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		<title>Script | Spoken-Tutorial - User contributions [en]</title>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Creating-a-presentation-document/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Creating-a-presentation-document/Bengali</title>
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				<updated>2012-11-29T09:56:33Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '=Resources for recording= Creatingapresentation  {| border=1 || Visual Cues || Narration  |- ||00:00 ||LibreOffice Impress -এ প্রে…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;=Resources for recording=&lt;br /&gt;
[[Media:Creatingapresentation.zip |Creatingapresentation]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| Visual Cues&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress -এ প্রেসেন্টেশন তৈরী এবং সেটির বিন্যাস  সংক্রান্ত এই টিউটোরিয়ালে আপনাদের স্বাগত জানাচ্ছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:08&lt;br /&gt;
||এই টিউটোরিয়াল-এ  আমরা ইমপ্রেস উইন্ডোর অংশগুলির  সম্পর্কে এবং স্লাইড যোগ, স্লাইড প্রতিলিপি, ফন্ট এবং ফন্টের বিন্যাস সম্পর্কে শিখব |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:21&lt;br /&gt;
||এখানে আমরা উবুন্টু লিনাক্স  ১০.০৪ এবং  LibreOffice সংকলন সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||আগের টিউটোরিয়ালে তৈরী করা প্রেসেন্টেশন  অর্থাৎ “Sample Impress” খোলা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35&lt;br /&gt;
||দেখা যাক স্ক্রিন-এ  কী কী আছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||কেন্দ্রস্থলে , ‘Workspace’ অর্থাৎ কার্য-ক্ষেত্র দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:44&lt;br /&gt;
||দেখুন,  “Workspace” -এ পাঁচটি ট্যাব আছে যাদের  “View buttons” বলা হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:49&lt;br /&gt;
||বর্তমানে  “Normal” ট্যাব নির্বাচিত আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:52&lt;br /&gt;
||পৃথক স্লাইড তৈরি করার  জন্য এটি-ই  প্রধান ভিউ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:55&lt;br /&gt;
||“Outline” ভিউ  প্রতিটি  স্লাইডের বিষয়ের শিরোনাম এবং বুলেটযুক্ত ও  সংখ্যাযুক্ত তালিকা দেখায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||“Notes” ভিউ ত়ে আপনি প্রত্যেক স্লাইডে নোট বা টিকা লিখে রাখতে পারেন যেগুলি প্রেসেন্টেশনের সময় দেখা যাবে না |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:10&lt;br /&gt;
||“Handout” ভিউ-ত়ে আপনি  বিলিপত্রের জন্য স্লাইড ছাপতে পারেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:14&lt;br /&gt;
||প্রত্যেক পৃষ্ঠায় আমরা কটি স্লাইড ছাপতে চাই, তা আমরা এখানে নির্বাচন করতে পারি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||“Slide Sorter” ভিউ স্লাইড এর থাম্বনেল দেখায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
||এবার  “Normal” ভিউ বাটন ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26&lt;br /&gt;
||স্ক্রিনের বামদিকে, আপনি  “Slides” অংশ দেখতে পাচ্ছেন | এতে প্রেসেন্টেশনের স্লাইড-গুলির  ‘thumbnails’ আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||ডানদিকে, আপনি  “Tasks” অংশ দেখতে পাচ্ছেন, যার ৫-টি বিভাগ আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40&lt;br /&gt;
||Layouts বিভাগে কিছু নির্দিষ্ট লে-আউট বা বিন্যাস আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
||আমরা এগুলি সরাসরি বা আমাদের প্রয়োজনমত পরিবর্তন করে ব্যবহার করতে পারি  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:48&lt;br /&gt;
||পরবর্তী টিউটোরিয়াল-গুলিতে এগুলির প্রত্যেকটি নিয়ে বিশদ  আলোচনা আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
||এখন শেখা যাক কিভাবে একটি স্লাইড যোগ করা যায় | “Slides”  অংশতে দ্বিতীয় স্লাইডে ক্লিক করে সেটি নির্বাচিত করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||এখন আপনি  “Insert” এবং তারপর  “Slide”-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||দেখুন, দ্বিতীয় স্লাইডের নীচে একটি নতুন খালি স্লাইড যুক্ত হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||স্লাইডে একটি শিরোনাম যোগ করতে,  ‘Click to add Title’ লেখা টেক্সট বক্সে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
||‘Short Term Strategy’ লিখুন এবং টেক্সট বক্সের বাইরে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||তাহলে এভাবে একটি শিরোনাম যোগ করা  যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||একটি স্লাইডের কপি বা প্রতিলিপি তৈরী করার দুটি পদ্ধতি আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:30&lt;br /&gt;
||প্রথম পদ্ধতি-টি দেখা যাক |  “Insert” এবং তারপর  “Duplicate Slide” ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||দেখুন, আগের ধাপে তৈরী করা স্লাইড-টির পরে একটি সদৃশ স্লাইড যুক্ত হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
||অথবা, “Workspace” অংশের “Slide Sorter” ট্যাবে ক্লিক করে  slide sorter ভিউ-ত়ে যান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:50&lt;br /&gt;
||এখন সপ্তম স্লাইডে রাইট-ক্লিক করুন ও দৃশ্যমান মেনু থেকে &amp;quot;Copy”-ত়ে ক্লিক করে স্লাইডটির  কপি বা প্রতিলিপি বানান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:58&lt;br /&gt;
||শেষ স্লাইড-এ রাইট ক্লিক করে,  Paste ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
||‘After’ নির্বাচন করুন এবং   ‘OK’-ত়ে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:04&lt;br /&gt;
||এখন আপনি প্রেসেন্টেশনের শেষে স্লাইড-টির একটি প্রতিলিপি তৈরী করেছেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:10&lt;br /&gt;
||এখন ফন্ট এবং ফন্ট বিন্যাসের  কিছু পদ্ধতি নিয়ে আলোচনা করা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:15&lt;br /&gt;
||ডবল ক্লিক করে ‘Long term goal’ শিরোনামের স্লাইডটি নির্বাচন করুন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:20&lt;br /&gt;
||Body” টেক্স বক্স-এ ক্লিক করুন এবং সব লেখা নির্বাচন করুন | এখন লেখা মুছে ফেলুন&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||এখন লিখুন  : reduce costs , reduce dependence on few vendors, develop customized applications |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
||ফন্ট টাইপ এবং ফন্ট সাইজ পরিবর্তন LibreOffice Writer - এর মত  করেই  করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:43&lt;br /&gt;
||একটি লাইন নির্বাচন করুন,  “Text Format” টুল বারে গিয়ে Font type  “Albany” থেকে  “Arial Black” ত়ে পরিবর্তন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||এবং ফন্ট সাইজ  “৩২” থেকে  “৪০ ” করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:56&lt;br /&gt;
||টেক্সট বক্সের বাইরে কোথাও ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:59&lt;br /&gt;
||লক্ষ্য করুন, ফন্ট পরিবর্তন হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
||ফন্ট বদলাতে আপনাকে প্রধান মেনুর  Format -এ ক্লিক করে, Character বিকল্পতে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||একটি ডায়লগ বক্স প্রদর্শিত হচ্ছে যাতে  আপনি  প্রয়োজনমত   ফন্ট, স্টাইল এবং সাইজ নির্ধারণ করতে পারবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:16&lt;br /&gt;
||ডায়ালগ বক্সটি বন্ধ করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:19&lt;br /&gt;
||ফন্ট-এর রং পরিবর্তন করতে,  ‘Development up to present’ শিরোনামের  স্লাইড-টি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||body টেক্সট  বক্স-এ ক্লিক করুন এবং সব লেখা নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:30&lt;br /&gt;
||font color আইকন-এর পাশের নিম্নমুখী তীর-এ ক্লিক করুন এবং পছন্দের রং বেছে নিন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||টেক্সট বক্স-এর বাইরে যেকোনো স্থানে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||রং-এর পরিবর্তনটি লক্ষ্য করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:43&lt;br /&gt;
||Bold, Italics এবং Underline বিন্যাসগুলি LibreOffice Writer ডকুমেন্ট-এর মত করেই করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:50&lt;br /&gt;
||‘Recommendations’ শিরোনামের স্লাইড -টি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:53&lt;br /&gt;
||“Body” টেক্সট বক্স-এ ক্লিক করুন ও একটি লাইন নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||এবার Bold Italics এবং  Underline আইকন-গুলিতে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:03&lt;br /&gt;
||এই টেক্সট বক্সের বাইরে যেকোনো স্থানে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||লেখাটির পরিবর্তন লক্ষ্য  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
||এখানেই এই টিউটোরিয়াল-এর সমাপ্তি হল |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:11&lt;br /&gt;
||সারসংক্ষেপে, এই টিউটোরিয়ালে আমরা শিখেছি : ইমপ্রেস উইন্ডোর  অংশ এবং স্লাইড যোগ, স্লাইড প্রতিলিপি, ফন্ট এবং ফন্ট  বিন্যস্ত   করার পদ্ধতি  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||অনুশীলনী-টি  নিজে   চেষ্টা   করুন :-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:28&lt;br /&gt;
||একটি নতুন প্রেসেন্টেশন তৈরী করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:30&lt;br /&gt;
||তৃতীয় এবং চতুর্থ স্লাইড-এর মধ্যে আরেকটি স্লাইড যোগ করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||প্রেসেন্টেশন-এর শেষে চতুর্থ স্লাইড-এর একটি প্রতিলিপি তৈরী করুন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
||দ্বিতীয় স্লাইডে একটি টেক্সট বক্স তৈরী করুন | এখন সেটিতে কিছু লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:45&lt;br /&gt;
||লেখাটির ফন্ট সাইজ পরিবর্তন করে ৩২ করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:49&lt;br /&gt;
||লেখাটি  বোল্ড, ইটালিক, আন্ডারলাইন এবং নীল রঙের করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:56&lt;br /&gt;
||এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:59&lt;br /&gt;
||এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:02&lt;br /&gt;
||যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল , কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে শিক্ষাশিবির সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:12&lt;br /&gt;
||যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   প্রশংসাপত্র  দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23&lt;br /&gt;
||স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ যা ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।   http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:46&lt;br /&gt;
||আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
এই   টিউটোরিয়াল-এ  অংশগ্রহন  করার  জন্য  ধন্যবাদ   ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Printing-a-Presentation-Document/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Printing-a-Presentation-Document/Bengali</title>
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				<updated>2012-11-29T09:54:51Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with ''''Resources for recording''' Printing a Presentation   {| border=1 || Visual Cues || Narration  |- ||00.00 ||LibreOffice Impress -এ ছ…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Resources for recording'''&lt;br /&gt;
[[Media:Printing a Presentation.zip |Printing a Presentation]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| Visual Cues&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.00&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress -এ ছাপা সংক্রান্ত টিউটোরিয়ালে আপনাদের স্বাগত জানাচ্ছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.06&lt;br /&gt;
||এই টিউটোরিয়ালে আমরা ছাপার বিভিন্ন বিকল্প সম্পর্কে শিখব যেমন  -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.11&lt;br /&gt;
||Slides Handouts বা বিলিপত্র, Notes and Outline&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.16&lt;br /&gt;
||এখানে আমরা উবুন্টু  লিনাক্স  ১০.০৪  এবং LibreOffice সংকলন সংস্করণ  ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.25&lt;br /&gt;
||কখনো আপনার প্রেসেন্টেশন-টি পৃষ্ঠায় ছাপার প্রয়োজন হতে পারে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ,  আপনি  শ্রোতাদের পরে দেখার জন্য প্রেসেন্টেশন-এর প্রতিলিপি দিতে চাইতে পারেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.35&lt;br /&gt;
||তাহলে প্রথমে, প্রেসেন্টেশন  Sample Impress এর উপর ডবল-ক্লিক করে সেটি খুলুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.41&lt;br /&gt;
||আপনার স্লাইড-গুলি ছাপতে ,  File এবং Print-এ ক্লিক করুন | অথবা আপনি  CTRL এবং  P কী-দুটি একসাথে টিপতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.50&lt;br /&gt;
||General এবং  Options ট্যাবের বিকল্পগুলি সম্বন্ধে জানতে,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.55&lt;br /&gt;
||LibreOffice Writer -সংক্রান্ত   টিউটোরিয়াল-গুলির  Viewing and printing Documents টিউটোরিয়ালটি দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
||Print-এর, General ট্যাবে, Document ক্ষেত্রে, আমরা কিছু বিকল্প দেখতে  পাচ্ছি যেগুলি শুধুমাত্র Impress-এই থাকে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09&lt;br /&gt;
||এই বিকল্পগুলির দ্বারা আমরা আমাদের স্লাইড-গুলি পছন্দমত বিন্যাসে  ছাপতে পারি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
||Slides Handouts Notes and Outline | এখন  Slides বিকল্পটি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
||এখন LibreOffice Impress ট্যাবে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26&lt;br /&gt;
||এখানে আপনি নির্বাচন করতে পরতে পারেন, স্লাইড-এর কোন অংশটি আপনি ছাপতে চান, ছাপার রং এবং সাইজ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||Content-এ, slide name, date and time   এবং  Hidden pages  নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
||লেখা থেকেই বোঝা যাচ্ছে, এগুলি স্লাইড-এর নাম, তারিখ  ও  সময়  এবং কোনো লোকানো  পৃষ্ঠা থাকলে সেটি ছাপবে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:49&lt;br /&gt;
||Color-এ, Gray scale নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:53&lt;br /&gt;
||লেখা  থেকে  বোঝা  যাচ্ছে, অন্যান্য    বিকল্পগুলি  স্লাইড -গুলিকে, তাদের  নিজস্ব  রং  অথবা  সাদা-কালো  ত়ে  ছাপবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:00&lt;br /&gt;
||সাইজ -এ  Fit to printable Page নির্বাচন করুন |  Libre Office impress ট্যাবের বাকি বিকল্পগুলি সম্পর্কে আপনি নিজে জানতে চেষ্টা করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||Page Layout ট্যাবের বিভিন্ন বিকল্পগুলি আপনি কী উদ্দেশ্যে ছাপছেন, সেই অনুযাই  ব্যবহার করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||ধরুন, আপনি একটি পৃষ্ঠায় একাধিক স্লাইড ছাপতে চান |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||সেজন্য,  Pages per sheet নির্বাচন করুন | সাধারনতঃ, একটি পৃষ্ঠায় একটি স্লাইড ছাপা হয় | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:29&lt;br /&gt;
||এটি পৃষ্টার একটি ছোট  প্রিভিউ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:33&lt;br /&gt;
||ড্রপ-ডাউন  তীর-এ  ক্লিক করুন এবং আপনি প্রতি ছাপা পৃষ্ঠায় যেকটি পৃষ্ঠা ছাপতে  চান, সেটি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:39&lt;br /&gt;
||যদি আমরা ২ নির্বাচন করি, তাহলে প্রিভিউ-ত়ে ২-টি পৃষ্ঠা দেখত়ে   পাচ্ছি | যদি আমরা ৬ নির্বাচন করি, তাহলে প্রিভিউতে আমরা ৬ টি পৃষ্ঠা  দেখতে পাব |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:48&lt;br /&gt;
||Draw a border around each page বিকল্পে টিক করলে, ছাপার সময় প্রত্যেক পৃষ্ঠার চারদিকে  একটি কালো সীমানা থাকবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
||এতে পৃষ্ঠাটি দেখতে আরো আকর্ষনীয় লাগে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||পরবর্তী বিকল্প, Brochure,  সহজে বাঁধানোর জন্য স্লাইডগুলিকে ইস্তাহার হিসাবে ছাপতে সাহায্য করে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:06&lt;br /&gt;
||যাইহোক, এখানে আমরা ওই বিকল্পটি নির্বাচন করবো না | আপনি  নিজে পরে  এই বিকল্পটি নিয়ে অনুসন্ধান করবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||অনুগ্রহ করে নিশ্চিত করবেন  যে অপশন ট্যাবের অধীন সব চেক বক্সগুলি অনির্বাচিত আছে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
||এই চেক বক্সগুলির কিছু বিশেষ উদ্দেশ্য আছে, যেগুলি আমরা এই টিউটোরিয়াল-এ আলোচনা করবো না |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:25&lt;br /&gt;
||এখন  Print বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||যদি প্রিন্টার সঠিকভাবে  যুক্ত থাকে, তাহলে এতক্ষণে ছাপা শুরু  হওয়া উচিত   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
||এরপর  Handouts বিকল্প নিয়ে আলোচনা করা যাক | ফাইল এবং প্রিন্ট ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
||প্রিন্ট এর, General ট্যাবে, Document ক্ষেত্রে  Handout নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:47&lt;br /&gt;
||স্বাভাবিকভাবে, একটি পৃষ্ঠায় চারটি স্লাইড এবং পরপর বাম থেকে ডানদিকে ও তারপর নীচে - এই ক্রমানুসারে স্লাইডগুলি ছাপা হয় | এই প্রেসেন্টেশনের জন্য এগুলি অপরিবর্তিত রাখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||ILibreOffice Impress ট্যাবে, দেখুন Size বিকল্পটি নিস্ক্রিয় করা আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
||এর কারণ হল, ছাপার সাইজ,  স্লাইডের সংখ্যা এবং একটি পৃষ্ঠায় কতগুলি স্লাইড থাকবে, তার উপর নির্ভর করে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||এখন  Print বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:15&lt;br /&gt;
||প্রিন্টার সঠিকভাবে যুক্ত থাকলে, ছাপা শুরু হয়ে যাওয়া উচিত |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||এবার প্রথম স্লাইডে যান এবং  Notes ট্যাব-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||এখানে আমরা নোট বা টিকা  হিসাবে লিখব  - “This is a sample note”.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:30&lt;br /&gt;
||স্লাইড-এ আপনি যে টিকা   লিখেছেন, সেটি ছাপতে, File এবং তারপর  প্রিন্ট-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
||Print এর, General ট্যাবে, Document ক্ষেত্রে  Notes নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||বামদিকের প্রিভিউ পৃষ্ঠাটি লক্ষ্য করুন | স্লাইডের নীচে আপনার লেখা টিকা  দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
||এখন  LibreOffice Impress ট্যাব-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
||লক্ষ্য করুন যখন আমরা টিকা  ছাপছি, তখন  Size বিকল্পটি আর উপলব্ধ  নেই |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:57&lt;br /&gt;
||এখন Print বাটনে ক্লিক করুন | প্রিন্টার সঠিকভাবে সংযুক্ত থাকলে, এতক্ষণে ছাপা শুরু হয়ে যাওয়া উচিত |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:05&lt;br /&gt;
||অবশেষে,  উপস্থাপনার  সময়  তথ্য দ্রুত দেখার জন্য স্লাইড-গুলির  আউটলাইন ছাপতে,  প্রথমে ফাইল এবং তারপর প্রিন্ট করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:13&lt;br /&gt;
||IGeneral ট্যাব-এ, Print-এর মধ্যে, Document ক্ষেত্রে  Outline বিকল্পটি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
||বামদিকের প্রিভিউ পৃষ্ঠাটি লক্ষ্য করুন | এখানে স্লাইড-গুলির আউটলাইন বা সেগুলির শিরোনাম ও সাব - পয়েন্ট-গুলি দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:28&lt;br /&gt;
||এখন  LibreOffice Impress ট্যাব-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
||আবার লক্ষ্য করুন,  যখন আমরা Outline ছাপছি তখন সাইজ বিকল্পটি উপলব্ধ নেই | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:38&lt;br /&gt;
||এবার Print বাটনে ক্লিক করুন | যদি প্রিন্টার সঠিকভাবে যুক্ত থাকে, তাহলে এখন ছাপা শুরু হয়ে যাওয়া উচিত |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:47&lt;br /&gt;
||এখানেই এই টিউটোরিয়াল-টির  সমাপ্তি হল, এতে আমরা শিখেছি -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:52&lt;br /&gt;
||Slides, Handouts, Notes এবং  Outline&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:57&lt;br /&gt;
||অনুশীলনী-টি নিজে চেষ্টা করুন |  একটি নতুন প্রেসেন্টেশন তৈরী করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:02&lt;br /&gt;
||শুধুমাত্র দ্বিতীয় স্লাইডটি ছাপুন  | প্রথম চারটি স্লাইড   handout হিসাবে ছাপুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
||এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন | এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:21&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল, কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে শিক্ষাশিবির সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:27&lt;br /&gt;
||যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   প্রশংসাপত্র  দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:38&lt;br /&gt;
||স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ যা ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।   http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:01&lt;br /&gt;
||আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
এই   টিউটোরিয়াল-এ  অংশগ্রহন  করার  জন্য  ধন্যবাদ   ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Inserting-Pictures-and-Objects/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Inserting-Pictures-and-Objects/Bengali</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Inserting-Pictures-and-Objects/Bengali"/>
				<updated>2012-11-29T09:54:03Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with ''''Resources for recording''' Inserting Pictures and Objects  {|border=1 ||Time ||Narration  |- ||00:00 ||LibreOffice Impress -এ …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Resources for recording'''&lt;br /&gt;
[[Media:Inserting Pictures and Objects.zip |Inserting Pictures and Objects]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
||Time&lt;br /&gt;
||Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress -এ ছবি এবং কোনো বস্তু যোগ করা সংক্রান্ত এই টিউটোরিয়ালে আপনাদের স্বাগত জানাচ্ছি  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||এই টিউটোরিয়ালে আমরা শিখব   প্রেসেন্টেশনে ছবি এবং কোনো বস্তু  যোগ করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||ছবি এবং বস্তু  বিন্যস্ত করা |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:15&lt;br /&gt;
||প্রেসেন্টেশনের মধ্যে ও  বাইরে হাইপার-লিঙ্ক এবং প্রেসেন্টেশনে টেবিল যোগ করা |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
||আমরা এখানে উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪ এবং LibreOffice সংকলন সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||একটি ওয়েব ব্রাউজারের অ্যাড্রেস বারে,পর্দায় প্রদর্শিত URL টি লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:34&lt;br /&gt;
||এটি একটি ছবি প্রদর্শন করবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:37&lt;br /&gt;
||এখন ছবিটির উপর রাইট-ক্লিক করুন এবং Save Image As বিকল্পটি বেছে নিন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
|| একটি ডায়লগ বক্স খুলে যাবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:43&lt;br /&gt;
||Name ক্ষেত্রে, আগে থেকেই  ‘open source -bart.png’ দেখা   যাচ্ছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
||অবস্থান হিসাবে   Desktop নির্বাচন  করুন এবং   Save  বাটনে   ক্লিক করুন   |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:59&lt;br /&gt;
||আমাদের আগে   সেভ  করা  প্রেসেন্টেশন    ‘Sample-Impress’ খোলা    যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
||এখন আমরা দেখব  এই প্রেসেন্টেশনে   কিভাবে  ছবি  যুক্ত  করা   যায়   |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09&lt;br /&gt;
||প্রধান মেনুর    Insert  -এ ক্লিক করুন এবং  তারপর    Picture-এ ক্লিক  করুন  |   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:14&lt;br /&gt;
||এখন   From File বিকল্পে    ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:17&lt;br /&gt;
|| একটি ডায়লগ বক্স খুলে যাবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||যে ফোল্ডার  থেকে  আপনি  ছবি  যুক্ত  করতে  চান, সেটি  বেছে  নিন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
||আমি Desktop ফোল্ডারটি   বেছে  নিলাম   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26&lt;br /&gt;
||এখন যে ছবিটি আপনি যুক্ত করতে   চান, সেটি  নির্বাচন  করুন  এবং    Open  বাটনে  ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:31&lt;br /&gt;
||ছবিটি   স্লাইডে যুক্ত  হয়ে  গেছে    | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:35&lt;br /&gt;
||আবার   পূর্বাবস্থায়  ফিরে   যাওয়া  যাক   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:37&lt;br /&gt;
||এখন আমি ছবি যুক্ত করার   অন্য একটি পদ্ধতি দেখাবো   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
||Insert এবং   Slide -এ ক্লিক  করে     ‘Overview’  শিরোনামের   স্লাইড-টির পরে একটি নতুন  স্লাইড যোগ  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||Title text box -এ ক্লিক করুন   এবং  শিরোনাম   পরিবর্তন করে    ‘Open source Funny’  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
|| লক্ষ্য করুন কেন্দ্রে চারটি   আইকন সহ একটি ছোট বাক্স দেখা যাচ্ছে | এটি হল   Insert টুলবার   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||Insert টুলবার থেকে   Insert Picture আইকনের  উপর ক্লিক  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08&lt;br /&gt;
||একটি ছবি বেছে   নিন  এবং   Open  বাটনে   ক্লিক  করুন  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
|| লক্ষ্য করুন,    যোগ করা    ছবিটি প্রায় সমগ্র  স্লাইড  জুড়ে রয়েছে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
| |আপনি ছবিটি  প্রথমে  ক্লিক করে  এবং তারপর কন্ট্রোল পয়েন্ট ব্যবহার করে ছবিটির  আকৃতি এবং আকার পরিবর্তন করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:27&lt;br /&gt;
|| এর  অনুরূপ পদ্ধতিতে আপনি আপনার প্রেসেন্টেশনের মধ্যে  অন্যান্য বস্তু  যেমন চার্ট এবং সিনেমা-ক্লিপ  যুক্ত   করতে পারেন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
|| এগুলি আপনি   নিজে  করে দেখুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:38&lt;br /&gt;
|| এখন শেখা যাক কিভাবে হাইপারলিংক করা যায়  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
|| হাইপার  লিঙ্ক -এর দ্বারা   আপনি  সহজে  এক স্লাইড থেকে   অন্য     স্লাইড-এ   যেতে পারেন  অথবা  প্রেসেন্টেশন  থেকে একটি ওয়েব পেজ বা একটি ডকুমেন্ট  খুলতে  পারবেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:49&lt;br /&gt;
||প্রথমে দেখা যাক  একটি প্রেসেন্টেশনের  মধ্যে কিভাবে   হাইপার-লিঙ্ক  করা  যায়  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:54&lt;br /&gt;
||Overview  শিরোনামের  স্লাইড-এর পরে  একটি নতুন   স্লাইড  যোগ করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:02&lt;br /&gt;
||শিরোনামের  স্থানে ক্লিক  করুন  এবং  লিখুন    ‘Table of Contents’ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:07&lt;br /&gt;
||Body টেক্সট  বক্সে  ক্লিক করুন এবং পরের স্লাইড-গুলির  শিরোনামগুলি   লিখুন :  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||Open Source Funny,The Present Situation, Development up to present,Potential Alternatives,  Recommendation&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:24&lt;br /&gt;
|| ‘Development up to present’  লেখাটি  নির্বাচন  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||Insert এবং তারপর   Hyperlink-এ ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
|| এটি হাইপারলিংক ডায়লগ বক্স খুলে দেবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:34&lt;br /&gt;
||বাঁদিকের অংশে,  ‘Document  নির্বাচন করুন  | তারপর  ‘Target in document’ ক্ষেত্রের ডানদিকের  বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||এই প্রেসেন্টেশনে  উপস্থিত স্লাইডগুলির  তালিকা খুলে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||তালিকা থেকে    ‘Development upto present’ শিরোনামের    স্লাইডটি  বেছে  নিন   |    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||Apply বাটনে ক্লিক করুন এবং তারপর  এই তালিকার    Close বাটনে  ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||আবার   Apply বাটনে   ক্লিক  করুন  এবং  তারপর    হাইপারলিংক ডায়লগ বক্সের    Close বাটনে ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||স্লাইড-এর   যেকোনো স্থানে  ক্লিক  করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
|| এখন যদি  আপনি লেখার  উপরে   কার্সর আনেন, তাহলে দেখুন কার্সারটি একটি নির্দেশক আঙুলের মত হয়ে গেছে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||এর অর্থ   হাইপার  লিঙ্ক   সফলভাবে  তৈরী  হয়ে গেছে    |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:24&lt;br /&gt;
|| হাইপার  লিঙ্ক  লেখাটির উপর ক্লিক করলে  প্রাসঙ্গিক স্লাইড  দেখা যাবে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:29&lt;br /&gt;
||অন্য ডকুমেন্ট-এ  হাইপার-লিঙ্ক  করতে,   সূচীপত্র-এর  স্লাইডে  ফিরে যান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
||এখন আরেকটি      লাইন যোগ  করুন   : External Document&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||এই লাইনটি  নির্বাচন  করুন   এবং   Insert ও   তারপর    Hyperlink-এর  উপর  ক্লিক   করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:45&lt;br /&gt;
||বামদিকের  অংশে   Document নির্বাচন  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
|| Document Path  ক্ষেত্রের  ডানদিকের  ফোল্ডার  আইকনের  উপর  ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:55&lt;br /&gt;
||যে ডকুমেন্ট-টি   আপনি হাইপার-লিঙ্ক  করতে   চান,  সেটি  বেছে  নিন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
|| Writer  -এর টিউটোরিয়াল-এ আমরা  যে  resume.odt  ফাইলটি তৈরী করেছিলাম, সেটি নির্বাচন করুন এবং   Open  বাটনে ক্লিক করুন &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:07&lt;br /&gt;
||Apply বাটনে  ক্লিক  করুন  এবং  তারপর  হাইপারলিংক ডায়লগ বক্সের close বাটনে  ক্লিক করুন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:14&lt;br /&gt;
||স্লাইডের যেকোনো স্থানে  ক্লিক করুন  |    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:17&lt;br /&gt;
|| এখন যখন আপনি লেখাটির উপর আপনার কার্সার আনবেন, কার্সারটি একটি নির্দেশক আঙুলের মত হয়ে যাবে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:22&lt;br /&gt;
||অর্থাৎ হাইপার-লিঙ্ক সঠিকভাবে  তৈরী হয়ে যাবে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
||এখন হাইপার-লিঙ্ক করা  লেখাটির  উপর  ক্লিক  করলে   প্রাসঙ্গিক  ডকুমেন্ট-টি  খুলে  যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:31&lt;br /&gt;
||আমাদের ক্ষেত্রে, resume.odt খুলে যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:36&lt;br /&gt;
|| অনুরূপভাবে  ওয়েব পেজকেও হাইপার-লিঙ্ক দ্বারা যুক্ত করা  যায়  | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
||প্রেসেন্টেশনের  শেষে   একটি নতুন স্লাইড  যোগ  করা  যাক  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:43&lt;br /&gt;
||শিরোনাম  পরিবর্তন করে   ‘Essential Open Source Software’ করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48&lt;br /&gt;
||IBody টেক্সট  বক্সে  লিখুন  :Ubuntu Libre Office.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:53&lt;br /&gt;
||দ্বিতীয় লাইনটি নির্বাচন করুন এবং  Insert ও তারপর  Hyperlink-এর  উপর  ক্লিক করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:00&lt;br /&gt;
||বামদিকের অংশে Internet ক্লিক   করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:03&lt;br /&gt;
||Hyperlink type-এ   Web নির্বাচন  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
||Target ক্ষেত্রে  লিখুন  - ‘www.libreoffice.org’&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||Apply বাটনে ক্লিক করুন  এবং তারপর  হাইপারলিংক ডায়লগ বক্সের    Close বাটনে  ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23&lt;br /&gt;
|| স্লাইড -এর  যেকোন স্থানে  ক্লিক করুন  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
|| এখন যদি  আপনি লেখাটির উপর আপনার কার্সার আনেন, তাহলে কার্সারটি একটি নির্দেশক আঙুলের মত হয়ে যাবে | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:32&lt;br /&gt;
||অর্থাৎ হাইপার-লিঙ্ক সঠিকভাবে  তৈরী হয়ে গেছে   |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:38&lt;br /&gt;
||এখন হাইপার-লিঙ্ক করা  লেখাটির  উপর  ক্লিক  করলে   প্রাসঙ্গিক  ওয়েব পেজটি     খুলে  যাবে   |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:44&lt;br /&gt;
||তথ্য  কলাম এবং সারিত়ে  সংগঠিত করতে টেবিল ব্যবহার করা  হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:49&lt;br /&gt;
||এখন শেখা যাক কিভাবে LibreOffice Impress-এ টেবিল যোগ  করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:54&lt;br /&gt;
||Slides অংশ থেকে ‘Development up to the present’ শিরোনামযুক্ত স্লাইডটি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||Tasks অংশের Layout বিভাগ  থেকে,  Title এবং  2 Content আইকন নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:07&lt;br /&gt;
||বামদিকের টেক্সট বক্সের লেখাটি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||এবং সেটির ফন্টের সাইজ কমিয়ে ২৬ করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
||ডানদিকের টেক্সট বক্স-এর  কেন্দ্রে উপস্থিত ইনসার্ট টুলবার থেকে ‘Insert Table’ আইকন-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:25&lt;br /&gt;
||স্বাভাবিকভাবে, কলামের সংখ্যা হিসাবে ৫ এবং সারির সংখ্যা হিসাবে ২ থাকে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:33&lt;br /&gt;
||এগুলি পরিবর্তন করে কলামের সংখ্যা ২ এবং সারির সংখ্যা ৫ করা যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:41&lt;br /&gt;
||OK বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:44&lt;br /&gt;
||টেবিলটি সম্প্রসারিত করে নিন যাতে লেখা পাঠযোগ্য হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:49&lt;br /&gt;
||টেবিলে তথ্য লিখুন -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:51&lt;br /&gt;
||Implementation Year    %&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:56&lt;br /&gt;
||২০০৬   ১০%&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||২০০৭     ২০%&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:02&lt;br /&gt;
||২০০৮     ৩০%&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||২০০৯     ৪০%&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:08&lt;br /&gt;
||এখন শিরনামগুলির সারির ফন্ট পরিবর্তন করে বোল্ড  বা  গাড় করুন এবং লেখাগুলি মাঝখানে আনুন |  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:17&lt;br /&gt;
||টেবিলের রং পরিবর্তন করতে, প্রথমে সব লেখা নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:22&lt;br /&gt;
||তারপর Tasks অংশের  Table Design বিভাগ থেকে, টেবিলের একটি শৈলী বেছে নিন |  আমি এটি নির্বাচন করলাম |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:30&lt;br /&gt;
||দেখুন এখন টেবিলটি কেমন দেখতে লাগছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:33&lt;br /&gt;
||এখানেই এই টিউটোরিয়ালটির সমাপ্তি হল |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||সারসংক্ষেপে এই টিউটোরিয়ালে আমরা শিখেছি কিভাবে ছবি যুক্ত এবং বিন্যস্ত করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||প্রেসেন্টেশনের মধ্যে ও বাইরে হাইপার-লিঙ্ক এবং প্রেসেন্টেশনে টেবিল যুক্ত করা |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:49&lt;br /&gt;
||এগুলি নিজে চেষ্টা করুন:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:53&lt;br /&gt;
||একটি নতুন প্রেসেন্টেশন তৈরী করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:55&lt;br /&gt;
||তৃতীয় স্লাইডে একটি ছবি যোগ  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:58&lt;br /&gt;
||চতুর্থ স্লাইডে ২ টি কলাম ও ৩ টি সারি  বিশিষ্ট একটি টেবিল যেগ করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:03&lt;br /&gt;
||টেবিলের দ্বিতীয় সারির ২ নম্বর কলামে, লিখুন  ‘slide 3’. এই  লেখাটিকে   তৃতীয় স্লাইড-এর   হাইপারলিংক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:14&lt;br /&gt;
||এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:17&lt;br /&gt;
||এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:20&lt;br /&gt;
||যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
||Tস্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল , কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে শিক্ষাশিবির সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:30&lt;br /&gt;
||যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   প্রশংসাপত্র  দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:34&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:41&lt;br /&gt;
||স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ যা ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:53&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।   http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:05&lt;br /&gt;
||আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
এই   টিউটোরিয়াল-এ  অংশগ্রহন  করার  জন্য  ধন্যবাদ   ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Viewing-a-Presentation-Document/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Viewing-a-Presentation-Document/Bengali</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Viewing-a-Presentation-Document/Bengali"/>
				<updated>2012-11-29T09:53:22Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with ''''Resources for recording''' Viewing a Presentation  {|border=1 ||Time ||Narration  |- ||00:00 ||LibreOffice Impress -এ একটি প…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Resources for recording'''&lt;br /&gt;
[[Media:Viewing a Presentation.zip |Viewing a Presentation]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|border=1&lt;br /&gt;
||Time&lt;br /&gt;
||Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress -এ একটি প্রেসেন্টেশন দেখা সংক্রান্ত  এই টিউটোরিলে আপনাদের স্বাগত জানাচ্ছি | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:05&lt;br /&gt;
||এই টিউটোরিয়ালে আমরা শিখব : View  বিকল্প ও সেটির ব্যবহার এবং Master পৃষ্ঠা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:13&lt;br /&gt;
||এখানে আমরা উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪ এবং  LibreOffice সংকলন সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:22&lt;br /&gt;
||প্রথমে  প্রেসেন্টেশন “Sample Impress” -এ ডবল-ক্লিক করে সেটি খোলা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress -এ আরো ভালো প্রেসেন্টেশন তৈরী করার জন্য অনেক view বা দেখার  বিকল্প আছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:34&lt;br /&gt;
||সাধারনভাবে আপনি যখন  LibreOffice Impress খোলেন, তখন সেটি এইরকম দেখতে লাগে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||এটিকে  Normal বা স্বাভাবিক view বলে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:43&lt;br /&gt;
||প্রেসেন্টেশন অন্য কোনো  view-ত়ে থাকলে,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:48&lt;br /&gt;
||আপনি  Normal ট্যাবে ক্লিক করে আবার স্বাভাবিক  ভিউ ত়ে ফিরে আসতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:53&lt;br /&gt;
||অথবা  View ও তারপর  Normal ক্লিক করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:57&lt;br /&gt;
||Normal ভিউ-ত়ে, আপনি স্লাইড  তৈরী এবং সম্পাদন কতে পারবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ, আপনি স্লাইড-গুলির  design বা নকশা পরিবর্তন করতে পারেন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:05&lt;br /&gt;
||এটি করতে, Overview শিরোনাম-যুক্ত স্লাইডে যান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09 &lt;br /&gt;
||ডানদিকে, Tasks অংশে, Master Pages বিভাগে, Used in This Presentation-এ দেখা যাচ্ছে স্লাইডের নকশাটি হল  prs strategy |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
||এখানে আপনি   Recently Used অর্থাৎ সম্প্রতি ব্যবহৃত এবং  Available for Use অর্থাৎ ব্যবহারের জন্য উপলব্ধ স্লাইড নকশাগুলি দেখতে পাবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
||যেকোনো একটিতে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:30&lt;br /&gt;
||Workspace অংশে স্লাইডের নকশার পরিবর্তনটি লক্ষ্য করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||দেখুন, কত  সোজা স্লাইডের নকশা পরিবর্তন করা  !!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:39&lt;br /&gt;
||আপনি নিজের স্লাইড-এর  জন্য পটভূমি হিসাবে যেসব  নকশা তৈরি করেছিলেন, সেগুলিও এখানে যোগ করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:45&lt;br /&gt;
||এরপর আপনি Outline ভিউটি দেখবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:47&lt;br /&gt;
||এই ভিউ ত়ে যেতে আপনি  View এবং তারপর  Outline ক্লিক করুন&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:53&lt;br /&gt;
||অথবা  Outline ট্যাবে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
||দেখুন, এই ভিউ-ত়ে, স্লাইড একটির নীচে অপরটি করে সাজানো আছে, ঠিক যেমন সূচী-পত্রে থাকে |I&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||এগুলি হল স্লাইডের শিরোনাম |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08&lt;br /&gt;
||লক্ষ্য করুন স্লাইড শিরোনাম Overview উজ্জ্বল হয়ে আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
||এর কারণ হল, যখন আমরা Outline ট্যাব নির্বাচন করেছিলাম তখন আমরা Overview স্লাইডে ছিলাম |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18 &lt;br /&gt;
||বুলেট পয়েন্ট মত আকৃতির এই আইকন-গুলিকে দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||এই বুলেট পয়েন্ট-গুলির  উপর মাউস আনলে, কার্সর-টি একটি হাতে পরিনত হয় |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:29&lt;br /&gt;
||আমরা এগুলিকে স্লাইডে পুনর্বিন্যস্ত করতে উপরে ও নীচে নিয়ে যেতে পারি | ..&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:38&lt;br /&gt;
||or across lines&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:40&lt;br /&gt;
||প্রেসেন্টেশন-টি আবার তার আসল রূপে ফিরিয়ে আনতে CTRL এবং  Z টিপে এই পরিবর্তনগুলি মুছে ফেলুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:49&lt;br /&gt;
||আমরা  স্লাইড-গুলি পুনর্বিন্যস্ত করতে  Slide Sorter view ব্যবহার করতে পারি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
||Slide Sorter view ত়ে যেতে View এবং তারপর  Slide Sorter ক্লিক করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:00&lt;br /&gt;
||বা  Slide Sorter ট্যাবে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:04&lt;br /&gt;
||এই ভিউ স্লাইড-গুলিকে পছন্দসই ক্রম অনুযায়ী বিন্যস্ত করতে প্রয়োজনীয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:08&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ, যদি আপনি নবম এবং দশম স্লাইডের স্থান পরিবর্তন করতে চান, তাহলে দশম স্লাইড-এ ক্লিক করুন এবং সেটি টেনে নবম স্লাইড-এর আগে বসান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
||এখন মাউস বাটন ছেড়ে দিন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:22&lt;br /&gt;
||স্লাইড-দুটির স্থান পরিবর্তন হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||Notes ভিউ-ত়ে, আপনি নোট বা টীকা লিখে রাখতে পারেন যা উপস্থাপনার সময় আপনাকে সাহায্য করবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||Notes ভিউ ত়ে যেতে,   View এবং তারপর  Notes Page ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
||অথবা  আপনি  Notes ট্যাব-এও ক্লিক করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:39&lt;br /&gt;
||Slides অংশ থেকে ‘Development up to present’ নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:44&lt;br /&gt;
||notes অংশে কিছু লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:49&lt;br /&gt;
||যখন আপনার স্লাইড-গুলি প্রজেক্টর-এ দেখান  হবে, তখন আপনি monitor-এ  নোটগুলি  দেখতে  পাবেন, কিন্তু  বা দর্ককরা  সেগুলি দেখতে  পাবেন  না  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||এখন  Normal ট্যাব-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:01&lt;br /&gt;
||ডানদিকে Tasks অংশে layout বিভাগে গিয়ে আমরা প্রেসেন্টেশন-এর layout পরিবর্তন করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||Tasks অংশ  দেখাতে  বা  আড়াল করতে,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||View এবং তারপর  Tasks অংশে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
||এটি Tasks অংশ,  হয় দেখাবে নাহলে আড়াল করবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:18&lt;br /&gt;
||এবার Layout অংশ ব্যবহার করে স্লাইডের বিন্যাস পরিবর্তন করা যাক |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:23&lt;br /&gt;
||Development up to present নামের স্লাইড-টি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:26&lt;br /&gt;
||Layout বিভাগ  থকে &amp;gt;&amp;gt;কন্টেন্টের বদলে  Title content নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
||এটি স্লাইডের বিন্যাস পরিবর্তন  করে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||এখানেই এই টিউটোরিয়ালের সম্পতি হল |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||সারসংক্ষেপে আমরা শিখেছি - View বিকল্প ও  সেগুলির ব্যবহার এবং Master পৃষ্ঠা |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:46&lt;br /&gt;
||অনুশীলনী-টি নিজে চেষ্টা করুন -&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:49&lt;br /&gt;
||একটি   নতুন  প্রেসেন্টেশন   তৈরী  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
||গাড় নীল পটভূমির একটি master তৈরী করুন যার শিরোনামের স্থান   হালকা নীল বর্ণের হবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:05&lt;br /&gt;
||যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:09&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল , কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে শিক্ষাশিবির   সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:15&lt;br /&gt;
||যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   প্রশংসাপত্র  দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
||স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ যা ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:38&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।   http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:49&lt;br /&gt;
||আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
এই   টিউটোরিয়াল-এ  অংশগ্রহন  করার  জন্য  ধন্যবাদ   ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Introduction-to-LibreOffice-Impress/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Introduction-to-LibreOffice-Impress/Bengali</title>
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				<updated>2012-11-29T09:52:33Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '__TOC__ =Introduction to Impress= =Resources for recording= Introduction to Impress  {| border=1 || Visual Cues || Narration  |- ||00:00 ||Li…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;__TOC__&lt;br /&gt;
=Introduction to Impress=&lt;br /&gt;
=Resources for recording=&lt;br /&gt;
[[Media:IntroductiontoImpress.zip |Introduction to Impress]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| Visual Cues&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress-এর পরিচিতি সংক্রান্ত এই টিউটোরিয়াল-এ আপনাদের স্বাগত |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:04&lt;br /&gt;
||এই টিউটোরিয়াল-এ আমরা শিখব-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:07&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress-এর পরিচিতি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:09&lt;br /&gt;
||Impress-এর বিভিন্ন টুলবার |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||কিভাবে একটি নতুন  প্রেসেন্টেশন খোলা যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:15&lt;br /&gt;
||কিভাবে  MS PowerPoint প্রেসেন্টেশন  হিসাবে সেভ করা যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:19&lt;br /&gt;
||Impress-এ কিভাবে, একটি  MS PowerPoint প্রেসেন্টেশন খোলা যায় এবং  PDF ডকুমেন্ট-এ পরিবর্তন করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress হল  LibreOffice সংকলনের প্রেসেন্টেশন পরিচালক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:32&lt;br /&gt;
||সুন্দর প্রেসেন্টেশন তৈরী করতে এটি ব্যবহার  করা  হয়  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35&lt;br /&gt;
||এটি মাইক্রোসফট অফিস   PowerPoint-এর সমতুল্য |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||এটি বিনামূল্য ও ওপেন সোর্স সফ্টওয়্যার | তাই এটি   কোনো সীমাবদ্ধতা ছাড়াই বিতরণ এবং  পরিবর্তন করা যায় | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:47&lt;br /&gt;
||LibreOffice সংকলন ব্যবহার করতে,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:50&lt;br /&gt;
||আপনি অপারেটিং সিস্টেম হিসাবে হয় Microsoft Windows 2000 বা  তার উচ্চতর সংস্করণ অর্থাৎ MS Windows XP বা  MS Windows '7 ব্যবহার করবেন  অথবা আপনি   গনুহ / লিনাক্স ব্যবহার করতে পারেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02&lt;br /&gt;
||এখানে আমরা  অপারেটিং সিস্টেম হিসেবে উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪   এবং LibreOffice সংকলন -এর সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:12&lt;br /&gt;
||যদি আপনার  LibreOffice সংকলন ইনস্টল করা  না থাকে,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
||তাহলে Synaptic Package Manager ব্যবহার করে Impress ইনস্টল করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||Synaptic Package Manager সম্পর্কে আরও তথ্যের জন্য,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
||উবুন্টু লিনাক্স সংক্রান্ত টিউটোরিয়ালগুলি  পড়ুন এবং এই ওয়েবসাইট-এর  নির্দেশাবলী অনুসরণ করে LibreOffice সংকলন  ডাউনলোড করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:32&lt;br /&gt;
||বিস্তারিত নির্দেশাবলী  LibreOffice সংকলন-এর প্রথম টিউটোরিয়াল-এ আছে | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||মনে রাখবেন,'Impress'.  ইনস্টল করার সময়, 'Complete' বিকল্পটি নির্বাচন করবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
||যদি আপনার আগেই  LibreOffice সংকলন ইনস্টল করা থাকে,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:46&lt;br /&gt;
||তাহলে সেটি খুঁজে পেতে কম্পিউটার-এর পর্দার উপরের বাঁদিকের অংশের  &amp;quot;Applications&amp;quot; বিকল্পটি ক্লিক করুন  এবং তারপর প্রথমে &amp;quot;Office&amp;quot;  ও  তারপর &amp;quot;LibreOffice&amp;quot; বিকল্পটির  উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:58&lt;br /&gt;
||একটি নতুন ডায়লগ বক্স খুলে গেছে যাতে  LibreOffice -এর বিভিন্ন অংশ দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||LibreOffice Impress ব্যবহারের  জন্য,  নতুন ডায়লগ বক্স-এর   &amp;quot;Presentation&amp;quot;  বিকল্পটির উপর  ক্লিক করুন | &amp;quot;Create” ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:13&lt;br /&gt;
||এটি প্রধান Impress উইন্ডোতে একটি খালি ডকুমেন্ট খুলবে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||এখন এই  Impress উইন্ডোর বিভিন্ন অংশের সম্পর্কে জানা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:22&lt;br /&gt;
||Impress উইন্ডোর বিভিন্ন  টুল বার আছে, যেমন  টাইটেল বার, মেনু বার, স্ট্যান্ডার্ড টুলবার, formatting বার এবং স্ট্যাটাস বার | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:36&lt;br /&gt;
||এই টুলবার- গুলি   নিয়ে  আমরা টিউটোরিয়াল-এ আলোচনা  করবো  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
||এখন আমরা আমাদের প্রথম প্রেসেন্টেশন তৈরী করতে প্রস্তুত | ফাইলটি বন্ধ করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||Applications এ  যান  -&amp;gt;Office ক্লিক করুন -&amp;gt; LibreOffice Impress-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
||‘from template’-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||“Recommendation of a strategy” নির্বাচন করুন এবং   next বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:06&lt;br /&gt;
||‘select a slide design’ ড্রপ  ডাউন-এ , &amp;quot;Presentation Backgrounds’ এবং তারপর  ‘blue border’ নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||‘select an output medium field’ -এ  ‘original’ নির্বচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
||next বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:22&lt;br /&gt;
||এই ধাপে slide transitions তৈরী হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||কোনো বিকল্পের পরিবর্তন করবেন না |  Next ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
||‘what is your name’ ক্ষেত্রে,  আপনি আপনার বা আপনার সংস্থার নাম লিখতে  পারেন | আমি এখানে   ‘A1 services’ লিখছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
||‘what is the subject of your presentation’ ক্ষেত্রে  ‘Benefits of Open Source’ লিখুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:47&lt;br /&gt;
||Next-বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:49&lt;br /&gt;
||এখানে  প্রেসেন্টেশন সম্পর্কে  বর্ণনা  দেখা যাচ্ছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||সাধারনভাবে সব বিকল্প-গুলি নির্বাচিত থাকে | কিছু পরিবর্তন করবেন না |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||এগুলি হল প্রেসেন্টেশনের নমুনা শিরোনাম |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:01&lt;br /&gt;
||Create বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||আপনি  LibreOffice Impress-এ আপনার প্রথম প্রেসেন্টেশন তৈরী করে ফেলেছেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||এখন আমরা দেখব কিভাবে একটি প্রেসেন্টেশন সেভ বা সংরক্ষণ করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:13&lt;br /&gt;
|| file -এ গিয়ে তারপর   save-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:15&lt;br /&gt;
||Save ডায়লগ বক্স খুলে গেছে |  এই ফাইলটির নাম হিসাবে   “Sample Impress&amp;quot;লিখুন  এবং   save বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||লক্ষ্য করুন Impress Open Document Format  .odp এক্সটেনশন নিয়ে সেভ হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
||এখন ফাইলটি বন্ধ করুন | প্রেসেন্টেশন বন্ধ করতে, File ও তারপর Close ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||এখন শেখা যাক কিভাবে একটি LibreOffice Impress প্রেসেন্টেশন Microsoft PowerPoint হিসাবে সেভ করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
||Sample Impress প্রেসেন্টেশন-টি আবার খুলতে,   File এবং  Open -এ ক্লিক করুন এবং তারপর  sample impress নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
||সাধারনভাবে, LibreOffice Impress ডকুমেন্ট-গুলিকে  Open document format (ODP) হিসাবে সেভ করে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||Microsoft PowerPoint হিসাবে প্রেসেন্টেশন-টি সেভ করতে,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:11&lt;br /&gt;
||file এবং তারপর  save as ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:14&lt;br /&gt;
||file type হিসাবে “Microsoft PowerPoint  বেছে নিন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:18&lt;br /&gt;
||যেখানে আপনি ফাইলটি সেভ করেত চান, সেই অবস্থান বেছে নিন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:20&lt;br /&gt;
||save বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||“Keep Current Format” বাটনে ক্লিক করুন | ফাইলটি এখন  ppt হিসাবে সেভ হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:33&lt;br /&gt;
||file ও তারপর close -এ ক্লিক করে ফাইলটি বন্ধ করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:36&lt;br /&gt;
||এরপর আমরা শিখব, কিভাবে LibreOffice Impress -এ  Microsoft PowerPoint Presentation খুলতে হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:44&lt;br /&gt;
||file তারপর  Open ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:46&lt;br /&gt;
||যে  ppt ফাইল-টি খুলতে চান সেটি খুঁজে নিন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:50&lt;br /&gt;
||ফাইলটি নির্বাচন করুন সেটিতে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
||পরিশেষে আমরা শিখব কিভাবে একটি  LibreOffice Impress প্রেসেন্টেশন-কে  pdf ফাইলে পরিবর্তন করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
||file -&amp;gt;Export as PDF -এ ক্লিক করুন | IPDF options ডায়লগ বক্সে, সব বিকল্পগুলি অপরিবর্তিত রাখুন এবং   “Export” বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:12&lt;br /&gt;
||file name ক্ষেত্রে  “Sample Impress” লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||I‘Save in folder’ ক্ষেত্রে যেখানে আপনি ফাইলটি সেভ করতে চান, সেই অবস্থান লিখুন এবং Save ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23&lt;br /&gt;
||ডকুমেন্ট-টি এখন  ডেস্কটপ-এর উপর pdf ফাইল হিসাবে সেভ হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29&lt;br /&gt;
||এখানে LibreOffice Impress -এর এই টিউটোরিয়াল -টি সমাপ্ত হল |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:34&lt;br /&gt;
||এতে  আমরা শিখেছি - LibreOffice Impress এর পরিচিতি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:39&lt;br /&gt;
||Impress-এর বিভিন্ন টুলবার&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
||Impress-এ কিভাবে কতুন প্রেসেন্টেশন তৈরী করতে হয় &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:45&lt;br /&gt;
||কিভাবে  Micro Soft PowerPoint presentation সেভ করতে হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:49&lt;br /&gt;
||কিভাবে  MS PowerPoint presentation খুলতে হয় এবং কিভাবে  PDF ডকুমেন্ট-এ পরিবর্তন করতে হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:58&lt;br /&gt;
||অনুশীলনী-টি চেষ্টা করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||একটি নতুন ডকুমেন্ট খুলে, প্রথম স্লাইড  -এ কিছু লিখুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:05&lt;br /&gt;
||MS Power Point document হিসাবে সেভ করুন, এবার বন্ধ করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:11&lt;br /&gt;
||আমাদের দেখা ফাইলটিকে আবার খুলুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:15&lt;br /&gt;
||এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন | এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:22&lt;br /&gt;
||যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:26&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল, কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে শিক্ষাশিবির    সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:32&lt;br /&gt;
||যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   প্রশংসাপত্র  দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:36&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:42&lt;br /&gt;
||স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ যা ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:55&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।   http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:07&lt;br /&gt;
||আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
এই   টিউটোরিয়াল-এ  অংশগ্রহন  করার  জন্য  ধন্যবাদ   ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-Sheets/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-Sheets/Bengali</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-Sheets/Bengali"/>
				<updated>2012-11-29T09:35:57Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with ''''Resources for recording''' Working with Sheets  {| border=1 || VISUAL CUE || NARRATION  |- || 00.00 ||LibreOffice Calc -এ  শীট ন…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Resources for recording'''&lt;br /&gt;
[[Media:Working with Sheets.zip |Working with Sheets]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| VISUAL CUE&lt;br /&gt;
|| NARRATION&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00.00&lt;br /&gt;
||LibreOffice Calc -এ  শীট নিয়ে  কাজ করা সংক্রান্ত কথ্য টিউটোরিয়াল-এ  স্বাগত |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| এই টিউটোরিয়াল-এ আমরা শিখব :&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:09&lt;br /&gt;
||সারি ও  কলাম যোগ  করা এবং মুছে ফেলা &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
||শীট   যোগ  করা এবং মুছে ফেলা  &lt;br /&gt;
শীট -এর   পুনঃনামকরন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
|| এখানে আমরা  অপারেটিং সিস্টেম হিসেবে উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪   এবং LibreOffice সংকলন -এর  সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:29&lt;br /&gt;
|| আসুন,    একটি   স্প্রেডশীট -এ  কিভাবে সারি  এবং কলাম যুক্ত করতে হয়, টা আলোচনার  মধ্যে  এই  টিউটোরিয়াল শুরু করা যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:35&lt;br /&gt;
||“personal finance tracker.ods”  ফাইলটি খুলুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:42&lt;br /&gt;
|| কলাম এবং সারি  এক এক করে  অথবা  একসাথে যুক্ত করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||  স্প্রেডশীটে একটি সারি বা একটি কলাম যোগ করতে, প্রথমে সেই সেল, কলাম বা সারি নির্বাচন  করুন  যেখানে আপনি  নতুন কলাম অথবা একটি নতুন সারি যুক্ত করতে চান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:00&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ, &amp;quot;personal finance tracker.ods&amp;quot; ফাইল-এ  প্রথম সারির  যেকোনো স্থানে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
||যে  সেল-এ  &amp;quot;Cost&amp;quot;  লিখিত আছে, সেটিতে ক্লিক  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
||   এখন  মেনু বারের  &amp;quot;Insert&amp;quot; বিকল্প  ক্লিক করে &amp;quot;Rows&amp;quot; ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
||দেখুন,   নির্বাচিত  সারির    উপরে  একটি নতুন সারি যুক্ত হয়েছে   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| একইভাবে,   একটি নতুন কলাম যোগ করার  জন্য , মেনু বারের  &amp;quot;Insert&amp;quot; বাটনে  ক্লিক করুন এবং &amp;quot;Columns&amp;quot; ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:34&lt;br /&gt;
||দেখুন,     নির্বাচিত সেল কলামের আগে  একটি নতুন কলাম   যুক্ত  হয়েছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:40&lt;br /&gt;
||এখন আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| যদি আপনি  কলাম-এর নির্বাচন    তার সংশ্লিষ্ট অক্ষর -এ  অথবা সারির নির্বাচন  সেটির সংশ্লিষ্ট  সংখ্যাত়ে ক্লিক করে, করে থাকেন তাহলে একটি নতুন কলাম বা সারি যোগ করতে, রাইট ক্লিক করুন এবং  যে  ড্রপ ডাউন মেনু প্রদর্শিত হচ্ছে,   তার থেকে   Insert Columns বা  Insert Rows   বিকল্প বেছে নিন |  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| অথবা,    একটি সেল-এ     ক্লিক করে  সেটি  নির্বাচন করুন | তারপর রাইট  ক্লিক করে Insert বিকল্প নির্বাচন করুন | আপনি এইরকম  একটি ডায়লগ box দেখতে পাবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
||একটি সারি বা কলাম যোগ করতে Entire Row বা  Entire Column বিকল্পটি   নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:25&lt;br /&gt;
|| একসাথে  একাধিক কলাম বা সারি যোগ করার  জন্য, প্রথম সেলটির উপর বাম মাউস বাটন চেপে ধরে প্রয়োজনীয় সেলগুলি জুড়ে টেনে আনতে হবে যাতে  প্রয়োজনীয়   কলাম বা সারি গুলিউজ্জ্বল হয়ে যায় |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
||এখানে  চারটি সেল  উজ্জ্বল হয়েছে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| নতুন সারি বা কলাম যোগ করতে যেকোনো একটি আলোচিত পদ্ধতি অনুসরণ করুন | আমরা   নতুন সারি যোগ করতে চাই | সুতরাং,  নির্বাচন-এর  উপর রাইট  ডান ক্লিক করুন  এবং  Insert বিকল্প নির্বাচন করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:00&lt;br /&gt;
||  এরপর সম্পূর্ণ সারি.. বিকল্পটি নির্বাচন করুন  | &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে  ক্লিক করুন | লক্ষ্য করুন, নির্বাচিত সারিগুলির প্রথমটির উপরে  চারটি  নতুন সারি যুক্ত হয়েছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
|| এরপর আমরা শিখব কিভাবে এক বা একসাথে একাধিক কলাম মুছে ফেলা যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
||একটি একক কলাম বা সারি মুছে ফেলার জন্য প্রথমে, যে কলাম বা সারিটি আপনি মুছে ফেলতে চান, সেটি নির্বাচন করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:28&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ, যে কলামে  &amp;quot;Laundry&amp;quot; লেখা আছে,  আপনি  যদি  সেটি মুছে ফেলতে চান,  তাহলে প্রথমে সেই কলামের  একটি সেল-এ ক্লিক করে সেটি  নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
||এখন সেল উপর রাইট ক্লিক করে &amp;quot;Delete&amp;quot; বিকল্পর  উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
|| একটি ডায়লগ বক্স দেখা যাচ্ছে যার  শিরোনাম &amp;quot;Delete Cells&amp;quot; |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:47&lt;br /&gt;
||এখন &amp;quot;Shift cells up&amp;quot; বিকল্পটি  ক্লিক করুন এবং তারপর &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
||দেখুন,  সেল -টি মুছে গেছে এবং এর নীচের সেল-গুলি উপরে উঠে এসেছে  |&lt;br /&gt;
আবার  পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| এখন শেখা যাক একাধিক কলাম বা সারি কিভাবে একসাথে মুছে ফেলা যায় |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| উদাহরণস্বরূপ, যে সারিতে &amp;quot;Laundry&amp;quot; লেখা  আছে, সেটিকে  মুছে ফেলতে, প্রথমে, সেই সেল-টি  নির্বাচন করুন যাতে সেটির ... ক্রমিক সংক্যা অর্থাৎ ৬ আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
||এখন ওই সেল-এর  উপর  মাউসের বাম বাটন টিপুন এবং সম্পূর্ণ সারি জুড়ে সেটিকে টানুন | অথবা,  যে সারিটি  মুছে দেওয়া হবে, সেটির  সারির  নম্বর উপর ক্লিক করুন | সম্পূর্ণ সারি উজ্জ্বল হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
||সেল-এর  উপর রাইট ক্লিক করুন এবং তারপর   &amp;quot;Delete&amp;quot; বিকল্পর  উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:38&lt;br /&gt;
|| একটি ডায়লগ বক্স দেখা যাচ্ছে যার   শিরোনাম &amp;quot;Delete Cells&amp;quot; |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
||এখন &amp;quot;Shift cells up” বিকল্পে  ক্লিক করুন এবং তারপর &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:48&lt;br /&gt;
||দেখুন, সম্পূর্ণ সারি মুছে  গেছে এবংনিচের সারি উপরে উঠে এসেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
||একইভাবে আপনি  সারির পরিবর্তে কলাম নির্বাচন করে  কলাম মুছে ফেলতে পারেন  |&lt;br /&gt;
আবার  পূর্বাবস্থায় ফিরে যাওয়া যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:04&lt;br /&gt;
||  একটি শীট-এর  মধ্যে  একাধিক  সারি   এবং  কলাম  যোগ করা  এবং  মুছে ফেলার পদ্ধতি  শেখার পর, এখন আমরা শিখব কিভাবে  ক্যালক -এ    শীট  যোগ করা   এবং   মুছে ফেলা যায়   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
||ক্যালক-এ  একটি নতুন   শীট     যোগ করার কয়েকটি উপায়   আছে |&lt;br /&gt;
আমরা সেগুলি  এক এক করে শিখব |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:23&lt;br /&gt;
||   সব  পদ্ধতির জন্য প্রথম ধাপ হল, যে  শীট-এর  পরে  নতুন শীট যুক্ত করতে চাইছেন, সেটি  নির্বাচন করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
||এখন মেনু বারের  &amp;quot;Insert&amp;quot; বিকল্প-এ   ক্লিক করুন ও তারপর &amp;quot;Sheet&amp;quot;-এ  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
||একটি ডায়লগ বক্স খুলে গেছে  যার  শিরোনাম &amp;quot;Insert Sheet&amp;quot; |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:41&lt;br /&gt;
||এখন, বর্তমান   শীট  -এর  পর  একটি নতুন   শীট   যুক্ত করতে,    রেডিও বাটন -এ  “After current sheet”   নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
||&amp;quot;Name&amp;quot; ক্ষেত্রে, আমাদের নতুন শিট-এর নাম  হিসেবে &amp;quot;Sheet 4&amp;quot; দেখা যাচ্ছে  | এই  নাম কম্পিউটার নিজে থেকে দেয়  | আপনি চাইলে এটির  পুনরায় নামকরণ করতে পারেন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:01&lt;br /&gt;
||এখন &amp;quot;OK&amp;quot; বাটন-এ  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
দেখুন, বর্তমান শীট-এর  পর একটি নতুন শীট যুক্ত হয়েছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:09&lt;br /&gt;
|| একটি নতুন শীট যোগ করার  অন্য একটি পদ্ধতি জানা যাক | ক্যালক  উইন্ডোর  নীচে বামদিকে    বর্তমান শীট ট্যাবের উপর ডান ক্লিক করুন  এবং &amp;quot;Insert Sheet&amp;quot; বিকল্পটি নির্বাচন করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:19&lt;br /&gt;
||আপনি   শীটের   অবস্থান, সংখ্যা ও নাম নির্বাচন করুন এবং  তারপর &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে ক্লিক করুন  | আপনার নির্দেশ  অনুসারে শিট  যুক্ত হয়ে যাবে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:31&lt;br /&gt;
|| বর্তমান শীট-এর  পর একটি শীট যোগ করার   অন্য   একটি সহজ উপায় হল,  &amp;quot;add Sheet&amp;quot; বাটন অর্থাৎ  যেটি  শীট   ট্যাব -এর  পাশের  একটি যোগচিহ্ন হিসাবে দেখা যাচ্ছে, সেটিতে ক্লিক করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
||এটিত়ে  ক্লিক করলে, এই সারির শেষ  শীট-এর পরে একটি নতুন   শীট  স্বয়ংক্রিয়ভাবে  যুক্ত  হয়ে  যায়  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
||  একটি নতুন শীট  যোগ করার  শেষ   পদ্ধতি  হল, নীচের   শীট  ট্যাব -এ   &amp;quot;Add Sheet&amp;quot;  যোগ চিন্হের পাশের ফাঁকা জায়গায় ক্লিক  করে  &amp;quot;Insert Sheet&amp;quot; ডায়লগ box ব্যবহার করা  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:06&lt;br /&gt;
||ফাঁকা জায়গায়  ক্লিক করলে,  দেখুন,  &amp;quot;Insert Sheet&amp;quot; ডায়লগ box প্রদর্শিত হচ্ছে  |   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:13&lt;br /&gt;
||আপনি ডায়লগ বক্সে  শীট -এর বিস্তারিত বিবরণ .. লিখুন এবং তারপর &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে ক্লিক করুন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:20&lt;br /&gt;
||  কিভাবে  শীট যোগ করতে হয়, ত়া শেখার পর, এখন জানা যাক Calc-এ কিভাবে  শীট  মুছে ফেলা যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:27&lt;br /&gt;
|| শীট এককভাবে বা একসাথে মুছে ফেলা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
||একটি  শীট  মুছে ফেলতে, যে শীট আপনি মুছে ফেলতে চাইছেন সেটির  ট্যাব-এ রাইট ক্লিক করুন  এবং পপ আপ মেনুর  &amp;quot;Delete Sheet&amp;quot;  বিকল্পটিত়ে ক্লিক করুন |  তারপর &amp;quot;Yes&amp;quot; বিকল্পর উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:45&lt;br /&gt;
||দেখুন,  শীট-টি  মুছে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:48&lt;br /&gt;
|| একটি নির্দিষ্ট শিট  মুছে ফেলার আরেকটি উপায় হল মেনু বারের  &amp;quot;Edit বিকল্প  ব্যবহার করা |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:55&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ, যদি আপনি  তালিকা থেকে &amp;quot;Sheet 3&amp;quot; মুছে ফেলতে চান, তাহলে  মেনু বারের   &amp;quot;Edit  বিকল্প উপর এবং তারপর  &amp;quot;Sheet&amp;quot; বিকল্পে  ক্লিক করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:05&lt;br /&gt;
||এখন পপ    আপ  মেনুর   &amp;quot;Delete&amp;quot; বিকল্পটিত়ে   ক্লিক করুন এবং তারপর  &amp;quot;Yes&amp;quot; বিকল্প উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:12&lt;br /&gt;
||দেখুন,   শীট -টি  মুছে গেছে   |&lt;br /&gt;
আবার   পূর্বাবস্থায়   ফিরে যাওয়া যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:19&lt;br /&gt;
||  একাধিক  শীট  মুছে ফেলতে,     উদাহরণস্বরূপ,  যদি  আপনি  &amp;quot;Sheet 2&amp;quot; এবং &amp;quot;Sheet 3&amp;quot; মুছে ফেলতে চান,  তাহলে প্রথমে  &amp;quot;Sheet 2&amp;quot; ট্যাবে ক্লিক করুন এবং তারপর কী -বোর্ডের  &amp;quot;Shift&amp;quot; বাটন টিপে ধরে   &amp;quot;Sheet 3 &amp;quot; ট্যাব -এ  ক্লিক করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
||এবার যেকোনো   একটি ট্যাব-এর  উপর     রাইট  ক্লিক করুন এবং  পপ আপ মেনু থেকে &amp;quot;Delete Sheet&amp;quot; বিকল্প উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
তারপর &amp;quot;Yes&amp;quot; বিকল্প উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:47&lt;br /&gt;
||দেখুন, দুটি শীট-ই  মুছে গেছে |&lt;br /&gt;
পরবর্তী আলোচনার আগে, আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
|| একটি নির্দিষ্ট শীট মুছে ফেলার আরেকটি উপায় হল মেনু বারের  &amp;quot;Edit বিকল্প ব্যবহার করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:03&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ,  যদি আপনি   তালিকা থেকে  &amp;quot;Sheet 6&amp;quot;  ও &amp;quot;Sheet 7&amp;quot; মুছে ফেলতে চান, তাহলে  মেনু বারের  &amp;quot;Edit  বিকল্পর  উপর এবং তারপর &amp;quot;Sheet&amp;quot; বিকল্পত়ে  ক্লিক করুন |  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:14&lt;br /&gt;
|| এখন  পপ আপ মেনুর &amp;quot;Select&amp;quot; বিকল্পটি  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:19&lt;br /&gt;
||যে ডায়লগ বক্স  দেখা যাচ্ছে তার &amp;quot;Sheet 6&amp;quot; বিকল্পটি ক্লিক করুন এবং  তারপর বোর্ডের উপরে অবস্থিত &amp;quot;Shift&amp;quot; বাটনটি চেপে ধরে &amp;quot;Sheet 7&amp;quot; বিকল্পে  এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:30&lt;br /&gt;
||&amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
যে  শীট আপনি  মুছে ফেলতে চান, সেটি  নির্বাচিত হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:37&lt;br /&gt;
|| এখন আবার  মেনু বারের &amp;quot;Edit  বিকল্প উপর ক্লিক করুন এবং তারপর &amp;quot;Sheet&amp;quot; বিকল্প-এ  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:45&lt;br /&gt;
|| পপ  আপ   মেনুর    &amp;quot;Delete&amp;quot;  বিকল্পটি এখন ক্লিক করে &amp;quot;Yes&amp;quot; বিকল্পর  উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:51&lt;br /&gt;
||দেখুন,  নির্বাচিত শীট-টি  গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| ক্যালক  থেকে কিভাবে  শীট মুছে ফেলতে হয় তা শেখার পর, এখন স্প্রেডশীট -এর  শীটগুলির   নাম   কিভাবে   পরিবর্তন করা যায়, তা শেখা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:03&lt;br /&gt;
||একটি স্প্রেডশীট-এ,   বিভিন্ন শীটগুলির নাম  স্বাভাবিকভাবে  &amp;quot;Sheet 1&amp;quot;, &amp;quot;Sheet 2&amp;quot;, &amp;quot;Sheet 3&amp;quot; ইত্যাদি    হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
||এই নামকরণ একটি ছোট স্প্রেডশীট অর্থাৎ যেটিতে  শুধুমাত্র ক-একটি শীট আছে, তার জন্য উপযোগী |  কিন্তু  অনেক শীট থাকলে  এই পদ্ধতি খুবই কষ্টসাধ্য  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:21&lt;br /&gt;
|| ক্যালক -এ  আপনি আপনার   পছন্দ অনুসারে  শীট-এর  নাম পরিবর্তন করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
||ধরুন, এখন যদি আপনি  &amp;quot;Sheet 4&amp;quot; -এর নাম বদলে “Dump” করতে চান, তাহলে&lt;br /&gt;
আপনাকে   &amp;quot;Sheet 4&amp;quot; ট্যাবের উপর  ডবল  ক্লিক করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
||দেখুন, একটি ডায়লগ বক্স খুলে গেছে যার  শিরোনাম &amp;quot;Rename Sheet&amp;quot; |&lt;br /&gt;
তাতে একটি টেক্সট বক্স-এ &amp;quot;Sheet 4&amp;quot; ডিফল্টভাবে  লেখা আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:47&lt;br /&gt;
||এখন এই   নাম মুছে ফেলে শীট-এর নতুন নাম &amp;quot;Dump&amp;quot; লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:52&lt;br /&gt;
||&amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে ক্লিক করুন, দেখুন &amp;quot;Sheet 4&amp;quot; ট্যাবের নাম পরিবর্তিত হয়ে  &amp;quot;Dump&amp;quot; হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
এবার  শীট 5 এবং Dump মুছে ফেলা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:02&lt;br /&gt;
||এখানেই  LibreOffice Calc -এর এই কথ্য টিউটোরিয়াল-টি  সমাপ্ত হল |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:08&lt;br /&gt;
||এতে আমরা শিখেছি -&lt;br /&gt;
সারি এবং কলাম যুক্ত করা ও মুছে ফেলা |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:14&lt;br /&gt;
||শীট যুক্ত করা ও মুছে ফেলা |&lt;br /&gt;
শীট-এর নাম পরিবর্তন&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| Assignment বা অনুশীলনী&lt;br /&gt;
“Spreadsheet Practice.ods” ফাইলটি খুলুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
|| “Serial Number” শিরোনামের কলামটি নির্বাচন করে মুছে ফেলুন |&lt;br /&gt;
শীট -এর নাম পরিবর্তন করে   “Department Sheet” করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
||*এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:36&lt;br /&gt;
||*এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
*যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল&lt;br /&gt;
*কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে workshop   সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
||*যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   সার্টিফিকেট দেয় |&lt;br /&gt;
*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:59&lt;br /&gt;
||*স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ |&lt;br /&gt;
*এটি ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
||*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।&lt;br /&gt;
*spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:22&lt;br /&gt;
||*আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*এই   টিউটোরিয়াল-এ  অংশগ্রহন  করার  জন্য  ধন্যবাদ   ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-data/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-data/Bengali</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-data/Bengali"/>
				<updated>2012-11-29T09:35:03Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || VISUAL CUE || NARRATION  |- || 00:00 || LibreOffice Calc –এ ডেটা বা তথ্য নিয়ে কাজ করা সংক্রান্ত  …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| VISUAL CUE&lt;br /&gt;
|| NARRATION&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:00&lt;br /&gt;
|| LibreOffice Calc –এ ডেটা বা তথ্য নিয়ে কাজ করা সংক্রান্ত  এই টিউটোরিয়াল-এ আপনদের স্বাগত জানাচ্ছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| এই টিউটোরিয়াল-এ আমরা শিখব -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:09&lt;br /&gt;
||Fill টুল  এবং Selection লিস্ট-এর  ব্যবহার |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:13&lt;br /&gt;
||শিট-গুলির মধ্যে তথ্য  আদানপ্রদান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
||তথ্য  মুছে ফেলা, তথ্য  প্রতিস্থাপন, কোন  তথ্যের  আংশিক  পরিবর্তন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:23&lt;br /&gt;
|| এখানে আমরা  অপারেটিং সিস্টেম হিসেবে উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪   এবং LibreOffice সংকলন -এর সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:32&lt;br /&gt;
||স্প্রেডশীট-এ  তথ্য  যোগ করা   খুব কষ্টসাধ্য  হতে পারে, কিন্তু ক্যালক-এ  এটি  অনেক সহজে করার   বিভিন্ন উপায় আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:42&lt;br /&gt;
||একটি সহজ পদ্ধতি হল -   মাউস দিয়ে টেনে   এক সেলের  বিষয়বস্তু  অন্য সেলে  আনা |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
||তবে ক্যালক-এ  কোনো তথ্য খুব সহজে বারবার লেখার     জন্য আরো কিছু  টুল আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:57&lt;br /&gt;
||এই টুল-গুলি হল -  “Fill tool”, “Selection lists” |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:01&lt;br /&gt;
||এগুলি একটি ডকুমেন্টের একাধিক শীটে তথ্য লিখতে  কাজে লাগে   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:06&lt;br /&gt;
|| আমরা এগুলি এক এক করে শিখব |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
||“Personal-Finance-Tracker.ods” ফাইল-টি  খুলুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:14&lt;br /&gt;
|| Fill টুল একটি  শীট-এর  মধ্যে তথ্য  duplicate বা প্রতিলিপি করতে সাহায্য করে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
||এখন ধরুন, আমরা&amp;quot;  Personal-Finance-Tracker.ods&amp;quot; ফাইল-এর   &amp;quot;Cost&amp;quot;  কলামের তথ্য  পাশের সেল-গুলিতে লিখতে  চাই |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:30&lt;br /&gt;
||তাহলে প্রথমে যে সব তথ্য লিখতে  হবে, সেগুলি সব নির্বাচিত করার জন্য   যে সেল-এ ৬০০০ লেখা আছে, সেটিতে ক্লিক করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
||এখন মাউস এর বাম বাটন টিপে ধরে ,  যে সেল-এ ২০০০ আছে, সেই পর্যন্ত মাউস   টেনে আনুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
||যে সেলে তথ্য    কপি করা হবে, সেটিও নির্বাচিন করুন| |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:51&lt;br /&gt;
||এবার  মাউস-এর বাম  বাটন ছেড়ে দিন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
|| মেনু বারের “Edit”  বিকল্পে ক্লিক করুন | এবার “Fill”  বিকল্পে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:59&lt;br /&gt;
||pop up মেনু থেকে,   “Right” বিকল্পে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:03&lt;br /&gt;
|| দেখুন, “Cost” কলামের তথ্য  পার্শ্ববর্তী সেলগুলিতে  কপি হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:09&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
||Fill টুল-এর একটি আরো জটিল ব্যবহার হল, সীট-এ তথ্য হিসাবে কোনো series বা শ্রেণী লেখা |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
||সপ্তাহের দিন  এবং     বচ্ছরের মাসের সম্পূর্ণ এবং সংক্ষিপ্ত  রূপগুলি নিয়ে Calc -এ তালিকা  আছে  | |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
||আপনি এটি ব্যবহার করে নিজে তালিকা বা লিস্ট   বানাতে পারবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:34&lt;br /&gt;
||এখন এই শিট-এ একটি নতুন শিরোনাম  “Days”  যোগ করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:38&lt;br /&gt;
||এর নীচে, calc ব্যবহার       করে   সপ্তাহের সাতটি  দিন লেখা   হবে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| “Days” শিরোনামের নীচের সাতটি সেল নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:48&lt;br /&gt;
||এখন মেনু বারের  “Edit”  বিকল্পে ক্লিক করুন এবং “Fill”  বিকল্পে যান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:53&lt;br /&gt;
||মেনুর “Series” বিকল্পে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
|| একটি ডায়লগ বক্স দেখা যাচ্ছে যার  শিরোনাম হল &amp;quot;Fill Series&amp;quot; |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| “Series type” শিরোনামের নীচে  “AutoFill”  বিকল্পে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| “Start value”  ক্ষেত্রে, সপ্তাহের প্রথম দিন  অর্থাৎ “Sunday” লিখুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
||আগে থেকেই বৃদ্ধি হিসাবে &amp;quot;1&amp;quot; ধার্য করা আছে |&lt;br /&gt;
এবার “OK” বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:18&lt;br /&gt;
|| দেখুন, সেল-গুলিতে   দিনগুলি স্বয়ংক্রিয়ভাবে ভরে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
||আপনি  এই পদ্ধতিতে শুধুমাত্র  সপ্তাহের দিন, মাস বা বচ্ছর লিখতে পারবেন কারণ এগুলিই    Calc -এ আগে থেকে থাকে   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:32&lt;br /&gt;
|| ক্রমিক তথ্য স্বয়ংক্রিয়ভাবে ভরার আরেকটি উপায় হল -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
||সেল-এ “Sunday” লিখুন এবং এন্টার টিপুন | এরফলে কলামের পরবর্তী সেল-এ  কার্সর চলে যাবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
||যে সেলে “Sunday”  লেখা ছিল, সেখানে ফিরে যান | দেখুন, সেটির    নীচের ডানদিকের কোনে একটি ছোট কালো বাক্স আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:55&lt;br /&gt;
||মাউস দিয়ে ওই কালো বাক্সে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
||ওটিকে  নীচে টানুন যতক্ষণ না পর্যন্ত  display box-এ Saturday দেখতে পাচ্ছেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
||মাউস-এর বাটন ছেড়ে দিন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:06&lt;br /&gt;
||সেলগুলি     স্বয়ংক্রিয়ভাবে সপ্তাহের দিন দিয়ে ভরে  গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
||এই কৌশলটি ক্রমিক  তথ্যর জন্য কাজ করে |&lt;br /&gt;
আবার  পূর্বাবস্থায় ফিরে যাওয়া  যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:17&lt;br /&gt;
|| আপনি শুরুর সংখ্যা , শেষ সংখ্যা   এবং বৃদ্ধির  মান  নির্দিষ্ট   করে একটি fill series তৈরী করতে পারেন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
||এটি দেখানোর জন্য, “A1” থেকে  “ A7” পর্যন্ত ক্রমিক সংখা-গুলি মুছে দিন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| এই নম্বরগুলি মুছে দিয়ে, “A2” থেকে  “A7” পর্যন্ত  সেল-গুলি আবার নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
|| এখন মেনুবারের “Edit”  ক্লিক করুন | এবার “Fill” এবং  “Series” বিকল্পদুটিতে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| একটি     ডায়লগ বক্স দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
এখন “Series type”-এ “Linear”  বিকল্পটি   আগে থেকেই  নির্বাচন করা না থাকলে, সেটি নির্বাচন করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:57&lt;br /&gt;
|| “Start value” ক্ষেত্রে, প্রথম ক্রমিক সংখ্যা  অর্থাৎ , “1” লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
||  “End value” ক্ষেত্রে, শেষ সংখ্যাটি লিখুন -  অর্থাৎ “6” |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:08&lt;br /&gt;
||  “Increment” বা বৃদ্ধির   মান  “1” নির্দিষ্ট করুন | শেষে “OK” বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
||দেখুন, সেল-গুলি স্বয়ংক্রিয়ভাবে ক্রমিক সংখ্যা দ্বারা পূর্ণ হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| সবকটি ক্ষেত্রেই   fill টুল   সেলগুলির  মধ্যে   সাময়িক  যোগসূত্র   তৈরী   করে | সেলগুলি  ভর্তি  হয়ে  যাবার পর, সেগুলির মধ্যে আর কোনো যোগাযোগ থাকে না  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
|| কাজ দ্রুত  করার জন্য, fill টুল ছাড়াও “Selection lists” আছে, এটি শুধুমাত্র পাঠ্য লেখার ক্ষেত্রেই ব্যবহার্য   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:40&lt;br /&gt;
||আমরা পরবর্তী টিউটোরিয়াল-এ এইগুলির  সম্পর্কে  আলোচনা করবো  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:45&lt;br /&gt;
|| “Fill tools” এবং  “Selection lists” সম্পকে জানার পর, এবার শিট -গুলির মধ্যে বিষয়বস্তু   আদানপ্রদান   করা নিয়ে আলোচনা করা যাক |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:52&lt;br /&gt;
||Calc এ একই  তথ্য একাধিক শিট -এর একই  সেল-এ লেখা   যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
||অর্থাৎ, এর দ্বারা একই লিস্ট অনেক শিট- আলাদা করে  লেখার   থেকে একসাথেই   লেখা    যায় |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
||  “Personal-Finance-Tracker.ods”  ফাইলে, সম্পূর্ণ তথ্যই   “Sheet 1”-এ আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
||এখন আমরা চাই,  “Sheet 2” এমনকি  “Sheet 3”-তেও  “Sheet 1” তথ্যই দেখাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:21&lt;br /&gt;
|| তাই মেনু বারের “Edit” -এ    এবং তারপর &amp;quot;Sheet” বিকল্পে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| এবার  “Select” ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:30&lt;br /&gt;
|| এখন এই   ডায়লগ বক্স -এ , শিফট কী ব্যবহার করে &amp;quot;Sheet 1&amp;quot; , &amp;quot;Sheet 2&amp;quot; এবং &amp;quot;Sheet 3&amp;quot; বিকল্প-গুলি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
||এবার “OK” বাটন-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| এটি আমাদের “Sheet 1”-এ ফিরিয়ে আনে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:45&lt;br /&gt;
||এখন “Sheet 1” -এ কিছু তথ্য   লেখা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:49&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ, “F12” নামের সেলে, লেখা যাক “This will be displayed on multiple sheets” |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:57&lt;br /&gt;
||“Sheet 2” এবং  “Sheet 3” ট্যাব-দুটিতে  পরপর  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||দেখুন, প্রত্যেকটি    শিট  -এই    “F12” নামের    সেল-এ একই  তথ্য    আছে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:09&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
|| এরপর আমরা  সেলের তথ্য  মুছে ফেলা এবং  তথ্য   পরিবর্তন করার বিভিন্ন পদ্ধতি শিখব |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
||সেলের বিন্যাস পরিবর্তন না করে, শুধুমাত্র    তথ্য   মুছে ফেলতে, সেল-টি নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:25&lt;br /&gt;
||দেখুন, সেলের ডেটা &amp;quot;Input line&amp;quot; ক্ষেত্রে দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||এখন কীবোর্ডের  &amp;quot;Backspace&amp;quot; বাটন টিপুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
||দেখুন, লেখাটি মুছে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:39&lt;br /&gt;
|| কোনো  সেল-এর  তথ্য পাল্টাতে, সেই সেলটি   নির্বাচন করুন | পুরোনো তথ্যের উপর লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
||নতুন  তথ্য   আগের লেখার   বিন্যাসটি  বজায়   রাখবে   |&lt;br /&gt;
আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:52&lt;br /&gt;
|| একটি সেলের পুরো বিষয়বস্তু না মুছে, সেটির আংশিক পরিবর্তন করতে, সেই সেল-টিতে double ক্লিক করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
||এখন  প্রয়োজনমত   কার্সার   সরিয়ে আপনি সেল-এর তথ্যের  পরিবর্তন করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:07&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
||এখানেই  LibreOffice Calc -এর এই কথ্য টিউটোরিয়াল-টি  সমাপ্ত হল |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:15&lt;br /&gt;
||এতে আমরা শিখেছি -&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
||Fill tools এবং  Selection lists ব্যবহার  করে  কাজ দ্রুত  করা |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||শিট -গুলির  মধ্যে তথ্য আদানপ্রদান |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
||তথ্য মুছে ফেলা, তথ্য প্রতিস্থাপন, তথ্যের অংশিক পরিবর্তন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
||*এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
||*এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:35&lt;br /&gt;
||*যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:40&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||*কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে workshop   সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
||*যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   সার্টিফিকেট দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
||*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
||*স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:00&lt;br /&gt;
||*এটি ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
||*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:11&lt;br /&gt;
||*spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
||*আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:23&lt;br /&gt;
||*শুভবিদায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Basic-Data-Manipulation/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc/C2/Basic-Data-Manipulation/Bengali</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Basic-Data-Manipulation/Bengali"/>
				<updated>2012-11-29T09:34:25Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '     __TOC__ =Resources for recording= Basic Data Manipulation   {| border=1 || VISUAL CUE || NARRATION  |- || 00:00 || LibreOffice Calc -এ  …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;     __TOC__&lt;br /&gt;
=Resources for recording=&lt;br /&gt;
[[Media:Basicmanipulation.zip |Basic Data Manipulation]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
|| VISUAL CUE&lt;br /&gt;
|| NARRATION&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:00&lt;br /&gt;
|| LibreOffice Calc -এ  তথ্য  ব্যবহার করা সংক্রান্ত এই  টিউটোরিয়াল-এ  স্বাগত জানাচ্ছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| এতে আমরা শিখব -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:09&lt;br /&gt;
||সূত্র নিয়ে  প্রাথমিক ধারণা |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:12&lt;br /&gt;
||কলাম -এর ভিত্তিতে     সাজানো |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:15&lt;br /&gt;
||নির্দিষ্ট তথ্য    বেছে নেওয়া   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:17&lt;br /&gt;
|| এখানে আমরা  অপারেটিং সিস্টেম হিসেবে উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪   এবং LibreOffice সংকলন -এর সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:27&lt;br /&gt;
|| LibreOffice Calc-এ ব্যবহৃত কিছু সূত্র নিয়ে এই আলোচনা শুরু করা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:35&lt;br /&gt;
|| সূত্র হল সমীকরণ  যাত়ে  সংখ্যা এবং ভেরিয়েবল ব্যবহার করে ফলাফল  নির্ণয় করা হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:41&lt;br /&gt;
|| একটি স্প্রেডশীট-এ, ভেরিয়েবল হল সেই সেলগুলির  অবস্থান যেখানে   সমীকরণ সম্পূর্ণ  করার  জন্য প্রয়োজনীয়  তথ্য থাকে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||  সবচেয়ে মৌলিক পাটীগাণিতিক  প্রক্রিয়া গুলি হল - যোগ, বিয়োগ, গুণ ও ভাগ   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:56&lt;br /&gt;
|| প্রথমে  “Personal-Finance-Tracker.ods” ফাইলটি  খুলুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02&lt;br /&gt;
||আমাদের  “personal finance tracker.ods” ফাইল-এ, দেখা যাক কিভাবে   “Cost” শিরোনামের   নীচে  লেখা  সবকটি  খরচ্ গুলিকে  যোগ করা  যায়  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
||“Miscellaneous”  এর ঠিক নীচে আর-একটি শিরোনাম যোগ করুন -  “SUM TOTAL” |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
|| সেল  A8 -এ ক্লিক করুন এবং   ক্রমিক সংখ্যা   হিসাবে ৭ লিখুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| এবার সেল   “C8”  অর্থাৎ  যেখানে   আমরা মোট  খরচ  দেখাতে  চাই, সেখানে  ক্লিক  করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| সবকটি খরচ যোগ করতে  লিখুন  “is equal to SUM”  এবং বন্ধনীর মধ্যে যে কলাম থেকে যে কলাম পর্যন্ত আমরা  যোগ করতে চাই, অর্থাৎ  ”C3 colon C7”  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
||এখন কী-বোর্ড -এর   এন্টার  কী  টিপুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:47&lt;br /&gt;
||দেখুন,  “Cost” -এর নীচের  সবকটি সংখ্যা যোগ হয়ে গেছে | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:51&lt;br /&gt;
|| এখন Calc-এ   বিয়োগ করা   শেখা  যাক  | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:55&lt;br /&gt;
|| আপনি যদি  “House Rent” ও       “ Electricity Bill”-এর   খরচদুটি  বিয়োগ  করতে  চান এবং   A9 নামের সেলে   সেই বিয়োগফল দেখাতে   চান, তাহলে প্রথমে A9 সেলে  ক্লিক  করুন   | , &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
||   লিখুন    “is equal to”  এবং বন্ধনীর মধ্যে  সংশ্লিষ্ট  সেলদুটির   নাম  অর্থাৎ    “C3 minus C4”  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
||কী-বোর্ড-এর   এন্টার কী টিপুন   |  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:20&lt;br /&gt;
|| দেখুন, দুটি সেল রেফরেন্সের খরচদুটি বিয়োগ হয়ে গেছে এবং বিয়োগফল A9 সেল-এ দেখা যাচ্ছে  | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:29&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায়   ফিরে যাওয়া  যাক  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
|| একইভাবে, আপনি বিভিন্ন সেলের তথ্য গুন এবং ভাগ  করতে পারেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:37&lt;br /&gt;
||  স্প্রেডশীট আরেকটি সাধারণ  কাজ হল সংখ্যার গড়  নির্ণয় করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
||দেখা যাক  এটি কিভাবে  করা  যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| শেষ সারির Items কলামে  “Average”  likhun  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
||এখানে আমরা সম্পূর্ণ খরচের   গড়   দেখাতে  চাইছি   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
|| তাহলে  “C9” সেল-এ ক্লিক করুন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
||এখন লিখুন   “is equal to”   এবং     Average  এবং বন্ধনীর  মধ্যে   Cost | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| কী-বোর্ড-এর এন্টার   কী টিপুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
||দেখুন cost কলামের গড়   এই সেল-এ দেখা যাচ্ছে   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
||আবার   পূর্বাবস্থায়  ফিরে  আসা  যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
||  অনুরূপভাবে, আপনি একটি অনুভূমিক সারির উপাদানগুলির  গড় জানতে পারেন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
||  আমরা পরবর্তী  কোনো   টিউটোরিয়াল-এ  সূত্র এবং অপারেটর সম্পর্কে আরো বিস্তারিত আলোচনা করবো | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:25&lt;br /&gt;
|| এখন শেখা যাক, একটি ক্যালক স্প্রেডশীটে কিভাবে তথ্য  &amp;quot;Sort&amp;quot; বা  সাজানো যায় | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:30&lt;br /&gt;
|| Sorting শীট -এর  দৃশ্যমান  সেলগুলিকে   নির্দিষ্ট ক্রমানুসারে  সাজায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| ক্যালক -এ , আপনি তথ্য সাজানোর জন্য একের পর এক তিনটি  বৈশিষ্ট্য অবধি ব্যহহার করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:43&lt;br /&gt;
||যখন আপনি একটি নির্দিষ্ট বস্তু  খুঁজছেন, তখন এগুলি খুব  সুবিধাজনক  এবং তথ্য ফিল্টার বা বাছাই  করার  পর এগুলি  আরও শক্তিশালী হয়ে যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:51&lt;br /&gt;
|| ধরুন, আমরা “Costs” শিরোনামের তথ্যগুলি    ঊর্ধ্বক্রমে    সাজাতে  চাই   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
||তাহলে প্রথমে  , “Cost” সেল-এ ক্লিক করুন | যে   সেলগুলো   সাজাতে   হবে  , সেগুলি    উজ্জ্বল   করে   নিন   |   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:03&lt;br /&gt;
|| এখন, মাউস  -এর বাম    বাটন  ধরে ,  কলামের     নীচের  সেল অর্থাৎ যেখানে   “2000” লেখা আছে, সেই   পর্যন্ত   টেনে    আনুন      |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:12&lt;br /&gt;
|| এই   কলাম  -টি  নির্বাচিত   হয়ে  গেছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| এখন মেনুবারের   “Data”  বিকল্পে ক্লিক করুন | “Sort”-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:21&lt;br /&gt;
||এরপর   “Current Selection” নির্বাচন    করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| একটি ডায়লগ বক্স খুলে  গেছে  যাতে  “Sort criteria” এবং  “Options” ট্যাব  আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:31&lt;br /&gt;
||Sort criteria” ট্যাব -এর  ,  “Sort by” ক্ষেত্রে  “Cost” নির্বাচন  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
||“Cost” ঊর্ধক্রমে  সাজাতে , ওটির  ঠিক  পাশে  “Ascending” বিকল্পে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:44&lt;br /&gt;
|| এখন &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে    ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:47&lt;br /&gt;
|| দেখুন কলামটি    উর্ধক্রমে   সাজানো   হয়ে   গেছে   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:51&lt;br /&gt;
||একইভাবে, অধ: ক্রম-এ সাজাতে ,  &amp;quot;Descending&amp;quot; -এর উপর, এবং তারপর &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায়   ফিরে  যাওয়া  যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:02&lt;br /&gt;
||  একাধিক কলাম নির্দিষ্ট ক্রমানুসারে সাজাতে প্রথমে  সব কলাম নির্বাচন করে তারপর sort বিকল্পটি প্রয়োগ করতে হবে |  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:09&lt;br /&gt;
|| ধরুন, আমরা    serial numbers এবং  সেইসাথে   cost-কেও   সাজাতে  চাই |  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:14&lt;br /&gt;
||তাহলে আগের  মত কলাম-গুলি নির্বাচন করে নিন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:18&lt;br /&gt;
|| এখন মেনু বারের   Data” বিকল্পে ক্লিক করে  “Sort”  -এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:24&lt;br /&gt;
|| যে ডায়লগ বক্স দেখা যাচ্ছে, তাতে প্রথমে  Sort by”  ক্ষেত্রে  “Cost” নির্বাচন করুন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
||তারপর  “Then by” ক্ষেত্রে  “SN” নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:35&lt;br /&gt;
||দুটি বিকল্পের   কাছের  &amp;quot;Descending&amp;quot; বাটনে ক্লিক করুন এবং তারপর &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে  ক্লিক করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| দেখুন,   উভয় শিরোনামই  অধ: ক্রম অনুসারে সাজানো হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:49&lt;br /&gt;
|| এখন জানা যাক কিভাবে  LibreOffice Calc-এ   তথ্য  ফিল্টার  বা বাছা  যায়   | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:53&lt;br /&gt;
| ফিল্টার   হল  শর্তাবলীর   একটি তালিকা যেগুলির   প্রত্যেকটি  মিটলেই কোনো  তথ্যকে    দেখতে পারা  যায় | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
||  স্প্রেডশীট -একটি ফিল্টার প্রয়োগ করার জন্য,   &amp;quot;ITEM&amp;quot;  নামক  সেল-এ ক্লিক  করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
||এখন মেনু-বারের   “Data”  বিকল্পে ক্লিক করে তারপরে   “Filter” -এ ক্লিক  করুন | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:12&lt;br /&gt;
|| পপ আপ মেনু থেকে  &amp;quot;AutoFilter&amp;quot; বিকল্পের উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:16&lt;br /&gt;
|| দেখুন, শিরোনামের উপর  একটি তীর চিহ্ন এসেছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:20&lt;br /&gt;
||&amp;quot;ITEM&amp;quot; নামক  সেল-এর  নিম্নমুখী তীর-এর  উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:24&lt;br /&gt;
|| ধরুন, আপনি শুধু  “Electricity Bill” সংক্রান্ত তথ্য দেখতে চাইছেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:29&lt;br /&gt;
||তাহলে  “Electricity Bill” বিকল্পে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:34&lt;br /&gt;
|| দেখুন, এখন শীট-এ  শুধুমাত্র “Electricity Bill” সংক্রান্ত তথ্যই    দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:40&lt;br /&gt;
||বাকি বিকল্পগুলি ফিল্টার করে বাদ দেওয়া হয়েছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:43&lt;br /&gt;
|| সব তথ্য দেখতে, ”Item” নামের সেল-এর নিম্নমুখী তীর-এর উপর আবার ক্লিক করুন | এবার “All” ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:52&lt;br /&gt;
|| দেখুন, আমরা আগে যা তথ্য লিখেছিলাম, ত়া এখন দেখতে পাচ্ছি |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:59&lt;br /&gt;
|| “AutoFilter” ছাড়াও আরো দুইপ্রকার ফিল্টার আছে -  “Standard Filter” এবং  “Advanced Filter” | এগুলি নিয়ে আমরা পরবর্তী কোনো টিউটোরিয়াল-এ আলোচনা করবো |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:11&lt;br /&gt;
||এখানেই  LibreOffice Calc -এর এই কথ্য টিউটোরিয়াল-টি  সমাপ্ত হল |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:15&lt;br /&gt;
||এতে আমরা শিখেছি -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
||সূত্র সংক্রান্ত  প্রাথমিক ধারণা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
||  কলাম অনুসারে   সাজানো  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
||তথ্য  ফিল্টার  বা বেছে   নেওযা  সংক্রান্ত   প্রাথমিক   ধারণা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:26&lt;br /&gt;
||*এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:30&lt;br /&gt;
||*এটি Spoken Tutorial প্রকল্পটি সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:33&lt;br /&gt;
||*যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:37&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:40&lt;br /&gt;
||*কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে workshop   সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
||*যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   সার্টিফিকেট দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:47&lt;br /&gt;
||*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:53&lt;br /&gt;
||*স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
||*এটি ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
||*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:08&lt;br /&gt;
||*spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
||*আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:20&lt;br /&gt;
||*এই   টিউটোরিয়াল-এ  অংশগ্রহন  করার  জন্য  ধন্যবাদ   ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Formatting-Data_/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc/C2/Formatting-Data /Bengali</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Formatting-Data_/Bengali"/>
				<updated>2012-11-29T09:32:59Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with ''''Resources for recording''' Formatting Data  {|Border=1 ||Time ||NARRATION  |- ||00:00 ||LibreOffice Calc -এ   তথ্যের বিন্…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''Resources for recording'''&lt;br /&gt;
[[Media:Formatting Data.zip |Formatting Data]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|Border=1&lt;br /&gt;
||Time&lt;br /&gt;
||NARRATION&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||LibreOffice Calc -এ   তথ্যের বিন্যাস  সংক্রান্ত এই টিউটোরিয়াল -এ আপনাদের স্বাগত   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||এই টিউটোরিয়াল-এ  আমরা শিখব -  সীমানা, ব্যাকগ্রাউন্ড  বা  পটভূমির  রং  বিন্যাস |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||Automatic Wrapping ব্যবহার করে একাধিক লাইনের বিন্যাস |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:18&lt;br /&gt;
||সেলগুলির একত্রীকরণ  | লেখা সংকুচিত করে সেলের মধ্যে ধরানো |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:22&lt;br /&gt;
||এখানে আমরা  অপারেটিং সিস্টেম হিসেবে উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪   এবং LibreOffice সংকলন -এর সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:33&lt;br /&gt;
|| আসুন প্রথমে LibreOffice ক্যালক -এ  সীমানা বিন্যাস সম্পর্কে জানা যাক | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||“personal finance tracker.ods” ফাইলটি খুলুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:45&lt;br /&gt;
|| কোনো একটি নির্দিষ্ট  সেল বা কএকটি সেলের একসাথে   সীমানা বিন্যাস  করা যায় | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:50&lt;br /&gt;
|| উদাহরণস্বরূপ, “Serial Number”, “Item”, “Cost”, “Spent”, ”Received”, ”Date” এবং ”Account” শিরোনাম ধারণকারী সেলগুলি বিন্যস্ত করা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:01&lt;br /&gt;
||তাহলে, প্রথমে  Serial Number  অর্থাৎ  “SN”.  শিরোনামের সেলটিতে   ক্লিক করা যাক  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
||এখন মাউস- এর বাম বাটন টিপে ধরে শিরোনাম ধারণকারী সেলগুলি বরাবর টানুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:14&lt;br /&gt;
|| শিরোনাম ধারণকারী সম্পূর্ণ অনুভূমিক সারি নির্বাচন  করার    পর   ফরম্যাটিং টুলবারের &amp;quot;বর্ডারস&amp;quot; আইকনের উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
|| একটি ড্রপ ডাউন বক্স খুলে গেছে যাতে  সীমানার  বিভিন্ন স্টাইল বা শৈলী দেখা যাচ্ছে   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
|| আপনি  সীমানাত়ে যে স্টাইল প্রয়োগ করতে ইচ্ছুক সেটিতে  ক্লিক করুন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
||আমি শেষ বিকল্পে ক্লিক করছি  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||দেখুন, নির্বাচিত  শৈলী   অনুসারে  সীমানা  বিন্যস্ত  হয়ে গেছে  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:39&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে যাওয়া  যাক  | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:45&lt;br /&gt;
||নির্বাচিত সেল-গুলি এখনো উজ্জ্বল   রয়েছে  | সেলগুলির  উপর  রাইট ক্লিক  করুন এবং    “Format Cells”  বিকল্প নির্বাচন করুন   | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
||এখন  “Borders” ট্যাব-এ ক্লিক   করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
||আপনি কিছু বিকল্প দেখতে   পাচ্ছেন  -  “Line arrangement”, “Line”, “Spacing to contents” এবং  “Shadow style”.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||এই  বিন্যাসগুলি  Calc-এ সবসময় থাকে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||কিন্তু আপনি   এগুলির  প্রত্যেকটি-ই  আপনার প্রয়োজন অনুসারে  পরিবর্তন করতে পারেন   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:14&lt;br /&gt;
||“User-defined” এ, একটি ছোট প্রিভিউ উইন্ডো  আছে যা আপনার নির্বাচন-টি দেখায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:22&lt;br /&gt;
||আমি  “Default” এর তৃতীয় বিকল্পটি নির্বাচিত করলাম | আপনি প্রিভিউ এলাকায় পরিবর্তনটি দেখতে পাচ্ছেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:29&lt;br /&gt;
||এখন   “Style” বা শৈলী , “Width” বা প্রস্থ  এবং  “Color” বা রং -এর  পরিবর্তন করা যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:33&lt;br /&gt;
||পুনরায় প্রিভিউ এলাকায় পরিবর্তনটি লক্ষ্য করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:38&lt;br /&gt;
||Spacing to contents -এ “Synchronize”  বিকল্পটি নির্বাচিত থাকে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
||এর অর্থ  একই ফাঁক সব মার্জিনে প্রযুক্ত হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47&lt;br /&gt;
||আপনি এই টিক-চিন্হটি তুলে দিয়ে মার্জিনের মধ্যবর্তী দুরত্ব আপনার প্রয়োজনমত পরিবর্তন করতে পারেন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
||উপরের এবং নীচের মার্জিন  ১.৪pt করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:00&lt;br /&gt;
||বিভিন্ন Shadow styles  সম্পর্কে  আপনি নিজে অনুসন্ধান করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:04&lt;br /&gt;
||OK-ত়ে ক্লিক  করুন | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:06&lt;br /&gt;
||এটি আপনার বাছাই    করা শৈলী  নির্বাচিত  সেল-গুলিতে  প্রয়োগ  করেছে    |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:11&lt;br /&gt;
||সীমানা বিন্যাস   করা শেখার পর এখন শেখা যাক কিভাবে একটি সেল-এর  ব্যাকগ্রাউন্ড বা পটভূমিতে রং করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
||সেল -এর   পটভূমি    রঙিন করতে, Calc -এর  ফরম্যাটিং টুলবারে  &amp;quot;Background Color&amp;quot;   নামক  একটি বিকল্প   উপলব্ধ  আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:27&lt;br /&gt;
||এখন দেখা যাক, এটি কিভাবে কিভাবে কাজ করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ, শিরোনাম ধারণকারী সেলগুলির  পটভূমি   রঙিন  করা  যাক | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
||সুতরাং আসুন, প্রথমে  যে সেলে    Serial Number  বা  “SN”  লেখা রয়েছে, সেটির  উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:44&lt;br /&gt;
||এখন বাম মাউস বাটন টিপে রেখে   শিরোনামে ধারণকারী  সেল-গুলির উপর দিয়ে টানুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:50&lt;br /&gt;
||শিরোনাম ধারণকারী  সম্পূর্ণ অনুভূমিক সারি নির্বাচন করার পর   ফরম্যাটিং টুলবারের  &amp;quot;Background Color&amp;quot;  বিকল্পটি ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:00&lt;br /&gt;
||একটি পপ আপ মেনু  খুলে  গেছে  যেখান থেকে  আপনি যে রঙ পটভূমিতে প্রয়োগ  করতে চান, তা  নির্বাচন করতে পারেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||Grey&amp;quot; বা ধূসর রঙ-এর  উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:11&lt;br /&gt;
||দেখুন,    শিরোনামগুলির সেলের  পটভূমির রং ধূসর হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:17&lt;br /&gt;
||Calc -এ একাধিক লাইন বিন্যাসের জন্য বিভিন্ন  বিকল্প আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:22&lt;br /&gt;
||প্রথমটি হল  -  &amp;quot;Automatic Wrapping&amp;quot; ব্যবহার  করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:26&lt;br /&gt;
||Automatic Wrapping ব্যবহার করে  একটি সেলে   একাধিক লাইন লিখতে পারা যায় |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
||দেখা যাক এটি কিভাবে করা যায় | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||এখন “personal finance tracker.ods” শিট-এর একটি ফাঁকা সেল-এ ক্লিক করুন   | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:44&lt;br /&gt;
||উদাহরণস্বরূপ,  &amp;quot;B12 &amp;quot; নামক সেলে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:49&lt;br /&gt;
||এবার,   সেল-টির   উপর রাইট  ক্লিক করুন এবং তারপর  &amp;quot;Format Cells&amp;quot; বিকল্প উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:54&lt;br /&gt;
|| এখন  ডায়লগ  বক্সের &amp;quot;Alignment&amp;quot; ট্যাবে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
|| ডায়লগ বক্সের নীচে অবস্থিত  &amp;quot;Wrap test automatically&amp;quot; বিকল্পর  উপর   ক্লিক করুন  | তারপর  &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
||এবার লিখুন -“THIS IS A PERSONAL FINANCE TRACKER. IT IS VERY USEFUL”.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:11&lt;br /&gt;
||দেখুন, একাধিক বিবৃতি  একটি সেলে   ঢুকে গেছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায়  ফিরে যাওয়া   যাক  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:21&lt;br /&gt;
|| এখন আমরা শিখব Calc-এ কিভাবে একাধিক সেল merge বা  সম্পূর্ণভাবে যুক্ত করা যায় | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:29&lt;br /&gt;
||আমাদের “personal finance tracker.ods”  ফাইলে, যদি আপনি শিরোনাম “SN” এর অধীনে ক্রমিক সংখ্যা ধারণকারী সেলগুলি এবং তাদের সংশ্লিষ্ট আইটেম -এর সেলগুলিকে একত্র করতে চান, তাহলে প্রথমে  “SN” শিরোনামের নীচে ১-এ ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:46&lt;br /&gt;
||এখন কীবোর্ডের  &amp;quot;শিফট&amp;quot; কি টিপুন  এবং এর সংশ্লিষ্ট আইটেম অর্থাৎ &amp;quot;Salary&amp;quot; -এর  সেলটি ক্লিক করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:55&lt;br /&gt;
||যে দুটি সেল যুক্ত করা  হবে, সেইদুটি   উজ্জ্বল  হয়ে গেছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:59&lt;br /&gt;
|| এরপর মেনু বারের  &amp;quot;Format&amp;quot; বিকল্প উপর এবং তারপর &amp;quot;Merge Cells&amp;quot;  ক্লিক করুন| &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
||যে সাইড - বার খুলে  গেছে, তার   “Merge Cells”  বিকল্পে  ক্লিক  করুন   | &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:12&lt;br /&gt;
||যে  ডায়লগ বক্স  প্রদর্শিত হচ্ছে, তার    “Yes”   বিকল্পে ক্লিক করুন যাতে  এই দুটি সেলের বিষয়বস্তুই  একটি সেলে ঢুকে যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:21&lt;br /&gt;
||দেখুন নির্বাচিত সেলগুলি  মিলে একটি সেল হয়ে গেছে এবং বিষয়বস্তুও এই একই সেলে দেখা যাচ্ছে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
|| “CTRL এবং Z” একসাথে টিপে আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে যাওয়া যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:37&lt;br /&gt;
||এরপর আমরা শিখব কিভাবে একটি লেখা এমনভাবে  সঙ্কুচিত করা যায় যাতে সেটি একটি সেলে ধরে  যায়  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
||একটি সেল-এ  তথ্যের ফন্টের আকার  স্বয়ংক্রিয়ভাবে পরিবর্তন করা যায় যাতে লেখাটি  সেলে ধরে যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:49&lt;br /&gt;
||দেখা যাক এটি কিভাবে করা যায় |  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
||B14 নামক সেলটিতে &amp;quot;This is for the month of January”  লিখুন | &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||দেখুন, লেখাটি  সেলে   ধরছে না |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:03&lt;br /&gt;
||লেখাটিকে ধরানোর জন্য সঙ্কুচিত করতে, প্রথমে     B১৪  নামক   সেলটিতে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:11&lt;br /&gt;
||এবার     মেনু বারের  &amp;quot;Format&amp;quot; বিকল্পত়ে  ক্লিক করুন  | তারপর  &amp;quot;Cells&amp;quot; ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:18&lt;br /&gt;
||অথবা, সেল-এর  উপর রাইট ক্লিক করুন  এবং  &amp;quot;Format Cells&amp;quot; ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:24&lt;br /&gt;
||দেখুন,    &amp;quot;Format Cells&amp;quot; ডায়লগ বক্স খুলে গেছে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:28&lt;br /&gt;
||ডায়লগ বক্সের  &amp;quot;Alignment&amp;quot; ট্যাবে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:31&lt;br /&gt;
||ডায়লগ বক্সের  নীচে  &amp;quot;Shrink to fit cell size” চেক বক্স-র ক্লিক করুন  এবং তারপর  &amp;quot;OK&amp;quot; বাটনে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:41&lt;br /&gt;
||দেখুন, সম্পূর্ণ লেখাটি সংকুচিত হয়ে গেছে  এবং এর ফন্ট সাইজ কমে গেছে যাতে লেখাটি  সেল  B১৪  -ত়ে ধরে যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:54&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
||এখানেই  LibreOffice Calc -এর এই কথ্য টিউটোরিয়াল-টি  সমাপ্ত হল |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:02&lt;br /&gt;
||এতে আমরা শিখেছি : সীমানা, পটভূমির রং বিন্যাস |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:09&lt;br /&gt;
||Automatic Wrapping ব্যবহার করে একাধিক লাইন বিন্যস্ত করা |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:14&lt;br /&gt;
||সেলগুলির একত্রীকরণ | লেখাকে সেল-এ ধরাতে সেটিকে  সংকুচিত  করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:19&lt;br /&gt;
||Assignment বা অনুশীলনী&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:21&lt;br /&gt;
||“spreadsheet practice.ods”   খুলুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:25&lt;br /&gt;
||সব শিরোনাম-গুলি নির্বাচিত করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:27&lt;br /&gt;
||শিরনামগুলির পটভূমির রং নীল দিন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:31&lt;br /&gt;
||“Automatic Wrapping” ব্যবহার করে লিখুন -  “This is a Department Spreadsheet”.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||এই লেখাটিতে সংকুচিত করুন যাতে সেটি সেল-এ ধরে যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:40&lt;br /&gt;
||এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||এটি Spoken Tutorial প্রকল্পকে  সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:46&lt;br /&gt;
||যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করে দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:51&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল  কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে workshop   সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:56&lt;br /&gt;
||যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   সার্টিফিকেট দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:00&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:06&lt;br /&gt;
||স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:11&lt;br /&gt;
||এটি ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:18&lt;br /&gt;
||এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য - spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
||আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:35&lt;br /&gt;
||শুভবিদায়  ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-Cells/Bengali</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-Cells/Bengali</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Calc/C2/Working-with-Cells/Bengali"/>
				<updated>2012-11-29T09:32:09Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || VISUAL CUE || NARRATION  |- || 00:00 || LibreOffice Calc -এ  সেল নিয়ে  কাজ সংক্রান্ত এই কথ্য টিউটো…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| VISUAL CUE&lt;br /&gt;
|| NARRATION&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:00&lt;br /&gt;
|| LibreOffice Calc -এ  সেল নিয়ে  কাজ সংক্রান্ত এই কথ্য টিউটোরিয়াল-এ আপনাকে স্বাগত জানাচ্ছি  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:06&lt;br /&gt;
|| এই টিউটোরিয়াল-এ আমরা শিখব -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:08&lt;br /&gt;
||একটি spreadsheet -এ কিভাবে সংখ্যা, টেক্সট, তারিখ ও সময় লেখা  যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
||কিভাবে Format Cells   ডায়লগ বক্স ব্যবহার করা যায় |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:19&lt;br /&gt;
||কিভাবে সেলগুলির মধ্যে  এবং শীটগুলির   মধ্যে যাতায়াত করা যায় |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:23&lt;br /&gt;
|| সারি, কলাম এবং শীটে কিভাবে কিছু  নির্বাচন করা যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:29&lt;br /&gt;
|| এখানে আমরা  অপারেটিং সিস্টেম হিসেবে উবুন্টু লিনাক্স ১০.০৪   এবং LibreOffice সংকলন -এর সংস্করণ ৩.৩.৪ ব্যবহার করছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:39&lt;br /&gt;
|| তাহলে প্রথমে cell-এ তথ্য লেখার পদ্ধতি শেখা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:43&lt;br /&gt;
|| “personal finance tracker.ods” ফাইল-টি খুলুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| cell -এ কোনো কিছু লেখার জন্য ওই cell -এ ক্লিক করুন এবং কীবোর্ড-এর মাধ্যমে লেখাটি লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:59&lt;br /&gt;
||লেখাটি  স্বাভাবিকভাবে  বামদিকে  সরে থাকে  | ফরম্যাটিং বারের কোনো একটি alignment ট্যাব-এ ক্লিক করে এই বিন্যাস পরিবর্তন করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
||আবার পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:11&lt;br /&gt;
|| এখন স্প্রেডশীটের  &amp;quot;A1&amp;quot; নামের সেলে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:15&lt;br /&gt;
||দেখুন,  নির্বাচিত সেল-টি উজ্জ্বল হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:20&lt;br /&gt;
|| আমরা ইতিমধ্যেই  কলামের শিরোনাম লিখে রেখেছি |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:24&lt;br /&gt;
|| “Items” শিরোনাম-এর নীচে,   কিছু আইটেম-এর নাম লিখুন যেমন   “Salary”, “House rent”, “Electricity bill”, “Phone bill”, “Laundry” iscellaneous” |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:38&lt;br /&gt;
|| সেল-এ সংখ্যা লিখতে, সেল-এ  ক্লিক করুন এবং সংখ্যাগুলি লিখুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:43&lt;br /&gt;
||ঋণাত্মক সংখ্যা লেখার জন্য, হয় সংখ্যার  আগে একটি বিয়োগ চিন্হ লিখুন বা সেটিকে বন্ধনীর মধ্যে লিখুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
||স্বাভাবিকভাবে, সংখ্যাগুলি ডানদিকে সরে থাকে   এবং ঋণাত্মক সংখ্যার আগে একটি বিয়োগ-চিহ্ন থাকে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
||পূর্বাবস্থায় ফিরে আসা যাক |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| এখন আমরা চাই,  আমাদের &amp;quot;personal finance tracker.ods&amp;quot; স্প্রেডশীট-এর   সিরিয়াল নম্বর শিরোনাম অর্থাৎ &amp;quot;SN&amp;quot;-এর নীচে,  প্রতিটি আইটেমের ক্রমিক সংখ্যা নীচে নীচে থাকুক |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
||&amp;quot;A2&amp;quot; নামের সেল-এ ক্লিক করুন এবং  ১,২,৩  সংখ্যাগুলি নীচে নীচে লিখুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
|| ক্রমিক সংখ্যাগুলি  স্বয়ংক্রিয়ভাবে  ভরাট করার জন্য সেল  &amp;quot;A4&amp;quot; এ ক্লিক করুন | সেলের  নীচে ডানদিকের কোনে একটা কালো বাক্স দেখা যাচ্ছে  | সেটিকে সেল &amp;quot;A7&amp;quot;  পর্যন্ত টানুন এবং মাউস বাটনটি  ছেড়ে  দিন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:42&lt;br /&gt;
||দেখুন, “A5” থেকে  “A7” পর্যন্ত সেলগুলিতে পরবর্তী ক্রমিক সংখ্যাগুলি দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:51&lt;br /&gt;
|| আইটেম-গুলির   ক্রমিক সংখ্যা লেখার পর, আমরা এখন  &amp;quot;কস্ট&amp;quot; শিরোনাম-এর নীচে  প্রতিটি আইটেমের জন্য  খরচ  লিখতে চাই |&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:59&lt;br /&gt;
||এটি করতে   &amp;quot;C3&amp;quot; নামের সেল-এর উপর  ক্লিক করুন এবং  &amp;quot;House Rent&amp;quot; -এর জন্য ব্যয় হিসাবে  &amp;quot;Rupees 6000&amp;quot;  লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| এখন, যদি আমরা  সংখ্যার পূর্বে টাকার  চিন্হ চাই, তাহলে কী করবো ?  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:11&lt;br /&gt;
||ধরুন,   আপনি &amp;quot;ইলেকট্রিসিটি বিল&amp;quot; হিসাবে  &amp;quot;Rupees 800&amp;quot; লিখতে  চান | তাহলে , সেল C4 এর উপর রাইট  ক্লিক করে &amp;quot;Format Cells&amp;quot; বিকল্পটির উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:23&lt;br /&gt;
||  &amp;quot;Format Cells&amp;quot; ডায়ালগ বক্স খুলে গেছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
||প্রথম ট্যাবটি হল  &amp;quot;Numbers&amp;quot; | যদি এটি  ইতিমধ্যে নির্বাচিত না থাকে, তাহলে সেটির উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:32&lt;br /&gt;
||“Category” এর মধ্যে বিভিন্ন বিভাগ যেমন সংখ্যা, শতাংশ, কারেন্সি, তারিখ, সময় এবং আরো অনেক কিছু আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:41&lt;br /&gt;
|| কারেন্সি বা মুদ্রা   নির্বাচন  করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
||এখন ফরম্যাট বিকল্পটির নীচে নিম্নমুখী তীর-এ  ক্লিক করুন | সমগ্র বিশ্বের বিভিন্ন মুদ্রা চিহ্ন এখানে  দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:53&lt;br /&gt;
||INR Rupees English India নির্বাচন করুন  | স্বাভাবিকভাবে, ড্রপ ডাউন-এ রুপী 1234   নির্বাচিত থাকে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
||ডানদিকের ছোট প্রিভিউ  এলাকায় আপনি এটির প্রিভিউ দেখতে পারবেন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
|| Options-এর মধ্যে, ইছামত দশমিক স্থান সংখ্যা এবং সংখ্যার আগের শূন্য-সংখ্যা  যোগ করার বিকল্প আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
||লক্ষ্য করুন,  আমরা শূন্যর সংখ্যা বাড়াতে ফরম্যাট এর ক্ষেত্র-টি  Rupees ১,234   দশমিক শূন্য শূন্য ত়ে পরিবর্তিত হয়ে গেছে যা  ২  দশমিক স্থান ইঙ্গিত করছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
||লক্ষ্য করুন, প্রিভিউ এলাকায়  পরিবর্তনটি দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:40&lt;br /&gt;
||  প্রতি হাজার-এর  জন্য &amp;quot;কমা&amp;quot;  বিভাজক যোগ করতে ,  Thousands separator -এর উপর করুন ক্লিক করুন | আগের মতই, প্রিভিউ এলাকায় পরিবর্তনটি লক্ষ্য করুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:50&lt;br /&gt;
||এছাড়াও আপনি ফন্ট ট্যাব-এ  ক্লিক করে ফন্টের স্টাইল বা শৈলী পরিবর্তন করতে পারেন | এখানে   ফন্ট, Typeface এবং সাইজ-এর  বিভিন্ন বিকল্প আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:00&lt;br /&gt;
||  ফন্ট এফেক্টস্ এবং অন্যান্য ট্যাবগুলি ব্যবহার করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
||আমরা  পরে  অন্য  টিউটোরিয়াল-এ Alignment ট্যাবের   বিকল্পগুলি নিয়ে আলোচনা করবো |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
||এখন, OK -ত়ে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:15&lt;br /&gt;
|| ৮০০  লিখুন এবং Enter টিপুন | দেখুন, ৮০০  সংখ্যাটি,  ২  দশমিক স্থান সমেত  ৮০০  টাকা হিসাবে দেখা যাচ্ছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| এখন , C5 থেকে C7 পর্যন্ত  সেলগুলিকে নির্বাচন  করুন   | CTRL কী চেপে ধরুন এবং সেল G2 ও নির্বাচন করুন লক্ষ্য করুন, সব  নির্বাচিত সেলগুলি  উজ্জ্বল আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:39&lt;br /&gt;
||যেকোনো একটি  উজ্জ্বল সেল-এ রাইট ক্লিক করুন এবং Format Cells নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:46&lt;br /&gt;
||আগের মতই একই বিকল্প নির্বাচন করুন   | OK-ত়ে ক্লিক করন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| এখন,   অন্যান্য  সব  খরচ  হিসাবে নীচে নীচে লিখুন   &amp;quot;Phone bill&amp;quot;-এর  জন্য ৬০০ টাকা,   &amp;quot;Laundry&amp;quot;  খরচ  হিসাবে   ৩০০ টাকা ,  “Miscellaneous”   খরচ হিসাবে    ২০০০ টাকা&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:06&lt;br /&gt;
|| &amp;quot;Accounts&amp;quot;  শিরোনাম -এর নীচে,  মাসিক    বেতন   হিসাবে ৩০০০০   টাকা লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:13&lt;br /&gt;
|| ক্যালক -এ  তারিখ লিখতে,  সেলটি  নির্বাচন করুন এবং তারিখ লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
|| আপনি  তারিখ-এর  উপাদানগুলি   ফরওয়ার্ড  স্ল্যাশ বা একটি হাইফেন ব্যবহার করে আলাদা করতে পারেন অথবা  নির্দিষ্টভাবে লিখতে পারেন যেমন  ১০  অক্টোবর ২০১১ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
||ক্যালক-এ  তারিখ-এর   বিভিন্ন ধরনের বিন্যাস  ব্যবহার করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:32&lt;br /&gt;
|| অথবা, আপনি সেল-এ রাইট  ক্লিক করে তারপর &amp;quot;Format Cells&amp;quot; বিকল্প নির্বাচন  করতে পারেন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
||category -ত়ে &amp;quot;Date&amp;quot; এবং  &amp;quot;Format&amp;quot; -এ পছন্দসই বিন্যাস নির্বাচন  করুন | আমি ১২, ৩১, ১৯৯৯  নির্বাচন করলাম  | প্রিভিউ এলাকায়  পরিবর্তনটি  লক্ষ্য করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
||নীচে  বিন্যাস সংকেত হিসাবে    MM, DD এবং YYYY  দেখা যাচ্ছে  | আপনি প্রয়োজন অনুযাই এই বিন্যাস সংকেত পরিবর্তন করতে  পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:02&lt;br /&gt;
||আমি DD, MM এবং YYYY লিখলাম | প্রিভিউ এলাকায় পরিবর্তনটি  লক্ষ্য করুন |&lt;br /&gt;
OK ত়ে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:12&lt;br /&gt;
|| ক্যালক-এ  লেখার জন্য, সেলটি  নির্বাচন করুন এবং সময় লিখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:18&lt;br /&gt;
||আপনি সময়-এর  উপাদানগুলি কোলন দ্বারা  আলাদা করতে পারেন যেমন ১০  কোলন ৪৩  কোলন ২০  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
||অথবা, আপনি  সেল-এ রাইট  ক্লিক  এবং তারপর &amp;quot;Format Cells&amp;quot; বিকল্প নির্বাচন করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:31&lt;br /&gt;
||ক্যাটাগরি -ত়ে &amp;quot;Time&amp;quot; এবং &amp;quot;Format&amp;quot; -এ  পছন্দসই বিন্যাস নির্বাচন  করুন | আমি ১৩ কোলন ৩৭ কোলন  ৪৬  নির্বাচন করলাম  | প্রিভিউ এলাকায় পরিবর্তনটি   লক্ষ্য করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
||নীচে বিন্যাস সংকেত  হিসাবে HH:MM:SS   প্রদর্শিত হচ্ছে  | আপনি প্রয়োজন অনুসারে বিন্যাস সংকেত পরিবর্তনও করতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:57&lt;br /&gt;
||প্রিভিউ এলাকায় পরিবর্তনটি  লক্ষ্য করুন |&lt;br /&gt;
OK -ত়ে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
||আসুন আবার  পূর্বাবস্থায় ফিরে যাওয়া যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
|| এখন আমরা শিখব কিভাবে স্প্রেডশীট-এর একটি  সেল থেকে অপর সেল-এ এবং একটি শীট থেকে  অন্য শীট -এ যাতায়াত করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
||তাহলে প্রথমে দেখা যাক কিভাবে একটি স্প্রেডশীট-এর এক সেল থেকে অন্য সেলে যাতায়াত করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| আপনি একটি সেল-এ কার্সার দিয়ে শুধুমাত্র  ক্লিক করেই সেই  নির্দিষ্ট সেলটি  ব্যবহার করতে পারবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
||দেখুন,  শুধুমাত্র  একটি     বিশেষ সেল  উজ্জ্বল হয়ে গেছে |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
|| একটি বিশেষ সেল ব্যবহার করার আরেকটি পদ্ধতি হল  সেল রেফারেন্স ব্যবহার করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:38&lt;br /&gt;
|| &amp;quot;Name Box&amp;quot;  -এর ঠিক   ডানদিকের  ছোট  কালো   নিম্নমুখী তীর -এ ক্লিক     করুন    |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:43&lt;br /&gt;
||এখন আপনি যে সেল-এ যেতে চাইছেন সেটির সেল রেফারেন্স লিখুন   এবং এন্টার টিপুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:49&lt;br /&gt;
||এমনকি আপনি &amp;quot;Name box&amp;quot; -এ  ক্লিক করে উপস্থিত  সেল রেফারেন্স মুছে দিতে পারেন এবং তারপর  আপনার প্রয়োজনীয় সেল   রেফারেন্স  লিখতে পারেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
|| এরপর  আমরা শিখব  কিভাবে একটি স্প্রেডশীট-এর বিভিন্ন সেলের  মধ্যে যাতায়াত  করা  যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:03&lt;br /&gt;
||সেলগুলির মধ্যে যাতায়াত করার প্রথম পদ্ধতি হল   কার্সার  ব্যবহার করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:09&lt;br /&gt;
|| ফোকাস বা     ক্রিয়া - কেন্দ্র  সরাতে,  যে সেলটিকে  আপনি   ক্রিয়া - কেন্দ্র  করতে চান সেখানে কার্সর নিয়ে যান এবং সেখানে  মাউস -এর বাম বাটন টিপুন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
||এখন একটি    নতুন সেল  ক্রিয়া - কেন্দ্র  হয়ে গেছে  |&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
||সেল-গুলির   মধ্যে   যাতায়াত করার     আরেকটি   পদ্ধতি হল - একটি সারির  পরবর্তী সেলে  যেতে  ট্যাব ব্যবহার  করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:35&lt;br /&gt;
||একটি সারির  আগের সেল যেতে, ”Shift ও   Tab”  ব্যবহার  করা   |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
||একটি কলামের  পরের সেল-এ যেতে  &amp;quot;Enter&amp;quot; ব্যবহার  করা  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:42&lt;br /&gt;
||একটি কলামের পূর্ববর্তী সেল -এ যেতে   &amp;quot;Shift ও  Enter&amp;quot; ব্যবহার  করা   |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:46&lt;br /&gt;
|| এরপর  আমরা শিখব কিভাবে কিবোর্ড ব্যবহার করে ক্যালক-এর   বিভিন্ন  স্প্রেডশিট-এর  মধ্যে যাতায়াত করা যায় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:53&lt;br /&gt;
|| সক্রিয় শীট-এর ডানদিকের শীটটি ব্যবহার করার জন্য,&amp;quot;Control&amp;quot;  এবং  &amp;quot;Page Down &amp;quot; কী-দুটি  একসাথে টিপুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
||সক্রিয় শীট-এর বাম-দিকের শীটটি ব্যবহার করতে,&amp;quot;Control&amp;quot;  এবং  &amp;quot;Page Up&amp;quot; কী-দুটি  একসাথে টিপুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:08&lt;br /&gt;
|| আপনি কার্সার ব্যবহার করেও শীট-গুলির মধ্যে যাতায়াত করতে পারেন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:13&lt;br /&gt;
||“Working with Sheets” নামক টিউটোরিয়াল-এ  এই বিষয়   বিশদ বিবরণ আছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| যদি আপনার অনেকগুলি  শীট  থাকে, তাহলে কিছু  শীটের ট্যাব স্ক্রিন-এর অনুভূমিক স্ক্রল বার-এর আড়ালে  লুকিয়ে থাকতে পারে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:28&lt;br /&gt;
||যদি তাই হয়, তাহলে শীট ট্যাবগুলির  নীচের বাঁদিকে উপস্থিত চারটি বাটন ব্যবহার করে  আপনি ট্যাবগুলি  দেখতে পারবেন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
||আসুন  পূর্বাবস্থায়  ফিরে যাওয়া যাক |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:39&lt;br /&gt;
|| কার্সর দ্বারা অনেকগুলি সেল নির্বাচন করার  জন্য, প্রথমে একটি সেলে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:45&lt;br /&gt;
||এখন মাউস-এর বাম বাটন টিপে রাখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
||স্ক্রিন-এ কার্সর-টি ঘরান  এবং যখন প্রয়োজনীয় সেলগুলি উজ্জ্বল হয়ে যাবে, মাউস-এর বাম  বাটন ছেড়ে দিন  |&lt;br /&gt;
দেখুন,  নির্বাচিত সেলগুলি  উজ্জ্বল রয়েছে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:00&lt;br /&gt;
|| একাধিক পরস্পর সংলগ্ন কলাম বা সারি নির্বাচন করতে, সেগুলির  প্রথম  কলাম বা প্রথম সারির  উপর  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
||এখন &amp;quot;শিফট&amp;quot; কি নীচে চেপে ধরুন  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||এই দলের শেষ  কলাম বা সারিত়ে  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:15&lt;br /&gt;
||একাধিক কলাম বা সারি যারা পরস্পর সংলগ্ন নয়, তাদের নির্বাচিত করতে,  সেগুলির  প্রথম কলাম বা সারির  উপর  ক্লিক  করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:23&lt;br /&gt;
||&amp;quot;Control&amp;quot; কী টিপে ধরুন এবং &amp;quot;Control&amp;quot; কীটি টিপে  রেখেই  বাকি সব  কলাম বা সারির উপর ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| একাধিক সংলগ্ন   শীট নির্বাচন করতে,  প্রথম প্রয়োজনীয়  শীট-এর   ট্যাব -এ  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
||এখন শেষ প্রয়োজনীয়  শীট-এর  ট্যাব-এ কার্সর  বসান  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:43&lt;br /&gt;
||&amp;quot;Shift&amp;quot; কীটি ধরে শীট ট্যাবে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:48&lt;br /&gt;
||এই দুই শীটের মধ্যে সব ট্যাব সাদা হয়ে গেছে যা নির্দেশ করে যে  তারা সব  নির্বাচিত হয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:56&lt;br /&gt;
||এখন আপনি যা করবেন  , সেটাই সব     উজ্জ্বল শীট-গুলিকে  প্রভাবিত  করবে  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:01&lt;br /&gt;
|| একাধিক শীট যারা পরস্পর সংলগ্ন নয়, তাদের    নির্বাচন করতে, প্রথম  শীট-er  ট্যাব-এ  ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
||এখন তৃতীয়  শীট  ট্যাবের উপর কার্সারটি সরান |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
||&amp;quot;Control&amp;quot; কীটি টিপে ধরুন  এবং শীট ট্যাবে ক্লিক করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:16&lt;br /&gt;
||নির্বাচিত ট্যাবগুলি  সাদা হয়ে গেছে এবং এখন আপনি যাই  করবেন সেটি  সব  উজ্জ্বল শীটগুলির উপর প্রযক্ত হবে |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| LibreOffice Calc -এর উপর এই  কথ্য টিউটোরিয়াল-টির এখানেই সমাপ্তি হল  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:30&lt;br /&gt;
||এতে আমরা শিখেছি -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
|| ক্যালক-এ কিভাবে সংখ্যা, টেক্সট,  টেক্সট রূপে  সংখ্যা,  তারিখ এবং  সময় লিখবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:40&lt;br /&gt;
||কিভাবে Format Cells ডায়ালগ বক্স ব্যবহার করবেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:43&lt;br /&gt;
||কিভাবে বিভিন্ন সেল এবং  বিভিন্ন  শীট-এর মধ্যে  যাতায়াত  করা যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:47&lt;br /&gt;
||সারি, কলাম এবং  শীটে  কিভাবে কিছু  নির্বাচন করা যায়  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:52&lt;br /&gt;
|| Assignment বা অনুশীলনী&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:55&lt;br /&gt;
||“Spreadsheet Practice.ods” খুলুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:58&lt;br /&gt;
|| “Serial Numbers” -এ  ১    থেকে  ৫  পর্যন্ত ক্রমিক সংখ্যাগুলি নীচে নীচে লিখুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:04&lt;br /&gt;
||ট্যাব কী ব্যবহার করে সেলগুলির মধ্যে যাতায়াত  করুন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:09&lt;br /&gt;
|| সিরিয়াল নম্বর-এর  নীচের   সব  লেখাগুলি  নির্বাচন করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:13&lt;br /&gt;
||তারিখ  এবং সময়-এর  জন্য একটি করে কলাম যোগ করুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:16&lt;br /&gt;
||Format Cells ডায়লগ বক্স-এ  প্রদর্শিত বিকল্পগুলি ব্যবহার করে সেগুলির  মধ্যে কিছু  মান লিখুন |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:21&lt;br /&gt;
||*এই  লিঙ্ক-এ  উপলব্ধ  ভিডিও-টি  দেখুন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:24&lt;br /&gt;
||*এটি Spoken Tutorial প্রকল্পকে  সারসংক্ষেপে বোঝায়  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:27&lt;br /&gt;
||*যদি  ভাল ব্যান্ডউইডথ না থাকে, তাহলে আপনি ভিডিও-টি ডাউনলোড করেও  দেখতে পারেন |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:32&lt;br /&gt;
||স্পোকেন  টিউটোরিয়াল প্রকল্পর দল&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:35&lt;br /&gt;
||*কথ্য টিউটোরিয়াল-গুলি  ব্যবহার করে workshop   সঞ্চালন করে  |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:38&lt;br /&gt;
||*যারা অনলাইন পরীক্ষা পাস করে তাদের   সার্টিফিকেট দেয় |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:41&lt;br /&gt;
||*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্যের জন্য contact@spoken-tutorial.org তে ইমেল করুন  |&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:48&lt;br /&gt;
||*স্পোকেন্ টিউটোরিয়াল্ Talk to a Teacher প্রকল্পের অংশবিশেষ |&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:52&lt;br /&gt;
||*এটি ভারত সরকারের ICT, MHRD এর National Mission on Education দ্বারা সমর্থিত ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:00&lt;br /&gt;
||*এই বিষয় বিস্তারিত তথ্য এই  লিঙ্ক-এ প্রাপ্তিসাধ্য ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:03&lt;br /&gt;
||*spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:11&lt;br /&gt;
||*আমি  অন্তরা এই টিউটোরিয়াল-টি অনুবাদ এবং রেকর্ড করেছি   ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 14:16&lt;br /&gt;
||*শুভবিদায়    ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Add-List-Box-form-control-to-a-form/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C2/Add-List-Box-form-control-to-a-form/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-29T05:10:12Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Visual Cues !Narration |- ||00:03 ||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cues&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:03&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि कैसे एक फॉर्म में List Box form control जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:14&lt;br /&gt;
||पिछले ट्यूटोरियल में, हमने सीखा था कि कैसे लिबरऑफिस बेस का इस्तेमाल करते हुए फॉर्म को बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
||हमने पिछले ट्यूटोरियल में फॉर्म के इस चित्र को भी देखा था जिसे हमने बनाना और उसमें बदलाव करना शुरू किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:34&lt;br /&gt;
||और जब हमारी डिजाइन पूरी हो जाती है , हमारा फॉर्म इस प्रकार से दिखेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:45&lt;br /&gt;
||यहाँ ध्यान दें, हम Books Issued टेबल  में पहला रिकॉर्ड देख रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:52&lt;br /&gt;
||और, हम लिस्ट बॉक्सेस में  book Ids और member Ids के बजाय  असली book titles और member names  देख रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:01&lt;br /&gt;
||यहाँ रिकॉर्ड को सेव करना, बदलावों को अन्डू करना इत्यादि जैसे कार्यों को करने के लिए नीचे कुछ  push बटन्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:11&lt;br /&gt;
||अतः इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि कैसे अपने फॉर्म में List box form control जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:20&lt;br /&gt;
||चलिए सबसे पहले लिबरऑफिस बेस प्रोग्राम खोलते हैं, यदि वह पहले से नहीं खुला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:32&lt;br /&gt;
||और अपना Library डेटाबेस खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:35&lt;br /&gt;
||यदि बेस पहले से ही खुला है, तो हम Library डेटाबेस यहाँ File मेन्यु के अंदर Open पर क्लिक करके खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:45&lt;br /&gt;
||या File मेन्यु के अंदर Recent Documents पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||अब हम Library डेटाबेस में है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
||चलिए 'Books Issued to Members' फॉर्म को खोलते हैं जिसे हमने पिछले ट्यूटोरियल में बनाया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:01&lt;br /&gt;
||यह करने के लिए, चलिए बाएँ पैनेल पर Forms आइकन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:07&lt;br /&gt;
||और दायें पैनेल पर 'Books Issued to Members' फॉर्म पर दायाँ क्लिक, और फिर edit पर क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
||हम अब फॉर्म Design विंडो में हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
||चलिए सबसे पहले 'Book Title' लेबल को देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये टेक्स्ट बॉक्सेस यहाँ केवल BookId संख्याएँ दर्शाएगा जोकि हमारी आँखों के लिए अनुकूल नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:33&lt;br /&gt;
||हमारे लिए, books titles अनुकूल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
||और इसलिए, इन titles को दर्शाने के लिए, बेस कुछ तरीके प्रदान करता है, और उनमे से एक तरीका है List box form control का इस्तेमाल करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:48&lt;br /&gt;
||चलिए देखते हैं कैसे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:51&lt;br /&gt;
||इसके लिए, चलिए सबसे पहले Book Title label के बगल में टेक्स्ट बॉक्स  को हटाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||हम यह टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करके कर  सकते हैं जो इसे परिचित  हरे डिब्बों के समूह से चुनेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:09&lt;br /&gt;
||और फिर दायाँ क्लिक और फिर नीचे 'Cut' पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:16&lt;br /&gt;
||यहाँ, हमने टेक्स्ट बॉक्स हटा लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:20&lt;br /&gt;
||अब, हम यहाँ  एक List box form control रखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||इसे  Form Controls टूलबार में एक्सेस कर  सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||हम इसको View मेन्यु और Form Controls पर क्लिक करके ला सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:39&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये कि बेस हमें अनेक प्रकार के form controls प्रदान करता है; चलिए टूल टिप्स को पढने के लिए अपना कर्सर इन आइकंस के ऊपर रखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:01&lt;br /&gt;
||अपना list box आइकन खोजते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||वह यहाँ है, इस आइकन पर केवल एक बार क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:11&lt;br /&gt;
||और  माउस पॉइंटर को फॉर्म में ले चलते हैं; ध्यान दीजिये कि यह एक पतले प्लस चिह्न में बदल गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:21&lt;br /&gt;
||अब हम अपने फॉर्म में लिस्ट बॉक्स फॉर्म कंट्रोल बना सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:26&lt;br /&gt;
||इसके लिए, हम अपने फॉर्म में केवल क्लिक, ड्रैग और ड्रॉप करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:34&lt;br /&gt;
||इसे वहां रखते हैं जहाँ हमने पहले टेक्स्ट बॉक्स हटाया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:39&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये कि 'List Box Wizard' नामक एक नया विजार्ड, Form design विंडो के ऊपर खुल गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
||अब, यह विजार्ड हमें Book title लेबल में  लिस्ट बॉक्स जोड़ने में मदद करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:56&lt;br /&gt;
||चलिए देखते हैं कैसे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||इस wizard में,  सबसे पहले, टेबल चुनते हैं जहाँ से हमें book titles मिलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:07&lt;br /&gt;
||हम सूची से Books table चुनेंगे और Next बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:15&lt;br /&gt;
||अब, इस विंडो में, हमें फील्ड चुनने की आवश्यकता है जोकि List box में दर्शाई जाएगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||और हम जानते हैं कि title फील्ड book titles को संचित करता हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:29&lt;br /&gt;
||अतः  अगले स्टेप  पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
||यह आखरी विंडो है जहाँ हम कुछ अद्भूत करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:36&lt;br /&gt;
||हम सम्बन्धित tables और fields को जोड़ेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:41&lt;br /&gt;
||फील्ड के नाम को देखिये। बायीं तरफ 'Fields in the Value table' books Issued टेबल की फील्ड्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:52&lt;br /&gt;
||और दायीं तरफ 'Fields in the list table' Books table की फील्ड्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:59&lt;br /&gt;
||हम यह भी जानते हैं कि book id books टेबल में मुख्य फिल्ड है और Books Issued table में दिखाई गयी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
||अतः हम बायीं तरफ की सूची ,जो है 'Field from the value table' में से book id पर क्लिक करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:19&lt;br /&gt;
||अगला हम दायीं तरफ की सूची ,जो है 'Field from the list table' में से book id पर क्लिक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29&lt;br /&gt;
||इस विज़ार्ड को बंद करने के लिए Finish बटन पर क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:34&lt;br /&gt;
||यहाँ हमने सम्बन्धित tables और fields को जोड़ लिया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:40&lt;br /&gt;
||अब बेस List Box में स्वतः ही सारे Book titles दर्शाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:46&lt;br /&gt;
||अब फॉर्म सेव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:49&lt;br /&gt;
||और इस विंडो को बंद करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:52&lt;br /&gt;
||बेस ट्यूटोरियल के अगले भाग में, हम अपने फॉर्म में बाकी के फॉर्म कंट्रोल्स को जोड़ना  जारी रखेंगे ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||और हमारा फॉर्म इस तरह से दिखेगा, जब हम समाप्त कर लेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:06&lt;br /&gt;
||यहाँ एक नियत कार्य है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:08&lt;br /&gt;
||member Ids के बजाय member names के सूचीकरण के लिए एक दूसरा लिस्ट बॉक्स जोड़िए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
||लिस्ट बॉक्स के स्थान के लिए अभी चिंता न करें। केवल उसको Member name लेबल के बायीं तरफ बनाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||हम अपने अगले ट्यूटोरियल में उसको Member Name के आगे ठीक से पुनर्स्थापित करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:34&lt;br /&gt;
||अब हम लिबरऑफिस बेस में लिस्ट बॉक्स कंट्रोल पर ट्यूटोरियल में समाप्ति की ओर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:40&lt;br /&gt;
||संक्षेप में: हमने सीखा कि कैसे: एक फॉर्म में एक लिस्ट बॉक्स फॉर्म कंट्रोल जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:47&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:58&lt;br /&gt;
|| यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org. द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:04&lt;br /&gt;
||इस पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है। http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:08&lt;br /&gt;
||आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Build-a-complex-form-with-form-controls/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C2/Build-a-complex-form-with-form-controls/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-29T05:07:37Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Visual Cues !Narration |- |00:00 |लिबरऑफिस बेस पर स्पोकेन ट्यूटोरियल में आपका स्वा…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cues&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:00&lt;br /&gt;
|लिबरऑफिस बेस पर स्पोकेन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:04&lt;br /&gt;
|कॉम्प्लेक्स (जटिल) फॉर्म्स के इस ट्यूटोरियल में, हम इनके बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:08&lt;br /&gt;
|* एक कॉम्प्लेक्स फॉर्म को बनाना&lt;br /&gt;
* और फॉर्म में बदलाव करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
|पिछले ट्यूटोरियल में, हमने सीखा था कि फॉर्म्स का उपयोग करके कैसे डेटा प्रविष्ट करें और लिबरऑफिस बेस का उपयोग करके कैसे फॉर्म में बदलाव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, एक कॉम्प्लेक्स फॉर्म को बनाना सीखते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:28&lt;br /&gt;
|चलिए सबसे पहले लिबरऑफिस बेस प्रोग्राम खोलते हैं, यदि वह पहले से नही खुला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:44&lt;br /&gt;
|और अपना Library डेटाबेस खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:47&lt;br /&gt;
|यदि बेस पहले से ही खुला है, तो हम Library डेटाबेस यहाँ File मेन्यु  में Open पर क्लिक करके खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:57&lt;br /&gt;
|या File मेन्यु में Recent Documents पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:03&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|एक नया फॉर्म बनाते हैं जो हमें Library के सदस्यों को दी गयी पुस्तकों की खोज करने में मदद करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:12&lt;br /&gt;
|चलिए देखते हैं कि कैसे हम इस फॉर्म को बना सकते हैं जो स्क्रीन इमेज पर दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:18&lt;br /&gt;
|लिबरऑफिस बेस मुख्य विंडो पर जाते हैं, और बाएं पैनेल में Database सूची में Forms आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:29&lt;br /&gt;
|और फिर 'Use Wizard to create form' पर क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:34&lt;br /&gt;
|यह Forms विंडो खोलता है और अब सबसे ऊपर परिचित wizard&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:41&lt;br /&gt;
|हम इस wizard को विस्तार में पहले ही देख चुके हैं, अतः हम अभी इसके साथ जल्दी से आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|Step 1 में, Field Selection, चलिए Tables or queries लेबल के नीचे ड्रॉप डाउन बॉक्स में से 'Tables:BooksIssued' चुनते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:02&lt;br /&gt;
|डबल एरो बटन का उपयोग करके सभी फील्ड्स को बायीं से दायीं तरफ स्थानांतरित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:10&lt;br /&gt;
|Next पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:12&lt;br /&gt;
|यह Step 2 है, किन्तु अभी के लिए हम इस step को छोड़ देंगे, और नीचे next बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
|हम अब step 5 में हैं, पहला arrangement 'Columnar – Labels Left' चुनते हैं और Next बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:30&lt;br /&gt;
|चलिए next बटन पर क्लिक करके Step 6 भी छोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:36&lt;br /&gt;
|Step 7, Ice blue चुनते हैं, और&lt;br /&gt;
Next बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:42&lt;br /&gt;
|step 8 में, फॉर्म को 'Books Issued to Members' नाम देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53&lt;br /&gt;
|और 'Modify the form' विकल्प पर क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|अगला Finish बटन पर क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
|ध्यान दीजिये कि wizard पॉपअप विंडो जा चुकी है और हम फॉर्म डिज़ाइन विंडो को देख रहे हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07&lt;br /&gt;
|यहाँ, फॉर्म को डेटा प्रविष्ट करने के इस्तेमाल से पहले हम कुछ बदलाव करने जा रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|सबसे पहले सारे एलीमेंट्स को जिसे हम फॉर्म पर देख रहे हैं उनको असमूहीकृत करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22&lt;br /&gt;
|हम यह कर रहे हैं जिससे कि हम फॉर्म पर विशिष्ट एलीमेंट्स की विशेषताएँ आसानी से सम्पादित कर सकें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:31&lt;br /&gt;
|फॉर्म के सारे एलीमेंट्स को एक बार में असमूहीकृत करने के लिए, हमें सबसे पहले सारे फॉर्म एलीमेंट्स को चुनना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|यह करने के लिए, सबसे पहले Form Design टूलबार खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:46&lt;br /&gt;
|सबसे उपर View मेन्यु पर क्लिक करके, फिर Toolbars पर क्लिक करिये और फिर Form Design क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
|इस टूलबार में, एक बार माउस पॉइंटर आइकन पर क्लिक करते हैं जोकि पहला और सबसे बायीं तरफ का आइकन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:05&lt;br /&gt;
|हम इसे अब से Select आइकन बोलेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
|यह क्लिक और ड्रैग करके फॉर्म एलीमेंट्स का चुनाव करने के लिए इस्तेमाल होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:18&lt;br /&gt;
|अब, फॉर्म पर उपरी बायीं तरफ क्लिक करते हैं और तिरछा निचले दायीं तरफ ड्रैग करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:26&lt;br /&gt;
|अब आप काले और सफेद लाइन्स के एकान्तर का एक आयत यानि रेक्टैंगगल देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:32&lt;br /&gt;
|चलिए सुनिश्चित कर लेते हैं, सारे फॉर्म एलीमेंट्स इस आयत के भीतर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:38&lt;br /&gt;
|फॉर्म एलीमेंट्स के समूह को चुनने के लिए, हम इसका इस्तेमाल बार बार करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि यह सारे एलीमेंट्स एक छोटे हरे बॉक्स के अंदर बंद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:53&lt;br /&gt;
|अब जो भी क्रिया हम यहाँ करेंगे, इस क्षेत्र के भीतर सभी एलीमेंट्स पर समान रूप से प्रभाव डालेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:02&lt;br /&gt;
|अब माउस पॉइंटर को यहाँ किसी भी लेबल के उपर ले जाते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
|ध्यान दीजिये कि माउस पॉइंटर लेबल्स या टेक्स्ट बॉक्सेस के उपर प्लस चिह्न की तरह दिख रहा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:18&lt;br /&gt;
|अतः चलिए लेबल के उपर दायाँ क्लिक करते हैं और सबसे नीचे group पर क्लिक करते हैं और 'Ungroup' पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|अब एक शीर्षक लिखते हैं जोकि सारे फॉर्म एलीमेंट्स के ऊपर होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:35&lt;br /&gt;
|इसके लिए, चलिए फॉर्म एलीम्नेट्स को नीचे लाते हैं और फिर फॉर्म के अंदर मध्य में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
|अतः पहले डाउन एरो बटन लगभग सात बार दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50&lt;br /&gt;
|फिर राईट एरो की लगभग 14 बार।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:57&lt;br /&gt;
|ध्यान दीजिये कि यह सारे चुनित फॉर्म एलीमेंट्स को फॉर्म के दायीं और मध्य में खिसका देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:07&lt;br /&gt;
|अब कर्सर को वहां लाते हैं जहाँ हम शीर्षक लिखना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:14&lt;br /&gt;
|यह करने के लिए, फॉर्म विंडो क्षेत्र के उपरी बायीं तरफ क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
|और enter बटन दो बार दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
|फिर tab बटन 4 बार दबाइए और फिर टाइप करिये 'Form to track Books Issued to Members'.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:38&lt;br /&gt;
|अब जैसे ही हम विशिष्ट लेबल्स और टेक्स्ट बॉक्सेस पर क्लिक करते हैं, हम देखते हैं कि यह एलीमेंट्स विशिष्ट रूप से चुनित या चिह्नांकित हो गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:52&lt;br /&gt;
|ठीक है, अगला, फॉर्म पर BookId और MemberId लेबल्स को फिर से नाम देते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:00&lt;br /&gt;
|हम यह BookId लेबल पर डबल क्लिक करके कर सकते हैं, जोकि एक नई परिचित Properties विंडो खोलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:12&lt;br /&gt;
|Label के सामने, Book Title टाइप करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:18&lt;br /&gt;
|अब चलिए फॉर्म पर MemberId लेबल पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:25&lt;br /&gt;
|ध्यान दीजिए कि Properties विंडो रिफ्रेश हो गयी है, और फिर से यहाँ, हम Label के सामने 'Member Name' टाइप करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
|जैसे ही हम tab बटन दबाते हैं, हम देखेंगे कि फॉर्म पर नया लेबल बदल गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
|अगला, इन एलीमेंट्स का अब फ़ॉन्ट साइज़ बदलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:49&lt;br /&gt;
|फिर से सारे एलीमेंट्स को चुनते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:54&lt;br /&gt;
|हम क्लिक, ड्रैग और ड्रॉप तरीका इस्तेमाल करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:59&lt;br /&gt;
|और अब, हम किसी भी लेबल पर डबल क्लिक करेंगे जोकि Properties विंडो खोलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:08&lt;br /&gt;
|Font को खोजने के लिए नीचे स्क्रोल करते हैं और उसके दायीं तरफ वर्ग(स्क्वेयर) बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:18&lt;br /&gt;
|नये पॉपअप विंडो में, Bold पर क्लिक करते हैं और size 8 पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
|और Ok बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:29&lt;br /&gt;
|ध्यान दीजिये कि फॉर्म में फ़ॉन्ट अब बोल्ड और साइज़ 8 में बदल गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|अगला, सारे फॉर्म एलीमेंट्स को विंडो के मध्य में स्थानांतरित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:45&lt;br /&gt;
|इसके लिए हम सारे एलीमेंट्स को चुनेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
|अब किसी भी लेबल पर क्लिक करते हैं और फॉर्म डिजाईन विंडो के मध्य की तरफ ड्रैग करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00&lt;br /&gt;
|अब फॉर्म को सेव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:03&lt;br /&gt;
|और इस विंडो को बंद करिये।&lt;br /&gt;
यह देखने के लिए कि अब हमारा फॉर्म कैसा दिखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:10&lt;br /&gt;
|बेस के मुख्य विंडो पर जाते है, और दायें पैनेल पर 'Books Issued to Members' फॉर्म पर डबल क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|यह फॉर्म खोलेगा जोकि डेटा प्रविष्ट करने के इस्तेमाल के लिए तैयार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:26&lt;br /&gt;
|अब, इस फॉर्म में, हम कुछ मिसाल के तौर पर डेटा देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:31&lt;br /&gt;
|और book title और member name के सामने, हम कुछ संख्याएँ देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:37&lt;br /&gt;
|जोकि सचमुच में Books और Members सूची में प्राथमिक संख्याएँ हैं, किन्तु ज़्यादा अनुकूल संख्याएँ नहीं हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:46&lt;br /&gt;
|क्या आप असली name और book titles देखना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
|और,  हम यह कैसे करेंगे?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:53&lt;br /&gt;
|एक तरीका है कि फॉर्म कंट्रोल नामक List box को जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:59&lt;br /&gt;
|हम अगले ट्यूटोरियल में देखेंगे कि कैसे लिस्ट बॉक्स और कंट्रोल्स के दूसरे रूप को जोड़ें और इस्तेमाल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:07&lt;br /&gt;
|अब हम लिबरऑफिस बेस में काम्प्लेक्स फॉर्म्स पर ट्यूटोरियल में समाप्ति की ओर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
|संक्षेप में: हमने सीखा&lt;br /&gt;
* एल काम्प्लेक्स फॉर्म को बनाना और&lt;br /&gt;
* फॉर्म में बदलाव करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है। यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org. द्वारा संचालित है। इस पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:40&lt;br /&gt;
|आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Modify-a-simple-form/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C2/Modify-a-simple-form/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Modify-a-simple-form/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T05:06:50Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1  !Visual Cues !Narration |- ||00:00 ||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1 &lt;br /&gt;
!Visual Cues&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:04&lt;br /&gt;
||मॉडिफाइंग ए फॉर्म के इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि कैसे एक फॉर्म में डेटा प्रविष्ट करें, फॉर्म में बदलाव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:14&lt;br /&gt;
||पिछले ट्यूटोरियल में, हमने लिबरऑफिस बेस का इस्तेमाल करते हुए फॉर्म बनाना सीखा था। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:22&lt;br /&gt;
||हमने अपने उदाहरण Library डेटाबेस में एक सरल Books data entry फॉर्म बनाया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||चलिए देखते हैं कि कैसे हम इस फॉर्म का इस्तेमाल करते हुए, Books सूची में डेटा प्रविष्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||चलिए सबसे पहले LibreOffice Base program शुरू करते हैं, यदि वह पहले से नहीं खुला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:48&lt;br /&gt;
||और अपना Library डेटाबेस खोलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:52&lt;br /&gt;
||यदि बेस पहले से ही खुला है, तो हम File मेन्यू के अंदर Open पर क्लिक करके Library डेटाबेस खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||या इसे File मेन्यू के अंदर Recent Documents पर क्लिक करके खोल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
||अब हम Library डेटाबेस में हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:12 &lt;br /&gt;
||चलिए बाएँ पैनेल पर Database सूची में Forms आइकन पर क्लिक करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:18&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये कि Forms के भीतर इस विंडो में 'Books Data entry form' चिह्नांकित हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
||चलिए इस फॉर्म नाम पर दायाँ क्लिक करते हैं और Open पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
||अब हम Books सूची के फील्ड्स के समरूप लेबल्स और टेक्स्ट बॉक्सेस के साथ नीले बैकग्राउंड के साथ एक नई विंडो देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:45&lt;br /&gt;
||चलिए प्रत्येक फील्ड में जाने के लिए tab बटन पर क्लिक करते हैं, और जैसे ही हम अंतिम में जाते हैं, बेस अगला रिकॉर्ड खोलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
||इस तरह से हम रेकॉर्ड्स का पारगमन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:00&lt;br /&gt;
||या रेकॉर्ड्स के बीच जाने के लिए हम टूलबार में नीचे काले त्रिकोण आइकंस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||वैकल्पिक रूप से, एक विशिष्ट रिकॉर्ड पर जाने के लिए, टूलबार के नीचे रिकॉर्ड संख्या टाइप करिये और enter बटन या tab बटन दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||चलिए अंतिम रिकॉर्ड पर चलते हैं जोकि पाँचवा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:29&lt;br /&gt;
||अब चलिए एक नया रिकॉर्ड जोड़ते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:34&lt;br /&gt;
||यह करने के लिए, New Record आइकन पर क्लिक करिये, जोकि टूलबार के नीचे अंतिम रिकॉर्ड आइकन से दूसरा दायाँ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:46&lt;br /&gt;
||घ्यान दीजिये कि हम खाली टेक्स्ट बॉक्सेस और नीचे रिकॉर्ड संख्या देखते हैं जोकि 6 है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:55&lt;br /&gt;
||अब हम एक नया रिकॉर्ड, एक नई पुस्तक कि सूचना के साथ जोड़ने के लिए तैयार हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:03&lt;br /&gt;
||Title टेक्स्ट बॉक्स में 'Paradise Lost' टाइप करते हैं और अगली फ़ील्ड पर जाने के लिए tab बटन का इस्तेमाल करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:17&lt;br /&gt;
||author के सामने 'John Milton' टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:23&lt;br /&gt;
||PublishYear के सामने '1975' टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||Publisher के सामने 'Oxford' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||और price के सामने 200&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36 &lt;br /&gt;
||यहाँ, हमने अभी Books टेबल में Books Data Entry Form का इस्तेमाल करते हुए एक नया रिकॉर्ड प्रविष्ट किया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:45&lt;br /&gt;
||हम इस विंडो को बंद करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:47&lt;br /&gt;
||इस प्रकार से हम और रेकॉर्ड्स या डेटा जोड़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||चलिए देखते हैं कि यदि Base नें अंतिम रिकॉर्ड के साथ Books टेबल में सुधार किया है या नहीं जिसे हमने अभी प्रविष्ट किया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
||इसके लिए, लिबरऑफिस बेस मुख्य विंडो में, चलिए दायें पैनेल में Books टेबल पर डबल क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||नये रिकॉर्ड जिसे हमने फॉर्म के जरिये यहाँ प्रविष्ट किया था उसपर ध्यान दीजिये।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:18&lt;br /&gt;
||ठीक है, हम इस विंडो को अब बंद करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:23&lt;br /&gt;
||अब चलिए सीखते हैं कि कैसे अपने फॉर्म में सरल सुधार करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:30&lt;br /&gt;
||हम बाएँ पैनेल पर डेटाबेस सूची में Forms आइकन पर क्लिक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||और इस पर दायाँ क्लिक करके और 'edit' चुनकर बदलाव करने के लिए 'Books Data Entry form' खोलेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:47&lt;br /&gt;
||अब एक परिचित विंडो खुलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:51&lt;br /&gt;
||इसके अलावा यदि आप लेबल 'title' पर क्लिक करते हैं, तो आप लेबल और टेक्स्ट बॉक्स को घेरे हुए कई सारे छोटे हरे बॉक्स देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||इसका मतलब है कि design window फॉर्म में है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
||और हम फॉर्म का रूप और उसके एलीमेंट्स और साथ ही उसकी कार्यत्मकता बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:17&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप, हम लेबल्स और टेक्स्ट बॉक्सेस का स्थान और आकर बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:25&lt;br /&gt;
||इन्हें properties भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:28&lt;br /&gt;
||लेबल टाइटल पर डबल क्लिक करिये। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:31&lt;br /&gt;
||यह Properties नामक एक छोटा popup विंडो खोलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:38&lt;br /&gt;
||यहाँ अनेक प्रकार के एलीमेंट्स पर ध्यान दीजिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48&lt;br /&gt;
||अब चलिए लेबल 'author' पर क्लिक करते हैं, ध्यान दीजिये कि Properties विंडो रिफ्रेश होती है और लेबल Author की विशेषता दर्शाती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
||अतः हम जैसे ही हम फॉर्म पर विभिन्न एलीमेंट्स पर क्लिक करते हैं, हम देखते हैं कि Properties विंडो चुनित एलीमेंट की विशेषता को दर्शाने के लिए रिफ्रेश होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:14&lt;br /&gt;
||अब, Properties विंडो टाइटल Properties MultiSelection की तरह से पढता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:21&lt;br /&gt;
||ऐसा इसलिए क्योंकि हम देख सकते है कि author लेबल और उसका टेक्स्टबॉक्स इसके बगल में ही है, हरे बॉक्सेस के एक समूह में रखे गये हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:34&lt;br /&gt;
||base ने लेबल्स को स्वतः ही लेबल्स और उसके उनुरूप टेक्स्टबॉक्सेस को फॉर्म में समूहीकृत कर दिया है।&lt;br /&gt;
हम इसे असमूहीकृत कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:44&lt;br /&gt;
||Title लेबल पर दायाँ क्लिक करिये और फिर नीचे 'Group' पर क्लिक करिये फिर 'Ungroup' पर क्लिक करिये। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:54&lt;br /&gt;
||अब हम देखते हैं कि लेबल टाइटल और उनके टेक्स्ट बॉक्स असमूहीकृत हो गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:02&lt;br /&gt;
||इस प्रकार से, हम फॉर्म में विशिष्ट एलीमेंट्स की विशेषताओं में बदलाव कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:10&lt;br /&gt;
||अगला, चलिए टाइटल टेक्स्ट बॉक्स में एक टूल टिप जोड़ते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:16&lt;br /&gt;
||अब चलिए Properties विंडो में नीचे तक स्क्रोल करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:22&lt;br /&gt;
||लेबल 'Help text' पर ध्यान दीजिये और यहाँ, चलिए टाइप करते हैं 'Enter the title of the book here'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:32&lt;br /&gt;
||अब, सबसे ऊपर File मेन्यु के नीचे Save आइकन पर क्लिक करके फॉर्म सेव करते हैं। और हम इस विंडो को बंद करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:46&lt;br /&gt;
||अब देखते हैं, हमारा फॉर्म हमारे किये गये बदलावों के बाद कैसा दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:54&lt;br /&gt;
||इसके लिए, Base मुख्य विंडो में जाते हैं, बाएँ पैनेल में Forms आइकन पर क्लिक करिये। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:03&lt;br /&gt;
||और दायें पैनेल में 'Books Data Entry Form' पर डबल क्लिक करिये। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:10&lt;br /&gt;
||माउस को टाइटल लेबल या टेक्स्ट बॉक्स के ऊपर दर्शाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:17&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये कि एक टूल टिप दिखेगी जो कहेगी 'Enter the title of the book here'.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:24&lt;br /&gt;
||अतः अब, हमने सीखा कि कैसे अपने फॉर्म में सरल बदलाव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:31&lt;br /&gt;
||हम Base ट्यूटोरियल के अगले भाग में देखंगे कि कैसे एक फॉर्म में अधिक बदलाव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:39&lt;br /&gt;
||यहाँ पर एक नियत कार्य है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:41&lt;br /&gt;
||Members टेबल के लिए एक साधारण फॉर्म बनाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:46&lt;br /&gt;
||अब हम लिबरऑफिस बेस में फॉर्म में बदलावों पर इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:52&lt;br /&gt;
|संक्षेप में, हमने सीखा कि कैसे फॉर्म में डेटा प्रविष्ट करें , और कैसे फॉर्म में बदलाव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:00&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:12&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org. द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:17&lt;br /&gt;
||इस पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है। http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:22&lt;br /&gt;
||आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Create-a-simple-form/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C2/Create-a-simple-form/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Create-a-simple-form/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T05:05:59Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Visual Cues !Narration |- ||00:00 ||लिबर ऑफिस बेस पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वा…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cues&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस बेस पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:03&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम लिबरऑफिस में सिम्पल फॉर्म्स के बारे में सीखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:09&lt;br /&gt;
|यहाँ हम निम्न सीखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||फॉर्म क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:14&lt;br /&gt;
|| Wizard का उपयोग करके फॉर्म कैसे बनायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:17&lt;br /&gt;
||अभी तक लिबर ऑफिस का उपयोग करके हमने डेटाबेस और टेबल्स बनाने के बारे में सीखा, जहाँ हम डेटा संचित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
||लेकिन, डेटाबेस टेबल्स के अंदर हम डेटा कैसे एंटर करें? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:33&lt;br /&gt;
||एक तरीका है कि टेबल्स की सेल्स में डेटा सीधे टाइप करें, जैसा कि हमने पिछले ट्यूटोरियल में किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:42&lt;br /&gt;
||यहाँ जल्दी और साथ ही साथ कम से कम एरर्स के साथ डेटा एंटर करने के लिए एक अन्य तरीका है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:49&lt;br /&gt;
||और वह है, फॉर्म्स का उपयोग करके। फॉर्म डेटा एंटर करने और डेटा एडिट करने के लिए अग्रसिरा या यूजर इंटरफेस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:00&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरूप, सिम्पल फॉर्म फील्ड्स को टेबल में शामिल कर सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:06&lt;br /&gt;
||चलिए, लाइब्रेरी डेटाबेस के उदाहरण पर विचार करते हैं, जिसे हमने पिछले ट्यूटोरियल्स में बनाया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
|अतः सिम्पल फॉर्म फील्ड्स को बुक्स टेबल में शामिल कर सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
||और अब इस फॉर्म का उपयोग बुक्स टेबल में डेटा एंटर करने के लिए किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
||अब, चलिए सीखते हैं कि फॉर्म कैसे बनायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
||पहले लिबरऑफिस बेस प्रोग्राम को शुरू करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||यदि बेस प्रोग्राम नहीं खुलता है, तो हम नीचे बायीं ओर पर Start बटन पर क्लिक करेंगे और फिर All programs पर क्लिक करेंगे, फिर LibreOffice Suite पर क्लिक करेंगे और फिर LibreOffice Base पर क्लिक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
||अब 'open an existing database file' ऑप्शन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:04&lt;br /&gt;
|| 'Recently Used' ड्राप डाउन बॉक्स में, हमारा लाइब्रेरी डेटाबेस दिखाई देनी चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:11&lt;br /&gt;
||अतः अब इसे चुनें और Finish बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
||यदि लिबरऑफिस बेस पहले से ही खुला है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
||तो हम सबसे ऊपर File menu और फिर Open पर क्लिक करके लाइब्रेरी डेटाबेस फाइल Library.odb  को ओपन कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:36&lt;br /&gt;
||वैकल्पिक रूप से, फाइल मेन्यू मैं Recent Documents पर क्लिक करें और Library.odb को चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:48&lt;br /&gt;
||अब हम लाइब्रेरी डेटाबेस में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:52&lt;br /&gt;
||लेफ्ट पैनल पर डेटाबेस सूची में Forms आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, कि यहाँ नया फॉर्म बनाने के दो तरीके हैं, डिजाइन व्यू में फॉर्म बनाना और फॉर्म बनाने के लिए Wizard का उपयोग करना। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:12&lt;br /&gt;
||दूसरे ऑप्शन पर क्लिक करें: Use Wizard to create form.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
||अब हम एक नई विंडो देखते हैं जो कि लिबरऑफिस राइटर विंडो के समान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||और इसमें सबसे ऊपर हम एक पॉप-अप विंडो देखते हैं, जो हैः 'Form Wizard'. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:33&lt;br /&gt;
||बुक्स टेबल आधारित अपना पहला फॉर्म बनाने के लिए इस Wizard के माध्यम से जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:40&lt;br /&gt;
||बायीं ओर 8 स्टेप्स का ध्यान रखें, जिनके माध्यम से हमें कार्य करना होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:46&lt;br /&gt;
||हम स्टेप 1 पर हैं जो कि 'Field Selection' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||और यहाँ दायीं ओर पर Tables or Queries नामक ड्रॉप डाउन से TablesBooks चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:03&lt;br /&gt;
||इसके नीचे बायीं ओर पर हम Available फील्ड्स की एक सूची देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||दायीं ओर पर हम fields in the form देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
|हमें केवल उन फील्ड्स का स्थानांतरण करना है, जो हमें फॉर्म पर चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:21&lt;br /&gt;
||अभी के लिए, डबल एरो मार्क सिम्बल्स वाले बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:27&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, हमने सारे फील्ड्स बायें से दायें स्थानांतरित कर दिये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
||क्योंकि हमने इसके स्वयं के नम्बर्स को स्वत- तैयार करने के लिए BookId फील्ड को सेट कर दिया है, हमें फॉर्म पर इसकी आवश्यकता नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:46&lt;br /&gt;
||तो चलिए इस फील्ड को वापस बायीं ओर स्थानांतरित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:51&lt;br /&gt;
||दायीं ओर BookId पर क्लिक करें और 'Less than' सिम्बल बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||ठीक है,अब सबसे नीचे Next बटन पर क्लिक करके अगले स्टेप पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
||स्टेप 2.  क्योंकि हम सिम्पल फॉर्म बना रहे हैं, तो अभी के लिए इस स्टेप को छोड़ दें और सीधे Next बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:21&lt;br /&gt;
||हम स्टेप 5 पर हैं- 'Arrange controls'. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
||यह भी ध्यान दें, कि हम बैकग्राउंड विंडो में एक ऑरेंज बैकग्राउंड में बुक्स टेबल देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||'Arrangement of the Main form' नामक लेबल के नीचे चार आइकन्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:44&lt;br /&gt;
||जैसे ही हम क्लिक कर रहे हैं, हम देख रहे हैं कि लेबल्स और टाइटल, रचयिता आदि. नामक टेक्स्ट बॉक्सेस की व्यवस्था बदल रही है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:57&lt;br /&gt;
|| 'Columnar – Labels left'  नामक पहले क्रम(arrangement) का उपयोग करें, और पहले आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:08&lt;br /&gt;
||यहाँ लेबल्स बायीं ओर और टेक्स्ट बॉक्सेस दायीं ओर हैं, एक विशिष्ट पेपर फॉर्म की तरह। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:17&lt;br /&gt;
||अब आगे बढ़ने के लिए Next बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:22&lt;br /&gt;
||हम 'Set Data Entry' नामक स्टेप 6 पर हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:28&lt;br /&gt;
||अभी के लिए, हम इस स्टेप को छोड़ देगें और अगले स्टेप पर जायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:33&lt;br /&gt;
||स्टेप 7. 'Apply Styles'. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:36&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि जैसे ही हम लिस्ट बॉक्स के प्रत्येक कलर को क्लिक करते हैं, विंडो का बैकग्गाउंड कलर बदलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:45&lt;br /&gt;
||इस पर क्लिक करके, Ice Blue  को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
||अब, आखिरी स्टेप पर जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:53&lt;br /&gt;
||स्टेप 8. अब अपने फॉर्म को नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:59&lt;br /&gt;
||हम अपने खुद के नाम के चलन का अनुकरण कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:03&lt;br /&gt;
||लेकिन अभी के लिए, टेक्स्ट बॉक्स में विवरणात्मक नाम 'Books Data Entry Form' लिखें जो कि ‘Name of the form’ लेबल के नीचे है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:16&lt;br /&gt;
||अब, how do we want to proceed after creating the form? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:20&lt;br /&gt;
|| पहला 'Work with the form'.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:23&lt;br /&gt;
||मतलब हम डेटा एंट्री के लिए फॉर्म का उपयोग करना शुरू करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:29&lt;br /&gt;
||फॉर्म का डिजाइन बदलने के लिए, हम 'Modify the form' चुन सकते हैं, जिसे हम बाद में देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:37&lt;br /&gt;
||अभी के लिए, हमने कर दिया है, तो सबसे नीचे finish बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:44&lt;br /&gt;
||अभी हमने विंडो टाइटल पर 'Books Data Entry Form'  नामक अपना पहला सिम्पल फॉर्म बना दिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:54&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, कि टेक्स्ट बॉक्सेस वेल्यू से भर गये हैं जैसे 'An autobiography', 'Jawaharlal Nehru' आदि। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||ये वेल्यूस कहाँ से आयी हैं? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:08&lt;br /&gt;
||हमने इन वेल्यूस को बेस ट्यूटोरियल के पिछले भाग में सीधे बुक्स टेबल में टाइप किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:17&lt;br /&gt;
||अब यह फॉर्म डेटा एंट्री के लिए उपयोग करने के लिए तैयार है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:22&lt;br /&gt;
||प्रत्येक वेल्यू पर जाने के लिए tab  कीज पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:27&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि फॉर्म दूसरी बुक की जानकारी दिखा रहा है और अब टाइटल 'Conquest of self' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||हम प्रत्येक बुक की जानकारी पर भी जा सकते हैं, अन्यथा ब्लैक ट्राइएंगल आइकन पर क्लिक करके 'record' चुन सकते है, जो सबसे नीचे फॉर्म नेविगैशन टूलबार में दांयी ओर संकेत करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:54&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि रिकार्ड नम्बर 3 of 5 यहाँ दिखाई देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि बेस टूल टिप्स प्रदर्शित करता है, जब हम अपना कर्सर इन काले एरो आइकन्स पर रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:09&lt;br /&gt;
||First Record(पहला रिकार्ड), Previous Record(पिछला रिकार्ड), Next Record(अगला रिकार्ड), और Last Record (आखिरी रिकार्ड)। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:16&lt;br /&gt;
||हम इनका उपयोग करके रिकार्ड्स में यहाँ वहां जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:21&lt;br /&gt;
||अब हम लिबरऑफिस बेस में सिम्पल फॉर्म्स पर इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:27&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने सीखा- फॉर्म क्या है?, Wizard का उपयोग करके फॉर्म कैसे बनायें?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:35&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:47&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:52&lt;br /&gt;
||इस पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:56&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Tables-and-Relationships/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C2/Tables-and-Relationships/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Tables-and-Relationships/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T05:01:49Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with 'Spoken tutorial on LibreOffice Base(Tables and Relationships) {| border=1 !Visual Cues !Narration  |- ||00:00 ||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोक…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;Spoken tutorial on LibreOffice Base(Tables and Relationships)&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cues&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:04&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम लिबरऑफिस बेस में टेबल्स और रिलेशनशिप्स के बारे में सीखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:10&lt;br /&gt;
||यहाँ हम टेबल में डेटा को जोड़ने के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:15&lt;br /&gt;
||रिलेशलशिप्स को परिभाषित करेंगे और बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:19&lt;br /&gt;
||पिछले लिबरऑफिस बेस ट्यूटोरियल में हम बेस, बुनियादी डेटाबेस से परिचित हुए तथा सीखा कि डेटाबेस और टेबल कैसे बनायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:31&lt;br /&gt;
||ट्यूटोरियल के दौरान, हमने उदाहरण के तौर पर Library नामक डेटाबेस भी बनाया तथा बुक्स टेबल भी बनाया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:42&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम लाइब्रेरी डेटाबेस के साथ शुरू करेंगे और सीखेंगे कि टेबल में डेटा कैसे जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
||इसके लिए, लिबरऑफिस बेस प्रोग्राम शुरू करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:57&lt;br /&gt;
||इसके लिए, हम स्क्रीन की बायीं ओर सबसे नीचे Start बटन पर क्लिक करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||All programs पर क्लिक करें, फिर LibreOffice Suite पर क्लिक करें और LibreOffice Base पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:12&lt;br /&gt;
||क्योंकि हमने पिछले ट्यूटोरियल में पहले से ही लाइब्रेरी डेटाबेस बनाया हुआ है, इस समय हमें केवल इसे ओपन करने की आवश्यकता होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
||यह करने के लिए 'open an existing database file' ऑप्शन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
||'Recently Used'  ड्रापडाउन बॉक्स में, हमारा लाइब्रेरी डेटाबेस स्पष्ट होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:35&lt;br /&gt;
||अतः अब, Finish बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||यदि आपने इसे नही देखा है, हम विंडोज डाइरेक्टरी को ब्राउज़ करने के लिए Open बटन पर क्लिक कर सकते हैं। जहाँ लाइब्रेरी डेटाबेस सेव है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||मिल जाने पर, filename पर क्लिक करें और Open बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
||अब, यदि लिबरऑफिस बेस प्रोग्राम पहले से ही ओपन है, तो हम यहाँ से लाइब्रेरी डेटाबेस ओपन कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:07&lt;br /&gt;
||सबसे ऊपर File menu  पर क्लिक करके और फिर Open पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:14&lt;br /&gt;
||हम विंडोज डाइरेक्टरी ब्राउज करेंगे, जहाँ लाइब्रेरी डेटाबेस फाइल सेव है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
||फाइल Library.odb पर क्लिक करें और सबसे नीचे Open बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:31&lt;br /&gt;
||अब हम लाइब्रेरी डेटाबेस में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||लेफ्ट पैनल पर डेटाबेस सूची में Tables आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि राइट पैनल पर टेबल्स सूची में बुक्स टेबल दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:48&lt;br /&gt;
||अब Books table  पर राइट क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, यहाँ से आप विविध ऑप्शन चुन सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:58&lt;br /&gt;
||अब इस टेबल में डेटा जोड़ने के लिए 'open' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:04&lt;br /&gt;
||वैकल्पिक रूप से, हम इसे ओपन करने के लिए table name पर डबल क्लिक भी कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:10&lt;br /&gt;
||'Books – Library – LibreOffice Base: Table Data View' नामक शीर्षक के साथ एक नया विंडो ओपन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:20&lt;br /&gt;
||अब, हम सीधे प्रत्येक सेल में वेल्यूस टाइप करके बुक्स टेबल में डेटा एंटर करना शुरू कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, Bookid कॉलम्स 'AutoField' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
||अर्थात, बेस डेटा की प्रत्येक रो के लिए आरोही नम्बर्स स्वतः ही आवंटित करेगा। जिसे हम प्रविष्ट करते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||अब, जैसा कि स्क्रीन पर दिखाया गया है, रो-दर-रो सेल्स में डेटा इनपुट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:22&lt;br /&gt;
||अतः यहाँ हमारे पास हमारे टेबल बुक्स में सैम्पल डेटा की 5 रोज़ हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:29&lt;br /&gt;
||सबसे ऊपर File menu पर क्लिक करके और फिर Close चुनकर विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:39&lt;br /&gt;
||यहाँ आपके लिए नियत-कार्य है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||एक मेम्बर्स टेबल बनायें, जो प्रत्येक सदस्य के बारे में जानकारी संचित करेगा, उदाहरणस्वरूप, सदस्य का नाम और फोन नम्बर। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:53&lt;br /&gt;
||निम्न 3 फील्ड्स को सम्मिलित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:57&lt;br /&gt;
||Member Id, Field type- Integer के साथ और इसे प्राइमरी की बनायें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
|| Name, Fieldtype Text के साथ ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
||Phone, Fieldtype Text  के साथ ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:15 &lt;br /&gt;
||ठीक है,जब आप कर चुके होते हैं, तो मेम्बर्स टेबल इस तरह दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:22&lt;br /&gt;
||इस विंडो को बंद कर दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:25&lt;br /&gt;
||अब मेम्बर्स टेबल में 4 सैम्पल मेम्बर्स को जोड़ें, जैसा अभी स्क्रीन में दिखाया गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||अभी, जिस तरह से हमने बुक्स टेबल के लिए किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:46&lt;br /&gt;
||हो जाने पर, इस विंडो को बंद कर दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:50&lt;br /&gt;
||अब वापस मुख्य विंडो पर जाएँ और फिर से Tables आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:57&lt;br /&gt;
||और तीसरा टेबल Books Issued बनाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:04&lt;br /&gt;
||जब बन जाय, Books Issued टेबल में निम्नलिखित फील्ड्स होंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:09&lt;br /&gt;
||Issue Id, Field type, Integer. जो कि प्राइमरी की होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:15&lt;br /&gt;
||Book Id, Field type, Integer&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:19&lt;br /&gt;
||Member Id ,Field type, Integer  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:24&lt;br /&gt;
|Issue Date, Field type, Date  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:28&lt;br /&gt;
||Return Date, Field type, Date  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
||Actual Return Date, Field type, Date  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
||और Checked In, Field type, Yes/No Boolean&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
||ठीक है, हमने Books Issued टेबल बना दिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:47&lt;br /&gt;
||और अब इसमें निम्न सैम्पल डेटा जोड़ें, जैसा कि आप स्क्रीन पर देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:56&lt;br /&gt;
||हालांकि, यह अभी पूर्ण अर्थ नहीं बना सकता, हम जल्दी ही समझ जायेंगे कि क्या हो रहा है।  .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
||अब, हमारे पास सैम्पल डेटा के साथ हमारे लाइब्रेरी डेटाबेस में तीन टेबल्स भी हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:25&lt;br /&gt;
||अब डेटाबेस में रिलेशनशिप्स परिभाषित करने के बारे में सीखते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:31&lt;br /&gt;
||अतः हमने तीन भिन्न जानकारी के सेट को संचित करने के लिए तीन टेबल्स बनायें हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:38&lt;br /&gt;
||Books, Members और Issue of Books to Members. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:44&lt;br /&gt;
||अब हम इन तीन टेबल्स में प्रत्येक पुस्तक, प्रत्येक मेम्बर और प्रत्येक जारी पुस्तक की विशिष्ट पहचान के लिए कॉलम्स सेटअप करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
||वे प्राइमरी कीज़ हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:00&lt;br /&gt;
||प्राइमरी की के विविध लाभों में से एक यह है, कि यह टेबल्स के मध्य रिलेशनशिप्स स्थापित करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:10&lt;br /&gt;
||लेकिन हमें रिलेशनशिप्स की आवश्यकता क्यों है? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:13&lt;br /&gt;
||Books Issued टेबल पर देखें। यहाँ हमें Book Id और Member Id फील्ड्स दिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:23&lt;br /&gt;
||वे Books Issued टेबल में कोई भी वेल्यू रख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:28&lt;br /&gt;
||लेकिन, उन्हें समान वेल्यूस के अनुरूप रखने की आवश्यकता होगी, जैसे कि क्रमानुसार Books और Members टेबल्स में है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
||अतः यदि बुक्स टेबल में पुस्तक Macbeth की Book Id, 3 है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:45&lt;br /&gt;
||तो Books Issued टेबल की Book Id में 3 का उपयोग करके, हम अभी भी उसी पुस्तक का उल्लेख करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:56&lt;br /&gt;
||अतः इन दो टेबल्स को स्पष्ट रूप से संयोजित करने के लिए, हमें अभी भी उन्हें किसी प्रकार से लिंक करने की आवश्यकता होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:05&lt;br /&gt;
||और, उदाहरणस्वरूप, आप यह कैसे प्रमाणित करेंगे, कि 'Macbeth' रवि कुमार को 2nd जून 2011 को जारी की गया थी? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:16&lt;br /&gt;
||या आप कैसे सुनिश्चित करेंगे, कि पुस्तक केवल लाइब्रेरी के सदस्य को ही जारी की गई है किसी अन्य को नहीं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
||यह सब रिलेशनशिप्स सेट-अप करके किया जा सकता है, जोकि डेटा को इंटरलिंक करने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:34&lt;br /&gt;
||हमें सही फील्ड्स को लिंक करके, बुक्स टेबल और मेम्बर्स टेबल से वेल्यूस का उपयोग करने के लिए बेस को फोर्स करने की आवश्यकता होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:46&lt;br /&gt;
||देखते हैं कि कैसे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:48&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस बेस मुख्य विंडो में, Tools पर क्लिक करें और फिर Relationships पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:58&lt;br /&gt;
||यह एक छोटा पॉप-अप विंडो ओपन करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:03&lt;br /&gt;
||यहाँ हम सबसे ऊपर का टेबल चुनेंगे और add बटन पर क्लिक करेंगे और अन्य दो टेबल्स के लिए पुनः करेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:15&lt;br /&gt;
||पॉप-अप विंडो को बंद करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:18&lt;br /&gt;
||अब हम लाइन में तीन टेबल्स  Books, Books Issued और Members देखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:26&lt;br /&gt;
||क्लिक करके, ड्रैग करके और ड्रॉप करके, टेबल्स में अधिक स्पेस लायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:35&lt;br /&gt;
||अब बुक्स टेबल में  Book Id पर क्लिक करें और इसे Books Issued टेबल में Book Id पर ड्रैग और ड्रॉप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:48&lt;br /&gt;
||ध्यान दें, इन दो फील्ड्स नेम को एक लाइन संयोजित कर रही है। अतः यहाँ हमने रिलेशनशिप सेट कर दिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:57&lt;br /&gt;
||MemberId के लिए इसे पुनः करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:02&lt;br /&gt;
||मेम्बर्स टेबल में Member Id पर क्लिक करें और Books Issued table में इसे ड्रैग और ड्रॉप करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:11&lt;br /&gt;
||आप देख सकते हैं कि हमने अभी दो रिलेशनशिप्स बनाये। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:16&lt;br /&gt;
||और, यह है कि हम रिलेशनशिप्स कैसे स्थापित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:20&lt;br /&gt;
||और इसलिए इंटरलिंक महत्वपूर्ण डेटा रिलेशनल डेटाबेस में विविध टेबल्स में संचित हुआ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:30&lt;br /&gt;
||अब हम लिबरऑफिस में टेबल्स और रिलेशनशिप्स पर इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:36&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने सीखा कि टेबल में डेटा कैसे जोड़ें। रिलेशनशिप्स को परिभाषित करना और बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:44&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:57&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org. द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:03&lt;br /&gt;
||इस पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है। http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:08&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Introduction/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Base/C2/Introduction/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Base/C2/Introduction/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T05:01:01Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with 'Spoken tutorial on LibreOffice Base(Introduction) {| border=1 !Visual Cues !Narration |- ||00:00 ||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्य…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;Spoken tutorial on LibreOffice Base(Introduction)&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cues&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस बेस पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:04&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि लिबरऑफिस बेस क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:09&lt;br /&gt;
||बेस का उपयोग करने के लिए जरूरी चीजें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||आप बेस में क्या कर सकते हैं?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:14&lt;br /&gt;
||रिलेशनल डेटाबेस की मूल बातें, नया डेटाबेस बनाना, टेबल बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस बेस लिबरऑफिस सूट के डेटाबेस का प्रारंभिक भाग है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:26&lt;br /&gt;
||बेस Microsoft Access के समतुल्य है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:30&lt;br /&gt;
||बेस फ्री और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है, उपयोग और वितरण के लिए मुफ्त है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:37&lt;br /&gt;
||बेस का उपयोग करने के लिए आवश्यक चीजों को देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के लिए सिस्टम आवश्यकताएँ निम्न हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:45&lt;br /&gt;
||माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (सर्विस पैक 4 और उच्च) XP(एक्सपी), Vista (विस्टा), या विंडोज 7; Pentium-compatible PC 1.5 Gb तक उपलब्ध हार्ड डिस्क स्पेस। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02&lt;br /&gt;
||उबंटु लिनक्स के लिए, सिस्टम आवश्यकताएँ निम्न हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:06&lt;br /&gt;
||लिनक्स कर्नेल वर्जन (Linux kernel version) 2.6.18 या उच्च ; पेंटियम कम्पैटबल - पीसी (Pentium-compatible PC)। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:13&lt;br /&gt;
||विंडोज और लिनक्स दोनों के संस्थापन के लिए, हमें 256 Mb RAM (recommended 512 Mb) की आवश्यकता  है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
||पूर्ण सिस्टम आवश्यकताओं के लिए, लिबरऑफिस बेवसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:30&lt;br /&gt;
||आपको Java Runtime Environment  संस्थापित करने की आवश्यकता भी है, जिसे आप निम्न लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:38&lt;br /&gt;
||केन्द्र में 'Free Java Download' नामक लाल बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:44&lt;br /&gt;
||एक बार फाइल डाउनलोड हो जाय, इस पर डबल क्लिक करें और संस्थापन के लिए निर्देशों का अनुकरण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:52&lt;br /&gt;
||चलिए लिबरऑफिस बेस के संस्थापन को देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
||यदि आपने पूर्ण संस्थापन ऑप्शन के साथ लिबरऑफिस सूट पहले से ही संस्थापित किया हुआ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||तो, आप अपनी स्क्रीन की बायीं ओर सबसे नीचे Start menu पर क्लिक करके लिबरऑफिस बेस ऐक्सेस कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
||All Programs पर क्लिक करें और फिर लिबरऑफिस सूट पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
||यदि आपने लिबरऑफिस सूट संस्थापित नहीं किया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:24&lt;br /&gt;
||आप ऑफिशियल बेवसाइट पर जाकर और 'Download LibreOffice' नामक ग्रीन क्षेत्र पर क्लिक करके बेस संस्थापित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
||विस्तृत निर्देश लिबरऑफिस सूट के पहले ट्यूटोरियल में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:43&lt;br /&gt;
||याद रखें, संस्थापित करते समय, बेस को संस्थापित करने के लिए 'Complete' ऑप्शन का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:50&lt;br /&gt;
||ठीक है, अब अगले विषय पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:54&lt;br /&gt;
||आप लिबरऑफिस बेस में क्या कर सकते हैं?&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57&lt;br /&gt;
||बेस में, आप सुनियोजित डेटा संचित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:02&lt;br /&gt;
||डेटा एंट्री क्रियान्वित कर सकते हैं और फॉर्म्स का उपयोग करके डेटा देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
 ||03:08&lt;br /&gt;
||क्वेरीज़ का उपयोग करके जानकारी पुनः प्राप्त कर सकते हैं और..&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:12&lt;br /&gt;
||प्रिंट के लिए तैयार, अच्छी रिपोर्ट बना सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:17&lt;br /&gt;
||बेस आपको डेटाबेसेस के प्रबंधन में मदद करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:21&lt;br /&gt;
||जैसा कि आप जानते होंगे, डेटाबेस डेटा, फॉर्म्स, क्वेरीज़ और रिपोर्ट्स का समूह है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:29&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरूप, बेस का उपयोग ग्राहक की जानकारी के डेटाबेसेस का प्रबंधन करने के लिए किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
||सेल्स ऑर्डर्स और चालान को ट्रैक करना, छात्रों की श्रेणी के डेटाबेसेस का अनुरक्षण करना या लाइब्रेरी के डेटाबेस को बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:46&lt;br /&gt;
||चलिए अब डेटाबेसेस के कुछ मूलतत्वों के बारे में सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:51&lt;br /&gt;
||डेटाबेस टेबल्स में सुनियोजित और संचित डेटा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:56&lt;br /&gt;
||टेबल्स, रोज़ और कॉलम्स में संचित डेटा के अलग-अलग टुकड़े हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:03&lt;br /&gt;
||इस तरह के डेटाबेस को रिलेशनल डेटाबेस भी कहते हैं, जहाँ कॉलम्स का उपयोग करके टेबल्स का संबंध एक-दूसरे से होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:15&lt;br /&gt;
||लाइब्रेरी के लिए सिम्पल डेटाबेस का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||लाइब्रेरी पुस्तकों का संग्रह हो सकता है। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:23&lt;br /&gt;
||और पुस्तकें लाइब्रेरी के सदस्यों को जारी की जा सकती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:28&lt;br /&gt;
||पुस्तक में शीर्षक, रचनाकार, प्रकाशक, प्रकाशन का वर्ष और कीमत हो सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||इन्हें अभिलक्षण या विशेषता कहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||उसी तरह, लाइब्रेरी सदस्य का नाम, फोन नम्बर और पता होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
||और लाइब्रेरी केवल इसके सदस्यों को ही पुस्तकें जारी करती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:54&lt;br /&gt;
||अब, देखते हैं कि हम रोज़ और कॉलम्स के व्यक्तिगत टेबल्स के रूप में इस डेटा को कैसे संचित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||प्रत्येक पुस्तक के बारे में जानकारी बुक्स टेबल में संचित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
||इसकी विशेषताएँ कॉलम्स बनने के साथ- book title, author, publisher, year of publication और price. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
||प्रत्येक पुस्तक को भिन्न करने के लिए, हम BookId नामक यूनिक आइडेंटिफायर कॉलम भी जोड़ते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:27&lt;br /&gt;
||इस तरह, हमारे पास उसी शीर्षक की दो पूरी तरह से अलग पुस्तकें हो सकती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:33&lt;br /&gt;
||उसी तरह, Members टेबल में कॉलम्स हो सकते हैं जैसे कि Name और Phone. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
||और विशिष्ट पहचान या प्रत्येक सदस्य को भिन्न करने के लिए Member Id.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:47&lt;br /&gt;
||और हम BooksIssued नामक तीसरे टेबल में सदस्यों को जारी की गयी पुस्तकों को ट्रैक(पता लगाना) कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:56&lt;br /&gt;
||यह टेबल पता लगायेगा-  book issued, the member, date of issue, date of return, actual date of return, whether checked in or not.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:09&lt;br /&gt;
||इनमें डेटा जोड़ने के लिए, हम इन टेबल्स में रिलेशनशिप(संबंध) स्थापित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||अब यह हमें 'relational databases' का प्रबंध करने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:22&lt;br /&gt;
||रिलेशनल डेटाबेसेस पर एडवांस्ड विषयों  के लिए, Spoken-tutorial.org पर जाकर हमारे अन्य ट्यूटोरियल्स का अनुकरण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
||ठीक है, अब “Library” नामक अपने पहले बेस के डेटाबेस के साथ शुरूआत करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:43&lt;br /&gt;
||नया डेटाबेस बनाने के लिए,पहले  Base program(बेस प्रोग्राम) को ओपन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
||फिर, स्क्रीन के सबसे नीचे तल पर विंडोज के Start menu पर क्लिक करें, फिर All Programs पर क्लिक करें, फिर LibreOffice Suite और LibreOffice Base पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:08&lt;br /&gt;
||Database Wizard  नामक एक पॉप-अप विंडो ओपन होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:13&lt;br /&gt;
||नया डेटाबेस बनाने के लिए Next बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:18&lt;br /&gt;
||निम्न विंडो में Finish बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:23&lt;br /&gt;
||यह Save As विंडो ओपन करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:26&lt;br /&gt;
||क्योंकि, हम लाइब्रेरी डेटाबेस बना रहे हैं, हम फाइल नेम टेक्स्ट बॉक्स में &amp;quot;Library&amp;quot; टाइप करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:35&lt;br /&gt;
||और फिर Save बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:39&lt;br /&gt;
||अब हम अंदर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:42&lt;br /&gt;
||आगे, डेटा को संचित करने के लिए टेबल्स बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:46&lt;br /&gt;
||नया टेबल बनाने के लिए, बायीं ओर डेटाबेस सूची में Tables आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:54&lt;br /&gt;
||दायीं ओर पर टास्क सूची में 'Create Table in Design View' पर क्लिक करें। यह दूसरा विंडो ओपन करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||यहाँ, फील्ड नेम के नीचे पहले कॉलम के रूप में 'BookId' टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:13&lt;br /&gt;
||Field Type कॉलम पर जाने के लिए टैब की का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:18&lt;br /&gt;
||क्योंकि, BookId प्रत्येक पुस्तक के लिए भिन्न नम्बर होगा, ड्रापडाउन लिस्ट से Field Type के रूप में Integer चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:32&lt;br /&gt;
||नीचे के सेक्शन में Field Properties(फील्ड प्रोपर्टिज) बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:36&lt;br /&gt;
||AutoValue को No से Yes में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:41&lt;br /&gt;
||यह फील्ड अब प्रत्येक पुस्तक को विशिष्ट रूप से पहचानेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:46&lt;br /&gt;
||दूसरे शब्दों में, इस फील्ड को प्राइमरी की भी कहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:52&lt;br /&gt;
||BookId फील्ड की बायीं ओर पीले की सिम्बल पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:58&lt;br /&gt;
||चलिए देखते हैं कि हम फील्ड नेम्स के लिए फील्ड टाइप्स कैसे चुनते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:05&lt;br /&gt;
||फील्ड टाइप्स text, integer, numeric, decimal या date हो सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:13&lt;br /&gt;
||text का उपयोग उन फील्ड्स के लिए करें, जिसमें साधारण जानकारी हो, उदाहरणस्वरूप नाम, शीर्षक,पता। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:22&lt;br /&gt;
|| Integer, numeric, decimal का उपयोग उन फील्ड्स के लिए करें, जिसमें केवल नम्बर्स शामिल हो सकते हैं।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:30&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप, numeric  का उपयोग कीमत की जानकारी वाले फील्ड के लिए, Integer का उपयोग वर्ष के लिए करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:39&lt;br /&gt;
||अब बाकी फील्ड्स बनाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:43&lt;br /&gt;
|Title, Field type Text, Author &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:52&lt;br /&gt;
||Field type Text ,Published Year &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:59&lt;br /&gt;
||Field type Integer&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:05&lt;br /&gt;
||Publisher, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:09&lt;br /&gt;
||Field type Text&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:11&lt;br /&gt;
||Price, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:14&lt;br /&gt;
||Field type Numeric&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:18&lt;br /&gt;
||Length को 5 और  Decimal places को 2 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:25&lt;br /&gt;
||Format example बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:29&lt;br /&gt;
||यह Field Format विंडो ओपन करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:33&lt;br /&gt;
||कैटगरी लिस्ट से Currency और फॉर्मेट लिस्ट से INR चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:42&lt;br /&gt;
||Rs. 1234.00 चुनें, जिसमें दो दशमलव अंक हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:54&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि दो दशमलव अंको सहित पूरी लैन्थ 5 है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:02&lt;br /&gt;
||OK बटन पर क्लिक करें। अब हमने बुक्स टेबल के लिए सभी कॉलम्स बना दिये हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:11&lt;br /&gt;
||अब टेबल को सेव करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:14&lt;br /&gt;
|| Save आइकन पर क्लिक करें, जो फाइल मेन्यू के नीचे है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:20&lt;br /&gt;
||टेबल नेम टेक्स्ट बॉक्स में 'Books' टाइप करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि यह डेटाबेस लाइब्रेरी में समान लोकेशन पर सेव हुआ है, चूंकि टेबल्स डेटाबेस का हिस्सा हैं।.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:36&lt;br /&gt;
||और ok बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:39&lt;br /&gt;
||अगले ट्यूटोरियल में हम बुक्स टेबल में डेटा जोड़ेंगे और मेम्बर्स और BooksIssued(बुक्स इश्यूड) टेबल्स बनायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:49&lt;br /&gt;
||हम इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:54&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने निम्न सीखाः&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:58&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस बेस क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:01&lt;br /&gt;
||बेस का उपयोग करने के लिए जरूरी चीजें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:03&lt;br /&gt;
||आप बेस में क्या कर सकते हैं? रिलेशनल डेटाबेस की मूल बातें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:08&lt;br /&gt;
||नया डेटाबेस बनाना, नया टेबल बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:13&lt;br /&gt;
||इस क्रम का अगला ट्यूटोरियल tables (टेबल्स) और relationships (रिलेशनशिप्स) है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:18&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:24&lt;br /&gt;
||यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:32&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org. द्वारा संचालित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:38&lt;br /&gt;
||इस पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:44&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Derivatives-Differential-Equations-Integral-Equations-Logarithms_/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Math/C2/Derivatives-Differential-Equations-Integral-Equations-Logarithms /Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Derivatives-Differential-Equations-Integral-Equations-Logarithms_/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T04:59:58Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Visual Cues !Narration  |- ||00:01 ||लिबरऑफिस मैथ पर स्पोकेन ट्यूटोरियल में आपका स्व…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cues&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस मैथ पर स्पोकेन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:05&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे कि कैसे डेरिवेटिव्स और डिफरेंशियल इक्वेशंस लिखें , इंटीग्रल इक्वेशंस और लॉगरिदम्स के साथ फॉर्मूले कैसे लिखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:17&lt;br /&gt;
||इसके लिए, चलिए सबसे पहले उदाहरण राईटर डॉकुमेंट जिसको हमने पिछले ट्यूटोरियल में बनाया था: MathExample1.odt.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||यहाँ चलिए डॉक्युमेंट के अंतिम पेज तक स्क्रोल करते हैं और एक नये पेज पर जाने के लिए Control Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:37&lt;br /&gt;
||अब लिखिए &amp;quot;Derivatives and Differential Equations: ” और Enter बटन दो बार प्रेस करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:45&lt;br /&gt;
||अब चलिए मैथ ओपन करते हैं, Insert मेन्यू पर क्लिक करें , फिर Object और फिर Formula.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:54&lt;br /&gt;
||इससे पहले कि हम आगे जाएँ, चलिए फ़ॉन्ट साइज़ बढ़ाकर 18 पॉइंट कर देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:00&lt;br /&gt;
||अलाइनमेंट  को left (लेफ्ट) में बदल दीजिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||चलिए बेहतर पठनीयता के लिए अपने प्रत्येक उदाहरणों के बीच नई लाइन्स और खाली लाइन्स जोड़ देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:11&lt;br /&gt;
||चलिए अब सीखते हैं कि कैसे Derivatives (डेरिवेटिव) और differential equations (डिफरेन्शल इक्वेशन)लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||मैथ इन फोर्मुले और इक्वेशंस को लिखने का बहुत ही सरल तरीका प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:25&lt;br /&gt;
||हमें बस इन्हें fraction (फ्रैक्शन) की तरह संसाधित करना है, और मार्क अप 'over' इस्तेमाल करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:33&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप, पूर्ण डेरिवेटिव, df by dx लिखने के लिए, Formula Editor Window में मार्क अप होगा 'df over dx'.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||अगला, पार्शियल डेरिवेटिव के लिए, हम 'partial' शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं। और मार्क अप इस प्रकार दिखेगा: del f over del x.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||हमें कर्ली कोष्ठकों का इस्तेमाल करना होगा जब हम mark up ‘partial’ इस्तेमाल करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08&lt;br /&gt;
||राइटर ग्रे बॉक्स में पार्शियल डेरिवेटिव्स के लिए del चिन्ह पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:14&lt;br /&gt;
||यहाँ एक अन्य उदाहरण है: न्यूटन का दूसरा गति नियम (Newton's second law of motion)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:21&lt;br /&gt;
||जोकि त्वरण और बल के बीच के सम्बन्ध का वर्णन करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||F इक्वलटू m a. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:30&lt;br /&gt;
||इसको एक साधारण डिफ्फ्रेंशियल इक्वेशन की तरह लिख सकते हैं: F of t इक्वलटू m गुणा d स्क्वेर्ड x ओवर dt स्क्वेर्ड। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:45&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये कार्य के क्रम को कहने के लिए हमने कई कर्ली कोष्ठकों का इस्तेमाल किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
||और इक्वेशन जैसी स्क्रीन पर है वैसे दिखेगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
||यहाँ डिफ्फ्रेंशियल इक्वेशन का एक और उदाहरण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:05&lt;br /&gt;
||न्यूटन लॉ ऑफ कुलिंग ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:08&lt;br /&gt;
||यदि थीटा ऑफ़ t एक वस्तु का समय t पर तापमान है, तब हम एक डिफ्फ्रेंशियल इक्वेशन लिख सकते हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
||d ऑफ़ थीटा ओवर d ऑफ़ t इक्वलटू माईनस k गुणा थीटा माईनस S.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||जहाँ S आस पास के वातावरण का तापमान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:35&lt;br /&gt;
||रायटर ग्रे बॉक्स में इक्वेशन पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:39&lt;br /&gt;
||चलिए अपना काम अब सेव करते हैं। File पर जाए और Save पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:45&lt;br /&gt;
||चलिए अब देखते हैं कि कैसे इंटीग्रल इक्वेशंस लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:50&lt;br /&gt;
||और चलिए रायटर  ग्रे बॉक्स के बाहर तीन बार क्लिक करके नये पेज पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||और फिर Control Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:03&lt;br /&gt;
||लिखिए “Integral Equations: ” &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:06&lt;br /&gt;
||और enter दो बार दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:11&lt;br /&gt;
||अब, चलिए Insert Object menu से मैथ को ओपन करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:17&lt;br /&gt;
||फोंट साइज़ को बढ़ाके 18 पॉइंट तक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:22&lt;br /&gt;
||और अलाइनमेंट  को left में बदल दें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||इंटीग्रल चिन्ह लिखने के लिए, हमें केवल Formula Editor Window में मार्कअप &amp;quot;int&amp;quot; इस्तेमाल करना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
||अतः, एक रियल वेरिएबल x का एक फंक्शन f और x-axis पर रियल लाइन में इंटरवल a, b, । सीमांकित इंटीग्रल इस तरह से लिखा जा सकता है Integral from a to b f of x dx.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||इंटीग्रल चिन्ह को दर्शाने के लिए हमने मार्कअप 'int' का इस्तेमाल किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:04&lt;br /&gt;
||limits a और b दर्शाने के लिए, हमने मार्कअप 'from’ और ‘to’ इस्तेमाल किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:13&lt;br /&gt;
||रायटर  ग्रे बॉक्स में फॉर्मूले पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:17&lt;br /&gt;
||अगला एक उदाहरण , दोहरा इंटीग्रल फोर्मुला आयतफलकी का घनफल यानि क्युबोइड का वोल्यूम हल करने के लिए लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
||फॉर्मूले स्क्रीन पर दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:30&lt;br /&gt;
||जैसा कि हम देख सकते हैं दोहरे इंटीग्रल के लिए मार्क अप है ‘i i n t’.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:38&lt;br /&gt;
||उसी प्रकार से, हम आयतफलकी का घनफल हल करने के लिए तिहरा इंटीग्रल इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:46&lt;br /&gt;
||और तिहरे इंटीग्रल के लिए मार्क अप होगा ‘i i i n t’.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:52&lt;br /&gt;
||हम एक इंटीग्रल की लिमिट्स देने के लिए subscript का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:00&lt;br /&gt;
||subscript का इस्तेमाल करके, मैथ चिन्ह को इंटीग्रल के निचले दायें ओर रख देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:06&lt;br /&gt;
||अतः इन तरीकों से मैथ में इंटीग्रल फॉर्मूले और इक्वेशंस लिख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:13&lt;br /&gt;
||चलिए अब देखते हैं कि कैसे logarithms सहित फॉर्मूले लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:19&lt;br /&gt;
||चलिए यह एक नये मैथ ग्रे बॉक्स या मैथ ऑब्जेक्ट में लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:24&lt;br /&gt;
||लिखिए ‘Logarithms: ‘ और दो बार Enter प्रेस करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29&lt;br /&gt;
||मैथ को फिर से लाएं ;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
||और फोंट को 18 पॉइंट तक बदल दें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:39&lt;br /&gt;
||और उनको left में अलाइन करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
||एक सरल फॉर्मूले logarithm का इस्तेमाल करते हुए है Log 1000 to the base 10 इक्वलटू 3.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:52&lt;br /&gt;
||यहाँ मार्क अप पर ध्यान दें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:55&lt;br /&gt;
||यहाँ एक अन्य उदाहरण है: Log 64 to the base 2 इक्वलटू 6.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:03&lt;br /&gt;
||चलिए अब natural logarithm का इंटीग्रल वर्णन देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:10&lt;br /&gt;
||natural logarithm ऑफ़ t इक्वलटू इंटीग्रल of 1 by x dx फ्रॉम 1 to t.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:20&lt;br /&gt;
||और मार्कअप जैसे स्क्रीन पर है वैसे दिखेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:25&lt;br /&gt;
||चलिए अपने उदाहरण सेव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:29&lt;br /&gt;
||यहाँ आपके लिए एक कार्य है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:31&lt;br /&gt;
||निम्लिखित डेरिवेटिव फोर्मुला लिखिए:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:35&lt;br /&gt;
||d squared y by d x squared इक्वलटू to d by dx of ( dy by dx).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:47&lt;br /&gt;
||आरोह्य कोष्ठकों का इस्तेमाल करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:51&lt;br /&gt;
||निम्लिखित इंटीग्रल लिखिए:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:53&lt;br /&gt;
||Integral with limits 0 to 1 of {square root of x } dx.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:04&lt;br /&gt;
||अगला, डबल इंटीग्रल (दोहरा इंटीग्रल) निम्न प्रकार से लिखिए:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:09&lt;br /&gt;
||डबल इंटीग्रल from T of { 2 Sin x – 3 y cubed + 5 } dx dy &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:23&lt;br /&gt;
||और फॉर्मूला का इस्तेमाल करते हुए:  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:25&lt;br /&gt;
||log x to the power of p to the base b इक्वलटू p into log x to the base b; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:35&lt;br /&gt;
||log 1024 to the base 2 को हल करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:41&lt;br /&gt;
||अपने फॉर्मूले को फॉर्मेट करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम लिबरऑफिस मैथ में डिफ्फ्रेंशियल और इंटीग्रल इक्वेशंस और लॉगरिदम पर ट्युटोरियल के अंत में आ गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:52&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने सीखा कि कैसे डेरिवेटिव्स और डिफ्फ्रेंशियल इक्वेशंस लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:58&lt;br /&gt;
||इंटीग्रल इक्वेशंस और लॉगरिदम के साथ फॉर्मूले।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:02&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
||09:06&lt;br /&gt;
||यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:13&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org द्वारा संचालित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:18&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:24 &lt;br /&gt;
||आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:31&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Matrices-Aligning-Equations/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Math/C2/Matrices-Aligning-Equations/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Matrices-Aligning-Equations/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T04:59:18Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || Time || Narration  |- ||00:00 ||लिबर ऑफिस Math पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| Time&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस Math पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:०४&lt;br /&gt;
||इस ट्युटोरियल में, हम सीखेंगे कि Matrix (मैट्रिक्स) कैसे लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:08&lt;br /&gt;
||और एक विशिष्ट कैरेक्टर पर इक्वेशंस अलाइन करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||इसके लिए, चलिए सबसे पहले उदाहरण राईटर डॉक्युमेंट जिसे हमने पिछले ट्यूटोरियल में बनाया था: MathExample1.odt&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:25&lt;br /&gt;
||पिछले सारे फ़ॉर्मूले उदाहरण पर ध्यान दीजिये जिन्हें हमने Math का इस्तेमाल करके लिखा था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:30&lt;br /&gt;
||अब चलिए डॉक्युमेंट के अंतिम पेज तक स्क्रोल करते हैं और एक नये पेज पर जाने के लिए Ctrl Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||अब चलिए मैथ ओपन करते हैं, Insert मेन्यू पर क्लिक करें , फिर Object और फिर Formula.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||0049:&lt;br /&gt;
||गणित में, एक मैट्रिक्स संख्याओं या चिह्नों की एक समकोणीय अरै होती है, जिन्हें एलीमेंट्स कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:59&lt;br /&gt;
||Math के पास एक मैट्रिक्स और उसके एलीमेंट्स की रोव्ज़ और कॉलम्स को दर्शाने के लिए अलग मार्क अप है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:08&lt;br /&gt;
||मेरे पास उदाहरण पहले से ही लिखे हुए हैं जिससे की समय बच सके। मैं इन्हें कॉपी और पेस्ट करूँगा। अब हम सीखेंगे कि कैसे 2 by 3 मैट्रिक्स लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:24&lt;br /&gt;
||इस मैट्रिक्स के पास 2 रोव्ज़ और 3 कॉलम्स है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:29&lt;br /&gt;
||हम मार्कअप ‘Matrix’ इस्तेमाल करेंगे और उसके सारे एलीमेंट्स को फोर्मुला एडिटर विंडो में कर्ली कोष्ठकों के अंदर करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये कि एक रो में एलीमेंट्स एक हैश चिह्न से अलग किये गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:48&lt;br /&gt;
||और रोव्ज़ दो हैश चिह्नों से अलग किये गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:55&lt;br /&gt;
||मैट्रिक्स को ब्रैकेट्स के अंदर रखने के लिए कोष्ठक का इस्तेमाल करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:01&lt;br /&gt;
||अब, ध्यान दीजिये की ब्रैकेट्स छोटे हैं और मैट्रिक्स के सारे एलीमेंट्स को पूरी तरह से कवर नहीं कर पा रहे हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
||यह प्रत्येक एलीमेंट के आकार के बराबर हैं, और इसलिए मैट्रिक्स के आकर के लिए स्केलेबल नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:22&lt;br /&gt;
||इसको हल करने के लिए, हम ‘Left’ और ‘Right’ शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:28&lt;br /&gt;
||इसका मतलब ब्रैकेट्स को स्केलेबल बनाने के लिए प्रारंभिक कोष्टक से ठीक पहले Left और समाप्ति कोष्ठक के बाद Right&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
||चलिए मैं अगला उदाहरण कॉपी और पेस्ट करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:46&lt;br /&gt;
||अतः एक 4 by1 मैट्रिक्स जैसी स्क्रीन पर है वैसी दिखेगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:52&lt;br /&gt;
||राईटर ग्रे बॉक्स में स्केलेबल ब्रैकेट्स पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57&lt;br /&gt;
||मैट्रिक्स के लिए मार्कअप जैसा स्क्रीन पर प्रदर्शित है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:03&lt;br /&gt;
||यहाँ हम paranthesis के बजाय स्क्वेर कोष्ठक भी इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:09&lt;br /&gt;
||अतः मैट्रिक्स मार्क अप का इस्तेमाल करके, हम किसी भी आकार के मैट्रिसेस लिख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:17&lt;br /&gt;
||अब चलिए मैट्रिक्स जोड़ने  के लिए एक उदाहरण लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:23&lt;br /&gt;
||चलिए फोर्मुला एडिटर विंडो में हम नई लाइन पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||हम Enter बटन को दो बार दबाकर दो रिक्त लाइन्स जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
||सबसे पहले चलिए दो उदाहरण 2 by 3 मैट्रिसेस अगल बगल लिखते हैं जैसा कि स्क्रीन पर दिखाया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:46&lt;br /&gt;
||अगला, चलिए योग दर्शाने के लिए इन दोनों के बीच में एक प्लस का चिह्न डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:54&lt;br /&gt;
||यह करने के लिए, हम केवल राईटर ग्रे बॉक्स में इन दो मैट्रिसेस के बीच में खाली जगह पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:03&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये कि कर्सर फोर्मुला एडिटर विंडो में यहाँ दो मैट्रिक्स मार्क अप्स के लगभग बीच में रखा गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||इन दो मैट्रिसेस के बीच में प्लस लिखिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:17&lt;br /&gt;
||अतः तो यह है प्लस चिह्न।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||अगला चलिए अंत में लंबी खाली जगह के साथ ‘equal to’ चिह्न जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:28&lt;br /&gt;
||और फिर दांयी तरफ तीसरी मैट्रिक्स है जो जोड़ दर्शा रही है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये अपने उदाहरण में हमने Greek कैरेक्टर्स इस्तेमाल किये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||अतः यह दो मैट्रिसेस के जोड़ का उत्तर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:47&lt;br /&gt;
||चलिए अपना कार्य सेव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:51&lt;br /&gt;
||अगला, चलिए एक मैट्रिक्स को एक संख्या से गुणा करने वाला उदाहरण देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||हम एक 2 by 3 मैट्रिक्स लिखेंगे और उसे 4 से गुणा करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:04&lt;br /&gt;
||हम पहले लिखेंगे ‘4 times’ फिर मैट्रिक्स।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
||चलिए मैं मैट्रिक्स कॉपी करता हूँ और उसको FEW में पेस्ट करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:17&lt;br /&gt;
||फिर चलिए हम अंत में लम्बे खाली जगह के साथ ‘equal to’ चिह्न लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||उसके बाद मैट्रिक्स गुणनफल। मैं मैट्रिक्स गुणनफल के लिए मार्कअप कॉपी और पेस्ट कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:33 &lt;br /&gt;
||अतः यह एक 2 by 3 मैट्रिक्स को एक संख्या से गुणा करने का गुणनफल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
||अब, Format मेन्यू पर क्लिक करके और fonts, font size, alignment या spacing चुनकर हम मैट्रिसेस को फॉर्मेट कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:51&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप, चलिए spacing चुनते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:55&lt;br /&gt;
||दायीं ओर category ड्रॉपडाउन में,  मैट्रिसेस चुनते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:02&lt;br /&gt;
||और line spacing को बदल कर 20 प्रतिशत कर दीजिये और column spacing को 50 प्रतिशत कर दीजिये । OK पर क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:17&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये की कैसे मैट्रिसेस और उसके एलीमेंट्स ठीक तरह से दूर फैल गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23&lt;br /&gt;
||चलिए File और Save पर क्लिक करके अब अपना कार्य सेव करते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29&lt;br /&gt;
||अब, मैट्रिसेस को दो या तीन इक्वेशंस लिखने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं और फिर उन्हें एक विशिष्ट कैरेक्टर की तरफ अलाइन  कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:37&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप, हम simultaneous इक्वेशंस लिख सकते हैं और उन्हें ‘equal to’ कैरेक्टर की तरफ अलाइन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:46&lt;br /&gt;
||चलिए अब एक सेट Simultaneous इक्वेशंस का लिखते हैं जैसा की स्क्रीन पर दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:52&lt;br /&gt;
||ध्यान दीजिये की वे ‘equal to’ कैरेक्टर की तरफ पूर्णतः अलाइन नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:58&lt;br /&gt;
||अतः, यहाँ हम उन्हें अलाइन करने के लिए मैट्रिक्स मार्कअप का इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:03&lt;br /&gt;
||हम इक्वेशन के प्रत्येक भाग को अलग कर सकते हैं और भागों को मैट्रिक्स के एलीमेंट्स की तरह मान सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:10&lt;br /&gt;
||यहाँ, 2x एक भाग है,y एक भाग है, ‘equal to’ कैरेक्टर एक भाग है और इत्यादि ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:20&lt;br /&gt;
||enter दो बार दबाइए। मार्कअप को कॉपी और पेस्ट करिये। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:26&lt;br /&gt;
||और, इस प्रकार से नया मार्कअप स्क्रीन पर दिख रहा है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:31&lt;br /&gt;
||यहाँ, हमने मैट्रिक्स मार्कअप इस्तेमाल किया, इक्वेशन के प्रत्येक भाग को एक एलीमेंट की तरह माना और उनको # चिह्नों से अलग किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
||हमने दो इक्वेशंस को अलग करने के लिए दो हैश चिह्नों का इस्तेमाल किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:50&lt;br /&gt;
||अतः यह पूर्णतः अलाइन किए इक्वेशंस का सेट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:56&lt;br /&gt;
||चलिए इक्वेशंस का एक और सेट लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||यहाँ चलिए मानते हैं कि हमारे पास 'equal to' कैरेक्टर के दायीं और बायीं तरफ बराबर भाग नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:09&lt;br /&gt;
||स्क्रीन पर इक्वेशंस पर ध्यान दें, और यह ‘equal to’ चिह्न की तरफ अलाइन नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:16&lt;br /&gt;
||चलिए इन्हें अलाइन करने के लिए पुनः मार्कअप लिखते हैं। enter दो बार दबाइए। मैं मार्कअप को कॉपी और पेस्ट कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:25&lt;br /&gt;
||अतः यहाँ, हमने भागों को 'equal to' चिह्न के दायीं और बायीं तरफ अलाइन  करने के लिए Align r और align l का इस्तेमाल किया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:36&lt;br /&gt;
||और यहाँ अच्छे तरह से अलाइन हुए  इक्वेशंस का सेट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:41&lt;br /&gt;
||यहाँ आपके लिए एक नियत कार्य है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||एक 2x3 मैट्रिक्स को 3x1 मैट्रिक्स से गुणा करने के स्टेप्स को लिखिए। fonts, sizes और spacing को बदलने के लिए formatting का इस्तेमाल करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:56&lt;br /&gt;
||तीन इक्वेशंस का एक सेट लिखिए। इक्वेशंस को ‘equal to’ चिह्न कि तरफ अलाइन करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:04&lt;br /&gt;
||अब हम लिबर ऑफिस Math मैट्रिक्स और aligning इक्वेशंस पर इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:11&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने निम्न विषय सीखे:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:15&lt;br /&gt;
||एक मैट्रिक्स लिखना और एक विशिष्ट चिह्न की तरफ इक्वेशंस को अलाइन करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:20&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:32&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:37&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:40&lt;br /&gt;
||आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:50&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Using-Greek-characters-Brackets-Steps-to-Solve-Quadratic-Equation_/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Math/C2/Using-Greek-characters-Brackets-Steps-to-Solve-Quadratic-Equation /Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Using-Greek-characters-Brackets-Steps-to-Solve-Quadratic-Equation_/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T04:57:22Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 ||Time ||Narration  |- ||00:00 ||लिबर ऑफिस Math पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत ह…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
||Time&lt;br /&gt;
||Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस Math पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:04&lt;br /&gt;
||इस ट्युटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:08&lt;br /&gt;
||ग्रीक कैरेक्टर्स का इस्तेमाल करना जैसे alpha, beta, theta और pi&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:15&lt;br /&gt;
||कोष्ठकों का इस्तेमाल करना , द्विघाती समीकरण यानि Quadratic Equation को हल करने की प्रक्रिया को लिखना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:21&lt;br /&gt;
||चलिए सीखते हैं की कैसे मैथ का इस्तेमाल करते हुए ग्रीक कैरेक्टर्स लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:26&lt;br /&gt;
||इसके लिए, चलिए सबसे पहले उदाहरण राईटर डॉकुमेंट जिसको हमने पिछले ट्यूटोरियल में बनाया था जोकि है MathExample1.odt.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||ग्रे बॉक्स जिसमें हमने फोर्मुले लिखे थे उसपर डबल क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:47&lt;br /&gt;
||यह मैथ फ़ॉर्मूला एडिटर और Elements विंडो ओपन करेगा ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:54&lt;br /&gt;
||चलिए फ़ॉर्मूला एडिटर के बोर्डर पर क्लिक करते हैं और उसको सही जगह ड्रैग और ड्रॉप करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02&lt;br /&gt;
||यह बेहतर दृश्यता के लिए राईटर विंडो को बढ़ाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:07&lt;br /&gt;
||अब ग्रीक कैरेक्टर्स, उदाहरणस्वरुप, alpha, beta, theta और pi गणितीय फोर्मुलों में समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:16&lt;br /&gt;
||किन्तु Elements विंडो में हम यह कैरेक्टर्स नहीं पाएँगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
||हम , प्रतिशत चिह्न के आगे अंग्रेजी में कैरेक्टर का नाम इस्तेमाल करके इन्हें सीधे लिख सकते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:30&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप, pi लिखने के लिए, हम फ़ॉर्मूला एडिटर में केवल %pi लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
||छोटे कैरेक्टर लिखने के लिए, कैरेक्टर का नाम छोटे अक्षरों में लिखिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:47&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप, alpha को छोटे अक्षर में लिखने के लिए, टाइप करें %alpha या %beta &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:59&lt;br /&gt;
||बड़े अक्षर का कैरेक्टर लिखने के लिए, कैरेक्टर का नाम बड़े अक्षरों में लिखिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:06&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप gamma को बड़े अक्षर में लिखने के लिए, टाइप करें %GAMMA या %THETA&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
||ग्रीक कैरेक्टर्स डालने का एक और तरीका है कि Tools menu से Catalog इस्तेमाल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||Symbol set में, Greek चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:31&lt;br /&gt;
||और सूची में से Greek अक्षर पर डबल क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||Greek अक्षर के लिए मार्क अप पर ध्यान दें जो है alpha जोकि सूची के नीचे दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:43&lt;br /&gt;
||अतः इस तरह  से हम एक फ़ॉर्मूले में Greek अक्षर प्रयुक्त कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:49&lt;br /&gt;
||अन्य Greek अक्षरों का मार्क अप जानने के लिए Symbols कैटलॉग का अन्वेषण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
||चलिए अब सीखते हैं कि अपने फोर्मुलों में कोष्ठक कैसे प्रयुक्त करते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
||मैथ को फ़ॉर्मूला के संचालन के क्रम की जानकारी नहीं होती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:07&lt;br /&gt;
||इसलिए हमें संचालन के क्रम को बताने के लिए कोष्ठकों का इस्तेमाल करना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:13&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरुप,  हम कैसे लिखें कि 'पहले x और y को जोड़ें, फिर उत्तर को 5 से भाग दें'?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:22&lt;br /&gt;
||हम लिख सकते हैं ‘ 5 over x + y ‘. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||अब क्या यह वास्तव में वही है जो हम लिखना चाहते थे?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
||नहीं, हम पहले x और y को जोड़ना चाहते हैं , और यह हम x और y के पीछे कर्ली कोष्ठकों को लगाकर कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:44&lt;br /&gt;
||और मार्क अप ऐसे दिखेगा: '5 over x+y कर्ली कोष्ठकों में'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||अतः कोष्ठकों का इस्तेमाल फ़ॉर्मूले के संचालन के क्रम को निर्धारित करने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||चलिए सबसे ऊपर File मेन्यू का इस्तेमाल करके और save चुनकर अपने काम को सेव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||चलिए अब एक Quadratic इक्वेशन को हल करने की प्रक्रिया को लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:13&lt;br /&gt;
||राईटर डाक्यूमेन्ट में हम Control + Enter दबाकर नये पेज में जायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:21&lt;br /&gt;
||चलिए लिखते हैं:‘Solving a Quadratic Equation’&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||और Insert&amp;gt;Object&amp;gt;Formula मेन्यू  से मैथ लाते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
||मैंने पहले से ही quadratic equations टाइप किया है मैं इसे कट और पेस्ट करूँगा जिससे समय की  बचत होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||तो यह Quadratic इक्वेशन है जिसे हम हल करेंगे, x squared - 7 x + 3 = 0 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:53&lt;br /&gt;
||इसको हल करने के लिए, हम स्क्रीन पर दिखने वाला Quadratic फ़ॉर्मूला इस्तेमाल कर सकते हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
||यहाँ ‘a’ x squared शब्द का गुणांक है, ‘b’ x का गुणांक है और 'c' constant है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:11&lt;br /&gt;
||और हम फ़ॉर्मूले में a के लिए 1, b के लिए -7, और c के लिए 3 रखकर इक्वेशन को हल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:23&lt;br /&gt;
||अतः सबसे पहले चलिए Quadratic इक्वेशन जिसे हमें हल करना है उसका मार्कअप लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:30&lt;br /&gt;
||सबसे पहले हम Insert&amp;gt;Object&amp;gt;Formula मेन्यू से मैथ लाते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||फॉर्मेट एडिटर विंडो में, निम्न प्रकार से मार्क अप लिखते हैं: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:46&lt;br /&gt;
||x squared minus 7 x  plus 3 = 0&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:53&lt;br /&gt;
||चलिए बेहतर प्रत्यक्षता के लिए खाली लाइनों को डालते हैं इसलिए दो newlines डालते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
||Enter दबाइए और लिखिए ‘Quadratic Formula: ‘. फिर Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
||एक जटिल फ़ॉर्मूले को हल करने के लिए अच्छा तरीका यह है कि फ़ॉर्मूले के सबसे भीतरी एलीमेंट से शुरुआत करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||और फिर इन एलीमेंट्स के आसपास हम अपना कार्य कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:21&lt;br /&gt;
||अतः हम सबसे पहले सबसे भीतरी स्क्वेर रूट फंक्शन लिखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:27&lt;br /&gt;
||और मार्क अप है ‘square root of b squared - 4ac’ कर्ली कोष्ठकों में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:37&lt;br /&gt;
||अगला, हम उपरी व्यंजक में ‘minus b plus or minus’ जोड़ेंगे और उनको हम कर्ली कोष्टकों के भीतर रख देंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:48&lt;br /&gt;
||कर्ली कोष्ठक के एक और सेट को जोड़ कर हम उपरी व्यंजक को अंश बनाएँगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57&lt;br /&gt;
||व्यंजक में ‘over 2a’ जोड़िये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:02&lt;br /&gt;
||और अंततः शुरू में 'x equals’ जोड़िये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:08&lt;br /&gt;
||'equal to' चिह्न के आस पास दो लम्बी रिक्त स्थानों के साथ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:13&lt;br /&gt;
||और यह Quadratic फ़ॉर्मूला है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:16&lt;br /&gt;
||इस तरह से हम जटिल फोर्मुलों को हल करते हैं और उनको भाग करके बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:22&lt;br /&gt;
||अगला चलिए बाकी टेक्स्ट को फोर्मुला एडिटर विंडो  में निम्लिखित तरह से लिखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:29&lt;br /&gt;
||‘Where ‘a’ is the coefficient of the x squared term, b is the coefficient of the x term, c is the constant.’ उसके बाद एक newline.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
||और लिखिए: ‘We can solve the equation by substituting 1 for a, -7 for b, 3 for c’ उसके बाद दो newlines.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||अतः प्रतिस्थापन (सब्स्टिटूशन) के बाद मार्क अप, इस तरह से स्क्रीन पर दिखेगा:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||अतः कोष्ठकों का इस्तेमाल करके हमने संख्याओं को समीकरण में रख दिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:12&lt;br /&gt;
||ठीक है, यहाँ आपके लिए एक नियत कार्य है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
||Quadratic समीकरण को हल करने के बचे हुए स्टेप्स को पूरा करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:20&lt;br /&gt;
||दो नतीजों को अलग अलग दर्शाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:23 &lt;br /&gt;
||alignments और spacing बदल कर स्टेप्स को फॉर्मेट करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:28&lt;br /&gt;
||जहाँ कहीं भी आवश्यकता हो लम्बे रिक्त स्थान और नई लाइन्स जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:33&lt;br /&gt;
||निम्नलिखित फ़ॉर्मूला लिखिए: 'pi 3.14159 के समान या बराबर है’&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:42&lt;br /&gt;
||अब हम लिबर ऑफिस Math में Greek Characters, कोष्ठकों और समीकरणों पर इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:52&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने निम्न विषय सीखे:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:56&lt;br /&gt;
||Greek characters का इस्तेमाल करना जैसे alpha, beta, theta और pi&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:01&lt;br /&gt;
||कोष्ठकों का इस्तेमाल करना , Quadratic Equation को हल करने की प्रक्रिया को लिखना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:07&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:20&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:24&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
||आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:38&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Markup-Language-for-writing-formula-Formula-Formatting/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Math/C2/Markup-Language-for-writing-formula-Formula-Formatting/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-29T04:55:19Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || Time || Narration  |- ||00:00 ||लिबर ऑफिस Math के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| Time&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस Math के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:04&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में निम्न के बारे में सीखेंगे ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:08&lt;br /&gt;
||फोर्मुला लिखने के लिए मार्कअप लैंगग्वेज तथा फोर्मुला फॉर्मेट करना यानि फ़ोंट्स , अलाइनमेंट और स्पेसिंग ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:18&lt;br /&gt;
||पिछले ट्यूटोरियल में हमने Math के लिए मार्कअप लैंगग्वेज की शुरुआत की थी ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:24&lt;br /&gt;
||मार्कअप लैंगग्वेज के बारे में अब और सीखते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:28&lt;br /&gt;
||पहले एक रायटर डॉक्युमेंट खोलते हैं और फिर मैथ एप्लिकेशन रायटर में लाते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35&lt;br /&gt;
||यदि रायटर पहले से ही ओपन है, फिर Insert मेन्यू पर क्लिक करें और फिर Object पर क्लिक करें और Formula चुनें ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:46&lt;br /&gt;
||यदि रायटर ओपन नहीं है , इसे विंडोज़ स्टार्ट मेन्यू से ओपन कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:55&lt;br /&gt;
||Elements (एलिमेंट्स) विंडो का उपयोग करके आसानी से फोर्मुला लिख सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:01&lt;br /&gt;
||लेकिन फोर्मुला को तेज़ी से लिखने का एक तरीका यह है कि फोर्मुला एडिटर में सीधे मार्कअप लैंगग्वेज लिखना । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:10&lt;br /&gt;
||क्योंकि फोर्मुला के लिए मार्कअप लैंगग्वेज  अंग्रेज़ी में जैसे फोर्मुला पढ़ते हैं उसके समान है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:18&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए यदि लिखना है ‘4 into 3’, , हम फोर्मुला एडिटर विंडो में टाइप करते हैं ‘4 times 3’&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
||अगले उदाहरण पर जाने से पहले यहाँ एक रिक्त लाइन इन्सर्ट करते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:36&lt;br /&gt;
||यह मार्कअप टाइप करें ‘newline’ और देखें कि रायटर ग्रे बॉक्स एरिया में नई लाइन इन्सर्ट  हुई है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:46&lt;br /&gt;
||टाइप करते हैं  ‘Some more example formulae: newline’. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:51&lt;br /&gt;
||अच्छे से नज़र आने के लिए एन्टर की एक बार प्रेस करते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
||और लिखें  ‘x greater than equal to y’. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||Here we will also number the formulae.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:07&lt;br /&gt;
||अतः हम टाइप करेंगे ‘1. x greater than equal to y new line’. एन्टर प्रेस करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि रायटर ग्रे बॉक्स रिफ्रेश हुआ है और कंटेंट्स मध्य में आए हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:25&lt;br /&gt;
||अब लिखते हैं : ‘a to the power of 2’. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:30&lt;br /&gt;
||और मार्कअप है : ‘2. 'a' ऊपरी तरफ पॉइंट करता हुआ एरो 10’  new line’ और एन्टर प्रेस करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
||रायटर ग्रे बॉक्स में गणितीय चिन्ह देखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:48&lt;br /&gt;
||अब लिखते हैं ‘square root of 16 = 4’&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:55&lt;br /&gt;
||टाइप करें  ‘3. sqrt   कर्ली कोष्ठक में ‘16’ = 4 new line’. एन्टर प्रेस करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:06&lt;br /&gt;
||इस फोर्मुला को रायटर ग्रे बॉक्स में देखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:10&lt;br /&gt;
||ठीक है, अब  ‘a suffix n’ के लिए एक समेशन चिन्ह लिखते हैं , to denote a1 + a2 + a3 से लेकर  + ‘an’.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||अतः मार्कअप है : ‘4. sum a underscore n  new line’. एन्टर प्रेस करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
||अब एक फंक्शन के साथ इंटीग्रल की कोशिश करते हैं । f x d x इंटीग्रल लिखने के लिए मार्कअप है,‘5. int fx dx newline’. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:54&lt;br /&gt;
||रायटर एरिया में इंटीग्रल चिन्ह को देखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:00&lt;br /&gt;
||अब अपना काम सेव करते हैं ।ऊपर फाइल मेन्यू पर जाए , Save पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||डॉक्युमेंट को नाम दें MathExample1.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:16&lt;br /&gt;
||अब सीखते हैं हमारे लिखे हुए फोर्मुले को फॉर्मेट कैसे करें । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:21&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि सभी मध्य में हैं और उनके बीच ज्यादा स्पेस नहीं है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:28&lt;br /&gt;
||फॉर्मेट में बदलाव करने के लिए हम ऊपर मौजूद फॉर्मेट मेन्यू का उपयोग कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
||सभी फोर्मुले को बाईं ओर अलाइन करते हैं । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
|| Format (फॉर्मेट) मेन्यू पर क्लिक करते हैं और Alignment(अलाइनमेंट) को चुनें  ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:46&lt;br /&gt;
||नई विंडो में Left ऑप्शन चुनें । और Ok बटन पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:54&lt;br /&gt;
||देखिए कि फोर्मुले अब बाईं ओर अलाइन हुए हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||हम फॉर्मेट मेन्यू से ‘Fonts’ को चुनकर फोंट स्टाइल बदल सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||यहाँ विभिन्न वर्गों को देखें : &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
||हम एक तरह का फोंट वेरियेबल्स के लिए, फंक्शंस के लिए अन्य फोंट और नम्बर्स और टेक्स्ट के लिए अलग फोंट सेट कर सकते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:23&lt;br /&gt;
||फोंट स्टाइल को बदलने के लिए, Modify बटन पर क्लिक करें और Variables(वेरियेबल्स) को चुनें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:34&lt;br /&gt;
||सूची में से Arial Black को चुनें और Ok बटन पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:43&lt;br /&gt;
||यहाँ Ok बटन पर क्लिक करके फोंट को सेव करते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:50&lt;br /&gt;
||रायटर ग्रे बॉक्स में देखें कि फोंट बदल गया है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:56&lt;br /&gt;
||फ़ॉर्मूले के फ़ॉन्ट साइज़ बढ़ाने के लिए, Format menu पर जाएँ , और Font Size पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:06&lt;br /&gt;
||चलिए Base size बढ़ाके ‘18 point’ तक कर देते हैं। OK पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:15&lt;br /&gt;
||हम अन्य वर्गों जैसे text  या indexes या operators की साइज़ बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:25&lt;br /&gt;
||हम default बटन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं उन सारे फ़ॉन्ट साइज़ बदलावों को undo करने के लिए जिन्हें हमने किये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:32&lt;br /&gt;
||फ़ॉर्मूले में फ़ॉन्ट साइज़ बदलावों पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:37&lt;br /&gt;
||अगला, चलिए फ़ॉर्मूले की स्पेसिंग में बदलाव करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
||Format मेन्यू पर क्लिक करें और Spacing चुनें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:47&lt;br /&gt;
||चलिए स्पेसिंग बदलते हैं, line spacing और root spacing दोनों को 20 प्रतिशत।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:56&lt;br /&gt;
||जैसे ही हम प्रत्येक स्पसिंग प्रकार पर क्लिक करते हैं, मध्य में इमेज स्पेसिंग प्रकार के स्थान को दर्शाएगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:05&lt;br /&gt;
||फिर से हम विभिन्न वर्गों से स्पसिंग प्रकार चुन सकते हैं, चलिए Category बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:16&lt;br /&gt;
||या अपने बदलावों को undo करने के लिए Default बटन का इस्तेमाल करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:22&lt;br /&gt;
||चलिए अब OK बटन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:25&lt;br /&gt;
||और स्पेसिंग बदलावों को राईटर ग्रे बॉक्स में देखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:30&lt;br /&gt;
||एलिमेंट्स विंडो में और अधिक फॉर्मेटिंग उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:36&lt;br /&gt;
||चलिए View मेन्यू  से Elements विंडो को लाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:40&lt;br /&gt;
||यहाँ, चलिए कैटगॉरीज़ की दूसरी रो में आखरी आइकॉन पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:47&lt;br /&gt;
||टूलटिप यहाँ पर कहता है 'Formats’.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:51&lt;br /&gt;
||यहाँ, हम subscripts और superscripts, alignments, matrix, new lines और gaps स्थापन चुन सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:03&lt;br /&gt;
||चलिए पांचवे उदाहरण में संख्या 5 के बाद लम्बा रिक्त स्थान रखते हैं । '5' के बाद क्लिक करिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:13&lt;br /&gt;
||फिर Elements विंडो से Formats&amp;gt; Long Gap पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:20&lt;br /&gt;
||लम्बे रिक्त स्थान के लिए मार्कअप है 'tilde’ चिन्ह । और छोटे खली स्थान के लिए, यह 'Tiray’ चिन्ह  है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:29&lt;br /&gt;
||संख्या 5 के बाद नये खली स्थान पर ध्यान दीजिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:33&lt;br /&gt;
||अतः यह तरीके हैं जिससे हम अपने फ़ॉर्मूले को फॉर्मेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
||सारे फ़ॉर्मेटिंग विकल्प जो मैथ देता है उनका अन्वेषण करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:44&lt;br /&gt;
||ठीक है, यहाँ आपके लिए एक नियत कार्य है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:47&lt;br /&gt;
||राईटर विंडो में, मार्कअप का इस्तेमाल करते हुए निम्न फ़ॉर्मूले लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:53&lt;br /&gt;
||यदि आवश्यकता हो तो Elements विंडो का इस्तेमाल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:57&lt;br /&gt;
||Summation ऑफ़ x टू दी power ऑफ़ 2&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:02&lt;br /&gt;
||Sin टू दी power ऑफ़ x प्लस cos टू दी power ऑफ़ x = 1 (Elements विंडो में फंक्शन्स वर्ग का इस्तेमाल करें)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:15&lt;br /&gt;
||पिछली स्लाइड से बढ़ते हुए लिखिए समेशन फ्रॉम 1 to n of x ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:23&lt;br /&gt;
||समेशन के लिए लिमिट्स निर्धारित करने के लिए Operators वर्ग का इस्तेमाल करें।)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
||फ़ॉन्ट को Arial में बदलें और साइज़ 18 point तक।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:35&lt;br /&gt;
||और चिह्नों के बीच में अधिक रिक्त स्थान दीजिये।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:40&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम लिबरऑफिस मैथ में मार्कअप लैंगग्वेज तथा फोर्मुला फॉर्मेट करने के इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर आ गये हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:49&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने निम्न विषय सीखे:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:52&lt;br /&gt;
|| फोर्मुला लिखने के लिए मार्कअप लैंगग्वेज तथा फोर्मुला फॉर्मेट करना यानि फ़ोंट्स , अलाइनमेंट और स्पेसिंग ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:01&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:14&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:19&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:23&lt;br /&gt;
||आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:33&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Introduction/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Math/C2/Introduction/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Math/C2/Introduction/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T04:54:20Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || Time || Narration  |- ||00:02 ||लिबर ऑफिस Math पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| Time&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:02&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस Math पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में, हम लिबर ऑफिस Math के परिचय और फॉर्मूला एडिटर के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||हम निम्न विषय सीखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:15&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस Math क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:18&lt;br /&gt;
||फॉर्मूला एडिटर का उपयोग करके Math का उपयोग करने के लिए सिस्टम की आवश्यकताएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:23&lt;br /&gt;
||साधारण फॉर्मूला लिखना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:26&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस Math क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस Math गणितीय फोर्मुले को एडिट करने और बनाने के लिए बनाया गया एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||यह लिबर ऑफिस सूट में मौजूद है और अतः यह ओपन सोर्स, मुफ्त और वितरण के लिए मुफ्त है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:47&lt;br /&gt;
||Math का उपयोग करके बनाये गये फोर्मुले और समीकरण यहीं कार्य कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:53&lt;br /&gt;
||या लिबर ऑफिस सूट में अन्य डॉक्युमेंट में उपयोगित हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:58&lt;br /&gt;
||फोर्मुले , राइटर(Writer) या Calc में डॉक्युमेंट्स में सन्निहित(एम्बेडेड) किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:05&lt;br /&gt;
||फोर्मुलों के कुछ उदाहरण हैं- fractions(फ्रैक्शन्स), integrals(इंटिग्रैल्स), equations(इक्वैशन्स) और matrices(मैट्रिसेस)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:13&lt;br /&gt;
||Math का उपयोग करने के लिए सिस्टम्स आवश्यकताएं देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:17&lt;br /&gt;
||विंडो के लिए आपको माइक्रोसाफ्ट विंडोज 2000(सर्विस पैक 4 या अधिक), XP, Vista(विस्टा), या  विंडोज 7 की आवश्यकता होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:28&lt;br /&gt;
||Pentium-compatible PC 256 Mb RAM (512 Mb RAM recommended);&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:36&lt;br /&gt;
||उबंटु लिनक्स के लिए Linux kernel version 2.6.18 या अधिक; Pentium-compatible PC 512Mb RAM &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:51&lt;br /&gt;
||सिस्टम आवश्यकताओं पर पूर्ण जानकारी के लिए, लिबर ऑफिस बेवसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:58&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास लिबर ऑफिस सूट पहले से ही संस्थापित है, फिर लिबर ऑफिस सूट प्रोग्राम्स में Math मिलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:06&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास लिबर ऑफिस सूट संस्थापित नहीं है तो आप इसे ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड़ कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:14&lt;br /&gt;
||लिनक्स में आप इसे सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर से संस्थापित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||मैंने लिबर ऑफिस वर्जन 3.3.3 संस्थापित किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:24&lt;br /&gt;
||अच्छा। चलिए शुरू करते हैं और Math एप्लिकैशन खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:28&lt;br /&gt;
||विंडोज में स्टार्ट मेन्यू पर जाएँ। All  Programs&amp;gt;&amp;gt; LibreOffice Suite&amp;gt;&amp;gt; LibreOffice Math पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:39&lt;br /&gt;
|हम इसे लिबर ऑफिस राइटर डॉक्युमेंट से पा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:46&lt;br /&gt;
||अब नये टेक्स्ट डॉक्युमेंट को खोलने के लिए LibreOffice Writer(लिबरऑफिस राइटर) पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
||अब, राइटर विंडो में, Math पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57&lt;br /&gt;
||मेन मेन्यू बार में Insert menu (इनसर्ट मैन्यू) पर क्लिक करें और फिर Object पर जो कि नीचे की ओर है और फिर Formula पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:09&lt;br /&gt;
||अब हम राइटर विंडो में तीन क्षेत्र देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||पहले सबसे ऊपर राइटर क्षेत्र है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
||यहाँ छोटे ग्रे बॉक्स पर ध्यान दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:22&lt;br /&gt;
||यह वह है जहाँ हमारे द्वारा लिखे इक्वेशन्स या फोर्मुले गणितीय फॉर्म में दिखाई देंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
||दूसरा है, फॉर्मूला एडिटर क्षेत्र (एरिया) जो नीचे मौजूद है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
||यहाँ हम विशेष मार्कअप लैंग्विज में गणितीय फोर्मुले टाइप कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:44&lt;br /&gt;
||और तीसरा है एलिमेंट्स विंडो जो कि दायीं ओर होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:50&lt;br /&gt;
||यदि एलिमेंट्स विंडो नहीं दिखाई देती , हम इसे व्यू मेन्यू पर क्लिक करके और फिर एलिमेंट्स को चुन करके ऐक्सेस कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:01&lt;br /&gt;
||यह विंडो हमें गणितीय चिन्ह और अभिव्यक्तियाँ प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||यदि हम राइटर क्षेत्र में ग्रे बॉक्स के बाहरी ओर एक बार क्लिक करते हैं, Math विंडोज गायब हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:17&lt;br /&gt;
|| Math फॉर्मूला एडिटर और एलिमेंट्स विंडो को वापस लाने के लिए ग्रे बॉक्स पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:24&lt;br /&gt;
||अच्छा, चलिए अब एक साधारण मल्टिप्लिकेशन फॉर्मूला लिखते हैं, 4x3 =12.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||अब एलिमेंट्स विंडो में ऊपर और नीचे सिम्बल्स (चिन्हों) की श्रेणियाँ हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:46&lt;br /&gt;
||चलिए सबसे ऊपर दायें आइकन पर क्लिक करें, टूल टिप यहाँ Unary या Binary ऑपरेटर्स दिखाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:57&lt;br /&gt;
||और नीचे हम कुछ बुनियादी गणितीय ऑपरेटर्स देखते हैं जैसे कि प्लस,  माइनस,मल्टिप्लिकेशन और डिविजन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
||दूसरी रो में मल्टिप्लिकेशन दर्शाने वाली ‘a into b’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:17&lt;br /&gt;
||अब फॉर्मूला एडिटर विंडो पर ध्यान दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:20&lt;br /&gt;
||यह ‘Times’ शब्द द्वारा विलग दो प्लेस होल्डर दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:27&lt;br /&gt;
||और सबसे ऊपर राइटर ग्रे बॉक्स क्षेत्र में मल्टिप्लिकेशन सिम्बल द्वारा विलग दो स्क्वेर्स पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:37&lt;br /&gt;
||इस पर डबल क्लिक करके फॉर्मूला एडिटर में पहले प्लेस होल्डर को चिन्हांकित करें और फिर 4 टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:46&lt;br /&gt;
||आगे, दूसरे प्लेस होल्डर को चिन्हांकित करें और फॉर्मूला एडिटर विंडो में 3 टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि राइटर ग्रे बॉक्स स्वयं ही रिफ्रेश हो गया है और यह ‘4 into 3’ दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:03&lt;br /&gt;
||हम ऊपर व्यू मेन्यू पर क्लिक कर सकते हैं और अपडेट चुन सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
||या विंडो को रिफ्रेश करने के लिए, हम की-बोर्ड शॉर्टकट F9 का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||आगे, फॉर्मूला को पूर्ण करें और ‘is equal to12’ इसमें जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:24&lt;br /&gt;
||इसके लिए, दूसरे आइकन पर क्लिक करें जो एलिमेंट्स विंडो में कैटगॉरिस सेक्शन में ‘Relations’ दर्शाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
||यहाँ विविध रिलेशन एलिमेंट्स पर ध्यान दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:38&lt;br /&gt;
||पहला चुनें: ‘a is equal to b’&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:44&lt;br /&gt;
||और हम पहले प्लेस होल्डर को डिलीट करेंगे और दूसरे प्लेस होल्डर में 12 टाइप करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:53&lt;br /&gt;
||और यह हमारा राइटर क्षेत्र में पहला सरल फॉर्मूला है- ‘4 times 3 is equal to 12’.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:01&lt;br /&gt;
||अभी हमने सीखा कि सरल तरीके में फॉर्मूला लिखने के लिए एलिमेंट्स विंडो का उपयोग कैसे करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
||हम यहाँ फॉर्मूला एडिटर विंडो पर राइट क्लिक करके और सिम्बल्स को चुनकर भी फॉर्मूला लिख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:19&lt;br /&gt;
||एलिमेंट्स विंडो में सिम्बल्स की उसी कैटगॉरी को context menu (कान्टेक्स्ट मैन्यू) दर्शाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:26&lt;br /&gt;
||किसी कैटगॉरी को चुनना, उस कैटगॉरी में उपलब्ध सिम्बल्स को दर्शाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:33&lt;br /&gt;
||फॉर्मूला लिखने का एक तीसरा तरीका है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:37&lt;br /&gt;
||हम फॉर्मूला एडिटर विंडो में सीधे फॉर्मूला लिख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:42&lt;br /&gt;
||यहाँ हम एक विशेष मार्कअप लैंग्विज का उपयोग करेंगे, जिसे Math एप्लिकैशन समझता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:50&lt;br /&gt;
||हम मार्कअप लैंग्विज का एक साधारण उदाहरण पहले ही देख चुके हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:56&lt;br /&gt;
||4 times 3 equals 12’.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||यहाँ ‘times’ शब्द का ध्यान रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:03&lt;br /&gt;
||उसी तरह, 4 डिवाइड 4 इक्वल 1 लिखने के लिए मार्क अप है: 4 over 4 equals 1’.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
||अब जबकि हमने कर दिया है, यहाँ आपके लिए एक नियत-कार्य है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:20&lt;br /&gt;
||राइटर विंडो में निम्न फोर्मुले लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:24&lt;br /&gt;
||4 divided by 4 = 1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:29&lt;br /&gt;
||अपने फोर्मुले के बीच में खाली लाइन एंटर करने के लिए ‘newline’ मार्कअप का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||A Boolean AND b&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:40&lt;br /&gt;
||4 is greater than 3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||x is approximately equal to y.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:47&lt;br /&gt;
||And 4 is not equal to 3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:51&lt;br /&gt;
||अब हम लिबर ऑफिस Math  परिचय और फॉर्मूला एडिटर पर इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गये हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:59&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने निम्न विषय सीखे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:03&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस Math क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:06&lt;br /&gt;
|| Math का उपयोग करने के लिए सिस्टम आवश्यकताएं और पूर्वापेक्षाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:10&lt;br /&gt;
||फॉर्मूला एडिटर का उपयोग करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:13&lt;br /&gt;
||साधारण फॉर्मूला लिखना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:16&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:28&lt;br /&gt;
||यह प्रोजेक्ट http://spoken-tutorial.org द्वारा संचालित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:33&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:39&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:58&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Printing-a-Presentation-Document/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Printing-a-Presentation-Document/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Printing-a-Presentation-Document/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T04:53:16Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || Visual Cues || Narration  |- ||00.00 ||लिबरऑफिस इम्प्रेस में प्रस्तुति को प्रिंट करन…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| Visual Cues&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.00&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस इम्प्रेस में प्रस्तुति को प्रिंट करने पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम प्रिंट करने के विविध ऑप्शंस देखेंगे । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.11&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स, हैण्डआउट्स, नोट्स और आउटलाइन ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.16&lt;br /&gt;
||यहाँ हम उबंटु लिनक्स वर्जन 10.04 और लिबरऑफिस वर्जन 3.3.4 का उपयोग कर रहे हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.25&lt;br /&gt;
||कभी-कभी आपको आपकी प्रस्तुति की हार्डकॉपी प्रिंट करनी होती है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||उदाहरण के लिए, हो सकता है आप अपनी प्रस्तुति की कॉपिज़ अपने दर्शकों को देना चाहते हो । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.35&lt;br /&gt;
||अतः पहले अपनी प्रस्तुति Sample Impress पर डबल क्लिक करके उसे ओपन करते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.41&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स की प्रिंट लेने के लिए , File और Print पर क्लिक करें । या फिर CTRL और P कीज़ साथ में प्रेस कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.50&lt;br /&gt;
||General और Options टैब्स में सेटिंग्स जानने के लिए  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00.55&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस रायटर के डॉक्युमेंट्स को देखने तथा प्रिंट करने वाले ट्यूटोरियल को देखें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
||General टैब में ,Print के अंदर , Document फिल्ड में , हम कई ऑप्शंस देखते हैं जो की विशिष्ट रूप से इम्प्रेस में मौजूद है ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09&lt;br /&gt;
||यह ऑप्शंस हमें इच्छित फॉर्मेट में अपनी स्लाइड्स की प्रिंट लेने की सुविधा देते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स, हैण्डआउट्स, नोट्स और आउटलाइन । हम स्लाइड्स ऑप्शन चुनते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
||चलिए अब लिबरऑफिस इम्प्रेस टैब पर क्लिक करते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26&lt;br /&gt;
||यहाँ आप स्लाइड्स के भागों का , कलर का, साइज़ का चुनाव कर सकते हैं जिन्हें प्रिंट करना चाहते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||Content में , Slide name, Date and time और  Hidden pages चुनते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
||जैसे कि टेक्स्ट विवरण देता है, यह स्लाइड का नाम, दिनांक और समय और यदि कोई छिपा हुआ पेज है उसे प्रिंट करेगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:49&lt;br /&gt;
||Color में , Gray scale चुनते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:53&lt;br /&gt;
||जैसे कि टेक्स्ट विवरण देता है, अन्य ऑप्शंस स्लाइड को इसके मूल रंग में या ब्लैक एंड ह्वाइट  में प्रिंट करेगा ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:00&lt;br /&gt;
||Size में , Fit to printable page चुनते हैं । आप दूसरे ऑप्शंस को लिबरऑफिस इम्प्रेस टैब में खुद से देख सकते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||जिस उद्देश्य से आप प्रिंट लेना चाहते हैं उसके आधार पर Page Layout  टैब में कई ऑप्शंस मौजूद हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||मानिए कि प्रिंटआउट के एक ही पेज में आपको कुछ स्लाइड्स चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||अतः Pages per sheet चुनें । डिफॉल्ट रुप से यह एक पेज पर एक स्लाइड प्रिंट करता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:29&lt;br /&gt;
||यह पेज का एक छोटा प्रीव्यू है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:33&lt;br /&gt;
||ड्रॉप-डाउन एरो पर क्लिक करें और एक पेज पर कितने स्लाइड प्रिंट करने हैं उसे चुनें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:39&lt;br /&gt;
||यदि हम 2 चुनते हैं फिर प्रीव्यू में हम दो पेज देख सकते हैं । यदि हम 6 चुनते हैं फिर प्रीव्यू में हम दो पेज देख सकते हैं ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:48&lt;br /&gt;
|| Draw a border around each page ऑप्शन को चुनते हैं । यह प्रिंट करते समय प्रत्येक पेज पर एक काला बॉर्डर बनाता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
||यह पेज को अधिक आकर्षक बनाता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||अगला ऑप्शन है Brochure. यह स्लाइड्स को पुस्तिका के रूप में प्रिंट करने की सुविधा देता है जो बाइंडिंग के लिए आसान  हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:06&lt;br /&gt;
||फिलहाल इस ऑप्शन को हम नहीं चुनेंगे । आप खुद इसे बाद में देख लीजिए । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||यह सुनिश्चित करें कि Options टैब में सभी चेकबॉक्स अनचेक हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:19&lt;br /&gt;
||यह चेकबॉक्स विशेष प्रयोजनों के लिए हैं । इनकी चर्चा हम इस ट्यूटोरियल में नहीं करेंगे । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:25&lt;br /&gt;
||अब Print बटन पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||यदि प्रिंटर सही से कन्फिग्यर हुआ है, तो प्रिंटर प्रिंट करना शुरू करेगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
||अब Handouts ऑप्शन के बारे में सीखते हैं । File और Print पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41&lt;br /&gt;
||और General टैब में , Print के अंदर , Document फिल्ड में Handout चुनें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:47&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रुप से , एक पेज पर 4 स्लाइड्स होते हैं और डिफॉल्ट क्रम है बाएं से दाएं फिर नीचे । इस प्रस्तुति के लिए इसे ऐसे ही रखें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस इम्प्रेस टैब में, आप देखेंगे कि साइज़ ऑप्शंस चुने हुए नहीं हैं या निष्क्रिय हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:05&lt;br /&gt;
||इसका कारण यह है कि प्रिंट का साइज़, शीट में कितनी स्लाइड्स हैं और शीट की साइज़ द्वारा निर्धारित होता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||अब Print बटन पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:15&lt;br /&gt;
||यदि प्रिंटर सही से कन्फिग्यर हुआ है, तो प्रिंटर प्रिंट करना शुरू करेगा । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||चलिए पहली स्लाइड पर जाते हैं और Notes टैब पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||यहाँ नोट में हम टाइप करेंगे  - “This is a sample note”.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:30&lt;br /&gt;
||आपके नोट्स प्रिंट करने के लिए जो आपने अपनी स्लाइड्स के लिए टाइप किए थे File और Print पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
||General टैब में , Print के अंदर , Document फिल्ड में Notes ऑप्शन चुनें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:42&lt;br /&gt;
||बाएं ओर प्रीव्यू पेज पर देखें । यह स्लाइड के तल पर आपके टाइप किए हुए नोट दिखाएगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
||अब लिबरऑफिस इम्प्रेस टैब पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि जब हम नोट्स प्रिंट करते हैं उसके लिए साइज़ ऑप्शंस उपलब्ध नहीं हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:57&lt;br /&gt;
||अब प्रिंट बटन पर क्लिक करें । यदि प्रिंटर सही से कन्फिग्यर हुआ है, तो प्रिंटर प्रिंट करना शुरू करेगा । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:05&lt;br /&gt;
||आखिर में, प्रस्तुति के समय त्वरित सन्दर्भ के लिए स्लाइड्स की आउटलाइन को प्रिंट करने के लिए File पर और Print पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:13&lt;br /&gt;
||General टैब में , Print के अंदर, Document फिल्ड में,  Outline ऑप्शन चुनें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
||बाएं ओर प्रीव्यू पेज पर देखें । यह आउटलाइन या स्लाइड का क्रम उसकी हेडिंग और उप-पॉइंट्स के बताता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:28&lt;br /&gt;
||अब लिबरऑफिस इम्प्रेस टैब पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:32&lt;br /&gt;
||फिर से ध्यान दें कि जब हम आउटलाइन प्रिंट करते हैं उसके लिए साइज़ ऑप्शंस मौजूद नहीं हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:38&lt;br /&gt;
||अब प्रिंट बटन पर क्लिक करें । यदि प्रिंटर सही से कन्फिग्यर हुआ है, तो प्रिंटर प्रिंट करना शुरू करेगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:47&lt;br /&gt;
||इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं जहाँ हमने प्रिंटिंग के बारे में सीखा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:52&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स , हैण्डआउट्स , नोट्स और आउटलाइन ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:57&lt;br /&gt;
||इस नियत कार्य की कोशिश करें । एक नई प्रस्तुति बनाएँ । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:02&lt;br /&gt;
||सिर्फ दूसरी स्लाइड प्रिंट करें । पहली चार स्लाइड को हैण्डआउट में प्रिंट करें ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
||निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें। यह स्पोकन ट्यटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है तो आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:21&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:27&lt;br /&gt;
||जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं उनको प्रमाण-पत्र भी देते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:31&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें contact@spoken hyphen tutorial dot org पर लिखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:38&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
||यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें  http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:01&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट सकीना शेख द्वारा अनुवादित है। आई.आई. टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:06&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Inserting-Pictures-and-Objects/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Inserting-Pictures-and-Objects/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Inserting-Pictures-and-Objects/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T04:52:26Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{|border=1 ||Time ||Narration  |- ||00:00  ||लिबर ऑफिस इंप्रेस में पिक्चर्स और ऑब्जेक्ट्स इनसर…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
||Time&lt;br /&gt;
||Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00 &lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस में पिक्चर्स और ऑब्जेक्ट्स इनसर्ट(प्रविष्ट) करने पर ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि प्रस्तुति में पिक्चर्स और ऑब्जेक्ट्स कैसे प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||पिक्चर्स और ऑब्जेक्ट्स को फॉर्मेट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:15&lt;br /&gt;
||प्रस्तुति के अंदर और बाहर हाइपरलिंक करना और टेबल्स प्रविष्ट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
||यहाँ हम अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में उबंटु लिनक्स वर्जन 10.04 और लिबर ऑफिस वर्जन 3.3.4 का उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29&lt;br /&gt;
||वेब-ब्राउजर एड्रेस बार में, स्क्रीन पर दिखने वाली URL टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:34&lt;br /&gt;
||यह एक इमेज दिखाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:37&lt;br /&gt;
||अब इमेज पर राइट क्लिक करें और Save Image As ऑप्शन चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||एक डायलॉग बॉक्स ओपन होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:43&lt;br /&gt;
||नेम फील्ड में ‘open source -bart.png’ पहले से ही प्रदर्शित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
||मैं लोकेशन के रूप में डेस्क्टॉप चुनूँगा और सेव बटन पर क्लिक करूँगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:59&lt;br /&gt;
||चलिए अपनी प्रस्तुति ‘Sample-Impress’ को ओपन करते हैं जिसे हमने पहले ही सेव किया हुआ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
||अब हम देखेंगे कि इस प्रस्तुति में पिक्चर कैसे जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09&lt;br /&gt;
||मुख्य मेन्यू में Insert पर क्लिक करें और फिर Picture पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:14&lt;br /&gt;
||अब From File ऑप्शन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:17&lt;br /&gt;
||एक डायलॉग बॉक्स खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||फोल्डर को चुनें जिससे आप पिक्चर प्रविष्ट करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
||मैं डेस्क्टॉप फोल्डर चुनूँगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26&lt;br /&gt;
||अब पिक्चर को चुनें जिसे हम प्रविष्ट करना चाहते हैं और ओपन बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:31&lt;br /&gt;
||पिक्चर स्लाइड में प्रविष्ट हो जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:35&lt;br /&gt;
||बदलाव को अन्डू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:37&lt;br /&gt;
||चलिए मैं पिक्चर प्रविष्ट करने के लिए अन्य तरीके का वर्णन करता हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:41&lt;br /&gt;
||Insert और Slide पर क्लिक करके ‘Overview’ नामक स्लाइड  के बाद एक नई स्लाइड प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:50&lt;br /&gt;
||टाइटल टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करें और टाइटल को ‘Open source Funny’ में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
||केंद्र में 4 आइकन्स युक्त एक छोटे बॉक्स पर ध्यान दें । यह इनसर्ट टूलबार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||इनसर्ट टूलबार में Insert Picture icon (इनसर्ट पिक्चर आइकन) पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08 &lt;br /&gt;
||पिक्चर चुनें और Open बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि प्रविष्ट की हुई पिक्चर लगभग पूरी स्लाइड को कवर करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
||आप पहले इसपर क्लिक करके और कंट्रोल प्वॉइंट का कुशलतापूर्वक उपयोग करके इमेज का आकार और साइज बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:27&lt;br /&gt;
||इसी तरह से हम अपनी प्रस्तुति में अन्य ऑब्जेक्ट भी प्रविष्ट कर सकते हैं जैसे कि चार्टस और मूवी-क्लिप्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||इन सभी संभावनाओं को जाँचें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:38&lt;br /&gt;
||अब सीखते हैं कि हाइपरलिंक कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
||हाइपरलिंकिंग आपको प्रस्तुति से एक स्लाइड से दूसरी स्लाइड पर आसानी से जाने या वेबपेज या डॉक्युमेंट ओपन करने की अनुमति देता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:49&lt;br /&gt;
||पहले हम देखेंगे कि प्रस्तुति में हाइपरलिंक कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:54&lt;br /&gt;
||ओवरव्यू नामक स्लाइड के बाद नई स्लाइड प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:02 &lt;br /&gt;
||टाइटल पर क्लिक करें और ‘Table of Contents’टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:06&lt;br /&gt;
||Body टेक्स्ट बॉक्स  पर क्लिक करें और निम्न प्रकार से उत्तरवर्ती स्लाइड का टाइटल टाइप करें।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||Open Source Funny &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
The Present Situation &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Development up to present &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Potential Alternatives &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Recommendation&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:24&lt;br /&gt;
||‘Development up to present’ टेक्स्ट लाइन को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:28&lt;br /&gt;
||Insert और Hyperlink पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||यह हाइपरलिंक डायलॉग बॉक्स ओपन करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:34&lt;br /&gt;
||बाएं पैन पर, ‘Document’ चुनें। फिर दाएँ फील्ड के ‘Target in document’ बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||इस प्रस्तुति में मौजूद स्लाइड्स की सूची ओपन होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||सूची से ‘Development upto present’ नामक स्लाइड चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58 &lt;br /&gt;
||इस सूची में Apply बटन पर क्लिक करें और फिर Close बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||हाइपरलिंक डायलॉग बॉक्स में फिर से Apply बटन पर क्लिक करें और फिर Close बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
||स्लाइड में कहीं पर भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
||अब जब आप अपना कर्सर टेक्स्ट पर घुमाते हैं, तो कर्सर प्वॉइंटिंग फिंगर में बदल जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:20&lt;br /&gt;
||इसका अर्थ है कि हाइपरलिंकिंग सफलतापूर्वक हो गयी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:24&lt;br /&gt;
||हाइपरलिंक किए हुए टेक्स्ट पर क्लिक करना आपको उचित स्लाइड पर ले जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:29&lt;br /&gt;
||अन्य डॉक्युमेंट को हाइपरलिंक करने के लिए, चलिए कन्टेंट्स स्लाइड के टेबल पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:36&lt;br /&gt;
||अब दूसरी लाइन जोड़ें-External Document&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट की लाइन को चुनें और Insert  पर क्लिक करें और फिर Hyperlink पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:45 &lt;br /&gt;
||बायें पैन में, डॉक्युमेंट चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
||डॉक्युमेंट पाथ फील्ड के दायें folder आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:55&lt;br /&gt;
||डॉक्युमेंट चुनें जिसे आप हाइपरलिंक करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||हम resume.odt चुनेंगे। जिसे हमने राइटर सीरिज में बनाया है और Open बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:07&lt;br /&gt;
||हाइपरलिंक डायलॉग बॉक्स में Apply बटन पर क्लिक करें और फिर Close बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:14&lt;br /&gt;
||स्लाइड पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:17&lt;br /&gt;
||अब जब आप अपना कर्सर टेक्स्ट पर घुमाते हैं, तो कर्सर प्वॉइंटिंग फिंगर में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:22&lt;br /&gt;
||इसका अर्थ है कि हाइपरलिंकिंग सफलतापूर्वक हो गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
||अब हाइपरलिंक किए हुए टेक्स्ट पर क्लिक करना आपको उचित डॉक्युमेंट पर ले जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:31&lt;br /&gt;
||यहाँ , यह हमें resume.odt पर ले जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:37&lt;br /&gt;
||वेबपेज को हाइपरलिंक करना समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:40&lt;br /&gt;
||प्रस्तुति के अंत में एक नई स्लाइड प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:43 &lt;br /&gt;
||टाइटल को ‘Essential Open Source Software’ में बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:48 &lt;br /&gt;
||बॉडी टेक्स्ट बॉक्स में, Ubuntu Libre Office टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:54&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट की दूसरी लाइन को चुनें और Insert पर क्लिक करें और फिर Hyperlink पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:00&lt;br /&gt;
||बायें पैन पर, इंटरनेट चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:03 &lt;br /&gt;
||हाइपरलिंक पेज में, वेब चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
||Target फील्ड में, ‘www.libreoffice.org’ टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||हाइपरलिंक डायलॉग बॉक्स में Apply बटन पर क्लिक करें और फिर Close बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23&lt;br /&gt;
||स्लाइड पर कहीं भी क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
||अब जब आप अपना कर्सर टेक्स्ट पर घुमाते हैं, तो कर्सर प्वॉइंटिंग फिंगर में बदल जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:32&lt;br /&gt;
||इसका अर्थ है कि हाइपरलिंकिंग सफलतापूर्वक हो गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:37&lt;br /&gt;
||अब हाइपरलिंक किए हुए टेक्स्ट पर क्लिक करना आपको उचित वेब पेज पर ले जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:44&lt;br /&gt;
||आखिर में, टेबल्स डेटा को कॉलम्स और रोव्स में सुव्यवस्थित करने के लिए उपयोगी होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:49&lt;br /&gt;
||चलिए अब सीखते हैं कि लिबर ऑफिस इंप्रेस में टेबल कैसे जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:54&lt;br /&gt;
||स्लाइड पैन से ‘Development up to the present’ नामक स्लाइड चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||टास्क पैन में लेआउट सेक्शन से टाइटल और 2 कन्टेंट आइकन चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:07 &lt;br /&gt;
||बायीं ओर के टेक्स्ट बॉक्स में टेक्स्ट चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
||और फॉन्ट साइज 26 तक कम करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17 &lt;br /&gt;
||दायीं ओर टेक्स्ट बॉक्स में, केंद्र में इनसर्ट टूलबार से ‘Insert Table’ आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:25&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से, कॉलम्स की संख्या 5 और रोव्स की संख्या 2 प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:33&lt;br /&gt;
||हम कॉलम्स की संख्या 2 में और रोव्स की संख्या 5 में बदलेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:41&lt;br /&gt;
||OK बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:44&lt;br /&gt;
||चलिए टेबल को बढ़ायें, ताकि टेक्स्ट पठनीय हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:49 &lt;br /&gt;
||निम्नानुसार टेबल में डेटा एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:51&lt;br /&gt;
||Implementation Year	% &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:56&lt;br /&gt;
||2006  10% &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:59&lt;br /&gt;
||2007	20% &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:02&lt;br /&gt;
||2008	30% &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||2009	40% &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:08&lt;br /&gt;
||अब टेक्स्ट को बोल्ड और मध्य में करने के लिए हेडर रोव्स के फॉन्ट को बदलते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:17&lt;br /&gt;
||टेबल के कलर को बदलने के लिए पहले पूर्ण टेक्स्ट को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:22&lt;br /&gt;
||फिर टास्क पैन पर टेबल डिजाइन सेक्शन से टेबल स्टाइल चुनें। मैं इसे चुनूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:30&lt;br /&gt;
||देखें अब टेबल कैसा दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:33&lt;br /&gt;
||अब हम इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:37&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा कि पिक्चर कैसे प्रविष्ट करें और इन्हें फॉर्मेट कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||प्रस्तुति के अंदर और बाहर हाइपरलिंक करना और टेबल्स प्रविष्ट करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:49&lt;br /&gt;
||इस व्यापक नियत-कार्य को करने की कोशिश करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||नई प्रस्तुति बनाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:55&lt;br /&gt;
||तीसरी स्लाइड में पिक्चर प्रविष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:58&lt;br /&gt;
||4th स्लाइड में 2 रोव्स और 3 कॉलम्स वाला टेबल बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:03&lt;br /&gt;
||टेबल की रो 2 कॉलम 2 में स्लाइड 3 टाइप करें। इस टेक्स्ट को तीसरी स्लाइड से हाइपरलिंक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:14&lt;br /&gt;
||निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:17&lt;br /&gt;
||यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:20&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है तो आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:30&lt;br /&gt;
||उनको प्रमाण-पत्र भी देते हैं जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:34&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken hyphen tutorial dot org पर संपर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:41&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:46&lt;br /&gt;
||यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:53&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:05&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:11&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Viewing-a-Presentation-Document/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Viewing-a-Presentation-Document/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Viewing-a-Presentation-Document/Hindi"/>
				<updated>2012-11-29T04:51:02Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{|border=1 ||Time ||Narration  |- ||00:00  ||लिबर ऑफिस इंप्रेस में प्रस्तुति देखने पर ट्यूटोरि…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
||Time&lt;br /&gt;
||Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00 &lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस में प्रस्तुति देखने पर ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:05&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम व्यू ऑप्शन्स और उनके उपयोग और मास्टर पेजेस के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:13&lt;br /&gt;
||यहाँ हम अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में उबंटु लिनक्स वर्जन 10.04 और लिबर ऑफिस वर्जन 3.3.4 का उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:22&lt;br /&gt;
||पहले अपनी प्रस्तुति “Sample Impress” पर डबल क्लिक करके इसे ओपन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27 &lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस में कई व्यू ऑप्शन्स हैं जो आपको अच्छी प्रस्तुति बनाने में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:34&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से जब आप लिबर ऑफिस इंप्रेस शुरू करते हैं यह इस तरह दिखता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:41&lt;br /&gt;
||इसे नॉर्मल व्यू कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:43&lt;br /&gt;
||जब प्रस्तुति किसी अन्य व्यू में होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:48&lt;br /&gt;
||आप नॉर्मल टैब पर क्लिक करके नॉर्मल व्यू में वापस आ सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:53&lt;br /&gt;
||या व्यू और नॉर्मल पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:57&lt;br /&gt;
||नॉर्मल व्यू में, आप स्लाइड्स बना सकते हैं और एडिट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरूप हम स्लाइड्स की डिजाइन बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:05&lt;br /&gt;
||ऐसा करने के लिए ओवरव्यू नामक स्लाइड पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09  &lt;br /&gt;
||दाईं ओर पर, टास्क पैन में, मास्टर पेजेस सेक्शन, Used in This Presentation के तहत हम स्लाइड डिजाइन देख सकते हैं जो है prs स्ट्रैटजी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
||इसके नीचे हम भी उपयोगित और उपयोग के लिए उपलब्ध स्लाइड डिजाइन्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
||आपके पसंदीदा किसी एक पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:31&lt;br /&gt;
||वर्कस्पेस पैन में स्लाइड डिजाइन में बदलाव पर ध्यान दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||देखिए स्लाइड डिजाइन बदलने के लिए यह कैसे आसान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:39&lt;br /&gt;
||आप डिजाइन्स भी जोड़ सकते हैं जिसे आपने अपने स्लाइड्स बैकग्राउंड के रूप में बनाया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:44&lt;br /&gt;
||अगला हम आउटलाइन व्यू देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:47&lt;br /&gt;
||आप इस व्यू पर जा सकते हैं या तो व्यू और आउटलाइन पर क्लिक करके। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:54&lt;br /&gt;
||या आउटलाइन टैब पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:57&lt;br /&gt;
||इस व्यू में, आप देख सकते हैं कि स्लाइड्स कन्टेंट टेबल की तरह एक के नीचे एक व्यवस्थित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||ये यहाँ स्लाइड हैडिंग्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि स्लाइड हैडिंग का ओवरव्यू चिन्हांकित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:12&lt;br /&gt;
||यह इसलिए क्योंकि हम ओवरव्यू स्लाइड पर थे, जब हमने आउटलाइन टैब को चुना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18  &lt;br /&gt;
||आप देख सकते हैं कि इन आइकन्स का आकार बुलेट प्वॉइंट की तरह है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||जब आप इन बुलेट प्वॉइंट्स के आस-पास माउस रखते हैं कर्सर हैंड में बदल जाता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:29&lt;br /&gt;
||हम फिर उनको स्लाइड में पुनः व्यवस्थित करने के लिए इन लाइन आइटम्स को अप या डाउन कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:38&lt;br /&gt;
||या एक्रॉस लाइन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:40&lt;br /&gt;
||CTRL और Z को प्रेस करके इन बदलावों को अन्डू करें। ताकि हमारी प्रस्तुति इसके मूल फॉर्म में दिखाई दे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:49&lt;br /&gt;
||हम स्लाइड को पुनःव्यवस्थित करने के लिए स्लाइड सॉर्टर व्यू का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:53&lt;br /&gt;
||हम व्यू और स्लाइड सॉर्टर पर क्लिक करके स्लाइड सॉर्टर व्यू पर जा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:00&lt;br /&gt;
||या स्लाइड सॉर्टर टैब पर क्लिक करके।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:04&lt;br /&gt;
||यह व्यू इच्छित क्रम में स्लाइड को सॉर्ट करने के लिए उपयोगी है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:08&lt;br /&gt;
||उदाहरणस्वरूप, स्लाइड नम्बर 9 और स्लाइड नम्बर 10 में बदलाव करने के लिए स्लाइड नम्बर 10 पर क्लिक करें और स्लाइड को स्लाइड नम्बर 9 के आगे ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
||अब माउस बटन को छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:22&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स में अदला-बदली हो जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||नोट्स व्यू में, आप नोट्स लिख सकते हैं जो कि आपको आपकी प्रस्तुति के समय मदद करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:31&lt;br /&gt;
||नोट्स व्यू पर जाने के लिए View और फिर Notes Page पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:36&lt;br /&gt;
||आप Notes tab(नोट्स टैब) पर भी क्लिक कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:39&lt;br /&gt;
||स्लाइड्स पैन से ‘Development up to present’ स्लाइड चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:44 &lt;br /&gt;
||नोट्स भाग में कुछ टेक्स्ट टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:49&lt;br /&gt;
||जब आपकी स्लाइड्स प्रोजेक्टर पर दिखाई देती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||आप अभी भी अपने मॉनिटर पर अपने नोट्स देखने के लिए सक्षम होंगे, लेकिन आपके श्रोतागण नहीं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||अब नॉर्मल टैब पर क्लिक करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:01&lt;br /&gt;
||हम राइट में टास्क पैन, लेआउट सेक्शन में प्रस्तुति का लेआउट बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:08&lt;br /&gt;
||टास्क पैन को दिखाने और छिपाने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:12&lt;br /&gt;
|| View और Tasks Pane पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
||यह या तो टास्क्स पैन को दिखायेगा या छिपायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:18&lt;br /&gt;
||चलिए स्लाइड के लेआउट को बदलने के लिए लेआउट सेक्शन का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:23&lt;br /&gt;
||Development up to present नामक स्लाइड को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:26&lt;br /&gt;
||लेआउट सेक्शन से content over content टाइटल को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
||यह स्लाइड के लेआउट को बदलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||अब हम इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, हमने सीखा- व्यू ऑप्शन्स और उनके उपयोग और मास्टर पेजेस।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:46&lt;br /&gt;
||इस व्यापक नियत-कार्य को करने की कोशिश करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:49&lt;br /&gt;
||एक नई प्रस्तुति बनाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:52&lt;br /&gt;
||डार्क ब्लू बैकग्राउंड और लाइट ब्लू टाइटल क्षेत्र के साथ एक मास्टर बनाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:02&lt;br /&gt;
||यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:05&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है तो आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:09&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:12&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:15&lt;br /&gt;
||उनको प्रमाण-पत्र भी देते हैं जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken-tutorial.org  पर लिखें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:26&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:30&lt;br /&gt;
||यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:38&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:49&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:55&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Creating-a-presentation-document/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Creating-a-presentation-document/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-29T04:50:07Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || Visual Cues || Narration  |- ||00:00 ||लिबर ऑफिस Impress  में एक प्रस्तुति डॉक्युमेंट बनान…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| Visual Cues&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस Impress  में एक प्रस्तुति डॉक्युमेंट बनाना और बुनियादी फोर्मटिंग के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:08&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम इम्प्रेस विंडो के भागों के बारे में सीखेंगे और कैसे स्लाइड इन्सर्ट करें और कॉपी करें , फॉन्ट तथा फॉन्ट को फॉर्मेट करना सीखेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:21&lt;br /&gt;
||यहाँ हम उबंटु लिनक्स वर्जन 10.04 और लिबरऑफिस वर्जन 3.3.4 का उपयोग कर रहे हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:29 &lt;br /&gt;
||चलिए अपनी प्रस्तुति(प्रेजैटेशन) “Sample Impress” ओपन करते हैं जिसे पिछले ट्यूटोरियल में बनाया था ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35 &lt;br /&gt;
||चलिए देखते हैं कि स्क्रीन पर क्या क्या है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||मध्य में हम खाली जगह देखते है जोकि वर्कस्पेस है जहाँ हम काम करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:44 &lt;br /&gt;
||जैसे कि आप देख सकते हैं ,  “Workspace” में  5 टैब्स हैं जिन्हें “View buttons” कहते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:49 &lt;br /&gt;
||फिलहाल “Normal” टैब चुनित हैं । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:52&lt;br /&gt;
||यह मुख्य व्यू है अलग-अलग स्लाइड बनाने के लिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:55&lt;br /&gt;
||“Outline” व्यू प्रत्येक स्लाइड के आउटलाइन फॉर्मेट में विषय शीर्षक ,बुलेटेड और क्रमांकित सूचियाँ बताता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||“Notes” व्यू प्रत्येक स्लाइड में नोट जोड़ने की सुविधा देता है जोकि प्रस्तुतिकरण के वक्त नज़र नहीं आते।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:10&lt;br /&gt;
|| “Handout” व्यू स्लाइड्स को हैन्डाउट के रूप में प्रिंट करने की सुविधा देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:14&lt;br /&gt;
||यहाँ हमें एक पेज पर कितने स्लाइड प्रिंट करने हैं इसका चुनाव कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||“Slide Sorter” व्यू स्लाइड्स की थम्बनेल बताता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
||अब फिर से  “Normal” व्यू बटन पर क्लिक करते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:26 &lt;br /&gt;
||स्क्रीन की बाईं ओर आप “Slides” पैन देखते हैं । यह ,प्रस्तुति में स्लाइड्स के थम्बनेल सम्मिलित करता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:34&lt;br /&gt;
||दाएँ तरफ “Tasks” पैन  हैं जिसमें अनुभाग है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:40 &lt;br /&gt;
||लेआउट्स सेक्शन में पहले से ही कुछ सैम्पल लेआउट्स मौजूद हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
||हम उनका उपयोग ऐसे ही कर सकते हैं या आवश्यकता अनुसार कुछ बदलाव करके उपयोग कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:48&lt;br /&gt;
||जैसे जैसे हम इन ट्यूटोरियल्स में आगे बढ़ेंगे इन सेक्शंस को विस्तार में देखेंगे । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
||चलिए अब सीखते हैं कि कैसे स्लाइड को इन्सर्ट करें यानि जोड़ें । “Slides” पैन में दूसरी स्लाइड पर क्लिक करके उसे चुनें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:02&lt;br /&gt;
||अब “Insert” और “Slide” पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:05&lt;br /&gt;
||हम देखते हैं कि दूसरी स्लाइड के बाद एक नई खाली स्लाइड जुड़ गई है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:10&lt;br /&gt;
||स्लाइड पर शीर्षक लिखने के लिए टेक्स्टबार में ‘Click to add Title’ पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:17&lt;br /&gt;
||अब ‘Short Term Strategy’ टाइप करें और टेक्स्ट बॉक्स के बाहर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:23&lt;br /&gt;
||अतः शीर्षक इस तरह से जोड़ सकते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:26&lt;br /&gt;
||यहाँ दो तरीके है जिससे हम स्लाइड की प्रतिलिपि (डुप्लिकेट) बना सकते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:30&lt;br /&gt;
||पहले तरीके को देखते हैं ।“Insert” पर क्लिक करें और फिर “Duplicate Slide” पर क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||हम देख सकते हैं कि एक नई डुप्लिकेट स्लाइड हमारी पहली बनाई गई स्लाइड के बाद जोड़ी गई है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:42&lt;br /&gt;
||या तो “Workspace” पैन में जाकर “Slide Sorter” क्लिक करके स्लाइड सॉर्टर व्यू पर जाएँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:50 &lt;br /&gt;
||अब सातवीं स्लाइड को कॉपी करें । स्लाइड पर राइट क्लिक करें और कांटेक्स्ट मेन्यू से “Copy” चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:57 &lt;br /&gt;
||आखरी स्लाइड पर राइट क्लिक करें । Paste पर क्लिक करें । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:01&lt;br /&gt;
|| ‘After’ चुनें और ‘OK’ क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:04&lt;br /&gt;
||प्रेसेंटेशन के अंत में आपने स्लाइड की एक कॉपी बना ली है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:09 &lt;br /&gt;
|| चलिए अब फोंट्स और फोंट्स को फॉर्मेट करने के कुछ तरीके देखते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:15&lt;br /&gt;
|| ‘Long term goal’ नामक स्लाइड पर डबल क्लिक करके उसे चुनते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:20&lt;br /&gt;
||“Body” टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करें और पुरे टेक्स्ट को चुनें । अब इसे डिलीट करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:24 &lt;br /&gt;
||अब निम्न टाइप करें : reduce costs, reduce dependence on few vendors, develop customized applications.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:37&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस रायटर डॉक्यूमेंट्स में फॉन्ट का प्रकार और फॉन्ट साइज़ को जिस प्रकार बदला था यहाँ भी वैसे ही कर सकते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:43&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट की एक लाइन चुनें ।“Text Format” टूलबार में , फॉन्ट टाइप को “Albany” से  “Arial Black” में बदलें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||और फॉन्ट साइज़ को “32”  से “40” में बदलें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:56&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट बॉक्स से बाहर कहीं भी क्लिक करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:59&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि फॉन्ट बदल गई है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
||हम मेन मेन्यू से Format पर क्लिक करके और फिर Character ऑप्शन पर क्लिक करके भी फॉन्ट को बदल सकते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||यह एक डायलॉग बॉक्स खोलेगा जिसमें हम अपनी आवश्यकतानुसार फॉन्ट, स्टाइल और साइज़ सेट कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:14&lt;br /&gt;
||इस डायलॉग बॉक्स को बंद करते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:19 &lt;br /&gt;
||फॉन्ट का कलर बदलने के लिए, हम  ‘Development up to present’ नामक स्लाइड को चुनते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||body टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करते हैं और फिर सारे टेक्स्ट को चुनते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:30&lt;br /&gt;
||फॉन्ट  कलर आइकन के पास में डाउन एरो पर क्लिक करें और जो चाहिए वो कलर चुनें । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:37&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट बॉक्स के बाहर कहीं भी क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
||कलर में हुए बदलाव को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:43&lt;br /&gt;
||लिबरऑफिस डॉक्यूमेंट्स में जिस प्रकार से बोल्ड, इटालिक और अंडरलाइन जैसे फॉर्मेटिंग की थी यहाँ भी उसी प्रकार से कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:50&lt;br /&gt;
||‘Recommendations’ नामक स्लाइड को चुनें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:53&lt;br /&gt;
||“Body” टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करें और टेक्स्ट की एक लाइन चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:58&lt;br /&gt;
||अब बोल्ड, इटालिक और अंडरलाइन आइकन पर क्लिक करें ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:03&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट बॉक्स के बाहर कहीं भी क्लिक करें । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट में हुए बदलाव पर ध्यान दें । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
||अब हम इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:11&lt;br /&gt;
||संक्षिप्त में बताते हैं कि हमने क्या सीखा । इस ट्यूटोरियल में हमने इम्प्रेस विंडो के भागों के बारे में सीखा और कैसे स्लाइड इन्सर्ट करें और कॉपी करें, फॉन्ट तथा फॉन्ट को फॉर्मेट करना सीखा ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||इस व्यापक नियत कार्य की कोशिश करें  ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:28&lt;br /&gt;
||एक नयी प्रस्तुति बनाए । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:31&lt;br /&gt;
||तीसरी और चौथी स्लाइड के बीच एक स्लाइड जोड़ें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:35&lt;br /&gt;
||प्रस्तुति के अंत में चौथी स्लाइड की एक कॉपी बनाए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:39&lt;br /&gt;
||दूसरी स्लाइड में एक टेक्स्ट बॉक्स बनाए । उसमें कुछ टेक्स्ट टाइप करें । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:45&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट के फॉर्मेट को 32 फॉन्ट साइज़ में बदलें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:49&lt;br /&gt;
||टेक्स्ट को बोल्ड , इटालिक , अंडरलाइन करें और नीला रंग दें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:56&lt;br /&gt;
||निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:59&lt;br /&gt;
||यह स्पोकन ट्यटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:02&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है तो आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:07&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:12&lt;br /&gt;
|| जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं उनको प्रमाण-पत्र भी देते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें  contact@spoken-tutorial.org पर लिखें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23&lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:27&lt;br /&gt;
||यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें  http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:45&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट सकीना शेख द्वारा अनुवादित है। आई.आई. टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:51&lt;br /&gt;
||हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LibreOffice-Suite-Impress/C2/Introduction-to-LibreOffice-Impress/Hindi</id>
		<title>LibreOffice-Suite-Impress/C2/Introduction-to-LibreOffice-Impress/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-29T04:49:20Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 || Visual Cues || Narration  |- ||00:00  ||लिबर ऑफिस इंप्रेस के परिचय पर ट्यूटोरियल में आ…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| Visual Cues&lt;br /&gt;
|| Narration&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:00 &lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस के परिचय पर ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:04&lt;br /&gt;
||इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगे-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:07&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस का परिचय।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:09&lt;br /&gt;
||इंप्रेस में विविध टूलबार्स।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:12&lt;br /&gt;
||नई प्रस्तुति(प्रज़ेन्टैशन) कैसे तैयार करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:15&lt;br /&gt;
||MS PowerPoint प्रस्तुतिकरण के रूप में सेव कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:19&lt;br /&gt;
||MS PowerPoint प्रस्तुतिकरण को ओपन कैसे करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:22&lt;br /&gt;
||और इंप्रेस में PDF डॉक्युमेंट कैसे एक्स्पोर्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27 &lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस मैनेजर लिबर ऑफिस सूट का प्रस्तुतिकरण मैनेजर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:32&lt;br /&gt;
||इसका उपयोग सशक्त प्रस्तुति को तैयार करने के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:35&lt;br /&gt;
||यह माइक्रोसाफ्ट ऑफिस पावरप्वाइंट के समतुल्य है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39 &lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस फ्री, ओपन सोर्स साफ्टवेयर है, उपयोग और वितरण के लिए निशुल्क उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:47 &lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस सूट के साथ शुरूआत करने के लिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:50&lt;br /&gt;
||आप या तो Microsoft Windows 2000 और इसके उच्च वर्जन्स  जैसे Windows XP या MS Windows 7 का उपयोग कर सकते हैं या आप अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में GNU/Linux का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:02 &lt;br /&gt;
||यहाँ हम अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में उबंटु लिनक्स वर्जन 10.04 और लिबर ऑफिस वर्जन 3.3.4 का उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:12 &lt;br /&gt;
||यदि आपके पास लिबर ऑफिस सूट संस्थापित नहीं है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:15&lt;br /&gt;
||तो सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर का उपयोग करके इंप्रेस को संस्थापित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:19&lt;br /&gt;
||सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर पर अधिक जानकारी के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:22&lt;br /&gt;
||कृपया इस वेबसाइट पर उपलब्ध लिनक्स उबंटु ट्यूटोरियल का अनुकरण करें और इस वेब साइट पर दिए गए निर्देशों का अनुकरण करके लिबर ऑफिस सूट डाउनलोड करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:32&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस सूट के पहले ट्यूटोरियल में विस्तृत निर्देश उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:37&lt;br /&gt;
||याद रहे, जब संस्थापन कर रहे हों, 'Impress' का संस्थापन करने के लिए 'Complete' ऑप्शन का उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:43&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास लिबर ऑफिस सूट पहले से ही संस्थापित हैः&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:46&lt;br /&gt;
||आप अपनी स्क्रीन के टॉप लेफ्ट में “Applications” ऑप्शन पर क्लिक करके और फिर “Office”  पर क्लिक करके और फिर  “LibreOffice” ऑप्शन पर क्लिक करके लिबर ऑफिस इंप्रेस पा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:58 &lt;br /&gt;
||विविध लिबर ऑफिस घटकों के साथ एक नया डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:03&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस को ऐक्सेस करने के लिए नए डायलॉग बॉक्स में “Presentation” घटक पर क्लिक करें। “Create” पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:13 &lt;br /&gt;
||यह मुख्य इंप्रेस विंडो में एक खाली डॉक्युमेंट ओपन करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
||अब इंप्रेस विंडो के मुख्य घटकों के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:22 &lt;br /&gt;
||इंप्रेस विंडो में विविध टूलबार्स हैं जैसे– टाइटल बार, मेन्यू बार। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:29&lt;br /&gt;
||स्टैंडर्ड बार, फॉर्मेटिंग बार और स्टेट्स बार।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:36&lt;br /&gt;
||हम टूलबार्स के बारे में सीखेंगे जैसे ही ट्यूटोरियल्स आगे बढ़ेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:41&lt;br /&gt;
||हम अपनी पहली प्रस्तुति पर कार्य करने के लिए तैयार हैं। अब फाइल बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:47 &lt;br /&gt;
||Applications पर जाएँ, Office पर क्लिक करें,फिर LibreOffice Impress पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:56&lt;br /&gt;
||‘from template’ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||“Recommendation of a strategy” चुनें और अगले बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:06 &lt;br /&gt;
||‘select a slide design’ ड्रॉप डाउन में, ‘Presentation Backgrounds’ चुनें, फिर ‘blue border’ चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||‘select an output medium field’ में ‘original’ चुनें। अगले बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:22 &lt;br /&gt;
||यह स्लाइड ट्रैंजिशन बनाने के लिए स्टेप है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:26&lt;br /&gt;
||सभी ऑप्शन्स को छोड़ दें, जैसे वे हैं और Next पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:32&lt;br /&gt;
||‘what is your name’ फील्ड में, आप अपना या अपनी संस्था का नाम लिख सकते हैं। मैं ‘A1 services’ टाइप करूँगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:41 &lt;br /&gt;
||‘what is the subject of your presentation’ फील्ड में, ‘Benefits of Open Source’ टाइप करें। Next पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:49 &lt;br /&gt;
||यह स्टेप प्रस्तुति का वर्णन करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:52&lt;br /&gt;
||सभी ऑप्शन्स डिफॉल्ट रूप से चुनित हैं। कुछ भी न बदलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:58&lt;br /&gt;
||वे प्रस्तुति के लिए सैम्पल हैडिंग हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:01&lt;br /&gt;
||Create पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:04&lt;br /&gt;
||आपने अब लिबर ऑफिस इंप्रेस में अपनी पहली प्रस्तुति बना दी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:09&lt;br /&gt;
||अब हम देखेंगे कि प्रस्तुति को सेव कैसे करें। फाइल और सेव पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:15&lt;br /&gt;
||सेव डायलॉग बॉक्स खुलेगा। हम इस फाइल को “Sample Impress&amp;quot;  के रूप में सेव करेंगे। और सेव बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||ध्यान दें कि इंप्रेस ओपन डॉक्युमेंट फॉर्मेट extension .odp के साथ सेव होगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:33&lt;br /&gt;
||अब हम फाइल बंद करेंगे। प्रस्तुति को बंद करने के लिए फाइल और क्लोज़ पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40 &lt;br /&gt;
||आगे सीखेंगे कि माइक्रोसॉफ्ट पावर प्वॉइंट प्रस्तुतिकरण के रूप में लिबर ऑफिस प्रस्तुतिकरण को सेव कैसे करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:48&lt;br /&gt;
||हम File और Open पर फिर से क्लिक करके और सैम्पल इंप्रेस चुनकर सैम्पल इंप्रेस प्रस्तुतिकरण (प्रेज़ेन्टैशन) ओपन करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
||डिफॉल्ट रूप से, लिबर ऑफिस इंप्रेस डॉक्युमेंट को ओपन डॉक्युमेंट फॉर्मेट में सेव करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:06&lt;br /&gt;
||प्रस्तुति को माइक्रोसॉफ्ट पावर प्वॉइंट में सेव करने के लिए file और फिर save as  पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:14&lt;br /&gt;
||फाइल टाइप में, “Microsoft PowerPoint चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:18&lt;br /&gt;
||फाइल को सेव करने के लिए स्थान का चुनाव करें। save बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:24&lt;br /&gt;
||“Keep Current Format” बटन पर क्लिक करें। फाइल ppt के रूप में सेव हो गई है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:33&lt;br /&gt;
||file और close पर क्लिक करके फाइल को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:36&lt;br /&gt;
||आगे हम देखेंगे कि माइक्रोसॉफ्ट पावरप्वॉइंट प्रस्तुति लिबर ऑफिस इंप्रेस में कैसे ओपन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:44&lt;br /&gt;
||file और open पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:46&lt;br /&gt;
||ppt के लिए ब्राउज़। जिस फाइल को आप ओपन करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:50&lt;br /&gt;
||फाइल चुनें और open पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:53 &lt;br /&gt;
||अंततः हम सीखेंगे कि लिबर ऑफिस इंप्रेस प्रस्तुति को pdf फाइल के रूप में कैसे एक्स्पोर्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
||PDF ऑप्शन्स डायलॉग बॉक्स में file और फिर Export as PDF पर क्लिक करें, एक्स्पोर्ट बटन पर सभी ऑप्शन्स को क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:12&lt;br /&gt;
||फाइल नेम फील्ड में “Sample Impress” टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:16&lt;br /&gt;
||‘Save in folder’ फील्ड में स्थान चुनें, जहाँ आप फाइल को सेव करना चाहते हैं और सेव पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:23&lt;br /&gt;
|डॉक्युमेंट अब डेस्क्टॉप पर pdf फाइल के रूप में सेव हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:29 &lt;br /&gt;
||अब हम लिबर ऑफिस इंप्रेस पर ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:34&lt;br /&gt;
||संक्षेप में, जो हमने सीखा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:36&lt;br /&gt;
||लिबर ऑफिस इंप्रेस का परिचय।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:39&lt;br /&gt;
||इंप्रेस में विविध टूलबार्स।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:42&lt;br /&gt;
||नई प्रस्तुति(प्रज़ेन्टैशन) कैसे तैयार करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:45&lt;br /&gt;
||MS PowerPoint प्रस्तुतिकरण के रूप में सेव कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:49&lt;br /&gt;
||MS PowerPoint प्रस्तुतिकरण को ओपन कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:53&lt;br /&gt;
||और इंप्रेस में PDF डॉक्युमेंट कैसे एक्स्पोर्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:57 &lt;br /&gt;
||इस व्यापक नियत-कार्य का अभ्यास करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||पहली स्लाइड में समान टेक्स्ट लिखकर एक नया डॉक्युमेंट ओपन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:05&lt;br /&gt;
||इसे MS Power Point डॉक्युमेंट के रूप में सेव करें। फिर बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:11&lt;br /&gt;
||अब हमारे द्वारा देखी गई फाइल को फिर से ओपन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:15&lt;br /&gt;
||निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:22&lt;br /&gt;
||यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है तो आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:26 &lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:33&lt;br /&gt;
||उनको प्रमाण-पत्र भी देते हैं जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:36&lt;br /&gt;
||अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें contact@spoken hyphen tutorial.org पर लिखें । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:42 &lt;br /&gt;
||स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:55&lt;br /&gt;
||इस मिशन पर अधिक जानकारी के लिए उपलब्ध लिंक पर संपर्क करें- spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:07&lt;br /&gt;
||यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है।आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Logical-Operators/Hindi</id>
		<title>PHP-and-MySQL/C2/Logical-Operators/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Logical-Operators/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:32:19Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |नमस्कार &amp;quot;लाजिकल ऑपरेटर्स&amp;quot; के ट्यूटोरियल में आपका स्व…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|नमस्कार &amp;quot;लाजिकल ऑपरेटर्स&amp;quot; के ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। यह काफी संक्षिप्त ट्यूटोरियल है किन्तु मैं अभी इसे इसी प्रकार से रखूँगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:09&lt;br /&gt;
|मैं एक &amp;quot;if&amp;quot; statement(स्टेट्मेन्ट) का एक  उदाहरण  फिर से इस्तेमाल करूँगा क्योंकि अभी तक मुझे यही मिला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:18&lt;br /&gt;
|लाजिकल ऑपरेटर क्या है ? चलिए थोडा-सा तर्क यानि लोजिक जोड़ते हैं और कहते हैं यह 'and' या 'or'  ऑपरेटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:27&lt;br /&gt;
|अब यदि मैं अपने &amp;quot;if&amp;quot; statement (स्टेट्मेन्ट) के लिए अपना बुनियादी नक्शा बनाना शुरू करता हूँ तब मुझे आपको यह दिखाने पर काम करना होगा कि आप इनके साथ क्या कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:43&lt;br /&gt;
|इससे पहले हमारे पास एक उदाहरण है जैसे कि 1 1 से बड़ा है जो अभी 'false' देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:54&lt;br /&gt;
|चलिए केवल इसे जाँचे यह देखने के लिए कि हम कहाँ हैं....सही। अतः यह &amp;quot;false&amp;quot; है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:02&lt;br /&gt;
|अब क्या होगा यदि मैं बोलूँ कि &amp;quot;if 1 is greater than 1 or 1 equals 1&amp;quot;(&amp;quot;if 1 1 से बड़ा है या 1 1 के बराबर है) ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:18&lt;br /&gt;
|अब हम यह इस तरह 'or' नहीं लिख रहे हैं हम इसको दो क्षैतिज रेखाओं या दो पाइप से लिख रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:27&lt;br /&gt;
|इसके बारे में काफी सुनिश्चित तो नहीं है किन्तु यदि मैं अपने कीबोर्ड को जानता हूँ यह शिफ्ट बटन के बाद में होगा- 2 क्षैतिज रेखाएं और इसका मतलब 'or' है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:38&lt;br /&gt;
|अतःयदि हम इसे कंपाइल करें आप क्या सोचते हैं उत्तर क्या होगा?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:43&lt;br /&gt;
|अब चलिए इसको एक बार रन करते हैं- if 1 is greater than 1 (यदि 1 1 से बड़ा है) - &amp;quot;false&amp;quot; और इसलिए हमने लिखा है &amp;quot;false&amp;quot; or 1 is equal to 1(1 1 के बराबर है) ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:54&lt;br /&gt;
|हम जानते हैं कि 1 equals to 1 &amp;quot;true&amp;quot; है अतः यहाँ हम कह रहे हैं कि'or'1 equals to 1 not 'and' क्योंकि यदि हम 'and' कहते हैं तब दोनों को &amp;quot;true&amp;quot; होना चाहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:04&lt;br /&gt;
|या इनमें से कोई भी &amp;quot;true&amp;quot; हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:07&lt;br /&gt;
|आउटपुट। अतः आशापूर्वक हमें &amp;quot;true&amp;quot; मिलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:14&lt;br /&gt;
|ठीक है तो यह 'or' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:17&lt;br /&gt;
|यह मूलतः आपको दो तुलना करने कि अनुमति देता है, इनको आपके &amp;quot;if&amp;quot; statement(स्टेटमेंट) में दर्शाइए और यदि इनमें से कोई भी &amp;quot;true&amp;quot; है- तो यह एक &amp;quot;either&amp;quot; ऑपरेटर के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:29&lt;br /&gt;
|इनमें से कोई भी &amp;quot;true&amp;quot; होगा, आपको &amp;quot;true&amp;quot; मिलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:35&lt;br /&gt;
|&amp;quot;and&amp;quot; ऑपरेटर अलग विषय है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:39&lt;br /&gt;
|&amp;quot;and&amp;quot; को यह निष्पादित करने के लिए इन दोनों के &amp;quot;true&amp;quot; होने कि आवश्यकता होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:44&lt;br /&gt;
|अतः हमें यहाँ &amp;quot;false&amp;quot; मिला है क्योंकि 1 1 से बड़ा नहीं है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:51&lt;br /&gt;
|हम अपने कम्पेरिज़न ऑपरेटर्स पर वापस जाते हैं और हम कहेंगे 1 is greater than or equal to 1 'and' 1 equal 1&amp;quot; (&amp;quot;if 1 1 से बड़ा या बराबर है 'and'1 1 के बराबर है&amp;quot;) , यहाँ हमें &amp;quot;true&amp;quot; मिलेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:01&lt;br /&gt;
|अतः अब, मैं बस यह सोच सकता हूँ कि इसमें कुछ वेरिएबल्स डाल दूँ इसे जाँचने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:08&lt;br /&gt;
|लेकिन मुझे यकीन है कि मेरे अन्य ट्यूटोरियल्स का पालन करके आपका अब तक वेरिएबल्स पर पूर्ण नियंत्रण हो गया होगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:12&lt;br /&gt;
|अतः यह दो लाजिकल ऑपरेटर्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:17&lt;br /&gt;
|आप इन्हें काफी उपयोगी पायेंगे क्योंकि हो सकता है कि आप उदाहरण कहना चाहें-यह काफी आदर्श उदाहरण है। आप इसे मेरे कोई एक प्रोजेक्ट में पायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:27&lt;br /&gt;
|यह एक &amp;quot;लॉगिन&amp;quot; प्रारूप है। मानिए कि प्रयोगकर्ता वेबसाइट में लॉगिन करना चाहता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:34&lt;br /&gt;
|संभवतः आपने वेबसाइट में पहले भी लॉगिन किया होगा और उसने आपको अपना &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; और &amp;quot;पासवर्ड&amp;quot; दर्ज करने के लिए कहा होगा। अब कीवर्ड्स वहाँ पर हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:40&lt;br /&gt;
|हमें जाँचना की आवश्यकता है यदि उपयोगकर्ता ने &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; और &amp;quot;पासवर्ड&amp;quot; दर्ज किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:44&lt;br /&gt;
|यदि उन्होंने नहीं किया है, तब &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; कि तुलना &amp;quot;पासवर्ड&amp;quot; से करने का कोई मतलब नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:48&lt;br /&gt;
|अतः हम कह सकते हैं उदाहरणस्वरूप &amp;quot;if username and password&amp;quot;.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:52&lt;br /&gt;
|वास्तव में चलिए इसे करते हैं। मैं कहूँगा &amp;quot;username&amp;quot; is equal to (बराबर है) &amp;quot;alex&amp;quot; (के) और &amp;quot;password&amp;quot; is equal to &amp;quot;abc&amp;quot; ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:04&lt;br /&gt;
|अब मैं इसे स्थान पर रखूँगा। मैं कह सकता हूँ &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; और &amp;quot;पासवर्ड&amp;quot;.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:11&lt;br /&gt;
|इस समय, यह &amp;quot;true&amp;quot; बोलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:15&lt;br /&gt;
|मैं इसे बदलूँगा। मैं बोलूंगा 'ok' या 'you forgot to fill out a field'(आप फील्ड को भरना भूल गए हैं) क्योंकि अंततः यहाँ पर html फील्ड्स होंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:27&lt;br /&gt;
|यह ठीक होने जा रहा है क्योंकि हमें दोनों मान मिल गये हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:32&lt;br /&gt;
|अतः चलिए कोशिश करते हैं। हाँ, यह &amp;quot;ok&amp;quot; कह रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:37&lt;br /&gt;
|अब क्या होगा यदि मैं वहाँ पर अपना पासवर्ड टाइप करना भूल जाता हूँ ? इस समय वहाँ पर कुछ भी नहीं है- कोई जगह नहीं- चलिए इससे छुटकारा पाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:45&lt;br /&gt;
|'You forgot to fill out a field'(आप फील्ड को भरना भूल गए हैं)।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:50&lt;br /&gt;
|अतः यदि आप सोच रहे हैं कि यह उपयोगकर्ता की तरफ से आ रहा है- अतः यह ऐसे जमा हो गया कि जैसे आपने अपना &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; और &amp;quot;पासवर्ड&amp;quot; टाइप किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:57&lt;br /&gt;
|हम कह रहे हैं &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; और &amp;quot;पासवर्ड&amp;quot;, मूलतः &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; खुद से ही &amp;quot;true&amp;quot; है क्योंकि यह मौजूद है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:03&lt;br /&gt;
|यदि आपने उसे अंदर रखा, वह स्वीकार्य होगा, वह &amp;quot;true&amp;quot; होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:14&lt;br /&gt;
|हम केवल जाँचेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:18&lt;br /&gt;
|अतः क्योंकि हमें &amp;quot;यूजरनेम&amp;quot; और &amp;quot;पासवर्ड&amp;quot; मिल चुका है यह सही है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:23&lt;br /&gt;
|किन्तु 'or' के लिए सचमुच में इसके कोई मायने नहीं है और आप सोच सकते हैं क्या होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:28&lt;br /&gt;
|अतः इस समय, यह &amp;quot;true&amp;quot; के बराबर होगा क्योंकि हमें दोनों मान मिल चुके हैं। अतः यह 'ok' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:36&lt;br /&gt;
|अब यदि मैं इन दोनों के साथ जाऊँ और इस पर कोशिश करूँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:42&lt;br /&gt;
|&amp;quot;यदि यूजरनेम मौजूद है&amp;quot; अतः यदि यूजरनेम &amp;quot;true&amp;quot; है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:46&lt;br /&gt;
|इस समय यहाँ पर कोई मान नहीं हैं- अतः यह &amp;quot;false&amp;quot; है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:48&lt;br /&gt;
|&amp;quot;or the password is true&amp;quot; - अर्थात, मान मौजूद है; जिस समय यह मौजूद नहीं है,तो यह &amp;quot;false&amp;quot; है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:52&lt;br /&gt;
|अतः हम कहने जा रहे हैं &amp;quot;You forgot to fill out a field&amp;quot;(आप फील्ड का भरना भूल गए हैं)।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:56&lt;br /&gt;
|मैं यहाँ बस nothing लिखूंगा क्योंकि इस समय इसका मतलब कुछ नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:03&lt;br /&gt;
|अतः रिफ्रेश करें और हमें nothing मिला ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:05&lt;br /&gt;
|अतः आप देख रहे है कि पहले से ही मैं विवरण दे चुका हूँ कि यह प्रतिदिन के php प्रयोग में कितने उपयोगी हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:13&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप- प्रारूप कोई भी भर सकता है। आप इसके लिए कई दूसरे प्रयोगकर्ता पाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:16&lt;br /&gt;
|लेकिन इतना ही।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:19&lt;br /&gt;
|दो ऑपरेटर्स जो कि लाजिकल ऑपरेटर्स हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:24&lt;br /&gt;
|बस इन्हें प्रयास करिए और देखिये आप इनसे क्या कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:28&lt;br /&gt;
|मैं इन्हें निश्चित ही अपने किसी एक प्रोजेक्ट में शीघ्र ही इस्तेमाल करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:30&lt;br /&gt;
|आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। देखने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|-&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Comparison-Operators/Hindi</id>
		<title>PHP-and-MySQL/C2/Comparison-Operators/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Comparison-Operators/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:30:55Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |इस PHP ट्यूटोरियल में हम कम्पेरिज़न (तुलनात्मक) ऑपरेटर…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|इस PHP ट्यूटोरियल में हम कम्पेरिज़न (तुलनात्मक) ऑपरेटर्स के बारे में जानेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:04&lt;br /&gt;
|कम्पेरिज़न आपरेटर्स 2 मानों, 2 स्ट्रिंग्स या 2 वेरिएबल्स जो इनमें से किसी को सम्मिलित करता हो उनकी तुलना कर सकते हैं तथा उस पर कार्य करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:12&lt;br /&gt;
|इसके लिए मैं IF statement का प्रयोग करने जा रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:19&lt;br /&gt;
|चलिए IF statement संरचना का निर्माण करते हुए शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:30&lt;br /&gt;
|मेरी शर्त है यदि 1==1&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:33&lt;br /&gt;
|echo.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:36&lt;br /&gt;
|true.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:39&lt;br /&gt;
|और फिर else&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:43&lt;br /&gt;
|echo.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:46&lt;br /&gt;
|false, याद रखें मुझे इन कोष्टकों की आवश्यकता नहीं है अतः मैं इन्हें हटाने जा रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:51&lt;br /&gt;
|चलिए इसे जगह छोड़ कर लिखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:53&lt;br /&gt;
|कभी जगह छोड़ कर लिखने में संकोच नहीं करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:58&lt;br /&gt;
|यह पहला कम्पेरिज़न ऑपरेटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:02&lt;br /&gt;
|2=to मतलब कम्पेरिज़न ऑपरेटर। हम यह IF statement में पहले देख चुके हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:06&lt;br /&gt;
|1 equals to 1 , अतः यह True echo करेगा। चलिए जाँचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:11&lt;br /&gt;
|हमें True मिला।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:13&lt;br /&gt;
|चलिए मैं इसे बदलता हूँ। if 1 &amp;gt; 1  तब देखते हैं कि हमें क्या उत्तर मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:27&lt;br /&gt;
|False, क्योंकि 1, 1 के बराबर है 1 से बड़ा नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:33&lt;br /&gt;
|चलिए अब इसे बदलते हैं 1 &amp;gt;= 1 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:36&lt;br /&gt;
|if 1  &amp;gt;=  1 , echo True else echo False.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:43&lt;br /&gt;
|यहाँ हमें True मिलना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:48&lt;br /&gt;
|आप इसी तरह से less than (छोटा) या equal to (बराबर) के साथ भी कर सकते हैं। अतः उदहारणस्वरूप less than.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:55&lt;br /&gt;
|False होगा, less than (छोटा) या equal to (बराबर) के लिए True होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:01 &lt;br /&gt;
|हम not equal to (असमान) भी कह सकते हैं। अतः if 1 is not equal to1 echo True।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:12&lt;br /&gt;
|रिफ्रेश करें। हमें यहाँ False मिलेगा क्योंकि 1 बराबर है 1 के। चलिए अब कहते हैं if 1 is not equal to 2 ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:20&lt;br /&gt;
|हमें True मिला क्योंकि 1  2 के असमान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:25&lt;br /&gt;
|यह बुनियादी कम्पेरिज़न आपरेटर्स हैं जिन्हें आप हमारे ट्यूटोरियल के लिए प्रयोग करेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:33&lt;br /&gt;
|इस पर विस्तार करें- इनका अभ्यास करें- और आप इनको बेहतर समझेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:41 &lt;br /&gt;
|आप इन ऑपरेटर्स का उपयोग करके वेरिएबल्स की भी तुलना कर सकते हैं। अतः उदहारण के लिए num1=1 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:48&lt;br /&gt;
|num2=2. अब हम क्या करें कि इन वेल्यू्स को बदल दें और हम करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:58&lt;br /&gt;
|यह बिलकुल वही उत्तर प्रदर्शित करेगा जैसा कि हमें पहले मिला था- जो कि True है। अब हमें यह करना है कि इन वेल्यूस को बदलना हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:05&lt;br /&gt;
|कृपया ध्यान दें यह अब ऐसे पढ़ेगा num1 = 1 num2 = 1 अतः यदि num1 1 के बराबर नहीं है तो यह ग़लत है क्योंकि 1 1 के बराबर है इसलिए हमें False मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:21&lt;br /&gt;
|यह सरल कम्पेरिज़न आपरेटर्स हैं। इनका अभ्यास करें । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:30&lt;br /&gt;
|आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ । धन्यवाद ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Arithmatic-Operators/Hindi</id>
		<title>PHP-and-MySQL/C2/Arithmatic-Operators/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Arithmatic-Operators/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:29:27Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{|Border=1 !Time !Narration |- |0:00 |बुनियादी अरिथ्मेटिक ऑपरेटर्स पर इस ट्यूटोरियल में आ…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|Border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|बुनियादी अरिथ्मेटिक ऑपरेटर्स पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:03&lt;br /&gt;
|मैं पहले प्लस(+) , माइनस(-), मल्टीप्लाय(*), और डिवाइड(/) ऑपरेशन्स के बारे में बताऊँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:09&lt;br /&gt;
|यह ऐसे लिखे जाते हैं plus, minus, multiply एक asterisk के रूप में और divide फॉर्वर्ड स्लैश के रूप में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:16&lt;br /&gt;
|तो मेरे पास दो वेरिएबल्स होंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:19&lt;br /&gt;
|मैं एक &amp;quot;num1&amp;quot; नामित वेरिएबल बनाऊँगा और मैं उसे &amp;quot;10&amp;quot; वेल्यू देकर सेव करूँगा और &amp;quot;num2&amp;quot; इक्वल टू &amp;quot;2&amp;quot; ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:28&lt;br /&gt;
|अतः ये दोनों पूर्णांक संख्याएँ बिना दशमलव की हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:33&lt;br /&gt;
|अच्छा अब मान लीजिये कि मैं &amp;quot;num1&amp;quot; और &amp;quot;num2&amp;quot; को एक साथ जोड़ना चाहता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:38&lt;br /&gt;
|तो मैं &amp;quot;num1&amp;quot; &amp;quot;num2&amp;quot; के जोड़ का उत्तर एको करता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:44&lt;br /&gt;
|चलिए इसको जाँचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:50&lt;br /&gt;
|तो यह &amp;quot;12&amp;quot; है। 10 और 2, num1 और num2, जब 10 और 2 को जोड़ते हैं, तो उत्तर &amp;quot;12&amp;quot; होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:54&lt;br /&gt;
|अच्छा तो चलिए अब माइनस (घटाव) को देखें। हम यहाँ केवल माइनस चिह्न को बदल देते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|1:01&lt;br /&gt;
|रिफ्रेश करें और यह &amp;quot;8&amp;quot; होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:04&lt;br /&gt;
|अच्छा तो चलिए अब मल्टीप्लिकेशन (गुणा) को देखें। 10 गुणा 2  20 होता है और हमें &amp;quot;20&amp;quot; मिल गया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:10&lt;br /&gt;
|अगला, 10 भाग 2 , 10 का आधा होता है जो कि &amp;quot;5&amp;quot; है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:16&lt;br /&gt;
|अब हम क्या कर सकते हैं कि हम इसके अंत में कुछ जोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:23&lt;br /&gt;
|तो चलिए इसको num2 से भाग देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:27&lt;br /&gt;
|अब मुझे लगता है कि यह ऑपरेशन काम करेगा कि , यह num1 और num2 को जोड़ेगा, तो वह 10 और 2 को जोड़ता है जो हमें 12 देगा और फ़िर 2 से 12 विभाजित होगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:39&lt;br /&gt;
|अतः, 2 से 12 विभाजित 6 देना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:42&lt;br /&gt;
|लेकिन वास्तव में यह क्या करेगा यह num2 को लेगा और इसको num2 से भाग देगा जो 1 देगा और num1 को इसमें जोड़ देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:55&lt;br /&gt;
|तो इसका मतलब है कि हमें 6 के स्थान पर 11 मिलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:00  &lt;br /&gt;
|अब इसका कारण यह है कि डिविजन (भाग) ऑपरेटर हमेशा एडीशन ऑपरेटर से पहले काम करता है। गुणा के साथ भी वही होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:09&lt;br /&gt;
|अब इसको हल करने के लिए, हमें कोष्ठक लगाने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:14&lt;br /&gt;
|कोष्ठक यह बताते हैं कि- हम इस ऑपरेशन को पहले करेंगे, जो कुछ भी इसके अन्दर है उसे पहले करेंगे, और फ़िर भाग देंगे यह एक गुणांक या वेरिएबल कुछ भी हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:27&lt;br /&gt;
|तो यहाँ पर यह क्या करेगा कि num1 num2 को जोड़ेगा जो कि 10 धन 2 जो कि हमें 12 देगा, 12  भाग 2 जो कि हमें 6 देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:38&lt;br /&gt;
|चलिए उसे रिफ्रेश करें और हम देख सकते हैं कि यह चला है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:43&lt;br /&gt;
|तो ये बुनियादी अरिथ्मेटिक ऑपरेटर्स हैं जो उपयोग करने के लिए सरल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:47&lt;br /&gt;
|यदि आपको कोई समस्या आए तो अपने हिसाब को हमेशा कैलकुलेटर से जाँच लें और निश्चित कर लें कि वे काम कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:55&lt;br /&gt;
|हम शीघ्र ही इसी प्रकार के कुछ और देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:57&lt;br /&gt;
|हम इन्क्रीमेंट (वृद्धि)अरिथ्मेटिक ऑपरेटर के बारे में सीखेंगे जो कि 1 से वृद्धि करता है लेकिन मैं उसका प्रयोग कुछ देर बाद करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:05&lt;br /&gt;
|अतः इनका अभ्यास कीजिये और निश्चित कर लीजिये कि आप उन्हें अच्छे से सीख लें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:09&lt;br /&gt;
|आई आई टी बाम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ धन्यवाद ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Switch-Statement/Hindi</id>
		<title>PHP-and-MySQL/C2/Switch-Statement/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-27T10:28:33Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{|Border=1 !Time !Narration |- |0:00 |नमस्कार, SWITCH statement (स्टेट्मेन्ट) पर इस पीएचपी ट्यूटोरियल …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|Border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|नमस्कार, SWITCH statement (स्टेट्मेन्ट) पर इस पीएचपी ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:10&lt;br /&gt;
|मैं इस पर आपको एक नया अध्याय दिखाने जा रहा हूँ क्योंकि यह पीएचपी की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|O:16&lt;br /&gt;
|चलिए जल्दी से रचनाक्रम (syntax) बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:20&lt;br /&gt;
|IF statement  के लिए SWITCH statement एक सब्स्टिटूट है। यह अधिक स्पष्ट और प्रबन्धनीय चयन है। हालांकि इनपुट एक इक्स्प्रेशन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:38&lt;br /&gt;
|तो, अब किसी की वेल्यू इनपुट करते हैं और फिर इसके समान वेल्यू सेव करते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:45&lt;br /&gt;
|उसके बाद हम कोड को निष्पादित कर सकते हैं यदि यह इस वेल्यू से मैच करता है या समान होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:53&lt;br /&gt;
|यह तुलनात्मक तकनीक नहीं है । तो IF statement की तुलना वेल्यूस को मैच करने तथा आउटपुट्स के लिए , जो की इनपुट पर निर्भर है हम कहने जा रहे है SWITCH&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:03&lt;br /&gt;
|चलिए शुरू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:05&lt;br /&gt;
|SWITCH इसके लिए बेसिक कोड है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:10&lt;br /&gt;
|चलिए यहाँ एक इक्स्प्रेशन रखते हैं,उदाहरणस्वरूप मैं यहाँ ऐलेक्स कहूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:17&lt;br /&gt;
|चलिए एक छोटा प्रोग्राम बनाते हैं और मैं इसे समझाऊँगा जैसे ही हम आगे जायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:20&lt;br /&gt;
|IF statement की ही तरह हम यहाँ कर्ली कोष्ठक रखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:26&lt;br /&gt;
|अब चलिए जाँच के प्रत्येक ढंग को देखते हैं।(check again)&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:30&lt;br /&gt;
|हम यहाँ वेल्यू की जाँच करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:33&lt;br /&gt;
|अब हम इसे क्वोटेशन मार्क्स में रखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:37&lt;br /&gt;
|आप स्पष्ट रूप से क्रमांकन नहीं कर सकते ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:42&lt;br /&gt;
|तो जो हम टाइप करेंगे वह है-केस(case)- केस की वेल्यू जिसे हम मैच करना चाहते हैं। उदाहरणस्वरूप-Alex &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:54&lt;br /&gt;
|फिर हम colon या semi colon टाइप करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:58&lt;br /&gt;
|और फिर शर्त यदि केस आपके द्वारा चुने हुए SWITCH expression के साथ मैच होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:05&lt;br /&gt;
|तो, मैं टाइप करूँगा- echo you have blue eyes &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:13&lt;br /&gt;
|अपनी केस तुलना को समाप्त करने के लिए हम ब्रेक और सेमीकोलन  का उपयोग करने जा रहे हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:20&lt;br /&gt;
|याद रखें कि हमने यहाँ सेमीकोलन का उपयोग किया है लेकिन यहाँ नहीं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:25&lt;br /&gt;
|अब दूसरा केस। चलिए देखते हैं कि इसे कैसे करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:30&lt;br /&gt;
|मैं Billy टाइप करूँगा और echo you have brown eyes&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:42&lt;br /&gt;
|ठीक है , और फिर ब्रेक और सेमीकोलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:47&lt;br /&gt;
|यह एक एकीकृत(इन्टग्रेटिड) IF के समान है। यही कारण है कि मैं कह सकता हूँ-  यदि आपका नाम ऐलेक्स है तो echo you have blue eyes  या ELSE यदि आपका नाम Billy है तो echo you have brown eyes&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:00&lt;br /&gt;
|सम्भवतः कुछ लोगों को इस तरीके से यह करना आसान हो। यह अधिक पठनीय है किंतु यह पसंद का मामला है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:11&lt;br /&gt;
|ओके हमें और केसेस नहीं मिले, मैं इस उदाहरण के लिए केवल ऐलेक्स और Billy का उपयोग करने जा रहा हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:20&lt;br /&gt;
|यहाँ मैं कहूँगा default जो कि echo  करेगा , I don't know what color your eyes are&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:29&lt;br /&gt;
|ठीक है,हमें इसके बाद ब्रेक की जरूरत नहीं है क्योंकि वहाँ अधिक केसेस नहीं हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:38&lt;br /&gt;
|स्पष्टतः वहाँ इसके बाद कोई ब्रेक नहीं है क्योंकि वहाँ चुनने के लिए अधिक विकल्प नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:43&lt;br /&gt;
|अच्छा , तो हमें यहाँ अपना SWITCH मिल गया है। चलिए इसका उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:48&lt;br /&gt;
|अब मैं अपने प्रोग्राम को बनाने के लिए इस ऐलेक्स को यहाँ वेरिएबल्स के साथ बदलने जा रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:00&lt;br /&gt;
|अतः, मैं टाइप करता हूँ name = ( नेम इक्वल्स) Alex और मैं तुम्हें उसे तय करने के लिए दूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:05&lt;br /&gt;
|फिर मैं यहाँ name  कहूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:07&lt;br /&gt;
|अतः आप यहाँ देखेंगे कि हम वेरिएबल को कैसे संयुक्त करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:11&lt;br /&gt;
|अभी से आपको जानना चाहिए कि उसे कैसे करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:13&lt;br /&gt;
|तो चलिए शुरू करते हैं और देखें कि यह कैसे कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:18&lt;br /&gt;
|आप switch कहेंगे, आप इस इक्स्प्रेशन को लेंगे जो ऐलेक्स के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:24&lt;br /&gt;
|मूलरूप से, यह वह केस है जो ऐलेक्स के समान है और यह इसका अनुकरण करेगा। ब्रेक इसे समाप्त करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:32&lt;br /&gt;
|और यह केस है Billy और यह इसे echo करेगा और ब्रेक के साथ समाप्त करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:39&lt;br /&gt;
|यदि नाम राहुल है, डिफाल्ट रूप से echo होगा- I don't know what colour your eyes are   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:47&lt;br /&gt;
|ओके, तो चलिए इसको चलाने की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:49&lt;br /&gt;
|केवल संशोधित करने के लिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:52&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि Alex Alex से मैच करता है तथा output से भी मैच करता है .&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:57&lt;br /&gt;
|आप क्या कर सकते हैं क्या यहाँ आप कई लाइनों वाली कोड एंटर कर सकते हैं जैसा कि आप चाहते हैं। यह ब्रेक निर्धारित करता है कि केस कहाँ समाप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:05&lt;br /&gt;
|एक IF statement को ब्लॉक को समाप्त करने के लिए कर्ली कोष्ठकों की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:12&lt;br /&gt;
|हालाँकि, यहाँ ब्लॉक की समाप्ति को ब्रेक निर्धारित करता है । वैसे इन्हें ब्लॉक्स कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:17&lt;br /&gt;
|तो, इसे Billy में बदलते हैं और देखते हैं कि क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:22&lt;br /&gt;
|You have brown eyes- वास्तव में हमने यहाँ क्या निर्धारित किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:28&lt;br /&gt;
|ओके अब मैं इसे Kyle में बदलता हूँ और रिफ्रेश करता हूँ, I don't know what colour your eyes are। क्योंकि वहाँ कोई ब्लॉक नहीं है जो हमारे प्रोग्राम फीचर में Kyle की आँखों का रंग निर्धारित करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:45&lt;br /&gt;
|अतः वह मूल रूप से SWITCH statement है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:47&lt;br /&gt;
|यह कोशिश करते हैं। कुछ इसका उपयोग करना पसंद नहीं करते, कुछ इसके उपयोग को वरीयता देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:50&lt;br /&gt;
|यह सम्भवतः IF statement से अधिक तेज है। यह नियंत्रित करने के लिए आसान है। यह ज्यादा अच्छा दिखता है। तो यह सच में आपकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:56&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/If-Statement/Hindi</id>
		<title>PHP-and-MySQL/C2/If-Statement/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/If-Statement/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:27:51Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:0  |पीएचपी(php)पर बुनियादी स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्व…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:0 &lt;br /&gt;
|पीएचपी(php)पर बुनियादी स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। यहाँ हम 'IF' statement(स्टेट्मेन्ट) पर चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:05 &lt;br /&gt;
|अगर  आपके पास लिखित कोड है तो आपको 'IF' statement(स्टेट्मेन्ट) कि जानकारी होगी ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:08 &lt;br /&gt;
|यह पीएचपी(php) में ज्यादा अलग नहीं है। मैं अभी शीघ्र ही एक निष्पादित करूँगा और आपको दिखाऊँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:14&lt;br /&gt;
|तो चलिए शुरू करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:16&lt;br /&gt;
|ठीक है, यहाँ 'IF' statement(स्टेट्मेन्ट) के बारे में संक्षिप्त है। यह कुछ शर्त आरक्षित करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:20 &lt;br /&gt;
|यदि शर्त सही है, तो यह कोड के एक पाथ को निष्पादित करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:23 &lt;br /&gt;
|यदि यह गलत है, यह कोड के अन्य पाथ को निष्पादित करेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:27 &lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप यह संरचना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:32&lt;br /&gt;
|if-कोष्ठकों के अंदर शर्त यह जानने के लिए है कि 1 1 के बराबर है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:37&lt;br /&gt;
|ध्यान दें मैं यहाँ डबल इक्वल टू चिन्ह का उपयोग कर रहा हूँ। यह कम्पेरिज़न ऑपरेटर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:42&lt;br /&gt;
|दूसरे ट्यूटोरियल में हम ऑपरेटर्स के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:46&lt;br /&gt;
|यह 'is equal to' जैसा पढ़ा जाता है हालाँकि यह 'equals' की तरह समान नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:55&lt;br /&gt;
|जब हम वेरिएबल्स का उपयोग कर रहे होते हैं, जब हम तुलना करना चाहते हैं, डबल इक्वल टू का उपयोग करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:58&lt;br /&gt;
|यदि आप सही पाथ के लिए जा रहे हैं, आप दो कर्ली कोष्ठकों का उपयोग कर सकते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:02&lt;br /&gt;
|हम यहाँ एक ओपन करने जा रहे हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:04&lt;br /&gt;
|हमारा कोड कोष्ठकों के बीच में चला जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:07 &lt;br /&gt;
|यदि यह सही नहीं है, हम अन्य मान लेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:11&lt;br /&gt;
|समान संरचना- अतः दो कर्ली कोष्ठक।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:14 &lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप, यदि 1 1 के बराबर है हम एको सही मानेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:23 &lt;br /&gt;
|यदि 1 1 के बराबर नहीं है, तो जो हमें प्राप्त होना चाहिए वह है गलत (फ़ाल्स) जब हम अपनी फाइल चलाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:26&lt;br /&gt;
|क्योंकि 1 1 के बराबर है, तो जो हमें प्राप्त होता है वह है सही (True) , जब हम अपनी फाइल चलाते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:35&lt;br /&gt;
|चलिए इसे बदलते हैं, यदि 1 2 के बराबर है जो यह नहीं करता, तब हमें गलत प्राप्त होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:41&lt;br /&gt;
|अतः हमने पहले से ही एक साधारण प्रोग्राम बनाया होगा यह बताने के लिए यदि एक संख्या दूसरी संख्या के समान है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:46&lt;br /&gt;
|यह प्रोग्राम के लिए एक अत्यंत नासमझ एप्लीकेशन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:49&lt;br /&gt;
|इसलिए मैं कुछ और अधिक जोड़ूँगा। मैं पासवर्ड ऐक्सेस के लिए एक छोटा प्रोग्राम बनाऊँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:56&lt;br /&gt;
|हम यहाँ वेरिएबल में पासवर्ड स्टोर करने जा रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:00 &lt;br /&gt;
|मान लीजिए पासवर्ड abc है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:05&lt;br /&gt;
|मैं उक्ति के द्वारा मेरे IF function (फलन) में वेरिएबल को मिलाने जा रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:11 &lt;br /&gt;
|यदि पासवर्ड दोहरे बराबर 'def' याद रखें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:14&lt;br /&gt;
|और मैं मानूँगा कि ऐक्सेस स्वीकृत हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:20&lt;br /&gt;
|माफ कीजिए, मैंने एक गलती कर दी है। 'def' पासवर्ड है जिसे हम यूजर के लिए पूछना चाहते हैं। 'abc' पासवर्ड है जिसे मैं सिस्टम में डाल रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:32&lt;br /&gt;
|इसलिए यदि यह 'def' के बराबर नहीं है,मैं मानूँगा कि ऐक्सेस अस्वीकार हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:38&lt;br /&gt;
|पासवर्ड जो मैंने दिया है वह 'abc' है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:42&lt;br /&gt;
|हम 'def' की पासवर्ड से तुलना करने जा रहे हैं, जो संचित पासवर्ड है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:46&lt;br /&gt;
|यदि यह 'def' के बराबर है, हम मानेंगे कि ऐक्सेस स्वीकृत हो गया अथवा ऐक्सेस अस्वीकृत हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:54&lt;br /&gt;
|चलिए कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:58 &lt;br /&gt;
|ऐक्सेस अस्वीकृत, क्योंकि पासवर्ड मैच नहीं हुये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:00 &lt;br /&gt;
|इस आधार पर आप यहाँ देख सकते हैं कि मैंने वेरिएबल को मिलाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:06&lt;br /&gt;
|इसे 'def' में बदलो और हमें ऐक्सेस स्वीकृति प्राप्त होगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:13 &lt;br /&gt;
|क्योंकि मेरे पास एक लाइन कोड यहाँ है और अन्य एक लाइन कोड यहाँ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:20&lt;br /&gt;
|मुझे इन कर्ली कोष्ठकों से छुटकारा मिल सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:24&lt;br /&gt;
|मेरे लिए वह काफी उत्तम दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:27 &lt;br /&gt;
|कृपया ध्यान दें, कि यहाँ कर्ली कोष्ठक जोड़ने का कोई मतलब नहीं यदि आपके पास साधारण  IF statements(स्टेट्मेन्ट) के लिए कोड की केवल एक लाइन है। इन जैसे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:34 &lt;br /&gt;
|यदि यहाँ लाइन के बाद लाइन होगी ,तो आपको कर्ली कोष्ठकों की आवश्यकता होगी ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:39 &lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप, चलिए नये वेरिएबल को यहाँ सेट करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:44 &lt;br /&gt;
|ऐक्सेस बराबर स्वीकृत।(Access equals 'Allowed')&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:50&lt;br /&gt;
|वह कोड की केवल मूलतः अन्य लाइन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:55 &lt;br /&gt;
|लेकिन जब मैं इसे चलाने कि कोशिश करता हूँ और चलाता हूँ, हमें एक एरर मिलती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:00&lt;br /&gt;
|यह कहता है an unexpected T_else on line 8 ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:07 &lt;br /&gt;
|चलिए लाइन 8 खोजते हैं, यह यहाँ है। इसके पहले की लाइन समस्या का कारण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:11&lt;br /&gt;
|यही वजह है कि हमें कोड की दो या दो से अधिक लाइनों के लिए अपने कर्ली कोष्ठकों को वापस  जोड़ने की जरूरत होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:20&lt;br /&gt;
|हम इसे रिफ्रेश करते हैं और ऐक्सेस स्वीकृत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:23 &lt;br /&gt;
|अब, मैंने एक नया वेरिएबल सेट किया है, ऐक्सेस स्वीकर होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:26&lt;br /&gt;
|यह पूर्ण मदद नहीं होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:29 &lt;br /&gt;
|लेकिन मैं केवल आपको एक उदाहरण दे रहा था ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:31&lt;br /&gt;
|आप देख सकते हैं कि यह अभी तक एक सिंगल लाइन है और यह दोहरी लाइनें हैं। और आप उन्हें मिश्रित नहीं कर सकते।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:37&lt;br /&gt;
|ठीक है, मैंने एक वेरिएबल बनाया। मैंने इसे एक IF statement (स्टेट्मेन्ट) में निगमित किया। उम्मीद है यह उपयोगी था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:42&lt;br /&gt;
|अब मैं इस ट्यूटोरिटल को समाप्त करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:45&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Echo-Function/Hindi</id>
		<title>PHP-and-MySQL/C2/Echo-Function/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/PHP-and-MySQL/C2/Echo-Function/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:26:58Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{|Border=1 !Time !Narration |- |0:00 |नमस्कार, बेसिक PHP ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। |- |0:03 	 |…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|Border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|नमस्कार, बेसिक PHP ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:03 	&lt;br /&gt;
|हम यहाँ पर जानेंगे कि कैसे echo function को प्रयोग करें और कैसे टैग्स सेट अप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:08 	&lt;br /&gt;
|जो भी html से परिचित हैं उन्हें पता होगा कि यहाँ पर पेज को प्रारंभ और अंत करने के लिए html टैग्स होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:15 	&lt;br /&gt;
|यह html पेज में महत्वपूर्ण नहीं है ।जब तक आपके पास html एक्सटेंशन है तब तक ठीक है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:20 	&lt;br /&gt;
|लेकिन PHP में आपको tags की  आवश्यकता होती है ।यह प्रारंभ और अंत करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:25&lt;br /&gt;
|यह मूल रूप से इसके लिए मानक चिन्ह  (notation) है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:29 	&lt;br /&gt;
|जबकि हमारा विषय इसके बीच में होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:32 	&lt;br /&gt;
|यहाँ पर मैंने पहले से ही मेरी फाइल को helloworld.php से save कर लिया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:36 	&lt;br /&gt;
|तो चलिए इसको सेव करते है और एक नज़र यहाँ डालें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:41 	&lt;br /&gt;
|अभी इस पेज पर कुछ नहीं है लेकिन हमें हमारे पेज का सेटअप  मिल गया है । यह बिलकुल ठीक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:47 	&lt;br /&gt;
|&amp;quot;echo function&amp;quot; इस प्रकार काम  करता है: हमने echo लिया है, हमने कुछ double quotes लिए हैं और हमारे पास  एक लाइन टर्मिनेटर है जो कि अर्धविराम चिन्ह है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:57 	&lt;br /&gt;
|और हमारी विषय वस्तु इसके बीच में होगी। चलिए इसे सेव करें और रिफ्रेश करें। और हमने कर लिया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:05 	&lt;br /&gt;
|हाँ तो आप कर सकते है - मुझे ये बहुत उपयोगी लगता है- echo फंक्शन को इस प्रकार लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:10 	&lt;br /&gt;
|क्योंकि जब आप एक html कोड को echo फंक्शन के भीतर रखेंगे, यह बिट्स  ,लाइन ब्रेक यानि पंक्ति विराम नहीं दर्शाएँगी(आपको यह बताना चाहूँगी कि अगर आपने अभी तक html नहीं सीखी है तो मैं कम से कम इसके बेसिक्स  सीखने कि सलाह देती हूँ क्योंकि हम इसका भरपूर इस्तेमाल  करने वाले हैं)&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:22 	&lt;br /&gt;
|इसके लिए आपको खुद का html जोड़ना होगा, यह लाइन ब्रेक के लिए और फिर नयी लाइन  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:28 	&lt;br /&gt;
|हम इसे रिफ्रेश करते है और हमें यह मिला! हमारा html सम्मिलित हो चुका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:33 	&lt;br /&gt;
|अच्छा , आपकी जानकारी के लिए, यह एक चीज़ है जिसे बहुत से लोग रन करते हैं 'image source equals' और आपकी फाइल यहाँ आती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:42 	&lt;br /&gt;
|फिलहाल हमारे पास echo है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:46 	&lt;br /&gt;
|यह दर्शाता है कि हम हमारा output शुरू करने जा रहें हैं और यहाँ पर समाप्त कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:52 	&lt;br /&gt;
|हम यहाँ समाप्त नहीं कर रहें ; हम यहाँ समाप्त करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:55 	&lt;br /&gt;
|तो इसकी जगह हमें अवतरण चिह्न की ज़रूरत होगी ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:58 	&lt;br /&gt;
|मूलतः यह हमें इमेज दिखाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:02 	&lt;br /&gt;
|यहाँ पर कोई फाइल नहीं है लेकिन आपको चित्र मिलेगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:05 	&lt;br /&gt;
|तो चलिए मैं आपको दिखाता हूँ कि क्या होगा अगर हम इसे रखते है और फिर इसी के साथ मैं यह ट्यूटोरियल  समाप्त करुँगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:13 	&lt;br /&gt;
|हाँ हमें parse एरर मिली  है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:15 	&lt;br /&gt;
|हमें अंत करने के लिए एक अल्पविराम  या फिर एक अर्धविराम  की आवश्यकता है| जो यह दर्शाएगा की हम यहाँ तक आ रहे हैं, इसके बाद हमें एक अर्धविराम की  आवश्यकता होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:23 	&lt;br /&gt;
|लेकिन वास्तव में यह सही नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:25 	&lt;br /&gt;
|तो इन्हें  अवतरण चिह्न ही रखते है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:30 	&lt;br /&gt;
|तो यह echo फंक्शन और php टैग्स की मूल बातें हैं| आशा है कि आपने सीखने का आनन्द लिया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:34 	&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट रवि कुमार द्वारा अनुवादित है। आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आप से विदा लेता हूँ। धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux-Old/C2/Ubuntu-Software-Center/Hindi</id>
		<title>Linux-Old/C2/Ubuntu-Software-Center/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux-Old/C2/Ubuntu-Software-Center/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:25:01Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर पर स्पोकन ट्यटोरियल में आपका …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर पर स्पोकन ट्यटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:04&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि उबंटू ऑपरेटिंग सिस्टम में उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर का उपयोग, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:09&lt;br /&gt;
|डाउनलोड, संस्थापन, अपडेट और सॉफ्टवेयर का संस्थापन रद्द कैसे करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:16&lt;br /&gt;
|उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:18&lt;br /&gt;
|यह एक टूल है जो आपको उंबटू ऑपरेटिंग सिस्टम पर सॉफ्टवेयर के प्रबंधन की अनुमति देता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:23&lt;br /&gt;
|आप इसका उपयोग सॉफ्टवेयर को खोजने, डाइनलोड करने, संस्थापन करने, अपडेट करने या संस्थापन रद्द करने के लिए कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:30&lt;br /&gt;
|उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर प्रत्येक सॉफ्टवेयर के लिए मूल्यांकन और समीक्षाओं को सूचीबद्ध भी करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:36&lt;br /&gt;
|इस तरह से इसके उपयोग से पहले आपको सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी होती है।  &lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:41&lt;br /&gt;
|यह सॉफ्टवेयर हिस्ट्री का रिकार्ड भी रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:45&lt;br /&gt;
|इस स्पोकन ट्यूटोरियल में, हम उबंटू वर्जन 11.10 पर उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर का उपयोग कर रहे हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:52&lt;br /&gt;
|ट्यूटोरियल के साथ आगे बढ़ने के लिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:54&lt;br /&gt;
|आपका इंटरनेट से जुड़ा होना अनिवार्य है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:56&lt;br /&gt;
|सॉफ्टवेयर के संस्थापन के लिए आप सिस्टम एडमिनीस्ट्रेटर होने चाहिए या आपके पास एडमिनीस्ट्रेटर के अधिकार होने चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:04&lt;br /&gt;
|अपने Launcher से, Ubuntu Software Center आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:08&lt;br /&gt;
|उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर विडों प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:12&lt;br /&gt;
|विडों के सबसे ऊपर बायीं ओर पर All Software, Installed और History बटन्स प्रदर्शित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:19&lt;br /&gt;
|Search फील्ड सबसे ऊपर दायें कोने पर प्रदर्शित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:23&lt;br /&gt;
|उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर विडों दो पैनल्स में विभाजित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:28&lt;br /&gt;
|बायाँ पैनल सॉफ्टवेयर श्रेणियों की सूची प्रदर्शित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:33&lt;br /&gt;
|दायाँ पैनल What’s New और Top Rated प्रदर्शित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:38&lt;br /&gt;
|What’s New पैनल उस सॉफ्टवेयर को सूचीबद्ध करता है, जिसे हाल में जारी किया गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:42&lt;br /&gt;
|Top Rated पैनल उस सॉफ्टवेयर की सूची प्रदर्शित करता है जिसे उच्च उपयोगकर्ता दर्जा मिला है और सबसे अधिक बार डाउनलोड किया गया हो।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:51&lt;br /&gt;
|श्रेणी के माध्यम से सॉफ्टवेयर के लिए ब्राउज करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:55&lt;br /&gt;
|बायें पैनल से, Internet पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:58&lt;br /&gt;
|इंटरनेट श्रेणी के लिए इंटरनेट सॉफ्टवेयर और टॉप रेटेड सॉफ्टवेयर की सूची प्रदर्शित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:05&lt;br /&gt;
|ध्यान दें,कि कुछ सॉफ्टवेयर में टिक मार्क के साथ एक वृत्त है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:10&lt;br /&gt;
|यह दर्शाता है कि यह सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर में पहले से ही संस्थापित किए गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:15&lt;br /&gt;
|इंटरनेट श्रेणी में अधिक सॉफ्टवेयर देखने के लिए, All आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:21&lt;br /&gt;
|All software, जो इंटरनेट श्रेणी में उपलब्ध है, विडों पर सूचीबद्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:26&lt;br /&gt;
|आप सॉफ्यवेयर को By Name, By Top Rated या By Newest First द्वारा भी क्रमबद्ध कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:32&lt;br /&gt;
|ऊपर दायें कोने पर ड्रॉप-डाउन क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:36&lt;br /&gt;
|सूची से By Top Rated चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:40&lt;br /&gt;
|इंटरनेट सॉफ्टवेयर मूल्यांकन के अनुसार व्यवस्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:45&lt;br /&gt;
|सॉफ्टवेयर की पूर्ण सूची देखने के लिए, जो आपके कंप्यूटर में संस्थापित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:50&lt;br /&gt;
|Installed बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:53&lt;br /&gt;
|सॉफ्टवेयर श्रेणी प्रदर्शित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:56&lt;br /&gt;
|Sound and Video के सामने छोटे त्रिकोणीय बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:02&lt;br /&gt;
|Sound और Video के लिए आपके कंप्यूटर में संस्थापित सॉफ्टवेयर की सूची प्रदर्शित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:08&lt;br /&gt;
|All Software  पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन से Provided by Ubuntu चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:14&lt;br /&gt;
|उबंटू द्वारा प्रदान सभी सॉफ्टवेयर्स सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:19&lt;br /&gt;
|अब, VLC media player सॉफ्टवेयर को संस्थापित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:24&lt;br /&gt;
|विडों के ऊपर दायीं ओर पर Search बॉक्स में VLC टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:29&lt;br /&gt;
|VLC media player  प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:33&lt;br /&gt;
|अब, Install पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:35&lt;br /&gt;
|Authentication डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:38&lt;br /&gt;
|अपना पासवर्ड प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:42&lt;br /&gt;
|Authenticate पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:44&lt;br /&gt;
|प्रोग्रेस बार पर देखें, वह दर्शाता है कि VLC संस्थापित किया जा रहा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:50&lt;br /&gt;
|संस्थापित होने वाले पैकेड के आकार और संख्या के अनुसार संस्थापन कुछ समय ले सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:57&lt;br /&gt;
|सबसे ऊपर बटन के द्वारा भी प्रोग्रेस (प्रगति) सूचित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:02&lt;br /&gt;
|आप अन्य एप्लिकैशन ऐक्सेस कर सकते हैं जब संस्थापन किया जा रहा हो। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:07&lt;br /&gt;
|VLC संस्थापित हो जाने के बाद, यहाँ VLC के सामने एक छोटा टिक मार्क होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:13&lt;br /&gt;
|दायीं ओर पर Remove बटन दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:17&lt;br /&gt;
|यदि आप VLC  के संस्थापन को रद्द करना चाहते हैं,तो केवल Remove बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:23&lt;br /&gt;
|उसी तरह, आप सभी अन्य सॉफ्टवेयर पैकेज को खोज सकते हैं और संस्थापित कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:29&lt;br /&gt;
|अब हिस्ट्री देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:31&lt;br /&gt;
|यह हमें हमारे द्वारा किए गए, संस्थापन,अपडेट्स, सॉफ्टवेयर को हटाने सहित।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:37&lt;br /&gt;
|सभी बदलावों को देखने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:40&lt;br /&gt;
|History पर क्लिक करें। History डायलॉग बॉक्स दिखाई देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:45&lt;br /&gt;
|आप अपनी हिस्ट्री को All Changes, Installations, Updates और Removals द्वारा चेक कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:51&lt;br /&gt;
|All Changes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:53&lt;br /&gt;
|सभी किए गए परिवर्तनों की सूची दिखाई देती है, जो कि installations, updates और removals हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:01&lt;br /&gt;
|आप निरंतर संस्थापित सॉफ्टवेयर को अपडेट भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:07&lt;br /&gt;
|आप उबंटू और उबंटू सॉफ्टवेयर के बारे में अधिक जानकारी उबंटू वेबसाइट पर पता कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:17&lt;br /&gt;
|हम उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर पर इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गये हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:21&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा, कि उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर का उपयोग कैसे करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:26&lt;br /&gt;
|हमने यह भी सीखा, कि उबंटू ऑपरेटिंग सिस्टम पर सॉफ्टवेयर को डाउनलोड, संस्थापित, अपडेट और संस्थापन रद्द कैसे करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:36&lt;br /&gt;
|यहाँ आपके लिए एक नियत-कार्य है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:39&lt;br /&gt;
|उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर का उपयोग करके Thunderbird को डाउनलोड करें और संस्थापित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:46&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:49&lt;br /&gt;
|यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:52&lt;br /&gt;
|यदि आपके पास अच्छा बैंडविथ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड करके भी देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:57&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:59&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:02&lt;br /&gt;
|जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं, उन्हें प्रमाण-पत्र भी देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:06&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया contact [at] spoken hyphen tutorial dot org पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:12&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:17&lt;br /&gt;
|यह ' आई सी टी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन, एम एच आर डी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:24&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:28&lt;br /&gt;
|spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:35&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है, आई.आई.टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux-Old/C2/Synaptic-Package-Manager/Hindi</id>
		<title>Linux-Old/C2/Synaptic-Package-Manager/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-27T10:24:10Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर की उपयोगिता पर इस स्पोकन ट्य…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर की उपयोगिता पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर(Synaptic Package Manager )उपयोगित उबंटू में एप्लीकेशन कैसे संस्थापित करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:17&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को समझाने के लिए मैं ग्नुम  एन्वाइरन्मेन्ट डेस्कटॉप(gnome environment desktop) के साथ उबंटू 10.04 का इस्तेमाल कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:24&lt;br /&gt;
|सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर का उपयोग करने के लिए आपके पास एडमिनिस्ट्रेटिव राइट्स होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:29&lt;br /&gt;
|इंटरनेट संपर्क अच्छे से काम करना चाहिए। तो पहले सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:36&lt;br /&gt;
|उसके लिए कृपया पहले सिस्टम फिर एडमिनिस्ट्रेशन पर जाएँ और फिर सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:47&lt;br /&gt;
|यहाँ एक ऑथेन्टकैशन डाइलॉग बाक्स दिखाई देगा जो पासवर्ड पूछेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:55&lt;br /&gt;
|अब पासवर्ड टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:06&lt;br /&gt;
|जब हम पहली बार सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर का उपयोग करते हैं एक परियच डायलॉग बाक्स दिखाई देता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:13&lt;br /&gt;
|इस डायलॉग बाक्स में सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर के उपयोग करने से संबधित जानकारी होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:20&lt;br /&gt;
|अब हम सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर में एक एप्लीकेशन या पैकेज संस्थापित करने के लिए रिपोजिटरी और प्रोक्सी कन्फिगर करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:29&lt;br /&gt;
|यह करने के लिए सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर विंडो पर जाते है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:36&lt;br /&gt;
|कृपया सेटिंग पर जाएँ और प्रेफरन्सस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:44&lt;br /&gt;
|प्रेफरन्स विंडो पर कई टैब हैं जो स्क्रीन पर दिखाई देते हैं। प्रोक्सी सेटिंग कन्फिगर करने के लिए नेटवर्क पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:55&lt;br /&gt;
|यहाँ प्रोक्सी सर्वर में दो ऑप्शन हैं- डाइरेक्ट कनेक्शन  और मैन्यूअल कनेक्शन । मैं मैन्यूअल प्रोक्सी कन्फिगरेशन का उपयोग कर रही हूँ जैसा यहाँ दिखाया है। आप अपना अधिमान्य ऑप्शन चुन सकते हैं। ऑथेन्टकैशन बटन पर क्लिक करें। HTTP ऑथेन्टकैशन विंडो स्क्रीन पर दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:21&lt;br /&gt;
|कृपया यूजरनेम और पासवर्ड एंटर करें यदि आवश्यकता हो तो और ओके पर क्लिक करें। अब परिवर्तन को लागू करने के लिए एप्लाई (Apply) पर क्लिक करें। विंडो को बंद करने के लिए ओके पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:38&lt;br /&gt;
|अब फिर से सेटिंग पर जाएँ और रिपाज़िटरिस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:46&lt;br /&gt;
|स्क्रीन पर सॉफ्टवेयर सोर्सेस विंडो दिखता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:51&lt;br /&gt;
|उबंटू सॉफ्टवेयर डाउनलोड़ करने के लिए  कई सोर्सेस हैं। डाउनलोड़ फ्रोम(“Download From” ) ड्रोप डाउन मेन्यू पर क्लिक करें और रिपाज़िटरिस की सूची को देखने के लिए माउस बटन को पकड़ कर रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:05&lt;br /&gt;
|“Other..” ग्लोब पर सर्वरस की सूची दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:12&lt;br /&gt;
|इस विंडो को बंद करने के लिए कैन्सल पर क्लिक करें। मैं “Server for India” का उपयोग कर रही हूँ जैसा यहाँ दिख रहा है। साफ्टवेयर सोर्सेस विंडो को बंद करने के लिए क्लोज(“Close” )पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:26&lt;br /&gt;
|इस टूल का उपयोग कैसे किया जाय यह सीखने के लिए, उदाहरण के रूप में मैं अभी  vlc प्लेअर (player) संस्थापित करूँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:34&lt;br /&gt;
|यदि आप सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर का उपयोग पहली बार कर रहे हैं, तो आपको पैकेजस को रिलोड़ करने की आवश्यकता है। ऐसा करने के लिए टूल बार पर रिलोड़ बटन पर क्लिक करें। यह कुछ सैकण्ड ले सकता है। यहाँ हम देख सकते हैं कि पैकेजस इंटरनेट के माध्यम से हस्तांतरित किये जा सकते हैं और अपडेटेड हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:59&lt;br /&gt;
|जब रिलोड़िंग की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है, तो क्वीक सर्च बाक्स पर जाएँ जो कि टूल बार पर है और “vlc” टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:14&lt;br /&gt;
|यहाँ हम देख सकते हैं कि सभी vlc पैकेजस सूचीबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:19&lt;br /&gt;
|“vlc package” (वाएलसी पैकेज) को चुनने के लिए कृपया चेक बाक्स पर क्लिक करें और मेन्यू बार पर प्रदर्शित “Mark for installation” ऑप्शन को चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:34&lt;br /&gt;
|एक डायलॉग बाक्स रिपाजिटरी पैकेज की पूरी सूची दिखा रहा है। स्वतः ही सभी निर्भर पैकेज को मार्क करने के लिए मार्क बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:46&lt;br /&gt;
|टूल बार पर जाएँ और एप्लाई (“apply”) बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:52&lt;br /&gt;
|समरी विंडो संस्थापित करने के लिए पैकेजस का ब्योरा दिखा रहा है। संस्थापन शुरू करने के लिए एप्लाई(“Apply”) बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:05&lt;br /&gt;
|संस्थापन की प्रक्रिया कुछ समय लेगी जो कि संस्थापित होने वाले पैकेजस की संख्या और साइज़ पर निर्भर करता है। पहले कि तरह यह कुछ समय लेगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:25&lt;br /&gt;
|डाउनलोड़िंग पैकेज फाइल (“Downloading Package File”) विंडो बंद हो जायेगी जैसे ही संस्थापन पूर्ण हो जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:43&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि वे बदलाव लागू हो रहे हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:00&lt;br /&gt;
|हमने देखा कि vlc अब संस्थापित हो गया है। सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:09&lt;br /&gt;
|अब सत्यापित करते हैं यदि vlc player सफलतापूर्वक संस्थापित हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:15&lt;br /&gt;
|यह करने के लिए एप्लीकेशन -&amp;gt; साउंड और विडियो पर जाएँ। यहाँ हम देख सकते हैं कि vlc media player( वीएलसी मीडिया प्लेअर) सूचीबद्ध है, अर्थात vlc सफलतापूर्वक संस्थापित हो गया है। उसी तरह हम सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर का उपयोग करके अन्य एप्लीकेशन्स संस्थापित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:36&lt;br /&gt;
|मैं सार प्रस्तुत करती हूँ- इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा कि कैसे सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर में प्रोक्सी और रिपोजिटरी कन्फिगर करते हैं। कैसे सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर का उपयोग करके एप्लीकेशन या पैकेज संस्थापित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:51&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा समर्थित है। अधिक जानकारी निम्नलिखित लिंक http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:19&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है, आय.आय.टी मुम्बई की ओर से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ। इस ट्यूटोरियल में शामिल होने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux-Old/C2/Ubuntu-Desktop-10.10/Hindi</id>
		<title>Linux-Old/C2/Ubuntu-Desktop-10.10/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux-Old/C2/Ubuntu-Desktop-10.10/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:23:04Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |उबंटू डेस्कटॉप के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्व…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|उबंटू डेस्कटॉप के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:04&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का इस्तेमाल करके, हम gnome परिवेश पर उबंटू डेस्कटॉप से परिचित होंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:12&lt;br /&gt;
|इसके लिए में उबंटू 10.10 का इस्तेमाल कर रही हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:19&lt;br /&gt;
|आप जो अब देख रहे हैं, वह उबंटू डेस्कटॉप है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:24&lt;br /&gt;
|आप मैन मेन्यू को बाएँ हाथ के ऊपरी तरफ के कोने में देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:31&lt;br /&gt;
|इसे ओपन करने के लिए, आप ALT + F1 प्रेस कर सकते हैं या एप्लीकेशन पर जाएँ और उस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:40&lt;br /&gt;
|सारे इन्स्टाल हुए यानि संस्थापित एप्लीकेशंस वर्गीकृत ढंग से एप्लीकेशन मेन्यू में मौजूद हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:48&lt;br /&gt;
|चलिए इस एप्लीकेशन मेन्यू में कुछ महत्वपूर्ण एप्लीकेशन से परिचित होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:55&lt;br /&gt;
|तो एप्लीकेशन-&amp;gt; एक्सेसरिस-&amp;gt; केल्क्युलेटर पर चलिए । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:04&lt;br /&gt;
|केल्क्युलेटर अंकगणित, वैज्ञानिक तथा आर्थिक गणना करने में मदद करता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:12&lt;br /&gt;
|चलिए इसे ओपन करते हैं, केल्क्युलेटर पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:18&lt;br /&gt;
|अब कुछ सरल गणना की कोशिश करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:22&lt;br /&gt;
|5*(into) 8 टाइप करें और = चिन्ह प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:32&lt;br /&gt;
|चिन्ह= दबाने के बजाय, आप इंटर की भी टाइप कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:39&lt;br /&gt;
|क्लोज बटन प्रेस करके केल्क्युलेटर से बाहर आएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:46&lt;br /&gt;
|अब एक दूसरे एप्लीकेशन को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:50&lt;br /&gt;
|इसके लिए एप्लीकेशंस पर जाएँ और फिर एक्सेसरिस पर  जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:59&lt;br /&gt;
|एक्सेसरिस में, टेक्स्ट एडिटर ओपन करें, उस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:09&lt;br /&gt;
|तो जो अब आप स्क्रीन पर देख रहे हैं वह जिएडिट टेक्स्ट एडिटर है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:16&lt;br /&gt;
|मैं यहाँ कुछ टेक्स्ट टाइप करती हूँ और उसे सेव करती हूँ। टाइप करें , हेल्लो वर्ल्ड (&amp;quot;H-e-l-l-o W-o-r-l-d&amp;quot;.)। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:28&lt;br /&gt;
|उसे सेव करने के लिए में CTRL + S प्रेस कर सकती हूँ या फाइल पर जाएँ और सेव पर क्लिक करें। चलिए में फाइल पर जाती हूँ और फिर सेव करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:45&lt;br /&gt;
|अब एक छोटा डायलॉग बाक्स आता है।  यह फाइल नाम तथा स्थान जहाँ सेव करना है उसके लिए पूछता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:56&lt;br /&gt;
|तो मैं नाम टाइप करती हूँ hello.txt और स्थान के लिए डेस्कटॉप चुनती हूँ और सेव बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:15&lt;br /&gt;
|अब इस जिएडिट को बंद करते हैं और देखते हैं कि हमारी फाइल डेस्कटॉप पर सेव हुई है या नहीं | तो इसे बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:24&lt;br /&gt;
|अब आप डेस्कटॉप पर hello.txt फाइल देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:30&lt;br /&gt;
|तो हमारी टेक्स्ट फाइल सफलतापूर्वक सेव हुई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:35&lt;br /&gt;
|इस फाइल पर डबल क्लिक करके ओपन करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:40&lt;br /&gt;
|वाह ! हमारी टेक्स्ट फाइल, हमारे लिखे हुए टेक्स्ट के साथ ओपन हुई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:44&lt;br /&gt;
|इन्टरनेट पर जिएडिट टेक्स्ट एडिटर पर कई जानकारी हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:50&lt;br /&gt;
|इस विषय पर www.spoken-tutorial.org पर स्पोकन ट्यूटोरियल्स भी होंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:00&lt;br /&gt;
|इस टेक्स्ट एडिटर को बंद करते हैं और एक्सेसरिस में से कुछ एप्लीकेशन देखते हैं | जो है टर्मिनल।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:12&lt;br /&gt;
|तो चलिए वापस चलते हैं एप्लीकेशंस -&amp;gt; एक्सेसरिस और फिर टर्मिनल।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:19&lt;br /&gt;
|टर्मिनल को कमांड लाइन कहते हैं, क्योंकि यहाँ से आप कंप्यूटर को आदेश दे सकते हैं या कमांड कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:25&lt;br /&gt;
|वास्तव में यह GUI से भी ज्यादा सशक्त है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:30&lt;br /&gt;
|तो चलिए टर्मिनल पर एक सरल कमांड टाइप करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:36&lt;br /&gt;
|तो ls टाइप करें और एंटर प्रेस करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:41&lt;br /&gt;
|आप देख सकते हैं यह वर्तमान डाइरेक्टरी की सारी फाइल्स तथा फोल्डर्स बताता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:48&lt;br /&gt;
|तो यहाँ यह होम फोल्डर से सारे फाइल्स और फोल्डर प्रदर्शित करता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:55&lt;br /&gt;
|होम फोल्डर क्या है यह हम बाद में इस ट्यूटोरियल में देखेंगे । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:01&lt;br /&gt;
|हम टर्मिनल पर अब और समय नहीं बिताएंगे। www.spokentutorial.org पर लिनक्स स्पोकन ट्यूटोरियल्स में टर्मिनल कमांड्स को अच्छी तरह से समझाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:17&lt;br /&gt;
|टर्मिनल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:20&lt;br /&gt;
|अब दूसरे एप्लीकेशन पर चलते हैं जो है फ़ायरफ़ॉक्स वेब ब्राउसर, उसे ओपन करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:27&lt;br /&gt;
|इसके लिए एप्लीकेशंस पर जाएँ फिर इन्टरनेट -&amp;gt; फ़ायरफ़ॉक्स वेब ब्राउसर। इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:36&lt;br /&gt;
|वर्ल्ड वाइड वेब को एक्सेस करने के लिए फ़ायरफ़ॉक्स का प्रयोग होता है। अब आप देख सकते हैं कि फ़ायरफ़ॉक्स ओपन हुआ है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:43&lt;br /&gt;
|चलिए अब gmail की साईट पर जाते हैं। उसके लिए आप एड्रस बार पर जाएँ या फिर F6 प्रेस करें। मैं अब F6 प्रेस कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:53&lt;br /&gt;
|जी हां ! मैं एड्रस बार में हूँ और अब मैंने एड्रस बार को क्लिअर करने के लिए बैकस्पेस प्रेस किया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:00&lt;br /&gt;
|मैं www.gmail.com टाइप करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:04&lt;br /&gt;
|जैसे ही मैं टाइप करती हूँ फ़ायरफ़ॉक्स कुछ सुझाव देता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:09&lt;br /&gt;
|आप इनमें से कुछ को चुन सकते हैं या फिर पूरा एड्रस टाइप करें और एन्टर प्रेस करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:15&lt;br /&gt;
|फ़ायरफ़ॉक्स शायद सीधे वेबसाईट पर ले जाएगा या फिर यह  लॉगिन और पासवर्ड मांगेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:22&lt;br /&gt;
|चलिए अब यूज़रनेम और पासवर्ड टाइप करते हैं और फिर एंटर प्रेस करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:36&lt;br /&gt;
|अब आप देख सकते हैं स्क्रीन पर gmail वेबपेज ओपन हुई है। इसे बंद करते हैं और आगे बढ़ते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:45&lt;br /&gt;
|अब ऑफिस मेन्यू पर चलते हैं एप्लीकेशंस -&amp;gt; ऑफिस ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:53&lt;br /&gt;
|फिर आगे इस ऑफिस मेन्यू में हमारे पास  ओपनऑफिस वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट और प्रेसेंटेशन है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:03&lt;br /&gt;
|इन सब पर इन्टरनेट पर काफी जानकारी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:07&lt;br /&gt;
|हमारी वेब साईट पर भविष्य में इन सभी पर स्पोकन ट्यूटोरियल होंगे।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:12&lt;br /&gt;
|अब हम साउंड एंड विडियो मेन्यू को देखते हैं।  इसके लिए एप्लीकेशन पर जाएँ फिर साउंड और विडियो पर।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:21&lt;br /&gt;
|इसमें एक महत्त्वपूर्ण एप्लीकेशन है जो है Movie Player. यह विडियो तथा गाने चलाने के लिए प्रयोग होता है। डिफॉल्ट रूप से यह ओपन फॉर्मेट विडियो को ही चलाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:35&lt;br /&gt;
|तो मैं एक सेम्पल फाइल को प्ले करती हूँ जो मेरे पेनड्राइव में है । अब पेनड्राइव को USB स्लोट में डालते हैं, पेनड्राइव ओपन हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:48&lt;br /&gt;
|यदि यह ओपन नहीं होता है तो आप उसे डेस्कटॉप से एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:53&lt;br /&gt;
|नीचे बायीं ओर पर एक आइकन है उसे क्लिक करते हैं । यदि हम उस पर क्लिक करते हैं यह सिर्फ डेस्कटॉप दिखाता है। यदि हम इस पर फिर से क्लिक करें तो यह डेस्कटॉप तथा साथ ही फाइल जो ओपन हुई है वह भी दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:08&lt;br /&gt;
|हम विन्डोज़ की और D दोनों को प्रेस करके भी डेस्कटॉप पर जा सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि पहले के उबंटू वेर्ज़न्स में डेस्कटॉप पर जाने के लिए CTRL + ALT + D का प्रयोग होता था। उपयोगकर्ता को इस वेर्ज़न्स के बदलावों को सँभालने के लिए तैयार रहना चाहिए।अब विन्डोज़ की और D प्रेस करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:37&lt;br /&gt;
|यहाँ आप देख सकते हैं कि आपका पेनड्राइव डेस्कटॉप पर उपस्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:42&lt;br /&gt;
|इस पर डबल क्लिक करके इसे ओपन करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:46&lt;br /&gt;
|अब मैं एक मूवी फाइल को प्ले करने के लिए चुनती हूँ जो है ubuntuHumanity.ogv .&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:57&lt;br /&gt;
|यहाँ मेरी फाइल है, इसे ओपन करने के लिए मैं इस पर डबल क्लिक करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:09&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट रूप से यह मूवी प्लेयर में ओपन होता है। इसे क्लोज करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:13&lt;br /&gt;
|अब इस डेस्कटॉप पर कुछ और महत्त्वपूर्ण चीजें देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:18&lt;br /&gt;
|इसके लिए अब places मेन्यू पर जाते हैं। इसमें हमारे पास होम फोल्डर है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:27&lt;br /&gt;
|इसे ओपन करते हैं। होम फोल्डर पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:29&lt;br /&gt;
|उबंटू में प्रत्येक उपयोगकर्ता का एक अलग होम फोल्डर होता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:34&lt;br /&gt;
|हम कह सकते हैं कि होम फोल्डर हमारा घर है जहाँ हम अपनी फाइल्स तथा फोल्डर्स रख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:42&lt;br /&gt;
|जब तक हम आज्ञा न दें कोई उन्हें देख नहीं सकता।  फाइल परमिशन पर अधिक जानकारी लिनक्स स्पोकन ट्यूटोरियल्स में मौजूद है जो www.spoken-tutorial.org पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:56&lt;br /&gt;
|हमारे होम फोल्डर में हम दूसरे फोल्डर्स देख सकते हैं जैसे कि डेस्कटॉप , डाक्यूमेंट्स , डाउनलोड्स, विडियो इत्यादि।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:08&lt;br /&gt;
|लिनक्स में सब कुछ एक फाइल है। डेस्कटॉप फोल्डर पर डबल क्लिक करके उसे ओपन करते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:16&lt;br /&gt;
|हम देखते हैं कि वही hello.txt फाइल जो कि यहाँ टेक्स्ट एडिटर में सेव की थी । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:25&lt;br /&gt;
|तो यह फोल्डर तथा डेस्कटॉप एक ही हैं। मैं इस फोल्डर को अब क्लोज करती हूँ ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:31&lt;br /&gt;
|क्या आप डेस्कटॉप की यही थीम देखकर बोर नहीं हुए। चलिए इसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:37&lt;br /&gt;
|इसके लिए सिस्टम पर जाएँ फिर Preferences फिर Appearance पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:44&lt;br /&gt;
|यहाँ Themes Tab में, हमारे पास पहले से ही इन्स्टाल किये हुए थीम्स हैं | Clearlooks को चुनते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:52&lt;br /&gt;
|जैसे ही आप क्लिक करते हैं आप अपनी मशीन पर बदलावों को देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:58&lt;br /&gt;
|आप इसे अच्छे से देख सकते हैं डेस्कटॉप आइकन पर क्लिक करके जो कि बायीं ओर के कोने में है । इस आइकन पर फिर से क्लिक करके वापस फोल्डर्स पर चलते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:10&lt;br /&gt;
|Theme(थीम) को देखिये जो भी आपको अच्छी लगे और फिर बाहर आने के लिए क्लोज़ बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:18&lt;br /&gt;
|अब हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ चुके हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:21&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने उबंटू डेस्कटॉप, मेन मेन्यू और अन्य आइकन्स जो उबंटू स्क्रीन पर नज़र आते हैं उनके बारे में सीखा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:31&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे राष्ट्रीय साक्षरता मिशन ने ICT के माध्यम से समर्थित किया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:41&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है- http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:47&lt;br /&gt;
|आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ। इस ट्यूटोरियल में शामिल होने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Working-with-Regular-Files/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/Working-with-Regular-Files/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Working-with-Regular-Files/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:20:28Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- | 0:00 | नमस्कार, लिनक्स में सिस्टम एडमिनिसट्रेशन के बेसिक्…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:00&lt;br /&gt;
| नमस्कार, लिनक्स में सिस्टम एडमिनिसट्रेशन के बेसिक्स पर स्पोकेन ट्युटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:09&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| adduser&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
| su&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| usermod&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| userdel&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
| id&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
| du&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
| df&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| मैं इस ट्यूटोरियल में उबंटू 10.10 का उपयोग कर रहा हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
| आपको पहले से ही “General Purpose Utilities in Linux” ट्यूटोरियल देखने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:35&lt;br /&gt;
|जोकि इस वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
| दिखाए गये कमांड्स का निष्पादन करने के लिए एडमिन एक्सेस होना आवश्यक है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
| चलिए पहले सीखते हैं की कैसे एक नया यूज़र बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| “adduser” कमांड हमारे लिए एक नया प्रमाणित यूज़र लॉगिन बनाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
| &amp;quot;sudo&amp;quot; कमांड का इस्तेमाल करके हम जितने चाहे उतने यूज़र अकाउंट जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:06&lt;br /&gt;
| चलिए मैं आपको &amp;quot;sudo&amp;quot; कमांड का एक संक्षिप्त वर्णन देता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
| सूडो कमांड एडमिनिसट्रेटिव यूज़र को एक कमांड को एक सुपर यूज़र की तरह निष्पादित करने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| सूडो कमांड के पास कई सारे विकल्प हैं। हम विकल्पों के बारे इस ट्यूटोरियल में आगे जानेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
| चलिए अभी “New User” बनाना सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| अपने कीबोर्ड से एक साथ &amp;quot;Ctrl, Alt और t दबा कर “Terminal” खोलिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने पहले से ही “Terminal” खोला है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| यहाँ कमांड टाइप करिये “sudo space adduser” और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:58&lt;br /&gt;
| आपको यहाँ एक पासवर्ड देना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| मैं यहाँ “Admin” pasward दूंगा और Enter दबाऊँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:07&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर टाइप किया हुआ पासवर्ड नहीं दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
| अतः पासवर्ड सावधानी से टाइप करना पड़ेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:16&lt;br /&gt;
| एक बार जब हो जाएगा, एक सूचना दिखेगी “adduser : Only one or two names allowed”.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:27&lt;br /&gt;
| चलिए &amp;quot;duck&amp;quot; नामक एक नया यूज़र अकाउंट बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| कमांड टाइप करिये:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:36&lt;br /&gt;
| sudo space adduser space duck, और इंटर दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:45&lt;br /&gt;
| हमने &amp;quot;duck&amp;quot; नामक एक नया यूज़र बना लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:49&lt;br /&gt;
| एक नये यूज़र को बनाने की प्रक्रिया में, इस यूज़र के लिए एक अलग &amp;quot;home&amp;quot; डाईरेक्ट्री भी बन गयी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
| कृपया ध्यान दें कि यूज़र &amp;quot;duck&amp;quot; के लिए हमें एक नया पासवर्ड देना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| अपनी मर्ज़ी का पासवर्ड टाइप करिये, मेरे उदाहरण में मैं &amp;quot;duck&amp;quot; टाइप करने जा रहा हूँ और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:17&lt;br /&gt;
| कृपया नया पासवर्ड फिर से टाइप करिये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| पासवर्ड दो बार सुरक्षा कारणों और पुष्टिकरण के लिए पूछता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
| अब नये यूज़र के लिए हमारा पासवर्ड अद्यतन हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
| हमसे अन्य जानकारी भी पूछी जाएँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:35&lt;br /&gt;
| किन्तु अभी के लिए, मैं केवल “Full Name” “duck” के रूप में enter करूँगा और enter बटन दबा कर अन्य जानकारी रिक्त छोड़ दूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
| Enter.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:47&lt;br /&gt;
| मैं इसे &amp;quot;y&amp;quot; दबा कर निश्चित करूँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
| यह इस चीज़ की पुष्टिकरण के लिए था कि सारी सूचनाएँ सही है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:55&lt;br /&gt;
| चलिए अब जाँचते हैं कि यदि यूज़र अकाउंट बना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:00&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए, कृपया command prompt पर टाइप करिये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:04&lt;br /&gt;
| “ls space /(slash) home”&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| और enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
| home फोल्डर में यूज़र्स की सूची दर्शाने के लिए &amp;quot;ls” कमांड का इस्तेमाल करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
| और यहाँ हमारा &amp;quot;duck&amp;quot; नामक एक नया यूज़र बन गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:23&lt;br /&gt;
| चलिए मैं स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
| अब अगला कमांड &amp;quot;su” है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| “su” का मतलब “Switch User” है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:34&lt;br /&gt;
| यह कमांड वर्तमान  यूज़र से दूसरे यूज़र में बदलने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
| चलिए अब टर्मिनल में जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
| कमांड एंटर करिये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:45&lt;br /&gt;
| “टर्मिनल ” पर “su space hyphen space duck” और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:53&lt;br /&gt;
| आपसे एक पासवर्ड माँगा जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
| मैं यहाँ यूज़र &amp;quot;duck&amp;quot; का पासवर्ड टाइप करूँगा कृपया याद करिये वह खुद “duck” था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| कृपया ध्यान दीजिये, टर्मिनल पिछले यूज़र जोकि हमारे उदाहरण में “duck” है से नये यूज़र में बदल जाएगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
| इस यूज़र से लॉग आउट होने के लिए, टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
| “logout” और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:22&lt;br /&gt;
| अब टर्मिनल वर्तमान यूज़र “duck” से लॉग आउट हो जाएगा और पिछले यूज़र अकाउंट जो  &amp;quot;vinhai&amp;quot; है पर वापस चला जाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| चलिए “usermod” कमांड के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
| “usermod” कमांड&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
| सुपर यूज़र या रूट यूज़र को अन्य यूज़र अकाउंट्स की सेटिंग्स बदलने में सक्षम बनता है जैसे कि।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:46&lt;br /&gt;
| पासवर्ड को बिना पासवर्ड या रिक्त  पासवर्ड में बदलना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:50&lt;br /&gt;
|वह दिनांक दर्शायें जिस पर यूजर अकाउंट निष्क्रिय हो जायेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| इस कमांड की कोशिश करते हैं और देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| मैं अभी टर्मिनल पर जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
| मैं आपको दिखाता हूँ कि कैसे यूज़र अकाउंट duck के लिए समाप्ति तिथि निर्धारित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| यहाँ कमांड प्रोम्प्ट  पर टाइप करिये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
| sudo space usermod space -(hyphen)e space 2012-(hyphen)12-(hyphen)27 space duck&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| और एंटर दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| यूज़र अकाउंट समाप्ति तिथि जैसा यहाँ कमांड में उल्लिखित है वैसा विकल्प &amp;quot;-e&amp;quot; की मदद से निर्धारित हो जाएगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
| अब आपने यूज़र अकाउंट duck के लिए एक समाप्ति तिथि निर्धारित कर ली है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
|  चलिए अब “uid” और “gid” कमांड्स के बारे में जानते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
| “id – command” सभी यूज़र्स और ग्रुप्स की पहचान को जाँचने के लिए इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:04&lt;br /&gt;
| यूज़र की पहचान के बारे में जानने के लिए, हम “id space -(hyphen)u” का इस्तेमाल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:12&lt;br /&gt;
| ग्रुप यूज़र्स की पहचान जानने के लिए, यह है “id space -(hyphen)g”&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:20&lt;br /&gt;
| चलिए इस पर अब कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:22&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर,  टाइप करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
| “id” और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
| अब हम सिस्टम जो  इस्तेमाल कर रहे हैं उस पर User IDs और Group IDs देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:37&lt;br /&gt;
| केवल युसर id जानने के लिए “-(hyphen)u” विकल्प इस्तेमाल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| कमांड टाइप करते हैं, “id space -(hyphen)u”&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:49&lt;br /&gt;
| और enter दबाइए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:50&lt;br /&gt;
| अब हम केवल युसर्स की ids देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:55&lt;br /&gt;
| यदि हमें युसर्स का नाम जानना  है तो ?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:00&lt;br /&gt;
| पता करने के  लिए, हम टाइप करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:02&lt;br /&gt;
| यहाँ टर्मिनल पर “id space -(hyphen)n space -(hyphen)u” और Enter दबायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:13&lt;br /&gt;
| अब हम यूज़र्स के ids के बजाय उनके नाम देख सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:20&lt;br /&gt;
| चलिए अब Group Ids के लिए कमांड्स सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:24&lt;br /&gt;
| टाइप करते हैं “ id space -(hyphen)g”.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:29&lt;br /&gt;
| यहाँ हम ग्रुप ids देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:32&lt;br /&gt;
| यदि हम सभी वर्तमान यूज़र के ग्रुप ids देखना चाहते हैं, तो टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:38&lt;br /&gt;
| “id space -(hyphen) (capital)G” और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:46&lt;br /&gt;
| कृपया ध्यान दें कि मैंने G को बड़े अक्षरों में टाइप किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:50&lt;br /&gt;
| अपने लिए उत्तर देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:53&lt;br /&gt;
| अब सीखते हैं कि कैसे एक यूज़र अकाउंट डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:57&lt;br /&gt;
| इसके लिए हम “userdel” कमांड इस्तेमाल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:00&lt;br /&gt;
| हम &amp;quot;userdel&amp;quot; कमांड का इस्तेमाल करके एक यूज़र अकाउंट हमेशा के लिए डिलीट  कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:07&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर इसकी कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:09&lt;br /&gt;
| यहाँ टाइप करिये “sudo space userdel space -(hyphen)r space duck”.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:22&lt;br /&gt;
|मैंने -(hyphen)r विकल्प इस्तेमाल किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:25&lt;br /&gt;
| यह यूज़र को उसकी home डायरेक्ट्री के साथ हटाने के लिए है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:30&lt;br /&gt;
| चलिए Enter दबाते हैं और देखते हैं क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
| अब यूज़र “duck” डिलीट  हो चुका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:38&lt;br /&gt;
| इसको टाइप करके जाँचिये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:41&lt;br /&gt;
| “ls space /(slash)home” और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:47&lt;br /&gt;
| हम पायेंगे कि, यूज़र अकाउंट “duck” डिलीट  हो चुका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
| मैं अब स्लाइड्स पर वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:56&lt;br /&gt;
| लिनक्स सिस्टम एडमिनिसट्रेशन में कुछ उपयोगी कमांड्स हैं “df” और “du”&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:03&lt;br /&gt;
| “df” कमांड डिस्क पर खाली मौजूद जगह की जानकारी  देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:08&lt;br /&gt;
| और “du” कमांड एक फाइल ने कितनी जगह अधिकृत की है उसकी जानकारी  देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:13&lt;br /&gt;
| कृपया नियत कार्य के लिए इन दो कमांड्स का इस्तेमाल करिये और  आउटपुट जानिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:19&lt;br /&gt;
| चलिए टर्मिनल में जाते हैं, मैं आपको &amp;quot;df&amp;quot; कमांड का इस्तेमाल करके कुछ उपयोगी विकल्प दिखाऊँगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:26&lt;br /&gt;
| कृपया टाइप करिये df space -(hyphen)h और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:33&lt;br /&gt;
| यहाँ यह फाइलसिस्टम का साइज़ और प्रयुक्त की हुई जगह दर्शाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:38&lt;br /&gt;
| यह मनुष्य के पढने योग्य संरूप में लगी हुई जगह भी दर्शाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:46&lt;br /&gt;
| अब &amp;quot;du&amp;quot; कमांड्स के साथ कुछ विकल्पों की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:50&lt;br /&gt;
| इस समय मैं यह मान रहा हूँ कि आपने अपने home फोल्डर पर कुछ टेक्स्ट फाइल्स बनायीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:57&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो कृपया “General Purpose Utilities in Linux” पर ट्यूटोरियल को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:04&lt;br /&gt;
| मैंने पहले से ही कमांड्स के निष्पादन के लिए अपनी home डायरेक्ट्री में कुछ टेक्स्ट फाइल्स बना ली हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:11&lt;br /&gt;
| “home folder” पर जाइये terminal पर टाइप करिये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:15&lt;br /&gt;
| “cd space /(slash) home” और Enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:20&lt;br /&gt;
| फिर टाइप करिये du space -(hyphen)s space *. (astrix dot) txt और enter दबाइए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:33&lt;br /&gt;
| यह कमांड आपको डायरेक्ट्री में मौजूद txt फाइल्स उनके फाइल साइज़ेस के साथ एक विवरण देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:43&lt;br /&gt;
| नियत कार्य के लिए, कमांड प्रोम्प्ट  पर टाइप करिये।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:47&lt;br /&gt;
| “du space -(hyphen)ch space *.(astrix dot)txt” और देखिये क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:59&lt;br /&gt;
| मैं स्लाइड्स में वापस जाता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:01&lt;br /&gt;
| संक्षेप में हमने यह सीखा :&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:03&lt;br /&gt;
| नया यूज़र बनाने के लिए “adduser” कमांड।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:06&lt;br /&gt;
| एक यूज़र से दूसरे यूज़र में बदलने  के लिए “su” कमांड।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:09&lt;br /&gt;
| यूज़र अकाउंट सेटिंग्स को बदलने के लिए “usermod” कमांड।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:12&lt;br /&gt;
| यूज़र अकाउंट डिलीट  करने के लिए “userdel” कमांड।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:15&lt;br /&gt;
| यूज़र ids और ग्रुप ids की जानकारी जानने के लिए id कमांड।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:20&lt;br /&gt;
| फाइल सिस्टम साइज़ और उपलब्धता जाँचने के लिए “df” कमांड।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:24&lt;br /&gt;
| एक फाइल द्वारा अधिकृत स्थान जाँचने के लिए “du” कमांड।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:27&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम &amp;quot;सिस्टम एडमिनिसट्रेशन के बेसिक्स&amp;quot; पर इस ट्यूटोरियल में समाप्ति की ओर हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12.33&lt;br /&gt;
| विडियो इस url पर उपलब्ध है,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:37&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट का सार देता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:40&lt;br /&gt;
| यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है तो आप इसे डाउनलोड़ करके भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:44&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकेन ट्युटोरियल का उपयोग करके कार्यशालाएँ भी चलाते हैं। जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं उनको प्रमाण-पत्र भी देते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमसे सम्पर्क करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:53&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक-टू-अ-टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। भारत सरकार के एमएचआरडी के “आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन” द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:03&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी इस url पर उबलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:12&lt;br /&gt;
| मैं रवि कुमार आई.आई.टी.बॉम्बे की ओर से विदा लेता हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Basics-of-System-Administration/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/Basics-of-System-Administration/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-27T10:19:40Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with 'spoken tutorial on working with regular files in Linux {| border=1 !Visual Cue !Narration |- | 0:00 |लिनक्स में working with regular files पर इस स्…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;spoken tutorial on working with regular files in Linux&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
!Visual Cue&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स में working with regular files पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:07&lt;br /&gt;
|फाइल्स और डाइरेक्टरिस मिलकर लिनक्स फाइल सिस्टम को बनाती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:13&lt;br /&gt;
|पिछले ट्यूटोरियल में हम देख चुके हैं कि डाइरेक्टरी में कैसे कार्य करें। आप इस वेबसाइट पर ट्यूटोरियल पा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:25&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम देखेंगे कि regular files को कैसे संभालें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:31&lt;br /&gt;
|हम पहले से ही अन्य ट्यूटोरियल में देख चुके हैं कि हम cat कमांड का उपयोग करके फाइल कैसे बना सकते हैं। विवरण के लिए कृपया इस वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:46&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि फाइल को एक जगह से दूसरी जगह कैसे कॉपी करें। इसके लिए हमारे पास cp कमांड है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:55&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि कमांड का उपयोग कैसे करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:00&lt;br /&gt;
|सिंगल फाइल कॉपी करने के लिए हम टाइप करेंगे- cp space एक या अधिक [OPTION]... space SOURCE फाइल का नाम space गंतव्य फाइल नाम  DEST.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:15&lt;br /&gt;
|उसी समय कई फाइल्स को कॉपी करने के लिए हम लिखेंगे- cp space एक या अधिक [OPTION]... SOURCE फाइल्स का नाम जो हम कॉपी करना चाहते हैं और गंतव्य DIRECTORY का नाम जिसमें यह फाइल्स कॉपी होंगी । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:34&lt;br /&gt;
|चलिए एक उदाहरण देखते हैं, पहले हम टर्मिनल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:42&lt;br /&gt;
|हमारे पास पहले से ही /home/anirban/arc/ में test1 नामक फाइल है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:49&lt;br /&gt;
|देखने के लिए कि test1 में क्या है, हम $ cat test1 करेंगे और एंटर दबायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:00&lt;br /&gt;
|test1 में दिखाये गए कन्टेंट को हम देख सकते हैं, अब यदि हम इसे test2 नामक अन्य फाइल में कॉपी करना चाहते हैं। हमें $ cp test1 test2 लिखना होगा और एंटर दबाना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:22&lt;br /&gt;
|अब फाइल कॉपी हो गई है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:25&lt;br /&gt;
|यदि test2 मौजूद नहीं है तो यह पहले बनानी होगी और फिर test1 का कन्टेंट इसमें कॉपी करना होगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:35&lt;br /&gt;
|यदि यह पहले से ही मौजूद है तो यह अपने आप अधिलेखित हो जायेगा। कॉपी की गई फाइल को देखने के लिए $ cat test2  टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:52&lt;br /&gt;
|आप फाइल्स को भिन्न डाइरेक्टरिस से और भिन्न में भी कॉपी कर सकते हैं। उदाहरणस्वरूप, $ cp /home/anirban/arc/demo1(जो कि फाइल का नाम है जिसे हम कॉपी करना चाहते हैं) /home/anirban/demo2 टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:31&lt;br /&gt;
|यह क्या करेगा कि यह फाइल demo1  को सोर्स डाइरेक्टरी /home/anirban/arc/  से गंतव्य डाइरेक्टरी /home/anirban  में कॉपी करेगा, यह demo2 नाम से फाइल कॉपी करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:51&lt;br /&gt;
|यह देखने के लिए कि demo2 यहाँ है, ls space /home/anirban टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:13&lt;br /&gt;
|हमारे ऊपर स्क्रोल करते ही आप देखेंगे कि demo2 यहाँ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:19&lt;br /&gt;
|आगे बढ़ने से पहले स्क्रीन साफ करें ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:25&lt;br /&gt;
|यदि आप गंतव्य डाइरेक्टरी में फाइल का वही नाम रखना चाहते हैं, आप फाइल के नाम का भी उल्लेख नहीं कर सकते। उदाहरणस्वरूप- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:35&lt;br /&gt;
|$ cp /home/anirban/arc/demo1 /home/anirban/ टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:03&lt;br /&gt;
|यह फिर से demo1 फाइल को /home/anirban/arc/ डाइरेक्टरी से  /home/anirban डाइरेक्टरी में अच्छी तरह से demo1 फाइल नाम के साथ कॉपी करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:20&lt;br /&gt;
|demo1 को देखने से पहले  ls/home/anirban टाइप करें और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:33&lt;br /&gt;
|यहाँ फिर से हम ऊपर स्क्रोल करना होगा और आप देख सकते हैं कि demo1 फाइल यहाँ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:40&lt;br /&gt;
|फिर से आगे बढ़ने से पहले स्क्रीन साफ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:48&lt;br /&gt;
|एक और उदाहरण, तब हमें गंतव्य फाइल का नाम देने की आवश्यकता नहीं होती, जब हम कई फाइल कॉपी करना चाहते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:56&lt;br /&gt;
|हम मानते हैं कि हमारे पास  हमारी होम डाइरेक्टरी में test1 test2 test3 नामक तीन फाइल्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:04&lt;br /&gt;
|अब हम $ cp test1 test2 test3 /home/anirban/testdir टाइप करेंगे। और एंटर दबायेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:27&lt;br /&gt;
|यह बिना इनके नाम बदले सभी तीनों फाइल्स test1,test2 और test3 को /home/anirban/testdir  डाइरेक्टरी में सेव करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:41&lt;br /&gt;
|आप देखेंगे कि यह फाइल्स वास्तव में कॉपी की गई हैं। हम ls /home/anirban/testdir  टाइप करेंगे और एंटर दबायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:03&lt;br /&gt;
|जैसा कि आप देख सकते हैं test1,test2 और test3 डाइरेक्टरी में मौजूद हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:10&lt;br /&gt;
|यहाँ cp में कई विकल्प हैं। यहाँ हम उनमें से केवल अति महत्वपूर्ण ही देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:18&lt;br /&gt;
|पहले स्लाइड्स पर वापस जायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:23&lt;br /&gt;
|विकल्पों में केपिटल R एक महत्वपूर्ण है।यह एक पूर्ण डाइरेक्टरी संरचना की पुनरावर्ती कॉपी का कारण बनता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:33&lt;br /&gt;
|एक उदाहरण देखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:38&lt;br /&gt;
| testdir  डाइरेक्टरी के सभी कन्टेंट को testनामक डाइरेक्टरी में कॉपी करने का प्रयास करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:48&lt;br /&gt;
|उसके लिए हमें cp testdir/ test  टाइप करना होगा और एंटर दबाना होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:02&lt;br /&gt;
|जैसा कि आप आउटपुट मैसेज से देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:06&lt;br /&gt;
|साधारणतः हम कुछ कन्टेंट के साथ डाइरेक्टरी को cp कमांड से कॉपी नहीं कर सकते। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:14&lt;br /&gt;
|लेकिन -R ऑप्शन का उपयोग करके, हम यह कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:19&lt;br /&gt;
|अब हम cp -R testdir/ test  टाइप करेंगे और एंटर दबायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:36&lt;br /&gt;
|फाइल्स अब कॉपी हो चुकी है, यह देखने के लिए कि टेक्स्ट डाइरेक्टरी वास्तव में मौजूद है,ls टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:47&lt;br /&gt;
|जैसा कि आप देख सकते हैं test डाइरेक्टरी मौजूद है। स्क्रीन को साफ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:57&lt;br /&gt;
| test  के अंदर कन्टेंट देखने के लिए ls test टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:08&lt;br /&gt;
|आप test डाइरेक्टरी का कंटेंट्स देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:13&lt;br /&gt;
|अब हम वापस स्लाइड्स पर चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:16&lt;br /&gt;
|हमने देखा, यदि फाइल अन्य फाइल में कॉपी होती है जो कि पहले से ही मौजूद है, तो मौजूदा फाइल अधिलेखित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:25&lt;br /&gt;
|अब क्या, यदि हम एक महत्वपूर्ण फाइल को अनजाने में अधिलेखित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:30&lt;br /&gt;
|ऐसा कुछ होने से रोकने के लिए हमारे पास केपिटल -b ऑप्शन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:36&lt;br /&gt;
|यह प्रत्येक मौजूद फाइल का बैकअप बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:41&lt;br /&gt;
|हम -i(interactive) ऑप्शन का उपयोग भी कर सकते हैं। यह हमें हमेशा किसी भी गंतव्य फाइल को अधिलेखित करने से पहले चेतावनी देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:54&lt;br /&gt;
|अब देखें कि mv कमांड कैसे कार्य करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:59&lt;br /&gt;
|इसका उपयोग फाइल्स के स्थानांतरण के लिए किया जाता है। अब देखते हैं कि यह कैसे उपयोगी है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:04&lt;br /&gt;
|इसके दो मुख्य उपयोग हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:07&lt;br /&gt;
|इसका उपयोग फाइल या डाइरेक्टरी को फिर से नाम देने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:11&lt;br /&gt;
|यह फाइल्स के समूह को विविध डाइरेक्टरी में स्थानांतरित भी करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:17&lt;br /&gt;
|mv , cp के समान है, जो हम पहले ही देख चुके हैं। अतः जल्दी से देखते हैं कि mv का उपयोग कैसे किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:29&lt;br /&gt;
|हम टर्मिनल खोलते हैं और $ mv test1 test2 टाइप करते हैं और एंटर दबाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:43&lt;br /&gt;
|यह test1 नामक फाइल को नया नाम देगा, जो फाइल  test2 नाम से होम डाइरेक्टरी में पहले से ही मौजूद है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:52&lt;br /&gt;
|यदि test2 पहले से ही मौजूद है तो यह अपने-आप अधिलेखित हो जायेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:00&lt;br /&gt;
|यदि हम फाइल के अधिलेखित होने से पहले चेतावनी चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:05&lt;br /&gt;
|हम mv  कमांड के साथ -i ऑप्शन का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:10&lt;br /&gt;
|मानते हैं कि हमारे पास anirban  नामक दूसरी फाइल है। इस फाइल का भी हम test2 के रूप में नवीनीकरण करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:20&lt;br /&gt;
|हम mv -i anirban test2 टाइप करेंगे और एंटर दबायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:32&lt;br /&gt;
|जैसा कि आप देख सकते हैं चेतावनी दी जा रही है कि क्या test2  अधिलेखित होनी चाहिए या नहीं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:41&lt;br /&gt;
|यदि हम y दबाते हैं और फिर एंटर दबाते हैं, तो फाइल वास्तव में अधिलेखित हो जायेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:49&lt;br /&gt;
|हम विविध फाइल्स के साथ cp के जैसे mv  का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन इस केस में गंतव्य डाइरेक्टरी होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:58&lt;br /&gt;
|आगे बढ़ने से पहले, स्क्रीन को साफ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:03&lt;br /&gt;
|मान लीजिए कि हमारे पास  हमारी होम डाइरेक्टरी में abc.txt, pop.txt और push.txt नामक तीन फाइल्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:14&lt;br /&gt;
|उनकी मौजूदगी को देखने के लिए ls टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:21&lt;br /&gt;
|फाइल्स pop.txt,push.txt और abc.txt यहाँ हैं, स्क्रीन को साफ करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:36&lt;br /&gt;
|अब हम इन तीन फाइल्स को testdir नामक डाइरेक्टरी में स्थानांतरित करना चाहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:46&lt;br /&gt;
|हमें क्या करने कि जरूरत है कि mv abc.txt pop.txt push.txt और फिर गंतव्य फोल्डर का नाम टाइप करें, जो कि testdir है और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:14&lt;br /&gt;
|उनको देखने के लिए ls testdir  टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:20&lt;br /&gt;
|आप फाइल्स abc, pop और push.txt देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:27&lt;br /&gt;
|अब mv  में कुछ ऑप्शन्स देखते हैं, पहले स्लाइड्स पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:37&lt;br /&gt;
| mv कमांड में -b या –backup ऑप्शन उपलब्ध हैं। यह प्रत्येक फाइल्स के अधिलेखित होने से पहले इन्हें गंतव्य में बैकअप करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:48&lt;br /&gt;
| -i  ऑप्शन जिसे हमने पहले ही देखा, किसी भी गंतव्य फाइल के अधिलेखित होने से हमें पहले चेतावनी देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:58&lt;br /&gt;
|अगली कमांड जो हम देखेंगे, वह rm कमांड है। इस कमांड का उपयोग फाइल्स को डिलीट करने के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:06&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर वापस जायें और ls testdir टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:15&lt;br /&gt;
|हम faq.txt नामक मौजूद फाइल को देख सकते हैं। मान लीजिए कि हम इसे डिलीट करना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:23&lt;br /&gt;
|इसके लिए, हम $ rm testdir/faq.txt टाइप करेंगे और एंटर दबायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:37&lt;br /&gt;
|यह कमांड faq.txt फाइल को /testdir डाइरेक्टरी से हटा देगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:46&lt;br /&gt;
|यह देखने के लिए कि फाइल वास्तव में हट गई है या नहीं। फिर से ls testdir टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:00&lt;br /&gt;
|हम अब फाइल faq.txt नहीं देख सकते। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:05&lt;br /&gt;
|हम rm कमांड को विविध फाइल्स के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:10&lt;br /&gt;
|testdir डाइरेक्टरी  में दो फाइल्स हैं abc2  और abc1 .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:17&lt;br /&gt;
|मानिये कि हम abc1 और  abc2 फाइल्स को हटाना चाहते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:23&lt;br /&gt;
|इसके लिए हम  rm testdir/abc1 testdir/abc2 टाइप करेंगे और एन्टर दबायेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:45&lt;br /&gt;
|यह abc1 और  abc2 फाइल्स को testdir डाइरेक्टरी से हटा देगा ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:53&lt;br /&gt;
|यह फाइल्स हटी हैं या नहीं देखने के लिए फिर से  ls testdir टाइप करें ।  abc1 और abc2 फाइल्स नहीं हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:07&lt;br /&gt;
|आगे बढ़ने से पहले स्क्रीन को साफ करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:14&lt;br /&gt;
|अब स्लाइड्स पर वापस जाते हैं । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:18&lt;br /&gt;
|चलिए सारांशित करते हैं हमने अभी जो कहा । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:20&lt;br /&gt;
|वो यह कि एक फाइल को डिलीट करने के लिए हम  rm लिखते हैं और फिर फाइल का नाम । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:27&lt;br /&gt;
|विविध फाइल्स को डिलीट करने के लिए हम rm लिखते हैं और उन विविध फाइल्स का नाम जो हम डिलीट करना चाहते हैं । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:34&lt;br /&gt;
|अब rm कमांड के कुछ ऑप्शंस को देखते हैं । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:40&lt;br /&gt;
|कभी-कभी फाइल सुरक्षित होती हैं जो rm का उपयोग करके भी डिलीट नहीं होती हैं। इस केस में हमारे पास -f ऑप्शन है, जिसका उपयोग फाइल को डिलीट करने के लिए किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16:57&lt;br /&gt;
|अन्य सामान्य ऑप्शन है -r ऑप्शन । चलिए देखते हैं कि यह ऑप्शन कहाँ उपयोगी है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:07&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर वापस जाते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:12&lt;br /&gt;
|डाइरेक्टरी डिलीट करने के लिए सामान्यतः rm कमांड का उपयोग नहीं करते हैं , उसके लिए हमारे पास  rmdir कमांड है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:21&lt;br /&gt;
|लेकिन rmdir कमांड साधरणतः डाइरेक्टरी डिलीट करती है, उसके बाद ही वह रिक्त होती  है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:27&lt;br /&gt;
|यदि हमें एक डाइरेक्टरी डिलीट करनी है जिसमें कई फाइल्स और उप डाइरेक्टरी मौजूद है तो हम क्या करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:35&lt;br /&gt;
|rm कमांड से इसके करने की कोशिश करते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:38&lt;br /&gt;
|rm और डाइरेक्टरी जो हम डिलीट करना चाहते हैं जो है testdir टाइप करते हैं और एन्टर दबायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:47&lt;br /&gt;
|आउटपुट मेसेज से हम देख सकते हैं कि हम testdir को डिलीट करने के लिए rm डाइरेक्टरी का उपयोग नहीं कर सकते ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17:55&lt;br /&gt;
|लेकिन यदि हम  -r और  -f ऑप्शन जोड़ते  हैं तो हम ऐसा कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:03&lt;br /&gt;
|rm -rf testdir प्रेस करें और फिर एन्टर दबायें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:16&lt;br /&gt;
|अब testdir डाइरेक्टरी सफलतापूर्वक डिलीट हो चुकी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:22&lt;br /&gt;
|अगली कमांड के अध्ययन के लिए स्लाइड्स पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:27&lt;br /&gt;
| cmp कमांड ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:29&lt;br /&gt;
|कभी-कभी हमें यह जाँचने की आवश्यकता होती है कि क्या दो फाइल्स समान हैं। यदि वे समान हैं तो हम उनमें से एक डिलीट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:37&lt;br /&gt;
|और हम देखना चाहते हैं कि क्या पिछले वर्जन से फाइल बदल गई है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:44&lt;br /&gt;
|इनके और कई अन्य उद्देश्यों के लिए, हम cmp कमांड का उपयोग कर सकते हैं।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:49&lt;br /&gt;
|यह दो फाइल्स की बाइट-दर-बाइट तुलना करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 18:54&lt;br /&gt;
| file1 और file2 की तुलना करने के लिए, हमें cmp file1 file2 लिखना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 19:03&lt;br /&gt;
|यदि दो फाइल्स में पूर्ण रूप से समान कंटेंट है तो कोई भी मैसेज नहीं दिखाया जायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 19:11&lt;br /&gt;
|केवल प्रोम्प्ट मुद्रित होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 19:14&lt;br /&gt;
|यदि उनके कंटेंट्स में भिन्नता है तो टर्मिनल पर पहले बेमेल का स्थान मुद्रित होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 19:25&lt;br /&gt;
|देखते हैं, cmp कैसे कार्य करता है।  हमारे पास हमारी होम डाइरेक्टरी में sample1 और sample2 नामक दो फाइल्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 19:35&lt;br /&gt;
|देखते हैं, उनमें क्या है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 19:38&lt;br /&gt;
|cat sampe1 टाइप करें और एंटर दबायें। इसमें “This is a Linux file to test the cmp command” टेक्स्ट है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 19:50&lt;br /&gt;
|अन्य फाइल sample2 में टेक्स्ट होगा और इसको देखने के लिए हम cat sample2 टाइप करेंगे और एंटर दबायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:00&lt;br /&gt;
|इसमें “This is a Unix file to test the cmp command.” टेक्स्ट होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:06&lt;br /&gt;
|अब हम cmp  कमांड को इन दो फाइल्स पर लागू करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:11&lt;br /&gt;
|हम cmp sample1 sample2 लिखेंगे और एंटर दबायेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:23&lt;br /&gt;
|जैसा कि हम देख सकते हैं कि sample1 और sample2 दो फाइल्स में पहला अंतर बताया गया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:32&lt;br /&gt;
|अगली कमांड पर जाने से पहले स्क्रीन को साफ कर दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:38&lt;br /&gt;
|अगली कमांड, जो हम देखेंगे वह है wc कमांड।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:43&lt;br /&gt;
|इस कमांड का उपयोग फाइल में लाइन्स ,शब्द और अक्षरों की संख्या की गणना के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:50&lt;br /&gt;
|हमारे पास हमारी होम डाइरेक्टरी में sample3 नामक फाइल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 20:56&lt;br /&gt;
|इसके कंटेंट को देखने के लिए, हम cat sample3 टाइप करेंगे और एंटर दबायेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 21:05&lt;br /&gt;
|sample3 का कंटेंट यह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 21:10&lt;br /&gt;
|अब इस फाइल पर wc कमांड का उपयोग करते हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 21:14&lt;br /&gt;
|इसके लिए हम  wc sample3 लिखेंगे और एन्टर दबायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 21:25&lt;br /&gt;
|कमांड दर्शाती है कि उस फाइल में 6 लाइन्स, 67 शब्द, और 385 अक्षर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 21:38&lt;br /&gt;
|ये कुछ कमांड्स थी जिन्होंने हमें फाइल्स के साथ कार्य करने में मदद की।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 21:43&lt;br /&gt;
|यहाँ कई सारी कमांड्स हैं। इसके अलावा प्रत्येक कमांड जो हमने देखी, उसमें कई अन्य ऑप्शन्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 21:51&lt;br /&gt;
|मैं आपको man कमांड का उपयोग करके, उनके बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 22:00&lt;br /&gt;
|अब हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ चुके हैं ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 22:04&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक-टू-अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। जिसे भारत सरकार के एमएचआरडी मंत्रालय के राष्ट्रीय साक्षरता मिशन ने आई सी.टी (ICT) के माध्यम से समर्थित किया है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 22:17&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी spoken hyphen tutorial dot org slash NMEICT hyphen Intro पर उपलब्ध है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 22:34&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई.आई टी बॉम्बे की ओर से मैं रवि कुमार अब आपसे विदा लेता हूँ , धन्यवाद ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Simple-filters/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/Simple-filters/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Simple-filters/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:18:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- | 0:00 |लिनक्स में सिंपल फिल्टर्स के इस ट्यूटोरियल में आपका …'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स में सिंपल फिल्टर्स के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:08&lt;br /&gt;
|यहाँ हम हेड (head),टेल(tail),सोर्ट(sort),कट (cut)और पेस्ट(paste) के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:17&lt;br /&gt;
|यह सारे कमांड लाइन टेक्स्ट मनिप्यूलेशन टूल्स हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:22&lt;br /&gt;
|यदि आप टर्मिनल पर (#) हैशचिन्ह देखते हैं तो आपको उन कमांड्स को निष्पादित करने के लिए रूट बनाना होगा।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:29&lt;br /&gt;
|(sudo su or su root),यदि आप टर्मिनल पर $ डॉलर चिन्ह देखते हैं तो एक सामान्य उपयोगकर्ता उन कमांड्स को निष्पादित कर सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:38&lt;br /&gt;
|मैं ये मानती हूँ कि आपने डिफॉल्ट इन्स्टालेशन की है और पाथ में  कहीं बदलाव नहीं लाया है जहाँ फाइल्स सेव हो रही हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:46&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल के लिए मैं उबंटू 10.10 इस्तेमाल कर रही हूँ । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:51&lt;br /&gt;
|इस भाग के लिए आपको माउस तथा कीबोर्ड का प्रयोग करना और विंडो पर मैक्समाइज़ तथा मिनीमाइज़ बटंस का प्रयोग करना आना ज़रुरी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:02&lt;br /&gt;
|एक फाइल की पहली 10 लाइन्स को प्रदर्शित करने के लिए हम Head कमांड देते हैं ,उसके बाद एक ascii फाइल नेम देते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:10&lt;br /&gt;
|चलिए फाइल बनाते हैं| व्यावहारिक रूप में इसे दिखाने के लिए मैं ESC (एस्केप) की दबा रही हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:17&lt;br /&gt;
|Applications &amp;gt; Accessories &amp;gt; Text Editor पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:24&lt;br /&gt;
|समय की कमी के कारण मेरे पास यह नम्बर्स पहले से ही एक और फाइल में हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:30&lt;br /&gt;
|जिन्हें मैं कॉपी और पेस्ट करूँगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:38&lt;br /&gt;
|फाइल पर हिट करें,Save(सेब) करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:41&lt;br /&gt;
|फाइल को numbers.txt नाम दें और Save पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:48&lt;br /&gt;
|इस फाइल को बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:53&lt;br /&gt;
|अब Applications &amp;gt; Accessories &amp;gt; Terminal पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:01&lt;br /&gt;
|अब देखने की कोशिश करते हैं जो फाइल हमने बनाई थी, यदि हम उसे देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:05&lt;br /&gt;
|ls टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:09&lt;br /&gt;
|हमने यहाँ जो किया उससे हमारी होम डाइरेक्टरी पर सभी फाइल्स तथा फ़ोल्डर्स दिखाई देंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:15&lt;br /&gt;
|हमने जो फाइल बनाई है उसके कंटेंट्स को पढ़ने के लिए cat कमांड का प्रयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:21&lt;br /&gt;
|Cat num,फाइल नेम को ऑटोफिल यानि अपने आप आने के लिए टैब दबायें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:29&lt;br /&gt;
|चलिए ऐसा ही head  कमांड के साथ करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:33&lt;br /&gt;
|Head numbers.txt एंटर करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:39&lt;br /&gt;
|अब पहली दस लाइन्स प्रदर्शित हुई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:43&lt;br /&gt;
|यदि हमें पहली पाँच लाइन्स देखनी हैं तो head कमांड तथा फाइल के बीच -n5 ऑप्शन का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:52&lt;br /&gt;
|अप एरो, -n5  दबायें और एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:58&lt;br /&gt;
|अब सिर्फ पहली पाँच लाइन्स प्रदर्शित हुई हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:02&lt;br /&gt;
|प्रेज़न्टैशन पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:08&lt;br /&gt;
|F5.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:14&lt;br /&gt;
|tail कमांड  head कमांड के बिलकुल विपरीत काम करती है, यह डिफॉल्ट रूप से आखिरी दस लाइन्स प्रदर्शित करती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:22&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर वापस जाने के लिए मैं ALT + Tab (आल्ट+ टैब) प्रेस कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:27&lt;br /&gt;
|tail numbers.txt &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:31&lt;br /&gt;
|यदि हमें आखिरी पाँच लाइन्स देखनी हैं तो tail कमांड तथा फाइल नेम के बीच -n5 ऑप्शन का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:40&lt;br /&gt;
|hyphen n5 एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:45&lt;br /&gt;
|स्लाइड्स पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:50&lt;br /&gt;
|एक लॉग फाइल में सिस्टम में हुए इवेंट्स यानि कार्यक्रम मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:55&lt;br /&gt;
|Auth.log फाइल, जो लॉगिन होते हैं तथा जो लॉगआउट होते हैं उनका लॉग बनाए रखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:01&lt;br /&gt;
|tail कमांड का सबसे उपयोगी ऑप्शन है –f ऑप्शन का प्रयोग कर लॉग फाइल की टेल का अनुसरण करना। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:09&lt;br /&gt;
|यदि लॉग फाइल में एक नई लाइन जोड़ी जाती है तो tail  कमांड उसे आखिरी लाइन मानेगा और डिफॉल्ट रूप से इससे ऊपर दस लाइन्स दिखाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:18&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:21&lt;br /&gt;
|tail -f /var/log/auth.log &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:31&lt;br /&gt;
|इस टर्मिनल की साइज़ बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:39&lt;br /&gt;
|चलिए एक और टर्मिनल ओपन करते हैं Application -&amp;gt; Accessories -&amp;gt; Terminal.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:46&lt;br /&gt;
|टर्मिनल का साइज़ बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:52&lt;br /&gt;
|ताकि आपको एक ही स्क्रीन पर बता सकें कि लाग फाइल में tail आखिरी लाइन का कैसे पालन करता है ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:00&lt;br /&gt;
|Su की अपने रूप में कोशिश करें, एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:05&lt;br /&gt;
|कुछ गलत पासवर्ड दीजिए और एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:08&lt;br /&gt;
|आप देखेंगे कि टर्मिनल पर टेल जो रन हो रहा है एक नए लॉग के साथ जोड़ा गया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:15&lt;br /&gt;
|तारीख और समय निर्दिष्ट करती है कि कब ऑथेन्टीकेशन यानि प्रमाणीकरण विफल हुई है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:23&lt;br /&gt;
|date टाइप करें , सिस्टम की डेट तथा टाइम को जांचने के लिए एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:32&lt;br /&gt;
|इस टर्मिनल को बंद करने के लिए Exit टाइप करें । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:36&lt;br /&gt;
|रनिंग tail कमांड को बंद करने के लिए CTRL+C प्रेस करें और टर्मिनल को मेक्सीमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:51&lt;br /&gt;
|हमने पिछले उदाहरण में सिर्फ auth.log file देखी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:57&lt;br /&gt;
|यह लॉग फाइल्स लिनक्स में आमतौर पर इस्तेमाल होती है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:01&lt;br /&gt;
|यदि कोई समस्या है तो लिनक्स सिस्टम ऐड्मिनिस्ट्रेटर उसकी मशीन को ट्रबलशूट करने के लिए इन लॉग फाइल्स में अधिक जानकारी पाने के लिए  देखेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:12&lt;br /&gt;
|Sort कमांड, जैसे कि नाम से पता चलता है, एक फाइल को हमारे लिए दोनों आरोही तथा अवरोही क्रम में सोर्ट यानि छांटती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:23&lt;br /&gt;
|numbers.txt यह हमारी फाइल को आरोही प्रकार में क्रमबद्ध करेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:31&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि कुछ अजीब है यहाँ,सोर्ट करते वक्त Sort बस पहले अक्षर को देखता है,इसलिए 10,11&amp;amp;12 नम्बर 2 के पहले आता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:43&lt;br /&gt;
|इससे बचने के लिए ऑप्शन -n को जोड़े और एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:53&lt;br /&gt;
|अब Sort पूरे नम्बर को देखता है उन्हें सोर्ट करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:58&lt;br /&gt;
|number.txt को उलटे क्रम में सोर्ट करने के लिए ऑप्शन -r को जोड़ें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:09&lt;br /&gt;
|इस फाइल में नम्बर्स हैं जो दुबारा आए हैं, विशिष्ट नम्बर्स को निकालने के लिए –u ऑप्शन के अन्य ऑप्शन को जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:17&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:20&lt;br /&gt;
|अप एरो  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:22&lt;br /&gt;
|U एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:26&lt;br /&gt;
|पिछली बार दो 2 दिखाए थे, और अब सिर्फ एक 2 दिख रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:38&lt;br /&gt;
|अब हम देखेंगे कि किसी कालम के आधार पर कैसे एक फाइल सोर्ट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:44&lt;br /&gt;
|चलिए एक फाइल बनाते हैं और की इन करें जैसे कि बताया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:48&lt;br /&gt;
|Application &amp;gt; Accessories &amp;gt; Text Editor पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:57&lt;br /&gt;
|समय की बचत के लिए पहले से ही एक अलग फाइल में डेटा है जिसे मैं कॉपी और पेस्ट, CTRL+C; CTRL+V करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:11&lt;br /&gt;
|फाइल,marks.txt नाम से इसे सेव करें,सेव(Save) पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:21&lt;br /&gt;
|इस फाइल में जो विशिष्ट अक्षर हैं उस पर ध्यान न दें | मैं नहीं चाहती कि कोई भी कम अंक मिलने पर मुझे कुछ कहे।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:28&lt;br /&gt;
|इस फाइल को बंद करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:33&lt;br /&gt;
|marks.txt फाइल के दूसरी कालम के आधार पर सोर्ट करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:40&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:42&lt;br /&gt;
|space marks dot txt space hyphen t space open inverted commas space close inverted commas space &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:53&lt;br /&gt;
|यहाँ –t डैलिमीटर के लिए है और कोट्स के बीच का स्पेस उसे दर्शाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:02&lt;br /&gt;
|hyphen k2 दूसरे कालम के लिए है जिसपर सोर्ट प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:14&lt;br /&gt;
|एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:20&lt;br /&gt;
|Cat marks dot txt  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:24&lt;br /&gt;
|यह ओरिजिनल फाइल है, यदि आप देखते हैं कि Avir ऊपर चला गया और Bala नीचे आ गया है जब हमने दूसरे कालम के आधार पर सोर्ट किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:43&lt;br /&gt;
|Cut कमांड का उपयोग एक फाइल से कुछ जानकारी कट करने के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:51&lt;br /&gt;
|चलिए marks.txt में से कुछ नाम निकालते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:55&lt;br /&gt;
|टर्मिनल ALT+Tab पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:58&lt;br /&gt;
|cut space marks dot txt space hyphen d space open inverted commas space close inverted commas space.  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:08&lt;br /&gt;
|यहाँ cut कमांड में d एक डैलिमीटर है और उद्धरण-चिन्ह के भीतर का स्पेस डैलिमीटर को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20&lt;br /&gt;
|hyphen f2 दूसरे कालम के लिए, एंटर प्रेस करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:31&lt;br /&gt;
|Paste कमांड फाइल्स की समरूपी उत्तरगामी लाइन्स को मर्ज करेगा यानि जोड़ेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|अब numbers.txt तथा marks.txt दोनों फाइल्स का प्रयोग करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:41&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:43&lt;br /&gt;
|numbers.txt marks.txt पेस्ट करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:50&lt;br /&gt;
|अब marks.txt की पहली लाइन numbers.txt की पहली लाइन से जोड़ी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:57&lt;br /&gt;
|आउटपुट को concatefile.txt नामक फाइल में पुनः निर्दिष्ट करने के लिए हम redirect(रिडाइरेक्ट) की का प्रयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:06&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:08&lt;br /&gt;
|अप एरो प्रेस करें। redirect(रिडाइरेक्ट) की को प्रेस करें, जो ग्रेटर दैन चिन्ह है, concatefile.txt | एंटर प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:18&lt;br /&gt;
|Cat concatfile dot txt &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:22&lt;br /&gt;
|अब स्लाइड पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:25&lt;br /&gt;
|यदि हम चाहते हैं कि पेस्ट नम्बर्स को क्रमानुसार दिखाए टैब द्वारा उसे डीलिमिट करें हम –s ऑप्शन का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:34&lt;br /&gt;
|hyphen s पेस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:39&lt;br /&gt;
|numbers dot txt  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:43&lt;br /&gt;
|स्लाइड पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:45&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल 'टॉक टू अ टीचर' प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:49&lt;br /&gt;
|जिसे भारत सरकार के एमएचआरडी मंत्रालय के राष्ट्रीय शिक्षा मिशन ने आईसीटी के माध्यम से समर्थित किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:55&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी हमारी निम्नलिखित वेबसाइट http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:59&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/The-Linux-Environment/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/The-Linux-Environment/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/The-Linux-Environment/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:17:42Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |00:00 |लिनक्स एन्वाइरन्मेंट  और इसके कुशलतापूर्वक उपयोग क…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स एन्वाइरन्मेंट  और इसके कुशलतापूर्वक उपयोग करने के तरिकों में इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:07&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में एक कार्यरत लिनक्स सिस्टम के सचित्र उदाहरणों की कोशिश के लिए अधिकतम उबंटु की आवश्यकता होगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
|हम मानते हैं कि आप जानते हैं कि किस तरह लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ शुरुआत करे और कमांड्स ,  फाइल सिस्टम तथा शेल के बारे में कुछ मूलभूत ज्ञान भी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
|यदि आप इच्छुक हैं या इन संकल्पनाओं को सुधारना चाहते हैं तो कृपया हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध अन्य स्पोकन ट्यूटोरियल के माध्यम से बेझिझक कीजिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:32&lt;br /&gt;
|कृपया ध्यान दें कि उबंटु 10.10 का उपयोग इस ट्यूटोरियल की रिकार्डिंग के लिए किया गया था। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:36&lt;br /&gt;
|कृपया यह भी ध्यान दें कि लिनक्स केस सेंसिटिव है तथा इस ट्यूटोरियल में उपयोगित सभी कमांड लोअर केस अन्यथा कथित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:46&lt;br /&gt;
|लिनक्स एन्वाइरन्मेंट  निर्धारित करता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम आपके साथ किस प्रकार व्यवहार करता है, आपकी कमांड का जबाब किस प्रकार देता है, किस प्रकार आपके कार्यों को एंटरप्रेट करता है आदि। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:55&lt;br /&gt;
|शेल की सेटिंग में परिवर्तन करके लिनक्स को अधिक अनुकूलित कर सकते है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58 &lt;br /&gt;
|अब समझते हैं कि यह सब कैसे हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:59&lt;br /&gt;
|साधारणतः शेल का व्यवहार शेल के वेरिएबल्स से निर्धारित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04 &lt;br /&gt;
|शेल वेरिएबल्स दो मुख्य प्रकार के होते हैं।&lt;br /&gt;
एन्वाइरन्मेंट  वेरिएबल्स&lt;br /&gt;
लोकल वेरिएबल्स&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:12&lt;br /&gt;
|एन्वाइरन्मेंट  वेरिएबल्स  नामित हैं क्योंकि वे उपयोगकर्ता के संपूर्ण एन्वाइरन्मेंट  में उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:19&lt;br /&gt;
|यह शेल द्वारा बनाये गए सबशेल  में भी उपलब्ध हैं जैसे के शेल स्क्रिप्ट्स को रन करने वालो की तरह ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:24&lt;br /&gt;
|लोकल वेरिएबल्स, जैसे के नाम से पता चलता है , उनकी प्रतिबंधित या सीमित उपलब्धता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:31&lt;br /&gt;
|ये शेल द्वारा बनाए गए सबशेल के लिए उपलब्ध नहीं हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36&lt;br /&gt;
|जबकि इस ट्यूटोरियल में हम मुख्य रूप से एन्वाइरन्मेंट  वेरिएबल्स के बारे में बात करेंगे, पहले देखते हैं कि इन वेरिएबल्स की वेल्यू कैसे देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:48&lt;br /&gt;
|वर्त्तमान शेल में सभी उपलब्ध वेरिएबल्स को देखने के लिए , हम कमांड सेट को चलायेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:53&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर टाइप करें, “सेट स्पेस वर्टिकल बार मोर”  और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:00&lt;br /&gt;
|हम सभी वर्त्तमान शेल वेरिएबल्स को देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:04&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप, होम एन्वाइरन्मेंट  वेरिएबल्स पर देखकर इसके लिए नियत वेल्यू पर भी ध्यान दें।&lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|02:15&lt;br /&gt;
|सूची के माध्यम से स्थानांतरित होने के लिए एंटर दबायें, बाहर आने के लिए Q (क्यू) दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:21&lt;br /&gt;
|यहाँ वेरिएबल सूची की सुनियोजित मल्टीपेज आउटपुट को और अच्छे से प्रदर्शित करने  के लिए सेट में से  आउटपुट को क्रम में किया है ।     &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:38&lt;br /&gt;
|केवल एन्वाइरन्मेंट  वेरिएबल्स देखने के लिए इएनवी (env )कमांड चलायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
|टर्मिनल में टाइप करें , “env ‘vertical-bar’ more” (इएनवी स्पेस वर्टिकल-बार मोर)&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप, &lt;br /&gt;
शेल वेरिएबल पर ध्यान दें जिनकी वेल्यू /bin/bash(/बिन/बैश) है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
|फिर से, सूची के बाहर आने के लिए आप क्यू (Q) दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07&lt;br /&gt;
|अब लिनक्स में कुछ अधिक महत्वपूर्ण एन्वाइरन्मेंट वेरिएबल्स पर चर्चा करते है ।    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:11&lt;br /&gt;
|हम यहाँ अपने सभी प्रदर्शनों के लिए बैश शेल का उपयोग करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|विभिन्न शेल्स थोड़ा विभिन्न तरीकों से अनुकूलित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:19&lt;br /&gt;
|वेरिएबल वास्तव में क्या संग्रह करता है यह देखने के लिए हमें उस वेरिएबल के नाम के आरंभ में डॉलर चिन्ह लगाना है और उसके साथ echo कमांड का उपयोग करना होगा  ।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:30&lt;br /&gt;
|प्रथम एन्वाइरन्मेंट वेरिएबल जिसे हम देखेंगे वह है  शेल वेरिएबल। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:35&lt;br /&gt;
|यह वर्त्तमान शेल का नाम संग्रह करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
|शेल वेरिएबल की वेल्यू क्या है देखने के लिए &amp;quot;echo space dollar SHELL &amp;quot;(टर्मिनल पर इको स्पेस डॉलर शेल  केपिटल में ) टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55&lt;br /&gt;
|यह /बिन/बैश( /bin/bash) शेल है जहाँ हम फ़िलहाल ऑपरेट कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:02&lt;br /&gt;
|दूसरा वेरिएबल होम (home) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:05&lt;br /&gt;
|जब हम लिनक्स में लोगिन करते हैं, यह साधारणतः हमें एक निर्देशिका( डाइरेक्टरी) में स्थान देता है जिसका नाम हमारे यूजरनेम पर रखा होता है ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
|इस निर्देशिका(डाइरेक्टरी) को होम निर्देशिका(डाइरेक्टरी) कहते हैं और यह वास्तव में यह वही है जो होम वेरिएबल में  उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
|वेल्यू देखने के लिए टर्मिनल पर &amp;quot;echo space dollar H-O-M-E &amp;quot;(टर्मिनल पर इको स्पेस डॉलर शेल  केपिटल में ) टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:29&lt;br /&gt;
|अगला एन्वाइरन्मेंट वेरिएबल पाथ(path) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:32&lt;br /&gt;
|पाथ(path) वेरिएबल में निर्देशिकाओं(डाइरेक्टरिस) के  एब्सोल्यूट पाथ होते है  जिनमें से शेल को निष्पादन योग्य कमांड की खोज करनी होती है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:40 &lt;br /&gt;
|अब पाथ(path) वेरिएबल की वेल्यू देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:43 &lt;br /&gt;
|फिर से, टर्मिनल पर इको स्पेस डॉलर पाथ[ &amp;quot;echo space dollar PATH] (बड़े अक्षर में) टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:51 &lt;br /&gt;
|मेरे कंप्यूटर पर यह /user/local/sbin/user/local/bin/user/sbin/user/bin आदि निर्देशिकाएँ( डाइरेक्टरिस) दिखाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:04&lt;br /&gt;
|यह एक से दूसरे सिस्टम पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:07&lt;br /&gt;
|वास्तव में यह (कोलन) डीलिमीटर द्वारा विभाजित निर्देशिकाओं (डाइरेक्टरिस) की सूची है, जहाँ से शेल इस क्रम में एक निष्पादन योग्य कमांड की खोज करेंगा ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:18 &lt;br /&gt;
|हम इस सूची में अपनी खुद की निर्देशिका(डाइरेक्टरी) जोड़ सकते हैं ताकि शेल द्वारा हमारी निर्देशिका (डाइरेक्टरी) भी ढूँढी जाय। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:25 &lt;br /&gt;
|अपनी खुद की निर्देशिका (डाइरेक्टरी) को जोड़ने के लिए टर्मिनल पर  टाइप करे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:29 &lt;br /&gt;
| “ पाथ(बड़े अक्षर में) इक्वल-टू डॉलर पाथ (फिर से बड़े अक्षर में) कोलन/होम/&amp;lt;the_name_of_my_own_home_directory&amp;gt;  और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:54 &lt;br /&gt;
|अब यदि हम पाथ की वेल्यू का अनुकरण करें यानि एको करे ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:04&lt;br /&gt;
|हमारी संकलित निर्देशिका(डाइरेक्टरी) भी पाथ वेरिएबल का एक भाग  हो जाएगी । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:10&lt;br /&gt;
|निर्देशिका(डाइरेक्टरी) को देखें अब यहाँ मौजूद है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:16&lt;br /&gt;
|एक और दिलचस्प वेरिएबल है लोगनेम ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20 &lt;br /&gt;
|यह वर्तमान सक्रिय यूजर के यूजरनेम को संग्रहीत करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:24&lt;br /&gt;
|वेल्यू देखने के लिए टाइप करे  “इको स्पेस डॉलर लोगनेम”  और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:35&lt;br /&gt;
|जब हम टर्मिनल को खोलेंगे हम डॉलर चिन्ह देख सकेंगे, जो प्रोंप्ट है जिस पर हम अपने कमांड्स एंटर करते  है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|यह एन्वाइरन्मेंट  वेरिएबल पीएसवन द्वारा प्रतिनिधित प्राथमिक प्रोंप्ट स्ट्रिंग है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:47&lt;br /&gt;
|यहाँ एक द्वितीयक प्रोम्प्ट स्ट्रिंग भी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:50 &lt;br /&gt;
|यदि कमांड लम्बी है और यह एक लाइन से अधिक फैलती है तो दूसरी लाइन की शुरूआत से हम प्रोंप्ट के रूप में ग्रेटर दैन का चिन्ह “&amp;gt;” देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:00&lt;br /&gt;
|यह एन्वाइरन्मेंट वेरिएबल पीएसटू द्वारा प्रतिनिधित द्वितीयक प्रोंप्ट स्ट्रिंग है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:05&lt;br /&gt;
|द्वितीयक कमांड प्रोंप्ट को देखने के लिए टर्मिनल पर इको स्पेस डॉलर पीएसटू( बड़े अक्षर में) टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
|हम प्रोंप्ट पर “ऐट द रेट” &amp;lt;@&amp;gt; कहकर अपने प्राथमिक प्रोंप्ट स्ट्रिंग को बदल सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:28&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए पीएसवन(बड़े अक्षर में) ‘इक्वल –टू’ अब उद्धरण-चिन्हों के भीतर ‘ऐट द रेट’ टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
|अब डॉलर चिन्ह के बजाय हमें प्रोम्प्ट के रूप में एक ऐट द रेट का चिन्ह दिखेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50&lt;br /&gt;
|हम कुछ अधिक दिलचस्प कर सकते हैं, जैसे हम अपने यूजरनेम को प्रोंप्ट के रूप में दिखा सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:56&lt;br /&gt;
|केवल “पीएसवन(बड़े अक्षर में) ‘इक्वल-टू’ उद्धरण-चिन्हों के भीतर डॉलर लोगनेल” टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:12 &lt;br /&gt;
|अब मेरा यूजरनेम मेरा प्रोंप्ट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16&lt;br /&gt;
|वापस आने के लिए ‘पीएसवन’ ‘इक्वल-टू’ उद्धरण-चिन्हों के भीतर डॉलर टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28&lt;br /&gt;
|हमने कई एन्वाइरन्मन्ट वेरिएबल्स की वेल्यू को नियत किया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:32 &lt;br /&gt;
|लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि यह संशोधन केवल वर्तमान सत्र के लिए ही अनुकूल हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:37&lt;br /&gt;
|जिस तरह हमने अपनी निर्देशिका(डाइरेक्टरी) को पाथ वेरिएबल में जोड़ा था।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:40 &lt;br /&gt;
|यदि हम टर्मिनल बंद करते हैं और इसे फिर से खोलते हैं या पूर्ण रूप से एक नया टर्मिनल खोलते हैं और पाथ वेरिएबल को उसकी वेल्यू द्वारा की जाँच करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00&lt;br /&gt;
|हम यह देककर आश्चर्यचकित होंगे कि हमारे संशोधन मौजूद नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:05 &lt;br /&gt;
|इन संशोधनों को हम स्थाई किस तरह रख सकते हैं यह आगे आने वाले ट्यूटोरियल में कवर किया जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:13&lt;br /&gt;
|अक्सर हम कमांड को पुनः निष्पादित करना चाहते हैं जिसे हमने हाल ही में निष्पादित किया था । हम क्या करे ? क्या हम पुरे कमांड को पुन:टाइप करे ? &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:22&lt;br /&gt;
|नहीं, इसके कई समाधान हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:26&lt;br /&gt;
|पहले, साधारणतः यदि आप अपने कीबोर्ड में अप-डायरेक्सन की की को दबाते हैं तो यह आखिरी कमांड दिखायेगा जो कि आपने टाइप की है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:33&lt;br /&gt;
|की को दबाकर रखें और यह पिछली कमांड्स में से स्क्रोल करता रहेगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:37 &lt;br /&gt;
|पीछे जाने के लिए डाउन-डायरेक्सन की की दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:42 &lt;br /&gt;
|लेकिन जब आप कई कमांड्स  से स्क्रोल करते हैं यह थोड़ बेढंगा और अरोचक हो जाता है। अच्छा यह होगा कि हिस्ट्री कमांड का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:52 &lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट में “हिस्ट्री” टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:58 &lt;br /&gt;
|और एंटर दबायें, पिछली निष्पादित कमांड्स की उपस्थित  सूची देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:04 &lt;br /&gt;
|यदि लम्बी सूची के बजाय आप केवल आखिरी दस देखना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:08 &lt;br /&gt;
|“हिस्ट्री स्पेस 10” टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20 &lt;br /&gt;
|ध्यान दें, इस सूची में प्रत्येक पिछली निष्पादित कमांड्स के लिए नंबर नियत है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:27 &lt;br /&gt;
|विशेष कमांड को दोहराने के लिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:32&lt;br /&gt;
|टाइप करें विस्मयादिबोधक चिह्न (इक्स्लामेशन मार्क) जिसके बाद कमांड का नम्बर ,  उदाहरणस्वरूप  442  मेरे केस में इको स्पेस डॉलर पाथ निष्पादित करेगा ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:51 &lt;br /&gt;
|यदि आपको पिछली कमांड को निष्पादित करने की आवश्यकता है केवल दो बार इक्स्लामेसन चिन्ह टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:03&lt;br /&gt;
|अगला विषय जो हम देखेंगे उसे टिल्ड सब्स्टिटूशन कहते हैं, टिल्ड(~) चिन्ह होम डाइरेक्टरी के लिए शोर्टहैंड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:12&lt;br /&gt;
|तो कहें, आपके पास टेस्टट्री नाम की एक डाइरेक्टरी आपकी होम डाइरेक्टरी में है । आप “सीडी स्पेस ‘टिल्ड’ स्लैश  टेस्टट्री” टाइप करके इस तक पहुँच  सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:25&lt;br /&gt;
|प्रेसेंट वर्किंग डाइरेक्टरी और पिछली इस्तेमाल की गयी डाइरेक्टरी के बीच टागल भी कर सकते हैं , यह कमांड देकर ।&lt;br /&gt;
सीडी~ (नरेशन-सीडी स्पेस टिल्ड माइनस) या केवल सीडी- (नरेशन-सीडी स्पेस माइनस)  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:35 &lt;br /&gt;
|जैसे कि अभी हम टेस्टट्री डाइरेक्टरी में हैं, पिछली डाइरेक्टरी जिसमें हम गये थे वह होम डाइरेक्टरी थी &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:41&lt;br /&gt;
|तो यदि हम ‘सीडी स्पेस माइनस” चलाते हैं, यह होम डाइरेक्टरी में चला जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:47&lt;br /&gt;
|इसे फिर से रन करे  और आप टेस्टट्री डाइरेक्टरी में वापस आ जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:55 &lt;br /&gt;
|आखिरी लेकिन काफी महत्वपूर्ण कमांड जो हम देखेंगे वह है  एलाइस कमांड । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:59&lt;br /&gt;
|ऐसा हो सकता है कि आप के पास लम्बी कमांड हो जिसे बार-बार चलाने की जरूरत पड़े। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:04&lt;br /&gt;
|इस मामले में हम इसे एक छोटा एलाइस नाम दे सकते हैं और  कमांड को चलाने के लिए एलाइस नाम का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:11 &lt;br /&gt;
|मानिए कि आपके पास ऐसी एक लम्बी डाइरेक्टरी क्रम है जिस पर आप अक्सर संगीत के लिए जाते हैं , आप इसके लिए इस प्रकार एक एलाइस तैयार कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:20&lt;br /&gt;
|“एलाइस स्पेस सीडी म्यूजिक ‘इक्वल-टू’ दोहरे उद्धरण-चिन्हों के भीतर सीडी स्पेस /होम/आर्क/ फाइल्स/एंटरटेनमेंट/म्यूजिक” टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:47&lt;br /&gt;
|अब प्रत्येक समय इस डाइरेक्टरी में जाने के लिए केवल सीडीम्यूजिक लिखें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:55 &lt;br /&gt;
|देखें अब हम म्यूजिक डाइरेक्टरी में हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:58 &lt;br /&gt;
|अब, आप पिछली वर्किंग डाइरेक्टरी में जाने के लिए प्रोंप्ट में सीडी स्पेस माइनस टाइप कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:08&lt;br /&gt;
|इस एलाइस को निरस्त यानि कैन्सल करने के लिए केवल अनएलाइस स्पेस सीडी माइनस टाइप करे और इंटर प्रेस करे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:20&lt;br /&gt;
|अब फिरसे यदि आप टर्मिनल से सीडीम्यूजिक लिखते हैं आपको एक एरर मिलेगा कि कमांड मौजूद नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:30&lt;br /&gt;
|मान लो कि हमारी प्रेसेंट वर्किंग डाइरेक्टरी में हमारे पास टेस्ट1 और टेस्ट2 दो फाइलें हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:38&lt;br /&gt;
|और यदि हम आरएम टेस्ट1 चलाते हैं , टेस्ट1  डिलीट हो जाता  है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:45&lt;br /&gt;
|हम जानते हैं कि आरएम कमांड का हाइफन i पर्याय हटाने की प्रक्रिया इंटरैक्टिव  कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:52 &lt;br /&gt;
|तो हम एलाइस आरएम इक्वल-टू, अब उद्धरण-चिन्हों के भीतर “आरएम स्पेस –i” जैसा एक एलाइस सेट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:03&lt;br /&gt;
|अब जब हम “आरएम”, “आरएम-i” चलायेंगे वास्तव में चलेगा यानि रन होगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:13&lt;br /&gt;
|तो हमने देखा कि जब टेस्ट1 डिलीट हो जाता है , सिस्टम टेस्ट2  डिलीट करने  से पहले पूछता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:20&lt;br /&gt;
|तो इस ट्यूटोरियल में आपने एन्वाइरन्मन्ट वेरिएबल्स, हिस्ट्री और एलाइजिंग के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:25&lt;br /&gt;
|यह मुझे इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर लाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:28 &lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे राष्ट्रीय शिक्षा मिशन ने आईसीटी के माध्यम से समर्थित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:36&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:39 &lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना शेख अब आप से विदा लेती हूँ। धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Working-with-Linux-Process/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/Working-with-Linux-Process/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Working-with-Linux-Process/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:16:20Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |लिनक्स प्रक्रियाओं यानि  लिनक्स प्रोसेसेस में प्रचा…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स प्रक्रियाओं यानि  लिनक्स प्रोसेसेस में प्रचालन पर इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:05&lt;br /&gt;
|मैं उबंटु 10.04 का उपयोग कर रही हूँ।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:09&lt;br /&gt;
|हम यह मानते हैं कि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरूआत करने के बारे में आपको जानकारी है और कमांड्स के बारे में कुछ बुनियादी जानकारी है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:16&lt;br /&gt;
|यदि आप इच्छुक हैं तो निम्नलिखित वेबसाइट http://spoken-tutorial.org. पर यह दूसरे स्पोकन ट्यूटोरियल के माध्यम से उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:28&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान रहे कि लिनक्स केस सेंसिटिब है। इस ट्यूटोरियल में उपयोगित सभी कमांड लोअर केस अन्यथा कथित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:38&lt;br /&gt;
|प्रक्रिया क्या है यह समझने के लिए मैं आपको एक संक्षिप्त विवरण देती हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:42&lt;br /&gt;
|जो कुछ भी लिनक्स में चलता है प्रक्रिया कहलाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:46&lt;br /&gt;
|शेल जो चल रही है और हमारी कमांड ले रही है एक प्रक्रिया(प्रॉसेस) है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:51&lt;br /&gt;
|कमांड जो हम टर्मिनल पर टाइप करते हैं वह प्रक्रियाएँ हैं जब वे चल रही हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:56&lt;br /&gt;
|विडियो जिसमें आप यह ट्यूटोरियल देख रहे हैं एक प्रकिया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:00&lt;br /&gt;
|जो ब्राउज़र चल रहा है जिसमें आपने स्पोकन ट्यूटोरियल वेबसाइट खोला है एक प्रक्रिया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:05&lt;br /&gt;
|शेल स्क्रीप्ट्स जो चल रही हैं प्रक्रियाएँ हैं आदि।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:11&lt;br /&gt;
|प्रक्रिया को प्रोग्राम के रूप में परिभाषित कर सकते हैं जो निष्पादित किया जा रहा है, वह जो चल रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:17&lt;br /&gt;
|प्रक्रियाएँ अधिकतर हमारे समान हैं वे जन्म लेती हैं, वे मरती हैं। उनके अभिभावक और संतान होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:28&lt;br /&gt;
|पहले हम शेल प्रक्रिया के बारे में सीखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:31&lt;br /&gt;
|शेल प्रक्रिया लिनक्स कर्नेल से शुरू होती है ज्यों ही हम सिस्टम में लोगिन करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:36&lt;br /&gt;
|इस स्तर पर यह जानना काफी होगा कि लिनक्स कर्नेल लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का मुख्यभाग है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:43&lt;br /&gt;
|यह अति महत्वपूर्ण घटकों से बना है जो लिनक्स को चलाता है। शेल अन्य सभी यूजर कमांड प्रक्रियाओं को रचती या जन्म देती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:53&lt;br /&gt;
|अब टर्मिनल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:57&lt;br /&gt;
|डॉलर चिन्ह के रूप में हम कमांड प्रोंप्ट को टर्मिनल पर देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:03&lt;br /&gt;
|यह शेल प्रक्रिया का काम है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:07&lt;br /&gt;
|अब कोई भी कमांड टाइप करें, मानिए “डेट” और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:13&lt;br /&gt;
|ज्यों ही हम यह करते हैं शेल प्रक्रिया डेट नाम की एक प्रक्रिया की रचना करेगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:18&lt;br /&gt;
|अब क्योंकि शेल प्रक्रिया ने डेट प्रक्रिया को जन्म दिया है, हम कह सकते हैं कि शेल प्रक्रिया डेट प्रक्रिया की अभिभावक है तथा डेट प्रक्रिया शेल प्रक्रिया की संतान है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:30&lt;br /&gt;
|एक बार डेट प्रक्रिया ने सिस्टम को डेट (दिनाँक) और समय  दिखा दिया, यह मर जाती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:40&lt;br /&gt;
|एक शेल अन्य शेल प्रक्रिया को भी जन्म दे सकती है। प्रक्रिया को जन्म देना या प्रक्रिया की रचना करने को स्पॉनिंग प्रक्रिया(प्रक्रिया को बोना या पैदा करना) भी कहते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:50&lt;br /&gt;
|अन्य शेल प्रक्रिया को बनाने के लिए केवल टर्मिनल पर जाएँ और एसएच(“sh” ) टाइप करें और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:00&lt;br /&gt;
|हम टर्मिनल पर  दिख रहे नए प्रोंप्ट को देखेंगे। अब हमारी प्रारंभिक शेल, इसे शेल वन कहें, जिसने  चाइल्ड शेल या सबशेल को जन्म दिया है इसे शेल टू कहें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:13&lt;br /&gt;
|अब आप नए कमांड प्रोंप्ट में भी कमांड चला सकते हैं। इस नए कमांड प्रोंप्ट में 1s कमांड चलायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:20&lt;br /&gt;
|अब कमांड प्रोंप्ट पर ls टाइप करें और एंटर दबायें। हम डाइरेक्टरिस(निर्देशिकाओं) और फाइल्स की सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:32&lt;br /&gt;
|अब ls नाम की एक नई प्रक्रिया बनी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:35&lt;br /&gt;
|यहाँ शेल2 ls का अभिभावक है जबकि शेल1 ls का पितामह है। ls शेल2 की संतान है जबकि शेल2 खुद शेल1 की संतान है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:56&lt;br /&gt;
|शेल2 को नष्ट करने के लिए केवल नए प्रोंप्ट पर एक्सिट (“exit”)  टाइप करें और एंटर दबायें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:04&lt;br /&gt;
|यह शेल2 को नष्ट कर देगा और हम अपनी प्रारंभिक कमांड प्रोंप्ट में वापस आ जायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:12&lt;br /&gt;
|हमारे और प्रक्रियाओं के बीच की समानताओं को जारी रखते है, हम जानते हैं कि हम में से प्रत्येक में कुछ गुण होते हैं जो हमारी पहचान बताते है वो गुण हमारा नाम, अभिभावक का नाम, जन्म दिनाँक, पैनकार्ड संख्या आदि हो सकते हैं।       &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:26&lt;br /&gt;
|उसी तरह प्रक्रियाओं के भी गुण होते हैं जैसे पीआईडी (प्रोसेस आईडी), पीपीआईडी ( पेरेंट प्रोसेस  आईडी), स्टार्ट टाइम आदि। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:38&lt;br /&gt;
|इसमें से अधिकतर गुण कर्नेल द्वारा प्रक्रिया टेबल में पोषित किये जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:43&lt;br /&gt;
|प्रत्येक प्रक्रिया  एक विशिष्ट पूर्णांक के द्वारा विशिष्टता पूर्ण निर्धारित होती है। पीआईडी कहलाती है। पीआईडी कर्नेल द्वारा आवंटित की जाती है जब प्रक्रिया जन्मती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:51&lt;br /&gt;
|पेरेंट प्रोसेस (अभिभावक प्रक्रिया) की पीआईडी जो नई प्रक्रिया पैदा करती है मानिए कि पी वन , पी वन प्रक्रिया की पीपीआईडी कहलाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:00&lt;br /&gt;
|वर्तमान शेल की पीआईडी देखने के लिए प्रोंप्ट पर इको स्पेस डॉलर डॉलर(“echo space dollar dollar”) टाइप करें और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:11&lt;br /&gt;
|एक संख्या दिखाई देगी । यह वर्तमान शेल की पीआईडी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:23&lt;br /&gt;
|एक कमांड जिसका हम ज्यादा उपयोग करेंगे। जब प्रक्रियाओं के बारे में बात होगी, वह पीएस कमांड है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:29&lt;br /&gt;
|पीएस या प्रोसेस स्टेटस  एक कमांड है जो सिस्टम में रन हो रही प्रक्रियाओं को प्रदर्शित करती है।    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:34&lt;br /&gt;
|अब देखें कि क्या होता है यदि हम इस कमांड को बिना किसी पर्याय के चलाते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:40&lt;br /&gt;
|अब कमांड प्रोंप्ट पर पीएस टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:47&lt;br /&gt;
|इस तरह हम साधारणतः यूजर द्वारा चलाये जा रहे प्रोग्राम से स्वामित्व , सभी प्रक्रियाओं की सूची देख पायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:54&lt;br /&gt;
|आप सीएमडी शीर्षक के अधीन प्रक्रिया का नाम देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:58&lt;br /&gt;
|इसके अलावा आप पीआईडी, टीटीवाई या कंसोल जिसमें प्रक्रिया TIME (टाइम)चला रही है, भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:06&lt;br /&gt;
|वह पूर्ण प्रोसेसर समय है जो कि प्रक्रिया की शुरूआत से इस्तेमाल किया गया। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:12&lt;br /&gt;
|मेरी मशीन पर यह दो प्रक्रियाएँ दिखा रहा है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:16&lt;br /&gt;
|एक बैश है, जिस शेल प्रक्रिया का हम उपयोग कर रहे हैं, दूसरी स्वयं पीएस प्रक्रिया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:25&lt;br /&gt;
|ध्यान रखने लायक यहाँ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शेल प्रक्रिया की पीआईडी समान है जो कि इको स्पेस डॉलर डॉलर कमांड द्वारा दिखाई दी।      &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:35&lt;br /&gt;
|यदि हम सबशेल बनाते  हैं, तो देखिए क्या होता है। टर्मिनल पर एसएच(“sh” ) टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:42&lt;br /&gt;
|अब नए प्रोंप्ट में जो कि नई रेखा में दिखाई पड़ता है, पीएस(“ps”) टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:51&lt;br /&gt;
|अब हम सूची में 3 प्रक्रियाएँ देख सकते हैं। प्रक्रिया एसएच(sh) जोड़ दी गयी है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:57&lt;br /&gt;
|यहाँ फिर से ध्यान दें कि बैश प्रक्रिया की पीआईडी पहले की तरह समान ही है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:05&lt;br /&gt;
|पीएस कई पर्यायों के साथ आता है जो हम अब देखेंगे । पहला पर्याय जिसमें हमें सूचीबद्ध प्रक्रियाओं के लिए अधिक गुणों का प्रदर्शन दिखाई देगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:13&lt;br /&gt;
|अब प्रोंप्ट पर पीएस स्पेस माइनस एफ(“ps space minus f”)  टाइप करें और एंटर दबायें। फिर से पिछले केस(मामले) की तरह 3 प्रक्रियाओं की सूची बनेगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:28&lt;br /&gt;
|बैश एसएच और पीएस-एफ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:31&lt;br /&gt;
|भिन्नता केवल यह है कि अब अधिक गुण सूचीबद्ध हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:36&lt;br /&gt;
|यूआईडी उस यूजर का यूजरनेम देती है जिसने प्रक्रिया की शुरूआत की। यह पीपीआईडी भी दिखाता है जो कि अभिभावक की पीआईडी है जिसने प्रक्रिया की रचना की। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:47&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप, देखिए वह बैश प्रक्रिया sh प्रक्रिया का अभिभावक है, इसलिए बैश की पीआईडी एसएच प्रक्रिया की पीपीआईडी के समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:00&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार क्योंकि sh प्रक्रिया ps का अभिभावक है, sh प्रक्रिया की पीआईडी ps-f प्रक्रिया की पीपीआईडी के समान है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:17&lt;br /&gt;
|सी प्रोसेसर के उपयोग के लिए मौजूद है। इस समय यह प्रक्रिया के जीवनपर्यंत , प्रोसेसर के प्रतिशत प्रयोग का पूर्णांक वेल्यू है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:26&lt;br /&gt;
|यह 0 के रूप में प्रदर्शित होगा, इस केस (मामले) में उपयोग बहुत कम है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:32&lt;br /&gt;
| STIME क्षेत्र समय बताता है जिस समय प्रक्रिया शुरू हुई, बाकि हम पहले ही देख चुके हैं जब ps चलता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:42&lt;br /&gt;
|प्रक्रियाएँ दो प्रकार की होती हैं, पहली यूजर प्रोसेसेस (प्रक्रिया होती) हैं । जो यूजर द्वारा शुरू की जाती हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:49&lt;br /&gt;
|उदाहरणस्वरूप ps अथवा उस कारण कई कमांड जो हमने टर्मिनल पर चलाई हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:54&lt;br /&gt;
|दूसरी सिस्टम प्रोसेसेस (प्रक्रियाएँ) होती हैं, जो प्रक्रियाएँ सिस्टम स्टार्टप या यूजर लोगिन के दौरान प्रायः  सिस्टम द्वारा शुरू की जाती हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:05&lt;br /&gt;
|सिस्टम प्रक्रिया का उदाहरण बैश हो सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:09&lt;br /&gt;
|कभी-कभी हम सभी प्रक्रियाएँ- सिस्टम प्रक्रियाएँ साथ ही साथ यूजर प्रकियाएँ दोनों देखना चाहते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:17&lt;br /&gt;
|तब हम माइनस e  या   माइनस  capital A ऑप्शन  का उपयोग करते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:23&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ और प्रोंप्ट पर पीएस स्पेस माइनस ई(“ps space minus e”) टाइप करें और एंटर दबायें।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:32&lt;br /&gt;
|हम प्रक्रियाओं की लम्बी सूची देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:35&lt;br /&gt;
|मल्टीपेज डिस्प्ले पाने के लिए प्रोंप्ट पर केवल टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:40&lt;br /&gt;
|“पीएस स्पेस माइनस ई स्पेस वर्टीकल बार स्पेस मोर”(“ps space minus e space vertical bar space more”)एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:52&lt;br /&gt;
|जैसा हमने पहले देखा कि more  यह करेगा के अधिक से अधिक  सूचीबद्ध प्रक्रियाएँ एक विंडो में बैठ सकें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:58&lt;br /&gt;
|जैसे ही हम एंटर दबाते हैं हम प्रक्रियाओं की पूर्ण सूची स्क्रोल करते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03&lt;br /&gt;
|इस सूची में प्रथम प्रक्रिया दिलचस्प है। इसे init(इनिट) प्रक्रिया कहते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:09&lt;br /&gt;
|यह वह प्रक्रिया है जिससे अधिकतर सभी अन्य प्रक्रियाएँ बनी  हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:12&lt;br /&gt;
|इसमें 1 का पीआईडी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:16&lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट पर वापस आने के लिए क्यू (Q) दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:24&lt;br /&gt;
|तो इस ट्यूटोरियल में हमने प्रक्रिया, शेल प्रक्रिया, प्रक्रिया का जन्मना, प्रक्रियाओं के गुणों तथा प्रक्रियाओं के विभिन्न प्रकारों के बारे में सीखा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:37&lt;br /&gt;
|हमने पीएस कमांड के उपयोग के बारे में भी सीखा। इसी के साथ में इस ट्यूटोरियल को समाप्ती की ओर ले जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:45&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे भारत सरकार के एमएचआरडी मंत्रालय के राष्ट्रीय शिक्षा मिशन ने आईसीटी के माध्यम से समर्थित किया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:55&lt;br /&gt;
|इस पर अधिक जानकारी हमारी निम्नलिखित वेबसाइट http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:07&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Redirection-Pipes/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/Redirection-Pipes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Redirection-Pipes/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:15:15Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |00:00:00 |रिडाइरेक्शन और पाइप्स के बारे में इस स्पोकन ट्यूटो…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:00:00&lt;br /&gt;
|रिडाइरेक्शन और पाइप्स के बारे में इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:07:00&lt;br /&gt;
|मैं उबंटु 10.04 का उपयोग कर रही हूँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:09:00&lt;br /&gt;
|हम यह मानते हैं कि आपको पहले से ही लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी है और कमांड्स के बारे में कुछ बुनियादी जानकारी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:16:00&lt;br /&gt;
|यदि आप इच्छुक हैं तो निम्नलिखित वेबसाइट पर यह दूसरे स्पोकन ट्यूटोरियल के माध्यम से उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22:00&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान रहे कि लिनक्स केस सेंसिटिव है। &lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|00:25:00&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में उपयोगित सभी कमांड लोअर केस अन्यथा कथित हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:32:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स में अधिकांश कार्य हम टर्मिनल के माध्यम से   करते है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:35:00&lt;br /&gt;
|जब हम कमांड का निष्पादन करते हैं हम साधारणतः कीबोर्ड से टाइप करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39:00&lt;br /&gt;
|मानिए कि हमें समय और दिनाँक पता करनी है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:41:00&lt;br /&gt;
|हम केवल कीबोर्ड से “डेट” टाइप करते हैं और एंटर दबाते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:46:00&lt;br /&gt;
|अतः हम साधारणतः कीबोर्ड से इनपुट देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:48:00&lt;br /&gt;
|उसी प्रकार हम देखते हैं कि हमारी कमांड का आउटपुट टर्मिनल विंडो पर भी प्रदर्शित होता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:56:00&lt;br /&gt;
|यह भी मानिए कि जब हम किसी कमांड को निष्पादित करते हैं कुछ एरर भी आते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:59:00&lt;br /&gt;
|उदाहऱणस्वरूप हम केट स्पेस एएए (“cat space aaa”) ‘टाइप करते हैं और एंटर दबाते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:05:00&lt;br /&gt;
|अब एएए नाम से कोई भी फाइल मौजूद नहीं है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:08:00&lt;br /&gt;
|अतः वहाँ एक एरर प्रदर्शित होती है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10:00&lt;br /&gt;
|अब यह एरर टर्मिनल विंडो पर भी आती है, इसलिए हम एरर रिपोर्टिंग टर्मिनल पर भी देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:20:00&lt;br /&gt;
|अब इनपुटिंग, आउटपुटिंग और एरर रिपोर्टिंग कमांड से संबंधित तीन विशेष कार्य हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:24:00&lt;br /&gt;
|रिडाइरेक्शन के बारे में खीखने से पहले हमें दो महत्वपूर्ण सिद्धातों के बारे में जानना चाहिए। जो है स्ट्रीम और फाइल डिस्क्रीप्टर (विवरणक)।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:31:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स शेल जैसे के बैश ,  इनपुट को ग्रहण करता है और अनुक्रम के रूप  या अक्षरों की स्ट्रीम में आउटपुट भेजता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:37:00&lt;br /&gt;
|प्रत्येक अक्षर इसके एक पहले या इसके एक बाद से स्वतंत्र होता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:41:00&lt;br /&gt;
|स्ट्रीम्स तक फाइल आईओ तकनीकी का उपयोग करके  पहुंचा जाता हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:44:00&lt;br /&gt;
|इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अक्षरों की वास्तविक स्ट्रीम फाइल से आती है या फाइल , में जाती है , या कीबोर्ड , विंडो आदि से आती  है  ।    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स में प्रक्रिया की प्रत्येक ओपन(खुली) फाइल एक पूर्णांक संख्या के साथ संयुक्त होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57:00&lt;br /&gt;
|इस सांख्यिक वेल्यू को फाइल डिस्क्रीप्टर (विवरणक) के रूप में जाना जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स शेल्स तीन स्टैन्डर्ड आईओ I/O स्ट्रीम का उपयोग करते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:08:00&lt;br /&gt;
|इनमें से प्रत्येक सुपरिचित फाइल डिस्क्रीप्टर (विवरणक) के साथ संयुक्त होता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:12:00&lt;br /&gt;
|एसटीडीआईएन (stdin) स्टैन्डर्ड इनपुट स्ट्रीम है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15:00&lt;br /&gt;
|यह कमांड को इनपुट उपलब्ध कराता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:17:00&lt;br /&gt;
|यहाँ फाइल डिस्क्रीप्टर (विवरणक) शून्य (0) है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:19:00&lt;br /&gt;
|stdout, स्टैन्डर्ड आउटपुट स्ट्रीम है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:22:00&lt;br /&gt;
|यह कमांड से आउटपुट प्रदर्शित करता है, इसके पास  फाइल डिस्क्रीप्टर (विवरणक) वन (1) है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:26:00&lt;br /&gt;
|एसटीडीइआरआर(stderr ) स्टैन्डर्ड एरर स्ट्रीम है, यह एरर आउटपुट कमांड्स से प्रदर्शित करता है, यहाँ फाइल डिस्क्रीप्टर (विवरणक) टू (2) है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:36:00&lt;br /&gt;
|इनपुट स्ट्रीम्स प्रोग्रामों को इनपुट उपलब्ध करता है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40:00&lt;br /&gt;
|स्वतः से यह टर्मिनल कीस्ट्रोक्स से लेता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:44:00&lt;br /&gt;
|आउटपुट स्ट्रीम्स टर्मिनल पर स्वतः से टेक्स्ट अक्षरों को प्रिंट करता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:47:00&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पहले एक ASCII टाइपराइटर या डिसप्ले टर्मिनल था &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52:00&lt;br /&gt;
|लेकिन अब ग्राफिक डेस्क्टाप पर  एक टेक्स्ट विंडो है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56:00&lt;br /&gt;
|हमने देखा कि स्वतः से 3 स्ट्रीम्स कुछ फाइलों से जुड़ें हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:01:00&lt;br /&gt;
|लेकिन लिनक्स में हम इस स्वतः व्यवहार को बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:04:00&lt;br /&gt;
|हम इन 3 स्ट्रीमों को अन्य फाइलों से जोड़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07:00&lt;br /&gt;
|इस प्रक्रिया को रिडाइरेक्शन कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:09:00&lt;br /&gt;
| अब देखते है कि 3 स्ट्रीमों में रिडाइरेक्शन कैसे होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:14:00&lt;br /&gt;
|पहले देखते हैं कि स्टैन्डर्ड  इनपुट कैसे रिडाइरेक्ट होता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:17:00&lt;br /&gt;
|हम &amp;lt;(लेफ्ट ऐंगअल ब्रैकिट ) ऑपरेटर का उपयोग करके फाइल से स्टैन्डर्डएन (stdin) को रिडाइरेक्ट करेंगे। देखते है  कैसे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22:00&lt;br /&gt;
|हम जानते हैं कि डब्ल्यू सी (wc) कमांड का उपयोग फाइल में अक्षरों, शब्दों और रेखाओं की संख्या जानने के लिए किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28:00&lt;br /&gt;
|टर्मिनल विंडो पर डब्ल्यू सी (wc)  टाइप करें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:31:00&lt;br /&gt;
|अब एंटर दबायें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:32:00&lt;br /&gt;
|क्या होता है? हम ब्लिंगकिंग कर्सर पायेंगे, इसका मतलब है कि हमें कीबोर्ड से एंटर करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37:00&lt;br /&gt;
|कुछ टेक्स्ट एंटर करें “This tutorial is very important”  (यह ट्यूटोरियल बहुत महत्वपूर्ण है)।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:46:00&lt;br /&gt;
|अब एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48:00&lt;br /&gt;
|अब Ctrl और d की साथ में दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52:00&lt;br /&gt;
|अब कमांड उन रेखाओं पर कार्य करेगी जिन्हें हमने प्रविष्ट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55:00&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल पर एक आउटपुट देगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:57:00&lt;br /&gt;
|अब यहाँ डब्ल्यूसी (wc) कमांड के बाद कोई भी फाइल नहीं दी गयी है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:01:00&lt;br /&gt;
|तो यह स्टैन्डर्ड  इनपुट स्ट्रीम से इनपुट लेगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:04:00&lt;br /&gt;
|अब स्टैन्डर्ड इनपुट स्ट्रीम स्वतः से कीबोर्ड से जुड़ जाती है। इसलिए डब्ल्यूसी (wc ) कीबोर्ड से इनपुट लेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:12:00&lt;br /&gt;
|अब यदि हम डब्ल्यूसी स्पेस लेफ्ट हैंडेड ब्रेकेट स्पेस टेस्ट1 डोट टीएक्सटी (&amp;quot;wc space 'left-angled bracket&amp;quot; space test1 dot txt&amp;quot; ) लिखते हैं  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:19:00&lt;br /&gt;
|क्या होता है कि डब्ल्यूसी हमें फाइल टेस्ट1 टीएक्सटी में अक्षरों, शब्दों और रेखाओं की संख्या बतायेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:27:00&lt;br /&gt;
|अब डब्ल्यूसी स्पेस टेस्ट1 डोट टीएक्सटी(&amp;quot;wc space test1 dot txt&amp;quot;) टाइप करें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34:00&lt;br /&gt;
|हमें समान परिणाम दिखता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:37:00&lt;br /&gt;
|अतः फर्क क्या है?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39:00&lt;br /&gt;
|जब हम  डब्ल्यूसी स्पेस टेस्ट1 डोट टीएक्सटी लिखते हैं कमांड फाइल टेस्ट1 डोट टीएक्सटी को खोलती और उससे रीड़ (पढ़ती) करती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46:00&lt;br /&gt;
|लेकिन जब हम डब्ल्यूसी स्पेस लेफ्ट ऐंगगल ब्रेकेट स्पेस टेस्ट1 डोट टीएक्सटी(&amp;quot;wc space 'left-angled bracket' test1.txt&amp;quot;) लिखते हैं , डब्ल्यूसी तब भी किसी फाइल को नहीं खोलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:53:00&lt;br /&gt;
|इसके बजाय स्टैन्डर्डइन  (stdin) से इनपुट लेने लगता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:57:00&lt;br /&gt;
|अब हम स्टैन्डर्डइन को फाइल टेस्ट1 डोट टीएक्सटी में निर्देशित करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:01:00&lt;br /&gt;
|अतः कमांड टेस्ट1 से रीड(पढ़ती) करती है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:04:00&lt;br /&gt;
|लेकिन वास्तव में पता नहीं है कि स्टैन्डर्डइन (stdin) में डाटा कहाँ से आ रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:10:00&lt;br /&gt;
|अतः हमने देखा कि स्टैंडर्ड इनपुट को कैसे रिडाइरेक्ट करते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:12:00&lt;br /&gt;
|अब देखते हैं कि स्टैंडर्ड आउटपुट और स्टैंडर्ड एरर को कैसे रिडाइरेक्ट करें, &lt;br /&gt;
|-		&lt;br /&gt;
|05:17:00&lt;br /&gt;
|यहाँ फाइल के लिए आउटपुट या एरर को रिडाइरेक्ट करने के दो मार्ग हैं।&lt;br /&gt;
|-		&lt;br /&gt;
|05:20:00&lt;br /&gt;
|मान लीजिए एन फाइल डिस्क्रीप्टर को संदर्भित करता है n&amp;gt;[नरेशन-एन ‘सिंगल राइट-एंगल्ड ब्रेकेट’]  फाइल डिस्क्रीप्टर एन से फाइल तक आउटपुट रिडाइरेक्ट करता है &lt;br /&gt;
|-		&lt;br /&gt;
|05:29:00&lt;br /&gt;
|आपको फाइल को लिखने का अधिकार होना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32:00&lt;br /&gt;
|यदि फाइल मौजूद नहीं है, तो बनाई जाती है , &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:35:00&lt;br /&gt;
|यदि यह मौजूद है तो बिना किसी सूचना के मौजूद विषय-वस्तुएँ सधारणतः लुप्त हो जाती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:40:00&lt;br /&gt;
|एन ‘डबल राइट-एंगल्ड ब्रेकेट’ भी फाइल के लिए फाइल डिस्क्रीप्टर एन से आउटपुट रिडाइरेक्ट करता है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:47:00&lt;br /&gt;
|फिर से आपको फाइल को लिखने का अधिकार होना चाहिए।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50:00&lt;br /&gt;
|यदि फाइल मौजूद नहीं है, यह बनाई जाती है, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:52:00&lt;br /&gt;
|यदि यह मौजूद है तो आउटपुट मौजूदा फाइल से संलग्न होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:59:00&lt;br /&gt;
|एन ‘सिंगल राइट-एंगल्ड ब्रेकेट या एन ‘डबल राइट-एंगल्ड ब्रेकेट में एन ,फाइल डिस्क्रीप्टर को संदर्भित करता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05:00&lt;br /&gt;
|यदि इसे हटा देते है तो स्टैंडर्ड आउटपुट , फाइल डिस्क्रीप्टर1 माना जाता है  ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:10:00&lt;br /&gt;
|इसलिए, &amp;gt;(राइट-एंगल्ड ब्रेकेट)  1&amp;gt; के समांतर है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15:00&lt;br /&gt;
|लेकिन एरर स्ट्रीम को रिडाइरेक्ट करने के लिए आपको 2&amp;gt;या 2&amp;gt;&amp;gt; का उपयोग करना पड़ेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:22:00&lt;br /&gt;
|अब इसे  व्यावहारिक रूप में देखते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:24:00&lt;br /&gt;
|पिछले उदाहरण में हमने देखा कि फाइल या स्टैंडर्डएन (stdin) में डब्ल्यूसी कमांड का परिणाम टर्मिनल विंडो पर प्रदर्शित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:31:00&lt;br /&gt;
|क्या होगा यदि हम इसे टर्मिनल पर प्रदर्शित नहीं करना चाहते? &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34:00&lt;br /&gt;
|हम इसे फाइल में स्टोर करना चाहते हैं। ताकि जानकारी बाद में इस्तेमाल की जा सके।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:38:00&lt;br /&gt;
|स्वतः से डब्ल्यूसी अपना आउटपुट स्टैंडर्ड आउट  (stdout) में लिखता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42:00&lt;br /&gt;
|स्वतः से स्टैंडर्ड आउट (stdout) टर्मिनल विंडो से जुड़ा होता है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:45:00&lt;br /&gt;
|इसलिए हम आउटपुट को टर्मिनल में देखते हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48:00&lt;br /&gt;
|लेकिन यदि हम स्टैंडर्ड आउट (stdout) को फाइल में रिडाइरेक्ट कर सके तो डब्ल्यूसी कमांड से आउटपुट को उस फाइल में लिखा जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:57:00&lt;br /&gt;
|मानिए कि हम डब्ल्यूसी स्पेस टेस्ट1 डोट टीएक्सटी राइट-एंगल्ड ब्रेकेट डब्ल्यूसी रिजल्ट डोट टीएक्सटी(&amp;quot;wc space test1 dot txt 'right-angled bracket' wc_results dot txt&amp;quot; ) लिखें ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:09:00&lt;br /&gt;
|और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:11:00&lt;br /&gt;
|अब देखें कि क्या यह वास्तव में हुआ, हम wc_results (डब्ल्यूसी_रिजल्ट) डोट टीएक्सटी की विषय-वस्तु को केट कमांड के माध्यम से प्रदर्शित कर सकते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:23:00&lt;br /&gt;
|हाँ यह हुआ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:24:00&lt;br /&gt;
|मानिए कि हमारे पास उसी डाइरेक्टरी में टेस्ट2 अन्य फाइल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:30:00&lt;br /&gt;
|अब हम फिर से टेस्ट2 फाइल के साथ कमांड निष्पादित करते हैं ।  हम डब्ल्यूसी स्पेस टेस्ट2 डोट टीएक्सटी राइट-एंगल्ड ब्रेकेट डब्ल्यूसी _रिजल्ट डोट टीएक्सटी(&amp;quot;wc space test2 dot txt 'right-angled bracket' wc_results dot txt&amp;quot;) टाइप करते  हैं &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44:00&lt;br /&gt;
|अतः डब्ल्यूसी रिजल्ट फाइल की विषय-वस्तु अधिलेखित हो जायेगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48:00&lt;br /&gt;
|चलो देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:56:00&lt;br /&gt;
|इसके बजाय यदि हम डब्ल्यूसी स्पेस टेस्ट1 डोट टीएक्सटी राइट-एंगल्ड ब्रेकेट twice डब्ल्यूसी_रिजल्ट डोट टीएक्सटी   (&amp;quot;wc space test1.txt 'right-angled bracket' twice wc_results.txt&amp;quot; ) चलायें &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:07:00&lt;br /&gt;
|तो नई विषय-वस्तु डब्ल्यूसी_रिजल्ट डोट टीएक्सटी (wc_results.txt) फाइल की पहले से उपस्थित विषय- वस्तु में अधिलेखित नहीं होगी, यह संलग्न हो जायेगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15:00&lt;br /&gt;
|चलिए इसे भी देखते है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26:00&lt;br /&gt;
|स्टैंडर्ड एरर रिडाइरेक्ट करना उसी तरह होता है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:29:00&lt;br /&gt;
|केवल फर्क यह है कि इस मामले में हमें &amp;gt;या &amp;gt;&amp;gt; चिन्ह के पहले  स्टैंडर्डएर्रर  (stderr) के फाइल डिस्क्रीप्टर की संख्या को उल्लेख करने की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38:00&lt;br /&gt;
|जैसे, हम जानते हैं कि  aaa नाम की कोई फाइल मौजूद नहीं है , अब लिखें &lt;br /&gt;
डब्ल्यूसी स्पेस aaa(“ wc space aaa&amp;quot; ) &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:46:00&lt;br /&gt;
|सेल एरर देगा “No such file or directory”(“ऐसी कोई फाइल या निर्देशिका नहीं है”)।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:50:00&lt;br /&gt;
|अब मानिए कि हम स्क्रीन पर एरर मेसेज नहीं चाहते। वो किसी अन्य फाइल में रिडाइरेक्ट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55:00&lt;br /&gt;
|इसके लिए हम डब्ल्यूसी स्पेस ए ए ए स्पेस 2 राइट-एंगल्ड ब्रेकेट एररलोग डोट टीएक्सटी(&amp;quot;wc space aaa space 2 'right-anged bracket' errorlog.txt&amp;quot;) कमांड दे सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06111:00&lt;br /&gt;
|अब एरर टर्मिनल पर नहीं दिखेगी, बल्कि यह फाइल एररलोग डोट टीएक्सटी(file errorlog.txt) में लिखी होगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:12:00&lt;br /&gt;
|हम यह केट स्पेस एररलोग डोट टीएक्सटी(&amp;quot;cat space errorlog dot txt&amp;quot;) कमांड से देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:22:00&lt;br /&gt;
|अब मानिए कि केट स्पेस bbb स्पेस2 राइट-एंगल्ड ब्रेकेट एररलोग डोट टीएक्सटी (&amp;quot;cat space bbb space 2 'right-angled bracket' errorlog.txt&amp;quot;)  यह कमांड रन करके मैं कोई अन्य एरर करती  हूँ &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:34:00&lt;br /&gt;
|तो कमांड चलाने से पिछली एरर अधिलेखित हो जायेगी और नई एरर दिखाई देगी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:39:00&lt;br /&gt;
|देखिए “केट स्पेस एररलोग डोट टीएक्सटी” (&amp;quot;cat space errorlog dot txt&amp;quot;)&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:46:00&lt;br /&gt;
|लेकिन क्या, यदि हम सभी एररों की सूची चाहते हैं? इसके लिए हम यह कमांड चलाएंगे&lt;br /&gt;
 डब्ल्यूसी स्पेस एएए स्पेस 2 राइट-एंगल्ड ब्रेकेट एररलोग डोट टीएक्सटी (&amp;quot;wc space aaa space 2 'right-angled bracket' twice errorlog.txt&amp;quot; ) &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:58:00&lt;br /&gt;
|हम इसे केट कमांड का उपयोग करके जाँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:06:00&lt;br /&gt;
|हमने देखा कि कैसे स्टैंडर्ड आउट , स्टैंडर्ड एन, स्टैंडर्ड एरर तीनों स्ट्रीम्स अलग से रिडाइरेक्ट और कुशलतापूर्वक प्रयोग होती हैं। लेकिन इस तथ्य की वास्तविक शक्ति का अनुमान तब लगा सकते हैं  जब हम स्ट्रीमों का साथ में कुशलतापूर्वक उपयोग करें, वो है भिन्न स्ट्रीमों को जोड़ना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20:00&lt;br /&gt;
|इस प्रक्रिया को  पाइपलाइनिंग कहते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:22:00&lt;br /&gt;
|पाइप्स का उपयोग कमांड की श्रृंखला बनाने के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:25:00&lt;br /&gt;
|पाइप श्रृंखला में एक कमांड के आउटपुट को दूसरी कमांड के इनपुट से जोड़ता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:30:00&lt;br /&gt;
|यह इस तरह दिखता है &lt;br /&gt;
command1 vertical bar command2 hyphen option vertical bar command3 hyphen option1 hyphen option2 vertical bar command4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
(कमांड 1 । कमांड 2 ऑप्शन 1 । कमांड 3 ऑप्शन 1 – ऑप्शन 2 । कमांड 4 )&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:46:00&lt;br /&gt;
|मानिए कि हम वर्तमान डाइरेक्टरी (निर्देशिका) में उपस्थित डाइरेक्टरिस(निर्देशिकाओं) और फाइलों की संपूर्ण संख्या जानना चाहते हैं।&lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|10:51:00&lt;br /&gt;
|हम क्या कर सकते हैं । हम जानते हैं कि एल एस स्पेस माइनस एल  (&amp;quot;ls space minus l&amp;quot;) वर्तमान डाइरेक्टरी की सभी फाइलों और डाइरेक्टरिस ( निर्देशिकाओं) की सूची बनाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:58:00&lt;br /&gt;
|हम एक फाइल “एल एस स्पेस माइनस एल  ‘राइट-एंगल्ड ब्रेकेट’ फाइल्स डोट टीएक्सटी” (&amp;quot;ls space minus l 'right-angled bracket' files.txt&amp;quot; ) के लिए आउटपुट रिडाइरेक्ट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:08:00&lt;br /&gt;
|“केट स्पेस फाइल्स डोट टीएक्सटी”( &amp;quot;cat space files dot txt&amp;quot; ) चलाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:14:00&lt;br /&gt;
|अब प्रत्येक लाइन फाइल और डाइरेक्टरी के नाम से है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:17:00&lt;br /&gt;
|इसलिए यदि हम इस फाइल में संपूर्ण लाइनों को मापते हैं, हम अपने उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए फाइल्स डोट टीएक्सटी(files.txt) का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:24:00&lt;br /&gt;
|इसको हम डब्ल्यूसी स्पेस माइनस एल फाइल्स डोट टीएक्सटी(&amp;quot;wc space minus l files dot txt&amp;quot; ) कमांड का उपयोग करके कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:32:00&lt;br /&gt;
|हालाँकि यह हमारे उद्देश्य को पूरा करता है पर वहाँ कुछ परेशानियाँ हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:35:00&lt;br /&gt;
|पहले हमें एक मध्यवर्ती फाइल, फाइल्स डोट टीएक्सटी चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:40:00&lt;br /&gt;
|यदि पहली कमांड अधिक डाटा प्रस्तुत करती है तो यह व्यर्थ में डिस्क मेमरी नष्ट कर या कम कर सकती है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:46:00&lt;br /&gt;
|यदि हम कई कमांडों की श्रृंखला बनाना भी चाहते हैं यह पद्धति धीमी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:50:00&lt;br /&gt;
|हम इसे पाइप्स का उपयोग करके काफी आसान कर सकते हैं हम “एल एस स्पेस माइनस एल  ‘वर्टीकल बार’ डब्ल्यूसी स्पेस माइनस एल  (&amp;quot;ls space minus l 'vertical bar' wc space minus l&amp;quot; ) लिखते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:01:00&lt;br /&gt;
|और हम अधिक सहूलियत के साथ वही परिणाम पा सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:06:00&lt;br /&gt;
|एल एस कमांड से आउटपुट डब्ल्यूसी कमांड के लिए इनपुट के रूप में जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:10:00&lt;br /&gt;
|हम पाइप्स का उपयोग करके कमांड की लम्बी श्रृंखलाएँ भी जोड़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:15:00&lt;br /&gt;
|पाइप्स का एक सामान्य उपयोग मल्टीपेज डिस्प्ले (प्रदर्शन) पढ़ने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:19:00&lt;br /&gt;
| “सीडी स्पेस/यूज़र /बिन (&amp;quot;cd space /usr/bin&amp;quot;) टाइप करें, &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:24:00&lt;br /&gt;
|अब हम बिन डाइरेक्टरी में हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:28:00&lt;br /&gt;
|अब एल एस - एल  चलाएँ, &lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|12:31:00&lt;br /&gt;
|हम आउटपुट को सही से नहीं देख सकते। लेकिन यदि हम इसे अधिकता के लिए पाइप से जोडें, हम कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:37:00&lt;br /&gt;
|सूची के माध्यम से स्क्रोल करने के लिए एंटर दबायें । &lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|12:41:00&lt;br /&gt;
|इससे बाहर आने के लिए क्यू दबायें।&lt;br /&gt;
|-	&lt;br /&gt;
|12:45:00&lt;br /&gt;
|यह  कुछ कमांड थे जो हमें फाइल में काम करने के लिए मदद करती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:48:00	&lt;br /&gt;
| कई अधिक कमांड हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:50:00	&lt;br /&gt;
|हमने देखा के इसके अलावा प्रत्येक कमांड जिसके कई अन्य पर्याय(ऑप्शन) है  । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:54:00&lt;br /&gt;
|मैन कमांड का उपयोग करके उनके बारे में ज्यादा जानने के लिए मैं आपको प्रोत्साहित करती  हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:58:00	&lt;br /&gt;
|कमांड्स को सीखने का सही तरीका है उनका बार-बार उपयोग करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:04:00	&lt;br /&gt;
|यह मुझे इस ट्यूटोरियल की समाप्ति की ओर लाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:07:00	&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे राष्ट्रीय शिक्षा मिशन ने आईसीटी के माध्यम से समर्थित किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:15:00	&lt;br /&gt;
|इस पर अधिक जानकारी हमारी निम्नलिखित वेबसाइट पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:19:00&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/File-Attributes/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/File-Attributes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/File-Attributes/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:14:15Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- | 0:00 |लिनक्स फ़ाइल अट्रिब्यूट के इस ट्यूटोरियल में आपका स…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
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!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स फ़ाइल अट्रिब्यूट के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल के लिए आप को पहले से ही example1, example2, example3, example4, example5 और testchown के रूप में नामित खाली फाइलों को बनाना होगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:18&lt;br /&gt;
|कृपया test_chown नाम की खाली डाइरेक्टरीस और डाइरेक्टरी 1 को भी बनाएँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:25&lt;br /&gt;
|फ़ाइल अट्रिब्यूट एक metadata (मेटाडेटा) है जो वर्णन करता है या एक कंप्यूटर फाइल के साथ जुड़ा हुआ है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:24&lt;br /&gt;
|फ़ाइल अट्रिब्यूट फ़ाइल के मालिक, फ़ाइल के प्रकार, उपयोग अनुमतियाँ, आदि विशेषताओं का वर्णन करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:45&lt;br /&gt;
|chown कमांड का इस्तेमाल फ़ाइल या डारेक्टरी के मालिक को बदलने के लिए करते हैं। यह एक एडमिन कमांड है जिससे केवल रूट यूजर फाइल या डाइरेक्टरी के मालिक को बदल सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:00&lt;br /&gt;
|Chown कमांड का रचनाक्रम (सिन्टैक्स) इस प्रकार है- स्पेस ऑप्शन स्पेस ओनरनेम स्पेस फाइलनेम या डाइरेक्टरीनेम (space options space ownername space filename or directoryname)।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:13&lt;br /&gt;
|हम chown कमांड के साथ निम्न विकल्प दे सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:18&lt;br /&gt;
|R : जो डाइरेक्टरी की सब-डाइरेक्टरीज़ हैं उनकी फ़ाइलों की अनुमति को बदलने के लिए जहाँ आप फिलहाल हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:28&lt;br /&gt;
|c : प्रत्येक फ़ाइल की अनुमति को बदलने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:33&lt;br /&gt;
|f : ch own को एरर मेसेज प्रदर्शित करने से रोकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:37&lt;br /&gt;
|अब हम chown के कुछ उदाहरण देखेंगे।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:40&lt;br /&gt;
|अतः टर्मिनल पर जाएँ। अब हम उस डाइरेक्टरी में जायेंगे जहाँ हमने खाली फाइलें और फोल्डर बनाये थे। उसके लिए cd space Desktop slash file attribute टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:56&lt;br /&gt;
|अब कमांड $ ls space -l spacetestchown that is t-e-s-t-c-h-o-w-n टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:11&lt;br /&gt;
|यहाँ हम फाइल के मालिक(ओनर) को देख सकते हैं शाहिद 'testchown' का मालिक(ओनर) है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:18&lt;br /&gt;
|फ़ाइल के मालिक(ओनर) को बदलने के लिए$ sudo space c-h own space that is a-n-u-s-h-a anusha space testchown that is t-e-s-t-c-h-o-w-n कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:36&lt;br /&gt;
|sudo पासवर्ड को एंटर करें और फिर से एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:44&lt;br /&gt;
|अब $ ls space -l space t-e-s-t-c-h-o-w-n  टाइप करें और एंटर दबायें । यहाँ आप देख सकते हैं कि फाइल की नई मालिक(ओनर) अनुषा है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:03&lt;br /&gt;
|अब हम देखेंगे कि डाइरेक्टरी के मालिक(ओनर) को कैसे बदलते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:07&lt;br /&gt;
|$ ls –l कमांड टाइप करें और एंटर दबायें। यहाँ हम देख सकते हैं कि शाहिद 'test_chown' डाइरेक्टरी का मालिक(ओनर) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:21&lt;br /&gt;
|डाइरेक्टरी के मालिक(ओनर) को बदलने के लिए इस कमांड को टाइप करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:26&lt;br /&gt;
|$ sudo space chown space minus capital R space a-n-u-s-h-a anusha spacetest_chown जो डाइरेक्टरी का नाम है और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:44&lt;br /&gt;
|यदि जरूरत हो तो sudo पासवर्ड को एंटर करें और फिर से एंटर दबायें।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:49&lt;br /&gt;
|हमारी सहूलियत के लिए मैं CTRL+L प्रेस करके स्क्रीन को साफ करती हूँ। अब $ ls space –l टाइप करें और एंटर दबायें। यहाँ हम देख सकते हैं कि अनुषा डाइरेक्टरी की नई ओनर है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:06&lt;br /&gt;
|chmod कमांड का प्रयोग एक से अधिक फ़ाइलों का उपयोग यानि एक्सेस मोड या अनुमति को बदलने के लिए करते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:13&lt;br /&gt;
|chmod कमांड का रचनाक्रम(सीनटैक्स) इस प्रकार है- chmod space [options] space mode space filename space chmod space [options] space filename. हम chmod कमांड के साथ निम्न विकल्प दे सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:29&lt;br /&gt;
|c:बदली हुई फ़ाइल्स की जानकारी को प्रिंट करने के लिए।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:34&lt;br /&gt;
|f:chmod जिन फ़ाइल्स को नहीं बदल सकता उनकी सूचना यूजर को न देने के लिए।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:41&lt;br /&gt;
|निम्न प्रकार के ऐस्सेस या अनुमतियां हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:44&lt;br /&gt;
|r : Read अर्थात पढ़ना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
w : Write अर्थात लिखना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
x : Execute अर्थात  निष्पादित करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
s : user या ग्रुप की ID को सेट करना। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:54&lt;br /&gt;
|वैकल्पिक रूप से, हम तीन अंकों की अष्टाधारी संख्या अर्थात three-digit octal number से अनुमतियाँ निर्दिष्ट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:00&lt;br /&gt;
|पहला अंक मालिक की अनुमति के लिए है, दूसरा अंक समूह की अनुमति के लिए है और तीसरा अंक दूसरों की अनुमति के लिए है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:09&lt;br /&gt;
| अनुमतियों की गणना निम्नलिखित अष्टाधारी मूल्यों को जोड़कर की जाती है- &lt;br /&gt;
4 :  Read (पढ़ना) &lt;br /&gt;
2 :  Write(लिखना)  &lt;br /&gt;
1 :  Execute(निष्पादित करना) &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:20&lt;br /&gt;
|अब हम chmod के कुछ उदाहरण देखेंगे- टर्मिनल पर जाएँ और execute-by-user अनुमति को file example1 में जोड़ने के लिए कमांड एंटर करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:30&lt;br /&gt;
|उससे पहले मैं CTRL+L से स्क्रीन को क्लिअर करती हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:36&lt;br /&gt;
|अब $ chmod space u+x space example1 टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:49&lt;br /&gt;
|अब  $ ls space -l space example1 टाइप करें और बदलाव को देखने के लिए एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:01&lt;br /&gt;
|ओनर (मालिक) द्वारा read/write/execute अनुमति,ग्रुप द्वारा read/execute अनुमति और दूसरों द्वारा execute-only अनुमति को file example1 को निर्दिष्ट करने के लिए।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:15&lt;br /&gt;
|अब $ chmod space 751 space example1 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:26&lt;br /&gt;
|अब $ ls space -l space example1टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:35&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि ऊपर दिए कमांड से ओनर द्वारा read/write/execute की अनुमति, ग्रुप द्वारा read/write की अनुमति और दूसरों द्वारा execute-only की अनुमति को file example1 में निर्दिष्ट किया गया है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:52&lt;br /&gt;
|file example1 को सभी के लिए read-only अनुमति निर्दिष्ट करने के लिए इस कमांड $ chmod space =r space example1 को टाइप करें  और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:08&lt;br /&gt;
|अब  $ ls space -l space example1 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:19&lt;br /&gt;
|यहाँ हम देख सकते हैं कि सभी यूज़र्स के लिए file example1 को read-only अनुमति निर्दिष्ट की गयी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:30&lt;br /&gt;
|अनुमति को बारी-बारी से बदलने और सभी यूजर्स के लिए read-and-execute एक्सेस को निर्दिष्ट करने के लिए और डाइरेक्टरी 1 डाइरेक्टरी के ओनर को write-access देने के लिए कमांड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:44&lt;br /&gt;
|$ chmod space minus capital R space 755 space directory1 एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:00&lt;br /&gt;
|अब $ ls space –l टाइप करें और बदलाव देखने के लिए एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:09&lt;br /&gt;
|यूज़र को file example2 में execute अनुमति देने के लिए $ chmod space u+x space example2 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:27&lt;br /&gt;
|अब $ ls space -l space example2 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:40&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि यूजर को file example2 में execute अनुमति निर्दिष्ट की गयी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:50&lt;br /&gt;
|file example3 को ग्रुप के लिए write अनुमति जोड़ने के लिए इस कमांड $ chmod space g+w space example3 को टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:10&lt;br /&gt;
|और अब $ ls space -l space example3 टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:23&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि ग्रुप में write अनुमति जोड़ी गयी है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:30&lt;br /&gt;
|सभी यूज़र्स के लिए write अनुमति हटाने के लिए $ chmod space a-w space example3 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:45&lt;br /&gt;
|अब $ ls space -l space example3 टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:55&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि write अनुमति को सभी यूजर्स के लिए हटाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:02&lt;br /&gt;
|chgrp कमांड का उपयोग एक से अधिक फाइल्स के ग्रुप को नए ग्रुप में बदलने के लिए करते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10&lt;br /&gt;
|newgroup या तो एक ग्रुप ID नम्बर है या फिर /etc/group में स्थित एक ग्रुप का नाम है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:20&lt;br /&gt;
|केवल फाइल का ओनर या एक privileged user (विशेषाधिकारी उपयोगकर्ता) ही ग्रुप को बदल सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:26&lt;br /&gt;
|chgrp कमांड का रचनाक्रम (सिन्टैक्स) इस प्रकार है- chgrp space [options] space newgroup space files space chgrp space [options]।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|अब हम टर्मिनल पर चलते हैं और chgrp कमांड के कुछ उदाहरण देखते हैं।  $ ls space -l space example4 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:57&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि ग्रुप अनुमति यूज़र शाहिद के लिए है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:03&lt;br /&gt;
|ग्रुप अनुमति को बदलने के लिए कमांड $ sudo space chgrp space rohit space example4 टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:20&lt;br /&gt;
|एंटर दबायें। यदि आवश्कता हो तो sudo पासवर्ड को एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:27&lt;br /&gt;
|अब $ ls space -l space example4 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:38&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि ग्रुप shahid से बदलकर rohit बन गया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:46&lt;br /&gt;
|आइनोड संख्या एक अद्वितीय पूर्णांक(unique integer) है जो डिवाइस (device) को सौंपा जाता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:51&lt;br /&gt;
|आइनोड एक नियमित फाइल या डाइरेक्टरी के बारे में मूल जानकारी स्टोर करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:57&lt;br /&gt;
|सभी फ़ाइल्स आइनोड के लिए हार्ड लिंक्स हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:00&lt;br /&gt;
|जब भी कोई प्रोग्राम,नाम से एक फाइल संदर्भित करता है, तब सिस्टम, अनुरूपी आइनोड को उस फाइल के नाम से खोजता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:12&lt;br /&gt;
|हम फाइल के आइनोड नम्बर देखने के लिए ls space -i कमांड का उपयोग कर सकते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:19&lt;br /&gt;
|$ ls space -i space example5 कमांड टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:29&lt;br /&gt;
|फ़ाइल के पहले लिखी संख्या फ़ाइल का आइनोड नंबर है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:35&lt;br /&gt;
|आइनोड निश्चित रूप से एक समय पर केवल एक ही एंट्री से जुड़े रहते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:41&lt;br /&gt;
|हार्ड लिंक्स एक अकेले आइनोड से एकाधिक डाइरेक्टरी एन्ट्रीज़ से जुड़ सकते हैं। लिंक बनाने के लिए ln कमांड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:52&lt;br /&gt;
|हार्ड लिंक बनाने के लिए ln कमांड का रचनाक्रम (सिन्टैक्स) इस प्रकार है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:57&lt;br /&gt;
|ln space source space link जहाँ सोर्स (source) एक मौजूदा फाइल है और लिंक वो फाइल है जो बनानी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:06&lt;br /&gt;
|अब हम हार्ड लिंक्स के कुछ उदाहरण देखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:10&lt;br /&gt;
|मैं फिर से स्क्रीन साफ करती हूँ। अब $ ln space example1 space exampleln कमांड टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:25&lt;br /&gt;
|अब दोनों फाइल्स के आइनोड नंबर का प्रदर्शन करने के लिए $ ls space -i space example1 space exampleln कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:41&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि दोनों फाइल्स के आइनोड नंबर समान हैं, file example1 का हार्ड लिंक file exampleln है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:54&lt;br /&gt;
|सोफ्ट लिंक एक विशेष प्रकार की फाइल है जिसमें दूसरे फाइल या डाइरेक्टरी का रेफरेंस अर्थात संदर्भ है जो पूर्ण या रिलेटिव अर्थात संबंधित पाथ के रूप में है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:07&lt;br /&gt;
|सोफ्ट लिंक बनाने के लिए ln कमांड का रचनाक्रम (सिन्टैक्स) इस प्रकार है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:12&lt;br /&gt;
|ln space -s space {target-filename} space {symbolic-filename}&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:19&lt;br /&gt;
|अब हम सोफ्ट लिंक्स के कुछ उदाहरण देखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:25&lt;br /&gt;
|सोफ्ट लिंक को बनाने के लिए $ ln space -s space example1 space examplesoft कमांड टाइप करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:40&lt;br /&gt;
|एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|14:43&lt;br /&gt;
|अब दोनों फाइल्स के आइनोड नंबर और सूची का प्रदर्शन करने के लिए $ ls space -li space example1 space examplesoft कमांड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:01&lt;br /&gt;
|एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:03&lt;br /&gt;
|अब हम देख सकते हैं कि दोनों फाइल्स के आइनोड नंबर अलग हैं, example1 का सोफ्ट लिंक examplesoft है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:16&lt;br /&gt;
|अतः इस ट्यूटोरियल में हमने लिनक्स फ़ाइल अट्रिब्युट्स के बारे में सीखा जैसे फाइल की अनुमति, ओनरशीप और ग्रुप को बदलना।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:26&lt;br /&gt;
|हमने फाइल के आइनोड , सोफ्ट और हार्ड लिंक्स के बारे में भी सीखा।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:31&lt;br /&gt;
|इसी के साथ मैं इस ट्यूटोरियल को समाप्त करती हूँ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:35&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे राष्ट्रीय साक्षरता मिशन ने ICT के माध्यम से समर्थित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:44&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|15:50&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/File-System/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/File-System/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/File-System/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:13:26Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- | 0:00 |लिनक्स फाइल सिस्टम्स के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आप…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स फाइल सिस्टम्स के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:04&lt;br /&gt;
|मैं उबंटू 10.04 का इस्तेमाल कर रही हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:07&lt;br /&gt;
|हम यह मान रहे हैं कि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ शुरुआत कैसे करना है ये आपको पता है तथा कमांड्स के बारे में थोड़ी जानकारी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:13&lt;br /&gt;
|यदि इसके बारे में आपको जानना है तो यह दूसरे ट्यूटोरियल में मौजूद है जो http://spoken-tutorial.org. पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:25&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि लिनक्स केस सेंसिटिव है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:28&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में इस्तेमाल की गई सभी कमांड्स लोवर केस में हैं तथा जो नहीं हैं उन्हें बताया गया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:36&lt;br /&gt;
|लिनक्स में लगभग सबकुछ एक फाइल है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:39&lt;br /&gt;
|तो फाइल क्या है? वास्तव में हम जानते हैं कि फाइल वो होती है जिसमें हम डाक्यूमेंट्स और पेपर्स जमा करके रखते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:47&lt;br /&gt;
|उसी तरह लिनक्स में फाइल भी जानकारी संग्रहित करने के लिए एक जगह होती है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:53&lt;br /&gt;
|अब डायरेक्टरी क्या है ? &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 0:56&lt;br /&gt;
|डायरेक्टरी को बहुत सारी फाइल्स और सब डायरेक्टरीज़ का संग्रह माना जा सकता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:02&lt;br /&gt;
|डायरेक्टरी हमें फाइल्स को व्यवस्थित रूप में संगठित करने के लिए मदद करती है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:08&lt;br /&gt;
|ये वही है जिन्हें हम विन्डोज़ में फोल्डर कहते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:12&lt;br /&gt;
|लिनक्स में अलग-अलग यूज़र्स अपनी डायरेक्टरीज़ के साथ फाइल्स रख सकते हैं जिन्हें दूसरे व्यक्ति रूपांतरित नहीं कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:20&lt;br /&gt;
|वैसे भी यदि डायरेक्टरीज़ न होती तो सिस्टम की सारी फाइल्स को अलग अनोखे नाम देने पड़ते जिन्हें बनाए रखना बहुत ही कठिन होता।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:31&lt;br /&gt;
|हालाँकि फाइल्स और डायरेक्टरी के लिए ये परिभाषा उनके बारे में जानकारी देने के लिए ठीक है लेकिन ये इनके लिए पूरी तरह से सही नहीं है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:42&lt;br /&gt;
|फाइल का एक नाम होता है, उसके कंटेंट्स के साथ-साथ कुछ प्रशासनिक जानकारी यानि एडमिनिस्ट्रेटीव इन्फोर्मेशन जोकि उस फाइल की रचना या रूपांतरण दिनांक और उसके पहुँच की अनुमति के बारे में भी जानकारी रहती है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1:55&lt;br /&gt;
|ये जानकारी फाइल की आइनोड में संरक्षित रहती है जो कि फाइल सिस्टम में एक विशेष डेटा का खंड है और जो फाइल की लम्बाई और स्थान भी संरक्षित रखता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:08&lt;br /&gt;
|सिस्टम फाइल की आइनोड नम्बर को इस्तेमाल करता है। हमारी सुविधा के लिए ये डायरेक्टरी आकर फाइल को नाम देती है, क्योंकि हमें नम्बर से ज्यादा नाम याद रखने में आसानी होती है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:23&lt;br /&gt;
|डायरेक्टरी की अतिसरल परिभाषा का विरोध करते हुए ये कहा जा सकता है कि एक डायरेक्टरी वास्तव में दूसरे फाइल्स को संग्रह नहीं करती, बल्कि वह खुद एक फाइल है जो कि दूसरे फाइल्स की आइनोड नम्बर और नाम को जमा रखता है।    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:37&lt;br /&gt;
|वास्तव में लिनक्स में तीन तरह की फाइल्स होती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:41&lt;br /&gt;
|1रेगुलर या ऑर्डिनरी फाइल्स – इसमें अक्षरों की धारा के रूप में डेटा मौजूद रहता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:48&lt;br /&gt;
|2 डायरेक्टरीज़- जो कि हमने पिछली स्लाइड में देखा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:52&lt;br /&gt;
|3 डिवाइस फाइल्स – सभी हार्डवेयर उपकरणों और पेरिफेरल्स को लिनक्स में फाइल्स के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2:59&lt;br /&gt;
|लिनक्स में सभी उपकरण जैसे कि सीडी , हार्डडिस्क यहाँ तक कि एक USB स्टिक सबकुछ एक फाइल है। लेकिन ऐसा क्यों है ? ये इन उपकरणों को साधारण फाइल के जैसे पढ़ने और लिखने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:15&lt;br /&gt;
|लिनक्स में सभी फाइल्स संबन्धित हैं, संक्षिप्त में वे भी हमारी तरह ही एक परिवार के रूप में होती हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:22&lt;br /&gt;
|डायरेक्टरी में संग्रहित सभी फाइल्स और सब- डायरेक्टरीज़ में अभिभावक बच्चों जैसे रिश्ता होगा । यही लिनक्स में फाइल सिस्टम ट्री को जन्म देता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:34&lt;br /&gt;
|सबसे ऊपर रूट है जिसे फ्रंट स्लैश द्वारा बताया जाता है। इसमें अन्य सभी फाइल्स और डायरेक्टरीज़ शामिल हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:42&lt;br /&gt;
|यदि हमें सही पाथ की जानकारी है तो ये हमें एक फाइल या डायरेक्टरी से दूसरे में जाने की सहायता करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:51&lt;br /&gt;
|जैसे कि हम लिनक्स फाइल सिस्टम में काम कर रहे हैं हमें ऐसा लग रहा है जैसे कि हम इस ट्री के साथ आगे बढ़ रहे हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3:56&lt;br /&gt;
|एक कमांड और आप एक जगह से दूसरे में टेलीपोर्ट हो जाएँगे । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:01&lt;br /&gt;
|दिलचस्प है ना ! सही में ऐसा ही है, जैसे कि हम अब देखेंगे ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:05&lt;br /&gt;
|जब हम लिनक्स फाइल सिस्टम में लॉगिन करते हैं डिफॉल्ट रूप से एक होम डाइरेक्टरी में होते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:11&lt;br /&gt;
|अब टर्मिनल पर चलते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:13&lt;br /&gt;
|उबंटू में ctrl+alt+t टर्मिनल को शुरू करने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:17&lt;br /&gt;
|हो सकता है यह कमांड सभी यूनिक्स सिस्टम में न चले, टर्मिनल को ओपन करने के लिए सामान्य प्रक्रिया पहले ही एक दूसरे ट्यूटोरियल में समझाई गई है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:27&lt;br /&gt;
|होम डाइरेक्टरी को देखने के लिए कमांड प्रोम्प्ट पर &amp;quot;echo space dollar H-O-M-E in capital&amp;quot;  टाइप करें और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:40&lt;br /&gt;
|यह हमारे होम डाइरेक्टरी का पाथनेम देता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:44&lt;br /&gt;
|हम एक डाइरेक्टरी से दूसरी में जा सकते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:47&lt;br /&gt;
|लेकिन किसी एक समय में हम किसी एक ही डाइरेक्टरी में रह सकते हैं और उस डाइरेक्टरी को करन्ट डाइरेक्टरी या वर्किंग डाइरेक्टरी कहते हैं। अब स्लाइड्स पर वापस चलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4:56&lt;br /&gt;
|pwd कमांड हमें करन्ट डाइरेक्टरी को देखने में मदद करता है। Pwd मतलब प्रेसेंट वर्किंग डाइरेक्टरी।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:03&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोम्प्ट पर &amp;quot;pwd&amp;quot;  टाइप करें और एंटर दबायें। अब यह हमारी प्रेसेंट वर्किंग डाइरेक्टरी है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:13&lt;br /&gt;
|हमने कहा था कि हम एक डाइरेक्टरी से दूसरे में जा सकते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:17&lt;br /&gt;
|लेकिन कैसे? इसके लिए हमारे पास cd कमांड है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:22&lt;br /&gt;
|जिस डाइरेक्टरी में आप जाना चाहते हैं उसका पाथनेम टाइप करने के बाद cd कमांड टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:28&lt;br /&gt;
|चलिए कमांड प्रोंप्ट पर pwd टाइप करके हम अपनी करंट डाइरेक्टरी को देखते हैं। और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:37&lt;br /&gt;
|तो अब हम इस डाइरेक्टरी में है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:41&lt;br /&gt;
|अब मान लीजिए की हमें /usr डाइरेक्टरी में जाना है। &amp;quot;cd space slash usr&amp;quot; टाइप करें, याद रखें लिनक्स में स्लैश का मतलब है फ्रंट स्लैश और एंटर प्रेस करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5:56&lt;br /&gt;
|चलिए अब हम अपनी करंट डाइरेक्टरी को देखते हैं।  pwd टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:03&lt;br /&gt;
|हाँ हम /usr डाइरेक्टरी में चले गए हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:08&lt;br /&gt;
|यहाँ मुश्किल यह है कि पाथनेम्स बहुत लंबे हो सकते हैं, क्योंकि ये ऐब्सल्यूट पाथनेम हैं जो कि मूल डाइरेक्टरी से शुरू करके पुरे पाथ की सूचना देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:18&lt;br /&gt;
|इसके बदले में हम रिलेटिव पाथनेम्स का इस्तेमाल कर सकते हैं जो करंट डाइरेक्टरी से शुरू होते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:23&lt;br /&gt;
|यहाँ हमें दो विशेष कैरेक्टर्स को जानने की आवश्यकता है। (.) डॉट जो करंट डाइरेक्टरी को दर्शाता है और (..) डॉट डॉट जो करंट डाइरेक्टरी की पेरन्ट डाइरेक्टरी को दर्शाता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:36&lt;br /&gt;
|चलिए अब हम cd कमांड पर एक संक्षिप्त चर्चा करते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:40&lt;br /&gt;
|किसी भी तर्क के बिना होम डाइरेक्टरी में जाने के लिए कमांड cd का इस्तेमाल करते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:46&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोम्प्ट पर cd टाइप करें और एंटर दबायें ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:51&lt;br /&gt;
|pwd कमांड से हमारी करंट डाइरेक्टरी को देखते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6:55&lt;br /&gt;
|तो अब हम वापस अपनी होम डाइरेक्टरी /home/gnuhata [ narration- slash home slash gnuhata ] में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:01&lt;br /&gt;
|चलिए अब हम म्यूजिक डाइरेक्टरी में चलते हैं । कमांड प्रोम्प्ट पर &amp;quot;cd space Music(M in capital) slash&amp;quot; टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:13&lt;br /&gt;
|अब pwd कमांड से करंट डाइरेक्टरी को चेक करते हैं।  pwd टाइप करें और एंटर दबायें। हम  moved /home/gnuhata/Music आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:26&lt;br /&gt;
|अब म्यूजिक से पेरेंट डाइरेक्टरी में चलते हैं । उसके लिए आपको cd कमांड के साथ डॉट डॉट का प्रयोग करना होगा ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:33&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोम्प्ट पर cd space dot dot टाइप करें  और एंटर करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:40&lt;br /&gt;
|अब pwd टाइप करके करंट डाइरेक्टरी को चेक करें। हम फिर से /home/gnuhata में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:51&lt;br /&gt;
|अब डॉट का प्रयोग करके करंट डाइरेक्टरी की सब डाइरेक्टरी यानि उप डाइरेक्टरी में जाने की कोशिश करते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7:58&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोम्प्ट पर cd space dot slash Documents(D in capital) slash टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:09&lt;br /&gt;
|pwd टाइप करके करंट डाइरेक्टरी को चेक करें। हम /home/gnuhata/Documents में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:19&lt;br /&gt;
|मैं ctrl+ l प्रेस करके स्क्रीन को क्लियर करती हूँ ताकि आप अच्छे से देख सकें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:23&lt;br /&gt;
|Cd कमांड से होम डाइरेक्टरी में वापस आएँ। cd टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:32&lt;br /&gt;
|फिर से pwd कमांड से करंट डाइरेक्टरी को चेक करें । हम /home/gnuhata में वापस आए हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:41&lt;br /&gt;
|हम एक रिलेटिव पाथ में कई डॉट डॉट को जोड़ सकते हैं जो / द्वारा अलग किए होते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8:47&lt;br /&gt;
|इस स्लाइड में हम फाइल सिस्टम की हायरार्की यानि अनुक्रम को देख सकते हैं। रूट डाइरेक्टरी या / सबसे ऊपर है । रूट के नीचे दो सब डाइरेक्टरीज़ हैं - होम तथा बिन (bin) । यूज़रनेम यहाँ gnuhata नामक डाइरेक्टरी,होम के भीतर की एक सब डाइरेक्टरी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:05&lt;br /&gt;
|तो हम अब /home/gnuhata में हैं । हम bin डाइरेक्टरी में कैसे जाएँ ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:12&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोम्प्ट पर &amp;quot;cd space dot dot slash dot dot slash bin&amp;quot;  टाइप करें  और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:23&lt;br /&gt;
|pwd कमांड से करंट डाइरेक्टरी को चेक करें । हम /bin पर हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:30&lt;br /&gt;
|पहला डॉट डॉट हमें /home/gnuhata से /home में ले जाता है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:37&lt;br /&gt;
|अगला हमें /home से स्लैश या रूट में ले जाता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:43&lt;br /&gt;
|अब स्लैश या रूट से हम /bin directory में आए हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:48&lt;br /&gt;
|अब कमांड cd से होम डाइरेक्टरी में वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:52&lt;br /&gt;
|एक डाइरेक्टरी बनाने के लिए हम mkdir कमांड का प्रयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9:56&lt;br /&gt;
|आपको कमांड तथा डाइरेक्टरी का नाम जो बनानी है उसे टाइप करना है और करंट  डाइरेक्टरी में एक डाइरेक्टरी बनाई जाएगी ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:04&lt;br /&gt;
|testdir नामक डाइरेक्टरी बनाने के लिए कमांड प्रोम्प्ट पर &amp;quot;mkdir space testdir&amp;quot; यह कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
|यह कुशलतापूर्वक testdir डाइरेक्टरी बनाएगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:19&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि डाइरेक्टरी सफलतापूर्वक बनी है या हटी है इसकी कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:25&lt;br /&gt;
|यदि आपको कोई एरर मेसेज नहीं मिलता तो इसका मतलब है कि ठीक से निष्पादन हुआ है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:30&lt;br /&gt;
|ट्री में कहीं भी डाइरेक्टरी बनाने के लिए हम रिलेटिव या ऐब्सल्यूट पाथनेम का इस्तेमाल कर सकते हैं अगर आपको ये करने की अनुमति हो तथा उसी नाम की डाइरेक्टरी पहले से मौजूद नहीं हो तो ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:43&lt;br /&gt;
|यह प्रक्रिया एकाधिक डाइरेक्टरी या डाइरेक्टरीज़ का अनुक्रम बनाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:49&lt;br /&gt;
|&amp;quot;mkdir space test1 space test2 टाइप करें और एंटर दबायें। यह वर्तमान डाइरेक्टरी में test1 तथा test2  नाम की दो डाइरेक्टरी बनाएगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:06&lt;br /&gt;
|&amp;quot;mkdir space testtree space testtree slash test3&amp;quot; टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:20&lt;br /&gt;
|यह testtree डाइरेक्टरी बनाएगा और डाइरेक्टरी test3 जो कि testtree में एक सब डाइरेक्टरी है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:28&lt;br /&gt;
|तो हमने testdir ,test1,test2, testtree  नामक चार डाइरेक्टरी करंट डाइरेक्टरी में बनाई हैं। जिसमें से पहली तीन खाली हैं तथा आखिरी में एक test3 नामक सब डाइरेक्टरी है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:47&lt;br /&gt;
|Mkdir की तरह rmdir एक और कमांड है जो डाइरेक्टरी या डाइरेक्टरीज़ को हटाने के लिए प्रयोग की जाती है । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:56&lt;br /&gt;
|&amp;quot;rmdir space test1&amp;quot; कमांड टाइप करें यह test1 डाइरेक्टरी को हटा देगा । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:09&lt;br /&gt;
|आप एक डाइरेक्टरी को हटा सकते हो यदि आप उसके ओनर हों तो । यदि आपकी करंट डाइरेक्टरी उस डाइरेक्टरी से ऊपर हो जिसे आप हटाना चाहते हैं। या डाइरेक्टरी खाली हो तो । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:23&lt;br /&gt;
|अब कमांड प्रोम्प्ट पर&amp;quot;cd space testtree slash test3&amp;quot; टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:35&lt;br /&gt;
|अतः हम अभी test3 डाइरेक्टरी में है । जो कि testtree में एक सब-डाइरेक्टरी है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:42&lt;br /&gt;
|चलिए हम &amp;quot;rmdir space testdir&amp;quot; कमांड टाइप करके testdir डाइरेक्टरी को हटाने की कोशिश करते हैं । एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:55&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि हम ये नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि जिस डाइरेक्टरी को हम हटाना चाहते हैं वो पदानुक्रम से करंट डाइरेक्टरी के ऊपर नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:02&lt;br /&gt;
|तो हमें उस डाइरेक्टरी पर जाना है जो पदानुक्रम से testdir डाइरेक्टरी के ऊपर है ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:08&lt;br /&gt;
|&amp;quot;cd space dot dot&amp;quot; टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:14&lt;br /&gt;
|अब &amp;quot;cd space dot dot&amp;quot; यह कमांड टाइप करके पेरेंट डाइरेक्टरी पर वापस जाएँ । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:20&lt;br /&gt;
|अब फिर से पिछली कमांड की कोशिश करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:24&lt;br /&gt;
|&amp;quot;rmdir space testdir&amp;quot; टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:30&lt;br /&gt;
|testdir डाइरेक्टरी डिलीट हो गई है। ध्यान दें कि testdir डाइरेक्टरी खाली भी थी । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:38&lt;br /&gt;
|एकाधिक डाइरेक्टरीज़ या डाइरेक्टरीज़ के अनुक्रम को एक ही बार में हटाया जा सकता है । अतः testtree डाइरेक्टरी को उसकी सब-डाइरेक्टरी test3 के साथ डिलीट करने की कोशिश करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:48&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोंप्ट पर &amp;quot;rmdir space testtree space testtree slash test3 &amp;quot; टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:02&lt;br /&gt;
|देखिए ये एक एरर मेसेज दे रहा है वह testtree डाइरेक्टरी को हटा नहीं सकते क्योंकि यह खाली नहीं है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:11&lt;br /&gt;
|लेकिन आप एक चीज़ जो भूल रहे हैं कि testtree/test3 डिलीट हुई है क्योंकि वह खाली थी । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:19&lt;br /&gt;
|उसे चेक करने के लिए कमांड प्रोम्प्ट पर &amp;quot;cd space testtree&amp;quot;  टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:27&lt;br /&gt;
|अब &amp;quot;ls&amp;quot; टाइप करें और एंटर दबायें। देखिए कि अब डाइरेक्टरी में कुछ नहीं है , तो test3 डिलीट हुई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:36&lt;br /&gt;
|तो इस ट्यूटोरियल में हमने लिनक्स फाइल्स और डाइरेक्टरीज़ के बारे में जाना और लिनक्स डाइरेक्टरीज़ में कैसे काम किया जाता है ये भी जाना, उनको देखना, उनके बीच चलना, उनको बनाना और हटाना ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14:49&lt;br /&gt;
|अब हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ चुके हैं। स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे राष्ट्रीय साक्षरता मिशन ने ICT के माध्यम से समर्थित किया है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:03&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15:08&lt;br /&gt;
|आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना आप से विदा लेती हूँ । इस ट्यूटोरियल में शामिल होने के लिए धन्यवाद ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/General-Purpose-Utilities-in-Linux/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/General-Purpose-Utilities-in-Linux/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/General-Purpose-Utilities-in-Linux/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:12:29Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |लिनक्स में जनरल परपज़ यूटीलीटीज़ के इस स्पोकन ट्यूट…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|लिनक्स में जनरल परपज़ यूटीलीटीज़ के इस स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम अपने आप को कुछ बुनियादी लेकिन ज्यादातर इस्तेमाल होने वाले लिनक्स कमांड्स से परिचित कराएँगे।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:14&lt;br /&gt;
|इस अभ्यास का मुख्य प्रयोजन है,लिनक्स पर काम करने की शुरुआत कराना।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:21&lt;br /&gt;
|पहली कमांड जो हम देखेंगे वो है एक्को कमांड। ध्यान दें लिनक्स कमांड केस सेंसिटिव होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:29&lt;br /&gt;
|यहाँ सभी कमांड और उनके पर्याय छोटे अक्षर में हैं और जब नहीं है तब बताया गया है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:36&lt;br /&gt;
|इस कमांड का उपयोग स्क्रीन पर मेसेज यानि कोई संदेश प्रदर्शित करने के लिए करते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:43&lt;br /&gt;
|उबंटु में टर्मिनल पर जाने के लिए CTRL+ALT+T मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:48&lt;br /&gt;
|हो सकता है यह कमांड सभी यूनिक्स सिस्टम पर न चले। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:52&lt;br /&gt;
|टर्मिनल को ओपन करने की प्रक्रिया पहले से ही एक दूसरे ट्यूटोरियल में समझाई गयी है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:58&lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट पर इको स्पेस हेलो वर्ल्ड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:08&lt;br /&gt;
|यह स्क्रीन पर प्रथागत हेलो वर्ल्ड मेसेज प्रदर्शित करता है।    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:14&lt;br /&gt;
|इको कमांड को हम वेरीएबल के मूल्य को प्रदर्शित करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:19&lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट पर बड़े अक्षर में इको स्पेस डॉलर शेल टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:30&lt;br /&gt;
|यह आउटपुट है कि वर्तमान शेल इस्तेमाल हो रही है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:36&lt;br /&gt;
|हम इको कमांड के साथ एस्केप सीक्वेन्सेस भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:42&lt;br /&gt;
|इसके लिए लिनक्स में हमें –e ऑप्शन का प्रयोग करना होगा।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:46&lt;br /&gt;
|सामान्य एस्केप सीक्वेन्सेस में टैब के लिए \t, नई लाइन के लिए \n तथा  \c एक एस्केप सीक्वेन्स है जिसे जब इस्तेमाल करते हैं तो प्रोम्प्ट को उसी लाइन पर प्रदर्शित करता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:03&lt;br /&gt;
|यह उपयोगी हो सकता है यदि कुछ एंटर करने से पहले हमें प्रोम्प्ट मेसेज यानि त्वरित मेसेज चाहिए। प्रोंप्ट पर echo space minus e single quote में टाइप करें, back slash c कमांड एंटर करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:32&lt;br /&gt;
|हम देखेंगे कि उसी लाइन पर 'Enter a command' प्रिंट होने पर प्रोम्प्ट प्रदर्शित होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:38&lt;br /&gt;
|आप जानना चाहेंगे कि लिनक्स कर्नल का वर्श़न जो आप चला रहे हैं वह कौन-सा है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:43&lt;br /&gt;
|इसके बारे में तथा हमारी मशीन की अन्य विशेषताओं को जानने के लिए हमारे पास uname कमांड है। प्रोंप्ट पर uname space hyphen r टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:58&lt;br /&gt;
|आपका यूज़रनेम (username) क्या है यह जानने के लिए प्रोम्प्ट पर who space am space I टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:11&lt;br /&gt;
|यह असल में who कमांड से आता है जोकि सिस्टम में लॉगिन हुए वर्त्तमान उपयोगकर्ताओं की सूची बनाता है,यदि आपका सिस्टम एक मल्टीयूज़र सिस्टम है तो।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:21&lt;br /&gt;
|कई दफा आपके लॉगिन पासवर्ड में समझौता हो सकता है और आप उसे बदलना चाहोगे।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:28&lt;br /&gt;
|इसके लिए हमारे पास passwd कमांड है । प्रोंप्ट पर P-a-s-s-w-d टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:37&lt;br /&gt;
|जब आप इस कमांड को टाइप करते हैं, वर्त्तमान पासवर्ड को टाइप करने के लिए कहेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:43&lt;br /&gt;
|यहाँ मैं सिस्टम का कर्रेंट पासवर्ड टाइप करूँगी।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:48&lt;br /&gt;
|जब वह सही से एंटर करेंगे, तब आपको अपना नया पासवर्ड एंटर करना होगा और उसकी पुष्टि के लिए दुबारा टाइप करें।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:02&lt;br /&gt;
|लेकिन वर्त्तमान पासवर्ड को अगर आप भूल गए हैं तो क्या करें?  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:06&lt;br /&gt;
|फिर भी, वर्तमान पासवर्ड को जाने बिना आप पासवर्ड बदल सकते हैं। लेकिन यह सिर्फ रूट यूज़र द्वारा किया जा सकता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:14&lt;br /&gt;
|अब रूट यूज़र कौन है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:18&lt;br /&gt;
|वह एक विशेषाधिकारों वाला व्यक्ति है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:22&lt;br /&gt;
|समरूपता बनाते हुए हम यह कह सकते हैं कि रूट यूज़र्स विन्डोज़ में ऐड्मिनिस्ट्रेटिव पद के यूज़र के समान है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:30&lt;br /&gt;
|सिस्टम में दिनांक तथा समय आप जानना चाहोगे। इसके लिए डेट कमांड का उपयोग करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:36&lt;br /&gt;
|टर्मिनल में डेट कमांड को टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:42&lt;br /&gt;
|यह सिस्टम का वर्तमान समय और दिनांक प्रदर्शित करेगा ।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:45&lt;br /&gt;
|जैसे कि हम देख सकते हैं डेट कमांड हमें दोनों दिनांक और समय देता है। इसके बहुमुख उपयोग होने के साथ इसके कई विकल्प भी हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:54&lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट पर  date space plus 'percent' sign capital T टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:07&lt;br /&gt;
|यह (hh:mm:ss) के रूप में केवल हमें समय बताता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:12&lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट पर date space plus 'percentage sign small h टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:23&lt;br /&gt;
|यह महीने का नाम बताता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:25&lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट पर date space plus percentage sign small m  टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:38&lt;br /&gt;
|यह सांख्यिक रूप में साल का महीना बताता है। यहाँ यह फरवरी महीने के लिए 02 दिखा रहा है। आपको प्राप्त आउटपुट के अनुसार इसे मिलायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:50&lt;br /&gt;
|प्रोंप्ट पर date space plus percentage sign small y टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:01&lt;br /&gt;
|यह वर्तमान साल के आखिर दो अंक बताता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:05&lt;br /&gt;
|हम इन पर्यायों को संघटित कर सकते हैं।  उदाहरणस्वरूप प्रोंप्ट पर date space plus double quotes में percentage small h percentage small y टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:34&lt;br /&gt;
|यह फरवारी 11 दिखा रहा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:39&lt;br /&gt;
|अन्य संबंधित कमांड है cal कमांड।  हालाँकि यह आम कमांड नहीं है यह हमें कोई भी महीना और साल देखने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:48&lt;br /&gt;
|वर्तमान महीने के कैलन्डर को देखने के लिए प्रोंप्ट पर ‘cal’ टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:56&lt;br /&gt;
|किसी भी महीने का कैलन्डर देखने के लिए, मानिए दिसम्बर २०७०, प्रोंप्ट पर ‘ cal space 12 space 2070  टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:13&lt;br /&gt;
|यह दिसम्बर 2070 का कैलन्डर दिखाता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:19&lt;br /&gt;
|आगे बढ़ने से पहले हम फाइल्स और डाइरेक्टरीज़ के बारे में कुछ चर्चा करते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:26&lt;br /&gt;
|लिनक्स में लगभग सब कुछ एक फाइल है। अब सवाल है की फाइल क्या है?    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:34&lt;br /&gt;
|वास्तव में फाइल वह है जहाँ हम अपने डाक्यूमेंट्स और पेपर्स संग्रहित करते हैं। उसी प्रकार से एक लिनक्स फाइल भी जानकारी को संग्रहित करने की जगह है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:48&lt;br /&gt;
|अगला, डाइरेक्टरी क्या है ?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:52&lt;br /&gt;
|डाइरेक्टरी को फाइलों तथा अन्य उप-डाइरेक्टरीज़ के संग्रह के रूप में समझा जा सकता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:58&lt;br /&gt;
|डाइरेक्टरी हमें अपनी फाइलों को व्यवस्थित रूप में आयोजन करने में मदद करती है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:04&lt;br /&gt;
|यह विन्डोज़ में फ़ोल्डरों के समान है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:08&lt;br /&gt;
|लिनक्स सिस्टम पर जब हम लॉगिन करते हैं, स्वतः से होम डाइरेक्टरी में होते हैं। होम डाइरेक्टरी देखने के लिए प्रोंप्ट पर echo space dollar HOME टाइप करें और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:27&lt;br /&gt;
|अगली कमांड हमें वर्त्तमान डाइरेक्टरी जिस पर हम काम कर रहे हैं उसे दिखाने में मदद करती है । वह है pwd जो प्रेसेंट वर्किंग डाइरेक्टरी से जानी जाती है। प्रोम्प्ट पर pwd टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:42&lt;br /&gt;
|अब जब कि हमें अपनी डाइरेक्टरी के बारे में पता है तो हम उस डाइरेक्टरी की फाइलों तथा सब-डाइरेक्टरीज़ के बारे में जानना चाहेंगे। इसके लिए हम ls कमांड का इस्तेमाल करेंगे जो कि सबसे व्यापक रूप से यूनिक्स और लिनक्स में प्रयोग की जाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:56&lt;br /&gt;
|ls कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:01&lt;br /&gt;
|अब आउटपुट को देखें।    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:04&lt;br /&gt;
|फाइलें और सब-डाइरेक्टरीज़ साधारणतः अलग-अलग रंग में दिखते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:08&lt;br /&gt;
|ls कमांड बहुमुखी है और इसके बहुत से ऑप्शंस हैं। चलिए इनमें से कुछ देखते हैं। प्रोम्प्ट पर ls space minus minus all टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:24&lt;br /&gt;
|ये सभी फाइलों के साथ-साथ छुपी हुई यानि हिडन फाइलें भी बताता है।(फाइल नेम जो डॉट से शुरू हो रहे हैं वो यहाँ पर हिडन फाइलें हैं)  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:33&lt;br /&gt;
|अगर हम फाइल ही नहीं बल्कि उसके साथ और अधिक जानकारी पाना चाहते हैं तो माईनस l ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:40&lt;br /&gt;
|प्रोम्प्ट पर ls space minus small l कमांड टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:50&lt;br /&gt;
|यह हमें फाइल परमिशंस यानि फाइल आज्ञा , फाइल के अधिकारी यानि ओनर का नाम, लास्ट मोडिफिकेशन टाइम यानि पिछला संशोधन समय, बाइट्स में फाइल साइज़ , इत्यादि बताता है। इस ऑप्शंस का विवरण इस वर्त्तमान ट्यूटोरियल के क्षेत्र से बाहर है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:06&lt;br /&gt;
|1s को कई ऑप्शंस के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं जो हम बाद में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:11&lt;br /&gt;
|इन सभी जानकारी को स्क्रीन पर प्रदर्शित करने के बजाय, हम एक फाइल में संग्रहित कर सकते हैं। असल में इस तरह से कोई भी कमांड के आउटपुट को फाइल में संग्रहित करके रख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|कमांड के बाद राइट ऐंगअल ब्रैकिट और फाइल के नाम को टाइप करें अर्थात हम ls space minus small l space right angle bracket space fileinfo लिखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:46&lt;br /&gt;
|अब सभी फाइलों और फोल्डरों की जानकारी fileinfo नामक फाइल में जायेगी । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:54&lt;br /&gt;
|लेकिन हम इस फाइल के कंटेंट्स को कैसे देखें । इसके लिए हमारे पास cat कमांड है। बस cat स्पेस और फाइल का नाम टाइप कीजिये यहाँ नाम है fileinfo और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:12&lt;br /&gt;
|आप उसके कंटेंट्स देख सकते हैं। दरअसल,cat का एक और मुख्य उपयोग है फाइल को बनाना । इसके लिए प्रोंप्ट पर cat space right angle bracket space filename टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:36&lt;br /&gt;
|अब हम अगर एन्टर दबाते हैं तो कमांड उपयोगकर्ता से निवेश यानि इनपुट के लिए इंतज़ार करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:42&lt;br /&gt;
|जो भी हम टाइप करते हैं वो फाइल में लिखा जाता है। तो कुछ टेक्स्ट टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:50&lt;br /&gt;
|अब एंटर की प्रेस करके इनपुट का अंत करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:56&lt;br /&gt;
|अब कंट्रोल तथा d की दोनों को एक साथ प्रेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:05&lt;br /&gt;
|अगर फाइल उदाहरण के लिए फाइल 1 पहले से ही मौजूद है तो उपयोगकर्ता का इनपुट इस फाइल पर ओवरराइट होता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:13&lt;br /&gt;
|अब यदि आप पहले से मौजूद फाइल,फाइल 1 के अंत में जोड़ना चाहते हैं तो प्रोंप्ट पर cat space double right angle bracket space file1 टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:36&lt;br /&gt;
|यहाँ कई अन्य कमांड हैं जिनपर हम चर्चा कर सकते हैं लेकिन फिलहाल यहीं तक सीमित रखते हैं। असल में बताए गए कमांड्स में भी कई सारे ऑप्शंस हैं जिनपर चर्चा नहीं हुई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:50&lt;br /&gt;
|अब हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ चुके हैं। स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे राष्ट्रीय साक्षरता मिशन ने ICT के माध्यम से समर्थित किया है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:02&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:10&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है तथा आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Basic-Commands/Hindi</id>
		<title>Linux/C2/Basic-Commands/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Linux/C2/Basic-Commands/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:11:34Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '{| border=1 !Time !Narration |- |0:00 |दोस्तों, लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के स्पोकन ट्यूटोरिय…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
!Time&lt;br /&gt;
!Narration&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:00&lt;br /&gt;
|दोस्तों, लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम कुछ बेसिक कमांड्स का अध्ययन करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:10&lt;br /&gt;
|मैं उबन्टू 10.04 का इस्तेमाल कर रही हूँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:12&lt;br /&gt;
|हम यह मानते हैं कि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ शुरुआत कैसे करना है, ये आपको पता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:17&lt;br /&gt;
|यदि आप इच्छुक हैं तो http://spoken-tutorial.org. वेबसाइट पर दिए गए एक दूसरे स्पोकन ट्यूटोरियल के माध्यम से उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:26&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम देखेंगे कि कमांड्स क्या हैं और कमांड व्याख्याकार यानि इंटरप्रेटर क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:33&lt;br /&gt;
|फिर हम सीखेंगे कि मैन (man) कमांड के इस्तेमाल से लिनक्स में हेल्प कैसे पता करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:39&lt;br /&gt;
|अब पहला सवाल है कि &amp;quot;कमांड्स क्या हैं&amp;quot; ? &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:43&lt;br /&gt;
|सरल शब्दों में कहें तो लिनक्स कमांड्स ऐसे शब्द हैं जो दिए जाने पर कुछ एक्शन या कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:52&lt;br /&gt;
|लिनक्स कमांड्स शायद ही कभी चार से ज्यादा अक्षर के होंगे जैसे कि ls, who, psआदि।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|0:59&lt;br /&gt;
|कमांड्स लोअर केस में होती हैं तथा वे केस सेंसिटिव हैं। चलिए एक उदाहरण देखते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:05&lt;br /&gt;
|एप्लीकेशन मेन्यू (applications menu) में जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:08&lt;br /&gt;
|ऐक्सेसरीज़ को चुनें और फिर उपलब्ध  ऑप्शन से टर्मिनल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:14&lt;br /&gt;
|या टर्मिनल विंडो खोलने के लिए अपने कीबोर्ड पर Ctrl Alt T प्रेस करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:20&lt;br /&gt;
|अब हम एक प्रोम्प्ट ($) देख सकते हैं और ठीक उसके साथ एक कर्सर भी है। यहीं पर हमें कमांड टाइप करनी है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:29&lt;br /&gt;
|शब्दों में who टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:34&lt;br /&gt;
|हम लॉग इन यूज़र्स के नाम देख सकते हैं। वास्तव में हमने अभी एक कमांड को एक्सक्यूट यानि निष्पादित किया है जो है who, जो कि बताती है कि कौन-कौन सिस्टम में लॉग इन हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:47&lt;br /&gt;
|लेकिन ये कुछ अक्षरों की कौन-सी चीज़ या एंटिटी है जो इन कमांड्स को एक्शन में बदलती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:54&lt;br /&gt;
|ये कमांड इंटरप्रेटर का कार्य है जिसे शेल भी कहते हैं । &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|1:59&lt;br /&gt;
|हम शेल को प्रोग्राम के रूप में परिभाषित कर सकते हैं, जो हमारे और लिनक्स सिस्टम के बीच इंटरफेस की तरह काम करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:08&lt;br /&gt;
|हमें ऑपरेटिंग सिस्टम में एक्सक्यूट (निष्पादन) करने के लिए कमांड्स एंटर करने की अनुमति देता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:13&lt;br /&gt;
|लिनक्स में मल्टिपल यानि विविध शेल्स इंस्टाल करना संभव है और जहाँ उपयोगकर्ता अपने पसंद से उन्हें चुन सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:22&lt;br /&gt;
|लिनक्स पर मानक यानि स्टैन्डर्ड शेल जो हमेशा /bin/sh के रूप में इन्स्टॉल्ड रहता है उसे बैश (bash)कहते हैं (the GNU Bourne-Again SHell) जो GNU सूट ऑफ टूल्स से है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:35&lt;br /&gt;
|कमांड्स जो हम इस ट्यूटोरियल में देखेंगे वह काफी सामान्य हैं और जो मामूली बदलाव के साथ अधिकांश लिनक्स शेल्स पर चलती हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:44&lt;br /&gt;
|तथापि हम इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शन के लिए  शेल के रूप में बैश का प्रयोग करेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:51&lt;br /&gt;
|वो इसलिए क्योंकि यह एक लोकप्रिय शेल है और लगभग सभी यूनिक्स के लिए वहनीय यानि पोर्टेबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|2:58&lt;br /&gt;
|दूसरे शेल्स हैं Bourne shell (sh) जो कि मौलिक यूनिक्स शेल है , C Shell (csh) और Korn shell(ksh). &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:08&lt;br /&gt;
|कौन-सा शेल हम इस्तेमाल कर रहे हैं यह देखने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:11&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ और कमांड echo space dollar in capital SHELL टाइप करें और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:27&lt;br /&gt;
|सामान्य रूप से /bin/bash आउटपुट है जो हमें बैश शेल देता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:34&lt;br /&gt;
|काफी तरीके हैं जिससे हम अलग-अलग शेल्स को सक्रिय कर सकते हैं जो कि  उन्नत ट्यूटोरियल (Advanced tutorials) में देखेंगे। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:42&lt;br /&gt;
|कमांड्स वास्तव में फाइल्स हैं जिसमें प्रोग्राम्स होते हैं जो अक्सर C में लिखी जाती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:47&lt;br /&gt;
|यह फाइल्स डाइरेक्टरीज़ में समाहित होती हैं। कमांड का संचय कहाँ हुआ है इसका पता करने के लिए टाइप कमांड का प्रयोग कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|3:55&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोंप्ट पर Type--space-- ps टाइप करें और एंटर करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:03&lt;br /&gt;
|यह बताता है कि ps कमांड असल में स्लैश बिन (bin) डाइरेक्टरी में संग्रहित एक फाइल है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:09&lt;br /&gt;
|जब हम कमांड प्रोम्प्ट पर कमांड देते हैं तब शेल , डाइरेक्टरीज़ की सूची में से कमांड के नाम से मिलती हुई फाइल को ढूँढता है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:18&lt;br /&gt;
|यदि इसका पता चलता है तो उस फाइल का समरूप प्रोग्राम निष्पादित होता है। यदि नहीं तो कमांड नॉट फाउन्ड ऐसा एरर देगा।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:27&lt;br /&gt;
|खोजे गए डाइरेक्टरीज़ की सूची पाथ वेरीएबल द्वारा स्पष्ट रूप से बताई गयी है जो कि हम बाद में देखेंगे।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:34&lt;br /&gt;
|अभी के लिए यदि हमें इस लिस्ट को देखना है तो केवल एको स्पेस डॉलर पाथ कमांड टाइप करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:44&lt;br /&gt;
|बड़े अक्षर में और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:52&lt;br /&gt;
|जब कमांड्स की बात कर रहे हैं तो एक महत्वपूर्ण चीज़ जो हमें पता होनी चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|4:57&lt;br /&gt;
|लिनक्स कमांड्स दो प्रकार की हैं : एक्सटर्नल कमांड्स तथा इंटरनल कमांड्स।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:02&lt;br /&gt;
|एक्सटर्नल कमांड्स वह है जो अलग से फाइल्स या प्रोग्राम्स के रूप में मौजूद है।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:07&lt;br /&gt;
|लिनक्स में अधिकांश कमांड्स इसी प्रकार की होती हैं। लेकिन कुछ कमांड्स ऐसी हैं जिनका कार्यान्वयन शेल में ही लिखा जाता है तथा वे अलग फाइल्स के रूप में नहीं होती।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:18&lt;br /&gt;
|ये इंटरनल कमांड्स होती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:20&lt;br /&gt;
|एको कमांड, जिसे हम बाद में देखेंगे, वास्तव में एक इंटरनल कमांड है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:25&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ और कमांड टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:33&lt;br /&gt;
|type space echo और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:40&lt;br /&gt;
|आउटपुट एको को शेल बुलेटिन के रूप में दिखाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:43&lt;br /&gt;
|अतः फाइलनेम देने के बजाय यह  बताता है कि एको कमांड का कार्यान्वयन शेल के लिए इंटरनल है।  इसलिए इसे इंटरनल कमांड कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|5:56&lt;br /&gt;
|एक और महत्वपूर्ण चीज़ जो हमें समझनी चाहिए वह है कमांड्स की संरचना। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:01&lt;br /&gt;
|कमांड्स एक या एक से अधिक शब्द के हो सकते हैं जो कि ह्वाइट स्पेसेस द्वारा अलग किए होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:08&lt;br /&gt;
|दूसरे केस में पहला शब्द कमांड का वास्तविक नाम है जबकि अन्य शब्द तर्क हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:16&lt;br /&gt;
|आर्ग्यूमेंट्स, ऑप्शंस, एक्स्प्रेशंस या फाइल हो सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:20&lt;br /&gt;
|स्पष्ट किए ऑप्शन के आधार पर एक कमांड अलग-अलग कार्य कर सकती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:26&lt;br /&gt;
|साधारणतः उनके पहले एक सिंगल या डबल माइनस चिन्ह होता है जिसे क्रमशः शोर्ट या लॉंग ऑप्शन कहते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:35&lt;br /&gt;
|टर्मिनल विंडो पर जाएँ और कमांड्स टाइप करें और उनके आउटपुट्स देखें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:40&lt;br /&gt;
|टर्मिनल विंडो को क्लियर करने के लिए क्लियर टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:44&lt;br /&gt;
|उसके बाद ls टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:49&lt;br /&gt;
|फिर से, क्लियर टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|6:55&lt;br /&gt;
|ls space minus a टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:04&lt;br /&gt;
|टर्मिनल विंडो को क्लियर करने के लिए क्लियर टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:11&lt;br /&gt;
|अबls space minus minus all टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:19&lt;br /&gt;
|फिर से, टर्मिनल को क्लियर करने के लिए क्लियर टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:23&lt;br /&gt;
|अब ls space minus d टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:32&lt;br /&gt;
|इस समय यह समझना काफी है कि कैसे ऑप्शंस में बदलाव होने पर कमांड्स का बर्ताव बदलता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:40&lt;br /&gt;
|लिनक्स में हमारे पास काफी सारी कमांड्स हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:45&lt;br /&gt;
|हर एक में कई सारे अलग ऑप्शंस हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:48&lt;br /&gt;
|कमांड्स को एक साथ संयुक्त भी कर सकते हैं जो कि हम बाद में देखेंगे । तो इतनी सारी चीज़ें हम दिमाग में कैसे रखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|7:55&lt;br /&gt;
|सच में आपको इसकी ज़रूरत नहीं । क्योंकि लिनक्स में उत्कृष्ट ऑनलाइन हेल्प या मदद की सुविधा उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:01&lt;br /&gt;
|मैन(man) कमांड सिस्टम पर सभी उपलब्ध कमांड के बारे में डाक्यूमेन्टेशन या अभिलेख प्रदान करता है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:08&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए ls कमांड के बारे में जानने के लिए, आपको टर्मिनल पर जाना पड़ेगा।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:16&lt;br /&gt;
|ls तर्क के साथ मैन कमांड टाइप करें, जो है type man space ls और एंटर दबायें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:30&lt;br /&gt;
|बाहर आने के लिए क्यू (q)दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:35&lt;br /&gt;
|मैन सिस्टम का मैन्यूअल पेजर है। प्रत्येक तर्क जो मैन को दिया जाता है वह साधारणतः एक प्रोग्राम का नाम , यूटीलीटी यानि उपयोगिता, या फंक्शन होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:43&lt;br /&gt;
|इन तर्कों से जुड़े हुए मैन्यूअल पेज को फिर ढूँढकर दर्शाया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:49&lt;br /&gt;
|यदि एक सेक्शन प्रदान किया है, यह मैन को मैन्यूअल में से उसी सेक्शन की ओर देखने के लिए कहेगा ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|8:55&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट एक्शन यह है कि सारे उपलब्ध सेक्शंस में खोजे और वह भी एक पूर्वनिर्धारित क्रम में और पाए गए पेज में से सिर्फ पहला पेज दिखाए, भले ही वह पेज कई सेक्शंस में मौजूद है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:07&lt;br /&gt;
|आप मैन कमांड के बारे में ही अधिक जानने के लिए मैंन कमांड का उपयोग कर सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:14&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ और  man space man टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:23&lt;br /&gt;
|इससे बाहर आने के लिए क्यू (q) दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:26&lt;br /&gt;
|मैन कमांड में कई ऑप्शन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:30&lt;br /&gt;
|यहाँ मैं आपको ज्यादा उपयोगी वालों के बारे में बताऊँगी । कभी-कभी हमें पता होता है जो हम करना चाहते हैं लेकिन सही कमांड नहीं पता होती। तब हम क्या करे? &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:41&lt;br /&gt;
|मैन, -k ऑप्शन प्रदान करता है जो एक कीवर्ड को लेता है और फिर कमांड्स की सूची और उनका संक्षिप्त उद्देश्य बताता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:50&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए, डाइरेक्टरी बनाने के लिए, हमें सही कमांड का पता ना हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|9:56&lt;br /&gt;
|तो हम कमांड प्रोंप्ट पर जा सकते हैं और man space minus k space directories टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:12&lt;br /&gt;
|अब हम प्रत्येक कमांड्स खोज सकते हैं ताकि देख पाएँ कि असल में हमें क्या चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:17&lt;br /&gt;
|यही चीज़ apropos कमांड का उपयोग कर भी प्राप्त कर सकते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:21&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोंप्ट पर apropos space directories टाइप करें और आउटपुट देखने के लिए एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:36&lt;br /&gt;
|कभी-कभी हमें अधिक विवरण की ज़रूरत नहीं होती । हमें सिर्फ ये जानना होता है कि कमांड क्या करती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:40&lt;br /&gt;
|उस स्थिति में हम whatis command या man –f कमांड का इस्तेमाल कर सकते हैं। दोनों ही कमांड के बारे में एक लाइन का विवरण देते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:52&lt;br /&gt;
|टर्मिनल पर जाएँ, टर्मिनल को क्लियर करने के लिए clear टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:58&lt;br /&gt;
|अब whatis space ls टाइप करें और एंटर दबायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:06&lt;br /&gt;
|कुछ कमांड्स में कई ऑप्शंस होते हैं। हो सकता है कि एक कमांड के विभिन्न ऑप्शंस की सूची हम प्राप्त करना चाहें।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:13&lt;br /&gt;
|तब हम –help ऑप्शन का इस्तेमाल करते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:18&lt;br /&gt;
|कमांड प्रोंप्ट पर जाएँ और ls space minus minus help टाइप करें और एंटर दबायें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:29&lt;br /&gt;
|मैं ऊपर स्क्रोल करुँगी ताकि आप इस मैन्यूअल पेज पर सारे ऑप्शंस देख सकें ।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:45&lt;br /&gt;
|लिनक्स स्पोकन ट्यूटोरियल के इस भाग के लिए बस इतना ही । स्पोकन ट्यूटोरियल टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय साक्षरता मिशन ने ICT के माध्यम से समर्थित किया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:56&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro. &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:00&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट देवेन्द्र कैरवान द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे की तरफ से मैं सकीना अब आप से विदा लेती हूँ। इस ट्यूटोरियल में शामिल होने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LaTeX-Old-Version/C2/Inside-story-of-Bibliography/Hindi</id>
		<title>LaTeX-Old-Version/C2/Inside-story-of-Bibliography/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LaTeX-Old-Version/C2/Inside-story-of-Bibliography/Hindi"/>
				<updated>2012-11-27T10:10:01Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '[http://spoken-tutorial.org/wiki/index.php/File:References_Long_Hindi.pdf Click here for the reviews on the Spoken Tutorial]  इस मौखिक अभ्यास अथ्…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[http://spoken-tutorial.org/wiki/index.php/File:References_Long_Hindi.pdf Click here for the reviews on the Spoken Tutorial]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आप का स्वागत है जिसमें आप को “बिब्लीयोग्रफ़ी एंट्रीज़” (bibliography entries) का निर्माण सिखाया जाएगा।  इस कार्य के लिए मैं बिबटेक का प्रयोग करूँगी।  बिबटेक लेटेक से अलग एक उपयोगिता है।  इस ट्युटोरियल में आप “पी-ड़ी-ऐफ़” फ़ाइल का निर्माण सिखेंगे।  पहला पन्ने पर शिर्षक दिखाई देती है।  हम दुसरे पन्ने पर जाएंगे जहाँ मूल पाठ है।  रेफ़रन्सस् एक से छः तक अंकित है और दुसरे पन्ने पर ग्यारह तक।  ध्यान दें कि रेफ़रन्सस् वर्णमाला के क्रम से सूची बद्ध है।  आप यहाँ इसे देख सकतें हैं।   अगला, हम उस स्रोत फ़ाइल को देखेंगे जिसे हमने इस कार्य के लिए प्रयोग किया है।  आईए, देखें।  ब्राऊज़ करने पर यह स्पष्ट हो जाता कि यहाँ रेफ़रन्सस् का कोई उल्लेख नहीं है।  स्रोत फ़ाइल में यह जानकारी नहीं है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
तो रेफ़रन्सस् कहाँ है?  वो तो “रेफ़” नाम वाले फ़ाइल में है।  वास्तव में,  फ़ाइल का नाम “रेफ़ ड़ॉट बीब” (ref.bib) है।   बिब्लीयोग्रफ़ी आदेश का यह व्यक्तिक्रम रुप है।  यहाँ  देखिए, “रेफ़ ड़ॉट बीब”।    आईए,  हम इसके अंदर की  जानकारी को देखें।   इसमें रेफ़रन्सस् की विभिन्न श्रेणियों की जानकारी है,   उदाहरण के लिए – इसमें पाठ्यपुस्तक है,  टेक-रिपोर्ट है,  इन-प्रोसिड़ींगस हैं,  मिसलेनियस है और आर्टिकल भी है।  हम शीघ्र ही इस फ़ाइल में वापस आएंगे और इसे समझेंगे।  अब हम आउट-पुट में रेफ़रन्सस् के निर्माण की प्रक्रिया पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।   “रेफ़रन्सस् ड़ॉट टेक” (references.tex) को फ़िर से खोल देते हैं,  स्रोत फ़ाइल, और इस पन्ने की शुरुवात में जाते हैं।  पहले, हम उन फ़ाइलों की सूची देखेंगे जिनकी उपसर्ग  रेफ़रन्सस् है।  यह  यहाँ है।  अब हम रेफ़रन्सस् ड़ॉट टेक के अलावा सभी फ़ाइलों को हटा देंगे।   हम इस बात की पुष्टि करेंगे कि हमरे पास केवल रेफ़रन्सस् ड़ॉट टेक ही है।   अब मैं इसका संचय करूँगी।  संचय करने पर हमें चेतावनी मिलती है कि यहाँ कुछ  अपरिभाषित रेफ़रन्सस् हैं और कुछ साइटेशनस गायब है।  हम देखते हैं कि यहाँ कुछ नई फ़ाइलें हैं जिन्हें  “पी-ड़ी-ऐफ़ ड़ॉट टेक” आदेश निर्माण करता है।  “रेफ़रन्सस् ड़ॉट पी-ड़ी-ऐफ़” के अलावा यहाँ कुछ नई फ़ाइलें हैं,  जैसे “रेफ़रन्सस् ड़ॉट लॉग” (references.log) और “रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स” (references.aux) ।  सबसे पहले हम रेफ़रन्सस् ड़ॉट लॉग फ़ाइल को देखेंगे।   इस में बहुत सारी जानकारी है, वास्तव में,  सभी संदेश हैं जो यहाँ पर प्रकट हो रहें हैं।  नीचे देखते हैं।  यहाँ पर बहुत सारी जानकारी है और यह चेतावनियाँ भी हैं जो यहाँ प्रतीत हो रहें हैं।  बेशक, यहाँ पर यह चेतावनी है कि कुछ फ़ोंटस गायब हैं लेकिन इन त्रुठियों के साथ हम रह सकते हैं।  हमारे लिए यह चेतावनी महत्त्वपुर्ण है कि यहाँ कुछ रेफ़रन्सस् और साइटेशनस गायब हैं। अब हम इन चेतावनियों को संबोधित करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यहाँ हम रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स फ़ाइल को खोलेंगे।  इसमें कईं साइटेशन के आदेश हैं।  यह सब कहाँ से आए?   साइटेशन के तर्क, स्रोत फ़ाइल में साइट आदेश में प्रतीत हो रहें हैं जैसे कि हम यहाँ देख रहें हैं।   मैं इसको खोलती हूँ।  नीचे देखते हैं।  इसके लिए एक स्क्रोल है, स्रोत फ़ाइल।  उदाहरण के लिए, मेरे पास यह “साइट वी-के उनासी” (cite BK79) है और वी-के उनासी यहाँ है। साइट टी-के अस्सी और टी-के अस्सी यहाँ है।  इस तरह।  यह बिब-स्टाइल प्लेन स्रोत फ़ाइल में यहाँ पर है, ऊपर जाएं, बिब्लीयोग्रफ़ी स्टाइल – प्लेन, और वह यहाँ पर है।  ऑक्स फ़ाइल के भीतर “वेरियबल नाम” (variable name) भी सज्जित है।  उदाहरण के लिए, मैं इस खंड के लिए एक लेबल जोड़ती हूँ।  यहाँ जाती हूँ।  ठीक है, मैं यह लेबल के बिना करती हूँ, तो उदाहरण के लिए इसे मिटा देती हूँ, संचय करती हूँ।  इस फ़ाइल को दोबारा खोलती हूँ और देखिए यह अब नहीं रहा।  इस लिए जब मैं यहाँ पर लेबल जोड़ती हूँ, लेबल – “सैक् आर्या” (sec arya), सुरक्षित करके संचय करती हूँ और उसे खोलती हूँ, तब मैं इस फ़ाइल में पहुँचती हूँ इसे दोबारा खोलने के लिए।  ध्यान दें कि हमारे पास यह आदेश है, “न्यू-लेबल सैक् आर्या” (new label sec arya), यह लेबल बिलकुल वही लेबल है जो यहाँ पर हमरे पास थी और यह बताता है कि इसका अनुभाग एक है जैसे यहाँ है और यह दुसरे पृष्ठ की संख्या को संदर्भित करता है – इस डोक्युमेंट का पन्ना दो है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अगले संचय के दौरान, लेटेक ऑक्स फ़ाइल को पढ़ता है और लेबल की जानकारी को लोड़ करता है।  यही वजह है कि लेबलस् को सही करने के लिए हमें दो बार संचय करना है।  मैं रेफ़रन्सस् की सूची का निर्माण समझाती हूँ।  अब वक्त है कि बिबटेक का प्रयोग किया जाए।  रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स फ़ाइल से शुरुवाती जानकारी ली जायेगी – यहाँ लिखा है कि रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स का प्रयोग किया जा रहा है।  यहाँ कहा गया है कि प्लेन आदेश द्वारा “प्लेन ड़ॉट बी-एस-टी स्टाइल फ़ाइल” का प्रयोग किया जा रहा है और तारीख “रेफ़ ड़ॉट बीब” से लिया जा रहा है।  इसे मैंने पहले ही समझाया है, “रेफ़ ड़ॉट बीब”,  ड़ेटाबेज़ फ़ाइल क्रमांक एक रेफ़ ड़ॉट बीब है।  याद करें कि हमने स्रोत फ़ाइल में प्लेन स्टाइल और रेफ़ ड़ॉट बीब का प्रयोग किया था।  अब देखेतें हैं कौनसे फ़ाइलस निर्माण होतें हैं।  ठीक है। “बिबटेक ड़ॉट रेफ़रन्सस्”  आदेश द्वारा यह नए फ़ाइलस निर्माण हुएं हैं।  आईए, इन्हें सूची बद्ध करतें हैं।  आप देख सकते हैं कि पहले देखे गए फ़ाइलस के अलावा अब यहाँ दो नए फ़ाइलस हैं - रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-एल-जी और रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल।  रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-एल-जी में फ़ॉर्माटींग जानकारी होता है, आइए, देखें – आप देख सकतें हैं कि इसमें फ़ॉर्माटींग जानकारी है।  मैं इससे बाहर निकलती हूँ और बी-बी-एल फ़ाइलस को देखती हूँ।  रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल और इसमें यह जानकारी है, वही रेफ़रन्सस् जो हमने पहले देखा था।  रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल में साइटेड़-रेफ़रन्सस् उसी क्रम में है जैसे हम पी-ड़ी-एफ़ फ़ाइल में चाहतें हैं।  साधारणतः इन फ़ाइलज़ में कोई हस्तनिर्मित परिवर्तन नहीं किया जाता ना ही उन्हें देखा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आखरी संचय करने पर, हमें यह चेतावनी मिली है कि &amp;quot;रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल&amp;quot; (references.bbl) नहीं मिला है।  हम रेफ़रन्सस् ड़ॉट लॉग को खोलेंगे – यहाँ।  आइए, देखें – रेफ़रन्सस् ड़ॉट लॉग – ऐसा कोई फ़ाइल नहीं।  पिछले संचय में यही हुआ था।  लेकिन अब बिबटेक के प्रयोग से रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल का निर्माण हुआ है।  दोबारा संचय करते हैं। अब चेतावनी अलग है, कहा है कि शायद लेबलस् बदल गएं हैं।  वास्तव में, संचय करते ही, रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल फ़ाइल को पढ़ा जाता है और उन रेफ़रन्सस् को यहाँ लोड़ किया जाता है।  और यह क्रम बिलकुल उसी क्रम जैसा है जो रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल में है। उदाहरण के लिए, आप यहाँ देख सकते हैं।  उदाहरण को देखें, पहला रेफ़रन्स “चैंग और पियर्सन” (chang and pearson) है, यहाँ भी चैंग और पियर्सन है।  ठीक है।  बेशक, यह जानकारी गलत है, लेकिन हमने इसे ठीक से साइट नहीं किया है।  दोबारा संचय करते हैं।  मैंने यह बात पहले भी कहा है कि दो बार संचय करते ही यह सही हो जाएगा।  इस बात को कैसे समझाया जाए - आइए रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स फ़ाइल को देखें। ध्यान दें कि पहले के साइटेशन संदेशों के अलावा यहाँ “बिबसाइट सी-पी बयासी” (bib cite 82), इत्यादि.... है।  कहा है यह बिब्लीयोग्रफ़ी विषय जिसका लेबल सी-पी बयासी है, उसका रेफ़रन्स एक है।  यह रहा – यह है सी-पी बयासी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अब यह जानकारी, यानि रेफ़रन्स सी-पी बयासी, रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स फ़ाइल में रेफ़रन्स की सूची में पहले विषय में प्रतीत होता है।  इस लिए जब मैं इसका संचय करती हूँ, तब यह जानकारी स्वचालित रूप से यहाँ प्रतीत होता है।  देखिए, अब चेतावनी भी नहीं है।  लेटेक ने रेफ़रन्स नम्बर की जानकारी रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स फ़ाइल से लिया और स्रोत फ़ाइल के साइट आदेश के लेबल्स को निर्दिष्ट कर दिया – यानि यहाँ से। अब हम उस फ़ाइल को देखेंगे जिसमें रेफ़रन्सस् है, यानि रेफ़रन्सस् ड़ॉट बिब।  यहाँ चलते हैं - रेफ़रन्सस् ड़ॉट बिब – इस पन्ने के शुरुवात में जाते हैं।  “ई-मैक्स” ऐड़िटर में यह संभव है कि प्रविष्टि प्रकार अथ्वा ऐंट्री टाइपस के उपयोग से उन रेफ़रन्सस् को चुना जाए जो हम जोड़ना चाहतें हैं।  उदाहरण के लिए, यहाँ कुछ है  जिसे ऐंट्री टाइप कहा गया है।  तो ई-मैक्स ऐड़िटर में इसे संभवता निर्माण किया जा सकता है।  और जैसे ही इस “आरटिकल इन जर्नल” टाइप का आवाहन किया जाता है, मुझे एक खाली रिकॉर्ड़ प्राप्त होता है जिसे मैं भर सकती हूँ।  यदि आप के ऐड़िटर में यह क्षमता नहीँ है तो फ़िक्र न करें।  आप इन ऐंट्रीज़ को हस्तनिर्मित कर सकते हैं।  कुछ समय के लिए मैं इसे पूर्ववत करती हूँ, मुझे यह नहीं चाहिए।  तार या स्ट्रींगज़ को परिभाषित करना और उन्हें रेफ़  ड़ॉट बिब फ़ाइल में वेरियबलज़ की तरह उपयोग करना संभव है।  उदाहरण के लिए, “स्ट्रींग जे- डबल्यु-सी” (string jwc) यानि “जौन व्हीली ऐंड़ सन्ज़ लिमिटेड़, चिचेस्टर” (John Willy and Sons, Chechester) – जो कुछ रेफ़रन्सस् में प्रयोग किए गए हैं।  उदाहरण के लिए, इस रेफ़रन्स में।  हर एक रेफ़रन्स के साथ एक की-वर्ड़ जुड़ा हुआ है जो रेकोर्ड़ की शुरुवात में प्रतीत होता है।  उदाहरण के लिए, मेरे पास यह रेफ़रन्स है – के-एम-एम-शुन्य-साथ (kmm07) और वह यहाँ भी प्रतीत होता है।  वास्तव में, मैंने इस रेकोर्ड़ को इस की-वर्ड़ द्वारा निर्दिष्ट किया है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मैं अब आप को समझाती हूँ कि बिबटेक के प्रयोग से रेफ़रेन्ससिंग के विभिन्न प्रकार या टाइपस को कैसे समायोजित किया जाता है।  कोई भी परिवर्तन करने से पहले, हमे याद रहे कि  रेफ़रन्सस् वर्णमाला के क्रम से सूची बद्ध है।  उदाहरण के लिए, बी-सी-चैंग ऐंड़ पीयर्सन, क्रमांक एक, यहाँ प्रतीत होता है।  पहले रेफ़रन्स का उल्लेख तीन है, फ़िर दो, फ़िर ग्यारह, इत्यादि...।  वह इस लिए कि रेफ़रेन्ससिंग वर्णमाला के क्रम से सूची बद्ध है।  अब मैं बिब्लीयोग्रफ़ी स्टाइल को बदलकर “यू-एन-एस-आर-टी” (unsrt)  स्टाइल करती हूँ।  इस से हमे वैसी रेफ़रन्स सूची प्राप्त होता है जैसे आइ-ई-ई-ई जर्नलस में होतें हैं।  पहली बार संचय करने पर रेफ़रन्सस् ड़ॉट ऑक्स में स्टाइल की जानकारी जुड़ जाती है।  बिबटेक ड़ॉट रेफ़रन्सस् आदेश का पालन होने पर, रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल में रेफ़रन्स की सूची का निर्माण होता है।  यहाँ देखिए, रेफ़रन्सस् ड़ॉट बी-बी-एल का निर्माण हुआ है।  लेकिन अब यह नए स्टाइल यू-एन-एस-आर-टी  के अनुकुल होगा। अब हम रेफ़रन्सस् ड़ॉट टेक का संचय करेंगे।  यहाँ देखिए, क्रम अब बदल गया है। रेफ़रन्सस् वर्णमाला के क्रम से सूची बद्ध नहीं है।  लेकिन यहाँ एक शिकायत है कि लेबलस् में शायद परिवर्तन आ गया है।  उसका दोबारा संचय किया जाए ताकि क्रौस-रेफ़रन्सस् सही हो जाए।  आइए, दोबारा संचय करते हैं और चेतावनी मिट गई।  यहाँ देखिए रेफ़रेन्ससिंग अब स्रोत फ़ाइल के क्रमानुसार है।  उदाहरण के लिए, रेफ़रन्स एक यहाँ पर पहला, रेफ़रन्स दो दुसरा, तीसरा, चौथा, पाँचवा, इत्यादि.....&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अब हम कम्प्युटर सायंस जर्नलस के अनुकुल रेफ़रन्सस् का निर्माण करेंगे।  यहाँ पर आते हैं और इसे ऐल्फ़ा नाम देतें हैं।  एक बार संचय करते हैं, बिबटेक करते हैं और दोबारा संचय करते हैं।  अब यह बदल गया लेकिन रेफ़रेन्ससिंग नहीं बदला।  यहाँ एक शिकायत है कि लेबलस् में परिवर्तन आ गया है।  अगर दोबारा संचय करें तब भी ऐसा ही है।  उदाहरण के लिए, हमारे पास बी-सी चैंग और पियर्सन है जिसमें सी-पी बयासी है, जो यहाँ है।  तो अब इन ऐंट्रीज़ के रेफ़रेन्ससिंग भी यहाँ है।  इंटरनेट पर बहुत सारे रेफ़रेन्ससिंग स्टाइलज़ हैं।&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
अब मैं आप को “आइ-फ़ॅक” (ifac) और केमिकल इंजिनियरींग जर्नलस (chemical engineering journals) में प्रयोग किया जाने वाला स्टाइल दिखाऊँगी।  ।  पहले, “यूज़ पॅकेज़स” (use packages) आदेश में हावर्ड़ को जोड़ें जैसे कि मैं अब कर रही हूँ और फ़िर स्टाइल को आइ-फ़ॅक में परिवर्तित करें।  ऐसा इन दो फ़ाइलज़ – “हावर्ड़ ड़ॉट एस-टी-वाइ” (Harvard.sty) और “आइ-फ़ॅक ड़ॉट बी-एस-टी” (ifac.bst). - को कार्यान्वित करके होता है। ये फ़ाइलज़ वैब पर हैं और उन्हें ड़ाउन-लोड़ किया जा सकता है।  अब इनका संचय करने पर, पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक रेफ़रन्स, बिबटेक और दोबारा संचय।  हम रेफ़रन्सस् की सूची पाएंगे जिसमें रेफ़रन्सस् बिना सीरियल नंबर के, वर्णमाला के क्रम से सूची बद्ध है। यहाँ कोई सीरियल नंबर नहीं है।  रेफ़रेन्ससिंग लेखक के नाम से स्पष्ट रूप में संबोधित है,  उदाहरण के लिए, यहाँ कहा गया है – विध्यासागर, उन्नीस सौ पचासी और साल।  अगले पन्ने पर भी हम रेफ़रन्सस् की सूची देख सकते हैं - वर्णमाला के क्रम से। जब इस रेफ़रेन्ससिंग स्टाइल का प्रयोग किया जाता है, साइट आदेश सारे रेफ़रन्सस् को कोष्ठक के भीतर डाल देता है। उदाहरण के लिए, स्रोत फ़ाइल को देखें।  यहाँ पर आते हैं।  साइट केएमएम शुन्य साथ” द्वारा पाठ्यपुस्तक “द टेक्स्ट बुक बाइ (मौदगल्या, दो हज़ार साथ, बी)” का निर्माण होता है।  यहाँ यह नाम मौदगल्या, कोष्ठक के भीतर नहीं आना चाहिए।  सिर्फ़ साल कोष्ठक के भीतर आना चाहिए।  “साइट-ऐज़-नाउन” (cite-as-noun) आदेश इस समस्या को सुलजाता है।  यहाँ ध्यान देना ज़रुरी है कि “साइट-ऐज़-नाउन” आदेश, इस रेफ़रेन्ससिंग स्टाइल की विशेषता है जो हम यहाँ प्रयोग कर रहे हैं।  दुसरे रेफ़रेन्ससिंग स्टाइलज़ में यह सम्भवता काम ना करें।&lt;br /&gt;
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जैसे कि पहले बताया गया है, रेफ़रन्ससिंग के अन्य स्टाइलस भी हैं।  इंटरनेट से उच्चित फ़ाइलज़ को ड़ाउन-लोड़ करें।  इस उदाहरण में मैंने “हावर्ड़ ड़ॉट एस-टी-वाइ” (Harvard.sty) और “आइ-फ़ॅक ड़ॉट बी-एस-टी” (ifac.bst). का प्रयोग किया है।  ध्यान से सोचने पर आपको एहसास हो जाएगा कि हमने पूरे रेफ़रन्सस् के ड़ेटाबेज़, “रेफ़ ड़ॉट बीब” (ref.bib),  में कोई भी परिवर्तन नहीं किया है। यही बिबटेक की ख़ूबी है।  हांलांकि हमने बहुत समय रेफ़रन्सस् सूची के निर्माण प्रक्रिया में लगा दी, प्रयोगकर्ता के वास्तविक प्रक्रिया बेहद आसान है। एक – ड़ेटाबेज़ का निर्माण, यानि “बीब” फ़ाइल।  “ड़ॉट एस-टी-वाइ” (.sty) और “ड़ॉट बी-एस-टी” (.bst). फ़ाइलज़ को पाना।  उनमें से कई, स्थापना करने पर, पहले से ही उपलब्ध हो सकतीं हैं।  स्रोत फ़ाइल का संचय, पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक आदेश का निष्पादन, फ़िर स्रोत फ़ाइल का दौहरा संचय।  क्या आप नहीं मानते कि यह एक बहुत ही सरल प्रक्रिया है?  क्या आप नहीं कहोगे,  बिबटेक और लेटेक की जय हो!&lt;br /&gt;
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यहाँ मैं इस ट्यूटोरियल को समाप्त करती हूँ।  इसमें शामिल होने के लिए धन्यवाद। कृपया अपनी राय “कन्नन ऐट आईआईटी-बी डॉट एसी डॉट इन” (kannan@iitb.ac.in) पर भेजें।  आईआईटी बम्बई की तरफ़ से मैं नॆन्सी आप से विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

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		<title>LaTeX/C2/Bibliography/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-27T10:09:04Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with '[http://spoken-tutorial.org/wiki/index.php/File:References_short_Hindi.pdf click here for the reviews on the Spoken Tutorial]  इस मौखिक अभ्यास अथ्…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[http://spoken-tutorial.org/wiki/index.php/File:References_short_Hindi.pdf click here for the reviews on the Spoken Tutorial]&lt;br /&gt;
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इस मौखिक अभ्यास अथ्वा स्पोकन ट्युटोरियल में आप का स्वागत है जिसमें आप को लेटेक और बिबटेक के प्रयोग से “रेफ़रन्सस” (references) का निर्माण सिखाया जाएगा।  सबसे पहले आप को रेफ़रन्सस के ड़ेटाबेस का निर्माण करना है, जिसका फ़ाइल नाम “रेफ़ ड़ॉट बीब” (ref.bib) है।  हम इस फ़ाइल में निछे जाएंगे और फ़िर ऊपर।  हर एक रेफ़रन्स एक विषेश “की-वर्ड़” (key word) से शुरु होती है।  उदाहरण के लिए, यहाँ पर की-वर्ड़ है “केएमएम शुन्य साथ”(kmm07)।  मैं इस लेटेक फ़ाइल को खोलती हूँ। इस लेटेक फ़ाइल में आप जिस स्थान पर रेफ़रन्स का उपयोग करना चाहते हैं, वहाँ पर “साइट” (cite)आदेश दें।  यहाँ देखिए, “साइट केएमएम शुन्य साथ” (cite kmm07), पहला रेफ़रन्स जो हमने रेफ़ ड़ॉट बीब में देखा था।  अगला, आप उस फ़ाइल का नाम जोड़ें जिसमें रेफ़रन्सस सोर्स फ़ाइल में है।  यहाँ मैंने इसे ड़ॉक्यूमेंट के अंत में शामिल किया है – “बिब्लीयोग्रफ़ी रेफ़” (bibliography ref). याद रहे कि रेफ़रन्सस “रेफ़ ड़ॉट बिब” (ref.bib) फ़ाइल में है।  आखिर में आप को यह स्पष्ठ करना है कि बिब्लीयोग्रफ़ी के किस स्टाइल का प्रयोग करना है।  अगर हम यहाँ पर (plain style) या सरल स्टाइल का प्रयोग करेंगे, तो निम्नलिखित आदेशों के अनुक्रम से, हम सरल स्टाइल में रेफ़रन्सस निर्माण कर पाएंगे।  &lt;br /&gt;
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 &lt;br /&gt;
सबसे पहले, सोर्स फ़ाइल को “पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक रेफ़रन्सस” द्वारा संचय करें। “बिबटेक रेफ़रन्सस” आदेश का पालन करें।  और तिसरी बात, सोर्स फ़ाइल को “पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक रेफ़रन्सस” द्वारा दो बार संचय करें।  पहली बार और दुसरी बार।  रेफ़रन्सस निर्माण हो गया है। आईए, देखें।  दुसरा पन्ना – यहाँ पर मूल पाठ है और यहाँ पर रेफ़रन्सस की सूची है।  नीचे जाएंगे।  सरल स्टाइल में रेफ़रन्सस वर्णमाला के क्रम से और नंबरिंग के साथ दिखाई देती है। यह नंबर मूल पाठ में भी उपयोग में लाया जाता है।  “यू-एन-एस-आर-टी” (unsrt) रेफ़रन्ससिंग स्टाइल सरल स्टाइल के समान है, सिवाय एक अंतर के।  यहाँ पर “यू-एन-एस-आर-टी” टाइप करें।  रेफ़रन्सस का क्रम इस तरह सूचीबद्ध है जिस तरह से वे पहले लागू होतें हैं।  अब हम सरल स्टाइल को यू-एन-एस-आर-टी स्टाइल में बदल देतें हैं, कुछ इस तरह से और फ़िर एक बार लेटेक और बिबटेक की कार्यविधि को दौहरातें हैं।  यानि कि पहले सोर्स फ़ाइल पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक द्वारा, अगला सोर्स फ़ाइल बिबटेक द्वारा और फ़िर सोर्स फ़ाइल लेटेक द्वारा दो बार।  पहली बार और दुसरी बार।  परिणाम पर ध्यान दें।  आप देख सकतें हैं कि रेफ़रन्सस के क्रम का निर्माण ठीक उसी क्रम में हुआ है जैसे वे पेपर पर उद्धृत हैं।  उदाहरण के लिए, पहला रेफ़रन्स यहाँ पहले उद्धृत है।  दुसरे रेफ़रन्स को यहाँ “दो” उद्धृत किया गया है क्योंकि यहाँ यह इस तरह से उद्धृत है।  इस सूची में वह दुसरे स्थान पर है। इस सूची में नीचे जाएंगे।  ठीक है। अब वापस। कंप्यूटर वैज्ञानिक अपने प्रयोग के लिए जिस तरह रेफ़रन्सस का निर्माण करतें हैं, उस तरह हम भी कर सकतें हैं अगर हम स्टाइल को “ऍल्फ़ा” (alpha) करें।  आईए, स्टाइल को ऍल्फ़ा में बदल देतें हैं।  सुरश्क्षित करें और लेटेक और बिबटेक की कार्यविधि को दौहराएं।  यानि कि पहले सोर्स फ़ाइल पी-ड़ी-ऐफ़ लेटेक द्वारा, अगला रेफ़रन्सस बिबटेक द्वारा और फ़िर रेफ़रन्सस लेटेक द्वारा दो बार।  &lt;br /&gt;
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अब, हमें यह रेफ़रन्ससिंग स्टाइल प्राप्त हुआ है।  आईए, देखें।  ठीक है।  रेफ़रन्ससिंग के अन्य स्टाइलस भी हैं।  मैंने दो फ़ाइल ड़ाउन-लोड़ किया है – “हावर्ड़ ड़ॉट एस-टी-वाइ” (Harvard.sty) और “आइ-फ़ॅक ड़ॉट बी-एस-टी” (ifac.bst).  निम्नलिखित परिवर्तन करें।  पहले “यूज़ पॅकेज़स” (use packages) आदेश में हावर्ड़ का प्रयोग करें जैसे कि मैं अब कर रही हूँ और फ़िर स्टाइल को आइ-फ़ॅक में परिवर्तन करें।  फ़ाइल को सुरश्क्षित करें।  अब लेटेक और बिबटेक की कार्यविधि को दौहराएं।  लेटेक बिबटेक लेटेक पहली बार और लेटेक दुसरी बार।  रेफ़रन्सस की सूची इस पी-ड़ी-ऐफ़ फ़ाइल के अनुरूप है।  आईए, देखें।  यह वर्णमाला के क्रम से सूचीबद्ध है लेकिन यहाँ कोई सीरियल नंबर नहीं है जैसे सरल स्टाइल में था।  रेफ़रन्ससिंग लेखक के नाम और वर्ष से सूचित है।  इस स्टाइल में एक विशेष आदेश है – “साइट-ऐज़-नाउन” (cite-as-noun). लेखक का नाम मूल पाठ में उद्धृत करें न कि कोष्ठक के भीतर। यहाँ हमने सिर्फ़ साइट आदेश का प्रयोग किया है और हमें सारे रेफ़रन्सस कोष्ठक के भीतर प्राप्त हुआ है।  उदाहरण के लिए, दुसरे परिच्छेद को देखें, पाठ्यपुस्तक साइट केएमएम शुन्य साथ द्वारा, पाठ्यपुस्तक लेखक और पुरी जानकारी कोष्ठक के भीतर है।  अगर मैं इसे साइट-ऐज़-नाउन में परिवर्थित करूँ, सुरश्क्षित करूँ, और संचय करूँ, तो यह “मौदगल्या” कोष्ठक के बाहर मूल पाठ में आ गया है।  अगर आप अन्य रेफ़रन्ससिंग स्टाइलस चाहतें हैं तो वैब पर कोज करें।  सम्भवता, किसी व्यक्तिने आवश्यक एस-टी-वाइ और बी-एस-टी फ़ाइल लिखे होंगे।  &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
यहाँ मैं इस ट्यूटोरियल को समाप्त करती हूँ।  इसमें शामिल होने के लिए धन्यवाद। कृपया अपनी राय “कन्नन ऐट आईआईटी-बी डॉट एसी डॉट इन” (kannan@iitb.ac.in) पर भेजें।  आईआईटी बम्बई की तरफ़ से मैं नॆन्सी आप से विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/LaTeX/C2/Beamer/Hindi</id>
		<title>LaTeX/C2/Beamer/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-27T10:08:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with 'लेटेक और बीमर के प्रयोग से प्रस्तुतीकरण के इस ट्यूटोरियल में आप सबक…'&lt;/p&gt;
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&lt;div&gt;लेटेक और बीमर के प्रयोग से प्रस्तुतीकरण के इस ट्यूटोरियल में आप सबका स्वागत है । &lt;br /&gt;
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चलिए पहले स्क्रीन पर जो है उसे समझाते है । मेरे पास स्रोत फाइल यहाँ है , मैं pdflatex कमांड का इस्तेमाल करके यहाँ संकलन करुँगी और परिणामस्वरूप आउटपुट यहाँ इस कोने में दिखाई देगा । पहले इसे देखते है , हम इसके लिए शीघ्र वापस आएंगे । पहले इसे करते है , यहाँ पहली स्लाइड इस स्रोत से आती है – बिगिन फ्रेम , एंड फ्रेम  टाइटल पेज । टाइटल पेज को इन शब्दों में परिभाषित किया है , टाइटल , ऑथर  याने लेखक और डेट याने तारीख । डाक्यूमेन्ट क्लास जो इस्तेमाल कर रहे है वोह है बीमर । हमने डाक्यूमेन्ट यहाँ शुरू किया है  ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ठीक है ये पहली स्लाइड है , चलिए दूसरी स्लाइड पर जाते है । यह रूपरेखा है , ये कैसे बनाते है ? बिगिन फ्रेम , एंड फ्रेम एक स्लाइड को परिभाषित करता है । फ्रेम टाइटल रूपरेखा है । ये यहाँ आता है  । फिर मैंने सामान्य आइटमाइज़ कमांड का इस्तेमाल किया है । तीसरी स्लाइड पर जाते है । यह स्लाइड लेटेक पर अन्य मौखिक ट्यूटोरियल के बारे में बताता है । लेटेक पर पहले से ही कई मौखिक ट्यूटोरियल उपलब्ध है । अगर आप लेटेक का उपयोग करने में सहज नहीं है तो आप इन्हें देख सकते है । यह  समझाता है के लेटेक को कैसे इस्तेमाल करे , कैसे संस्थापन करे और विन्डोज़ पर कैसे चलाए । और हम आशा करते है के फोसी डॉट इन fosse dot in के प्रयोग से एक स्थायी लिंक दे । तो हम इसके अंत में आ चुके है , इस स्लाइड के लिए यह स्रोत है । आप देख सकते है के हम इस डाक्यूमेन्ट के अंत में आ चुके है । अब हम दिखायेंगे के कैसे इस डाक्यूमेन्ट को अलग फीचर्स से संजोए जो बीमर प्रदान करता है । चलिए शुरुवात में जाते है । इस फाइल के उपरी तरफ जाते है । अब मैं क्या करुँगी के , जो भी बदलाव , जो भी सुधार जो मैं यहाँ करने वाली हूँ वो यहाँ है । मैं एक समय पर एक जोडूंगी और समझाउंगी ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
चलिए देखते है जब ‘beamer theme split’ इस कमांड को देते है तो क्या होता है । मैं इसे कट करती हूँ , फिर से पीछे आते है , इसे सेव करते है और फिर संकलन करते है – पीडीएफ लेटेक बीमर । मैं इसे क्लिक करती हूँ , तो आप देख सकते है के इसने यह बैनर बनाया है और कुछ बैनर यहाँ । यहाँ भी , ठीक है । फिर हम क्या करते है के यहाँ आते है और पैकेज का प्रयोग करते है । इसे जोड़ते है – बीमर थीम शैडो । मैं इसे कट करती हूँ , यहाँ जाते है , पेस्ट करे , ये सब डाक्यूमेन्ट कमांड के ऊपर पेस्ट किए है । संकलन करते है । ठीक है , देखते है जब में इसे क्लिक करती हूँ तो क्या होता है । यह बड़ा हो गया है । आप यहाँ देख सकते है के कलर में बदलाव हुआ है । तो यह किया जाता है बीमर थीम शैडो कमांड द्वारा । यहाँ ऐसे कई पैकेजस है , मैं अब कुछ और फीचर्स स्पष्ट करने जा रही हूँ । हम इस परिचय के भाग के रूप में आगे पढने के लिए कई संदर्भ  देंगे जैसे के आप यहाँ देख सकते है - ‘references for further reading’  ।  इस वार्ता की रुपरेखा इस प्रकार है । हम थोडा समय टाइटल पेज , लेखक का नाम , कलर , लोगो याने चिन्ह इत्यादि पर बिताएंगे । न्यूनतम एनीमेशन जिसका प्रयोग आप अपनी बात को प्रदर्शित करने के लिए कर सकते हो , दो कॉलम प्रारूप , आकृति और टेबल्स , समीकरण , वर्बेटिम याने शब्दशः इत्यादि । ठीक है वापस शुरुवात पर जाते है । अगला है लोगो । यहाँ से लोगो को कट और पेस्ट करते है । इसे भी कमांड बिगिन डाक्यूमेन्ट के ऊपर पेस्ट करना होगा । देखते है यह लोगो कैसे दिखता है । open iitb logo.pdf. । मैं यहाँ वही नाम दे रही हूँ । जब मैं इसे ओपन करुँगी तो आप देखेंगे के मैं इस इमेज फाइल की बात कर रही हूँ । 1 cm ऊंचाई वाला यह लोगो कमांड इस कोने में आएगा । चलिए देखते है ये कैसा दिखता है । इसे क्लिक करे । आप देख सकते है के iitb logo आ गया है । अब से ये हर पेज पर आएगा ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अब हम यह कमांड देंगे ।  प्रस्तुतियों के लिए कभी कभी यह उपयोगी है  के सभी अक्षर बोल्ड हो । तो इसे ध्यान में रखते हुए , मैं इसे शामिल करती हूँ , कट , पेस्ट । असल में तो मुझे इसे बिगिन डाक्यूमेन्ट कमांड के बाद शामिल करना होगा । मैं इसे सेव करती हूँ , संकलन करती हूँ । ठीक है अब देखिए जैसे ही मैं इसे क्लिक करती हूँ सभी अक्षर बोल्ड होंगे । आप देख सकते है के ये बोल्ड बन चुके है । अब मैं यहाँ लेखन में सुधार करुँगी । उदाहरण के लिए , ये यहाँ काफी सारी चीजों को डालने की कोशिश करता है । यहाँ शीर्षक आया है , यहाँ लेखक की जानकारी आई है लेकिन बहुत सारी जानकारी आ रही है । कई बार मैं चाहूंगी के यहाँ छोटा शीर्षक हो । उदाहरणतः यह स्पेस इतना बड़ा नहीं होगा । तो हम क्या करते है के इसके इस्तेमाल से इसे सुलझाते है । उदाहरण के लिए यह रनिंग शीर्षक याने रनिंग टाइटल है । मैं इसे कट करती हूँ  । यह कमांड टाइटल के बाद आना चाहिए , टाइटल कमांड और वास्तविक टाइटल के बीच । तो मैं इसे यहाँ पेस्ट करती हूँ । आप देख सकते है के जो भी मैंने अभी पेस्ट किया है वोह वर्ग कोष्ठक में है । इसे सेव करते है , रन करे । जैसे ही इसे मैं करती हूँ , इस पर क्लिक करे , देखिए के जैसे ही इस पर क्लिक करते है इस भाग पर क्या होता है । आप देख सकते है के टाइटल अब बदल गया है । मैंने सिर्फ तल का भाग दिया है जोकि इस वर्ग कोष्ठक में दिया है  प्रेसेंटेशन युसिंग लेटेक एंड बीमर ।  फिर मैं कह रही हूँ के h-space आधा सेंटीमीटर है जो यहाँ स्पेस दे रहा है और फिर यहाँ पेज नम्बर है । ये यहाँ कहता है 1 बाय 3 फिर 2 बाय 3 । 3 बाय  3 यहाँ इत्यादि । यह प्राप्त होता है इन्सर्ट फ्रेम नम्बर डिवाइडेड बाय इन्सर्ट टोटल फ्रेम नम्बर के प्रयोग से ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मैं अब ऐसा ही लेखक याने ऑथर के लिए करुँगी । यहाँ आते है , कट करते है । और ऑथर के बाद ये आता है । सेव करते है , संकलन करे । इसे क्लिक करे । आप देख सकते है के कन्नन मौदगल्या आया है । यही मैंने वर्ग कोष्ठक में दिया है । अब ये हर एक पेज पर आएगा ।&lt;br /&gt;
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चलिए अगले विषय पर जाते है । यह समीकरण सहित है । यह पूरी चीज़ एक फ्रेम की तरह है – एक पूर्ण फ्रेम । तो हम इस पुरे चीज़ को कट करते है , यहाँ वापस आते है , इस डाक्यूमेन्ट के अंत में जाइए । सेव करे । तो मैंने एक नई स्लाइड बनाई है । देखते है ये कैसी लग रही है । तो यहाँ से फ्रेम शुरू हो रही है । संकलन करते है । आप अब देख सकते है के यहाँ चार पेज है । लेकिन ये अभी भी तीन ही बता रहा है , अगर हम एक और बार क्लिक करे तो अब ये चार बन गया है । तो इस स्लाइड में समीकरण है । मैं आपको नहीं समझाऊँगी के ये समीकरण कैसे लिखे । ये पहले मैंने जो ट्यूटोरियल बनाया था के कैसे समीकरण बनाए उसमें समझाया गया है । मैंने सिर्फ ये किया है के मैं उस लेटेक डाक्यूमेन्ट पर गयी हूँ , कट किया और यहाँ पेस्ट किया है । और हाँ मैंने समीकरण संख्या हटा दी है । इसका कोई मतलब नहीं बनता के स्लाइड में समीकरण संख्या दी जाए ।  लेकिन कभी कभी कलर को चिन्हांकित करने के लिए या विशिष्ट रूप से बताने के लिए ये उपयोगी होता है । उदाहरण के लिए मुझे इसे बदल कर नीला करना है , मैं इस प्रकार करुँगी । यहाँ आते है । कमांड है – कलर , ब्लू और फिर इसे बंद करेंगे । सेव करे । संकलन करे और इसे क्लिक करे और देखिए के यह नीला बन चूका है । तो आप समीकरण को संख्या से संदर्भित नहीं करना चाहेंगे बल्कि आप कह सकते है के इस रंग वाले समीकरण को लीजिए या मास बैलेंस समीकरण को देखिए इत्यादि  । आप उसे किसी चीज़ से संदर्भित करना चाहोगे जोकि लोग याद रखे । अब अगली चीज़ ये है के हम ऐनीमेशन को शामिल करेंगे । जोकि उपयोगी है जानकारी को एक के बाद एक अवधारणा द्वारा प्रस्तुत करना । तो मैंने इसे कट किया है और यहाँ पेस्ट किया है । चलिए देखते है ये कैसा नज़र आता है । पहले संकलन करते है और देखते है क्या होता है । ये पत्र लेखन वाले ट्यूटोरियल से है । ये जानकारी भी है यहाँ । इसमें सिर्फ यह बदलाव है के बिगिन एन्यूमरेट और एंड एन्यूमरेट के बीच मैंने आइटम प्लस मायनस अलर्ट डाला है । देखते है ये क्या करता है । देखिए मैंने यहाँ एक कमांड दिया है पॉज़ , जैसे ही मैंने कमांड पॉज़ दिया वोह वही रुक गया और अब बिगिन एन्यूमरेट शुरू होता है । थोडा आगे जाते है , पेज डाउन , अगला पेज अगला पेज , अगला पेज । जैसे ही नीचे जाते है नई जानकारी लाल रंग में है और बाकि सब डिफॉल्ट रंग में जो है काले रंग में । मैं इस डाक्यूमेन्ट के अंत में आ चुकी हूँ । तो ये एक सरल तरीका है ऐनीमेशन बनाने का जहाँ एक समय में थोड़ी जानकारी प्रस्तुत करनी है ।&lt;br /&gt;
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अगली चीज़ जो मैं करना चाहूंगी वोह यह है के विशिष्ट रंग को नीले रंग में परिवर्तित करू । उदाहरण के लिए यहाँ विशिष्ट रंग है लाल  , इसे अलर्टेड कलर कहते है ।  मैं इस अलर्टेड कलर को नीला बनाना चाहूंगी । ताकि ये इस कलर के अनुरूप है जो मैंने चुना है  । ठीक है मैं यहाँ आती हूँ , इसे कट करती हूँ ।  ये इस डाक्यूमेन्ट के शुरुवात में जाना चाहिए , बिगिन डाक्यूमेन्ट  कमांड के पहले । संकलन करती हूँ , जब मैं इसे क्लिक करती हूँ आप देख सकते है के अलर्टेड कलर नीला बन चूका है । इसे प्राप्त किया जाता है कमांड ‘सेट बीमर कलर – अलर्टेड टेक्स्ट (‘set beamer color – alerted text’ )। यहाँ एक स्पेस है ‘फोरग्राउन्ड  ईक्वल्स ब्लू’, एफ जी ईक्वल्स ब्लू  (fg equals blue) । अब मैं बताऊँगी की कितना सरल है पुरे डाक्यूमेन्ट का रंग बदलना ।  तो मैं क्या करती हूँ के यहाँ आती हूँ ,इस स्लैश डाक्यूमेन्ट  के बाद , बीमर वाक्यांश शुरू होने से पहले लिखूंगी ब्राउन  ।  सेव करे , संकलन करे ।  आप देख सकते है के ये ब्राउन  बन चूका है । तो अब हम इसे अपने मूल रंग में वापस लाते है  । डिफॉल्ट याने वितथ रंग ब्लू है तो मुझे टाइप करने की ज़रूरत नहीं । तो हमें फिर से ब्लू रंग मिला है  । &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
अब यहाँ आते है । मैं इसे डिलीट करती हूँ । अब मैं आकृतियों को याने फिगर्स शामिल करती हूँ । इसे कट करते है, यहाँ आते है , इसके अंत में जाते है । आखरी वाला । संकलन करते है । अब अगले पेज पर जाते है । तो फिगर का उदाहरण यहाँ दिया है । ठीक है अब इसे रखने के लिए क्या दिशा निर्देश है । यहाँ कुछ महत्वपूर्ण दिशा निर्देश है । हम उसे थोड़ी देर में देखेंगे । इसे कट करते है , पेस्ट करे , संकलन करे । चलिए स्रोत पर आते है जहाँ हमने फिगर या आकृति बनाया था । इस तरह से हमने ये फिगर बनाया था । तो क्या दिशा निर्देश है । प्रस्तुतिकरण के समय फ्लोटेड परिवेश का उपयोग ना करे , उदाहरण के लिए बिगिन फिगर ,एंड फिगर ना कहे जिसकी ज़रूरत लेटेक डाक्यूमेन्ट में होती है । अगर आपको जानना है के फिगर को कैसे शामिल करे या उसके बारे में और कुछ तो टेबल्स और आकृति वाले ट्यूटोरियल को देखे । तो इसका उपयोग ना करे । सीधे इन्क्लूड ग्राफिक्स का उपयोग करे । उदाहरण के लिए , इन्क्लूड ग्राफिक्स का इस्तेमाल हुआ है और मैं कह रही हूँ के टेक्स्ट की पूरी चौड़ाई का उपयोग करो और फाइल है iitb (आई आई टी बी) । वैसे बीमर में पहले से है ज़रूरी पैकेजस होते है तो आपको कोई पैकज को शामिल अथवा इस्तेमाल करने की ज़रूरत नहीं , वे पहले से ही शामिल है । और फिर हम पूरी चीज़ मध्य परिवेश में रखते है । यह फ्रेम पूरी हो चुकी है । कैप्शन या फिगर नम्बर को शामिल ना करे । लोग इन नम्बर्स को याद नहीं रखने वाले । अगर आपको पहले दिखाए आकृति का उल्लेख चाहते है तो फिर से उसे दिखाए । एक और स्लाइड बनाने के लिए पैसे खर्च नहीं होंगे । पहली दिखाई गयी स्लाइड की कॉपी बनाए और उसे फिर से करे । ठीक है अब फिगर और दिशा निर्देश पुरे होते है । और हम इस डाक्यूमेन्ट के अंत में आ चुके है ।&lt;br /&gt;
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चलिए देखते है एक दो कॉलम वाले परिवेश को कैसे शामिल करे । यहाँ आते है । डाक्यूमेन्ट के अंत में जाते है । सेव करे । मैं इसे और सरल बनाने के लिए यह करुँगी के इसे हटा दूंगी ताकि ये सरल बने । तो अब मैं क्या करुँगी के , जानकारी का कुछ भाग बताउंगी । संकलन करते है और देखते है क्या होता है । तो अब मेरे पास ये है , दो कॉलम्स । ओह ये सेव नहीं किए है इसलिए देखिए स्टार स्टार । पहले तो हम ये करते है के इसे सेव करते है । ये कठिनाई होती है जब आप सेव किए बिना संकलन करते हो , pdf (पीडीएफ) फाइल जो आप देख रहे है वह उसके अनुरूप नहीं है जो आपके पास यहाँ है । तो इसका संकलन करते है । यहाँ आते है । अब यहाँ जो आप देख रहे है वोह यहाँ जो आपके पास है उसके अनुरूप है । चलिए इसे मध्य में लाते है । तो फ्रेम टाइटल है  , टू कॉलम्स और मैं प्रयोग कर रही हूँ कमांड ‘mini page’(मिनी पेज) का और इसे मध्य में करती हूँ तथा मैं पैंतालीस प्रतिशत टेक्स्ट विड्थ याने के चौड़ाई का उपयोग कर रही हूँ । बिगिन एन्यूमरेट  , ये दो और फिर एंड एन्यूमरेट । पहले की तरह इसे विशिष्ट रूप से बता रही हूँ । इन दोनों को देखिए । यह डाक्यूमेन्ट का अंत है । अब में क्या करती हूँ के , यहाँ आती हूँ और जो भी इसके आखिर में है उसे जोड़ते है  । यहाँ पहले वाला मिनी पेज समाप्त हुआ है । अब मैं और एक मिनी पेज बनाउंगी और इस मिनी पेज में मैं IITb डालती हूँ , वही इमेज जो हमने पहले देखी थी । और इस मिनी पेज का साइज़ भी पैंतालीस प्रतिशत है । संकलन करते है । इसे पहले सेव करते है । इसे क्लिक करते है । अब देख सकते है के ये आ गया है । लेकिन इसमें एक समस्या है के जब मैं इस पेज पर जाती हूँ यह पहला आइटम तथा साथ ही यह आकृति भी बताता है । हालांकि यह आकृति बाद में आती है , यह इसलिए बताता है क्योंकि हमने लेटेक से कही नहीं कहा के इसे बाद में दिखाओ । यह शायद निहित है । उदाहरण के लिए अगर आप इस जानकारी को इस आइटम के अंतर्गत डालोगे फिर हम कहेंगे के पहले इस बताए और फिर इसे ।  लेकिन कहीं भी हम ये नहीं कह रहे के ये बाद में आना चाहिए । तो हमें ऐसे चीजों का ध्यान रखना चाहिए । इस समस्या का एक हल है के ‘pause’(पॉज़) डाले । संकलन करते है । सेव करे । तो अब ये ठीक है । अब ये समस्या हल हो चुकी है । पहला वाला , दूसरा वाला और फिर एक और , यह एक बार गुज़रता है और आप देख अकते है के ये हल हो चूका है ।&lt;br /&gt;
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ठीक है ,यहाँ आते है । अगला है टेबल । इसे सेव करे । संकलन करे । आप देख सकते है के टेबल आ गया है । मैं आपको नहीं बताउंगी के ये टेबल कैसे बनाना है , ये पहले ही टेबल्स वाले ट्यूटोरियल में समझाया गया था ।  मैंने बस इसे यहाँ कट और पेस्ट किया है । फ्रेम की शुरुवात में जाते है । ये वही टेबल है जिसका प्रयोग हमने पहले किया था , मैंने सिर्फ कट और पेस्ट किया है ।  आप मध्य परिवेश में बिगिन टैब्यूलर और एंड टैब्यूलर कमांड्स को आते हुए देख सकते है । दिशा निर्देश क्या है ? यह फिगर्स के दिशा निर्देश के जैसे ही है । तो चलिए वोह भी देखते है । देखिए यहाँ दिशा निर्देश है । संकलन करते है । यह देखिए । move forward । एक बार फिर फ्लोटेड परिवेश का इस्तेमाल प्रस्तुतीकरण में ना करे । टेबल्स के मौखिक ट्यूटोरियल में हम टैब्यूलर ( see is it table or tabular ) को टेबल परिवेश में डालते है । टेबल परिवेश फ्लोटेड परिवेश है , इसे यहाँ शामिल ना करे । इसे डिरेक्ट्ली याने सीधे शामिल करे । उदाहरण के लिए हम मध्य परिवेश में सीधे उसे शामिल करते है । कैप्शन , टेबल नम्बर इत्यादि को शामिल ना करे । ज़रूरत हो तो उसकी एक कॉपी बनाए । ठीक है अब मैं यहाँ बताना चाहूंगी के किस तरह ऐनीमेशन होता है । उदाहरण के लिए इस स्लाइड में ये किसी और रंग से अलर्ट नहीं हुआ है । याद कीजिये के हमने ब्लू कलर का प्रयोग किया था अलर्ट करने के लिए  । ऐसा क्यों हुआ ? वोह इसलिए क्योंकि हमने यहाँ एक अलग तरह के परिवेश का इस्तेमाल किया है । बिगिन आइटमाइज़ , एंड आइटमाइज़ , उसी के अंतर्गत हमने इस्तेमाल किया आइटम प्लस माइनस । पहले हम अलर्ट शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे । उसे याद कीजिये । अब हम उसका प्रयोग नहीं कर रहे । जिसके परिणामस्वरूप ये काले रंग में ही आता है । यह सरल तरीका है ऐनीमेशन को शामिल करने का । तो आप चुन सकते और ले सकते है । तो ये है जो हमने लिखा था । Show different animations in the previous slide याने पिछले स्लाइड में अलग अलग ऐनीमेशन दिखाए ।&lt;br /&gt;
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अब इसे एक हैन्डाउट में बदलने की ज़रूरत है । उदाहरण के लिए , अगर आप इसे प्रिंट करने की कोशिश करे , जो भी यहाँ है , ये 24  पेज बनाएगा जबकि यहाँ सिर्फ दस पेज है । यहाँ सिर्फ दस विशिष्ट फ्रेम्स है लेकिन यहाँ 24  पेज है । लेकिन आप प्रिंट करने की कोशिश करे तो ये 24  पेज देगा । एक तरीका है इसका ध्यान रखने का के एक आसान स्विच का प्रयोग करे जिसे हैण्डआउट कहते है । अगर मैं इसे करती हूँ , पहले संकलन करती हूँ , अब यहाँ सिर्फ दस पेज है । चलिए एक और बार संकलन करते है । अब यहाँ ऐनीमेशन नहीं है । अगर मैं अगले पेज पर जाती हूँ , नेक्स्ट पेज , नेक्स्ट पेज , नेक्स्ट पेज , नेक्स्ट पेज । अगर हमें कलर बदलना है तो , मैं फिर से ब्राउन याने भूरा रंग देती हूँ । आप देख सकते है के ये बदल चूका है । तो यहाँ सारे मापदंड जो अल्पविराम द्वारा अलग किए होते है , शामिल होने चाहिए । तो अब मैं इसे फिर से नीला रखती हूँ । संकलन करे ।&lt;br /&gt;
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अब हम क्या करेंगे के , कभी कभी हमें वरबाटीम परिवेश को शामिल करना होता है । चलिए मैं यह उदाहरण लेती हूँ । यहाँ जाते है , अंत में जाइए । सेव करे । तो यहीं वरबाटीम शुरू होता है । तो आप देख सकते है के वरबाटीम बना है । यहाँ मैंने कुछ साइलैब कमांड्स के साथ इसकी व्याख्या की है । मैंने यहाँ कलर ब्लू दिया है इत्यादि । एक चीज़ जो आपको करनी थी वोह है के ये कहना है , बिगिन फ्रेम , फ्रैजाइल वर्ग कोष्ठक में । अगर आप ऐसा नहीं करते तो एक समस्या हो सकती है । ठीक है तो आप ये देखिए , हम फिर से आएंगे और उसे जांचेंगे । तो अगर मैं ये डिलीट करती हूँ , सेव करे , संकलन करे । ये आकर कहेगा के कुछ तो ठीक नहीं है । तो इसे फिर से लिखते है फ्रैजाइल । सेव करे , यहाँ से बाहर आते है । फिर से संकलन करते है । अब ये आ गया है ।&lt;br /&gt;
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बीमर क्लास में बहुत सारी जानकारी है । हमें दूसरी चीजों के बारे में कैसे पता चलेगा । तो मेरे पास कुछ जानकारी है यहाँ , नीचे जाते है । तो वोह अधिक जानकारी इस स्लाइड में है । संकलन करते है और उसे देखते है । बीमर के लिए आधिकारक स्रोत है ये फाइल बीमर यूज़र गाइड डॉट पी डी एफ (beamer user guide dot pdf) ।  मैंने इसे यहाँ से पता किया है लेकिन बीमर क्लास के लेखक द्वारा दिए गए बीमर परियोजना वेबसाइट पर भी ये उपलब्ध है । मैं इसे स्पष्ट करती हूँ , मैंने पहले ही इसे डाउनलोड किया है , ये उस साईट में है जिसका ज़िक्र मैंने पहले किया था ।  उदाहरण के लिए , ये 224 पेज का एक डाक्यूमेन्ट है । यह एक बड़ा डाक्यूमेन्ट है । हम ये बताना चाहते है के यहाँ से सीधे आप जानकारी का इस्तेमाल कर सकते है । तो यहाँ आते है । पहले ही पेज पर लेखक ने बताया है के सरल स्लाइड्स को कैसे बनाए और साथ ही स्रोत भी दिया है । हम इसे कट करते है ,कॉपी करते है , इसे मिनीमाइज़ करते है । मैं डाक्यूमेन्ट के अंत में जाती हूँ । पेस्ट करते है । सेव करे । संकलन करे । अगले पेज पर चलते है । &lt;br /&gt;
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आप देख सकते है के जो भी हमने वहाँ देखा था वो यहाँ आया है । यहाँ लेखक ने थीअरम परिवेश का प्रयोग किया है । ठीक है उदाहरण के लिए बिगिन थीअरम एंड थीअरम । लेखक ने फ्रेम सबटाइटल का भी प्रयोग किया है जो छोटे अक्षर में है । और फिर बिगिन प्रूफ और एंड प्रूफ यहाँ है । जैसे वो proof . कहते है । यह एक विंडो ओपन करता है जिसे प्रूफ डॉट कहते है । इसी तरह से परिवेश को परिभाषित किया है । लेखक एक अलग अलर्ट मेकनिज़म का प्रयोग कर रहा है । उसे देखने के लिए पीछे आते है । इस हैण्डआउट को हटाते है ताकि हम ऐनीमेशन देख सके । संकलन करे । ठीक है । चलिए पेज चौंतीस पर जाते है । ठीक है अब ऐनीमेशन देखते है । आप देख सकते है । ठीक है यहाँ आते है । तो ये दो आइटम को संख्या दि गयी है 1 और दूसरों को संख्या  2 और 3 । दूसरे शब्दों में यह भी संभव है के चीजों के अनुक्रम को स्पष्ट कर सकते है जो की स्लाइड पर दिखाई देगा ।  हमारे पास समय नहीं है इसे विस्तार में देखने के लिए । मैं ये सुझाव दूंगी के इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए यहाँ दिए गए सन्दर्भ को देखे ।  इस संदर्शिका में कई वैशिष्ट्य है ।  इस बीमर क्लास में बहुत सारे वर्ग है ।  हो सकता है आप उनमें से कुछ की कोशिश करना चाहोगे ।  &lt;br /&gt;
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मैं इसे फिर से हैण्डआउट में बदल देती हूँ । अब हम हैण्डआउट मोड में वापस जा रहे है , प्रेसेंटेशन मोड में एक समस्या है के यहाँ जो ऐनीमेशन आप दिखाते है उसका संकलन होने में काफी वक्त लगता है । तो विशिष्ट रूप से आप ज्यादा से ज्यादा हैण्डआउट मोड के साथ काम करना चाहेंगे और कभी कबार जब आपको सही में जाँच करनी है तो प्रेसेंटेशन मोड का प्रयोग करोगे । अंततः आपको आगरा प्रतुतिकरण याने प्रेसेंटेशन बनानी है तो आप प्रेसेंटेशन मोड का प्रयोग करना चाहोगे । और आपको अगर प्रिंट लेना है तो हैण्डआउट मोड का प्रयोग करे । चलिए आखिर में जाते है । हम लगभग ट्यूटोरियल के अंत में आ चुके है । चलिए आभार मानते है । पहले इस पूरी चीज़ को कॉपी करते है और यहाँ आते है  । संकलन करते है । ठीक है । इन ट्यूटोरियल के लिए निधिकरण आता है राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा ICT के माध्यम से । इस मिशन के लिए ये वेबसाइट है ।&lt;br /&gt;
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इस ट्यूटोरियल में जुड़े रहने के लिए धन्यवाद । आप अपनी प्रतिक्रिया kannan@iitb.ac.in पर भेज सकते है । मैं सकीना शेख आपसे आज्ञा लेती हूँ । धन्यवाद ।&lt;br /&gt;
 &lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

	<entry>
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		<title>LaTeX/C2/Tables-and-Figures/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-27T10:07:15Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with 'टेबल्स और आकृतियों के इस ट्यूटोरियल में आप सबका स्वागत है । इस ट्यूट…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;टेबल्स और आकृतियों के इस ट्यूटोरियल में आप सबका स्वागत है । इस ट्यूटोरियल में हमारे दो उद्देश्य है । पहला है यह समझाना के टैब्यूलर परिवेश का प्रयोग कर टेबल्स कैसे बनाए । दूसरा उद्देश्य है के टेबल परिवेश का इस्तेमाल कर लेटेक डाक्यूमेंट्स को टेबल्स में कैसे शामिल करे । यही तरीका इस्तेमाल कर सकते है आकृति को शामिल करने के लिए । हमने देखा है के कैसे टाइटल याने शीर्षक पेज बनाए , इसमें टाइटल है , लेखक की जानकारी ,क्रिएटिव कॉमन्स, कॉपीराइट की जानकारी , ये सब समीकरण वाले ट्यूटोरियल में समझाया गया था । आज की तारीख आखरी कॉलम दिखाई दे रहे है जोकि इस कमांड द्वारा बनी है । अगले पेज पर चलते है । अब मैं यह टेबल क्रमशः कैसे बनाना है यह समझाऊँगी ।  एक साफ स्लेट से शुरुवात करते है ।  मैं इन कमांड्स को डिलीट करती हूँ । संकलन करती हूँ और साफ स्लेट से शुरू करती हूँ । बिगिन टैब्यूलर और एंड टैब्यूलर के इस्तेमाल से टैब्यूलर परिवेश को बनाया जाता है । मैं इसे यहाँ करती हूँ ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
बिगिन टैब्यूलर के पास ब्रेसेस के भीतर जो ‘r r’ अक्षर है वोह बताता है के यहाँ दो कॉलम्स है तथा वो दाईं ओर संरेखित है ।पहली लाइन में जो एंट्रीज़ है मांगो और मिक्स्ड । दो रिवर्स स्लैश अगली लाइन का संकेत देता है । मैं अगली लाइन को एन्टर करती हूँ । जैक्फ्रूट । कोली हिल्स । बनाना । ग्रीन । अब मैं इस टैब्यूलर परिवेश का अंत करती हूँ । संकलन करती हूँ । ये यहाँ दिखाई दे रहा है । हमें 3 बाय  2 टेबल मिलता है , यहाँ तीन रोव्स और दो कॉलम्स है । यह दो कॉलम्स राइट अलाइंड है याने के दाईं तरफ संरेखित है  जो की  ‘r r’ अक्षर द्वारा स्पष्ट किया गया है । दो कॉलम को अलग करने के लिए हम संरेखित कॉलम अक्षरों के बीच में एक खड़ी लाइन दाखिल करते है । तो मैं यहाँ दाखिल करती हूँ । सेव करती हूँ । संकलन करे । आप देख सकते है के खड़ी लाइन आई है । अगर अंत में भी आपको खड़ी लाइन चाहिए उचित जगह पर दाखिल कीजिये । मैं इन्हें दाखिल करती हूँ , सेव करती हूँ और संकलन करती हूँ । तो ये यहाँ आ गए है । असल में तो हम और खड़ी लाइन्स दाखिल कर सकते है । मैं एक और खड़ी लाइन शुरुवात में डालती हूँ । आप देख सकते है के दूसरी लाइन आ गयी है । देखिए दो और खड़ी लाइन्स । हम कुछ और अलग संरेखण की कोशिश करते है । यहाँ ‘c’ लिखते है यह कहने के लिए के दूसरा कॉलम मध्य में संरेखित हो । अब ये मध्य में संरेखित है । चलिए पहले कॉलम को बायी ओर संरेखित करते है । अभी तो यह दाई ओर संरेखित है मैं इसे बायी ओर संरेखित करती हूँ । L, सेव करे , संकलन करे । अब ये बायी ओर संरेखित है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अब हम रोव्स को आडी लाइन्स द्वारा अलग करेंगे । चलिए यहाँ h-line (h-लाइन)डालते है । देखते है ऐसा करने पर क्या होता है । यह ऊपर की लाइन डालता है । अगर मैं यहाँ एक और h-line डालती हूँ , देखिए एक लाइन आ गयी है । मैं इसे पूरा करती हूँ । यहाँ मुझे दो रिवर्स स्लैश के साथ एक ब्रेक लाइन देनी होगी और फिर h-line । वाक्य के शुरुवात से h-line शुरू होता है । अब मैंने आडी लाइन्स पूरी की है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
चलिए अब तीन और कॉलम्स और एक रोव जोड़ते है । इसलिए मैं यहाँ आती हूँ  और C , C, R. मैंने और तीन कॉलम्स जोड़ी है , उनमें से पहले दो मध्य में संरेखित है और तीसरा वाला दाईं ओर संरेखित है । और फिर मुझे कहना है : फ्रूट , टाइप , नम्बर ऑफ यूनिट्स ,कोस्ट पर यूनिट ,कोस्ट रुपीज़ , h-लाइन । तो मिक्स्ड , बीस , पचहत्तर रूपए , पंद्रह सौ रूपए । जैक्फ्रूट, इनमें से दस ,पचास रूपए , पाँच सौ रूपए । बनाना ग्रीन , दस डज़न, बीस रूपए प्रति डज़न और कुल दो सौ रूपए । चलिए देखते है की हम इसका संकलन कर सकते है या नहीं । तो इसने एक टेबल बनाया है । दाईं ओर संरेखण की ज़रूरत को देखिए , यह इसलिए ताकि हम नम्बर्स जोड़ सके  ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मान लीजिए के कॉलम को दो भाग में अलग करना है । उदाहरण के लिए , यहाँ इन दो कॉलम्स में फ्रूट्स को विवरण है और इन तीन में कॉस्ट कैल्क्यूलेशन याने लागत गणना है । तो यह मल्टी कॉलम कमांड की मदद से किया जाता है । मैं इस तरह से करती हूँ । मल्टी कॉलम , दो लीजिए , मध्य संरेखण , फ्रूट विवरण । पहले दो पुरे होने पर अगली कॉलम के लिए मैं टैब डालूंगी । अगली लाइन पर जाइए । मल्टी-कॉलम याने बहु-कॉलम, तीन यह भी मध्य संरेखित होने चाहिए । ब्रेसेस के भीतर , कॉस्ट कैल्क्यूलेशन , स्लैश h-लाइन । तो हमें यह मिला है । पहले दो में टायटल याने के शीर्षक है फ्रूट डीटेल्स , अगले तीन में टायटल है कॉस्ट कैल्क्यूलेशन । यहाँ खड़ी लाइन्स नहीं है क्यूंकि हमने लेटेक से ऐसा करने नहीं कहा है । तो चलिए यह करते है । यहाँ हमें दो खड़ी लाइन्स चाहिए और यहाँ एक । उसके पहले ही यहाँ पर एक लाइन है सो इसे मैं यहाँ डालती हूँ । देखिए क्या होता है । अब खड़ी लाइन्स भी आ चुकी है । क्योंकि यह 2 और 3 एक ही अक्षर वाला तर्क है तो यह संभव है के हम उन्हें ब्रेसेस के बिना लिखे । वही चीज़ काम करती है ।&lt;br /&gt;
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कभी कभी कुछ कॉलम्स के बीच आडी लाइन्स बनाना ज़रूरी होता है । हम उसे इस तरह से समझाते है । इस मैंगगो को अलग करती हूँ , मिक्स्ड के बजाय इसे मालगोआ कहते है और फिर 18 किलोग्राम्स , 50 किलोग्राम्स । मैं इसे डिलीट करती हूँ । और यहाँ मैं कहती हूँ के ये अलफानसो है , 2  डज़न , 300 रुपए प्रति डज़न, और कुल पन्द्रह सौ । चलिए देखते है जब इसे सेव करते है तो क्या होता है । संकलन करे । तो मुझे ये मिला है , यहाँ यह हुआ है के यह लाइन यहाँ आई है और यहाँ भी और मैं ये औए ये नहीं चाहती । तो इसका ध्यान रखा जा सकता है यह कहकर के इस आडी लाइन के बजाय मुझे कॉलम 2 और  4 के बीच एक C लाइन चाहिए । तो मुझे इसे यहाँ करना चाहिए था । चलिए फिर से इसे यहाँ वापस डालते है  । H-लाइन यहाँ । C-लाइन  2 टू 4 ।ठीक है अब मेरे पास सिर्फ कॉलम 2 और  4 के बीच लाइन है । यह मध्य लाइन ने मैंगगोज़ को भारत के दो लोकप्रिय मैंगगोज़ में विभाजित किया है । हम इस टेबल को समाप्त करते है एक अंतिम रोव से । इस तरह से जोड़ निकालते है । मल्टी कॉलम  4, दो खड़ी लाइन्स , राईट अलाइंड याने दाईं ओर संरेखित , वरटीकल सेपरेटर याने विभाजक , टोटल कोस्ट , रुपीस । इसे बंद करे । अगला टैब, 2200, h-लाइन । अब हम यहाँ है । तो यह टेबल था जिसके साथ हमने ट्यूटोरियल की शुरुवात की थी । टैब्यूलर परिवेश के प्रयोग से बनाए गए टेबल्स के साथ कैसे काम करे । लेटेक टैब्यूलर परिवेश द्वारा बनाए गए पुरे टेबल को एक ही वस्तु मानता है । उदाहरण के लिए , अगर आप लिखोगे,  this is an example table याने यह एक उदाहरण टेबल है  । अब क्या होता है के यह टेबल इन दोनों के बीच में आ जाता है । यह एक उदाहरण है ,इग्ज़ैम्पल टेबल के लिए । यह टेबल चल रहे वाक्य में प्रकट होता है । सेंटर परिवेश याने मध्य परिवेश के प्रयोग से टेबल को शामिल करना संभव है । एक और सामान्य रूप से टेबल परिवेश में इसे शामिल कर सकते है , अब हम बताते है , बिगिन , टेबल , इसे बंद करे । तो क्या होता है के ‘this is an example table’ । यह वाक्य अलग से आता है और जो भी इस बिगिन और एंड टेबल के बीच प्रकट होता है उसे अलग से एक टेबल के रुप में रखा जाता है । दूसरे शब्दों में , भले ही टेबल कुछ टेक्स्ट के बीच प्रतीत होता है , लेकिन इसे अलग से रखा गया है ।  यह केंद्रित नहीं है । हम यह कर सकते है के यहाँ कमांड दे सकते है , ‘centering’। इसे डाक्यूमेन्ट के बीच में रखने के लिए ।&lt;br /&gt;
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चलिए अब एक अनुशीर्षक याने के कैप्शन बनाते है । टेबल कैप्शन, टेबल के आगे डाला गया है । मैं यहाँ एक कैप्शन डालती हूँ ,Caption – cost of fruits in India, याने के अनुशीर्षक - भारत में फलों के दाम । तो यहाँ कैप्शनआ गया है । यह बहुत पास में है – मैं एक छोटी सी स्पेस याने जगह छोड़ना चाहूंगी । मैं ऐसा v-space command – 1 ex देकर करती हूँ । यह ‘x’ अक्षर के लिए जितनी जगह छोडी थी उतनी ही है । तो मैंने यह खड़ी स्पेस छोड़ दी है । अब ये ठीक दिख रहा है । डिफॉल्ट रूप से लेटेक टेबल को पन्ने के उपरी हिस्से में रखता है । ऐसा स्वचालित रूप से होता है ।  टेबल को अगले उपलब्ध स्लोट याने जगह पर प्रवाहित करते है । इसे समझाने के लिए मैं डाक्यूमेन्ट में से कुछ टेक्स्ट को कट और पेस्ट करती हूँ । मैं इसे डिलीट करती हूँ । ठीक है । अब यहाँ कुछ विवरण इन फ्रूट्स के बारे में दिया  है । इसके उपरी हिस्से में जाए । यहाँ  पेस्ट करे । संकलन करे । पहले जैसे टेबल पन्ने के ऊपर आया है । मैं इसमें कुछ और टेक्स्ट डालती हूँ । चार प्रतियाँ । तो अब क्या हुआ है के यह टेबल दूसरे पन्ने पर चला गया है और यहाँ और कुछ नहीं है इसलिए यह पन्ने के मध्य भाग में आ गया है । मैं इसकी एक और प्रतिलिपि डालती हूँ और कुछ और टेक्स्ट भी । तो अब क्या हुआ है के यह टायटल पेज याने शीर्षक पेज है , ये टेक्स्ट पेज है , और टेबल इस पेज के उपरी हिस्से में चला गया है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
समीकरणों के रूप से , हम लेबल्स भी बना सकते है और उन्हें संदर्भित करने के लिए उपयोग कर सकते है । उदाहरण के लिए , आप यह कमांड कैप्शन कमांड के नीचे दीजिए । आपको यह कमांड कैप्शन कमांड के नीचे देना है क्योंकि कैप्शन कमांड ही टेबल नम्बर बनाता है । उदाहरणतः यहाँ टेबल 1 अपने आप इस कैप्शन कमांड द्वारा बना है । अगर आप इसके बाद लेबल डालते है , तो ये लेबल , कैप्शन कमांड द्वारा बनाए गए नम्बर को संदर्भित करेगा । तो लेबल – फ्रूट्स । मैं थोडा पीछे जाती हूँ और यह लाइन यहाँ जोड़ती हूँ । The cost of fruits is shown in table reference याने इन फ्रूट्स की कीमत संदर्भ टेबल में बताया है , आपको इसे लेबल देना होगा , यह उसी तरह होना चाहिए जैसे के – ‘टैब फ्रूट्स’ । मैं संकलन करती हूँ । अब इसे देखिए । पहले संकलन पर ,यह वेरीयेबल सौंपा नहीं गया है । इसलिए मैं फिर से संकलन करती हूँ , तो मुझे यह मिला है । हम अपने आप से इल टेबल्स की सूची बना सकते है । जो अब हम समझा रहे है । ‘मेक टायटल’ के बाद मान लीजिए हमें यह टेबल्स की सूची चाहिए – listoftables एक ही शब्द में यह कमांड देना होगा । तो क्या हुआ है के इसने एक टेबल्स की सूची तैयार की है । विशिष्ट रूप से हमें दो बार संकलन करना होगा यह सुनिश्चित करने के लिए के टेबल नम्बर सही आए । ये यहाँ आया है , इस सूची के अनुसार टेबल पेज दो में है लेकिन हमें पता है के यह पेज तीन पर है । तो यह पेज तीन में है । तो चलिए वापस जाते है और एक और बार संकलन करते है , तो आप देख सकते है यह पेज तीन में है । यह पहले समझाया गया है । ठीक है , यह इस भाग का अंत है जिसमें हमने टेबल्स को समझाया है ।  अब हम समझाएंगे के ‘include graphics’(इन्क्लूड ग्राफिक्स ) इस कमांड का इस्तेमाल करके आकृति याने फिगर्स को कैसे बनाए । इसके लिए हमें शामिल करना होगा इस पैकेज को ‘graphicx’  । अब में इसके तल पर जाती हूँ और कहती हूँ यह कमांड इस प्रकार है , बिगिन , फिगर , इन्क्लूड ग्राफिक्स , विड्थ ईक्वल्स ।  मेरे पास iitb.pdf नामक एक फाइल है । यह देखिए के मैंने इसे इस आकृति के विड्थ याने चौड़ाई के साथ शामिल किया है जो की इस लाइन विड्थ के बराबर आता है । मैं इस आकृति को समाप्त करती हूँ । संकलन करे । तो आप देख सकते है के यह पेज के शुरुवात में आ गया है । मैं यह करती हूँ , यह इसलिए है के अगर मुझे इस पुरे लाइन विड्थ का प्रयोग करना है तो । मान लीजिए मुझे इस्तेमाल करना है पॉइंट 5, जो है लाइन विड्थ का आधा और फिर उसे छोटा बनाया गया है । और ध्यान दीजिए के यह बाईं ओर संरेखित हुआ है । और जैसे के टेबल में मैं कह सकती हूँ ‘centering’ (सेन्टरिंग) जो की इसे मध्य में लाएगा ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मैं अनुशीर्षक याने के कैप्शन भी बना सकती हूँ , फिगर शामिल होने के बाद फिगर कैप्शन बनाते है । ‘Golden Jubilee logo of IIT Bombay’ (गोल्डन जूबली लोगो ऑफ आई आई टी बॉम्बे) । पहले जैसे मैं लेबल बना सकती हूँ और उसका संदर्भ हम ‘ref’  कमांड देकर कर सकते है । । मैं इन फिगर्स की सूची को टेबल्स की सूची के साथ दर्शा सकती हूँ । मान लीजिये मुझे अगर फिगर्स की सूची चाहिए तो मैं इस संकलित करती हूँ । मैं दो बार संकलन करती हूँ और आप देख सकते है । फिगर्स की सूची अपने आप आ गयी है । सारे फिगर के कैप्शन यहाँ दिखाई देंगे ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एक आखरी चीज़ जो बतानी है है वोह है के कैसे इन फिगर्स को रोटेट याने के घुमा सकते है । यह ऐंगगल ऑप्शन द्वारा कर सकते है । मान लीजिए के ऐंगगल 90 डिग्री तक घुमाना है । तो इस आकृति पर जाइए । संकलन करते है । तो यह 90 डिग्री तक घुम चूका है । इसे माइनस 90 तक घुमाए । ठीक है । यहाँ मैं मान रही हूँ के iitb.pdf उपलब्ध है । अब हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ चुके है । लेटेक के साथ शुरुवात करने वाले को स्रोत डाक्यूमेन्ट में होने वाले हर बदलाव के बाद संकलन करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए के जो भी उन्होंने एन्टर किया है सही है । इस ट्यूटोरियल को सुनने के लिए धन्यवाद । मैं सकीना शेख आपसे आज्ञा लेती हूँ । नमस्कार ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

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		<title>LaTeX-Old-Version/C2/Mathematical-Typesetting/Hindi</title>
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				<updated>2012-11-27T10:05:36Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Pratibha: Created page with 'लेटेक के प्रयोग से मैथमाटिकल टाइप-सेटिंग के इस ट्युटोरियल में आप सब…'&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;लेटेक के प्रयोग से मैथमाटिकल टाइप-सेटिंग के इस ट्युटोरियल में आप सबका स्वागत है । तीन विन्डोज़ याने खिड़कियाँ देख सकते है – मैथ.टेक Maths.tec एक स्रोत याने सोर्स फाइल है । दूसरी विंडो का इस्तेमाल इस फाइल का संकलन करने के लिए करते है । आउटपुट फाइल Maths.pdf, pdf ब्राउज़र में है । यह ब्राउज़र pdf फ़ाइल का नवीनतम संस्करण दिखाता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
चलिए शुरुवात करते है ग्रीक याने यूनानी चिन्ह से जो गणित में प्रयोग करते है । हमें लेटेक को यह बताना है के हम डॉलर चिन्ह के साथ गणितीय अभिव्यक्ति लिख रहे है । उदाहरण के लिए , हम डॉलर अल्फा का उपयोग अल्फा बनाने के लिए करते है । संकलन  करने पर हमें अल्फा मिलता है । उसी तरह हम बीटा, गामा, डेल्टा इत्यादि लिखते है । चलिए देखते है जब इसका संकलन  करते है तो क्या होता है । लेटेक पर मानक पाठ्यपुस्तकों से तथा इन्टरनेट से इस तरह के चिन्हों की सूची हम प्राप्त कर सकते है।&lt;br /&gt;
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हम अब गणितीय अभिव्यक्ति में स्पेसेस की अवधारणा को लेते है । ऐसा करना से पहले , हम इसे डिलीट याने हटा देते है । सिस्टम का संकलन करते है । हम अल्फा-ए (alpha-a) को कैसे उत्पन्न करे । चलिए कोशिश करते है अल्फा-ए की ,वह यह है के हमें उत्पन्न करना है अल्फा और ए के गुनाकर को । अल्फा-ए की कोशिशि करते है । लेटेक शिकायत करता है के अल्फा-ए एक अपरिभाषित नियंत्रण अनुक्रम है । वह कहता है के उसे यह कमांड समझ नहीं आता । यह सुलझाया जाता है सोर्स फाइल में स्पेस देकर और उसे आउटपुट में अनदेखा करके  । पहले इससे बाहर आते है । फिर से संकलन करते है । यह बताता है अल्फा और ए का गुनाकर है अल्फा-ए । इस प्रकार हम देखता है के सोर्स फाइल में स्पेसेस कमांड्स को अलग करता है । यह स्पेसेस आउटपुट में प्रतीत नहीं होते ।&lt;br /&gt;
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अगर हमें स्पेसेस को आउटपुट में प्रयुक्त करना है तो हम क्या करे । हमें स्पष्ट रूप से लेटेक को बताना होगा । उदाहरण के लिए अल्फा रिवर्स स्लेश स्पेस ए , संकलन कीजिये , देखिए के यहाँ एक स्पेस छोड़ दिया है । हम अलग अलग दुरी या विस्तार वाले स्पेसेस को प्रयुक्त कर सकते है । उदाहरण के लिए , चलिए अगली लाइन पर चलते है । Quad-A एक स्पेस देगा  । alpha-q-qad-A ज्यादा स्पेस देगा । हम इन कमांड्स को जोड़ सकते है । देखिए यह बड़ा है । hspace यह कमांड भी इस्तेमाल कर सकते है , तो और बड़ा स्पेस होगा ।&lt;br /&gt;
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क्या आप बता सकते है पहली लाइन इन्डेन्टेड क्यों है । यह पैराग्राफ की शुरुवात की वजह से है । चलो इसे यहाँ शिफ्ट करते है । अब मैं बताना चाहूंगी छोटे स्पेस कैसे बना सकते है । यह स्लेश कॉमा-ए द्वारा किया जाता है। इसे यहाँ देखे । आखिर में छोटी स्पेस है जोकि स्लेश कॉमा कमांड द्वारा दी गयी है । &lt;br /&gt;
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अब हम फ़ोंट में बदलाव को देखेंगे जब टेक्स्ट मोड से गणितीय मोड की ओर जाते है । ये यहाँ से  स्पष्ट है । ध्यान दीजिए के हमारे पास ‘A’ यहाँ भी है और यहाँ भी , आउटपुट में लेकिन ये यहाँ है । अगर आप इस A को देखेंगे , A का फोंट अलग है । यह सुलझा सकते है A को डॉलर चिन्ह के भीतर लिखकर । अब इसे देखो , ये फोंट और ये फोंट बिलकुल एक जैसे है । लेटेक के साथ शुरुवात करने वाले अक्सर ये गलती करते है के वेरीयेबल्स के फोंट को एक जैसे नहीं रखते । माइनस साइन के लिए भी हमें डॉलर चिन्ह का प्रयोग करना होगा । इसके लिए , इसे यहाँ से हटाते है , इसका संकलन करते है । मान लीजिए हम लिखते है नेगेटीव ऑफ अल्फा-ए है माइनस- अल्फा-ए । देखते है संकलन करने पर क्या होता है  । ध्यान दीजिए के माइनस साइन एक छोटे से डैश के रूप में प्रकट होता है , यहाँ ऐसे  । यह माइनस साइन को डॉलर के भीतर लेकर सुलझाया जाता है । इस केस में हम माइनस साइन को डॉलर साइन के अंदर लिखते है  । तुलना करने के लिए चलिए इसे यहाँ रखते है और माइनस साइन के साथ इसकी एक कॉपी बनाते है । इस माइनस साइन और इस माइनस साइन के बीच अंतर देखिए । यह माइनस साइन डॉलर साइन के भीतर है । लेटेक के साथ शुरुवात करने वाले द्वारा की जाने वाली ये एक और गलती है । यह वही है जो गणितीय प्रतीकों में आवश्यक है । इस डैश का प्रयोग फिर से नहीं होना चाहिए । &lt;br /&gt;
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अब हम फ्राक (frac) कमांड को समझाना चाहेंगे जो की फ्रैक्शंस बनाने में इस्तेमाल करते है । संकलन कीजिये। Frac a b , यह बनाएगा A बाय B । ध्यान दीजिए के A और B छोटे साइज़ में प्रदर्शित हुए है । उदाहरण के लिए A बाय B is created by  ।  यहाँ A और B की साइज़ और A बाय B की साइज़ को देखे । कमांड फ्राक ,स्पेस के द्वारा समाप्त होता है  ।  यह दो तर्क के लिए देखता है  ।  पहला तर्क A को न्यूमरेटर के तौर पर लिया गया है और दूसरे तर्क B को डिनोमीनेटर के तौर पर लिया गया है ।  इसे यहाँ frac A B समझ आता है , कोई स्पेस के बगैर ,  यह वही उत्तर देगा । A और B के बीच के स्पेस से कोई फरक नहीं पड़ता ।  &lt;br /&gt;
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क्या करे अगर हमें A B बाय C डी बनाना है तो । लेटेक में तर्क ब्रेसेस द्वारा संलग्न होते है । उदाहरण के लिए डॉलर फ्राक A B  बाय C D डालते है । ये यहाँ है । A B  बाय C D यहाँ है । ब्रेसेस के अंतर्गत सारी एंट्रीस एक सिंगल तर्क के तौर पर ली जाती है । इसके परिणामस्वरूप ब्रेसेस के भीतर किसी भी जटिल अभिव्यक्ति को एन्टर कर सकते है  । उदाहरण , frac AB  फिर यहाँ  1+ frac CD  बाय EF । इसे बंद कीजिये । यहाँ इसे देखिए । हमने इसे अधिक जटिल अभिव्यक्ति बनाया है AB divided  (डिवाइडड-भागाकर) बाय  1+ CD बाय EF । यह कमांड कहता है कि पहला तर्क AB न्यूमरेटर में आना चाहिए । दूसरा कमांड जो डिनोमनेटर में जायेगा वह है 1+ CD बाय EF । इस फीचर के इस्तेमाल से यह संभव है के और भी जटिल अभिव्यक्ति को आसानी से टाइपसेट कर सकते है ।&lt;br /&gt;
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अब हम सबस्क्रिप्ट्स और सुपरस्क्रिप्ट्स को देखेंगे । इसे डिलीट करते है  । X अंडरस्कोर A बनाता है X ऑफ A । A का साइज़ स्वचालित रूप से एक उचित स्तर तक कम हो जाता है । A अंडरस्कोर AB के बारे में क्या ? चलिए इसे करते है । A, AB, डॉलर साइन डालिए । अगर हम चाह रहे है X sub(सब) AB तो हम हताश होंगे , हमें केवल X sub AB प्राप्त हुआ है । इसका कारण है कि सबस्क्रिप्ट कमांड सिर्फ एक ही तर्क की उम्मीद करता है । A इस तर्क के तौर पर लिया गया है । अगर हम चाहते है के प्रोडक्ट AB सबस्क्रिप्ट के तौर पर आए तो ज़रूरी है के इसे ब्रेसेस में संलग्न करे । उदाहरण के लिए , हमें इस पुरे चीज़ को ब्रेसेस में डालना होगा । यह यहाँ हुआ है ।&lt;br /&gt;
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कैरट या अप ऐरो चिन्ह द्वारा सुपरस्क्रिप्ट्स बनाया जाता है । उदाहरण के लिए अगर आप बनाना चाहते हो X टू द पॉवर 3, आप लिखोगे X अप ऐरो 3 । साधारण एडिटर्स में यह इस तरह प्रतीत होगा X अप ऐरो 3 । हम इसे डॉलर के साथ संलग्न करते है , संकलन कीजिये । आपको मिलता है X टू द पॉवर 3 । एक बार फिर हम ब्रेसेस की मदद से जटिल अभिव्यक्ति को बना सकते है जिसमें सबस्क्रिप्ट्स और सुपरस्क्रिप्ट्स शामिल हो । उदाहरण के लिए , X टू द पॉवर 3 , टू द पॉवर  A , टू द पॉवर  2.5  बनाएगा X टू द पॉवर 3 टाइम्स यह पूरी चीज़  । ठीक है , अब हम चाहते है के यह तीन यहाँ नहीं आए तो हमें इसे डिलीट करना होगा । अच्छा , अब यह देखिए X टू द पॉवर, A  टू द पॉवर  2.5 और इसमें हम एक सबस्क्रिप्ट भी जोड़ सकते है ।  सबस्क्रिप्ट, बीटा , को- सबस्क्रिप्ट है ‘ce’, यह सबस्क्रिप्ट को बंद करेगा । अगला लेवेल है डॉलर साइन । तो ये यहाँ आया है । X टू द पॉवर, A  टू द पॉवर  2.5, सबस्क्रिप्ट बीटा , को- सबस्क्रिप्ट है ce ।&lt;br /&gt;
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हम अब कुछ आम चिन्हों को देखते है । इसका संकलन करे । एक साफ़ स्लेट के साथ शुरू करे । A  ईक्वल्स B याने A B के बराबर , A  नॉट ईक्वल टू B याने A B के बराबर नहीं । यह देखिए नॉट ईक्वल टू B । अगली लाइन पर जाइए । A ग्रेटर दन B    याने A B से बड़ा है , A ग्रेटर ऑर  ईक्वल टू  B, A ग्रेटर ग्रेटर दन B  ।  संकलन करें ।  A ग्रेटर दन B , A ग्रेटर दन ऑर ईक्वल टू  B, B से अधिक बड़ा . उसी तरह लेस दन याने छोटे चिन्ह के लिए . लेस दन B ।  A लेस दन ऑर ईक्वल टू  B, A  B से अधिक छोटा ।  इसे देखिए , लेस दन ऑर ईक्वल टू , B से अधिक छोटा ।&lt;br /&gt;
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A राइट ऐरो  B, A लेफ्ट  ऐरो  B, A लेफ्ट – राइट ऐरो  B । राइट ऐरो,  लेफ्ट ऐरो, लेफ्ट और  राइट ऐरो । चलिए कुछ और जोड़ते है  । A  टाइम्स B  । देखते है क्या होता है  । A  टाइम्स B यहाँ है  । A प्लस C-डोट्स  प्लस  B. A कॉमा L- डोट्स कॉमा B.  अच्छा, C-डोट्स  याने डोट्स बीच में आएंगे , L-डोट्स से डोट्स नीचे याने तल की तरफ आते है । उसी तरह V-डोट्स  साथ ही D-डोट्स भी बनाना संभव है । हम इन्फिनिटी याने अनन्तता भी बना सकते है इस कमांड के ज़रिये -i-n-f-t-y , इन्फिनिटी । इस चिन्ह को देखिए ।&lt;br /&gt;
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‘sum’ कमांड बनाना संभव है  । ‘sum’ कमांड को देखिए । समेशन चिन्ह । हम इसमें सबस्क्रिप्ट और सुपरस्क्रिप्ट जोड़ सकते है । I ईक्वल्स 1 , अप ऐरो 100 ,जो की सुपरस्क्रिप्ट है । इसको देखिए I  ईक्वल्स 1 थ्रू 100 । आप ‘product’(प्राडक्ट) भी बना सकते है । इस pie (पाय) चिन्ह को देखिए। हम इन्टग्रल बना सकते है और सबस्क्रिप्ट के साथ , बीटा टू  द  पॉवर  2 । एक इन्टग्रल , सबस्क्रिप्ट A, सुपरस्क्रिप्ट बीटा स्क्वेर ।&lt;br /&gt;
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ठीक है अब हम मेटराइसेस की ओर चलते है । पहले इन सबको हटाते है । संकलन करे और एक साफ़ स्लेट से शुरू करे । इस उद्देश्य के लिए , हमें इस कमांड की ज़रूरत है ‘use package a-m-s-math । यह पैकज अतिरिक्त कमांड्स को परिभाषित करता है , जिनमे से कुछ का इस्तेमाल हम अब करेंगे ।&lt;br /&gt;
अम्परसैन्ड जो की ऐन्ड का चिन्ह है , कॉलम्स को अलग करने के लिए इस्तेमाल करते है । मैट्रिक्स को कैसे बनाये । बिगिन मैट्रिक्स A, B, एंड मैट्रिक्स । डॉलर साइन डालिए । आप यह AB देख सकते है।&lt;br /&gt;
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अब मान लीजिए के हमें एक दूसरी रोव इसमें जोड़नी है । यह बनाया जाता है रिवर्स स्लेश द्वारा , दो रिवर्स स्लेश । दो रिवर्स स्लेश द्वारा रोव्स को अलग किया जाता है । इसलिए हम कहेंगे c, d, e । दूसरी रोव में तीन एन्ट्रीज़ होंगी । ठीक है , आपको मिला है यह c, d, e । यह संभव है के इस प्रकार से दुबारा लिखे । पहली रोव , दूसरी रोव और तीसरी रोव । प्रभाव एक सा ही है ।&lt;br /&gt;
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मान लीजिए के हम यहाँ p- मैट्रिक्स डालते है । हमें यह मिलता है वह यह है । अब b- मैट्रिक्स डालते है । यहाँ देखें । इस तरह से कई जटिल मेटराइसेस बना सकते है । तो इसे हटाते है , मेरे पास यहाँ एक पूर्वनिर्धारित कमांड है । इसे कॉपी और पेस्ट करें । यह पिछले संकलन में प्रकट नहीं हुआ क्योंकि यह एंड याने अंतिम डाक्यूमेन्ट से नीचे था  । जो भी इस एंड डाक्यूमेन्ट से नीचे होता है उस पर ध्यान नहीं दिया जाता । &lt;br /&gt;
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तो मैंने एक और जटिल वाला बनाया है । यहाँ चार रोव्स है । पहली रोव में a, b  से  z तक । दूसरी रोव में  a-स्क्वेर, b-स्क्वेर से  z-स्क्वेर तक । तीसरी रोव में केवल v-डोट्स दिखाता है । अंतिम रोव में यह है ।&lt;br /&gt;
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सामान्य रूप में , लेटेक कमांड्स केस सेंसिटिव होते है । उदाहरण के लिए अगर मैं इसे कैपिटल याने बड़े B में परिवर्तित करूँ , तो देखिए यहाँ क्या होता है । यह एक अलग परिणाम देता है ।सामान्य तौर पर , लेटेक के अधिकांश बिल्ट-इन कमांड्स लोवर केस में ही होते है और उनके बराबर या समतुल्य  वाले अपर केस के बगैर । जो विन्डोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम में लेटेक को इस्तेमाल कर रहे है उन्हें ये याद रखना चाहिए ।&lt;br /&gt;
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अब हम इस ट्युटोरियल के अंत में आ चुके है । लेटेक के साथ शुरुवात करने वाले को हर एक बदलाव के बाद संकलन करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए के जो परिवर्तन कीए है वह स्वीकार हुए है । इस ट्युटोरियल को सुनने के लिए धन्यवाद , नमस्कार ।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pratibha</name></author>	</entry>

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