence' चुने &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:13&lt;br /&gt;
|  'Show model sequence' डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:17&lt;br /&gt;
| यदि  आप चेन A को चुनना चाहते हैं तो चेन A पर क्लिक करें | उसके बाद 'show' पर क्लिक  करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:23&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर एमिनो एसिड सीक्वेंस के साथ एक अन्य डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:28&lt;br /&gt;
|  ‘amino acid residues'  सिंगल अक्षर की तरह प्रस्तुत होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:34&lt;br /&gt;
| चुनने के लिए सीक्वेंस पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:37&lt;br /&gt;
|  पैनल को देखें| 'Chain A'  अब हाईलाइट हो जाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:41&lt;br /&gt;
| विंडो बंद करने के लिए ‘Quit’ पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:44&lt;br /&gt;
|  'Actions menu' पर जाएँ, नीचे  'Color' पर जाएँ |  पीले विकल्प पर क्लिक करें|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:50&lt;br /&gt;
| 'Chain A'  पीले रंग में है| चुनाव को हटाएँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:55&lt;br /&gt;
|  हम 'Chimera window' पर एक से ज्यादा संरचनाएं खोल सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:59&lt;br /&gt;
|  दूसरी संरचना खोलने के लिए: फाइल मेनू में ऊपर से नीचे जाएँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:03&lt;br /&gt;
| 'Fetch by ID' पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:06&lt;br /&gt;
| 'Fetch structure by ID' डायलॉग बॉक्स खुलता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
|  'PDB' विकल्प चुनें | फिर 4 अक्षर 'PDB code' टाइप करें &lt;br /&gt;
उदहारण के लिए, 'human insulin' निकालने के लिए, 4ex1 टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
| fetch बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|  पैनल पर दो प्रोटीन संरचनायें एक दुसरे के ऊपर आ जाती हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
|  दो क दुसरे पर आई संरचनाओं को अलग करने के लिए: हमें एक मॉडल को चयनपुर्वक पैनल पर लाना होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:36&lt;br /&gt;
|  'favorites' मेनू उपयोग करके 'Command line' खोलें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:39&lt;br /&gt;
| 'Command line' विंडो के निचले हिस्से  में दिखाई देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:43&lt;br /&gt;
|  मॉडल ज़ीरो को अनचेक करने के लिए क्लिक करें, जो 'leucine zipper' को प्रदर्शित करता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
|  कर्सर को  'insulin' संरचना पर लायें: माउस का मध्य बटन दबाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:54&lt;br /&gt;
| फिर मॉडल को पैनल पर इच्छित जगह तक लाने के लिए खींचें &lt;br /&gt;
माउस बटन को छोड़ें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:01&lt;br /&gt;
|  मॉडल को चयनपुर्वक स्क्रीन से हटाने के लिए: 'Favorites' मेनू का उपयोग करके मॉडल पैनल खोलें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:08&lt;br /&gt;
| 'Model Panel' डायलॉग बॉक्स दिखता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:11&lt;br /&gt;
|  जिस मॉडल को आप हटाना चाहते हैं उसे 'model ID' पर क्लिक करके चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
|  जैसे कि मैं स्क्रीन से  'insulin' मॉडल हटाना चाहती हूँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
|  'model ID' पर क्लिक करें| क्लोज विकल्प पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
|  पैनल को देखें| 'insulin' का मॉडल स्क्रीन से हट गया है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:32&lt;br /&gt;
|  मॉडल पैनल विंडो को बंद करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:34&lt;br /&gt;
|   हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:37&lt;br /&gt;
|  जो हमने सिखा है उसे सारांशित करते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में हमने परमाणुओं’ और  'residues' को लेबल करना सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:46&lt;br /&gt;
| 'Select menu' का प्रयोग करके या 'Picking' द्वारा परमाणुओं और रेज़ीडियुज़ को चुनना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:51&lt;br /&gt;
|  'residues' का रंग और प्रदर्शन बदलना  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:55&lt;br /&gt;
| परमाणुओं को जोड़ना , मिटाना  या बदलना , बॉन्ड्स को घुमाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
|  डिस्प्ले विंडो पर एक से अधिक मॉडल खोलना | मॉडल को चुनना और मूव करना   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:06&lt;br /&gt;
|  नियत कार्य के लिए chimera विंडो पर 'human insulin', 'pdb code 4ex1' की संरचना खोलें, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:14&lt;br /&gt;
| सभी 'hydrophobic'  एमिनो एसिड्स 'residues' को नीले रंग में रंगें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:19&lt;br /&gt;
|  सभी 'polar residues' को लाल रंग में रंगें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:23&lt;br /&gt;
| आपका पूरा नियत कार्य निम्न प्रकार दिखना चाहिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:29&lt;br /&gt;
|  निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडीयो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है  &lt;br /&gt;
कृपया इसको डाउनलोड करके देखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:36&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है &lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:45&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है   &lt;br /&gt;
इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर उपलब्ध है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:55&lt;br /&gt;
|  आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi"/>
				<updated>2017-11-16T16:23:03Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| 'DWSIM' में 'Plug Flow Reactor(PFR)' सिम्युलेट करने पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'kinetic reaction' परिभाषित करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
|| 'Plug Flow Reactor (PFR)' सिम्युलेट करना  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| 'PFR' में 'रिएक्शन' के लिए 'Conversion' और 'Residence time' की गणना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:22&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ 'DWSIM 4.3' और 'Windows 7'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे 'Linux', 'Mac OS X' या 'ARM' पर 'FOSSEE OS' पर भी समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:42&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको निम्न का ज्ञान होना चाहिए: 'flowsheet' पर कंपोनेंट्स को जोड़ने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| 'thermodynamic' पैकेजेस चुनने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
|| 'material' और 'energy' स्ट्रीम्स जोड़ने और उनके गुणों के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| पूर्वावश्यक ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
|| आप इस साइट से इन ट्यूटोरियल्स और संबधित फाइल्स को एक्सेस कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| हम एक आइसोथर्मल 'PRF' से 'exit composition' को निर्धारित करने के लिए एक 'फ्लोशीट' बनाएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम 'reaction, property package' और 'inlet stream' कंडीशंस देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
|| आगे हम 'Reactor Parameters' और 'reaction kinetics' देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर 'DWSIM' पहले ही खोल लिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:33&lt;br /&gt;
|| 'File' मेनू पर जाएँ और 'New Steady-state Simulation' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
|| 'Simulation Configuration Wizard' विंडो दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
|| नीचे 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| पहले हम 'कंपाउंड्स' जोड़ेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| 'Compounds Search' टैब में टाइप करें 'Nitrogen' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:52&lt;br /&gt;
|| 'ChemSep' डेटाबेस से 'Nitrogen' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार 'ChemSep' डेटाबेस से 'Hydrogen' जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| आगे 'ChemSep' डेटाबेस से 'Ammonia' जोड़ें। अब सारे 'कंपाउंड्स' जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| अब 'Property Packages' पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| 'Available Property Packages' से 'Peng-Robinson (PR)' पर डबल- क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| हम 'Flash Algorithm' पर आ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
||  'Default Flash Algorithm' से 'Nested Loops(VLE)' चुनें। 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प 'System of Units' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| 'System of Units' में 'C5' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| यह हमारे प्रश्न अभिव्यक्ति के अनुसार वांछित सिस्टम ऑफ़ यूनिट्स रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| फिर 'Finish' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| अब सिम्युलेशन विंडो को मिनिमाइज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब एक 'feed stream' सम्मिलित करते हैं जो 'PFR' प्रविष्ट करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| मेन सिम्युलेशन विंडो के दायीं तरफ 'Object Palette' पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
||'Streams' सेक्शन से 'फ्लोशीट' पर एक 'मटीरियल स्ट्रीम' ड्रैग और ड्राप करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| 'Material Stream' 'MSTR-000' के गुणों को देखने के लिए इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| इस 'स्ट्रीम' का नाम बदलकर 'Feed' करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Feed stream' के गुणों को उल्लिखित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:18&lt;br /&gt;
|| 'Input Data' में 'Flash Spec' में, 'Temperature and Pressure (TP)' चुनें यदि पहले से चयनित न हो तो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से 'Flash Spec' में पहले से ही 'Temperature and Pressure ' चयनित हैं। &lt;br /&gt;
इसे नहीं बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| 'Temperature' को '425 degC' करें और नयी वैल्यू को स्वीकार करने के लिए एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
|| 'Pressure' को '200 bar' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| 'Mass Flow' को '3600 kg/h' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| अब 'feed stream compositions' को उल्लिखित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| 'Composition' में 'Basis' को 'Mole Fractions' करें यदि पहले से चयनित न हो तो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:05&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से 'Basis' में 'Mole Fractions' पहले से ही चयनित है। इसे नहीं बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| 'Nitrogen' के लिए 'Amount' को '0.5' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार 'Hydrogen' के लिए इसे '0.5' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| 'Ammonia' के लिए '0' प्रविष्ट करें कर एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ बदलावों को स्वीकार करने के लिए हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Kinetic Reaction' को परिभाषित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| 'Tools' में 'Reactions Manager' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| 'Chemical Reactions Manager' विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| 'Chemical Reactions' टैब में हरे रंग के 'Add Reaction' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
|| फिर 'Kinetic' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| 'Add New Kinetic Reactions' विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
|| पहला भाग 'Identification' है। 'Identification' में 'Name' में 'Ammonia Synthesis' लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
|| अगला 'Description' प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| 'Irreversible reaction for synthesis of Ammonia from Nitrogen and Hydrogen' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| अगला भाग 'Components, Stoichiometry and Reaction Orders' की सूची है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| पहला कॉलम 'Name' यहाँ उपलब्ध कंपोनेंट्स दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| दूसरा कॉलम 'Molar Weight' से सम्बंधित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'Include' है। यह उन कंपोनेंट्स को दिखाता है जो रिएक्शन में भाग लेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| 'Include' में सभी कंपोनेंट्स के नामों के सामने वाले चेक बॉक्सेस को चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| चौथा कॉलम 'BC' है। यह रिएक्शन के बेस कॉम्पोनेन्ट को दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| 'BC' में 'Nitrogen' चेक बॉक्स को चेक करें क्योंकि 'Nitrogen' बेस कॉम्पोनेन्ट है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'Stoich. Coeff. (stoichiometric coefficients)' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| 'Stoic Coeff' कॉलम में निम्न प्रविष्ट करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Nitrogen' के लिए '-1', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Hydrogen' के लिए '-3', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और 'Ammonia' के लिए 2 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
||'नेगेटिव साइन' दिखाता है कि 'कंपोनेंट्स' 'रीऐक्टन्ट्स' (अभिकारक) की तरह हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| 'Stoichiometry' फील्ड में हम देख सकते हैं यह 'OK' दिखा रहा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
|| अतः 'stoichiometric coefficients' प्रविष्ट करने के बाद रिएक्शन बैलेन्स होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| यहाँ 'Equation' फील्ड 'reaction equation' दिखाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'DO' है, जो 'direct/(या) forward' रिएक्शन आर्डर दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| हम 'रिएक्शन' को 'नाइट्रोजन' के सन्दर्भ में 'फर्स्ट आर्डर' का मान रहे हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| अतः हम 'DO' कॉलम में 'Nitrogen' के सामने '1' प्रविष्ट करेंगे और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'RO' है जो 'reverse reaction order' दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| चूँकि हम 'irreversible reaction' ध्यान में रख रहे हैं तो हम यहाँ कुछ प्रविष्ट नहीं करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| फिर 'Kinetic Reactions Parameters' पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| हमारा रेट 'मोलर कॉन्सेंट्रेशन' के टर्म्स में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| तो हम 'Basis' में 'Molar Concentrations' चुनेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:21&lt;br /&gt;
|| 'Fase' में 'Vapor' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:25&lt;br /&gt;
|| अगला 'Tmin' और 'Tmax' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| यह टेम्परेचर रेंज देता है जिसमें रेट एक्सप्रेशन को वैध कल्पित किया गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| अतः 'Tmin (K)' में '500' और 'Tmax (K)' में '2000' प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| अब 'Direct and Reverse Reactions Velocity Constant' पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| 'Direct Reaction' में 'A' को '0.004' प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:51&lt;br /&gt;
|| 'OK ' पर क्लिक करें और  'Chemical Reactions Manager' विंडो को बंद करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
|| अब उस 'फ्लोशीट' में एक 'Plug-Flow Reactor (PFR)' प्रविष्ट करते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:02&lt;br /&gt;
|| ऑब्जेक्ट पैलेट पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| 'Unit Operations' में Plug-Flow Reactor (PFR) पर क्लिक करें इस पर क्लिक करके उस फ्लोशीट में ड्रैग करें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| अब आवश्यकतानुसार इसे व्यवस्थित करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:14&lt;br /&gt;
|| हम एक 'Output Stream' प्रविष्ट करेंगे, इसके लिए एक  'Material Stream' को ड्रैग करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर इसे व्यवस्थित करें चूँकि यह एक 'output stream' है हम इसे अनिर्दिष्ट छोड़ देंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| हम इस 'स्ट्रीम' का नाम बदलकर 'Product' करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक 'Energy Stream' प्रविष्ट करेंगे और इस 'स्ट्रीम' को 'Energy' नाम देंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Plug-Flow Reactor' को उल्लिखित करने के  तैयार हैं, इस पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम 'PFR' से सम्बंधित विशेषताएं दिखा रही 'टैब' देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| यह टैब 'Property Editor Window; कहलाती है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| 'Connections' में 'Inlet Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Feed' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
|| आगे 'Outlet Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Product' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:07&lt;br /&gt;
|| फिर 'Energy Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Energy' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन 'Calculation Parameters' पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:18&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प 'Reaction Set' है डिफ़ॉल्ट रूप से यह 'Default Set' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| चूँकि हमारे पास केवल एक 'reaction' है इसे ऐसे ही रहने दें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| आगे Calculation Mode के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें, Isothermic चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:38&lt;br /&gt;
|| फिर Reactor Volume के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 1 meter cube प्रविष्ट करें, फिर एंटर दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
||  फिर Reactor length के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 1.5 m प्रविष्ट करें, फिर एंटर दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| अब हम 'सिमुलेशन' रन करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
|| टूलबार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाएँ तो फ्लोशीट में PFR पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| PFR के Property Editor Window से  Results सेक्शन पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| General टैब में Residence time को चेक करें, यह '0.013 hour' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| Conversions टैब में दोनों 'रेअक्टिंग कंपाउंड्स' के लिए कन्वर्शन को चेक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| Nitrogen के लिए कन्वर्शन 17.91%  और Hydrogen के लिए यह 53.73% है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| अब हम मटीरिअल बैलेंसेस को चेक करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| Insert मेनू पर जाएँ और Master Property Table चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| Master Property Table को एडिट करने के लिए इस पर डबल क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:57&lt;br /&gt;
|| Name में Results - Plug Flow Reactor प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:05&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से चयनित है, अतः हम इसे नहीं बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
|| Properties to display में, Object  में Feed और Product चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:17&lt;br /&gt;
|| Property में, सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:22&lt;br /&gt;
|| अब प्रॉपर्टीज़ में निम्न चुनें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| Vapor Phase Volumetric Fraction &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Nitrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Nitrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Hydrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Hydrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Ammonia &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Ammonia &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्य के लिए Master Property Table को मूव करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Product और Feed के लिए सम्बंधित परिणामों को देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:06&lt;br /&gt;
|| अब सारांशित करते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा kinetic reaction को परिभाषित करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| Plug-Flow Reactor (PFR) को सिमुलेट करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:17&lt;br /&gt;
|| Conversion की गणना करना और  PFR में रिएक्शन के लिए Residence time&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:23&lt;br /&gt;
|| नियत कर में निम्न के साथ इस सिमुलेशन को दोहराएँ भिन्न-भिन्न कंपाउंड्स और थर्मोडायनामिक्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न फीड कंडीशन्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:31&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न PFR dimensions और reaction kinetics&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/ '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल को सारांशित करता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:42&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है , प्रमाणपत्र देती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| अधिक जाकारी के लिए कृपया हमें contact@spoken-tutorial.org पर लिखें।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:51&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
||जो यह करता है हम उसको मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:14&lt;br /&gt;
||जो यह करता है हम उसको मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:23&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मोजुदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
|| जो यह करते हैं हम उन्हें मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:37&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:45&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Plug-Flow-Reactor/Hindi"/>
				<updated>2017-11-15T20:12:14Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: Created page with &amp;quot;{| border=1 ||'''Time''' ||'''Narration'''  |- || 00:01 || 'DWSIM' में 'Plug Flow Reactor(PFR)' सिम्युलेट करने पर स्पोकन ट्...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| 'DWSIM' में 'Plug Flow Reactor(PFR)' सिम्युलेट करने पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'kinetic reaction' परिभाषित करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
|| 'Plug Flow Reactor (PFR)' सिम्युलेट करना  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| 'PFR' में 'रिएक्शन' के लिए 'Conversion' और 'Residence time' की गणना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:22&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ 'DWSIM 4.3' और 'Windows 7'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे 'Linux', 'Mac OS X' या 'ARM' पर 'FOSSEE OS' पर भी समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:42&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको निम्न का ज्ञान होना चाहिए: 'flowsheet' पर कंपोनेंट्स को जोड़ने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| 'thermodynamic' पैकेजेस चुनने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
|| 'material' और 'energy' स्ट्रीम्स जोड़ने और उनके गुणों के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| पूर्वावश्यक ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
|| आप इस साइट से इन ट्यूटोरियल्स और संबधित फाइल्स को एक्सेस कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| हम एक आइसोथर्मल 'PRF' से 'exit composition' को निर्धारित करने के लिए एक 'फ्लोशीट' बनाएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम 'reaction, property package' और 'inlet stream' कंडीशंस देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
|| आगे हम 'Reactor Parameters' और 'reaction kinetics' देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर 'DWSIM' पहले ही खोल लिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:33&lt;br /&gt;
|| 'File' मेनू पर जाएँ और 'New Steady-state Simulation' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
|| 'Simulation Configuration Wizard' विंडो दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
|| नीचे 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| पहले हम 'कंपाउंड्स' जोड़ेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| 'Compounds Search' टैब में टाइप करें 'Nitrogen' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:52&lt;br /&gt;
|| 'ChemSep' डेटाबेस से 'Nitrogen' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार 'ChemSep' डेटाबेस से 'Hydrogen' जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| आगे 'ChemSep' डेटाबेस से 'Ammonia' जोड़ें। अब सारे 'कंपाउंड्स' जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| अब 'Property Packages' पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| 'Available Property Packages' से 'Peng-Robinson (PR)' पर डबल- क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| हम 'Flash Algorithm' पर आ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
||  'Default Flash Algorithm' से 'Nested Loops(VLE)' चुनें। 'Next' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प 'System of Units' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| 'System of Units' में 'C5' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| यह हमारे प्रश्न अभिव्यक्ति के अनुसार वांछित सिस्टम ऑफ़ यूनिट्स रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| फिर 'Finish' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| अब सिम्युलेशन विंडो को मिनिमाइज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब एक 'feed stream' सम्मिलित करते हैं जो 'PFR' प्रविष्ट करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| मेन सिम्युलेशन विंडो के दायीं तरफ 'Object Palette' पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
||From '''Streams''' section, drag and drop a '''Material Stream''' to the '''Flowsheet'''. 'Streams' सेक्शन से 'फ्लोशीट' पर एक 'मटीरियल स्ट्रीम' ड्रैग और ड्राप करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| 'Material Stream' 'MSTR-000' के गुणों को देखने के लिए इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| इस 'स्ट्रीम' का नाम बदलकर 'Feed' करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Feed stream' के गुणों को उल्लिखित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:18&lt;br /&gt;
|| 'Input Data' में 'Flash Spec' में, 'Temperature and Pressure (TP)' चुनें यदि पहले से चयनित न हो तो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से 'Flash Spec' में पहले से ही 'Temperature and Pressure ' चयनित हैं। &lt;br /&gt;
इसे नहीं बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| 'Temperature' को '425 degC' करें और नयी वैल्यू को स्वीकार करने के लिए एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
|| 'Pressure' को '200 bar' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| 'Mass Flow' को '3600 kg/h' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| अब 'feed stream compositions' को उल्लिखित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| 'Composition' में 'Basis' को 'Mole Fractions' करें यदि पहले से चयनित न हो तो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:05&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से 'Basis' में 'Mole Fractions' पहले से ही चयनित है। इसे नहीं बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| 'Nitrogen' के लिए 'Amount' को '0.5' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार 'Hydrogen' के लिए इसे '0.5' करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| 'Ammonia' के लिए '0' प्रविष्ट करें कर एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ बदलावों को स्वीकार करने के लिए हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Kinetic Reaction' को परिभाषित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| 'Tools' में 'Reactions Manager' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| 'Chemical Reactions Manager' विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| 'Chemical Reactions' टैब में हरे रंग के 'Add Reaction' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
|| फिर 'Kinetic' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| 'Add New Kinetic Reactions' विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
|| पहला भाग 'Identification' है। 'Identification' में 'Name' में 'Ammonia Synthesis' लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
|| अगला 'Description' प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| 'Irreversible reaction for synthesis of Ammonia from Nitrogen and Hydrogen' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| अगला भाग 'Components, Stoichiometry and Reaction Orders' की सूची है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| पहला कॉलम 'Name' यहाँ उपलब्ध कंपोनेंट्स दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| दूसरा कॉलम 'Molar Weight' से सम्बंधित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'Include' है। यह उन कंपोनेंट्स को दिखाता है जो रिएक्शन में भाग लेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| 'Include' में सभी कंपोनेंट्स के नामों के सामने वाले चेक बॉक्सेस को चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| चौथा कॉलम 'BC' है। यह रिएक्शन के बेस कॉम्पोनेन्ट को दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| 'BC' में 'Nitrogen' चेक बॉक्स को चेक करें क्योंकि 'Nitrogen' बेस कॉम्पोनेन्ट है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'Stoich. Coeff. (stoichiometric coefficients)' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| 'Stoic Coeff' कॉलम में निम्न प्रविष्ट करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Nitrogen' के लिए '-1', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Hydrogen' के लिए '-3', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और 'Ammonia' के लिए 2 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
||'''Negative sign '''is to indicate the '''components '''as '''Reactants'''. 'नेगेटिव साइन' दिखाता है कि 'कंपोनेंट्स' को 'रीऐक्टन्ट्स' (अभिकारक) होना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| 'Stoichiometry' फील्ड में हम देख सकते हैं यह 'OK' दिखा रहा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
|| अतः 'stoichiometric coefficients' प्रविष्ट करने के बाद रिएक्शन बैलेन्स होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| यहाँ 'Equation' फील्ड 'reaction equation' दिखाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'DO' है, जो 'direct/(or) forward' रिएक्शन आर्डर दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| हम 'रिएक्शन' को 'नाइट्रोजन' के सन्दर्भ में 'फर्स्ट आर्डर' का मान रहे हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| अतः हम 'DO' कॉलम में 'Nitrogen' के सामने '1' प्रविष्ट करेंगे और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम 'RO' है जो 'reverse reaction order' दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| चूँकि हम 'irreversible reaction' ध्यान में रख रहे हैं तो हम यहाँ कुछ प्रविष्ट नहीं करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| फिर 'Kinetic Reactions Parameters' पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| हमारा रेट 'मोलर कॉन्सेंट्रेशन' के टर्म्स में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| तो हम 'Basis' में 'Molar Concentrations' चुनेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:21&lt;br /&gt;
|| 'Fase' में 'Vapor' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:25&lt;br /&gt;
|| अगला 'Tmin' और 'Tmax' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| यह टेम्परेचर रेंज देता है जिसमें रेट एक्सप्रेशन को वैध कल्पित किया गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| अतः 'Tmin (K)' में '500' और 'Tmax (K)' में '2000' प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| अब 'Direct and Reverse Reactions Velocity Constant' पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| 'Direct Reaction' में 'A' को '0.004' प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:51&lt;br /&gt;
|| 'OK ' पर क्लिक करें और  'Chemical Reactions Manager' विंडो को बंद करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
|| अब उस 'फ्लोशीट' में एक 'Plug-Flow Reactor (PFR)' प्रविष्ट करते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:02&lt;br /&gt;
|| ऑब्जेक्ट पैलेट पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| 'Unit Operations' में Plug-Flow Reactor (PFR) पर क्लिक करें इस पर क्लिक करके उस फ्लोशीट में ड्रैग करें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| अब आवश्यकतानुसार इसे व्यवस्थित करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:14&lt;br /&gt;
|| हम एक 'Output Stream' प्रविष्ट करेंगे, इसके लिए एक  'Material Stream' को ड्रैग करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर इसे व्यवस्थित करें चूँकि यह एक 'output stream' है हम इसे अनिर्दिष्ट छोड़ देंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| हम इस 'स्ट्रीम' का नाम बदलकर 'Product' करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक 'Energy Stream' प्रविष्ट करेंगे और इस 'स्ट्रीम' को 'Energy' नाम देंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
|| अब हम 'Plug-Flow Reactor' को उल्लिखित करने के  तैयार हैं, इस पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम 'PFR' से सम्बंधित विशेषताएं दिखा रही 'टैब' देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| यह टैब 'Property Editor Window; कहलाती है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| 'Connections' में 'Inlet Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Feed' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
|| आगे 'Outlet Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Product' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:07&lt;br /&gt;
|| फिर 'Energy Stream' के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और 'Energy' चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन 'Calculation Parameters' पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:18&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प 'Reaction Set' है डिफ़ॉल्ट रूप से यह 'Default Set' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| चूँकि हमारे पास केवल एक 'reaction' है इसे ऐसे ही रहने दें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| आगे Calculation Mode के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें, Isothermic चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:38&lt;br /&gt;
|| फिर Reactor Volume के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 1 meter cube प्रविष्ट करें, फिर एंटर दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
||  फिर Reactor length के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 1.5 m प्रविष्ट करें, पीर एंटर दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| अब हम 'सिमुलेशन' रन करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
|| टूलबार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाएँ तो फ्लोशीट में PFR पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| PFR के Property Editor Window से  Results सेक्शन पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| General टैब में Residence time को चेक करें, यह '0.013 hour' है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| Conversions टैब में दोनों 'रेअक्टिंग कंपाउंड्स' के लिए कन्वर्शन को चेक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| Nitrogen के लिए कन्वर्शन 17.91%  और Hydrogen के लिए यह 53.73% है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| अब हम मटेरियल बैलेंसेस को चेक करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| Insert मेनू पर जाएँ और Master Property Table चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| Master Property Table को एडिट करने के लिए इस पर डबल क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:57&lt;br /&gt;
|| Name में Results - Plug Flow Reactor प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:05&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से चयनित है, अतः हम इसे नहीं बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
|| Properties to display में, Object  में Feed और Product चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:17&lt;br /&gt;
|| Property में, सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:22&lt;br /&gt;
|| अब प्रॉपर्टीज़ में निम्न चुनें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| Vapor Phase Volumetric Fraction &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Nitrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Nitrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Hydrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Hydrogen &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| Molar Flow (Mixture) / Ammonia &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
|| Mass Flow (Mixture) / Ammonia &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्य के लिए Master Property Table को मूव करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Product और Feed के लिए सम्बंधित परिणामों को देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:06&lt;br /&gt;
|| अब सारांशित करते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा kinetic reaction को परिभाषित करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| Plug-Flow Reactor (PFR) को सिमुलेट करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:17&lt;br /&gt;
|| Conversion की गणना करना और  PFR में रिएक्शन के लिए Residence time&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:23&lt;br /&gt;
|| नियत कर में निम्न के साथ इस सिमुलेशन को दोहराएँ भिन्न-भिन्न कंपाउंड्स और थर्मोडायनामिक्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न फीड कंडीशन्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:31&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न PFR dimensions और reaction kinetics&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/ '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल को सारांशित करता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:42&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाओं का आयोजन करती है , प्रमाणपत्र देती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| अधिक जाकारी के लिए कृपया हमें contact@spoken-tutorial.org पर लिखें।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:51&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
||जो यह करता है हम उसको मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:14&lt;br /&gt;
||जो यह करता है हम उसको मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:23&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मोजुदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
|| जो यह करते हैं हम उन्हें मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:37&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:45&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</id>
		<title>CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi"/>
				<updated>2017-11-14T07:11:35Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार। ‘Customizing Diagram Layout’ के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:08&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  '''Reaction line''' के रंग, आकार एवं चौड़ाई को बदलना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:19&lt;br /&gt;
| '''Anchor points''' को '''Reaction line'' से जोड़ना  '''Components''' को अलाइन करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:30  &lt;br /&gt;
|  हम यह भी सीखेंगे : '''Components''' में नोट्स जोड़ना '''Protein''' को एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का एक बर्ड्स आई व्यू प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकार्ड करने के लिये, मैं '''Ubuntu Linux OS 14.04''' '''CellDesigner version 4.3'''  '''Java version 1.7''' का प्रयोग कर रही हूँ&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:01&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल पर आगे बढ़ने के लिए, शिक्षार्थियों को स्नातक स्तर की '''Biochemistry''' एवं '''CellDesigner इंटरफ़ेस''' से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:12&lt;br /&gt;
| यदि ऐसा नहीं है, तो सम्बंधित '''CellDesigner tutorials''' के लिए कृपया '''Spoken Tutorial''' वेबसाइट पर आएं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|  शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|  पिछले ट्यूटोरियल में से एक का असाइनमेंट था - '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram''' बनाना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:32&lt;br /&gt;
|  मैं इस ट्यूटोरियल के उदाहरण के रूप में उसी डायग्राम का प्रयोग करने जा रही हूँ। और मैं दिखाऊँगी कि इसे कैसे कस्टमाइज़ करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:43&lt;br /&gt;
| '''CellDesigner''' इंटरफ़ेस पर जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
| आपको यहाँ '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram ''' दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:53&lt;br /&gt;
| ट्यूटोरियल को यहाँ रोकें और '''Methionine Biosynthesis process diagram''' खोलें, जो अपने बनाया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:01&lt;br /&gt;
|  यदि आपके पास कोई सेव की गयी फाइल नहीं है, तो आप दी गई कोड फाइल से खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|  अब '''diagram''' को कस्टमाइज करना शुरू करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|  ''' Cell designer'''  इंटरफ़ेस पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:16&lt;br /&gt;
|  शुरु करने के लिये, मैं '''Reaction line''' की चौड़ाई और रंग बदलूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिये, मैं ''' Homoserine''' और  '''Succinylhomoserine''' के बीच   '''State Transition'' का चयन कर रही हूँ ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:30&lt;br /&gt;
| अब मेन मेनू बार में “'''Component'''” पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| और “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:39&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से, आप '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करके “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|  “'''Change color &amp;amp; shape”''' नामक एक डायलॉग बॉक्स स्क्रीन पर दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
|  एक मोटी '''Reaction line''' के लिये, '''Line Width ''' को 1.0 से उच्च वैल्यू में बदलें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:02&lt;br /&gt;
| मैं इसे बदलकर 3.0 करूँगी। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:06&lt;br /&gt;
|  '''Reaction line''' का रंग बदलने के लिये, ''' Color panel''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:12&lt;br /&gt;
|  '''Color panel''' में हम एक हैंडल जैसे पॉइंटर युक्त कलर व्हील देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|  पॉइंटर पर क्लिक करें तथा दबाए रखें और पसंदीदा रंग चुनने के लिए घुमाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
| मैं नीले रंग का शेड चुनूंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
| इसके बाद, रंग त्रिभुज में कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
| अब, पॉइंटर पर छोटे वृत्त को क्लिक करें और छोड़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
|  सभी संशोधन करने के बाद, '''Apply''' और फिर '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''Reaction line''' अब मोटी और नीले रंग की हो गई है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
|  इसके बाद हम सीखेंगे कि '''Reaction line''' पर '''Anchor points''' को कैसे जोड़ेंगे।                                                                 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|  और '''Anchor points''' - '''Reaction lines''' के चारों ओर घुमाने में क्यों उपयोगी है&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|  इन्हें सही आकार दें और उन्हें '''draw area''' में सही स्थिति में रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:16&lt;br /&gt;
|  '''CellDesigner interface''' पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
|  कोई भी  '''Reaction line''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:23&lt;br /&gt;
| हम '''Homoserine''' और '''SuccinylHomoserine''' के बीच उसी '''State Transition reaction line''' का चयन करेंगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|  इस लाइन पर, कर्सर का प्रयोग करके, वह सटीक स्थिति चुनें, जहाँ '''Anchor point''' रखा जाना है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:39&lt;br /&gt;
|  एक बार सटीक पॉइंट चुनने के बाद, राइट क्लिक करें और '''Add Anchor Point''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:47&lt;br /&gt;
|  आप '''Reaction line''' पर चुनी गई सटीक स्थिति पर नए जोड़े गए '''Anchor point''' देंखेगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:55&lt;br /&gt;
|  मैं आपको दिखाती हूँ कि '''Anchor Points''' एक रिएक्शन लाइन को बदलने में कैसे मदद कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:03&lt;br /&gt;
|  एक नई विंडो खोलें और इसे '''Anchor''' नाम दें। ''' OK''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:11&lt;br /&gt;
| अब '''GTP/GDP''' के आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
| और ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:22&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करें और ''' Add Anchor point''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' को ड्रैग करें और ड्रा एरिया पर कहीं भी ड्राप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| आगे हम देखेंगे कि '''draw area''' पर कम्पोनेंट्स को कैसे '''अलाइन''' करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:44&lt;br /&gt;
| '''Methionine biosynthesis''' प्रोसेस डायग्राम विंडो पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:50&lt;br /&gt;
|  हाइलाइट की हुई '''Reaction line''' को अनचेक करने के लिए ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
| अब ''''Shift'''' की (key) को दबाकर रखें और '''draw area''' पर कई '''Species''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
|  '''Edit''' मेनू पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें '''Alignment''' चुनें और '''Alignment type''' पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, टूलबार पर '''Alignment''' के लिए आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:21&lt;br /&gt;
|  अपने आप टूलबार पर अन्य '''Alignment''' विकल्प खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
|  एलाइनमेंट को अनडू करें और आगे बढ़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
|  '''Reaction''' पर कार्य करते समय, हम '''process diagram''' पर '''Reaction ids''' को कैसे दिखा/ छिपा सकते हैं?&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| आइए यह सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' को अनचेक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:48&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर संबंधित रिएक्शंस पर '''Reaction ids''' अब दिखाई नहीं देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
| यदि आप '''Reaction Id''' दिखाना चाहते हैं तो निम्न करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:08&lt;br /&gt;
| '''Reaction ids''', '''draw area''' पर संबंधित '''reactions''' पर दिखाई देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:15&lt;br /&gt;
|  हम '''draw area''' पर सभी '''Components''' (Compartment, Species या Reaction) में नोट्स जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:21&lt;br /&gt;
|  आइए इसे करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:24&lt;br /&gt;
|  '''draw area''' पर एक '''Species''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:28&lt;br /&gt;
| मैं '''CoA''' पर क्लिक करूंगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:32&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Species Notes'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:35&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप मेनू दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:38&lt;br /&gt;
|  ''''Species Notes'''' नामक डायलॉग बॉक्स खुलता है। '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:46&lt;br /&gt;
|  मैं निम्नलिखित टाइप करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:49&lt;br /&gt;
|  ''''OK'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:51&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि नोट्स संबंधी जानकारी को '''Notes Area''' में दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, '''Species''' में नोट्स जोड़ने के लिये, '''draw area''' में एक '''Species''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:06&lt;br /&gt;
| मैं '''Succinate''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:09&lt;br /&gt;
|  इसके बाद, '''CellDesigner''' विंडो के निचले दाएं कोने पर स्थित '''Edit Notes''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:18&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप विंडो खुलेगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:21&lt;br /&gt;
| '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:25&lt;br /&gt;
|  मैं टाइप करूँगी एवं ''''OK'''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:30&lt;br /&gt;
|  इसी तरह, हम एक '''Protein''' को एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:35&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिए, '''draw area''' पर एक कम्पोनेंट पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
|  मैं '''Homoserine succinyl transferase''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:46&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:51&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:55&lt;br /&gt;
| 'name' बॉक्स में '''Protein''' का नाम दर्ज करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:00&lt;br /&gt;
| मैं 'name' बॉक्स में '''O-succinyltransferase''' टाइप करूंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:06&lt;br /&gt;
| '''‘Update’''' पर क्लिक करें और डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:11&lt;br /&gt;
|  हम एक '''Protein''' में क्षेत्र भी जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:15&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर एक '''Protein''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:19&lt;br /&gt;
| मैं '''O-succinyltransferase''' पर राइट क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:24&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:29&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:33&lt;br /&gt;
|  ‘'''residues/regions'''’ टैब के अंतर्गत, ''''Add'''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| '''ModificationResidue/Bindingregion''' डायलॉग बॉक्स में:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:46&lt;br /&gt;
| ड्रॉप डाउन मेनू से '''‘Type’''' में ‘'''Binding region''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:52&lt;br /&gt;
| कर्सर को आवश्यक वैल्यू पर मूव करके आकार एवं कोण बदलें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:59&lt;br /&gt;
| इस डेमो के लिये '''Size''' 15 और '''Angle''' 38 चुनूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:09&lt;br /&gt;
|  फिर ‘'''Close'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:12&lt;br /&gt;
|  '''Update''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:14&lt;br /&gt;
|  और बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:17&lt;br /&gt;
|  चूँकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में क्षेत्र जोड़ने की आवश्यकता नहीं है, मैं इन परिवर्तनों को अनडू करुँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:25&lt;br /&gt;
|  फिर, हम जानकारी को एडिट करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर '''component ''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:33&lt;br /&gt;
|  मैं Homoserine पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:37&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Edit Information’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर '''‘Edit Information’''' नामक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:46&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में, निम्नलिखित करें - ‘'''state'''’ टैब के अंतर्गत '''Open''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:54&lt;br /&gt;
| ‘'''prefix'''’ टैब के अंतर्गत '''mt''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:59&lt;br /&gt;
| '''‘Label’''' टैब के अंतर्गत '''dna''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:04&lt;br /&gt;
| '''‘Ok’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:07&lt;br /&gt;
| आप ड्रा एरिया पर दिखाई देने वाली जानकारी '''mt:dna''' देख सकते हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:15&lt;br /&gt;
| मैं '''Edit Information''' को अनडू करुँगी, क्योंकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में इसकी आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:23&lt;br /&gt;
| कुछ स्थितियों में, '''process diagram''' जटिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:28&lt;br /&gt;
|  ऐसी स्थितियों में, '''Bird's eye view''' मदद कर सकता है, क्योंकि एक बड़े मॉडल के अन्दर नेविगेट करना आसान है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:37&lt;br /&gt;
|  '''Bird's eye''' '''view''' आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:41&lt;br /&gt;
|  '''Bird’s Eye View''' में रेड स्क्वायर को खींचे।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:46&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''draw area''' पर द्रश्य उसके अनुसार चलता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:52&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:56&lt;br /&gt;
|  इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा : '''Reaction line''' का रंग, आकार एवं चौड़ाई बदलना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:07&lt;br /&gt;
|  '''Anchor points''' को '''Reaction line'' पर जोड़ना  '''Components''' को अलाइन करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:18&lt;br /&gt;
|  हमने यह भी सीखा - '''Components''' में नोट्स जोड़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:23&lt;br /&gt;
| '''Protein''' एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:27&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का '''Bird’s Eye View''' प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:32&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट के लिए, सेलडिज़ाइनर में टूल्स का उपयोग करके एक ग्लाइकोलिसिस प्रोसेस डायग्राम बनाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:41&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' की विभिन्न आकृतियाँ खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:47&lt;br /&gt;
| दिए गए लिंक पर वीडियो देखें, यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:52&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:57&lt;br /&gt;
|  '''स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट''' टीम - कार्यशालाएं आयोजित करती है तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:06&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया contact@spoken-tutorial.org पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:13&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट''' का एक भाग है। यह NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:29&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल इं. अमित कुमार द्वारा अनुवादित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</id>
		<title>CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi"/>
				<updated>2017-11-13T14:12:07Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार। ‘Customizing Diagram Layout’ के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:08&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  '''Reaction line''' के रंग, आकार एवं चौड़ाई को बदलना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:19&lt;br /&gt;
| '''Anchor points''' को '''Reaction line'' से जोड़ना  '''Components''' को अलाइन करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:30  &lt;br /&gt;
|  हम यह भी सीखेंगे : '''Components''' में नोट्स जोड़ना '''Protein''' को एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का एक बर्ड्स आई व्यू प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकार्ड करने के लिये, मैं '''Ubuntu Linux OS 14.04''' '''CellDesigner version 4.3'''  '''Java version 1.7''' का प्रयोग कर रही हूँ&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:01&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल पर आगे बढ़ने के लिए, शिक्षार्थियों को स्नातक स्तर की '''Biochemistry''' एवं '''CellDesigner इंटरफ़ेस''' से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:12&lt;br /&gt;
| यदि ऐसा नहीं है, तो सम्बंधित '''CellDesigner tutorials''' के लिए कृपया '''Spoken Tutorial''' वेबसाइट पर आएं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|  शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|  पिछले ट्यूटोरियल में से एक का असाइनमेंट था - '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram''' बनाना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:32&lt;br /&gt;
|  मैं इस ट्यूटोरियल के उदाहरण के रूप में उसी डायग्राम का प्रयोग करने जा रही हूँ। और मैं दिखाऊँगी कि इसे कैसे कस्टमाइज़ करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:43&lt;br /&gt;
| '''CellDesigner''' इंटरफ़ेस पर जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
| आपको यहाँ '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram ''' दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:53&lt;br /&gt;
| ट्यूटोरियल को यहाँ रोकें और '''Methionine Biosynthesis process diagram''' खोलें, जो अपने बनाया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:01&lt;br /&gt;
|  यदि आपके पास कोई सेव की गयी फाइल नहीं है, तो आप दी गई कोड फाइल से खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|  अब '''diagram''' को कस्टमाइज करना शुरू करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|  ''' Cell designer'''  इंटरफ़ेस पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:16&lt;br /&gt;
|  शुरु करने के लिये, मैं '''Reaction line''' की चौड़ाई और रंग बदलूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिये, मैं ''' Homoserine''' और  '''Succinylhomoserine''' के बीच   '''State Transition'' का चयन कर रही हूँ ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:30&lt;br /&gt;
| अब मेन मेनू बार में “'''Component'''” पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| और “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:39&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से, आप '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करके “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|  “'''Change color &amp;amp; shape”''' नामक एक डायलॉग बॉक्स स्क्रीन पर दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
|  एक मोटी '''Reaction line''' के लिये, '''Line Width ''' को 1.0 से उच्च वैल्यू में बदलें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:02&lt;br /&gt;
| मैं इसे बदलकर 3.0 करूँगी। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:06&lt;br /&gt;
|  '''Reaction line''' का रंग बदलने के लिये, ''' Color panel''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:12&lt;br /&gt;
|  '''Color panel''' में हम एक हैंडल जैसे पॉइंटर युक्त कलर व्हील देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|  पॉइंटर पर क्लिक करें तथा दबाए रखें और पसंदीदा रंग चुनने के लिए घुमाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
| मैं नीले रंग का शेड चुनूंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
| इसके बाद, रंग त्रिभुज में कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
| अब, पॉइंटर पर छोटे वृत्त को क्लिक करें और छोड़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
|  सभी संशोधन करने के बाद, '''Apply''' और फिर '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''Reaction line''' अब मोटी और नीले रंग की हो गई है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
|  इसके बाद हम सीखेंगे कि '''Reaction line''' पर '''Anchor points''' को कैसे जोड़ेंगे।                                                                 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|  और '''Anchor points''' - '''Reaction lines''' के चारों ओर घुमाने में क्यों उपयोगी है&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|  इन्हें सही आकार दें और उन्हें '''draw area''' में सही स्थिति में रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:16&lt;br /&gt;
|  '''CellDesigner interface''' पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
|  कोई भी  '''Reaction line''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:23&lt;br /&gt;
| हम '''Homoserine''' और '''SuccinylHomoserine''' के बीच उसी '''State Transition reaction line''' का चयन करेंगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|  इस लाइन पर, कर्सर का प्रयोग करके, वह सटीक स्थिति चुनें, जहाँ '''Anchor point''' रखा जाना है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:39&lt;br /&gt;
|  एक बार सटीक पॉइंट चुनने के बाद, राइट क्लिक करें और '''Add Anchor Point''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:47&lt;br /&gt;
|  आप '''Reaction line''' पर चुनी गई सटीक स्थिति पर नए जोड़े गए '''Anchor point''' देंखेगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:55&lt;br /&gt;
|  मैं आपको दिखाती हूँ कि '''Anchor Points''' एक रिएक्शन लाइन को बदलने में कैसे मदद कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:03&lt;br /&gt;
|  एक नई विंडो खोलें और इसे '''Anchor''' नाम दें। ''' OK''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:11&lt;br /&gt;
| अब '''GTP/GDP''' के आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
| और ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:22&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करें और ''' Add Anchor point''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' को ड्रैग करें और ड्रा एरिया पर कहीं भी ड्राप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| आगे हम देखेंगे कि '''draw area''' पर कम्पोनेंट्स को कैसे '''अलाइन''' करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:44&lt;br /&gt;
| '''Methionine biosynthesis''' प्रोसेस डायग्राम विंडो पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:50&lt;br /&gt;
|  हाइलाइट कि हुई '''Reaction line''' को अनचेक करने के लिए ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
| अब ''''Shift'''' की (key) को दबाकर रखें और '''draw area''' पर कई '''Species''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
|  '''Edit''' मेनू पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें '''Alignment''' चुनें और '''Alignment type''' पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, टूलबार पर '''Alignment''' के लिए आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:21&lt;br /&gt;
|  अपने आप टूलबार पर अन्य '''Alignment''' विकल्प खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
|  एलाइनमेंट को अनडू करें और आगे बढ़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
|  '''Reaction''' पर कार्य करते समय, हम '''process diagram''' पर '''Reaction ids''' को कैसे दिखा/ छिपा सकते हैं?&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| आइए यह सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' को अनचेक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:48&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर संबंधित रिएक्शंस पर '''Reaction ids''' अब दिखाई नहीं देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
| यदि आप '''Reaction Id''' दिखाना चाहते हैं तो निम्न करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:08&lt;br /&gt;
| '''Reaction ids''', '''draw area''' पर संबंधित '''reactions''' पर दिखाई देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:15&lt;br /&gt;
|  हम '''draw area''' पर सभी '''Components''' (Compartment, Species या Reaction) में नोट्स जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:21&lt;br /&gt;
|  आइए इसे करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:24&lt;br /&gt;
|  '''draw area''' पर एक '''Species''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:28&lt;br /&gt;
| मैं '''CoA''' पर क्लिक करूंगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:32&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Species Notes'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:35&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप मेनू दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:38&lt;br /&gt;
|  ''''Species Notes'''' नामक डायलॉग बॉक्स खुलता है। '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:46&lt;br /&gt;
|  मैं निम्नलिखित टाइप करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:49&lt;br /&gt;
|  ''''OK'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:51&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि नोट्स संबंधी जानकारी को '''Notes Area''' में दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, '''Species''' में नोट्स जोड़ने के लिये, '''draw area''' में एक '''Species''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:06&lt;br /&gt;
| मैं '''Succinate''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:09&lt;br /&gt;
|  इसके बाद, '''CellDesigner''' विंडो के निचले दाएं कोने पर स्थित '''Edit Notes''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:18&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप विंडो खुलेगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:21&lt;br /&gt;
| '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:25&lt;br /&gt;
|  मैं टाइप करूँगी एवं ''''OK'''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:30&lt;br /&gt;
|  इसी तरह, हम एक '''Protein''' को एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:35&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिए, '''draw area''' पर एक कम्पोनेंट पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
|  मैं '''Homoserine succinyl transferase''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:46&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:51&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:55&lt;br /&gt;
| 'name' बॉक्स में '''Protein''' का नाम दर्ज करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:00&lt;br /&gt;
| मैं 'name' बॉक्स में '''O-succinyltransferase''' टाइप करूंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:06&lt;br /&gt;
| '''‘Update’''' पर क्लिक करें और डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:11&lt;br /&gt;
|  हम एक '''Protein''' में क्षेत्र भी जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:15&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर एक '''Protein''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:19&lt;br /&gt;
| मैं '''O-succinyltransferase''' पर राइट क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:24&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:29&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:33&lt;br /&gt;
|  ‘'''residues/regions'''’ टैब के अंतर्गत, ''''Add'''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| '''ModificationResidue/Bindingregion''' डायलॉग बॉक्स में:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:46&lt;br /&gt;
| ड्रॉप डाउन मेनू से '''‘Type’''' में ‘'''Binding region''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:52&lt;br /&gt;
| कर्सर को आवश्यक वैल्यू पर मूव करके आकार एवं कोण बदलें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:59&lt;br /&gt;
| इस डेमो के लिये, मैं '''Size''' 15 और '''Angle''' 38 चुनूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:09&lt;br /&gt;
|  फिर ‘'''Close'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:12&lt;br /&gt;
|  '''Update''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:14&lt;br /&gt;
|  और बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:17&lt;br /&gt;
|  चूँकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में क्षेत्र जोड़ने की आवश्यकता नहीं है, मैं इन परिवर्तनों को अनडू करुँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:25&lt;br /&gt;
|  फिर, हम जानकारी को एडिट करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर '''component ''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:33&lt;br /&gt;
|  मैं Homoserine पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:37&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Edit Information’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर '''‘Edit Information’''' नामक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:46&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में, निम्नलिखित करें - ‘'''state'''’ टैब के अंतर्गत '''Open''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:54&lt;br /&gt;
| ‘'''prefix'''’ टैब के अंतर्गत '''mt''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:59&lt;br /&gt;
| '''‘Label’''' टैब के अंतर्गत '''dna''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:04&lt;br /&gt;
| '''‘Ok’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:07&lt;br /&gt;
| आप ड्रा एरिया पर दिखाई देने वाली जानकारी '''mt:dna''' देख सकते हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:15&lt;br /&gt;
| मैं '''Edit Information''' को अनडू करुँगी, क्योंकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में इसकी आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:23&lt;br /&gt;
| कुछ स्थितियों में, '''process diagram''' जटिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:28&lt;br /&gt;
|  ऐसी स्थितियों में, '''Bird's eye view''' मदद कर सकता है, क्योंकि एक बड़े मॉडल के अन्दर नेविगेट करना आसान है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:37&lt;br /&gt;
|  '''Bird's eye''' '''view''' आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:41&lt;br /&gt;
|  '''Bird’s Eye View''' में रेड स्क्वायर को खींचे।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:46&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''draw area''' पर द्रश्य उसके अनुसार चलता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:52&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:56&lt;br /&gt;
|  इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा : '''Reaction line''' का रंग, आकार एवं चौड़ाई बदलना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:07&lt;br /&gt;
|  '''Anchor points''' को '''Reaction line'' पर जोड़ना  '''Components''' को अलाइन करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:18&lt;br /&gt;
|  हमने यह भी सीखा है- '''Components''' में नोट्स जोड़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:23&lt;br /&gt;
| '''Protein''' एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:27&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का '''Bird’s Eye View''' प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:32&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट के लिए, सेलडिज़ाइनर में टूल्स का उपयोग करके एक ग्लाइकोलिसिस प्रोसेस डायग्राम बनाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:41&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' की विभिन्न आकृतियाँ खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:47&lt;br /&gt;
| दिए गए लिंक पर जाकर वीडियो देखें, यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:52&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:57&lt;br /&gt;
|  '''स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट''' टीम - कार्यशालाएं आयोजित करती है तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:06&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया contact@spoken-tutorial.org  पर संपर्क करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:13&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट''' का एक भाग है। यह NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:29&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल इं. अमित कुमार द्वारा अनुवादित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</id>
		<title>CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi"/>
				<updated>2017-11-13T14:07:02Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार। ‘Customizing Diagram Layout’ के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:08&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  '''Reaction line''' के रंग, आकार एवं चौड़ाई को बदलना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:19&lt;br /&gt;
| '''Anchor points''' को '''Reaction line'' से जोड़ना  '''Components''' को अलाइन करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:30  &lt;br /&gt;
|  हम यह भी सीखेंगे : '''Components''' में नोट्स जोड़ना '''Protein''' को एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का एक बर्ड्स आई व्यू प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकार्ड करने के लिये, मैं '''Ubuntu Linux OS 14.04''' '''CellDesigner version 4.3'''  '''Java version 1.7''' का प्रयोग कर रही हूँ&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:01&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल पर आगे बढ़ने के लिए, शिक्षार्थियों को स्नातक स्तर की '''Biochemistry''' एवं '''CellDesigner इंटरफ़ेस''' से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:12&lt;br /&gt;
| यदि ऐसा नहीं है, तो सम्बंधित '''CellDesigner tutorials''' के लिए कृपया '''Spoken Tutorial''' वेबसाइट पर आएं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|  शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|  पिछले ट्यूटोरियल में से एक का असाइनमेंट था - '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram''' बनाना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:32&lt;br /&gt;
|  मैं इस ट्यूटोरियल के उदाहरण के रूप में उसी डायग्राम का प्रयोग करने जा रही हूँ। और मैं दिखाऊँगी कि इसे कैसे कस्टमाइज़ करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:43&lt;br /&gt;
| '''CellDesigner''' इंटरफ़ेस पर जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
| आपको यहाँ '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram ''' दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:53&lt;br /&gt;
| ट्यूटोरियल को यहाँ रोकें और '''Methionine Biosynthesis process diagram''' खोलें, जो अपने बनाया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:01&lt;br /&gt;
|  यदि आपके पास कोई सेव की गयी फाइल नहीं है, तो आप दी गई कोड फाइल से खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|  अब '''diagram''' को कस्टमाइज करना शुरू करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|  ''' Cell designer'''  इंटरफ़ेस पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:16&lt;br /&gt;
|  शुरु करने के लिये, मैं '''Reaction line''' की चौड़ाई और रंग बदलूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिये, मैं ''' Homoserine''' और  '''Succinylhomoserine''' के बीच   '''State Transition'' का चयन कर रही हूँ ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:30&lt;br /&gt;
| अब मेन मेनू बार में “'''Component'''” पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| और “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:39&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से, आप '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करके “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|  “'''Change color &amp;amp; shape”''' नामक एक डायलॉग बॉक्स स्क्रीन पर दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
|  एक मोटी '''Reaction line''' के लिये, '''Line Width ''' को 1.0 से उच्च वैल्यू में बदलें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:02&lt;br /&gt;
| मैं इसे बदलकर 3.0 करूँगी। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:06&lt;br /&gt;
|  '''Reaction line''' का रंग बदलने के लिये, ''' Color panel''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:12&lt;br /&gt;
|  '''Color panel''' में हम एक हैंडल जैसे पॉइंटर युक्त कलर व्हील देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|  पॉइंटर पर क्लिक करें तथा दबाए रखें और पसंदीदा रंग चुनने के लिए घुमाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
| मैं नीले रंग का शेड चुनूंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
| इसके बाद, रंग त्रिभुज में कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
| अब, पॉइंटर पर छोटे वृत्त को क्लिक करें और छोड़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
|  सभी संशोधन करने के बाद, '''Apply''' और फिर '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''Reaction line''' अब मोटी और नीले रंग की हो गई है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
|  इसके बाद हम सीखेंगे कि '''Reaction line''' पर '''Anchor points''' को कैसे जोड़ेंगे।                                                                 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|  और '''Anchor points''' - '''Reaction lines''' के चारों ओर घुमाने में क्यों उपयोगी है&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|  इन्हें सही आकार दें और उन्हें '''draw area''' में सही स्थिति में रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:16&lt;br /&gt;
|  '''CellDesigner interface''' पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
|  कोई भी  '''Reaction line''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:23&lt;br /&gt;
| हम '''Homoserine''' और '''SuccinylHomoserine''' के बीच उसी '''State Transition reaction line''' का चयन करेंगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|  इस लाइन पर, कर्सर का प्रयोग करके, वह सटीक स्थिति चुनें, जहाँ '''Anchor point''' रखा जाना है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:39&lt;br /&gt;
|  एक बार सटीक पॉइंट चुनने के बाद, राइट क्लिक करें और '''Add Anchor Point''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:47&lt;br /&gt;
|  आप '''Reaction line''' पर चुनी गई सटीक स्थिति पर नए जोड़े गए '''Anchor point''' देंखेगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:55&lt;br /&gt;
|  मैं आपको दिखाती हूँ कि '''Anchor Points''' एक रिएक्शन लाइन को बदलने में कैसे मदद कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:03&lt;br /&gt;
|  एक नई विंडो खोलें और इसे '''Anchor''' नाम दें। ''' OK''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:11&lt;br /&gt;
| अब '''GTP/GDP''' के आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
| और ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:22&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करें और ''' Add Anchor point''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' को ड्रैग करें और ड्रा एरिया पर कहीं भी ड्राप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| आगे हम देखेंगे कि '''draw area''' पर कम्पोनेंट्स को कैसे '''अलाइन''' करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:44&lt;br /&gt;
| '''Methionine biosynthesis''' प्रोसेस डायग्राम विंडो पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:50&lt;br /&gt;
|  हाइलाइट कि हुई '''Reaction line''' को अनचेक करने के लिए ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
| अब ''''Shift'''' की (key) को दबाकर रखें और '''draw area''' पर कई '''Species''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
|  '''Edit''' मेनू पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें '''Alignment''' चुनें और '''Alignment type''' पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, टूलबार पर '''Alignment''' के लिए आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:21&lt;br /&gt;
|  अपने आप टूलबार पर अन्य '''Alignment''' विकल्प खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
|  एलाइनमेंट को अनडू करें और आगे बढ़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
|  '''Reaction''' पर कार्य करते समय, हम '''process diagram''' पर '''Reaction ids''' को कैसे दिखा/ छिपा सकते हैं?&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| आइए यह सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' को अनचेक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:48&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर संबंधित रिएक्शंस पर '''Reaction ids''' अब दिखाई नहीं देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
 यदि आप '''Reaction Id''' दिखाना चाहते हैं तो निम्न करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:08&lt;br /&gt;
| '''Reaction ids''', '''draw area''' पर संबंधित '''reactions''' पर दिखाई देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:15&lt;br /&gt;
|  हम '''draw area''' पर सभी '''Components''' (Compartment, Species या Reaction) में नोट्स जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:21&lt;br /&gt;
|  आइए इसे करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:24&lt;br /&gt;
|  '''draw area''' पर एक '''Species''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:28&lt;br /&gt;
| मैं '''CoA''' पर क्लिक करूंगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:32&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Species Notes'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:35&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप मेनू दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:38&lt;br /&gt;
|  ''''Species Notes'''' नामक डायलॉग बॉक्स खुलता है। '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:46&lt;br /&gt;
|  मैं निम्नलिखित टाइप करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:49&lt;br /&gt;
|  ''''OK'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:51&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि नोट्स संबंधी जानकारी को '''Notes Area''' में दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, '''Species''' में नोट्स जोड़ने के लिये, '''draw area''' में एक '''Species''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:06&lt;br /&gt;
| मैं '''Succinate''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:09&lt;br /&gt;
|  इसके बाद, '''CellDesigner''' विंडो के निचले दाएं कोने पर स्थित '''Edit Notes''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:18&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप विंडो खुलेगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:21&lt;br /&gt;
| '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:25&lt;br /&gt;
|  मैं टाइप करूँगी एवं ''''OK'''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:30&lt;br /&gt;
|  इसी तरह, हम एक '''Protein''' को एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:35&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिए, '''draw area''' पर एक कम्पोनेंट पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
|  मैं '''Homoserine succinyl transferase''' पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:46&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:51&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:55&lt;br /&gt;
| 'name' बॉक्स में '''Protein''' का नाम दर्ज करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:00&lt;br /&gt;
| मैं 'name' बॉक्स में '''O-succinyltransferase''' टाइप करूंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:06&lt;br /&gt;
| '''‘Update’''' पर क्लिक करें और डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:11&lt;br /&gt;
|  हम एक '''Protein''' में क्षेत्र भी जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:15&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर एक '''Protein''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:19&lt;br /&gt;
| मैं '''O-succinyltransferase''' पर राइट क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:24&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:29&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:33&lt;br /&gt;
|  ‘'''residues/regions'''’ टैब के अंतर्गत, ''''Add'''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| '''ModificationResidue/Bindingregion''' डायलॉग बॉक्स में:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:46&lt;br /&gt;
| ड्रॉप डाउन मेनू से '''‘Type’''' में ‘'''Binding region''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:52&lt;br /&gt;
| कर्सर को आवश्यक वैल्यू पर मूव करके आकार एवं कोण बदलें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:59&lt;br /&gt;
| इस डेमो के लिये, मैं '''Size''' 15 और '''Angle''' 38 चुनूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:09&lt;br /&gt;
|  फिर ‘'''Close'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:12&lt;br /&gt;
|  '''Update''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:14&lt;br /&gt;
|  और बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:17&lt;br /&gt;
|  चूँकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में क्षेत्र जोड़ने की आवश्यकता नहीं है, मैं इन परिवर्तनों को अनडू करुँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:25&lt;br /&gt;
|  फिर, हम जानकारी को एडिट करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर '''component ''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:33&lt;br /&gt;
|  मैं Homoserine पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:37&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Edit Information’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर '''‘Edit Information’''' नामक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:46&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में, निम्नलिखित करें - ‘'''state'''’ टैब के अंतर्गत '''Open''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:54&lt;br /&gt;
| ‘'''prefix'''’ टैब के अंतर्गत '''mt''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:59&lt;br /&gt;
| '''‘Label’''' टैब के अंतर्गत '''dna''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:04&lt;br /&gt;
| '''‘Ok’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:07&lt;br /&gt;
| आप ड्रा एरिया पर दिखाई देने वाली जानकारी '''mt:dna''' देख सकते हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:15&lt;br /&gt;
| मैं '''Edit Information''' को अनडू करुँगी, क्योंकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में इसकी आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:23&lt;br /&gt;
| कुछ स्थितियों में, '''process diagram''' जटिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:28&lt;br /&gt;
|  ऐसी स्थितियों में, '''Bird's eye view''' मदद कर सकता है, क्योंकि एक बड़े मॉडल के अन्दर नेविगेट करना आसान है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:37&lt;br /&gt;
|  '''Bird's eye''' '''view''' आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:41&lt;br /&gt;
|  '''Bird’s Eye View''' में रेड स्क्वायर को खींचे।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:46&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''draw area''' पर द्रश्य उसके अनुसार चलता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:52&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:56&lt;br /&gt;
|  इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा : '''Reaction line''' का रंग, आकार एवं चौड़ाई बदलना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:07&lt;br /&gt;
|  '''Anchor points''' को '''Reaction line'' पर जोड़ना  '''Components''' को अलाइन करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:18&lt;br /&gt;
|  हमने यह भी सीखा है- '''Components''' में नोट्स जोड़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:23&lt;br /&gt;
| '''Protein''' एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:27&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का '''Bird’s Eye View''' प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:32&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट के लिए, सेलडिज़ाइनर में टूल्स का उपयोग करके एक ग्लाइकोलिसिस प्रोसेस डायग्राम बनाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:41&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' की विभिन्न आकृतियाँ खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:47&lt;br /&gt;
| दिए गए लिंक पर जाकर वीडियो देखें, यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:52&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:57&lt;br /&gt;
|  '''स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट''' टीम - कार्यशालाएं आयोजित करती है तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:06&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया contact@spoken-tutorial.org  पर संपर्क करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:13&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट''' का एक भाग है। यह NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:29&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल इं. अमित कुमार द्वारा अनुवादित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</id>
		<title>CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Customizing-Diagram-Layout/Hindi"/>
				<updated>2017-11-12T20:18:28Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार। ‘Customizing Diagram Layout’ के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:08&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  '''Reaction line''' के रंग, आकार एवं चौड़ाई को बदलना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:19&lt;br /&gt;
| '''Anchor points''' को '''Reaction line'' से जोड़ना  '''Components''' को अलाइन करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:30  &lt;br /&gt;
|  हम यह भी सीखेंगे : '''Components''' में नोट्स जोड़ना '''Protein''' को एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का एक बर्ड्स आई व्यू प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकार्ड करने के लिये, मैं '''Ubuntu Linux OS 14.04''' '''CellDesigner version 4.3'''  '''Java version 1.7''' का प्रयोग कर रही हूँ&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:01&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल पर आगे बढ़ने के लिए, शिक्षार्थियों को स्नातक स्तर की '''Biochemistry''' एवं '''CellDesigner इंटरफ़ेस''' से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:12&lt;br /&gt;
| यदि ऐसा नहीं है, तो सम्बंधित '''CellDesigner tutorials''' के लिए कृपया '''Spoken Tutorial''' वेबसाइट पर आएं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|  शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|  पिछले ट्यूटोरियल में से एक का असाइनमेंट था - '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram''' बनाना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:32&lt;br /&gt;
|  मैं इस ट्यूटोरियल के उदाहरण के रूप में उसी डायग्राम का प्रयोग करने जा रही हूँ। और मैं दिखाऊँगी कि इसे कैसे कस्टमाइज़ करते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:43&lt;br /&gt;
| '''CellDesigner''' इंटरफ़ेस पर जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
| आपको यहाँ '''Methionine Biosynthesis''' के लिए '''process diagram ''' दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:53&lt;br /&gt;
| ट्यूटोरियल को यहाँ रोकें और '''Methionine Biosynthesis process diagram''' खोलें, जो अपने बनाया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:01&lt;br /&gt;
|  यदि आपके पास कोई सेव की गयी फाइल नहीं है, तो आप दी गई कोड फाइल से खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|  अब '''diagram''' को कस्टमाइज करना शुरू करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|  ''' Cell designer'''  इंटरफ़ेस पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:16&lt;br /&gt;
|  शुरु करने के लिये, मैं '''Reaction line''' की चौड़ाई और रंग बदलूँगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिये, मैं ''' Homoserine''' और  '''Succinylhomoserine''' के बीच   '''State Transition'' का चयन कर रही हूँ ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:30&lt;br /&gt;
| अब मेन मेनू बार में “'''Component'''” पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| और “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:39&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से, आप '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करके “'''Change color &amp;amp; shape'''” विकल्प चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|  “'''Change color &amp;amp; shape”''' नामक एक डायलॉग बॉक्स स्क्रीन पर दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
|  एक मोटी '''Reaction line''' के लिये, '''Line Width ''' को 1.0 से उच्च वैल्यू में बदलें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:02&lt;br /&gt;
| मैं इसे बदलकर 3.0 करूँगी। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:06&lt;br /&gt;
|  '''Reaction line''' का रंग बदलने के लिये, ''' Color panel''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:12&lt;br /&gt;
|  '''Color panel''' में हम एक हैंडल जैसे पॉइंटर युक्त कलर व्हील देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|  पॉइंटर पर क्लिक करें तथा दबाए रखें और पसंदीदा रंग चुनने के लिए घुमाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
| मैं नीले रंग का शेड चुनूंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
| इसके बाद, रंग त्रिभुज में कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
| अब, पॉइंटर पर छोटे वृत्त को क्लिक करें और छोड़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
|  सभी संशोधन करने के बाद, '''Apply''' और फिर '''Ok''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''Reaction line''' अब मोटी और नीले रंग की हो गई है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
|  इसके बाद हम सीखेंगे कि '''Reaction line''' पर '''Anchor points''' को कैसे जोड़ेंगे।                                                                 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|  और '''Anchor points''' - '''Reaction lines''' के चारों ओर घुमाने में क्यों उपयोगी है&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|  इन्हें सही आकार दें और उन्हें '''draw area''' में सही स्थिति में रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:16&lt;br /&gt;
|  '''CellDesigner interface''' पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
|  कोई भी  '''Reaction line''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:23&lt;br /&gt;
| हम '''Homoserine''' और '''SuccinylHomoserine''' के बीच उसी '''State Transition reaction line''' का चयन करेंगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|  इस लाइन पर, कर्सर का प्रयोग करके, वह सटीक स्थिति चुनें, जहाँ '''Anchor point''' रखा जाना है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:39&lt;br /&gt;
|  एक बार सटीक पॉइंट चुनने के बाद, राइट क्लिक करें और '''Add Anchor Point''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:47&lt;br /&gt;
|  आप '''Reaction line''' पर चुनी गई सटीक स्थिति पर नए जोड़े गए '''Anchor point''' देंखेगें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:55&lt;br /&gt;
|  मैं आपको दिखाती हूँ कि '''Anchor Points''' एक रिएक्शन लाइन को बदलने में कैसे मदद कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:03&lt;br /&gt;
|  एक नई विंडो खोलें और इसे '''Anchor''' नाम दें। ''' OK''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   05:11&lt;br /&gt;
| अब '''GTP/GDP''' के आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
| और ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:22&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' पर राइट क्लिक करें और ''' Add Anchor point''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' को ड्रैग करें और ड्रा एरिया पर कहीं भी ड्राप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| आगे हम देखेंगे कि '''draw area''' पर कम्पोनेंट्स को कैसे '''अलाइन''' करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:44&lt;br /&gt;
| '''Methionine biosynthesis''' प्रोसेस डायग्राम विंडो पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:50&lt;br /&gt;
|  हाइलाइट कि हुई '''Reaction line''' को अनचेक करने के लिए ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
| अब ''''Shift'''' की (key) को दबाकर रखें और '''draw area''' पर कई '''Species''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
|  '''Edit''' मेनू पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें '''Alignment''' चुनें और '''Alignment type''' पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, टूलबार पर '''Alignment ''' आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:21&lt;br /&gt;
|  अपने आप टूलबार पर अन्य '''Alignment''' विकल्प खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
|  एलाइनमेंट को अनडू करें और आगे बढ़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
|  '''Reaction''' पर कार्य करते समय, हम '''process diagram''' पर '''Reaction ids''' को कैसे दिखा/ छिपा सकते हैं?&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| आइए यह सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' को अनचेक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:48&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर संबंधित रिएक्शंस पर '''Reaction ids''' अब दिखाई नहीं देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
| यदि आप '''Reaction Id do the following''' दिखाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
| ''''View'''' पर जाएँ, नीचे स्क्रॉल करें और ''''Show Reaction Id'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:08&lt;br /&gt;
| '''Reaction ids''', '''draw area''' पर संबंधित '''reactions''' पर दिखाई देंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:15&lt;br /&gt;
|  हम '''draw area''' पर सभी '''Components''' (Compartment, Species या Reaction) में नोट्स जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:21&lt;br /&gt;
|  आइए इसे करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:24&lt;br /&gt;
|  '''draw area''' पर एक '''Species''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:28&lt;br /&gt;
| मैं '''CoA''' पर क्लिक करूंगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:32&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Species Notes'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:35&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप मेनू दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:38&lt;br /&gt;
|  ''''Species Notes'''' नामक डायलॉग बॉक्स खुलता है। '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:46&lt;br /&gt;
|  मैं निम्नलिखित टाइप करूँगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:49&lt;br /&gt;
|  ''''OK'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:51&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि नोट्स संबंधी जानकारी को '''Notes Area''' में दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58&lt;br /&gt;
|  वैकल्पिक रूप से, '''Species''' में नोट्स जोड़ने के लिये, '''draw area''' में एक '''Species''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:06&lt;br /&gt;
| मैं '''Succinate''' पर क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:09&lt;br /&gt;
|  इसके बाद, '''CellDesigner''' विंडो के निचले दाएं कोने पर स्थित '''Edit Notes''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:18&lt;br /&gt;
| एक पॉप अप विंडो खुलेगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:21&lt;br /&gt;
| '''Species''' से संबंधित टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:25&lt;br /&gt;
|  मैं टाइप करूँगा एवं ''''OK'''' पर क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:30&lt;br /&gt;
|  इसी तरह, हम एक '''Protein''' को एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  08:35&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिए, '''draw area''' पर एक कम्पोनेंट पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
|  मैं '''Homoserinesuccinyltransferase''' पर क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:46&lt;br /&gt;
|  नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:51&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:55&lt;br /&gt;
| नाम बॉक्स में '''Protein''' का नाम दर्ज करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:00&lt;br /&gt;
| मैं नाम बॉक्स में '''O-succinyltransferase''' टाइप करूंगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:06&lt;br /&gt;
| '''‘Update’''' पर क्लिक करें और डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:11&lt;br /&gt;
|  हम एक '''Protein''' में क्षेत्र भी जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:15&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर एक '''Protein''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:19&lt;br /&gt;
| मैं '''O-succinyltransferase''' पर राइट क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:24&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और '''Edit Protein''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:29&lt;br /&gt;
|  स्क्रीन पर '''Protein''' नामक एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:33&lt;br /&gt;
|  ‘'''residues/regions'''’ टैब के अंतर्गत, ''''Add'''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स - ModificationResidue/Bindingregion''' में :&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:46&lt;br /&gt;
| ड्रॉप डाउन मेनू से ‘'''Binding region''' का '''‘Type’''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:52&lt;br /&gt;
| कर्सर को आवश्यक मान पर मूव करके आकार एवं कोण बदलें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:59&lt;br /&gt;
| इस डेमो के लिये, मैं '''Size''' 15 और '''Angle''' 38 चुनूँगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:09&lt;br /&gt;
|  फिर ‘'''Close'''’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:12&lt;br /&gt;
|  '''Update''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:14&lt;br /&gt;
|  और बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:17&lt;br /&gt;
|  चूँकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में क्षेत्र जोड़ने की आवश्यकता नहीं है, मैं इन परिवर्तनों को अनडू कर दूंगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:25&lt;br /&gt;
|  फिर, हम जानकारी को एडिट करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| '''draw area''' पर '''component ''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:33&lt;br /&gt;
|  मैं Homoserine पर क्लिक करूँगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:37&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और ‘'''Edit Information’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर '''‘Edit Information’''' नामक डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:46&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में, निम्नलिखित करें - ‘'''state'''’ टैब के अंतर्गत '''Open''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:54&lt;br /&gt;
| ‘'''prefix'''’ टैब के अंतर्गत के तहत '''mt''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:59&lt;br /&gt;
| '''‘Label’''' टैब के अंतर्गत '''dna''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:04&lt;br /&gt;
| '''‘Ok’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:07&lt;br /&gt;
| आप ड्रा एरिया पर दिखाई देने वाली जानकारी '''mt:dna''' देख सकते हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:15&lt;br /&gt;
| मैं '''Edit Information''' को अनडू कर दूँगा, क्योंकि हमें '''Methionine Biosynthesis''' में इसकी आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:23&lt;br /&gt;
| कुछ मामलों में, '''process diagram''' जटिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:28&lt;br /&gt;
|  ऐसे मामलों में, '''Bird's eye view''' मदद कर सकता है, क्योंकि एक बड़े मॉडल के अन्दर नेविगेट करना आसान है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:37&lt;br /&gt;
|  '''Bird's eye''' '''view''' आइकॉन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:41&lt;br /&gt;
|  '''Bird’s Eye View''' में रेड स्क्वायर खींचे।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:46&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि '''draw area''' पर view उसके अनुसार चलता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:52&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:56&lt;br /&gt;
|  आइए सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा : '''Reaction line''' का रंग, आकार एवं चौड़ाई बदलना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:07&lt;br /&gt;
|  '''Anchor points''' को '''Reaction line'' से जोड़ना  '''Components''' को संरेखित करना '''Reaction ids''' दिखाना/छिपाना&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:18&lt;br /&gt;
|  हमने यह भी सीखा है- '''Components''' में नोट्स जोड़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:23&lt;br /&gt;
| '''Protein/Gene''' एडिट करना, जानकारी एडिट करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:27&lt;br /&gt;
| और डायग्राम का '''Bird’s Eye View''' प्राप्त करना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:32&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट के लिए, सेलडिज़ाइनर में टूल्स का उपयोग करके एक ग्लाइकोलिसिस प्रोसेस डायग्राम बनाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:41&lt;br /&gt;
| '''Reaction line''' की विभिन्न आकृतियाँ खोजें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:47&lt;br /&gt;
| दिए गए लिंक पर जाकर वीडियो देखें, यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  12:52&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:57&lt;br /&gt;
|  '''स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट''' टीम - कार्यशालाएं आयोजित करती है तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:06&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया contact@spoken-tutorial.org  पर संपर्क करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:13&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट''' का एक भाग है। यह NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  13:29&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल इं. अमित कुमार द्वारा अनूदित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं _____ आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

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		<title>CellDesigner/C2/Overview-of-CellDesigner/Hindi</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
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| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, “सेल डिज़ाइनर” के इस ओवरव्यू स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:08&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे “सेल डिज़ाइनर” श्रृंखला के बारे में तथा इस श्रृंखला के विभिन्न ट्यूटोरियल्स में उपलब्ध कंटेंट (विषय वस्तु) के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
|इस श्रृंखला में मैंने वर्जन 4.3 का प्रयोग किया है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:27&lt;br /&gt;
|यह इस ट्यूटोरियल शृंखला के बनाए जाने तक उपलब्ध नवीनतम वर्जन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:36&lt;br /&gt;
|इन ट्यूटोरियल्स का अभ्यास करने के लिए मैं वर्जन 4.3 या इससे अधिक का प्रयोग करने की सलाह देती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:45&lt;br /&gt;
|यदि आप सेल डिज़ाइनर को पहली बार प्रयोग कर रहे है तो स्टार्टअप गाइड वर्जन 4.3 देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:56&lt;br /&gt;
|इसमें टूल बार प्रयोग करने के क्रमशः निर्देश हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:03&lt;br /&gt;
|इस गाइड को प्राप्त करने का लिंक यहाँ दिया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
|अब हम एक-एक करके इस श्रृंखला के ट्यूटोरियल्स के बारे में जानेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|इस श्रृंखला में पहला “ट्यूटोरियल” है - “विंडोज मशीन” पर ‘इंस्टालेशन ऑफ़ “सेल डिज़ाइनर” &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:27&lt;br /&gt;
|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:43&lt;br /&gt;
|अगला ट्यूटोरियल हमारी सहायता करेगा - मेनू एवं टूल बार्स को समझने में  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
|सेल डिज़ाइनर के क्षेत्रों एवं सेल डिज़ाइनर के कंपोनेंट्स को समझने में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  1:59&lt;br /&gt;
|यह ट्यूटोरियल विंडोज OS पर रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
|हालाँकि, इसके अंतर्गत समझाए गए सभी फीचर समान तरीक़े से लिनक्स ओएस पर भी काम करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|लिनक्स उपयोगकर्ताओं को यह ट्यूटोरियल नहीं छोड़ना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:23&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल पर एक नज़र डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:40&lt;br /&gt;
|अगला ‘“ट्यूटोरियल” है &amp;quot;लिनक्स” पर “इंस्टालेशन ऑफ़ सेल डिज़ाइनर&amp;quot;  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:00&lt;br /&gt;
|अगला ट्यूटोरियल है “क्रिएट एंड एडिट कंपोनेंट्स” ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:07&lt;br /&gt;
|यह हमारी मदद करेगा - एक पहले से सेव की गई ‘“.xml’” फाइल को खोलने के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
|‘“कम्पार्टमेंट’” का आकार, रंग एवं बॉर्डर की मोटाई को परिवर्तित करने के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
|सेल डिज़ाइनर में मल्टिपल फाइल्स बनाने के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:30&lt;br /&gt;
|'''Species''' के ‘“स्टार्ट पॉइंट”’ और ‘“इंड पॉइंट’” को सीखने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
|'''Species''' एवं “रिएक्शन” की पहचान को बदलने में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:41&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को चलाते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:52&lt;br /&gt;
|अगले ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
“मैक्रोस” को प्रयोग करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:59&lt;br /&gt;
|सभी ‘“कम्पोनेंट्स’” को ‘“ड्रा एरिया”’ के दूसरी तरफ ले जाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
|&amp;quot;सेल डिजाइनर&amp;quot; का प्रयोग करके “रिएक्शन लाइन” अलाइन करना, “रिएक्शन लाइन” का विस्तार करना और ‘''Process diagram''' बनाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:16&lt;br /&gt;
|हम इस ट्यूटोरियल को देखते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
|अगले ट्यूटोरियल ‘'''Customizing Diagram Layout’''' में हम सीखेंगे - रिएक्शन लाइन का रंग, आकार एवं चौड़ाई बदलना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
|“रिएक्शन लाइन” में '''Anchor points''' जोड़ना तथा '''Components''' को अलाइन करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:50&lt;br /&gt;
|'''Reaction ids''' को दिखाना/छिपाना &lt;br /&gt;
'''Components''' में नोट्स जोड़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:57&lt;br /&gt;
|'प्रोटीन' को एडिट करना &lt;br /&gt;
जानकारी एडिट करना&lt;br /&gt;
और डायग्राम का ‘bird’s eye view’ सीखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:06&lt;br /&gt;
|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:18&lt;br /&gt;
|इसे सारांशित करते हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा -&lt;br /&gt;
सेल डिज़ाइनर श्रृंखला का &amp;quot;’Overview”’ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|दिए गए सभी विषयों पर विस्तृत ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया '''http://spoken-tutorial.org''' पर जायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:39&lt;br /&gt;
|दिए गए लिंक पर जाकर वीडियो देखें &lt;br /&gt;
यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके भी देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल्स प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है, अधिक जानकारी के लिए, कृपया '''contact@spoken-tutorial.org''' पर संपर्क करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:10&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट''' का एक भाग है यह NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।  '''http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:27&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल अमित कुमार द्वारा अनुवादित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

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&lt;hr /&gt;
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| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, “सेल डिज़ाइनर” के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:08&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे “सेल डिज़ाइनर” श्रृंखला के बारे में तथा इस श्रृंखला के विभिन्न ट्यूटोरियल्स में उपलब्ध कंटेंट (विषय वस्तु) के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
|इस श्रृंखला में मैंने वर्जन 4.3 का प्रयोग किया है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:27&lt;br /&gt;
|यह इस ट्यूटोरियल शृंखला के बनाए जाने तक उपलब्ध नवीनतम वर्जन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:36&lt;br /&gt;
|इन ट्यूटोरियल्स का अभ्यास करने के लिए मैं वर्जन 4.3 या इससे अधिक का प्रयोग करने की सलाह देती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:45&lt;br /&gt;
|यदि आप सेल डिज़ाइनर को पहली बार प्रयोग कर रहे है तो स्टार्टअप गाइड वर्जन 4.3 देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:56&lt;br /&gt;
|इसमें टूल बार प्रयोग करने के क्रमशः निर्देश हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:03&lt;br /&gt;
|इस गाइड को प्राप्त करने का लिंक यहाँ दिया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
|अब हम एक-एक करके इस श्रृंखला के ट्यूटोरियल्स के बारे में जानेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|इस श्रृंखला में पहला “ट्यूटोरियल” है - ‘इंस्टालेशन ऑफ़ “सेल डिज़ाइनर” ऑन ए “विंडोज मशीन”’&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:27&lt;br /&gt;
|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:43&lt;br /&gt;
|अगला ट्यूटोरियल हमारी सहायता करेगा - मेनू एवं टूल बार्स को समझने में  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
|सेल डिज़ाइनर के क्षेत्रों एवं सेल डिज़ाइनर के कंपोनेंट्स को समझने में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  1:59&lt;br /&gt;
|यह ट्यूटोरियल विंडोज OS पर रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
|हालाँकि, इसके अंतर्गत समझाए गए सभी फीचर समान तरीक़े से लिनक्स ओएस पर भी काम करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|लिनक्स उपयोगकर्ताओं को यह ट्यूटोरियल नहीं छोड़ना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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|इस ट्यूटोरियल पर एक नज़र डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|अगला ‘“ट्यूटोरियल” है ‘“इंस्टालेशन ऑफ़ सेल डिज़ाइनर ऑन लिनक्स”’ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|अगला ट्यूटोरियल है “क्रिएट एंड एडिट कंपोनेंट्स” ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|यह हमारी मदद करेगा - एक पहले से सेव की गई ‘“.xml’” फाइल को खोलने के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
|‘“कम्पार्टमेंट’” का आकार, रंग एवं बॉर्डर की मोटाई को परिवर्तित करने के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
|सेल डिज़ाइनर में मल्टिपल फाइल्स बनाने के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:30&lt;br /&gt;
|'''Species''' के ‘“स्टार्ट पॉइंट”’ और ‘“इंड पॉइंट’” को सीखने के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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|'''Species''' एवं “रिएक्शन” की पहचान को बदलने में।&lt;br /&gt;
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|इस ट्यूटोरियल को चलाते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|अगले ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
“मैक्रोस” को प्रयोग करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:59&lt;br /&gt;
|सभी ‘“कम्पोनेंट्स’” को ‘“ड्रा एरिया”’ के दूसरी तरफ ले जाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
|&amp;quot;सेल डिजाइनर&amp;quot; का प्रयोग करके “रिएक्शन लाइन” अलाइन करना, “रिएक्शन लाइन” का विस्तार करना और ‘''Process diagram''' बनाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:16&lt;br /&gt;
|हम इस ट्यूटोरियल को देखते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
|अगले ट्यूटोरियल ‘'''Customizing Diagram Layout’''' में हम सीखेंगे - रिएक्शन लाइन का रंग, आकार एवं चौड़ाई बदलना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
|“रिएक्शन लाइन” में '''Anchor points''' जोड़ना तथा '''Components''' को अलाइन करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:50&lt;br /&gt;
|'''Reaction ids''' को दिखाना/छिपाना &lt;br /&gt;
'''Components''' में नोट्स जोड़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|'प्रोटीन' को एडिट करना &lt;br /&gt;
जानकारी एडिट करना&lt;br /&gt;
और डायग्राम का ‘bird’s eye view’ सीखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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|यहाँ ट्यूटोरियल की एक झलक है।&lt;br /&gt;
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|इसे सारांशित करते हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा -&lt;br /&gt;
सेल डिज़ाइनर श्रृंखला का &amp;quot;’Overview”’ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|दिए गए सभी विषयों पर विस्तृत ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया '''http://spoken-tutorial.org''' पर जायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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|दिए गए लिंक पर जाकर वीडियो देखें &lt;br /&gt;
यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके भी देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल्स प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है, अधिक जानकारी के लिए, कृपया '''contact@spoken-tutorial.org''' पर संपर्क करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:10&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट''' का एक भाग है यह NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।  '''http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:27&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल अमित कुमार द्वारा अनुवादित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/CellDesigner/C3/Build-and-Modify-Process-Diagram/Hindi</id>
		<title>CellDesigner/C3/Build-and-Modify-Process-Diagram/Hindi</title>
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				<updated>2017-11-12T17:51:55Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Shruti arya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Title of the Script''': Build and Modify Process Diagram&lt;br /&gt;
'''Author''': Bella Tony&lt;br /&gt;
'''Keywords''': Process Diagram, Macros, Alanine Biosythesis,&lt;br /&gt;
Generic Protein, Aminotransferase&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार। '''सेल डिज़ाइनर''' में '''Build and Modify Process Diagram''' के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:08&lt;br /&gt;
|   इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे : '''Macros''' का उपयोग करना,  कंपोनेंट्स को ड्रा एरिया में मूव करना,  रिएक्शन लाइन को स्पीशीज़ के आसपास जोड़ना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:18&lt;br /&gt;
|  रिएक्शन लाइन को अलाइन करना एवं बढ़ाना, एक '''Product''' एवं एक '''Reactant''' जोड़ना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:23&lt;br /&gt;
|   इस ट्यूटोरियल के लिए, मैं '''Ubuntu Linux OS 14.04'''  '''CellDesigner ''' वर्जन '''4.3''' '''Java वर्जन 1.7''' का प्रयोग कर रही  हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:35&lt;br /&gt;
|   इस ट्यूटोरियल पर आगे बढ़ने के लिए, शिक्षार्थियों को स्नातक स्तर की '''Biochemistry''' से और '''CellDesigner''' इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| यदि ऐसा नहीं है, तो सम्बंधित '''CellDesigner ट्यूटोरियल्स''' के लिए कृपया '''Spoken Tutorial''' वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:51&lt;br /&gt;
|  अब शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:53&lt;br /&gt;
|   आपको यहां '''Alanine Biosynthesis''' का एक पारंपरिक डायग्राम दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:58&lt;br /&gt;
|   अब, हम इस प्रोसेस डायग्राम को बनाने के लिए '''CellDesigner''' का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:02&lt;br /&gt;
|   एक साथ '''Ctrl+Alt+T''' कीज़ दबा कर '''terminal''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:09&lt;br /&gt;
|  अब '''./runCellDesigner4.3'''  टाइप करें तथा '''एंटर''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:20&lt;br /&gt;
|   अब आपके टर्मिनल पर सेल डिज़ाइनर विंडो खुल गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:24&lt;br /&gt;
|  '''CTRL+N''' दबाकर एक नई फाइल खोलें तथा इसे '''Build and Modify Process Diagram''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:34&lt;br /&gt;
|  चौड़ाई एवं ऊंचाई को डिफॉल्ट रखें तथा '''Ok''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   01:39&lt;br /&gt;
|   अब ‘'''Macros’''' के बारे में जानते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:42&lt;br /&gt;
|  '''Macros''' अक्सर प्रयोग किए जाने वाले '''Components''' सेट हैं, जो आसानी से डायग्राम बनाने में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:47&lt;br /&gt;
|  टूलबार पर, '''Catalysis ''' के लिए '''Macros''' आइकन पर क्लिक करें तथा ड्रॉ एरिया पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| हमारे पास अब ड्रॉ एरिया में एक '''Macros-Catalysis reaction ''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:02&lt;br /&gt;
|    सभी कंपोनेंट्स को ड्रा एरिया के दूसरी तरफ मूव करना  सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|   इसके लिए ''''Edit''''  मेनू पर और फिर ''''Select All'''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:16&lt;br /&gt;
| इसके अलावा आप '''Ctrl + A''' कीज़ का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| अब सभी '''Components''' हाईलाइट हो गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:24&lt;br /&gt;
|   अब हाईलाइट हो चुके कंपोनेंट्स पर कहीं भी क्लिक करें और उन्हें  वांछित स्थिति तक ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:30&lt;br /&gt;
|   अब आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:32&lt;br /&gt;
|   हाइलाइट किए गए कंपोनेंट को अनचेक करने के लिए ड्रा एरिया पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:37&lt;br /&gt;
|   पुनः ड्रा एरिया में, '''Generic Protein S1''' पर राइट क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:43&lt;br /&gt;
|   फिर ''''Change Identity'''' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
|  ''''class'''' बॉक्स में, '''Protein''' को '''Simple Molecule''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:53&lt;br /&gt;
|  '''Name''' में: '''2-keto-isovalerate''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
| और फिर '''‘Apply’''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:02&lt;br /&gt;
|   ‘'''The Same Species Exists'''’ डायलॉग बॉक्स में '''‘No’''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:10&lt;br /&gt;
|   हालांकि यदि आप स्पिशीज़ के सभी कंपोनेंट्स पर इस परिवर्तन को प्रभावी करना चाहते हैं, तो ‘'''Yes'''’ पर क्लिक करें। यहां मैं ''' ‘No’''' पर क्लिक करुंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
|   देखें '''Generic Protein S1, ''' अब '''2-keto-isovalerate''' नामक '''simple molecule'''  बन गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:30&lt;br /&gt;
|मैं नाम को समायोजित करने के लिए अणु को ड्रैग करुंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
|  '''end-point''' के केंद्र में '''Generic protein-S1''' पर राइट क्लिक करें, जो एक '''उत्पाद''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:42&lt;br /&gt;
| '''Change identity''' को '''Simple Molecule''' करें और इसे '''Valine''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
|  '''Apply'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:52&lt;br /&gt;
|  आपके पास ड्रा एरिया में ''' Valine''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:36&lt;br /&gt;
|  फिर,  कैटेलिस्ट (उत्प्रेरक) '''S2''' का नाम बदलें। इस पर राइट क्लिक करें तथा '''Edit Protein''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
| '''‘name’''' में, '''Aminotransferase''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
|  '''Update''' पर क्लिक करें  और डायलॉग बॉक्स बंद  करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:16&lt;br /&gt;
| नाम को समायोजित करने के लिए अणु के कोने को ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:21&lt;br /&gt;
|  फिर, लिंक की गई रिएक्शन की स्थिति को बदलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:25&lt;br /&gt;
|  ''''end-point'''' '''species''' यानी '''Valine''' के केंद्र पर क्लिक करें तथा ड्रैग करके वांछित स्थान में ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:33&lt;br /&gt;
|  '''Aminotransferase''' के साथ इसे दोहराएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
|  देखें कि लिंक की गई रिएक्शन ‘'''end-point’ Species''' की गति का अनुपालन करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
|  अब हम सीखेंगें कि '''reaction line''' को '''species''' के आसपास कैसे जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:49&lt;br /&gt;
|  '''Reaction line''' को '''Species''' के आसपास 16 कनेक्शन बिंदुओं में से किसी के साथ भी जोड़ा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
|मैं आपको दिखाउंगी कि ऐसा कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
|  '''CTRL+N''' दबाकर एक नई विंडों खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
|  इस फाइल को ''' Connection points''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:08&lt;br /&gt;
|   चौड़ाई एवं ऊँचाई को डिफॉल्ट रखें तथा '''Ok''' बटन पर  क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:14&lt;br /&gt;
|   ड्रा एरिया में, दो '''generic proteins''' ड्रा करें तथा उन्हें '''Protein 1''' एवं '''Protein 2''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:23&lt;br /&gt;
|   मेन मेनू में, '''State Transition''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
| फिर, ड्रा एरिया में, माउस को ‘'''start-point'''' '''Species, Protein 1''' पर घुमाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:36&lt;br /&gt;
|   देखें कि सभी 16 कनेक्शन पॉइंट ग्रे रंग में हाइलाइट हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:42&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें कि जब कर्सर इनमें से किसी एक कनेक्शन पॉइंट पर जाता है, तो यह नीले रंग का हो जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:49&lt;br /&gt;
|   एक कनेक्शन पॉइंट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:53&lt;br /&gt;
|   उसी तरह, माउस को ‘'''end-point'''' '''Species''' यानी '''Protein 2''' पर घुमाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:00&lt;br /&gt;
|   पुनः,  उपरोक्त व्याख्या के अनुसार, आवश्यक कनेक्शन पॉइंट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:05&lt;br /&gt;
|   चयनित कनेक्शन पॉइंट्स के बीच एक '''State Transition''' रिएक्शन लाइन बन गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:12&lt;br /&gt;
|   फिर,  हम '''Reaction line''' को अलाइन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:16&lt;br /&gt;
|  '''Protein 1''' एवं '''Protein 2''' के बीच '''State transition reaction line''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि '''reaction line''' पर 2 '''process nodes''' हाइलाइट हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:27&lt;br /&gt;
| यदि हम माउस को 2 '''process nodes''' में से किसी एक पर घुमाते हैं, तो एक ‘'''plus’''' चिन्ह दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:34&lt;br /&gt;
|  '''process nodes''' में से एक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| अब पॉइंटर को ड्रैग करें तथा वांछित '''connection point'''पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:43&lt;br /&gt;
|   हाइलाइट किए गए कंपोनेंट्स को अनचेक करने के लिए ड्रा एरिया में कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:49&lt;br /&gt;
|  '''reaction line''' को बढ़ाने या फैलाने के लिए,  पहले इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:54&lt;br /&gt;
|   अब '''start-point''' या '''end-point Species''' पर स्थित '''process nodes''' में से किसी एक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
|  '''reaction line'''  को फैलाने के लिए माउस को वांछित कनेक्शन पॉइंट तक ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:07&lt;br /&gt;
|   यहां से, हम प्रोसेस डायग्राम के साथ आगे बढ़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:12&lt;br /&gt;
|  '''Build and Modify Process Diagram'''  विंडो पर वापस आएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:16&lt;br /&gt;
|   मौजूदा रिएक्शन में एक '''Reactant'''  एवं एक '''Product''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:21&lt;br /&gt;
|      टूल बार से, 2 '''simple molecules''' पर क्लिक करके ड्रा एरिया पर लाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:27&lt;br /&gt;
|   उन्हें '''Glutamate''' एवं '''2-Oxoglutarate''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:36&lt;br /&gt;
|  उन्हें ड्रैग करें तथा '''Simple molecules:''' '''2-keto-isovalerate''' एवं '''Valine'''के नजदीक रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:44&lt;br /&gt;
|   पूर्व में बताए गए अनुसार, कंपोनेंट्स को ड्रा एरिया में अलाइन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:49&lt;br /&gt;
|  पूर्व में बताए गए विवरण से, मैंने अब कंपोनेंट्स को अलाइन कर लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:55&lt;br /&gt;
|   टूल बार पर, '''‘Add Product’''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:00&lt;br /&gt;
|   अब माउस को '''State Transition''' रिएक्शन ''' 2-keto-isovalerate '' और '''Valine''' के बीच घुमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:07&lt;br /&gt;
|  हाईलाइट किये हुए '''process node''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:10&lt;br /&gt;
|   फिर,  माउस को  '''2-Oxoglutarate''' पर घुमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
|   हाइलाइट हुए 16 '''process nodes''' में से किसी एक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:21&lt;br /&gt;
|   देखें, '''State Transition ''' एवं '''2-Oxoglutarate''' के बीच एक '''reaction line''' दिखाई देती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
|   इसी तरह, '''‘Add Reactant’'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:34&lt;br /&gt;
|   माउस को '''Glutamate''' पर घुमाएं तथा  हाइलाइट हुए 16 '''process nodes'''में से किसी एक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
|   फिर,  मैं उसको '''State Transition'''  रिएक्शन पर घुमाएं तथा '''process node''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:49&lt;br /&gt;
|   देखें, '''State Transition ''' एवं''' Glutamate''' के बीच एक '''reaction line ''' दिखाई देती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:55&lt;br /&gt;
|   हमारे पास अब एक '''Reactant''' एवं एक '''Product''' के साथ एक पूर्ण '''Catalysis ''' रिएक्शन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:01&lt;br /&gt;
|   मैं प्रोसेस डायग्राम में अन्य '''components''' को समायोजित करने के लिए '''reaction'''को अलाइन करुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:09&lt;br /&gt;
|    टूल बार से '''State Transition'''  '''Simple Molecule''' '''Generic Protein''' एवं '''Catalysis''' आइकंस का उपयोग करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:18&lt;br /&gt;
|   यह एक पूर्ण प्रोसेस डायग्राम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:22&lt;br /&gt;
|   इसे सही ढंग से देखने के लिए, मेन मेनू बार में '''View '''पर जाएं तथा ''' Zoom Fit''' पर क्लिक करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:32&lt;br /&gt;
|  अब आपको पूर्ण '''Process Diagram''' दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:36&lt;br /&gt;
|    सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा  '''Macros''' का उपयोग करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:42 &lt;br /&gt;
| कंपोनेंट्स को ड्रा एरिया में मूव करना, रिएक्शन लाइन को स्पिशीज़ के आस पास जोड़ना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:48&lt;br /&gt;
|   रिएक्शन लाइन को अलाइन करना एवं बढ़ाना,  एक '''Product'''  एवं एक '''Reactant''' जोड़ना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:54&lt;br /&gt;
|  असाइनमेंट के लिए : '''CellDesigner'''  में टूल्स का उपयोग करके '''Methionine Biosynthesis''' के लिए एक प्रोसेस डायग्राम बनाना #  '''GTP/GD''' के लिए '''Macros'''के बारे में पता लगाना # पता लगाना कि एक ‘Curve’ रिएक्शन लाइन कैसे बनाते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:11&lt;br /&gt;
|   स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:14&lt;br /&gt;
|   दिए गए लिंक पर जाकर वीडियो देखें&lt;br /&gt;
यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:19&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके भी देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:24&lt;br /&gt;
|  '''स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट''' टीम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:29&lt;br /&gt;
| तथा ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:34&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया  [mailto:contact@spoken-tutorial.org contact@spoken-tutorial.org] पर संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:40&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट''' का एक भाग है यह NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस “मिशन” से संबंधित अधिक जानकारी निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:54&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल इं. अमित कुमार द्वारा अनुवादित है। आईआईटी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Shruti arya</name></author>	</entry>

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