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		<title>Script | Spoken-Tutorial - User contributions [en]</title>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/General-guidelines-for-Complementary-feeding/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/General-guidelines-for-Complementary-feeding/Hindi</title>
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				<updated>2022-06-17T11:24:46Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| पूरक  आहार खिलाने के  सामान्य दिशा - निर्देश पर बने स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगें -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:09&lt;br /&gt;
| छः महीने के शिशु को पूरक आहार खिलाने की ज़रूरत के बारे में  ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| और छः महीने  से 24  महीने के शिशुओं को पूरक आहार खिलाने के दिशा -निर्देश  के बारे में ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
| आइये शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
| शिशु को जन्म से लेकर छह महीने तक सिर्फ माँ का दूध ही पिलाना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:33&lt;br /&gt;
| छः महीने  की उम्र का मतलब छटे महीने की शुरुआत नहीं है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
|इस का मतलब है की शिशु छह महीने पूरे कर चूका है  और सातवाँ महीना शुरू हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
|इस उम्र में , केवल माँ का दूध शिशु के लिए काफी  नहीं होता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| इसलिए स्तनपान के साथ साथ शिशु को घर का बना हुआ पोषक आहार भी देना शुरू करना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| इसी आहार को हम पूरक  आहार कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| छः महीने से चौबीस महीने की उम्र के शिशुओं को पूरक आहार खिलाना जरूरी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:13&lt;br /&gt;
| पूरक आहार शिशु के लम्बा, स्वस्थ और बुद्धिमान होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
|ये ज़रूरी है की शिशु के छह महीने पूरे होते ही उस को पूरक आहार देने की  शुरुआत कर देनी चाहिए।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
| नहीं तो, शिशु की वृद्धि और विकास पूरी तरह से नहीं हो पाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
| ऐसा भी  हो सकता है कि शिशु,  बाद  में घर का  बना हुआ खाना खाने से इनकार कर  दे ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| याद  रखें,  पूरक आहार स्तनपान का सहयोग करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| इसलिए, शिशु  के  दो साल की उम्र होने तक माँ को उसे  स्तनपान कराना चाहिए ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:54&lt;br /&gt;
|अलग अलग तरीके का  पूरक  आहार, उस का  गाढ़ापन और उस की मात्रा शिशु की उम्र के अनुसार बदलती रहती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| शिशु की हर आयु के लिए अलग-अलग तरह का पूरक आहार सुझाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| इन पर इसी श्रृंखला के अन्य ट्यूटोरियल में विस्तार से बताया गया है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| आइये अब, हर उम्र के शिशुओं के लिए पूरक आहार खिलाने के जरूरी दिशा - निर्देश पर पर बात करते है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
| शिशु को पहली बार जब कोई नया खाना दे तो उसे सिर्फ वही खाने को दें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
| उस  खाने को बाकी के खानों  के साथ कुछ वक्त के बाद मिलाकर दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:33&lt;br /&gt;
| इस से हमें ये पता चलेगा कि शिशु को  किस खाने से एलर्जी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:40&lt;br /&gt;
| अलग अलग तरह का  खाना खिलाना शिशु के पोषण कर लिए बहुत जरूरी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
| हर चौथे दिन, शिशु के आहार में एक नया खाना मिला  सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:52&lt;br /&gt;
| |पिछले दिए जा रहे खाने  के साथ, नए खाने का एक चम्मच खिलाना  शुरुआत करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
| फिर धीरे धीरे हर दिन इसकी मात्रा बढ़ाते जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
| शिशु के खाने में पोषण से भरपूर सभी 8 खाद्य समूहों के खाने को  शामिल करना जरूरी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:11&lt;br /&gt;
| पहला और सबसे महत्वपूर्ण खाने का समूह है स्तनपान ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
|  इसे बाकी के खाने के समूहों के साथ हर रोज़ ज़रूर शामिल करना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:22&lt;br /&gt;
| अनाज, जड़ और कंद दूसरे खाने के समूह हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
|  फलियां, बीज और दाने तीसरा समूह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| चौथा समूह है दूध से बनी चीज़े।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| मांस, मछली और चिकन पाँचवाँ समूह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:43&lt;br /&gt;
| अंडा छठा समूह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
| विटामिन ए से भरपूर फल और सब्जियां सातवें समूह हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:52&lt;br /&gt;
| और आखिरी, आठवां समूह  है बाकी के फल और सब्जियां।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:58&lt;br /&gt;
| बेहतर होगा, कि शिशु के खाने में आठों खाद्य समूह  का खाना शामिल हों।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:05&lt;br /&gt;
| अगर शिशु के आहार में 5 खाद्य समूह से कम  खाना हैं तो फिर  ये एक समस्या है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
| इसे जल्दी से जल्दी सुधारा जाना चाहिए । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:16&lt;br /&gt;
| कुछ शिशुओं को माँ का दूध नहीं मिल पाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:22&lt;br /&gt;
| ऐसे में   हर रोज़ शिशु के आहार में बाकी के  7 समूहों में से खाना जरूर खिलाते रहें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
| साथ ही, शिशु को  500 मिलीलीटर गाय  का दूध और दो  बार ज़्यादा खाना  खिलाना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
| शिशु को गाय का दूध पिलाने से पहले दूध को  अच्छे से उबाल लेना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:45&lt;br /&gt;
| आइए अब,  देखते  हैं शिशु के खाने  में नए खाद्य समूह से खाना शामिल करने के बारे में ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| माँ के दूध के साथ पहले 6 समूहों से पूरक आहार देना शुरू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:00&lt;br /&gt;
|  छह महीने की उम्र पूरी करने के बाद शिशु को ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:06&lt;br /&gt;
| हालांकि, शिशु को शुरुआत में खिलाए जाने वाले खाना की मात्रा कम होती  है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
| इसलिए, पोषक तत्वों से भरपूर पहले 6 समूहों के खाने दिए जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| इन समूहों के खाने में  प्रोटीन और फैट जैसे पोषक तत्व  भरपूर होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| ये खाना शिशु की लंबाई और माँसपेशियों के विकास में महत्तपूर्ण हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| अच्छी चर्बी शिशु के दिमाग के विकास के लिए बहुत जरूरी  होती  है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| इन ख़ानों के बाद, शिशु को सब्जियां और फल खिलाना शुरू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
| सब्जियां और फल विटामिन और खनिज पदार्थों से भरपूर होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| हालांकि, वे पहले 6 समूहों की तरह प्रोटीन और फैट से सघन नहीं होते।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
| इसीलिए, इन्हें बाद में शुरू किया जाता है ताकि शिशु का वजन न कम हो और न ही बढ़ना रुके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:07&lt;br /&gt;
| साथ ही, फल स्वाद में मीठे भी होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:11&lt;br /&gt;
| शिशु को मीठा खिलाने से पहले अलग-अलग खाने का  स्वाद चखाना जरूरी होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| अलग-अलग तरह के स्वाद चखना शिशु को ज्यादा खाना खाने के लिए तैयार करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:24&lt;br /&gt;
| ये शिशु को बाद में चुनिंदा खाना खाने की आदत से बचाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
| इसीलिए, फलों को शिशु के आहार में तभी जोड़ें जब हर समूह के खाने को खिला चुके हों ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:39&lt;br /&gt;
| अपने  इलाके  के ताज़े और मौसम के हिसाब से मिलने वाले फल शिशु को दिन में एक या दो बार दें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| फल को शिशु के खाना खाने के बाद मीठा खिलाने में दिया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| शिशु के रोज़ के  खाने में फलों की प्यूरी नहीं मिलानी चाहिए ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
| और इस उम्र के शिशुओं के लिए फलों का रस  देना भी ठीक नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:03&lt;br /&gt;
| ना  ही घर पे बनाया हुआ फलों का  रस  और ना  ही  बाज़ार में मिलने वाला पैकेट वाला रस ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| याद रखें, शिशु को 2 साल का होने तक स्तनपान जारी रखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:15&lt;br /&gt;
| शिशु को कड़क खाना न दें, ऐसा खाना उस के गले में अटक सकता है |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:21&lt;br /&gt;
| साबुत दाने, अंगूर, चना और कच्चे  गाजर ऐसे खाने  के उदाहरण हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| शिशु के लिए स्वछता  से घर का पका हुआ ताजा खाना ही सबसे अच्छा होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:37&lt;br /&gt;
| शिशु का खाना संभाल कर रखना पड़े, तो  'खाने के सुरक्षित रख रखाव' पर बना   ट्यूटोरियल जरूर देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| शिशु के खाने को स्वछता से बनाने, खिलाने और उस के रखरखाव पर भी उस ट्यूटोरियल में चर्चा की गयी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| ज्यादा जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट देखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| छः महीने के शिशु को खाना ख़िलाने के साथ उबला हुआ ठंडा पानी पिलाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:03&lt;br /&gt;
| दिन में दो बार तीस  से साठ  मिलीलीटर पानी पिलाने की शुरुआत करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|  पानी की मात्रा को गर्मी के मौसम में  और शिशु के  माँग के हिसाब से बढ़ा  सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:16&lt;br /&gt;
| माँ का दूध और पानी शिशु के लिए सबसे अच्छी पीने की चीज़ें  हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| लेकिन, इन्हें सही समय पर  दिया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
| खाना खिलाने से पहले शिशु को ना स्तनपान कराएं  और ना ही पानी पिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
| भूख में शिशु  के नए खाने को खाने की सम्भावना ज़्यादा होती है  ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:37&lt;br /&gt;
| शिशु को खाना देने के  बीस  से तीस  मिनट पहले या फिर  बाद में स्तनपान कराएं या पानी पिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:46&lt;br /&gt;
| शिशु की वृद्धि के लिए उसे पर्याप्त पूरक आहार की बहुत जरूरत होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| अब यह ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है । यह स्क्रिप्ट विनय कुमार द्वारा अनुवादित है ।&lt;br /&gt;
आईआईटी बॉम्बे से मैं बेला टोनी आपसे विदा लेती हूँ । हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/C-and-C%2B%2B/C2/Tokens/Hindi</id>
		<title>C-and-C++/C2/Tokens/Hindi</title>
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				<updated>2021-09-02T11:34:49Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01 &lt;br /&gt;
| C- और -C-Plus-Plus में टॉकन्स(Tokens) पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:09&lt;br /&gt;
| टॉकन्स को परिभाषित और उनका उपयोग कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
|हम यह एक उदाहरण की मदद से करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
|हम कुछ सामान्य एरर्स और उनके समाधान भी देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 11.10,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:26&lt;br /&gt;
|gcc औरg++  कंपाइलर वर्जन 4.6.1 का उपयोग कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
|परिचय के साथ शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
|टॉकन '''Data types'''(डेटा टाइप्स), '''Variables''' (वेरिएबल्स), '''Constants''' (कॉन्स्टन्ट)और '''Identifiers'''((आइडेन्टीफायर्स) के लिए एक जेनिरिक(generic) शब्द है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:46&lt;br /&gt;
|अपने प्रोग्राम के साथ शुरू करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:49&lt;br /&gt;
|मैंने एडिटर में कोड पहले से ही टाइप किया हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:53&lt;br /&gt;
|इसे खोलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:56&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, कि हमारा फाइलनेम Tokens .c'' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
| इस कार्यक्रम में हम वेरिएबल्स इनिशिलाइज करेंगे और उनकी वेल्यूज को प्रिंट करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09&lt;br /&gt;
| अब मैं कोड समझाता हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:12&lt;br /&gt;
|यह हमारी हेडर फाइल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:16&lt;br /&gt;
| यह हमारा main फंक्शन्स है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|यहाँ ''' int '' कीवर्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22&lt;br /&gt;
| '' कंपाइलर'''' कीवर्ड्स का अर्थ जानता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
| '''a''' एक इंटीजर वेरिएबल है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| हमने इसे ''2'' वेल्यू दी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:32&lt;br /&gt;
| इसे  initialization. (इनिशिलायझेशन) कहते है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
|यदि वेरिएबल को वेल्यू नहीं दी गयी है, तो फिर इसे declaration of the variable कहा जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:43&lt;br /&gt;
| यहाँ, b constant (कॉन्स्टन्ट)  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| हमने b  को 4 वेल्यू देकर इसे इनिशिलाइज किया। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:53&lt;br /&gt;
|Constकीवर्ड का उपयोग read only variable (रिडओन्ली वेरिएबल) तैयार करने के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:58&lt;br /&gt;
| कीवर्ड्स और कॉन्स्टन्ट के बारे में अधिक जानने के लिए हमारी स्लाइड्स पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|''कीवर्ड्स''' का निश्चित अर्थ है, जिसे बदला नहीं जा सकता।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
|'''कीवर्ड्स''''' को वेरिएबल नेम्स के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15&lt;br /&gt;
| C में 32 कीवर्ड्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
| कुछ नाम, '''auto''', '''break''', '''case''', '''char''', '''const''',''' default''', '''enum''' '''extern''' आदि&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:28&lt;br /&gt;
|कॉन्स्टन्ट्स की वेल्यूस निश्चित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:34&lt;br /&gt;
| वे प्रोग्राम के निष्पादन के दौरान बदलते नहीं हैं। कॉन्स्टन्ट्स दो प्रकार के होते हैं, नूमेरिक कॉन्स्टन्ट्स और केरेक्टर कॉन्स्टन्ट्स ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
| अब अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|यहाँ फ्लोट वेरिएबल c का डेटा टाइप (प्रकार) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
| हमने एसे '''1.5''' की वेल्यू दी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
| डेटा टाइप नियमों के सेट के साथ' वेल्यूज का एक सीमित सेट है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| यहाँ, '''d ''' एक वेरिएबल है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07&lt;br /&gt;
| '''Char'' और सिंगल कोट्स बताते हैं कि हम केरेक्टर के साथ कार्य कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:13&lt;br /&gt;
| परिणाम स्वरूप, '''d''' एक केरेक्टर वेरिएबल है, जो '''A''' वेल्यू संचित करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| यह देखना आसान है कि int, double float'''और char डेटा टाइप्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:30&lt;br /&gt;
| ''a,''' '''c  और  d''' वेरिएबल्स हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:36&lt;br /&gt;
| अब अपनी स्लाइड्स पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|हम डेटा टाइप्स और वेरिएबल के विषय में अधिक जानेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48&lt;br /&gt;
|integer (इंटीजर) डेटा टाइप के साथ शुरू करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
|इसे int के रूप में घोषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| यदि हम इंटीजर डेटा टाइप प्रिंट करना चाहते हैं, तो हम फॉरमेट स्पेसिफायर के रूप में % d का उपयोग करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:01&lt;br /&gt;
| इसी तरह, हम फ्लोटिंग प्वॉइंट नंबर्स के लिए फ्लोट और %f  का उपयोग करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:09&lt;br /&gt;
|केरेक्टर डेटा टाइप के लिए हम char और %c उपयोग करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:15&lt;br /&gt;
| और डबल डेटा टाइप के लिए, हम फॉरमेट स्पेसिफायर के रूप में डबल और %lf का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
| अब हम डेटा टाइप की रेंज देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:29&lt;br /&gt;
| इंटीजर डेटा टाइप की रेंज है '''-32,768 to 32,767'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
| फ्लोटिंग प्वॉइंट की रेंज है '''3.4E +/-38 '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39&lt;br /&gt;
| केरिक्टर की रेंज है '''-128 to 127'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:42&lt;br /&gt;
| और डबल की रेंज है '''1.7E +/-308'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:48&lt;br /&gt;
|वेरिएबल में संग्रहित वेल्यूज़ इस रेंज से अधिक या कम नहीं होनी चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:56&lt;br /&gt;
| अब हम वेरिएबल्स की ओर बढ़ते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00&lt;br /&gt;
| वेरिएबल एक डेटा नेम (नाम) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03&lt;br /&gt;
|इसका उपयोग डेटा वेल्यू संचित करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
|वेल्यूज बदल सकती हैं जब प्रोग्राम रन होता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:10&lt;br /&gt;
| वेरिएबल का उपयोग करने से पहले इसे घोषित करना ही चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:15&lt;br /&gt;
| हमें वेरिएबल्स को सार्थक नाम देने का प्रयास करना चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19 &lt;br /&gt;
| उदाहरण '''john''', '''marks''', '''sum''' आदि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:24&lt;br /&gt;
| अब अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| यहाँ, ''' printf''' इस फंक्शन का आइडेंटीफायर नाम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| अपनी स्लाइड्स पर आएँ। आइडेंटीफायर्स के बारे में जानें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:38&lt;br /&gt;
| आइडेंटीफायर्स यूजर डिफाइंड नेम्स हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:41&lt;br /&gt;
|आइडेंटीफायर में अक्षर और अंक होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:46&lt;br /&gt;
|दोनों अपरकेस और लोवरकेस अक्षरों को अनुमति है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:51&lt;br /&gt;
| पहला केरेक्टर, ऐल्फबेट या अंडरस्कोर होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
|अब अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
|यहाँ हमने वेरिएबल्स और कॉन्स्टन्ट्स को इनिशिलाइज किया है। यहाँ हम उन्हें प्रिंट करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
|और यह हमारा रिटर्न स्टेटमेंट है। अब save(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम निष्पादित करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:12&lt;br /&gt;
| कृपया अपने कीबोर्ड पर '''Ctrl,''' '''Alt''' और '''T '' कीज़ एक साथ दबाकर टर्मिनल खोलें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21 &lt;br /&gt;
|कम्पाइल करने के लिए टाइप करें '''gcc tokens.c -o tok''' एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
| एक्सक्यूट करने के लिए टाइप करें ./tok'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
| आउटपुट प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:39&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि यहाँ दशमलव बिंदु(डेसिमल पॉइंट) के बाद हमारे पास 6 वेल्यूज हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:44&lt;br /&gt;
| और यहाँ हमारे पास दो वेल्यूज हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
| अब पता करते हैं कि यह कैसे हुआ । अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:54&lt;br /&gt;
| यह इसलिए है, क्योंकि यहां हमारे पास '''%.2f''' है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| यह सूचित करता है कि दशमलव बिंदु(डेसिमल पॉइंट) के बाद हम केवल दो वेल्यूज प्रिंट कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:04&lt;br /&gt;
|  यहाँ मुझे तीन दशमलव स्थान(डेसिमल प्लेसेस) के साथ आउटपुट चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| %.2f को %.3f में बदलें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
| अब '''Save'''(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर आएँ । पहले की तरह कम्पाइल और निष्पादित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
|यहाँ हम दशमलव बिंदु(डेसिमल पॉइंट) के बाद तीन वेल्यूज देख सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|अब हम C++ में यही प्रोग्राम निष्पादित करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:37 &lt;br /&gt;
| अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| मैं यहाँ कुछ चीजें बदलूँगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| पहले अपने कीबोर्ड पर shift+ctrl+s कीज़ एक साथ दबाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:50&lt;br /&gt;
|अब एक्सटेंशन .cpp के साथ फ़ाइल सेव करें और save (सेव) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:58&lt;br /&gt;
|iostream के रूप में हेडर फ़ाइल बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:03&lt;br /&gt;
| अब '''using ''' स्टेटमेंट जोड़ें और Save पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:11&lt;br /&gt;
|अब '''cout''' स्टेटमेंट के साथ ''printf ''' स्टेटमेंट बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
|C++ में लाइन प्रिंट करने के लिए हम ''cout&amp;lt;&amp;lt; फंक्शन का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| Search for and replace text (सर्च फॉर एंड रिप्लेस टेक्स्ट)ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
|यहाँ टाइप करें printf ओपनिंग ब्रैकेट “(”&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:33&lt;br /&gt;
| और यहा इस कॉलम में टाइप करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:35&lt;br /&gt;
| cout और दो ओपनिंग एंगल ब्रैकेट्स “&amp;lt;&amp;lt;”.अब Replace All  पर क्लिक करें और Close पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:45&lt;br /&gt;
|हमें फॉर्मेट स्पेसिफायर \n की जरूरत नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:50&lt;br /&gt;
| उन्हें डिलिट करें । अब कॉमा डिलिट करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:54&lt;br /&gt;
|और दो ओपनिंग एंगल ब्रैकेट्स टाइप करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:01&lt;br /&gt;
|Save(सेव)पर क्लिक करें। अब क्लोजिंग ब्रैकेट डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06&lt;br /&gt;
| दो ओपनिंग एंगल ब्रैकेट्स पुनः टाइप करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
| और डबल कोट्स में टाइप करें \n . अब Save(सेव) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम निष्पादित करें । टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:24&lt;br /&gt;
|कम्पाइल करने के लिए टाइप करें g++ tokens.cpp -o tok1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| यहाँ हमारे पास है tok1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:36&lt;br /&gt;
|क्योंकि हम फ़ाइल tokens.c के लिए आउपुट पैरामीटर ओवरराइट करना नहीं चाहते। अब एंटर दबाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:48&lt;br /&gt;
| निष्पादित करने के लिए टाइप करें ./tok1. एंटर दबाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:55&lt;br /&gt;
|आउटपुट प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:59&lt;br /&gt;
| अब कुछ सामान्य एरर्स देखते हैं जो आ सकती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03&lt;br /&gt;
| अपने प्रोग्राम पर आएँ। मानिए कि यहाँ मैं b को 8 वेल्यू दूँगा।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
| Save पर क्लिक करें। देखें,क्या होता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
| अपने टर्मिनल पर जाएँ। मैं प्राम्ट क्लियर करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:22&lt;br /&gt;
| अब पहले की तरह कम्पाइल करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:26&lt;br /&gt;
| हम अपनी tokens. cpp फाइल में लाइन नं. 7 पर एरर देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| Assignment of read only variable b&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:40&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि b कॉन्स्टन्ट है। कॉन्स्टन्ट्स की वेल्यूज तय होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:46&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम के निष्पादन के समय वे बदलती नहीं हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:49&lt;br /&gt;
| इसलिए यह एक एरर दे रहा है । एरर को फिक्स करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:54&lt;br /&gt;
|इसे डिलिट करें । Save(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:57&lt;br /&gt;
|पुनः निष्पादित करें । अपने टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:01&lt;br /&gt;
|पहले की तरह कम्पाइल करें । पहले की तरह निष्पादित करें । हाँ, यह काम कर रहा है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:09&lt;br /&gt;
| अब हम अन्य सामान्य एरर देखेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:12&lt;br /&gt;
|अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:15&lt;br /&gt;
|मानिए कि यहाँ मैं सिंगल कोट्स भूल जाता हूँ । Save(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:21&lt;br /&gt;
| निष्पादित करें । अपने टर्मिनल पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:25&lt;br /&gt;
|पहले की तरह कम्पाइल करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:28&lt;br /&gt;
| हम अपनी फाइल tokens. cpp में लाइन नं. 9 पर एरर देखते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:34&lt;br /&gt;
|A was not declared in the scope. अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:40&lt;br /&gt;
| यह इसलिए, क्योंकि सिंगल कोट्स में जो कुछ है, वो केरिक्टर वेल्यू के रूप में माना जाता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:47&lt;br /&gt;
| और यहाँ हमने d को केरिक्टर वेरिएबल के रूप में घोषित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:53&lt;br /&gt;
|एरर फिक्स करें । यहाँ लाइन नं. 9 में single quotes टाइप करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:59&lt;br /&gt;
| Save(सेव) पर क्लिक करें । निष्पादित करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:02&lt;br /&gt;
|अपने टर्मिनल पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:04&lt;br /&gt;
|अब पहले की तरह कम्पाइल करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:06&lt;br /&gt;
|पहले की तरह निष्पादित करें । हाँ, यह काम कर रहा है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:14&lt;br /&gt;
|अब अपनी स्लाइड्स पर आएँ । संक्षेप में.. इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:18&lt;br /&gt;
| डेटा टाइप उदाहरण, int, double, float आदि.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:24&lt;br /&gt;
| वेरिएबल्स उदाहरण, int a=2;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:29&lt;br /&gt;
|आइडेंटीफायर्स उदाहरण, printf() और&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|12:34&lt;br /&gt;
|कॉन्स्टन्ट उदाहरण.- double const b=4;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:40&lt;br /&gt;
|एक नियत-कार्य के रूप में, सामान्य ब्याज की गणना करने के लिए एक C प्रोग्राम लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:45&lt;br /&gt;
| सुझाव: Simple Interest = principal * rate * time / 100&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:51&lt;br /&gt;
|इस लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें http://spoken-tutorial.org/What is a Spoken Tutorial.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:54&lt;br /&gt;
|यह स्पोकन ट्यटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:57&lt;br /&gt;
|यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:01&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम...:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:03&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:07&lt;br /&gt;
|ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:11&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:20&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:24&lt;br /&gt;
|यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:30&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:35&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट लता द्वारा अनुवादित है, मैं यश वोरा आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/C-and-C%2B%2B/C2/Tokens/Hindi</id>
		<title>C-and-C++/C2/Tokens/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/C-and-C%2B%2B/C2/Tokens/Hindi"/>
				<updated>2021-09-02T10:59:06Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01 &lt;br /&gt;
| C- और -C-Plus-Plus में टॉकन्स(Tokens) पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:09&lt;br /&gt;
| टॉकन्स को परिभाषित और उनका उपयोग कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
|हम यह एक उदाहरण की मदद से करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
|हम कुछ सामान्य एरर्स और उनके समाधान भी देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उबंटु ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन 11.10,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:26&lt;br /&gt;
|gcc औरg++  कंपाइलर वर्जन 4.6.1 का उपयोग कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
|परिचय के साथ शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
|टॉकन '''Data types'''(डेटा टाइप्स), '''Variables''' (वेरिएबल्स), '''Constants''' (कॉन्स्टन्ट)और '''Identifiers'''((आइडेन्टीफायर्स) के लिए एक जेनिरिक(generic) शब्द है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:46&lt;br /&gt;
|अपने प्रोग्राम के साथ शुरू करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:49&lt;br /&gt;
|मैंने एडिटर में कोड पहले से ही टाइप किया हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:53&lt;br /&gt;
|इसे खोलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:56&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, कि हमारा फाइलनेम Tokens .c'' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
| इस कार्यक्रम में हम वेरिएबल्स इनिशिलाइज करेंगे और उनकी वेल्यूज को प्रिंट करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09&lt;br /&gt;
| अब मैं कोड समझाता हूँ। यह हमारी हेडर फाइल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:16&lt;br /&gt;
| यह हमारा main फंक्शन्स है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|यहाँ ''' int '' कीवर्ड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22&lt;br /&gt;
| '' कंपाइलर'''' कीवर्ड्स का अर्थ जानता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
| '''a''' एक इंटीजर वेरिएबल है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| हमने इसे ''2'' वेल्यू दी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:32&lt;br /&gt;
| इसे  initialization. (इनिशिलायझेशन) कहते है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
|यदि वेरिएबल को वेल्यू नहीं दी गयी है, तो फिर इसे declaration of the variable कहा जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:43&lt;br /&gt;
| यहाँ, b constant (कॉन्स्टन्ट)  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| हमने b  को 4 वेल्यू देकर इसे इनिशिलाइज किया। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:53&lt;br /&gt;
|Constकीवर्ड का उपयोग read only variable (रिडओन्ली वेरिएबल) तैयार करने के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:58&lt;br /&gt;
| कीवर्ड्स और कॉन्स्टन्ट के बारे में अधिक जानने के लिए हमारी स्लाइड्स पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|''कीवर्ड्स''' का निश्चित अर्थ है, जिसे बदला नहीं जा सकता।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
|'''कीवर्ड्स''''' को वेरिएबल नेम्स के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15&lt;br /&gt;
| C में 32 कीवर्ड्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
| कुछ नाम, '''auto''', '''break''', '''case''', '''char''', '''const''',''' default''', '''enum''' '''extern''' आदि&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:28&lt;br /&gt;
|कॉन्स्टन्ट्स की वेल्यूस निश्चित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:34&lt;br /&gt;
| वे प्रोग्राम के निष्पादन के दौरान बदलते नहीं हैं। कॉन्स्टन्ट्स दो प्रकार के होते हैं, नूमेरिक कॉन्स्टन्ट्स और केरेक्टर कॉन्स्टन्ट्स ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
| अब अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|यहाँ फ्लोट वेरिएबल c का डेटा टाइप (प्रकार) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
| हमने एसे '''1.5''' की वेल्यू दी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
| डेटा टाइप नियमों के सेट के साथ' वेल्यूज का एक सीमित सेट है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| यहाँ, '''d ''' एक वेरिएबल है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07&lt;br /&gt;
| '''Char'' और सिंगल कोट्स बताते हैं कि हम केरेक्टर के साथ कार्य कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:13&lt;br /&gt;
| परिणाम स्वरूप, '''d''' एक केरेक्टर वेरिएबल है, जो '''A''' वेल्यू संचित करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| यह देखना आसान है कि int, double float'''और char डेटा टाइप्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:30&lt;br /&gt;
| ''a,''' '''c  और  d''' वेरिएबल्स हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:36&lt;br /&gt;
| अब अपनी स्लाइड्स पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|हम डेटा टाइप्स और वेरिएबल के विषय में अधिक जानेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48&lt;br /&gt;
|integer (इंटीजर) डेटा टाइप के साथ शुरू करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
|इसे int के रूप में घोषित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| यदि हम इंटीजर डेटा टाइप प्रिंट करना चाहते हैं, तो हम फॉरमेट स्पेसिफायर के रूप में % d का उपयोग करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:01&lt;br /&gt;
| इसी तरह, हम फ्लोटिंग प्वॉइंट नंबर्स के लिए फ्लोट और %f  का उपयोग करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:09&lt;br /&gt;
|केरेक्टर डेटा टाइप के लिए हम char और %c उपयोग करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:15&lt;br /&gt;
| और डबल डेटा टाइप के लिए, हम फॉरमेट स्पेसिफायर के रूप में डबल और %lf का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
| अब हम डेटा टाइप की रेंज देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:29&lt;br /&gt;
| इंटीजर डेटा टाइप की रेंज है '''-32,768 to 32,767'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
| फ्लोटिंग प्वॉइंट की रेंज है '''3.4E +/-38 '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39&lt;br /&gt;
| केरिक्टर की रेंज है '''-128 to 127'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:42&lt;br /&gt;
| और डबल की रेंज है '''1.7E +/-308'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:48&lt;br /&gt;
|वेरिएबल में संग्रहित वेल्यूज़ इस रेंज से अधिक या कम नहीं होनी चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:56&lt;br /&gt;
| अब हम वेरिएबल्स की ओर बढ़ते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00&lt;br /&gt;
| वेरिएबल एक डेटा नेम (नाम) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03&lt;br /&gt;
|इसका उपयोग डेटा वेल्यू संचित करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
|वेल्यूज बदल सकती हैं जब प्रोग्राम रन होता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:10&lt;br /&gt;
| वेरिएबल का उपयोग करने से पहले इसे घोषित करना ही चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:15&lt;br /&gt;
| हमें वेरिएबल्स को सार्थक नाम देने का प्रयास करना चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19 &lt;br /&gt;
| उदाहरण '''john''', '''marks''', '''sum''' आदि ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:24&lt;br /&gt;
| अब अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| यहाँ, ''' printf''' इस फंक्शन का आइडेंटीफायर नाम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| अपनी स्लाइड्स पर आएँ। आइडेंटीफायर्स के बारे में जानें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:38&lt;br /&gt;
| आइडेंटीफायर्स यूजर डिफाइंड नेम्स हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:41&lt;br /&gt;
|आइडेंटीफायर में अक्षर और अंक होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:46&lt;br /&gt;
|दोनों अपरकेस और लोवरकेस अक्षरों को अनुमति है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:51&lt;br /&gt;
| पहला केरेक्टर, ऐल्फबेट या अंडरस्कोर होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
|अब अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
|यहाँ हमने वेरिएबल्स और कॉन्स्टन्ट्स को इनिशिलाइज किया है। यहाँ हम उन्हें प्रिंट करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
|और यह हमारा रिटर्न स्टेटमेंट है। अब save(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम निष्पादित करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:12&lt;br /&gt;
| कृपया अपने कीबोर्ड पर '''Ctrl,''' '''Alt''' और '''T '' कीज़ एक साथ दबाकर टर्मिनल खोलें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21 &lt;br /&gt;
|कम्पाइल करने के लिए टाइप करें '''gcc tokens.c -o tok''' एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
| एक्सक्यूट करने के लिए टाइप करें ./tok'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
| आउटपुट प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:39&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि यहाँ दशमलव बिंदु(डेसिमल पॉइंट) के बाद हमारे पास 6 वेल्यूज हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:44&lt;br /&gt;
| और यहाँ हमारे पास दो वेल्यूज हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
| अब पता करते हैं कि यह कैसे हुआ । अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:54&lt;br /&gt;
| यह इसलिए है, क्योंकि यहां हमारे पास '''%.2f''' है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| यह सूचित करता है कि दशमलव बिंदु(डेसिमल पॉइंट) के बाद हम केवल दो वेल्यूज प्रिंट कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:04&lt;br /&gt;
|  यहाँ मुझे तीन दशमलव स्थान(डेसिमल प्लेसेस) के साथ आउटपुट चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| %.2f को %.3f में बदलें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
| अब '''Save'''(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर आएँ । पहले की तरह कम्पाइल और निष्पादित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
|यहाँ हम दशमलव बिंदु(डेसिमल पॉइंट) के बाद तीन वेल्यूज देख सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|अब हम C++ में यही प्रोग्राम निष्पादित करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:37 &lt;br /&gt;
| अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| मैं यहाँ कुछ चीजें बदलूँगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| पहले अपने कीबोर्ड पर shift+ctrl+s कीज़ एक साथ दबाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:50&lt;br /&gt;
|अब एक्सटेंशन .cpp के साथ फ़ाइल सेव करें और save (सेव) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:58&lt;br /&gt;
|iostream के रूप में हेडर फ़ाइल बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:03&lt;br /&gt;
| अब '''using ''' स्टेटमेंट जोड़ें और Save पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:11&lt;br /&gt;
|अब '''cout''' स्टेटमेंट के साथ ''printf ''' स्टेटमेंट बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
|C++ में लाइन प्रिंट करने के लिए हम ''cout&amp;lt;&amp;lt; फंक्शन का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| Search for and replace text (सर्च फॉर एंड रिप्लेस टेक्स्ट)ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
|यहाँ टाइप करें printf ओपनिंग ब्रैकेट “(”&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:33&lt;br /&gt;
| और यहा इस कॉलम में टाइप करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:35&lt;br /&gt;
| cout और दो ओपनिंग एंगल ब्रैकेट्स “&amp;lt;&amp;lt;”.अब Replace All  पर क्लिक करें और Close पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:45&lt;br /&gt;
|हमें फॉर्मेट स्पेसिफायर \n की जरूरत नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:50&lt;br /&gt;
| उन्हें डिलिट करें । अब कॉमा डिलिट करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:54&lt;br /&gt;
|और दो ओपनिंग एंगल ब्रैकेट्स टाइप करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:01&lt;br /&gt;
|Save(सेव)पर क्लिक करें। अब क्लोजिंग ब्रैकेट डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06&lt;br /&gt;
| दो ओपनिंग एंगल ब्रैकेट्स पुनः टाइप करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
| और डबल कोट्स में टाइप करें \n . अब Save(सेव) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम निष्पादित करें । टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:24&lt;br /&gt;
|कम्पाइल करने के लिए टाइप करें g++ tokens.cpp -o tok1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| यहाँ हमारे पास है tok1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:36&lt;br /&gt;
|क्योंकि हम फ़ाइल tokens.c के लिए आउपुट पैरामीटर ओवरराइट करना नहीं चाहते। अब एंटर दबाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:48&lt;br /&gt;
| निष्पादित करने के लिए टाइप करें ./tok1. एंटर दबाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:55&lt;br /&gt;
|आउटपुट प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:59&lt;br /&gt;
| अब कुछ सामान्य एरर्स देखते हैं जो आ सकती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03&lt;br /&gt;
| अपने प्रोग्राम पर आएँ। मानिए कि यहाँ मैं b को 8 वेल्यू दूँगा।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
| Save पर क्लिक करें। देखें,क्या होता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
| अपने टर्मिनल पर जाएँ। मैं प्राम्ट क्लियर करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:22&lt;br /&gt;
| अब पहले की तरह कम्पाइल करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:26&lt;br /&gt;
| हम अपनी tokens. cpp फाइल में लाइन नं. 7 पर एरर देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| Assignment of read only variable b&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:40&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि b कॉन्स्टन्ट है। कॉन्स्टन्ट्स की वेल्यूज तय होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:46&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम के निष्पादन के समय वे बदलती नहीं हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:49&lt;br /&gt;
| इसलिए यह एक एरर दे रहा है । एरर को फिक्स करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:54&lt;br /&gt;
|इसे डिलिट करें । Save(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:57&lt;br /&gt;
|पुनः निष्पादित करें । अपने टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:01&lt;br /&gt;
|पहले की तरह कम्पाइल करें । पहले की तरह निष्पादित करें । हाँ, यह काम कर रहा है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:09&lt;br /&gt;
| अब हम अन्य सामान्य एरर देखेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:12&lt;br /&gt;
|अपने प्रोग्राम पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:15&lt;br /&gt;
|मानिए कि यहाँ मैं सिंगल कोट्स भूल जाता हूँ । Save(सेव) पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:21&lt;br /&gt;
| निष्पादित करें । अपने टर्मिनल पर आएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:25&lt;br /&gt;
|पहले की तरह कम्पाइल करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:28&lt;br /&gt;
| हम अपनी फाइल tokens. cpp में लाइन नं. 9 पर एरर देखते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:34&lt;br /&gt;
|A was not declared in the scope. अपने प्रोग्राम पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:40&lt;br /&gt;
| यह इसलिए, क्योंकि सिंगल कोट्स में जो कुछ है, वो केरिक्टर वेल्यू के रूप में माना जाता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:47&lt;br /&gt;
| और यहाँ हमने d को केरिक्टर वेरिएबल के रूप में घोषित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:53&lt;br /&gt;
|एरर फिक्स करें । यहाँ लाइन नं. 9 में single quotes टाइप करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:59&lt;br /&gt;
| Save(सेव) पर क्लिक करें । निष्पादित करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:02&lt;br /&gt;
|अपने टर्मिनल पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:04&lt;br /&gt;
|अब पहले की तरह कम्पाइल करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:06&lt;br /&gt;
|पहले की तरह निष्पादित करें । हाँ, यह काम कर रहा है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:14&lt;br /&gt;
|अब अपनी स्लाइड्स पर आएँ । संक्षेप में.. इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:18&lt;br /&gt;
| डेटा टाइप उदाहरण, int, double, float आदि.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:24&lt;br /&gt;
| वेरिएबल्स उदाहरण, int a=2;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:29&lt;br /&gt;
|आइडेंटीफायर्स उदाहरण, printf() और&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|12:34&lt;br /&gt;
|कॉन्स्टन्ट उदाहरण.- double const b=4;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:40&lt;br /&gt;
|एक नियत-कार्य के रूप में, सामान्य ब्याज की गणना करने के लिए एक C प्रोग्राम लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:45&lt;br /&gt;
| सुझाव: Simple Interest = principal * rate * time / 100&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:51&lt;br /&gt;
|इस लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें http://spoken-tutorial.org/What is a Spoken Tutorial.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:54&lt;br /&gt;
|यह स्पोकन ट्यटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:57&lt;br /&gt;
|यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:01&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम...:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:03&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:07&lt;br /&gt;
|ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:11&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:20&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:24&lt;br /&gt;
|यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:30&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:35&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट लता द्वारा अनुवादित है, मैं यश वोरा आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Formulae-and-Functions-in-Calc/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Formulae-and-Functions-in-Calc/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Formulae-and-Functions-in-Calc/Hindi"/>
				<updated>2021-08-30T07:04:39Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| '''TIME'''&lt;br /&gt;
|| '''NARRATION'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| ''' Calc''' में '''Formulae and Functions ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
|| '''Conditional Operators''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
|| '''If..Or statement'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| बेसिक '''statistical''' '''functions ''' और संख्याओं को '''Rounding''' '''off''' करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:23&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल  '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 18.04 और '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:37&lt;br /&gt;
|| इससे पहली श्रृंखला में, हमने बुनियादी '''arithmetic''' '''operators''' और '''average function''' का उपयोग करना सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
|| अब हम '''conditional''' '''operators''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| '''Conditional''' '''operators''' यूजर्स द्वारा डेटा पर लागू '''condition''' की जांच करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
|| '''boolean: TRUE ''' या ''' FALSE''' में परिणाम प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:01&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods.''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:06&lt;br /&gt;
|| यह फ़ाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक करें। इसकी कॉपी बनाएं और अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| यहां, '''Cost'''  कॉलम में, हमने कई आइटम की कीमतों को सूचीबद्ध किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| उन पर '''conditional operators''' लागू करें और परिणामों का विश्लेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''House''' '''Rent''' की राशि '''6,000''' रूपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:40&lt;br /&gt;
|| '''Electricity''' '''Bill'''  की लागत ''800'' रुपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| '''House''' '''Rent''' की राशि '''Electricity''' '''Bill''' से अधिक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| हम उन पर अलग-अलग '''conditions''' लागू कर सकते हैं और परिणामों की जांच कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| '''cell B10''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:59&lt;br /&gt;
|| '''condition ''' का परिणाम इस '''cell''' में लागू और प्रदर्शित किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
|| इस '''cell''' में, पहली '''condition''' के रूप में '''is equal to C3 greater than C4''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
और फिर '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
|| चूंकि '''cell C3''' की वैल्यू '''cell''' '''C4''' की वैल्यू से अधिक है, इसलिए हमें परिणाम '''TRUE''' मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
|| अब हम इस '''conditional statement''' को '''is equal to C3 lesser than C4''' में बदलते हैं।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| इस बार हमें जो परिणाम मिला है वह '''FALSE ''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, हम कुछ अन्य '''conditions''' टाइप कर सकते हैं और परिणामों का अध्ययन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
|| बड़ी मात्रा में '''data''' से डीलिंग के दौरान ये '''statements''' बहुत उपयोगी होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| हम अपने डेटा पर '''If ''' और '''Or''' '''condition''' का भी उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| '''TRUE''' रखने वाली '''condition''' के अनुसार परिणामों को प्रिंट करने के लिए&lt;br /&gt;
इसका अभ्यास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''B10''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:12&lt;br /&gt;
|| टाइप करें-&lt;br /&gt;
is equal to IF और ब्रैकेट्स में C3 greater than C4 कोमा, डबल कोट्स में Positive कोमा और फिर से डबल कोट्स में Negative.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:28&lt;br /&gt;
|| '''if condition''' यह जांचता है कि '''cell C3''' की वैल्यू '''cell''' '''C4''' की वैल्यू से अधिक है या नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| तदनुसार, '''Positive''' या '''Negative'''  प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| अब '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि परिणाम '''Positive''' है क्योंकि '''6000''' रुपये '''800''' रूपये से अधिक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| अब, '''condition''' '''statement''' में, '''greater''' '''than''' को '''less''' '''than''' में परिवर्तित करते हैं।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| हमें अपेक्षा के अनुसार आउटपुट मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:05&lt;br /&gt;
|| आप परिणाम में परिवर्तन भी देख सकते हैं, यदि हम '''cells''' '''C3''' और '''C4''' में डेटा बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
|| अब, '''cell''' '''C4''' में वैल्यू '''8000''' बढ़ायें और '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| परिणाम स्वचालित रूप से '''Positive''' में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
|| फिर से, '''C4''' में वैल्यू '''800''' घटायें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| परिणाम फिर से स्वचालित रूप से '''Negative''' में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| अब, किए गए परिवर्तनों को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, आइए कुछ बुनियादी और '''statistical''' '''functions''' के बारे में जानते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
|| '''function''' के साथ '''formula''' लिखने के लिए '''syntax''' है:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
|| '''Equals to  = '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Function name (SUM '''for addition)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Arguments (cell references)'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| सामान्य बुनियादी '''functions''' में शामिल हैं-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
||  जोड़ने के लिए '''SUM''' ,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
|| गुणन के लिए '''PRODUCT''',&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:19&lt;br /&gt;
|| विभाजन के लिए '''QUOTIENT'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:22&lt;br /&gt;
|| अब मैं प्रदर्शित करती हूँ कि '''Sum''', '''Product''' और '''Quotient functions''' कैसे कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| पहले '''Sheet''' '''3''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| '''cells''' '''B1''', '''B2''' और '''B3''' में क्रमश: '''50''', '''100''' और '''150''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''A5''' पर क्लिक करें और '''SUM''' टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
|| '''cell B5''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| हम इस '''cell''' में परिणाम की गणना करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| यदि हम '''function''' और '''syntax''' जानते हैं, तो हम इसे सीधे संबंधित '''cell''' में टाइप कर सकते हैं जैसा कि दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- '''is equal to SUM, और ब्रैसेस में B1 colon B3''' और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि परिणाम '''300'''' दिखाता है।&lt;br /&gt;
परिवर्तन अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
|| यदि हम '''function''' नाम नहीं जानते हैं, तो हम '''function''' सेक्शन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| '''sidebar''' में '''fx''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| '''Functions Wizard''' खुलता है।&lt;br /&gt;
यह सभी '''Calc functions''' का '''library''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
|| '''functions''' ड्रॉप-डाउन से, '''Mathematical''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| '''Calc ''' में उपलब्ध सभी '''mathematical functions''' की सूची नीचे प्रदर्शित की जाएगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रॉल करें और '''function SUM''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, हम चयनित '''function''' के बारे में जानकारी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| '''cell B5''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| '''cell''' में चयनित '''function''' के लिए '''syntax''' डाला गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells B1''' से '''B3''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| '''Input''' '''Line''' को देखें। '''formula''' स्वतः पूर्ण हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:22&lt;br /&gt;
|| अब कीबोर्ड पर '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:26&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर, परिणाम '''300''' दिखाता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, '''cell A6''' पर क्लिक करें और '''PRODUCT''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| '''cell B6''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:39&lt;br /&gt;
|| '''Functions Wizard''' से, स्क्रोल करें और '''function PRODUCT''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells B1''' से '''B3''' चुनें।&lt;br /&gt;
और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि परिणाम '''7,50,000''' दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| यदि आप केवल विशिष्ट '''cells''' का चयन करना चाहते हैं, तो '''Ctrl''' की दबाकर उन '''cells''' का चयन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| '''function PRODUCT''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
|| ''Ctrl key'' दबाते समय कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells B1''' और '''B3''' चुनें।&lt;br /&gt;
और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:24&lt;br /&gt;
|| नया परिणाम '''7,500''' देखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, देखते हैं कि '''Quotient''' कैसे कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''A7''' पर क्लिक करें और '''QUOTIENT''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| '''cell B7''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:42&lt;br /&gt;
|| हम परिणाम की गणना करने के लिए इस '''cell''' का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- '''is equal to QUOTIENT, और ब्रैसेस में, B2 कोमा B1.'''&lt;br /&gt;
'''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| हमें परिणाम '''2''' के रूप में मिलेगा क्योंकि '''100''' को ''50''' से भाग देने पर ''2'' आता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:02&lt;br /&gt;
|| अब ''' cell B2''' में '''151''' नंबर बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:08&lt;br /&gt;
|| '''cell B7''' के परिवर्तन पर ध्यान दें। भागफल ''3'' है लेकिन शेष ''1'' लुप्त है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
|| क्या होगा अगर हम शेष देखना चाहते हैं?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| '''cell B8 ''' पर क्लिक करें और टाइप करें '''is equal to MOD, और ब्रैसेस में B2 कोमा B1.'''&lt;br /&gt;
'''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| '''Functions Wizard''' में उपलब्ध अन्य '''functions''' को बाद में स्वयं अन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
'''Functions Wizard''' को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09;40&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, सीखते हैं कि '''statistical''' '''functions''' को कैसे लागू करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:46&lt;br /&gt;
|| '''Statistical''' '''functions'''   '''spreadsheets''' में डेटा के विश्लेषण के लिए उपयोगी हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए, '''statistical''' '''functions''' जैसे '''COUNT, MIN, MAX, MEDIAN, MODE'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:02&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 1''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:05&lt;br /&gt;
|| देखते हैं कि '''minimum, maximum''' और '''median costs''' कैसे ज्ञात करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
|| यह हम '''Calc’s statistical functions''' का उपयोग करते हुए करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| '''Cost''' कॉलम में, हमारे पास बहुत कम प्रविष्टियां हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:20&lt;br /&gt;
|| न्यूनतम लागत '''300''' रुपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:24&lt;br /&gt;
|| अधिकतम लागत '''6000''' रुपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
|| ये वे परिणाम हैं जिन्हें प्रदर्शित किया जाना चाहिए, जब हम '''functions''' का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:34&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''C10''' पर क्लिक करें जहां हम परिणाम प्रदर्शित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| ''Formatting toolbar''' में '''Format as Number''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:45&lt;br /&gt;
|| यह नंबरिंग प्रारूप को चयनित सेल पर लागू करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| अब '''Formula bar''' पर जाएँ और '''Autosum''' आइकन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
|| सूची से '''MIN''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:58&lt;br /&gt;
|| कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells C3''' से '''C7''' तक चुनें।&lt;br /&gt;
और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
|| अब परिणाम '''300''' है, जो कि न्यूनतम वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
|| इसी तरह '''Maximum function''' के लिए भी करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| अब परिणाम '''6000'''' है जो कि अधिकतम वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
|| '''median''' वैल्यू ज्ञात करने के लिये, '''Input Line ''' में '''MAX''' को '''MEDIAN''' में बदलें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:34&lt;br /&gt;
|| परिणाम '''800''' दिखाता है, जो इस कॉलम में '''median cost''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:41&lt;br /&gt;
|| अब, आइए इस कॉलम में सभी प्रविष्टियों की संख्या ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:47&lt;br /&gt;
|| '''Input Line ''' में, '''MEDIAN ''' को '''COUNT''' में बदलें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:55&lt;br /&gt;
|| परिणाम ''5'' के रूप में दिखाया गया है जो इस कॉलम में प्रविष्टियों की कुल संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| अब, आइए इस कॉलम में उन सभी प्रविष्टियों की संख्या ज्ञात करें जो 1000 से अधिक हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:09&lt;br /&gt;
|| '''Input Line ''' में, '''COUNT ''' को '''COUNTIF''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:15&lt;br /&gt;
|| '''range''' के बाद, टाइप करें- '''कोमा स्पेस डबल कोट्स में greater than 1000.'''&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:25&lt;br /&gt;
|| परिणाम ''2'' के रूप में दिखाया गया है जो 1000 से अधिक प्रविष्टियों की कुल संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:32&lt;br /&gt;
|| अन्य '''statistical''' '''functions''' का अन्वेषण करें और बाद में स्वयं उनका विश्लेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| अब '''cell C10''' में हुए परिवर्तनों को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, सीखते हैं कि संख्याओं को '''round off''' कैसे किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:47&lt;br /&gt;
|| '''Cost''' कॉलम के अंतर्गत कुछ परिवर्तन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:51&lt;br /&gt;
|| हम '''6000 ''' को ''' 6000.34, 600 ''' को ''' 600.4''', '''300 ''' को ''' 300.3.''' में बदलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''sum''' '''total'''     '''9701'''.'''04''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:13&lt;br /&gt;
|| अब मान लीजिए कि हमें अपने परिणाम में कोई दशमलव स्थान नहीं चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:18&lt;br /&gt;
|| सबसे अच्छा समाधान है कि संख्या को निकटतम पूर्ण संख्या में '''round''' '''off''' करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:24&lt;br /&gt;
|| '''cell C10.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:27&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- '''is equal to ROUND, ओपन ब्रैकेट SUM ''' और फिर से ब्रैकेट्स में C3 कोलन C7 ''' और क्लोज ब्रैकेट।&lt;br /&gt;
'''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
|| देखिए, अब परिणाम '''9701''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:46&lt;br /&gt;
|| '''9701'''.'''04'''  वैल्यू निकटतम पूर्ण संख्या में '''rounded''' '''off''' हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:54&lt;br /&gt;
|| '''Rounding''' '''off''', निम्न पूर्ण संख्या या उच्च संख्या में किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:01&lt;br /&gt;
|| परिणाम के साथ '''cell''' पर क्लिक करें और '''ROUND''' शब्द को '''ROUNDUP''' में एडिट करें।&lt;br /&gt;
अब, '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:11&lt;br /&gt;
|| आप देखते हैं कि परिणाम अब '''9702''' है जो उच्च पूर्ण संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:19&lt;br /&gt;
|| निम्न पूर्ण संख्या में round off  करने के लिए, '''ROUNDUP''' शब्द को '''ROUNDDOWN''' में बदलें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:29&lt;br /&gt;
|| इस बार परिणाम '''9701''' है जो निम्न पूर्ण संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
|| '''Calc''' के '''Functions Wizard library''' में कई अन्य '''functions''' उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
बाद में स्वयं उनका अन्वेषण और विश्लेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:46&lt;br /&gt;
|| परिवर्तनों को सेव किए बिना फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:51&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में....&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:56&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
'''Conditional''' '''Operators''',  '''If..Or statement''',  बेसिक '''statistical''' '''functions ''' और संख्याओं को '''Rounding''' '''off''' करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:10&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में&lt;br /&gt;
'''Spreadsheet hyphen Practice dot ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:16&lt;br /&gt;
|| '''salary data ''' के साथ '''MIN''', '''MAX''' और '''MEDIAN''' फंक्शन को आजमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:23&lt;br /&gt;
|| समान '''salary data''' के साथ '''round off function''' आजमाएं।&lt;br /&gt;
अंत में परिवर्तनों को अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||15:30&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:37&lt;br /&gt;
||  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:47&lt;br /&gt;
||  क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:51&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:57&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:05&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Linking-Calc-Data/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Linking-Calc-Data/Hindi</title>
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				<updated>2021-08-03T06:26:34Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| '''TIME'''&lt;br /&gt;
|| '''NARRATION'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Linking Calc Data''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:09&lt;br /&gt;
|| अन्य '''sheets''' को '''reference''' कैसे करें और '''Calc''' में '''hyperlinks''' कैसे डालें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन18.04 और '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:29&lt;br /&gt;
|| लिब्रे ऑफिस कैल्क आपको एक शीट से एक सेल को, दूसरी शीट में एक सेल को, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:36&lt;br /&gt;
|| दूसरी स्प्रेडशीट से संदर्भित करने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods.''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:44&lt;br /&gt;
|| यह फ़ाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files''' लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
|| इसकी कॉपी बनाएं और अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| अब, हम '''Spent ''' और '''Received''' के अंतर्गत कुल घटकों का योग ज्ञात करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:07&lt;br /&gt;
|| '''cell C8''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| छोटे ''' black box''' पर क्लिक करें जो '''cell''' के निचले दाएं कोने में दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:17&lt;br /&gt;
|| इसे '''cell E8''' तक खींचें और माउस बटन को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| अब, हम एक अलग '''sheet''' पर '''Cost''' और '''Spent''' के तहत कुल शेष राशि प्रदर्शित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:30&lt;br /&gt;
|| हम इसे '''cell referencing''' का उपयोग करके करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 3''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
|| अब '''cell A1 ''' पर क्लिक करें और इसके अंदर '''COMPONENT''' शीर्षक टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| '''cell B1''' पर क्लिक करें और इसके अंदर '''BALANCE''' शीर्षक टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:51&lt;br /&gt;
|| अब, इस शीर्षक के अंतर्गत घटकों के नाम टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
|| '''cell A3''' पर क्लिक करें और '''COST ''' टाइप करें और '''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| '''COST''' के नीचे, '''cell A4''' में '''SPENT''' के रूप में अगला घटक टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| अब, रिक्त '''cell B3''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
|| सेल्स '''B3''' और '''B4''' में शीर्षक '''COST''' और '''SPENT''' के तहत कुल शेष राशि होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| इसकी गणना '''Sheet 1''' में की जा चुकी है। यह '''referencing''' द्वारा किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| '''cell B3''' में '''cell reference''' बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| '''Input line''' के आगे '''equal to '''sign named '''Formula''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| अब, '''Sheet tab''' में '''Sheet 1''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| इस '''sheet''' में, हम '''cell C8''' पर क्लिक करेंगे, जिसमें  '''Cost''' का योग होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि  '''Input line''' में, '''$Sheet 1 dot C8''' स्टेटमेंट प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| अब '''Input line''' के आगे '''Accept''' नाम के चेक मार्क पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हम '''Sheet 3''' पर वापस पुनः निर्दिष्ट होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
|| और '''Sheet 1''' में कुल योग स्वचालित रूप से '''Sheet 3''' के '''cell B3''' में भर जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, हम '''referencing''' के माध्यम से अन्य घटकों के कुल योग को प्रविष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| '''Referencing''' डेटा को सारांशित करने के लिए बहुत उपयोगी है यदि वहाँ कईं '''sheets''' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:42&lt;br /&gt;
|| अब, सीखते हैं कि '''Calc sheets''' में '''Hyperlinks''' कैसे सम्मिलित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
|| '''documents''' के भीतर '''Hyperlink''' ऐसे शब्द या '''phrases''' हैं जिन पर क्लिक किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
|| उन पर क्लिक करने पर, हम एक नए '''document''' या वर्तमान '''document''' के भीतर एक नए सेक्शन या एक वेबपेज पर भी जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| इस फाइल में, हमारा मुख्य '''data''' '''Sheet 1'''' में है और बाकी कंटेंट '''Sheet 3''' में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| मान लीजिए कि हम '''Sheet 1''' से '''Sheet 3''' पर जाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, '''Sheet 1''' टेब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| यहाँ '''cell B10''' पर क्लिक करें और '''Sheet 3.''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
|| आप देखते हैं कि '''Sheet 3''' नाम '''Input line''' पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| अब '''Input Line''' में '''Sheet 3''' टेक्स्ट चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट का चयन करने के बाद, '''Standard toolbar''' में '''Insert Hyperlink''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:50&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
|| बाईं ओर, '''Document''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| ''' Target in Document ''' सेक्शन में, दाईं ओर स्थित सर्कल आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| ''Target in Document''' सूची बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:09&lt;br /&gt;
|| एरो पर क्लिक करके '''Sheets''' का विस्तार करें और '''Sheet 3''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:20&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स में, '''Target''' फिल्ड में हम '''Sheet 3''' टेक्स्ट देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| हम यह भी देखते हैं कि '''Sheet 3''' का '''path'''  '''URL''' फिल्ड में सम्मिलित हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, पहले '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| अब '''Sheet 3''' टेक्स्ट '''cell''' में हाइलाइट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| '''cell''' को अचयनित करने के लिए बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 3''' शब्द पर कर्सर रखें। और '''Ctrl''' की और बायां माउस-बटन एक साथ दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| हमें '''Sheet 3''' पर पुनर्निर्देशित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 1''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
|| '''hyperlink''' को हटाने के लिए, पहले ''' Sheet 1''' में '''cell B10 ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| cell पर राइट-क्लिक करें और कंटेक्स्ट मैन्यू से '''Clear Direct Formatting''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, हम '' Standard Toolbar''' में '''Clear Direct Formatting ''' पर क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट अब '''hyperlinked''' नहीं है। यह '''spread sheet''' में किसी भी सामान्य टेक्स्ट की तरह ही है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:32&lt;br /&gt;
|| आगे हम सीखेंगे कि बाहरी फाइल के लिए '''hyperlink''' कैसे बनाया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
|| इस प्रदर्शन के लिए, मैं '''Contact hyphen Details dot ods''' फाइल का उपयोग करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| वह '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
|| कृपया इसे उस फोल्डर में डाउनलोड करें और सेव करें जहां आपने '''Personal Finance Tracker dot ods''' सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:58&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| '''cell B10''' पर क्लिक करें और '''Contact Details''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
|| अब '''Input Line''' में '''Contact Details''' टेक्स्ट चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट का चयन करने के बाद, '''Standard toolbar''' में '''Insert Hyperlink''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:20&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| अन्य '''spreadsheet ''' या '''document''' के लिए '''hyperlink''' बनाने के लिए, '''Document''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
|| '''Path''' फिल्ड के दायीं ओर '''folder''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| '''Desktop''' लोकेशन चुनें।&lt;br /&gt;
नीचे स्क्रॉल करें और नया '''spreadsheet Contact Details dot ods''' खोजें, जिसे हमने सेव किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब, “'''Contact Details dot ods”''' फाइल पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि फ़ाइल का '''Path''', '''Path''' फिल्ड में सम्मिलित हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, पहले '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| अब '''Contact Details''' टेक्स्ट '''cell''' में हाइलाइट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:08&lt;br /&gt;
|| '''cell''' को अचयनित करने के लिए बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि &amp;quot;'''Contact Details'''&amp;quot; टेक्स्ट नीले रंग का है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:18&lt;br /&gt;
|| जिसका अर्थ है कि टेक्स्ट अब '''hyperlink''' हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:22&lt;br /&gt;
|| '''Contact Details''' शब्द पर कर्सर रखें।&lt;br /&gt;
और '''Ctrl ''' की और बायां माउस-बटन एक साथ दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि '''Contact Details dot ods''' फाइल खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| इस फ़ाइल को बंद करने के लिए ऊपरी दाएं कोने में '''X ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
|| इन परिवर्तनों को अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| '''web page ''' के लिए '''Hyperlinking''' समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| '''cell B10''' पर क्लिक करें और '''Spoken''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| अब '''Input Line''' में '''Spoken''' टेक्स्ट को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट का चयन करने के बाद, '''Standard toolbar''' में '''Insert Hyperlink''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:04&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:08&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स में, डिफ़ॉल्ट रूप से, बाएँ पेन में '''Internet''' सेक्शन चुना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| ''Hyperlink Type ''' सेक्शन में '''Web''' रेडियो बटन भी चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
|| अब '''URL''' फिल्ड में, '''https://spoken-tutorial.org''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, '''Apply ''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| '''cell''' को अचयनित करने के लिए बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Spoken ''' टेक्स्ट '''hyperlinked''' टेक्स्ट बन जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| इस प्रदर्शन के अगले भाग के लिए, आपको '''internet connectivity''' की आवश्यकता होगी।&lt;br /&gt;
यदि आपके पास यह नहीं है, तो इस भाग को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl''' की दबाकर '''hyperlinked''' टेक्स्ट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
|| हमें प्रासंगिक '''URL''' पर पुनर्निर्देशित किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:05&lt;br /&gt;
|| अत:, '''Calc''' में '''hyperlinks ''' बनाने की ये विभिन्न विधियाँ हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं। संक्षेप में...&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
अन्य '''sheets''' में '''reference''' जोड़ना और '''Calc''' में '''hyperlinks''' डालना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में '''Spreadsheet hyphen Practice dot ods''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:31&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 1''' में वेतन का '''sum total''' ज्ञात कीजिए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| '''cell referencing''' का उपयोग करते हुए इसे किसी भिन्न शीट पर प्रदर्शित करने के लिए '''sum total ''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' आइकन का उपयोग करें और '''LibreOffice''' वेबसाइट को लिंक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:56&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Gujarati</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Gujarati</title>
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				<updated>2021-07-15T10:14:29Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{|border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; |&amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt; |- | 00:00 | પોષકતત્વ પ્રકાર 1 અને 2 પરના '' 'સ્પોકન ટ...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| પોષકતત્વ પ્રકાર 1 અને 2 પરના '' 'સ્પોકન ટ્યુટોરિયલ' '' માં આપનું સ્વાગત છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| આ ટ્યુટોરીયલ એ પોષકતત્વ પ્રકાર 1 અને 2 વચ્ચેના તફાવત વિશે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
| ચાલો શરૂ કરીએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
| ખોરાક આપણને ઉર્જા અને પોષકતત્વો આપે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| આપણા શરીરની વૃદ્ધિ અને જાળવણી માટે પોષક તત્વોની જરૂર છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| આમાંના કેટલાક પોષક તત્વો આપણા શરીર દ્વારા ઉત્પન્ન થઈ શકાતા નથી.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
| આવા પોષક તત્વોને આવશ્યક પોષક તત્વો કહેવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
| કુલ 40 આવશ્યક પોષક તત્વો છે જે આપણે ખોરાકમાંથી મળી શકે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:3&lt;br /&gt;
| અપૂરતા ખોરાકમાંથી આપણે પૂરતી માત્રામાં પોષક તત્ત્વો મળતા નથી.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:42&lt;br /&gt;
| આવો ખોરાક, મોટા પ્રમાણમાં ફક્ત, ભૂખને સંતોષી શકે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
| જેથી, આપણે એક અથવા વધુ આવશ્યક પોષક તત્ત્વોની ઉણપ થઈ શકે છે &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| આને છુપાયેલ ભૂખ કહેવાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:58&lt;br /&gt;
| આવશ્યક પોષક તત્વો 2 પ્રકારના હોય છે:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| પ્રકાર 1 કાર્ય આધારિત પોષક તત્વો કહેવાય છે&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| અને પ્રકાર 2 વૃદ્ધિ આ ધારિત પોષક તત્વો કહેવાય છે .&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:09 &lt;br /&gt;
| '''લોખંડ''',&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'' 'કેલ્શિયમ' '',&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
| '' 'આયોડિન' ''&lt;br /&gt;
અને '' 'કોપર' '' એ પ્રકાર 1 ના પોષક તત્વો છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| '' 'મેંગેનીઝ,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:17&lt;br /&gt;
| ફ્લોરિન '' '&lt;br /&gt;
અને '' 'સેલેનિયમ' '' પણ તે જ જૂથના છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
| '' 'વિટામિન બી,સી,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:23&lt;br /&gt;
| એ,&lt;br /&gt;
ડી,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
| ઇ '' '&lt;br /&gt;
અને '' 'કે' '' પણ પ્રકાર 1ના  પોષકતત્વો છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:29&lt;br /&gt;
| '' 'સલ્ફર,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ક્લોરિન '' 'અને&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| '' 'પ્રોટીન' '' અથવા '' 'એમિનો એસિડ્સ' '' પ્રકાર 2ના પોષક તત્વો છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:37&lt;br /&gt;
| '' 'સોડિયમ,&lt;br /&gt;
પોટેશિયમ,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:39&lt;br /&gt;
| મેગ્નેશિયમ,&lt;br /&gt;
ફોસ્ફરસ '' '&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| અને '' 'zinc ' '' પણ સમાન જૂથના છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
| આવશ્યક ફેટી એસિડ્સ જેમ કે  '' '' ઓમેગા 3 '' ' પણ પ્રકાર 2ના  પોષક તત્વો છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
| ચાલો પ્રકાર 1 અને પ્રકાર 2 પોષક તત્વોના વચ્ચેનો તફાવત સમજીએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
| પેશીઓના વિશિષ્ટ કાર્યો માટે પ્રકાર 1 પોષક તત્વો જરૂરી છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:02&lt;br /&gt;
| તેથી, તેઓ કોઈ ચોક્કસ પેશી અથવા પેશીઓના જૂથમાં કેન્દ્રિત છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| ચાલો ઉદાહરણો તરીકે '' 'કેલ્શિયમ' '' અને '' 'વિટામિન એ' 'લઈએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
| મજબૂત હાડકાં માટે '' 'કેલ્શિયમ' '' જરૂરી છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
| તંદુરસ્ત આંખો માટે '' 'વિટામિન એ' 'આવશ્યક છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| તેનાથી વિપરિત, શરીરના વિકાસ માટે પ્રકાર 2ના પોષક તત્વો જરૂરી છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:28&lt;br /&gt;
| તે શરીરના દરેક કોષની રચના અને કાર્યનો ભાગ બનાવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| તેથી, તેઓ શરીરના તમામ પેશીઓમાં હાજર છે&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| ચાલો આપણા શરીરમાં પ્રકાર 1 અને 2 પોષકતત્વોની ઉણપના પ્રતિભાવની ચર્ચા કરીએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:45&lt;br /&gt;
| પ્રકાર 1 પોષક તત્ત્વોની ઉણપ દરમિયાન, શરીરની વૃદ્ધિ સામાન્ય રીતે થતી હોયે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
| શરીર આ પોષક તત્ત્વોને વિશિષ્ટ પેશીઓમાંથી લે છે જેમાં તે સંગ્રહિત છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:57&lt;br /&gt;
| ચાલો ઉદાહરણ તરીકે '' '' કેલ્શિયમ '' લઈએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:00&lt;br /&gt;
| '' '' કેલ્શિયમ '' 'ની ઉણપમાં, શરીર હાડકાંમાં સંગ્રહિત' '' કેલ્શિયમ '' 'નો ઉપયોગ કરે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:07&lt;br /&gt;
| પરિણામે, પેશીઓમાં તે પોષક તત્ત્વો ઓછા પ્રમાણમાં સંગ્રહિત થાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| તે પછી, તે પોષક તત્ત્વો પર આધારિત અંગો ને અસર કરે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:18&lt;br /&gt;
| તેથી, વ્યક્તિ બીમાર પડે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:21&lt;br /&gt;
| બીમાર વ્યક્તિમાં પછી ઉણપના વિશેષ્ટ સંકેતો જોવાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
| ચાલો 4 ઉદાહરણોની સહાયથી આ સમજીએ:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
| હાડકા નબળા અને ફ્રેક્ચર થવાના જોખમ એ '' 'કેલ્શિયમ' '' ની ઉણપના સંકેત છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| 2. '' 'એનિમિયા' '' '' '' આયર્ન '' 'ની ઉણપનો સંકેત છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:41&lt;br /&gt;
| રતાંધળપન એ '' '' વિટામિન '' A '' ની ઉણપનો સંકેત છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| અને '' 'ગલગાંઠ' '' '' '' આયોડિન '' 'ની ઉણપનો સંકેત છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
| બીજી બાજુ, ફક્ત પ્રકાર ૨ પોષક તત્ત્વોની ખામી ૧ સંકેત આપે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| તે નિશાની ને વૃદ્ધિ નિષ્ફળતા કહેવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:00&lt;br /&gt;
| વૃદ્ધિ નિષ્ફળતાનો અર્થ એ છે કે શરીરમાં 2 મોટી પ્રક્રિયાઓનો દર ઘટાડે છે:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
| 1. નવા કોષોની રચના અને&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| 2. જૂના કોષોનું ફેરબદલ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
| શરીર વધવા અને નવી પેશીઓ બનાવવાનું બંધ કરે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:16&lt;br /&gt;
| આનાથી શરીરનું વજન ઓછું થાય છે,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:18&lt;br /&gt;
| ઊંચાઈના વિકાસમાં &lt;br /&gt;
અને સ્નાયુ સમૂહ ઘટાડો થયો છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:23&lt;br /&gt;
| રોગપ્રતિકારક શક્તિ સહિત શરીરના તમામ કોષોને અસર થાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:29&lt;br /&gt;
| આ ચેપનું જોખમ વધારે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:32&lt;br /&gt;
| આખરે, તે મૃત્યુનું કારણ બની શકે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:35&lt;br /&gt;
| પ્રકાર 2 પોષક તત્વો શરીરમાં સંગ્રહિત થતાં નથી.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
| ઉણપમાં, શરીર તેના પેશીઓ અથવા સ્નાયુઓને ઓગડી નાખવાનું શરૂ કરે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:45&lt;br /&gt;
| શરીરમાં ઉણપ રહેલા પ્રકાર 2 પોષક તત્વોને આ પ્રમાણે લોહીમાં તેની માત્ર વધારે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| આ પોષક તત્ત્વો પછી શરીરના અન્ય પેશીઓ માટે ઉપયોગમાં લેવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
| જ્યારે પેશીઓમાં બહુ માત્રમાં ઓછી થાય છે, ત્યારે કોશિકાઓના કાર્યોને અસર થાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| અને, ભૂખમાં ઘટાડો થાય છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| આ પોષક તત્વો શરીરની ઉણપને પૂરા પાડે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| જો કે, તે પેશીઓમાંથી અન્ય તમામ પ્રકારનાં 2 પોષક તત્વો પણ લોહીમાં ભળે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
| આ પોષક તત્ત્વો પછી શરીરમાંથી બહાર નીકળી જાય છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:21&lt;br /&gt;
| આ કારણે શરીરમાંથી પોષક તત્વ ૨ ની ઉણપ ને પૂરી પાડવા બધાજ પ્રકાર ૨ પોષક તત્વો આપવા જરૂરી છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
|પણ, પોષક તત્ત્વો પ્રકાર 1 ની ઉણપ સુધારવા માટે બધા પ્રકાર 1 પોષક તત્વોની જરૂર હોતી નથી.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| શરીરની ઉણપ હોય તેજ પોષક તત્વો આપીને તેનો ઉપચાર કરી શકાય છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| આગળ, ચાલો સ્તનપાનને લઈને પ્રકાર 1 અને 2 પોષક તત્વોની ઉપલબ્ધતા વિશે ચર્ચા કરીએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
| સ્તનપાનમાં પ્રકાર 2 પોષક તત્ત્વોનો સ્થિરમાત્રમાં સંગ્રહિત હોય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| માતા કુપોષિત હોય તો પણ તેઓ બદલાતા નથી.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| કુપોષિત માતાનું બાળક પૂરતા સ્તનપાન સાથે સારી રીતે વિકાસ કરી શકે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:03&lt;br /&gt;
| તેનાથી વિપરીત, સ્તનપાનમાં પ્રકાર 1 પોષક તત્વોનું પ્રમાણ સ્થિર નથી.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
| તે માતાના સ્વ-પોષણ મુજબ બદલાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| ચાલો એક ઉદાહરણ તરીકે '' 'વિટામિન ડી' '' લઈએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:17&lt;br /&gt;
| '' માતામાં '' વિટામિન ડી '' ની કમી હોવાથી તેના સ્તનપાનમાં પણ '' '' વિટામિન ડી '' ની માત્રા ઓછી થાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
| આગળ, ચાલો પ્રકાર 1 અને પ્રકાર 2 પોષકતત્વોના ઉણપના નિદાનની ચર્ચા કરીએ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
| પ્રકાર 1 પોષક ઉણપનું નિદાન સામાન્ય રીતે 2 રીતે થાય છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:36&lt;br /&gt;
| પ્રથમ, ઉણપના અનન્ય લક્ષણોને ઓળખવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
| પછી, શરીરમાં પોષક તત્ત્વોનું સ્તર લોહી તપાસ દ્વારા માપવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
| ચાલો ઉદાહરણો તરીકે '' 'આયર્ન' '' અને '' 'આયોડિન' '' લઈએ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:50&lt;br /&gt;
| '' 'આયર્ન' '' ની ઉણપમાં, નિસ્તેજ ત્વચા અને થાક જેવા લક્ષણો જોવામાં માં આવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:56&lt;br /&gt;
| શરીરમાં '' 'હિમોગ્લોબિન' '' નું સ્તર લોહી તપાસની દ્વારા માપવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:01&lt;br /&gt;
| '' '' આયોડિન '' 'ની ઉણપ તેના અન્ય લક્ષણો અને પરીક્ષણો દ્વારા પણ નિદાન થાય છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
| ગળામાં સોજો &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| વજન વધવું અને&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:12&lt;br /&gt;
| વાળ ખરવાના લક્ષણો છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| શરીરમાં '' '' આયોડિન '' '' અને '' '' થાઇરોઇડ હોર્મોન્સ '' 'નું સ્તર લોહી તપાસની દ્વારા માપવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:21&lt;br /&gt;
| પ્રકાર 1 પોષકતત્વોની ઉણપના લક્ષણો સેહલાય થી ઓધખાય છે અને તેની સારવાર આપવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| પ્રકાર 1 પોષકતત્વોની ઉણપને સુધારવા માટેના વિવિધ માર્ગો છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:31&lt;br /&gt;
| કોઈ પણ આવા પોષક તત્ત્વોની ભલામણ કરેલ માત્રાને આહારમાં લઈ શકે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| આ પોષક તત્ત્વો માટે ભલામણ કરેલ દવાઓ પણ આપવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:41&lt;br /&gt;
| '''લોખંડ''',&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'' 'વિટામિન સી' '' અને&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| '' 'ફોલિક એસિડ' '' 'ની દવા સામાન્ય રીતે સૂચવવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:47&lt;br /&gt;
| જે વિસ્તારોમાં પ્રકાર 1 પોષક તત્વો ની ઉણપ હોયે છે તેવા અમુક ખોરાકમાં આ પઢાર્થ ઉપરથી ઉમેરવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| મીઠું એક જાણીતું ઉદાહરણ છે જેમાં ઉપરથી '' '' આયોડિન '' ઉમેરવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:59&lt;br /&gt;
| એક યોગ્ય પોષણ નિષ્ણાત આ પદ્ધતિઓ પર માર્ગદર્શન આપી શકે છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:04&lt;br /&gt;
| પ્રકાર 2 પોષક તત્ત્વોની ઉણપનું નિદાન અને સારવાર મુશ્કેલ છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
| કોઈ પણ પ્રકાર 2 ના પોષક તત્ત્વોની ઉણપનું નિદાન કરવાનો માત્ર 1જ ઉપાય છે .&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15 તે છે &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
| વજન,&lt;br /&gt;
ઉચાઈ &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:19&lt;br /&gt;
| અને બાવળ નું માપ નું નિરીક્ષણ&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| જો કે, આ વૃદ્ધિની નિષ્ફળતાને જાણવા માટે મદદ કરશે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:27&lt;br /&gt;
| વૃદ્ધિ નિષ્ફળતા દરેક પ્રકાર 2 પોષક તત્ત્વોની ઉણપને કારણે થાય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08.33&lt;br /&gt;
| શરીરમાં કયા વિશિષ્ટ પોષક તત્વોની ઉણપ છે તે નક્કી કરવું મુશ્કેલ છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:40&lt;br /&gt;
| તેથી, પ્રકાર 2 પોષક તત્ત્વોની ઉણપ સુધારવા માટે બધા પ્રકારનાં 2 પોષક તત્વોની જરૂર હોય છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| તેથી શરીરમાં ઉણપ રહેલા, તમામ પ્રકારના 2 પોષક તત્વોથી ભરપૂર ખોરાક આપવો જ જોઇએ.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:53&lt;br /&gt;
| તે પહેલા આપેલા ખોરાકની માત્રામાં વધારો કરવાથી કામ ચાલશે નહીં.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:59&lt;br /&gt;
| કારણકે, પહેલાં આપવામાં આવેલ ખોરાક શરીરને પ્રકાર 2 પોષક તત્વો પૂરા પાડવામાં નિષ્ફળ થયો હતો,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:04&lt;br /&gt;
| શરીરના સામાન્ય વિકાસ માટે ખોરાકની ગુણવત્તામાં ફેરફાર કરવો આવશ્યક છે.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:10&lt;br /&gt;
| વધુ માર્ગદર્શન માટે કૃપા કરીને કોઈ યોગ્ય પોષણ નિષ્ણાતની સલાહ લેવી.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:15&lt;br /&gt;
| બીજા ટ્યુટોરિયલ્સમાં પ્રકાર 1 અને પ્રકાર 2 પોષક તત્વોના ખોરાકમાં રહેલા સ્રોતોની ચર્ચા કરવામાં આવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:22&lt;br /&gt;
| વધુ વિગતો માટે કૃપા કરીને અમારી વેબસાઇટની મુલાકાત લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:26&lt;br /&gt;
| આ સાથે આપણે tutorial ને સમાપ્ત કરી રહિયા છે .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
જોડાવા બદલ આભાર&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Magnesium-rich-vegetarian-recipes/Gujarati</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Magnesium-rich-vegetarian-recipes/Gujarati</title>
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				<updated>2021-06-22T07:36:39Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| “મેગ્નેશિયમ”થી ભરપુર શાકાહારી રેસીપી વિશેના સ્પોકન ટ્યુટોરીઅલમાં આપનું સ્વાગત છે. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| આ ટ્યુટોરીઅલમાં આપણે:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:09&lt;br /&gt;
| “મેગ્નેશિયમના” ફાયદા'',&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:11&lt;br /&gt;
| “મેગ્નેશિયમના” શાકાહારી સ્ત્રોત&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| અને “મેગ્નેશિયમથી” ભરપુર શાકાહારી રેસીપીઓ વિશે જાણીશું.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|'''મેગ્નેશિયમ ''' એક ખનિજ છે જે શરીર માટે આવશ્યક પોષક તત્વ છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:24&lt;br /&gt;
| તે પ્રકાર 2 ના પોષ્ક તત્વોમાંનું એક છે જેની સમજણ બીજા ટ્યુટોરીઅલમાં આપેલ છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
| આ ટ્યુટોરીઅલ માટે અમારી વેબસાઈટની મુલાકાત લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:35&lt;br /&gt;
| સ્વસ્થ હાડકાં તેમજ દાંત માટે '''મેગ્નેશિયમ''' જરૂરી છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
| ઊર્જાના ઉત્પાદન માટે &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| તેમજ '''DNA''' ના મિશ્રણ માટે પણ મેગ્નેશિયમની જરૂર પડે છે&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
| '''મેગ્નેશિયમ'''ના મહત્વ વિશે બીજા ટ્યુટોરીઅલમાં સમજણ આપેલ છે. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
| '''મેગ્નેશિયમ''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| કઠોળ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
દાણા,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:56&lt;br /&gt;
| બીજ,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
લીલાં શાકભાજી &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
| અને અનાજમાં હોય છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
| મેગ્નેશિયમનું સેવન તેમજ શરીરમાં તેનું શોષણ થવું બન્ને સમાનપણે મહ્તવનું છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| આથો આપી,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
શેકી,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| ફણગાવી&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
અને રાંધવાથી શોષણમાં સુધારો થાય છે. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| કઠોળને રાંધતા પહેલા પલાળવાથી પણ તે થઈ શકે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
| ચાલો હવે આપણે આપણી પહેલી રેસીપી, ફણગાવેલા મઠની કટલેસની તૈયારી જોઈએ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
| આ રેસીપી માટે તમને જોઈશે:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
| ¼ કપ ફણગાવેલા મઠ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
| 1 કપ ધોઈ અને કાપેલી પાલક,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:37&lt;br /&gt;
| 1 મોટી ચમચી સફેદ ચણાનો લોટ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| 4 થી 5 લસણની કડીઓ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
| 1 ચમચી લીંબુનો રસ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
| 1 મોટી ચમચી શેકેલા તલ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| અને સ્વાદનુસાર મીઠું.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
| તમને જોઈશે:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:53&lt;br /&gt;
| 1 ચમચી લાલ મરચું પાવડર &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
| 3 ચમચી તેલ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:58&lt;br /&gt;
| હવે હું તમને પદ્ધતિ સમજાવીશ:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:00&lt;br /&gt;
| ફણગાવવા માટે, મઠને પૂરી રાત પલાળી દો. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
| સવારે પાણી કાઢી અને સ્વચ્છ કપડામાં બાંધી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| ફણગાવવા માટે તેને બે દિવસ હૂંફાળી જગાએ રાખી દો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
| એ બાબતની નોંધ લેવી કે અલગ અલગ કઠોળને ફણગાવવામાં અલગ અલગ સમય લાગે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| ફણગાઈ ગયા બાદ, તેમાં લસણ ઉમેરી અને તેની પીસી જાડી પેસ્ટ બનાવવી.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:27&lt;br /&gt;
| પીસવા માટે તમે મિક્સર અથવા પથ્થરનો ઉપયોગ કરી શકો છો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| એક વાસણમાં તલને હલકા સોનેરી રંગના થાય ત્યાર સુધી તેને શેકી લેવા.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| તેને ઠંડા થવા દો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
| કટલેટ્સ બનાવવા, ફણગાની પેસ્ટને એક વાસણમાં કાઢવી.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| તેમાં શેકેલા તલ, પાલક, સફેદ ચણાનો લોટ, મસાલા, મીઠું અને લીંબુનો રસ ઉમેરવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:52&lt;br /&gt;
| તેને સારી રીતે મેળવી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:54&lt;br /&gt;
| પેસ્ટ સુકી હોય તો તેમાં એક મોટી ચમચી પાણી ઉમેરવું.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
| મિશ્રણના ચાર ભાગ કરવા &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:01&lt;br /&gt;
| અને તેને કટલેટ્સનો આકાર આપવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| એક વાસણમાં તેલ ગરમ કરો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| સોનેરી રંગના થાય ત્યાર સુધી મધ્યમ આંચ પર કટલેટ્સને બન્ને બાજુ છિછરા તળી લેવા.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
| મઠ પાલની કટલેટ્સ તૈયાર છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:15&lt;br /&gt;
| 4 કટલેટસ આશરે 208 મીલીગ્રામ '''મેગ્નેશિયમ''' ધરાવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:22&lt;br /&gt;
| આપણી બીજી રેસીપી છે અળસીની ચટણી.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
| આ રેસીપી માટે તમને જોઈશે:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| 2 મોટી ચમચી અળસીના દાણા &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:32&lt;br /&gt;
| 1 લીલું મરચું&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4 થી 5 લસણની કડી &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
|1 નાનું કાપેલું ટામેટું &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| સ્વાદનુસાર મીઠું&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:41&lt;br /&gt;
| ½ ચમચી તેલ અથવા ઘી&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
| પદ્ધતિ:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
અળસીના દાણાને મધ્યમ આંચ પર હલ્કા સોનેરી રંગના થાય ત્યાર સુધી શેકી લેવા.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
| તેને ઠંડા થવા દો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:52&lt;br /&gt;
| એક વાસણમાં તેલ અથવા ધી ગરમ કરો &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| અને કાપેલું ટામેટું સાંતળી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| તેને ઠંડુ થવા દો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:00&lt;br /&gt;
| લસણ, મરચા, મીઠું અને પાણી સાથે બન્ને ને પીસી પેસ્ટ બનાવી લો. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:07&lt;br /&gt;
| અળસીના દાણાની ચટણી તૈયાર છે. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
| આ ચટણીની બે ચમચી આશરે 133 મીલીગ્રામ '''મેગ્નેશિયમ''' પૂરૂ પાડે છે. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
|બીજી રેસીપી છે ફણગાવેલા ચોળાના પરાઠા.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:21&lt;br /&gt;
| ફણગાવવા માટેની પદ્ધતિ આ ટ્યુટોરીઅલમાં અગાઉ સમજાવેલ છે. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:27&lt;br /&gt;
| આ રેસીપી માટે તમને જોઈશે:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| 1/4 કપ ઘઉંનો લોટ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:32&lt;br /&gt;
| 2 મોટી ચમચી ફણગાવેલા ચોળા &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| 1 મોટી ચમચી તલ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
| 1 લીલું મરચું &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:40&lt;br /&gt;
| 1 ચમચી જીરૂ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
| ½ ચમચી હળદર પાવડર &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:46&lt;br /&gt;
| તમને જોઈશે,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
સ્વાદનુસાર મીઠું &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| અને બે ચમચી તેલ અથવા ઘી.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:53&lt;br /&gt;
| સૌથી પહેલા ફણગાવેલા ચોળામાં લીલું મરચું નાખી, મિક્સરમાં જાડી પેસ્ટ બનાવી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:00&lt;br /&gt;
| મિક્સર ઉપલબ્દ્ધ ના હોય તો તમે પથ્થર વડે પણ પીસી શકો છો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| એક વાસણમાં તેલ ગરમ કરી તેમાં જીરૂ અને પછી તલ ઉમેરવા. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| તેનો રંગ બદલાય ત્યાર સુધી સાંતળો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
| તેમાં ચોળાની પેસ્ટ ઉમેરી અને બીજી 2 મિનિટ માટે સાંતળો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:19&lt;br /&gt;
| ત્યારબાદ તેમાં મીઠું અને હળદર પાવડર ઉમેરી 5 મિનિટ માટે પકાવવું.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:24&lt;br /&gt;
| ઠંડુ થવા બાજુ પર રાખો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| પરાઠા બનાવવા માટે એક વાસણમાં લોટ લેવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| પર્યાપ્ત પાણી ઉમેરી તેને બાંધી લેવો..&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| વેલણ વડે તેને વણો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:39&lt;br /&gt;
| તેના પર ચોળાની પેસ્ટ ઉમેરો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:42&lt;br /&gt;
| બધી બાજુથી તેને વાળી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| કોરો લોટ નાખો &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:46&lt;br /&gt;
| અને પારાઠો વણી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:49&lt;br /&gt;
| વાસણ ગરમ કરી અને પરાઠાને બન્ને બાજુથી ઘી અથવા તેલ નાખી પકાવી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| ફણગાવેલા ચોળાના પરાઠા તૈયાર છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
| એક પરાઠામાં આશરે 173 મીલીગ્રામ '''મેગ્નેશિયમ''' હોય છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| બીજી રેસીપી છે ચણાની દાળનું સુકૂ શાક.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
| આ રેસીપી માટે તમને જોઈશે::&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:12&lt;br /&gt;
| ¼ કપ ફણાગાવેલી ચણાની દાળ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:15&lt;br /&gt;
| 1 એક કપ મેથીના પાન &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:19&lt;br /&gt;
|1 મધ્યમ કાપેલું ટામેટું&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| અને 1 મધ્યમ કાપેલી ડુંગળી&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
| તમે જોઈશે:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:27&lt;br /&gt;
|½ ચમચી હળદર પાવડર&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:29&lt;br /&gt;
| ½ ચમચી લાલ મરચું પાવડર,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
| 1 મોટી ચમચી શેકેલી સીંગનો પાવડર,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
| 1 ચમચી તેલ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| અને સ્વાદનુસાર મીઠું &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:39&lt;br /&gt;
| પદ્ધતિ:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ફણગાવેલી ચણાની દાળને કુકરમાં બે સીટી વાગાડી પકાવી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:45&lt;br /&gt;
| હવા નિકળે ત્યાર સુધી રાહ જુઓ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| એક વાસણમાં તેલ ગરમ કરો,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:49&lt;br /&gt;
| તેમાં ડુંગળી ઉમેરી અને તેનો રંગ બદલાય ત્યાર સુધી તેને સાંતળી લો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| તેમાં ટામેટા ઉમેરી અને નરમ થાય ત્યાર સુદી તેને પકાવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
| મેથીના પાન ઉમેરી તેને 5 મિનિટ સુધી પકાવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:02&lt;br /&gt;
| હવે તેમાં મસાલા, મીઠું અને ફણાગેવેલી ચણાની દાળ ઉમેરી બરાબર હલાવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:08&lt;br /&gt;
| તેમાં સીંગનો પાવડર ઉમેરો &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:11&lt;br /&gt;
| વાસણને ઢાંકી અને તેને 5 થી 10 મિનિટ માટે રંધાવા દો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:15&lt;br /&gt;
| ફણગાવેલી ચણાની દાળનૂં સુકૂ શાક તૈયાર છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:19&lt;br /&gt;
| આ શાકનો ½ વાટકો આશરે 141 મીલીગ્રામ '''મેગ્નેશિયમ''' ધરાવે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| છેલ્લી રેસીપી છે તાંદળજાની ભાજીનું શાક.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| આ રેસીપી માટે તમને જોઈશે:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:33&lt;br /&gt;
| 100 ગ્રામ ધોયેલી તાંદળજાની ભાજી,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| 4 લસણની કડી,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
| 1 નાની ડુંગળી,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| 2 ચમચી ખમણેલું ખોપરૂ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
|   2 લીલા મરચાં,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:45&lt;br /&gt;
| હડદર પાવડર&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 અને સ્વાદનુસાર મીઠું.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:49&lt;br /&gt;
| તમને એક ચમચી તેલ પણ જોઈશે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| પદ્ધતિ:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
એક વાસણમાં તેલ ગરમ કરો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| તેમાં લસણ, લીલા મરચા અને ડુંગળી ઉમેરો &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:01&lt;br /&gt;
| તેનો રંગ બદલાય ત્યાર સુધી તેને સાંતળો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:03&lt;br /&gt;
| હવે તેમાં તાંદળજાની ભાજી ઉમેરી બરાબર મેળવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:07&lt;br /&gt;
| તેને ઢાંકી અને 5 થી 7 મિનિટ માટે પકાવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:12&lt;br /&gt;
| હળદર અને મીઠું નાખી તેને 1 મિનિટ સુધી પકાવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:16&lt;br /&gt;
| તેમાં ખમણેલું ખોપરૂ નાખી 5 મિનિટ માટે પકાવો.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| તાંદળજાની ભાજીનું શાક તૈયાર છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
| આ શાકનો ½ વાટકો આશરે 209 મીલીગ્રામ '''મેગ્નેશિયમ''' પૂરૂ પાડે છે.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
| સારી તંદુરસ્તી માટે તમારા રોજીંદા ખોરાકમાં '''મેગ્નિશ્યમ'''થી ભરપુર આ રેસીપીઓ ઉમેરવી.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:37&lt;br /&gt;
| આ સાથે આપણે ટ્યુટોરીઅલ સમાપ્ત કરીએ છીએ. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
જોડાવવા બદલ આભાર &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

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		<title>LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Linking-Calc-Data/Hindi</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;  {| border=&amp;quot;1&amp;quot; |- || '''TIME''' || '''NARRATION''' |- || 00:01 || '''Linking Calc Data''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स...&amp;quot;&lt;/p&gt;
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|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Linking Calc Data''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:09&lt;br /&gt;
|| अन्य '''sheets''' को '''reference''' कैसे करें और '''Calc''' में '''hyperlinks''' कैसे डालें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन18.04 और '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:29&lt;br /&gt;
|| '''LibreOffice Calc ''' आपको एक '''cell''' से एक '''sheet''' से दूसरी '''sheet''' में एक '''cell'''  '''reference'''  की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:36&lt;br /&gt;
|| दूसरे '''spreadsheet''' से एक '''cell'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods.''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:44&lt;br /&gt;
|| यह फ़ाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files''' लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
|| इसकी कॉपी बनाएं और अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| अब, हम '''Spent ''' और '''Received''' के अंतर्गत कुल घटकों का योग ज्ञात करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:07&lt;br /&gt;
|| '''cell C8''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| छोटे ''' black box''' पर क्लिक करें जो '''cell''' के निचले दाएं कोने में दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:17&lt;br /&gt;
|| इसे '''cell E8''' तक खींचें और माउस बटन को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| अब, हम एक अलग '''sheet''' पर '''Cost''' और '''Spent''' के तहत कुल शेष राशि प्रदर्शित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:30&lt;br /&gt;
|| हम इसे '''cell referencing''' का उपयोग करके करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 3''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
|| अब '''cell A1 ''' पर क्लिक करें और इसके अंदर '''COMPONENT''' शीर्षक टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| '''cell B1''' पर क्लिक करें और इसके अंदर '''BALANCE''' शीर्षक टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:51&lt;br /&gt;
|| अब, इस शीर्षक के अंतर्गत घटकों के नाम टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
|| '''cell A3''' पर क्लिक करें और '''COST ''' टाइप करें और '''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| '''COST''' के नीचे, '''cell A4''' में '''SPENT''' के रूप में अगला घटक टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| अब, रिक्त '''cell B3''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
|| सेल्स '''B3''' और '''B4''' में शीर्षक '''COST''' और '''SPENT''' के तहत कुल शेष राशि होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| इसकी गणना '''Sheet 1''' में की जा चुकी है। यह '''referencing''' द्वारा किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| '''cell B3''' में '''cell reference''' बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| '''Input line''' के आगे '''equal to '''sign named '''Formula''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| अब, '''Sheet tab''' में '''Sheet 1''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| इस '''sheet''' में, हम '''cell C8''' पर क्लिक करेंगे, जिसमें  '''Cost''' का योग होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि  '''Input line''' में, '''$Sheet 1 dot C8''' स्टेटमेंट प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| अब '''Input line''' के आगे '''Accept''' नाम के चेक मार्क पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हम '''Sheet 3''' पर वापस पुनः निर्दिष्ट होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
|| और '''Sheet 1''' में कुल योग स्वचालित रूप से '''Sheet 3''' के '''cell B3''' में भर जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, हम '''referencing''' के माध्यम से अन्य घटकों के कुल योग को प्रविष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| '''Referencing''' डेटा को सारांशित करने के लिए बहुत उपयोगी है यदि वहाँ कईं '''sheets''' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:42&lt;br /&gt;
|| अब, सीखते हैं कि '''Calc sheets''' में '''Hyperlinks''' कैसे सम्मिलित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
|| '''documents''' के भीतर '''Hyperlink''' ऐसे शब्द या '''phrases''' हैं जिन पर क्लिक किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
|| उन पर क्लिक करने पर, हम एक नए '''document''' या वर्तमान '''document''' के भीतर एक नए सेक्शन या एक वेबपेज पर भी जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| इस फाइल में, हमारा मुख्य '''data''' '''Sheet 1'''' में है और बाकी कंटेंट '''Sheet 3''' में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| मान लीजिए कि हम '''Sheet 1''' से '''Sheet 3''' पर जाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, '''Sheet 1''' टेब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| यहाँ '''cell B10''' पर क्लिक करें और '''Sheet 3.''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
|| आप देखते हैं कि '''Sheet 3''' नाम '''Input line''' पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| अब '''Input Line''' में '''Sheet 3''' टेक्स्ट चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट का चयन करने के बाद, '''Standard toolbar''' में '''Insert Hyperlink''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:50&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
|| बाईं ओर, '''Document''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| ''' Target in Document ''' सेक्शन में, दाईं ओर स्थित सर्कल आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| ''Target in Document''' सूची बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:09&lt;br /&gt;
|| एरो पर क्लिक करके '''Sheets''' का विस्तार करें और '''Sheet 3''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:20&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स में, '''Target''' फिल्ड में हम '''Sheet 3''' टेक्स्ट देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| हम यह भी देखते हैं कि '''Sheet 3''' का '''path'''  '''URL''' फिल्ड में सम्मिलित हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, पहले '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| अब '''Sheet 3''' टेक्स्ट '''cell''' में हाइलाइट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| '''cell''' को अचयनित करने के लिए बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 3''' शब्द पर कर्सर रखें। और '''Ctrl''' की और बायां माउस-बटन एक साथ दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| हमें '''Sheet 3''' पर पुनर्निर्देशित किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 1''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
|| '''hyperlink''' को हटाने के लिए, पहले ''' Sheet 1''' में '''cell B10 ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| cell पर राइट-क्लिक करें और कंटेक्स्ट मैन्यू से '''Clear Direct Formatting''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, हम '' Standard Toolbar''' में '''Clear Direct Formatting ''' पर क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट अब '''hyperlinked''' नहीं है। यह '''spread sheet''' में किसी भी सामान्य टेक्स्ट की तरह ही है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:32&lt;br /&gt;
|| आगे हम सीखेंगे कि बाहरी फाइल के लिए '''hyperlink''' कैसे बनाया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
|| इस प्रदर्शन के लिए, मैं '''Contact hyphen Details dot ods''' फाइल का उपयोग करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| वह '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
|| कृपया इसे उस फोल्डर में डाउनलोड करें और सेव करें जहां आपने '''Personal Finance Tracker dot ods''' सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:58&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods''' पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| '''cell B10''' पर क्लिक करें और '''Contact Details''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
|| अब '''Input Line''' में '''Contact Details''' टेक्स्ट चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट का चयन करने के बाद, '''Standard toolbar''' में '''Insert Hyperlink''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:20&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| अन्य '''spreadsheet ''' या '''document''' के लिए '''hyperlink''' बनाने के लिए, '''Document''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
|| '''Path''' फिल्ड के दायीं ओर '''folder''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| '''Desktop''' लोकेशन चुनें।&lt;br /&gt;
नीचे स्क्रॉल करें और नया '''spreadsheet Contact Details dot ods''' खोजें, जिसे हमने सेव किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब, “'''Contact Details dot ods”''' फाइल पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि फ़ाइल का '''Path''', '''Path''' फिल्ड में सम्मिलित हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, पहले '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| अब '''Contact Details''' टेक्स्ट '''cell''' में हाइलाइट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:08&lt;br /&gt;
|| '''cell''' को अचयनित करने के लिए बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि &amp;quot;'''Contact Details'''&amp;quot; टेक्स्ट नीले रंग का है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:18&lt;br /&gt;
|| जिसका अर्थ है कि टेक्स्ट अब '''hyperlink''' हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:22&lt;br /&gt;
|| '''Contact Details''' शब्द पर कर्सर रखें।&lt;br /&gt;
और '''Ctrl ''' की और बायां माउस-बटन एक साथ दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि '''Contact Details dot ods''' फाइल खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| इस फ़ाइल को बंद करने के लिए ऊपरी दाएं कोने में '''X ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
|| इन परिवर्तनों को अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| '''web page ''' के लिए '''Hyperlinking''' समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| '''cell B10''' पर क्लिक करें और '''Spoken''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| अब '''Input Line''' में '''Spoken''' टेक्स्ट को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट का चयन करने के बाद, '''Standard toolbar''' में '''Insert Hyperlink''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:04&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:08&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' डायलॉग बॉक्स में, डिफ़ॉल्ट रूप से, बाएँ पेन में '''Internet''' सेक्शन चुना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| ''Hyperlink Type ''' सेक्शन में '''Web''' रेडियो बटन भी चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
|| अब '''URL''' फिल्ड में, '''https://spoken-tutorial.org''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, '''Apply ''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''Close ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| '''cell''' को अचयनित करने के लिए बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Spoken ''' टेक्स्ट '''hyperlinked''' टेक्स्ट बन जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| इस प्रदर्शन के अगले भाग के लिए, आपको '''internet connectivity''' की आवश्यकता होगी।&lt;br /&gt;
यदि आपके पास यह नहीं है, तो इस भाग को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl''' की दबाकर '''hyperlinked''' टेक्स्ट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
|| हमें प्रासंगिक '''URL''' पर पुनर्निर्देशित किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:05&lt;br /&gt;
|| अत:, '''Calc''' में '''hyperlinks ''' बनाने की ये विभिन्न विधियाँ हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं। संक्षेप में...&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
अन्य '''sheets''' में '''reference''' जोड़ना और '''Calc''' में '''hyperlinks''' डालना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में '''Spreadsheet hyphen Practice dot ods''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:31&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 1''' में वेतन का '''sum total''' ज्ञात कीजिए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| '''cell referencing''' का उपयोग करते हुए इसे किसी भिन्न शीट पर प्रदर्शित करने के लिए '''sum total ''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
|| '''Hyperlink''' आइकन का उपयोग करें और '''LibreOffice''' वेबसाइट को लिंक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:56&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Formulae-and-Functions-in-Calc/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Formulae-and-Functions-in-Calc/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Formulae-and-Functions-in-Calc/Hindi"/>
				<updated>2021-06-05T11:20:08Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{| border=&amp;quot;1&amp;quot; |- || '''TIME''' || '''NARRATION''' |- || 00:01 || ''' Calc''' में '''Formulae and Functions ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| '''TIME'''&lt;br /&gt;
|| '''NARRATION'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| ''' Calc''' में '''Formulae and Functions ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
|| '''Conditional Operators''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
|| '''If..Or statement'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| बेसिक '''statistical''' '''functions ''' और संख्याओं को '''Rounding''' '''off''' करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:23&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल  '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 18.04 और '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:37&lt;br /&gt;
|| इससे पहली श्रृंखला में, हमने बुनियादी '''arithmetic''' '''operators''' और '''average function''' का उपयोग करना सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
|| अब हम '''conditional''' '''operators''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| '''Conditional''' '''operators''' यूजर्स द्वारा डेटा पर लागू '''condition''' की जांच करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
|| '''boolean: TRUE ''' या ''' FALSE''' में परिणाम प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:01&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods.''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:06&lt;br /&gt;
|| यह फ़ाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक करें। इसकी कॉपी बनाएं और अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| यहां, '''Cost'''  कॉलम में, हमने कई आइटम की कीमतों को सूचीबद्ध किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| उन पर '''conditional operators''' लागू करें और परिणामों का विश्लेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''House''' '''Rent''' की राशि '''6,000''' रूपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:40&lt;br /&gt;
|| '''Electricity''' '''Bill'''  की लागत ''800'' रुपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| '''House''' '''Rent''' की राशि '''Electricity''' '''Bill''' से अधिक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| हम उन पर अलग-अलग '''conditions''' लागू कर सकते हैं और परिणामों की जांच कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| '''cell B10''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:59&lt;br /&gt;
|| '''condition ''' का परिणाम इस '''cell''' में लागू और प्रदर्शित किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
|| इस '''cell''' में, पहली '''condition''' के रूप में '''is equal to C3 greater than C4''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
और फिर '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
|| चूंकि '''cell C3''' की वैल्यू '''cell''' '''C4''' की वैल्यू से अधिक है, इसलिए हमें परिणाम '''TRUE''' मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
|| अब हम इस '''conditional statement''' को '''is equal to C3 lesser than C4''' में बदलते हैं।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| इस बार हमें जो परिणाम मिला है वह '''FALSE ''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, हम कुछ अन्य '''conditions''' टाइप कर सकते हैं और परिणामों का अध्ययन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
|| बड़ी मात्रा में '''data''' से डीलिंग के दौरान ये '''statements''' बहुत उपयोगी होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| हम अपने डेटा पर '''If ''' और '''Or''' '''condition''' का भी उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| '''TRUE''' रखने वाली '''condition''' के अनुसार परिणामों को प्रिंट करने के लिए&lt;br /&gt;
इसका अभ्यास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''B10''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:12&lt;br /&gt;
|| टाइप करें-&lt;br /&gt;
is equal to IF और ब्रैकेट्स में C3 greater than C4 कोमा, डबल कोट्स में Positive कोमा और फिर से डबल कोट्स में Negative.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:28&lt;br /&gt;
|| '''if condition''' यह जांचता है कि '''cell C3''' की वैल्यू '''cell''' '''C4''' की वैल्यू से अधिक है या नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| तदनुसार, '''Positive''' या '''Negative'''  प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| अब '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि परिणाम '''Positive''' है क्योंकि '''6000''' रुपये '''800''' रूपये से अधिक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| अब, '''condition''' '''statement''' में, '''greater''' '''than''' को '''less''' '''than''' में परिवर्तित करते हैं।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| हमें अपेक्षा के अनुसार आउटपुट मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:05&lt;br /&gt;
|| आप परिणाम में परिवर्तन भी देख सकते हैं, यदि हम '''cells''' '''C3''' और '''C4''' में डेटा बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
|| अब, '''cell''' '''C4''' में वैल्यू '''8000''' बढ़ायें और '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| परिणाम स्वचालित रूप से '''Positive''' में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
|| फिर से, '''C4''' में वैल्यू '''800''' घटायें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| परिणाम फिर से स्वचालित रूप से '''Negative''' में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| अब, किए गए परिवर्तनों को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, आइए कुछ बुनियादी और '''statistical''' '''functions''' के बारे में जानते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
|| '''function''' के साथ '''formula''' लिखने के लिए '''syntax''' है:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
|| '''Equals to  = '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Function name (SUM '''for addition)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Arguments (cell references)'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| सामान्य बुनियादी '''functions''' में शामिल हैं-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
||  जोड़ने के लिए '''SUM''' ,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
|| गुणन के लिए '''PRODUCT''',&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:19&lt;br /&gt;
|| विभाजन के लिए '''QUOTIENT'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:22&lt;br /&gt;
|| अब मैं प्रदर्शित करती हूँ कि '''Sum''', '''Product''' और '''Quotient functions''' कैसे कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| पहले '''Sheet''' '''3''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| '''cells''' '''B1''', '''B2''' और '''B3''' में क्रमश: '''50''', '''100''' और '''150''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''A5''' पर क्लिक करें और '''SUM''' टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
|| '''cell B5''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| हम इस '''cell''' में परिणाम की गणना करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| यदि हम '''function''' और '''syntax''' जानते हैं, तो हम इसे सीधे संबंधित '''cell''' में टाइप कर सकते हैं जैसा कि दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- '''is equal to SUM, और ब्रैसेस में B1 colon B3''' और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि परिणाम '''300'''' दिखाता है।&lt;br /&gt;
परिवर्तन अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
|| यदि हम '''function''' नाम नहीं जानते हैं, तो हम '''function''' सेक्शन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| '''sidebar''' में '''fx''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| '''Functions Wizard''' खुलता है।&lt;br /&gt;
यह सभी '''Calc functions''' का '''library''' प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
|| '''functions''' ड्रॉप-डाउन से, '''Mathematical''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| '''Calc ''' में उपलब्ध सभी '''mathematical functions''' की सूची नीचे प्रदर्शित की जाएगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रॉल करें और '''function SUM''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
|| सबसे नीचे, हम चयनित '''function''' के बारे में जानकारी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| '''cell B5''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| '''cell''' में चयनित '''function''' के लिए '''syntax''' डाला गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells B1''' से '''B3''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| '''Input''' '''Line''' को देखें। '''formula''' स्वतः पूर्ण हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:22&lt;br /&gt;
|| अब कीबोर्ड पर '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:26&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर, परिणाम '''300''' दिखाता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, '''cell A6''' पर क्लिक करें और '''PRODUCT''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| '''cell B6''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:39&lt;br /&gt;
|| '''Functions Wizard''' से, स्क्रोल करें और '''function PRODUCT''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells B1''' से '''B3''' चुनें।&lt;br /&gt;
और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि परिणाम '''7,50,000''' दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| यदि आप केवल विशिष्ट '''cells''' का चयन करना चाहते हैं, तो '''Ctrl''' की दबाकर उन '''cells''' का चयन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| '''function PRODUCT''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
|| ''Ctrl key'' दबाते समय कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells B1''' और '''B3''' चुनें।&lt;br /&gt;
और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:24&lt;br /&gt;
|| नया परिणाम '''7,500''' देखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, देखते हैं कि '''Quotient''' कैसे कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''A7''' पर क्लिक करें और '''QUOTIENT''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| '''cell B7''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:42&lt;br /&gt;
|| हम परिणाम की गणना करने के लिए इस '''cell''' का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- '''is equal to QUOTIENT, और ब्रैसेस में, B2 कोमा B1.'''&lt;br /&gt;
'''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| हमें परिणाम '''2''' के रूप में मिलेगा क्योंकि '''100''' को ''50''' से भाग देने पर ''2'' आता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:02&lt;br /&gt;
|| अब ''' cell B2''' में '''151''' नंबर बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:08&lt;br /&gt;
|| '''cell B7''' के परिवर्तन पर ध्यान दें। भागफल ''3'' है लेकिन शेष ''1'' लुप्त है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
|| क्या होगा अगर हम शेष देखना चाहते हैं?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| '''cell B8 ''' पर क्लिक करें और टाइप करें '''is equal to MOD, और ब्रैसेस में B2 कोमा B1.'''&lt;br /&gt;
'''Enter''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| '''Functions Wizard''' में उपलब्ध अन्य '''functions''' को बाद में स्वयं अन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
'''Functions Wizard''' को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09;40&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, सीखते हैं कि '''statistical''' '''functions''' को कैसे लागू करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:46&lt;br /&gt;
|| '''Statistical''' '''functions'''   '''spreadsheets''' में डेटा के विश्लेषण के लिए उपयोगी हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए, '''statistical''' '''functions''' जैसे '''COUNT, MIN, MAX, MEDIAN, MODE'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:02&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 1''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:05&lt;br /&gt;
|| देखते हैं कि '''minimum, maximum''' और '''median costs''' कैसे ज्ञात करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
|| यह हम '''Calc’s statistical functions''' का उपयोग करते हुए करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| '''Cost''' कॉलम में, हमारे पास बहुत कम प्रविष्टियां हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:20&lt;br /&gt;
|| न्यूनतम लागत '''300''' रुपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:24&lt;br /&gt;
|| अधिकतम लागत '''6000''' रुपये है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
|| ये वे परिणाम हैं जिन्हें प्रदर्शित किया जाना चाहिए, जब हम '''functions''' का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:34&lt;br /&gt;
|| '''cell''' '''C10''' पर क्लिक करें जहां हम परिणाम प्रदर्शित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| ''Formatting toolbar''' में '''Format as Number''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:45&lt;br /&gt;
|| यह नंबरिंग प्रारूप को चयनित सेल पर लागू करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| अब '''Formula bar''' पर जाएँ और '''Autosum''' आइकन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
|| सूची से '''MIN''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:58&lt;br /&gt;
|| कर्सर के साथ दिखाए गए अनुसार '''cells C3''' से '''C7''' तक चुनें।&lt;br /&gt;
और कीबोर्ड पर '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:07&lt;br /&gt;
|| अब परिणाम '''300''' है, जो कि न्यूनतम वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
|| इसी तरह '''Maximum function''' के लिए भी करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| अब परिणाम '''6000'''' है जो कि अधिकतम वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
|| '''median''' वैल्यू ज्ञात करने के लिये, '''Input Line ''' में '''MAX''' को '''MEDIAN''' में बदलें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:34&lt;br /&gt;
|| परिणाम '''800''' दिखाता है, जो इस कॉलम में '''median cost''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:41&lt;br /&gt;
|| अब, आइए इस कॉलम में सभी प्रविष्टियों की संख्या ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:47&lt;br /&gt;
|| '''Input Line ''' में, '''MEDIAN ''' को '''COUNT''' में बदलें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:55&lt;br /&gt;
|| परिणाम ''5'' के रूप में दिखाया गया है जो इस कॉलम में प्रविष्टियों की कुल संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| अब, आइए इस कॉलम में उन सभी प्रविष्टियों की संख्या ज्ञात करें जो 1000 से अधिक हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:09&lt;br /&gt;
|| '''Input Line ''' में, '''COUNT ''' को '''COUNTIF''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:15&lt;br /&gt;
|| '''range''' के बाद, टाइप करें- '''कोमा स्पेस डबल कोट्स में greater than 1000.'''&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:25&lt;br /&gt;
|| परिणाम ''2'' के रूप में दिखाया गया है जो 1000 से अधिक प्रविष्टियों की कुल संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:32&lt;br /&gt;
|| अन्य '''statistical''' '''functions''' का अन्वेषण करें और बाद में स्वयं उनका विश्लेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| अब '''cell C10''' में हुए परिवर्तनों को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, सीखते हैं कि संख्याओं को '''round off''' कैसे किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:47&lt;br /&gt;
|| '''Cost''' कॉलम के अंतर्गत कुछ परिवर्तन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:51&lt;br /&gt;
|| हम '''6000 ''' को ''' 6000.34, 600 ''' को ''' 600.4''', '''300 ''' को ''' 300.3.''' में बदलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''sum''' '''total'''     '''9701'''.'''04''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:13&lt;br /&gt;
|| अब मान लीजिए कि हमें अपने परिणाम में कोई दशमलव स्थान नहीं चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:18&lt;br /&gt;
|| सबसे अच्छा समाधान है कि संख्या को निकटतम पूर्ण संख्या में '''round''' '''off''' करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:24&lt;br /&gt;
|| '''cell C10.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:27&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- '''is equal to ROUND, ओपन ब्रैकेट SUM ''' और फिर से ब्रैकेट्स में C3 कोलन C7 ''' और क्लोज ब्रैकेट।&lt;br /&gt;
'''Enter''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
|| देखिए, अब परिणाम '''9701''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:46&lt;br /&gt;
|| '''9701'''.'''04'''  वैल्यू निकटतम पूर्ण संख्या में '''rounded''' '''off''' हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:54&lt;br /&gt;
|| '''Rounding''' '''off''', निम्न पूर्ण संख्या या उच्च संख्या में किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:01&lt;br /&gt;
|| परिणाम के साथ '''cell''' पर क्लिक करें और '''ROUND''' शब्द को '''ROUNDUP''' में एडिट करें।&lt;br /&gt;
अब, '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:11&lt;br /&gt;
|| आप देखते हैं कि परिणाम अब '''9702''' है जो उच्च पूर्ण संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:19&lt;br /&gt;
|| निम्न पूर्ण संख्या में round off  करने के लिए, '''ROUNDUP''' शब्द को '''ROUNDDOWN''' में बदलें।&lt;br /&gt;
और '''Enter''' की दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:29&lt;br /&gt;
|| इस बार परिणाम '''9701''' है जो निम्न पूर्ण संख्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
|| '''Calc''' के '''Functions Wizard library''' में कई अन्य '''functions''' उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
बाद में स्वयं उनका अन्वेषण और विश्लेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:46&lt;br /&gt;
|| परिवर्तनों को सेव किए बिना फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:51&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में....&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:56&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
'''Conditional''' '''Operators''',  '''If..Or statement''',  बेसिक '''statistical''' '''functions ''' और संख्याओं को '''Rounding''' '''off''' करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:10&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में&lt;br /&gt;
'''Spreadsheet hyphen Practice dot ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:16&lt;br /&gt;
|| '''salary data ''' के साथ '''MIN''', '''MAX''' और '''MEDIAN''' फंक्शन को आजमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:23&lt;br /&gt;
|| समान '''salary data''' के साथ '''round off function''' आजमाएं।&lt;br /&gt;
अंत में परिवर्तनों को अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||15:30&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:37&lt;br /&gt;
||  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:474&lt;br /&gt;
||  क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:51&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:57&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:05&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Advanced-Formatting-and-Protection-in-Calc/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Advanced-Formatting-and-Protection-in-Calc/Hindi</title>
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				<updated>2021-06-05T11:17:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {|border=&amp;quot;1&amp;quot; |- || '''TIME''' || '''NARRATION''' |- || 00:01 || ''' Calc''' में '''Advanced Formatting and Password Protection ''' पर स्पोकन ट्य...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| '''TIME'''&lt;br /&gt;
|| '''NARRATION'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| ''' Calc''' में '''Advanced Formatting and Password Protection ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
|| '''password''' के साथ '''spreadsheet ''' को संरक्षित करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| '''password''' के साथ एक '''sheet'''  को संरक्षित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| '''database''' के लिए '''Ranges''' को परिभाषित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:24&lt;br /&gt;
|| '''Subtotal''' ऑप्शन का प्रयोग करना और '''cells''' का सत्यापन करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux OS''' वर्जन 18.04 और  '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:44&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files''' लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक करें। इसकी कॉपी बनाएं और अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| पहले '''password''' के साथ इस '''spreadsheet ''' को संरक्षित करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:11&lt;br /&gt;
|| यह ऑप्शन सुनिश्चित करता है कि केवल वे लोग जो '''password'''  जानते हैं, वे इस ''spreadsheet''' को खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:18&lt;br /&gt;
|| '''Save''' आइकन के अलावा ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और ''Save As''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| '''Save As''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:29&lt;br /&gt;
|| नीचे बाएं कोने पर '''Save with password'''  चेकबॉक्स को चैक करें।&lt;br /&gt;
और फिर ऊपरी दाएं कोने पर '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| '''Save As''' ऑप्शन में, हम इसे अलग फाइल के रूप में सेव कर सकते हैं या उसी फाइल को बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| इस प्रदर्शन के लिए, हम फ़ाइल को बदल देंगे।&lt;br /&gt;
'''Yes''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| '''Set Password''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:00&lt;br /&gt;
|| यहाँ '''Enter password to open''' फिल्ड में, '''spoken123''' पासवर्ड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:10&lt;br /&gt;
|| '''Confirm password''' टेक्स्ट फिल्ड में, '''spoken123''' पासवर्ड फिर से टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:19&lt;br /&gt;
|| फिर डायलॉग बॉक्स में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| फाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
|| अब, हम इस फ़ाइल को फिर से खोलने का प्रयास करेंगे और देखेंगे कि क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| तुरंत ही '''Enter Password''' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| यहाँ पासवर्ड के रूप में '''111''' टाइप करें और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:46&lt;br /&gt;
|| हमें एक '''The password is incorrect. The file cannot be opened''' नामक एरर प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| इस बार '''Enter password''' फिल्ड में, सही पासवर्ड '''spoken123''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods ''' फाइल खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| बाद में, साथ ही साथ '''password''' ऑप्शन को हटाना हमारे लिए संभव है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, '''Save''' आइकन के ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और फिर '''Save As''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:29&lt;br /&gt;
|| अब '''Save As''' डायलॉग बॉक्स में '''Save with password''' ऑप्शन को अनचैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| फिर ऊपरी दाईं कोने पर '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| ''''Yes''' बटन पर क्लिक करके उसी फाइल को बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर, इस फाइल को बंद करें और खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें, इस बार हमें फ़ाइल खोलने के लिए पासवर्ड की आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, जानते हैं कि पासवर्ड '''spreadsheet''' में व्यक्तिगत '''sheets''' को कैसे संरक्षित रखती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Tools''' मैन्यू पर जाएँ और '''Protect sheet''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, नीचे '''Sheet 1'''  टैब पर राइट क्लिक करें और '''Protect Sheet ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| किसी भी तरीके से, '''Protect Sheet''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| '''sheet''' को संरक्षित करने के लिए, इसके अलावा '''checkbox''' पर क्लिक करके निम्नलिखित ऑप्शन्स को अनचेक करें:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
|| '''Select protected cells ''' और  '''Select unprotected cells.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| अब, '''Password''' फिल्ड में, अपने पासवर्ड के रूप में '''spoken123''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| '''Confirm''' फिल्ड में, समान पासवर्ड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
|| फिर डायलॉग बॉक्स में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| हम '''Sheet 1''' टैब में एक '''lock''' सिंबल देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| यह इंगित करता है कि हमारी '''sheet''' अब '''password''' संरक्षित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:04&lt;br /&gt;
|| सत्यापित करने के लिए, इस '' sheet''' में किसी भी '''cell''' पर कुछ डेटा जोड़ने का प्रयास करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हम किसी भी '''cell''' में कुछ भी टाइप करने में असमर्थ हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| इसके अलावा, हम एक चेतावनी संदेश देखते हैं। इस बॉक्स से बाहर निकलने के लिए ''Ok'' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| हम और कहीं इस '''sheet ''' में इमैज का चयन या स्थानांतरित करने में भी असमर्थ हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| लेकिन अन्य ''sheets''' का क्या? '''Sheet 2''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| यहां हम '''cell E3 ''' का चयन करेंगे और '''cell''' के अंदर '''testing''' शब्द टाइप करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| '''Calc''' हमें अन्य '''sheets''' में '''cells''' को एडिट करने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:42&lt;br /&gt;
|| इन परिवर्तन को अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:55&lt;br /&gt;
|| अब ''' Sheet 1''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| अब '''sheet ''' को अरक्षित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 1''' टैब पर राइट-क्लिक करें और '''Protect sheet''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|| ''' Unprotect Sheet''' डायलॉग बॉक्स खुलता है और हमें पासवर्ड के लिए संकेत देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| पासवर्ड वैकल्पिक टेक्स्ट फिल्ड में spoken123 टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में Ok बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Sheet 1''' में लॉक सिंबल अब गायब हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| यह इंगित करता है कि '''Sheet 1''' अब पासवर्ड संरक्षित नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| हम '''cells''' को फिर से एडिट करने में सक्षम हैं और इमैज को भी स्थानांतरित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| अागे, '''Ranges''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| हम '''spreadsheet'''  में '''cells''' के '''range''' को परिभाषित कर सकते हैं और इसे '''database''' के रूप में उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
|| इस '''database range''' में प्रत्येक '''row'''  '''database record''' से मेल खाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| जबकि '''row''' में प्रत्येक '''cell''' '''database field''' से मेल खाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
|| हम '''range''' पर ''''sort''', '''group''', '''search''' और गणना कर सकते हैं, जैसे कि हम किसी भी '''database''' में करेंगे। ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, अपनी '''Personal Finance Tracker dot ods ''' में '''database''' को परिभाषित करते हैं और फिर डेटा को '''sort''' करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:26&lt;br /&gt;
|| अत:, '''items''' को चुनें जिसकी हमें '''database''' में आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
|| हम कॉलम '''SN''' से '''Miscellaneous''' तक सभी डेटा को चुनेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| अभी के लिए हम '''Sum Total''' रॉ को अनदेखा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:42&lt;br /&gt;
|| अपने '''database''' को नाम देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Data menu''' पर जाएँ और '''Define Range''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| '''Define Database Range''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:55&lt;br /&gt;
|| '''Name''' फिल्ड में '''dtbs''' टाइप करें जो कि '''database''' का संक्षिप्त रूप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:05&lt;br /&gt;
|| '''cells''' को अचयनित करने के लिए '''spreadsheet''' में कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
|| फिर से '''menu bar''' में '''Data menu''' पर जाएँ और '''Select Range''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:18&lt;br /&gt;
|| '''Select Database Range''' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Ranges''' सेक्शन में, '''dtbs'''  नाम को '''database''' के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| सूची से '''dtbs''' पर क्लिक करें और फिर डायलॉग बॉक्स में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| अब हम इस '''database''' में '''data''' को सॉर्ट कर सकते हैं, हालांकि हम चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
|| इस श्रृंखला के पहले के ट्यूटोरियल में '''data''' के क्रमबद्ध को विस्तार से बताया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| इसलिए, हम यहां उस प्रदर्शन को छोड़ देंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, जानते हैं कि '''Calc''' में '''Subtotal''' ऑप्शन का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
|| '''Subtotals''' ऑप्शन विभिन्न कॉलम्स के तहत '''data''' के '''sub total''' की गणना करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
|| इसके लिए, हम अपनी पसंद के किसी भी ''mathematical function''' का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| '''Cost''' कॉलम में '''data''' के '''subtotals''' का पता लगाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, '''row number 8''' में प्रविष्टि को हटा दें जो कि '''SUM TOTAL''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:24&lt;br /&gt;
|| फिर दिखाए गए अनुसार '''cell A1''' से '''F7''' तक सभी डेटा को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Data menu''' पर जाएँ और '''Subtotals''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:38&lt;br /&gt;
|| '''Subtotals''' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से, शीर्ष पर '''1st Group''' टैब चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| '''Group by''' फिल्ड ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''SN''' चुनें यदि यह पहले से चयनित नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| यह '''SN''' द्वारा डेटा को '''Serial Number''' के रूप में समूहित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
|| आगे, '''Calculate subtotals for''' फिल्ड में, '''Cost''' चैकबॉक्स को चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| यह इसके तहत सभी प्रविष्टियों की कुल गणना करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
|| '''Use function ''' फिल्ड में, '''Sum,''' चुनें यदि यह पहले से ही चयनित नहीं है।&lt;br /&gt;
और सबसे नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:21&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Costs''' कॉलम में प्रविष्टियों का '''Grand Sum'''  '''spreadsheet''' पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| हम प्रत्येक रॉ के बाद '''subtotals''' भी देखते हैं और '''SN''' कॉलम में परिवर्तन देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| '''cell C14''' पर क्लिक करें और '''formula bar''' देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:41&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि '''formula, Calc''' का सिंटेक्स '''SUBTOTAL''' के लिए प्रयोग किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
|| यह दर्शाता है '''equal to SUBTOTAL''' और ब्रैकेट में नंबर '''9''' और '''cell range'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| उसी को '''spreadsheet''' में भी हाइलाइट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| '''SUBTOTAL formula''' में '''functions''' के अनुरूप संख्याओं के लिए इस तालिका का संदर्भ लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
|| 9 का अर्थ '''function SUM''' है, जिसे हमने '''SUBTOTAL''' डायलॉग बॉक्स में चुना था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
|| आपके त्वरित संदर्भ के लिए इस टेबल में अन्य '''function''' संख्याओं का उल्लेख किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:22&lt;br /&gt;
|| बाएँ कॉलम में संगत संख्याओं का उपयोग करें, जब आप किसी अन्य '''function''' का उपयोग करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:29&lt;br /&gt;
|| ऊपर बाईं ओर '''Name Box''' के नीचे, हम 3 नए छोटे टैब '''1, 2 ''' और ''' 3''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:37&lt;br /&gt;
|| ये टैब '''data''' के 3 अलग-अलग दृश्य देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| '''tab 1''' पर क्लिक करें। ध्यान दें कि अंतिम '''subtotal''' के साथ '''Costs''' में डेटा का केवल  '''Grand Sum''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
|| '''tab 2''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:55&lt;br /&gt;
|| '''Costs''' के साथ-साथ '''Grand Sum''' के अंतर्गत डेटा प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
|| अब, '''tab 3''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:04&lt;br /&gt;
|| हमें '''Costs''' के तहत डेटा के '''Grand Sum''' के साथ-साथ सभी डेटा का विस्तृत दृश्य मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:11&lt;br /&gt;
|| परिवर्तनों को सेव किए बिना इस फाइल को बंद कर दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:16&lt;br /&gt;
|| और फाइल को फिर से खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
|| अब हम '''Calc''' में '''Validity''' ऑप्शन के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:26&lt;br /&gt;
|| '''Validity''' ऑप्शन '''spreadsheet''' में डेटा की पुष्टि करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:31&lt;br /&gt;
|| यह '''spreadsheet''' में चयनित '''cells''' के लिए '''Validation rules''' को निर्दिष्ट करके किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए, हम '''Validation''' का उपयोग करके खरीदी गई '''items''' के लिए भुगतान का तरीका निर्दिष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:45&lt;br /&gt;
|| '''Received''' कॉलम के आगे '''MOP''' के रूप में एक नया कॉलम '''Mode of Payment''' जोडें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:53&lt;br /&gt;
|| '''MOP''' शीर्षक के नीचे, '''cells'''' का उपयोग भुगतान के तरीके को प्रदर्शित करने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:59&lt;br /&gt;
|| '''Column B''' में '''Items''' के लिए '''MOP'''' यहां प्रदर्शित हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:04&lt;br /&gt;
|| जो कि, '''Salary, House Rent, Electricity Bill'''  और अन्य घटक हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:11&lt;br /&gt;
|| अब, हम '''MOP''' शीर्षक के ठीक नीचे खाली '''cell''' पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:17&lt;br /&gt;
|| इसमें '''item Salary''' के लिए भुगतान का तरीका होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:22&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Data menu''' पर जाएँ और '''Validity''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| '''Validity''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:32&lt;br /&gt;
|| शीर्ष पर '''Criteria''' टैब पर क्लिक करें यदि यह पहले से चयनित नहीं है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:37&lt;br /&gt;
|| '''Allow''' फिल्ड ड्रॉप-डाउन से, '''List''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:42&lt;br /&gt;
|| '''Entries''' बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:46&lt;br /&gt;
|| उन ऑप्शन्स को प्रविष्ट करें जो चयनित '''cell''' को मान्य करने पर दिखाई देंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:51&lt;br /&gt;
|| हम भुगतान का पहला तरीका '''In Cash''' टाइप करेंगे और '''Enter''' दबाएंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:57&lt;br /&gt;
|| आगे, हम दिखाए गए अनुसार निम्न प्रविष्टियों को टाइप करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:03&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स के नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:08&lt;br /&gt;
|| '''cell F2''' के बगल में प्रदर्शित डाउन एरो पर ध्यान दें, जिसका अर्थ है कि '''cell''' मान्य है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  14:16&lt;br /&gt;
|| अब, डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:19&lt;br /&gt;
|| हम यहां '''Entries''' बॉक्स में '''Mode of Payments''' के रूप में दर्ज किए गए ऑप्शन्स को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:26&lt;br /&gt;
|| सूची को संक्षिप्त करने के लिए फिर से डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:30&lt;br /&gt;
|| नीचे दिए गए '''cells''' को मान्य करने के लिए, '''Standard toolbar''' में '''Clone Formatting''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:37&lt;br /&gt;
|| फिर, '''cell F3''' पर क्लिक करें और बांया माउस बटन दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:43&lt;br /&gt;
|| कर्सर को '''cell F7''' तक खींचें और माउस बटन को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:49&lt;br /&gt;
|| सभी चयनित '''cells''' एक ही बार में मान्य हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:54&lt;br /&gt;
|| अब '''MOP''' शीर्षक के ठीक नीचे '''cell''' पर क्लिक करें और फिर पास में डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:02&lt;br /&gt;
|| '''mode of payment''' के लिए '''Online''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:06&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, आप प्रत्येक मान्य '''cells''' में ऑप्शन्स का चयन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:12&lt;br /&gt;
|| दिखाए गए अनुसार प्रत्येक '''Items''' के लिए किए गए '''mode of payment''' के अनुसार चयन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:19&lt;br /&gt;
|| इसी तरह हम '''spreadsheet''' में अन्य कॉलम्स को '''format''' और '''validate''' कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:25&lt;br /&gt;
|| इन सभी परिवर्तनों को सेव करें और फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:30&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं, संक्षेप में...&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:36&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
'''password''' के साथ '''spreadsheet ''' को संरक्षित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:43&lt;br /&gt;
|| '''password''' के साथ एक '''sheet''' को संरक्षित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:47&lt;br /&gt;
|| '''database''' के लिए '''Ranges''' को परिभाषित करना, '''Subtotal''' ऑप्शन का उपयोग करना और '''cells''' को सत्यापित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:57&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में&lt;br /&gt;
 '''Spreadsheet hyphen Practice dot ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:03&lt;br /&gt;
|| '''Department Sheet''' नामक '''sheet''' को संरक्षित रखने के लिए '''password protect''' ऑप्शन का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:10&lt;br /&gt;
|| '''Subtotals''' ऑप्शन का उपयोग करें और '''Salary''' कॉलम का '''Grand Sum''' ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:16&lt;br /&gt;
|| परिवर्तनों को सेव किए बिना फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:20&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:28&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:39&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:44&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||16:51&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 16:59&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Inserting-Images-and-inbuilt-Graphics-in-Calc/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Inserting-Images-and-inbuilt-Graphics-in-Calc/Hindi</title>
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				<updated>2021-06-05T11:15:43Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {| border=&amp;quot;1&amp;quot; |- || '''TIME''' || '''NARRATION''' |- || 00:01 || '''Inserting Images and inbuilt Graphics in a spreadsheet.''' पर स्पोकन ट्यूटोर...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| '''TIME'''&lt;br /&gt;
|| '''NARRATION'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Inserting Images and inbuilt Graphics in a spreadsheet.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:09&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-'''spreadsheet''' में '''image''' डालना और '''image''' को फोर्मेट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 18.04 और  '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:33&lt;br /&gt;
|| '''Images'''  को सीधे '''graphics''' प्रोग्राम या '''clipboard''' की मदद से या '''Calc gallery''' से '''spreadsheet''' में जोड़ा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
|| हम उनमें से हर एक पर विस्तार से चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| '''Personal Finance Tracker dot ods''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
|| यह फ़ाइल और इमेज आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
||कृपया अपने '''Desktop''' पर एक फोल्डर में फाइल डाउनलोड और एक्स्ट्रैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
||इसकी एक कॉपी बनाएँ और अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
||'''cell'''  का चयन करना और फिर '''image''' डालना एक अच्छा अभ्यास है। '''cell C2.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:23&lt;br /&gt;
|| अब, '''Standard''' '''toolbar''' में '''Insert''' '''Image''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, आप '''menu''' '''bar.''' में '''Insert''' मेन्यू पर क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
और फिर '''Image''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
|| किसी भी तरह से '''Insert''' '''Image''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
|| अब '''image''' को ढूँढे जिसे आप अपने कंप्यूटर पर डालना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
||मैंने अपने '''Desktop''' में '''Images''' नामक फ़ोल्डर में कुछ इमेज सेव किए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
||ये इमेज प्लेयर के नीचे दिए गए '''Code files'''  लिंक में उपलब्ध हैं, जैसा कि पहले बताया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
||मैं कंप्यूटर से '''Image1 ''' चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
|| फिर ऊपर दाएं और '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''image'''  '''spreadsheet''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
|| लेकिन, '''image'''  कुछ डेटा को कवर कर रहा है। इसलिए हमें '''image''' का आकार बदलना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| जब '''image ''' का चयन किया जाता है, तो हमें इसके चारों ओर '''handles''' दिखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| आनुपातिक रूप से '''image'''  का आकार बदलने के लिए '''handles''' के किसी भी कोने पर क्लिक करें और खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| अब '''image''' को स्थानांतरित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:38&lt;br /&gt;
|| कर्सर को किसी बोर्डर पर रखें जब तक कि कर्सर '''hand''' में बदल न जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
||क्लिक करें और '''image''' को वांछित स्थान पर ले जाएँ और फिर माउस बटन को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:50&lt;br /&gt;
|| अब, हम अपने '''data''' और '''image'''  को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| जब '''image''' का चयन किया जाता है, तो '''Formatting toolbar''' केवल '''image ''' से संबंधित ऑप्शन्स दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
||हम इन ऑप्शन्स के बारे में इस ट्यूटोरियल में बाद में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
||'''Image edit mode''' से बाहर निकलने के लिए, '''image''' के बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:12&lt;br /&gt;
|| इसे '''hyperlinking''' करके एक और '''image''' डालते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
||प्रदर्शन के इस भाग के लिए, हम ''Sheet''' '''2''' पर कार्य करेंगे। इसलिए, सबसे नीचे ''Sheet''' '''2''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
|| '''Sheet 2''' में, हम '''cell A2.''' चुनेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
||फिर, '''Standard toolbar.''' में '''Insert''' '''Image''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
||'''Insert''' '''Image''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
||इस बार मैं अपने कंप्यूटर से '''Image2 ''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
||उस '''image''' को ढूँढे जिसे आप अपने कंप्यूटर पर डालना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
|| '''spreadsheet''' में '''image''' लिंक करने के लिए, नीचे बाईं ओर '''Insert''' '''as''' '''Link''' चैकबॉक्स को चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:57&lt;br /&gt;
|| फिर ऊपर दाएं कोने पर '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:02&lt;br /&gt;
|| '''Confirm Linked Graphic''' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| '''Ask when linking the graphic ''' ऑप्शन को चैक करें यदि यह पहले से ही डिफ़ॉल्ट रूप से चैक नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
|| फिर '''Keep''' '''Link''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
|| अब इस '''spreadsheet''' में '''image'''  हाइपरलिंक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| जब हम एक '''image''' लिंक करते हैं तो-&lt;br /&gt;
पहले, यह '''spreadsheet''' के आकार को कम करता है क्योंकि हमारी '''spreadsheet''' में '''image''' नहीं होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| दूसरा, यह यूजर्स को दोनों फाइलों को अलग-अलग संशोधित करने में सक्षम बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:36&lt;br /&gt;
||'''image''' फ़ाइल में किए गए परिवर्तन '''spreadsheet''' में '''linked image''' में प्रतिबिंबित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| अब अपनी '''spreadsheet''' को सेव और बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:48&lt;br /&gt;
|| उस फ़ोल्डर पर जाएं जहां सभी '''images''' सेव किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| '''Image2''' के नाम को '''Image2 hyphen old'''  और '''Image3''' फाइल के नाम को '''Image2''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:05&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर से '''Personal Finance Tracker''' dot '''ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''spreadsheet''' में '''Image2''' अब बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| हालाँकि, एक फ़ाइल के '''hyperlinking''' का बड़ा नुकसान यह है कि &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:22&lt;br /&gt;
|| जब भी आप इस '''spreadsheet''' को एक भिन्न कंप्यूटर या यूजर को भेजना चाहते हैं,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| तो आपको '''image''' फाइल के साथ '''spreadsheet'''  दोनों को भेजना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| जिसका अर्थ यह है कि, आपको उस स्थान पर नज़र रखनी होगी जहाँ आप दोनों फ़ाइलों को सेव कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, इमेज को ''spreadsheet''' में सम्मिलित करने की एक और विधि सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:46&lt;br /&gt;
||यह इमेज को उसके सेव किए गए फ़ोल्डर स्थान से खींचकर और छोडकर किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| उस फ़ोल्डर पर जाएं जहां सभी इमेज सेव किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| अब '''Image2 hyphen old''' को सीधे ही '''spreadsheet''' में drag-and-drop करें जहाँ भी आप इसे रखना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:06&lt;br /&gt;
||मैं इसे इस खाली जगह पर रखूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| इमेज हमारी '''spreadsheet''' में प्रविष्ट हो जाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
|| इस परिवर्तन को अंडो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| अागे drag-and-drop मैथेड का उपयोग करके समान इमेज को '''hyperlink'''  करते हैं।&lt;br /&gt;
यह मैथेड आसान भी है!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:26&lt;br /&gt;
|| उस फ़ोल्डर पर जाएं जहां सभी इमेज सेव की गई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:30&lt;br /&gt;
|| '''Control''' और '''Shift''' कीज़ को एक साथ पकड़ें और फिर '''Image2-old''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
अब इमेज को '''spreadsheet''' पर खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| इमेज अब इस '''spreadsheet''' के लिए '''hyperlinked''' हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| '''spreadsheet''' को अब सेव और बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर उस फोल्डर पर जाएं जहां सभी इमेज सेव हैं।&lt;br /&gt;
'''Image2 hyphen old''' फाइल का नाम बदलकर '''Image4''' करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| अब फिर से '''Personal Finance Tracker.ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| '''hyperlinked image'''  '''spreadsheet''' में दिखाई नहीं देती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
||'''hyperlinked path''' एक एरर प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
|| अत: इस '''hyperlink''' को डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:22&lt;br /&gt;
||ऐसा करने के लिए, एरर के रूप में दिखाए गए '''hyperlinked path''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
यह अनुपस्थित इमेज का चयन करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:30&lt;br /&gt;
|| अब कीबोर्ड पर '''Delete''' की दबाएं। अनुपस्थित '''hyperlinked''' इमेज डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| आगे हम सीखेंगे कि '''clipboard''' से इमेज कैसे डालें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
|| हम एक '''spreadsheet''' से अन्य में '''clipboard''' पर स्टोर किए गए इमेज को कॉपी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| एक नई '''spreadsheet''' खोलें, जो हमारी '''target file''' होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:55&lt;br /&gt;
|| हमारे पास पहले से ही '''Personal Finance Tracker dot ods''' में इमेज हैं।&lt;br /&gt;
यह '''spreadsheet''' हमारी  '''source file''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| अब '''source file'''  से '''Image2'''  को चुनें जिसे कॉपी करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:09&lt;br /&gt;
|| इमेज को कॉपी करने के लिए '''CTRL''' और '''C''' कीज़ एक साथ दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:14&lt;br /&gt;
||इमेज अब '''computer’s clipboard''' पर सेव हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:18&lt;br /&gt;
|| अब '''target document''' पर जाएँ, जो '''Untitled 1''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| उस स्थान का चयन करें जहाँ आप सेव किए गए इमेज को '''Untitled 1''' में रखना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| '''spreadsheet''' में इमेज डालने के लिए '''CTRL''' और '''V''' कीज़ एक साथ दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| इमेज हमारी '''target file''' में पड गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| बिना सेव किए  '''Untitled 1 ''' डॉक्यूमेंट को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
|| इसके बाद हम '''Picture''' '''toolbar.''' में उपलब्ध अन्य ऑप्शन्स को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शन के इस भाग के लिए हम '''Sheet''' '''1.''' पर कार्य करेंगे। सबसे नीचे '''Sheet''' '''1''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:00&lt;br /&gt;
|| अब ''' Image1.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:04&lt;br /&gt;
||'''Formatting''' '''toolbar'''   '''Picture''' '''toolbar''' में परिवर्तित हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:09&lt;br /&gt;
|| यहां, हम एक इमेज को एडिट करने के लिए विभिन्न टूल आइकन देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:14&lt;br /&gt;
|| यदि आपने अपनी  '''LibreOffice'''  विंडो को रिसाइज किया है, तो कुछ आइकन दिखाई नहीं दे सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| उस स्थिति में, छिपे हुए आइकन को देखने के लिए '''toolbar''' के अंत में '''double arrow''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
|| ''Filter''' ऑप्शन के ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:32&lt;br /&gt;
||पॉप-अप मेन्यू से, '''Charcoal Sketch''' ऑप्शन पर क्लिक करें। '''Image1''' में परिवर्तन का निरीक्षण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:41&lt;br /&gt;
|| आगे देखते हैं कि इस इमेज को कैसे क्रॉप करना है। सुनिश्चित करें कि इमेज चुना गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:49&lt;br /&gt;
|| अब '''Picture''' '''toolbar''' में '''Crop''' '''image''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| हमें इमेज के चारों ओर '''blue''' कलर हैंडल दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
|| दिखाए गए अनुसार किसी भी एक '''handles''' को क्लिक करें और खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| फिर '''Image editing mode''' से बाहर निकलने के लिए इमेज के बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| हमारे चयन के अनुसार इमेज क्रॉप हो जाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
|| यहाँ '''Picture''' '''toolbar''' पर अन्य ऑप्शन्स हैं जिन्हें आप बाद में स्वयं देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:21&lt;br /&gt;
|| अब हम सीखेंगे कि '''Calc Gallery''' से सीधे इमेज कैसे डालना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
|| '''Gallery ''' में इमेज के साथ-साथ '''sounds ''' भी हैं जिन्हें हम अपने '''spreadsheet''' में सम्मिलित कर सकते हैं।  देखें कि यह कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Insert''' मेन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| सब-मेन्यू से '''Media''' ऑप्शन पर जाएँ और इसे खोलने के लिए '''Gallery''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, '''Sidebar''' पर '''Gallery''' आइकन पर क्लिक करें जो अत्यंत दाईं ओर है।&lt;br /&gt;
यह '''Gallery''' सेक्शन खोलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:57&lt;br /&gt;
|| हम विभिन्न फ़ोल्डरों को देख सकते हैं जिनमें '''inbuilt images''' हैं जिनका हम उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:04&lt;br /&gt;
|| इस पर क्लिक करके '''Finance''' फोल्डर चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
|| फिर '''image ATM01''' को '''spreadsheet''' में खींचें और छोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि इमेज हमारी '''Personal Finance Tracker dot ods''' फ़ाइल में प्रविष्ट हो जाती है।&lt;br /&gt;
इसी तरह आप अपनी '''spreadsheet''' में किसी इमेज को सम्मिलित और फोर्मेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:28&lt;br /&gt;
|| हमें अब '''ATM01 image''' की आवश्यकता नहीं है, इसलिए हम इसे हटा देंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
||फिर '''Gallery''' के अतिरिक्त '''X''' आइकन पर क्लिक करके ''Gallery''' सेक्शन को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| अंत में फाइल को सेव और बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:47&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं। संक्षेप में....&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:52&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने कई अलग अलग तरीकों जैसे फाइल से, '''clipboard''' से और '''Calc gallery''' से '''spreadsheet''' में इमेज डालना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:06&lt;br /&gt;
|| हमने यह भी सीखा-&lt;br /&gt;
इमेज को मूव और रिसाइज करना, इमेज पर फिल्टर लागू करना और इमेज को क्रोप करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:17&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में '''Spreadsheet hyphen Practice dot ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:23&lt;br /&gt;
|| '''Sheet''' '''2''' में '''link''' के रूप में इमेज प्रविष्ट करें, फाइल को सेव और बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:30&lt;br /&gt;
|| उस फ़ोल्डर पर जाएं जहां इमेज सेव है। अब इमेज का नाम बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:37&lt;br /&gt;
||खोलें और जांचें कि क्या इमेज अभी भी '''spreadsheet''' में दिखाई दे रही है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:42&lt;br /&gt;
||अब इमेज का नाम बदलकर वापस उसके मूल नाम पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:46&lt;br /&gt;
||जांचें कि क्या इमेज '''spreadsheet''' में दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:51&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:13&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Using-Charts-and-Graphics-in-Calc/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc-6.3/C3/Using-Charts-and-Graphics-in-Calc/Hindi</title>
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				<updated>2021-06-05T11:14:08Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {| border=&amp;quot;1&amp;quot; |- || '''TIME''' || '''NARRATION''' |- || 00:01 || '''Spreadsheets''' में '''Using Charts and Graphs''' पर स्पोकन ट्यूटोरि...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| '''TIME'''&lt;br /&gt;
|| '''NARRATION'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Spreadsheets''' में '''Using Charts and Graphs''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
|| ''' LibreOffice Calc''' में '''charts ''' को कैसे &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| बनाना है, एडिट करना है, रिसाइज करना है, फोर्मेट, मूव और डिलीट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:21&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 18.04 और  '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35&lt;br /&gt;
||  '''Charts''' सूचना को पाठक तक पहुँचा सकता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
||  '''LibreOffice Calc''' हमारे डेटा के लिए कई तरह के '''chart formats''' प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
||  '''Calc''' के प्रयोग से हम '''charts'''  को काफी हद तक कस्टमाइज़ कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
|| अपनी '''Personal Finance Tracker dot ods ''' फाइल को खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files''' लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक करें। इसकी एक कॉपी बनाएं और अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि सभी '''cell''' '''borders'''  अधूरे हैं।&lt;br /&gt;
आइए हम इसे पहले क्रमबद्ध करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
|| '''cells A1 ''' से ''' H8''' तक चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| फिर '''Formatting''' टूलबार पर जाएँ और '''Borders''' आइकन के आगे ड्रॉपडाउन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| वह ऑप्शन चुनें जो सभी बोर्डर्स को प्रदर्शित करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
|| '''cells''' को अचयनित करने के लिए चयनित क्षेत्रों के बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
|| हमारी चुनी हुई '''border style'''  अब सभी चयनित '''cells''' पर लागू होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| हमें अब '''Days''' और '''Date'''  कॉलम की जरूरत नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
|| इसलिए, इन्हें हटा दें जैसे दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:00&lt;br /&gt;
|| '''Spent column''' में सूचीबद्ध प्रत्येक आइटम के लिए खर्च की गई राशि को भरें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| फिर, हम '''Received ''' कॉलम में सूचीबद्ध प्रत्येक आइटम के लिए प्राप्त राशि भरेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:13&lt;br /&gt;
|| अब हम '''Spent''' और '''Received ''' कॉलम में वैल्यू को '''INR''' '''currency''' में फोर्मेट करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| '''Shift''' की को होल्ड करके '''D3 ''' से '''E7''' सेल्स को चुनें और इस तरह से क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| '''Formatting''' टूलबार में, '''Format as Currency ''' आइकन ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:36&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें और ''' INR ₹ English India''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| '''cells''' को अचयनित करने के लिए चयनित क्षेत्रों के बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:48&lt;br /&gt;
|| अब हमारे '''spreadsheet''' के लिए आवश्यक '''data''' है, हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| तो, आइए देखें कि इस '''data''' के लिए '''chart''' कैसे बनाया जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:59&lt;br /&gt;
|| '''chart''' बनाने के लिए, पहले हमें '''chart''' में शामिल करने के लिए '''data'''  का चयन करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| '''cells A1 ''' से '''E7''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| चयन को ऊपर बाईं ओर '''Name Box''' में सत्यापित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| अब, '''Standard''' टूलबार में  '''Insert''' '''Chart''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, हम '''menu bar''' में '''Insert''' मैन्यू पर क्लिक कर सकते हैं। और फिर '''Chart''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:30&lt;br /&gt;
|| किसी भी तरह से, '''Chart Wizard''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
यह चयन करने के लिए कई ऑप्शन्स दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:39&lt;br /&gt;
|| अभी के लिए, डिफ़ॉल्ट सेटिंग रखें और नीचे दिए गए '''Finish ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| हमारे '''data''' के आधार पर चार्ट '''spreadsheet ''' में डाला जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| लेकिन, चार्ट कुछ '''data''' को कवर कर रहा है।&lt;br /&gt;
इसलिए हमें चार्ट का आकार बदलना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
|| जब चार्ट चुना जाता है, तो हम इसके चारों ओर '''handles''' देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| आनुपातिक रूप से चार्ट का आकार बदलने के लिए किसी भी '''handles''' पर क्लिक करें और खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
|| अब चार्ट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| कर्सर को किसी बोर्डर पर रखें जब तक कि कर्सर '''hand''' में बदल न जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:22&lt;br /&gt;
|| क्लिक करें और चार्ट को वांछित स्थान पर ले जाएँ और फिर माउस बटन को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| इसे अचयनित करने के लिए चार्ट के बाहर कहीं और क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| अब, हम अपने '''data''' और '''Chart'''  को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:39&lt;br /&gt;
|| चार्ट को अनुकूलित करने के लिए, उस पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| इसके तुरंत बाद, '''Formatting'''  टूलबार चार्ट से संबंधित ऑप्शन्स को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:50&lt;br /&gt;
|| यदि आप '''Chart edit mode''' से बाहर निकलना चाहते हैं, तो चार्ट के बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:56&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, हम इस चार्ट में  '''Title''' जोड़ना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:01&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar''' में '''Titles''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
|| '''Titles''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| '''Titles''' टेक्स्ट फिल्ड में, '''Finance''' '''Tracker''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| बाकी फिल्ड्स को डिफ़ॉल्ट के रूप में छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| फिर नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Finance''' '''Tracker, ''' चार्ट के शीर्ष केंद्र पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, सीखते हैं कि '''Chart''' '''Type''' कैसे परिवर्तन करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar''' में '''Chart Type''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| '''Chart Type''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| बाईं ओर हम उपलब्ध '''Chart''' '''Types''' की सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| '''Column''' '''type''' डिफॉल्ट रूप से चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| दाईं ओर, हम '''Column''' '''charts''' के तीन सब-टाइप देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| यह चयनित '''Chart type''' के आधार पर अलग-अलग होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| हम '''Normal ''' सब-टाइप ''' Column chart''' को बरकरार रखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| यदि हम ''' 3D Look''' ऑप्शन को चैक करते हैं, तो चार्ट तीन आयामों में प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
|| तुरंत हम देखते हैं कि '''Shape''' ऑप्शन इनेबल हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| शेप को '''Cylinder ''' के रूप में चुनें और सब-टाइप को '''Deep''' के रूप में भी चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23 &lt;br /&gt;
|| फिर नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:27&lt;br /&gt;
|| '''spreadsheet''' पर चार्ट में परिवर्तन का निरीक्षण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| बाद में अन्य संयोजनों का अन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, हम सीखते हैं कि '''Data''' '''Range''' कैसे बदलना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar''' पर '''Data''' '''Ranges''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| '''Data''' '''Ranges''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| इस ऑप्शन का उपयोग करते हुए, हम डेटा की सीमा को मैन्युअल रूप से एडिट कर सकते हैं, हम चार्ट में प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
|| '''data''' प्लोटिंग का डिफ़ॉल्ट ऑप्शन '''Data series in columns''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| लेकिन हम बदल सकते हैं जैसा हम डेटा को  प्लॉट करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
|| इसको परिवर्तित करें और ''Data series in rows''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
|| यह उपयोगी है यदि हम अपने डेटा को प्रदर्शित करने के लिए चार्ट के '''style''' जैसे कॉलम का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, हम यह चुन सकते हैं कि क्या '''First row as label,''' या '''First column as label,''' या दोनों को चार्ट के अक्ष पर लेबल के रूप में उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
|| यह मेरा चयन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| अब, मान लें कि हम '''Received''' कॉलम के डेटा को हटाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, पहले '''Data range''' फिल्ड के अंदर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| फिर '''range'''  को '''dollar A dollar 1 is to dollar E dollar 7''' से ''' dollar A dollar 1 is to dollar D dollar 7''' में परिवर्तित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:00&lt;br /&gt;
|| कॉलम '''Received'''  का डेटा अब चार्ट तैयार होने पर प्रतिनिधित्व नहीं करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:07&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, हम '''Data Series''' का '''functions''' देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
|| अत:, '''Data''' '''Series''' टेब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हमारे डेटा '''column'''  हेडिंग का प्रतिनिधित्व करने वाले 6 फिल्ड्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:22&lt;br /&gt;
|| '''Add''' और '''Remove'''  बटन हमें चार्ट से डेटा की पंक्तियों को जोड़ने या हटाने की अनुमति देंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:30&lt;br /&gt;
|| हम  '''Down''' और '''Up''' बटन का उपयोग करके भी डेटा को शोर्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| अब हमने  चार्ट में डेटा का चयन और डेटा को निरूपित करना पूर्ण कर लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
|| अत: हम नीचे ''OK''' बटन पर क्लिक करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| हमारे द्वारा चार्ट में किए गए सभी परिवर्तनों को ध्यान से देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, हम सीखेंगे कि '''Chart''' '''area''' को कैसे कस्टमाइज़ करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar''' से '''Chart''' '''Area ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:03&lt;br /&gt;
|| यहाँ शीर्ष पर 3 टेब्स हैं- '''Borders''', '''Area''' और '''Transparency'''&lt;br /&gt;
डिफॉल्ट रूप से, '''Borders''' टेब चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| यहाँ एक बड़ा सफेद बॉक्स है जो कि ''preview''' क्षेत्र है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| '''style'''  और चार्ट बॉर्डर के रंग को बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, ''Style''' ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''Continuous''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| फिर '''Color''' ड्रॉप-डाउन में, हम ''Green''' चुनेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| '''preview ''' क्षेत्र में हुए परिवर्तनों पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
|| फिर नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:44&lt;br /&gt;
|| सभी परिवर्तनों को देखने के लिए चार्ट के बाहर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''style'''  और चार्ट बॉर्डर का रंग बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| कुछ और '''formatting''' ऑप्शन्स की जाँच करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:58&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि चार्ट केवल '''Edit''' '''mode ''' में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:03&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar''' पर, यहाँ 4''' axis ''' आइकन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:08&lt;br /&gt;
|| ये '''axis''' ऑप्शन्स चार्ट बनाने वाली लाइन्स को फोर्मेट करने में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
|| ये '''X''' और '''Y''' अक्ष पर दिखाई देने वाले टेक्स्ट के फॉन्ट को भी फॉर्मेट करते हैं।&lt;br /&gt;
इनकी जांच करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:24&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar''' में  '''X''' '''Axis''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 '''X''' '''Axis''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम '''X Axis''' को अनुकूलित करने के लिए शीर्ष पर स्थित विभिन्न टैब देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:39&lt;br /&gt;
|| '''Esc''' की दबाएं या डायलॉग बॉक्स से बाहर निकलने के लिए नीचे '''Cancel''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, हम '''Formatting''' '''toolbar''' में '''Y''' '''Axis''' आइकन पर क्लिक करके '''Y''' '''Axis''' को फोर्मेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:55&lt;br /&gt;
|| बाद में स्वत: ही अन्य '''axis ''' आइकनों का अन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:00&lt;br /&gt;
|| '''Calc'''   '''chart''' '''wall''' का रंग बदलने के लिए एक ऑप्शन प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:05&lt;br /&gt;
|| मुख्य '''title''' और '''key''' सहित '''chart''' '''wall''' '''chart''' '''graphic''' के आसपास की बोर्डर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
|| फोर्मेट करने के लिए, '''Formatting toolbar''' में '''Chart''' '''Wall''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
'''Chart''' '''Wall ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:22&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित नहीं है, तो '''Borders''' टैब पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
|| '''Line''' '''Properties''' ऑप्शन में, हम देख सकते हैं कि '''Style''' '''Continuous''' पर सेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:33&lt;br /&gt;
|| '''Color''' ड्रॉप-डाउन से, '''Red''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| फिर '''plus''' आइकन पर क्लिक करके चौडाई को '''0.10 centimeter ''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| अब नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:49&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '''style''' और '''chart''' '''wall''' का रंग अब बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, हम सीखेंगे कि '''Legend''' को कैसे हटाया और जोड़ा जाए।&lt;br /&gt;
हमारे चार्ट में, यह '''Legend''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar.''' में ''' Legend ON/OFF'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
'''legend''' हट जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:10&lt;br /&gt;
|| '''Legend ON/OFF ''' आइकन पर फिर से क्लिक करें और '''legend''' पुन: प्रदर्शित हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:16&lt;br /&gt;
|| इसके बाद हम सीखेंगे कि '''Position''' और '''Size''' डायलॉग बॉक्स का उपयोग करके '''charts''' का आकार कैसे बदलना है।&lt;br /&gt;
''''edit mode''' से बाहर निकलने के लिए चार्ट के बाहर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
|| अब चार्ट पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
context मेन्यू से, '''Position''' ''' और ''' '''Size''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| '''Position''' ''' और ''' '''Size''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:41&lt;br /&gt;
|| शीर्ष पर '''Position''' ''' और ''' '''Size''' टेब चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:45&lt;br /&gt;
|| '''Position''' सेक्शन में विभिन्न फिल्ड्स हैं जो चार्ट के '''X''' और '''Y''' पोजिशन को सेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:53&lt;br /&gt;
|| हम '''Size''' सेक्शन में चार्ट के '''width''' और '''height''' को भी समायोजित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:59&lt;br /&gt;
|| '''X''' coordinate को '''1.00''' और '''Y''' coordinate को '''0.80''' पर सेट करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| और नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:13&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि निर्दिष्ट वैल्यू के अनुसार चार्ट की स्थिति बदल गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar''' में उपलब्ध इन ऑप्शन्स के अलावा, हम चार्ट को दो अन्य तरीको से फ़ॉर्मेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:27&lt;br /&gt;
|| या तो '''menu''' '''bar''' में '''Format''' '''menu''' पर जाएँ, या चार्ट पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:34&lt;br /&gt;
|| '''formatting''' ऑप्शन्स देखने के लिए, सुनिश्चित करें कि चार्ट '''edit mode''' में है। बाद में स्वत: ही इन ऑप्शन्स का अन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:43&lt;br /&gt;
|| अंत में सीखते हैं कि चार्ट को कैसे हटाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:47&lt;br /&gt;
|| चार्ट पर क्लिक करें और कीबोर्ड पर '''Delete''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:52&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि चार्ट अब '''spreadsheet''' से हट गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:57&lt;br /&gt;
|| अब फाइल को सेव और बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:01&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं। &lt;br /&gt;
संक्षेप में...&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
चार्ट को बनाना, आकार बदलना और उन्हें '''spreadsheet''' में लाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
|| चार्ट को एडिट और फोर्मेट करना और चार्ट को डिलीट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:20&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में,&lt;br /&gt;
'''Spreadsheet hyphen Practice dot ods ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:26&lt;br /&gt;
|| '''data''' के लिए एक '''Pie''' '''chart''' प्रविष्ट करें। चार्ट का आकार बदलें और '''sheet''' के नीचे दाएं कोने पर ले जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:35&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:43&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:53&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:57&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:03&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:11&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress-6.3/C3/Slide-Show-Creation-in-Impress/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress-6.3/C3/Slide-Show-Creation-in-Impress/Hindi</title>
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				<updated>2021-06-05T11:11:49Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{| border = 1 |- |  '''Time''' |  '''Narration''' |- || 00:01 || '''LibreOffice Impress''' में '''Slide Show creation''' पर स्पोकन ट्यूटोर...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border = 1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  '''Time'''&lt;br /&gt;
|  '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''LibreOffice Impress''' में '''Slide Show creation''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
'''Slide Shows'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
||  '''Slide Transitions '''  और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
|| स्वचालित '''Slide Shows''' बनाना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 18.04 और  '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:34&lt;br /&gt;
|| '''Slide Shows ''' आमतौर पर दर्शकों के सामने स्लाइड पेश करने के लिए उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इसे '''desktop, laptop''' या '''projector''' पर दिखाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
|| '''Slide Shows'''  पूरे कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| '''Presentations ''' को ''' Slide Show ''' मोड में एडिट नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
|| '''Slide Shows'''  केवल प्रदर्शन उद्देश्य के लिए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| '''Sample hyphen Impress dot odp''' नामक '''presentation''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:11&lt;br /&gt;
|| कृपया इसे डाउनलोड और एक्स्ट्रैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर उसका अभ्यास करने के लिए उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
|| आइए जानें कि इस '''presentation'''  को '''Slide Show''' के रूप में कैसे देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| '''Standard Toolbar''' में '''‘Start from First Slide’ ''' आइकन देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:31&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि आइकन पर '''tooltip''' , '''Slide Show''' शुरू करने के लिए शॉर्टकट की '''F5''' को प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:39&lt;br /&gt;
|| ''' ‘Start from First Slide’,'''  पर क्लिक करके, '''presentation''' अब '''Slide Show''' के रूप में प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:47&lt;br /&gt;
|| '''Slide Show ''' मोड में, हम '''keyboard''' पर '''arrow keys''' का उपयोग कर स्लाइड के बीच नेविगेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:55&lt;br /&gt;
|| राइट एरो की हमें एक के बाद एक अगली स्लाइड पर ले जाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| लेफ्ट एरो की हमें एक के बाद एक पिछले स्लाइड पर ले जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:07&lt;br /&gt;
|| किसी भी समय, '''Slide Show'''  से बाहर निकलने के लिए, '''context''' '''menu''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:13&lt;br /&gt;
|| फिर '''End Show ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''SlideShow''' पर क्लिक करके '''Slide Show ''' शुरू करने का एक और तरीका है।&lt;br /&gt;
और फिर '''Start from First Slide ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| कीबोर्ड पर '''ESCAPE ''' की दबाकर '''Slide Show''' से बाहर निकलने का दूसरा तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:36&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, आइए जानें कि '''Mouse Pointer'''  का उपयोग पेन के रूप में कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
|| इस ऑप्शन को इनेबल करें और देखें कि यह कैसे कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| '''menu''' '''bar'''  में '''Slide Show''' मेन्यू पर क्लिक करें और फिर '''Slide Show Settings''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| '''Slide Show Settings ''' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| '''Options''' में, '''Mouse Pointer visible ''' और '''Mouse Pointer as Pen''' के बॉक्स को चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:09&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स बंद करने के लिए '''OK''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| अब '''F5 ''' की दबाकर '''Slide Show ''' शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:19&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Mouse Pointer'''  अब '''pen''' में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:24&lt;br /&gt;
|| यह ऑप्शन हमें '''Slide Show'''  मोड में '''presentation'''  पर मार्क या ड्रा करने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:32&lt;br /&gt;
|| स्लाइड 1 पर '''‘Benefit of Open Source’ ''' शीर्षक से पहले टिक मार्क बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:39&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए लेफ्ट माउस बटन दबाएं और स्लाइड पर खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:44&lt;br /&gt;
|| हम कीबोर्ड पर '''Spacebar ''' या '''Enter key ''' दबाकर अगली स्लाइड पर आगे बढ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| '''ESCAPE ''' की दबाकर '''Slide Show'''  से बाहर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
|| हम '''Slide Show''' को  '''Workspace ''' में प्रदर्शित वर्तमान स्लाइड से भी शुरू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए,  '''Standard Toolbar''' में '''‘Start from Current Slide’''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, आप इसे '''menu bar''' में '''SlideShow''' मेन्यू पर क्लिक करके कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
इसके बाद ''' Start from Current Slide ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि इस बार, '''Slide Show'''  की शुरुआत स्लाइड टाइटल '''Table of Contents''' से हुई।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
|| '''Slide Show''' से बाहर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रोकें और यह असाइनमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:39&lt;br /&gt;
|| '''“Practice hyphen Impress dot odp”''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
|| किसी भी स्लाइड पर एक छोटे से आरेख को बनाने के लिए पेन के रूप में '''Mouse pointer ''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
|| आगे, ''Slide Transitions''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:56&lt;br /&gt;
|| '''Slide Transitions''' क्या हैं? &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| '''Transitions'''  वे प्रभाव हैं जो स्लाइड पर लागू होते हैं  जैेसे ही हम मूव करते हैं या &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| '''presentation''' में एक स्लाइड से दूसरे में '''Transition'''  करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| '''Workspace''' में '''Slide Sorter''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
|| '''presentation'''  की सभी स्लाइड यहाँ प्रदर्शित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| आइए एक बार में प्रत्येक स्लाइड में अलग '''transitions''' जोड़ने का तरीका जानते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:27&lt;br /&gt;
|| '''Slide Sorter ''' व्यू से, पहली स्लाइड को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| ''Sidebar'''  पर जाएँ और '''Slide Transition''' नामक आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:38&lt;br /&gt;
|| '''Slide Transition ''' सेक्शन में, हम उपयोग के लिए उपलब्ध '''transition effects''' की सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
मैं '''‘Wipe’ transition''' चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि चयनित '''transition effect'''  का पूर्वावलोकन '''Workspace''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सेक्शन में डिफ़ॉल्ट रूप से '''Automatic Preview ''' चेकबॉक्स चुना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| हम चयनित '''transition effect''' को '''Modify Transitions'''  सबसेक्शन के माध्यम से भी संशोधित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से, '''Variant''' फिल्ड '''Bottom to top''' पर सेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:16&lt;br /&gt;
|| इसका अर्थ है कि '''transition''' नीचे से शुरू होता है और आगे बढ़ने पर ऊपर की ओर बढ़ता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करके, हम आपकी पसंद का कोई भी अन्य '''variant'''  चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| अब, इस '''transition''' के लिए एक ध्वनि निर्धारित करें।&lt;br /&gt;
'''Sound''' ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''‘applause’''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| अब, दूसरे स्लाइड को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| '''Slide Transition ''' सेक्शन पर जाएँ और '''‘Wheel’ transition''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| '''Modify Transitions ''' सबसेक्शन में, '''Variant''' ड्रॉपडाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:01&lt;br /&gt;
|| स्क्रोल करें और '''‘Clockwise 8 Spokes’''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| फिर, '''Sound''' ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और ‘'''apert’''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:16&lt;br /&gt;
|| फिर हम हमारे द्वारा किए गए '''transition effect''' के '''preview''' को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:22&lt;br /&gt;
|| अभी हमने सीखा कि ''' slide transition''' को कैसे '''animate''' करना है और इसमें कैसे '''sound effect'''  जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| अब सीखते हैं कि '''presentation''' कैसे बनाएं जो अपने आप आगे बढ़ती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| ''' Modify Transitions ''' सबसेक्शन में, '''‘Loop until next sound’''' चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
|| अब, '''Advance Slide''' सबसेक्शन में, ‘'''Automatically after''' रेडियो बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| यहाँ ध्यान दें कि समय '''1 sec''' के रूप में सेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
|| अंत में, ‘'''Apply Transitions to all slides'''’ बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| इस बटन पर क्लिक करने से सभी स्लाइड के लिए समान '''transition''' लागू होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
||इस तरह हमें व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक स्लाइड के लिए '''transitions''' जोड़ने की जरूरत नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| आइए अब इन सभी अनुकूलित प्रभावों को देखने के लिए ''' Slide Show ''' शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:22&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि स्लाइड 1 सेकंड के समय अंतराल के साथ स्वचालित रूप से आगे बढ़ता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| '''Slide Show''' से बाहर निकलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
|| अब हम '''presentations''' बनाना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| वह स्वचालित रूप से आगे बढ़ता है लेकिन प्रत्येक स्लाइड के लिए अलग-अलग डिस्प्ले टाइम के साथ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
|| यह तब उपयोगी होता है जब '''presentation''' में कुछ स्लाइड के कंटेंट अधिक लंबे होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
|| '''Workspace''' से, दूसरे स्लाइड को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| '''Slide Transitions''' सेक्शन में, '''Advance''' '''Slide''' सबसेक्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:01&lt;br /&gt;
|| '''Automatically after''' फिल्ड में, टाइम को ‘'''2’''' सेकेंड पर सेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
|| तीसरे स्लाइड को चुनें और टाइम को '''‘3’''' सेकंड पर सेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| चौथे स्लाइड को चुनें और टाइम को '''‘4’''' सेकंड पर सेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
|| '''Slide Show''' को शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि प्रत्येक स्लाइड को हमारे द्वारा निर्दिष्ट विभिन्न लंबाई के लिए प्रदर्शित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:38&lt;br /&gt;
|| '''Slide Show''' से बाहर निकलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:41&lt;br /&gt;
|| उस '''Normal''' टैब पर वापस आएँ और '''Slide Transition section.''' बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| भविष्य में उपयोग के लिए इन सभी परिवर्तनों को सेव करें और फिर '''presentation''' फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:54&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| '''Slide shows''',   '''Slide Transitions''',  निश्चित समय अंतराल के साथ स्वचालित '''Slide Shows''', विभिन्न समय अंतरालों के साथ स्वचालित '''Slide Shows'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:18&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में, '''“Practice hyphen Impress dot odp”'''  फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:24&lt;br /&gt;
|| '''“gong”''' साउंड के साथ स्लाइड 2 में '''“Wheel”''' , स्लाइड 3 में '''“Shape”''' ''' Slide Transitions '''  जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| एक स्वचालित '''slideshow''' बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:58&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:05&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress-6.3/C3/Custom-Animation-in-Impress/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress-6.3/C3/Custom-Animation-in-Impress/Hindi</title>
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				<updated>2021-06-05T11:09:12Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {| border = 1 |- | '''Time''' | '''Narration''' |- || 00:01 || '''Custom Animation in LibreOffice Impress.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल मे...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border = 1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Custom Animation in LibreOffice Impress.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
'''Impress''' में '''slides ''' में '''custom animation ''' का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux '''OS वर्जन 18.04 और  '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:29&lt;br /&gt;
|| '''Sample hyphen Impress dot odp''' नामक '''presentation''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:35&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:41&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक करें। एक कॉपी बनाएँ और फिर उसका अभ्यास करने के लिए उपयोग करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| '''Slides Pane''' से थंबनेल ‘'''Potential Alternatives’ ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
|| यह स्लाइड अब '''Workspace''' पर प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
|| आइए हमारी '''presentation'''  को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए '''custom animation'''  का उपयोग करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:07&lt;br /&gt;
|| बेहतर दृश्यता के लिए '''Slides pane'''  को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:12&lt;br /&gt;
|| पहले टेक्स्टबॉक्स पर कर्सर को धीरे-धीरे ले जाएं और आपको एक हाथ का आइकन दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
|| अब बाईं माउस बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:23&lt;br /&gt;
|| फिर '''Sidebar'''  पर जाएं और '''Animation''' नामक आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
|| पहले आइए जानें '''Workspace''' के बेहतर दृश्य के लिए '''Sidebar ''' सेक्शन के '''width'''  को कैसे घटाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
|| '''Animation''' सेक्शन के बाईं ओर ''' gray slider'''  को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
|| जब तक माउस '''double horizontal arrow''' में बदल नहीं जाता, तब तक उस पर कर्सर ले जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| स्लाइडर पर बाईं माउस बटन को दबाए रखें और इसे दाईं ओर खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| किसी भी क्षेत्र को छिपाये बिना, इसे जितना आवश्यक हो उतना समायोजित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:03&lt;br /&gt;
|| '''Animation''' सेक्शन में, एक खाली सफेद बॉक्स है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| यह बॉक्स '''animations'''  प्रदर्शित करेगा, जिसे हम  '''preview ''' उद्देश्यों के लिए '''presentation ''' में जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
|| चूंकि हमने अभी तक कोई '''animations'''  नहीं जोड़ा है, इसलिए यह बॉक्स खाली दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
|| बॉक्स के नीचे, ''Add Effect''' नामक '''Plus''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
|| यह ''Add Effect'' बटन हमें '''animation''' ऑप्शन सेट करने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
|| यह '''Add Effect ''' बटन के नीचे '''Category''' और अन्य फिल्ड को इनेबल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| '''Category''' ड्रॉप-डाउन में, '''Entrance''' ऑप्शन डिफॉल्ट रूप से चयनित  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| '''Entrance ''' ऑप्शन  '''Slide show''' पर आइटम को प्रदर्शित करने के तरीके को नियंत्रित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| इस ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:53&lt;br /&gt;
|| यहां हम कई अन्य ऑप्शन्स देख सकते हैं जो आइटम को '''Slide show''' पर प्रदर्शित होने के तरीके को नियंत्रित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| मैं ऑप्शन '''Entrance''' रखूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| अब, '''Effect ''' सूची में,  नीचे स्क्रोल करें और '''Diagonal Squares ''' प्रभाव चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि चयनित '''transition effect''' का पूर्वावलोकन '''Workspace''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:19&lt;br /&gt;
|| यह इसलिए क्योंकि सेक्शन में डिफ़ॉल्ट रूप से '''Automatic Preview ''' चेकबॉक्स चुना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं, तो सेक्शन के नीचे जाएं और  '''Automatic Preview''' ऑप्शन की जाँच करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से पूर्वावलोकन देखने के लिए '''Play'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| '''Animation'''  बॉक्स में, ध्यान दें कि पहला '''animation''' जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| अब उसी '''slide''' में, दाईं ओर से दूसरे '''textbox'''  को चुनें, जैसे पहले बताया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| '''Animation ''' सेक्शन में, '''Add Effect ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
|| '''Category''' को '''Entrance''' के रूप में रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| '''Effect''' में, नीचे स्क्रोल करें और '''Wedge''' प्रभाव चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि चयनित '''transition effect''' का पूर्वावलोकन '''Workspace''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि इस एनिमेशन को '''Animation''' बॉक्स में भी जोड़ा गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:19&lt;br /&gt;
|| आगे, तीसरे '''Body textbox''' को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| '''Animation''' सेक्शन में, एक बार फिर से '''Add Effect''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''Add Effect ''' बटन के नीचे सबसेक्शन इनेबल नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| ऐसा इसलिए क्योंकि चयनित '''textbox'''  में दो वाक्य हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:41&lt;br /&gt;
|| ऐसे मामले में, डिफ़ॉल्ट रूप से '''‘Appear’'''  प्रभाव टेक्सबॉक्स पर लागू होता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:48&lt;br /&gt;
|| यदि आप अभी भी एनीमेशन को ऐसे '''textbox''' पर लागू करना चाहते हैं, तो आप इसे व्यक्तिगत रूप से लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| ''' Animation box''' में, तीसरे एनीमेशन के आगे '''‘Arrow to the right’ ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि तीसरा एनीमेशन दो वाक्यों के दो अलग-अलग एनिमेशन में विभाजित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| व्यक्तिगत लाइन्स का चयन करके, हम उनमें से प्रत्येक के लिए एनिमेशन सेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '''Effect''' सूची और अन्य ऑप्शन्स इनेबल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| अपनी पसंद के अनुसार '''animation'''  प्रभाव चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| हम तीसरे '''textbox''' के दोनों वाक्यों के लिए डिफ़ॉल्ट '''‘Appear’''' प्रभाव रखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:35&lt;br /&gt;
|| व्यक्तिगत लाइन्स को छिपाने के लिए तीसरे एनीमेशन के आगे '''‘Down arrow’ ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:42&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि सूची में एनिमेशन उस क्रम में हैं, जिसमें हमने उन्हें बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:50&lt;br /&gt;
|| हम पूर्वावलोकन करने के लिए एक से अधिक एनीमेशन भी चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:55&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, सभी एनिमेशन का चयन करते हुए कीबोर्ड पर '''Control''' की दबाकर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:02&lt;br /&gt;
|| फिर '''Play ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हमारे द्वारा चयनित सभी एनिमेशन का पूर्वावलोकन '''Workspace''' में शुरू होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:12&lt;br /&gt;
|| '''Animation box''' में, तीसरे एनीमेशन का चयन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| '''Animation''' बॉक्स के नीचे, '''Move Up''' और '''Move Down''' नामक एरो बटन देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| यदि हम चाहें तो इन बटनों का उपयोग करके एनिमेशन के क्रम को बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:30&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक एनीमेशन कुछ डिफ़ॉल्ट गुणों के साथ आता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| एनीमेशन के लिए डिफ़ॉल्ट गुणों को देखते हैं और उन्हें संशोधित करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| '''Animation''' बॉक्स में, सूची में पहले एनिमेशन पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
|| स्क्रीन पर ''' Effect Options ''' नामक डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से '''Effects ''' टैब चुना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57&lt;br /&gt;
|| '''Settings ''' सेक्शन में, '''Direction ''' ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''From right to top''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| इसमें दाईं ओर से एनीमेशन शुरू करने और आगे बढ़ने के साथ ऊपर जाने का प्रभाव है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
|| एनीमेशन में परिवर्तन देखने के लिए '''Play'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर '''Animation ''' बॉक्स पर जाएं और पहले एनीमेशन पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
|| ''' Effect Options''' डायलॉग बॉक्स में, '''Timing'''  टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
|| '''Delay'''  फ़ील्ड पर जाएँ और '''Plus''' बटन दबाकर विलम्ब समय को ''1.0'' सेकंड तक बढ़ाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| यह एक सेकंड के बाद एनीमेशन शुरू करने का प्रभाव है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए  '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| हम '''Animation''' सेक्शन में '''delay''' और '''directions''' भी सेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:02&lt;br /&gt;
|| अब  '''Play''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:05&lt;br /&gt;
|| हम एक दूसरी देरी के प्रभाव का निरीक्षण करते हैं जो हमने एनीमेशन में की थी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| सूची में '''Animation'''  बॉक्स पर जाएँ और दूसरे '''animation'''  पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:18&lt;br /&gt;
|| ''' Effect Options ''' डायलॉग बॉक्स में, '''Text Animation ''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:24&lt;br /&gt;
|| '''Text Animation ''' टैब टेक्स्ट को एनिमेट करने के लिए विभिन्न ऑप्शन प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| '''Group text ''' ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
|| ‘'''By 1st level paragraphs’ ''' ऑप्शन को चुनें, यदि यह पहले से ही डिफ़ॉल्ट रूप से चयनित नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:42&lt;br /&gt;
|| '''Automatically after''' के चैकबॉक्स को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| फिर  value फिल्ड में, '''seconds ''' को 2 तक बढाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:51&lt;br /&gt;
|| यह विकल्प बुलेटेड या क्रमांकित सूची के प्रत्येक आइटम और उसके एनीमेशन को अलग से प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:59&lt;br /&gt;
|| जब आप एक आइटम प्वाइंट पर अच्छी तरह से चर्चा करना चाहते हैं, तो अगले पर जाने से पहले इस ऑप्शन का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स बंद करने के लिए '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
||अब '''Play ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
हम दो सेकंड की देरी के '''effect'''  का निरीक्षण करते हैं जो हमने एनीमेशन में किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
||अंत में, एक साथ तीनों एनीमेशन प्रभावों को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
||बॉक्स में जाएं और सूची में सभी तीन एनिमेशन का चयन करते हुए '''Control''' की दबाए रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
||सबसे नीचे जाएं और '''Play'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
आप हमारे द्वारा किए गए तीनों एनीमेशन प्रभावों को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
||'''Animation''' सेक्शन को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
||'''Slides pane''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
||एनिमेशन '''presentation'''  की एकरसता को तोड़ने का एक अच्छा तरीका है और कुछ आइटम पॉइंट्स को स्पष्ट करने में मदद करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
||हालाँकि, सावधान रहें कि इसे ज़्यादा न करें!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:08&lt;br /&gt;
|| बहुत ज्यादा एनीमेशन चर्चा के तहत विषय से दर्शकों का ध्यान हटाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| इस श्रृंखला में सभी एनिमेशन प्रभावी रूप से '''Slide Show Creation''' ट्यूटोरियल में दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
|| भविष्य में उपयोग के लिए इन सभी परिवर्तनों को सेव करें और फिर '''presentation''' फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम इस स्पोकन ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा- '''Impress''' में '''slides ''' में '''custom animation ''' का उपयोग करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:44&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में-&lt;br /&gt;
'''“Practice hyphen Impress dot odp”'''  फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
||'''slide''' 2 चुनें और दूसरी ''' Body textbox''' में एक वाक्य टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
||दोनोें '''Body textboxes''' के लिए अलग '''custom animations''' बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:02&lt;br /&gt;
||प्रत्येक एनिमेशन के लिए '''Effect Options ''' चैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:14&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:24&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:28&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress-6.3/C3/Slide-Master-and-Slide-Design-in-Impress/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress-6.3/C3/Slide-Master-and-Slide-Design-in-Impress/Hindi</title>
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				<updated>2021-06-05T11:07:36Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{| border = 1 |- | '''Time''' | '''Narration'''  |- || 00:01 ||'''Slide Master and Slide Design''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपक...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border = 1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
||'''Slide Master and Slide Design''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:10&lt;br /&gt;
|| ''' Master''' '''Slide'''  के बारे में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
|| ''Backgrounds'''  कैसे लागू करना है और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
|| अपने '''slides''' में कस्टम डिज़ाइन एलिमेंट्स को कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 18.04 और '''LibreOffice Suite''' वर्जन 6.3.5 का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:34&lt;br /&gt;
|| '''Background '''  '''slide'''  पर लागू उन सभी रंगों और प्रभावों को संदर्भित करता है जो कंटेंट के पीछे मौजूद हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:44&lt;br /&gt;
|| '''LibreOffice Impress'''  में कई '''background''' ऑप्शन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:48&lt;br /&gt;
|| ये हमें बेहतर दिखने वाली  '''presentations''' बनाने में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
|| हम अपने '''presentations''' के लिए स्वयं की कस्टम '''backgrounds ''' बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| '''custom backgrounds ''' बनाते समय हम '''background images'''  को मौजूदा '''theme''' में अपलोड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| या एक नया '''background''' कलर चुन सकते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| या अपनी पसंद का कोई भी '''design elements ''' प्रविष्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
|| अपनी '''Sample hyphen Impress dot odp''' नामक '''presentation''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:21&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
|| कृपया फाइल को डाउनलोड और एक्स्ट्रैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:31&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर उसका अभ्यास करने के लिए उपयोग करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:36&lt;br /&gt;
|| '''Standard Toolbar''' में '''Master Slide''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| इसे एक्सेस करने का एक और तरीका है- '''menu bar''' में  ''' View menu ''' पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| '''Master Slide ''' व्यू में, '''Slides Pane''' में केवल तीन स्लाइड्स दिखाई देती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| ये ''' Master slides'''  हैं जो पहले से ही इस '''presentation''' में उपयोग किए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| '''Standard Toolbar''' के ऊपरी दाईं कोने पर, ध्यान दें कि अब तीन नएँ '''Master View''' टूल्स दिख रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:10&lt;br /&gt;
||‘'''New Master’''', ‘'''Delete Master'''’ और ‘'''Close Master View'''’.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
|| '''Master Slide'''     '''main template''' की तरह है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
||हम यहाँ प्रारूपण प्राथमिकताएँ सेट कर सकते हैं, जो तब सभी '''slides''' पर लागू होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:28&lt;br /&gt;
|| पहले,  इस '''presentation''' के '''background'''  को बदलना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
|| '''Slides pane''' में '''slide 1''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| ''' Context menu''' से, ‘'''New Master'''’ ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, आप '''Standard Toolbar''' में ‘'''New Master'''’ आइकन पर भी क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''slide 1''' के बाद '''‘Default’''' नामक एक नयाँ रिक्त '''Master slide''' जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
||  '''menu bar''' में '''Slide''' '''menu''' पर क्लिक करें और फिर '''Properties''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
||'''Slide Setup ''' या '''Page Setup''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:10&lt;br /&gt;
||डायलॉग बॉक्स में ऊपर बाईं ओर '''Background'''  टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| फिर '''Bitmap'''  सब-टैब पर क्लिक करें और बाईं ओर '''Bitmap''' सेक्शन पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:22&lt;br /&gt;
|| इसमें उन इमैजेस की सूची है जिनका उपयोग  '''slides''' के लिए '''background''' के रूप में किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:29&lt;br /&gt;
|| ‘'''Fence’'''  नामक इमैज का पता लगाएँ और फिर उस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:34&lt;br /&gt;
|| '''Preview ''' बॉक्स में, हम तुरंत चयनित इमैज का पूर्वावलोकन देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
|| अन्य सभी सेटिंग्स को डिफ़ॉल्ट के रूप में छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| और सबसे नीचे दायें कोने पर '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि नएँ '''Master slide ''' का ''background'''  अब बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
|| इसके बाद,  पूरे '''Master Slide''' के background का रंग बदलना सीखेते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| टेक्स्टबॉक्स के बाहर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
||प्रदर्शित '''context''' '''menu ''' से, '''Properties''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
||'''Slide Setup''' या '''Page Setup''' डायलॉग-बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
||यदि पहले से ही चयनित नहीं है तो '''Background''' टेब पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| फिर  '''Color''' सब-टेब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||अब बाईं ओर '''Palette ''' सेक्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
||'''Palette ''' ड्रॉप-डाउन में, '''‘standard’''' ऑप्शन डिफॉल्ट रूप से चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
||यदि ऐसा आपके मामले में नहीं है, तो कृपया '''‘standard’'''  ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| '''color palette''' से, अपनी पसंद के किसी भी कलर पर क्लिक करें। मैं '''Blue''' चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:48&lt;br /&gt;
|| चयनित कलर '''New''' बॉक्स में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
|| अब नीचे दायें कोने पर '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि पूरे '''Master slide''' का कलर बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
||बेकग्राउंड इमैज अब इस कलर से बदल दी गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, आइए जानें कि इस '''Master Slide''' में टेक्स्ट का कलर कैसे बदला जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
||यह टेक्स्ट को नए '''background''' के खिलाफ स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, '''Body textbox''' में सभी टेक्स्ट को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| चयनित टेक्स्ट पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
||प्रदर्शित ''context''' '''menu ''' से, '''Character''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
|| ''' Character ''' डायलॉक बॉक्स खुलता है। यहाँ '''Font Effects''' टेब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| दिखाए गए अनुसार '''Font color ''' ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और उसका विस्तार करें।&lt;br /&gt;
हम यहाँ एक ओर ड्रॉप-डाउन देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से, इस ड्रॉप-डाउन में '''‘standard’''' ऑप्शन चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| '''color''' '''palette''' से, अपनी पसंद के किसी भी कलर पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
मैं '''Yellow''' चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| चयनित कलर '''Preview'''  क्षेत्र में टेक्स्ट में रिफलेक्टेड होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
|| निचले दाएं कोने पर स्थित '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
|| टेक्स्टबॉक्स के बाहर कहीं और क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''body text''' का कलर अब बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  06:20&lt;br /&gt;
|| अब सीखते हैं कि इस '''slide''' में अन्य डिज़ाइन एलेमेंट्स को कैसे जोड़ा जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:26&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, अपनी '''presentation''' में '''logo''' जोड़ना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| हम अपने स्वयं के एक काल्पनिक '''logo'''  बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, '''Drawing Toolbar''' पर जाएँ और फिर ‘'''Insert Basic Shapes'''’ ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
||यहाँ विभिन्न प्रकार की मूल आकृतियाँ देखी जाती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
|| मैं '''‘Rectangle’''' आकृति पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
यदि आप दूसरी आकृति पसंद करते हैं, तो कृपया उसे चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| अब स्लाइड में कर्सर को ''' title area'''  के ऊपरी बाएँ कोने में ले जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||कर्सर एक '''capital I subscript.''' के साथ '''plus sign''' में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
|| बाएँ माउस बटन को पकड़े और यहाँ दिखाए गए अनुसार एक '''rectangle''' बनाने के लिए ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
अब माउस बटन को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:18&lt;br /&gt;
|| इस तरह एक आकृति को '''Master slide''' में जोड़ा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| '''Control points''' का उपयोग करके अपनी पसंद के अनुसार आयत के आकार को समायोजित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
|| हम अब इस आयत का कलर बदल देंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:34&lt;br /&gt;
||अत: '''Rectangle''' पर राइट-क्लिक करें और फिर ‘'''Area’''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| स्क्रीन पर ''' Area'''  डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
||'''Area'''  टैब में, डिफ़ॉल्ट रूप से '''Color''' सब-टैब पहले से ही चुना जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
यदि नहीं तो, कृपया इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:55&lt;br /&gt;
|| '''Palette''' सेक्शन से, अपनी पसंद का कोई भी कलर चुनें। मैं '''Light Orange 1''' चुनुँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:05&lt;br /&gt;
|| चयनित कलर '''New ''' बॉक्स में दिखेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
|| नीचे दाएँ कोने पर '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''rectangle''' का कलर परिवर्तित हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:19&lt;br /&gt;
|| हालाँकि, ध्यान दें कि नारंगी आयत के नीचे का टेक्स्ट दिखाई नहीं दे रहा है।&lt;br /&gt;
आइए जानें कि इस टेक्स्ट को कैसे दिखाया जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि आयत अभी भी चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
|| '' Formatting Toolbar '' पर, '''Arrange''' आइकन के ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
||फिर '''Send to Back''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि टेक्स्ट अब दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| टेक्स्टबॉक्स के बाहर कहीं और क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| '''Master slide ''' के लिए सभी फॉर्मेटिंग हो जाने के बाद, '''Sidebar''' में '''Master Slide''' सेक्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:01&lt;br /&gt;
|| ‘'''Used in This Presentation’ ''' सेक्शन में, '''‘Default’''' नामक '''Master slide''' का पता लगाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:08&lt;br /&gt;
|| '''‘Default’ Master slide''' पर राइट-क्लिक करें और फिर ‘'''Apply to All Slides’ ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:16&lt;br /&gt;
|| अंत में, '''Standard''' '''Toolbar''' में '''Close Master View''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
|| अब बेहतर दृश्य के लिए '''Master Slide''' सेक्शन को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:27&lt;br /&gt;
|| '''Master Slide ''' में किए गए स्वरूपण परिवर्तन '''presentation''' में सभी '''slides'''  पर लागू होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:35&lt;br /&gt;
|| इसके अलावा, ध्यान दें कि नारंगी आयत सभी '''slides''' पर प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
||और, इस आयत को केवल '''Master Slide''' का उपयोग करके एडिट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
||'''Master slide ''' में सेटिंग्स किसी भी स्वरूपण परिवर्तन या '''layouts''' स्लाइड पर लागू होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:57&lt;br /&gt;
|| जब हम एक नई स्लाइड जोड़ते हैं तो क्या होता है, इसकी जाँच करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:02&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले, '''Slide Pane''' में ‘'''Open Source Funny’''' टाइटल नामक स्लाइड चुनें।&lt;br /&gt;
और यहाँ दिखाए गए अनुसार एक नया  स्लाइड प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:12&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हमने '''Master Slide'''  का उपयोग करके जो आयत जोड़ी है, वह नए स्लाइड में भी दिखाई दे रही है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:20&lt;br /&gt;
|| टाइटल '''textbox''' में ‘'''Potential Alternatives’ ''' टाइप करें और टेक्स्टबॉक्स के बाहर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
|| '''Standard Toolbar''' में '''Slide Layout''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
और '''‘Title, 2 Content over Content’ layout.''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| अब सम्मिलित स्लाइड में तीन '''Body textboxes ''' और एक '''Title textbox''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
|| जैसा कि यहाँ दिखाया गया है, नएँ स्लाइड के '''Body textboxes''' में कुछ कंटेंट प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| आइए सभी स्लाइड को फिर से देखें और टेक्स्ट के कलर और स्पेसिंग को एक-एक पर समायोजित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
|| अब हम भविष्य में उपयोग के लिए इन सभी परिवर्तनों को सेव करेंगे और फिर '''presentation''' फ़ाइल को बंद करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:22&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ, हम इस स्पोकन ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:29&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा&lt;br /&gt;
 ''' Master''' '''Slide'''  के बारे में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:34&lt;br /&gt;
||'''Backgrounds''' कैसे लागू करना है और&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| अपने '''slides''' में कस्टम डिज़ाइन एलिमेंट्स को कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में।&lt;br /&gt;
'''“Practice hyphen Impress dot odp”'''  फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| एक नया ''' Master Slide '''बनाएं और इसे सभी '''slides''' पर लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| स्लाइड 2 के '''layout''' को '''Title, Content over Content''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:00&lt;br /&gt;
|| जाँच करें कि जब आप '''Master slide''' से  '''layout''' लागू करते हैं, तो क्या होता है?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:06&lt;br /&gt;
||  निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:15&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:25&lt;br /&gt;
|| क्या आपके पास इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित कोई प्रश्न है। कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था। यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Header,-Footer-and-Notes/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Header,-Footer-and-Notes/Hindi</title>
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				<updated>2021-04-06T08:33:39Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Header, Footer and Notes''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
||  &lt;br /&gt;
'''Header'''  प्रविष्ट करना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
||  '''Footer''' प्रविष्ट करना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
||  पहले पेज से '''Header ''' और ''' Footer''' हटाना और &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||  डॉक्यूमेंट में '''Footnote''' और '''Endnote''' प्रविष्ट करना।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:24&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux OS''' वर्जन '''18.04''' और  '''LibreOffice Suite ''' वर्जन '''6.3.5''' का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:37&lt;br /&gt;
|| '''Newsletter.odt ''' फाइल खोलें जिसे हमने पहले बनाया था।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:43&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड और एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर उसका अभ्यास करने के लिए उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
|| पहले हम सीखेंगे कि हमारे डॉक्यूमेंट में '''Footer''' कैसे प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Insert''' मेन्यू पर क्लिक करेें और '''Header and Footer ''' ऑप्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
|| अब ''' Use header/footer menu''' ऑप्शन को चैक करें, यदि यह अनचैक है तो।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
|| पेज को स्क्रॉल करें और '''Footer'''  मार्कर को प्रदर्शित करने के लिए टेक्स्ट क्षेत्र के निचले भाग पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:21&lt;br /&gt;
|| '''Footer'''  मार्कर हमारे डॉक्यूमेंट में दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| '''Footer''' शब्द के आगे '''Plus''' सिंबल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि पेज के नीचे '''Footer''' जोड़ दिया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Insert menu''' पर क्लिक करके अपने डॉक्यूमेंट में '''Footer'''  जोड़ने का एक ओर तरीका है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| '''Header and Footer ''' ऑप्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| ''' Footer ''' सब-मेन्यू चुनें और '''Default style ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| किसी भी तरह से, कर्सर '''footer ''' क्षेत्र में है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| '''footer''' में पेज नंबर जोड़ने के लिए, '''Footer Default style''' के डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:00&lt;br /&gt;
|| फिर ''' Insert Page Number'''  ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| तुरंत, हम देखते हैं कि नंबर 1 '''footer''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
|| पेज नंबर पर भिन्न '''styles''' देने के लिए, नंबर ''1'' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
|| ''''Edit Fields ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
|| हमारे पास '''Edit'''  फिल्ड के तहत 3 यदि-यदि सेक्शन हैं:&lt;br /&gt;
'''Type''',  '''Select''' और  '''Format'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
|| '''Format''' सेक्शन में, हम बहुत सारे '''formats''' देख सकते हैं, जैसे छोटे अक्षरों में '''a b c''', बडे अक्षरों में '''A B C ''' और कई।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| मैं '''format 1st 2nd 3rd ''' चुनुंगी और फिर नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:46&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि पेज नंबर 1 की नंबरिंग फॉर्मेट '''1'''  से '''1st''' में परिवर्तित हो गई है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, हम डॉक्यूमेंट में '''Header''' प्रविष्ट करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| ऊपर स्क्रॉल करें और डॉक्यूमेंट में टेक्स्ट क्षेत्र के शीर्ष पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
|| हमारे डॉक्यूमेंट में '''Header'''  मार्कर दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं तो, '''Header''' शब्द के आगे '''plus'''  सिंबल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| पेज के शीर्ष पर '''Header'''  प्रविष्ट किया जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| अब '''Header'''  में तारीख प्रविष्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:19&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, '''Standard'''  टूलबार में स्थित '''Insert field'''  आइकन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
|| अब डाउन एरो आइकन पर क्लिक करें और सूची से '''Date'''  ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| वर्तमान तिथि '''Header ''' क्षेत्र में प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| आप चाहें तो इसे अपनी पसंद की किसी भी तारीख में एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||03:40&lt;br /&gt;
|| date फॉर्मेट को बदलने के लिए, date पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम '''31. Dec. 1999''' फॉर्मेट चुनेंगे और '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| हमारे चयन के अनुसार अब date फॉर्मेट बदल गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| यदि कंटेंट का अलाइनमेंट बदल गया है, तो कृपया '''Backspace''' की दबाकर फिर से अलाइन करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
|| जब तक टेक्स्ट पेज 1 और कॉलम 2 पर है तब तक इसे दोहराएं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:09&lt;br /&gt;
|| फिर '''banner''' के नीचे टेक्स्ट अलाइन करने के लिए एंटर की को बार-बार दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| अब '''Standard toolbar''' में '''Toggle print preview'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| तिथि प्रत्येक पेज के शीर्ष पर और पेज संख्या सबसे नीचे दिखाई देती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''header''' और '''footer'''  को डॉक्यूमेंट के सभी पेज पर दोहराया जाएगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| पूर्वावलोकन बंद करने के लिए '''Close Preview'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| आगे हम डॉक्यूमेंट में '''margin''' और '''shadow style'''  को जोड़ना सीखते हैं&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck''' में स्थित '''Page'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
|| '''Styles'''  ऑप्शन में, '''More Options''' आइकन या '''gear ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| '''Page Style: Default Style''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| हमारी पसंद के अनुसार '''page style'''  को अनुकूलित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कई टैब हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||05:05&lt;br /&gt;
|| '''Footer'''  टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
|| ''Footer on''' ऑप्शन को चैक करें, यदि यह पहले से ही चैक्ड नहीं है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
|| अब '''plus''' सिंबल पर बार-बार क्लिक करके '''left margin ''' स्पेस को ''' 1.00 cm ''' सेट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| '''footer''' पर '''border''' या '''shadow''' जोड़ने के लिए, '''More ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
||'''Border/Background''' डायलॉग  बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित नहीं है, तो '''Borders''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| '''Shadow Style ''' सेक्शन में, हम shadow को पोजिशन में लाने के लिए विभिन्न विकल्प देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| '''Cast shadow to bottom right ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||  05:43&lt;br /&gt;
|| '''Color''' ऑप्शन में, '''Gray''' डिफॉल्ट शैडो कलर है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
||  कलर चुनने के लिए, नीचे एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| आप '''Color palette box''' से अपने पसंद का कोई भी कलर चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
मैं '''blue''' चुनुंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
|| अन्य सभी सेटिंग्स को '''Border/Background'''  डायलॉग बॉक्स में डिफॉल्ट छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:06&lt;br /&gt;
|| फिर '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:09&lt;br /&gt;
|| ''' Page Style: Default Style''' डायलॉग बॉक्स में, '''Apply'''  बटन पर क्लिक करें और फिर '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| ''' Sidebar deck''' को बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
|| '''Footer''' में जोड़े गये ''' shadow effect ''' को देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
|| आगे, हम सीखेंगे कि किसी विशिष्ट पेज से '''Header ''' और ''' Footer ''' को कैसे हटाया जाए।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट के पहले पेज से '''Header'''  हटाते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| तो पहले, डॉक्यूमेंट के पहले पेज पर कहीं भी कर्सर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck,''' में, '''Styles''' आइकन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| '''Styles''' '''panel'''  खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| अब '''Page Styles''' आइकन पर क्लिक करें और सूचि से '''First Page''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| अब '''First Page'''  ऑप्शन पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck''' बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि अब '''Header '''और''' Footer ''' केवल पहले पेज से हटे हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| जैसा कि दिखाया गया है, आपको एक बार फिर से टेक्स्ट अलाइनमेंट को फिर से समायोजित करने की आवश्यकता हो सकती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
|| आगे, '''Writer''' में '''Footnotes''' और '''Endnotes''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
||  '''Footnotes''' उस पेज के निचले भाग पर दिखाई देते हैं जिस पर उन्हें संदर्भित किया जाता है&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| जबकि '''Endnotes''' ''document ''' या '''chapter''' के अंत में संगृहीत होते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
||  वर्तमान कर्सर स्थिति में '''note'''  के लिए '''anchor'''  प्रविष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
||  '''Anchor''' यूजर्स को पेज के एक विशेष भाग में सीधे जाने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
||  आप '''notes''' के लिए '''automatic''' '''numbering''' या '''custom symbol''' के बीच चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| देखते हैं कि डॉक्यूमेंट में एक शब्द के लिए '''Footnote'''  को कैसे जोड़ा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| पेज 1 के कॉलम 1 में  दूसरे पैराग्राफ से '''Apache License ''' शब्द चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| '''Standard toolbar'''  में, '''Insert Footnote''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| हम अपने डॉक्यूमेंट में '''Insert'''  मेनू पर भी क्लिक करके '''Footnote'''  डाल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
|| फिर '''Footnote and Endnote ''' पर क्लिक करें और ''' Footnote ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| दोनों तरीके से, '''Footnote'''  को हमारे डॉक्यूमेंट में '''character'''     '''1''' के रूप में जोड़ा गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| अपने '''Footnote''' के लिए टेक्स्ट टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- “'''open source software license”.'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
|| इसी तरह से, अपने डॉक्यूमेंट में एक ओर '''footnote'''  जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:39&lt;br /&gt;
|| पेज 1 के दूसरे कॉलम से '''copyleft'''  शब्द चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| '''Standard toolbar''' में '''Insert Footnote'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||08:48&lt;br /&gt;
|| हमारे पेज में एक ओर '''Footnote'''  जुड़ जाता है, इस बार दूसरे कॉलम में।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||08:54&lt;br /&gt;
|| अब '''footnote ''' के लिए “'''permissive license”.''' टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
|| कॉलम 1 में '''Footnote ''' में '''character 1 ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:05&lt;br /&gt;
|| हम डॉक्यूमेंट में '''Apache License ''' शब्द से निर्देशित होते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| '''Apache License''' शब्द के आगे '''character 1''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| यह डाले गए '''Footnote''' का '''anchor'''  है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
|| इस '''anchor'''  पर कर्सर को धीरे से घुमाएं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:23&lt;br /&gt;
|| कर्सर एक इंगित उंगली में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:27&lt;br /&gt;
|| अब इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
|| हमें तुरंत उस पेज के नीचे निर्देशित किया जाता है जहां '''Footnote ''' दर्ज है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:35&lt;br /&gt;
|| '''Character''' ऑप्शन का उपयोग वर्तमान '''Footnote''' में '''character''' या '''symbol''' परिभाषित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
|| मैं '''Footnote 1''' के लिए '''character'''  को बदलने के तरीके को प्रदर्शित करती हूं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| वापस स्क्रॉल करें और कर्सर को '''License ''' और '''footnote anchor 1''' शब्द के बीच रखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||  09:54&lt;br /&gt;
|| फिर राइट-क्लिक करें और '''Footnote or Endnote''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| '''Edit''' '''Footnote/Endnote'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| '''Numbering''' एक प्रकार की संख्या है, जिसे हम'''Footnotes''' और '''Endnotes'''  के लिए उपयोग करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| “'''Automatic'''” ऑप्शन स्वचालित रूप से  '''Footnotes''' या '''Endnotes''' के लिए संख्या प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| '''Character'''  फिल्ड के आगे  '''Choose'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:20&lt;br /&gt;
|| '''asterisk''' कैरेक्टर चुनें और '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| ''Edit '''डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| '' footnote 1 ''' का '''character ''' अब ''asterisk symbol ''' के रूप में सेट है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
|| '''anchor''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
|| '''Footnote 1 ''' को अब '''asterisk symbol''' के रूप में देखा जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:41&lt;br /&gt;
|| हम यह भी देख सकते हैं कि हमारा दूसरा '''footnote'''  अब संख्यात्मक ''1'' में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
|| अब '''Footnote 1'''  के '''character'''  को वापस '''numerical''' में बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
|| वापस स्क्रॉल करें और कर्सर को '''License ''' और '''footnote anchor asterisk''' शब्द के बीच रखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| फिर राइट-क्लिक करें और '''Footnote or Endnote''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:05&lt;br /&gt;
|| '''Edit Footnote/Endnote'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
|| '''Numbering''' ऑप्शन में, '''Automatic''' चुनें और फिर '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '''asterisk symbol''' एक बार फिर से '''numerical ''' में बदल गया है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रॉल करें और '''footnotes''' को देखें और परिवर्तनों का निरीक्षण करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
|| '''footnotes''' को हाइलाइट करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||11:29&lt;br /&gt;
|| किसी एक '''footnote ''' टेक्स्ट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| ऊपर बाईं ओर स्थित '''formatting'''  ड्रॉप-डाउन देखें, जो '''Footnote''' दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| ड्रॉप-डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:41&lt;br /&gt;
|| अब '''Footnote''' के आगे ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''Edit Style''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| '''Paragraph Style: Footnote''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:52&lt;br /&gt;
|| '''Highlighting'''  टैब पर क्लिक करें और फिर '''Color''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
|| कलर प्ललेट में, एक हाइलाइट कलर चुनें। मैं पीला चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| नीचे '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
|| '''footnotes''' को देखें और हाइलाइट देखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
|| आगे मैं दिखाऊंगी कि हमारे डॉक्यूमेंट में '''endnote''' कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:18&lt;br /&gt;
|| पेज 1 के कॉलम 1 में पैराग्राफ 2 से '''Mozilla Public License ''' शब्द चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:26&lt;br /&gt;
||  '''Standard'''  टूलबार में स्थित '''Insert''' '''Endnote'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:31&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट के अंत में एक नए पेज पर '''Endnote''' जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| यदि किसी डॉक्यूमेंट में चैप्टर्स हैं, तो प्रत्येक चैप्टर के अंत में '''endnotes'''  दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:42&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित टेक्स्ट को 'endnote’ में टाइप करें-&lt;br /&gt;
“an open source/free software license”'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:49&lt;br /&gt;
|| हम डिफ़ॉल्ट '''Roman numerals'''  को अन्य '''style ''' ऑप्शन्स में भी बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, '''Tools''' मेन्यू पर क्लिक करें और '''Footnote and Endnotes''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:01&lt;br /&gt;
|| '''Footnote/Endnote''' सैटिंग डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
|| ''' Endnotes ''' टैब में, हम ''' Auto Numbering ''' सेक्शन देखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| इस ऑप्शन का उपयोग करके हम अपनी पसंद के अनुसार '''Numbering''' '''style''' परिवर्तित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| आप इसे स्वयं समझ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
|| '''X''' आइकन पर क्लिक करके डायलॉग  बॉक्स को बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||13:23 &lt;br /&gt;
|| अब सभी परिवर्तनों को सेव करें और फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:33&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा-&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:37&lt;br /&gt;
||  '''Header''' प्रविष्ट करना,  '''Footer''' प्रविष्ट करना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
||  पहले पेज से '''Header''' और '''Footer''' हटाना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:45&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट में '''Footnote''' और '''Endnote''' प्रविष्ट करना।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:49&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में, '''practice.odt ''' फाइल खोलें&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:54&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट में '''Header''' और '''Footer''' जोड़े&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:58&lt;br /&gt;
|| '''Header''' में अपना नाम डालें&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:01&lt;br /&gt;
|| '''Footer''' में '''Page Count''' डालें&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:04&lt;br /&gt;
||  '''where the page ends''' नामक एक '''Endnote''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:08&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:15&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:24&lt;br /&gt;
|| अपनी समयबद्ध क्वेरी को इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:28&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||  14:33&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:39&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C4/Typing-in-local-languages/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C4/Typing-in-local-languages/Hindi</title>
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				<updated>2021-04-01T08:41:25Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{|border=1 |'''Time''' |'''Narration''' |- || 00:01 || '''LibreOffice Writer''' में '''Typing in Local Languages'''  पर स्पोकन ट्यूटोरि...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''LibreOffice Writer''' में '''Typing in Local Languages'''  पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
|| '''Writer''' में '''Language packages ''' संस्थापित करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
|| '''Local Language'''  सैटिंग कॉन्फिगर करना और&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
|| '''Local Language''' में टेक्स्ट टाइप करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:22&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux OS''' वर्जन''' 18.04 ''' और  '''LibreOffice Suite ''' वर्जन '''6.3.5''' का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:35&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में उपयोग की गई फाइलें आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर '''Code files''' लिंक में उपलब्ध  हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:43&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड और एक्स्टैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर उसका अभ्यास करने के लिए उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
|| अब, मैं बताऊंगी कि '''Writer''' में '''Local language''' टाइपिंग को कैसे कॉन्फ़िगर करना है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शन के लिए हम '''Hindi'''  भाषा का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
|| हिंदी में टाइप करने के लिए  हमें '''Lohit Deva''' पैकेज की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:07&lt;br /&gt;
|| '''Ubuntu Linux''' के नए वर्जन में, '''Lohit''' '''Deva'''  पैकेज डिफ़ॉल्ट रूप से संस्थापित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| अब टर्मिनल के माध्यम से ''Devnagri font'''के पैकेज को संस्थापित या जाँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
|| '''Ctrl + Alt + T ''' कीज को एकसाथ दबाकर टर्मिनल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:26&lt;br /&gt;
|| टर्मिनल में निम्नलिखित कमांड टाइप करें।&lt;br /&gt;
'''sudo apt install fonts hyphen lohit hyphen deva''' और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:40&lt;br /&gt;
|| संकेत मिलने पर एडमिन पासवर्ड टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| आपको एक मैसेज मिल सकता है: “'''fonts hyphen lohit hyphen deva is already the newest version”.'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| इसका अर्थ है कि '''font lohit hyphen deva'''  आपके सिस्टम पर पहले से मौजूद है।&lt;br /&gt;
अन्यथा भाषा '''package''' संस्थापित हो जाएगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
|| इंस्टॉलेशन समाप्त हो जाने के बाद, टर्मिनल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:10&lt;br /&gt;
|| अब स्क्रीन के नीचे बाईं ओर '''Show Applications''' या '''Dash home''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| '''search bar''' में, '''language support ''' टाइप करें और फिर '''Language Support ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| Iयदि ''' language support'''  पूरी तरह से संस्थापित नहीं हुआ है, तो आपको एक पॉप-अप मैसेज बॉक्स मिल सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| इसे बंद करने के लिए '''Remind Me Later'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| अब हम '''Language Support ''' डायलॉग बॉक्स पर हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| ''' Language ''' टैब में, ''' Install/ Remove Languages ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| '''Installed Languages'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
|| स्क्रॉल करें और प्रदर्शित सूची से अपनी पसंद की भाषा चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '''English ''' पहले से ही डिफ़ॉल्ट रूप से चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:59&lt;br /&gt;
|| हम एक ओर भाषा '''Hindi''' चुनेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
|| '''Hindi'''  के लिए चेकबॉक्स में एक चेक मार्क लगाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| फिर नीचे '''Apply ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| '''Authentication Required.''' नामक एक पॉप-अप दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:18&lt;br /&gt;
|| '''Password'''  फिल्ड में एडमिन पासवर्ड टाइप करें और '''Authenticate ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
|| '''Applying Changes''' पॉप-अप बॉक्स खुलता है और यह एक प्रोग्रेस बार दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| नई चयनित भाषा '''package''' को संस्थापित करने में कुछ समय लग सकता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
|| यदि आपको ''Failed to download packages”''' जैसा एरर मिलता है तो &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के '''Additional Reading Material''' को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
|| एक बार हो जाने के बाद, इंस्टॉलेशन डायलॉग बॉक्स अपने आप बंद हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
|| अब, '''Language for menus and windows''' सेक्शन पर जाएँ और नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| हम नई जोड़ी गई भाषा ''Hindi''' को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि '''Keyboard input method system'''   '''Ibus''' पर सेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं, तो फिर इसे ड्रॉप-डाउन से चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| अब नीचे दाईं ओर '''Close'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| फिर से स्क्रीन के नीचे बाईं ओर में '''Show Applications''' या '''Dash home'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:23&lt;br /&gt;
|| '''search bar''' में, '''Settings'''  टाइप करें और '''Settings'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| बाईं ओर, हम '''Settings''' अॉप्शन की सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
||यदि नहीं तो '''Settings''' पेज पर वापस जाने के लिए back बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| सूची से, '''Region &amp;amp; Language'''  ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:45&lt;br /&gt;
|| नईं संस्थापित भाषा ''' Hindi''' को जोडने के लिए, '''Input Sources ''' सेक्शन के नीचे ''' plus ''' सिंबल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:53&lt;br /&gt;
|| '''Add an input source ''' विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
|| सूची से, '''Hindi''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
|| यदि '''Hindi ''' भाषा ऑप्शन उपलब्ध नहीं है, तो 3 डॉट्स आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
|| इसमें '''Hindi input''' के विभिन्न ऑप्शन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| '''Hindi (KaGaPa phonetic''') चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| फिर विंडो के ऊपरी दाएं कोने पर स्थित '''Add'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| अब हम चयनित भाषा '''Hindi''' को  एक '''Input Sources ''' आइटम के रूप में देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| '''X'''  आइकन पर क्लिक करके '''Settings'''  विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| '''Desktop'''  स्क्रीन के ऊपरी दाएँ कोने पर स्थित '''Taskbar'''  पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| हम “'''en'''”  ड्रॉप-डाउन देख सकते हैं, जिसे '''Input Language menu''' कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| डाउन ऐरो पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| हम '''English US''' के साथ-साथ नई जोड़ी गई '''Hindi (KaGaPa phonetic''')  भाषा को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:55&lt;br /&gt;
|| नई जोड़ी गई भाषा में टाइप करने के लिए, हमें कंप्यूटर को रिस्टार्ट करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
|| अब Ctrl + Alt + T कीज को एकसाथ दबाकर टर्मिनल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:06&lt;br /&gt;
|| टर्मिनल में, '''sudo reboot ''' टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| संकेत मिलने पर एडमिन पासवर्ड टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| हमारा सिस्टम अब रिबूट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
||अब Ctrl + Alt + T कीज को एकसाथ दबाकर टर्मिनल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| टर्मिनल में, निम्नलिखित कमांड टाइप करें-&lt;br /&gt;
'''locale  space  hyphen a ''' और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
|| संकेत मिलने पर एडमिन पासवर्ड टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| हम नई जोड़ी गई भाषाओं के साथ भाषाओं की एक सूची देख सकते हैं जो कि '''hi underscore IN ''' या ''' hi underscore IN dot utf8''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| इसका अर्थ है कि हमने नई '''input''' भाषा को सफलतापूर्वक संस्थापित किया है, जो कि '''Hindi''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| अब एक नया '''Writer'''  डॉक्यूमेंट खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| अब '''Welcome to Spoken Tutorial ''' टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
|| जैसा कि हमने '''English'''  को डिफ़ॉल्ट भाषा के रूप में सेट किया है, हम '''status bar'''  में भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:22&lt;br /&gt;
|| भाषा को '''English''' से '''Hindi''' में बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:26&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, '''Task bar''' के ऊपरी दाएं कोने पर '''en'''  के आगे '''Input Language ''' डाउन एरो पर क्लिक करें। फिर '''Hindi (KaGaPa phonetic)''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
|| देखें कि '''Hindi'''  कीबोर्ड लेआउट कैसा दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
|| अत: पहले '''Input Language ''' डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
फिर '''Show Keyboard Layout''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| '''keyboard'''  लेआउट हमारे '''keyboard'''  पर टाइप करके प्राप्त होने वाले आउटपुट को इंगित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:59&lt;br /&gt;
|| जब भी आवश्यक हो, कृपया '''keyboard'''  अनुसरण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:02&lt;br /&gt;
|| यदि आपको हिंदी टैक्स्ट लिखने में कोई कठिनाई होती है तो कृपया '''Additional reading material ''' अर्थात '''Show Keyboard Layout''' देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
|| '''keyboard layout'''  को बंद करने के लिए '''Close'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| '''Writer ''' डॉक्यूमेंट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:19&lt;br /&gt;
|| नई लाइन में, दिखाए गए अनुसार हिंदी टैक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:24&lt;br /&gt;
|| जब हम टाइप करते हैं, तो ध्यान दें कि अब '''status bar '''   ''Hindi'' दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| अब एंटर दबाएँ। ध्यान दें कि अब '''status bar '''   ''' English (India)''' दिखा रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| लेकिन यदि आप फिर से लिखना शुरू करते हैं, तो यह '''Hindi'''  में टाइप करेगा न कि '''English''' में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| मैं इस परिवर्तन को अंडो करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:47&lt;br /&gt;
|| हम अपने ''Input language'''  को '''Spacebar''' के साथ '''Super key ''' या ''' Windows key''' दबाकर बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
|| इसी तरह आप अपनी पसंद की कोई भी भाषा  संस्थापित कर सकते हैं और अभ्यास कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:02&lt;br /&gt;
|| फाइल को सेव और बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:05&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न के बारे में सीखा-&lt;br /&gt;
'''Writer''' में '''Language packages ''' संस्थापित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:16&lt;br /&gt;
||  '''Local language'''  सैटिंग कॉन्फ़िगर करना और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
||  '''Local Language''' में टैक्स्ट टाइप करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:23&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में,&lt;br /&gt;
'''practice.odt ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
|| ''' Hindi KaGaPa Phonetic''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
||  हिंदी में '''I like Spoken tutorial ''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:52&lt;br /&gt;
|| कृपया फोरम में अपनी समयबद्ध क्वरेरी पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2012 में IT for Change द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:08&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C4/Using-Track-changes/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C4/Using-Track-changes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C4/Using-Track-changes/Hindi"/>
				<updated>2021-04-01T08:37:07Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{| border=1 |-  | Time | Narration |- || 00:01 || '''Writer''' में ''' Using Track Changes ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आप...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
| Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Writer''' में ''' Using Track Changes ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
||  '''Track changes ''' ऑप्शन का उपयोग करके डॉक्यूमेंट को '''Peer review'''  करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
|| '''Record changes''' का उपयोग करके डॉक्यूमेंट को ''Edit'''  करना और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट में '''comments''' जोड़ना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:23&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu linux OS ''' वर्जन '''18.04 ''' और  '''LibreOffice Suite ''' वर्जन '''6.3.5''' का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:36&lt;br /&gt;
|| '''Track changes'''   '''reviewer''' को परिवर्तनों का ट्रैक रखने में मदद करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:41&lt;br /&gt;
|| यह विशेषता उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो कार्यसमूहों में '''Writer'''  का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||  यह '''reviewer'''  को कमेंट्स करने के लिए मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में उपयोग की गई फाइल्स आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| कृपया इसे डाउनलोड और एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर अभ्यास के लिए उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| '''Seven reasons to adopt FOSS.odt ''' फाइल खोलें, जिसे आपने ''Code Files ''' लिंक से डाउनलोड किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:14&lt;br /&gt;
|| '''Standard toolbar''' में ''' Show Track Changes Functions ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
|| '''Track''' '''changes toolbar'''  '''Writer'''  विंडो के निचले भाग में दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| सुनिश्चित करें कि '''Show Track Changes''' और '''Record Track Changes'''  आइकन  इनेबल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:31&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं, तो इन्हें क्लिक करके इनेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:35&lt;br /&gt;
|| इन ऑप्शन्स को इनेबल करने का एक और तरीका देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:39&lt;br /&gt;
|| '''Edit'''  मेन्यू पर जाएँ, सूची से '''Track Changes ''' चुनें और  '''Record ''' और '''Show ''' ऑप्शन चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| अब हमारे डॉक्यूमेंट में एक नया टेक्स्ट टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:52&lt;br /&gt;
|| प्वाइंट 2 के आगे कर्सर रखें और टाइप करें-'''“Linux is a virus resistant operating system since each user has a distinct data space and cannot directly access the program files”. '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| फिर एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
|| &lt;br /&gt;
हम देख सकते हैं कि प्वाइंट नंबर 2 अब नया प्वाइंट बन गया है, जो कि नंबर 3 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि नया जोडा गया टेक्स्ट अलग कलर में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| नये जोडे गए टेक्स्ट पर कर्सर घुमाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| प्रविष्टि के तारीक और समय के साथ एक मैसेज प्रदर्शित होता है- ''' “Inserted: Unknown Author”, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| '''Unknown author''' को अपने नाम के साथ बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| उसके लिए ''menu bar'''  में '''Tools menu'''  पर क्लिक करें और '''Options''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| '''Options''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| बाईं ओर, '''LibreOffice, ''' में सूची से '''User Data ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| '''Address ''' सेक्शन में, '''First/last name/initials'''  फिल्ड में अपना नाम टाइप करें, जैसे कि दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हमारे '''initials''' स्वत: ही भरे हुए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| '''Apply'''  बटन पर क्लिक करें और फिर नीचे '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:10&lt;br /&gt;
|| अब '''menu bar ''' में '''File menu'''  पर क्लिक करें और '''Properties''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
|| '''Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
|| '''General'''  टेब में,  '''Reset properties'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:24&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि डायलॉग बॉक्स के केंद्र में निर्मित सेक्शन में, आपका नाम दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| अब आगे चलकर '''comment''' बनाने वाले व्यक्ति को डॉक्यूमेंट में आसानी से पहचाना जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| प्वाइंट नंबर 1 से दूसरे वाक्य को डिलीट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
|| '''“It can be installed on all computers without restriction or needing to pay license fees to vendors'''”.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि डिलीसन वास्तव में लाइन को नहीं हटाता है।&lt;br /&gt;
लेकिन इसे हटाने के लिए सुझाई गई रेखा के रूप में चिह्नित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
||हटाई गई लाइन पर कर्सर को घुमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
|| हमें दिनांक और समय के साथ अपडेटेड यूजरनेम के बाद '''Deleted'''  मैसेज दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:11 &lt;br /&gt;
|| इस फीचर का उपयोग करके, हम परिवर्तनों को जोड़ या हटाकर डॉक्यूमेंट को संशोधित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
|| परिवर्तनों को सेव करें और फाइल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| आगे, ''Track Changes''' के बारे में और अधिक जानते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
||  एक से अधिक व्यक्ति एक ही डॉक्यूमेंट को एडिट कर सकते हैं&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
||  ''LibreOffice Writer'''  प्रत्येक एडिट को अलग-अलग रंगों में दिखाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| इससे पाठकों को एक '''reviewer’s''' के कार्य को दूसरे से अलग करने में मदद मिलेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:39&lt;br /&gt;
|| अब ''Government-support-for-FOSS-in-India.odt'''  फाइल खोलें, जिसे आपने '''Code Files ''' लिंक से डाउनलोड किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
|| इस डॉक्यूमेंट में हम देख सकते हैं कि इसमें कुछ जोडा और कुछ हटाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| प्वाइंट 1 में हटाए गए टेक्स्ट पर कर्सर घुमाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| यह '''Guru'''  द्वारा डिलीशन प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:02&lt;br /&gt;
|| अंतिम प्वाइंट के अंत में कर्सर रखें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:07&lt;br /&gt;
|| फिर निम्न टेक्स्ट टाइप करें-&lt;br /&gt;
'''“CDAC, NIC, NRC-FOSS are institutions of Government of India which develop and promote FOSS'''. “&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:20&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि इस टेक्स्ट का रंग '''Guru''' द्वारा एडिट रंग से अलग है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| नए टाइप किए गए टेक्स्ट पर कर्सर घुमाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| यह दिनांक और समय के साथ आपका नाम दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
|| यह इंगित करता है कि एक से अधिक व्यक्ति एक ही डॉक्यूमेंट को एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| नोट - यह तभी संभव है जब '''author'''  अन्य पाठकों को '''editing rights'''  देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:46&lt;br /&gt;
|| अब हम सीखेंगे कि '''author'''  दूसरे '''reviewer''' द्वारा किए गए परिवर्तनों को कैसे स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
|| मानिए कि मैं '''author'''  हूँ और मैं  '''Guru''' के द्वारा किए गए '''edits'''  को स्वीकार या अस्वीकार करूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:59&lt;br /&gt;
|| प्वाइंट नंबर 2 में, हटाए गए टेक्स्ट '''reasons''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
|| माउस पर राइट-क्लिक करें और '''Accept Change''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:08&lt;br /&gt;
|| अन्य तरीका यह है कि '''Track Changes toolbar ''' में ''' Accept Track Change'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट “'''reasons'''”  '''reviewer''' द्वारा सुझाए गए परिवर्तन के अनुसार हटा दिया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
|| उसी लाइन में, '''needs''' टेक्स्ट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| फिर से '''Track Changes toolbar''' में '''Accept Track Change ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| देखें कि टेक्स्ट '''needs'''   '''reviewer''' द्वारा सुझाए गए परिवर्तन के अनुसार शामिल हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| इस फीचर का उपयोग करके, '''reviewers''' द्वारा सुझाए गए '''edits'''  '''author''' द्वारा स्वीकार किए जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| प्वाइंट नंबर 1 में, हटाए गए टेक्स्ट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| फिर '''Track''' '''Changes''' '''toolbar''' में '''Reject Track change ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:52&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि टेक्स्ट अब सामान्य हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
|| '''reviewer'''  द्वारा दिया गया सुझाव टेक्स्ट को हटाना था।&lt;br /&gt;
लेकिन  '''author''' द्वारा सुझाव को रिजेक्ट किया गया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| कर्सर को प्वाइंट नंबर 5 पर ले जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
|| पूरे टेक्स्ट को चुनें और '''Track''' '''Changes''' '''toolbar''' में  '''Reject Track Change ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
|| हम माउस पर राइट-क्लिक करके और '' Reject change''' चुनकर परिवर्तन को अस्वीकार कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
|| यह '''reviewer''' द्वारा प्रविष्ट संपूर्ण टेक्स्ट हटाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| उन पर क्लिक करके  '''Show Track Changes''' और '''Record Track Changes'''  आइकन को डिसेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:29&lt;br /&gt;
|| कर्सर को प्वाइंट नंबर 5 पर ले जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
|| अब कीबोर्ड पर मौजूद '''Backspace'''  की को दबाकर रिक्त स्थान को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| अब आगे किसी भी तरह के एडिटिंग को अलग से चिह्नित नहीं किया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
|| ट्यूटोरियल को रोकें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सभी सुझावों को शामिल करने के लिए परिवर्तनों को स्वीकार या अस्वीकार करने के बाद फ़ाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| '''Writer'''  में एक और फीचर एक कमेंट को डालना और हटाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| यह यूजर्स को विचारों और सुझावों का आदान-प्रदान करने में मदद करता है, जो महत्वपूर्ण हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| हमारे डॉक्यूमेंट में, हम '''e-governance''' शब्द  पर कमेंट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:06&lt;br /&gt;
||प्वाइंट नंबर 3 में, '''e-governance''' शब्द चुनें। फिर राइट-क्लिक करें और '''Comment''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:14&lt;br /&gt;
|| हम '''Track''' '''Changes'''  टूलबार में '''Insert Comment''' आइकन पर क्लिक करके '''comments'''  जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट के दाईं ओर '''comment'''  बॉक्स प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
||'''comment''' बॉक्स में, “'''What is e-governance?”''' कमेंट टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| हम तारीक और समय के साथ कमेंट करने वाले का नाम देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| आगे, हम देखेंगे कि कैसे कोई कमेंट पर रिप्लाई कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर से कर्सर को कमेंट बॉक्स पर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| फिर '''Standard'''  टूलबार में स्थित '''Insert Comment''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| हम अपने डॉक्यूमेंट में एक नया '''Reply Comment'''  बॉक्स जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| '''reply comment'''  बॉक्स में, '''“It means electronic governance'''” टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:01&lt;br /&gt;
|| नए जोड़े गए कमेंट  '''electronic governance'''” को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
|| '''Reply comment''' बॉक्स में डाउन-ऐरो आइकन पर क्लिक करें और '''Delete comment ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| “'''What is e governance ?” ''' कमेंट को हटाने के लिए समान चरणों को दोहराएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि दोनों कमेंट्स अब हट गए हैं। और शब्द अब हाइलाइट नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:27&lt;br /&gt;
|| किसी अन्य व्यक्ति के कमेंट को हटाने के लिए, पहले '''Record Track Change''' आइकन को डिसेबल करें। और फिर कीबोर्ड पर '''Delete'''  की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| फाइल को सेव और बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
'''Track changes ''' ऑप्शन का उपयोग करके डॉक्यूमेंट को '''Peer review'''  करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
||'''Record changes'''  ऑप्शन का उपयोग करके डॉक्यूमेंट को एडिट करना &lt;br /&gt;
डॉक्यूमेंट में कमेंट्स जोड़ना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में-&lt;br /&gt;
''' Seven-Reason-to-adopt-FOSS.odt ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:07&lt;br /&gt;
||  '''Record changes''' का उपयोग करके '''available'''  शब्द को हटाएं और ठीक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
||  परिवर्तनों को स्वीकार करने के लिए '''Accept change''' ऑप्शन का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:32&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी संमयबद्ध क्वेरी इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:41&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2012 में IT for Change द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Header,-Footer-and-Notes/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Header,-Footer-and-Notes/Hindi</title>
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				<updated>2021-04-01T08:29:12Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{|border=1 |-  | Time | Narration  |-  || 00:01 || '''Header, Footer and Notes''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वा...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Header, Footer and Notes''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
||  &lt;br /&gt;
'''Header'''  प्रविष्ट करना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
||  '''Footer''' प्रविष्ट करना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
||  पहले पेज से '''Header ''' और ''' Footer''' हटाना और &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||  डॉक्यूमेंट में '''Footnote''' और '''Endnote''' प्रविष्ट करना।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:24&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux OS''' वर्जन '''18.04''' और  '''LibreOffice Suite ''' वर्जन '''6.3.5''' का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:37&lt;br /&gt;
|| '''Newsletter.odt ''' फाइल खोलें जिसे हमने पहले बनाया था।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:43&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड और एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर उसका अभ्यास करने के लिए उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
|| पहले हम सीखेंगे कि हमारे डॉक्यूमेंट में '''Footer''' कैसे प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Insert''' मेन्यू पर क्लिक करेें और '''Header and Footer ''' ऑप्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
|| अब ''' Use header/footer menu''' ऑप्शन को चैक करें, यदि यह अनचैक है तो।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
|| पेज को स्क्रॉल करें और '''Footer'''  मार्कर को प्रदर्शित करने के लिए टेक्स्ट क्षेत्र के निचले भाग पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:21&lt;br /&gt;
|| '''Footer'''  मार्कर हमारे डॉक्यूमेंट में दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| '''Footer''' शब्द के आगे '''Plus''' सिंबल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि पेज के नीचे '''Footer''' जोड़ दिया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Insert menu''' पर क्लिक करके अपने डॉक्यूमेंट में '''Footer'''  जोड़ने का एक ओर तरीका है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| '''Header and Footer ''' ऑप्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| ''' Footer ''' सब-मेन्यू चुनें और '''Default style ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| किसी भी तरह से, कर्सर '''footer ''' क्षेत्र में है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| '''footer''' में पेज नंबर जोड़ने के लिए, '''Footer Default style''' के डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:00&lt;br /&gt;
|| फिर ''' Insert Page Number'''  ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| तुरंत, हम देखते हैं कि नंबर 1 '''footer''' में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
|| पेज नंबर पर यदि '''styles'''  देने के लिए, नंबर ''1'' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
|| ''''Edit Fields ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
|| हमारे पास '''Edit'''  फिल्ड के तहत 3 यदि-यदि सेक्शन हैं:&lt;br /&gt;
'''Type''',  '''Select''' और  '''Format'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
|| '''Format''' सेक्शन में, हम बहुत सारे '''formats''' देख सकते हैं, जैसे छोटे अक्षरों में '''a b c''', बडे अक्षरों में '''A B C ''' और कई।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| मैं '''format 1st 2nd 3rd ''' चुनुंगी और फिर नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:46&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि पेज नंबर 1 की नंबरिंग फॉर्मेट '''1'''  से '''1st''' में परिवर्तित हो गई है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| इसके बाद, हम डॉक्यूमेंट में '''Header''' प्रविष्ट करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| ऊपर स्क्रॉल करें और डॉक्यूमेंट में टेक्स्ट क्षेत्र के शीर्ष पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
|| हमारे डॉक्यूमेंट में '''Header'''  मार्कर दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं तो, '''Header''' शब्द के आगे '''plus'''  सिंबल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| पेज के शीर्ष पर '''Header'''  प्रविष्ट किया जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| अब '''Header'''  में तारीख प्रविष्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:19&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, '''Standard'''  टूलबार में स्थित '''Insert field'''  आइकन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
|| अब डाउन एरो आइकन पर क्लिक करें और सूची से '''Date'''  ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| वर्तमान तिथि '''Header ''' क्षेत्र में प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| आप चाहें तो इसे अपनी पसंद की किसी भी तारीख में एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||03:40&lt;br /&gt;
|| date फॉर्मेट को बदलने के लिए, date पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम '''31. Dec. 1999''' फॉर्मेट चुनेंगे और '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
|| हमारे चयन के अनुसार अब date फॉर्मेट बदल गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| यदि कंटेंट का अलाइनमेंट बदल गया है, तो कृपया '''Backspace''' की दबाकर फिर से अलाइन करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
|| जब तक टेक्स्ट पेज 1 और कॉलम 2 पर है तब तक इसे दोहराएं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:09&lt;br /&gt;
|| फिर '''banner''' के नीचे टेक्स्ट अलाइन करने के लिए एंटर की को बार-बार दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| अब '''Standard toolbar''' में '''Toggle print preview'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| तिथि प्रत्येक पेज के शीर्ष पर और पेज संख्या सबसे नीचे दिखाई देती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि '''header''' और '''footer'''  को डॉक्यूमेंट के सभी पेज पर दोहराया जाएगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| पूर्वावलोकन बंद करने के लिए '''Close Preview'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| आगे हम डॉक्यूमेंट में '''margin''' और '''shadow style'''  को जोड़ना सीखते हैं&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck''' में स्थित '''Page'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
|| '''Styles'''  ऑप्शन में, '''More Options''' आइकन या '''gear ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| '''Page Style: Default Style''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| हमारी पसंद के अनुसार '''page style'''  को अनुकूलित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कई टैब हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||05:05&lt;br /&gt;
|| '''Footer'''  टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
|| ''Footer on''' ऑप्शन को चैक करें, यदि यह पहले से ही चैक्ड नहीं है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
|| अब '''plus''' सिंबल पर बार-बार क्लिक करके '''left margin ''' स्पेस को ''' 1.00 cm ''' सेट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| '''footer''' पर '''border''' या '''shadow''' जोड़ने के लिए, '''More ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
||'''Border/Background''' डायलॉग  बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित नहीं है, तो '''Borders''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| '''Shadow Style ''' सेक्शन में, हम shadow को पोजिशन में लाने के लिए विभिन्न विकल्प देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| '''Cast shadow to bottom right ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||  05:43&lt;br /&gt;
|| '''Color''' ऑप्शन में, '''Gray''' डिफॉल्ट शैडो कलर है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
||  कलर चुनने के लिए, नीचे एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| आप '''Color palette box''' से अपने पसंद का कोई भी कलर चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
मैं '''blue''' चुनुंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
|| अन्य सभी सेटिंग्स को '''Border/Background'''  डायलॉग बॉक्स में डिफॉल्ट छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:06&lt;br /&gt;
|| फिर '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:09&lt;br /&gt;
|| ''' Page Style: Default Style''' डायलॉग बॉक्स में, '''Apply'''  बटन पर क्लिक करें और फिर '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| ''' Sidebar deck''' को बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
|| '''Footer''' में जोड़े गये ''' shadow effect ''' को देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:25&lt;br /&gt;
|| आगे, हम सीखेंगे कि किसी विशिष्ट पेज से '''Header ''' और ''' Footer ''' को कैसे हटाया जाए।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट के पहले पेज से '''Header'''  हटाते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| तो पहले, डॉक्यूमेंट के पहले पेज पर कहीं भी कर्सर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck,''' में, '''Styles''' आइकन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| '''Styles''' '''panel'''  खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| अब '''Page Styles''' आइकन पर क्लिक करें और सूचि से '''First Page''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| अब '''First Page'''  ऑप्शन पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck''' बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि अब '''Header '''और''' Footer ''' केवल पहले पेज से हटे हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| जैसा कि दिखाया गया है, आपको एक बार फिर से टेक्स्ट अलाइनमेंट को फिर से समायोजित करने की आवश्यकता हो सकती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
|| आगे, '''Writer''' में '''Footnotes''' और '''Endnotes''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
||  '''Footnotes''' उस पेज के निचले भाग पर दिखाई देते हैं जिस पर उन्हें संदर्भित किया जाता है&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| जबकि '''Endnotes''' ''document ''' या '''chapter''' के अंत में संगृहीत होते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
||  वर्तमान कर्सर स्थिति में '''note'''  के लिए '''anchor'''  प्रविष्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
||  '''Anchor''' यूजर्स को पेज के एक विशेष भाग में सीधे जाने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
||  आप '''notes''' के लिए '''automatic''' '''numbering''' या '''custom symbol''' के बीच चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| देखते हैं कि डॉक्यूमेंट में एक शब्द के लिए '''Footnote'''  को कैसे जोड़ा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| पेज 1 के कॉलम 1 में  दूसरे पैराग्राफ से '''Apache License ''' शब्द चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| '''Standard toolbar'''  में, '''Insert Footnote''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| हम अपने डॉक्यूमेंट में '''Insert'''  मेनू पर भी क्लिक करके '''Footnote'''  डाल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
|| फिर '''Footnote and Endnote ''' पर क्लिक करें और ''' Footnote ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| दोनों तरीके से, '''Footnote'''  को हमारे डॉक्यूमेंट में '''character'''     '''1''' के रूप में जोड़ा गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| अपने '''Footnote''' के लिए टेक्स्ट टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| टाइप करें- “'''open source software license”.'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
|| इसी तरह से, अपने डॉक्यूमेंट में एक ओर '''footnote'''  जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:39&lt;br /&gt;
|| पेज 1 के दूसरे कॉलम से '''copyleft'''  शब्द चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| '''Standard toolbar''' में '''Insert Footnote'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||08:48&lt;br /&gt;
|| हमारे पेज में एक ओर '''Footnote'''  जुड़ जाता है, इस बार दूसरे कॉलम में।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||08:54&lt;br /&gt;
|| अब '''footnote ''' के लिए “'''permissive license”.''' टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
|| कॉलम 1 में '''Footnote ''' में '''character 1 ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:05&lt;br /&gt;
|| हम डॉक्यूमेंट में '''Apache License ''' शब्द से निर्देशित होते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| '''Apache License''' शब्द के आगे '''character 1''' पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| यह डाले गए '''Footnote''' का '''anchor'''  है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
|| इस '''anchor'''  पर कर्सर को धीरे से घुमाएं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:23&lt;br /&gt;
|| कर्सर एक इंगित उंगली में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:27&lt;br /&gt;
|| अब इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
|| हमें तुरंत उस पेज के नीचे निर्देशित किया जाता है जहां '''Footnote ''' दर्ज है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:35&lt;br /&gt;
|| '''Character''' ऑप्शन का उपयोग वर्तमान '''Footnote''' में '''character''' या '''symbol''' परिभाषित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
|| मैं '''Footnote 1''' के लिए '''character'''  को बदलने के तरीके को प्रदर्शित करती हूं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| वापस स्क्रॉल करें और कर्सर को '''License ''' और '''footnote anchor 1''' शब्द के बीच रखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||  09:54&lt;br /&gt;
|| फिर राइट-क्लिक करें और '''Footnote or Endnote''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| '''Edit''' '''Footnote/Endnote'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| '''Numbering''' एक प्रकार की संख्या है, जिसे हम'''Footnotes''' और '''Endnotes'''  के लिए उपयोग करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| “'''Automatic'''” ऑप्शन स्वचालित रूप से  '''Footnotes''' या '''Endnotes''' के लिए संख्या प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| '''Character'''  फिल्ड के आगे  '''Choose'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:20&lt;br /&gt;
|| '''asterisk''' कैरेक्टर चुनें और '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| ''Edit '''डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| '' footnote 1 ''' का '''character ''' अब ''asterisk symbol ''' के रूप में सेट है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
|| '''anchor''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
|| '''Footnote 1 ''' को अब '''asterisk symbol''' के रूप में देखा जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:41&lt;br /&gt;
|| हम यह भी देख सकते हैं कि हमारा दूसरा '''footnote'''  अब संख्यात्मक ''1'' में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
|| अब '''Footnote 1'''  के '''character'''  को वापस '''numerical''' में बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
|| वापस स्क्रॉल करें और कर्सर को '''License ''' और '''footnote anchor asterisk''' शब्द के बीच रखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| फिर राइट-क्लिक करें और '''Footnote or Endnote''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:05&lt;br /&gt;
|| '''Edit Footnote/Endnote'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
|| '''Numbering''' ऑप्शन में, '''Automatic''' चुनें और फिर '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '''asterisk symbol''' एक बार फिर से '''numerical ''' में बदल गया है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रॉल करें और '''footnotes''' को देखें और परिवर्तनों का निरीक्षण करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
|| '''footnotes''' को हाइलाइट करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||11:29&lt;br /&gt;
|| किसी एक '''footnote ''' टेक्स्ट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| ऊपर बाईं ओर स्थित '''formatting'''  ड्रॉप-डाउन देखें, जो '''Footnote''' दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:38&lt;br /&gt;
|| ड्रॉप-डाउन एरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:41&lt;br /&gt;
|| अब '''Footnote''' के आगे ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''Edit Style''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| '''Paragraph Style: Footnote''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:52&lt;br /&gt;
|| '''Highlighting'''  टैब पर क्लिक करें और फिर '''Color''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
|| कलर प्ललेट में, एक हाइलाइट कलर चुनें। मैं पीला चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| नीचे '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
|| '''footnotes''' को देखें और हाइलाइट देखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
|| आगे मैं दिखाऊंगी कि हमारे डॉक्यूमेंट में '''endnote''' कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:18&lt;br /&gt;
|| पेज 1 के कॉलम 1 में पैराग्राफ 2 से '''Mozilla Public License ''' शब्द चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:26&lt;br /&gt;
||  '''Standard'''  टूलबार में स्थित '''Insert''' '''Endnote'''  आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:31&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट के अंत में एक नए पेज पर '''Endnote''' जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| यदि किसी डॉक्यूमेंट में चैप्टर्स हैं, तो प्रत्येक चैप्टर के अंत में '''endnotes'''  दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:42&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित टेक्स्ट को 'endnote’ में टाइप करें-&lt;br /&gt;
“an open source/free software license”'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:49&lt;br /&gt;
|| हम डिफ़ॉल्ट '''Roman numerals'''  को अन्य '''style ''' ऑप्शन्स में भी बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| ऐसा करने के लिए, '''Tools''' मेन्यू पर क्लिक करें और '''Footnote and Endnotes''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:01&lt;br /&gt;
|| '''Footnote/Endnote''' सैटिंग डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
|| ''' Endnotes ''' टैब में, हम ''' Auto Numbering ''' सेक्शन देखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| इस ऑप्शन का उपयोग करके हम अपनी पसंद के अनुसार '''Numbering''' '''style''' परिवर्तित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:15&lt;br /&gt;
|| आप इसे स्वयं समझ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:19&lt;br /&gt;
|| '''X''' आइकन पर क्लिक करके डायलॉग  बॉक्स को बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||13:23 &lt;br /&gt;
|| अब सभी परिवर्तनों को सेव करें और फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:28&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:33&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा-&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:37&lt;br /&gt;
||  '''Header''' प्रविष्ट करना,  '''Footer''' प्रविष्ट करना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
||  पहले पेज से '''Header''' और '''Footer''' हटाना&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:45&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट में '''Footnote''' और '''Endnote''' प्रविष्ट करना।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:49&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में, '''practice.odt ''' फाइल खोलें&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:54&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट में '''Header''' और '''Footer''' जोड़े&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:58&lt;br /&gt;
|| '''Header''' में अपना नाम डालें&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:01&lt;br /&gt;
|| '''Footer''' में '''Page Count''' डालें&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:04&lt;br /&gt;
||  '''where the page ends''' नामक एक '''Endnote''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:08&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:15&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:24&lt;br /&gt;
|| अपनी समयबद्ध क्वेरी को इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:28&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||  14:33&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:39&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Creating-Newsletters/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Creating-Newsletters/Hindi</title>
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				<updated>2021-04-01T08:26:52Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {|border = 1 |- | Time | Narration |- || 00:01 || '''Creating Newsletters.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वाग...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border = 1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
| Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Creating Newsletters.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:10&lt;br /&gt;
|| '''LibreOffice Writer''' में '''newsletters''' बनाना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| '''column break''' ऑप्शन का उपयोग करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
|| '''word count'''  जाँचना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| हम निम्नलिखित को '''newsletter''' में जोड़ना भी सीखेंगे:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:25&lt;br /&gt;
|| '''Image''' और '''Banner'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Text animation''' और '''Watermark'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल '''Ubuntu Linux OS''' वर्जन '''18.04''' और '''LibreOffice Suite ''' वर्जन '''6.3.5''' का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में उपयोग की गई फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
|| कृपया इसे डाउनलोड और एक्स्ट्रैक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर उसका अभ्यास करने के लिए उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:02&lt;br /&gt;
||'''Newsletters'''     '''publications'''  हैं जो नियमित रूप से अपने ग्राहकों को प्रसारित किए जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| इसका उपयोग नवीनतम समाचारों, नए विचारों और घटनाओं को संप्रेषित करने के लिए किया जाता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
|| '''Newsletters''' में आमतौर पर '''multi-column''' फोर्मेट होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
|| इससे पाठक को विभिन्न सेक्शन को देखना आसान हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:26&lt;br /&gt;
|| '''Newsletter'''  को '''LibreOffice''' '''Writer''' का उपयोग करके बहुत आसानी से बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:31&lt;br /&gt;
|| यह लेखों को पढ़ना आसान और तेज़ बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| '''Newsletter.odt''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:40&lt;br /&gt;
|| वह अभ्यास के लिए '''Code files'''  लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| अब हम सीखेंगे कि अपने डॉक्यूमेंट में कॉलम कैसे प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck'''  में, ''' Page ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:55&lt;br /&gt;
|| '''Page Style''' डायलॉग बॉक्स खोलने के लिए, '''Styles gear ''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| '''Columns''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| '''Settings''' में, '''2 columns with equal size icon''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
||'''Width and Spacing ''' में, Autowidth चैक्ड है और  '''Spacing'''    '''0.5cm''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और फिर '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
||''Sidebar''' '''deck.''' बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हमारा डॉक्यूमेंट 2 कॉलम फोर्मेट में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से हम  '''Format menu''' और फिर '''Columns'''  ऑप्शन पर क्लिक करके कॉलम जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
|| अब अपने '''newsletter''' में इमेज प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| कर्सर को '''column 2 ''' के अंत में रखें और एंटर तीन बार दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:53&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar''' में '''Gallery''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| ''New theme,''' बटन के नीचे, हम विभिन्न '''theme'''  फोल्डर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
|| मैं '''Computers ''' फोल्डर चुनुंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| फिर सूची से '''Computer-Laptop-Black ''' चुनें। राइट-क्लिक करें और '''Insert''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से हम '''image''' को '''drag-and-drop''' भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
|| '''Sidebar deck''' को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
|| प्रविष्ट की गई '''image'''    '''column 2''' की चौड़ाई में फिट बैठती है जिसमें इसे प्रविष्ट किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:29&lt;br /&gt;
|| दिखाए गए अनुसार '''image'''  का आकार बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| तो इस तरह हम '''image''' को '''newsletter column''' में जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| आगे हम '''Column break ''' ऑप्शन के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
|| मैं चौथे पैराग्राफ के शुरुआत में कर्सर रखूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
|| '''menu bar ''' में '''Insert'''  मेन्यू पर क्लिक करें और फिर ''' More Breaks.''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
सब-मेन्यू से '''Manual Break''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| '''Insert break ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
|| '''Type ''' सेक्शन में, '''Column break'''  ऑप्शन चुनें और ''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि पैराग्राफ पेज के दूसरे कॉलम में स्थानांतरित हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:13&lt;br /&gt;
|| अंतिम पैराग्राफ के लिए भी उपरोक्त चरणों को दोहराएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:22&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि पैराग्राफ अब '''newsletter''' के पेज 2 में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
|| आगे हम सीखेंगे कि एक अलग कलर में लेख के एक हिस्से को कैसे हाइलाइट करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट के साथ कर्सर को खींचकर '''page 2''' पर पैराग्राफ चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| '''Formatting toolbar ''' में, '''Highlight color icon'''  ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||'''Color palette'''  बॉक्स से, अपनी पंसद का कोई भी कलर चुनें।&lt;br /&gt;
मैं '''Light''' '''Lime 3''' चुनुंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट को अचयनित करने के लिए कहीं और क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:56&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हमारे द्वारा चयनित उस टेक्स्ट भाग का बेकग्राउंड कलर बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| आगे हम सीखेंगे कि '''newsletter'''  में '''Banners''' कैसे जोड़ा जाए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:08&lt;br /&gt;
|| ऊपर स्क्रॉल करें और कर्सर को पेज 1 पर कॉलम 2 के अंत में रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| अब, ''' Drawing toolbar''' में '''Stars and Banners icon''' खोजें।&lt;br /&gt;
ऑप्शन्स का विस्तार करने के लिए नीचे ऐरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
|| हम चुनने के लिए विभिन्न आकार देखते हैं।&lt;br /&gt;
'''Horizontal scroll.'' चुनते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| '''column 2''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
|| बाएं माउस बटन को पकड़ें और आकृति को कॉलम 2  के खाली स्थान पर खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
|| अब डॉक्यूमेंट के शुरुआत में नए जोड़े गए '''banner''' को प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:50&lt;br /&gt;
|| सबसे पहले पेज 1 पर जाएँ और '''column 1''' में '''FOSS''' शब्द के पहले कर्सर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| अब चार बार एंटर की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:02&lt;br /&gt;
|| '''column 2'''  के लिए भी यही प्रक्रिया दोहराएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:06&lt;br /&gt;
|| '''banner''' पर वापस आएँ और इसे सेलेक्ट करने के लिए इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
|| अब इसे '''columns 1 ''' और '''2''' के बीच की खाली जगह पर खींचें और रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
|| '''banner''' में हम अपनी पसंद का कोई भी टेक्स्ट टाइप कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| '''banner''' के अंदर डबल-क्लिक करें और टाइप करें- “'''This is a newsletter.” '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:30&lt;br /&gt;
|| अब पूरे टेक्स्ट का चयन करने के लिए '''Ctrl+A''' की दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
|| इसे '''Centre-align'' करें, '''font size''' 16 करें, टेक्स्ट को '''bold''' करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| अब '''banner''' को अचयनित करने के लिए कहीं और क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
|| हम अपने '''newsletter''' में '''effects''' भी जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:54&lt;br /&gt;
|| मैं दिखाऊंगी कि ऐसा कैसे किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:58&lt;br /&gt;
|| हैडिंग '''FOSS''' को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:01&lt;br /&gt;
|| अब ''Format menu'' पर जाएँ और '''Character''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  07:06&lt;br /&gt;
|| '''Character''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
 '''Font Effects''' टेब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
|| '''Relief ''' या '''Effects ''' सेक्शन में, '''Blinking''' ऑप्शन को चैक करें।&lt;br /&gt;
और  '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '''FOSS''' शब्द ब्लिंक हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| यह प्रभाव '''digital newsletter''' के पाठक का ध्यान आकर्षित करने के लिए उपयोगी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
|| अब सीखते हैं कि '''watermark''' कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:34&lt;br /&gt;
|| '''Watermark''' का उपयोग यह दर्शाने के लिए किया जाता है कि डॉक्यूमेंट को एक विशेष तरीके से प्रयोग किया जाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए-  '''Confidential,''' '''Private, ''' आदि।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
|| मैं दिखाती हूँ कि '''watermark''' कैसे जोड़ना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Format menu''' पर जाएँ और '''Watermark''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:55&lt;br /&gt;
|| '''Watermark''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
|| '''Text''' फिल्ड में, “'''For internal circulation”''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| '''transparency'''  को  '''70 %''' तक बढ़ाएँ और '''color'''  को '''Light Red 3.''' में बदलें।&lt;br /&gt;
फिर '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि हमारा '''Watermark'''  '''newsletter''' में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:22&lt;br /&gt;
|| अन्त में, हम '''Writer''' में '''Word count''' फीचर के बारे में जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| '''Word count''' फीचर्स  डॉक्यूमेंट में '''Word count''' करने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
|| यह हमें डॉक्यूमेंट में शब्दों की संख्या जानने में मदद करता है, जिसे हमने टाइप किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| यह पेज, पैराग्राफ्स, लाइन और कैरेक्टर्स को भी गिनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
|| पिछले पैराग्राफ का चयन करें जिसे हमने पहले हाइलाइट किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| '''word count''' को देखें जो  '''Status bar''' में प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||  '''Status bar''' में '''Word ''' और ''' Character count''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
|| '''Word Count''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:03&lt;br /&gt;
|| यह चयनित '''word count''' और साथ ही पूरे डॉक्यूमेंट का भी दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:11&lt;br /&gt;
|| यह '''including spaces ''' और '''excluding spaces''' सहित  '''Characters''' की कुल गणना को भी दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
|| '''Close ''' बटन पर क्लिक करके '''Word Count''' डायलॉग बॉक्स को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
|| सभी परिवर्तनों को सेव करें और फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:30&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
 '''LibreOffice Writer''' में '''newsletters''' बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| '''Column break'''  ऑप्शन का उपयोग करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
|| '''word count''' जाँचना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
|| हमने '''newsletter''' में निम्नलिखित को जोड़ना भी सीखा:&lt;br /&gt;
'''Image''' और '''Banner''', '''Text animation''' और '''Watermark'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में&lt;br /&gt;
'''Code files'''  लिंक में उपलब्ध '''Newsletter practice.odt ''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
|| ''' 3 column ''' ऑप्शन का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
'''Banner ''' जोड़ें और इसमें '''Spoken Tutorial''' टेक्स्ट टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं।&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:26&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी संमयबद्ध क्वेरी इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:30&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:43&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Using-Find-Replace-and-Auto-correct/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Using-Find-Replace-and-Auto-correct/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Writer-6.3/C3/Using-Find-Replace-and-Auto-correct/Hindi"/>
				<updated>2021-04-01T08:24:44Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {|border = 1  |- | Time | Narration  |-  || 00:01 || ''' Writer'''  में '''Using Find, Replace and Autocorrect ''' पर स्पोकन ट्यूटोरिय...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border = 1 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| ''' Writer'''  में '''Using Find, Replace and Autocorrect ''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:09&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
||'''Find ''' और ''' Replace ''' करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
||'''Spell check '''और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:18&lt;br /&gt;
||'''Autocorrect ''' फीचर्स के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:21&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:24&lt;br /&gt;
|| '''Ubuntu Linux OS''' वर्जन ''' 18.04 ''' और '''LibreOffice Suite ''' वर्जन '''6.3.5''' का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:34&lt;br /&gt;
|| '''Writer''' में '''Find and Replace'''  फीचर का उपयोग करना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस फीचर के साथ, हम एक विशेष टेक्स्ट और / या इसे संपूर्ण डॉक्यूमेंट में बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| इसे एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| “'''Resume.odt” ''' फाइल खोलें, जो हमने पहले बनाई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:00&lt;br /&gt;
|| यह फाइल आपको इस ट्यूटोरियल पेज पर ''' Code files'''  लिंक में प्रदान की गई है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| कृपया फ़ाइल डाउनलोड करें और एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| एक कॉपी बनाएँ और फिर अभ्यास के लिए इसका उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
|| इससे पहले कि हम ट्यूटोरियल के साथ आगे बढ़ें, पहले कुछ अवांछित पृष्ठों को हटा दें, जो पहले बनाए गए थे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:23&lt;br /&gt;
|| हमारी '''Resume ''' फाइल में, चौथे पेज पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट के साथ कर्सर को खींचकर “'''This is the fourth page'''” लाइन को चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:33&lt;br /&gt;
||फिर '''Backspace''' की दो बार दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
||चौथा पेज हट गया है और अब नहीं दिखाई दे रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
|| अब तीसरे पेज को भी डिलीट करने के लिए उन्हीं चरणों को दोहराएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:48&lt;br /&gt;
|| अब हमारे पास इस डॉक्यूमेंट में सिर्फ दो पेज हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:52&lt;br /&gt;
|| '''Resume''' शब्द से पहले डॉक्यूमेंट के पहले पेज पर कर्सर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:59&lt;br /&gt;
|| पहले हम सीखते हैं कि डॉक्यूमेंट में एक शब्द या टेक्स्ट कैसे खोजना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
|| उदाहरण के लिए, हम अपने '''Writer''' डॉक्यूमेंट में '''Ramesh''' शब्द सर्च करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| नीचे बाईं ओर, हम '''Search bar''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
|| यदि यह दिखाई नहीं देता है, तो '''View'''  मेन्यू पर जाएँ और '''Toolbars''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
||सब-मेन्यू से '''Find''' ऑप्शन चैक करें, यदि अनचैक है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
||'''Search bar ''' दिख जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| '''Find ''' फिल्ड में '''Ramesh ''' टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:36&lt;br /&gt;
||'''Ramesh''' शब्द हाइलाइट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| '''Resume''' शब्द से पहले कर्सर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| सीधे '''Find'''  फ़िल्ड पर जाने के लिए '''Ctrl + F''' कीज़ दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
|| अब '''Find ''' फिल्ड में '''NAME ''' टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
||यह पूरे डॉक्यूमेंट में '''NAME''' शब्द सर्च करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:59&lt;br /&gt;
|| पहला '''NAME'''  शब्द हाइलाइट हो गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| '''Find'''  फिल्ड के आगे, हम '''Find Previous''' और '''Find Next'''  आइकन्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| डॉक्यूमेंट में '''NAME''' शब्द की अन्य उपस्थितियों को ढूँढने के लिए इन आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:18&lt;br /&gt;
|| पूरे डॉक्यूमेंट में '''NAME''' सर्च करने के लिए, '''Find All ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:24&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''NAME''' शब्द के सभी उदाहरण पूरे डॉक्यूमेंट में हाइलाइट हो गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
|| सर्च करते समय पेजों के बीच नेविगेट करने के लिए, '''Previous page''' और '''Next page''' आइकन का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| अब, हाइलाइट किए गए शब्दों को अचयनित करने के लिए डॉक्यूमेंट में कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| आगे, ''' Find and Replace'''  ऑप्शन के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
||इस फीचर का उपयोग करके, हम आसानी से सर्च किए गए शब्द को एक नए शब्द के साथ बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
|| पेज 2 पर '''page'''  शब्द को बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
|| हम '''Standard toolbar''' में '''Find &amp;amp; Replace ''' आइकन देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
|| वैकल्पिक रूप से, '''menu bar'''  में '''Edit'''  मेन्यू पर क्लिक करें और फिर '''Find &amp;amp; Replace ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
|| किसी भी तरीके से '''Find &amp;amp; Replace''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
|| '''Find ''' फिल्ड में, वह टेक्स्ट टाइप करें जिसे आप ढूंढना और बदलना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:22&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से, पहले सर्च किया गया ''NAME'' शब्द यहाँ दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
|| '''Find''' फिल्ड में, '''NAME''' शब्द डिलीट करें और '''page''' शब्द टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| '''Replace''' फिल्ड में, वह टेक्स्ट टाइप करें जिसके साथ आप बदलना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:39&lt;br /&gt;
|| मैं अपने डॉक्यूमेंट में '''page''' शब्द को '''sheet'''  से बदलना चाहती हूँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
|| इसलिए, मैं '''Replace''' फिल्ड में '''sheet''' टाइप करूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
|| अब, '''Replace All ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||04:53&lt;br /&gt;
||  '''Search key replaced 3 times''' मैसेज प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
|और फिर '''Close'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||05:03&lt;br /&gt;
||पेज 2 पर हम देखते हैं कि '''page''' शब्द की सभी उपस्थितियां '''sheet''' में बदल गई है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर '''Find &amp;amp; Replace ''' डायलॉग बॉक्स खोलने के लिए '' 'Ctrl + H' '' कीज़ दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में, '''Other options ''' सेक्शन देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:22&lt;br /&gt;
||यदि दिखाई नहीं दे रहा है तो, सेक्शन को विस्तृत करने के लिए '''Other options'''  से पहले ऐरो आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| '''Other option'''  सेक्शन में विशिष्ट '''Find &amp;amp; Replace ''' ऑप्शन्स की सूची है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:35&lt;br /&gt;
|| '''Replace Backwards'''  ऑप्शन नीचे से ऊपर तक टेक्स्ट को सर्च करता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:41&lt;br /&gt;
|| '''Current selection only'''  डॉक्यूमेंट के चयनित भाग के अंदर टेक्स्ट को सर्च करता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| इसके अन्य एडवांस्ड ऑप्शन्स हैं जैसे ''Regular expressions ''' और '''Similarity search'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स के निचले भाग में तीन और बटन हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| वो हैं-  '''Attributes, Format''' और '''No Format.'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| ये सभी हमें विभिन्न प्रकार के एडवांस्ड '''Find &amp;amp; Replace'''  ऑप्शन प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:09&lt;br /&gt;
|| आप बाद में उनके बारे में और अधिक जान सकते हैं और सीख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
|| इस डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए नीचे दाएं कोने पर '''Close'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| '''Find ''' और ''' Replace''' के बारे में जानने के बाद, '' अब हम सीखेंगे कि '''Spellcheck''' का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:26&lt;br /&gt;
||'''Spellcheck'''  डॉक्यूमेंट में वर्तनी की गलतियों की जाँच के लिए प्रयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक भाषा के लिए '''Spell Check''' फीचर भिन्न है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| '''menu bar'''  में '''Tools''' मेन्यू पर क्लिक करें और फिर '''Options''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| '''Options''' डायलॉग बॉक्स में, बाईं ओर के सेक्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
||इसे विस्तृत करने के लिए '''Language Settings'''  से पहले ऐरो आइकन पर क्लिक करें। अब  '''Languages''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
|| '''User interface''' फिल्ड में, ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''Default - English (USA).''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:04&lt;br /&gt;
|| ''' Locale setting''' में, ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''English (India) ''' चुनें यदि पहले से ही चयनित नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
||अब '''Default Languages for Documents'''  सेक्शन पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:17&lt;br /&gt;
||'''Western'''  फिल्ड में, ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें और '''English (India)''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| अंतत:, डायलॉग बॉक्स के नीचे '''Apply''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
और फिर '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:34&lt;br /&gt;
|| Let us now see how the '''spell check''' features works for the language - '''English India.'''&lt;br /&gt;
अब देखते हैं कि '''English India''' भाषा के लिए '''spell check''' फीचर्स कैसे कार्य करती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
|| '''Spelling ''' और ''' Grammar''' ऑप्शन का उपयोग करने के लिए, '''menu bar''' में '''Tools ''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
और सुनिश्चित करें कि '''Automatic Spell checking ''' ऑप्शन चैक्ड है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं, तो इसे चैक करने के लिए '''Automatic Spell checking ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
|| अब कर्सर को '''HOUSEWIFE''' शब्द के आगे रखें और '''Spacebar''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| फिर '''HUSEWIFE ''' टाइप करें और एक बार '''Spacebar ''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि एक कर्ली लाल लाइन गलत शब्द के ठीक नीचे दिखाई देती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||हम नामों के नीचे कर्ली लाल लाइन भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतीय नाम '''LibreOffice Writer’s inbuilt dictionary'''  का हिस्सा नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:26&lt;br /&gt;
|| अब कर्सर को '''HUSEWIFE''' शब्द पर रखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
||फिर '''Standard toolbar''' में '''Check spelling''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:35&lt;br /&gt;
|| '''Spelling'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| '''Not in dictionary,''' में गलत शब्द को लाल रंग में हाइलाइट किया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
||और सही शब्दों के सुझाव '''Suggestions'''  बॉक्स में दिखाए गए हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
|| '''Suggestions''' बॉक्स में, पहले '''HOUSEWIFE'''  शब्द पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
फिर '''Correct''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| कुछ मामलों में, '''Confirmation''' पॉप-अप विंडो दिखाई दे सकती है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:02&lt;br /&gt;
||यह दर्शाता है- “'''Continue checking at the beginning of the document''' ? &lt;br /&gt;
'''No''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
|| अब '''Spelling'''  डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए '''Close'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि अब सही वर्तनी को बदल दिया गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
|| ''Ctrl + Z'' कीज़ तब तक दबाएं जब तक कि नया जोड़ा गया शब्द ''HOUSEWIFE'' डिलीट न हो जाए।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| आगे हम '''AutoCorrect ''' फीचर्स के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| '''AutoCorrect'''  फीचर्स '''Spellcheck''' का एक्स्टेंशन है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||09:35&lt;br /&gt;
|| मैं समझाती हूँ कि '''Autocorrect ''' फीचर्स का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
||'''Tools menu'''  पर जाएँ और '''AutoCorrect''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
||सब-मेन्यू से '''AutoCorrection''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:48&lt;br /&gt;
|| '''AutoCorrect'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
|| जैसे ही हम टाइप करते हैं, '''AutoCorrect''' फीचर्स स्वत: ही टेक्स्ट को सही कर देता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| सुधार उन ऑप्शन्स के अनुसार किए जाते हैं जिन्हें हम '''Options''' टैब में चुनते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:02&lt;br /&gt;
|| यहाँ कई '''AutoCorrect'''  ऑप्शन हैं जैसे-&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| '''Delete spaces and tabs at beginning and end of paragraph '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:12&lt;br /&gt;
|| '''Ignore double spaces'''&lt;br /&gt;
|- &amp;quot;&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
|| '''X''' आइकन पर क्लिक करके '''Autocorrect''' डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:20&lt;br /&gt;
|| एक उदाहरण के माध्यम से देखते हैं कि ये कैसे कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:24&lt;br /&gt;
||हमारी '''Resume''' फाइल में, कर्सर को '''Hobbies ''' शब्द के नीचे ले जाएँ और दो बार एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:31&lt;br /&gt;
||अब शब्दों के बीच सिंगल, डबल और ट्रिपल स्पेस दे कर '''This is the Spoken Tutorial Project'''  टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| '''Tools menu'''  पर जाएँ और '''Auto Correct''' चुनें।&lt;br /&gt;
सब-मेन्यू से ''AutoCorrection''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| '''Options''' टैब में  '''Ignore double spaces''' को चैक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
||और नीचे दायें कोने पर '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:58&lt;br /&gt;
|| नईं लाइन में, शब्दों के बीच डबल और ट्रिपल स्पेस दे कर '''This is the Spoken Tutorial Project '''  टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
||मैं '''This is the''' टाइप करूँगी और दो बार स्पेसबार दबाऊँगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:11&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि, '''Writer'''  हमें डबल या अधिक स्पेस जोड़ने की अनुमति नहीं देता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:17&lt;br /&gt;
||वाक्य पूरा टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:20&lt;br /&gt;
||लंबे टेक्स्ट को संक्षिप्त नाम से बदलने के लिए '''AutoCorrect'''  फीचर का भी उपयोग किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:27&lt;br /&gt;
||यह लंबे शब्दों के शॉर्टकट बनाकर टाइपिंग कार्य को आसान करता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| हमने अपने डॉक्यूमेंट में कुछ शब्दों का बार-बार इस्तेमाल किया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
|| शॉर्टकट से हम इन शब्दों को बार-बार टाइप करने से बच सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| कर्सर को '''tutorial''' शब्द के आगे रखें और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:47&lt;br /&gt;
|| अब डॉक्यूमेंट में दो बार '''This is the Spoken Tutorial Project ''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:55&lt;br /&gt;
|| बार-बार टाइपिंग से बचने के लिए, हम एक '''abbreviation''' बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:00&lt;br /&gt;
||यह सीधे आवश्यक टेक्स्ट में परिवर्तित हो जाएगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
|| अब मैं प्रदर्शित करूँगी कि '''abbreviation stp'''  '''Spoken Tutorial Project ''' में कैसे परिवर्तित होता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:13&lt;br /&gt;
|| '''Tools menu'''  पर जाएं और '''Auto Correct''' चुनें।&lt;br /&gt;
सब-मेन्यू से '''AutoCorrection''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:22&lt;br /&gt;
||'''AutoCorrect''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। '''Replace'''  टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:27&lt;br /&gt;
|| '''Replacement and exceptions for language ''' में, ड्रॉप-डाउन सूची से '''English India ''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:34&lt;br /&gt;
|| '''Replace'''  फिल्ड में '''stp''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:38&lt;br /&gt;
|| '''With''' फिल्ड में, '''Spoken Tutorial Project''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
|| फिर दाईं ओर '''New''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:47&lt;br /&gt;
|| हम देखते हैं कि प्रविष्टि रिप्लेसमेंट टेबल में बनाई गई है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| नीचे दाईं ओर '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:56&lt;br /&gt;
|| अब, नईं लाइन में “'''This is the stp” ''' टाइप करें और '''Spacebar''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:03&lt;br /&gt;
||तुरंत ही '''stp abbreviation'''   '''Spoken Tutorial Project''' शब्द में परिवर्तित हो जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| यह फीचर तब बहुत मददगार होता है जब डॉक्यूमेंट में एक ही टेक्स्ट को कई बार दोहराया जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:17&lt;br /&gt;
|| परिवर्तनों को सेव करें और फ़ाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:20&lt;br /&gt;
|| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
संक्षेप में-&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:26&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
'''Find ''' और ''' Replace ''',  '''Spell check ''' और '''Auto Correct ''' फीचर्स का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:36&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में-&lt;br /&gt;
निम्नलिखित टेक्स्ट को नए '''Writer document''' में लिखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:43&lt;br /&gt;
|| अब '''file''' शब्द के साथ अपने '''document''' शब्द को  '''find''' और '''replace''' करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:49&lt;br /&gt;
|| '''text''' शब्द को '''t x t''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 13:54&lt;br /&gt;
||'''text''' की वर्तनी को सही करने के लिए '''Spell Check''' फीचर्स का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:00&lt;br /&gt;
|| अपनी डिफ़ॉल्ट भाषा के रूप में “'''English(India)'''”  का उपयोग करें&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:04&lt;br /&gt;
|| ''' “TLW'''” के रूप में टेक्स्ट “'''This is LibreOffice Writer” ''' के लिए एक '''abbreviation''' बनाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:12&lt;br /&gt;
|| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:19&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:27&lt;br /&gt;
|| अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:31&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 14:37&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का योगदान मूलरूप से 2011 में DesiCrew Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Creating-Dataset-Using-Google-Earth-Pro/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Creating-Dataset-Using-Google-Earth-Pro/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Creating-Dataset-Using-Google-Earth-Pro/Hindi"/>
				<updated>2021-03-22T04:52:37Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{|border=1 |- || '''Time''' || '''Narration'''  |- || 00:01 || '''Creating Dataset using Google Earth Pro''' पर इस ट्यूटोरियल में आपक...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Creating Dataset using Google Earth Pro''' पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:10&lt;br /&gt;
|| '''Google Earth Pro''' को डाउनलोड़ और संस्थापित करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
||डेटासेट को नेविगेट करने और बनाने के लिए '''Google Earth Pro''' का उपयोग करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:19&lt;br /&gt;
||''Google Earth Pro''' का उपयोग करके  '''Kml'''  फॉर्मेट मेें '''point''' और '''polygon''' फाइल्स बनाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''Kml'''  फाइल्स खोलना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
||  'इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ, ''Ubuntu Linux ''' OS वर्जन 16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
|| '''QGIS ''' वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:42&lt;br /&gt;
|| '''Google-Earth Pro ''' वर्जन 7.3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
|| '''Mozilla Firefox ''' ब्राउजर वर्जन 54.0 और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| कार्यरत इंटरनेट कन्नेक्शन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए आपको  '''QGIS''' इंटरफेस से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:01&lt;br /&gt;
||पूर्वपेक्षित '''QGIS'''  ट्यूटोरियल के लिए कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:07&lt;br /&gt;
|| '''Google Earth''' कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो पृथ्वी की 3D  प्रस्तुति रेंडर करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
||प्रोग्राम सुप्रिमपोज़िंग, सैटेलाइट इमेज, एरियल फ़ोटोग्राफ़ी और '' '''GIS data''' द्वारा पृथ्वी का मानचित्र बनाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| प्रोग्राम उपयोगकर्ताओं को विभिन्न दृष्टिकोणों से शहरों और परिदृश्यों को देखने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||  '''Google Earth Pro''' को डाउनलोड और संस्थापित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
||यदि प्रोग्राम आपके सिस्टम पर पहले से संस्थापित है, तो आप इस चरण को छोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
||  '''Google Search''' पेज खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
||'''search bar'''  में टाइप करें“ '''Download Google Earth Pro'''”  और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
||परिणामों के साथ एक पेज खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
||''Earth Versions-Google Earth''' परिणाम पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| '''Google Earth''' डाउनलोड़ करने के लिए पेज 3 ऑप्शन्स के साथ खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| स्क्रीन के् नीचले बाएं भाग पर '''Download Earth Pro on desktop '''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
|| '''Download Google Earth Pro (Linux)''', प्राइवेसी पोलिसी और टर्म पेज खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
||यहां दी गई सभी जानकारी पढ़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
||आपके द्वारा डाउनलोड किया जाने वाला '''Google Earth Pro'''  का वर्जन यहाँ प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
||उपयुक्त रेडियो बटन पर क्लिक करके अपने डाउनलोड पैकेज का चयन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
||मैं '''64 bit dot deb''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
|| '''Accept &amp;amp; Download'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, '''Save file''' ऑप्शन चुनें और '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
||  फाइल '''Downloads''' फोल्डर में डाउनलोड होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| संस्थापन के लिए '''terminal''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
||डाइरेक्टरी को '''Downloads''' में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
||स्क्रीन पर दिखाए गए अनुसार '''command'''  टाइप करें और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:12&lt;br /&gt;
|| मांगने पर अपना '''system password''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:18&lt;br /&gt;
|| कुछ सेकंड के बाद प्रोग्राम संस्थापन पूरा हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
|| ''terminal''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
||  '''Dashboard'''  खोलें और '''search box''' में '''Google Earth Pro''' टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
||'''Google Earth Pro ''' आइकन पर क्लिक करें। यह '''Google Earth Pro''' इंटरफेस खोलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
|| '''Windows''' और '''Mac''' में  '''Google Earth Pro'' को संस्थापित करने के चरण ''Additional material''' में दिए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
||'''Start-up Tips''' पेज पढें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| विंडो को बंद करने के लिए '''Close ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:56&lt;br /&gt;
|| अब हम '''Google Earth''' को उपयोग करके  '''data set''' बनायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
||बाएं पैनल में, '''Places''' टैब के नीचे  '''Temporary Places ''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
|| '''Add''' चुनें और फिर सब-मेन्यू से '''Folder''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
|| '''Google Earth - New Folder''' डायलॉग बॉ़क्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||04:17&lt;br /&gt;
||'''Name''' फिल्ड में टाइप करें '''Places in Maharashtra.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:22&lt;br /&gt;
|| निम्न दोनों चेक बॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||'''Allow this folder to be expanded''' और '''Show contents as options.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
|| निचले दाएं कोने में '''OK ''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| '''Places in Maharashtra''' फोल्डर'''Places''' पैनल में जुड़  गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
||  अब हम इस फोल्डर में '''point data set''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:45&lt;br /&gt;
||लोकेशन पर जाने के लिए हम '''Google Earth'''  का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 04:50&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल में '''search box''' में, टाइप करें '''Mumbai'''.  '''Search''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai''' क्षेत्र पर जाने के लिए '''Google Earth'''  मानचित्र को जूम करेगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai''' की लोकेशन दिखाई देती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| टूलबार पर पीले रंग के पिन के रूप में दर्शाए '''Add placemark tool ''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| '''Google-Earth New Placemark''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:22&lt;br /&gt;
|| '''Name''' फिल्ड में, टाइप करें '''Mumbai'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| ''Name''' फिल्ड के आगे '''Pin''' आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:31&lt;br /&gt;
|| चुनने के लिए ऑप्शन के साथ आइकन बॉक्स खुलता है। मैं लाल पिन आइकन चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
|| आइकन डायलॉग बॉक्स में निचले दाएं कोने में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:46&lt;br /&gt;
|| '' New placemark''' डायलॉग बॉक्स में '''OK '''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि नया '''placemark'''  मानचित्र में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai''' लोकेशन '''Places''' पैनल में जुड़ गई है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
|| '''search panel''' में सर्च परिणाम साफ करें,  '''search box''' में '''Pune''' टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:09&lt;br /&gt;
||सर्च ऑप्शन से '''Pune Maharashtra''' चुनें। '''Search''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| '''Pune''' शहर पर जाने के लिए '''Google Earth'''  मानचित्र को जूम करेगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| '''Pune'''  की लोकेशन मानचित्र पर दिखाई देती है। हम  '''Pune'''  के लिए '''Placemark'''  जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
||  टूलबार में '''Add placemark''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
||उन्हीं चरणों का अनुसरण करें, जो हमने '''placemark Mumbai'''  को जोड़ने के लिए किए थे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| सभी चरणों को पूर्ण करने के बाद, ध्यान दें कि '''Pune''' के लिए '''placemark'''  जुड़ गया है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
|| समान पद्धति का अनुसरण करें और '''Satara, Nashik, Amravati, Chandrapur, Jalna, Latur,''' और '''Dhule''' शहरों को मार्क करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| हमने '''Maharashtra''' में कुछ लोकेशनों के लिए एक लोकेशन मानचित्र बनाया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||अब हम इन लोकेशनों के लिए '''boundary layer'''  बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:16&lt;br /&gt;
|| '''Places in Maharashtra ''' फोल्डर आइकन पर राइट-क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
|| ''' Add ''' ऑप्शन पर क्लिक करें। सब-मेन्यू से'''Folder''' चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
|| '''Google Earth New Folder''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:33&lt;br /&gt;
|| '''Name''' फिल्ड में, टाइप करें '''Boundary'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
|| स्क्रीन के निचले दाएं कोने पर '''Ok'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
|| '''Boundary''' फोल्डर '''Places''' पैनल में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:48&lt;br /&gt;
|| जूम आउट करने के लिए स्लाइडर को दाईं ओर खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
||'''Maharashtra''' बाउंड्री दिखने तक स्लाइडर को खींचें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:59&lt;br /&gt;
|| टूलबार में '''Add polygon ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| '''Name''' फिल्ड में, टाइप करें '''Boundary'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:08&lt;br /&gt;
||  '''Maharashtra''' की बाउंड्री पर क्लिक करना शुरू करें और साधारणतया  ' '''Maharashtra''' बाउंड्री बनाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
||  पूर्ण होने पर बॉक्स में '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| '''Boundary polygon layer'''  , '''Places''' पैनल में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
||  '''Places in Maharashtra''' फोल्डर पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| सबमेन्यू में '''Save Place as...'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||08:51&lt;br /&gt;
|| '''Save file''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||  फाइल को '''Places in Maharashtra''' नाम दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
|| फाइल को सेव करने के लिए उपयुक्त लोकेशन चुनें। मैं '''Desktop''' चुनूंगी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
|| आप इस फ़ाइल को दो भिन्न फ़ाइल फॉर्मेट में सेव कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
|| “'''Files of type'''” ड्राप-डाउन में, आप '''Kml''' और '''Kmz''' ऑप्शन देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
||'''Kmz''' , '''Kml''' फाइल का कम्प्रेस्ड वर्जन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
||'''Kmz ''' फाइल फॉर्मेट, अक्सर बड़ी फाइल को सेव करने के लिए उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
||आप यहां उल्लिखित किसी भी ऑप्शन को चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
||मैं फाइल को सेव करने के लिए '''Kml''' का उपयोग करूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
||'''Files of type ''' फिल्ड में '''Kml format''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स के निचले-दाएं कोने पर '''Save ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
|| इसीतरह  '''Boundary file'''  को भी '''Kml''' फॉर्मेट में सेव करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
||  दो फाइल्स '''Places in Maharashtra.kml''' और '''Boundary.kml''' , '''Desktop''' पर सेव हो गई हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| अब हम '''Google Earth Pro''' में बनी इन दो फाइल्स को  '''QGIS''' में खोेलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
||  बाएं मेन्यू से '''Add Vector Layer''' टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
||'''Add Vector Layer'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:26&lt;br /&gt;
|| '''Source''' फिल्ड में,  '''Browse ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:31&lt;br /&gt;
|| '''Desktop'''  फोल्ड पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
|| '''Places in Maharashtra.kml''' और '''Boundary.kml''' दोनों फाइल्स को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
||  '''Open ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:45&lt;br /&gt;
|| '''Add vector layer ''' डायलॉग बॉक्स में '''Open ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
||'''Select vector Layers to add ''' डायलॉग बॉक्स में ''Select All''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
 '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
|| इंपोर्ट की गई दोनों फाइल्स '''QGIS''' कैनवास में '''layers''' के रूप में जुड़ गई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' का उपयोग करके इन '''layers''' का आगे के विश्लेषण के लिए उपयोग किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में हमने सीखाः '''Google Earth Pro''' डाउनलोड़ और संस्थापित करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:23&lt;br /&gt;
|| डेटासेट को नेविगेट करने और बनाने  के लिए '''Google Earth Pro'''  का उपयोग करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:29&lt;br /&gt;
|| '''Google Earth Pro''' का उपयोग करके '''Kml''' फॉर्मेट मेें '''point''' और '''polygon''' बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
||  '''QGIS''' में '''Kml''' फाइल्स खोलना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:40&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में, &lt;br /&gt;
भारत में राज्यों की राजधानियों का एक '''data set'''  बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:46&lt;br /&gt;
||  '''point'''और '''boundary files'''  को '''Kml''' फॉर्मेट में सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संकेत: सभी राज्यों की राजधानियों पर जाएं और भारत की बाउंड्री बनाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
|| आपका पूर्ण नियत कार्य, इस तरह दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:03&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है, कृपया इसे डाउनलोड़ करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:11&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:21&lt;br /&gt;
||कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:31&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Vegetarian-recipes-for-7-month-old-babies/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Vegetarian-recipes-for-7-month-old-babies/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Vegetarian-recipes-for-7-month-old-babies/Hindi"/>
				<updated>2021-03-18T07:17:47Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| सात महीने के शिशुओं के लिए शाकाहारी खाना बनाने के तरीकों के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे- सात महीने के शिशुओं के लिए पूरक आहार क्यों जरूरी है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| शाकाहारी खाना, जैसे कटहल के बीजों का दलिया बनाने का तरीका&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
| कुलीथ और चौलाई के पत्तों का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:26&lt;br /&gt;
|  राजगिरा और लोबिया का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
|  मेथी के पत्तों का दलिया और कोदरा के साथ चने का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:35&lt;br /&gt;
|  शिशु पहले साल में जब घुटने और पैरों पर चलना शुरू करता है तो काफी बढ़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
|  इसलिए उसकी ऊर्जा की जरूरत भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
|  छह से आठ महीने के शिशु को पूरक आहार में 200 कैलरी की जरूरत होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
| इसीलिए खाने की मात्रा नियमित रूप से बढ़ानी चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
| याद रखें सात महीने के शिशु को स्तनपान कराना जरूरी है और उसके साथ पूरक आहार देना भी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
| इसीलिए शिशु के सात महीने होते ही दिन में तीन बार आधा कप पूरक आहार दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
| आधा कप पूरक आहार तकरीबन 125 मिलीलीटर या फिर आठ बड़े चम्मच होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| अब तक शिशु तरह तरह के खाने आराम से खा चुका होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
|  क्योंकि पूरक आहार उसे छह महीने से ही दिया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
|  अब उसे दो अलग अलग खाने देना शुरू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| पर याद से घोटा हुआ या पिसा हुआ ही खाना दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| और खाना काफी गाढ़ा होना चाहिए पतला नहीं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| शिशु को मौसम और अपने इलाके में मिलने वाला खाना ही दें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:59&lt;br /&gt;
| उसके खाने में पोषक पाउडर मिलाएं जैसे कि दाने और बीजों का पाउडर अंकुरित फलियों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| कढ़ी पत्तों का पाउडर और सहजन के पत्तों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
| ये सब इसी श्रृंखला के एक अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
| पर जब तक शिशु एक साल का ना हो तब तक उसके खाने में नमक न डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
|  और जब तक वो दो साल का ना हो तब तक चीनी या गुड़ भी ना डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:27&lt;br /&gt;
| अब हम देखेंगे पूरक आहार के लिए कुछ शाकाहारी खाना बनाने के तरीके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| सबसे पहला है कटहल के बीजों का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
| इसे बनाने के लिए चाहिए कटहल के 15 से 20 बीज। एक छोटा केला या तो बड़े केले का आधा भाग।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
|  नारियल का दूध या मां का दूध&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
| और एक चम्मच दाने और बीजों का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53&lt;br /&gt;
| दलिया बनाने के लिए बीजों को अच्छे से धोएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
|  फिर एक बर्तन में डालकर उसके ऊपर तक पानी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| और प्रेशर कुकर में 5 से 6 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
| बाद में बीज को प्लेट पर रखकर ठंडा होने दें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
| फिर उनका बाहरी छिलका निकाल दें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| और मिक्सर या सिलबट्टे पर डालकर घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
|  अलग से एक बर्तन में केले को चम्मच से घोट ले।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:32&lt;br /&gt;
| कटहल के बीजों और केले को मिलाकर फिर से घोटें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| उसमें 2 बड़े चम्मच नारियल का दूध या मां का दूध डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:42&lt;br /&gt;
| और दाने और बीजों का पाउडर भी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| फिर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:52&lt;br /&gt;
| कटहल के बीजों का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
| ये दलिया इन सभी से भरपूर है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटीन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
| ओमेगा थ्री फैटी एसिड &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| पोटैशियम और फास्फोरस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:06&lt;br /&gt;
| अगला सीखेंगे कुलीथ और चौलाई के पत्ते का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
|  इसके लिए चाहिए दो बड़े चम्मच कुलीथ का पाउडर &lt;br /&gt;
दो कप धुले हुए चौलाई के पत्ते&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| एक चौथाई कढ़ी पत्तों का पाउडर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आधा चम्मच घी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:24&lt;br /&gt;
| पहले कुलीथ को 7 से 8 घंटों के लिए पानी में भिगो लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:31&lt;br /&gt;
| फिर छलनी में डालकर अच्छे से धोएं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|  सारा पानी निकलने के बाद एक साफ सूती कपड़े में बांधकर अंकुरित होने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
| अंकुरित कुलीथ को धूप में एक या दो दिन सुखाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| बाद में धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक भूने और ठंडा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| फिर पीसकर पाउडर बना लें। इस पूरी तरीके को माल्टिंग कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| साथ साथ बर्तन में घी गरम करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:10&lt;br /&gt;
| और उसमें चौलाई के पत्ते डाल दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
| चार से पांच मिनट तक पकाएं, फिर ठंडा होने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
|  और मिक्सर या सिलबट्टे पर डालकर घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| अब दो बड़े चम्मच पानी कुलीथ के पाउडर में डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
|  अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न बनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| फिर इसको छह से सात मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
| अब घोटें हुए चौलाई के पत्ते इसमें डाल कर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:43&lt;br /&gt;
| धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक फिर से पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
| और कढ़ी पत्ते डालकर मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| फिर आंच से उतार लें। कुलीथ और चौलाई के पत्तों का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
| इस दलिया में ये सभी हैं - प्रोटीन &lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड &lt;br /&gt;
कैल्शियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:06&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस आयरन और पोटैशियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:10&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि आप अपने इलाके में मिलने वाली फलियां और हरी पत्तेदार सब्जियों से ये दलिया बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20&lt;br /&gt;
| हमेशा फलियों के साथ साथ ज्वार,नाचनी, कोदरा और अनाज मिलाकर ही पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
|  इन सभी को इकट्ठे लेने से शिशु को पूरा प्रोटीन मिलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
| आप या तो शिशु के खाने में माल्टिंग किया हुआ अनाज का पाउडर या फिर ज्वार या नाचनी का पाउडर मिला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
|  आप दलिये में पका कर घुटा हुआ अंकुरित ज्वार या नाचनी भी मिला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
| तीसरा हम सीखेंगे राजगिरा और लोबिया का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| इसके लिए चाहिए दो बड़े चम्मच माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:59&lt;br /&gt;
|  दो बड़े चम्मच घुटा हुआ अंकुरित लोबिया और एक चौथाई सहजन के पत्तों का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:06&lt;br /&gt;
| माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर बनाने का तरीका इसी ट्यूटोरियल के पहले भाग में बताया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:17&lt;br /&gt;
| फिर अंकुरित लोबिया को स्टील के बर्तन में डालकर प्रेशर कुकर में चार से पांच सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| अब इस लोबिया को घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| फिर दो बड़े चम्मच माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर लें और जरूरत के जितना पानी मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
|  अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न हों।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| अब इसको धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक पकाएं और घोंटा हुआ लोबिया भी मिला लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| अच्छे से मिला कर चार से पांच मिनट पकाएं, फिर आंच से उतार लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:58&lt;br /&gt;
| आखिर में एक चौथाई चम्मच सहजन के पत्तों का पाउडर इस दलिया में मिलाएं। राजगिरा लोबिया का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
| इस दलिया में ये सब भरपूर हैं। &lt;br /&gt;
प्रोटीन &lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस &lt;br /&gt;
मैगनीशियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:20&lt;br /&gt;
|  आयरन पोटैशियम और कैल्शियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:24&lt;br /&gt;
| आप इस दलिया को दो अलग अलग अंकुरित की हुई चीजों से भी बना सकते हैं जैसे नाचनी, जवार &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:32&lt;br /&gt;
| मटकी, चना वगैरह।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:37&lt;br /&gt;
| चौथा हम सीखेंगे मेथी के पत्ते और फलियों का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
|  इसे बनाने के लिए चाहिए। 2 कप धुले और डंडी काटे हुए मेथी के पत्ते एक चम्मच घी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:49&lt;br /&gt;
| 2 बड़े चम्मच पिसा हुआ नारियल&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| और 2 बड़े चम्मच अंकुरित फलियों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने का तरीका इसी श्रृंखला के अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया है। अब आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:04&lt;br /&gt;
| बर्तन में एक चम्मच घी गरम करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:09&lt;br /&gt;
| और मेथी के पत्ते डालकर दो से तीन मिनट पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:13&lt;br /&gt;
| फिर किसी प्लेट को डाल कर ठंडा कर लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:18&lt;br /&gt;
| मिक्सी या सिलबट्टे पर डालकर फिर घोंट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
| और धीमी आंच पर 1 मिनट तक पकाएं। साथ में 2 बड़े चम्मच अंकुरित फलियों का पाउडर भी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न पड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| जरूरत पड़े तो उबालकर ठंडा किया हुआ पानी डाल लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
|  फिर इस मिश्रण में 2 बड़े चम्मच पिसा हुआ नारियल डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:44&lt;br /&gt;
| याद रखें नारियल को पीसने के लिए ताजा घिसा हुआ नारियल ही लें और फिर पीसें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:51&lt;br /&gt;
|  मिश्रण को 7 से 8 मिनट धीमी आंच पर लगातार हिलाते हुए पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:58&lt;br /&gt;
| मेथी के पत्ते और फलियों का दलिया तैयार हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:03&lt;br /&gt;
| इस दलिये में ये सब भरपूर है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटीन&lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:10&lt;br /&gt;
| फोलेट&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आयरन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
| कैल्शियम &lt;br /&gt;
फॉस्फोरस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:14&lt;br /&gt;
| ज़िंक और पोटैशियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| इसे बनाने के लिए सिर्फ अनाज या फिर अनाज के साथ ज्वार या नाचनी जैसा कुछ मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| पांचवा सीखेंगे - घुटे हुए कोदरा और चना बनाने का तरीका।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| हमें चाहिए : दो बड़े चम्मच कोदरा &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:35&lt;br /&gt;
| दो बड़े चम्मच अंकुरित किया हुआ चना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:38&lt;br /&gt;
| 3 बड़े चम्मच नारियल का दूध और एक चम्मच घी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:43&lt;br /&gt;
| एक स्टील के बर्तन में 2 बड़े चम्मच कोदरा लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:48&lt;br /&gt;
| फिर अच्छे से धोएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
दोबारा उसमें 3 से 4 बड़े चम्मच पानी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:55&lt;br /&gt;
| फिर प्रेशर कूकर में 3 से 4 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:58&lt;br /&gt;
| और चने को भी अलग से 4 से 5 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:04&lt;br /&gt;
| फिर उसे घोंट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:07&lt;br /&gt;
|  स्टील के बर्तन में एक चम्मच घी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:11&lt;br /&gt;
| पका हुआ कोदरा, घोंटा हुआ चना और नारियल का दूध डालकर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:18&lt;br /&gt;
| और 4 से 5 मिनट पकाएं। कोदरा के साथ घुटा हुआ चना तैयार है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:27&lt;br /&gt;
| इसमें ये सभी भरपूर हैं : प्रोटीन, आयरन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:30&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मैग्नीशियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:33&lt;br /&gt;
|  कैल्शियम और पोटैशियम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:36&lt;br /&gt;
| सात महीने के शिशु के लिए शाकाहारी खाना बनाने का यह स्पोकन ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है। आईआईटी बॉम्बे से मैं बेला टोनी आपसे विदा लेती हूं हम से जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Vegetarian-recipes-for-7-month-old-babies/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Vegetarian-recipes-for-7-month-old-babies/Hindi</title>
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				<updated>2021-03-18T07:16:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| सात महीने के शिशुओं के लिए शाकाहारी खाना बनाने के तरीकों के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे- सात महीने के शिशुओं के लिए पूरक आहार क्यों जरूरी है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| शाकाहारी खाना, जैसे कटहल के बीजों का दलिया बनाने का तरीका&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
| कुलीथ और चौलाई के पत्तों का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:26&lt;br /&gt;
|  राजगिरा और लोबिया का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
|  मेथी के पत्तों का दलिया और कोदरा के साथ चने का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:35&lt;br /&gt;
|  शिशु पहले साल में जब घुटने और पैरों पर चलना शुरू करता है तो काफी बढ़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
|  इसलिए उसकी ऊर्जा की जरूरत भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
|  छह से आठ महीने के शिशु को पूरक आहार में 200 कैलरी की जरूरत होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
| इसीलिए खाने की मात्रा नियमित रूप से बढ़ानी चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
| याद रखें सात महीने के शिशु को स्तनपान कराना जरूरी है और उसके साथ पूरक आहार देना भी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
| इसीलिए शिशु के सात महीने होते ही दिन में तीन बार आधा कप पूरक आहार दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
| आधा कप पूरक आहार तकरीबन 125 मिलीलीटर या फिर आठ बड़े चम्मच होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| अब तक शिशु तरह तरह के खाने आराम से खा चुका होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
|  क्योंकि पूरक आहार उसे छह महीने से ही दिया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
|  अब उसे दो अलग अलग खाने देना शुरू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| पर याद से घोटा हुआ या पिसा हुआ ही खाना दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| और खाना काफी गाढ़ा होना चाहिए पतला नहीं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| शिशु को मौसम और अपने इलाके में मिलने वाला खाना ही दें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:59&lt;br /&gt;
| उसके खाने में पोषक पाउडर मिलाएं जैसे कि दाने और बीजों का पाउडर अंकुरित फलियों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| कढ़ी पत्तों का पाउडर और सहजन के पत्तों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
| ये सब इसी श्रृंखला के एक अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
| पर जब तक शिशु एक साल का ना हो तब तक उसके खाने में नमक न डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
|  और जब तक वो दो साल का ना हो तब तक चीनी या गुड़ भी ना डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:27&lt;br /&gt;
| अब हम देखेंगे पूरक आहार के लिए कुछ शाकाहारी खाना बनाने के तरीके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| सबसे पहला है कटहल के बीजों का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
| इसे बनाने के लिए चाहिए कटहल के 15 से 20 बीज। एक छोटा केला या तो बड़े केले का आधा भाग।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
|  नारियल का दूध या मां का दूध&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
| और एक चम्मच दाने और बीजों का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53&lt;br /&gt;
| दलिया बनाने के लिए बीजों को अच्छे से धोएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
|  फिर एक बर्तन में डालकर उसके ऊपर तक पानी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| और प्रेशर कुकर में 5 से 6 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
| बाद में बीज को प्लेट पर रखकर ठंडा होने दें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
| फिर उनका बाहरी छिलका निकाल दें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| और मिक्सर या सिलबट्टे पर डालकर घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
|  अलग से एक बर्तन में केले को चम्मच से घोट ले।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:32&lt;br /&gt;
| कटहल के बीजों और केले को मिलाकर फिर से घोटें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| उसमें 2 बड़े चम्मच नारियल का दूध या मां का दूध डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:42&lt;br /&gt;
| और दाने और बीजों का पाउडर भी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| फिर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:52&lt;br /&gt;
| कटहल के बीजों का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
| ये दलिया इन सभी से भरपूर है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटीन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
|  ''’ओमेगा थ्री फैटी एसिड '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| पोटैशियम और फास्फोरस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:06&lt;br /&gt;
| अगला सीखेंगे कुलीथ और चौलाई के पत्ते का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
|  इसके लिए चाहिए दो बड़े चम्मच कुलीथ का पाउडर &lt;br /&gt;
दो कप धुले हुए चौलाई के पत्ते&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| एक चौथाई कढ़ी पत्तों का पाउडर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आधा चम्मच घी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:24&lt;br /&gt;
| पहले कुलीथ को 7 से 8 घंटों के लिए पानी में भिगो लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:31&lt;br /&gt;
| फिर छलनी में डालकर अच्छे से धोएं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|  सारा पानी निकलने के बाद एक साफ सूती कपड़े में बांधकर अंकुरित होने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
| अंकुरित कुलीथ को धूप में एक या दो दिन सुखाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| बाद में धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक भूने और ठंडा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| फिर पीसकर पाउडर बना लें। इस पूरी तरीके को माल्टिंग कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| साथ साथ बर्तन में घी गरम करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:10&lt;br /&gt;
| और उसमें चौलाई के पत्ते डाल दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
| चार से पांच मिनट तक पकाएं, फिर ठंडा होने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
|  और मिक्सर या सिलबट्टे पर डालकर घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| अब दो बड़े चम्मच पानी कुलीथ के पाउडर में डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
|  अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न बनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| फिर इसको छह से सात मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
| अब घोटें हुए चौलाई के पत्ते इसमें डाल कर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:43&lt;br /&gt;
| धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक फिर से पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
| और कढ़ी पत्ते डालकर मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| फिर आंच से उतार लें। कुलीथ और चौलाई के पत्तों का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
| इस दलिया में ये सभी हैं - प्रोटीन &lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड &lt;br /&gt;
कैल्शियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:06&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस आयरन और पोटैशियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:10&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि आप अपने इलाके में मिलने वाली फलियां और हरी पत्तेदार सब्जियों से ये दलिया बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20&lt;br /&gt;
| हमेशा फलियों के साथ साथ ज्वार,नाचनी, कोदरा और अनाज मिलाकर ही पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
|  इन सभी को इकट्ठे लेने से शिशु को पूरा प्रोटीन मिलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
| आप या तो शिशु के खाने में माल्टिंग किया हुआ अनाज का पाउडर या फिर ज्वार या नाचनी का पाउडर मिला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
|  आप दलिये में पका कर घुटा हुआ अंकुरित ज्वार या नाचनी भी मिला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
| तीसरा हम सीखेंगे राजगिरा और लोबिया का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| इसके लिए चाहिए दो बड़े चम्मच माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:59&lt;br /&gt;
|  दो बड़े चम्मच घुटा हुआ अंकुरित लोबिया और एक चौथाई सहजन के पत्तों का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:06&lt;br /&gt;
| माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर बनाने का तरीका इसी ट्यूटोरियल के पहले भाग में बताया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:17&lt;br /&gt;
| फिर अंकुरित लोबिया को स्टील के बर्तन में डालकर प्रेशर कुकर में चार से पांच सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| अब इस लोबिया को घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| फिर दो बड़े चम्मच माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर लें और जरूरत के जितना पानी मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
|  अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न हों।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| अब इसको धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक पकाएं और घोंटा हुआ लोबिया भी मिला लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| अच्छे से मिला कर चार से पांच मिनट पकाएं, फिर आंच से उतार लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:58&lt;br /&gt;
| आखिर में एक चौथाई चम्मच सहजन के पत्तों का पाउडर इस दलिया में मिलाएं। राजगिरा लोबिया का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
| इस दलिया में ये सब भरपूर हैं। &lt;br /&gt;
प्रोटीन &lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस &lt;br /&gt;
मैगनीशियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:20&lt;br /&gt;
|  आयरन पोटैशियम और कैल्शियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:24&lt;br /&gt;
| आप इस दलिया को दो अलग अलग अंकुरित की हुई चीजों से भी बना सकते हैं जैसे नाचनी, जवार &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:32&lt;br /&gt;
| मटकी, चना वगैरह।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:37&lt;br /&gt;
| चौथा हम सीखेंगे मेथी के पत्ते और फलियों का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
|  इसे बनाने के लिए चाहिए। 2 कप धुले और डंडी काटे हुए मेथी के पत्ते एक चम्मच घी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:49&lt;br /&gt;
| 2 बड़े चम्मच पिसा हुआ नारियल&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| और 2 बड़े चम्मच अंकुरित फलियों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने का तरीका इसी श्रृंखला के अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया है। अब आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:04&lt;br /&gt;
| बर्तन में एक चम्मच घी गरम करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:09&lt;br /&gt;
| और मेथी के पत्ते डालकर दो से तीन मिनट पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:13&lt;br /&gt;
| फिर किसी प्लेट को डाल कर ठंडा कर लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:18&lt;br /&gt;
| मिक्सी या सिलबट्टे पर डालकर फिर घोंट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
| और धीमी आंच पर 1 मिनट तक पकाएं। साथ में 2 बड़े चम्मच अंकुरित फलियों का पाउडर भी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न पड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| जरूरत पड़े तो उबालकर ठंडा किया हुआ पानी डाल लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
|  फिर इस मिश्रण में 2 बड़े चम्मच पिसा हुआ नारियल डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:44&lt;br /&gt;
| याद रखें नारियल को पीसने के लिए ताजा घिसा हुआ नारियल ही लें और फिर पीसें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:51&lt;br /&gt;
|  मिश्रण को 7 से 8 मिनट धीमी आंच पर लगातार हिलाते हुए पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:58&lt;br /&gt;
| मेथी के पत्ते और फलियों का दलिया तैयार हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:03&lt;br /&gt;
| इस दलिये में ये सब भरपूर है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटीन&lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:10&lt;br /&gt;
| फोलेट&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आयरन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
| कैल्शियम &lt;br /&gt;
फॉस्फोरस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:14&lt;br /&gt;
| ज़िंक और पोटैशियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| इसे बनाने के लिए सिर्फ अनाज या फिर अनाज के साथ ज्वार या नाचनी जैसा कुछ मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| पांचवा सीखेंगे - घुटे हुए कोदरा और चना बनाने का तरीका।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| हमें चाहिए : दो बड़े चम्मच कोदरा &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:35&lt;br /&gt;
| दो बड़े चम्मच अंकुरित किया हुआ चना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:38&lt;br /&gt;
| 3 बड़े चम्मच नारियल का दूध और एक चम्मच घी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:43&lt;br /&gt;
| एक स्टील के बर्तन में 2 बड़े चम्मच कोदरा लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:48&lt;br /&gt;
| फिर अच्छे से धोएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
दोबारा उसमें 3 से 4 बड़े चम्मच पानी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:55&lt;br /&gt;
| फिर प्रेशर कूकर में 3 से 4 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:58&lt;br /&gt;
| और चने को भी अलग से 4 से 5 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:04&lt;br /&gt;
| फिर उसे घोंट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:07&lt;br /&gt;
|  स्टील के बर्तन में एक चम्मच घी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:11&lt;br /&gt;
| पका हुआ कोदरा, घोंटा हुआ चना और नारियल का दूध डालकर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:18&lt;br /&gt;
| और 4 से 5 मिनट पकाएं। कोदरा के साथ घुटा हुआ चना तैयार है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:27&lt;br /&gt;
| इसमें ये सभी भरपूर हैं : प्रोटीन, आयरन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:30&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मैग्नीशियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:33&lt;br /&gt;
|  कैल्शियम और पोटैशियम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:36&lt;br /&gt;
| सात महीने के शिशु के लिए शाकाहारी खाना बनाने का यह स्पोकन ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है। आईआईटी बॉम्बे से मैं बेला टोनी आपसे विदा लेती हूं हम से जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Vegetarian-recipes-for-7-month-old-babies/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Vegetarian-recipes-for-7-month-old-babies/Hindi</title>
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				<updated>2021-03-18T07:15:44Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| सात महीने के शिशुओं के लिए शाकाहारी खाना बनाने के तरीकों के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे- सात महीने के शिशुओं के लिए पूरक आहार क्यों जरूरी है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| शाकाहारी खाना, जैसे कटहल के बीजों का दलिया बनाने का तरीका&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
| कुलीथ और चौलाई के पत्तों का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:26&lt;br /&gt;
|  राजगिरा और लोबिया का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
|  मेथी के पत्तों का दलिया और कोदरा के साथ चने का दलिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:35&lt;br /&gt;
|  शिशु पहले साल में जब घुटने और पैरों पर चलना शुरू करता है तो काफी बढ़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
|  इसलिए उसकी ऊर्जा की जरूरत भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
|  छह से आठ महीने के शिशु को पूरक आहार में 200 कैलरी की जरूरत होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
| इसीलिए खाने की मात्रा नियमित रूप से बढ़ानी चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
| याद रखें सात महीने के शिशु को स्तनपान कराना जरूरी है और उसके साथ पूरक आहार देना भी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
| इसीलिए शिशु के सात महीने होते ही दिन में तीन बार आधा कप पूरक आहार दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
| आधा कप पूरक आहार तकरीबन 125 मिलीलीटर या फिर आठ बड़े चम्मच होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| अब तक शिशु तरह तरह के खाने आराम से खा चुका होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
|  क्योंकि पूरक आहार उसे छह महीने से ही दिया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
|  अब उसे दो अलग अलग खाने देना शुरू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| पर याद से घोटा हुआ या पिसा हुआ ही खाना दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| और खाना काफी गाढ़ा होना चाहिए पतला नहीं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| शिशु को मौसम और अपने इलाके में मिलने वाला खाना ही दें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:59&lt;br /&gt;
| उसके खाने में पोषक पाउडर मिलाएं जैसे कि दाने और बीजों का पाउडर अंकुरित फलियों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| कढ़ी पत्तों का पाउडर और सहजन के पत्तों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
| ये सब इसी श्रृंखला के एक अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
| पर जब तक शिशु एक साल का ना हो तब तक उसके खाने में नमक न डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
|  और जब तक वो दो साल का ना हो तब तक चीनी या गुड़ भी ना डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:27&lt;br /&gt;
| अब हम देखेंगे पूरक आहार के लिए कुछ शाकाहारी खाना बनाने के तरीके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| सबसे पहला है कटहल के बीजों का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
| इसे बनाने के लिए चाहिए कटहल के 15 से 20 बीज। एक छोटा केला या तो बड़े केले का आधा भाग।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
|  नारियल का दूध या मां का दूध&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
| और एक चम्मच दाने और बीजों का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53&lt;br /&gt;
| दलिया बनाने के लिए बीजों को अच्छे से धोएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
|  फिर एक बर्तन में डालकर उसके ऊपर तक पानी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| और प्रेशर कुकर में 5 से 6 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
| बाद में बीज को प्लेट पर रखकर ठंडा होने दें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
| फिर उनका बाहरी छिलका निकाल दें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| और मिक्सर या सिलबट्टे पर डालकर घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
|  अलग से एक बर्तन में केले को चम्मच से घोट ले।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:32&lt;br /&gt;
| कटहल के बीजों और केले को मिलाकर फिर से घोटें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| उसमें 2 बड़े चम्मच नारियल का दूध या मां का दूध डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:42&lt;br /&gt;
| और दाने और बीजों का पाउडर भी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| फिर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:52&lt;br /&gt;
| कटहल के बीजों का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
| ये दलिया इन सभी से भरपूर है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटीन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
|  ''’ओमेगा थ्री फैटी एसिड '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| पोटैशियम और फास्फोरस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:06&lt;br /&gt;
| अगला सीखेंगे कुलीथ और चौलाई के पत्ते का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
|  इसके लिए चाहिए दो बड़े चम्मच कुलीथ का पाउडर &lt;br /&gt;
दो कप धुले हुए चौलाई के पत्ते&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| एक चौथाई कढ़ी पत्तों का पाउडर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आधा चम्मच घी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:24&lt;br /&gt;
| पहले कुलीथ को 7 से 8 घंटों के लिए पानी में भिगो लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:31&lt;br /&gt;
| फिर छलनी में डालकर अच्छे से धोएं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|  सारा पानी निकलने के बाद एक साफ सूती कपड़े में बांधकर अंकुरित होने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
| अंकुरित कुलीथ को धूप में एक या दो दिन सुखाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| बाद में धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक भूने और ठंडा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| फिर पीसकर पाउडर बना लें। इस पूरी तरीके को माल्टिंग कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| साथ साथ बर्तन में घी गरम करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:10&lt;br /&gt;
| और उसमें चौलाई के पत्ते डाल दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
| चार से पांच मिनट तक पकाएं, फिर ठंडा होने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
|  और मिक्सर या सिलबट्टे पर डालकर घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| अब दो बड़े चम्मच पानी कुलीथ के पाउडर में डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
|  अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न बनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| फिर इसको छह से सात मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
| अब घोटें हुए चौलाई के पत्ते इसमें डाल कर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:43&lt;br /&gt;
| धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक फिर से पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
| और कढ़ी पत्ते डालकर मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| फिर आंच से उतार लें। कुलीथ और चौलाई के पत्तों का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
| इस दलिया में ये सभी हैं - प्रोटीन &lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड &lt;br /&gt;
कैल्शियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:06&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस आयरन और पोटैशियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:10&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि आप अपने इलाके में मिलने वाली फलियां और हरी पत्तेदार सब्जियों से ये दलिया बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20&lt;br /&gt;
| हमेशा फलियों के साथ साथ ज्वार,नाचनी, कोदरा और अनाज मिलाकर ही पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
|  इन सभी को इकट्ठे लेने से शिशु को पूरा प्रोटीन मिलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
| आप या तो शिशु के खाने में माल्टिंग किया हुआ अनाज का पाउडर या फिर ज्वार या नाचनी का पाउडर मिला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
|  आप दलिये में पका कर घुटा हुआ अंकुरित ज्वार या नाचनी भी मिला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
| तीसरा हम सीखेंगे राजगिरा और लोबिया का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| इसके लिए चाहिए दो बड़े चम्मच माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:59&lt;br /&gt;
|  दो बड़े चम्मच घुटा हुआ अंकुरित लोबिया और एक चौथाई सहजन के पत्तों का पाउडर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:06&lt;br /&gt;
| माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर बनाने का तरीका इसी ट्यूटोरियल के पहले भाग में बताया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:17&lt;br /&gt;
| फिर अंकुरित लोबिया को स्टील के बर्तन में डालकर प्रेशर कुकर में चार से पांच सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| अब इस लोबिया को घोट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| फिर दो बड़े चम्मच माल्टिंग किया हुआ राजगिरा का पाउडर लें और जरूरत के जितना पानी मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
|  अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न हों।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| अब इसको धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक पकाएं और घोंटा हुआ लोबिया भी मिला लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| अच्छे से मिला कर चार से पांच मिनट पकाएं, फिर आंच से उतार लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:58&lt;br /&gt;
| आखिर में एक चौथाई चम्मच सहजन के पत्तों का पाउडर इस दलिया में मिलाएं। राजगिरा लोबिया का दलिया तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
| इस दलिया में ये सब भरपूर हैं। &lt;br /&gt;
प्रोटीन &lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस &lt;br /&gt;
मैगनीशियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:20&lt;br /&gt;
|  आयरन पोटैशियम और कैल्शियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:24&lt;br /&gt;
| आप इस दलिया को दो अलग अलग अंकुरित की हुई चीजों से भी बना सकते हैं जैसे नाचनी, जवार &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:32&lt;br /&gt;
| मटकी, चना वगैरह।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:37&lt;br /&gt;
| चौथा हम सीखेंगे मेथी के पत्ते और फलियों का दलिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
|  इसे बनाने के लिए चाहिए। 2 कप धुले और डंडी काटे हुए मेथी के पत्ते एक चम्मच घी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:49&lt;br /&gt;
| 2 बड़े चम्मच पिसा हुआ नारियल&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| और 2 बड़े चम्मच अंकुरित फलियों का पाउडर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने का तरीका इसी श्रृंखला के अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया है। अब आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:04&lt;br /&gt;
| बर्तन में एक चम्मच घी गरम करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:09&lt;br /&gt;
| और मेथी के पत्ते डालकर दो से तीन मिनट पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:13&lt;br /&gt;
| फिर किसी प्लेट को डाल कर ठंडा कर लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:18&lt;br /&gt;
| मिक्सी या सिलबट्टे पर डालकर फिर घोंट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
| और धीमी आंच पर 1 मिनट तक पकाएं। साथ में 2 बड़े चम्मच अंकुरित फलियों का पाउडर भी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| अच्छे से मिलाएं ताकि गांठे न पड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| जरूरत पड़े तो उबालकर ठंडा किया हुआ पानी डाल लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
|  फिर इस मिश्रण में 2 बड़े चम्मच पिसा हुआ नारियल डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:44&lt;br /&gt;
| याद रखें नारियल को पीसने के लिए ताजा घिसा हुआ नारियल ही लें और फिर पीसें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:51&lt;br /&gt;
|  मिश्रण को 7 से 8 मिनट धीमी आंच पर लगातार हिलाते हुए पकाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:58&lt;br /&gt;
| मेथी के पत्ते और फलियों का दलिया तैयार हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:03&lt;br /&gt;
| इस दलिये में ये सब भरपूर है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटीन&lt;br /&gt;
ओमेगा थ्री फैटी एसिड&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:10&lt;br /&gt;
| फोलेट&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आयरन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
| कैल्शियम &lt;br /&gt;
फॉस्फोरस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:14&lt;br /&gt;
| ज़िंक और पोटैशियम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| इसे बनाने के लिए सिर्फ अनाज या फिर अनाज के साथ ज्वार या नाचनी जैसा कुछ मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| पांचवा सीखेंगे - घुटे हुए कोदरा और चना बनाने का तरीका।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| हमें चाहिए : दो बड़े चम्मच कोदरा &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:35&lt;br /&gt;
| दो बड़े चम्मच अंकुरित किया हुआ चना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:38&lt;br /&gt;
| 3 बड़े चम्मच नारियल का दूध और एक चम्मच घी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:43&lt;br /&gt;
| एक स्टील के बर्तन में 2 बड़े चम्मच कोदरा लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:48&lt;br /&gt;
| फिर अच्छे से धोएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
दोबारा उसमें 3 से 4 बड़े चम्मच पानी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:55&lt;br /&gt;
| फिर प्रेशर कूकर में 3 से 4 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:58&lt;br /&gt;
| और चने को भी अलग से 4 से 5 सीटी लगवाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:04&lt;br /&gt;
| फिर उसे घोंट लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:07&lt;br /&gt;
|  स्टील के बर्तन में एक चम्मच घी डालें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:11&lt;br /&gt;
| पका हुआ कोदरा, घोंटा हुआ चना और नारियल का दूध डालकर अच्छे से मिलाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:18&lt;br /&gt;
| और 4 से 5 मिनट पकाएं। कोदरा के साथ घुटा हुआ चना तैयार है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:27&lt;br /&gt;
| इसमें ये सभी भरपूर हैं : प्रोटीन, आयरन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:30&lt;br /&gt;
|  फॉस्फोरस &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मैग्नीशियम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:33&lt;br /&gt;
|  कैल्शियम और पोटैशियम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:36&lt;br /&gt;
| सात महीने के शिशु के लिए शाकाहारी खाना बनाने का यह स्पोकन ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है। आईआईटी बॉम्बे से मैं बेला टोनी आपसे विदा लेती हूं हम से जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Hindi"/>
				<updated>2021-03-18T07:05:33Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; &lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:00 &lt;br /&gt;
| पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों के बारे में बने स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:06 &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों में क्या फरक हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:12 &lt;br /&gt;
| चलिए शुरू करते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:14 &lt;br /&gt;
| खाने से हमे ऊर्जा और पोषक तत्व मिलते है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:17 &lt;br /&gt;
| पोषक तत्व शरीर के वृद्धि और रखरखाव के लिए जरुरी होते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:22 &lt;br /&gt;
| कुछ पोषक तत्व शरीर खुद नहीं बनाता&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:27 &lt;br /&gt;
|  ऐसे तत्वों को जरूरी पोषक तत्व कहते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:31 &lt;br /&gt;
| हमें खाने में से ४० पोषक तत्व लेने चहिऐ  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:36 &lt;br /&gt;
| पर जिन खानो में पोषक तत्व कम हो उन खानो में से ४० पोषक तत्व नहीं मिल सकते &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:42 &lt;br /&gt;
| ऐसे खाना अगर ज्यादा मात्रा में भी खाया जाये थो भी सिर्फ भूक ही मिट्टी हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:48 &lt;br /&gt;
| और शरीर में एक या अनेक पोषक तत्वों की कमी रहती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:54 &lt;br /&gt;
| इसे छिपी हुई भूख कहते हैं  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:58 &lt;br /&gt;
| जरुरी पोषक तत्वों को दो भागो में बाँटा गया हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:02 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार या फिर काम करने वाला पोषक तत्व &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:05 &lt;br /&gt;
| दूसरे प्रकार या फिर बढ़ने में मदद करने वाले पोषक तत्व  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:09 &lt;br /&gt;
| '''आयरन''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''कैल्शियम''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:11 &lt;br /&gt;
| '''आयोडीन''' और कॉपर पहले प्रकार के पोषक तत्व हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:15 &lt;br /&gt;
| '''मैंगनीज़, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:17 &lt;br /&gt;
| फ़्लोरिन''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और सेलेनियम भी पहले प्रकार के पोषक तत्व हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:21 &lt;br /&gt;
| '''विटामिन बी, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सी, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:23 &lt;br /&gt;
| ऐ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
डी, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:25 &lt;br /&gt;
| इ''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और के भी पहले प्रकार के हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:29 &lt;br /&gt;
| '''  पर सल्फर क्लोरीन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:32 &lt;br /&gt;
| प्रोटीन और जरूरी अमाइनो एसिड दूसरे  प्रकार के पोषक तत्व हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:37 &lt;br /&gt;
| '''सोडियम, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पोट्यासियम, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:39 &lt;br /&gt;
| मैग्नीशियम, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फॉसफोरस''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:41 &lt;br /&gt;
| और जिंक भी दूसरे प्रकार के हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:45 &lt;br /&gt;
| जरूरी फैट जैसे ओमेगा थ्री भी दूसरे प्रकार के पोषक तत्व हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:51 &lt;br /&gt;
| अब हम पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों के फर्क को समझेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:56 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार के पोषक तत्व ऊतकों के ख़ास कामो के लिए जरुरी होते है     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:02 &lt;br /&gt;
| इसीलिए ये चुनिंदा ऊतक  या ऊतकों के गुच्छों में एक ही जगह पर काफी मात्रा में पाये जाते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:08 &lt;br /&gt;
| आइये उदाहरण के लिए कैल्शियम और विटामिन ऐ की बात करेंगे  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:13 &lt;br /&gt;
| कैल्शियम मजबूत हड्डियों के लिए जरुरी  हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:17 &lt;br /&gt;
| विटामिन ऐ तंदुरुस्त आँखों के लिए जरुरी हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:21 &lt;br /&gt;
| पर दूसरे प्रकार के पोषक तत्व शरीर के पूरे विकास के लिए जरुरी होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:28 &lt;br /&gt;
| वे शरीर के हर कोशिका की संरचना और उसके काम का हिस्सा बनते है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:34 &lt;br /&gt;
| इसलिए वे भी शरीर के है ऊतक में होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:38 &lt;br /&gt;
|  अब पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर की प्रतिक्रिया की बात करेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:45 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार के पोषक तत्व की कमी होने पर भी शरीर बढ़ता रहता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:50 &lt;br /&gt;
| शरीर इन पोषक तत्वों को उन विशेष ऊतकों से ले लेता हैं जिनमें ये मौजूद होते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:57 &lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए  कैल्शियम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:00 &lt;br /&gt;
| कैल्शियम की कमी होने पर शरीर हड्डियों में मौजूद कैल्शियम इस्तेमाल करता हैं     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:07 &lt;br /&gt;
| जिस वजह से ऊतकों में मौजूद उन पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:13 &lt;br /&gt;
| फिर उन अंगों पर असर होता हैं जो इस पोषक तत्वों पर निर्भर होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:18 &lt;br /&gt;
| इसी वजह से इंसान बीमार होने लगता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:21 &lt;br /&gt;
| फिर उस बीमार इंसान में पोषक तत्व की कमी  से होने वाले ख़ास संकेत दिखने लगते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:26 &lt;br /&gt;
| ये बात चार उदाहरणों से समझेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:31 &lt;br /&gt;
| 1. कमजोर हड्डी और हड्डी के टूटने का ज्यादा खतरा कैल्शियम की कमी की वजह हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:37 &lt;br /&gt;
| 2. अनीमिया आयरन की कमी का संकेत हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:41 &lt;br /&gt;
| 3. उसी तरह रात का आंधा पण विटामिन ऐ की कमी का संकेत हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:45 &lt;br /&gt;
| 4.  और हाइपोथायरायडिज्म आयोडीन की कमी का संकेत हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:50 &lt;br /&gt;
| जब की दूसरे प्रकार की पोषक तत्वों की कमी में सिर्फ एक  ही संकेत होता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:57 &lt;br /&gt;
| उसे विकास ना होना कहते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:00 &lt;br /&gt;
| विकास ना होने का मतलब हैं शरीर दो ख़ास प्रक्रियोंकी  गति को कम कर देता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:06 &lt;br /&gt;
| 1.  जो  हैं नयी कोशिकाएं बनाना और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:08 &lt;br /&gt;
| 2.  पुराणी कोशिकाओं को बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:11 &lt;br /&gt;
| शरीर बढ़ना और नए ऊतक बनाना दोनों बंद कर देता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:16 &lt;br /&gt;
| इस से वजन कम होता है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:18 &lt;br /&gt;
|  लम्बाई कम होती हैं और मांसपेशी भी कम होती हैं &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:23 &lt;br /&gt;
| शरीर की सभी कोशिकाएँ और रोग प्रति रोदकशक्ति पर आसर पड़ता हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:29 &lt;br /&gt;
|  इन् सभ से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:32 &lt;br /&gt;
|  आंत में मृत्यु भी हो सकती हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:35 &lt;br /&gt;
|  दसरे प्रकार के पोषकतत्व शरीर में मौजूद नहीं होते &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:39 &lt;br /&gt;
| इनकी कमी होने पर शरीर आपने ऊतकों या मांसपेशियों को तोड़ने लगता हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:45 &lt;br /&gt;
| इस वजह से  दूसरे प्रकार के वो पोषकतत्व निकलते हैं जिनकी शरीर में कमी हो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:50 &lt;br /&gt;
| इन्ही पोषक तत्वों को फिर शरीर बाकी के ऊतकों के लिए इस्तेमाल करता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:55 &lt;br /&gt;
| अगर ऊतक बहुत ज्यादा टूटे तो कोशिकाओं के काम पर असर पड़ता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:02 &lt;br /&gt;
| और फिर भूख कम लगती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:05 &lt;br /&gt;
| ऊतकों के टूटने से वे पोषक तत्व मिलते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:11 &lt;br /&gt;
| जिनकी शरीर में कमी हो पर इससे ऊतकों में मौजूद बाकी सभी दूसरे प्रकार  पोषक तत्व भी निकलते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:17 &lt;br /&gt;
| और ये फर  शरीर से बाहर निकल जाते हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:21 &lt;br /&gt;
| इसलिए दूसरे प्रकार की पोषकतवों की कमी होने पर हमेशा इन्ही पोषक तत्वों से भरे खाने को खाना चाहिये &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:28 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार के पोषक तत्वों  की कमी को ठीक करने के लिए सभी पहले प्रकार की पोषक तत्वों की जरुरत नहीं होती&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:34 &lt;br /&gt;
| इस के इलाज के लिए सिर्फ वही पोषक तत्व लेने चाहिए जिसकी शरीर में कमी हो  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:40 &lt;br /&gt;
| अब बात करेंगे माँ के दूध में मौजूद पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों की&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:47 &lt;br /&gt;
|  माँ के दूध में दूसरे प्रकार के पोषक तत्व हमेशा होते हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:52 &lt;br /&gt;
| अगर माँ कुपोषित हो तो भी वे हमेशा दूध में होते है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:57 &lt;br /&gt;
| जरूरत के जितना स्तनपान कराने से कुपोषित माँ का शिशु अच्छे से बढ़ सकता हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:03 &lt;br /&gt;
|  पर पहले प्रकार के पोषक तत्वों की मात्रा माँ के दूध में हमेशा एक जैसी नहीं होती. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:09 &lt;br /&gt;
| माँ के पोषण के हिसाब से वो बदलती रहती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:13 &lt;br /&gt;
|  उदहारण के लिए विटामिन दी की बात करते हैं    . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:17 &lt;br /&gt;
|  अगर माँ मै विटामिन दी कम  होगा थो उसके दूध में भी विटामिन दी कम होगा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:23 &lt;br /&gt;
| अब बात करेंगे पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों की कमियों की &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:30 &lt;br /&gt;
| जाँच पड़ताल की पहले प्रकार की पोषक तत्व की कमी दो तरह से जांच सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:36 &lt;br /&gt;
| पहला हैं खास संकेतों को पहचान  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:41 &lt;br /&gt;
| शरीर में पोषक तत्व की मात्रा खून की जांच से पता कर सकते हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:46 &lt;br /&gt;
| उधारण के लिए आयरन और आयोडीन की बात करेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:50 &lt;br /&gt;
| आयरन की कमी को पीली त्वचा और थकान जैसे संकेतो से पहचान सकते हैं      &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:56 &lt;br /&gt;
| शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा खून की जांच से पता कर सकते हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:01 &lt;br /&gt;
| आयोडीन की कमी भी इसी तरह कुछ ख़ास संकेतो और जांच से पता क्र सकते हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:07 &lt;br /&gt;
|  संकेत जैसे की गर्दन का सुजना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:10 &lt;br /&gt;
| वजन बढ़ना और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:12 &lt;br /&gt;
|  बालो का झड़ना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:14 &lt;br /&gt;
| शरीर में आयोडीन और थायराइड हार्मोन की मात्रा खून की जांच से पता कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:21 &lt;br /&gt;
|  पहले प्रकार के पोषक तत्वों की कमियों को पहचान कर उनका इलाज भी कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:26 &lt;br /&gt;
| इन तत्वों की कमियों का इलाज करने के अलग अलग तरीके हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:31 &lt;br /&gt;
| जैसे की बताई गई मात्रा में इन पोषक तत्वों को खाने में खाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:36 &lt;br /&gt;
| और ऊपरी खुराक या दवा लेना &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:41 &lt;br /&gt;
| आयरन, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
विटामिन सी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:43 &lt;br /&gt;
|  फोलिक एसिड जैसे ऊपरी दवा आम तौर  पर स्वस्त सेवक सुजाते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:47 &lt;br /&gt;
| कुछ इलाकों में जहां पहेली प्रकार से होनी वाली कमिया ज्यादा हो वाह खाने में इन्हीं तत्वों को  मिलाया जाता हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:53 &lt;br /&gt;
|  उदाहरण हैं नमक में आयोडिन का मिलाया जाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:59 &lt;br /&gt;
| एक योग्य पोषण विशेषज्ञ इन सबके बारे में जानकारी दे सकता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:04 &lt;br /&gt;
| दूसरे प्रकार की तत्वों को जांचना और इलाज करना मुश्किल होता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:10 &lt;br /&gt;
| इन तत्वों से होने वाली कमी को जांचने का एक ही तरीका हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:15 &lt;br /&gt;
| मापना और ध्यान रखना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:17 &lt;br /&gt;
| जैसे की वजन , लम्बाई&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:19 &lt;br /&gt;
| और ऊपरी बाजू का घेरा  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:22 &lt;br /&gt;
| पर इससे शरीर के ना बड़ने का पता चलता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:27 &lt;br /&gt;
|  शरीर का ना बड़ना दूसरे प्रकार के हर पोषक तत्वों की कमी से होता हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:33 &lt;br /&gt;
|  ये पता कारना मुश्किल हैं की शरीर में कोनसे पोषक तत्वों की कमी हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:40 &lt;br /&gt;
|  इसलिए दूसरी प्रकार के पोषक तत्वों की कमी को ठीक करने क लिए सभी दूसरे प्रकार की पोषक तत्वों की जरुरत होती हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:47 &lt;br /&gt;
| वो खाने जिनमें दूसरे प्रकार के पोषक तत्व हो उस खाने को खाना चाहिए  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:53 &lt;br /&gt;
| पहले दिए जाने वाले खाने की मात्रा बढ़ाने से मदद नहीं होगी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:59 &lt;br /&gt;
| उस पहले दिए गए खाने से शरीर को दूसरे प्रकार के पोषक तत्व नहीं मिले होंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:04 &lt;br /&gt;
|  शरीर को बढ़ने के लिए खाने की गुणवत्ता को बदलना चाहिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:10 &lt;br /&gt;
| ज्यादा जानकारी के लिए एक योग्य पोषण विशेषज्ञ से मिले &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:15 &lt;br /&gt;
| पहले और दूसरे प्रकार के पोषातत्वो से भरपूर खाने के बारे में अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:22 &lt;br /&gt;
| ज्यादा जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट देखे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:26 &lt;br /&gt;
|अब यह ट्यूटोरियल यही समाप्त होता हैं।&lt;br /&gt;
आई आई टी बॉम्बे से मैं बेला टोनी से आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Type-1-and-Type-2-nutrients/Hindi"/>
				<updated>2021-03-18T07:04:34Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; &lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:00 &lt;br /&gt;
| पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों के बारे में बने स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:06 &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों में क्या फरक हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:12 &lt;br /&gt;
| चलिए शुरू करते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:14 &lt;br /&gt;
| खाने से हमे ऊर्जा और पोषक तत्व मिलते है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:17 &lt;br /&gt;
| पोषक तत्व शरीर के वृद्धि और रखरखाव के लिए जरुरी होते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:22 &lt;br /&gt;
| कुछ पोषक तत्व शरीर खुद नहीं बनाता&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:27 &lt;br /&gt;
|  ऐसे तत्वों को जरूरी पोषक तत्व कहते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:31 &lt;br /&gt;
| हमें खाने में से ४० पोषक तत्व लेने चहिऐ  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:36 &lt;br /&gt;
| पर जिन खानो में पोषक तत्व कम हो उन खानो में से ४० पोषक तत्व नहीं मिल सकते &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:42 &lt;br /&gt;
| ऐसे खाना अगर ज्यादा मात्रा में भी खाया जाये थो भी सिर्फ भूक ही मिट्टी हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:48 &lt;br /&gt;
| और शरीर में एक या अनेक पोषक तत्वों की कमी रहती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:54 &lt;br /&gt;
| इसे छिपी हुई भूख कहते हैं  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:58 &lt;br /&gt;
| जरुरी पोषक तत्वों को दो भागो में बाँटा गया हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:02 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार या फिर काम करने वाला पोषक तत्व &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:05 &lt;br /&gt;
| दूसरे प्रकार या फिर बढ़ने में मदद करने वाले पोषक तत्व  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:09 &lt;br /&gt;
| '''आयरन''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''कैल्शियम''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:11 &lt;br /&gt;
| '''आयोडीन''' और कॉपर पहले प्रकार के पोषक तत्व हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:15 &lt;br /&gt;
| '''मैंगनीज़, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:17 &lt;br /&gt;
| फ़्लोरिन''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और सेलेनियम भी पहले प्रकार के पोषक तत्व हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:21 &lt;br /&gt;
| '''विटामिन बी, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सी, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:23 &lt;br /&gt;
| ऐ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
डी, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:25 &lt;br /&gt;
| इ''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और के भी पहले प्रकार के हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:29 &lt;br /&gt;
| '''  पर सल्फर क्लोरीन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:32 &lt;br /&gt;
| प्रोटीन और जरूरी अमाइनो एसिड दूसरे  प्रकार के पोषक तत्व हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:37 &lt;br /&gt;
| '''सोडियम, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पोट्यासियम, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:39 &lt;br /&gt;
| मैग्नीशियम, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फॉसफोरस''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:41 &lt;br /&gt;
| और जिंक भी दूसरे प्रकार के हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:45 &lt;br /&gt;
| जरूरी फैट जैसे ओमेगा थ्री भी दूसरे प्रकार के पोषक तत्व हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:51 &lt;br /&gt;
| अब हम पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों के फर्क को समझेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:56 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार के पोषक तत्व ऊतकों के ख़ास कामो के लिए जरुरी होते है     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:02 &lt;br /&gt;
| इसीलिए ये चुनिंदा ऊतक  या ऊतकों के गुच्छों में एक ही जगह पर काफी मात्रा में पाये जाते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:08 &lt;br /&gt;
| आइये उदाहरण के लिए कैल्शियम और विटामिन ऐ की बात करेंगे  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:13 &lt;br /&gt;
| कैल्शियम मजबूत हड्डियों के लिए जरुरी  हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:17 &lt;br /&gt;
| विटामिन ऐ तंदुरुस्त आँखों के लिए जरुरी हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:21 &lt;br /&gt;
| पर दूसरे प्रकार के पोषक तत्व शरीर के पूरे विकास के लिए जरुरी होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:28 &lt;br /&gt;
| वे शरीर के हर कोशिका की संरचना और उसके काम का हिस्सा बनते है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:34 &lt;br /&gt;
| इसलिए वे भी शरीर के है ऊतक में होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:38 &lt;br /&gt;
|  अब पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर की प्रतिक्रिया की बात करेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:45 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार के पोषक तत्व की कमी होने पर भी शरीर बढ़ता रहता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:50 &lt;br /&gt;
| शरीर इन पोषक तत्वों को उन विशेष ऊतकों से ले लेता हैं जिनमें ये मौजूद होते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:57 &lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए  कैल्शियम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:00 &lt;br /&gt;
| कैल्शियम की कमी होने पर शरीर हड्डियों में मौजूद कैल्शियम इस्तेमाल करता हैं     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:07 &lt;br /&gt;
| जिस वजह से ऊतकों में मौजूद उन पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:13 &lt;br /&gt;
| फिर उन अंगों पर असर होता हैं जो इस पोषक तत्वों पर निर्भर होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:18 &lt;br /&gt;
| इसी वजह से इंसान बीमार होने लगता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:21 &lt;br /&gt;
| फिर उस बीमार इंसान में पोषक तत्व की कमी  से होने वाले ख़ास संकेत दिखने लगते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:26 &lt;br /&gt;
| ये बात चार उदाहरणों से समझेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:31 &lt;br /&gt;
| 1. कमजोर हड्डी और हड्डी के टूटने का ज्यादा खतरा कैल्शियम की कमी की वजह हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:37 &lt;br /&gt;
| 2. अनीमिया आयरन की कमी का संकेत हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:41 &lt;br /&gt;
| 3. उसी तरह रात का आंधा पण विटामिन ऐ की कमी का संकेत हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:45 &lt;br /&gt;
| 4.  और हाइपोथायरायडिज्म आयोडीन की कमी का संकेत हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:50 &lt;br /&gt;
| जब की दूसरे प्रकार की पोषक तत्वों की कमी में सिर्फ एक  ही संकेत होता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:57 &lt;br /&gt;
| उसे विकास ना होना कहते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:00 &lt;br /&gt;
| विकास ना होने का मतलब हैं शरीर दो ख़ास प्रक्रियोंकी  गति को कम कर देता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:06 &lt;br /&gt;
| 1.  जो  हैं नयी कोशिकाएं बनाना और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:08 &lt;br /&gt;
| 2.  पुराणी कोशिकाओं को बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:11 &lt;br /&gt;
| शरीर बढ़ना और नए ऊतक बनाना दोनों बंद कर देता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:16 &lt;br /&gt;
| इस से वजन कम होता है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:18 &lt;br /&gt;
|  लम्बाई कम होती हैं और मांसपेशी भी कम होती हैं &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:23 &lt;br /&gt;
| शरीर की सभी कोशिकाएँ और रोग प्रति रोदकशक्ति पर आसर पड़ता हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:29 &lt;br /&gt;
|  इन् सभ से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:32 &lt;br /&gt;
|  आंत में मृत्यु भी हो सकती हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:35 &lt;br /&gt;
|  दसरे प्रकार के पोषकतत्व शरीर में मौजूद नहीं होते &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:39 &lt;br /&gt;
| इनकी कमी होने पर शरीर आपने ऊतकों या मांसपेशियों को तोड़ने लगता हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:45 &lt;br /&gt;
| इस वजह से  दूसरे प्रकार के वो पोषकतत्व निकलते हैं जिनकी शरीर में कमी हो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:50 &lt;br /&gt;
| इन्ही पोषक तत्वों को फिर शरीर बाकी के ऊतकों के लिए इस्तेमाल करता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:55 &lt;br /&gt;
| अगर ऊतक बहुत ज्यादा टूटे तो कोशिकाओं के काम पर असर पड़ता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:02 &lt;br /&gt;
| और फिर भूख कम लगती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:05 &lt;br /&gt;
| ऊतकों के टूटने से वे पोषक तत्व मिलते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:11 &lt;br /&gt;
| जिनकी शरीर में कमी हो पर इससे ऊतकों में मौजूद बाकी सभी दूसरे प्रकार  पोषक तत्व भी निकलते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:17 &lt;br /&gt;
| और ये फर  शरीर से बाहर निकल जाते हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:21 &lt;br /&gt;
| इसलिए दूसरे प्रकार की पोषकतवों की कमी होने पर हमेशा इन्ही पोषक तत्वों से भरे खाने को खाना चाहिये &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:28 &lt;br /&gt;
| पहले प्रकार के पोषक तत्वों  की कमी को ठीक करने के लिए सभी पहले प्रकार की पोषक तत्वों की जरुरत नहीं होती&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:34 &lt;br /&gt;
| इस के इलाज के लिए सिर्फ वही पोषक तत्व लेने चाहिए जिसकी शरीर में कमी हो  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:40 &lt;br /&gt;
| अब बात करेंगे माँ के दूध में मौजूद पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों की&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:47 &lt;br /&gt;
|  माँ के दूध में दूसरे प्रकार के पोषक तत्व हमेशा होते हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:52 &lt;br /&gt;
| अगर माँ कुपोषित हो तो भी वे हमेशा दूध में होते है  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:57 &lt;br /&gt;
| जरूरत के जितना स्तनपान कराने से कुपोषित माँ का शिशु अच्छे से बढ़ सकता हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:03 &lt;br /&gt;
|  पर पहले प्रकार के पोषक तत्वों की मात्रा माँ के दूध में हमेशा एक जैसी नहीं होती. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:09 &lt;br /&gt;
| माँ के पोषण के हिसाब से वो बदलती रहती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:13 &lt;br /&gt;
|  उदहारण के लिए विटामिन दी की बात करते हैं    . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:17 &lt;br /&gt;
|  अगर माँ मै विटामिन दी कम  होगा थो उसके दूध में भी विटामिन दी कम होगा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:23 &lt;br /&gt;
| अब बात करेंगे पहले और दूसरे प्रकार के पोषक तत्वों की कमियों की &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:30 &lt;br /&gt;
| जाँच पड़ताल की पहले प्रकार की पोषक तत्व की कमी दो तरह से जांच सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:36 &lt;br /&gt;
| पहला हैं खास संकेतों को पहचान  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:41 &lt;br /&gt;
| शरीर में पोषक तत्व की मात्रा खून की जांच से पता कर सकते हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:46 &lt;br /&gt;
| उधारण के लिए आयरन और आयोडीन की बात करेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:50 &lt;br /&gt;
| आयरन की कमी को पीली त्वचा और थकान जैसे संकेतो से पहचान सकते हैं      &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:56 &lt;br /&gt;
| शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा खून की जांच से पता कर सकते हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:01 &lt;br /&gt;
| आयोडीन की कमी भी इसी तरह कुछ ख़ास संकेतो और जांच से पता क्र सकते हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:07 &lt;br /&gt;
|  संकेत जैसे की गर्दन का सुजना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:10 &lt;br /&gt;
| वजन बढ़ना और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:12 &lt;br /&gt;
|  बालो का झड़ना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:14 &lt;br /&gt;
| शरीर में आयोडीन और थायराइड हार्मोन की मात्रा खून की जांच से पता कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:21 &lt;br /&gt;
|  पहले प्रकार के पोषक तत्वों की कमियों को पहचान कर उनका इलाज भी कर सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:26 &lt;br /&gt;
| इन तत्वों की कमियों का इलाज करने के अलग अलग तरीके हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:31 &lt;br /&gt;
| जैसे की बताई गई मात्रा में इन पोषक तत्वों को खाने में खाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:36 &lt;br /&gt;
| और ऊपरी खुराक या दवा लेना &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:41 &lt;br /&gt;
| '''आयरन''', &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''विटामिन सी '''  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:43 &lt;br /&gt;
|  फोलिक एसिड जैसे ऊपरी दवा आम तौर  पर स्वस्त सेवक सुजाते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:47 &lt;br /&gt;
| कुछ इलाकों में जहां पहेली प्रकार से होनी वाली कमिया ज्यादा हो वाह खाने में इन्हीं तत्वों को  मिलाया जाता हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:53 &lt;br /&gt;
|  उदाहरण हैं नमक में आयोडिन का मिलाया जाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:59 &lt;br /&gt;
| एक योग्य पोषण विशेषज्ञ इन सबके बारे में जानकारी दे सकता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:04 &lt;br /&gt;
| दूसरे प्रकार की तत्वों को जांचना और इलाज करना मुश्किल होता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:10 &lt;br /&gt;
| इन तत्वों से होने वाली कमी को जांचने का एक ही तरीका हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:15 &lt;br /&gt;
| मापना और ध्यान रखना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:17 &lt;br /&gt;
| जैसे की वजन , लम्बाई&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:19 &lt;br /&gt;
| और ऊपरी बाजू का घेरा  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:22 &lt;br /&gt;
| पर इससे शरीर के ना बड़ने का पता चलता हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:27 &lt;br /&gt;
|  शरीर का ना बड़ना दूसरे प्रकार के हर पोषक तत्वों की कमी से होता हैं&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:33 &lt;br /&gt;
|  ये पता कारना मुश्किल हैं की शरीर में कोनसे पोषक तत्वों की कमी हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:40 &lt;br /&gt;
|  इसलिए दूसरी प्रकार के पोषक तत्वों की कमी को ठीक करने क लिए सभी दूसरे प्रकार की पोषक तत्वों की जरुरत होती हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:47 &lt;br /&gt;
| वो खाने जिनमें दूसरे प्रकार के पोषक तत्व हो उस खाने को खाना चाहिए  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:53 &lt;br /&gt;
| पहले दिए जाने वाले खाने की मात्रा बढ़ाने से मदद नहीं होगी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:59 &lt;br /&gt;
| उस पहले दिए गए खाने से शरीर को दूसरे प्रकार के पोषक तत्व नहीं मिले होंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:04 &lt;br /&gt;
|  शरीर को बढ़ने के लिए खाने की गुणवत्ता को बदलना चाहिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:10 &lt;br /&gt;
| ज्यादा जानकारी के लिए एक योग्य पोषण विशेषज्ञ से मिले &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:15 &lt;br /&gt;
| पहले और दूसरे प्रकार के पोषातत्वो से भरपूर खाने के बारे में अन्य ट्यूटोरियल में बताया गया हैं . &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:22 &lt;br /&gt;
| ज्यादा जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट देखे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:26 &lt;br /&gt;
|अब यह ट्यूटोरियल यही समाप्त होता हैं।&lt;br /&gt;
आई आई टी बॉम्बे से मैं बेला टोनी से आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Safe-preparation,-serving-and-storage-of-baby-food/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Safe-preparation,-serving-and-storage-of-baby-food/Hindi</title>
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				<updated>2021-03-18T06:58:46Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| शिशु के  खाने को स्वच्छता से बनाने , खिलाने और  उसके  रखरखाव पर बने स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:09&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे, शिशु के खाने को बनाने के सुरक्षा निर्देश, जिसमें हैं - &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
|खाने को  बनाने&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
खिलाने और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
| उसके रखरखाव के बारे में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
| आइये शुरू करते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| शिशु के  खाने को स्वच्छता  से बनाना  बहुत ज़रूरी है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:26&lt;br /&gt;
| यह शिशु को खाने से होने वाले इन्फेक्शन से  बचाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
| खाने को स्वछता से बनाने में पहला कदम  व्यक्तिगत स्वच्छता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| व्यक्तिगत स्वच्छता को इसी श्रृंखला के  एक अन्य ट्यूटोरियल में समझाया गया है)&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| अगला कदम है साफ़-सफाई &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
| खाना  बनाने  वाली पूरी जगह को साफ़ करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
| बर्तन &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और काटने के तख़्ते को भी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| साफ करने के लिए साबुन और गर्म पानी का इस्तेमाल  करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
| सामान को इस्तेमाल से पहले और बाद में हमेशा साफ़ करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
|  कच्चे खाद्य पदार्थों के रखरखाव के बाद भी इन्हें साफ करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
|और दूसरे कच्चे या फिर पके खाने  के सम्पर्क में आने से पहले भी &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:09&lt;br /&gt;
| शिशु का खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन को अच्छी तरह से साफ़ किया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:14&lt;br /&gt;
| उन्हें गर्म पानी से अच्छी तरह से धोया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:18&lt;br /&gt;
| और फिर उन्हें हवा में सुखाना या साफ़ कपड़े से  पोंछना चाहिए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
|बर्तनों को हमेशा ढक कर रखना चाहिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| खाने की सामग्री को भी अच्छी तरह से साफ़  करना चाहिए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| ताजे फलों और सब्जियों को साफ़ पानी से अच्छे से धोएं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| उन्हें छीलने और काटने से पहले धो लें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| इससे दूषित पदार्थ &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| &lt;br /&gt;
परजीवी और कीटनाशक दूर होते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| मांसाहारी और शाकाहारी खाद्य पदार्थों को काटने के लिए अलग-अलग तख्त का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:53&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, कच्चे और पके हुए खानों के लिए अलग-अलग बर्तन इस्तेमाल करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:00&lt;br /&gt;
| इससे मांस और कच्चे खानों के कीटाणु दूसरे खानों में नहीं फैलते &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:07&lt;br /&gt;
| रसोई में इस्तेमाल होने वाले किसी भी कपड़े को नियमित अंतराल पर बदलें और धोएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए शिशु के खाने ठीक से पकाया जाना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| और, खिलाने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि खाना पूरी तरह पक गया है.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:27&lt;br /&gt;
| खाने को चखकर जांचें की वह पका है  या नहीं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:31&lt;br /&gt;
| साथ ही, खाने के कम पके होने के संकेतों को पहचानें  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| ऐसे ही कुछ संकेत मांस का गुलाबी रंग होना &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| शिशु का खाना  बनाते समय  कुछ  सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| आइये अब,  बात करेंगे  शिशु को खाना खिलाते समय बरतने  वाली सावधानियों के बारे में  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:56&lt;br /&gt;
| पहला , शिशु के कपड़े और बर्तनों को अच्छे से धो लें  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| शिशु की कुर्सी, बैठने की जगह और खाने की जगह गीले कपड़े से साफ़ कर लेनी चाहिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
| इस्तेमाल से पहले इन्हें  सुखा लें  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
| शिशु को खिलाने से पहले माँ को, अपने और शिशु के हाथों  को  अच्छे से साफ़ कर लेना चाहिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:18&lt;br /&gt;
| जो शिशु खुद से खाना खा लेते हैं उन्हें भी अपने  हाथ धो लेने चाहिए  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| खिलाने से पहले यह जांचना चाहिए की खाना कितना गरम है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:29&lt;br /&gt;
| अपनी हथेली पर थोड़ा सा खाना डाल कर जाँच सकते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
|कभी कभी बर्तन में रखा हुआ खाना कुछ जगहों पर ज्यादा गर्म हो सकता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:42&lt;br /&gt;
| इसलिए, खाने को अच्छे से हिला लेना चाहिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| शिशु को खाना  खिलाने में समय लग सकता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
| इसलिए, खाना खिलाने वाले बर्तन को ढंककर रखा जाना चाहिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| ढंकने से खाने को धूल और मक्खियों से बचाया जा सकता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:04&lt;br /&gt;
|  खिलाते समय खाने का शिशु के गले में अटकने का खतरा बहुत अधिक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| इस से बचने  के लिए शिशु को सीधा बिठाकर रखें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:15&lt;br /&gt;
| खाते हुए  ना ही वह दौड़े या ना ही चले &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| जब वह खाना खाए तो उसे अकेला न छोड़ें  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:24&lt;br /&gt;
| उसे बढ़ावा दें की वो  खाने को धीरे धीरे  और अच्छे से चबाकर खाए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:29&lt;br /&gt;
| शिशु को ऐसा कड़क खाना न दे जो  उस के गले में  अटक जाए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:34&lt;br /&gt;
| जैसे की दाने या कच्ची सब्ज़ियों के टुकड़े  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:40&lt;br /&gt;
| उसे बोतल से दूध न दें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
| अब शिशु के खाने को सफाई  से संभाल कर रखने की बात करेंगे  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:48&lt;br /&gt;
| सब से पहला है की, ताजा पका हुआ खाना शिशु के लिए सबसे अच्छा होता है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:54&lt;br /&gt;
| ज़रूरत के जितना खाने के बाद, शिशु की थाली में बचा हुआ खाना फेंक दें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:00&lt;br /&gt;
| थाली में बचा हुआ खाना शिशु की लार के सम्पर्क में आ चुका होता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| इसमें बैक्टीरिया होंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| शिशु के खाने को फिर से रखने पर यही बैक्टीरिया बढता जाता है.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:15&lt;br /&gt;
| पकाने के बाद, खाने को अपने हाथों से न छुएं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| खाने को धूल और मक्खियों से बचाने के लिए ढंक कर रखें  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:26&lt;br /&gt;
| हमेशा सूखी सामग्री और ताजी सामग्री को एक दूसरे से अलग रखें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| और कच्चे खाने को पके खाने से अलग जगह रखें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
| गर्मी के मौसम में पकाया हुआ खाना, एक से दो घंटों से ज़्यादा  नहीं रखना चाहिए  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
|अगर फ्रिज हो तो शिशु के खाने को उसमें संभाल कर जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:49&lt;br /&gt;
| फ्रिज अच्छी कार्यशील स्थिति में होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:53&lt;br /&gt;
|  समय समय पर उस की सफाई करनी चाहिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
| खाने  को ताजा रखने के लिए फ्रिज का तापमान पांच डिग्री या उससे कम रहना चाहिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
|  पीने के पानी को धूल से बचाएं और उस मे गिलास डुबाते हुए हाथ  ना डालें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| इन दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए - खाना पकाते हुए , &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| उस खाने  को संभाल कर रखते  हुए और शिशु को खिलाते  हुए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| पोषक  आहार , स्वच्छता से खिलाने पर शिशु को तंदुरुस्त  बनाता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
|अगर ऐसे न खिलाया जाए तो शिशु बीमार और   कमजोर हो सकता है.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
|इसलिए, यह सुनिश्चित करें कि खाना शिशु को नुकसान न पहुंचाए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल यहीं समाप्त होता है.&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विनय कुमार द्वारा अनुवादित है , आई आई टी बॉम्बे से मैं बेल्ला टोनी आपसे विदा लेती हूं &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Powder-recipes-for-6-to-24-months-old-children/Hindi</id>
		<title>Health-and-Nutrition/C2/Powder-recipes-for-6-to-24-months-old-children/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Health-and-Nutrition/C2/Powder-recipes-for-6-to-24-months-old-children/Hindi"/>
				<updated>2021-03-18T06:58:25Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| Time&lt;br /&gt;
| Narration&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| 6 से 24 महीने के शिशुओं के लिए पौष्टिक पाउडर बनाने की विधि के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कई पौष्टिक पाउडर बनाने की विधियां जैसे कि-&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
| '''अमायलेज़'''  पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
| सिर्फ बीजों का पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:18&lt;br /&gt;
| दाने और बीज मिले हुए पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:20&lt;br /&gt;
|फलियों का पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
| करी पत्तों का पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
| और सहजन के पत्तों का पाउडर।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:27&lt;br /&gt;
| यह सभी ऐसे पौष्टिक पाउडर हैं जिन्हें आसानी से घर पर बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:33&lt;br /&gt;
|  आइए सीखते हैं इन पौष्टिक पाउडरों को बनाने का तरीका।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:38&lt;br /&gt;
|  इन पाउडरों के पोषक तत्वों से शिशुओं की वृद्धि और विकास में मदद होती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| शिशु के 6 महीने पूरे होने पर इन पाउडरों को देने की सलाह दी जाती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
|  जब भी शिशु को एक नया खाना दें तो 3 से 4 दिन लगातार दें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
|  तीन से चार दिनों के बाद, शिशु को कोई और नया खाना दें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
|  इन दोनों खानों को मिलाया जा सकता है पर पहले इन्हें अलग अलग दिया जाना चाहिए। और इनसे शिशु के चेहरे या शरीर पर खुजली या सूजन नहीं होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:20&lt;br /&gt;
| जब भी ऐसा खाना दें, जिसमें एलर्जी करने वाली चीजें हो जैसे कि दाने, तो शिशु को चम्मच की नोक से थोड़ा-थोड़ा दें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:30&lt;br /&gt;
| 10 मिनट रुकें और फिर से दें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| चीनी, नमक और मसाले शिशु के 1 साल होने तक उसके खाने में ना डालें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| आइए पहले विधि देखें -  '''अमायलेज़''' पाउडर बनाने की।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| पर, पहले इसके फ़ायदे।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:53&lt;br /&gt;
|  '''अमायलेज़''' एक ऐसा एंज़ाइम या रसायन है, जो खाने को पचाने के लिए चाहिए होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:59&lt;br /&gt;
| यह शिशु के शरीर में सीमित मात्रा में बनता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
|  यह पाउडर ज़्यादा '''अमायलेज़''' देता है और खाने के पोषक तत्व बढ़ाकर शरीर को उस तत्व को सोखने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
| इसलिए, '''अमायलेज़''' से भरा आटा या पाउडर शिशु को दें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:18&lt;br /&gt;
| अब सीखेंगें  '''अमायलेज़''' पाउडर बनाने का तरीक़ा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
| इसके लिए जो चीज़ें चाहिए वे हैं - आधा कप गेहूँ,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:27&lt;br /&gt;
|  आधा कप हरी मूँग दाल और&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
| आधा कप रागी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| पहले हर चीज़ को पानी में अलग अलग 10 घंटों के लिए भिगोएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
|  भिगोने से हर चीज़ में नमी की मात्रा बढ़ेगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| 10 घंटों बाद, सभी चीज़ों को निकाल लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
|  और छलनी में रखें ताकि सारा पानी निकल जाए।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
|  फिर, एक एक करके, सभी चीज़ों को साफ़ सूखे सूति कपड़े में बाँध लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| जब तक वे अंकुरित ना हों।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
|  इस प्रक्रिया को अंकुरण कहते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:01&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कुछ चीज़ों को अंकुरित होने में ज़्यादा वक़्त लगता है और कुछ को कम।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| जैसे रागी को ज़्यादा वक़्त लगेगा बाक़ी चीज़ों के मुक़ाबले।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| अंकुरित होने के बाद इनको एक से दो दिन तक धूप में सूखने दें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:19&lt;br /&gt;
| सुखाने के बाद, इन्हें धीमी आँच पर भूनें ताकि ये एकदम सूख जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
| भूनते हुए लगातार हिलाना याद रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:30&lt;br /&gt;
| अब इन चीज़ों का बाहरी छिलका निकालने के लिए इन्हें अपनी दोनों साफ़ हथेलियों के बीच रगड़ें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
| बाहरी छिलका निकालने के बाद, सब चीज़ों को मिला लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:41&lt;br /&gt;
|  और, मिक्सी में डालकर पाउडर बना लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| '''अमायलेज़''' पाउडर तैयार है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
|  इसे एक डब्बे में कसकर बंद करके रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:52&lt;br /&gt;
| और शिशु का खाना बनाते समय एक चम्मच मिलाएं। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
| या फिर इसका दलिया बनाएं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:03&lt;br /&gt;
| एक चम्मच '''अमायलेज़''' पाउडर से 18 कैलोरीज और 0.6 ग्राम प्रोटीन मिलता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
| सौ ग्राम '''अमायलेज़''' पाउडर से 360 कैलोरीज़ एवं 12 ग्राम प्रोटीन मिलता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
| अमाइलेज पाउडर का यह गुण इसे शिशु के लिए ख़ास बनाता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:23&lt;br /&gt;
|  यह खाने को कम गाढ़ा और ज़्यादा स्वादिष्ट बनाता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
|  इससे खाने का भारीपन कम होता है और ताक़त भी ज़्यादा मिलती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:34&lt;br /&gt;
| अगला हम सीखेंगे बीजों का पाउडर बनाने का तरीक़ा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:38&lt;br /&gt;
| इस पाउडर में ज़िंक, फ़ाइबर, मैग्नीशियम और कैल्शियम ज़्यादा होते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:44&lt;br /&gt;
|  इन पोषक तत्वों से शिशु की हड्डियों का विकास होता है और शिशु की ताक़त भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| और इस पाउडर में ख़ास चर्बी है, जिससे शिशु के बुद्धि का विकास होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:57&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने के लिए जो तीन अलग-अलग बीज चाहिए वे हैं- आधा कप काला तिल,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
| आधा कप अलसी और &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| और आधा कप कच्चे कद्दू के बीज।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| एक एक करके इन तीनों बीजों को धीमी आँच पर 4 से 5 मिनट तक भूनिए।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:16&lt;br /&gt;
| ठंडा होने पर, इनका पाउडर बनाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| और एक डिब्बे में कसकर बंद करके रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
|  इस पाउडर का एक चम्मच शिशु के खाने में खिलाने से पहले मिलाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:29&lt;br /&gt;
|  इससे 30 कैलोरी और 2.7 ग्राम प्रोटीन मिलेगा&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:36&lt;br /&gt;
|  100 ग्राम बीजों के पाउडर से क़रीब 600 कैलोरीज और 55 ग्राम प्रोटीन मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:43&lt;br /&gt;
| अगली विधि है दाने और बीजों के पाउडर की।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
|  इस पाउडर में ज़िंक, मैग्नीशियम और लोहा ज़्यादा होते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:53&lt;br /&gt;
| ये सभी खनिज पदार्थ ख़ून बनाने के लिए ज़रूरी हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| इस पाउडर में ऐसी ख़ास चर्बी मिलती है, जिससे शिशु के बुद्धि का विकास होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने के लिए जो चीज़ें चाहिए वे हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:08&lt;br /&gt;
| आधा कप सेंगदाना या मूँगफली,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| आधा कप सूखा खोपरा,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:12&lt;br /&gt;
| आधा कप अलसी और&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:15&lt;br /&gt;
| आधा कप काला तिल।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| अब एक एक करके सभी चीज़ों को धीमी आँच पर 4 से 5 मिनट तक भून लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:26&lt;br /&gt;
|  ठंडा होने पर मिक्सी में पाउडर बना लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| और डिब्बे में कसकर बंद करके रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:36&lt;br /&gt;
| इस पाउडर का एक चम्मच शिशु के खाने में उसे खिलाने से पहले डालें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:42&lt;br /&gt;
| इससे 28 कैलोरीज और 0.9 ग्राम प्रोटीन मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
| इस पाउडर के 100 ग्राम से लगभग 600 कैलोरीज और 19 ग्राम प्रोटीन मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:56&lt;br /&gt;
| अब हम सीखेंगें फलियों के पाउडर की विधि।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:59&lt;br /&gt;
|  इस पाउडर में पोटैशियम, प्रोटीन, फोलेट, मैग्नीशियम ज़्यादा होते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:05&lt;br /&gt;
|  इन पोषक तत्वों से शिशु की हड्डियों का विकास होता है तथा शिशु की ताक़त भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:11&lt;br /&gt;
|  और इन सबसे ख़ून भी शरीर में बढ़ता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:16&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने के लिए जो चीज़ें चाहिए, वे हैं - आधा कप हरी मूँग दाल,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:22&lt;br /&gt;
| आधा कप सूखा वटाना या मटर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:24&lt;br /&gt;
| आधा कप सफ़ेद चने और&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:27&lt;br /&gt;
| आधा कप मोठ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| पहले हर चीज़ को पानी में अलग अलग 10 घंटे के लिए भिगोएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:35&lt;br /&gt;
|  भिगोने से हर चीज़ में नमी की मात्रा बढ़ेगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| 10 घंटों बाद सब चीज़ों को निकालें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| और छलनी में रखें ताकि सारा पानी निकल जाए।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:47&lt;br /&gt;
| फिर एक एक करके हर चीज़ को एक साफ़, सूखे सूती कपड़े में बाँध लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| जब तक वे अंकुरित ना हों।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:55&lt;br /&gt;
| इस प्रक्रिया को अंकुरण कहते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:59&lt;br /&gt;
|जैसा कि पहले बताया गया है कुछ चीज़ों को अंकुरित होने में ज़्यादा वक़्त लगता है और कुछ को कम।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:06&lt;br /&gt;
| अंकुरित होने के बाद, इनको एक से दो दिन तक धूप में सूखने दें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:11&lt;br /&gt;
| सुखाने के बाद, इन्हें धीमी आँच पर भूनें ताकि ये एकदम सूख जाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
| भूनते हुए, लगातार हिलाना याद रखिए।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:20&lt;br /&gt;
| इससे चीज़ें नहीं जलेंगी।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:24&lt;br /&gt;
| अब इन चीज़ों को बाहरी छिलका निकालने के लिए इन्हें अपनी दोनों साफ़ हथेलियों के बीच रगड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:30&lt;br /&gt;
| बाहरी छिलका निकालने के बाद सब चीज़ों को मिला लें और मिक्सी में डालकर पाउडर बना लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
|  इसे एक डिब्बे में कसकर बंद करके रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:38&lt;br /&gt;
| शिशु का खाना बनाते समय इस पाउडर के दो चम्मच मिलाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:43&lt;br /&gt;
|  इस पाउडर के दो चम्मच से 33 कैलोरीज और 1.8 ग्राम प्रोटीन मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:49&lt;br /&gt;
|इस पाउडर के 100 ग्राम से 250 कैलोरीज और 15 ग्राम प्रोटीन मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:57&lt;br /&gt;
| अगला, हम करी पत्तों के पाउडर को बनाना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:00&lt;br /&gt;
|करी पत्ते में फ़ाइबर, लोहा, कैल्शियम और विटामिन C ज़्यादा होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:06&lt;br /&gt;
|ये सभी पोषक तत्व शिशु के हाज़मे और दातों की मज़बूती के लिए ज़रूरी हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| और इनसे रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने के लिए हमें करी पत्तों की ज़रूरत है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
| करी पत्तों को साफ़ पानी में धो लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
|  और फिर छांव में सुखा लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:26&lt;br /&gt;
| फिर इनका पाउडर बना लें और डिब्बे में कसकर बंद करके रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:33&lt;br /&gt;
| खिलाने से पहले शिशु के खाने में इस पाउडर का एक चौथाई मिलाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:39&lt;br /&gt;
| इस पाउडर से 9 मिलीग्राम कैल्शियम मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:42&lt;br /&gt;
| इस पाउडर के 100 ग्राम से 700 मिलीग्राम कैल्शियम मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:48&lt;br /&gt;
| अब अगला हम सीखेंगें सहजन के पत्तों का पाउडर बनाना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
|इस पाउडर में कैल्शियम, लोहा, विटामिन C, विटामिन A, प्रोटीन और सल्फ़र ज़्यादा मात्रा में होते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:01&lt;br /&gt;
|ये सभी पोषक तत्व शिशु के मसूढ़ों और तंदुरुस्त आँखों के लिए ज़रूरी हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:07&lt;br /&gt;
|और ये सब इंफ़ेक्शन से लड़कर शिशु की ताक़त भी बढ़ाते हैं।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को बनाने के लिए ज़रूरत होगी सहजन के पत्तों की&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:17&lt;br /&gt;
| पहले सहजन के पत्तों को साफ़ पानी में अच्छे से धो लें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:22&lt;br /&gt;
| फिर इन्हें छांव में सुखाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:25&lt;br /&gt;
| अब सूखे हुए पत्तों का पाउडर बनाएँ और सहजन के पत्तों का पाउडर तैयार है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:31&lt;br /&gt;
| इस पाउडर को एक डिब्बे में बंद करके रखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:33&lt;br /&gt;
| खिलाने से पहले शिशु के खाने में इस पाउडर का एक चौथाई मिलाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:40&lt;br /&gt;
| इससे 5 मिलीग्राम कैल्शियम मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:44&lt;br /&gt;
| इस पाउडर के 100 ग्राम से 350 मिलीग्राम कैल्शियम मिलेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:50&lt;br /&gt;
| याद रखें इन पाउडरों को बनाने के लिए हमेशा अपने प्रदेश और मौसम के हिसाब से मिलने वाले बीज, दाने और फलियों का इस्तेमाल करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:58&lt;br /&gt;
| हर खाने में अलग अलग क़िस्म का पाउडर इस्तेमाल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:01&lt;br /&gt;
| जैसे- पकाए हुए खाने में एक चम्मच दाने और बीज के पाउडर को मिलाएँ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:08&lt;br /&gt;
| या, एक चौथाई करी पत्तों या फिर सहजन के पत्तों का पाउडर मिलाएँ या&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:14&lt;br /&gt;
| खाना पकाते हुए 2 चम्मच फलियों का पाउडर डालें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:21&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हर पाउडर की विधि बताए गए तरीक़ों से बनाई गई हैं-&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:26&lt;br /&gt;
| भिगोना, भूनना और&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:28&lt;br /&gt;
| अंकुरण।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:30&lt;br /&gt;
| इन तरीक़ों से इस्तेमाल की गई चीज़ों का फ़ाइटिक एसिड कम होगा जो शरीर को खनिज पदार्थों को सोखने नहीं देता&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:38&lt;br /&gt;
| और इसके कम होने की वजह से शरीर पोषक तत्वों को सोख पाता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:42&lt;br /&gt;
| 6 से 24 महीने के शिशुओं के लिए पौष्टिक पाउडर बनाने की विधि का यह स्पोकन ट्यूटोरियल यही ख़त्म होता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:51&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने कई पौष्टिक पाउडर बनाने की विधियाँ सीखीं जैसे कि:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:57&lt;br /&gt;
| '''अमायलेज़''' पाउडर, सिर्फ़ बीजों का पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:00&lt;br /&gt;
| दाने और बीज मिले हुए पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:02&lt;br /&gt;
| फलियों का पाउडर,&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:04&lt;br /&gt;
|करी पत्तों का पाउडर और&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:06&lt;br /&gt;
| सहजन के पत्तों का पाउडर &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का योगदान '''Spoken Tutorial Project, IIT Bombay''' द्वारा किया गया है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:14&lt;br /&gt;
|  '''Spoken Tutorial Project ''' भारत सरकार के '''NMEICT, MHRD''' द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
इस मिशन पर अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:25&lt;br /&gt;
|  यह ट्यूटोरियल '''WHEELS Global Foundation''' द्वारा दिए गए उदार योगदान द्वारा आंशिक रूप से वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:32&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल '''माँ और शिशु पोषण प्रोजेक्ट''' का हिस्सा है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:36&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल की ज्ञान-क्षेत्रक समीक्षक हैं - डॉ. रूपल दलाल, एमडी बाल चिकित्सा और दीपाली फ़र्गाड़े, पोषण विशेषज्ञ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:46&lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं बेला टोनी से आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/DEM-Analysis/Hindi</id>
		<title>QGIS/C4/DEM-Analysis/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/DEM-Analysis/Hindi"/>
				<updated>2021-03-11T10:23:03Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''DEM Analysis''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
||  '''SRTM''' डेटा वेबसाइट से '''DEM''' डेटा डाउनलोड़ करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
||'''DEM''' का  Hillshade दिखाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||यहां मैं उपयोग कर रही हूँ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux '''OS वर्जन16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:25&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' वर्जन 2.18 और एक कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:33&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको  '''QGIS '''  इंटरफेस के साथ परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| इस श्रृंखला में पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स को देखने के लिए कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
|| '''Digital Elevation Model''' या '''DEM'''  रेस्टर फाइल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| यह प्रत्येक रेस्टर सेल के लिए एलवेशन डेटा दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
||'''DEMs''' का उपयोग अनावृत भूखंड को दर्शाने के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
|| भूखंड आमतौर पर वनस्पति और मानव निर्मित विशेषताओं से रहित हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| '''DEMs''' का उपयोग एलवेशन (ऊंचाई) के आधार पर किसी क्षेत्र की गणना और विश्लेषण के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:14&lt;br /&gt;
|| '''DEM ''' डेटा डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:17&lt;br /&gt;
|| दिए गए लिंक को किसी भी वेब ब्राउजर में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
|| '''Shuttle radar topography mission (SRTM) data''' वेबसाइट खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
|| इस वेबसाइट से '''SRTM''' डेटा को मुक्त में डाउनलोड़ किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||'''Download Manager''' पेज पर, एलवेशन मॉडल्स टाइल्स में व्यवस्थित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:39&lt;br /&gt;
||  दो ऑप्शन्स '''Tile Size''' और  '''Format''' उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| हम रेडियो बटन्स पर क्लिक करके टाइल साइज और फॉर्मेट चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||पेज को विश्व मानचित्र पर नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
||विश्व मानचित्र को जूम इन करने के लिए मानचित्र के बाएं कोने पर प्लस चिन्ह का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:00&lt;br /&gt;
||'''Maharashtra''' टाइल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||विश्व मानचित्र के ऊपरी बाएं कोने में स्थित '''Search'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:09&lt;br /&gt;
||'''Download''' विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
|| '''Description''' हैडिंग पर नीचे स्क्रोल करें। निचले भाग में '''Download SRTM''' लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:20&lt;br /&gt;
||एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, '''Save File''' ऑप्शन चुनें। '''OK '''बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| मेरे सिस्टम पर '''zip file '''  '''Downloads ''' फोल्डर में डाउनलोड़ होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:34&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| राइट-क्लिक करें और '''Extract Here ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर पर डबल-क्लिक करें। यह '''DEM''' '''dataset''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| यहां हम भिन्न फाइल एक्सटेंशन्स के साथ कई फाइल्स देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:55&lt;br /&gt;
||फोल्डर बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57&lt;br /&gt;
|| '''QGIS ''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| Click on, '''Layer menu ''' on the '''menu bar''' में '''Layer menu ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| '''sub-menu''' से '''Add Layer ''' चुनें,  '''Add Raster Layer ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| '''Data source ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| '''SRTM ''' वेबसाइट से डाउनलोड़ किए गए '''SRTM ''' फोल्डर पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| फोल्डर के कंटेंट्स से '''.tif '''  एक्सटेंशन वाली फाइल चुनें। '''Open ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||आप कैनवास पर भूखंड का  '''DEM'''  देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' में भूखंड की सभी '''3D information''' होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| रेस्टर इमेज पर प्रत्येक पिक्सेल, उस स्थान पर औसत एलवेशन (ऊंचाई) का दर्शाता है। यह एलवेशन मीटरों में दी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| डार्क पिक्सेल्स कम ऊंचाऊ वाले क्षेत्र दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| लाइटर पिक्सेल्स अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
||इस मानचित्र का '''DEM '''  विश्लेषण शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Raster '''  मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| ड्राप-डाउन से '''Analysis'''  पर क्लिक करें। सब-मैन्यू से '''DEM (Terrain models)''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:19&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:22&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट चयन के रूप में इनपुट फाइल फील्ड में '''DEM layer '''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:28&lt;br /&gt;
||  '''Output file''' के आगे  '''Select '''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
|| '''Save the results to''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में, फाइल को '''Hillshade.tif.''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||मैं इसे '''Desktop''' पर सेव करूंगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| '''Save ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:50&lt;br /&gt;
|| ''' Mode ''' ऑप्शन के रूप में '' Hillshade''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
||यहां डिफॉल्ट रूप से ''Hillshade'''  पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
|| '''Load into canvas when finished''' के आगे चेक बॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
||यहां डिफॉल्ट रूप से यह पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:09&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट सेटिंग्स को एेेसे ही रहने दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
||'''Ok ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| '''Processing Completed''' मैसेज के साथ एक पॉप-अप बॉक्स खुलता है।'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:22&lt;br /&gt;
||'''Qgis.bin''' डायलॉग बॉक्स में '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:27&lt;br /&gt;
||'''DEM''' डायलॉग बॉक्स में' ''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| नया लेयर '''Hillshade''' अब '''Layers panel''' में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:37&lt;br /&gt;
||आप कैनवास पर रेस्टर मानचित्र को '''Hillshade''' मोड़ में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:42&lt;br /&gt;
||यह मानचित्र 3D इमेज बनाने के लिए लाइट और शेडो से तैयार किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48&lt;br /&gt;
|| मॉडल को अधिक स्पष्ट बनाने के लिए, हम एक आवरले के रूप में ''Hillshade'''  का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
|| अब हम मूल ''DEM'''  लेयर के '''symbology'''  को बदलेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:59&lt;br /&gt;
||  '''Layers''' पैनल में '''srtm layer ''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
||कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से '''Properties ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||06:09&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
||बाएं पैनल से '''Style'''  चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||06:17&lt;br /&gt;
|| '''Band Rendering ''' सेक्शन में, '''Render type ''' को '''Singleband pseudocolor.''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| '''Load minimum/maximum values''' में, '''minimum/maximum ''' रेडियो बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:33&lt;br /&gt;
||  '''Interpolation ''' ड्राप-डाउन से ''' Linear''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:37&lt;br /&gt;
||यह यहां डिफॉल्ट चयन है। '''Color ''' ड्राप-डाउन से '''Spectral''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें। ड्राप-डाउन से '''Continuous ''' के रूप में  '''Mode ''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
||'''Classify ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||06:53&lt;br /&gt;
|| '''5''' नया कलर वैल्यूज बन जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:57&lt;br /&gt;
||कलर निम्नतम से उच्चतम रेस्टर के एलवेशन के वैल्यूज को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:04&lt;br /&gt;
||निचले दाएं कोने में '''Apply'''  बटन और ''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| '''Layers''' पैनल में '''Hillshade'''  लेयर को अक्षम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
|| '''Hillshade''' लेयर के सामने चेकबॉक्स को अनचेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:18&lt;br /&gt;
||अब आप कैनवास पर मानचित्र को स्पेक्ट्रल कलर में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:24&lt;br /&gt;
|| लाल छायांकित भूखंड कम से कम ऊँचा और नीला सबसे ऊँचा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||'''Hillshade layer''' को सक्षम (एनेबल) करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:33&lt;br /&gt;
|| '''Layers Properties''' डायलॉग बॉक्स खोलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल से '''Transparency''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| स्लाइडर को ड्रैग करके '''Global transparency'''  को 50%  सेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:47&lt;br /&gt;
||  '''Apply ''' बटन और '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| मानचित्र को जूमइन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:53&lt;br /&gt;
||अब हम कैनवास पर लैंडस्केप की बढ़ी हुई स्थलाकृति देखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:00&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न सीखा,&lt;br /&gt;
'''SRTM''' डेटा वेबसाइट से '''DEM''' डेटा डाउनलोड़ करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' का  Hillshade दिखाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||यहां नियतकार्य है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| रेस्टर मानचित्र के लिए '''Slope''' मोड़ का उपयोग करके भूखंड दृष्टिगत करें। '''Slope''' लेयर के लिए symbology बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| संकेत:  '''Mode''' as '''Slope''' के रूप में  '''Mode'''  का उपयोग करें और इसका ओवरले के रूप में उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:33&lt;br /&gt;
||आपका पूर्ण नियतकार्य यहां दिखाए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
||कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:06&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Interpolation/Hindi</id>
		<title>QGIS/C4/Interpolation/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Interpolation/Hindi"/>
				<updated>2021-02-12T05:31:21Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation Methods''' in QGIS पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम Interpolation मेथड़्स के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting (IDW)''' और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Triangulated Irregular Network (TIN)'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:18&lt;br /&gt;
|| यहां मैं उपयोग कर रही हूं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux''' OS वर्जन16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:24&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' वर्जन  2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको '''QGIS''' इंटरफेस से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:34&lt;br /&gt;
||इस श्रृंखला में पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के लिए आवश्यक डेटा फाइल्स '''Code files'''  लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
||कृपया डाउनलोड़ करें और फोल्डर के कंटेंट्स को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:51&lt;br /&gt;
|| मैंने इस फोल्डर को '''Desktop''' पर सेव किया है। फोल्डर को खोलने के लिए इस पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर में  '''Air Stations.shp'''  पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
||यह फ़ाइल महाराष्ट्र में स्थित मौसम विज्ञान स्टेशनों को दिखाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation''' असतत बिंदुओं से अविरत सतह बनाने का एक मेथड़ है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:17&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' में '''interpolation'''  के दो मेथड़ उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting (IDW)''' और  '''Triangulated Irregular Network (TIN)'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation Plugin''' का उपयोग '''Point layer''' से '''interpolated raster'''  बनाने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:35&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
|| यहां मैंने '''QGIS'''  इंटरफेस खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
|| यहां दिखाए अनुसार '''Plugins''' मैन्यू का उपयोग करके interpolation plugin एनेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation plugin''' के चेकबॉक्स को चेक करें। डायलॉब बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| '''Raster''' मैन्यू खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:59&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation''' ऑप्शन अब '''Raster''' मैन्यू में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
||'''Add Vector Layer''' टूल पर क्लिक करें। '''Add vector layer''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| '''Browse''' बटन पर क्लिक करें और '''Code files'''  फोल्डर पर जाएं। यहां हम दो फाइल्स खोलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
|| '''AirStations.shp''' फाइल चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| कीबोर्ड पर  '''Ctrl''' की पकड़कर रखें और '''MH_Districts.shp''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
||'''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| '''Add vector layer''' डायलॉग बॉक्स में '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:40&lt;br /&gt;
|| हम कैनवास पर महाराष्ट्र राज्य का मानचित्र देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक जिले के '''Air stations''' के स्थान प्वाइंट फीचर्स के रूप में दर्शाए गए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| इन प्वाइंट फीचर्स को लेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
||  '''Air Stations layer''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉेक्स खोलने के लिए  '''Properties ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल पर स्थित '''Labels''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| ऊपरी सिरे पर स्थित ड्राप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| ड्राप-डाउन से '''Show labels for this layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
||'''Label with''' ड्राप-डाउन में, '''Air underscore Pollut''' चुनेंं। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:28&lt;br /&gt;
|| यहां आपको लेबल स्टाइल को बदलने के लिए विभिन्न ऑप्शन्स मिलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
||ऑवश्यक स्टाइल चुनें और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर, लेबल्स के साथ प्वाइंट्स प्रदर्शित होंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
|| '''Air Stations dot shp layer''' के लिए '''attribute''' टेबल खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
|| '''attribute''' टेबल में प्रत्येक स्टेशन के लिए '''Nitrogen Oxides''' लेबल्स दिया गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| हम '''Nox attribute''' से '''Air Stations layer''' का अंतर्वेशन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:03&lt;br /&gt;
||यहां हम '''interpolation''' के लिए ''IDW method''' का उपयोग करेंगे। '''attribute''' टेबल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting''' मेथड़ सेम्पल प्वाइंट्स को भार देती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग डेटा को '''interpolating''' करने के लिए किया जाता है जैसे तापमान, वर्षा, जनसंख्या आदि।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:26&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| '''Raster''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
|| '''interpolation plugin '''पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
||'''Interpolation plugin''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:39&lt;br /&gt;
|| ''' Input'''  सेक्शन में,  '''Vector layers''' की तरह ऑप्शन के रूप में '''Air Stations''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||यहां डिफॉल्ट रूप से, '''Air Stations layer''' पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| '''Nox''' के रूप में '''Interpolation attribute''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
|| '''Add ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
||यह '''Air Stations dot shp layer''' को '''Nitrogen Oxide'''  एट्रीब्यूट के साथ जोड़ेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
||''' Type''' ड्राप-डाउन में  '''Points ''' चुनें। यहां  '''Points '''  डिफॉल्ट रूप से चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
||  '''Output''' सेक्शन पर जाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting''' के रूप में '''Interpolation method''' चुनें। सभी सेटिंग्स को डिफॉल्ट रहने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| '''Output file''' के आगे तीन डॉट्स बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
||Save the output as an '''IDW underscore Stations''' in the desired folder. I will save it on '''Desktop'''.&lt;br /&gt;
इच्छित फोल्डर में '''IDW underscore Stations''' के रूप में आउटपुट सेव करें। मैं इसे '''Desktop''' पर सेव करूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
|| '''Add result to project''' को चेक करें, यदि यह अनचेक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| काले और सफेद क्षेत्रों के साथ मानचित्र स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
||सफेद क्षेत्र '''Nitrogen Oxides''' के उच्च लेबल को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| काले क्षेत्र '''Nitrogen Oxides''' के निम्न लेबल को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| अधिक स्पष्टता के लिए, हम '''layer''' की सिम्बोलॉजी को बदल देंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:08&lt;br /&gt;
|| '''IDW layer''' के लिए '''Layer properties'''  खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल में '''Style ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
||'''Single band Pseudocolor''' के रूप में '''Render type''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
||  '''Interpolation''' ड्राप-डाउन से '''Discrete''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:26&lt;br /&gt;
||कलर ड्राप-डाउन से '''Spectral'''  चुनें।  '''Invert''' चेक बॉक्स चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:33&lt;br /&gt;
|| '''Classify''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
||अन्य सभी सेटिंग्स को डिफॉल्ट रहने दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
||'''Apply''' और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| '''Spectral'''  कलर में क्षेत्रों के साथ मानचित्र कैनवास पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
||लाल कलर के क्षेत्रों में '''Nitrogen Oxides''' की उच्च सांद्रता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
||नीले क्षेत्रों में '''Nitrogen Oxides''' की निम्न सांद्रता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:01&lt;br /&gt;
|| टूल बार से '''Save''' टूल का उपयोग करके प्रोजेक्ट को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
||उपयुक्त नाम दें। सही स्थान चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
|| '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
|| अब '''Triangulated Irregular Network interpolation''' मेथड़ के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:22&lt;br /&gt;
||'''TIN ''' का उपयोग त्रिकोणों द्वारा बनाई गई सतह बनाने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
||यह '''nearest neighbor point ''' जानकारी पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:33&lt;br /&gt;
||'''TIN ''' मेथड़ का उपयोग आमतौर पर एलवेशन डेटा के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| नया  '''QGIS'''  विंडो खोलें। टूल बार में  '''New''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
|| '''Points dot shp layer''' को लोड़ करने के लिए '''Add Vector Layer''' टूल का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| '''Points layer''' का '''Attribute table''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक प्वाइंट फीचर के लिए एलवेशन डेटा पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
||  '''Attribute''' टेबल बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| फिर से '''Raster''' मैन्यू से '''Interpolation window''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| ''' Input'''  सेक्शन में,  '''Vector layers''' ड्राप-डाउन में ''Points layer''' चुनें। ''' Interpolation attribute''' के रूप में '''elevation ''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||  '''Add''' बटन पर क्लिक करें। यह '''interpolating''' के लिए '''elevation attribute'''  के साथ '''Points layer'''  जोड़ेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:28&lt;br /&gt;
||'''Type''' ड्राप-डाउन में '''Points''' स्वतः चुना है। इसे ऐसे रहने दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
|| '''Output''' सेक्शन में, '''Interpolation method''' के रूप में '''Triangular interpolation''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
||'''TIN-Stations''' के रूप में  '''output''' फाइल सेव करें और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
|| '''triangulated interpolation''' दर्शाते हुए मानचित्र कैनवास पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| यह '''layer''' के लिए  '''symbology''' बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
||जो हमने '''IDW layer''' के लिए किए,उन्हीं स्टेप्स का अनुकरण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
|| मानचित्र अब '''Spectral''' कलर्स में प्रदर्शित होता है। लाल कलर का क्षेत्र उच्च एलवेशन दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:21&lt;br /&gt;
||नीला क्षेत्र निम्न एलवेशन दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| टूल बार में '''Save'''  टूल का उपयोग करके मानचित्रों को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:30&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में,  इस ट्यूटोरियल में हमने '''Interpolation''' के दो मेथड़्स के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting (IDW)''' और  '''Triangulated Irregular Network''' '''(TIN)'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
||  नियतकार्य के लिए, '''SO2  attribute''' के साथ '''Air Stations layer''' के लिए '''IDW interpolated'''  मानचित्र बनाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:52&lt;br /&gt;
|| आपका मानचित्र यहां दिखाए गए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:03&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Interpolation/Hindi</id>
		<title>QGIS/C4/Interpolation/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Interpolation/Hindi"/>
				<updated>2021-01-10T09:37:15Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {|border=1 || '''Time''' || '''Narration''' |- || 00:01 || '''Interpolation Methods''' in QGIS पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation Methods''' in QGIS पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम Interpolation मेथड़्स के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting (IDW)''' और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Triangulated Irregular Network (TIN)'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:18&lt;br /&gt;
|| यहां मैं उपयोग कर रही हूं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux''' OS वर्जन16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:24&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' वर्जन  2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको '''QGIS''' इंटरफेस से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:34&lt;br /&gt;
||इस श्रृंखला में पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के लिए आवश्यक डेटा फाइल्स '''Code files'''  लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
||कृपया डाउनलोड़ करें और फोल्डर के कंटेंट्स को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:51&lt;br /&gt;
|| मैंने इस फोल्डर को '''Desktop''' पर सेव किया है। फोल्डर को खोलने के लिए इस पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर में  '''Air Stations.shp'''  पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
||यह फ़ाइल महाराष्ट्र में स्थित मौसम विज्ञान स्टेशनों को दिखाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:10&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation''' असतत बिंदुओं से अविरत सतह बनाने का एक मेथड़ है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:17&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' में '''interpolation'''  के दो मेथड़ उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting (IDW)''' और  '''Triangulated Irregular Network (TIN)'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation Plugin''' का उपयोग '''Point layer''' से '''interpolated raster'''  बनाने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:35&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
|| यहां मैंने '''QGIS'''  इंटरफेस खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
|| यहां दिखाए अनुसार '''Plugins''' मैन्यू का उपयोग करके interpolation plugin एनेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation plugin''' के चेकबॉक्स को चेक करें। डायलॉब बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:56&lt;br /&gt;
|| '''Raster''' मैन्यू खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:59&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation''' ऑप्शन अब '''Raster''' मैन्यू में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
||'''Add Vector Layer''' टूल पर क्लिक करें। '''Add vector layer''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:11&lt;br /&gt;
|| '''Browse''' बटन पर क्लिक करें और '''Code files'''  फोल्डर पर जाएं। यहां हम दो फाइल्स खोलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
|| '''AirStations.shp''' फाइल चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| कीबोर्ड पर  '''Ctrl''' की पकड़कर रखें और '''MH_Districts.shp''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
||'''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| '''Add vector layer''' डायलॉग बॉक्स में '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:40&lt;br /&gt;
|| हम कैनवास पर महाराष्ट्र राज्य का मानचित्र देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक जिले के '''Air stations''' के स्थान प्वाइंट फीचर्स के रूप में दर्शाए गए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| इन प्वाइंट फीचर्स को लेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
||  '''Air Stations layer''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉेक्स खोलने के लिए  '''Properties ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल पर स्थित '''Labels''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| ऊपरी सिरे पर स्थित ड्राप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| ड्राप-डाउन से '''Show labels for this layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
||'''Label with''' ड्राप-डाउन में, '''Air underscore Pollut''' चुनेंं। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:28&lt;br /&gt;
|| यहां आपको लेबल स्टाइल को बदलने के लिए विभिन्न ऑप्शन्स मिलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
||ऑवश्यक स्टाइल चुनें और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर, लेबल्स के साथ प्वाइंट्स प्रदर्शित होंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
|| '''Air Stations dot shp layer''' के लिए '''attribute''' टेबल खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
|| '''attribute''' टेबल में प्रत्येक स्टेशन के लिए '''Nitrogen Oxides''' लेबल्स दिया गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| हम '''Nox attribute''' से '''Air Stations layer''' का अंतर्वेशन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:03&lt;br /&gt;
||यहां हम '''interpolation''' के लिए ''IDW method''' का उपयोग करेंगे। '''attribute''' टेबल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting''' मेथड़ सेम्पल प्वाइंट्स को भार देती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग डेटा को '''interpolating''' करने के लिए किया जाता है जैसे तापमान, वर्षा, जनसंख्या आदि।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:26&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| '''Raster''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:32&lt;br /&gt;
|| '''interpolation plugin '''पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
||'''Interpolation plugin''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:39&lt;br /&gt;
|| ''' Input'''  सेक्शन में,  '''Vector layers''' की तरह ऑप्शन के रूप में '''Air Stations''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||यहां डिफॉल्ट रूप से, '''Air Stations layer''' पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| '''Nox''' के रूप में '''Interpolation attribute''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
|| '''Add ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
||यह '''Air Stations dot shp layer''' को '''Nitrogen Oxide'''  एट्रीब्यूट के साथ जोड़ेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
||''' Type''' ड्राप-डाउन में  '''Points ''' चुनें। यहां  '''Points '''  डिफॉल्ट रूप से चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
||  '''Output''' सेक्शन पर जाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting''' के रूप में '''Interpolation method''' चुनें। सभी सेटिंग्स को डिफॉल्ट रहने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| '''Output file''' के आगे तीन डॉट्स बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
||Save the output as an '''IDW underscore Stations''' in the desired folder. I will save it on '''Desktop'''.&lt;br /&gt;
इच्छित फोल्डर में '''IDW underscore Stations''' के रूप में आउटपुट सेव करें। मैं इसे '''Desktop''' पर सेव करूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
|| '''Add result to project''' को चेक करें, यदि यह अनचेक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| काले और सफेद क्षेत्रों के साथ मानचित्र स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
||सफेद क्षेत्र '''Nitrogen Oxides''' के उच्च लेबल को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| काले क्षेत्र '''Nitrogen Oxides''' के निम्न लेबल को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| अधिक स्पष्टता के लिए, हम '''layer''' की सिम्बोलॉजी को बदल देंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:08&lt;br /&gt;
|| '''IDW layer''' के लिए '''Layer properties'''  खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल में '''Style ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
||'''Single band Pseudocolor''' के रूप में '''Render type''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
||  '''Interpolation''' ड्राप-डाउन से '''Discrete''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:26&lt;br /&gt;
||कलर ड्राप-डाउन से '''Spectral'''  चुनें।  '''Invert''' चेक बॉक्स चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:33&lt;br /&gt;
|| '''Classify''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
||अन्य सभी सेटिंग्स को डिफॉल्ट रहने दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
||'''Apply''' और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| '''Spectral'''  कलर में क्षेत्रों के साथ मानचित्र कैनवास पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
||लाल कलर के क्षेत्रों में '''Nitrogen Oxides''' की उच्च सांद्रता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:56&lt;br /&gt;
||नीले क्षेत्रों में '''Nitrogen Oxides''' की निम्न सांद्रता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:01&lt;br /&gt;
|| टूल बार से '''Save''' टूल का उपयोग करके प्रोजेक्ट को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
||उपयुक्त नाम दें। सही स्थान चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
|| '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
|| अब '''Triangulated Irregular Network interpolation''' मेथड़ के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:22&lt;br /&gt;
||'''TIN ''' का उपयोग त्रिकोणों द्वारा बनाई गई सतह बनाने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
||यह '''nearest neighbor point ''' जानकारी पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:33&lt;br /&gt;
||'''TIN ''' मेथड़ का उपयोग आमतौर पर एलवेशन डेटा के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| नया  '''QGIS'''  विंडो खोलें। टूल बार में  '''New''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
|| '''Points dot shp layer''' को लोड़ करने के लिए '''Add Vector Layer''' टूल का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| '''Points layer''' का '''Attribute table''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक प्वाइंट फीचर के लिए एलवेशन डेटा पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
||  '''Attribute''' टेबल बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| फिर से '''Raster''' मैन्यू से '''Interpolation window''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| ''' Input'''  सेक्शन में,  '''Vector layers''' ड्राप-डाउन में ''Points layer''' चुनें। ''' Interpolation attribute''' के रूप में '''elevation ''' चुनें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||  '''Add''' बटन पर क्लिक करें। यह '''interpolating''' के लिए '''elevation attribute'''  के साथ '''Points layer'''  जोड़ेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:28&lt;br /&gt;
||'''Type''' ड्राप-डाउन में '''Points''' स्वतः चुना है। इसे ऐसे रहने दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
|| '''Output''' सेक्शन में, '''Interpolation method''' के रूप में '''Triangular interpolation''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
||'''TIN-Stations''' के रूप में  '''output''' फाइल सेव करें और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
|| '''triangulated interpolation''' दर्शाते हुए मानचित्र कैनवास पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| यह '''layer''' के लिए  '''symbology''' बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
||जो हमने '''IDW layer''' के लिए किए,उन्हीं स्टेप्स का अनुकरण करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
|| मानचित्र अब '''Spectral''' कलर्स में प्रदर्शित होता है। लाल कलर का क्षेत्र उच्च एलवेशन दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:21&lt;br /&gt;
||नीला क्षेत्र निम्न एलवेशन दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| टूल बार में '''Save'''  टूल का उपयोग करके मानचित्रों को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:30&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में,  इस ट्यूटोरियल में हमने '''Interpolation''' के दो मेथड़्स के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| '''Inverse Distance Weighting (IDW)''' और  '''Triangulated Irregular Network''' '''(TIN)'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
||  नियतकार्य के लिए, '''SO2  attribute''' के साथ '''Air Stations layer''' के लिए '''IDW interpolated'''  मानचित्र बनाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:52&lt;br /&gt;
|| आपका मानचित्र यहां दिखाए गए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:03&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Create-Contour-Lines/Hindi</id>
		<title>QGIS/C4/Create-Contour-Lines/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Create-Contour-Lines/Hindi"/>
				<updated>2021-01-10T09:35:27Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {|border=1 || '''Time''' ||'''Narration''' |- || 00:01 || '''Create Contour Lines''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आप...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Create Contour Lines''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगे, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
||  '''Clipper''' टूल का उपयोग करके '''DEM''' में क्षेत्र क्लिप करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
||  '''DEM''' के लिए '''contour''' लाइन्स दिखाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| और '''contour''' मानचित्र पर सबसे ऊँचा क्षेत्र चिन्हित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
||यहां मैं उपयोग कर रही हूँ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux '''OS वर्जन 16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
|| QGIS वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:36&lt;br /&gt;
|| और कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको '''QGIS''' इंटरफेस से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
|| इस श्रृंखला में पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:53&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए आवश्यक '''DEM''' डेटा '''Code files''' लिंक में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
|| कृपया डाउनलोड़ करें और फोल्डर के कंटेंट्स को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
||मैं इस फोल्डर को '''Desktop''' पर सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| फोल्डर को खोलने के लिए इस पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| '''srtm.tif''' फाइल पर राइट-क्लिक करें और '''Open with QGIS Desktop''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
||स्क्रीन पर मानचित्र खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| आप '''Layer''' मैन्यू में '''Add Raster Layer '''  ऑप्शन का उपयोग करके भी '''tif ''' फाइल खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:33&lt;br /&gt;
|| आप कैनवास पर भूखंड का  '''DEM''' देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
||  '''Raster menu''' में '''Contour tool'''  का उपयोग करके इस '''DEM'''  के लिए '''Contour lines''' तैयार की जा सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
||''Contour lines''' के बारे में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| यह मानचित्र पर एक लाइन है जो समुद्र तल से ऊपर या नीचे समान ऊंचाई के बिंदुओं को जोड़ती है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:57&lt;br /&gt;
|| Contour लाइन्स मानचित्र पर उच्चतम और सबसे कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों को निर्धारित करने में हमारी मदद करती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
||हम इस नक्शे पर चयनित क्षेत्र के लिए Contour लाइन खींच सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:10&lt;br /&gt;
|| हम क्षेत्र को क्लिप करने के लिए  '''Raster'''  मैन्यू में '''Clipper'''  टूल का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
||'''Raster ''' मैन्यू पर क्लिक करें। ड्राप-डाउन से '''Extraction''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:23&lt;br /&gt;
|| '''Clipper''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
||'''Clipper''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' लेयर के रूप में '''Input file''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| यहां, डिफॉल्ट रूप से यह लेयर पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| '''Output file''' के लिए '''Select''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
||'''Select the raster file to save the results to''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:48&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में, फाइल को  '''Clip-DEM.tif''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
|| निचले दाएं कोने में '''Save ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
||'''Clipper'''  डायलॉग बॉक्स में, '''No data value''' चेकबॉक्स चेक करें। वैल्यू जीरो करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:10&lt;br /&gt;
|| '''Clipping mode''' हैडिंग में, '''Extent''' रेडियो बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
||''QGIS''' विंडो पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:19&lt;br /&gt;
|| अब कर्सर प्लस (+) चिन्ह के रूप में दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
|| अपने बाएं माउस बटन को पकड़कर रखें और पसंदीदा क्षेत्र को कवर करने वाला एक आयत बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:30&lt;br /&gt;
|| इस प्रदर्शन के लिए मैं मुंबई क्षेत्र चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:35&lt;br /&gt;
||'''Clipper''' डायलॉग बॉक्स में, '''Load into canvas when finished''' के आगे चेकबॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:42&lt;br /&gt;
||अन्य डिफाल्ट सेटिंग्स को ऐसे ही रहने दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| निचले दाएं कोने पर '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:51&lt;br /&gt;
||प्रक्रिया पूर्ण होने पर,  '''OK''' बटन्स पर क्लिक करके पॉप-अप विंडोज बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:58&lt;br /&gt;
|| '''Clipper''' डायलॉग बॉक्स में निचले दाएं कोने पर '''Close'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:05&lt;br /&gt;
||आप कैनवास पर नया लेयर लोड़ हुआ देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:10&lt;br /&gt;
||'''Clip-DEM'''  लेयर को छोड़कर ''Layers Panel''' में सभी लेयर्स को डिसेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| अब हम ''Contour'''टूल का उपयोग करके इस मानचित्र के लिए contour लाइन बनाने के लिए तैयार हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
||'''Raster ''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:26&lt;br /&gt;
|| '''Extraction''' पर नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| सब-मैन्यू से '''Contour''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:34&lt;br /&gt;
||'''Contour''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
'''Input file''' ड्राप-डाउन से, '''Clip-DEM''' लेयर चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
||'''Output file''' के लिए '''Select ''' बटन पर क्लिक करें। डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
||डायलॉग बॉक्स में,  फाइल को '''Contour.shp''' नाम दें। '''Save'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
||'''Contour''' डायलॉग बॉक्स में, ''Interval between contour lines'''  में 50 चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
|| यह 50 मीटर के अंतराल के लिए contour  लाइन्स तैयार करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
|| '''Attribute name''' के सामने चेकबॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| प्रत्येक contour लाइन के लिए एलवेशन वैल्यू एक attribute '''E L E V''' के रूप में रिकॉर्ड होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
||'''Load into canvas when finished'' के सामने बॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:29&lt;br /&gt;
|| Contour डायलॉग बॉक्स में निचले दाएं कोने में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
||प्रक्रिया पूर्ण होने पर, '''OK''' बटन्स पर क्लिक करके पॉप-अप विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| '''Contour'''  डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
||एक नया लेयर '''Contour''' '''Layers panel''' में जुड़ जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
||contour लाइन्स का कलर बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:57&lt;br /&gt;
|| '''Contour''' लेयर पर राइट-क्लिक करें। '''Styles''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| कलर बदलने के लिए त्रिकोण को धुमाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|| अपने पसंद का कलर चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
|| '''Layers panel''' में चेक बॉक्सेस को अनचेक करके अन्य लेयर्स को छिपाएंं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
|| '''Contour''' लेयर के लिए ''Attribute table ''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
||एट्रीब्यूट टेबल  में, प्रत्येक लाइन फीचर में '''E L E V''' नामक एक एट्रीब्यूट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:28&lt;br /&gt;
|| इस कॉलम में दी गई वैल्यू उस contour लाइन के लिए मीटर में उच्चतम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:35&lt;br /&gt;
||अवरोही क्रम में वैल्यूज को सॉर्ट करने के लिए कुछ बार कॉलम हेडर पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| पहली रो हमारे डेटा में उच्चतम ऊंचाई का दर्शाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
||टेबल को नीचे स्क्रोल करें, अंतिम रो सबसे कम ऊंचाई दर्शाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:54&lt;br /&gt;
||ऊपर स्क्रोल करें और इसे चुनने के लिए पहली रो पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| टूल बार में '''Zoom map to the selected rows''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' विंडो पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| आप चयनित contour  लाइन्स पीले रंग में चिन्हांकित देखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
||यह इस '''data-set''' में उच्चतम ऊंचाई वाला क्षेत्र है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
||इस प्रोजेक्ट को सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| टूल बार में “'''Save As'''” टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
||  उपयुक्त नाम दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
|| सही स्थान पर सेव करें। ''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:39&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न सीखा, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:42&lt;br /&gt;
|| '''Clipper''' टूल का उपयोग करके  '''DEM'''  में क्षेत्र को क्लिप करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:47&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' के लिए '''contour''' लाइन्स दिखाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| '''contour''' मानचित्र पर सबसे ऊंचा क्षेत्र चिन्हित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
||यहां नियतकार्य है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:59&lt;br /&gt;
|| &lt;br /&gt;
'''DEM''' पर अपने पसंदीदा क्षेत्र के लिए '''contour ''' लाइन्स बनाएं। क्षेत्र की उच्चतम ऊंचाई ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
||यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:26&lt;br /&gt;
||  कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/DEM-Analysis/Hindi</id>
		<title>QGIS/C4/DEM-Analysis/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/DEM-Analysis/Hindi"/>
				<updated>2021-01-10T09:34:10Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {|border=1 || '''Time''' || '''Narration''' |- || 00:01 || '''DEM Analysis''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''DEM Analysis''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
||  '''SRTM''' डेटा वेबसाइट से '''DEM''' डेटा डाउनलोड़ करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
||'''DEM''' का  Hillshade दिखाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||यहां मैं उपयोग कर रही हूँ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux '''OS वर्जन16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:25&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' वर्जन 2.18 और एक कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:33&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको  '''QGIS '''  इंटरफेस के साथ परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| इस श्रृंखला में पूर्वापेक्षा ट्यूटोरियल्स को देखने के लिए कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
|| '''Digital Elevation Model''' या '''DEM'''  रेस्टर फाइल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
|| यह प्रत्येक रेस्टर सेल के लिए एलवेशन डेटा दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
||'''DEMs''' का उपयोग अनावृत भूखंड को दर्शाने के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
|| भूखंड आमतौर पर वनस्पति और मानव निर्मित विशेषताओं से रहित हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| '''DEMs''' का उपयोग एलवेशन (ऊंचाई) के आधार पर किसी क्षेत्र की गणना और विश्लेषण के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:14&lt;br /&gt;
|| '''DEM ''' डेटा डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:17&lt;br /&gt;
|| दिए गए लिंक को किसी भी वेब ब्राउजर में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
|| '''Shuttle radar topography mission (SRTM) data''' वेबसाइट खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
|| इस वेबसाइट से '''SRTM''' डेटा को मुक्त में डाउनलोड़ किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||'''Download Manager''' पेज पर, एलवेशन मॉडल्स टाइल्स में व्यवस्थित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:39&lt;br /&gt;
||  दो ऑप्शन्स '''Tile Size''' और  '''Format''' उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| हम रेडियो बटन्स पर क्लिक करके टाइल साइज और फॉर्मेट चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||पेज को विश्व मानचित्र पर नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
||विश्व मानचित्र को जूम इन करने के लिए मानचित्र के बाएं कोने पर प्लस चिन्ह का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:00&lt;br /&gt;
||'''Maharashtra''' टाइल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||विश्व मानचित्र के ऊपरी बाएं कोने में स्थित '''Search'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:09&lt;br /&gt;
||'''Download''' विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
|| '''Description''' हैडिंग पर नीचे स्क्रोल करें। निचले भाग में '''Download SRTM''' लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:20&lt;br /&gt;
||एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, '''Save File''' ऑप्शन चुनें। '''OK '''बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
|| मेरे सिस्टम पर '''zip file '''  '''Downloads ''' फोल्डर में डाउनलोड़ होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:34&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| राइट-क्लिक करें और '''Extract Here ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर पर डबल-क्लिक करें। यह '''DEM''' '''dataset''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| यहां हम भिन्न फाइल एक्सटेंशन्स के साथ कई फाइल्स देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:55&lt;br /&gt;
||फोल्डर बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57&lt;br /&gt;
|| '''QGIS ''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| Click on, '''Layer menu ''' on the '''menu bar''' में '''Layer menu ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| '''sub-menu''' से '''Add Layer ''' चुनें,  '''Add Raster Layer ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| '''Data source ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| '''SRTM ''' वेबसाइट से डाउनलोड़ किए गए '''SRTM ''' फोल्डर पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| फोल्डर के कंटेंट्स से '''.tif '''  एक्सटेंशन वाली फाइल चुनें। '''Open ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||आप कैनवास पर भूखंड का  '''DEM'''  देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:36&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' में भूखंड की सभी '''3D information''' होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| रेस्टर इमेज पर प्रत्येक पिक्सेल, उस स्थान पर औसत एलवेशन (ऊंचाई) का दर्शाता है। यह एलवेशन मीटरों में दी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| डार्क पिक्सेल्स कम ऊंचाऊ वाले क्षेत्र दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| लाइटर पिक्सेल्स अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
||इस मानचित्र का '''DEM '''  विश्लेषण शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Raster '''  मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| ड्राप-डाउन से '''Analysis'''  पर क्लिक करें। सब-मैन्यू से '''DEM (Terrain models)''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:19&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:22&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट चयन के रूप में इनपुट फाइल फील्ड में '''DEM layer '''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:28&lt;br /&gt;
||  '''Output file''' के आगे  '''Select '''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
|| '''Save the results to''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में, फाइल को '''Hillshade.tif.''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||मैं इसे '''Desktop''' पर सेव करूंगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| '''Save ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:50&lt;br /&gt;
|| ''' Mode ''' ऑप्शन के रूप में '' Hillshade''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
||यहां डिफॉल्ट रूप से ''Hillshade'''  पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
|| '''Load into canvas when finished''' के आगे चेक बॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
||यहां डिफॉल्ट रूप से यह पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:09&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट सेटिंग्स को एेेसे ही रहने दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
||'''Ok ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| '''Processing Completed''' मैसेज के साथ एक पॉप-अप बॉक्स खुलता है।'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:22&lt;br /&gt;
||'''Qgis.bin''' डायलॉग बॉक्स में '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:27&lt;br /&gt;
||'''DEM''' डायलॉग बॉक्स में' ''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| नया लेयर '''Hillshade''' अब '''Layers panel''' में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:37&lt;br /&gt;
||आप कैनवास पर रेस्टर मानचित्र को '''Hillshade''' मोड़ में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:42&lt;br /&gt;
||यह मानचित्र 3D इमेज बनाने के लिए लाइट और शेडो से तैयार किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48&lt;br /&gt;
|| मॉडल को अधिक स्पष्ट बनाने के लिए, हम एक आवरले के रूप में ''Hillshade'''  का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
|| अब हम मूल ''DEM'''  लेयर के '''symbology'''  को बदलेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 05:59&lt;br /&gt;
||  '''Layers''' पैनल में '''srtm layer ''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
||कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से '''Properties ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||06:09&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
||बाएं पैनल से '''Style'''  चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||06:17&lt;br /&gt;
|| '''Band Rendering ''' सेक्शन में, '''Render type ''' को '''Singleband pseudocolor.''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| '''Load minimum/maximum values''' में, '''minimum/maximum ''' रेडियो बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:33&lt;br /&gt;
||  '''Interpolation ''' ड्राप-डाउन से ''' Linear''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:37&lt;br /&gt;
||यह यहां डिफॉल्ट चयन है। '''Color ''' ड्राप-डाउन से '''Spectral''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:44&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें। ड्राप-डाउन से '''Continuous ''' के रूप में  '''Mode ''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:50&lt;br /&gt;
||'''Classify ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||06:53&lt;br /&gt;
|| '''5''' नया कलर वैल्यूज बन जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:57&lt;br /&gt;
||कलर निम्नतम से उच्चतम रेस्टर के एलवेशन के वैल्यूज को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:04&lt;br /&gt;
||निचले दाएं कोने में '''Apply'''  बटन और ''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| '''Layers''' पैनल में '''Hillshade'''  लेयर को अक्षम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
|| '''Hillshade''' लेयर के सामने चेकबॉक्स को अनचेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:18&lt;br /&gt;
||अब आप कैनवास पर मानचित्र को स्पेक्ट्रल कलर में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:24&lt;br /&gt;
|| लाल छायांकित भूखंड कम से कम ऊँचा और नीला सबसे ऊँचा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||'''Hillshade layer''' को सक्षम (एनेबल) करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||07:33&lt;br /&gt;
|| '''Layers Properties''' डायलॉग बॉक्स खोलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल से '''Transparency''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 07:41&lt;br /&gt;
|| स्लाइडर को ड्रैग करके '''Global transparency'''  को 50%  सेट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:47&lt;br /&gt;
||  '''Apply ''' बटन और '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| मानचित्र को जूमइन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:53&lt;br /&gt;
||अब हम कैनवास पर लैंडस्केप की बढ़ी हुई स्थलाकृति देखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:00&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न सीखा,&lt;br /&gt;
 '''SRTM''' डेटा वेबसाइट से '''DEM''' डेटा डाउनलोड़ करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| '''DEM''' का  Hillshade दिखाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||यहां नियतकार्य है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| रेस्टर मानचित्र के लिए '''Slope''' मोड़ का उपयोग करके भूखंड दृष्टिगत करें। '''Slope''' लेयर के लिए symbology बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| संकेत:  '''Mode''' as '''Slope''' के रूप में  '''Mode'''  का उपयोग करें और इसका ओवरले के रूप में उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:33&lt;br /&gt;
||आपका पूर्ण नियतकार्य यहां दिखाए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
||कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:06&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Nearest-Neighbour-Analysis/Hindi</id>
		<title>QGIS/C4/Nearest-Neighbour-Analysis/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C4/Nearest-Neighbour-Analysis/Hindi"/>
				<updated>2021-01-10T09:32:55Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{|border=1 |- ||'''Time''' || '''Narration''' |- ||00:01 || '''Nearest Neighbour Analysis''' in ''' QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| '''Nearest Neighbour Analysis''' in ''' QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:11&lt;br /&gt;
|| '''Distance matrix'''  मेथड़ के द्वारा '''Nearest Neighbour Analysis ''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
||'''Nearest Neighbour Analysis''' टूल का उपयोग करके '''Statistics''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:21&lt;br /&gt;
||यहां मैं उपयोग कर रही हूँ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux '''OS वर्जन 16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''QGIS '''वर्जन ''' 2.18&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए विद्यार्थी को '''QGIS ''' इंटरफेस के साथ परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
||पू्र्वापेक्षा QGIS ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया इस लिंक का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:45&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए आवश्यक फाइल्स '''Code files''' लिंक में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
||कृपया डाउनलोड़ करें और फोल्डर के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:57&lt;br /&gt;
||यहां मेरे पास इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए आवश्यक फाइल्स के साथ फोल्डर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:04&lt;br /&gt;
||फोल्डर को खोलने के लिए डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यहां आपको '''Urban areas.shp''' और  '''Volcanoes.shp'''  प्राप्त होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
||'''Volcanoes.shp'''  लेयर विश्व में सक्रिय वाल्केनो दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:21&lt;br /&gt;
||'''Urban areas.shp''' विश्व के आबादी वाले शहरी क्षेत्र दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| QGIS में दो शेप फाइल्स खोलें, दोनों फाइल्स को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:35&lt;br /&gt;
||राइट-क्लिक करें और कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से '''Open with QGIS Desktop'''  ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
||लेयर्स पैनल  में लोड किए गए दो लेयर्स के साथ  QGIS इंटरफेस खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
||'''volcanoes '''  लेयर पर राइट-क्लिक करें और '''zoom to layer''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:55&lt;br /&gt;
||आप कैनवास पर प्वाइंट फीचर्स के साथ मानचित्र देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| इन प्वाइंट फीचर्स को लेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:05&lt;br /&gt;
|| '''Volcanoes layer''' पर राइट-क्लिक करें, सबमैन्यू में '''Properties''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:16&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल में '''Labels'''  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
|| ड्राप डाउन से '''Show labels for this layer''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| '''Label with ''' ड्राप डाउन में '''Name''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
||यहां आपको लेबल स्टाइल को रूपांतरित करने के लिए कई ऑप्शन्स मिलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
||आवश्यक स्टाइल चुनें और ''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर, प्वाइंट्स नाम के साथ प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| इसी तरह '''Urban areas''' को लेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
||कैनवास पर प्वाइंट फीचर्स उनके शहरों के साथ लेबल हो गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
||फीचर्स के मध्य spatial संबंधों का विश्लेषण करने के लिए QGIS में टूल्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
||इनमें से एक टूल '''Nearest Neighbour Analysis ''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
||'''Nearest Neighbour Analysis ''' निम्न विश्लेषण के लिए उपयोगित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
||दो '''Point features''' के मध्य दूरी ज्ञात करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:17&lt;br /&gt;
|| उन फीचर्स को ज्ञात करना, जो दिए गए फीचर के नजदीकी हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
||पहले, हम दूरियों की गणना करने के लिए '''distance matrix'''  बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:29&lt;br /&gt;
||'''Volcanoes''' लेयर के लिए ''' attribute''' टेबल खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:34&lt;br /&gt;
||'''Volcanoes''' लेयर पर राइट-क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
||''Open Attribute Table''' चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
||'''attribute table'''  में यहां कई कॉलम्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
||प्वाइंट फीचर्स के लिए विभिन्न attributes  सूचीबद्ध होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
||वोल्केनो के नाम और उनके स्थान भी सूचीबद्ध होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:56&lt;br /&gt;
||'''attribute table''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
|| '''Urban areas''' लेयर के लिए '''attribute table'' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
||टेबल में विभिन्न कॉलम्स पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
||आप टेबल में शहरों, देशों के नाम और अन्य जानकारी देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| '''attribute table''' बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
||सक्रिय वोल्केनो और नजदीकी शहरों के मध्य दूरी की गणना करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||'''Vector''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:27&lt;br /&gt;
||'Analysis Tools''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
||सबमैन्यू से '''Distance Matrix''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
||'''Distance Matrix''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
||दाएं पैनल पर '''Distance matrix'''  के बारे में विवरण पढ़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से स्क्रीन पर ''Parameters '''  खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
||यहां दिखाए गए अनुसार पैरामीटर्स चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
||एक '''Input Point Layer''' के रूप में ''Volcanoes'''  चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
||'''Input unique ID field '''  के रूप में '''NAME''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
||''' Target Point Layer'''  के रूप में '''Urban Areas '''  चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:08&lt;br /&gt;
||'''Target unique ID field'''  के रूप में '''City''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
||'''Linear''' के रूप में '' Output matrix type''' रखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
||अब वोल्केनो से दो नजदीकी शहरों तक की दूरी ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| '''Use only the nearest  target Points''' फील्ड में 2 चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| '''Distance Matrix''' फील्ड के आगे 3 डॉट्स बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:35&lt;br /&gt;
||ड्रापडाउन मैन्यू से '''Save to file''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
||डायलॉग बॉक्स में, उपयुक्त नाम और स्थान भरें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:44&lt;br /&gt;
||''' Files of type''' में ''' CSV ''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
||'''Encoding''' फील्ड में '''System''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| '''Distance matrix''' डायलॉग बॉक्स में निम्न चेकबॉक्स चेक करें। '''Open output file after running  algorithm'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:06&lt;br /&gt;
||डायलॉग बॉक्स के निचले दाएं कोने पर '''Run ''' बटन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:12&lt;br /&gt;
||प्रक्रिया में कुछ सेकेंड लगेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
||'''Distance matrix''' नामक एक नया '''csv layer'''   '''Layers''' पैनल में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| '''Distance matrix''' लेयर के लिए '''attribute table''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
||यहां '''attribute table''' में तीन कॉलम्स हैं। आखिरी कॉलम वोल्केनो और नजदीकी शहर के मध्य दूरी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
||कृपया ध्यान दें, यहां दूरी मीटर्स में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
||क्योंकि लेयर्स '''WGS 84 UTM Zone 46N system''' में प्रोजेक्ट हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:52&lt;br /&gt;
||'''CRS''' आधारित,  दूरी '''layer units''' या '''degrees''' में भी हो सकती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:00&lt;br /&gt;
||यह भी ध्यान दें कि प्रत्येक वोल्केनो के लिए दो नजदीकी शहर सूचीबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:07&lt;br /&gt;
||'''Nearest neighbour tool''' का उपयोग करके लेयर्स के लिए कुछ सांख्यिकीय विश्लेषण प्राप्त करेें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
||हम फीचर्स के वितरण का विश्लेषण करने के लिए '''nearest neighbour analysis''' रन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
||परिणाम वितरण को क्लस्टर्ड, तितर-बितर या यादृच्छिक रूप में सिद्ध करेेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
||'''attribute table''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
||'''Vector''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
||नीचे स्क्रोल करें और  '''Analysis Tools''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
||सब-मैन्यू से '''Nearest Neighbour analysis''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
||'''Nearest Neighbour Analysis''' डायलॉग बॉक्स चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
||दाएं पैनल में '''Nearest neighbour analysis''' के बारे में दी गई जानकारी पढ़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
||'''Points''' ड्राप-डााउन में '''Volcanoes''' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:02&lt;br /&gt;
||निचले दाएं कोने में '''Run''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
||'''Results''' विडों खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
||वोल्केनो लेयर के लिए कुछ सांख्यिकीय पैरामीटर्स सूचीबद्ध होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
||'''Observed mean distance'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
||'''Expected mean distance'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||'''Nearest neighbour index'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
||'''Number of point features''' और '''Z-Score'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
||'''Nearest Neighbour Index''' '''Expected Mean Distance''' से '''Observed Mean Distance''' के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:39&lt;br /&gt;
||यदि इंडेक्स मान 1 से कम है, तो पैटर्न क्लस्टरिंग प्रदर्शित करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
||यदि इंडेक्स मान 1 से अधिक है, तो ट्रैंड फैलाव की ओर होता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| '''Nearest Neighbor Index''' मान 0.2 क्लस्टरिंग दर्शाता है। जिसाका अर्थ है कि वोल्केनो एक दूसरे को नजदीक हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:04&lt;br /&gt;
||इसी तरह ऋणात्मक '''Z-Score''' भी प्वाइंट फीचर्स का क्लस्टरिंग दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:10&lt;br /&gt;
||'''Results''' विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| '''Project''' मैन्यू का उपयोग करके प्रोजेक्ट को सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
||संक्षेप में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न के बारे में सीखा,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:22&lt;br /&gt;
|| '''Distance Matrix''' मेथड़ द्वारा '''Nearest Neighbour Analysis'''&lt;br /&gt;
'''Nearest Neighbour Analysis''' टूल का उपयोग करके सांख्यिकी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:32&lt;br /&gt;
||नियतकार्य के रूप में, शहरी क्षेत्रों में 5 वोल्केनो के '''Distance Matrix''' बनाएं।&lt;br /&gt;
संकेतः इनपुट के रूप में '''Urban Areas''' और 5 के रूप में '''K''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:46&lt;br /&gt;
||आपका पूर्ण नियतकार्य इस तरह दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
||यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:59&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
||कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:20&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C3/Table-Joins-and-Spatial-Joins/Hindi</id>
		<title>QGIS/C3/Table-Joins-and-Spatial-Joins/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C3/Table-Joins-and-Spatial-Joins/Hindi"/>
				<updated>2021-01-10T09:31:45Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot;{|border=1 || '''Time''' || '''Narration''' |- || 00:01 ||'''Table Joins''' and '''Spatial Joins''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल म...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
||'''Table Joins''' and '''Spatial Joins''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम कॉमन फील्ड और समान '''spatial data''' वाले दो '''data-sets''' के '''attribute tables'''  जोड़ना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
|| यहां मैं उपयोग कर रही हूँ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
|| '''QGIS ''' वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:30&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, अभ्यार्थी को '''QGIS interface''' के साथ परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:36&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षा '''QGIS '''  ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:42&lt;br /&gt;
|| प्लेयर के नीचे स्थित '''Code files''' लिंक में दिए गए फोल्डर को डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:48&lt;br /&gt;
||डाउनलोड़ की गई zip फाइल के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें और इसे फोल्डर में सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:54&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही '''Code files''' डाउनलोड़, एक्स्ट्रैक्ट और  '''Desktop'''  पर फोल्डर में सेव की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:01&lt;br /&gt;
|| फोल्डर को खोलने के लिए इस पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
||एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर में '''Stations.shp '''  फाइल पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| '' 'Station.shp''' फ़ाइल भारत भर में मौसम स्टेशनों या वायु स्टेशनों के स्थानों को दिखाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:17&lt;br /&gt;
||यहां हमारे पास इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए आवश्यक अन्य फाइलें भी हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
|| '''attribute tables''' को जोड़ना का अर्थ है, दो '''data-sets''' के मध्य '''attribute data''' का मेल करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:30&lt;br /&gt;
|| टेबल को जोड़ने के लिए यहां दो तरीके हैं,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Table Join'''  जिसका अर्थ है, एक या अधिक कॉमन कॉलम  '''data''' वाले ''tables''' जोड़ना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40&lt;br /&gt;
|| '''Spatial Join''' अर्थात समान '''spatial data''' वाले '''tables'''  जोड़ना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:46&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम दोनों मेथड़ समझायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया इस वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
||पहले, हम कॉमन फील्ड वाले '''attribute tables''' जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||बाईं ओर से टूलबार में  '''Add Vector Layer'''  टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:07&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||'''Dataset'''  फील्ड के आगे '''Browse''' बटन पर क्लिक करें। एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
|| '''Desktop''' पर '''Code files'''  फोल्डर में  '''Stations.shp'''  फाइल पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:22&lt;br /&gt;
||''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| ''Add vector layer''' डायलॉग बॉक्स में,  '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| '''Stations.shp layer'''  '''Layers Panel''' में जुड़ जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||कैनवास पर संबंधित मानचित्र दिखाई देता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
|| यह मानचित्र भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित मौसम विज्ञान केंद्रों के अनुरूप प्वाइंट फीचर्स दिखाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||इस '''layer''' के लिए '''attribute table''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:51&lt;br /&gt;
||'''Layers Panel''' में,  '''Stations.shp''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
||कॉन्टेक्स्ट मैन्यू से '''Open Attribute Table''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| '''Attribute table ''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:03&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि ''data''' केवल एक एट्रिब्यूट '''District ''' के लिए उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:10&lt;br /&gt;
||'''attribute table''' को मिनिमाइज करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:13&lt;br /&gt;
|| अब हम अन्य ''' data-set''' को जोड़ेंगे, जो ''Layers Panel''' में स्प्रैडशीट है। यह डेटा सेट ''CSV'''  फॉर्मेट में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Layer''' मैन्यू पर क्लिक करें। ''Add layer''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||सब-मैन्यू से '''Add Delimited Text Layer''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:38&lt;br /&gt;
||'''File Name ''' फील्ड के आगे स्थित '''Browse'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:43&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:46&lt;br /&gt;
||'''Desktop''' पर '''Code files''' फोल्डर में '''Rainfall.csv'''  फाइल पर जाएं। '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:54&lt;br /&gt;
|| In the '''Delimited Text File ''' डायलॉग बॉक्स में, ''' File Format''' के रूप में '' CSV'''  चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
||  '''No geometry'''  में '''Geometry definition''' चुनें। अन्य सभी फील्ड को ऐसे ही रहने दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:09&lt;br /&gt;
||'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||'''QGIS'''  कैनवास पर, ''Rainfall layer''' '''Layers Panel''' में जुड़ जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
|| '''Rainfall layer''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:21&lt;br /&gt;
||कॉन्टेक्स्ट मैन्यू से '''Open Attribute Table '''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:26&lt;br /&gt;
|| '''Attribute table''' खुलता है। '''attribute table''' में विभिन्न जिलों के लिए जनवरी से फरवरी तक रेनफॉल डेटा है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||''Stations attribute table'''  को मैक्सिमाइज करें और दो '''tables''' की तुलना करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:43&lt;br /&gt;
||कृपया ध्यान दें, '''District ''' फील्ड '''Rainfall ''' और '''Stations layers''' दोनों में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:50&lt;br /&gt;
||अब हम ''' Rainfall layer''' से ''' Stations layer''' तक'''attribute data'''  जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:56&lt;br /&gt;
|| ''Stations attribute table''' में,  यहां '''District''' नामक केवल एक समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
|| हम'''Rainfall data'''  को '''Stations attribute table''' में जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
||'''attribute tables''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:10&lt;br /&gt;
|| '''Layers Panel''' में '''Stations layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:14&lt;br /&gt;
||यह लेयर ''Rainfall layer''' से नया डेटा प्राप्त करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:19&lt;br /&gt;
|| '''Stations layer''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:22&lt;br /&gt;
||कॉन्टेक्स्ट मैन्यू में '''Properties''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। बाएं पैनल में '''Joins''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
|| नई विंडो में, निचले बाएं कोने में '''plus ''' चिन्ह पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||'''Add vector join''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| यहां '''Join layer''', '''Join field''' और '''Target field''' चुनने के लिए हमारे पास ऑप्शन्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:51&lt;br /&gt;
|| '''Join layer'''   '''Rainfall layer''' होगा, जिस डेटा से '''Stations attribute table''' में जुड़ जाएगा&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:59&lt;br /&gt;
||यहां '''Rainfall layer'''  पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
||'''Join field'''  '''Rainfall table''' में जुड़ने वाला फील्ड या एट्रिब्यूट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
||'''Join field''' में, ड्राप-डाउन से '''District''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| '''Target field'''   '''Stations table''' में जुड़ने वाला फील्ड है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
||'''Target field''' में, '''District'''  पहले से ही चयनित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:25&lt;br /&gt;
||यह फील्ड दोनों '''tables''' के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| '''Choose which fields are joined''' के चेकबॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:34&lt;br /&gt;
||नीचे दिया गया टेक्स्ट-बॉक्स अब सभी कॉलम और चेक-बॉक्स से भरा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:41&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट बॉक्स में कॉलम्स '''January'''  से '''Annual Average '''  के बॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
||'''Add vector join ''' डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए''' OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| ''' Layer Properties ''' डायलॉग बॉक्स में, शामिल की गई लेयर और कॉलम्स के बारे में जानकारी शीर्ष पर दी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||'''Apply''' बटन, फिर '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
|| '''QGIS'''  इंटरफेस पर, पहले दिखाए गए अनुसार '''Stations layer''' के लिए '''attribute table'''  खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि यह टेबल सभी स्टेेेशनों के लिए '''Rainfall data''' दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:20&lt;br /&gt;
||'''attribute table''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| अब, हम सीखेंगे कि लोकेशन से दो '''data-sets''' के '''attribute table'''  कैसे जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||'''Layers Panel''' में अन्य लेयर जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:34&lt;br /&gt;
|| इसके लिए '''Add Vector Layer''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स में,  '''Browse''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
||'''Desktop''' में '''Code files''' फोल्डर से '''Admin.shp'''  पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
||'''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| फिर से '''Add Vector Layer'''  डायलॉग बॉक्स में '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:56&lt;br /&gt;
||'''Admin layer'''  अब '''Layers Panel''' में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:00&lt;br /&gt;
||'''Admin layer''' मानचित्र भारत की प्रशासनिक राज्य सीमाओं को दर्शाते हुए खुलता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:07&lt;br /&gt;
|| ''Layers panel''' में '''Admin layer''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
||खींचें और इसे '''Stations layer''' के नीचे लाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||अब हम भिन्न राज्यों में स्थित प्वाइंट फीचर्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||'''Admin layer''' के लिए '''attribute table''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:24&lt;br /&gt;
|| '''attribute table'''  राज्यों से संबंधित जानकारी दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
||'''Admin attribute table''' को मिनिमाइज करें। फिर से '''Stations attribute table''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
||अब हम ''Stations layer''' और '''Admin layer''' के लिए लोकेशन से '''attributes''' जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||दोनों '''attribute tables''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:47&lt;br /&gt;
|| '''Vector''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
||मैन्यू को नीचे स्क्रोल करें और '''Data Management Tools''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:53&lt;br /&gt;
||सब-मैन्यू से '''Join attributes by location''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:58&lt;br /&gt;
||'''Join attributes by location''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:02&lt;br /&gt;
||'''Target vector layer''' के लिए ड्रापडाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:05&lt;br /&gt;
|| यहां हमें '''attribute table''' को जोड़ने के लिए '''target vector layer'''  को निर्दिष्ट करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
||हमारे मामले में हमें  '''Stations layer''' में नया डेटा जोड़ने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
||चूंकि'''Stations layer'''  '''Target Layer''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:21&lt;br /&gt;
||अतः हम ''target layer''' के रूप में ड्रापडाउन से '' Stations [EPSG: 4326]''' चुनेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:29&lt;br /&gt;
||  '''Join vector layer''' के लिए ड्राप डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
||यहां हमें वह लेयर चुनना होगा, जिसे हम '''target layer''' से जोड़ना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
||ड्राप डाउन से '''Admin [EPSG: 4326] ''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
|| यहां हमारे पास '''attributes''' को जोड़ने के लिए कई ऑप्शन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:50&lt;br /&gt;
||हम विभिन्न राज्यों में स्थित मौसम विज्ञान स्टेशनों को खोजने के इच्छुक हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
||अतः '''Geometric predicate''' में, हम '''within'''  चेक बॉक्स चुनेंगे। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| '''Open output file after running algorithm''' चेकबॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| बाकी सेटिंग्स को डिफॉल्ट रहने दें। '''Run''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
|| निचले भाग पर स्टेटस बार प्रोसेसिंग एल्गोरिदम की प्रगति दर्शाता हैै। प्रोसेस के पूर्ण होने की प्रतिक्षा करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:25&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर, एक नया लेयर '''Joined layer''' '''Layers Panel''' में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:32&lt;br /&gt;
||'''Joined layer''' पर राइट-क्लिक करें और '''attribute table''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
|| इस टेबल में '''Stations layer''' पर प्रत्येक प्वाइंट के लिए '''Admin layer''' से सभी '''attributes''' शामिल होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:45&lt;br /&gt;
||प्रत्येक प्वाइंट फीचर में राज्य के बारे में जानकारी होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
||'''attribute table''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:52&lt;br /&gt;
|| प्रोजेक्ट को सेव करने के लिए,  मैन्यू बार में '''Project ''' मैन्यू पर क्लिक करें।  '''Save As''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
||एक उपयुक्त नाम दें और आसान लोकेशन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
||संक्षेप में,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने समान फील्ड और समान '''spatial data''' वाले दो '''data-sets''' के '''attribute tables'''  को जोड़ना सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:22&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में,  '''stations data''' के साथ जून से दिसंबर तक '''rainfall data''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:30&lt;br /&gt;
|| '''Code files''' फोल्डर में दी गई '''Rainfall.csv''' और '''Stations.shp''' फाइल्स का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:37&lt;br /&gt;
||पूर्ण नियतकार्य इस तरह दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:41&lt;br /&gt;
|| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:58&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:10&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Plugins/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Plugins/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Plugins/Hindi"/>
				<updated>2021-01-10T09:30:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: Created page with &amp;quot; {|border=1 || '''Time''' || '''Narration''' |- || 00:01 || '''Plugins''' in '''QGIS  पर ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Plugins''' in '''QGIS  पर ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 '''Core Plugins''' एनेबल करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
||  '''External Plugin''' संस्थापित करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस पर '''Plugin'''  पर जाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| ''QuickMapServices Plugin''' संस्थापित करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:23&lt;br /&gt;
||  '''OpenStreetMap data''' डाउनलोड़ करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:26&lt;br /&gt;
|| ''OSM data'''  को '''shapefile''' में बदलने के लिए '''QuickOSM Plugin ''' का उपयोग करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
||  '''Qgis2threejs Plugin''' का उपयोग करके मैप लेयर का 3D विज्युलाइजेशन देखना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux '''OS वर्जन16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
|| '''QGIS ''' वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:51&lt;br /&gt;
||  '''Mozilla Firefox ''' ब्राउडर 54.0  और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
||  एक कार्यरत '''Internet ''' कनेक्शन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको '''QGIS''' इंटरफेस के साथ परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| पूर्वपेक्षा '''QGIS '''  ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया इस वेब साइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
https://spoken-tutorial.org/  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:12&lt;br /&gt;
||  '''plugins''' के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:14&lt;br /&gt;
||  '''QGIS Plugins''' उपययोगी फीचर्स को सॉफ्टवेयर में जोड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
|| वे डेवलपर्स और अन्य स्वतंत्र यूजर्स द्वारा लिखे जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
||  '''Plugins''' ऑप्शन '''QGIS''' इंटरफेस में मैन्यू बार पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:30&lt;br /&gt;
|| ''''Plugins''' में,  इंटरफेस पर विभिन्न स्थानों पर मैन्यू आइटम्स प्रविष्ट करने और नए पैनल और टूलबार्स बनाने की क्षमता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:42&lt;br /&gt;
|| यहां मैंने '''QGIS''' इंटरफेस खोला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Plugins''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| ड्राप डाउन से ''Manage and Install plugins''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:55&lt;br /&gt;
|| '''Plugins''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| यहां आपको ऐसे मैन्यू मिलते हैं जो यूजर्स को '''plugins''' को सक्षम / अक्षम, संस्थापित / संस्थापन रद्द करने और अपग्रेड करने की अनुमति देते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| आप विशिष्ट '''plugin''' का पता लगाने के लिए बांए पैनल पर फिल्टर्स का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:14&lt;br /&gt;
|| डिफॉल्ट रूप से सभी मैन्यू चयनित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
|| कृपया दाएं पैनल पर दी गई जानकारी को पढ़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
||यहां सभी उपलब्ध '''plugins''' सूचीबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| इसमें '''Core plugins''' और external '''plugins''' शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल में '''Installed''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
|| दाएं पैनल पर दिए गए निर्देशों को पढ़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
|| '''plugin''' को सक्रिय या निष्क्रिय करने के लिए चेक-बॉक्स पर क्लिक या नाम पर डबल-क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
||आपके ''' QGIS'''  में संस्थापित '''Plugins'''  यहां सूचीबद्ध होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' संस्थापन के दौरान संस्थापित ये कुछ '''plugins'''   '''Core plugins'''  हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| '''Core plugin''' का उपयोग करने के लिए, हमें '''plugin''' को एनेबल या सक्रिय करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
|| '''Processing plugin''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| '''search bar''' में ' ''Processing''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:10&lt;br /&gt;
||  नाम '''search bar''' के नीचे प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| ''' plugin''' के नाम पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:16&lt;br /&gt;
|| आप इसका विवरण दाएं पैनल पर देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
|| '''Processing plugin'''  एक '''Core plugin''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
|| '''plugin''' को एनेबल या सक्रिय करने के लिए ''plugin'''  के नाम के आगे चेकबॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:30&lt;br /&gt;
|| '''Plugins''' डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| '''Processing''' plugin अब मैन्यू बार पर एनेबल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|| फिर से '''Plugins''' डायलॉग बॉक्स खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
||  '''search bar'''  साफ करें और '''Spatial Query''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| '''plugin'''  का नाम '''search bar''' के नीचे प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
|| यह '''plugin''' पहले से ही एनेबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:54&lt;br /&gt;
|| '''plugin''' के नाम पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| यह वह '''Core plugin'''  है, जो '''QGIS'''  संस्थापन के दौैरान संस्थापित हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:03&lt;br /&gt;
|| '''Core plugins''' केवल एनेबल या डिसेबल किए जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| उनका '''QGIS''' से संस्थापन रद्द नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
|| इसीलिए बटन्स यहां चिन्हांकित नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| '''plugin''' विवरण में, '''Category'''  '''Vector''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| जिसका अर्थ है कि एक बार एनेबल करने के बाद हम इस '''plugin''' को '''Vector'''  मैन्यू में पा सकते हैं। डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| '''Spatial Query'''  टूल '''Vector''' मैन्यू और टूलबार में भी टूल के रूप में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| अब एक '''external plugin''' संस्थापित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| फिर से '''Plugins'''  डायलॉग बॉक्स खोलें। '''search bar.''' साफ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल से '''Not installed'''  मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:50&lt;br /&gt;
|| सभी उपलब्ध '''plugins''' की सूची, जो संस्थापित नहीं हैं, यहाँ प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:56&lt;br /&gt;
||अब ''QuickMapServices plugin''' को संस्थापित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
|| '''Plugins'''  डायलॉग बॉक्स के ऊपरी भाग में '''search''' बॉक्स में,  '''QuickMapServices''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:07&lt;br /&gt;
|| सर्च परिणाम में नीचे '''QuickMapServices plugin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
|| '''QuickMapServices plugin''' में '''basemaps''' को जोड़ना आसान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
|| निचले दाएं कोने में '''Install plugin'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||संस्थापन पूर्ण होने की प्रतिक्षा करें। '''Plugins''' डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Web ''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:34&lt;br /&gt;
|| आप नए संस्थापित '''QuickMapServices plugin''' को ड्राप डाउन में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
|| '''QuickMapServices''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
||  '''Landsat, NASA, OSM,'''  आदि ऑप्शन्स के साथ एक सबमैन्यू खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| '''OSM''' '''Open Street Map''' का संक्षिप्त रूप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:55&lt;br /&gt;
||सबमैन्यू में '''OSM Standard''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:59&lt;br /&gt;
|| विश्व का '''Open Street Map''' कैनवास पर लोड होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:05&lt;br /&gt;
|| यह जमीन पर भौतिक सुविधाओं को दर्शाता है, उदाहरण के लिए सड़कें, भवन आदि।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
||  '''Mumbai area''' को जूमइन करने के लिए माउस का बीच का बटन स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
|| फिर से '''Thane region''' में जूम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| '''status bar''' मेें '''Current CRS'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:28&lt;br /&gt;
||  '''CRS''' सेलेक्टर में, ''Enable On-The-Fly CRS transformation''' ऑप्शन के चेकबॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:36&lt;br /&gt;
|| '''Coordinate Reference system''' से '''WGS 84  EPSG 4326''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
|| बॉक्स को बंद करने के लिए '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| मानचित्र को डाउनलोड़ करने के लिए, '''Vector''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| ड्रापडाउन से '''OpenStreetMap''' ऑप्शन पर क्लिक करें। सबमैन्यू से '''Download Data''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:03&lt;br /&gt;
|| '''Download OpenStreetMap data''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:08&lt;br /&gt;
|| '''Extent from map canvas''' डिफॉल्ट रूप से चयनित है। इसे ऐसे छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
||  '''Output file''' फील्ड के आगे 3 डॉट वाले बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, फाइल का नाम '''Thane.osm ''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
|| उपयुक्त स्थान चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
|| मैं '''Desktop''' चुनूंगी।  '''Save '''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| '''Download OpenStreetMap data''' डायलॉग बॉक्स में, '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:42&lt;br /&gt;
||स्टेटस बार पर आप डाउनलोड की प्रगति और फ़ाइल आकार देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:49&lt;br /&gt;
|| डाउनलोड पूरा होने के बाद, सफल डाउनलोड संदेश प्रदर्शित किया जाएगा। '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
||'''Download OpenStreet Map ''' डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:02&lt;br /&gt;
|| '''OSM''' फाइल जो आपने डाउनलोड़ की है वह केवल डेटा फाइल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:07&lt;br /&gt;
||इस डेटा को '''shapefile''' में बदलने के लिए, आपको '''QuickOSM''' नामक '''plugin''' की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:14&lt;br /&gt;
|| यह '''plugin'''  '''OSM'''  डेटा को '''QGIS''' में इंपोर्ट करने में मदद करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| '''plugins''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:26&lt;br /&gt;
|| ''Manage and Install Plugins''' चुनें। '''Plugins''' विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:33&lt;br /&gt;
|| '''Not installed''' मैन्यू में '''search''' बॉक्स में '''QuickOSM''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:39&lt;br /&gt;
|| सर्च परिणामों के नीचे, '''QuickOSM''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:44&lt;br /&gt;
|| इसे संस्थापित करने के लिए निचले दाएं कोने में '''Install plugin''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| संस्थापन पूर्ण होने की प्रतिक्षा करें। '''Close'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| मैन्यूबार में ''' Vector'''  मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:01&lt;br /&gt;
|| '''QuickOSM''' पर क्लिक करें। सब-मैन्यू से '''QuickOSM''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:09&lt;br /&gt;
|| '''QuickOSM''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:13&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल से  '''OSM''' फाइल ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:17&lt;br /&gt;
|| '''OSM''' फाइल में, ब्राउज पर क्लिक करें और ''Thane.osm ''' फाइल पर जाएं। '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:27&lt;br /&gt;
||'''Points, Lines, Multilinestrings, Multipolygons''' के चेक बॉक्सेस पर क्लिक करें, यदि चेक्ड नहीं हैॆ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| ''QuickOSM''' डायलॉग बॉक्स में, '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:42&lt;br /&gt;
||प्रोसेस कुछ समय ले सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
|| जब प्रोसेस पूर्ण होता है, तो '''status'''  बार 100 प्रतिशत दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:50&lt;br /&gt;
|| '''QuickOSM''' डायलॉग बॉक्स बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| '''OSM data''' कैनवास पर लोड़ होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:58&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि '''layers'''  '''Layers Panel''' में जुड़ जाती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:03&lt;br /&gt;
|| अब हम '''vector layers''' के लिए 3 डाइमेंशनल विज्युलाइजेशन बनाएंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| मैन्यू आइटम '''Plugins''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:12&lt;br /&gt;
|| '''Manage and Install Plugins''' चुनें। '''Plugins''' विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| '''Plugins'''  डायलॉग बॉक्स के ऊपरी भाग पर '''search''' बॉक्स में '''Qgis2threejs''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:26&lt;br /&gt;
|| '''Qgis2threejs''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:30&lt;br /&gt;
|| दाएं पैनल में, '''Qgis2threejs'''  का विवरण दिया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:36&lt;br /&gt;
|| इसे संस्थापित करने के लिए निचले दाएं कोने में '' Install plugin''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
||संस्थापन पूर्ण होने की प्रतिक्षा करें।  '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
|| '''Qgis2threejs Plugin''' टूल टूल बार पर देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:54&lt;br /&gt;
||  '''plugin''' भी मैन्यू बार में '''Web''' मैन्यू में पाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
|| '''Layers Panel''' में, '''Point, Lines''' और '''Multistrings layers''' को हाइड करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| '''Lines, Points, Multilinestrings layers''' के आगे चेक बॉक्सेस को अनचेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:14&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर केवल  '''Multipolygons layer'''  दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| टूलबार में '''Qgis2threejs''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:24&lt;br /&gt;
|| '''Qgis2threejs'''  डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:29&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में, '''Polygon''' सेक्शन में  '''OSMFile'''  के आगे चेक बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
|| '''Output HTML file path''' टेक्स्ट बॉक्स के आगेे '''Browse'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:42&lt;br /&gt;
|| '''Output filename''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। फाइल को '''Buildings''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
|| फाइल को सेव करने के लिए उपयुक्त स्थान चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:54&lt;br /&gt;
|| मैं '''Desktop''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स के निचले दाएं कोने में  '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||12:03&lt;br /&gt;
|| '''Qgis2threejs''' डायलॉग बॉक्स में, टेक्स्ट बॉक्स में फाइल पाथ प्रदर्शित होता है। '''Run ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:13&lt;br /&gt;
|| निचले भाग में स्टेटेस बार पर दिखाए गए अनुसार प्रोसेस पूर्ण होने तक प्रतिक्षा करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|| 12:19&lt;br /&gt;
|| नए ब्राउजर विंडो में '''Buildings html''' फाइल खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| 3 डाइमेंशन भवन को देखने के लिए जूमइन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' कैनवास पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
||''Plugins''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल में '''Settings''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:40&lt;br /&gt;
|| इस मैन्यू में आप निम्न ऑप्शन्स का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. '''Check for updates''', 2. '''Show also experimental plugins''', 3. '''Show also deprecated plugins'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| यहां हमारे पास बाहरी ऑथर '''repositories''' जो़ड़ने के लिए भी बटन्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:58&lt;br /&gt;
|| आगामी ट्यूटोरियल में एक नया '''plugin'''  बनाने का तरीका प्रदर्शित किया जाएगा। डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:08&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:10&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा, &lt;br /&gt;
'''Core Plugins''' एनेबल करना,  एक '''External Plugin''' संस्थापित करना,   '''QGIS''' इंटरफेस में '''Plugin''' पर जाना, '' QuickMapServices Plugin''' संस्थापित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:27&lt;br /&gt;
||'''OpenStreetMap data''' डाउनलोड़ करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:30&lt;br /&gt;
|| ''OSM data''' को '''shapefile''' में बदलने के लिए ''QuickOSM Plugin '''  का उपयोग करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:35&lt;br /&gt;
||  '''Qgis2threejs Plugin''' का उपयोग करके ''' map layer''' का 3D विज्युलाइजेशन देखना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
||नियतकार्य के रूप में, बैंगलोर क्षेत्र के लिए 3 डाइमेंशनल भवन का मानचित्र बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:47&lt;br /&gt;
|| बैंगलोर क्षेत्र पर '''OpenStreetMap data''' जूम इन  का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:53&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:01&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:13&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:17&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।      &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:31&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Moodle-Learning-Management-System/C2/Plugins-in-Moodle/Hindi</id>
		<title>Moodle-Learning-Management-System/C2/Plugins-in-Moodle/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Moodle-Learning-Management-System/C2/Plugins-in-Moodle/Hindi"/>
				<updated>2021-01-06T07:34:42Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| '''''Time''''' &lt;br /&gt;
| '''''Narration''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| ''' Installing plugins in Moodle''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम इनके बारे में सीखेंगे:  '''Plugins ''' और  '''Moodle''' में '''plugin'''  कैसे संस्थापित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूं: '''Ubuntu Linux OS 16.04''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
|  ''' XAMPP 5.6.30'''  से प्राप्त '''Apache, MariaDB''' और '''PHP''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
|  '''Moodle 3.3''' &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:33&lt;br /&gt;
| '''Firefox web browser''' और कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
| आप अपनी पसंद के किसी भी वेब ब्राउज़र का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| हालांकि, इंटरनेट एक्सप्लोरर से बचा जाना चाहिए, क्योंकि यह कुछ प्रदर्शन असंगतियों का कारण बनता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के शिक्षार्थियों की ''Moodle'''  वेबसाइट में कुछ  '''courses'''  और '''users'''  होने चाहिए। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
| यदि नहीं, तो कृपया इस वेबसाइट पर प्रासंगिक '''Moodle''' ट्यूटोरियल देखें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:06&lt;br /&gt;
|  '''plugins''' क्या है?  &lt;br /&gt;
'''Plugins'''  ऐड-ऑन टूल हैं, जो एक मौजूदा सॉफ़्टवेयर में विशेष सुविधाएँ जोड़ते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|'''Moodle''' में शिक्षकों के साथ-साथ साइट एडमिस्ट्रेटर के लिए कई उपयोगी '''plugins''' हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| ये '''plugins''' डाइरेक्टरी में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
|  '''browser''' खोलें और टाइप करें https://moodle.org/plugins&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
| पेज में '''Purpose ''' और ''' Plugin Type''' के आधार पर फ़िल्टर हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|01:41&lt;br /&gt;
| यहां कस्टम सर्च के लिए एक '''search''' बॉक्स भी है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| शीर्ष दाईं ओर कुछ संख्याएं प्रदर्शित हैं। नीचे दिया टेक्स्ट इंगित करता है कि वे क्या हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:53&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि '''attendance plugin''' कैसे संस्थापित करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:59&lt;br /&gt;
|  '''search'''  बॉक्स में '''attendance''' टाइप करें और '''Search''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
| हम देखते हैं कि इस कीवर्ड के कई '''plugins''' , या तो उनके शीर्षक या विवरण में हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|  '''Attendance plugin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
विवरण है “'''A plugin that allows an attendance log to be kept.'''” &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|यह सत्यापित करने के लिए कि आपने उसी  '''plugin'''  पर क्लिक किया है जिसका मैंने उल्लेख किया है, नए पेज पर शीर्षक की जाँच करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| इसे शीर्षक के रूप में '''Activities colon Attendance ''' दर्शाना चाहिए। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| यह '''plugin'''  शिक्षक को '''Moodle''' में  '''attendance log''' रखने की अनुमति देता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| किसी भी नए '''plugin''' को संस्थापित करने से पहले, सुनिश्चित करें कि यह आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे '''Moodle'''  वर्जन के लिए उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
| सत्यापित करने के लिए, समर्थित वर्जन्स को देखने के लिए '''Versions'''  लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:56&lt;br /&gt;
| यह देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें कि यह हमारे '' Moodle 3.3''  वर्जन के लिए उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
|  '''Description''' लिंक पर वापस जाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| यह समझने के लिए विवरण पढ़ें कि क्या '''plugin''' आपके उद्देश्य को पूरा करता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
|यह '''plugin''' और उपयोग के निर्देशों का उपयोग करने के लिए किसी और चीज का भी उल्लेख करता है, यदि कोई हो।  &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि इसे कई वेबसाइटों पर इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके कई प्रशंसक हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:27&lt;br /&gt;
| यह प्रमाणित करता है कि '''plugin''' उपयोगी और उपयोग में आसान है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| आप नीचे भी स्क्रॉल करना चाह सकते हैं और वे प्रश्न देख सकते हैं जो अन्य लोगों ने इस '''plugin''' से संबंधित पूछे हैं।  &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| जब आप आश्वस्त हों कि आप  '''plugin''' संस्थापित करना चाहते हैं, तो '''Versions''' लिंक पर वापस जाएं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
|  '''Download''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| फ़ाइल को अपने लोकल सिस्टम पर सेव करें। मैंने पहले ही इसे अपने सिस्टम में सेव कर लिया है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| एक नया टैब खोलें और अपनी '' 'Moodle' '' वेबसाइट पर '''site administrator''' के रूप में लॉगिन करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| सुनिश्चित करें कि '''XAMPP service''' चल रही है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
| अब हम '''admin dashboard''' में हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| बाईं ओर पर '''Site Administration''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
| अतः '''Plugins''' टैब और फिर '''Install plugins '''पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
| यहां '''plugin''' को संस्थापित करने के 2 तरीके हैं- '''Moodle plugins directory''' और '''zip''' अपलोड के माध्यम से। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:29&lt;br /&gt;
| हम केवल दूसरी विधि को कवर करेंगे। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:33&lt;br /&gt;
| पहली विधि के लिए हमें '''moodle.org''' पर एक एकाउंट बनाना होगा, इसलिए हम इसे छोड़ रहे हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:41&lt;br /&gt;
|  '''Zip package''' के आगे '''Choose a file''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:46&lt;br /&gt;
|यदि यह पहले से चयनित नहीं है, तो बाईं ओर '''Upload a file''' लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| '''Browse''' बटन पर क्लिक करें और उस स्थान को ब्राउज़ करें, जहाँ आपने '''plugin''' फ़ाइल को सेव किया है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
| उस zip फ़ाइल का चयन करें, जिसे हमने पहले डाउनलोड किया था। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
| इसके बाद इस विंडो में नीचे '''Upload this file''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| नीचे '''Install plugin from the ZIP file''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
| आप इस पेज में एक एरर का सामना कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
|  एरर दर्शाती है '''Validating mod_attendance ... Error''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:24&lt;br /&gt;
|  '''Cancel''' लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
|यह हमारे लिए इस डाइरेक्टरी पर ''' write permission'''  देने के लिए एक संकेतक है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:33&lt;br /&gt;
| '''Control + Alt + T''' कीज दबाकर '''terminal''' टर्मिनल खोलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:39&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''sudo space chmod space 777 space slash opt slash lampp slash htdocs slash moodle slash mod slash ''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
| प्रॉम्प्ट होने पर '''administrative password'''  प्रविष्ट करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:02&lt;br /&gt;
| ब्राउज़र पर वापस जाएं और प्रक्रिया को दोहराएं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
| इस बार हमें सत्यापन सफलता का संदेश मिला। '''Continue'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:17&lt;br /&gt;
| कृपया ध्यान दें कि यह अतिरिक्त कदम केवल तभी आवश्यक है जब आपको उपरोक्त एरर स्क्रीन मिलती है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|  अब, '''plugin'''  '''Moodle'''  के इस वर्जन के लिए डाउनलोडेड और मान्य है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
| आगे, हमें '''Plugins check''' शीर्षक के साथ एक पेज मिलेगा। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:36&lt;br /&gt;
| यहाँ हरे रंग में '''status'''  जानकारी पर ध्यान दें, जो '''To be installed''' दर्शाती है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:43&lt;br /&gt;
|  '''Upgrade Moodle database now''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| इस कदम में कुछ समय लग सकता है। कृपया '''browser '''  विंडो को रिफ्रेश या बंद न करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| जब आप सफलता संदेश देखते हैं, तो '''Continue'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
|  अब हम '''New settings''' पेज पर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:02&lt;br /&gt;
| यदि आप उनमें से किसी को भी बदलना चाहते हैं, तो यह देखने के लिए सभी '''settings'''  देखते हैं। मैं कोई बदलाव नहीं करना चाहती हूं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| चेक करने के बाद, पेज के नीचे '''Save Changes'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:16&lt;br /&gt;
| आपको कुछ चेतावनी संदेश दिखाई दे सकते हैं जिन्हें आप इस समय अनदेखा कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:21&lt;br /&gt;
| यह देखने के लिए कि क्या '''plugin '''  सफलतापूर्वक संस्थापित है, बाएं पैनल में '''Site Administration ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
| फिर '''Plugins''' टैब और उसके बाद ''' Plugins overview''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| यह आपको सभी '''plugins''' की सूची दिखाएगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| जिन्हें डिफ़ॉल्ट रूप से संस्थापित किया गया था और जिन्हें आपने संस्थापित किया था। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:46&lt;br /&gt;
| मेरी साइट पर, यह दिखाता है कि ये कई '''plugins'''  संस्थापित हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:51&lt;br /&gt;
| अतिरिक्त संस्थापित किए गए '''plugins''' को देखने के लिए, टेबल के ऊपर '''Additional plugins''' लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:59&lt;br /&gt;
| यहाँ '''Settings''' पर जाने और इस पेज से '''plugin'''  को असंस्थापित करने के लिए लिंक हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| '''Teachers''' और '''administrators''' अब उनके कोर्स के लिए '''attendance''' बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:11&lt;br /&gt;
| बाएं पैनल में '''Site administration''' पर फिर से क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:16&lt;br /&gt;
| फिर '''Courses''' और '''Manage Courses and categories''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| बाईं ओर '''Course category''' में '''1st year Maths'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:26&lt;br /&gt;
|  दाएं '''Calculus course''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:30&lt;br /&gt;
| Calculus course विवरण सेक्शन पर नीचे स्क्रोल करें और Calculus course को देखने के लिए View टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:40&lt;br /&gt;
| शीर्ष दाईं ओर पर '''gear icon''' पर क्लिक करें और फिर '''Turn editing on''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| टॉपिक से पहले क्षेत्र के निचली दाईं ओर पर '''Add an activity or resource''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:54&lt;br /&gt;
| '''Attendance'''  बनाने के लिए '''Attendance'''  गतिविधि पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:00&lt;br /&gt;
| यहां दिखाए गए अनुसार नाम और विवरण दर्ज करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|09:04&lt;br /&gt;
|  '''Grade''' सेक्शन का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:07&lt;br /&gt;
| यह ड्रॉपडाउन उपस्थिति के लिए उपयोग किए जाने वाले ग्रेडिंग के प्रकार को तय करता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| यदि आप कोर्स ग्रेड में योगदान करना चाहते हैं, तो अधिकतम प्वाइंट निर्धारित करें।&lt;br /&gt;
डिफ़ॉल्ट 100 है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
|  मैं '''Grade''' को  '''None''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:24&lt;br /&gt;
| अन्य विकल्पों को डिफ़ॉल्ट होने दें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रोल करें और '''Save and display'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| अब हम एक नए पेज पर हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
|  '''Status set''' बार पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:38&lt;br /&gt;
| यहां '''attendance''' के लिए 4 डिफॉल्ट स्थितियां हैं: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Present''' ,  '''Late''' ,  '''Excused''' ,  '''Absent''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:47&lt;br /&gt;
| अपनी आवश्यकता के आधार पर, आप इन्हें डिलीट कर सकते हैं या अधिक जोड़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
| यदि आप उन्हें कुछ और कहते हैं तो आप स्थिति नामों को भी संशोधित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:59&lt;br /&gt;
| मैं '''Excused''' स्थिति को हटा दूंगी, क्योंकि मैं अपनी कक्षा में इसका उपयोग नहीं करती। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:07&lt;br /&gt;
| एक पुष्टिकरण संदेश बॉक्स प्रदर्शित होता है।  '''Continue''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:13&lt;br /&gt;
| अब '''Add session''' टैब पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| पहले सत्र की तिथि चुनें जिसे आप जोड़ना चाहते हैं। मैं इसे 4 जून 2019  रखूंगी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:24&lt;br /&gt;
| सत्र का प्रारंभ और समाप्ति समय चुनें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, कि समय फील्ड 24-घंटे की घड़ी का उपयोग करते हैं। अतः दोपहर 3:15 से शाम 4:05 तक कक्षा 15:15 से 16:05 होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:43&lt;br /&gt;
| सत्र के लिए संक्षिप्त  '''Description'''  टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:46&lt;br /&gt;
| यदि आप विवरण फ़ील्ड को खाली छोड़ते हैं, तो डिफ़ॉल्ट रूप से विवरण  “'''Regular class session” होगा। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:54&lt;br /&gt;
| इसका विस्तार करने के लिए '''Multiple sessions''' सेक्शन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:59&lt;br /&gt;
| यदि आपकी कक्षा नियमित अंतराल पर होती है, तो आप एक ही समय में कई सत्र बना सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:06&lt;br /&gt;
|  '''Repeat the session above as follows ''' चेकबॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:11&lt;br /&gt;
| यदि आपकी कक्षा सप्ताह के कुछ दिनों में होती है, तो सप्ताह के दिनों का चयन करें। अपनी कक्षा के लिए, मैं सोमवार का चयन करूँगी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:20&lt;br /&gt;
| अब '''Repeat every''' ड्रॉप डाउन ऑप्शन चुनें। यदि कक्षा हर हफ्ते होती है, तो 1 चुनें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:28&lt;br /&gt;
| यदि कक्षा पहले सत्र की तारीख से 2 सप्ताह होती है, तो 2 और इसी तरह चुनें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:35&lt;br /&gt;
| मैं इसे 1  रहने दूंगी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:38&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि मेरी कक्षा हर सोमवार को दोपहर 3:15 बजे 50 मिनट के लिए होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:45&lt;br /&gt;
|  '''Repeat until''' अंतिम सत्र की तारीख है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:49&lt;br /&gt;
| मैं इसे '''30th March 2020'''  रखूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:54&lt;br /&gt;
| अब इसके विस्तार के लिए '''Student recording''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:00&lt;br /&gt;
|यदि आप चाहते हैं कि छात्र अपनी उपस्थिति दर्ज करें, तो इस सेक्शन में फ़ील्ड भरें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:07&lt;br /&gt;
| मैं इस सेक्शन को छोड़ दूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|12:09&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और पेज के नीचे  '''Add''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:15&lt;br /&gt;
| एक पुष्टिकरण संदेश प्रदर्शित होता है '''43 sessions were successfully generated.''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:22&lt;br /&gt;
| यदि आप मेरी तारीखों के अलावा अन्य तारीखों का चयन करते हैं, तो आप एक अलग संख्या में सत्र देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:28&lt;br /&gt;
| प्रत्येक सत्र के आगे आइकन देखें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:32&lt;br /&gt;
| वे शिक्षक को '''attendance''' लेने देते हैं, सत्र को संपादित या सत्र को डिलीट करते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:39&lt;br /&gt;
| उस सप्ताह के '''Take attendance''' आइकन पर क्लिक करें जिसमें आप '''attendance'''लेना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:46&lt;br /&gt;
| आप इस कोर्स में नामांकित सभी छात्रों की सूची देख सकते हैं और आप उनकी '''attendance''' को चिह्नित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:53&lt;br /&gt;
| '''P, L''' और '''A'''  वह स्थिति है, जो हमने पहले '''settings''' में चुनी थी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:59&lt;br /&gt;
| सभी यूजर्स की उपस्थिति के लिए  ''''P'''' के ठीक नीचे स्थित रेडियो बटन को चेक करें और केवल ''''A'''' को अनुपस्थित चिह्नित करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:10&lt;br /&gt;
| जब आपने उपस्थिति को चिह्नित कर लिया है, तो पृष्ठ के निचले भाग में '''Save attendance''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:18&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:24&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने इनके बारे में सीखा: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Plugins ''' और '''Moodle'''  में '''plugin ''' कैसे संस्थापित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:32&lt;br /&gt;
| यहां आपके लिए एक नियतकार्य है: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:35&lt;br /&gt;
|  ''Projectes TAC Dept''' द्वारा बनाए '''plugin Font family''' के लिए सर्च करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:42&lt;br /&gt;
| इसकी डिफॉल्ट सेटिंग्स के साथ '''plugin'''  को संस्थापित करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:46&lt;br /&gt;
| '''Plugins overview''' सेक्शन से सत्यापित करें कि '''plugin''' संस्थापित है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:52&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो, स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:00&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएँ आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:10&lt;br /&gt;
|  कृपया अपने समयबद्ध प्रश्न इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:14&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी दिखाई गई लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:27&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Moodle-Learning-Management-System/C2/Plugins-in-Moodle/Hindi</id>
		<title>Moodle-Learning-Management-System/C2/Plugins-in-Moodle/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Moodle-Learning-Management-System/C2/Plugins-in-Moodle/Hindi"/>
				<updated>2021-01-06T07:31:52Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| '''''Time''''' &lt;br /&gt;
| '''''Narration''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| ''' Installing plugins in Moodle''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम इनके बारे में सीखेंगे:  '''Plugins ''' और  '''Moodle''' में '''plugin'''  कैसे संस्थापित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूं: '''Ubuntu Linux OS 16.04''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
|  ''' XAMPP 5.6.30'''  से प्राप्त '''Apache, MariaDB''' और '''PHP''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
|  '''Moodle 3.3''' &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:33&lt;br /&gt;
| '''Firefox web browser''' और कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
| आप अपनी पसंद के किसी भी वेब ब्राउज़र का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| हालांकि, इंटरनेट एक्सप्लोरर से बचा जाना चाहिए, क्योंकि यह कुछ प्रदर्शन असंगतियों का कारण बनता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के शिक्षार्थियों की ''Moodle'''  वेबसाइट में कुछ  '''courses'''  और '''users'''  होने चाहिए। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
| यदि नहीं, तो कृपया इस वेबसाइट पर प्रासंगिक '''Moodle''' ट्यूटोरियल देखें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:06&lt;br /&gt;
|  '''plugins''' क्या है?  &lt;br /&gt;
'''Plugins'''  ऐड-ऑन टूल हैं, जो एक मौजूदा सॉफ़्टवेयर में विशेष सुविधाएँ जोड़ते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|'''Moodle''' में शिक्षकों के साथ-साथ साइट एडमिस्ट्रेटर के लिए कई उपयोगी '''plugins''' हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| ये '''plugins''' डाइरेक्टरी में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
|  '''browser''' खोलें और टाइप करें https://moodle.org/plugins&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
| पेज में '''Purpose ''' और ''' Plugin Type''' के आधार पर फ़िल्टर हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|01:41&lt;br /&gt;
| यहां कस्टम सर्च के लिए एक '''search''' बॉक्स भी है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| शीर्ष दाईं ओर कुछ संख्याएं प्रदर्शित हैं। नीचे दिया टेक्स्ट इंगित करता है कि वे क्या हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:53&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि '''attendance plugin''' कैसे संस्थापित करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 01:59&lt;br /&gt;
|  '''search'''  बॉक्स में '''attendance''' टाइप करें और '''Search''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
| हम देखते हैं कि इस कीवर्ड के कई '''plugins''' , या तो उनके शीर्षक या विवरण में हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|  '''Attendance plugin''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
विवरण है “'''A plugin that allows an attendance log to be kept.'''” &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
|यह सत्यापित करने के लिए कि आपने उसी  '''plugin'''  पर क्लिक किया है जिसका मैंने उल्लेख किया है, नए पेज पर शीर्षक की जाँच करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| इसे शीर्षक के रूप में '''Activities colon Attendance ''' दर्शाना चाहिए। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| यह '''plugin'''  शिक्षक को '''Moodle''' में  '''attendance log''' रखने की अनुमति देता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| किसी भी नए '''plugin''' को संस्थापित करने से पहले, सुनिश्चित करें कि यह आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे '''Moodle'''  वर्जन के लिए उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
| सत्यापित करने के लिए, समर्थित वर्जन्स को देखने के लिए '''Versions'''  लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 02:56&lt;br /&gt;
| यह देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें कि यह हमारे '' Moodle 3.3''  वर्जन के लिए उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
|  '''Description''' लिंक पर वापस जाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| यह समझने के लिए विवरण पढ़ें कि क्या '''plugin''' आपके उद्देश्य को पूरा करता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
|यह '''plugin''' और उपयोग के निर्देशों का उपयोग करने के लिए किसी और चीज का भी उल्लेख करता है, यदि कोई हो।  &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि इसे कई वेबसाइटों पर इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके कई प्रशंसक हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:27&lt;br /&gt;
| यह प्रमाणित करता है कि '''plugin''' उपयोगी और उपयोग में आसान है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| आप नीचे भी स्क्रॉल करना चाह सकते हैं और वे प्रश्न देख सकते हैं जो अन्य लोगों ने इस '''plugin''' से संबंधित पूछे हैं।  &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| जब आप आश्वस्त हों कि आप  '''plugin''' संस्थापित करना चाहते हैं, तो '''Versions''' लिंक पर वापस जाएं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
|  '''Download''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| फ़ाइल को अपने लोकल सिस्टम पर सेव करें। मैंने पहले ही इसे अपने सिस्टम में सेव कर लिया है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| एक नया टैब खोलें और अपनी '' 'Moodle' '' वेबसाइट पर '''site administrator''' के रूप में लॉगिन करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| सुनिश्चित करें कि '''XAMPP service''' चल रही है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
| अब हम '''admin dashboard''' में हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| बाईं ओर पर '''Site Administration''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
| अतः '''Plugins''' टैब और फिर '''Install plugins '''पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
| यहां '''plugin''' को संस्थापित करने के 2 तरीके हैं- '''Moodle plugins directory''' और '''zip''' अपलोड के माध्यम से। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:29&lt;br /&gt;
| हम केवल दूसरी विधि को कवर करेंगे। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:33&lt;br /&gt;
| पहली विधि के लिए हमें '''moodle.org''' पर एक एकाउंट बनाना होगा, इसलिए हम इसे छोड़ रहे हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:41&lt;br /&gt;
|  '''Zip package''' के आगे '''Choose a file''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:46&lt;br /&gt;
|यदि यह पहले से चयनित नहीं है, तो बाईं ओर '''Upload a file''' लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| '''Browse''' बटन पर क्लिक करें और उस स्थान को ब्राउज़ करें, जहाँ आपने '''plugin''' फ़ाइल को सेव किया है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
| उस zip फ़ाइल का चयन करें, जिसे हमने पहले डाउनलोड किया था। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
| इसके बाद इस विंडो में नीचे '''Upload this file''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| नीचे '''Install plugin from the ZIP file''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
| आप इस पेज में एक एरर का सामना कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
|  एरर दर्शाती है '''Validating mod_attendance ... Error''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:24&lt;br /&gt;
|  '''Cancel''' लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
|यह हमारे लिए इस डाइरेक्टरी पर ''' write permission'''  देने के लिए एक संकेतक है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:33&lt;br /&gt;
| '''Control + Alt + T''' कीज दबाकर '''terminal''' टर्मिनल खोलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:39&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''sudo space chmod space 777 space slash opt slash lampp slash htdocs slash moodle slash mod slash ''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:56&lt;br /&gt;
| प्रॉम्प्ट होने पर '''administrative password'''  प्रविष्ट करें और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:02&lt;br /&gt;
| ब्राउज़र पर वापस जाएं और प्रक्रिया को दोहराएं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
| इस बार हमें सत्यापन सफलता का संदेश मिला। '''Continue'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:17&lt;br /&gt;
| कृपया ध्यान दें कि यह अतिरिक्त कदम केवल तभी आवश्यक है जब आपको उपरोक्त एरर स्क्रीन मिलती है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|  अब, '''plugin'''  '''Moodle'''  के इस वर्जन के लिए डाउनलोडेड और मान्य है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
| आगे, हमें '''Plugins check''' शीर्षक के साथ एक पेज मिलेगा। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:36&lt;br /&gt;
| यहाँ हरे रंग में '''status'''  जानकारी पर ध्यान दें, जो '''To be installed''' दर्शाती है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:43&lt;br /&gt;
|  '''Upgrade Moodle database now''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| इस कदम में कुछ समय लग सकता है। कृपया '''browser '''  विंडो को रिफ्रेश या बंद न करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| जब आप सफलता संदेश देखते हैं, तो '''Continue'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
|  अब हम '''New settings''' पेज पर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:02&lt;br /&gt;
| यदि आप उनमें से किसी को भी बदलना चाहते हैं, तो यह देखने के लिए सभी '''settings'''  देखते हैं। मैं कोई बदलाव नहीं करना चाहती हूं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| चेक करने के बाद, पेज के नीचे '''Save Changes'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:16&lt;br /&gt;
| आपको कुछ चेतावनी संदेश दिखाई दे सकते हैं जिन्हें आप इस समय अनदेखा कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:21&lt;br /&gt;
| यह देखने के लिए कि क्या '''plugin '''  सफलतापूर्वक संस्थापित है, बाएं पैनल में '''Site Administration ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
| फिर '''Plugins''' टैब और उसके बाद ''' Plugins overview''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| यह आपको सभी '''plugins''' की सूची दिखाएगा।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| जिन्हें डिफ़ॉल्ट रूप से संस्थापित किया गया था और जिन्हें आपने संस्थापित किया था। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:46&lt;br /&gt;
| मेरी साइट पर, यह दिखाता है कि ये कई '''plugins'''  संस्थापित हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:51&lt;br /&gt;
| अतिरिक्त संस्थापित किए गए '''plugins''' को देखने के लिए, टेबल के ऊपर '''Additional plugins''' लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 07:59&lt;br /&gt;
| यहाँ '''Settings''' पर जाने और इस पेज से '''plugin'''  को असंस्थापित करने के लिए लिंक हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| '''Teachers''' और '''administrators''' अब उनके कोर्स के लिए '''attendance''' बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:11&lt;br /&gt;
| बाएं पैनल में '''Site administration''' पर फिर से क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:16&lt;br /&gt;
| फिर '''Courses''' और '''Manage Courses and categories''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| बाईं ओर '''Course category''' में '''1st year Maths'''  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:26&lt;br /&gt;
|  दाएं '''Calculus course''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:30&lt;br /&gt;
| '''Calculus course''' विवरण सेक्शन पर नीचे स्क्रोल करें और '''Calculus course''' को देखने के लिए ''View''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:40&lt;br /&gt;
| शीर्ष दाईं ओर पर '''gear icon''' पर क्लिक करें और फिर '''Turn editing on''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| टॉपिक से पहले क्षेत्र के निचली दाईं ओर पर '''Add an activity or resource''' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:54&lt;br /&gt;
| '''Attendance'''  बनाने के लिए '''Attendance'''  गतिविधि पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:00&lt;br /&gt;
| यहां दिखाए गए अनुसार नाम और विवरण दर्ज करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|09:04&lt;br /&gt;
|  '''Grade''' सेक्शन का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:07&lt;br /&gt;
| यह ड्रॉपडाउन उपस्थिति के लिए उपयोग किए जाने वाले ग्रेडिंग के प्रकार को तय करता है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| यदि आप कोर्स ग्रेड में योगदान करना चाहते हैं, तो अधिकतम प्वाइंट निर्धारित करें।&lt;br /&gt;
डिफ़ॉल्ट 100 है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
|  मैं '''Grade''' को  '''None''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:24&lt;br /&gt;
| अन्य विकल्पों को डिफ़ॉल्ट होने दें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रोल करें और '''Save and display'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| अब हम एक नए पेज पर हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
|  '''Status set''' बार पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:38&lt;br /&gt;
| यहां '''attendance''' के लिए 4 डिफॉल्ट स्थितियां हैं: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Present''' ,  '''Late''' ,  '''Excused''' ,  '''Absent''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:47&lt;br /&gt;
| अपनी आवश्यकता के आधार पर, आप इन्हें डिलीट कर सकते हैं या अधिक जोड़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
| यदि आप उन्हें कुछ और कहते हैं तो आप स्थिति नामों को भी संशोधित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 09:59&lt;br /&gt;
| मैं '''Excused''' स्थिति को हटा दूंगी, क्योंकि मैं अपनी कक्षा में इसका उपयोग नहीं करती। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:07&lt;br /&gt;
| एक पुष्टिकरण संदेश बॉक्स प्रदर्शित होता है।  '''Continue''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:13&lt;br /&gt;
| अब '''Add session''' टैब पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| पहले सत्र की तिथि चुनें जिसे आप जोड़ना चाहते हैं। मैं इसे 4 जून 2019  रखूंगी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:24&lt;br /&gt;
| सत्र का प्रारंभ और समाप्ति समय चुनें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, कि समय फील्ड 24-घंटे की घड़ी का उपयोग करते हैं। अतः दोपहर 3:15 से शाम 4:05 तक कक्षा 15:15 से 16:05 होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:43&lt;br /&gt;
| सत्र के लिए संक्षिप्त  '''Description'''  टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:46&lt;br /&gt;
| यदि आप विवरण फ़ील्ड को खाली छोड़ते हैं, तो डिफ़ॉल्ट रूप से विवरण  “'''Regular class session” होगा। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:54&lt;br /&gt;
| इसका विस्तार करने के लिए '''Multiple sessions''' सेक्शन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 10:59&lt;br /&gt;
| यदि आपकी कक्षा नियमित अंतराल पर होती है, तो आप एक ही समय में कई सत्र बना सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:06&lt;br /&gt;
|  '''Repeat the session above as follows ''' चेकबॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:11&lt;br /&gt;
| यदि आपकी कक्षा सप्ताह के कुछ दिनों में होती है, तो सप्ताह के दिनों का चयन करें। अपनी कक्षा के लिए, मैं सोमवार का चयन करूँगी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:20&lt;br /&gt;
| अब '''Repeat every''' ड्रॉप डाउन ऑप्शन चुनें। यदि कक्षा हर हफ्ते होती है, तो 1 चुनें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:28&lt;br /&gt;
| यदि कक्षा पहले सत्र की तारीख से 2 सप्ताह होती है, तो 2 और इसी तरह चुनें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:35&lt;br /&gt;
| मैं इसे 1  रहने दूंगी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:38&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि मेरी कक्षा हर सोमवार को दोपहर 3:15 बजे 50 मिनट के लिए होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:45&lt;br /&gt;
|  '''Repeat until''' अंतिम सत्र की तारीख है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:49&lt;br /&gt;
| मैं इसे '''30th March 2020'''  रखूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 11:54&lt;br /&gt;
| अब इसके विस्तार के लिए '''Student recording''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:00&lt;br /&gt;
|यदि आप चाहते हैं कि छात्र अपनी उपस्थिति दर्ज करें, तो इस सेक्शन में फ़ील्ड भरें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:07&lt;br /&gt;
| मैं इस सेक्शन को छोड़ दूंगी।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|12:09&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें और पेज के नीचे  '''Add''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:15&lt;br /&gt;
| एक पुष्टिकरण संदेश प्रदर्शित होता है '''43 sessions were successfully generated.''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:22&lt;br /&gt;
| यदि आप मेरी तारीखों के अलावा अन्य तारीखों का चयन करते हैं, तो आप एक अलग संख्या में सत्र देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:28&lt;br /&gt;
| प्रत्येक सत्र के आगे आइकन देखें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:32&lt;br /&gt;
| वे शिक्षक को '''attendance''' लेने देते हैं, सत्र को संपादित या सत्र को डिलीट करते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:39&lt;br /&gt;
| उस सप्ताह के '''Take attendance''' आइकन पर क्लिक करें जिसमें आप '''attendance'''लेना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:46&lt;br /&gt;
| आप इस कोर्स में नामांकित सभी छात्रों की सूची देख सकते हैं और आप उनकी '''attendance''' को चिह्नित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:53&lt;br /&gt;
| '''P, L''' और '''A'''  वह स्थिति है, जो हमने पहले '''settings''' में चुनी थी। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 12:59&lt;br /&gt;
| सभी यूजर्स की उपस्थिति के लिए  ''''P'''' के ठीक नीचे स्थित रेडियो बटन को चेक करें और केवल ''''A'''' को अनुपस्थित चिह्नित करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:10&lt;br /&gt;
| जब आपने उपस्थिति को चिह्नित कर लिया है, तो पृष्ठ के निचले भाग में '''Save attendance''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:18&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:24&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने इनके बारे में सीखा: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Plugins ''' और '''Moodle'''  में '''plugin ''' कैसे संस्थापित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:32&lt;br /&gt;
| यहां आपके लिए एक नियतकार्य है: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:35&lt;br /&gt;
|  ''Projectes TAC Dept''' द्वारा बनाए '''plugin Font family''' के लिए सर्च करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:42&lt;br /&gt;
| इसकी डिफॉल्ट सेटिंग्स के साथ '''plugin'''  को संस्थापित करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:46&lt;br /&gt;
| '''Plugins overview''' सेक्शन से सत्यापित करें कि '''plugin''' संस्थापित है। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 13:52&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो, स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:00&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएँ आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:10&lt;br /&gt;
|  कृपया अपने समयबद्ध प्रश्न इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:14&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी दिखाई गई लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 14:27&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Drupal/C4/RESTful-API-with-a-REST-Client/Hindi</id>
		<title>Drupal/C4/RESTful-API-with-a-REST-Client/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Drupal/C4/RESTful-API-with-a-REST-Client/Hindi"/>
				<updated>2020-12-24T09:12:23Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| ''' RESTful API with a REST Client''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम '''REST client''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:11&lt;br /&gt;
| हम यह भी सीखेंगेः '''GET method''' का उपयोग करके डेटा को पुनः प्राप्त करने के लिए  '''REST client ''' का उपयोग करना । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
|  '''POST method''' का उपयोग करके नया नोड बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
| '''PATCH method''' का उपयोग करके मौजूदा नोड को संशोधित करना और  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:24&lt;br /&gt;
| '''DELETE method''' का उपयोग करके एक मौजूदा नोड को डिलीट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूं '''Ubuntu Linux 16.04''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
|  '''Drupal 8 '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:36&lt;br /&gt;
|   ''' REST client ''' के रूप में '''Postman ''' और '''Firefox web browser'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| आप अपनी पसंद के अनुसार किसी भी '''REST client'''  और वेब ब्राउजर' का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको ''' Drupal''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
| आपकी '''Drupal '''  वेबसाइट पर '''RESTful API'''  कार्यान्वित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
| यदि नहीं, तो कृपया इस वेबसाइट पर पिछले '''Drupal''' ट्यूटोरियल्स को देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:03&lt;br /&gt;
| आपके पास एक कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन भी होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| पहले हम इस बात की पुष्टि करेंगे कि क्या हमारे '''Drupal8''' साइट में '''RESTful API'''  कार्यान्वित है। ऐसा करने के लिए, अपनी '''Drupa8'''  साइट खोलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:18&lt;br /&gt;
| फिर '''Structure''' और  '''Views''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:23&lt;br /&gt;
| यहां आप देख सकते हैं कि '''RESTful API''' , '''Events content type''' में कार्यान्वित है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:30&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, कि हमने पहले ही '''RESTful API '''  को कार्यान्वित करना सीख लिया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| अब '''REST client''' का उपयोग करके अपने  '''RESTful API'''  को चेक करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| मैं ''' REST client''' के रूप में '''Postman '''  का उपयोग करूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| आप अपनी पसंद के अनुसार किसी भी '''REST client'''  का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| '''Postman''' , '''web services''' को टेस्ट करने के लिए महत्वपूर्ण '''HTTP client ''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:54&lt;br /&gt;
| '''Postman client''' को संस्थापित करने के लिए, इस ट्यूटोरियल की '''Additional reading material'''  लिंक देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
|'''Bitnami Drupal Stack''' पर निम्न स्टेप्स लागू होते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
| लेकिन अधिकांश स्टेप्स किसी भी अन्य '''Drupal installation''' पर भी लागू होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
|'''Postman client''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
| पहले हम '''GET method''' का उपयोग करके '''Anonymous users'''  के लिए डेटा पुनः प्राप्त करना सीखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन सूची से '''GET'''  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:24&lt;br /&gt;
| याद रखें, कि पहले हमने अपने '''Events content type'''  पर '''RESTful API ''' कार्यान्वित किया था। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:31&lt;br /&gt;
| अब हम अपने '''RESTful API'''  के पाथ में प्रवेश करेंगे &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| यहां '''localhost:8080''' मेरे सर्वर का नाम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:41&lt;br /&gt;
| यदि आप '''Bitnami Drupal stack''' का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो कृपया '''localhost:8080'''  के बजाय '''localhost ''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
| '''drupal''' मेरे '''Drupal ''' उदाहरण का फोल्डर है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
| '''events '''   '''content type'''  है, जिस पर हमने ''RESTful API'''  कॉन्फ़िगर किया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:00&lt;br /&gt;
| अब ऊपर दाहिने कोने पर '''Send'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
| आप यहां अपने '''events content type ''' के कंटेंट को ''' json format''' में देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
| आगे हम एक एकल नोड को पुनः प्राप्त करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| एक नया टैब जोड़ने के लिए शीर्ष पैनल पर प्लस बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:18&lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन सूची से '''GET''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:21&lt;br /&gt;
| हमें विशेष नोड का सटीक पाथ देना होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
| '''Send''' बटन पर क्लिक करें। आप यहाँ देख सकते हैं कि उस विशेष नोड का कंटेंट पुनः प्राप्त किया गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:32&lt;br /&gt;
| इसके बाद हमें '''POST method''' का उपयोग करके ''''Authenticated users''' के लिए एक नया नोड बनाना सीखना है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| एक नया टैब जोड़ने के लिए शीर्ष पैनल पर प्लस बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन सूची से '''POST''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| दर्शाए गए अनुसार पाथ टाइप करें। यहां '''localhost:8080'''  मेरे सर्वर का नाम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| '''drupal'''  मेरे '''Drupal'''  उदाहरण का फोल्डर है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
| हमें बाकी चीजों को स्थाई करना होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
|  '''Authorization''' में, हम '''Type''' को '''Basic Authentication''' करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
| अब हम अपनी  '''Drupal''' वेबसाइट का '''username''' और '''password''' देंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
| अपनी '''request''' को अपडेट करने के लिए बाएँ ओर '''Preview Request''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
|'''Headers''' टैब पर क्लिक करें। आप '''basic authentication''' के लिए '''token''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
| हम '''Content-Type''' को '''application/hal+json''' सेट करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:32&lt;br /&gt;
| अब हम '''Body'''  टैब पर जाएंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:34&lt;br /&gt;
| '''data format'''  को '''raw''' में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:38&lt;br /&gt;
| यहां हमें आवश्यक '''title''' और '''type fields''' घोषित करना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
| अतः निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:46&lt;br /&gt;
| यह '''json''' कोड '''events'''  प्रकार का एक नया कोड बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| उसके लिए हम शीर्षक और बॉडी फ़ील्ड के मान निर्दिष्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:57&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल की '''Code files''' लिंक में समान कोड दिया गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| कृपया इसे डाउनलोड और उपयोग करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
| ऊपरी दाएं कोने पर स्थित '''Send'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:09&lt;br /&gt;
| यदि कंटेंट सफलतापूर्वक पोस्ट की गई है, तो आप नीचे इस कंटेंट के '''json ''' कोड को देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:16&lt;br /&gt;
| हम अपनी '''Drupal'''  वेबसाइट का कंटेंट भी देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| '''Drupal''' साइट पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| यहां आप '''event'''  देख सकते हैं जो '''Postman client'''  से पोस्ट किया गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, पोस्ट का '''UID'''  '''100'''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| हम नोड को संशोधित करने के लिए postman client में इस '''UID'''  का उपयोग करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:38&lt;br /&gt;
| आगे हम '''PATCH method'''  का उपयोग करके '''Authenticated users''' के लिए '''node'''  को संशोधित करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
|  '''Postman client''' पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
| एक नया टैब जोड़ने के लिए शीर्ष पैनल पर प्लस बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| ड्रॉप-डाउन सूची से '''PATCH''' चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| हम '''node''' की '' 'URL' '' प्रविष्ट करेंगे, जिसे हम संशोधित करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए, हम '''node''' को संशोधित करेंगे, जिसे हमने '''POST method'''  के उपयोग से बनाया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| इस '''post'''  का '''UID''' , '''100''' है। हम '''node 100''' की URL प्रविष्ट करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| '''Authorization''' में,  हम '''Type'''  को '''Basic Authentication''' में बदलेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:20&lt;br /&gt;
| अब हम अपनी '''Drupal''' वेबसाइट का '''username''' और '''password ''' देंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
| बाएं हाथ की ओर पर '''Preview Request'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:28&lt;br /&gt;
|  '''Headers''' टैब पर क्लिक करें। यहां आप '''basic authentication''' के लिए '''token''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:35&lt;br /&gt;
| हम '''Content-Type''' को  '''application/hal+json''' सेट करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
| अब हम '''Body''' टैब पर जाएंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:44&lt;br /&gt;
|  '''data format ''' को '''raw''' करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| और यहां निम्न कोड़ टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:51&lt;br /&gt;
| इस कोड में हम '''title'''  और '''body fields''' दोनों के मानों को संशोधित करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के '''Code files'''  लिंक में समान कोड दिया गया है। कृपया इसे डाउनलोड करें और उपयोग करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:05&lt;br /&gt;
| इसके बाद ऊपरी दाएं कोने पर '''Send'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| आप '''Status '''  को '''200 OK'''  के रूप में देख सकते हैं जिसका अर्थ है कि कंटेंट संशोधित है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:16&lt;br /&gt;
| अपनी '''Drupal ''' वेबसाइट के कंटेंट की जाँच करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:20&lt;br /&gt;
| अपनी '''Drupal''' वेबसाइट पर वापस जाएं। पेज को रिफ्रेश करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
| यहां आप देख सकते हैं कि '''event'''  '''PATCH method''' का उपयोग करके सफलतापूर्वक संशोधित किया गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:31&lt;br /&gt;
| इसके बाद '''DELETE method''' का उपयोग करके '''Authenticated users''' के लिए मौजूदा नोड को डिलीट करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
|मैं '''node 100''' चुनूंगी, जो मेरे द्वारा '''authenticated user''' के रूप में बनाया गया था। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| याद रखें, कि हमने केवल अपने कंटेंट को डिलीट करने के लिए '''authenticated users'''  को अनुमति दी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:50&lt;br /&gt;
| '''Postman client''' पर वापस जाएं। नया टैब जोड़ने के लिए प्लस बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:57&lt;br /&gt;
|ड्रॉप डाउन सूची से '''DELETE''' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:00&lt;br /&gt;
| हम '''node''' की '''URL''' प्रविष्ट करेंगे, जिसे हम डिलीट करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:04&lt;br /&gt;
| '''Authorization''' में,  '''Type''' को '''Basic Authentication''' करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
| अब हम अपनी '''Drupal'' वेबसाइट का '''username''' और '''password'''  देंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:14&lt;br /&gt;
| बाईं ओर '''Preview Request''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:18&lt;br /&gt;
| फिर '''Headers''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:21&lt;br /&gt;
| हम '''Content-Type''' को '''application/hal+json''' करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| ऊपरी दाएं कोने पर '''Send'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
| आप '''Status ''' ''' 204 No content''' देख सकते हैं, जिसका अर्थ है कि कंटेंट डिलीट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:38&lt;br /&gt;
| अपनी '''Drupal''' साइट पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
| पेज को रिफ्रेश करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:43&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि '''node''' सफलतापूर्वक डिलीट हो गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| यह सब '''Postman client''' के माध्यम से कंटेंट के प्रबंधन के बारे में है। इसी के साथ, हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
|संक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में, हमने निम्न के बारे में सीखाः '''REST client''' के रूप में '''Postman client ''' और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:03&lt;br /&gt;
| '''GET, POST, PATCH ''' और ''' DELETE methods''' का उपयोग करके '''Postman client''' के माध्यम से कंटेंट का प्रबंधन करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:10&lt;br /&gt;
| नियतकार्य के रूप में, '''REST client '''  के माध्यम से कुछ '''articles''' बनाएं और '''PATCH method''' का उपयोग करके '''articles'''  को संशोधित करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशाला आयोजित करती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:38&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''NMEICT, MHRD,'''  और NVLI, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:49&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Drupal/C4/Creating-a-simple-custom-module/Hindi</id>
		<title>Drupal/C4/Creating-a-simple-custom-module/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Drupal/C4/Creating-a-simple-custom-module/Hindi"/>
				<updated>2020-12-24T09:09:44Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border = 1&lt;br /&gt;
|  &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|  &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| ''' Creating a simple custom module''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:06&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे-  बेसिक '''module''' बनाना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:11&lt;br /&gt;
|   Add a basic बेसिक '''controller'''  जोड़ना और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
|  '''routing''' फाइल जोड़ना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:15&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ,  '''Ubuntu Linux 16.04''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:21&lt;br /&gt;
|   '''Drupal 8 ''',   '''Firefox web browser ''' और  '''Gedit text editor'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
|  आप अपनी पसंद के किसी भी टेक्स्ट एडिटर और वेब ब्राउज़र का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:32&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको ''' Drupal''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:38&lt;br /&gt;
| यदि नहीं, तो प्रासंगिक '' 'Drupal' '' ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया दिखाए गए लिंक पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| '''Drupal''' में '''custom module''' बनाने के लिए,  आपको निम्न से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
'''Object oriented programming terminology''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
| '''PHP'''  में प्रोग्रामिंग &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| '''PHP '''  '''Namespacing''' और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
|   '''Symfony 2'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
| पूर्वपेक्षा के विवरण के लिए, कृपया इस ट्यूटोरियल के “'''Additional reading material'''” लिंक को देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
| हमने पहले ही '''contributed modules ''' के बारे में सीखा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| अब हम एक साधारण '''custom module''' बनाना सीखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:12&lt;br /&gt;
| यह '''module '''  “'''hello world'''” प्रदर्शित एक '''custom page ''' बनाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:17&lt;br /&gt;
|  यहां '''module''' का  '''workflow ''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|  '''Request'''  वह है जो हम वेबसाइट से अनुरोध करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
|  '''Router'''  निर्धारित करता है कि  '''request''' के साथ क्या किया जाना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:29&lt;br /&gt;
|  '''controller'''  दी गई '''request''' के लिए प्रतिक्रिया बनाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
| '''View'''  प्रतिक्रिया तैयार करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
|  '''response''' वह है जो वेबसाइट देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:40&lt;br /&gt;
|  यहां '''custom module'''  की फाइल संरचना है, जिसे हम बनाने जा रहे हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:45&lt;br /&gt;
|  हम '''custom module''' के लिए आवश्यक फाइल बनाना शुरू करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:50&lt;br /&gt;
|  अपना '''File browser''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
| उस फ़ोल्डर पर जाएं, जहां हमने स्थानीय रूप से '''Drupal'''  संस्थापित किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:57&lt;br /&gt;
|  अब '''apps -&amp;gt; drupal -&amp;gt; htdocs -&amp;gt; modules '''folder''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| हमें हमेशा इस '''modules'''  फोल्डर के अंदर अपने ''' custom modules''' बनाने होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:09&lt;br /&gt;
| एक फ़ोल्डर बनाएं और इसे '''custom''' नाम दें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
| यह हमारे '''custom modules'''  को '''contributed modules'''  से अलग करेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:18&lt;br /&gt;
| इस '''custom'''  फोल्डर के अंदर, हम '''hello_world''' नामक एक फोल्डर बनाएंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:25&lt;br /&gt;
|  इस फोल्डर का नाम '''machine name''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:28&lt;br /&gt;
| इसका उपयोग '''core''' '''Drupal''', द्वारा इस '''module''' को संदर्भित करने के लिए किया जाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:33&lt;br /&gt;
|  '''custom module''' का नामकरण करते समय अनुसरण करने के लिए कुछ नियम हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| इसमें केवल लोअर-केस लेटर, अंडरस्कोर होना चाहिए लेकिन कोई स्पेस नहीं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| यह अद्वितीय होना चाहिए और किसी अन्य मॉड्यूल या थीम के समान छोटा नाम नहीं हो सकता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:50&lt;br /&gt;
|इसमें कोई आरक्षित शब्द नहीं हो सकते हैं जैसे '''src, lib, vendor, templates, includes, fixtures, ''' आदि। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:00&lt;br /&gt;
| अपने फ़ाइल ब्राउज़र पर वापस जाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
|  '''hello_world '''  फोल्डर में हम '''info.yml '''extension''' के साथ  '''hello_world '''  नामक एक फाइल बनाएंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
|  '''info.yml'''  फ़ाइल का नाम और '''module''' फ़ोल्डर का नाम समान होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:20&lt;br /&gt;
|  '''Yml'''  '''YAML''' का फाइल एक्स्टेंशन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
|  '''YAML''' सभी प्रोग्रामिंग भाषाओं के लिए एक यूनिकोड आधारित डेटा क्रमांकन मानक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
| यह एक मानव-पठनीय भाषा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:34&lt;br /&gt;
| यह '''info.yml ''' फ़ाइल '''Drupal''' को हमारे '''module''' के बारे में बताती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| इस फ़ाइल में, हम अपने '''module'''  के '''metadata''' को संचित करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
|अतः निम्न  '''metadata''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:47&lt;br /&gt;
| फाइल सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:49&lt;br /&gt;
| यह हमारे '''module''' का शीर्षक है, जो '''extend'''  पृष्ठ पर दिखाया जाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:54&lt;br /&gt;
| यह हमारे '''module'''  का एक छोटा सा विवरण है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:58&lt;br /&gt;
| यह वह श्रेणी है जिसे हमारा '''module''' '''extend''' पेज पर सूचीबद्ध किया जाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
| यह '''Drupal'''  को यह बताने के लिए है कि हम एक '''module''' बना रहे हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:08&lt;br /&gt;
| '''core key'''   '''Drupal core''' के वर्जन को निर्दिष्ट करता है कि हमारा '''module'''  किसके साथ संगत है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:15&lt;br /&gt;
| यहाँ '''name''', '''type''' और '''core keys''' आवश्यक हैं। अन्य '''keys'''  को अनदेखा किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:21&lt;br /&gt;
| इसके बाद, हम '''module''' एक्सटेंशन के साथ '''hello_world''' नामक एक फाइल बनाएंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
| इस प्रदर्शन के लिए, हम इस फ़ाइल में कोई कार्यक्षमता नहीं जोड़ने जा रहे हैं। लेकिन हमें बस इस फाइल को बनाने की जरूरत है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
| इस फ़ाइल में, निम्न टाइप करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:39&lt;br /&gt;
| फाइल सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:41&lt;br /&gt;
|  ये दो फाइलें हैं जो '''Drupal'''  को '''module''' बनाने की आवश्यकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:46&lt;br /&gt;
| अब हम अपनी वेबसाइट में इस '''module'''  को संस्थापित करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| अपनी लोकल '''Drupal''' वेबसाइट खोलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:53&lt;br /&gt;
| नया '''module''' संस्थापित करने से पहले, हम पहले ''cache ''' को साफ कर देंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| ऐसा करने के लिए, ''Configuration '''  मेनू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:01&lt;br /&gt;
|   '''Development''' में,  '''Performance ''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:05&lt;br /&gt;
|अब '''Clear all caches''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| आप देख सकते हैं कि '''caches''' साफ हो गए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| हर बार जब हम अपनी वेबसाइट को संशोधित करते हैं, तो '''caches''' को साफ करना अनिवार्य है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
| अब '''module''' को संस्थापित करने के लिए, '''Extend ''' मेनू पर क्लिक करें और स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
|'''Custom''' में, आप '''Hello World module ''' को देख सकते हैं, जिसे हमने अभी बनाया था। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:28&lt;br /&gt;
| चुनने के लिए इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:30&lt;br /&gt;
| सबसे नीचे '''Install''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:33&lt;br /&gt;
| अब हमारा ''' custom module''' सक्षम है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:36&lt;br /&gt;
| इसके बाद, हमें ''' router file''' जोड़नी होगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40 &lt;br /&gt;
| यह '''Drupal'''  को बताता है कि कहां से '''module''' एक्सेस किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| '''router''' निर्धारित करता है कि '''request''' के साथ क्या किया जाना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
| यदि एक्सेस की अनुमति है तो '''router'''  भी चेक करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:53&lt;br /&gt;
| अपने '''File browser''' पर वापस जाए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:55&lt;br /&gt;
| हम अब '''hello_world.routing.yml'''  नामक रूटिंग फ़ाइल बनाएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:03&lt;br /&gt;
|रूटिंग फ़ाइल के अंदर निम्न टाइप करें। कोड समझते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:08&lt;br /&gt;
| यह पंक्ति '''route''' है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| यह इंगित करता है कि हमारे '''module''' तक पहुंचने के लिए किस पाथ का उपयोग किया जाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:15&lt;br /&gt;
| यह '''Drupal''' को बताना है कि कंटेंट कहाँ से प्राप्त करना है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:20&lt;br /&gt;
| यहाँ '''content'''   फंक्शन 'है जिसे हम ''controller ''' फाइल में बनाएंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
| यह केवल उन यूजर्स को सुनिश्चित करना है जो '''content''' एक्सेस कर सकते हैं, अपने '''Hello World ''' पेज को देख सकेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:33&lt;br /&gt;
|आगे हमें इस बारे में कार्यक्षमता को जोड़ना चाहिए कि यह '''module ''' क्या करने जा रहा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:38&lt;br /&gt;
|यह एक '''controller'''  को जोड़कर किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
| '''controller''' क्या है? '''Controller'''  '''PHP function ''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
| यह '''HTTP request ''' से जानकारी लेता है और एक '''HTTP response''' बनाता और रिटर्न करता  है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:54&lt;br /&gt;
| अपने '''File browser''' पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:56&lt;br /&gt;
| '''controller''' जोड़ने के लिए, हमें यहाँ '''src ''' नाम का एक फोल्डर बनाना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:02&lt;br /&gt;
|   '''src'''   फोल्डर के अंदर, हमें '''Controller'''  नामक एक और फोल्डर बनाना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:07&lt;br /&gt;
|इस '''Controller''' फोल्डर के अंदर, हम '''HelloController.php''' नामक कंट्रोलर फाइल बनाएंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:15&lt;br /&gt;
| इस फ़ाइल के अंदर, निम्न टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:18&lt;br /&gt;
| अब फाइल सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:20&lt;br /&gt;
| '''namespace'''  नामकरण समस्या से बचने के लिए, एक नाम के तहत कोड का एक बंच रखने की अनुमति देता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:28&lt;br /&gt;
| यह '''use statement''' , '''ControllerBase class''' को इंपोर्ट करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:32&lt;br /&gt;
| हमारे पास फंक्शन '''content'''  के साथ '''class HelloWorldController '''  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:38&lt;br /&gt;
| रूटिंग सिस्टम पेज को इनवोक करने पर यह मार्कअप टेक्स्ट को रिटर्न करेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:43&lt;br /&gt;
|  अब वेब ब्राउजर पर जाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:46&lt;br /&gt;
| ''' Back to site ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:48&lt;br /&gt;
| एड्रेस बार में '''hello ''' को वेब ब्राउजर के लिए '''request''' के रूप में जोड़ें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| यह वह मार्ग है जिसे हमने अपने '''module'''  को एक्सेस करने के लिए रूटिंग फ़ाइल में बनाया है। अब एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:00&lt;br /&gt;
|  हम अपने कस्टम पेज को देख सकते हैं जो हमने अभी बनाया था। यह '''response''' है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:07&lt;br /&gt;
|इसी तरह, हम '''Drupal 8'''  में अन्य सामान्य '''custom modules''' बना सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:13&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:16&lt;br /&gt;
|  Let us summarize संक्षेप में। इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न सीखा- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
बेसिक  '''module''' बनाना, बेसिक '''controller''' जोड़ना,   '''routing'''  फाइल जोड़ना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:27&lt;br /&gt;
|नियतकार्य के रूप में, अपनी वेबसाइट के “'''About us'''”  'पेज के लिए ''' custom module''' बनाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:33&lt;br /&gt;
|निम्नलिखित लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशाला आयोजित करती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:49&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''NMEICT, MHRD,'''  और NVLI, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:00&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Drupal/C4/Solr-Search-and-Facets-Implementation/Hindi</id>
		<title>Drupal/C4/Solr-Search-and-Facets-Implementation/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Drupal/C4/Solr-Search-and-Facets-Implementation/Hindi"/>
				<updated>2020-12-22T07:45:00Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border = 1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| ''' Solr Search and Facets Implementation''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम निम्न के बारे में सीखेंगे-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:09&lt;br /&gt;
|  '''Solr search''' का परिचय&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
| '''Solr search''' की मुख्य विशेषताएं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
| '''Solr search'''  का संस्थापन और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| '''Facets''' की रचना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूं  '''Ubuntu Linux 16.04''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
|  '''Drupal 8 ''' और  '''Firefox web browser'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:29&lt;br /&gt;
| आप अपनी पसंद के अनुसार किसी भी वेब ब्राउज़र का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:33&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको ''' Drupal''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:38&lt;br /&gt;
| यदि नहीं, तो प्रासंगिक ''' Drupal''' ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया दिखाए गए लिंक पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| आपके पास एक कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन भी होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
| पहले हम सीखते हैं कि '''API''' क्या है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
| '''API'''   '''Application Programming Interface''' का प्रतीकत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| इसमें नियमों का एक सेट है, जिनका सॉफ्टवेयर प्रोग्राम एक-दूसरे के साथ इंट्रैक्ट करने के लिए अनुसरण कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| '''API''' के बारे में अधिक जानकारी इस ट्यूटोरियल के '''Additional reading material''' लिंक में दी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
|  '''Solr Search API''' क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| '''Solr'''  '''Search Application''' बनाने के लिए उपयोगित ओपन सोर्स '''search platform''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
| यह हमें कस्टम '''search engines'''  बनाने में सक्षम बनाता है जो कि इंडेक्स डेटाबेस, फाइल्स और वेबसाइट्स हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:23&lt;br /&gt;
|  हमें '''Solr Search API''' की आवश्यकता क्यों है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट '''search'''  जो कि '''Drupal''' के साथ होता है '''database search'' करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| यह '''MySQL''' पर धीमी प्रक्रिया और अतिरिक्त भार की ओर जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:37&lt;br /&gt;
| लेकिन '''Solr'''  सर्च के लिए भिन्न '''server''' प्रदान करता है। यह '''search ''' ऑपरेशन को गति प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:44&lt;br /&gt;
| '''Solr'''  की कुछ विशेषताएँ यहाँ सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
|यह मापनीय है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| इसमें पूर्ण टेक्स्ट खोज क्षमताएं हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
|  यह लचीला और एक्स्टेंसिबल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
| यह यूजर के अनुकूल इंटरफेस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:58&lt;br /&gt;
|इसमें दोष टोलरेंस है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:01&lt;br /&gt;
| आगे हम '''Solr core''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
|इंडेक्सिंग और विश्लेषण जैसे ऑपरेशन करने के लिए '''Solr core''' का उपयोग किया जाता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| यह एकल इंडेक्स और संबंधित कॉन्फ़िगरेशन फाइल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:16&lt;br /&gt;
| हम विभिन्न संरचनाओं के साथ डेटा को इंडेक्स कर सकते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| एक '''Solr server''' में एक या अधिक कोर हो सकते हैं  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
| मल्टिपल '''cores''' का उपयोग तब किया जाता है जब हमें कई संस्करणों, भाषाओं या कॉन्फ़िगरेशनों की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:31&lt;br /&gt;
| इस उदाहरण में '''Solr Server''' इंस्टेंस में '''Articles''' और '''Weblogs'''  के लिए एक-एक कोर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
| अब स्टेप दर स्टेप '''Solr implementation process''' सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44&lt;br /&gt;
| निम्न स्टेप्स '''Bitnami Drupal Stack'''  पर लागू होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| लेकिन अधिकांश स्टेप किसी भी अन्य '''Drupal'''  संस्थापन पर भी लागू होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:54&lt;br /&gt;
| '''स्टेप नंबर 1''' - अपना टर्मिनल खोलें और अपनी मशीन को '''update''' और '''upgrade''' करने के लिए निम्न कमांड रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, कि आपको इस कमांड को '''root user'''  के रूप में रन करना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:06&lt;br /&gt;
| '''चरण संख्या 2''' - चूंकि '''Solr''' '''Java'''  पर आधारित है, हमें अपने सिस्टम पर '''JRE ''' या  '''JDK''' संस्थापित करने की आवश्यकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:16&lt;br /&gt;
|इसके लिए सबसे पहले हमें '''python software properties''' को संस्थापित करना होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:21&lt;br /&gt;
| अतः निम्न कमांड रन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, कि आपको आगामी कमांड को एक सामान्य यूजर के रूप में रन करना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:29&lt;br /&gt;
| आगे हम '''JRE''' सेट करने के लिए यह कमांड रन करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:34&lt;br /&gt;
| फिर असमर्थित '''packages'''  के साथ सिस्टम को अपडेट करने के लिए, टाइप करें '''sudo space add hyphen apt space update''' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| अंत में '''oracle Java8''' के नवीनतम वर्जन को संस्थापित करने के लिए निम्न कमांड रन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:54&lt;br /&gt;
| अब हम '''java space hyphen version''' टाइप करके संस्थापित '''Java''' वर्जन चेक कर सकते हैं। एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:03&lt;br /&gt;
| आगे हमें डिफॉल्ट '''Java environment variable''' सेटअप करना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
| निम्न कमांड रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:12&lt;br /&gt;
| '' स्टेप नंबर 3''' आगे हम अपने लोकल मशीन में '''Solr'''  संस्थापित करना सीखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:18&lt;br /&gt;
| पहले हमें निर्देशिका को '''tmp'''  में बदलना होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:22&lt;br /&gt;
| अब हम उनके वेब पेज से '''Solr version 6.6.3''' डाउनलोड करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
| निम्न कमांड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:31&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, कि आप उनकी वेबसाइट से कोई भी नवीनतम वर्जन डाउनलोड कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| आगे हम निम्न कमांड का उपयोग करके  '''tar'''  फाइल को एक्स्ट्रैक्ट करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:40&lt;br /&gt;
| अब हमें अपने सिस्टम में '''service''' के रूप में '''Solr'''  को संस्थापित करना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:45&lt;br /&gt;
| अतः निम्न कमांड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:48&lt;br /&gt;
| फिर हम '''service space Solr space status''' टाइप करके '''Solr'''  के स्टेट्स को चेक करेंगे। एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि  '''service Solr'''  हमारे सिस्टम में संस्थापित है और साथ ही सक्रिय है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
| '''स्टेप नंबर 4''' &lt;br /&gt;
अब हम अपने '''Drupal'''  कंटेंट को इंडेक्स करने के लिए '''Solr''' में एक नया '''solr core''' बनाएंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| ध्यानपूर्वक निम्न कमांड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
| यहां मैंने नए बनाए गए '''core'''  को '''testcollection'''  नाम दिया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:19&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट रूप से '''solr application'''  '''TCP port 8983''' पर ध्यान देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:25&lt;br /&gt;
|अतः हम  '''port 8983''' के माध्यम से '''Solr admin user interface''' एक्सेक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| '''URL bar''' में, टाइप करें '''http://localhost:8983/Solr/'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:42&lt;br /&gt;
| '''Core Selector'''  फ़ील्ड में, हम सभी उपलब्ध '''core''' की सूची देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
|किसी विशेष '''core''' पर क्लिक करके, हमें संबंधित विवरण मिलेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:53&lt;br /&gt;
| यह सब हमारे लोकल सिस्टम में '''Solr'''  संस्थापन के बारे में है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| ''''स्टेप नंबर 5''', आगे हम '''Drupal8''' में '''Solr search API''' को कार्यान्वित करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| इसके लिए  '''PHP ''' का '''mbstring extension''' और ''composer''' आपकी मशीन में संस्थापित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:11&lt;br /&gt;
| उपरोक्त सॉफ़्टवेयर को संस्थापित करने के स्टेप्स इस ट्यूटोरियल के '''Additional reading material''' लिंक में दिए गए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| एक बार आवश्यक संस्थापन हो जाने के बाद, डाइरेक्टरी को '''Drupal''' के '''htdocs''' में बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:24&lt;br /&gt;
| इसके बाद हमें '''Drupal8''' में '''solarium library'''  को संस्थापित करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
| '''PHP''' के लिए '''Solarium'''  '''Solr client library''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:34&lt;br /&gt;
| इसको संस्थापित करने के लिए निम्न कमांड का निष्पादन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:38&lt;br /&gt;
| इसके बाद हम '''composer''' के माध्यम से '''Drupal8''' में '''search API Solr module''' को संस्थापित करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:44&lt;br /&gt;
| निम्न कमांड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| हम बाद में उपयोग करने के लिए '''Drupal8''' में '''Facets module''' को भी डाउनलोड करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| निम्न '''command'''  टाइप करें। इस बिंदु पर, हमने सभी आवश्यक '''modules''' डाउनलोड किए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:01&lt;br /&gt;
| '''स्टेप नंबर6''' - इसके बाद '''Drupal8 site''' पर जाएं और '''modules ''' को सक्षम करें, जिसे हमने संस्थापित किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
|  '''Extend''' टैब पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:11&lt;br /&gt;
|  '''modules Facets, Search API, Solr search ''' और '''Solr Search Defaults''' पर चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:20&lt;br /&gt;
| उन्हें सक्षम करने के लिए नीचे '''Install'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:24&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि सभी चार '''modules '''  संस्थापित किए गए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:28&lt;br /&gt;
| अब हमें '''Drupal8''' का '''Search''' नामक, डिफॉल्ट '''Search module ''' अक्षम करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:34&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए,  '''Extend'''  पेज में '''Uninstall''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:39&lt;br /&gt;
| '''Search module ''' को चेक मार्क करें और नीचे '''Uninstall''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| फिर से पुष्टि करने के लिए '''Uninstall'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:48&lt;br /&gt;
| आगे हमें अपने '''Solr''' के साथ संवाद करने के लिए अपने '''Drupal''' को अनुमति देनी होगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| उसके लिए, '''terminal ''' पर वापस जाएं और निम्न कमांड को ध्यानपूर्वक रन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:58&lt;br /&gt;
| यह '''Drupal8'''  के '''modules'''  फ़ोल्डर से '''configuration files ''' को '''Solr'''  के कोर में कॉपी करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| '''configuration files''' को कॉपी करने के बाद, '''Solr service''' को रिस्टार्ट करने के लिए टाइप करें '''sudo space service space solr space restart''' . एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:17&lt;br /&gt;
| '''स्टेप नंबर 7'''&lt;br /&gt;
इसके बाद हम  '''Solr server''' को कॉन्फ़िगर करेंगे और उपलब्ध कंटेंट को डिफ़ॉल्ट '''search index''' में अनुक्रमित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:27&lt;br /&gt;
| ऐसा करने के लिए '''Configuration''' टैब पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:30&lt;br /&gt;
| '''SEARCH AND METADATA''' में '''Search API ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:34&lt;br /&gt;
| अभी हम देख सकते हैं कि  '''Solr server''' तक नहीं पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:38&lt;br /&gt;
| '''Solr Server''' के '''Edit''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
| नीचे स्क्रॉल करें। '''Solr core ''' फील्ड में, अपना कोर नाम टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:46&lt;br /&gt;
| मैं टाइप करूंगी '''testcollection.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| अन्य सेटिंग्स को डिफ़ॉल्ट के रूप में छोड़ दें और कॉन्फ़िगरेशन को सेव करने के लिए नीचे दिए गए '''Save'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि '''server connection''' तक पहुँचा जा सकता है और कोर कनेक्शन को ऐक्सेस किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:01&lt;br /&gt;
| '''स्टेप नंबर 8''' &lt;br /&gt;
आगे हम '''Solr server''' में उपलब्ध कंटेंट को अनुक्रमित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:08&lt;br /&gt;
|  '''Default Solr content index''' के '''Edit'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| हम अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सेटिंग्स बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
| अभी के लिए, मैं उन्हें वैसे ही रखूँगी और नीचे '''Save''' बटन पर क्लिक करूँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
| हम अभी देख सकते हैं कि '''Solr server''' में 0 आइटम  अनुक्रमित हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
| सभी कंटेंट को अनुक्रमित करने के लिए, नीचे दिए गए '''Index now'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि सभी 20 कंटेंट '''Solr server''' में अनुक्रमित हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:36&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हमने '''Solr server ''' और '''index.'''दोनों को सफलतापूर्वक सक्षम किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:41&lt;br /&gt;
| ''' स्टेप नंबर 9'''. आगे '''Solr search''' का उपयोग करके अपने कंटेंट को सर्च करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:48&lt;br /&gt;
| उसके लिए, '''Structure''' फिर '''Views''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:52&lt;br /&gt;
| हम यहां '''Solr search content view''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:55&lt;br /&gt;
| '''Solr search content''' के '''Edit'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:59&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि '''Solr search content'''  वह पेज है,  जिसे '''path /Solr-search/content''' पर ऐक्सेस किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:09&lt;br /&gt;
| हम व्यू का पूर्वावलोकन भी देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:12&lt;br /&gt;
| अब हम '''Solr search content'''  पेज ऐक्सेस करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| URL बार में, टाइप करें http://localhost:8080/drupal/solr-search/content &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:30&lt;br /&gt;
|यदि '''Bitnami Drupal Stack''' का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो '''localhost:8080''' के बजाय '''localhost''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:39&lt;br /&gt;
| अब '''Solr''' सर्च कंटेंट पेज दिखाई देता है। '''Search''' फ़ील्ड में, टाइप करें '''Drupal'''.  एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:47&lt;br /&gt;
| यह कुछ परिणाम प्रदर्शित करता है, जिसमें उनके कंटेंट में “'''Drupal'''” शब्द होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:53&lt;br /&gt;
| ''' स्टेप नंबर10''' आगे हम खोज परिणामों को वर्गीकृत करने के लिए '''Facets'''  बनाना सीखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:00&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए,  '''Configuration''' टैब पर जाएं। ''SEARCH AND METADATA''' में '''Facets''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:07&lt;br /&gt;
| '''Add facet''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:10&lt;br /&gt;
| '''Facet source ''' ड्राप डाउन में सोर्स चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:15&lt;br /&gt;
|  '''Field ''' ड्राप डाउन में, हम'''facet''' फील्ड के रूप में हम '''Title'''  चुनेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:20&lt;br /&gt;
|  '''Name''' फील्ड में,मैं इस '''Facet''' के नाम के रूप में  '''Title'''  टाइप करूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:25&lt;br /&gt;
| अंत में कॉन्फ़िगरेशन को सेव करने के लिए '''Save'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:29&lt;br /&gt;
| यहां आप उपलब्ध प्रकारों में से '''widget''' का चयन कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:34&lt;br /&gt;
| मैं अभी के लिए '''List of links'''  चुन रही हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:37&lt;br /&gt;
| शेष सेटिंग्स को डिफ़ॉल्ट पर छोड़ दें और कॉन्फ़िगरेशन को सेव करने के लिए '''Save'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:44&lt;br /&gt;
| ''' स्टेप नंबर 11'''&lt;br /&gt;
आगे हम '''Facet'''  को रखना सीखेंगे, जिसे हमने अभी कॉन्फ़िगर किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:50&lt;br /&gt;
| उसके लिए '''Structure → Block layout''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:54&lt;br /&gt;
|ब्लॉक को '''Sidebar second region''' में रखने के लिए, '''Place block''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:00&lt;br /&gt;
| प्रदर्शित डायलॉग बॉक्स में, '''Title''' नामक '''Facet''' चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:05&lt;br /&gt;
| अपनी आवश्यकता के अनुसार ब्लॉक को कॉन्फ़िगर करें। '''Save block'''  बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:11&lt;br /&gt;
| '''Facet'''   '''Sidebar second region'''  में जुड़ गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:15&lt;br /&gt;
| '' ' स्टेप नंबर12' ''&lt;br /&gt;
आगे हम अपने '''Solr search content''' पेज पर वापस जाएंगे और देखेंगे कि '''Facet'''  कैसे कार्य करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:23&lt;br /&gt;
| ''Search field''' में, टाइप करें '''Drupal'''.एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:28&lt;br /&gt;
| यह कुछ परिणाम प्रदर्शित करता है जिसके कंटेंट में शब्द “'''Drupal'''” होता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:34&lt;br /&gt;
| हम उन शीर्षक को प्रदर्शित करते हुए भी '''Facet''' देख सकते हैं, जिनमें उनके कंटेंट में '' Drupal ''  शब्द है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:41&lt;br /&gt;
| '''Drupal8''' में '''Solr search''' और '''Facets'''  के कार्यान्वयन के बारे में यह सब है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:47&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:51&lt;br /&gt;
| संक्षेप में,  इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा- '''Solr''' एप्लिकेशन संस्थापित करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:57&lt;br /&gt;
| '''composer''' के माध्यम से महत्वपूर्ण '''modules'''  संस्थापित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:00&lt;br /&gt;
|  '''Solr search API'''  और '''Facets''' को कॉन्फिगर करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:05&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:13&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  टीम: स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशाला आयोजित करती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:22&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''NMEICT, MHRD,'''  और NVLI, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:33&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Creating-a-Map/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Creating-a-Map/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Creating-a-Map/Hindi"/>
				<updated>2020-12-11T11:19:43Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Creating a Map''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे, '''Print Composer''' का उपयोग करके मानचित्र बनाना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| '''Print composer''' में मानचित्र के एलिमेंट्स जोड़ना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:18&lt;br /&gt;
||मानचित्र को एक्स्पोर्ट करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ &lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux '''OS वर्जन 16.04.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:32&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको  '''QGIS''' इंटरफेस के साथ परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
||पूर्वपेक्षित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:44&lt;br /&gt;
|| प्लेयर के नीचे स्थित '''Code files''' लिंक में दिए गए फोल्डर को डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
||डाउनलोड़ की गई zip फाइल के कंटेंट्स को एक्स्ट्रैक्ट करें और इसे फोल्डर में सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
||यहां मेरा '''Code files folder''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
||फोल्डर को खोलने के लिए डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:03&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर में आप भारत और विश्व मानचित्र के लिए शैप फाइल्स पायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
||'''indiaboundary.shp ''' फाइल पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:14&lt;br /&gt;
||इस फाइल को '''QGIS''' में खोलने के लिए फाइल पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
|| '''context menu''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
|| '''Open with QGIS Desktop''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
||मानचित्र सीधे  '''QGIS''' इंटरफेस में खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
||यदि आप '''Open with QGIS Desktop ''' ऑप्शन नहीं देखते हैं, तो पहले '''QGIS''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
||यहां मैंने '''QGIS''' इंटरफेस खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:45&lt;br /&gt;
|| बाएं टूल बार पर '''Add Vector Layer ''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
||बॉक्स में, '''Dataset''' टेक्स्ट बॉक्स के आगे '''Browse''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:00&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:03&lt;br /&gt;
|| '''Desktop''' में '''Code files''' फोल्डर पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:07&lt;br /&gt;
||'''indiaboundary.shp ''' फाइल चुनें। '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:15&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स में, '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
||भारत का सीमांत मानचित्र कैनवास पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| अब हम भारत के कुछ शहरों का प्रतिनिधित्व करते हुए शैप फ़ाइल जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| फिर से, टूलबार में '''Add Vector Layer ''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:36&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:40&lt;br /&gt;
||बॉक्स में  '''Browse''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:44&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| '''Desktop''' में '''Code files''' फोल्डर पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
|| '''places.shp''' फाइल चुनें। '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स में, '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:03&lt;br /&gt;
|| शहर, मानचित्र पर प्वाइंट फीचर्स के रूप में दर्शाई गई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| इन शहरों को लेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:10&lt;br /&gt;
|| '''Layers''' पैनल में '''Places''' लेयर पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
||'''context menu''' में, '''Properties''' ऑप्शन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स में '''labels''' टैब चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
|| मानचित्र पर स्थित ड्राप-डाउन में, '''Show labels for this layer''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:32&lt;br /&gt;
|| ''Label with''' ड्राप-डाउन में, दिए गए ऑप्शन्स से '''name''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| '''Text''' टैब में, हमारे पास चुनने के लिए निम्न ऑप्शन्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''fonts'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| '''style'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
|| '''size'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:51&lt;br /&gt;
|| '''color''' आदि।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| '''Apply''' बटन और '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:02&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर, कुछ शहरों के साथ भारत का मानचित्र और लेबल्स प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
||इस मानचित्र फ़ाइल को मुद्रण या प्रकाशन के उद्देश्य से इमेज फॉर्मेट में एक्स्पोर्ट किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''Print Composer''' नामक टूल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:19&lt;br /&gt;
||यह आपको उस फॉर्मेट में मानचित्र बनाने की अनुमति देता है जो पढ़ने में आसान है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:24&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में ''' Project ''' मैन्यू पर क्लिक करें और  '''New Print Composer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
|| '''Composer title''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| आपको '''composer''' के लिए एक शीर्षक दर्ज करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||टाइटल के रूप में '''India-Map''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:47&lt;br /&gt;
||'''Print composer''' विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:50&lt;br /&gt;
|| '''Print Composer''' आपको खाली कैनवास प्रदान करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
||कैनवास के बगल में दाईं ओर, आपको दो पैनल मिलेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| अपर पैनल और लोवर पैनल।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| पैनल को सक्षम करने के लिए  '''View''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
||मैन्यू में नीचे स्क्रोल करें और '''Panels''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:13&lt;br /&gt;
|| सब-मैन्यू पैनल की सूची दर्शाता है। यहां कुछ पैनल्स पहले से ही चयनित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| चुनने के लिए पैनल के नाम पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||पैनल कैनवास के दाईं ओर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| सभी '''Print Composer''' टूल्स मैन्यू में और आइकन्स टूलबार्स में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:37&lt;br /&gt;
||टूलबार्स बाईं ओर साथ ही '''Composer''' विंडो के शीर्ष पर मौजूद हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस ट्यूटोरियल के साथ प्रदान की गई अतिरिक्त सामग्री देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
|| अब अपने मानचित्र को एकत्र करना शुरू करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
||'''Print Composer window''' में, टूल बार में '''Zoom full ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| यह लेआउट को अपनी पूर्ण सीमा तक प्रदर्शित करेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|| अब हमें '''Composer''' पर मानचित्र व्यू लाना है, जिसे हमने '''QGIS Canvas''' में देखा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
||टूल बार में '''Add new map''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
|| '''composer''' विंडो पर कर्सर ले जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
||अब कर्सर ''' plus (+)''' सिंबल के रूप में दिखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
||यह दर्शाता है कि '''Add Map''' बटन सक्रिय है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
|| '''Composer''' विंडो पर आयत बनाने के लिए दाएं-माउस बटन को क्लिक करें और खींचें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:37&lt;br /&gt;
|| छोरों के साथ मार्जिन छोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
|| आप देखेंगे कि आयत विंडो मुख्य '''QGIS''' कैनवास से मानचित्र के साथ प्रस्तुत होगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:48&lt;br /&gt;
|| प्रस्तुत मानचित्र पूर्ण विंडो को कवर नहीं कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| बाएं टूल बार में '''Move item content''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| बाएं माउस बटन का उपयोग करके, मानचित्र को विंडो पर ले जाएं और इसे केंद्र में रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:05&lt;br /&gt;
||टाइटल के लिए शीर्ष पर स्पेस छोडें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| अब हम मुख्य मानचित्र में '''grid'''  और  '''zebra''' बॉर्डर जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
|| '''Item Properties Panel''' में, '''Grids ''' सेक्शन पर नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
|| विस्तारित मैन्यू को देखने के लिए '''Grids ''' के आगे छोटे काले-त्रिकोण पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:25&lt;br /&gt;
||हरे प्लस (+), '''Add a new grid ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:30&lt;br /&gt;
||अब ग्रिड सेक्शन में सभी फीचर्स सक्षम हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| यदि आवश्यक है, तो यहां '''CRS''' बदलने के लिए ऑप्शन है। मैं इसे ऐसे ही छोड़ दूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
||ड्राप-डाउन ऐरोज़ का उपयोग करके '''X'''  और '''Y''' दोनों दिशा में '''Interval ''' मान 10 डिग्री चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| '''Grid frame''' सेक्शन पर नीचे स्क्रोल करें और '''Frame style''' चुनें। मैं '''Zebra''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:59&lt;br /&gt;
|| यहां फ्रेम साइज, मोटाई, रंग आदि बदलने के लिए ऑप्शन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:07&lt;br /&gt;
||ऑप्शन्स चुनें जो आपकी आवश्यकता के अनुरूप हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें और '''Draw Coordinates''' चेकबॉक्स चेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:17&lt;br /&gt;
|| '''Distance to map frame'''  को निर्देशांक सुपाठ्य होने तक समायोजित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
||लेबल्स को स्थानांतरित करने के लिए उपवर्ड या डाउनवर्ड ऐरो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:30&lt;br /&gt;
|| '''Coordinate precision'''  में 1 चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:34&lt;br /&gt;
||यह पहले दशमलव तक निर्देशांक प्रदर्शित करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| आगे, हम मानचित्र में नार्थ ऐरो जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||'''Print Composer''' मानचित्र से संबंधित इमेजेस के अच्छे संग्रह को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
|| टूल बार में '''Add image icon ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| कर्सर को map composer विंडो पर लाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
||अपने बाएं माउस बटन को दबाकर रखें, मैप कैनवास के ऊपरी-दाएं कोने पर क्लिक करें और एक छोटा आयत बनाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
||दाएं पैनल में '''Item Properties ''' टैब में, '''Search directories''' सेक्शन का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:14&lt;br /&gt;
||अपनी पसंद के नार्थ ऐरो इमेज पर क्लिक करके चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
||इमेज मानचित्र '''Composer''' विंडो के बॉक्स में प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| मानचित्र '''Composer''' विंडो पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
||आप मानचित्र के ऊपरी-दाएँ कोने पर नार्थ ऐरो इमेज देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:34&lt;br /&gt;
|| अब हम मानचित्र में स्केल बार जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:38&lt;br /&gt;
||टूलबार में '''Add new scalebar tool ''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
|| मानचित्र पर वहाँ क्लिक करें, जहाँ आप स्केलबार दिखाना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| मैं निचले-बाएं कोने में स्केल बार जोडूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:52&lt;br /&gt;
||'''Segments ''' सेक्शन में राइट पैनल में, आप कई सेगमेंट्स और उनके आकार को समायोजित कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:00&lt;br /&gt;
||अब हम अपने मानचित्र के लिए टाइटल जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
||बाएं टूलबार से '''Add new Label''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:09&lt;br /&gt;
|| कर्सर को मानचित्र '''composer''' विंडो पर लाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
||अपने बाएं माउस बटन को पकडकर, मानचित्र के शीर्ष-केंद्र पर एक बॉक्स बनाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| दाएं पैनल पर आप '''Label''' के लिए '''Item Properties''' टैब देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:24&lt;br /&gt;
||'''Main Properties''' में, टेक्स्ट बॉक्स में, '''Map of India''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:31&lt;br /&gt;
|| '''Appearance''' सेक्शन में,'''Font''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| '''Select Font ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है, उपयुक्त '''Font, Font style'''  और  '''Size''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:49&lt;br /&gt;
||'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:52&lt;br /&gt;
||अपनी पसंद के अनुसार रंग, मार्जिन और एलाइनमेंट बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:03&lt;br /&gt;
||बदलाव पूर्ण करने के बाद, बदलावों को देखने के लिए composer विंडो में क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:10&lt;br /&gt;
|| चयनित फॉन्ट और साइज के साथ लेबल composer विंडो में मानचित्र पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:17&lt;br /&gt;
|| अब एक '''Inset map''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| मुख्य '''QGIS''' विंडो पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:24&lt;br /&gt;
||टूलबार में '''Zoom In''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 111:28&lt;br /&gt;
|| कर्सर को मानचित्र पर लाएं, मुंबई के चारों ओर के क्षेत्र को जूम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:34&lt;br /&gt;
||क्षेत्र को जूम करने के लिए मुंबई के चारों ओर एक आयत बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
|| अब हम map inset को जोड़ने के लिए तैयार हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:43&lt;br /&gt;
||'''Print Composer''' विंडो पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:46&lt;br /&gt;
|| टूल बार में '''Add new map''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:51&lt;br /&gt;
||'''Composer ''' विंडो के ऊपरी बाएं कोने में एक आयत बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
|| टूल बार से '''Move item Content''' टूल चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:02&lt;br /&gt;
||कर्सर को '''inset map''' पर रखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
||अपनी पसंदीदा लोकेशन पर '''inset''' में मानचित्र स्थानांतरित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:10&lt;br /&gt;
|| आपके पास '''Print Composer''' में 2 मानचित्र ऑब्जेक्ट, '''Main map''' और  '''inset map '''  होंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:17&lt;br /&gt;
|| '''Item Properties''' पैनल में, ''Frame''' सेक्शन पर नीचे स्क्रोल करें और इसके आगे बॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:26&lt;br /&gt;
|| '''inset map''' के लिए फ्रेम बॉर्डर का रंग और मोटाई बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| '''inset map ''' का बैकग्राउंड रंग बदलें, ताकि इसे मैप बैकग्राउंड से अलग पहचानने में आसानी हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:45&lt;br /&gt;
|| अन्य मानचित्र एलिमेंट्स जैसे Legends, shapes, arrows आदि को समझें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:53&lt;br /&gt;
|| आपके द्वारा किए गए आवश्यक बदलावों के बाद, आप मानचित्र को सेव और एक्स्पोर्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:59&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Composer ''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:03&lt;br /&gt;
||यहां हमारे पास '''Image, PDF''' या '''SVG''' के रूप में मानचित्र को एक्स्पोर्ट करने के लिए ऑप्शन्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:12&lt;br /&gt;
|| एक इमेज के रूप में मानचित्र एक्स्पोर्ट करें। '''Export as Image ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:20&lt;br /&gt;
|| '''Save composition as''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। उपयुक्त फाइलनाम, लोकेशन और फॉर्मेट दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:29&lt;br /&gt;
|| मैं '''PNG''' फॉर्मेट चुनूंगी।  '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:35&lt;br /&gt;
|| '''Image export options''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:39&lt;br /&gt;
||उपयुक्त  resolution, page-width और height चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:44&lt;br /&gt;
||मैं page width में 800 pixels चुनूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:49&lt;br /&gt;
||'''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:52&lt;br /&gt;
|| यहां मानचित्र इमेज फाइल के रूप में सेव हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:56&lt;br /&gt;
||अब यह मानचित्र मुद्रित या प्रकाशित हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:01&lt;br /&gt;
|| संक्षंप में, इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:06&lt;br /&gt;
||'''Print Composer''' का उपयोग करके मानचित्र बनाना,  '''Composer''' में मानचित्र के एलिमेंट्स जोड़ना, मानचित्र एक्स्पोर्ट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:16&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य, &lt;br /&gt;
'''Code files''' लिंक में दिए गए विश्व '''dataset''' का उपयोग करके एशिया महाद्वीप का मानचित्र बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:25&lt;br /&gt;
||भारत का एक '''inset map '''  बनाएं। map legend जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:31&lt;br /&gt;
||आपका पूर्ण नियतकार्य यहां दिखाए गए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:36&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:44&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:54&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||14:58&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।      &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 15:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Raster-Data-Styling/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Raster-Data-Styling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Raster-Data-Styling/Hindi"/>
				<updated>2020-12-09T10:01:14Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Raster Data Styling''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे सतत '''raster''' को स्टाइल करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
|| '''Raster Calculator''' में एक्स्प्रेशन लिखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
||'''raster''' प्रोपर्टिज के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux OS''' वर्जन 16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, आपको '''QGIS interface''' से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:38&lt;br /&gt;
||पूर्वपेक्षित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:43&lt;br /&gt;
|| प्लेयर के नीचे स्थित '''Code files''' लिंक में दिए गए फोल्डर को डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
||डाउनलोड़ की गई zip फाइल के कंटेंट्स को एक्स्ट्रैक्ट करें और इसे फोल्डर में सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
||मेरा '''Code files''' फोल्डर यहां है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
||फोल्डर को खोलने के लिए डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर में आप वर्ष 2000 और 1990 हेतु पूर्ण विश्व के लिए '''Population Density grid files''' पायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:12&lt;br /&gt;
||यहां '''.asc file extension''' के साथ '''ASCII''' फॉर्मेट में दो फाइल्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:20&lt;br /&gt;
||इन फाइल्स को  '''QGIS''' में खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:24&lt;br /&gt;
||'''Code files''' फोल्डर को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:27&lt;br /&gt;
|| यहां मैंने '''QGIS''' इंटरफेस खोला है। '''Layer''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||ड्राप-डाउन से '''Add Layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||सब-मैन्यू से '''Add Raster Layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है। मैं '''Desktop''' में '''Code file ''' फोल्डर पर जाऊंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:52&lt;br /&gt;
|| '''.asc file extension''' के साथ दो फाइल्स चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:58&lt;br /&gt;
||'''Ctrl''' की को दबाएं और पकड़कर रखें, दोनों फाइल्स पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:07&lt;br /&gt;
|| '''Coordinate Reference System Selector''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:11&lt;br /&gt;
||कुछ सेटिंग्स में, '''CRS''' स्वतः ही चयनित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
||ऐसी स्थिति में यह विंडो नहीं खुल सकती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
||यदि '''Coordinate Reference System Selector''' नहीं खुलता है, तो इस स्टेप को छोड़ दें और अगले स्टेप के साथ आगे बढ़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:30&lt;br /&gt;
||यहां, मैं सूची से '''WGS 84 EPSG 4326 ''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
||'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
|| क्योंकि एक ही समय पर हम समान दो लेयर्स जोड़ रहे हैं, '''Coordinate Reference System Selector''' एक बार और यहां खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:51&lt;br /&gt;
||फिर से '''WGS 84 EPSG 4326''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
||'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर आप '''grayscale''' में प्रस्तुत विश्व का  मानचित्र देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| हल्के रंग का '''pixels''' अधिकतम जनसंख्या और गहरे रंग का '''pixels''' निम्नतम जनसंख्या दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
||'''Layers Panel''' में, आप दोनों लोड़ '''raster layers''' देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| '''raster''' में प्रत्येक '''pixel''' में उस ग्रिड के लिए जनसंख्या घनत्व का मान होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:27&lt;br /&gt;
|| '''pixel''' का मान देखने के लिए, टूल बार के ऊपरी राइट-कोने पर '''Identify Features''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| मानचित्र को जूम-इन करने के लिए माउस के व्हील का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| '''raster''' मानचित्र पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| Pixel मान '''Identify Results''' पैनल में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:48&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें कि हल्के रंग में '''pixel''' उच्चतम मान और गहरे रंग के '''pixel''' में निम्नतम मान होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
|| '''Identify Results'''  पैनल बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:00&lt;br /&gt;
|| मानचित्र को जूम आउट करें। '''Pan Map''' टूल पर क्लिक करें और कैनवास पर मानचित्र को व्यवस्थित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:09&lt;br /&gt;
|| जनसंख्या घनत्व पैटर्न को उपयुक्त प्रकार की स्टाइलिंग के साथ बेहतर रूप से देखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| '''Layers Panel''' में पहली लेयर पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
||कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से '''Properties ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:26&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में '''Style''' टैब चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
||'''Band Rendering''' सेक्शन में, '''Render type''' को  '''Singleband pseudocolor''' में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation''' को '''Linear''' करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
||'''Color''' ड्राप-डाउन में, '''Spectral''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:54&lt;br /&gt;
|| '''Mode''' को '''Continuous''' चुनें।&lt;br /&gt;
'''Classify ''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
|| आप देखेंगे कि 5 नए रंग मान बन गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| '''Apply''' बटन पर क्लिक करें और डायलॉग बॉक्स के निचले दाएं कोने में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
||वापस ''' QGIS ''' कैनवस में, आप वर्णक्रमीय रंग प्रतिपादन के 5 वर्गों में प्रदर्शित  '''raster''' मानचित्र देखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
|| जैसे 1 '''layer''' में दिखाया गया है उन्ही स्टेप्स का अनुकरण करें और 2 '''layer''' के लिए '''raster style''' बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| हमारे विश्लेषण के लिए, हम 1990 और 2000 के बीच के सबसे बड़े जनसंख्या परिवर्तन वाले क्षेत्रों को खोजना चाहेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:54&lt;br /&gt;
||इसके लिए, हमें दोनों '''layers''' में प्रत्येक ग्रिड के '''pixel''' मान के मध्य अंतर ज्ञात करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:02&lt;br /&gt;
||इन गणनाओं के लिए, हम '''Raster Calculator tool''' का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Raster''' मैन्यू पर क्लिक करें। ड्राप-डाउन से '''Raster calculator''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:16&lt;br /&gt;
|| '''Raster Calculator''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
|| '''Raster bands''' चयन में, बैंड्स के नाम प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:26&lt;br /&gt;
||क्योंकि हमारे प्रत्येक '''rasters''' में 1 बैंड है, आप प्रति '''raster''' 1 प्रविष्टि देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:33&lt;br /&gt;
|| '''raster calculator''', '''raster pixels''' पर गणितीय कार्य लागू कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
|| इस मामले में हम वर्ष 2000 के जनसंख्या घनत्व से वर्ष 1990 के जनसंख्या घनत्व को घटाने के लिए एक सरल सूत्र दर्ज करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:52&lt;br /&gt;
|| '''Raster bands''' सेक्शन में, वर्ष 2000 के लिए '''raster layer''' पर डबल-क्लिक करके '''layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
|| एक्स्प्रेशन अब '''Raster calculator expression''' सेक्शन में जुड़ जाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
|| '''Operators''' सेक्शन से, subtraction operator बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
||फिर से '''Raster bands''' सेक्शन से, वर्ष 1990 के लिए '''raster layer''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
|| अब गणना के लिए सूत्र  '''Raster calculator expression''' सेक्शन में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
|| '''Result Layer''' सेक्शन में, आप '''Output layer''' बॉक्स देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:33&lt;br /&gt;
||बॉक्स में, अपने '''output layer''' का नाम '''pop-change.tif''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:41&lt;br /&gt;
|| ''' Output format ''' ड्राप-डाउन में, '''Geo TIFF''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:47&lt;br /&gt;
|| '''Output CRS''' ऑप्शन स्वतः चयनित होता है। इसे ऐसे ही रहने दें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| '''Add result to project''' के आगे बॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:00&lt;br /&gt;
||डायलॉग बॉक्स के निचले भाग में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| आपको '''Layers Panel''' में नई '''layer''' लोड़ दिखेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:08&lt;br /&gt;
|| तीसरी लेयर के लिए मानचित्र देखने के लिए, '''Layers Panel'''  में पॉप-2000 और पॉप-1990 '''layers''' के लिए चेक बॉक्स को अनचेक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:21&lt;br /&gt;
|| हम लेयर की स्टाइल बदलकर अधिक सूचनात्मक मानचित्र बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| '''pop-change layer''' पर राइट-क्लिक करें। कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से '''Properties''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| हम '''layer''' को इस तरह स्टाइल करना चाहते हैं, कि कुछ रैंज में  '''pixel'''  मान समान रंग के होते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:47&lt;br /&gt;
||'''Metadata''' टैब पर क्लिक करें,'''Properties''' ऑप्शन पर नीचे स्क्रोल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||'''maximum''' और  '''minimum ''' मान नोट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:59&lt;br /&gt;
||अधिकतम मान 6000 के करीब है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:02&lt;br /&gt;
||न्यूनतम मान-2000 से थोड़ा अधिक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
|| '''Style''' टैब पर जाएं। '''Band Rendering, ''' में '''Render type''' के रूप में '''Singleband pseudocolor''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:14&lt;br /&gt;
|| '''Interpolation''' को '''Discrete''' सेट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:19&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें। '''Add Values Manually''' बटन पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
||यह '''Classify''' बटन के आगे स्थित हरा प्लस सिंबल बटन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
||4 यूनिक '''classes''' बनाने के लिए  '''Add Values Manually''' बटन को 4 बार क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
||यह मान मध्य पैनल में दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:43&lt;br /&gt;
|| यहां हमें प्रत्येक रो में मानों को बदलना पड़ेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
||दर्ज किए गए मान से कम जनसंख्या मान की उस प्रविष्टि को रंग दिया जाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| मान को बदलने के लिए '''Values''' कॉलम में पहली प्रविष्टि पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| हमने देखा कि हमारे '''metadata''' विश्लेषण में न्यूनतम मान -2000 से थोड़ा अधिक है। पहली प्रविष्टि में -2000 टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:12&lt;br /&gt;
|| रंग के बॉक्स पर डबल-क्लिक करें और रंग बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:20&lt;br /&gt;
||पहली रो में '''Label ''' कॉलम पर डबल-क्लिक करें। '''No Data values''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
||इसी तरह यहां दिखाए अनुसार सभी मान और लेबल भरें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:33&lt;br /&gt;
||'''Negative''' बदलाव को निरूपित करने के लिए दूसरी रो में -10,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:46&lt;br /&gt;
|| '''Neutral''' निरूपित करने के लिए तीसरी रो में 10,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
|| आखिर में 6000, '''Positive''' बदलाव निरूपित करने के लिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:03&lt;br /&gt;
||क्योंकि metadata विश्लेषण से हमारा अधिकतम मान 6000 के करीब है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:23&lt;br /&gt;
|| विंडो के निचले दाएं-कोने में, '''Apply ''' बटन और फिर '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:30&lt;br /&gt;
|| अब कैनवास पर आपको जनसंख्या डेटा का अधिक प्रभावशाली दृश्य दिखाई देगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:37&lt;br /&gt;
||यहां आप स्पष्ट रूप से उन क्षेत्रों को देख सकते हैं जिनमें धनात्मक  और ऋणात्मक जनसंख्या घनत्व में परिवर्तन देखा गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:46&lt;br /&gt;
|| नीले रंग में रंगे हुए क्षेत्र धनात्मक जनसंख्या परिवर्तन को दर्शाते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:52&lt;br /&gt;
||हरे रंग के क्षेत्र ऋणात्मक परिवर्तन को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
||गुलाबी क्षेत्रों में बहुत अधिक जनसंख्या परिवर्तन नहीं देखा गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:04&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा, &lt;br /&gt;
सतत '''raster''' स्टाइल करना, '''raster calculator''' में एक एक्स्प्रेशन लिखना, '''raster''' प्रोपर्टिज के बारे में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:17&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में,&lt;br /&gt;
'''Code files''' लिंक में दिए गए जनसंख्या डेटा का उपयोग करके, एक नई रैस्टर फाइल बनाएं, जो केवल ऋणात्मक जनसंख्या परिवर्तन दिखाता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:28&lt;br /&gt;
||संकेत: '''Raster Calculator''' का उपयोग करें, 0 से कम जनसंख्या परिवर्तन का चयन करने के लिए एक एक्स्प्रेशन लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:36&lt;br /&gt;
|| आपका पूर्ण नियतकार्य यहां दिखाए गए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:41&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:49&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:04&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।      &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:16&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Importing-Spreadsheets/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Importing-Spreadsheets/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Importing-Spreadsheets/Hindi"/>
				<updated>2020-12-09T05:34:50Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Importing spreadsheets '''in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:10&lt;br /&gt;
|| '''Point Layer''' बनाने के लिए '''CSV''' फॉर्मेट में स्प्रैडशीट्स इंपोर्ट करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
||'''Point Layer''' को  '''Polyline Layer''' में बदलना और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में ''' WMS''' (Web Map Service) लेयर लोड़ करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:25&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux''' OS वर्जन 16.04.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' वर्जन 2.18.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:36&lt;br /&gt;
|| और कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको '''QGIS''' इंटरफेस के साथ परिचित होना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं हैं, तो संबंधित ट्यूटोरियल के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
|| अक्सर, '''GIS''' डेटा टेबल या स्प्रैडशीट फॉर्मेट में उपलब्ध होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| स्प्रैडशीट के रूप के डेटा को '''QGIS''' में इंपोर्ट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
|| डेटा फाइल में 2 कॉलम्स होने चाहिए, जिसमें  '''X''' और '''Y coordinates''' होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:12&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए आपको प्लेयर के नीचे स्थित '''Code files''' लिंक में दिए गए फोल्डर को डाउनलोड़ करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:21&lt;br /&gt;
|| डाउनलोड़ की गई zip फाइल के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर में '''Places.txt''' और  '''Places.csv''' फाइल्स पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:33&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही '''code file''' डाउनलोड़, एक्स्ट्रैक्ट की है और इसे '''Desktop''' फोल्डर में सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| मैं कंटेंट्स को देखने के लिए '''Desktop''' फोल्डर पर डबल-क्लिक करूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| यहां आप 2 फाइल्स देखेंगे '''Places.csv ''' और  '''Places.txt.'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| '''Places.csv''' फाइल पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| '''CSV''' फॉर्मेट में एक स्प्रैडशीट खुलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:06&lt;br /&gt;
|| इसमें '''latitude''' और  '''longitude''' डेटा के साथ शहरों के नाम हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
||  '''CSV''' फाइल बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| डबल-क्लिक करें और '''Places.txt''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
|| यहां भी, हमारे पास '''longitude''' और '''latitude ''' डेटा के साथ शहरों के नाम हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
|| टेक्स्ट फाइल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| '''Code-files''' फोल्डर बंद करें और '''QGIS''' इंटरफेस खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Layer ''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| ड्रापडाउन सूची से, '''Add layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
|| सब-मैन्यू से, '''Add Delimited Text Layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| '''File Name''' टेक्स्ट बॉक्स के आगे '''Browse''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| आपके द्वारा डाउनलोड़ और सेव की गई '''csv''' फाइल पर जाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| create a layer डायलॉग बॉक्स में, '''file path''' अब '''File Name''' टेक्स्ट बॉक्स में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| '''File format''' सेक्शन में, डिफॉल्ट रूप से '''CSV''' ऑप्शन चयनित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:28&lt;br /&gt;
|| यदि नहीं है, तो इसे चुनने के लिए '''CSV''' रेडियो बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| जब आप '''.txt''' फाइल देखते हैं, तो '''Custom Delimiters''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:39&lt;br /&gt;
|| '''Geometry definition''' सेक्शन  '''Latitude''' और  '''Longitude''' के साथ स्वतः भर जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
|| कृपया ध्यान दें '''X-coordinate''' '''longitude''' है और '''Y-coordinate'''  '''latitude''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
|| '''Longitude''' प्वाइंट की पूर्व-पश्चिम स्थिति दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| और '''Latitude'''  प्वाइंट की उत्तर-दक्षिण स्थिति दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:06&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:09&lt;br /&gt;
|| '''Coordinate Reference System Selector''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
|| '''WGS 84 EPSG 4326''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:24&lt;br /&gt;
|| डेटा '''QGIS canvas''' पर इंपोर्ट और प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| प्वाइंट्स के साथ भारत का मानचित्र खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| ये प्वाइंट्स '''CSV''' फाइल में सूचीबद्ध विभिन्न शहरों के अनुरूप हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| इन प्वाइंट फीचर्स की स्टाइल और रंग को बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:45&lt;br /&gt;
|| यह विस्तार से आने वाले ट्यूटोरियल्स में समझाया जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''Places.txt''' फाइल को इंपोर्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| '''Code files''' लिंक से डाउनलोड़ की गई '''Places.txt''' फाइल फोल्डर में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
||अब इस '''Point''' लेयर को  '''Polyline''' लेयर में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
|| यहां हम सभी शहरों को पाथ से जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| पाथ सबसे दक्षिणी शहर को सबसे उत्तरी शहर से जोड़ता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| यह प्रत्येक शहर के '''latitude''' डेटा पर आधारित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में '''Processing''' मैन्यू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| ड्रापडाउन से '''Toolbox''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| '''Processing Toolbox''' पैनल स्क्रीन की दाईं ओर पर खलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:41&lt;br /&gt;
||यह भिन्न ब्लॉक्स में समूहीत सभी उपलब्ध '''algorithms''' की सूची दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| इसके आगे काले त्रिकोण पर क्लिक करके '''QGIS geoalgorithm''' का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:55&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शित सूची से, '''Vector creation tools ''' ऑप्शन का विस्तार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| '''algorithm''' को निष्पादित करने के लिए विस्तारित मैन्यू से, '''Points to path''' टूल पर डबल-क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:08&lt;br /&gt;
|| '''Points to path''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:12&lt;br /&gt;
|| '''Places''' में '''Input layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:16&lt;br /&gt;
|| '''Group field''' ड्रापडाउन से, '''type comma C comma 16''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| इस फ़ील्ड में शैप फ़ाइल में सभी फीचर्स के लिए शहरों के नाम हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| '''Order field''' ड्रापडाउन से, '''Latitude comma N comma 19  comma 11''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:37&lt;br /&gt;
|| यह दर्शाता है कि पाथ '''latitude''' के आरोही क्रम में जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
|| '''Paths''' फील्ड के आगे बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| सब-मैन्यू से '''Save to file''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| '''Save file''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| फाइल को सेव करने के लिए उपयुक्त लोकेशन चुनें। मैं '''Desktop''' चुनूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| फाइल को  '''Path-1''' नाम दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:06&lt;br /&gt;
|| '''Save''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| फाइल नाम के साथ पाथ  '''Paths''' फील्ड में प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
|| '''Open output file after running algorithm''' चेकबॉक्स को क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स के निचले दाएं कोने में '''Run''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर मानचित्र देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
|| शहरों के मध्य आउटपुट पाथ दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
|| '''algorithm''' का उपयोग करके मानचित्र पर किसी भी दो प्वाइंट्स को पाथ से जोड़ा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के रूप में, पश्चिम से पूर्व शहरों के मध्य पाथ बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
|| संकेतः '''Points to path''' डायलॉग बॉक्स में, '''Order field''' ड्रापडाउन '''Longitude comma N comma 19 comma 11''' ऑप्शन का उपयोग करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
|| अब '''QGIS''' में '''WMS''' लेयर जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| '''WMS''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
|| '''WMS''' अर्थात '''Web Map Services'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| '''WMS'''इंटरेक्टिव मैपिंग के लिए एक ओपन '''GIS''' स्टैंडर्ड स्पेसिफिकेशन है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| यह इंटरनेट पर '''server''' से मानचित्र की इमेजेस का अनुरोध करने पर आधारित है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| इस प्रदर्शन के लिए आपका इंटरनेट से जुड़ा होना आवश्यक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:28&lt;br /&gt;
|| किसी भी वेब ब्राउज़र को खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
||एड्रैस बार में टाइप करें '''bhuvan.nrsc.gov.in''', एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' होम पेज खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| '''Thematic Services''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| नई विंडो में '''Thematic Services''' पेज खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| बाएं पैनल में, '''Search'''  टैब में, '''Select Theme''' ड्रापडाउन में, '''Land Use Land Cover (50K):2005-06 ''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
|| '''Select Geography''' ड्रापडाउन में '''Karnataka''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
|| '''Web Services''' टैब पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| '''For QGIS, uDig, ArcGIS and Other Users, Web Map Service (WMS)URL''' सेक्शन में,  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| इस लेयर के लिए '''Layer id''' नोट करें और '''URL''' को चिन्हांकित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| राइट-क्लिक करें और '''URL''' कॉपी करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस पर वापस जाएं, '''Layers''' पैनल में, '''Paths''' और '''Place layers''' को छुपाने के लिए उन्हें अनचेक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| ड्रापडाउन से मैन्यू बार में '''Layer''' मैन्यू पर क्लिक करें, '''Add Layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:55&lt;br /&gt;
|| सब-मैन्यू से, '''Add WMS/WMTS layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
|| '''Add Layer ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| '''Layers''' टैब में, '''New ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:08&lt;br /&gt;
|| '''Create a new WMS Connection ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| '''Name''' फील्ड में '''Bhuvan''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| '''URL''' फील्ड में, '''Bhuvan''' वेबसाइट से कॉपी किए गए '''URL''' को पेस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स के निचले-दाएं कोने में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| '''Save Connection''' डायलॉग बॉक्स में, '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
|| '''Add Layers''' डायलॉग बॉक्स में, '''Connect ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| '''id''' सेक्शन में, '''id 971''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:46&lt;br /&gt;
|| यह '''id'''  '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''WMS layer''' के '''id layer''' के अनुरूप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स के निचले-दाएं कोने में '''Add''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
|| '''Close ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:02&lt;br /&gt;
|| '''canvas''' पर कर्नाटक के लिए '''Land Use Land Cover layer'''  प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
|| उसी तरह, हम भिन्न थीम्स के किसी भी उपलब्ध लेयर को लोड़ कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| '''Point Layer''' बनाने के लिए '''CSV''' फॉर्मेट में स्प्रैडशीट इंपोर्ट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:27&lt;br /&gt;
|| '''Point Layer''' को  '''Polyline Layer''' में बदलना,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''WMS''' (Web Map Service) लेयर लोड़ करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:47&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:58&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।     &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Importing-Spreadsheets/English-timed</id>
		<title>QGIS/C2/Importing-Spreadsheets/English-timed</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Importing-Spreadsheets/English-timed"/>
				<updated>2020-12-08T08:31:59Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| Welcome to this tutorial on '''Importing spreadsheets '''in '''QGIS'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| In this tutorial, we will learn to,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:10&lt;br /&gt;
||  Import spreadsheets in '''CSV''' format to create a '''Point Layer'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| Convert '''Point Layer''' to a '''Polyline Layer''' and&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| Load''' WMS''' (Web Map Service) layer in '''QGIS'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:25&lt;br /&gt;
|| To record this tutorial, I am using,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux''' OS version 16.04.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:32&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' version 2.18.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:36&lt;br /&gt;
|| And a Working internet connection.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
|| To follow this tutorial you should be familiar with '''QGIS''' interface.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
|| If not for relevant tutorials please visit our website.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:52&lt;br /&gt;
|| Often '''GIS''' data is available in table or spreadsheet format &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
|| Data in the form of spreadsheet can be imported to '''QGIS'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
|| Data file must have 2 columns which contain the '''X''' and '''Y coordinates'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:12&lt;br /&gt;
|| To practise this tutorial you need to download the folder given in '''Code files''' link, located below the player. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:21&lt;br /&gt;
|| Extract the contents of the downloaded zip file.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| Locate '''Places.txt''' and '''Places.csv''' files in the extracted folder.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:33&lt;br /&gt;
|| I have already downloaded the '''code file''', extracted and saved it in a folder on '''Desktop'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| I will double-click on '''Code files''' folder to view the contents.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| Here you will see 2 files '''Places.csv ''' and '''Places.txt.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| Double-click on '''Places.csv''' file.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| A spreadsheet in '''CSV''' format opens. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:06&lt;br /&gt;
|| It has names of cities with '''latitude''' and '''longitude''' data.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| Close the '''CSV''' file.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| Double-click and open '''Places.txt''' file. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:22&lt;br /&gt;
|| Here too, we have names of cities, with '''longitude''' and '''latitude '''data.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
|| Close the text file.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| Close the '''Code-files''' folder and open '''QGIS''' interface.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| Click on '''Layer ''' menu on the menu bar.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| From the drop-down list, select '''Add layer'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
|| From the sub-menu, select '''Add Delimited Text Layer'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| A dialog-box opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| Click on '''Browse''' button next to '''File Name''' text box.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| A dialog-box opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| Navigate to the '''csv''' file you had downloaded and saved earlier.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
|| Click on '''Open''' button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| In the create a layer dialog-box, the '''file path''' is now seen in the '''File Name''' text box.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| In the '''File format''' section, by default '''CSV''' option gets selected.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:28&lt;br /&gt;
|| If not, click on '''CSV''' radio button to select it. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| When you use '''.txt''' file, select '''Custom Delimiters''' option.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:39&lt;br /&gt;
|| '''Geometry definition''' section will be auto-populated with '''Latitude''' and '''Longitude''' data.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
|| Please note '''X-coordinate''' is '''longitude''' and '''Y-coordinate''' is '''latitude'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
|| '''Longitude''' specifies the east-west position of a point.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| And '''Latitude''' specifies the north-south position of a point.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:06&lt;br /&gt;
|| Click on '''OK''' button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:09&lt;br /&gt;
|| '''Coordinate Reference System Selector''' dialog-box opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
|| Select '''WGS 84 EPSG 4326'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
|| Click on '''OK''' button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:24&lt;br /&gt;
|| The data is imported and displayed on '''QGIS canvas'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| A map of India opens with points.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| These points correspond to different cities listed in the '''CSV''' file.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| The style and color of these point features can be changed.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:45&lt;br /&gt;
|| This will be demonstrated in detail in the upcoming tutorials.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
|| As an assignment,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:53&lt;br /&gt;
|| Import '''Places.txt''' file in '''QGIS'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| '''Places.txt''' file is available in the folder downloaded from '''Code files''' link.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:06&lt;br /&gt;
|| Now let us convert this '''Point''' layer to '''Polyline''' layer.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:12&lt;br /&gt;
|| Here we will connect all the cities with a path.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| The path connects southern-most city to the northern-most city.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
|| This is based on '''latitude''' data of each city.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:28&lt;br /&gt;
|| Click on '''Processing''' menu on the menu bar.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| From the drop-down select '''Toolbox'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| '''Processing Toolbox''' panel opens on the right-side of the screen.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:41&lt;br /&gt;
|| It shows the list of all available '''algorithms''' grouped in different blocks.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| Expand '''QGIS geoalgorithm''' by clicking on the black triangle next to it.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:55&lt;br /&gt;
|| From the displayed list, expand '''Vector creation tools '''option.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
|| From the expanded menu, double click on '''Points to path''' tool to execute the '''algorithm'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:08&lt;br /&gt;
|| '''Points to path''' dialog-box opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:12&lt;br /&gt;
|| Select '''Input layer''' as '''Places'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:16&lt;br /&gt;
|| From the '''Group field''' drop-down, select '''type comma C comma 16.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:23&lt;br /&gt;
|| This field contains the names of the cities for all the features in the shape file.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| From the '''Order field''' drop-down, select '''Latitude comma N comma 19  comma 11'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:37&lt;br /&gt;
|| This denotes the path will go in the ascending order of the '''latitude'''. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
|| Click on the button next to '''Paths''' field.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| From the sub-menu select '''Save to file''' option.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| '''Save file''' dialog-box opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| Select a suitable location to save the file.  I will select '''Desktop'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| Name the file as '''Path-1'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:06&lt;br /&gt;
|| Click on '''Save''' button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
|| The path with file-name, appears on the '''Paths''' field.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:14&lt;br /&gt;
|| Click the check box for '''Open output file after running algorithm'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:19&lt;br /&gt;
|| Click on '''Run''' button at the bottom right corner of the dialog-box.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| Notice the map on the canvas.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
|| The output path between the cities is shown.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
|| Using this '''algorithm''' any two points on the map can be connected by a path.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:38&lt;br /&gt;
|| As an Assignment, Create a path between the cities from West to East.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
||  Hint: In the '''Points to path''' dialog-box, '''Order field''' drop-down use '''Longitude comma N comma 19 comma 11''' option.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
|| Now let us add a '''WMS''' layer in '''QGIS'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| About '''WMS'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
|| '''WMS''' stands for '''Web Map Services'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| '''WMS''' is an open '''GIS''' standard specification for interactive mapping.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| This is based on requesting map images from a '''server''' over the Internet.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| For this demonstration you must be connected to the Internet.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:28&lt;br /&gt;
|| Open any web browser.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
|| In the address bar type '''bhuvan.nrsc.gov.in''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Press '''Enter'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:41&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' home page opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:44&lt;br /&gt;
|| Click on '''Thematic Services''' tab.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:48&lt;br /&gt;
|| '''Thematic Services''' page opens in a new window.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:52&lt;br /&gt;
|| In the left panel, under '''Search''' tab, under '''Select Theme''' drop-down, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
choose '''Land Use Land Cover (50K):2005-06 '''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:06&lt;br /&gt;
|| Under '''Select Geography''' drop-down, choose '''Karnataka'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:12&lt;br /&gt;
|| Click on the '''Web Services''' tab.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| Under section '''For QGIS, uDig, ArcGIS and Other Users, Web Map Service (WMS)URL'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:25&lt;br /&gt;
|| Note the '''Layer id''' for this '''layer'''. And highlight the '''URL'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:31&lt;br /&gt;
|| Right-click and copy the '''URL'''. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:36&lt;br /&gt;
|| Back to '''QGIS''' interface,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
In the '''Layers''' panel, uncheck the '''Paths''' and '''Place layers''' to hide them.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| Click on '''Layer''' menu on the menu bar, from the drop-down, select '''Add Layer.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:55&lt;br /&gt;
|| From the sub-menu, Select '''Add WMS/WMTS layer.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:01&lt;br /&gt;
|| '''Add Layer '''dialog-box opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
|| In the '''Layers''' tab click on '''New '''button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:08&lt;br /&gt;
|| '''Create a new WMS Connection '''dialog-box opens.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
|| In '''Name''' field type '''Bhuvan.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:16&lt;br /&gt;
|| In the '''URL''' field, paste the copied '''URL''' link from the '''Bhuvan''' website.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:23&lt;br /&gt;
|| Click on '''OK''' button at the bottom-right corner of the dialog-box.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| In the '''Save Connection''' dialog-box, click on '''OK''' button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
|| In the '''Add Layers''' dialog-box, click on '''Connect '''button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:40&lt;br /&gt;
|| In the '''id''' section, select '''id 971'''. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:46&lt;br /&gt;
|| This '''id''' corresponds to to the '''id layer''' of the '''WMS layer''' from '''Bhuvan''' website.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
|| Click on '''Add''' button at the bottom-right corner of the dialog-box.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
|| Click on '''Close '''button.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:02&lt;br /&gt;
|| On '''canvas''', the '''Land Use Land Cover layer''' for Karnataka is displayed.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
|| Similarly we can load any available layer of different themes.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
|| Let us summarize,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
In this tutorial we have learnt to&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| Import spreadsheets in '''CSV''' format to create a '''Point Layer'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:27&lt;br /&gt;
|| Convert '''Point Layer''' to a '''Polyline Layer''' and,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| Load '''WMS''' (Web Map Service) layer from '''Bhuvan''' website in '''QGIS.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:37&lt;br /&gt;
|| The video at the following link summarizes the Spoken Tutorial project.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Please download and watch it.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| The Spoken Tutorial Project team: conducts workshops using spoken tutorials and gives certificates on passing online tests.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
For more details, please write to us.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:58&lt;br /&gt;
|| Please post your timed queries on this forum.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:02&lt;br /&gt;
|| Spoken Tutorial Project is funded by NMEICT, MHRD, Government of India.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
More information on this mission is available at this link.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| This tutorial is contributed by Prajwal M from NIT Suratkal and Snehalatha from IIT Bombay.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Thank you for joining.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Downloading-GIS-Datasets/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Downloading-GIS-Datasets/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Downloading-GIS-Datasets/Hindi"/>
				<updated>2020-12-07T12:24:57Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| '''Downloading GIS Datasets''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगेः&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:09&lt;br /&gt;
|| '''GIS''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:11&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth Data''' वेबसाइट से '''vector dataset''' डाउनलोड़ करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:16&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''vector data''' देखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan'''  वेबसाइट से '''raster dataset''' डाउनलोड़ करना और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:25&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''raster data''' देखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:33&lt;br /&gt;
||  '''Ubuntu Linux''' OS  वर्जन 16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:38&lt;br /&gt;
||  '''QGIS'''  वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:42&lt;br /&gt;
||  '''Mozilla Firefox''' ब्राउज़र वर्जन  54.0  और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:47&lt;br /&gt;
||  एक कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:50&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, '''GIS''' के बारे में ज्ञान वांछित है, लेकिन अनिवार्य नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:58&lt;br /&gt;
|| '''GIS''' के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया निम्न लिंक पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के लिए आवश्यक सभी '''datasets''', '''Code files''' लिंक में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:10&lt;br /&gt;
|| '''GIS''' के बारे में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''GIS''' अर्थात '''Geographic Information System.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:17&lt;br /&gt;
|| यह '''geospatial data''' को कैप्चर करने, भंडारण करने, जाँच करने, विश्लेषण करने और प्रदर्शित करने के लिए एक प्रणाली है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26&lt;br /&gt;
|| '''Spatial Data'''  दो प्रकार का होता है '''Vector Data ''' और ''' Raster Data'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
|| अब इंटरनेट से '''vector dataset''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:37&lt;br /&gt;
|| किसी भी वेब ब्राउज़र को खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40&lt;br /&gt;
||  '''address bar''' में टाइप करें,  www.naturalearthdata.com एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:49&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth data'''  वेबसाइट खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:53&lt;br /&gt;
|| '''Downloads''' लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
|| '''Downloads''' पेज खुलता है। पेज को नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||आप '''dataset''' के तीन भिन्न '''scales''' देख सकते हैं, '''Large, Medium''' और '''Small'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शन के लिए '''dataset''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:16&lt;br /&gt;
|| '''Large scale data''' में,  '''Cultural'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
|| एक वेबपेज खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पेज को नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:27&lt;br /&gt;
|| यहां, हम विभिन्न उपलब्ध '''datasets''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:32&lt;br /&gt;
|| अब '''country administration boundary''' फाइल्स को डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
||हैडिंग ''' Admin zero hyphen Countries''' में, ''' Download countries''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:45&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, जो आपको फाइल को सेव करने के लिए प्रेरित करता है। '''Save file '' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
|| '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
|| डाउनलोड़ की प्रक्रिया शुरू हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
|| मेरे सिस्टम पर '''zip file''' '''Downloads''' फोल्डर में डाउनलोड़ हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:05&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें। राइट-क्लिक करें और '''Extract Here''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
|| यहां हम भिन्न फाइल एक्स्टेंशन के साथ कई फाइल्स देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:23&lt;br /&gt;
|| यह '''dataset''' का '''vector type''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||  '''Vector data''' के बार में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:29&lt;br /&gt;
||असतत विशेषताएं जैसे कुएं, सड़क और उपयोगी भूमि का प्रकार '''Vector Data''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
|| '''Vector data''' प्वाइंट, लाइन या पॉलीगन फॉर्मेट का हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' खोलें और एक डाउनलोड़ की गई फाइल देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:47&lt;br /&gt;
|| यहां मैंने पहले से ही  '''QGIS''' इंटरफेस खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में ''' Layer menu''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:56&lt;br /&gt;
|| '''menu''' ऑप्शन से, '''Add Layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:00&lt;br /&gt;
|| '''sub-menu''' से, '''Add Vector Layer''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||'''Source type''' में '''File''', '''Encoding''' में '''System''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:16&lt;br /&gt;
|| '''Source''' हैडिंग में, '''Browse''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth data''' वेबसाइट से डाउनलोड़ किए गए '''admin countries''' फोल्डर पर जाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:27&lt;br /&gt;
|| फोल्डर के कंटेंट से, '''.shp''' एक्स्टेंशन के साथ फाइल चुनें।&lt;br /&gt;
'''Open'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
|| '''Add vector layer''' डायलॉग बॉक्स में, '''Open''' बटन पर क्लिक करें। '''canvas''' पर विश्व का मानचित्र खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:46&lt;br /&gt;
|| मानचित्र को सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Project''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें, '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:57&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में, फाइल को '''Map hyphen 1''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:03&lt;br /&gt;
|| मैं इसे '''Desktop''' पर सेव करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
|| '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:09&lt;br /&gt;
||मानचित्र '''Desktop''' पर '''Map hyphen 1 dot qgs''' के रूप में सेव हो जाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:16&lt;br /&gt;
|| '''Raster Data''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
|| अवलोकनों के मध्य स्थानिक रूप से मौजूद सतत विशेषताएं  '''Raster Data''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
|| '''Raster data''' रोज़ और कॉलम्स फॉर्मेट में सेल्स का बना होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| अब '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''raster dataset''' डाउनलोड़ करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:37&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan Platform'''  '''ISRO''' द्वारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:41&lt;br /&gt;
|| यह वेबसाइट भारतीय रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट द्वारा संग्रहीत विभिन्न डेटा को होस्ट करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''raster dataset''' डाउनलोड़ करने के लिए लिंक यहां है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
|| किसी भी वेब ब्राउज़र में '''Bhuvan''' वेबसाइट का लिंक खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:59&lt;br /&gt;
|| '''Open Data Archive''' पेज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:03&lt;br /&gt;
|| '''Select Category''' के नीचे बाएं पैनल पर, '''Satellite/Sensor''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
|| '''Select Subcategory''' ड्रापडाउन में, '''Resourcesat-1: LISS-III ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:18&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें, '''Select Area''' में, '''Bounding Box'''  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:25&lt;br /&gt;
|| यहां, हमें लोकेशन का लेटिट्यूड और लोंगिट्यूड प्रविष्ट करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai'''  क्षेत्र के लिए '''data''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
|| विशिष्ट क्षेत्र के लेटिट्यूड और लोंगिट्यूड को खोजने के लिए '''google maps''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai''' क्षेत्र के लिए, निम्न '''data''' प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:45&lt;br /&gt;
|| '''Minimum Longitude 72.75''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
|| '''Maximum Longitude 73'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:54&lt;br /&gt;
|| '''Minimum Latitude 19'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:58&lt;br /&gt;
|| '''Maximum Latitude 19.25''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:02&lt;br /&gt;
|| '''Select ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:05&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai''' के ऊपर '''tile''' चिन्हांकित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
|| पेज के निचले भाग पर '''Next''' बटन पर क्लिक करें। उपलब्ध '''Tiles''' की सूची खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
|| '''Date of Pass column''' में देखकर सबसे हाल का चित्र चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:23&lt;br /&gt;
|| '''24 December 15''' उपलब्ध '''datasets''' में सबसे नवीन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:30&lt;br /&gt;
|| '''Selection for backlog''' में इस रो पर चेक बॉक्स पर क्लिक करें, इस रो पर '''Download''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:39&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' आपको लॉगिन करने के लिए प्रेरित करेगा। '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:45&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:48&lt;br /&gt;
|| यदि आप पहली बार '''Bhuvan''' का उपयोग कर रहे हैं, तो नया '''account''' बनाने के लिए पेज के निचले भाग पर '''New User''' लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
|| '''Account and Profile Information''' पेज खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:02&lt;br /&gt;
|| दिखाई गए अनुसार उपयुक्त विवरण भरें। '''Submit''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:09&lt;br /&gt;
|| आप  '''Login Id''' और  '''Password''' के साथ ''''Bhuvan''' टीम की ओर से एक ईमेल प्राप्त करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
||मैंने पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही पूर्ण की है। अतः मैं '''Click here to login''' लिंक पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:24&lt;br /&gt;
|| मैं '''Username''' और  '''Password''' प्रविष्ट करूँगी और  '''Login''' बटन पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:31&lt;br /&gt;
|| फिर से, '''24Dec15 row''' के लिए '''tiles panel''' में, '''Download''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
|| '''zip file'''  डाउनलोड़ होनी शुरू होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, जो आपको फाइल को सेव करने के लिए प्रेरित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:48&lt;br /&gt;
|| '''Save File''' ऑप्शन चुनें और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:53&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' '''Downloads''' फोल्डर में सेव होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:57&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:05&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर में '''Mumbai''' क्षेत्र के लिए '''raster dataset''' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:10&lt;br /&gt;
|| अब फाइल को  '''QGIS''' में खोलें। नई विंडो खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:17&lt;br /&gt;
|| '''tool bar''' के ऊपरी बाएं कोने में '''New icon''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:22&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में ''' Layer''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
|| '''menu''' ऑप्शन से, '''Add Layer''' चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
|| '''sub-menu''' से '''Add Raster Layer option''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:34&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:37&lt;br /&gt;
||हमारे द्वारा '''Bhuvan''' वेबसाइट से डाउनलोड़ किए गए फोल्डर पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:42&lt;br /&gt;
|| '''24December15 hyphen BAND2 dot tif''' चुनें, '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:51&lt;br /&gt;
|| '''QGIS canvas''' पर, आप '''Mumbai'''  क्षेत्र का '''raster'''  मानचित्र देखेंगे।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:58&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:00&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न सीखा,  '''GIS''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:05&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth Data''' वेबसाइट से '''vector data''' डाउनलोड़ किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''vector dataset''' देखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:14&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''raster data''' डाउनलोड़ किया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:18&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''raster dataset''' देखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के लिए,&lt;br /&gt;
'''Natural Earth Data''' वेबसाइट से, '''Rivers and Lakes''' के लिए '''Medium Scale,''' '''Physical data ''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:32&lt;br /&gt;
|| '''GIS data''' डाउनलोड़ करने के लिए अन्य प्रसिद्ध वेबसाइट '''Openstreetmap data''' वेबसाइट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:39&lt;br /&gt;
|| '''Openstreetmap data''' वेबसाइट को समन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:43&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:51&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
||यदि इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित आपके कोई प्रश्न हैं? तो कृपया इस साइट पर जाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:08&lt;br /&gt;
|| वह मिनट और सेकेंड चुनें, जहां आप प्रश्न पूछना चाहते हैं। संक्षिप्त में अपना प्रश्न बताएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:16&lt;br /&gt;
|| हमारी टीम से कोई उनका उत्तर देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:20&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:32&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Downloading-GIS-Datasets/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Downloading-GIS-Datasets/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Downloading-GIS-Datasets/Hindi"/>
				<updated>2020-12-07T12:23:17Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| '''Downloading GIS Datasets''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगेः&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:09&lt;br /&gt;
|| '''GIS''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:11&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth Data''' वेबसाइट से '''vector dataset''' डाउनलोड़ करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:16&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''vector data''' देखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan'''  वेबसाइट से '''raster dataset''' डाउनलोड़ करना और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:25&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''raster data''' देखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:33&lt;br /&gt;
||  '''Ubuntu Linux''' OS  वर्जन 16.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:38&lt;br /&gt;
||  '''QGIS'''  वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:42&lt;br /&gt;
||  '''Mozilla Firefox''' ब्राउज़र वर्जन  54.0  और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:47&lt;br /&gt;
||  एक कार्यरत इंटरनेट कनेक्शन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:50&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, '''GIS''' के बारे में ज्ञान वांछित है, लेकिन अनिवार्य नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:58&lt;br /&gt;
|| '''GIS''' के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया निम्न लिंक पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के लिए आवश्यक सभी '''datasets''', '''Code files''' लिंक में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:10&lt;br /&gt;
|| '''GIS''' के बारे में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''GIS''' अर्थात '''Geographic Information System.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:17&lt;br /&gt;
|| यह '''geospatial data''' को कैप्चर करने, भंडारण करने, जाँच करने, विश्लेषण करने और प्रदर्शित करने के लिए एक प्रणाली है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26&lt;br /&gt;
|| '''Spatial Data'''  दो प्रकार का होता है '''Vector Data ''' और ''' Raster Data'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
|| अब इंटरनेट से '''vector dataset''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:37&lt;br /&gt;
|| किसी भी वेब ब्राउज़र को खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40&lt;br /&gt;
||  '''address bar''' में टाइप करें,  www.naturalearthdata.com एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:49&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth data'''  वेबसाइट खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:53&lt;br /&gt;
|| '''Downloads''' लिंक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
|| '''Downloads''' पेज खुलता है। पेज को नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||आप '''dataset''' के तीन भिन्न '''scales''' देख सकते हैं, '''Large, Medium''' और '''Small'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शन के लिए '''dataset''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:16&lt;br /&gt;
|| '''Large scale data''' में,  '''Cultural'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
|| एक वेबपेज खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पेज को नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:27&lt;br /&gt;
|| यहां, हम विभिन्न उपलब्ध '''datasets''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:32&lt;br /&gt;
|| अब '''country administration boundary''' फाइल्स को डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
||हैडिंग ''' Admin zero hyphen Countries''' में, ''' Download countries''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:45&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, जो आपको फाइल को सेव करने के लिए प्रेरित करता है। '''Save file '' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
|| '''OK'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
|| डाउनलोड़ की प्रक्रिया शुरू हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
|| मेरे सिस्टम पर '''zip file''' '''Downloads''' फोल्डर में डाउनलोड़ हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:05&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें। राइट-क्लिक करें और '''Extract Here''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
|| यहां हम भिन्न फाइल एक्स्टेंशन के साथ कई फाइल्स देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:23&lt;br /&gt;
|| यह '''dataset''' का '''vector type''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||  '''Vector data''' के बार में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:29&lt;br /&gt;
||असतत विशेषताएं जैसे कुएं, सड़क और उपयोगी भूमि का प्रकार '''Vector Data''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
|| '''Vector data''' प्वाइंट, लाइन या पॉलीगन फॉर्मेट का हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
||'''QGIS''' खोलें और एक डाउनलोड़ की गई फाइल देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:47&lt;br /&gt;
|| यहां मैंने पहले से ही  '''QGIS''' इंटरफेस खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में ''' Layer menu''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:56&lt;br /&gt;
|| '''menu''' ऑप्शन से, '''Add Layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:00&lt;br /&gt;
|| '''sub-menu''' से, '''Add Vector Layer''' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
|| '''Add Vector Layer''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||'''Source type''' में '''File''', '''Encoding''' में '''System''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:16&lt;br /&gt;
|| '''Source''' हैडिंग में, '''Browse''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth data''' वेबसाइट से डाउनलोड़ किए गए '''admin countries''' फोल्डर पर जाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:27&lt;br /&gt;
|| फोल्डर के कंटेंट से, '''.shp''' एक्स्टेंशन के साथ फाइल चुनें।&lt;br /&gt;
'''Open'''  बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
|| '''Add vector layer''' डायलॉग बॉक्स में, '''Open''' बटन पर क्लिक करें। '''canvas''' पर विश्व का मानचित्र खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:46&lt;br /&gt;
|| मानचित्र को सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में '''Project''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें, '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:57&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में, फाइल को '''Map hyphen 1''' नाम दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:03&lt;br /&gt;
|| मैं इसे '''Desktop''' पर सेव करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
|| '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:09&lt;br /&gt;
||मानचित्र '''Desktop''' पर '''Map hyphen 1 dot qgs''' के रूप में सेव हो जाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:16&lt;br /&gt;
|| '''Raster Data''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
|| अवलोकनों के मध्य स्थानिक रूप से मौजूद सतत विशेषताएं  '''Raster Data''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
|| '''Raster data''' रोज़ और कॉलम्स फॉर्मेट में सेल्स का बना होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| अब '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''raster dataset''' डाउनलोड़ करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:37&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan Platform'''  '''ISRO''' द्वारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:41&lt;br /&gt;
|| यह वेबसाइट भारतीय रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट द्वारा संग्रहीत विभिन्न डेटा को होस्ट करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''raster dataset''' डाउनलोड़ करने के लिए लिंक यहां है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
|| किसी भी वेब ब्राउज़र में '''Bhuvan''' वेबसाइट का लिंक खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:59&lt;br /&gt;
|| '''Open Data Archive''' पेज खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:03&lt;br /&gt;
|| '''Select Category''' के नीचे बाएं पैनल पर, '''Satellite/Sensor''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
|| '''Select Subcategory''' ड्रापडाउन में, '''Resourcesat-1: LISS-III ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:18&lt;br /&gt;
|| नीचे स्क्रोल करें, '''Select Area''' में, '''Bounding Box'''  चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:25&lt;br /&gt;
|| यहां, हमें लोकेशन का लेटिट्यूड और लोंगिट्यूड प्रविष्ट करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai'''  क्षेत्र के लिए '''data''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
|| विशिष्ट क्षेत्र के लेटिट्यूड और लोंगिट्यूड को खोजने के लिए '''google maps''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai''' क्षेत्र के लिए, निम्न '''data''' प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:45&lt;br /&gt;
|| '''Minimum Longitude 72.75''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
|| '''Maximum Longitude 73'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:54&lt;br /&gt;
|| '''Minimum Latitude 19'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:58&lt;br /&gt;
|| '''Maximum Latitude 19.25''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:02&lt;br /&gt;
|| '''Select ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:05&lt;br /&gt;
|| '''Mumbai''' के ऊपर '''tile''' चिन्हांकित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
|| पेज के निचले भाग पर '''Next''' बटन पर क्लिक करें। उपलब्ध '''Tiles''' की सूची खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
|| '''Date of Pass column''' में देखकर सबसे हाल का चित्र चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:23&lt;br /&gt;
|| '''24 December 15''' उपलब्ध '''datasets''' में सबसे नवीन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:30&lt;br /&gt;
|| '''Selection for backlog''' में इस रो पर चेक बॉक्स पर क्लिक करें, इस रो पर '''Download''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:39&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' आपको लॉगिन करने के लिए प्रेरित करेगा। '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:45&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:48&lt;br /&gt;
|| यदि आप पहली बार '''Bhuvan''' का उपयोग कर रहे हैं, तो नया '''account''' बनाने के लिए पेज के निचले भाग पर '''New User''' लिंक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
|| '''Account and Profile Information''' पेज खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:02&lt;br /&gt;
|| दिखाई गए अनुसार उपयुक्त विवरण भरें। '''Submit''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:09&lt;br /&gt;
|| आप  '''Login Id''' और  '''Password''' के साथ ''Bhuvan''' टीम की ओर से एक ईमेल प्राप्त करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
||मैंने पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही पूर्ण की है। अतः मैं ''Click here to login''' लिंक पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:24&lt;br /&gt;
|| मैं '''Username''' और  '''Password''' प्रविष्ट करूँगी और  '''Login''' बटन पर क्लिक करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:31&lt;br /&gt;
|| फिर से, '''24Dec15 row''' के लिए '''tiles panel''' में, '''Download''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
|| '''zip file'''  डाउनलोड़ होनी शुरू होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है, जो आपको फाइल को सेव करने के लिए प्रेरित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:48&lt;br /&gt;
|| '''Save File''' ऑप्शन चुनें और '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:53&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' '''Downloads''' फोल्डर में सेव होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:57&lt;br /&gt;
|| '''zip file''' के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:05&lt;br /&gt;
|| इस फोल्डर में '''Mumbai''' क्षेत्र के लिए '''raster dataset''' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:10&lt;br /&gt;
|| अब फाइल को  '''QGIS''' में खोलें। नई विंडो खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:17&lt;br /&gt;
|| '''tool bar''' के ऊपरी बाएं कोने में '''New icon''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:22&lt;br /&gt;
|| '''menu bar''' में ''' Layer''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
|| '''menu''' ऑप्शन से, '''Add Layer''' चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
|| '''sub-menu''' से '''Add Raster Layer option''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:34&lt;br /&gt;
|| एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:37&lt;br /&gt;
||हमारे द्वारा '''Bhuvan''' वेबसाइट से डाउनलोड़ किए गए फोल्डर पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:42&lt;br /&gt;
|| '''24December15 hyphen BAND2 dot tif''' चुनें, '''Open''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:51&lt;br /&gt;
|| '''QGIS canvas''' पर, आप '''Mumbai'''  क्षेत्र का '''raster'''  मानचित्र देखेंगे।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:58&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:00&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न सीखा,  '''GIS''' के बारे में&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:05&lt;br /&gt;
|| '''Natural Earth Data''' वेबसाइट से '''vector data''' डाउनलोड़ किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''vector dataset''' देखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:14&lt;br /&gt;
|| '''Bhuvan''' वेबसाइट से '''raster data''' डाउनलोड़ किया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:18&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' में '''raster dataset''' देखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
|| नियतकार्य के लिए,&lt;br /&gt;
'''Natural Earth Data''' वेबसाइट से, '''Rivers and Lakes''' के लिए '''Medium Scale,''' '''Physical data ''' डाउनलोड़ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:32&lt;br /&gt;
|| '''GIS data''' डाउनलोड़ करने के लिए अन्य प्रसिद्ध वेबसाइट '''Openstreetmap data''' वेबसाइट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:39&lt;br /&gt;
|| '''Openstreetmap data''' वेबसाइट को समन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:43&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:51&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
||यदि इस स्पोकन ट्यूटोरियल से संबंधित आपके कोई प्रश्न हैं? तो कृपया इस साइट पर जाएं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:08&lt;br /&gt;
|| वह मिनट और सेकेंड चुनें, जहां आप प्रश्न पूछना चाहते हैं। संक्षिप्त में अपना प्रश्न बताएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:16&lt;br /&gt;
|| हमारी टीम से कोई उनका उत्तर देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:20&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:32&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Geometric-Properties-of-Vectors/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Geometric-Properties-of-Vectors/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Geometric-Properties-of-Vectors/Hindi"/>
				<updated>2020-12-07T12:10:27Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Geometric Properties of Vectors''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे,&lt;br /&gt;
मानचित्र पर '''attribute table''' से चयनित फीचर्स दिखाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| '''attribute table''' में कॉलम्स जोड़ना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:18&lt;br /&gt;
|| '''attributes''' के लिए सांख्यिकी की गणना करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:22&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux '''OS वर्जन 16.04, '''QGIS''' वर्जन 2.18&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:34&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको '''QGIS''' इंटरफेस के साथ परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||यदि नहीं हैं, तो संबंधित ट्यूटोरियल के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:46&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको प्लेयर के नीचे स्थित '''Code files'''  लिंक में दिए गए फोल्डर को डाउनलोड़ करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:56&lt;br /&gt;
||डाउनलोड़ की गई zip फाइल के कंटेंट को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:00&lt;br /&gt;
||एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर में ''' IND_rails.shp ''' फाइल पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
|| मैंने पहले ही '''code file''' को डाउनलोड़, एक्स्ट्रैक्ट किया है और '''Desktop''' पर फोल्डर मे सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
|| इसे खोलने के लिए '''Desktop''' में '''Code-file''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
|| '''IND_rails.shp ''' फाइल पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
||कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से, '''Open with QGIS Desktop''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:35&lt;br /&gt;
|| '''QGIS''' इंटरफेस खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||'''QGIS tips''' डायलॉग बॉक्स बंद करने के लिए '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| रेलमार्ग दर्शाती हुई लाइनों के साथ कैनवास पर भारत का मानचित्र खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:51&lt;br /&gt;
|| हम रेलमार्गों के लिए लाइन की लंबाइओं की गणना करेंगे जो चालू हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
||इस जानकारी को देखने के लिए हमें '''attribute table''' खोलने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| '''Layers Panel''' में '''IND_rails layer''' पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
|| '''context menu''' से '''Open Attribute Table ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| '''Attribute table ''' खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| '''table''' में '''EXS_DESCRI''' नामक '''attribute''' होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:25&lt;br /&gt;
||हम इस '''attribute''' के मान का उपयोग उन फीचर्स को चुनने के लिए कर सकते हैं जो चालू हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:31&lt;br /&gt;
|| यह कॉलम विशिष्ट रेलमार्ग लाइन की स्थिति को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:36&lt;br /&gt;
||ये  '''Operational, Unexamined''' या '''Unsurveyed ''' और '''not Usable''' के रूप में वर्गीकृत हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:48&lt;br /&gt;
||हमें उन लाइनों को चुनने की आवश्यकता है, जो चालू हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| '''attribute''' टेबल विंडो में, टूल बार में '''Select features using an expression ''' टूल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
|| नया डायलॉग बॉक्स ''' Select By Expression ''' खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:05&lt;br /&gt;
|| '''Function Editor''' पैनल में, '''Fields and Values''' ऑप्शन के आगे काले त्रिकोण पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| सूची से '''EXS_DESCRI attribute''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:21&lt;br /&gt;
||इस पर डबल-क्लिक करें और इसे  '''Expression''' टेक्स्ट क्षेत्र में जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
|| '''&amp;quot;EXS_DESCRI&amp;quot; equal to''', सिंगल कोट्स में '''Operational''' टाइप करके एक्स्प्रेशन पूर्ण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|| कृपया ध्यान दें, यहां सिंटैक्स केस-सेंसिटिव है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:42&lt;br /&gt;
||शब्दों को वैसे ही टाइप करें, जैसे वे '''attribute table''' में प्रदर्शित हो रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:47&lt;br /&gt;
||यहां '''Operational''' में “O” केपिटल लेटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
|| टेबल के निचले भाग में '''Select''' बटन के बाद '''Close ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
|| '''attribute table''' में '''Operational category''' चयनित होती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
|| '''attribute table''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:07&lt;br /&gt;
|| मानचित्र पर, आप देखेंगे कि '''Operational category''' में आने वाली सभी लाइन चयनित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:14&lt;br /&gt;
||ये लाइन पीले रंग में प्रदर्शित होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:17&lt;br /&gt;
|| अब अपने चयन को नई '''shapefile ''' में सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:22&lt;br /&gt;
|| '''IND_rail layer''' पर राइट-क्लिक करें और '''Save As....''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
|| '''Save Vector Layer as ….. ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| '''File name ''' फील्ड के आगे '''Browse''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| '''Save Layer As...''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
||आउटपुट को  '''railway.shp.''' नाम दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:49&lt;br /&gt;
|| लोकेशन चुनें, मैं '''Desktop''' चुनूंगी, '''Save''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
|| इस लेयर के लिए '''CRS''' चुनें। '''Select CRS ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:04&lt;br /&gt;
|| '''Coordinate Reference System Selector ''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:09&lt;br /&gt;
|| क्योंकि हम लंबाई की गणना करने के इच्छुक हैं, एक ''' equidistance projection''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:16&lt;br /&gt;
||'''Filter''' सर्च बॉक्स में '''Indian 1975''' टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:22&lt;br /&gt;
|| विश्व के '''Coordinate Reference Systems''' के नीचे, '''Geographic Coordinate Systems''' सेक्शन में'''Indian 1975 EPSG:4240''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:36&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||'''Save vector layer as... ''' डायलॉग बॉक्स में, डिफॉल्ट रूप से '''Add saved file to map''' पहले से ही चेक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| '''Save only selected features ''' चेकबॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:56&lt;br /&gt;
|| एक्स्पोर्ट प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद, आप '''Layers Panel''' में लोड हुई नई लेयर '''railway''' देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
|| '''Layers Panel''' में, ''' IND_rail ''' लेयर को बंद करने के लिए उसके आगे वाले बॉक्स को अनचेक करें, क्योंकि हमें अब इसकी आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| कैनवास पर आप भारत के मानचित्र को केवल चालू रेलवे लाइनों के साथ देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
||'''railway''' लेयर पर राइट-क्लिक करें और '''Open Attribute Table''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
|| अब हम प्रत्येक फीचर की लंबाई के साथ कॉलम जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:34&lt;br /&gt;
|| ''' tool bar''' में '''Toggle editing''' टूल पर क्लिक करके '''layer''' को एडिटिंग मोड़ में रखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:41&lt;br /&gt;
|| फिर '''tool bar''' में दाएं कोने पर उपलब्ध '''Open field calculator''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
|| '''Field Calculator ''' डायलॉग बॉक्स में, '''Create a new field check box''' को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| '''Output field name ''' टेक्स्ट बॉक्स में, '''length-km'''  टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
|| '''Output field type''' के रूप में '''Decimal number (real)''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
|| आउटपुट को '''Precision'''  से 2 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| '''Function editor panel''' में, '''Geometry ''' के आगे त्रिकोण पर क्लिक करें और ''' $length''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
|| '''Expression''' टेक्स्ट बॉक्स में जोड़ने के लिए '''$length''' पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:26&lt;br /&gt;
|| '''$length '''divided by 1000. के रूप में एक्स्प्रेशन को पूर्ण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:32&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट विंडो के शीर्ष में '''Division Operator''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:37&lt;br /&gt;
||कीबोर्ड पर 1000 टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
|| हमें आउटपुट लंबाई को 1000 से विभाजित करने की आवश्यकता है, क्योंकि '''railway'''  लेयर '''CRS''' मीटर इकाई में है और हम आउटपुट किलो मीटर में चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:52&lt;br /&gt;
||'''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:55&lt;br /&gt;
|| एडिटिंग को रोकने के लिए  '''Toggle editing''' टूल पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:00&lt;br /&gt;
|| '''Stop editing''' डायलॉग बॉक्स में, बदलावों को '''attribute table''' में सेव करने के लिए '''Save''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:07&lt;br /&gt;
|| '''attribute table''' में वापस एक नया कॉलम '''Length_km ''' जोड़ा गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
|| अब हमारे पास '''Railway layer''' में प्रत्येक व्यक्तिगत लाइन की लंबाई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:20&lt;br /&gt;
||हम सभी को जोड़ सकते हैं और कुल लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:25&lt;br /&gt;
|| '''attribute table''' बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:28&lt;br /&gt;
|| मैन्यू बार में ''' Vector''' मैन्यू पर क्लिक करें। '''Analysis Tools''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:36&lt;br /&gt;
||सब-मैन्यू से, '''Basic Statistics for numeric tools''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:42&lt;br /&gt;
||एक डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
||  '''Input vector layer''' में '''railway''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:50&lt;br /&gt;
|| '''Field to calculate statistics on''' में '''length_km''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:57&lt;br /&gt;
|| डायलॉग बॉक्स में निचले दाएं कोने में '''Run ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:03&lt;br /&gt;
|| '''Results''' विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:06&lt;br /&gt;
||यहां हम विभिन्न सांख्यिकी परिणाम देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:11&lt;br /&gt;
||यहां प्रदर्शित '''Sum value''', रेलमार्गों की कुल लंबाई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:16&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें, उत्तर थोड़ा अलग हो सकता है, यदि भिन्न '''projection''' चुना गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:23&lt;br /&gt;
|| व्यवहारतः सड़कों और अन्य रैखिक फीचर्स के लिए लाइन की लंबाई को जमीन पर मापा जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:30&lt;br /&gt;
||ये मान '''dataset''' में '''attributes''' के रूप में प्रदान किए जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:35&lt;br /&gt;
|| इस तरह के '''attribute''' की अनुपस्थिति में और वास्तविक लाइन की लंबाई के सन्निकटन के रूप में ऊपर प्रदर्शित विधि कार्य करती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:46&lt;br /&gt;
||संक्षेप में,  इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:51&lt;br /&gt;
||मानचित्र पर '''attribute table''' से चयनित फीचर्स दिखाना। '''attribute table''' में कॉलम जोड़ना और '''attributes''' के लिए सांख्यिकी गणना करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
||नियतकार्य के रूप में, '''Code files'''  लिंक से डाउनलोड़ की गई कोड फाइल '''world_1.shp''' का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:14&lt;br /&gt;
||भिन्न देशों का क्षेत्रफल स्क्वेर-किलोमीटर में ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:20&lt;br /&gt;
||आपका पूर्ण नियतकार्य यहां दिखाए गए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:26&lt;br /&gt;
||निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:34&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:41&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:45&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:49&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Vector-Data-Styling/Hindi</id>
		<title>QGIS/C2/Vector-Data-Styling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/QGIS/C2/Vector-Data-Styling/Hindi"/>
				<updated>2020-12-07T11:56:48Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Sakinashaikh: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| '''Vector Data Styling''' in '''QGIS''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''QGIS''' में वेक्टर डेटा लोड़ करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| '''Single symbol''' स्टाइलिंग ,  '''Categorized''' स्टाइलिंग, '''Graduated''' स्टाइलिंग और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:25&lt;br /&gt;
||Labeling फीचर्स का उपयोग करके वेक्टर डेटा को स्टाइल करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Ubuntu Linux OS  वर्जन 16.04.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
QGIS वर्जन 2.18.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको '''QGIS''' इंटरफेस से परिचित होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
||यदि नहीं, तो संबंधित ट्यूटोरियल के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:51&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको प्लेयर के नीचे स्थित '''Code files''' लिंक में दिए गए फोल्डर को डाउनलोड़ करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:01&lt;br /&gt;
||डाउनलोड़ की गई zip फाइल के कंटेंट्स को एक्स्ट्रैक्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:05&lt;br /&gt;
|| एक्स्ट्रैक्ट किए गए फोल्डर में '''world.shp''' फाइल पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:11&lt;br /&gt;
||मैंने पहले ही कोड़ फाइल को डाउनलोड़, एक्स्ट्रैक्ट किया है और फोल्डर को '''Desktop''' में सेव किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||'''code-file ''' फोल्डर को खोलने के लिए इस पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
|| '''world.shp ''' फाइल पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
||कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से, '''Open with QGIS Desktop ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:36&lt;br /&gt;
|| QGIS इंटरफेस खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:39&lt;br /&gt;
||'''QGIS Tips''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
||डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:49&lt;br /&gt;
||विश्व का मानचित्र डिफॉल्ट स्टाइल में कैनवास पर लोड़ होता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
||आप '''Layers Panel''' में  '''world''' लेयर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:58&lt;br /&gt;
|| '''world''' लेयर पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
||कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से, '''Open Attribute Table''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:06&lt;br /&gt;
||इस लेयर के लिए '''Attribute''' टेबल खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||यहां आप रो और कॉलम फॉर्मेट में एम्बेडेड विभिन्न फीचर्स का सभी डेटा देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
||देश के नाम '''ADMIN''' कॉलम में दिए गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:22&lt;br /&gt;
||स्लाइडर को टेबल के निचले भाग पर ड्रैग करें और '''POP_EST ''' कॉलम पर जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| इस कॉलम में विभिन्न देशों की जनसंख्या सूचीबद्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||अब, हम यहां दर्शाए गए जनसंख्या के डेटा को विश्व के मानचित्र पर विभिन्न स्टाइल्स में चित्रित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:43&lt;br /&gt;
|| '''attribute''' टेबल बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:46&lt;br /&gt;
|| '''world''' लेयर पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:49&lt;br /&gt;
||कॉन्टैक्स्ट मैन्यू से, '''Properties''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
||'''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57&lt;br /&gt;
||बाएं पैनल में '''Style ''' टैब पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:01&lt;br /&gt;
|| '''Style'''  टैब में विभिन्न स्टाइलिंग ऑप्शन्स उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:05&lt;br /&gt;
||डायलॉग बॉक्स में ऊपरी बाएं कोने पर स्थित ड्राप-डाउन बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:11&lt;br /&gt;
||आप यहां भिन्न स्टाइलिंग ऑप्शन्स देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
||हम इस ट्यूटोरियल में पहले तीन समझेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
|| '''Single Symbol''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:22&lt;br /&gt;
||यह ऑप्शन आपको सिंगल स्टाइल चुनने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
||चुनी गई स्टाइल लेयर में सभी फीचर्स पर लागू हो जाएगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
|| '''Fill''' पैनल के नीचे उपलब्ध '''add Symbol layer''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:38&lt;br /&gt;
||'''Symbol layer type''' के नीचे विभिन्न स्टाइल ऑप्शन प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:43&lt;br /&gt;
||क्योंकि यह एक पॉलीगन डेटासेट है, तो हमारे पास दो मूल पसंद हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||आप पॉलीगन को अपने पसंदीदा रंग और स्टाइल से भर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:55&lt;br /&gt;
||'''Outline''' का रंग, स्टाइल और चौड़ाई को भी बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
|| '''Fill ''' ड्राप-डाउन के आगे ड्राप डाउन ऐरो पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
||रंग-त्रिकोण खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:09&lt;br /&gt;
||आवश्यक क्रम को चुनने के लिए रंग-त्रिकोण को घुमाएं। मैं नीला रंग चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:17&lt;br /&gt;
|| इसी तरह, ''' Outline''' का रंग चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
||मैं पीला चुनूंगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
|| '''Fill style''' में '''Dense1''' &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:29&lt;br /&gt;
||'''Outline style, solid line'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
|| '''Outline width, '''0.46 millimeters.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
||समझने के लिए विभिन्न स्टाइल ऑप्शन्स उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| स्टाइलिंग पूर्ण करने के बाद, '''Layers Properties''' डायलॉग बॉक्स के निचले-बाएं कोने में  '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
||कैनवास पर, आप देखेंगे कि आपके द्वारा चुने गए स्टाइल पैटर्न के साथ नई स्टाइल लेयर पर लागू हो गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
||अब हम देखेंगे कि जनसंख्या के डेटा को मैप कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:03&lt;br /&gt;
||जनसंख्या के डेटा को मैप करने के लिए  '''Single Symbol''' स्टाइल बहुत उपयोगी नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:09&lt;br /&gt;
||अन्य स्टाइलिंग ऑप्शन को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05;13&lt;br /&gt;
||फिर से '''world''' लेयर पर क्लिक करें और '''Properties''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
||'''Layers Properties''' डायलॉग बॉक्स में, इस समय हम '''Style'' टैब से '''Categorized''' चुनेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
||'''Categorized''' अर्थात, लेयर्स के फीचर्स रंग के भिन्न शेड्स में दिखाई देंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:33&lt;br /&gt;
||ये रंग के शेड्स '''attribute fields''' में यूनिक मानों पर आधारित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||क्योंकि हम जनसंख्या के डेटा को मैप करने का प्रयास कर रहे हैं, '''Column''' ड्राप-डाउन में हम '''POP_EST''' चुनेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48&lt;br /&gt;
||ड्राप-डाउन से अपनी पसंदीदा रंग का रैंप चुनें। मैं '''Blues''' चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:55&lt;br /&gt;
||मध्य पैनल के निचले भाग में '''Classify''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
||मध्य पैनल समरूपी मानों के साथ विभिन्न वर्ग दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
||निचले दाएं कोने में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:11&lt;br /&gt;
||विश्व के मानचित्र पर आप नीले शेड्स में प्रदर्शित भिन्न देशों को देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:17&lt;br /&gt;
||मानचित्र को जूम-इन और जूम-आउट करने के लिए बीच के माउस बटन को नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
||हल्के रंग के शेड्स कम जनसंख्या दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:26&lt;br /&gt;
||गहरे रंगे के शेड्स अधिक जनसंख्या दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
||एक बार फिर से '''Layers Properties''' डायलॉग बॉक्स खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:37&lt;br /&gt;
||'''Style''' टैब में, ड्राप डाउन बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
||'''Graduated symbology'''  को समझते हैं। '''Graduated ''' ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:48&lt;br /&gt;
||'''Graduated''' सिंबोलॉजी प्रकार आपको यूनिक वर्गों में कॉलम में डेटा को विभाजित करने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
||हम प्रत्येक वर्गों के लिए भिन्न स्टाइल चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||'''Column''' ड्राप-डाउन से, '''POP_EST''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
||हम अपने जनसंख्या डेटा को 3 वर्गों निम्न, मध्यम और उच्च में वर्गीकृत करने के बारे में सोच सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
||तो, '''Classes''' ड्राप डाउन में 3 चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:18&lt;br /&gt;
||आप देखेंगे कि वे 3 वर्ग समरूपी मानों के साथ पैनल में दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:25&lt;br /&gt;
|| '''Classify''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:28&lt;br /&gt;
|| '''Mode''' ड्राप-डाउन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
||यहां कई '''Mode''' ऑप्शन्स उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
||चीजों को सरल रखने के लिए, '' Quantile''' मोड़ का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:40&lt;br /&gt;
||ये मोड डेटा को अलग-अलग वर्गों में विभाजित करने के लिए विभिन्न सांख्यिकीय एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:47&lt;br /&gt;
||यह भी ध्यान दें कि '''Graduated'''  स्टाइल में उपयोग किए जाने वाले एट्रिब्यूट के लिए, यह संख्यात्मक फील्ड होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:55&lt;br /&gt;
||संख्यात्मक मान पूर्णांक या वास्तविक मान हो सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:00&lt;br /&gt;
||'''String type ''' के साथ '''Attribute''' फील्ड इस स्टाइलिंग ऑप्शन के साथ उपयोग नहीं किए जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:06&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:10&lt;br /&gt;
||अब मैप पर आप देशों को नीले रंग के 3 अलग-अलग शेड्स में देखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
||ये रंगों के शेड्स देश की जनसंख्या का डेटा दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:22&lt;br /&gt;
||'''Layers Panel''' पर आप इस लेयर के लिए 3 वर्ग देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:27&lt;br /&gt;
||यहां कुछ और स्टाइलिंग ऑप्शन्स उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:31&lt;br /&gt;
||आप इन प्रत्येक वर्गों के लिए भिन्न स्टाइल और रंग चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||'''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:42&lt;br /&gt;
||'''Classes''' टैब में, '''Symbol''' कॉलम के नीचे रंगीन बॉक्स पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:49&lt;br /&gt;
||'''Symbol Selector''' डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:53&lt;br /&gt;
||'''Color''' ड्राप-डाउन ऑप्शन्स में, ड्राप-डाउन ऐरो पर क्लिक करें। रंग-त्रिकोण खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
||आवश्यक रंग को चुनने के लिए रंग-त्रिकोण को घुमाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:05&lt;br /&gt;
|| मैं निम्न जनसंख्या को दर्शाने के लिए लाल रंग चुनूंगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:10&lt;br /&gt;
||'''Symbol selector''' डायलॉग बॉक्स में '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
||इसी तरह अन्य दो वर्गों का रंग बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||मैं मध्यम के लिए पीला और उच्च के लिए हरा चुनूंगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:35&lt;br /&gt;
|| '''Legend ''' कॉलम में पहली रो पर डबल-क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पहली रो में '''low''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:42&lt;br /&gt;
||दूसरी रो में ''' Medium''' टाइप करें। और तीसरी रो में ''' High''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:48&lt;br /&gt;
||चयनित रैंज को एडिट करने के लिए '''Values''' कॉलम में पहली रो पर डबल-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:54&lt;br /&gt;
|| '''Enter class bounds'''टेक्स्ट बॉक्स खुलता है। यदि आप चाहते हैं तो आप निम्न मान और उच्च मान एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:04&lt;br /&gt;
||अभी के लिए हम मानों को नहीं बदलेंगे। '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:10&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स में '''OK ''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:15&lt;br /&gt;
||विश्व के मानचित्र को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:17&lt;br /&gt;
||अब, निम्न, मध्यम और उच्च जनसंख्या को दर्शाने के लिए हमारे पास 3 भिन्न रंग हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:24&lt;br /&gt;
|| '''Layers Panel''' को देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
||यहां जनसंख्या मानों की हमारी व्याख्या को दर्शाने के लिए स्पष्ट रूप से चिह्नित वर्ग नाम और रंग हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:36&lt;br /&gt;
||यह स्टाइल पिछले दो प्रयासों की तुलना में बहुत अधिक उपयोगी मैप बताती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:42&lt;br /&gt;
||अब सीखते हैं कि वेक्टर फाइल में भिन्न फीचर्स कैसे लेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
||प्रदर्शन के लिए देशों के नामों को लेबल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:52&lt;br /&gt;
|| '''Layer Properties''' डायलॉग बॉक्स खोलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:57&lt;br /&gt;
||बाएं पैनल से, '''Labels''' टैब चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:01&lt;br /&gt;
||पहले टेक्स्ट बॉक्स ड्राप-डाउन में, '''Show labels for this layer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:08&lt;br /&gt;
||एट्रिब्यूट टेबल के '''ADMIN''' कॉलम में देश के नामों की सूची है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:14&lt;br /&gt;
|| अतः '''Label with'''ड्राप डाउन में '''ADMIN''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:20&lt;br /&gt;
|| स्टाइल मैन्यू में '''Buffer''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:23&lt;br /&gt;
|| '''Draw text buffer '''  चेकबॉक्स को चेक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:27&lt;br /&gt;
||आवश्यकतानुसार टेक्स्ट के आकार को बदला जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
||कलर ड्राप-डाउन से रंग चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:38&lt;br /&gt;
|| '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:40&lt;br /&gt;
||विश्व के मानचित्र पर हम देख सकते हैं कि देशों के नाम प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:46&lt;br /&gt;
|| संक्षेप में,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
QGIS में वेक्टर डेटा लोड़ करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:55&lt;br /&gt;
|| '''  Single symbol ''' स्टाइलिंग,  '''  Categorized ''' स्टाइलिंग, '''  Graduated ''' स्टाइलिंग,  और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:07&lt;br /&gt;
||Labeling फीचर्स का उपयोग करके वेक्टर डेटा को स्टाइलिस करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:10&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य के रूप में, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
||'''POP_EST''' डेटा सेट को 5 वर्गों में वर्गीकृत करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:19&lt;br /&gt;
|| '''Graduated''' स्टाइलिंग मेथड़, '''Equal Interval''' मोड़ का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:24&lt;br /&gt;
||आपका पूर्ण नियतकार्य यहां दर्शाए गए अनुसार दिखना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:29&lt;br /&gt;
||निम्न लिंक पर मौजूद विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12;37&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम, कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाण-पत्र भी देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:48&lt;br /&gt;
|| कृपया अपनी समयबद्ध क्वेरी इस फोरम पर पोस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:53&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।     &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:05&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है, आईआईटी बॉम्बे से मैं जया अब आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Sakinashaikh</name></author>	</entry>

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