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		<title>Script | Spoken-Tutorial - User contributions [en]</title>
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		<updated>2026-04-10T04:25:36Z</updated>
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		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Arduino/C2/Wireless-Connectivity-to-Arduino/Hindi</id>
		<title>Arduino/C2/Wireless-Connectivity-to-Arduino/Hindi</title>
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				<updated>2020-01-30T11:08:08Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|  '''Time'''&lt;br /&gt;
|  '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| '''Wireless Connectivity to Arduino''' के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''ESP8266-01''' मॉड्यूल पर कोड को कॉन्फ़िगर और अपलोड करना,&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| '''ESP''' और अन्य डिवाइसों के बीच '''Wireless Communication''' स्थापित करना सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपके पास&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Electronics'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:29&lt;br /&gt;
| '''C या C++''' प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:33&lt;br /&gt;
| '''Wireless Communication''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:36&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Arduino Uno''' बोर्ड&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| '''Ubuntu Linux 16.04 OS ''' और '''Arduino IDE''' का उपयोग कर रही हूं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
| हमें कुछ '''external components''' की भी आवश्यकता होगी।जैसे&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''ESP8266-01 Wi-Fi''' मॉड्यूल,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
| '''Breadboard''',&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
| '''Jumper Wires ''' और '''Push Button'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम '''ESP8266-01 WiFi''' मॉड्यूल का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:13&lt;br /&gt;
|'''VCC, RST, CH_PD, Tx, Ground, GPIO2, GPIO0, Rx''', ''' Wi-Fi module''' के पिन हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
|'''Power LED''' इंगित करता है कि मॉड्यूल '''ON''' या '''OFF''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
|'''COMM LED''', '''WiFi''' मॉड्यूल के '''blue''' '''LED''' में बिल्ट-इन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:37&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम देखेंगे कि WiFi का उपयोग करके इस बिल्ट-इन LED को किस प्रकार कंट्रोल किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
| इस WiFi मॉड्यूल में एकीकृत ''TCP/IP stack''' के साथ बिल्ट-इन '''System on Chip''' होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
| इसमें UART और '''2 GPIO pins (General Purpose Input/Output)''' होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| व्यापक रूप से इसका उपयोग '''IoT (अर्थात Internet of Things) applications''' के विकास के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
| यह '''Arduino''' के साथ '''ESP8266 - 01 module''' का सर्किट कनेक्शन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
| ध्यान दें: '''ESP8266-01 module''', केवल '''3.3 Volts''' पर ही कार्य करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| इसे '''5 Volts''' से जोड़ने पर '''Wi-Fi module''', '''damage''' हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:24&lt;br /&gt;
| '''Wi-Fi module''' के '''ground''' पिन को '''Arduino''' के '''ground''' पिन से जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
| '''Wi-Fi module''' के '''GPIO 0''' पिन को '''Arduino''' के '''ground''' से जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
|'''Wi-Fi module''' के '''Rx''' पिन को '''Arduino''' के '''Rx''' पिन से जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:41&lt;br /&gt;
|'''Wi-Fi module''' के '''Tx''' पिन को '''Arduino''' के '''Tx''' पिन से जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:47&lt;br /&gt;
|'''Wi-Fi module''' के '''VCC''' और '''CH_PD ''' पिन को '''Arduino''' के '''3.3V ''' से जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:57&lt;br /&gt;
|'''Wi-Fi module''' के '''RST''' पिन और '''Arduino''' के '''ground''' पिन के बीच '''push button''' को जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| यह कनेक्शन का लाइव सेटअप है, जैसा कि सर्किट डायग्राम में दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
| यहां दिखाए गए अनुसार कनेक्शन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| हम '''WiFi module''' और '''laptop''' या '''mobile phone''' के बीच कनेक्शन स्थापित करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:20&lt;br /&gt;
| अब हम '''Arduino IDE''' में प्रोग्राम लिखेंगे।'''Arduino IDE''' खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:27&lt;br /&gt;
| अपने '''Arduino board''' को अपने PC से जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:30&lt;br /&gt;
| सबसे पहले, हमें '''port''' का नाम ज्ञात होना चाहिए, जिससे '''Arduino''' जुड़ा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:35&lt;br /&gt;
|'''Tools''' मेनू पर जाएं। '''Port''' विकल्प को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| मेरे केस में, '''ttyUSB0''', '''port''' है। अपना '''port''' नाम नोट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
|'''Windows''' यूजर्स नीचे दिए गए स्टेप्स को छोड़ सकते हैं क्योंकि '''port''' स्वतः ही पता चल जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| '''Ctrl+Alt+T''' कीज़ को एक साथ दबाकर '''terminal''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:03&lt;br /&gt;
|'''sudo space chmod space a+rw space slash dev slash ttyUSB0 ''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:18&lt;br /&gt;
|मेरे केस में, '''port''' का नाम '''ttyUSB0''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:25&lt;br /&gt;
| आपको अपना '''port''' नाम निर्दिष्ट करना होगा। एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| '''system''' के लिए अपना '''password''' दर्ज करें और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:35&lt;br /&gt;
| उपर्युक्त '''command''', '''usb port''' के लिए '''read-write permission''' प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:40&lt;br /&gt;
| '''Arduino IDE''' पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
| आगे हम कम्यूनिकेट करने के लिए '''ESP8266 module''' को कॉन्फ़िगर करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| मेनू बार में, '''File''' मेनू पर क्लिक करें। '''Preferences''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
| एक नया विंडो खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| '''Settings''' टैब में, '''Additional Boards Manager URLs ''' सेक्शन पर जाएं। इस '''json URL''' को जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:09&lt;br /&gt;
| यह '''Arduino IDE''' में '''ESP8266 WiFi module''' को डाउनलोड करने में मदद करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:16&lt;br /&gt;
| विंडो के नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| मेनू बार में, '''Tools''' मेनू पर क्लिक करें और '''Board''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:25&lt;br /&gt;
| फिर '''Boards Manager''' विकल्प को चुनें।एक नया विंडो खुलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| ऊपर के दाएं कोने में, हम '''search''' टैब देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:35&lt;br /&gt;
|यहां '''ESP8266''' टाइप करें और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:41&lt;br /&gt;
|'''ESP8266 by ESP8266 Community''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:48&lt;br /&gt;
| वर्जन ड्रॉप डाउन बॉक्स में, '''module''' के लेटेस्ट वर्जन का चयन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:53&lt;br /&gt;
| '''module''' को संस्थापित करने के लिए '''Install''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| संस्थापन को पूरा होने में कुछ मिनट लगेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:01&lt;br /&gt;
| जब तक यह सफलतापूर्वक संस्थापित नहीं हो जाता तब तक प्रतीक्षा करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05&lt;br /&gt;
| '''ESP8266 module''' अब '''Arduino IDE''' में संस्थापित हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
| विंडो के दाईं ओर नीचे '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| अब '''program''' को अपलोड करने से पहले हमें '''ESP8266 module''' का चयन करना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:20&lt;br /&gt;
|'''Tools''' विकल्प पर क्लिक करें और '''Board''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|नीचे स्क्रॉल करें और '''Generic ESP8266 Module''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:32&lt;br /&gt;
| इसके बाद, हमें '''ESP8266 Module''' के '''built-in LED''' को सेट करने की आवश्यकता है। फिर से '''Tools''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
|'''Builtin LED ''' विकल्प पर जाएं। '''Builtin LED''' को '''1''' पर '''Set''' करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
| इसके बाद हम '''Reset''' विकल्प को '''set''' करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| मेनू बार में, '''Tools''' को चुनें। '''Reset Method''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
| '''no dtr in bracket aka ck''' से '''Reset''' मेथड को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:06&lt;br /&gt;
| यह मैन्युअल रूप से '''wifi module''' को रीसेट करने में मदद करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| अब हम कोड लिखेंगे।दिखाए गए अनुसार कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:16&lt;br /&gt;
| हमने '''ESP8266 library''' को सम्मिलित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:20&lt;br /&gt;
| '''SSID''', '''Wi-Fi module''' का '''name''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:24&lt;br /&gt;
| यहाँ, मैंने '''wifi network''' का नाम '''WIFI_ESP8266_Pratik''' रखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:34&lt;br /&gt;
| '''Wi-Fi network''' से जुड़ने के लिए '''Password''', '''passcode''' है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और '''12345678''', '''module''' के लिए '''password''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:47&lt;br /&gt;
| आपको अपना विशिष्ट '''ssid''' और '''password''' देना होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
|'''Password parameter''' अनिवार्य नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
|यदि आप '''password parameter''' नहीं देते हैं, तो '''Wi-Fi network''' खुला रहेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:01&lt;br /&gt;
| यह आसपास के सभी लोगों के लिए एक्सेस करने योग्य होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| यह '''command''', '''module''' के डिफ़ॉल्ट '''IP address''' को इनेबल करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
| '''module''' का डिफ़ॉल्ट '''IP address''', '''192.168.4.1''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:20&lt;br /&gt;
| '''setup function''' के अंदर, दिखाए गए अनुसार कोड लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|यह '''command''', '''ESP8266 module''' के लिए '''SSID''' और '''Password''' को इनेबल करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:33&lt;br /&gt;
|'''server.begin''', दिए गए '''SSID''' और '''Password''' के लिए '''Wi-Fi network''' को इनेबल करेगा।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:40&lt;br /&gt;
| 2 सेकंड का '''delay''', '''module''' को '''boot''' करने के लिए दिया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:44&lt;br /&gt;
| '''ESP8266 module''' का '''Built-in LED''', '''OUTPUT mode''' के लिए '''Set''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:51&lt;br /&gt;
| कोड को '''void loop function''' के अंदर कॉपी और पेस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
|यह कोड इस ट्यूटोरियल के '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध है। आप इसे डाउनलोड और उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:04&lt;br /&gt;
| यह '''HTML code''' यहां दिखाए गए अनुसार '''web page''' जेनरेट करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:10&lt;br /&gt;
| जब '''LED ON''' या '''LED OFF''' बटन दबाया जाता है, मान '''program''' में पास होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:17&lt;br /&gt;
| '''program''' मान को चेक करता है और '''ESP8266-01 module''' के '''built-in LED''' को कंट्रोल करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
| '''program''' को वेरीफाई करने के लिए '''compile''' बटन पर '''Click''' करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
|वर्तमान '''program''' को सेव करने के लिए एक पॉप अप विंडो दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
|'''program''' को '''WiFi'''_'''ESP8266''' के रूप में सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:43&lt;br /&gt;
| और '''program''' को सेव करने के लिए '''save''' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:48&lt;br /&gt;
| अब '''ESP8266-01''' में वर्तमान '''program''' को अपलोड करने के लिए '''upload''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:58&lt;br /&gt;
| हम स्क्रीन के नीचे '''program''' को अपलोड होते हुए देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:03&lt;br /&gt;
| जब स्टेट '''Connecting''' में बदलता है, तो '''breadboard''' पर '''push button''' दबाएं। 2 से 3 सेकंड के बाद इसे छोड़ दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:13&lt;br /&gt;
| हम '''Leaving…. Soft resetting''' के रूप में संदेश देखेंगे, जैसा यहां दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:20&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है कि '''program''' सफलतापूर्वक अपलोड हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:25&lt;br /&gt;
| अपने '''mobile internet''' को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:28&lt;br /&gt;
| अपने '''mobile phone''' के '''Wi-Fi option''' को खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| कनेक्ट करने के लिए निकटतम '''network''' को सर्च करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:35&lt;br /&gt;
| मेरे केस में, मुझे '''WIFI_ESP8266_Pratik''' मिल रहा है क्योंकि मैंने कोड में यह नाम दिया है। '''WiFi''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:52&lt;br /&gt;
| '''password''' दर्ज करें और चेक करें यदि यह '''WiFi''' से कनेक्ट हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:57&lt;br /&gt;
| अपने '''mobile phone''' में '''Web Browser''' खोलें। '''IP address 192.168.4.1''' दर्ज करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:11&lt;br /&gt;
| यह निर्माता द्वारा '''ESP8266-01 Wi-Fi module''' का '''default IP address''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:22&lt;br /&gt;
| '''web page''', '''HTML code''' के अनुसार खुलता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:26&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि '''ESP8266-01 module''' का '''LED''', '''OFF''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:34&lt;br /&gt;
| ''' LED ON''' बटन पर क्लिक करें जो '''Wi-Fi module''' के नीले '''LED''' को टर्न ऑन करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:41&lt;br /&gt;
| यह हमारे '''LED OFF''' बटन दबाने तक '''ON''' रहेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:46&lt;br /&gt;
| '''LED OFF''' बटन पर क्लिक करें, जो '''Wi-Fi module''' के नीले '''LED''' को टर्न ऑफ करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:52&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:58&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हमने '''ESP8266-01''' मॉड्यूल पर कोड को कॉन्फ़िगर और अपलोड करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:09&lt;br /&gt;
| '''ESP''' और अन्य डिवाइसों के बीच '''Wireless Communication''' स्थापित करना सीखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:15&lt;br /&gt;
| नियतकार्य के रूप में,चेक करें कि क्या आपके PC या लैपटॉप में '''wireless connectivity''' है और नीचे दिए गए स्टेप्स को करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:23&lt;br /&gt;
| ऊपरी दाएं कोने पर, '''WiFi''' आइकन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:28&lt;br /&gt;
| अपने '''WiFi''' का नाम चुनें और '''password''' दर्ज करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:32&lt;br /&gt;
| '''browser''' खोलें और '''192.168.4.1''' पर जाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:41&lt;br /&gt;
| बटन का चयन करें और '''ESP8266-01 module''' पर आउटपुट देखें।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:49&lt;br /&gt;
| आपको यहां दिखाए गए अनुसार असाइनमेंट का आउटपुट देखना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:03&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट का संक्षिप्त में वर्णन करता है।कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:11&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम '''Workshops''' आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र देती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:18&lt;br /&gt;
| कृपया इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्नों को पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:22&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट, '''NMEICT, MHRD,''' भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13:29&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Arduino/C2/Analog-to-Digital-Conversion/Hindi</id>
		<title>Arduino/C2/Analog-to-Digital-Conversion/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Arduino/C2/Analog-to-Digital-Conversion/Hindi"/>
				<updated>2020-01-30T11:03:56Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| '''Arduino''' का उपयोग करके '''Analog to Digital Conversion''' के स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम, '''ADC i.e. Analog to Digital Conversion'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
| '''Arduino''' में '''ADC pins'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''ADC Resolution'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
| '''DHT11 Temperature and Humidity''' सेंसर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:23&lt;br /&gt;
| '''Serial Monitor ''' और '''Serial Plotter''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपके पास इलेक्ट्रॉनिक्स, और '''C or C++''' प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए, मैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Arduino Uno board'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| '''Ubuntu Linux 16.04 OS'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और  '''Arduino IDE''' का उपयोग कर रही हूं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
| हमें कुछ '''external components''' की भी आवश्यकता होती है। जैसे&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''DHT11 sensor'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
| '''Breadboard''' और '''Jumper wires''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम '''DHT11 sensor''' का उपयोग करके तापमान और आर्द्रता का पता लगाएंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:09&lt;br /&gt;
| यह '''sensor''', '''analog''' मानों को एकत्र करता है और इसे '''Arduino Uno''' को प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|'''Arduino ADC''' पिन इन '''analog''' मानों को '''digital''' मानों में परिवर्तित करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
| आगे हम '''resolution''' के कांसेप्ट को समझेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:25&lt;br /&gt;
|'''Arduino Uno''' में '''10-bit resolution''' होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है, यह (2 की पॉवर 10) यानी '''1024 discrete analog levels''' का पता लगा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:37&lt;br /&gt;
| '''Resolution''',  '''smallest change''' है, जिसे मापा जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:42&lt;br /&gt;
|'''Arduino''' 5 वोल्ट आउटपुट वोल्टेज प्रदान करता है, इसलिए 1024 लेवेल्स से विभाजित 5 वोल्ट '''4.89 miliVolts''' प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि, '''Arduino Uno''', '''4.8 9miliVolts''' के न्यूनतम परिवर्तन के लिए '''sensitive''' हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
| यह '''Arduino''' के साथ '''DHT11''' के लिए सर्किट कनेक्शन प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| '''Arduino Uno''' में '''6 '''in-built''' ADC channels''' ('''A0 से A5''' तक) होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
| '''ADC channels''', '''0-5 Volts''' के रेंज में '''analog signal''' को रीड करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
| '''DHT11 sensor''' का '''Pin 1''', '''Arduino''' के 5 वोल्ट पिन से जुड़ा होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| '''DHT11 sensor''' का '''Pin 2''',  ''' Data''' पिन है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:35&lt;br /&gt;
| '''sensor''' का यह '''Data''' पिन, '''Arduino''' के '''analog''' पिन '''A0''' से जुड़ा होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| '''DHT11 sensor''' का '''Pin 3''',  '''Arduino''' के '''ground''' पिन से जुड़ा होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
| यह कनेक्शन का '''live setup''' है, जैसा कि सर्किट डायग्राम में दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53&lt;br /&gt;
| अब हम '''Arduino IDE''' में प्रोग्राम लिखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:57&lt;br /&gt;
|'''Arduino IDE''' खोलें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:00&lt;br /&gt;
| पहले हमें इस प्रोग्राम को रन करने के लिए '''DHT11 arduino library''' डाउनलोड करने की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:06&lt;br /&gt;
| मेनू बार में '''Sketch''' मेनू पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
| '''Include Library''' का चयन करें और फिर '''Manage Libraries''' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:16&lt;br /&gt;
| एक नया विंडो खुलेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:19&lt;br /&gt;
| ऊपर दाएं कोने में, हम '''search''' टैब देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यहां, '''DHT11''' टाइप करें और '''Enter''' दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| हम ''' DHT11 sensor''' के लिए विभिन्न '''libraries''' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| स्क्रीन के नीचे स्क्रॉल करें और '''Winlin''' द्वारा '''SimpleDHT''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| '''version''' ड्रॉप डाउन बॉक्स में, हम '''library''' के नवीनतम संस्करण का चयन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| '''library''' को संस्थापित करने के लिए '''Install''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| '''DHT11 library''' अब '''Arduino IDE''' में संस्थापित हो गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:54&lt;br /&gt;
| विंडो के दाएं बॉटम पर स्थित '''Close''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
| इस '''library''' को '''program''' से जोड़ते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| '''Sketch''' मेनू पर क्लिक करें और '''Include Library''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
| डाउनलोड की गई नई '''library'''' आमतौर पर अंत में दिखाई देती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
| इसलिए लिस्ट के नीचे स्क्रॉल करें और '''SimpleDHT''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
| हम कोड विंडो में संकलित हेडर फाइल ''' SimpleDHT.h''' को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:24&lt;br /&gt;
| दिखाए गए अनुसार कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:27&lt;br /&gt;
| यहां हम '''DHT11 sensor''' के डेटा पिन को इनिशियलाइज़ करते है, जो '''A0''' से जुड़ा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:34&lt;br /&gt;
| यह '''command''', '''DHT object''' क्रिएट करता है।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:38&lt;br /&gt;
| '''void setup function''' के अंदर, दिखाए गए अनुसार कोड टाइप करें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
|'''Serial.begin() function''',  '''serial communication''' आरंभ करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:48&lt;br /&gt;
| यह '''serial data transmission''' के लिए '''bits per second''' में '''data rate''' सेट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:54&lt;br /&gt;
|'''9600''', '''baud rate''' को निरुपित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
|'''delay(500)''', '''sensor'''  से '''boot''' के लिए '''delay time''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
|'''Serial.print command''', '''header''' को यहां निर्दिष्ट किए गए अनुसार प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
|अब, हम '''void loop''' के लिए कोड लिखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:12&lt;br /&gt;
| हमने '''DHT sensor''' आउटपुट के लिए दो '''variables, temperature''' और '''humidity''' क्रिएट किए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
|'''dht11.read,''' '''sensor''' से '''data''' को रीड करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:25&lt;br /&gt;
| यह '''microcontroller’s register''' में रिजल्ट संग्रहीत करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:29&lt;br /&gt;
| ये लाइनें '''degree Celsius''' में तापमान और '''percentage''' में आर्द्रता को प्रिंट करती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:36&lt;br /&gt;
|'''delay(2000)''' वर्तमान आर्द्रता और तापमान रीडिंग को हर '''2 seconds''' में अपडेट करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:43&lt;br /&gt;
|यह कोड इस ट्यूटोरियल के '''Code Files''' लिंक में उपलब्ध है। आप इसे डाउनलोड और उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
| अपने '''program''' को जांचने के लिए '''compile''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| वर्तमान '''program''' को सेव करने के लिए एक पॉप अप विंडो दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''program''' को '''DHT11''' रूप में सेव करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| अब '''Arduino''' में वर्तमान '''program''' को अपलोड करने के लिए '''upload''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:11&lt;br /&gt;
| हम '''Serial monitor screen''' में आउटपुट देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:15&lt;br /&gt;
| इसके लिए, '''Tools''' मेनू पर क्लिक करें और '''Serial monitor''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| '''serial monitor''' विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
| वर्तमान स्थान के तापमान और आर्द्रता, उम्मीद के अनुसार प्रदर्शित होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
विंडो बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| आगे हम '''serial plotter''' में आउटपुट देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| आइए हम '''program''' को संशोधित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:40&lt;br /&gt;
|दिखाए गए अनुसार '''Serial.print( “Temperature &amp;amp; Humidity :”);''' लाइन को '''Comment''' करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47&lt;br /&gt;
| यह '''Temperature''' और '''Humidity''' टेक्स्ट को प्रिंट नहीं करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| प्लाटिंग के लिए, हमें केवल तापमान और आर्द्रता के मानों की आवश्यकता होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
| '''serial plotter''' में रिजल्ट देखने के लिए वर्तमान '''program''' को अपलोड करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:04&lt;br /&gt;
| '''tools menu''' पर क्लिक करें और '''serial plotter''' को चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''serial plotter'''  विंडो खुलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:12&lt;br /&gt;
| हम दो लाइनों को एक साथ बिंदुओं को प्लॉट करते हुए देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:18&lt;br /&gt;
| नीली लाइन, लगभग 28 से 30 °C तक के तापमान को इंगित करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
| लाल लाइन आर्द्रता रीडिंग है जो लगभग 45% है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:31&lt;br /&gt;
| जहां प्रयोग पूर्ण होता है, उसके आधार पर रीडिंग अलग-अलग होगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| अब '''sensor''' को अपने हाथों से कवर करें और आपको परिवर्ती रीडिंग दिखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| विंडो को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:45&lt;br /&gt;
| यह ∓5% RH''' यानि '''(Relative Humidity)''' के साथ ''20% ऐ 80%''' के बीच के '''humidity''' रीडिंग के लिए उपयोगी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| यह '''∓2 °C''' के साथ ''' 0 से 50 °C '' के बीच तापमान रीडिंग के लिए उपयोगी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:06&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं। संक्षेप में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:12&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हमने&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''ADC i.e. Analog to Digital Conversion'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:19&lt;br /&gt;
| '''Arduino''' में '''ADC pins'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''ADC Resolution'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
| '''DHT11 Temperature''' और '''Humidity sensor'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Serial Monitor ''' और ''' Serial Plotter''' के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:33&lt;br /&gt;
| नियतकार्य के रूप में-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Arduino''' के '''LED''' '''pin 13''' में निर्मित चमक द्वारा अलार्म रेज करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
| उपरोक्त मौजूदा कोड को संशोधित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संकेत: '''If-else statement''' का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:48&lt;br /&gt;
| आपको '''serial monitor''' पर प्राप्त तापमान मान में 1 या 2°C जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
| तापमान रीडिंग बढ़ाने के लिए, अपने हाथों से '''DHT11 sensor''' को कवर करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:02&lt;br /&gt;
| सोर्स कोड के लिए इस ट्यूटोरियल के '''Assignment''' लिंक को देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:07&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर मौजूद वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट का संक्षिप्त में वर्णन करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:15&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम वर्कशॉप आयोजित करती है और प्रमाण-पत्र देती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:21&lt;br /&gt;
| कृपया इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्नों को पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट, '''NMEICT, MHRD,''' भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Python-3.4.3/C4/Using-Python-Modules/Hindi</id>
		<title>Python-3.4.3/C4/Using-Python-Modules/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Python-3.4.3/C4/Using-Python-Modules/Hindi"/>
				<updated>2019-08-01T10:42:21Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| '''Using Python Modules''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06 &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कमांड लाइन से '''Python scripts''' निष्पादित करना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''scripts ''' में '''import''' उपयोग करना और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''numpy ''' और ''' matplotlib.pyplot modules''' इंपोर्ट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux 16.04'''  ऑपरेटिंग सिस्टम&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Python 3.4.3'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''IPython 5.1.0 '''और '''Gedit text editor'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:40 &lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको पता होना चाहिए कि &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अंतःक्रियात्मक रूप से '''plot''' का उपयोग कैसे करना है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Embellish और  '''plot''' सेव कैसे करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50 &lt;br /&gt;
|यदि नहीं, तो इस वेबसाइट पर प्रासंगिक '''Python'''  ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
| पहले हम जानेंगे कि '''module''' क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:58&lt;br /&gt;
| '''module''' एक फाइल है जिसमें  '''Python definitions''' और '''statements''' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:04&lt;br /&gt;
|'''Modules'''  का उपयोग बड़े प्रोग्राम को छोटे प्रबंधनीय और संगठित फाइल्स में विभाजित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:12&lt;br /&gt;
|  '''module''''  से '''Definitions'''   अन्य '''modules''' या '''main module''' में इंपोर्ट हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:19 &lt;br /&gt;
|अब देखते हैं कि कमांड लाइन में '''Python script''' कैसे रन करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| कोई भी '''text editor'''  खोलें और टाइप करें '''print'''''  brackets में double quotes में '''''Hello World'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:33 &lt;br /&gt;
| हमने '''Hello World''' प्रिंट करने के लिए एक साधारण '''Python script'''  बनाई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:38 &lt;br /&gt;
|वर्तमान '''working directory''' में इस स्क्रिप्ट को  '''hello.py''' नाम से सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:44&lt;br /&gt;
|अब टर्मिनल खोलें।&lt;br /&gt;
फिर ''directory''' पर जाएँ जहाँ '''hello.py''' सेव है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| अब '''python3 hello.py'''  टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
यह स्क्रिप्ट को निष्पादित करता है और आउटपुट के रूप में '''Hello World''' देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
| यहाँ से, याद रखें कि टर्मिनल पर प्रत्येक कमांड टाइप करने के बाद एंटर की दबानी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
| आगे हम देखेंगे कि ''' modules''' इंपोर्ट कैसे करना है और उन्हें '''Python scripts.''' में कैसे उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|'''text editor.''' में ''' four''''' underscore '''''plot.py''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:23 &lt;br /&gt;
|यह फ़ाइल इस ट्यूटोरियल के '''Code files ''' लिंक में उपलब्ध है। आप इसे डाउनलोड और उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31&lt;br /&gt;
| यह कोड '''x, -x, sin of x '''और''' xsin of x''' के लिए '''plot'''  होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:38 &lt;br /&gt;
| जब हम इस कोड को रन करते हैं, तो हम अंतिम ''plot'''  देखेंगे जैसे यहाँ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| अब '''Python script''' के रूप में '''four '''''underscore''''' plot.py''' फाइल रन करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49 &lt;br /&gt;
| टाइप करें, '''python3''' '''four '''''underscore''''' plot.py''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
|यह एक एरर देता है- '''linspace()''' is not defined.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
| इसका अर्थ है कि, '''function linspace()''' वर्तमान '''namespace''' में उपलब्ध नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| '''namespace'''  एक प्रोग्राम के सभी नामों को विशिष्ट बनाने के लिए एक प्रणाली है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:11 &lt;br /&gt;
|'' four '''''underscore''''' plot.py.''' फाइल पर वापस जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:16&lt;br /&gt;
| इस लाइन को स्क्रिप्ट में पहली लाइन के रूप में जोड़ें '''from numpy import '''''asterisk''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:24 &lt;br /&gt;
|जब हम '''imports''' में ''' asterisk'''  का उपयोग करते हैं, तो सभी '''functions''' और '''constants'''   '''numpy module''' से इंपोर्ट हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:32&lt;br /&gt;
| '''linspace'''  '''numpy.''' में उपलब्ध फंक्शन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करने के लिए '''Ctrl + S''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
| अब स्क्रिप्ट को फिर से रन करें। अब यह एक ओर NameError एरर देता है- ''': name ‘plot’ is not defined.'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|03:49&lt;br /&gt;
| '''four '''''underscore''''' plot.py ''' फाइल को फिर से एडिट करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|03:54&lt;br /&gt;
| निम्न को अपना स्क्रिप्ट में दूसरी लाइन के रूप में जोड़ें- '''from matplotlib.pyplot import *'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:04 &lt;br /&gt;
| अब फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
|'''plot''' एक फंक्शन है जो '''matplotlib.pyplot. ''' में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:12 &lt;br /&gt;
|हम स्क्रिप्ट को फिर से रन करेंगे। हमें अब आउटपुट मिलता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|04:19&lt;br /&gt;
| हमने '''keyword import''' का उपयोग करके सभी आवश्यक '''modules''' को इंपोर्ट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:24&lt;br /&gt;
| मैं इस विंडो को बंद करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:28 &lt;br /&gt;
| हम केवल फ़ंक्शंस इंपोर्ट कर सकते हैं, जो '''module''' से आवश्यक हैं जैसे कि '''from numpy import *'''  के बजाय, '''from numpy import linspace, &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|04:37&lt;br /&gt;
| pi, sin''' &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:44&lt;br /&gt;
| इसी तरह हम '''from matplotlib.pyplot import *''' के बजाय '''matplotlib.pyplot''' से आवश्यक फंक्शन इंपोर्ट कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
|  '''asterisk''' के बजाय फ़ंक्शन नाम का उपयोग करना हमेशा अच्छा होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
|यदि हम किसी विशेष '''module''' से इंपोर्ट करने के लिए '''asterisk'''  का उपयोग करते हैं, तो सभी फंक्शन्स इंपोर्ट हो जाएंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
|यह कुछ मौजूदा फंक्शन्स को '''namespace''' '' में समान नाम से बदल देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
| अब हम '''numpy''' और '''matplotlib.pyplot''' से केवल आवश्यक फंक्शन जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:25&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| हम कोड को फिर से टर्मिनल में रन करेंगे।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
| यहाँ, हमें सिंगल फिगर में '''for''' x, -x, sin of x ''' और ''' xsin of x''' के लिए '''plots ''' मिला।  	&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|05:40&lt;br /&gt;
| इस विधि में हमने सभी आवश्यक फंक्शन्स को वर्तमान '''namespace''' में इंपोर्ट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:46&lt;br /&gt;
| एरर्स को ठीक करने का एक और तरीका है। उसे देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
|  '''another''''' underscore '''''fix.py''' फाइल खोलें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
| यह फ़ाइल इस ट्यूटोरियल की '''Code files'''  लिंक में भी उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|06:01&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि हम '''matplotlib.pyplot'''  के बजाय '''plt'''  नाम का उपयोग करने जा रहे हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
| ' 'plt' '' का उपयोग '''module matplotlib.pyplot''' के उपनाम के रूप में किया जाता है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|06:14&lt;br /&gt;
| अब, हम केवल ''' pi ''' के बजाय '''numpy.pi ''' का उपयोग करते हैं, जैसा कि हमने  four'' underscore ''plot.py '' में किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:22&lt;br /&gt;
| '''Plot functions ''' को कहा जाता है- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''plt.plot()'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''plt.legend()'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''plt.annotate() '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''plt.xlim'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''plt.ylim'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और '''plt.show()'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|06:43&lt;br /&gt;
| लाभ यह है कि '''imported modules'''  में फंक्शन नाम मौजूदा '''namespace''' में नहीं जुड़ते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|06:51&lt;br /&gt;
| '''imported module''' में फंक्शन का उपयोग करने के लिए,  हमें '''module-name.function-name''' का उल्लेख करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59 &lt;br /&gt;
|  वीडियो को यहां रोकें। इसका अभ्यास करें और वीडियो को फिर से शुरू करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|07:05&lt;br /&gt;
| ''' -2pi '''to''' 2pi''' से '''sine wave''' प्लॉट करने के लिए '''python script''' लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:12 &lt;br /&gt;
| हल के लिए '''sine.py''' फाइल खोलें। यह फाइल '''Code files''' लिंक में भी उपलब्ध है। पहली लाइन में हम आवश्यक फंक्शन इंपोर्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
| फंक्शन्स ''' linspace, sin ''' और ''' constant pi'''   ''' module numpy''' से इंपोर्ट हुए हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
| हम ''' matplotlib.pyplot.''' से '''plot, legend, show, title, xlabel ''' और ''' ylabel ''' फंक्शन इंपोर्ट करते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|07:44&lt;br /&gt;
| और शेष कोड  '''plot'''  को तैयार करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:48&lt;br /&gt;
| कोड को रन करें और आउटपुट देखें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|07:52&lt;br /&gt;
| टर्मिनल में, टाइप करें- '''python3''' '''sine.py'''&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|07:58&lt;br /&gt;
| अब हम अपना '''sine plot''' देख सकते हैं। टर्मिनल को बंद करें। अपने विषय में आगे बढें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:08&lt;br /&gt;
| हम '''Python scripts'''  को '''IPython interpreter ''' में भी रन कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:13&lt;br /&gt;
| एक और टर्मिनल खोलें और '''ipython3''' टाइप करके '''ipython interpreter''' शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| '''directory'''  पर जाएँ जहाँ '''four '''''underscore''''' plot.py''' सेव है और ''percentage''''' run four '''''underscore''''' plot.py''' टाइप करें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
| पहले की तरह हम 4 '''plots''' के साथ आउटपुट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:40&lt;br /&gt;
|'''Python'''  में '''modules'' की एक बहुत समृद्ध '''standard library''' है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|08:45&lt;br /&gt;
|कुछ ''standard modules'''हैं-&lt;br /&gt;
for''' Math: math, random '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
for''' Internet access: urllib2, smtplib'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
for''' System and Command line arguments: sys '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:01&lt;br /&gt;
| कुछ और '''libraries''' हैं&lt;br /&gt;
for''' Operating system interface: os '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
for''' regular expression: re '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
for''' compression: gzip, zipfile, tarfile '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं। संक्षेप में...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:26&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कमांड लाइन से स्क्रिप्ट्स रन करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एक  '''module''' नाम के बाद '''asterisk'''  निर्दिष्ट करके '''module''' इंपोर्ट करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38 &lt;br /&gt;
|फ़ंक्शन नाम निर्दिष्ट करके  '''modules'''  से केवल आवश्यक फ़ंक्शन इंपोर्ट करना।&lt;br /&gt;
'''Python standard library'''का उपयोग।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:47 &lt;br /&gt;
|यहाँ हल करने हेतु आपके लिए कुछ स्वतः निर्धारण वाले प्रश्न हैं। &lt;br /&gt;
1. निम्न में से कौन सा सबसे सही है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2. फ़ंक्शन '''xlim() ''' और '''ylim'''() को वर्तमान '''namespace''' पर कैसे इंपोर्ट किया जा सकता है?&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:02 &lt;br /&gt;
|और उत्तर हैंः&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. ऑप्शन  '''from matplotlib.pyplot import plot''' सबसे सही है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
क्योंकि '''plot'''    '''matplotlib.pyplot''' '''module''' का फंक्शन है।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|10:18&lt;br /&gt;
| 2.फ़ंक्शन '''xlim() ''' और '''ylim'''() को वर्तमान '''namespace''' पर '''from matplotlib.pyplot import xlim, ylim'''  के रूप में इंपोर्ट किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
| कृपया समय के साथ अपने प्रश्नों को इस फोरम में पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:36&lt;br /&gt;
|  कृपया Python से संबंधित अपने सामान्य प्रश्नों को इस फोरम पर पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:41&lt;br /&gt;
| FOSSEE टीम TBC परियोजना का समन्वय करती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:45&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। अधिक जानकारी के लिए, इस वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:56&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Python-3.4.3/C3/Getting-started-with-arrays/Hindi</id>
		<title>Python-3.4.3/C3/Getting-started-with-arrays/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Python-3.4.3/C3/Getting-started-with-arrays/Hindi"/>
				<updated>2019-08-01T07:25:55Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
| ''' Time '''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|'''Getting started with arrays''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, आप सीखेंगे&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
डेटा का उपयोग करके '''arrays''' बनाना।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
'''lists''' से '''arrays''' बनाना ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
बुनियादी '''array''' ऑपरेशन्स क्रियान्वित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एक '''identity matrix ''' बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और '''method zeros''' का उपयोग करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही है '''Ubuntu Linux 16.04''' ऑपरेटिंग सिस्टम, '''Python 3.4.3 ''' और '''IPython 5.1.0'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अभ्यास करने के लिए, आपको ज्ञात होना चाहिए कि '''Lists''' का उपयोग कैसे करें। यदि नहीं, तो इस वेबसाइट पर संबंधित ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
| '''Arrays''' '''homogeneous data structures''' होते हैं। इसमें सभी '''elements''' समान  '''data type''' के होने चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम ''' numpy library''' का उपयोग करेंगे, जिसका उपयोग हमने पिछले ट्यूटोरियल में किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| पहले '''Ctrl+Alt+T ''' कीज एक साथ दबाकर टर्मिनल खोलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:12&lt;br /&gt;
| '''ipython3 ''' टाइप करके '''ipython''' शुरू करें और एंटर दबाएं। हम '''ipython prompt''' देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|अब हम ''' numpy''' इंपोर्ट करेंगे। टाइप करें '''import numpy as np''' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
|अब देखते हैं '''arrays''' कैसे बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
| यहाँ से याद रखें, कि '''terminal''' पर प्रत्येक कमांड टाइप करने के बाद एंटर की दबानी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
| टाइप करें, '''a1 '''''is equal to''''' np '''''dot '''''array '''''parentheses में  square brackets में '''''1 '''''comma '''''2 '''''comma '''''3 '''''comma '''''4 '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:54&lt;br /&gt;
|टाइप करें '''a1 ''' ध्यान दें कि यहाँ हमने '''one dimensional array''' बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:02&lt;br /&gt;
|साथ ही ध्यान दें कि एक '''array ''' को बनाने के लिए ऑब्जेक्ट जिसे हमने पास किया वह '''list''' अर्थात '''a1''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:09&lt;br /&gt;
| आगे हम देखेंगे कि '''two dimensional array''' कैसे बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| Two dimensional '''array''' '''lists''' की '''list''' को '''array''' में परिवर्तित करके बनाया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| टाइप करें, '''a2 '''''is equal to''''' np '''''dot '''''array ''''' parentheses में  square brackets में ''again'' square brackets में 1 comma 2 comma 3 comma 4 comma square brackets में 5 comma 6 comma 7 comma 8''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| टाइप करें  '''a2''' यह हमारा '''2-dimensional array''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44&lt;br /&gt;
| अब हम '''arange method''' के बारे में देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
| '''array''' में '''elements''' व्यवस्थित करने के लिए, हम '''arange method''' का उपयोग करते हैं। सिंटैक्स यहाँ दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:57&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''ar''''' is equal to'' '''np''' ''dot '''''arange''' ''parentheses'' में 1 ''comma'' 9.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''print''' ''parentheses'' में '''ar'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
|यहाँ, 1 '''start''' वैल्यू है और 9 '''stop''' वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| जैसा कि आप देख सकते हैं, हमें 1 शामिल और 9 हटाने के साथ 1 से 9 के मध्य '''one dimensional array''' प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:22&lt;br /&gt;
| यह stop वैल्यू से एक कम '''elements''' देगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
| क्या हम 2 by 4 क्रम का '''two dimensional array''' बना सकते हैं? हाँ, हम यह कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
| हम एक array के आकार को बदलने के लिए '''reshape method''' का उपयोग करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|सिंटैक्स है: '''object.reshape '''''parentheses  में'''''rows '''''comma''''' columns'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर वापस जाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48&lt;br /&gt;
| टाइप करें, '''ar''' ''dot'' '''reshape''''' parentheses'' में'''2''''' comma'' '''4'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:54&lt;br /&gt;
| टाइप करें ''' ar''' मूल '''array ar ''' का आकार बदलता नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:00&lt;br /&gt;
| यदि आप मूल '''array''' का आकार बदलना चाहते हैं, तो टाइप करें '''ar '''''dot '''''shape '''''is equal to''''' '''''parentheses'' में '''2''''' comma'' '''4'''.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:11&lt;br /&gt;
|टाइप करें ''' ar'''  हम देख सकते हैं कि मूल '''array ar''' का आकार अब बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
| एक '''array''' का आकार ज्ञात करने के लिए, हम '''method shape''' का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:25&lt;br /&gt;
| यह '''array''' के आकार का '''tuple''' रिटर्न करता है। '''tuple''' '''elements''' की '''ordered list''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:34&lt;br /&gt;
|अब हमारे द्वारा बनाए गए '''arrays''' का आकार जाँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:38&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a2 '''''dot '''''shape ''' '''a2.shape''' ऑब्जेक्ट एक '''tuple''' है, और यह '''tuple''' '''(2, 4)''' रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
| यहाँ वीडियो रोकें, निम्न अध्याय का अभ्यास करें  और पुनः वीडियो शुरू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| '''arrays a1 ''' और ''' ar ''' का आकार ज्ञात करें, जिन्हें हमने इस ट्यूटोरियल में पहले बनाया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
| हल देखें । टाइप करें '''a1 '''''dot '''''shape '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| क्योंकि  '''a1''' '''single dimensional array''' है, इसलिए  '''column''' खाली है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:09&lt;br /&gt;
| टाइप करें, '''ar '''''dot '''''shape ''', '''ar'''  '''two dimensional array''' है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:15&lt;br /&gt;
| अब भिन्न '''datatypes''' के एलिमेंट्स के साथ नया '''array''' बनाने का प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:21&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a3 '''''is equal to''''' np '''''dot '''''array '''''parentheses में  square brackets में '''''1 '''''comma '''''2 '''''comma '''''3 '''''comma  single quotes में '''''a string '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:33&lt;br /&gt;
| '''Arrays''' समान '''datatype''' के साथ  '''elements''' हैंडल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
| यहाँ हम भिन्न '''datatypes''' के साथ हैंडल कर रहे हैं। तो यह एक एरर देना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| टाइप करें  '''a3''' लेकिन हमें कोई भी एरर नहीं मिलता है। क्योंकि सभी '''elements''' निःसंदेह '''strings''' में परिवर्तित होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
| इस तरह '''array''' कार्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि आउटपुट दर्शाता है '''dtype=’&amp;lt;U21''''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| ''' dtype''' क्रम में ऑब्जेक्ट को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक '''datatype ''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| '''dtype''' का कैरेक्टर्स अर्थात '''’&amp;lt;U21' ''' '''python''' वर्जन के साथ भिन्न हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:17&lt;br /&gt;
| अब हम '''identity matrix''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| यह '''main diagonal''' पर एक और सभी अन्य '''elements''' पर शून्य के साथ क्रम (n,n) का '''square matrix''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:29&lt;br /&gt;
| सिंटैक्स है '''identity '''''parentheses''' में ''n'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:34&lt;br /&gt;
| अब देखें कि 2 by 2 का '''identity matrix''' कैसे बनाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:39&lt;br /&gt;
|टाइप करें, '''np''' ''dot''' ''identity '''''parentheses में '''''2'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:45&lt;br /&gt;
| हम अपेक्षानुसार सभी एक को '''main diagonal''' में देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:50&lt;br /&gt;
| अगला '''Zeros method''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
| यह 0 के रूप में सभी '''elements''' के साथ एक '''m by n '''matrix बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
| सिंटैक्स हैः'''zeros '''''parentheses में parentheses''' में ''m, n'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:05&lt;br /&gt;
| सभी '''elements zero''' के साथ आकार  (4, 5) का एक '''array''' बनाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:11&lt;br /&gt;
| टाइप करें, '''np '''''dot '''''zeros '''''parentheses में parentheses में '''''4 '''''comma '''''5'''''.''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:18&lt;br /&gt;
| '''identity'''  और  '''zeros method ''' के डिफॉल्ट आउटपुट '''float datatype''' में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:24&lt;br /&gt;
|निम्न फंक्शन्स के बारे में स्वयं पता करें :&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''zeros_like'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''ones'''&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
'''ones_like'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:34&lt;br /&gt;
| निम्न करने का प्रयास करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| पहले '''a1''' की वैल्यू जाँचें जिसे हमने पहले असाइन किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:41&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a1 '''  हम देखते हैं कि '''a1'''  '''single dimensional array''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48&lt;br /&gt;
| अब '''a1 '''''multiplied by '''''2''' का प्रयास करें यह सभी '''elements''' का 2 से गुणन के साथ नया '''array''' रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:58&lt;br /&gt;
| अब फिर से '''a1'''  का कंटेंट जाँचें । ध्यान दें कि '''a1''' की वैल्यू अभी भी समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:06&lt;br /&gt;
| उसी तरह हम जोड़ के साथ भी प्रयास करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|टाइप करें, '''a1 '''''plus '''''2 ''' यह दो सम्मिलित सभी '''elements''' के साथ नया '''array''' रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:18&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a1''' लेकिन फिर से ध्यान दें कि '''a1''' की वैल्यू नहीं बदली है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:26&lt;br /&gt;
| '''a1 '''''plus equal to '''''2 ''' के साथ प्रयास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a1 ''' यह स्वयं ''' array a1 ''' को बदलता है क्योंकि हम '''a1''' को नया आउटपुट असाइन कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
|हम '''arrays''' के साथ सभी गणितीय ऑपरेशन्स का उपयोग कर सकते हैं। आगे हम देखेंगे कि दो '''arrays''' को जोड़ना कैसे है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:50&lt;br /&gt;
| टाइप करें, '''a1 '''''is equal to''''' np '''''dot '''''array '''''parentheses में square brackets में '''''1, 2, 3, 4'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:00&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a2 '''''is equal to''''' np '''''dot '''''array '''''parentheses में square brackets में '''''5, 6, 7, 8'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:10&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a1 '''''plus''''' a2''' यह '''element''' दर '''element''' जोड़कर एक '''array''' रिटर्न करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:18&lt;br /&gt;
| टाइप करें '''a1 '''''multiplied by''''' a2'''  यह  '''element''' दर '''element''' गुणन के साथ एक  '''array''' रिटर्न करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:27&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखाः&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. '''array() function''' का उपयोग करके एक  '''array''' बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2. '''arrays''' पर कुछ बुनियादी ऑपरेशन्स जैसे जोड और गुणा क्रियान्वित करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3. मेथड्स का उपयोग करना जैसे - &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''shapearange, reshapeidentity ''' और '''zeros'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:50&lt;br /&gt;
|यहाँ हल करने हेतु आपके लिए कुछ स्वतः निर्धारण वाले प्रश्न हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:54&lt;br /&gt;
| '''x '''''is equal to''''' np.array ''''' parentheses में square brackets''' में ''1, 2, 3, ''''' square brackets''' में ''5, 6, 7'''  वैध स्टेटमेंट है?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सत्य &lt;br /&gt;
असत्य&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:10&lt;br /&gt;
|और उत्तर है असत्य&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:13&lt;br /&gt;
| सही तरीका है  '''lists''' की '''list''' के रूप में '''elements''' असाइन करना और फिर उनको '''array''' में परिवर्तित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:19&lt;br /&gt;
| वह है '''x '''''is equal to''''' np.array '''''parentheses में square brackets में फिर से square brackets में '''''1, 2, 3, '''''square brackets में'''''5, 6, 7'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:35&lt;br /&gt;
| कृपया समय के साथ अपने प्रश्नों को इस फोरम में पोस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:39&lt;br /&gt;
| कृपया Python से संबधित अपने सामान्य प्रश्नों को इस फोरम पर पोस्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:44&lt;br /&gt;
| FOSSEE टीम TBC परियोजना का समन्वय करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:48&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। अधिक जानकारी के लिए, इस वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:57&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi"/>
				<updated>2018-07-04T05:40:54Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Chimera में Writing Commands ट्यूटोरियल पर आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम कमांड्स टाइप करेंगे display को परमाणुओं में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
|   ribbons को दर्शाने और छिपाने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
|   amino acid residues का रंग बदलने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|   एक एक residues को लेबल करने के लिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:21&lt;br /&gt;
|  solvent अणुओं को हटाने के लिए और इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको स्नातक स्तर की Biochemistry का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
|  Structural Biology और Chimera interface से अवश्य परिचित होने चाहियें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
|  संबधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं Ubuntu Linux ओ एस वर्जन 14.04 और chimera वर्जन 1.10.2 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
|  Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो को खोलने के लिए  Chimera आइकॉन पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:06&lt;br /&gt;
|graphics window को खोलने के लिए lightning bolt icon पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम दर्शाएंगे कि संरचना में बदलाव लाने के लिए commands को कैसे प्रयोग करना है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|  Favorites मेनू का प्रयोग करके Command Line खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो के तल में एक command text box दिखाई देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
|menus से होने वाली टास्कस को commands द्वारा किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|Chimera Commands के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
|Chimera commands, Command line पर प्रविष्ट किये जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
|semicolon सेपरेटर से विभिन्न commands एक लाइन में संयुक्त किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter key दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| पहले वाले commands पर command History से जाया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
|commands की अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर दर्शायी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो पर वापस जाएँ। आइये अब एक command टाइप करके leucine zipper का एक मॉडल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
|command एक command वर्ड से शुरू होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|command line टेक्स्ट बॉक्स पर, open space 1zik टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|आपको एक एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन की जरुरत होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| संरचना स्क्रीन पर दिखाई देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
|ribbons डिस्प्ले को atoms में बदलने के लिए command line text box में टाइप करें: The command word display और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास atoms display में protein की संरचना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| ये संरचना आंशिक रूप से ribbons की तरह  प्रदर्शित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
|ribbons छुपाने के लिए – टाइप करें wave symbol जो tilda की तरह भी जाना जाता है। उसके बाद  command वर्ड ribbon टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
| tilda के साथ कमांड रिवर्स फंक्शन को दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
|यहाँ, संकेत tilda इसके बाद ribbon keyword ribbons को छुपा देता है। &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
| हम atoms, bonds, surfaces को रंगीन बनाने के लिए color command का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
|उदहारण के लिए सारे leucines का रंग बदलने के लिए टाइप करें: Color space yellow space colon और इसके बाद amino acid के लिए तीन अक्षर का लघु रूप। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| leucine के लिए, मैं टाइप करुँगी leu.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| यहाँ color yellow argument के साथ command word है और संरचना के सारे leucines टारगेट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| यदि आप टारगेट का विशेष विवरण नहीं देते हैं तो पूरी संरचना पीले रंग में रंगी होगी।  &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
|panel का निरिक्षण करें, सारे leucines अब पीले रंग में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
|  हम एक विशेष स्थान के amino acid को एक खास रंग से रंग सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए histidine का रंग बदलने के लिए, जो की chain B पर स्थान 18 पर उपस्थित  है, टाइप करें:&lt;br /&gt;
color space red space colon18.B और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें, histidine अब लाल हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| पूरी संरचना के डिस्प्ले को CPK spacefill में बदलने के लिए, rep टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
|rep कीवर्ड represent का संक्षिप्त रूप है, rep space sphere; एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|संरचना को stick  डिस्प्ले पर वापस लाने  के लिए, पुन्हा टाइप करें rep space stick और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| solvent अणुओं को संरचना से छुपाने के लिए, टाइप करें- del (मिटाने के लिए) space solvent.&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| चुनाव के लिए residues को सक्रिय करने के लिए, वर्ड select command का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| command line टेक्स्ट बॉक्स पर टाइप करें, select space colon उसके बाद रेज़िडियु की संख्या एवं chain&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए chain B  पर स्थान 28 पर उपस्थित lysine को सक्रिय करने के लिए, टाइप करें, select space colon उसके बाद 28 dot B. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| अब चुने हुए residue का label दिखाने के लिए, टाइप करें rlabel space sel&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| पेनल का निरिक्षण करें, चुने हुए residue का residue label प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
| पहले चुने हुए residue को अचयनित करने के लिए, select command पाने के लिए अप एरो की को दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
|command की शुरुआत में tilda symbol टाइप करें। एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| Help menu में keywords और command index की सूची उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|Help menu पर क्लिक करें, मेनू में नीचे जाएँ और Commands index पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:16&lt;br /&gt;
| commands लिखने के लिए keywords की सूची के साथ एक web-page खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:22&lt;br /&gt;
| Chimera विंडो पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|यदि आप पृष्ठदृश्य यानि बैकग्राउंड के रंग को काले से नीला करना चाहते हैं, टाइप करें: background space solid space blue&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:38&lt;br /&gt;
| अब पेनल का रंग नीला है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
|Command का पुनरावृत्त  करने के लिए, Command line के दाहिनी तरफ उपस्थित काले त्रिकोण पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
|Command history पहले उपयोग किये हुए commands को सूचीबद्ध करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
|Commands, Command  पर क्लिक करके फिर से निष्पादित किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
|Command line छुपाने के लिए, ड्राप-डाउन मेनू में Hide command line विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:03&lt;br /&gt;
| आपकी बनायी हुई संरचना को save करने के अनेक विकल्प होते हैं, File menu को खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| आप ये कर सकते हैं: Restore a Session, Save a Session&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| इमेज को JPEG या PNG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:19&lt;br /&gt;
| इमेज को PDB या Mol2 फाइल्स में सेव करें, दृश्य इत्यादि को Export करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:27&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|Save image विकल्प पर क्लिक करें एक Save image' डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| फाइल लोकेशन के लिए डेस्कटॉप को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| File name को 1zik की तरह टाइप करें File type को JPEG की तरह चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| इमेज के आकार को अपनी जरुरत के हिसाब से निश्चित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं चौड़ाई को 800 और ऊंचाई को 600 टाइप करुँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| Save बटन पर क्लिक करें इमेज डेस्कटॉप पर 1zik.jpg में सेव होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
| सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने कमांड्स टाइप किये, display को atoms में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| ribbons को दर्शाने और छुपाने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|amino acid residues का रंग बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अलग-अलग residues को लेबल करने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
|solvent molecules को हटाने के लिए, इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
| अब  '''Assignment''' के लिए &lt;br /&gt;
Human oxy-hemoglobin (PDB code: 2dn1) की संरचना लोड करने के लिए कमांड्स टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को atoms में बदलें और ribbons को छुपायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| सारे histidine residues को हरे रंग में रंगें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| solvent molecules को हटायें और इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:03&lt;br /&gt;
| आपका पूरा किया असाइनमेंट निम्न प्रकार दिखना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक का वीडीयो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।  &lt;br /&gt;
कृपया इसको डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और उनको सर्टिफिकेट देती है जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं।&lt;br /&gt;
ज्यादा जानकारी के लिए हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट की वित्तीय सहायता NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा दी गयी है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C3/Superimposing-and-Morphing/Hindi"/>
				<updated>2018-07-04T05:38:29Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||''' Time '''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| Superimposing and Morphing पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: एक ही प्रोटीन के भिन्न-भिन्न स्ट्रक्चर्स की तुलना और सुपरइम्पोज़ करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| कॉनफॉरमेशन को मॉर्फ़ (रूप) करना और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:22&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने Chimera विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| graphic access इंटरफ़ेस से, 3w7f फाइल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर Squalin Synthase का स्ट्रक्चर खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57 &lt;br /&gt;
| अब superimposing के लिए इस स्ट्रक्चर को तैयार करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:01&lt;br /&gt;
| यह एक ही प्रोटीन के लिए दो कॉपीज़ रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:05&lt;br /&gt;
| कमांड लाइन उपयोग करके उन में से एक चेन को डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:09&lt;br /&gt;
| मैं कमांड हिस्ट्री पर क्लिक करके उस कमांड को दोबारा कॉल करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:14&lt;br /&gt;
| कमांड हिस्ट्री डायलॉग बॉक्स से “delete:.a” कमांड चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
| आगे स्ट्रक्चर से solvent अणुओं को हटाने के लिए मैं टाइप करुँगी कमांड “del solvent”. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:32&lt;br /&gt;
| यह स्ट्रक्चर सब्सट्रेट एनालॉग Farnesyl thiopyrophosphate, शोर्ट में FPS तक सिमित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| हम दो समान प्रोटीन्स को उनके सेकेंडरी स्ट्रक्चर्स की तुलना करने के लिए सुपरइम्पोज़ करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:46&lt;br /&gt;
| इसके लिए हम बिना ससब्सट्रेट के समान एंजाइम का स्ट्रक्चर ढूँढेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52  &lt;br /&gt;
| कमांड लाइन पर टाइप करें “open 2zco”, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:02&lt;br /&gt;
| नया स्ट्रक्चर नीले रंग में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:05&lt;br /&gt;
| अब ये दोनों स्ट्रक्चर्स सुपरइम्पोज़ होने के लिए तैयार हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| Superimposition या Structural alignment दो या अधिक प्रोटीन स्ट्रक्चर्स के लिए तुलना करने वाला टूल हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:18&lt;br /&gt;
| वह अलाइनमेंट उनकी आकृति और तीन-डाईमेन्शनल कोन्फोरमेशन पर आधारित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:24&lt;br /&gt;
| सुपरइम्पोज़िंग शुरू करने से पहले हम टूल बार में कुछ आइकन्स रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| Favorites मेन्यू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| Add to favorites/Tool bar विकल्प तक नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:37  &lt;br /&gt;
| Preferences डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:40 &lt;br /&gt;
| Category ड्राप-डाउन से Tools चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:44 &lt;br /&gt;
| Settings शीर्षक में On Tool bar कॉलम में बॉक्सेस चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:53 &lt;br /&gt;
| निम्न के लिए बॉक्सेस चेक करें Command line , Model Panel, Side View &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59 &lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ और MatchMaker  और Match-Align पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
| आप अपनी ख़ुद की टूलबार कस्टमाइज़ कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| अपनी ज़रुरत के अनुसार टूल्स चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:12&lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| पैनल में सबसे ऊपर Tool bar पर आइकन्स जुड़ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:19&lt;br /&gt;
| Tool bar की स्थिति बदलने के लिए Toolbar placement बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:25&lt;br /&gt;
| और ड्राप-डाउन मेन्यू से विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29 &lt;br /&gt;
| जब आप टूल बार पर सभी आइकन्स जोड़ लें तो Save बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:35 &lt;br /&gt;
| और डायलॉग बॉक्स को बंद करने के लिए Close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| अब स्ट्रक्चर्स विभिन्न स्थितियों में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:43  &lt;br /&gt;
| अब हम MatchMaker फंक्शन उपयोग करके उन स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:48 &lt;br /&gt;
| Tool bar पर MatchMaker टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:53 &lt;br /&gt;
| MatchMaker डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
| Reference structure में 3w7f पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:01 &lt;br /&gt;
| अभी के लिए डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स के साथ जारी रखें। OK बटन दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:07&lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| दो स्ट्रक्चर्स एक दूसरे पर सुपरइम्पोज़ होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13&lt;br /&gt;
| दो स्ट्रक्चर्स एक दूसरे पर करीब-करीब पूरी तरह से सुपरइम्पोज़ेबल हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:19&lt;br /&gt;
| एक छोटे से भाग को छोड़कर जो नॉन- सुपरइम्पोज़ेबल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:23 &lt;br /&gt;
| इस नॉन- सुपरइम्पोज़ेबल भाग में शामिल फ्रेग्मेंट एमिनो एसिड नंबर 53 से एमिनो एसिड नंबर 57 तक शुरू होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
| MatchMaker, रेसीड्यू टाइप्स और सेकेंड्री स्ट्रक्चर उपयोग करके सीक्वेंस अलाइनमेंट बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:40&lt;br /&gt;
| और फिर सीक्वेंस-अलाइंड रेसीड्यूज़ को 3D में फिट करता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:44  &lt;br /&gt;
| अब Match-Align टूल को जाँचें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48  &lt;br /&gt;
| टूल बार से Match-Align टूल पर क्लिक करें। एक डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55  &lt;br /&gt;
| चेन्स को चुनने के लिए उनके pdb Ids पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:59 &lt;br /&gt;
| OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
| sequence alignment डायलॉग बॉक्स खुलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:05  &lt;br /&gt;
| इस बॉक्स में अंतिम बॉक्स में फिट हुए एमिनो एसिड युग्म हलके नारंगी बॉक्सेस जैसे दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:13&lt;br /&gt;
| रेसीड्यू 52-54 पर लूप को छोड़कर स्ट्रक्चर्स लगभग समान हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:21 &lt;br /&gt;
| कर्सर को सम्बंधित एक अक्षर कोड पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:25  &lt;br /&gt;
| 52 से 54 तक रेसीड्यूज़ सीक्वेंस में अन्तराल होने के कारण शिफ्ट होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:33&lt;br /&gt;
| कर्सर उपयोग करके इस भाग को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:41&lt;br /&gt;
| सीक्वेंस का वह चयनित भाग हाईलाइट होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:45&lt;br /&gt;
| यह उस संरचना के नॉन-सुपरइम्पोज़ेबल भाग से मेल खाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50 &lt;br /&gt;
| आप Actions मेन्यू उपयोग करके इस नॉन-सुपरइम्पोज़िंग भागों के रंग बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| Actions मेन्यू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:57  &lt;br /&gt;
| Color तक स्क्रॉल करें। orange-red विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02 &lt;br /&gt;
| अब यह भाग हाईलाइट हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05&lt;br /&gt;
| सिलेक्शन को क्लियर करें और डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
| अब दिखाते हैं कि कॉनफॉरमेशन को कैसे मॉर्फ़ (रूप) करते हैं और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15 &lt;br /&gt;
| मॉर्फिंग, वास्तविक इनपुट स्ट्रक्चर्स के बीच इंटरमीडिएट स्ट्रक्चर्स की श्रंखला की गणना करने में शामिल होता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23 &lt;br /&gt;
| बने हुए इंटरमीडिएट स्ट्रक्चर्स की श्रंखला को Molecular Dynamics Movie शार्ट में MD Movie की तरह सेव किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:32&lt;br /&gt;
| पैनल पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:34 &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू से मॉर्फिंग टूल शुरू करें।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:37&lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Structure Comparison तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42  &lt;br /&gt;
| Morph conformations विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:46&lt;br /&gt;
| Morph conformations डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:50&lt;br /&gt;
| Add पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:52  &lt;br /&gt;
| Models डायलॉग बॉक्स की परिणामी सूची में कॉन्फोरमेशन्स में जोड़ने के लिए मॉडल नंबर ज़ीरो यानि 3w7f पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03 &lt;br /&gt;
| अगला मॉडल नंबर 1 यानि 2zco पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:10&lt;br /&gt;
| फिर 3w7f यानि मॉडल नंबर ज़ीरो पर दोबारा क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16  &lt;br /&gt;
| यह सीक्वेंस एक लिगेंड के मॉर्फ़ ट्रेजेक्ट्री से सम्बंधित है जो स्ट्रक्चर से खोखले स्ट्रक्चर तक और फिर वापस, से जुड़ा है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:26&lt;br /&gt;
| model list डायलॉग बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:29 &lt;br /&gt;
| Morph conformations डायलॉग बॉक्स में Create पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
|कुछ सेकेंड बाद एक MD Movie बनती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:39 &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर डायलॉग बॉक्स दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:42 &lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में मूवी को चलाने के लिए प्ले या पॉज़ बटन्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:42 &lt;br /&gt;
| प्ले करने के लिए एरो पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52  &lt;br /&gt;
| कॉनफोर्मेशन्स की मॉर्फिंग मूवी की तरह प्ले की जा रही है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
| मूवी को पॉज़ करें और MD movie डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
| अब सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:05  &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा एक ही प्रोटीन के लिए भिन्न-भिन्न स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ और तुलना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:12  &lt;br /&gt;
|कॉनफॉरमेशन को मॉर्फ़ (रूप) करना और ट्रेजेक्ट्री (वक्र-पाथ) बनाना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16  &lt;br /&gt;
| ट्रेजेक्ट्री को Molecular Dynamics Movie की तरह सेव करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:20&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में PDB कोड 1TAG और 1TND के साथ GTP बाईंडिंग प्रोटीन्स के स्ट्रक्चर्स खोलें।    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:31 &lt;br /&gt;
| MatchMaker टूल उपयोग करके स्ट्रक्चर्स को सुपरइम्पोज़ करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:34 &lt;br /&gt;
| Sequence Alignment टूल उपयोग करके असमान क्षेत्रों का पता लगाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। इसे डाउनलोड करके देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:48 &lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:57&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है। इस मिशन पर अधिक जानकारी दर्शाए लिंक पर उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09 &lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi"/>
				<updated>2018-07-04T05:35:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01 &lt;br /&gt;
| Attributes पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर एक प्रोटीन में परमाणुओं को रंग करना। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:18&lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आदर पर रेसीड्यूज़ को रंग करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। यदि नहीं हैं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33 &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla Firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कारकरी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने एक 	Chimera विंडो खोली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन उपयोग करके Leucine zipper का स्ट्रक्चर खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
|कमांड टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें open 1zik एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:05 &lt;br /&gt;
| पैनल पर मॉडल ribbons की तरह दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10 &lt;br /&gt;
|Presets मेन्यू उपयोग करके डिस्प्ले को Interactive 2 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:14&lt;br /&gt;
| जल अणुओं को छिपाने के लिए कमांड लाइन पर टाइप करें delete solvent, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22  &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को स्टिक्स में बदलने के लिए टाइप करें rep stick, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर में हाइड्रोजन जोड़ने के लिए टाइप करें addh .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36 &lt;br /&gt;
| अब हम सीखते हैं लिंक इस स्ट्रक्चर के लिए atoms और residues के ऐट्रिब्यूट्स को कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:43 &lt;br /&gt;
|  Attributes नामों और वैल्यूज़ के साथ विशेषताएं होते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:47  &lt;br /&gt;
|Chimera में आइटम्स जैसे atoms, bonds, residues और molecule models ऐट्रिब्यूट्स रखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:54&lt;br /&gt;
| Attributes को बदलने के लिए भिन्न-भिन्न तरीके हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57 &lt;br /&gt;
| Favorites मेन्यू उपयोग करके Model Panel खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:01 &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर Model Panel डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05 &lt;br /&gt;
| पैनल के दायीं तरफ attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:10  &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर 1zik के लिए Attributes डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15 &lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स attribute सूची रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18  &lt;br /&gt;
| सूची Molecule Attributes और इसके कंपोनेंट्स Atom, bond और residue attributes रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:28&lt;br /&gt;
| Molecule Attributes चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31 &lt;br /&gt;
| उपलब्ध attributes विंडो पर सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:35 &lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए – एरोमेटिक रिंग्स के डिस्प्ले को बदलने के लिए aromatic display के आगे वाले बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:42&lt;br /&gt;
| ड्राप-डाउन से True चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45  &lt;br /&gt;
| Aromatic ring style में disk चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
| aromatic color के आगे वाले color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53 &lt;br /&gt;
| color editor से रंग चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56 &lt;br /&gt;
|डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें, सभी aromatic rings केंद्र में डिस्क्स के साथ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:06  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ball and stick में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन पर टाइप करें rep bs.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16 &lt;br /&gt;
| Attributes डायलॉग बॉक्स पर परमाणुओं की Van der Walls radii बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22 &lt;br /&gt;
| ball scale की वैल्यू बदलकर 0.5 करें। एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:27  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। परमाणु बहुत बड़े परमाण्विक रेडिआई के साथ दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33  &lt;br /&gt;
| Molecular Attributes चेक बॉक्स पर दोबारा क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:38&lt;br /&gt;
| सूची से Component Atom Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43  &lt;br /&gt;
| तत्स्थानी विंडो में atom style button पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू में बहुत से विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को cpk में बदलने के लिए sphere पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55 &lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:57 &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले में वापस जाने के लिए dot चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:02 &lt;br /&gt;
| अब Component Bond Attributes पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:10&lt;br /&gt;
| यहाँ bond style को stick या wire में बदलने के लिए विकल्प हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13 &lt;br /&gt;
|Component Residue Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
| यहाँ रिबन के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए हमारे पास विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:22 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके पैनल पर स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ribbons में बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:28  &lt;br /&gt;
|अब Attribute डायलॉग बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:32 &lt;br /&gt;
| Attribute डायलॉग बॉक्स में ribbon color के आगे वाले color well पर क्लिक करें. रिबन कलर को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:41&lt;br /&gt;
| color editor को बंद करने के लिए close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46 &lt;br /&gt;
| ribbon और scaling के क्रॉस-सेक्शन (अनुप्रस्थ काट) को बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके दोबारा परमाणुओं के डिस्प्ले को बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00  &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू उपयोग करके Attributes को बदला जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू पर क्लिक करें, Structure Analysis तक नीचे जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|और सब-मेन्यू से Render by Attribute विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:14  &lt;br /&gt;
| Render by attribute डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17 &lt;br /&gt;
| यहाँ atoms, residues, molecules, segmentation regions आदि के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27 &lt;br /&gt;
|atoms चुनें। Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
| उपलब्ध विकल्पों की जाँच के लिए Attribute सूची पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:37&lt;br /&gt;
| सूची दो विकल्प दिखाती है: bfactor और occupancy&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
| ये दो ऐट्रिब्यूट्स इनपुट PDB फाइल से पढ़े जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48 &lt;br /&gt;
| bfactor चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50 &lt;br /&gt;
| रंगीन उर्ध्वाधर बार्स के साथ वैल्यूज़ का एक हिस्टोग्राम दिखेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  B-factor वैल्यूज़ मैक्रोमॉलिक्यूल्स में गतिशीलता की माप देती हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:01&lt;br /&gt;
| कम B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो सुव्यवस्थित है, से सम्बंधित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08 &lt;br /&gt;
| बड़े B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो बहुत लचीला है, से सम्बंधित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15 &lt;br /&gt;
| प्रोटीन स्ट्रक्चर के लिए PDB फाइल B-factor जानकारी रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
| पैनल पर वापस आएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
| उर्ध्वाधर बार्स माउस से हिस्टोग्राम के साथ ड्रैग की जा सकती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29 &lt;br /&gt;
| B-factor की वैल्यू Value टेक्स्ट बॉक्स में दिखती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34 &lt;br /&gt;
| नीली उर्ध्वाधर बार को ज़ीरो तक लाल को 100 तक ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:41&lt;br /&gt;
| फिर सफ़ेद बार को 50 पर फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:45  &lt;br /&gt;
| Colors बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48 &lt;br /&gt;
| color atoms, keep opaque और color surfaces विकल्पों को चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:55&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट कलर palette blue और red है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| आप कलर palette को ड्राप-डाउन से बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:04  &lt;br /&gt;
| Apply बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07 &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। बड़े B-factor वाले परमाणु लाल में और कम वाले नीले में दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16 &lt;br /&gt;
| अपेक्षित की तरह बड़े B-factors के परमाणु स्ट्रक्चर के बाहर की तरफ हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:22 &lt;br /&gt;
| अब रेसीड्यूज़ के ऐट्रिब्यूट्स को बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:26 &lt;br /&gt;
| Select by Attribute डायलॉग बॉक्स में, Attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
|ड्राप डाउन से residues चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36 &lt;br /&gt;
| Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ के लिए वो ऐट्रिब्यूट्स kdHydrophobicity scale रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू से kdHydrophobicity पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48 &lt;br /&gt;
| हिस्टोग्राम में वैल्यूज़ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52  &lt;br /&gt;
|kdHydrophobicity scales वो वैल्यूज़ हैं जो एमिनो एसिड रेसीड्यूज़ की रिलेटिव hydrophobicity परिभाषित करती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:00 &lt;br /&gt;
| KdHydrophobicity वैल्यूज़ hydrophobic residues के लिए पॉज़िटिव और polar residues के लिए नेगेटिव होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ की Hydrophobicity colors या worms में देखी जा सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15 &lt;br /&gt;
|Colors चुनें। डिफ़ॉल्ट रूप से कुछ पैरामीटर्स चयनित हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
|Apply बटन पर क्लिक करें। पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
|hydrophobic residues का रंग लाल और polar residues का रंग नीला होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
| Worms बटन पर क्लिक करें. Apply पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
|Worms संशोधित रिबन्स हैं  जिनकी रेडियस (त्रिज्या) परिवर्तित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| अधिकतर hydrophobic residues स्ट्रक्चर के अन्दर की तरफ होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से ज़्यादा hydrophobic residues बड़ी रेडियस के दिखेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर को सामान्य ribbon में वापस जाने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:03&lt;br /&gt;
| worm-style पर क्लिक करें और non-worm विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:12 &lt;br /&gt;
|File मेन्यू उपयोग करके Chimera सेशन बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16 &lt;br /&gt;
| इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स को बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:25 &lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर प्रोटीन में परमाणुओं को कलर करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35 &lt;br /&gt;
| नियत कार्य में पैनल पर hemoglobin (PDB code: 2HCO) का मॉडल खोलें. B-factor वैल्यूज़ के आधार पर परमाणुओं को कलर करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:44 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:49 &lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:56&lt;br /&gt;
|  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:04&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10 &lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है।मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi</title>
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				<updated>2018-07-04T05:26:26Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Chimera Interface उपयोग करके Animation पर इस ट्यूटोरियल में आपका सागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगे: बैकग्राउंड लाइटिंग और इफेक्ट्स को समायोजित करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
| एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
| टाइमलाइन के साथ सीन्स स्थित करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
| परिणामी एनीमेशन की मूवी रेकॉर्ड करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। यदि नहीं हैं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
|  यहाँ मैंने Chimera विंडो खोल ली है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:53&lt;br /&gt;
|  कमांड टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें Open 1MBO. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
|  पैनल पर हीमोग्लोबिन का एक स्ट्रक्चर खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|  जल अणुओं को डिलीट करने के लिए टाइप करें delete solvent. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10&lt;br /&gt;
|  अब मैं दिखाती हूँ कि एनीमेशन के लिए सीन्स कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|  एक काईमेरा सीन निम्न रखता है: मॉडल्स का अभिविन्यास और क्लिपिंग प्लेन्स। मॉडल्स के दिखावट के स्टाइल्स और रंग। मॉलिक्यूलर सरफेस। इलेक्ट्रान डेंसिटी मैप्स और इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल मैप्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:33&lt;br /&gt;
|  एक सीन निम्न भी रखता है- 2D लेबल्स। एक्सिस, प्लेन और सेंट्रोइड प्रदर्शन। CAST-P पॉकेट डिस्प्ले। पैरामीटर्स जैसे बैकग्राउंड लाइटिंग और इफेक्ट्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|  पैनल पर वापस आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51&lt;br /&gt;
| एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना शुरू करने से पहले, बैकग्राउंड लाइटिंग को नियंत्रित करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:59&lt;br /&gt;
|  tools मेन्यू पर क्लिक करें, Viewing Controls तक स्क्रॉल करें, सब-मेन्यू से Effects चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|Viewing डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
|  Effects सेक्शन में depth cueing पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:16&lt;br /&gt;
| यह आगे से पीछे की शेडिंग का उल्लेख करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
| color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
| color well से शेडिंग के लिए रंग चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
|color editor चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
|  आउटलाइन्स दिखाने के लिए Silhouettes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:33 &lt;br /&gt;
|आप Width फील्ड उपयोग करके Silhouettes की चौडाई को बड़ा या घटा सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:39&lt;br /&gt;
|  color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|color editor से रंग चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
|color editor को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:47&lt;br /&gt;
|  अब Viewing डायलॉग बॉक्स पर Lighting बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51 &lt;br /&gt;
| यहाँ हम आवश्यकतानुसार लाइटिंग पैरामीटर्स बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|  Shininess बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
| दो विकल्प Intensity और Shininess हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:04 &lt;br /&gt;
|Intensity चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07 &lt;br /&gt;
|mode बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|  डिफ़ॉल्ट रूप से two-point लाइटिंग चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:14&lt;br /&gt;
| ज़्यादा ब्राइटनेस के लिए इसे three-point करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:18&lt;br /&gt;
|  ब्राइटनेस और कॉन्ट्रास्ट समायोजित करने के लिए स्लाइडर को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
|  दोबारा Intensity बटन पर क्लिक करें, Shininess चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28 &lt;br /&gt;
| sharpness और reflectivity को समायोजित करने के लिए स्लाइडर को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33 &lt;br /&gt;
|  Save पर क्लिक करें फिर Close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
|  पैनल पर स्ट्रक्चर को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|Shading और Silhouettes को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43 &lt;br /&gt;
|  अब एनीमेशन के लिए कुछ सीन्स बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:47&lt;br /&gt;
|  Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Utilities विकल्प तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52 &lt;br /&gt;
| सब-मेन्यू से Animation पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55 &lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:58&lt;br /&gt;
|  Animation डायलॉग बॉक्स में Scenes, Actions और Timeline सेक्शन्स होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:06 &lt;br /&gt;
|  Scenes सेक्शन में हरे प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
| यह पैनल पर सीन नाम से वर्तमान इमेज को सेव करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:15&lt;br /&gt;
| यह Scenes सेक्शन में सीन की थम्बनेल इमेज भी बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:21 &lt;br /&gt;
| यह इमेज एनीमेशन के लिए पहला सीन है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
|  थम्बनेल इमेज पर राइट-क्लिक करें, एक कॉन्टेक्स्ट मेन्यू विकल्पों के साथ खुलता है जैसे; Add to timeline, properties, delete आदि।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39 &lt;br /&gt;
|  एक अन्य सीन बनाने के लिए पैनल पर प्रोटीन स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को संशोधित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:45 &lt;br /&gt;
|  Presets मेन्यू उपयोग करके, डिस्प्ले को Interactive 1 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:50&lt;br /&gt;
|  Select मेन्यू से ligand चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:54&lt;br /&gt;
|Actions मेन्यू से Sphere चुनें। यह ligand को CPK डिस्प्ले में बदल देगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
|  सिलेक्शन को clear करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
|  Animation डायलॉग बॉक्स में, scenes सेक्शन से हरे प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:12&lt;br /&gt;
| यह पैनल पर scene 2 नाम से इमेज जोड़ेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:16 &lt;br /&gt;
|  scene 3 के लिए स्ट्रक्चर में उपस्थित helices के लिए एक्सीस जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:22 &lt;br /&gt;
|  Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Structure Analysis विकल्प तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|सब-मन्यू से Axes, Planes, Centroids पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
|  Structure measurement डायलॉग बॉक्स में Define Axes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05 :37&lt;br /&gt;
|Define Axes डायलॉग बॉक्स में Each helix रेडियो बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
|  OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:47&lt;br /&gt;
|  इस इमेज को scene 3 की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50&lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स में प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  अब axes को डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
|Structure measurement डायलॉग बॉक्स में, सारी रोज़ को चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02 &lt;br /&gt;
|Delete बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05&lt;br /&gt;
|Structure measurement डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
|  scene 4 के लिए, Select मेन्यू उपयोग करके main चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15&lt;br /&gt;
| Actions मेन्यु उपयोग करके surface दिखाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17 &lt;br /&gt;
|  दोबारा Select मेन्यू से main चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21 &lt;br /&gt;
| Actions मेन्यू उपयोग करके सरफेस के रंग को बदलकर पीला करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
|Ligand चुनें और उस ligand के रंग को बदलकर नीला करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:32&lt;br /&gt;
|सिलेक्शन को हटायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:35 &lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स में इस सीन को scene 4 की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:40 &lt;br /&gt;
| सबस्ट्रेट पॉकेट को ज्यादा साफ़ दिखाने के लिए सतह को पारदर्शी बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:46&lt;br /&gt;
|Actions मेन्यू पर क्लिक करें, surface तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:50&lt;br /&gt;
|सब मेन्यू से transparency चुनें. 50% पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:58 &lt;br /&gt;
| scenes सेक्शन में इस सीन को scene 5  की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03 &lt;br /&gt;
| यदि आप Scenes section से एक सीन डिलीट करना चाहते हैं तो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07&lt;br /&gt;
| थम्बनेल इमेज पर राइट-क्लिक करें, delete विकल्प चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13 &lt;br /&gt;
| एक सीन जोड़ने के लिए दोबारा प्लस आइकन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:18&lt;br /&gt;
|  माउस बटन उपयोग करके ड्रैग और ड्राप से Timeline section पर सीन्स सम्मिलित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:25&lt;br /&gt;
| थम्बनेल इमेज पर क्लिक करें, ड्रैग करें और उस इमेज को Timeline पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
| माउस बटन को छोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से हम थम्बनेल पर राइट-क्लिक कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
| मेन्यू से add to timeline विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
|  एक श्रंखला में Timeline पर सभी सीन्स जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47 &lt;br /&gt;
| Actions सेक्शन में दो विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:51&lt;br /&gt;
| Rock दोलन गति के लिए। Roll निरंतर गति के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
|  Roll चुनते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:59&lt;br /&gt;
| अब हम इस एनीमेशन को रेकॉर्ड करने के लिए तैयार हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| Record बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:06&lt;br /&gt;
|Record animation डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:13&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करने के लिए मैं Desktop चुनूँगी। टेक्स्ट बॉक्स में फाइल को नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17 &lt;br /&gt;
| फाइल के नाम में Animation hyphen one (Animation-1) टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21 &lt;br /&gt;
|फाइल टाइप में .ogv या अपनी पसंद का कोई भी मूवी फॉर्मेट चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28 &lt;br /&gt;
| एनीमेशन की रेकॉर्डिंग शुरू करने के लिए Record बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
| इमेजेस की श्रंखला डेस्कटॉप पर मूवी फाइल में एन्कोड की जाएगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42 &lt;br /&gt;
| यदि आप रेकॉर्डिंग को बंद करना चाहते हैं, तो Animation डायलॉग बॉक्स में दोबारा Record बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
| रिकॉर्डिग प्रक्रिया को पूरा करने में कुछ समय लगेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:54 &lt;br /&gt;
|फाइल डेस्कटॉप पर Animation hyphen one (Animation-1) नाम से सेव की जाएगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
| एनीमेशन देखने के लिए .ogv फाइल पर डबल-क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:14&lt;br /&gt;
| इसे सारांशित करें, इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न करना सीखा: बैकग्राउंड लाइटिंग औए इफेक्ट्स को समायोजित करना। एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:23&lt;br /&gt;
| टाइमलाइन के साथ सीन्स स्थित करना। परिणामी एनीमेशन की मूवी रेकॉर्ड करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट में Chymotrypsin (PDB code: 7GCH) का मॉडल खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| बैकग्राउंड और लाइटिंग इफेक्ट्स को समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38&lt;br /&gt;
| प्रोटीन सरफेस में लीगेंड दिखाने के लिए ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:43&lt;br /&gt;
| कुछ सीन्स बनाएं और एनीमेशन मूवी बनाएं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:47&lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:55&lt;br /&gt;
|  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। हमसे संपर्क करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03 &lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:09&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Animation/Hindi"/>
				<updated>2018-07-04T05:21:47Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Chimera Interface उपयोग करके Animation पर इस ट्यूटोरियल में आपका सागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न सीखेंगे: बैकग्राउंड लाइटिंग और इफेक्ट्स को समायोजित करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:12&lt;br /&gt;
| एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:15&lt;br /&gt;
| टाइमलाइन के साथ सीन्स स्थित करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
| परिणामी एनीमेशन की मूवी रेकॉर्ड करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। यदि नहीं हैं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
|  यहाँ मैंने Chimera विंडो खोल ली है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:53&lt;br /&gt;
|  कमांड टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें Open 1MBO. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
|  पैनल पर हीमोग्लोबिन का एक स्ट्रक्चर खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|  जल अणुओं को डिलीट करने के लिए टाइप करें delete solvent. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10&lt;br /&gt;
|  अब मैं दिखाती हूँ कि एनीमेशन के लिए सीन्स कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|  एक काईमेरा सीन निम्न रखता है: मॉडल्स का अभिविन्यास और क्लिपिंग प्लेन्स। मॉडल्स के दिखावट के स्टाइल्स और रंग। मॉलिक्यूलर सरफेस। इलेक्ट्रान डेंसिटी मैप्स और इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल मैप्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:33&lt;br /&gt;
|  एक सीन निम्न भी रखता है- 2D लेबल्स। एक्सिस, प्लेन और सेंट्रोइड प्रदर्शन। CAST-P पॉकेट डिस्प्ले। पैरामीटर्स जैसे बैकग्राउंड लाइटिंग और इफेक्ट्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|  पैनल पर वापस आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51&lt;br /&gt;
| एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना शुरू करने से पहले, बैकग्राउंड लाइटिंग को नियंत्रित करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:59&lt;br /&gt;
|  tools मेन्यू पर क्लिक करें, Viewing Controls तक स्क्रॉल करें, सब-मेन्यू से Effects चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|Viewing डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:11&lt;br /&gt;
|  Effects सेक्शन में depth cueing पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:16&lt;br /&gt;
| यह आगे से पीछे की शेडिंग का उल्लेख करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
| color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:22&lt;br /&gt;
| color well से शेडिंग के लिए रंग चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
|color editor चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:29&lt;br /&gt;
|  आउटलाइन्स दिखाने के लिए Silhouettes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:33 &lt;br /&gt;
|आप Width फील्ड उपयोग करके Silhouettes की चौडाई को बड़ा या घटा सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:39&lt;br /&gt;
|  color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|color editor से रंग चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
|color editor को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:47&lt;br /&gt;
|  अब Viewing डायलॉग बॉक्स पर Lighting बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51 &lt;br /&gt;
| यहाँ हम आवश्यकतानुसार लाइटिंग पैरामीटर्स बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|  Shininess बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:00&lt;br /&gt;
| दो विकल्प Intensity और Shininess हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:04 &lt;br /&gt;
|Intensity चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:07 &lt;br /&gt;
|mode बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|  डिफ़ॉल्ट रूप से two-point लाइटिंग चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:14&lt;br /&gt;
| ज़्यादा ब्राइटनेस के लिए इसे three-point करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:18&lt;br /&gt;
|  ब्राइटनेस और कॉन्ट्रास्ट समायोजित करने के लिए स्लाइडर को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
|  दोबारा Intensity बटन पर क्लिक करें, Shininess चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28 &lt;br /&gt;
| sharpness और reflectivity को समायोजित करने के लिए स्लाइडर को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33 &lt;br /&gt;
|  Save पर क्लिक करें फिर Close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
|  पैनल पर स्ट्रक्चर को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|Shading और Silhouettes को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43 &lt;br /&gt;
|  अब एनीमेशन के लिए कुछ सीन्स बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:47&lt;br /&gt;
|  Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Utilities विकल्प तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52 &lt;br /&gt;
| सब-मेन्यू से Animation पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55 &lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:58&lt;br /&gt;
|  Animation डायलॉग बॉक्स में Scenes, Actions और Timeline सेक्शन्स होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:06 &lt;br /&gt;
|  Scenes सेक्शन में हरे प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
| यह पैनल पर सीन नाम से वर्तमान इमेज को सेव करेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:15&lt;br /&gt;
| यह Scenes सेक्शन में सीन की थम्बनेल इमेज भी बनाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:21 &lt;br /&gt;
| यह इमेज एनीमेशन के लिए पहला सीन है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
|  थम्बनेल इमेज पर राइट-क्लिक करें, एक कॉन्टेक्स्ट मेन्यू विकल्पों के साथ खुलता है जैसे; Add to timeline, properties, delete आदि।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39 &lt;br /&gt;
|  एक अन्य सीन बनाने के लिए पैनल पर प्रोटीन स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को संशोधित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:45 &lt;br /&gt;
|  Presets मेन्यू उपयोग करके, डिस्प्ले को Interactive 1 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:50&lt;br /&gt;
|  Select मेन्यू से ligand चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:54&lt;br /&gt;
|Actions मेन्यू से Sphere चुनें। यह ligand को CPK डिस्प्ले में बदल देगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
|  सिलेक्शन को clear करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:06&lt;br /&gt;
|  Animation डायलॉग बॉक्स में, scenes सेक्शन से हरे प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:12&lt;br /&gt;
| यह पैनल पर scene 2 नाम से इमेज जोड़ेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:16 &lt;br /&gt;
|  scene 3 के लिए स्ट्रक्चर में उपस्थित helices के लिए एक्सीस जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:22 &lt;br /&gt;
|  Tools मेन्यू पर क्लिक करें। Structure Analysis विकल्प तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|सब-मन्यू से Axes, Planes, Centroids पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
|  Structure measurement डायलॉग बॉक्स में Define Axes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05 :37&lt;br /&gt;
|Define Axes डायलॉग बॉक्स में Each helix रेडियो बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
|  OK पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:47&lt;br /&gt;
|  इस इमेज को scene 3 की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50&lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स में प्लस आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  अब axes को डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
|Structure measurement डायलॉग बॉक्स में, सारी रोज़ को चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:02 &lt;br /&gt;
|Delete बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:05&lt;br /&gt;
|Structure measurement डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
|  scene 4 के लिए, Select मेन्यू उपयोग करके main चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15&lt;br /&gt;
| Actions मेन्यु उपयोग करके surface दिखाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17 &lt;br /&gt;
|  दोबारा Select मेन्यू से main चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21 &lt;br /&gt;
| Actions मेन्यू उपयोग करके सरफेस के रंग को बदलकर पीला करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
|Ligand चुनें और उस ligand के रंग को बदलकर नीला करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:32&lt;br /&gt;
|सिलेक्शन को हटायें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:35 &lt;br /&gt;
| Animation डायलॉग बॉक्स में इस सीन को scene 4 की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:40 &lt;br /&gt;
| सबस्ट्रेट पॉकेट को ज्यादा साफ़ दिखाने के लिए सतह को पारदर्शी बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:46&lt;br /&gt;
|Actions मेन्यू पर क्लिक करें, surface तक स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:50&lt;br /&gt;
|सब मेन्यू से transparency चुनें. 50% पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:58 &lt;br /&gt;
| scenes सेक्शन में इस सीन को scene 5  की तरह जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03 &lt;br /&gt;
| यदि आप Scenes section से एक सीन डिलीट करना चाहते हैं तो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07&lt;br /&gt;
| थम्बनेल इमेज पर राइट-क्लिक करें, delete विकल्प चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13 &lt;br /&gt;
| एक सीन जोड़ने के लिए दोबारा प्लस आइकन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:18&lt;br /&gt;
|  माउस बटन उपयोग करके ड्रैग और ड्राप से Timeline section पर सीन्स सम्मिलित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:25&lt;br /&gt;
| थम्बनेल इमेज पर क्लिक करें, ड्रैग करें और उस इमेज को Timeline पर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
| माउस बटन को छोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:34&lt;br /&gt;
| वैकल्पिक रूप से हम थम्बनेल पर राइट-क्लिक कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
| मेन्यू से add to timeline विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
|  एक श्रंखला में Timeline पर सभी सीन्स जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47 &lt;br /&gt;
| Actions सेक्शन में दो विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:51&lt;br /&gt;
| Rock दोलन गति के लिए। Roll निरंतर गति के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:57&lt;br /&gt;
|  Roll चुनते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:59&lt;br /&gt;
| अब हम इस एनीमेशन को रेकॉर्ड करने के लिए तैयार हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| Record बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:06&lt;br /&gt;
|Record animation डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:13&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करने के लिए मैं Desktop चुनूँगी। टेक्स्ट बॉक्स में फाइल को नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17 &lt;br /&gt;
| फाइल के नाम में Animation hyphen one (Animation-1) टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21 &lt;br /&gt;
|फाइल टाइप में .ogv या अपनी पसंद का कोई भी मूवी फॉर्मेट चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28 &lt;br /&gt;
| एनीमेशन की रेकॉर्डिंग शुरू करने के लिए Record बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
| इमेजेस की श्रंखला डेस्कटॉप पर मूवी फाइल में एन्कोड की जाएगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42 &lt;br /&gt;
| यदि आप रेकॉर्डिंग को बंद करना चाहते हैं, तो Animation डायलॉग बॉक्स में दोबारा Record बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
| रिकॉर्डिग प्रक्रिया को पूरा करने में कुछ समय लगेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:54 &lt;br /&gt;
|फाइल डेस्कटॉप पर Animation hyphen one (Animation-1) नाम से सेव की जाएगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
| एनीमेशन देखने के लिए .ogv फाइल पर डबल-क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:14&lt;br /&gt;
| इसे सारांशित करें, इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न करना सीखा: बैकग्राउंड लाइटिंग औए इफेक्ट्स को समायोजित करना। एनीमेशन के लिए सीन्स बनाना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:23&lt;br /&gt;
| टाइमलाइन के साथ सीन्स स्थित करना। परिणामी एनीमेशन की मूवी रेकॉर्ड करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट में Chymotrypsin (PDB code: 7GCH) का मॉडल खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| बैकग्राउंड और लाइटिंग इफेक्ट्स को समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38&lt;br /&gt;
| प्रोटीन सरफेस में लीगेंड दिखाने के लिए ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:43&lt;br /&gt;
| कुछ सीन्स बनाएं और एनीमेशन मूवी बनाएं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:47&lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:55&lt;br /&gt;
|  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। हमसे संपर्क करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03 &lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:09&lt;br /&gt;
|  आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।  &lt;br /&gt;
हमने जुड़ने के लिये धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi"/>
				<updated>2018-07-02T03:52:52Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01 &lt;br /&gt;
| Attributes पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर एक प्रोटीन में परमाणुओं को रंग करना। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:18&lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आदर पर रेसीड्यूज़ को रंग करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। यदि नहीं हैं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33 &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla Firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कारकरी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने एक 	Chimera विंडो खोली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन उपयोग करके Leucine zipper का स्ट्रक्चर खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
|कमांड टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें open 1zik एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:05 &lt;br /&gt;
| पैनल पर मॉडल ribbons की तरह दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10 &lt;br /&gt;
|Presets मेन्यू उपयोग करके डिस्प्ले को Interactive 2 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:14&lt;br /&gt;
| जल अणुओं को छिपाने के लिए कमांड लाइन पर टाइप करें delete solvent, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22  &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को स्टिक्स में बदलने के लिए टाइप करें rep stick, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर में हाइड्रोजन जोड़ने के लिए टाइप करें addh .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36 &lt;br /&gt;
| अब हम सीखते हैं लिंक इस स्ट्रक्चर के लिए atoms और residues के ऐट्रिब्यूट्स को कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:43 &lt;br /&gt;
|  Attributes नामों और वैल्यूज़ के साथ विशेषताएं होते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:47  &lt;br /&gt;
|Chimera में आइटम्स जैसे atoms, bonds, residues और molecule models ऐट्रिब्यूट्स रखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:54&lt;br /&gt;
| Attributes को बदलने के लिए भिन्न-भिन्न तरीके हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57 &lt;br /&gt;
| Favorites मेन्यू उपयोग करके Model Panel खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:01 &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर Model Panel डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05 &lt;br /&gt;
| पैनल के दायीं तरफ attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:10  &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर 1zik के लिए Attributes डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15 &lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स attribute सूची रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18  &lt;br /&gt;
| सूची Molecule Attributes और इसके कंपोनेंट्स Atom, bond और residue attributes रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:28&lt;br /&gt;
| Molecule Attributes चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31 &lt;br /&gt;
| उपलब्ध attributes विंडो पर सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:35 &lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए – एरोमेटिक रिंग्स के डिस्प्ले को बदलने के लिए aromatic display के आगे वाले बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:42&lt;br /&gt;
| ड्राप-डाउन से True चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45  &lt;br /&gt;
| Aromatic ring style में disk चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
| aromatic color के आगे वाले color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53 &lt;br /&gt;
| color editor से रंग चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56 &lt;br /&gt;
|डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें, सभी aromatic rings केंद्र में डिस्क्स के साथ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:06  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ball and stick में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन पर टाइप करें rep bs.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16 &lt;br /&gt;
| Attributes डायलॉग बॉक्स पर परमाणुओं की Van der Walls radii बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22 &lt;br /&gt;
| ball scale की वैल्यू बदलकर 0.5 करें। एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:27  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। परमाणु बहुत बड़े परमाण्विक रेडिआई के साथ दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33  &lt;br /&gt;
| Molecular Attributes चेक बॉक्स पर दोबारा क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:38&lt;br /&gt;
| सूची से Component Atom Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43  &lt;br /&gt;
| तत्स्थानी विंडो में atom style button पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू में बहुत से विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को cpk में बदलने के लिए sphere पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55 &lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:57 &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले में वापस जाने के लिए dot चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:02 &lt;br /&gt;
| अब Component Bond Attributes पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:10&lt;br /&gt;
| यहाँ bond style को stick या wire में बदलने के लिए विकल्प हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13 &lt;br /&gt;
|Component Residue Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
| यहाँ रिबन के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए हमारे पास विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:22 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके पैनल पर स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ribbons में बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:28  &lt;br /&gt;
|अब Attribute डायलॉग बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:32 &lt;br /&gt;
| Attribute डायलॉग बॉक्स में ribbon color के आगे वाले color well पर क्लिक करें. रिबन कलर को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:41&lt;br /&gt;
| color editor को बंद करने के लिए close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46 &lt;br /&gt;
| ribbon और scaling के क्रॉस-सेक्शन (अनुप्रस्थ काट) को बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके दोबारा परमाणुओं के डिस्प्ले को बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00  &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू उपयोग करके Attributes को बदला जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू पर क्लिक करें, Structure Analysis तक नीचे जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|और सब-मेन्यू से Render by Attribute विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:14  &lt;br /&gt;
| Render by attribute डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17 &lt;br /&gt;
| यहाँ atoms, residues, molecules, segmentation regions आदि के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27 &lt;br /&gt;
|atoms चुनें। Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
| उपलब्ध विकल्पों की जाँच के लिए Attribute सूची पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:37&lt;br /&gt;
| सूची दो विकल्प दिखाती है: bfactor और occupancy&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
| ये दो ऐट्रिब्यूट्स इनपुट PDB फाइल से पढ़े जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48 &lt;br /&gt;
| bfactor चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50 &lt;br /&gt;
| रंगीन उर्ध्वाधर बार्स के साथ वैल्यूज़ का एक हिस्टोग्राम दिखेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  B-factor वैल्यूज़ मैक्रोमॉलिक्यूल्स में गतिशीलता की माप देती हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:01&lt;br /&gt;
| कम B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो सुव्यवस्थित है, से सम्बंधित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08 &lt;br /&gt;
| बड़े B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो बहुत लचीला है, से सम्बंधित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15 &lt;br /&gt;
| प्रोटीन स्ट्रक्चर के लिए PDB फाइल B-factor जानकारी रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
| पैनल पर वापस आएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
| उर्ध्वाधर बार्स माउस से हिस्टोग्राम के साथ ड्रैग की जा सकती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29 &lt;br /&gt;
| B-factor की वैल्यू Value टेक्स्ट बॉक्स में दिखती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34 &lt;br /&gt;
| नीली उर्ध्वाधर बार को ज़ीरो तक लाल को 100 तक ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:41&lt;br /&gt;
| फिर सफ़ेद बार को 50 पर फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:45  &lt;br /&gt;
| Colors बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48 &lt;br /&gt;
| color atoms, keep opaque और color surfaces विकल्पों को चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:55&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट कलर palette blue और red है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| आप कलर palette को ड्राप-डाउन से बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:04  &lt;br /&gt;
| Apply बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07 &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। बड़े B-factor वाले परमाणु लाल में और कम वाले नीले में दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16 &lt;br /&gt;
| अपेक्षित की तरह बड़े B-factors के परमाणु स्ट्रक्चर के बाहर की तरफ हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:22 &lt;br /&gt;
| अब रेसीड्यूज़ के ऐट्रिब्यूट्स को बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:26 &lt;br /&gt;
| Select by Attribute डायलॉग बॉक्स में, Attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
|ड्राप डाउन से residues चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36 &lt;br /&gt;
| Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ के लिए वो ऐट्रिब्यूट्स kdHydrophobicity scale रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू से kdHydrophobicity पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48 &lt;br /&gt;
| हिस्टोग्राम में वैल्यूज़ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52  &lt;br /&gt;
|kdHydrophobicity scales वो वैल्यूज़ हैं जो एमिनो एसिड रेसीड्यूज़ की रिलेटिव hydrophobicity परिभाषित करती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:00 &lt;br /&gt;
| KdHydrophobicity वैल्यूज़ hydrophobic residues के लिए पॉज़िटिव और polar residues के लिए नेगेटिव होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ की Hydrophobicity colors या worms में देखी जा सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15 &lt;br /&gt;
|Colors चुनें। डिफ़ॉल्ट रूप से कुछ पैरामीटर्स चयनित हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
|Apply बटन पर क्लिक करें। पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
|hydrophobic residues का रंग लाल और polar residues का रंग नीला होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
| Worms बटन पर क्लिक करें. Apply पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
|Worms संशोधित रिबन्स हैं  जिनकी रेडियस (त्रिज्या) परिवर्तित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| अधिकतर hydrophobic residues स्ट्रक्चर के अन्दर की तरफ होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से ज़्यादा hydrophobic residues बड़ी रेडियस के दिखेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर को सामान्य ribbon में वापस जाने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:03&lt;br /&gt;
| worm-style पर क्लिक करें और non-worm विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:12 &lt;br /&gt;
|File मेन्यू उपयोग करके Chimera सेशन बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16 &lt;br /&gt;
| इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स को बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:25 &lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर प्रोटीन में परमाणुओं को कलर करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35 &lt;br /&gt;
| नियत कार्य में पैनल पर hemoglobin (PDB code: 2HCO) का मॉडल खोलें. B-factor वैल्यूज़ के आधार पर परमाणुओं को कलर करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:44 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:49 &lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:56&lt;br /&gt;
|  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:04&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10 &lt;br /&gt;
|आई आई ती बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।  &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C4/Attributes/Hindi"/>
				<updated>2018-07-02T03:38:02Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01 &lt;br /&gt;
| Attributes पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:13&lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर एक प्रोटीन में परमाणुओं को रंग करना। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:18&lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आदर पर रेसीड्यूज़ को रंग करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको Chimera इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। यदि नहीं हैं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:33 &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ Ubuntu OS वर्जन 14.04, Chimera वर्जन 1.10.2, Mozilla Firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कारकरी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने एक 	Chimera विंडो खोली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन उपयोग करके Leucine zipper का स्ट्रक्चर खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
|कमांड टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करें open 1zik एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:05 &lt;br /&gt;
| पैनल पर मॉडल ribbons की तरह दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:10 &lt;br /&gt;
|Presets मेन्यू उपयोग करके डिस्प्ले को Interactive 2 में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:14&lt;br /&gt;
| जल अणुओं को छिपाने के लिए कमांड लाइन पर टाइप करें delete solvent, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:22  &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को स्टिक्स में बदलने के लिए टाइप करें rep stick, एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर में हाइड्रोजन जोड़ने के लिए टाइप करें addh .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:36 &lt;br /&gt;
| अब हम सीखते हैं लिंक इस स्ट्रक्चर के लिए atoms और residues के ऐट्रिब्यूट्स को कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:43 &lt;br /&gt;
|  Attributes नामों और वैल्यूज़ के साथ विशेषताएं होते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:47  &lt;br /&gt;
|Chimera में आइटम्स जैसे atoms, bonds, residues और molecule models ऐट्रिब्यूट्स रखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:54&lt;br /&gt;
| Attributes को बदलने के लिए भिन्न-भिन्न तरीके हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57 &lt;br /&gt;
| Favorites मेन्यू उपयोग करके Model Panel खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:01 &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर Model Panel डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05 &lt;br /&gt;
| पैनल के दायीं तरफ attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:10  &lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर 1zik के लिए Attributes डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15 &lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स attribute सूची रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18  &lt;br /&gt;
| सूची Molecule Attributes और इसके कंपोनेंट्स Atom, bond और residue attributes रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:28&lt;br /&gt;
| Molecule Attributes चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31 &lt;br /&gt;
| उपलब्ध attributes विंडो पर सूचीबद्ध हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:35 &lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए – एरोमेटिक रिंग्स के डिस्प्ले को बदलने के लिए aromatic display के आगे वाले बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:42&lt;br /&gt;
| ड्राप-डाउन से True चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45  &lt;br /&gt;
| Aromatic ring style में disk चुनें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
| aromatic color के आगे वाले color well पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:53 &lt;br /&gt;
| color editor से रंग चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56 &lt;br /&gt;
|डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें, सभी aromatic rings केंद्र में डिस्क्स के साथ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:06  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ball and stick में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|कमांड लाइन पर टाइप करें rep bs.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16 &lt;br /&gt;
| Attributes डायलॉग बॉक्स पर परमाणुओं की Van der Walls radii बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22 &lt;br /&gt;
| ball scale की वैल्यू बदलकर 0.5 करें। एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:27  &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। परमाणु बहुत बड़े परमाण्विक रेडिआई के साथ दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33  &lt;br /&gt;
| Molecular Attributes चेक बॉक्स पर दोबारा क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:38&lt;br /&gt;
| सूची से Component Atom Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43  &lt;br /&gt;
| तत्स्थानी विंडो में atom style button पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू में बहुत से विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को cpk में बदलने के लिए sphere पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:55 &lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:57 &lt;br /&gt;
| डिस्प्ले में वापस जाने के लिए dot चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:02 &lt;br /&gt;
| अब Component Bond Attributes पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:10&lt;br /&gt;
| यहाँ bond style को stick या wire में बदलने के लिए विकल्प हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13 &lt;br /&gt;
|Component Residue Attributes पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
| यहाँ रिबन के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए हमारे पास विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:22 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके पैनल पर स्ट्रक्चर के डिस्प्ले को ribbons में बदलें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:28  &lt;br /&gt;
|अब Attribute डायलॉग बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:32 &lt;br /&gt;
| Attribute डायलॉग बॉक्स में ribbon color के आगे वाले color well पर क्लिक करें. रिबन कलर को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:41&lt;br /&gt;
| color editor को बंद करने के लिए close पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46 &lt;br /&gt;
| ribbon और scaling के क्रॉस-सेक्शन (अनुप्रस्थ काट) को बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:55 &lt;br /&gt;
| Presets मेन्यू उपयोग करके दोबारा परमाणुओं के डिस्प्ले को बदलें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00  &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू उपयोग करके Attributes को बदला जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:03 &lt;br /&gt;
| Tools मेन्यू पर क्लिक करें, Structure Analysis तक नीचे जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|और सब-मेन्यू से Render by Attribute विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:14  &lt;br /&gt;
| Render by attribute डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17 &lt;br /&gt;
| यहाँ atoms, residues, molecules, segmentation regions आदि के ऐट्रिब्यूट्स बदलने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27 &lt;br /&gt;
|atoms चुनें। Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:32&lt;br /&gt;
| उपलब्ध विकल्पों की जाँच के लिए Attribute सूची पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:37&lt;br /&gt;
| सूची दो विकल्प दिखाती है: bfactor और occupancy&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:43&lt;br /&gt;
| ये दो ऐट्रिब्यूट्स इनपुट PDB फाइल से पढ़े जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48 &lt;br /&gt;
| bfactor चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:50 &lt;br /&gt;
| रंगीन उर्ध्वाधर बार्स के साथ वैल्यूज़ का एक हिस्टोग्राम दिखेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  B-factor वैल्यूज़ मैक्रोमॉलिक्यूल्स में गतिशीलता की माप देती हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:01&lt;br /&gt;
| कम B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो सुव्यवस्थित है, से सम्बंधित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08 &lt;br /&gt;
| बड़े B-factor वैल्यूज़ के पामाणु, स्ट्रक्चर का भाग जो बहुत लचीला है, से सम्बंधित हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15 &lt;br /&gt;
| प्रोटीन स्ट्रक्चर के लिए PDB फाइल B-factor जानकारी रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:21&lt;br /&gt;
| पैनल पर वापस आएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
| उर्ध्वाधर बार्स माउस से हिस्टोग्राम के साथ ड्रैग की जा सकती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29 &lt;br /&gt;
| B-factor की वैल्यू Value टेक्स्ट बॉक्स में दिखती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34 &lt;br /&gt;
| नीली उर्ध्वाधर बार को ज़ीरो तक लाल को 100 तक ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:41&lt;br /&gt;
| फिर सफ़ेद बार को 50 पर फिक्स करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:45  &lt;br /&gt;
| Colors बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48 &lt;br /&gt;
| color atoms, keep opaque और color surfaces विकल्पों को चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:55&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट कलर palette blue और red है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| आप कलर palette को ड्राप-डाउन से बदल सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:04  &lt;br /&gt;
| Apply बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07 &lt;br /&gt;
| पैनल का निरिक्षण करें। बड़े B-factor वाले परमाणु लाल में और कम वाले नीले में दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16 &lt;br /&gt;
| अपेक्षित की तरह बड़े B-factors के परमाणु स्ट्रक्चर के बाहर की तरफ हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:22 &lt;br /&gt;
| अब रेसीड्यूज़ के ऐट्रिब्यूट्स को बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:26 &lt;br /&gt;
| Select by Attribute डायलॉग बॉक्स में, Attributes बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
|ड्राप डाउन से residues चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36 &lt;br /&gt;
| Render पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ में लिए वो ऐट्रिब्यूट्स kdHydrophobicity scale रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44 &lt;br /&gt;
| ड्राप डाउन मेन्यू से kdHydrophobicity पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:48 &lt;br /&gt;
| हिस्टोग्राम में वैल्यूज़ दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:52  &lt;br /&gt;
|kdHydrophobicity scales वो वैल्यूज़ हैं जो एमिनो एसिड रेसीड्यूज़ की रिलेटिव hydrophobicity परिभाषित करती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:00 &lt;br /&gt;
| KdHydrophobicity वैल्यूज़ hydrophobic residues के लिए पॉज़िटिव और polar residues के लिए नेगेटिव होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:09&lt;br /&gt;
| रेसीड्यूज़ की Hydrophobicity colors या worms में देखी जा सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15 &lt;br /&gt;
|Colors चुनें। डिफ़ॉल्ट रूप से कुछ पैरामीटर्स चयनित हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
|Apply बटन पर क्लिक करें। पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
|hydrophobic residues का रंग लाल और polar residues का रंग नीला होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
| Worms बटन पर क्लिक करें. Apply पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
|पैनल का निरिक्षण करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:41&lt;br /&gt;
|Worms संशोधित रिबन्स हैं  जिनकी रेडियस (त्रिज्या) परिवर्तित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| अधिकतर hydrophobic residues स्ट्रक्चर के अन्दर की तरफ होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से ज़्यादा hydrophobic residues बड़ी रेडियस के दिखेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:00  &lt;br /&gt;
| स्ट्रक्चर को सामान्य ribbon में वापस जाने के लिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:03&lt;br /&gt;
| worm-style पर क्लिक करें और non-worm विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:12 &lt;br /&gt;
|File मेन्यू उपयोग करके Chimera सेशन बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16 &lt;br /&gt;
| इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा परमाणुओं, रेसीड्यूज़ और मॉडल्स के ऐट्रिब्यूट्स को बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:25 &lt;br /&gt;
| B-factor वैल्यूज़ के आधार पर प्रोटीन में परमाणुओं को कलर करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:30 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करना।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35 &lt;br /&gt;
| नियत कार्य में पैनल पर hemoglobin (PDB code: 2HCO) का मॉडल खोलें. B-factor वैल्यूज़ के आधार पर परमाणुओं को कलर करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:44 &lt;br /&gt;
| kdHydrophobicity वैल्यूज़ के आधार पर रेसीड्यूज़ को कलर करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:49 &lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:56&lt;br /&gt;
|  हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:04&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10 &lt;br /&gt;
|आई आई ती बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ।  &lt;br /&gt;
हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</id>
		<title>UCSF-Chimera/C2/Writing-Commands/Hindi</title>
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				<updated>2018-03-20T07:24:57Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| Chimera में Writing Commands ट्यूटोरियल पर आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम कमांड्स टाइप करेंगे display को परमाणुओं में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
|   ribbons को दर्शाने और छिपाने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:14&lt;br /&gt;
|   amino acid residues का रंग बदलने के लिए&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|   एक एक residues को लेबल करने के लिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:21&lt;br /&gt;
|  solvent अणुओं को हटाने के लिए और इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको स्नातक स्तर की Biochemistry का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:34&lt;br /&gt;
|  Structural Biology और Chimera interface से अवश्य परिचित होने चाहियें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
|  संबधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं Ubuntu Linux ओ एस वर्जन 14.04 और chimera वर्जन 1.10.2 का उपयोग कर रही हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
|  Mozilla firefox ब्राउज़र 42.0 और एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो को खोलने के लिए  Chimera आइकॉन पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:06&lt;br /&gt;
|graphics window को खोलने के लिए lightning bolt icon पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम दर्शाएंगे कि संरचना में बदलाव लाने के लिए commands को कैसे प्रयोग करना है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|  Favorites मेनू का प्रयोग करके Command Line खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो के तल में एक command text box दिखाई देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
|menus से होने वाली टास्कस को commands द्वारा किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|Chimera Commands के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
|Chimera commands, Command line पर प्रविष्ट किये जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
|semicolon सेपरेटर से विभिन्न commands एक लाइन में संयुक्त किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter key दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| पहले वाले commands पर command History से जाया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:51&lt;br /&gt;
|commands की अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर दर्शायी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
|Chimera विंडो पर वापस जाएँ। आइये अब एक command टाइप करके leucine zipper का एक मॉडल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
|command एक command वर्ड से शुरू होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
|command line टेक्स्ट बॉक्स पर, open space 1zik टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|आपको एक एक कार्यकारी इन्टरनेट कनेक्शन की जरुरत होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
|command को निष्पादित करने के लिए Enter दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:20&lt;br /&gt;
| संरचना स्क्रीन पर दिखाई देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:23&lt;br /&gt;
|ribbons डिस्प्ले को atoms में बदलने के लिए command line text box में टाइप करें: The command word display और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास atoms display में protein की संरचना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| ये संरचना आंशिक रूप से ribbons की तरह  प्रदर्शित होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
|ribbons छुपाने के लिए – टाइप करें wave symbol जो tilda की तरह भी जाना जाता है। उसके बाद  command वर्ड ribbon टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
| tilda के साथ कमांड रिवर्स फंक्शन को दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
|यहाँ, संकेत tilda इसके बाद ribbon keyword ribbons को छुपा देता है। &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
| हम atoms, bonds, surfaces को रंगीन बनाने के लिए color command का उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
|उदहारण के लिए सारे leucines का रंग बदलने के लिए टाइप करें: Color space yellow space colon और इसके बाद amino acid के लिए तीन अक्षर का लघु रूप। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| leucine के लिए, मैं टाइप करुँगी leu.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| यहाँ color yellow argument के साथ command word है और संरचना के सारे leucines टारगेट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:37&lt;br /&gt;
| यदि आप टारगेट का विशेष विवरण नहीं देते हैं तो पूरी संरचना पीले रंग में रंगी होगी।  &lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
|panel का निरिक्षण करें, सारे leucines अब पीले रंग में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
|  हम एक विशेष स्थान के amino acid को एक खास रंग से रंग सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए histidine का रंग बदलने के लिए, जो की chain B पर स्थान 18 पर उपस्थित  है, टाइप करें:&lt;br /&gt;
color space red space colon18.B और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें, histidine अब लाल हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| पूरी संरचना के डिस्प्ले को CPK spacefill में बदलने के लिए, rep टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:26&lt;br /&gt;
|rep कीवर्ड represent का संक्षिप्त रूप है, rep space sphere; एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:37&lt;br /&gt;
|पेनल का निरिक्षण करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|संरचना को stick  डिस्प्ले पर वापस लाने  के लिए, पुन्हा टाइप करें rep space stick और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:50&lt;br /&gt;
| solvent अणुओं को संरचना से छुपाने के लिए, टाइप करें- del (मिटाने के लिए) space solvent.&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| चुनाव के लिए residues को सक्रिय करने के लिए, वर्ड select command का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:08&lt;br /&gt;
| command line टेक्स्ट बॉक्स पर टाइप करें, select space colon उसके बाद रेज़िडियु की संख्या एवं chain&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:18&lt;br /&gt;
| उदहारण के लिए chain B  पर स्थान 28 पर उपस्थित lysine को सक्रिय करने के लिए, टाइप करें, select space colon उसके बाद 28 dot B. एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| अब चुने हुए residue का label दिखाने के लिए, टाइप करें rlabel space sel&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:44&lt;br /&gt;
| पेनल का निरिक्षण करें, चुने हुए residue का residue label प्रदर्शित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:51&lt;br /&gt;
| पहले चुने हुए residue को अचयनित करने के लिए, select command पाने के लिए अप एरो की को दबाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:59&lt;br /&gt;
|command की शुरुआत में tilda symbol टाइप करें। एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:05&lt;br /&gt;
| Help menu में keywords और command index की सूची उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|Help menu पर क्लिक करें, मेनू में नीचे जाएँ और Commands index पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:16&lt;br /&gt;
| commands लिखने के लिए keywords की सूची के साथ एक web-page खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:22&lt;br /&gt;
| Chimera विंडो पर वापस जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25&lt;br /&gt;
|यदि आप पृष्ठदृश्य यानि बैकग्राउंड के रंग को काले से नीला करना चाहते हैं, टाइप करें: background space solid space blue&lt;br /&gt;
एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:38&lt;br /&gt;
| अब पेनल का रंग नीला है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:41&lt;br /&gt;
|Command का पुनरावृत्त  करने के लिए, Command line के दाहिनी तरफ उपस्थित काले त्रिकोण पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:48&lt;br /&gt;
|Command history पहले उपयोग किये हुए commands को सूचीबद्ध करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:53&lt;br /&gt;
|Commands, Command  पर क्लिक करके फिर से निष्पादित किये जा सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:57&lt;br /&gt;
|Command line छुपाने के लिए, ड्राप-डाउन मेनू में Hide command line विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:03&lt;br /&gt;
| आपकी बनायी हुई संरचना को save करने के अनेक विकल्प होते हैं, File menu को खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:09&lt;br /&gt;
| आप ये कर सकते हैं: Restore a Session, Save a Session&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| इमेज को JPEG या PNG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:19&lt;br /&gt;
| इमेज को PDB या Mol2 फाइल्स में सेव करें, दृश्य इत्यादि को Export करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:27&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करती हूँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|Save image विकल्प पर क्लिक करें एक Save image' डायलॉग बॉक्स खुलता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:40&lt;br /&gt;
| फाइल लोकेशन के लिए डेस्कटॉप को चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:44&lt;br /&gt;
| File name को 1zik की तरह टाइप करें File type को JPEG की तरह चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| इमेज के आकार को अपनी जरुरत के हिसाब से निश्चित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:56&lt;br /&gt;
| दर्शाने के लिए, मैं चौड़ाई को 800 और ऊंचाई को 600 टाइप करुँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| Save बटन पर क्लिक करें इमेज डेस्कटॉप पर 1zik.jpg में सेव होती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
| सारांशित करते हैं कि हमने क्या सीखा है &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने कमांड्स टाइप किये, display को atoms में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:22&lt;br /&gt;
| ribbons को दर्शाने और छुपाने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
|amino acid residues का रंग बदलने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अलग-अलग residues को लेबल करने के लिए &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:31&lt;br /&gt;
|solvent molecules को हटाने के लिए, इमेज को भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में सेव करने के लिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
| अब  '''Assignment''' के लिए &lt;br /&gt;
Human oxy-hemoglobin (PDB code: 2dn1) की संरचना लोड करने के लिए कमांड्स टाइप करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| डिस्प्ले को atoms में बदलें और ribbons को छुपायें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:52&lt;br /&gt;
| सारे histidine residues को हरे रंग में रंगें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| solvent molecules को हटायें और इमेज को JPEG फॉर्मेट में सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:03&lt;br /&gt;
| आपका पूरा किया असाइनमेंट निम्न प्रकार दिखना चाहिए। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:12&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक का वीडीयो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।  &lt;br /&gt;
कृपया इसको डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं चलाती है और उनको सर्टिफिकेट देती है जो ऑनलाइन टेस्ट पास करते हैं।&lt;br /&gt;
ज्यादा जानकारी के लिए हमें लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट की वित्तीय सहायता NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा दी गयी है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
| इस मिशन पर अधिक जानकारी दिए हुए लिंक पर उपलब्ध है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य अब आपसे विदा लेती हूँ। हमें जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Continuous-Stirred-Tank-Reactor/Hindi"/>
				<updated>2018-03-13T12:41:34Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| DWSIM में 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'Continuous Stirred Tank Reactor (CSTR)’ को सिमुलेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| CSTR में एक अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence Time की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ DWSIM 4.3 और Windows 7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे Linux, Mac OS X, या ARM पर FOSSEE में भी समान है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए आपको फ्लोशीट पर कंपोनेंट्स को जोड़ने का ज्ञान होना चाहिए.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:46&lt;br /&gt;
|| thermodynamic पैकेजेस चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| 'material' और 'energy' स्ट्रीम जोड़ें और उनकी विशेषताएं निर्दिष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| और 'reaction manager’ में 'kinetic reaction' जोड़ें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:03&lt;br /&gt;
|| आप इन ट्यूटोरियल्स को सभी सम्बंधित फाइल्स को इस साईट से एक्सेस कर सकते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| हम एक isothermal CSTR से exit composition को निर्धारित करने के लिए एक फ्लोशीट विकसित करेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:16&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Reaction, Property Package और Inlet Stream Conditions देते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:22&lt;br /&gt;
|| आगे हम CSTR dimensions और reaction kinetics देते हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:27&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर DWSIM पहले ही खोल लिया है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| File मेनू पर जाएँ और New Steady-state Simulation चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:37&lt;br /&gt;
||Simulation Configuration Wizard विंडो दिखती है. नीचे Next पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:44&lt;br /&gt;
|| अब Compounds Search टैब में टाइप करें Ethanol.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| ChemSep डेटाबेस से Ethanol चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Acetic Acid जोड़ें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:58&lt;br /&gt;
|| अगला Water जोड़ें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
|| अगला Ethyl Acetate जोड़ें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:06&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:08&lt;br /&gt;
|| अब Property Packages आता है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:12&lt;br /&gt;
||Available Property Packages से NRTL पर डबल-क्लिक करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:18&lt;br /&gt;
|| फिर Next पर क्लिक करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| हम Flash Algorithm पर लाये गए हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:24&lt;br /&gt;
|| Default Flash Algorithm से Nested Loops(VLE) चुनें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:31&lt;br /&gt;
|| Next पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:33&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प System of Units है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:37&lt;br /&gt;
|| System of Units में हम C5 चुनेंगे .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:43&lt;br /&gt;
|| फिर Finish पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:46&lt;br /&gt;
|| अब सिमुलेशन विंडो को मैक्सिमाईज़ करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:50&lt;br /&gt;
|| अब एक feed stream प्रविष्ट करें जो CSTR में प्रवेश करता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:54&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:56&lt;br /&gt;
|| Streams सेक्शन से फ्लोशीट पर Material Stream को ड्रैग और ड्राप करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| अब इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Feed करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:07&lt;br /&gt;
|| अब हम Feed स्ट्रीम विशेषताओं को उल्लिखित करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:12&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो, Flash Spec में Temperature and Pressure (TP) चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Flash Spec में पहले से ही Temperature and Pressure चयनित है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:27&lt;br /&gt;
|| Temperature को 70 degC करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:33&lt;br /&gt;
|| Pressure को 1 bar करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:38&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 3600 kg/hour करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:45&lt;br /&gt;
|| अब feed stream compositions को उल्लिखित करते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:50&lt;br /&gt;
|| Composition में, यदि पहले से चयनित न हो तो, Basis में Mole Fractions चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:57&lt;br /&gt;
||डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में पहले से ही Mole Fractions चयनित है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:02&lt;br /&gt;
|| अब Ethanol के लिए, Amount में 0.48 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:10&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 0.5 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:16&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Water के लिए 0.02 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:23&lt;br /&gt;
|| Ethyl Acetate के लिए 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:28&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ, Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:33&lt;br /&gt;
|| आगे हम Kinetic Reaction परिभाषित करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:37&lt;br /&gt;
|| Tools में, Reactions Manager पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions Manager विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| Chemical Reactions टैब में हरे रंग के Add Reaction बटन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| फिर Kinetic पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| Add New Kinetic Reaction विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:59&lt;br /&gt;
|| Identification में Name में Ethyl Acetate प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| अब Description प्रविष्ट करें “Irreversible reaction for synthesis of Ethyl Acetate from Ethanol and Acetic Acid.”&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:15&lt;br /&gt;
|| अगला भाग Components, Stoichiometry and Reaction Orders की सूची है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| पहला कॉलम Name यहाँ उपलब्ध कंपाउंड्स दिखाता है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:26&lt;br /&gt;
|| दूसरा कॉलम इसके Molar Weight के समान है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:30&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Include है. Include में सारे चेक बॉक्सेस को चेक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:37&lt;br /&gt;
|| चौथा कॉलम BC है, BC में Ethanol चेक बॉक्स को चेक करें क्योंकि Ethanol बेस कॉम्पोनेन्ट है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:47&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम Stoichiometric coefficients है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:51&lt;br /&gt;
|| Stoichiometric coefficients कॉलम में Ethanol के लिए -1 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:58&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए -1 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:01&lt;br /&gt;
|| Water के लिए 1 और Ethyl Acetate के लिए 1 और फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:10&lt;br /&gt;
|| Stoichiometry फील्ड में हम देख सकते हैं यह OK  दिखा रहा है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| यहाँ Equation फील्ड reaction equation दिखाती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:20&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम DO है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| हम अभिक्रिया को प्राथमिक मान रहे हैं. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:26&lt;br /&gt;
|| अतः DO कॉलम में Ethanol के लिए 1 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:32&lt;br /&gt;
|| Acetic Acid के लिए 1 प्रविष्ट करें और फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:38&lt;br /&gt;
|| अगला कॉलम RO है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:41&lt;br /&gt;
|| चूँकि हम एक irreversible अभिक्रिया मान रहे हैं तो यहाँ हम कुछ भी प्रविष्ट नहीं करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
||  फिर Kinetic Reactions Parameters आता है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| हमारा रेट molar concentration की टर्म्स में है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:55&lt;br /&gt;
|| अतः हम Basis में Molar Concentrations चुनेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित न हो तो Fase  में Liquid चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:05&lt;br /&gt;
|| Tmin में 300 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:09&lt;br /&gt;
|| Tmax  में 2000 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:12&lt;br /&gt;
|| अब Direct and Reverse Reactions Velocity Constant पर जाते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:17&lt;br /&gt;
|| Direct Reaction में A के लिए  0.005 प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:23&lt;br /&gt;
|| OK पर क्लिक करें और Chemical Reactions Manager विंडो बंद करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:29&lt;br /&gt;
|| अब फ्लोशीट पर Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:35&lt;br /&gt;
|| Object Palette पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:37&lt;br /&gt;
|| Unit Operations में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
|| इसे फ्लोशीट पर ड्रैग और ड्राप करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:46&lt;br /&gt;
|| अब इसे आवश्यक की तरह समायोजित करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:50&lt;br /&gt;
|| और फिर एक Output Stream प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:54&lt;br /&gt;
|| वह करने के लिए एक Material Stream को ड्रैग करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
|| एक बार फिर इसे समायोजित करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट छोड़ दें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:04&lt;br /&gt;
|| हम इस स्ट्रीम का नाम बदलकर ‘Product’ करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:09&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक Energy Stream प्रविष्ट करेंगे और इस स्ट्रीम का नाम Energy करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:16&lt;br /&gt;
|| अब हम उस Continuous Stirred Tank Reactor को उल्लिखित करने के लिए तैयार हैं .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:23&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम एक टैब देख सकते हैं जो CSTR से सम्बंधित विशेषताएं दिखा रही है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:29&lt;br /&gt;
|| Connections में Inlet Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और  Feed चुनें .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:36&lt;br /&gt;
|| आगे Outlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Product चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
|| फिर Energy Stream के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Energy चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन Calculation Parameters पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:55&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प Reaction Set है. डिफ़ॉल्ट रूप से Default Set है. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:02&lt;br /&gt;
|| आगे Calculation Mode के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Isothermic चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| फिर Reactor Volume के सामने वाली फील्ड पर क्लिक करें और 0.14 प्रविष्ट करें. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:18&lt;br /&gt;
|| अब हम सिमुलेशन रन करेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:21&lt;br /&gt;
|| अतः टूल बार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:26&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाएँ तो फ्लोशीट में Continuous Stirred Tank Reactor पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
|| CSTR के Property Editor Window से Results सेक्शन पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:39&lt;br /&gt;
|| General टैब में Residence time पर क्लिक करें.&lt;br /&gt;
यह 0.033 hour है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:46&lt;br /&gt;
|| अब Conversions टैब पर जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:49&lt;br /&gt;
|| यहाँ Ethanol के लिए कन्वर्जन 99.5% है और Acetic Acid के लिए यह 95.5% है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
|| अब Insert मेन्यु पर जाएँ और Master Property Table चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| Master Property Table पर डबल क्लिक करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
|| Name में Results – Continuous Stirred Tank Reactor प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से ही चयनित है, तो हम इसे नहीं बदलेंगे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:29&lt;br /&gt;
|| Properties to display में, Object में Product और Feed चुनें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:35&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:40&lt;br /&gt;
|| अब propertiesमें निम्न चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:48&lt;br /&gt;
||Liquid Phase (Mixture) Volumetric Fraction&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:53&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:56&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:01&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Acetic Acid&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:09&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||Molar Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:16&lt;br /&gt;
||Mass Flow (Mixture) / Ethyl Acetate&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:19&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्य के लिए Master Property Table को घुमाएं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:25&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Product और Feed के लिए सम्बंधित परिणाम देख सकते हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:31&lt;br /&gt;
|| इसे सारांशित करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:33&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने Continuous Stirred Tank Reactor को सिमुलेट करना सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:38&lt;br /&gt;
|| CSTR में अभिक्रिया के लिए Conversion और Residence time की गणना करना सीखा &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:44&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में निम्न के साथ सिमुलेशन दोहरायें: भिन्न-भिन्न कंपाउंड्स और थर्मोडायनामिक्स &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
||भिन्न-भिन्न feed conditions &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| भिन्न-भिन्न CSTR dimensions और reaction kinetics&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:58&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:01&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:05&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है. अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:14&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:18&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मौजूदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:33&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझ&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi"/>
				<updated>2018-03-13T12:38:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| DWSIM में Heat Exchanger को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: Heat Exchanger को सिमुलेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:13&lt;br /&gt;
||  Outlet stream temperatures की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:16&lt;br /&gt;
||  Thermal Efficiency और LMTD की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ DWSIM 4.3 और Windows 7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे Linux,  Mac OS X  या ARM पर FOSSEE OS में भी समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए आपको फ्लोशीट पर कंपोनेंट्स को जोड़ने का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||  thermodynamic पैकेजेस चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
||   material stream जोड़ें और उनकी विशेषताओं का उल्लेख करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
||  आप इन ट्यूटोरियल्स को और सभी सम्बंधित फाइल्स को इस साईट से एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
|| हम Outlet stream temperatures को निर्धारित करने के लिए एक फ्लोशीट विकसित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Compounds और Inlet stream conditions देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Heat Exchanger प्रॉपर्टीज़ और Property package देते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:18&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर DWSIM पहले से ही खोल लिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:23&lt;br /&gt;
|| File मेन्यु पर जाएँ और New Steady-state Simulation चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| Simulation Configuration Wizard विंडो आती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| नीचे Next बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| अब Compounds Search टैब में टाइप करें Methanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:42&lt;br /&gt;
|| ChemSep डेटाबेस से Methanol चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| उसी तरह Water जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| नीचे Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
|| अब Property Packages आता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
|| Available Property Packages से Raoult’s Law पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| फिर Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| हम Flash Algorithm नामक नयी विंडो पर ले जाए जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08&lt;br /&gt;
|| Default Flash Algorithm से Nested Loops(VLE) चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प System of Units है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| System of Units में C5 चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
|| नीचे Finish बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| अब बेहतर द्रश्यता के लिए सिमुलेशन विंडो को मैक्सिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| अब दो मटिरियल स्ट्रीम इन्सर्ट करते हैं जो Heat Exchanger प्रविष्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| मेन सिमुलेशन विंडो के दायें हाथ की ओर Flowsheet Objects पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| Filter List टैब में टाइप करें Material Stream&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शित सूची से फ्लोशीट पर मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग और ड्राप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| मटिरियल स्ट्रीम “MSTR-000” पर क्लिक करें और इसकी विशेषताएं देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Water In करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| अब हम Water In स्ट्रीम विशेषताओं का उल्लेख करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित नहीं है तो Flash Spec में Temperature and Pressure (TP) चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Flash Spec में Temperature and Pressure पहले से ही चयनित है।। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
|| Temperature को 10 degC करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:32&lt;br /&gt;
|| Pressure को 1 bar करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 15000 kg per hour करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| अब हम feed stream compositions का उल्लेख करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चनित न हो तो Composition में Basis को Mole Fractions चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:56&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में Mole Fractions ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| Methanol के लिए Amount में 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Water के लिए 1 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| अब फ्लोशीट पर एक अन्य मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग और ड्राप करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| मटिरियल स्ट्रीम “MSTR-001” पर क्लिक करें और इसकी विशेषताएं देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Methanol In करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| अब हम Methanol In स्ट्रीम विशेषताओं का उल्लेख करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Flash Spec में Temperature and Pressure(TP)चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Flash Spec में Temperature and Pressure पहले से ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| Temperature को 80 degC करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| Pressure को 5 bar करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 25000 kg/h करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| अब हम Methanol In स्ट्रीम कम्पोज़ीशन्स का उल्लेख करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| Composition में, Basis में Mole Fractions चुनें, यदि पहले से चयनित न हो &lt;br /&gt;
डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में Mole Fractions ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:29&lt;br /&gt;
|| Methanol के लिए Amount में 1 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| उसीप्रकार Water के लिए इसे 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| अब दो अन्य मटिरियल स्ट्रीम्स इन्सर्ट करते हैं जो Heat Exchanger को एग्ज़िट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:54&lt;br /&gt;
|| वह करने के लिए, हम एक मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| अब इसे समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट की तरह छोड़ दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| हम इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Water Out करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक अन्य मटिरियल स्ट्रीम इन्सर्ट करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
|| इसे एक बार फिर समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट की तरह छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
|| और इस स्ट्रीम को Methanol Out नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| अब एक Heat Exchanger को फ्लोशीट में इन्सर्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| Flowsheet Objects पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:30&lt;br /&gt;
|| Filter list टैब में टाइप करें Heat Exchanger&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शित Heat Exchanger पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
||इसे फ्लोशीट पर ड्रैग और ड्राप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए इसे आवश्यकतानुसार समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| हम अब Heat Exchanger को उल्लिखित करने के लिए तैयार हैं। इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम Property Editor Window नामक एक टैब देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:58&lt;br /&gt;
|| Connections में Inlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और Methanol In चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
|| आगे Outlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Methanol Out चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
|| फिर Inlet Stream 2 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
और Water In चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
|| फिर Outlet Stream 2 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
और Water Out चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन- Calculation Parameters पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प Calculation Type है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| Calculation Type के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:39&lt;br /&gt;
|| Outlet Temperatures चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
|| आगे Flow Direction के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
Counter Current चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| फिर Cold Fluid Pressure Drop के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 0.002 bar प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| Hot Fluid Pressure Drop के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 0.025 bar प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
|| Overall Heat Transfer Coefficient के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 450 Watt meter sqaure Kelvin प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| Heat Exchange Area के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 250 meter square प्रविष्ट करें &lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| अब हम सिमुलेशन को रन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| अतः टूलबार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाती हैं तो फ्लोशीट में Heat Exchanger पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| Heat Exchanger के Property Editor Window से Results सेक्शन पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
|| Thermal efficiency चेक करें यह 94.5% है। Log Mean Temperature Difference चेक करें यह 10.29 degree Centigrade है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| अब हम स्ट्रीम-वाइज़ टेम्परेचर परिणामों और मटिरियल बैलेंस चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| Insert मेनू पर जाएँ और Master Property Table चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| Master Property Table को एडिट करने के लिए इस पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:24&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
|| Name में Heat Exchanger – Stream Wise Results प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें। डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
|| अतः हम इसे नहीं बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:43&lt;br /&gt;
|| Properties to display में Object में: Water In, Methanol In, Water Out, Methanol Out चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
||अब प्रॉपर्टीज़ में निम्न चुनें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
||Molar Fraction(Mixture) / Methanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
||Molar Fraction(Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए Master Property Table को मूव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Inlet और Outlet स्ट्रीम्स के लिए सम्बंधित परिणाम देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| अब हम Heat Exchanger की विशेषताओं को चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
|| Insert मेन्यु पर जाएँ और Master Property Table चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
|| Master Property Table पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:46&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| Name में Heat Exchanger – Results प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| Object Type  में Heat Exchanger प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
|| Properties to display में Object में HE-004 चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||अब properties में निम्न चुनें: Global Heat Transfer Coefficient (U)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:17&lt;br /&gt;
||Heat Exchange Area (A)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Heat Load&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
||Cold fluid outlet temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Hot fluid outlet temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
||Logarithmic mean temperature difference(LMTD) और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Thermal Efficiency&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए Master Property Table को मूव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Heat Exchanger के लिए सम्बंधित परिणामों को देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:43&lt;br /&gt;
|| इसे सारांशित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने  Heat Exchanger को सिमुलेट करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
|| Outlet stream temperatures की गणना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| Thermal Efficiency  LMTD की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में, भिन्न-भिन्न Compounds, feed conditions और Thermodynamics के लिए इस सिमुलेशन को दोहराएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:20&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मौजूदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:36&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:41&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi</id>
		<title>DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/DWSIM/C2/Heat-Exchanger/Hindi"/>
				<updated>2018-03-13T12:35:39Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| DWSIM में Heat Exchanger को सिमुलेट करने पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:07&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: Heat Exchanger को सिमुलेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:13&lt;br /&gt;
||  Outlet stream temperatures की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:16&lt;br /&gt;
||  Thermal Efficiency और LMTD की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल को रेकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ DWSIM 4.3 और Windows 7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में प्रदर्शित प्रक्रिया अन्य OS जैसे Linux,  Mac OS X  या ARM पर FOSSEE OS में भी समान है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:40&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अभ्यास के लिए आपको फ्लोशीट पर कंपोनेंट्स को जोड़ने का ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:47&lt;br /&gt;
||  thermodynamic पैकेजेस चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:50&lt;br /&gt;
||   material stream जोड़ें और उनकी विशेषताओं का उल्लेख करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:54&lt;br /&gt;
|| पूर्वापेक्षित ट्यूटोरियल्स हमारी वेबसाइट पर उल्लिखित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:58&lt;br /&gt;
||  आप इन ट्यूटोरियल्स को और सभी सम्बंधित फाइल्स को इस साईट से एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:04&lt;br /&gt;
|| हम Outlet stream temperatures को निर्धारित करने के लिए एक फ्लोशीट विकसित करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:09&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Compounds और Inlet stream conditions देते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:13&lt;br /&gt;
|| यहाँ हम Heat Exchanger प्रॉपर्टीज़ और Property package देते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:18&lt;br /&gt;
|| मैंने अपनी मशीन पर DWSIM पहले से ही खोल लिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:23&lt;br /&gt;
|| File मेन्यु पर जाएँ और New Steady-state Simulation चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:28&lt;br /&gt;
|| Simulation Configuration Wizard विंडो आती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:32&lt;br /&gt;
|| नीचे Next बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
|| अब Compounds Search टैब में टाइप करें Methanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:42&lt;br /&gt;
|| ChemSep डेटाबेस से Methanol चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:46&lt;br /&gt;
|| उसी तरह Water जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| नीचे Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
|| अब Property Packages आता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:56&lt;br /&gt;
|| Available Property Packages से Raoult’s Law पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:01&lt;br /&gt;
|| फिर Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:04&lt;br /&gt;
|| हम Flash Algorithm नामक नयी विंडो पर ले जाए जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:08&lt;br /&gt;
|| Default Flash Algorithm से Nested Loops(VLE) चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:14&lt;br /&gt;
|| Next बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:17&lt;br /&gt;
|| अगला विकल्प System of Units है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:21&lt;br /&gt;
|| System of Units में C5 चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:26&lt;br /&gt;
|| नीचे Finish बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:30&lt;br /&gt;
|| अब बेहतर द्रश्यता के लिए सिमुलेशन विंडो को मैक्सिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:35&lt;br /&gt;
|| अब दो मटिरियल स्ट्रीम इन्सर्ट करते हैं जो Heat Exchanger प्रविष्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:41&lt;br /&gt;
|| मेन सिमुलेशन विंडो के दायें हाथ की ओर Flowsheet Objects पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:47&lt;br /&gt;
|| Filter List टैब में टाइप करें Material Stream&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शित सूची से फ्लोशीट पर मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग और ड्राप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:58&lt;br /&gt;
|| मटिरियल स्ट्रीम “MSTR-000” पर क्लिक करें और इसकी विशेषताएं देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:04&lt;br /&gt;
|| इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Water In करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:08&lt;br /&gt;
|| अब हम Water In स्ट्रीम विशेषताओं का उल्लेख करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:13&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:15&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चयनित नहीं है तो Temperature and Pressure (TP) में Flash Spec चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:21&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Temperature and Pressure में पहले से ही Flash Spec चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:27&lt;br /&gt;
|| Temperature को 10 degC करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:32&lt;br /&gt;
|| Pressure को 1 bar करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:37&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 15000 kg per hour करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:44&lt;br /&gt;
|| अब हम feed stream compositions का उल्लेख करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:49&lt;br /&gt;
|| यदि पहले से चनित न हो तो Composition में Basis को Mole Fractions चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:56&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में Mole Fractions ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:01&lt;br /&gt;
|| Methanol के लिए Amount में 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार Water के लिए 1 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:15&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:20&lt;br /&gt;
|| अब फ्लोशीट पर एक अन्य मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग और ड्राप करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:25&lt;br /&gt;
|| मटिरियल स्ट्रीम “MSTR-001” पर क्लिक करें और इसकी विशेषताएं देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:30&lt;br /&gt;
|| इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Methanol In करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:35&lt;br /&gt;
|| अब हम Methanol In स्ट्रीम विशेषताओं का उल्लेख करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:40&lt;br /&gt;
|| Input Data पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:42&lt;br /&gt;
|| Flash Spec में Temperature and Pressure(TP)चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:46&lt;br /&gt;
|| डिफ़ॉल्ट रूप से Flash Spec में Temperature and Pressure पहले से ही चयनित हैहै। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:52&lt;br /&gt;
|| Temperature को 80 degC करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:58&lt;br /&gt;
|| Pressure को 5 bar करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:03&lt;br /&gt;
|| Mass Flow को 25000 kg/h करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
|| अब हम Methanol In स्ट्रीम कम्पोज़ीशन्स का उल्लेख करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:17&lt;br /&gt;
|| Composition में, Basis में Mole Fractions चुनें, यदि पहले से चयनित न हो &lt;br /&gt;
डिफ़ॉल्ट रूप से Basis में Mole Fractions ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:29&lt;br /&gt;
|| Methanol के लिए Amount में 1 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:36&lt;br /&gt;
|| उसीप्रकार Water के लिए इसे 0 प्रविष्ट करें और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| दायीं तरफ Accept Changes के लिए इस हरे टिक पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:48&lt;br /&gt;
|| अब दो अन्य मटिरियल स्ट्रीम्स इन्सर्ट करते हैं जो Heat Exchanger को एग्ज़िट करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:54&lt;br /&gt;
|| वह करने के लिए, हम एक मटिरियल स्ट्रीम को ड्रैग करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:58&lt;br /&gt;
|| अब इसे समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:00&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट की तरह छोड़ दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:03&lt;br /&gt;
|| हम इस स्ट्रीम का नाम बदलकर Water Out करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:07&lt;br /&gt;
|| आगे हम एक अन्य मटिरियल स्ट्रीम इन्सर्ट करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:11&lt;br /&gt;
|| इसे एक बार फिर समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:14&lt;br /&gt;
|| उस स्ट्रीम को अनिर्दिष्ट की तरह छोड़ दें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:18&lt;br /&gt;
|| और इस स्ट्रीम को Methanol Out नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| अब एक Heat Exchanger को फ्लोशीट में इन्सर्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:27&lt;br /&gt;
|| Flowsheet Objects पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:30&lt;br /&gt;
|| Filter list टैब में टाइप करें Heat Exchanger&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:35&lt;br /&gt;
|| प्रदर्शित Heat Exchanger पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:39&lt;br /&gt;
||इसे फ्लोशीट पर ड्रैग और ड्राप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:42&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए इसे आवश्यकतानुसार समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:47&lt;br /&gt;
|| हम अब Heat Exchanger को उल्लिखित करने के लिए तैयार हैं। इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:53&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ हम Property Editor Window नामक एक टैब देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:58&lt;br /&gt;
|| Connections में Inlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
और Methanol In चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:07&lt;br /&gt;
|| आगे Outlet Stream 1 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें और Methanol Out चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:14&lt;br /&gt;
|| फिर Inlet Stream 2 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
और Water In चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:21&lt;br /&gt;
|| फिर Outlet Stream 2 के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
और Water Out चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
|| अब अगले सेक्शन- Calculation Parameters पर आते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:32&lt;br /&gt;
|| यहाँ पहला विकल्प Calculation Type है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| Calculation Type के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:39&lt;br /&gt;
|| Outlet Temperatures चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:43&lt;br /&gt;
|| आगे Flow Direction के सामने वाले ड्राप-डाउन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
Counter Current चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| फिर Cold Fluid Pressure Drop के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और 0.002 bar प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:03&lt;br /&gt;
|| Hot Fluid Pressure Drop के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 0.025 bar प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:11&lt;br /&gt;
|| फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:15&lt;br /&gt;
|| Overall Heat Transfer Coefficient के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 450 Watt meter sqaure Kelvin प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:27&lt;br /&gt;
|| Heat Exchange Area के सामने वाले क्षेत्र पर क्लिक करें और इसे 250 meter square प्रविष्ट करें &lt;br /&gt;
फिर एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| अब हम सिमुलेशन को रन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:40&lt;br /&gt;
|| अतः टूलबार से Solve Flowsheet बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:45&lt;br /&gt;
|| जब गणनाएं पूर्ण हो जाती हैं तो फ्लोशीट में Heat Exchanger पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| Heat Exchanger के Property Editor Window से Results सेक्शन पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:56&lt;br /&gt;
|| Thermal efficiency चेक करें यह 94.5% है। Log Mean Temperature Difference चेक करें यह 10.29 degree Centigrade है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:09&lt;br /&gt;
|| अब हम स्ट्रीम-वाइज़ टेम्परेचर परिणामों और मटिरियल बैलेंस चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| Insert मेनू पर जाएँ और Master Property Table चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| Master Property Table को एडिट करने के लिए इस पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:24&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:28&lt;br /&gt;
|| Name में Heat Exchanger – Stream Wise Results प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:33&lt;br /&gt;
|| Object Type में Material Stream प्रविष्ट करें। डिफ़ॉल्ट रूप से Material Stream पहले से ही चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
|| अतः हम इसे नहीं बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:43&lt;br /&gt;
|| Properties to display में Object में: Water In, Methanol In, Water Out, Methanol Out चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
||अब प्रॉपर्टीज़ में निम्न चुनें:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pressure&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Mass Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Molar Flow&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:11&lt;br /&gt;
||Molar Fraction(Mixture) / Methanol&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:15&lt;br /&gt;
||Molar Fraction(Mixture) / Water&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:19&lt;br /&gt;
|| विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए Master Property Table को मूव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Inlet और Outlet स्ट्रीम्स के लिए सम्बंधित परिणाम देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:33&lt;br /&gt;
|| अब हम Heat Exchanger की विशेषताओं को चेक करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:37&lt;br /&gt;
|| Insert मेन्यु पर जाएँ और Master Property Table चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:42&lt;br /&gt;
|| Master Property Table पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:46&lt;br /&gt;
|| Configure Master Property Table विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:50&lt;br /&gt;
|| Name में Heat Exchanger – Results प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:55&lt;br /&gt;
|| Object Type  में Heat Exchanger प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:59&lt;br /&gt;
|| Properties to display में Object में HE-004 चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:06&lt;br /&gt;
|| Property में सभी पैरामीटर्स को देखने के लिए नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:12&lt;br /&gt;
||अब properties में निम्न चुनें: Global Heat Transfer Coefficient (U)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:17&lt;br /&gt;
||Heat Exchange Area (A)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Heat Load&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:21&lt;br /&gt;
||Cold fluid outlet temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Hot fluid outlet temperature&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:26&lt;br /&gt;
||Logarithmic mean temperature difference(LMTD) और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Thermal Efficiency&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:32&lt;br /&gt;
|| इस विंडो को बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:35&lt;br /&gt;
|| बेहतर द्रश्यता के लिए Master Property Table को मूव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:39&lt;br /&gt;
||यहाँ हम Heat Exchanger के लिए सम्बंधित परिणामों को देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:43&lt;br /&gt;
|| इसे सारांशित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:45&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने  Heat Exchanger को सिमुलेट करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:50&lt;br /&gt;
|| Outlet stream temperatures की गणना करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:53&lt;br /&gt;
|| Thermal Efficiency  LMTD की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 11:57&lt;br /&gt;
|| नियत कार्य में, भिन्न-भिन्न Compounds, feed conditions और Thermodynamics के लिए इस सिमुलेशन को दोहराएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:05&lt;br /&gt;
|| निम्न लिंक पर उपलब्ध विडियो देखें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:08&lt;br /&gt;
|| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:12&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम कार्यशालाएं आयोजित करती है और प्रमाणपत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए हमें लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:20&lt;br /&gt;
|| इस फोरम पर अपने समयबद्ध प्रश्न पोस्ट करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:24&lt;br /&gt;
|| FOSSEE टीम DWSIM में मौजूदा फ्लो शीट्स के कन्वर्शन का संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:29&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:36&lt;br /&gt;
|| FOSSEE' टीम प्रसिद्ध किताबों के सुलझे हुए उदाहरणों की कोडिंग से संयोजन करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:41&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:48&lt;br /&gt;
|| 'FOSSEE' टीम कमर्शियल सिम्युलेटर लैब्स को 'DWSIM' पर स्थानांतरित करने में मदद करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 12:54&lt;br /&gt;
|| हम मानदेय और प्रमाणपत्र देते हैं ।अधिक जानकारी के लिए कृपया इस साइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 13:00&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल और 'FOSSEE' प्रॉजेक्ट्स भारत सरकार के MHRD के NMEICT द्वारा निधिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||13:09&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi"/>
				<updated>2017-11-17T09:17:16Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| 'openFoam' उपयोग करके 'Simulating Flow in a Lid Driven Cavity' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में मैं आपको दिखाऊँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:09&lt;br /&gt;
|  'Lid Driven Cavity' फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:12&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री 'Mesh' करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:14&lt;br /&gt;
| 'Paraview' में हल करना और पोस्ट-प्रोसेसिंग परिणाम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:17&lt;br /&gt;
| स्प्रेडशीट पर प्लॉट और परिणामों को प्रमाणित करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: 'Linux Operating system Ubuntu' वर्जन 10.04 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:27&lt;br /&gt;
| 'OpenFOAM' वर्जन 2.1.0 और 'ParaView' वर्जन 3.12.0. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:32&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity', एक 'CFD code' के प्रमाणीकरण का बहुत अधिक उपयोग होने वाला 2D टेस्ट केस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:39&lt;br /&gt;
| यह 'Lid Driven Cavity' का चित्र है, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| 'boundary conditions' समान ही हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| एक गतिमान वॉल और तीन स्थिर वॉल्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:46&lt;br /&gt;
| हम इसे 'Reynolds no (Re) = 100' के लिए हल करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
| गतिमान वॉल की गति 1 मीटर प्रति सेकंड है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven Cavity' के लिए 'पाथ' वही है जो संस्थापन के ट्यूटोरियल में था। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
| अब एक कमांड टर्मिनल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए अपने कीबोर्ड पर एक साथ 'Ctrl+Alt+t' कीज़ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल पर 'lid driven cavity' के लिए 'पाथ' टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:12&lt;br /&gt;
| और टाइप करें 'run' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:15&lt;br /&gt;
| 'cd (space) tutorials' और एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
| 'cd'(space)'incompressible' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26 &lt;br /&gt;
| 'cd'(space)' icoFoam'(ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
|  'cd'(space) 'cavity' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| अबटाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| 'cavity' के फाइल संरचना में आप तीन फ़ोल्डर्स देखेंगे: '0 , constant, और system'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:46&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'constant' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:55&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर 'polyMesh' नामक एक अन्य फोल्डर और फ्लूइड के भौतिक गुणों का वर्णन करने वाली एक फाइल रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd (space) polymesh' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| 'PolyMesh', 'blockMeshDict' नामक एक फाइल रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
|  आप 'blockMeshDict' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:17&lt;br /&gt;
| 'blockMeshDict' फाइल को खोलने के लिए टाइप करें 'gedit space blockMeshDict'&lt;br /&gt;
(ध्यान दें यहाँ M और D  बड़े अक्षर में हैं) अब एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| यह 'blockMeshDict' फाइल खोलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| अब इसे कैप्चर एरिया में लाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|  यह 'lid driven cavity' के लिए निर्देशांक है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:41&lt;br /&gt;
| 'blocking' और 'meshing parameters' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:44&lt;br /&gt;
| और 'boundary patches' रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
| चूँकि कोई भी 'arcs' साथ ही 'patches' मर्ज करने के लिए नहीं हैं, 'edges' और 'mergePatchPairs' को खाली रखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:56&lt;br /&gt;
| अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें: 'cd (space) .. (dot) (dot)' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| इसे दो बार करें। आप 'cavity' फोल्डर में वापस आएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'system' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'ls', एंटर दबाएं। यह तीन फाइल्स रखता है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
| 'controlDict, fvSchemes' और 'fvSolutions'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:26&lt;br /&gt;
| 'controlDict' शुरू/ (और) अंत के लिए 'control parameters' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
| 'fvSolution' 'run time' में उपयोग हुई 'discritization schemes' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:35&lt;br /&gt;
| और 'fvSchemes', 'solvers', 'tolerance' आदि के लिए समीकरण रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| अब दोबारा टाइप करें 'cd (space) (dot dot) ..' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd ( space )' 0 (ज़ीरो) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
|  यह 'boundary conditions' जैसे 'Pressure, Velocity, Temperature' आदि के लिए शुरूआती वैल्यूज़ रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:03&lt;br /&gt;
| अब 'cavity' फोल्डर में वापस जाने के लिए टाइप करें 'cd ( space ) (dot dot) . .' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| अब हमें ज्योमेट्री 'मैश' करनी है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
| यहाँ हम एक रफ़ मैश उपयोग कर रही हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
| 'terminal' में 'blockMesh' टाइप करके ज्योमेट्री मैश करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:18 &lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'blockMesh'(ध्यान दें यहाँ M बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:25&lt;br /&gt;
| 'मैशिंग' पूरी हो गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:27&lt;br /&gt;
| यदि 'blockMesh' फाइल में कोई गलती आती है तो यह 'टर्मिनल' में दिखेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री देखने के लिए टाइप करें 'paraFoam' ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:40&lt;br /&gt;
| यह 'paraview window' खोलेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
| 'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ 'Apply' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| आप 'lid driven cavity' ज्योमेट्री देख सकते हैं। अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर 'checkMesh' टाइप करके मैश चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:04&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'M' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
| आप सेल्स की संख्या, 'skewness' और कुछ अन्य पैरामीटर्स जो 'मैश' से सम्बंधित हैं देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:15&lt;br /&gt;
| अब मैं 'स्लाइड्स' पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
| सॉल्वर जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं वो है 'icoFoam':&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
| 'icoFoam' 'newtonian fluids' के 'incompressible flow' के लिए एक 'Transient (अस्थायी) solver' है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:26&lt;br /&gt;
| अब मैं टर्मिनल पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|  टर्मिनल पर टाइप करें 'icoFoam'. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'F' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| रन हो रही 'Iterations' टर्मिनल विंडो में दिखेंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| सॉल्विंग पूरी होने के बाद ज्योमेट्री और परिणामों को देखने के लिए टर्मिनल में टाइप करें 'paraFoam' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
|  'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:57&lt;br /&gt;
| 'Apply' पर क्लिक करें। अब 'object inspector' मेन्यू में गुणों में नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:02&lt;br /&gt;
| आप 'mesh parts, Volume Fields' आदि देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:07&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity' के भिन्न-भिन्न बाउंड्री क्षेत्रों को देखने के लिए 'mesh part' में इन बॉक्सेस को चेक या अनचेक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15 &lt;br /&gt;
| इसके बाद 'active variable control' ड्राप-डाउन मेन्यू के ऊपर बायीं तरफ इसे 'solid color' से 'p' या कैपिटल 'U' में बदलें जोकि 'initial conditions' जैसे 'pressure, velocity' हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
| मैं कैपिटल 'U' चुनूँगी। यह आपको गति (velocity) की प्रारंभिक कंडीशन दिखायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:37&lt;br /&gt;
| 'paraview' विंडो में ऊपर आप 'VCR control' देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:44&lt;br /&gt;
| 'play' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
| यह 'lid driven cavity' के लिए 'velocity' का अंतिम परिणाम है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| 'active variable control' मेन्यू पर ऊपर बायीं तरफ क्लिक करके 'color legend' पर टॉगल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:03&lt;br /&gt;
| यह 'U velocity' के लिए 'color legend' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
| हमें प्राप्त परिणामों को प्रमाणित करना है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:09&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'U' और 'V velocity' प्लॉट करते हैं। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:12&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Filters' पर जाकर नीचे जाएँ &amp;gt; 'Data Analysis' &amp;gt; 'Plot Over line'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:21&lt;br /&gt;
| इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:23&lt;br /&gt;
|  आप X , Y और Z एक्सीस देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
| 'X और Y एक्सिस' को बारी बारी चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
| मैं 'X axis' चुनूँगी और 'Apply' पर क्लिक करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:37&lt;br /&gt;
| आप देख सकते हैं 'Pressure' और 'velocity' प्लॉट्स प्लॉट होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| चूँकि यह नॉन-डायमेंशनल एनालिसिस है हमें 'Reynolds number =100' के लिए 'u/U v/s y/L' का ग्राफ प्लॉट करना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Plot Data' में 'Y-axis' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58 &lt;br /&gt;
| और 'APPLY' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:01&lt;br /&gt;
| आप 'प्लॉट' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:03&lt;br /&gt;
| अब मेन्यू बार में 'File &amp;gt; Save Data' पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
| अपनी फाइल को उचित नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
| मैं इसे 'cavity' नाम दूंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:15&lt;br /&gt;
| यह फाइल '.csv' (dot csv) फाइल की तरह सेव होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:19&lt;br /&gt;
| अब OK पर क्लिक करें। दोबारा OK पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
| अब 'openfoam directory' के 'cavity' फोल्डर पर जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ। आप 'cavity.csv' फाइल देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
| इसे 'Open office' या 'LibreOffice Spreadsheet' में खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:39&lt;br /&gt;
| लिबरे ऑफिस स्प्रेडशीट में U0 (u velocity) और दायीं तरफ points 1(Y-axis) कॉलम्स को एक अन्य स्प्रेडशीट में कॉपी करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
| अब दोनों कॉलम्स को डिवाइड करें यानि 'u zero' को कैपिटल U से और 'points 1' को कैपिटल L से&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:59&lt;br /&gt;
| और परिणामों को मेन्यू बार में ऊपर 'libreoffice' 'chart' विकल्प में प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
| अब मैं स्लाइड्स पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:10&lt;br /&gt;
| प्राप्त परिणाम इस चित्र की तरफ होंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
| '''Validate''' the results on a  paper published on '''Lid Driven Cavity by : Ghia et al. (1982''') and Results obtained from Fluent. Ghia et al. (1982) द्वारा 'Lid Driven Cavity' पर प्रकाशित पेपर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:24  &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven cavity' की फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:28&lt;br /&gt;
|  'lid driven cavity' हल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
| परिणामों की पोस्ट प्रोसेसिंग &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:32&lt;br /&gt;
| और प्रमाणिकता &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में: 'lid driven cavity' में कुछ पैरामीटर्स बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:38&lt;br /&gt;
| '0 folder' में 'Velocity Magnitude'  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर में 'transport Properties' में 'Kinematic viscosity'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:45&lt;br /&gt;
| और 'u/U v/s  y/L' के परिणाम प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:50&lt;br /&gt;
| इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:54&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:57&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:02&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
| ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:09&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken-tutorial.org पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:18&lt;br /&gt;
| यह भारत सरकार के एम एच आर डी के आई सी टी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:23&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है:  http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi"/>
				<updated>2017-11-17T09:05:51Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| 'openFoam' उपयोग करके 'Simulating Flow in a Lid Driven Cavity' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में मैं आपको दिखाऊँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:09&lt;br /&gt;
|  'Lid Driven Cavity' फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:12&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री 'Mesh' करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:14&lt;br /&gt;
| 'Paraview' में हल करना और पोस्ट-प्रोसेसिंग परिणाम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:17&lt;br /&gt;
| स्प्रेडशीट पर प्लॉट और परिणामों को प्रमाणित करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: 'Linux Operating system Ubuntu' वर्जन 10.04 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:27&lt;br /&gt;
| 'OpenFOAM' वर्जन 2.1.0 और 'ParaView' वर्जन 3.12.0. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:32&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity', एक 'CFD code' के प्रमाणीकरण का बहुत अधिक उपयोग होने वाला 2D टेस्ट केस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:39&lt;br /&gt;
| यह 'Lid Driven Cavity' का चित्र है, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| 'boundary conditions' समान ही हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| एक गतिमान वॉल और तीन स्थिर वॉल्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:46&lt;br /&gt;
| हम इसे 'Reynolds no (Re) = 100' के लिए हल करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
| गतिमान वॉल की गति 1 मीटर प्रति सेकंड है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven Cavity' के लिए 'पाथ' वही है जो संस्थापन के ट्यूटोरियल में था। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
| अब एक कमांड टर्मिनल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए अपने कीबोर्ड पर एक साथ 'Ctrl+Alt+t' कीज़ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल पर 'lid driven cavity' के लिए 'पाथ' टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:12&lt;br /&gt;
| और टाइप करें 'run' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:15&lt;br /&gt;
| 'cd (space) tutorials' और एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
| 'cd'(space)'incompressible' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26 &lt;br /&gt;
| 'cd'(space)' icoFoam'(ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
|  'cd'(space) 'cavity' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| अबटाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| 'cavity' के फाइल संरचना में आप तीन फ़ोल्डर्स देखेंगे: '0 , constant, और system'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:46&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'constant' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:55&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर 'polyMesh' नामक एक अन्य फोल्डर और फ्लूइड के भौतिक गुणों का वर्णन करने वाली एक फाइल रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd (space) polymesh' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| 'PolyMesh', 'blockMeshDict' नामक एक फाइल रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
|  आप 'blockMeshDict' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:17&lt;br /&gt;
| 'blockMeshDict' फाइल को खोलने के लिए टाइप करें 'gedit space blockMeshDict'&lt;br /&gt;
(ध्यान दें यहाँ M और D  बड़े अक्षर में हैं) अब एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| यह 'blockMeshDict' फाइल खोलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| अब इसे कैप्चर एरिया में लाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|  यह 'lid driven cavity' के लिए निर्देशांक है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:41&lt;br /&gt;
| 'blocking' और 'meshing parameters' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:44&lt;br /&gt;
| और 'boundary patches' रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
| चूँकि कोई भी 'arcs' साथ ही 'patches' मर्ज करने के लिए नहीं हैं, 'edges' और 'mergePatchPairs' को खाली रखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:56&lt;br /&gt;
| अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें: 'cd (space) .. (dot) (dot)' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| इसे दो बार करें। आप 'cavity' फोल्डर में वापस आएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'system' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'ls', एंटर दबाएं। यह तीन फाइल्स रखता है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
| 'controlDict, fvSchemes' और 'fvSolutions'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:26&lt;br /&gt;
| 'controlDict' शुरू/ (और) अंत के लिए 'control parameters' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
| 'fvSolution' 'run time' में उपयोग हुई 'discritization schemes' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:35&lt;br /&gt;
| और 'fvSchemes', 'solvers', 'tolerance' आदि के लिए समीकरण रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| अब दोबारा टाइप करें 'cd (space) (dot dot) ..' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd ( space )' 0 (ज़ीरो) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
|  यह 'boundary conditions' जैसे 'Pressure, Velocity, Temperature' आदि के लिए शुरूआती वैल्यूज़ रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:03&lt;br /&gt;
| अब 'cavity' फोल्डर में वापस जाने के लिए टाइप करें 'cd ( space ) (dot dot) . .' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| अब हमें ज्योमेट्री 'मैश' करनी है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
| यहाँ हम एक रफ़ मैश उपयोग कर रही हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
| 'terminal' में 'blockMesh' टाइप करके ज्योमेट्री मैश करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:18 &lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'blockMesh'(ध्यान दें यहाँ M बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:25&lt;br /&gt;
| 'मैशिंग' पूरी हो गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:27&lt;br /&gt;
| यदि 'blockMesh' फाइल में कोई गलती आती है तो यह 'टर्मिनल' में दिखेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री देखने के लिए टाइप करें 'paraFoam' ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:40&lt;br /&gt;
| यह 'paraview window' खोलेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
| 'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ 'Apply' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| आप 'lid driven cavity' ज्योमेट्री देख सकते हैं। अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर 'checkMesh' टाइप करके मैश चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:04&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'M' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
| आप सेल्स की संख्या, 'skewness' और कुछ अन्य पैरामीटर्स जो 'मैश' से सम्बंधित हैं देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:15&lt;br /&gt;
| अब मैं 'स्लाइड्स' पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
| सॉल्वर जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं वो है 'icoFoam':&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
| 'icoFoam' 'newtonian fluids' के 'incompressible flow' के लिए एक 'Transient (अस्थायी) solver' है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:26&lt;br /&gt;
| अब मैं टर्मिनल पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|  टर्मिनल पर टाइप करें 'icoFoam'. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'F' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| रन हो रही 'Iterations' टर्मिनल विंडो में दिखेंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| सॉल्विंग पूरी होने के बाद ज्योमेट्री और परिणामों को देखने के लिए टर्मिनल में टाइप करें 'paraFoam' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
|  'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:57&lt;br /&gt;
| 'Apply' पर क्लिक करें। अब 'object inspector' मेन्यू में गुणों में नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:02&lt;br /&gt;
| आप 'mesh parts, Volume Fields' आदि देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:07&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity' के भिन्न-भिन्न बाउंड्री क्षेत्रों को देखने के लिए 'mesh part' में इन बॉक्सेस को चेक या अनचेक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15 &lt;br /&gt;
| इसके बाद 'active variable control' ड्राप-डाउन मेन्यू के ऊपर बायीं तरफ इसे 'solid color' से 'p' या कैपिटल 'U' में बदलें जोकि 'initial conditions' जैसे 'pressure, velocity' हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
| मैं कैपिटल 'U' चुनूँगी। यह आपको गति (velocity) की प्रारंभिक कंडीशन दिखायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:37&lt;br /&gt;
| 'paraview' विंडो में ऊपर आप 'VCR control' देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:44&lt;br /&gt;
| 'play' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
| यह 'lid driven cavity' के लिए 'velocity' का अंतिम परिणाम है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| 'active variable control' मेन्यू पर ऊपर बायीं तरफ क्लिक करके 'color legend' पर टॉगल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:03&lt;br /&gt;
| यह 'U velocity' के लिए 'color legend' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
| हमें प्राप्त परिणामों को प्रमाणित करना है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:09&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'U' और 'V velocity' प्लॉट करते हैं। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:12&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Filters' पर जाकर नीचे जाएँ &amp;gt; 'Data Analysis' &amp;gt; 'Plot Over line'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:21&lt;br /&gt;
| इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:23&lt;br /&gt;
|  आप X , Y और Z एक्सीस देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
| 'X और Y एक्सिस' को बारी बारी चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
| मैं 'X axis' चुनूँगी और 'Apply' पर क्लिक करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:37&lt;br /&gt;
| आप देख सकते हैं 'Pressure' और 'velocity' प्लॉट्स प्लॉट होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| चूँकि यह नॉन-डायमेंशनल एनालिसिस है हमें 'Reynolds number =100' के लिए 'u/U v/s y/L' का ग्राफ प्लॉट करना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Plot Data' में 'Y-axis' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58 &lt;br /&gt;
| और 'APPLY' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:01&lt;br /&gt;
| आप 'प्लॉट' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:03&lt;br /&gt;
| अब मेन्यू बार में 'File &amp;gt; Save Data' पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
| अपनी फाइल को उचित नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
| मैं इसे 'cavity' नाम दूंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:15&lt;br /&gt;
| यह फाइल '.csv' (dot csv) फाइल की तरह सेव होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:19&lt;br /&gt;
| अब OK पर क्लिक करें। दोबारा OK पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
| अब 'openfoam directory' के 'cavity' फोल्डर पर जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ। आप 'cavity.csv' फाइल देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
| इसे 'Open office' या 'LibreOffice Spreadsheet' में खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:39&lt;br /&gt;
| लिबरे ऑफिस स्प्रेडशीट में U0 (u velocity) और दायीं तरफ points 1(Y-axis) कॉलम्स को एक अन्य स्प्रेडशीट में कॉपी करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
| अब दोनों कॉलम्स को डिवाइड करें यानि 'u zero' को कैपिटल U से और 'points 1' को कैपिटल L से&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:59&lt;br /&gt;
| और परिणामों को मेन्यू बार में ऊपर 'libreoffice' 'chart' विकल्प में प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
| अब मैं स्लाइड्स पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:10&lt;br /&gt;
| प्राप्त परिणाम इस चित्र की तरफ होंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
| '''Validate''' the results on a  paper published on '''Lid Driven Cavity by : Ghia et al. (1982''') and Results obtained from Fluent. Ghia et al. (1982) द्वारा 'Lid Driven Cavity' पर प्रकाशित पेपर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:24  &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven cavity' की फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:28&lt;br /&gt;
|  'lid driven cavity' हल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
| परिणामों की पोस्ट प्रोसेसिंग &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:32&lt;br /&gt;
| और प्रमाणिकता &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में: 'lid driven cavity' में कुछ पैरामीटर्स बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:38&lt;br /&gt;
| '0 folder' में 'Velocity Magnitude'  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर में 'transport Properties' में 'Kinematic viscosity'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:45&lt;br /&gt;
| और 'u/U and y/L' के परिणाम प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:50&lt;br /&gt;
| इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:54&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:57&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:02&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
| ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:09&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken-tutorial.org पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:18&lt;br /&gt;
| यह भारत सरकार के एम एच आर डी के आई सी टी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:23&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है:  http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/Simulating-flow-in-a-Lid-Driven-Cavity/Hindi"/>
				<updated>2017-11-17T08:37:54Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| 'openFoam' उपयोग करके 'Simulating Flow in a Lid Driven Cavity' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में मैं आपको दिखाऊँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:09&lt;br /&gt;
|  'Lid Driven Cavity' फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:12&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री 'Mesh' करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:14&lt;br /&gt;
| 'Paraview' में हल करना और पोस्ट-प्रोसेसिंग परिणाम &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:17&lt;br /&gt;
| स्प्रेडशीट पर प्लॉट और परिणामों को प्रमाणित करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:21&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: 'Linux Operating system Ubuntu' वर्जन 10.04 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:27&lt;br /&gt;
| 'OpenFOAM' वर्जन 2.1.0 और 'ParaView' वर्जन 3.12.0. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:32&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity', एक 'CFD code' के प्रमाणीकरण का बहुत अधिक उपयोग होने वाला 2D टेस्ट केस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:39&lt;br /&gt;
| यह 'Lid Driven Cavity' का चित्र है, &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| 'boundary conditions' समान ही हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| एक गतिमान वॉल और तीन स्थिर वॉल्स। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:46&lt;br /&gt;
| हम इसे 'Reynolds no (Re) = 100' के लिए हल करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:50&lt;br /&gt;
| गतिमान वॉल की गति 1 मीटर प्रति सेकंड है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven Cavity' के लिए 'पाथ' वही है जो संस्थापन के ट्यूटोरियल में था। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
| अब एक कमांड टर्मिनल खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए अपने कीबोर्ड पर एक साथ 'Ctrl+Alt+t' कीज़ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:08&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल पर 'lid driven cavity' के लिए 'पाथ' टाइप करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:12&lt;br /&gt;
| और टाइप करें 'run' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:15&lt;br /&gt;
| 'cd (space) tutorials' और एंटर दबाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
| 'cd'(space)'incompressible' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26 &lt;br /&gt;
| 'cd'(space)' icoFoam'(ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:33&lt;br /&gt;
|  'cd'(space) 'cavity' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| अबटाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| 'cavity' के फाइल संरचना में आप तीन फ़ोल्डर्स देखेंगे: '0 , constant, और system'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:46&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'constant' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:55&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर 'polyMesh' नामक एक अन्य फोल्डर और फ्लूइड के भौतिक गुणों का वर्णन करने वाली एक फाइल रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd (space) polymesh' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| 'PolyMesh', 'blockMeshDict' नामक एक फाइल रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:12&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:15&lt;br /&gt;
|  आप 'blockMeshDict' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:17&lt;br /&gt;
| 'blockMeshDict' फाइल को खोलने के लिए टाइप करें 'gedit space blockMeshDict'&lt;br /&gt;
(ध्यान दें यहाँ M और D  बड़े अक्षर में हैं) अब एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| यह 'blockMeshDict' फाइल खोलेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| अब इसे कैप्चर एरिया में लाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|  यह 'lid driven cavity' के लिए निर्देशांक है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:41&lt;br /&gt;
| 'blocking' और 'meshing parameters' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:44&lt;br /&gt;
| और 'boundary patches' रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:47&lt;br /&gt;
| चूँकि कोई भी 'arcs' साथ ही 'patches' मर्ज करने के लिए नहीं हैं, 'edges' और 'mergePatchPairs' को खाली रखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:56&lt;br /&gt;
| अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें: 'cd (space) .. (dot) (dot)' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| इसे दो बार करें। आप 'cavity' फोल्डर में वापस आएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:09&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'cd' (space) 'system' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें 'ls', एंटर दबाएं। यह तीन फाइल्स रखता है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
| 'controlDict, fvSchemes' और 'fvSolutions'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:26&lt;br /&gt;
| 'controlDict' शुरू/ (और) अंत के लिए 'control parameters' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:30&lt;br /&gt;
| 'fvSolution' 'run time' में उपयोग हुई 'discritization schemes' रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:35&lt;br /&gt;
| और 'fvSchemes', 'solvers', 'tolerance' आदि के लिए समीकरण रखता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:40&lt;br /&gt;
| अब दोबारा टाइप करें 'cd (space) (dot dot) ..' और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'cd ( space )' 0 (ज़ीरो) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'ls' और एंटर दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
|  यह 'boundary conditions' जैसे 'Pressure, Velocity, Temperature' आदि के लिए शुरूआती वैल्यूज़ रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:03&lt;br /&gt;
| अब 'cavity' फोल्डर में वापस जाने के लिए टाइप करें 'cd ( space ) (dot dot) . .' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:09&lt;br /&gt;
| अब हमें ज्योमेट्री 'मैश' करनी है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
| यहाँ हम एक रफ़ मैश उपयोग कर रही हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
| 'terminal' में 'blockMesh' टाइप करके ज्योमेट्री मैश करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:18 &lt;br /&gt;
| अब टाइप करें 'blockMesh'(ध्यान दें यहाँ M बड़े अक्षर में है) और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:25&lt;br /&gt;
| 'मैशिंग' पूरी हो गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:27&lt;br /&gt;
| यदि 'blockMesh' फाइल में कोई गलती आती है तो यह 'टर्मिनल' में दिखेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
| ज्योमेट्री देखने के लिए टाइप करें 'paraFoam' ध्यान दें यहाँ F बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:40&lt;br /&gt;
| यह 'paraview window' खोलेगा।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
| 'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ 'Apply' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| आप 'lid driven cavity' ज्योमेट्री देख सकते हैं। अब इसे बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
| टर्मिनल पर 'checkMesh' टाइप करके मैश चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:04&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'M' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
| आप सेल्स की संख्या, 'skewness' और कुछ अन्य पैरामीटर्स जो 'मैश' से सम्बंधित हैं देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:15&lt;br /&gt;
| अब मैं 'स्लाइड्स' पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:17&lt;br /&gt;
| सॉल्वर जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं वो है 'icoFoam':&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:20&lt;br /&gt;
| 'icoFoam' 'newtonian fluids' के 'incompressible flow' के लिए एक 'Transient (अस्थायी) solver' है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:26&lt;br /&gt;
| अब मैं टर्मिनल पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|  टर्मिनल पर टाइप करें 'icoFoam'. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:33&lt;br /&gt;
| ध्यान दें यहाँ 'F' बड़े अक्षर में है और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
| रन हो रही 'Iterations' टर्मिनल विंडो में दिखेंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| सॉल्विंग पूरी होने के बाद ज्योमेट्री और परिणामों को देखने के लिए टर्मिनल में टाइप करें 'paraFoam' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
|  'object inspector' मेन्यू के बायीं तरफ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:57&lt;br /&gt;
| 'Apply' पर क्लिक करें। अब 'object inspector' मेन्यू में गुणों में नीचे जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:02&lt;br /&gt;
| आप 'mesh parts, Volume Fields' आदि देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:07&lt;br /&gt;
| 'Lid driven cavity' के भिन्न-भिन्न बाउंड्री क्षेत्रों को देखने के लिए 'mesh part' में इन बॉक्सेस को चेक या अनचेक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:15 &lt;br /&gt;
| इसे बाद 'active variable control' ड्राप-डाउन मेन्यू के ऊपर बायीं तरफ इसे 'solid color' से 'p' या कैपिटल 'U' में बदलें जोकि 'initial conditions' जैसे 'pressure, velocity' हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
| मैं कैपिटल 'U' चुनूँगी। यह आपको गति (velocity) की प्रारंभिक कंडीशन दिखायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:37&lt;br /&gt;
| 'paraview' विंडो में ऊपर आप 'VCR control' देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:44&lt;br /&gt;
| 'play' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
| यह 'lid driven cavity' के लिए 'velocity' का अंतिम परिणाम है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:52&lt;br /&gt;
| 'active variable control' मेन्यू पर ऊपर बायीं तरफ क्लिक करके 'color legend' पर टॉगल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:03&lt;br /&gt;
| यह 'U velocity' के लिए 'color legend' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
| हमें प्राप्त परिणामों को प्रमाणित करना है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:09&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'U' और 'V velocity' प्लॉट करते हैं। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:12&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Filters' पर जाकर नीचे जाएँ &amp;gt; 'Data Analysis' &amp;gt; 'Plot Over line'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:21&lt;br /&gt;
| इस पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:23&lt;br /&gt;
|  आप X , Y और Z एक्सीस देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
| 'X और Y एक्सिस' को बारी बारी चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
| मैं 'X axis' चुनूँगी और 'Apply' पर क्लिक करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:37&lt;br /&gt;
| आप देख सकते हैं 'Pressure' और 'velocity' प्लॉट्स प्लॉट होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| चूँकि यह नॉन-डायमेंशनल एनालिसिस है हमें 'Reynolds number =100' के लिए 'u/U v/s y/L' का ग्राफ प्लॉट करना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:52&lt;br /&gt;
| यह करने के लिए 'Plot Data' में 'Y-axis' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:58 &lt;br /&gt;
| और 'APPLY' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:01&lt;br /&gt;
| आप 'प्लॉट' देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:03&lt;br /&gt;
| अब मेन्यू बार में 'File &amp;gt; Save Data' पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:09&lt;br /&gt;
| अपनी फाइल को उचित नाम दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:11&lt;br /&gt;
| मैं इसे 'cavity' नाम दूंगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:15&lt;br /&gt;
| यह फाइल '.csv' (dot csv) फाइल की तरह सेव होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:19&lt;br /&gt;
| अब OK पर क्लिक करें। दोबारा OK पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
| अब 'openfoam directory' के 'cavity' फोल्डर पर जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| नीचे जाएँ। आप 'cavity.csv' फाइल देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
| इसे 'Open office' या 'LibreOffice Spreadsheet' में खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:39&lt;br /&gt;
| लिबरे ऑफिस स्प्रेडशीट में U0 (u velocity) और दायीं तरफ points 1(Y-axis) कॉलम्स को एक अन्य स्प्रेडशीट में कॉपी करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
| अब दोनों कॉलम्स को डिवाइड करें यानि 'u zero' को कैपिटल U से और 'points 1' को कैपिटल L से&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:59&lt;br /&gt;
| और परिणामों को मेन्यू बार में ऊपर 'libreoffice' 'chart' विकल्प में प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
| अब मैं स्लाइड्स पर वापस आती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:10&lt;br /&gt;
| प्राप्त परिणाम इस चित्र की तरफ होंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
| '''Validate''' the results on a  paper published on '''Lid Driven Cavity by : Ghia et al. (1982''') and Results obtained from Fluent. Ghia et al. (1982) द्वारा 'Lid Driven Cavity' पर प्रकाशित पेपर &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:24  &lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
| 'Lid Driven cavity' की फाइल संरचना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:28&lt;br /&gt;
|  'lid driven cavity' हल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
| परिणामों की पोस्ट प्रोसेसिंग &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   09:32&lt;br /&gt;
| और प्रमाणिकता &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:34&lt;br /&gt;
| नियत कार्य में: 'lid driven cavity' में कुछ पैरामीटर्स बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:38&lt;br /&gt;
| '0 folder' में 'Velocity Magnitude'  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
| 'constant' फोल्डर में 'transport Properties' में 'Kinematic viscosity'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:45&lt;br /&gt;
| और 'u/U and y/L' के परिणाम प्लॉट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:50&lt;br /&gt;
| इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:54&lt;br /&gt;
| यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:57&lt;br /&gt;
| अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:02&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
| ऑनलाइन टेस्ट पास करने वालों को प्रमाणपत्र देती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:09&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए कृपया contact@spoken-tutorial.org पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टॉक टू अ टीचर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:18&lt;br /&gt;
| यह भारत सरकार के एम एच आर डी के आई सी टी के माध्यम से राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा समर्थित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:23&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है:  http://spoken-tutorial.org/NMEICT-Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:27&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट श्रुति आर्य द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Polymorphism/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Polymorphism/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Polymorphism/Hindi"/>
				<updated>2017-11-13T07:29:15Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| Border=1&lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, '''Polymorphism''' in Java पर स्पोकन ट्यूटोरियल पर आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
जावा में '''Polymorphism''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Run-time polymorphism'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Virtual Method Invocation'''और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Compile-time polymorphism'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं  ऊबंटु वर्जन 12.04,  '''JDKवर्जन1.7''' और '''Eclipse 4.3.1''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए,  आपको '''Java''' और '''Eclipse IDE'' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| आपको '''Subclassing '',  '''Method overriding''' और '''overloading''' का  ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| यदि नहीं है तो, संबंधित जावा ट्यूटोरियल देखने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
| '' Polymorphism '' कई रूपों को लेने के लिए '' object '' की एक क्षमता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| '''Polymorphism '''  के प्रमुख लाभ हैं: Reduction of complexity और Code re-usability. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:03&lt;br /&gt;
| जावा में, यहाँ दो प्रकार के  polymorphism हैं:'''Compile-time''' और '''Run-time polymorphism.'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
|Compile-time polymorphism को अनिवार्य रूप से  Method overloading के रूप में जाना जाता है। इसे  Static Binding भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
| Run-time polymorphism को अनिवार्य रूप से  Method overriding के रूप में भी जाना जाता है। इसे  Dynamic Binding भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:29&lt;br /&gt;
| हम पहले ही '''Run-time polymorphism''' अर्थात '''Method overriding''' के बारे में सीख चुके हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| Eclipse IDE पर जाते हैं। मैंने पिछले ट्यूटोरियल में पहले से ही  MyProject नामक प्रोजेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
|Using final keyword ट्यूटोरियल की कोड फाइल लेते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| Employee क्लास  parent क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| Manager क्लास  subclass है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
| Manager क्लास में एक अतिरिक्त वेरिएबल  department शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| Manager क्लास मैथड getDetails()     Employee क्लास मैथड getDetails() को ओवरराइड करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| हम  Manager क्लास ऑब्जेक्ट्स द्वारा getDetails() मैथड कॉल कर रहे हैं अर्थात  Manager&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
| विवरण प्रिंट करने के लिए टाइप करें : '''system.out.println Details of Manager Class.'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:28&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।तो, हम आउटपुट में  department वैरिएबल वैल्यू देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
|इसलिए  subclass मैथड को  runtime पर लागू किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| मैथड invocation  JVM द्वारा निर्धारित किया जाता है, कंपाइलर द्वारा नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
|इसलिए इसे '''Runtime polymorphism''' या  '''method overriding.'' के रूप में जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| हमने सीखा कि  '''Run time polymorphism.''' क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
| अब '''Virtual Method Invocation.''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
| Eclipse IDE में  Employee क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:07&lt;br /&gt;
| वेरिएबल  name के लिए '''static '''और '''final''' कीवर्ड्स हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| मैथड  setName को अनकमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:16&lt;br /&gt;
| static ब्लॉक हटाएँ। फाइल सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:21&lt;br /&gt;
| TestEmployee क्लास पर आएँ। वैल्यू '''manager.setName(“Nikkita Dinesh”);''' अनकमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
|हम इस उदाहरण को अनकमेंट करते हैं, क्योंकि हमने  Empolyee क्लास में setName() मैथड अनकमेंट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|अब,  Employee क्लास के लिए  '''Employee''' ऑब्जेक्ट्स '''emp1''' दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
|टाइप करें: '''Employee emp1 = new Employee open and close parenthesis semicolon'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| अब  Employee क्लास के लिए  '''setEmail '''और '''setName''' के लिए वैल्यू इनीशिलाइज करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:03&lt;br /&gt;
|टाइप करें: '''emp1.setName(&amp;quot;Jayesh&amp;quot;);''' '''emp1.setEmail(&amp;quot;pqr@gmail.com&amp;quot;);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:16&lt;br /&gt;
|employee विवरण प्रिंट करने के लिए टाइप करें : '''System.out.println(&amp;quot;Details of Employee class:&amp;quot;  emp1.getDetails()) सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
| Employee क्लास के लिए  '''Manager '''ऑब्जेक्ट '''emp2 ''' दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
टाइप करें: '''Employee emp2 = new Manager open and close parenthesis semicolon'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:54&lt;br /&gt;
| हम इसे करने में सक्षम हैं क्योंकि कोई भी '''Java object''' जो कि एक से अधिक '''IS-A ''' टेस्ट पास करता है,  polymorphic है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
|जावा में, सभी ऑब्जेक्ट्स  polymorphic है, क्योंकि कोई भी ऑब्जेक्ट्स ''IS-A ''' टेस्ट अपने स्वयं के प्रकार और क्लास ऑब्जेक्ट के लिए पास करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:16&lt;br /&gt;
|A Manager '''IS-A''' Employee&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
A Manager '''IS-A''' Manager&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
A Manager '''IS-A''' Object.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| reference variable के माध्यम से किसी ऑब्जेक्ट्स तक पहुँचने का केवल एक संभावित तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:29&lt;br /&gt;
|'''Reference variables''' जैसे कि '''emp1, emp2 '''और  '''manager.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:36 &lt;br /&gt;
|यहाँ हम दो  Manager ऑब्जेक्ट्स को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
पहला जो कि  Employee क्लास संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
और दूसरा जो कि  Manager क्लास संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
| emp2 ऑब्जेक्ट का उपयोग करके ''setEmail, setName''' और '''setDepartment '' के लिए वैल्यूज को इनीशिलाइज करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
|टाइप करें&lt;br /&gt;
'''emp2.setName(&amp;quot;Ankita&amp;quot;);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''emp2.setEmail(“xyz@gmail.com”);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''emp2.setDepartment(“IT”);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| हम देखते हैं कि यहाँ एक एरर है।&amp;quot;The method setDepartment(String) is undefined for the type  Employee&amp;quot;.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
| यह इसलिए क्योकि,  setDepartment मैथड  Employee क्लास के लिए मौजूद नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
| अत:, लाइन '''emp2.setDepartment(&amp;quot;IT&amp;quot;);''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| विवरण प्रिंट करने के लिए टाइप करें: '''System.out.println(&amp;quot;Details of Manager class:&amp;quot;  emp2.getDetails()) ''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:55&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
| यहाँ आउटपुट में, हमें '''Manager of: ''' रिक्त मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:04&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि, हमने emp2''' का उपयोग करके  Manager क्लास में  department इनीशिलाइज नहीं किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:12&lt;br /&gt;
| डेमो उद्देश्य के लिए, डिफॉल्ट  department   IT है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:17&lt;br /&gt;
|अत:,  Manager क्लास में जाएँ और  department के लिए वैल्यू इनीशिलाइज करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम सेव औऱ रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:28&lt;br /&gt;
| हमें आउटपुट प्राप्त होता है: '''Employee''' object referring '''Employee''' class,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:34&lt;br /&gt;
|Manager ऑब्जेक्ट  Employee क्लास को संदर्भित कर रहा है और Manager ऑब्जेक्ट  Manager क्लास को संदर्भित कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| यहाँ, हम देखते हैं कि Manager क्लास का getDetails() मैथड   emp2 द्वारा कॉल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:49&lt;br /&gt;
|लेकिन जब  emp2    setDepartment को कॉल करने की कोशिश करता है, तो हमें एक एरर प्राप्त होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:54&lt;br /&gt;
|इसका कारण निम्नानुसार है:&lt;br /&gt;
कंपाइलर emp2.getDetails() के समय  Employee क्लास में getDetails() मैथड को देखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
|अत:, यह कोई एरर नहीं डालता है और कोड को मान्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|run time पर, हालांकि,  JVM  Manager क्लास में '''getDetails()'''  को लागू करता है क्योंकि Manager क्लास का '''getDetails()'''   Employee क्लास के '''getDetails() ''' को ओवरराइड करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:24&lt;br /&gt;
|अत:, हमें Manager क्लास के getDetails() के आधार पर आउटपुट प्राप्त होता है। लेकिन कंपाइलर  Employee क्लास में  setDepartment मैथड को नहीं देखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:36&lt;br /&gt;
|इसलिए,  emp2 कॉल करने पर  setDepartment एक एरर देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:43&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Employee मैथड getDetails()   Employee क्लास के लिए लागू करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:49&lt;br /&gt;
|कंपाइलर emp1.getDetails() के समय getDetails() के लिए  Employee क्लास संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:57&lt;br /&gt;
|रन टाइम पर,  JVM    Employee क्लास में getDetails() को लागू करता है।अत:, हमें  Employee क्लास के getDetails() के आधार पर आउटपुट प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:08&lt;br /&gt;
| इसलिए,  JVM  object के लिए उपयुक्त मैथड कॉल करता है जिसे प्रत्येक वेरिएबल में निर्दिष्ट किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
|यह व्यवहार ''Virtual Method Invocation.'' के रूप में संदर्भित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
|मैथड्स '''Virtual Methods'' के रूप में संदर्भित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:26&lt;br /&gt;
| जावा में सभी मैथड्स इस तरह का व्यवहार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| हमने सफलतापूर्वक सीखा है कि  '''Virtual Method Invocation.''' क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:36&lt;br /&gt;
| हमने पहले ही  '''Compile-time polymorphism ''' अर्थात  method overloading के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:42&lt;br /&gt;
|संक्षेप में जानते हैं कि  '''Compile time polymorphism ''' क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:47&lt;br /&gt;
| '''Compile time polymorphism''' में, क्लास में एक से अधिक मैथड हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
|मैथड्स का समान नाम होता है लेकिन अलग-अलग तर्कों के साथ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:59&lt;br /&gt;
|कंपाइलर कंपाइल-टाइम पर मैथड कॉल को समझने में सक्षम है। यही कारण है कि इसे '''compile time polymorphism.''' के रूप में जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:09&lt;br /&gt;
|अत:, संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:11&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा&lt;br /&gt;
जावा में  Polymorphism क्या है&lt;br /&gt;
'''Run-time polymorphism'''&lt;br /&gt;
'''Virtual Method Invocation'''और&lt;br /&gt;
'''Compile-time polymorphism'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:23&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में,  '''Vehicle''' और '''Bike class''' के लिए मैथड्स ओवरराइड करें जो हमने पिछले ट्यूटोरियल में उपयोग किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे देखें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:40&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:51&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:03&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।IIT Bombay से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Polymorphism/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Polymorphism/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Polymorphism/Hindi"/>
				<updated>2017-11-13T07:27:22Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| Border=1&lt;br /&gt;
| '''Time'''&lt;br /&gt;
| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, '''Polymorphism''' in Java पर स्पोकन ट्यूटोरियल पर आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
जावा में '''Polymorphism''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Run-time polymorphism'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Virtual Method Invocation'''और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Compile-time polymorphism'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं  ऊबंटु वर्जन 12.04,  '''JDKवर्जन1.7''' और '''Eclipse 4.3.1''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए,  आपको '''Java''' और '''Eclipse IDE'' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| आपको '''Subclassing '',  '''Method overriding''' और '''overloading''' का  ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:43&lt;br /&gt;
| यदि नहीं है तो, संबंधित जावा ट्यूटोरियल देखने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:48&lt;br /&gt;
| '' Polymorphism '' कई रूपों को लेने के लिए '' object '' की एक क्षमता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:54&lt;br /&gt;
| '''Polymorphism '''  के प्रमुख लाभ हैं: Reduction of complexity और Code re-usability. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:03&lt;br /&gt;
| जावा में, यहाँ दो प्रकार के  polymorphism हैं:'''Compile-time''' और '''Run-time polymorphism.'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
|Compile-time polymorphism को अनिवार्य रूप से  Method overloading के रूप में जाना जाता है। इसे  Static Binding भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:20&lt;br /&gt;
| Run-time polymorphism को अनिवार्य रूप से  Method overriding के रूप में भी जाना जाता है। इसे  Dynamic Binding भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:29&lt;br /&gt;
| हम पहले ही '''Run-time polymorphism''' अर्थात '''Method overriding''' के बारे में सीख चुके हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| Eclipse IDE पर जाते हैं। मैंने पिछले ट्यूटोरियल में पहले से ही  MyProject नामक प्रोजेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:44&lt;br /&gt;
|Using final keyword ट्यूटोरियल की कोड फाइल लेते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| Employee क्लास  parent क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| Manager क्लास  subclass है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
| Manager क्लास में एक अतिरिक्त वेरिएबल  department शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| Manager क्लास मैथड getDetails()     Employee क्लास मैथड getDetails() को ओवरराइड करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
| हम  Manager क्लास ऑब्जेक्ट्स द्वारा getDetails() मैथड कॉल कर रहे हैं अर्थात  Manager&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
| विवरण प्रिंट करने के लिए टाइप करें : '''system.out.println Details of Manager Class.'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:28&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।तो, हम आउटपुट में  department वैरिएबल वैल्यू देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
|इसलिए  subclass मैथड को  runtime पर लागू किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| मैथड invocation  JVM द्वारा निर्धारित किया जाता है, कंपाइलर द्वारा नहीं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
|इसलिए इसे '''Runtime polymorphism''' या  '''method overriding.'' के रूप में जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| हमने सीखा कि  '''Run time polymorphism.''' क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:58&lt;br /&gt;
| अब '''Virtual Method Invocation.''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
| Eclipse IDE में  Employee क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:07&lt;br /&gt;
| वेरिएबल  name के लिए '''static '''और '''final''' कीवर्ड्स हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| मैथड  setName को अनकमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:16&lt;br /&gt;
| static ब्लॉक हटाएँ। फाइल सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:21&lt;br /&gt;
| TestEmployee क्लास पर आएँ। वैल्यू '''manager.setName(“Nikkita Dinesh”);''' अनकमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:31&lt;br /&gt;
|हम इस उदाहरण को अनकमेंट करते हैं, क्योंकि हमने  Empolyee क्लास में setName() मैथड अनकमेंट किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|अब,  Employee क्लास के लिए  '''Employee''' ऑब्जेक्ट्स '''emp1''' दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:46&lt;br /&gt;
|टाइप करें: '''Employee emp1 = new Employee open and close parenthesis semicolon'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| अब  Employee क्लास के लिए  '''setEmail '''और '''setName''' के लिए वैल्यू इनीशिलाइज करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:03&lt;br /&gt;
|टाइप करें: '''emp1.setName(&amp;quot;Jayesh&amp;quot;);''' '''emp1.setEmail(&amp;quot;pqr@gmail.com&amp;quot;);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:16&lt;br /&gt;
|employee विवरण प्रिंट करने के लिए टाइप करें : '''System.out.println(&amp;quot;Details of Employee class:&amp;quot;  emp1.getDetails()) सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
| Employee क्लास के लिए  '''Manager '''ऑब्जेक्ट '''emp2 ''' दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
टाइप करें: '''Employee emp2 = new Manager open and close parenthesis semicolon'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:54&lt;br /&gt;
| हम इसे करने में सक्षम हैं क्योंकि कोई भी '''Java object''' जो कि एक से अधिक '''IS-A ''' टेस्ट पास करता है,  polymorphic है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
|जावा में, सभी ऑब्जेक्ट्स  polymorphic है, क्योंकि कोई भी ऑब्जेक्ट्स ''IS-A ''' टेस्ट अपने स्वयं के प्रकार और क्लास ऑब्जेक्ट के लिए पास करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:16&lt;br /&gt;
|A Manager '''IS-A''' Employee&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
A Manager '''IS-A''' Manager&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
A Manager '''IS-A''' Object.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| reference variable के माध्यम से किसी ऑब्जेक्ट्स तक पहुँचने का केवल एक संभावित तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:29&lt;br /&gt;
|'''Reference variables''' जैसे कि '''emp1, emp2 '''और  '''manager.'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:36 &lt;br /&gt;
|यहाँ हम दो  Manager ऑब्जेक्ट्स को दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
पहला जो कि  Employee क्लास संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
और दूसरा जो कि  Manager क्लास संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
| emp2 ऑब्जेक्ट का उपयोग करके ''setEmail, setName''' और '''setDepartment '' के लिए वैल्यूज को इनीशिलाइज करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
|टाइप करें&lt;br /&gt;
'''emp2.setName(&amp;quot;Ankita&amp;quot;);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''emp2.setEmail(“xyz@gmail.com”);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''emp2.setDepartment(“IT”);'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| हम देखते हैं कि यहाँ एक एरर है।&amp;quot;The method setDepartment(String) is undefined for the type  Employee&amp;quot;.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
| यह इसलिए क्योकि,  setDepartment मैथड  Employee क्लास के लिए मौजूद नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
| अत:, लाइन '''emp2.setDepartment(&amp;quot;IT&amp;quot;);''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:37&lt;br /&gt;
| विवरण प्रिंट करने के लिए टाइप करें: '''System.out.println(&amp;quot;Details of Manager class:&amp;quot;  emp2.getDetails()) ''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:55&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:58&lt;br /&gt;
| यहाँ आउटपुट में, हमें '''Manager of: ''' रिक्त मिलता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:04&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि, हमने emp2''' का उपयोग करके  Manager क्लास में  department इनीशिलाइज नहीं किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:12&lt;br /&gt;
| डेमो उद्देश्य के लिए, डिफॉल्ट  department   IT है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:17&lt;br /&gt;
|अत:,  Manager क्लास में जाएँ और  department के लिए वैल्यू इनीशिलाइज करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
|प्रोग्राम सेव औऱ रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:28&lt;br /&gt;
| हमें आउटपुट प्राप्त होता है: '''Employee''' object referring '''Employee''' class,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:34&lt;br /&gt;
|Manager ऑब्जेक्ट  Employee क्लास को संदर्भित कर रहा है और Manager ऑब्जेक्ट  Manager क्लास को संदर्भित कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:42&lt;br /&gt;
| यहाँ, हम देखते हैं कि Manager क्लास का getDetails() मैथड   emp2 द्वारा कॉल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:49&lt;br /&gt;
|लेकिन जब  emp2    setDepartment को कॉल करने की कोशिश करता है, तो हमें एक एरर प्राप्त होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:54&lt;br /&gt;
|इसका कारण निम्नानुसार है:&lt;br /&gt;
कंपाइलर emp2.getDetails() के समय  Employee क्लास में getDetails() मैथड को देखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
|अत:, यह कोई एरर नहीं डालता है और कोड को मान्य करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|run time पर, हालांकि,  JVM  Manager क्लास में '''getDetails()'''  को लागू करता है क्योंकि Manager क्लास का '''getDetails()'''   Employee क्लास के '''getDetails() ''' को ओवरराइड करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:24&lt;br /&gt;
|अत:, हमें Manager क्लास के getDetails() के आधार पर आउटपुट प्राप्त होता है। लेकिन कंपाइलर  Employee क्लास में  setDepartment मैथड को नहीं देखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:36&lt;br /&gt;
|इसलिए,  emp2 कॉल करने पर  setDepartment एक एरर देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:43&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Employee मैथड getDetails()   Employee क्लास के लिए लागू करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:49&lt;br /&gt;
|कंपाइलर emp1.getDetails() के समय getDetails() के लिए  Employee क्लास संदर्भित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:57&lt;br /&gt;
|रन टाइम पर,  JVM    Employee क्लास में getDetails() को लागू करता है।अत:, हमें  Employee क्लास के getDetails() के आधार पर आउटपुट प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:08&lt;br /&gt;
| इसलिए,  JVM  object के लिए उपयुक्त मैथड कॉल करता है जिसे प्रत्येक वेरिएबल में निर्दिष्ट किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
|यह व्यवहार ''Virtual Method Invocation.'' के रूप में संदर्भित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
|मैथड्स '''Virtual Methods'' के रूप में संदर्भित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:26&lt;br /&gt;
| जावा में सभी मैथड्स इस तरह का व्यवहार करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
| हमने सफलतापूर्वक सीखा है कि  '''Virtual Method Invocation.''' क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:36&lt;br /&gt;
| हमने पहले ही  '''Compile-time polymorphism ''' अर्थात  method overloading के बारे में सीखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:42&lt;br /&gt;
|संक्षेप में जानते हैं कि  '''Compile time polymorphism ''' क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:47&lt;br /&gt;
| '''Compile time polymorphism''' में, क्लास में एक से अधिक मैथड हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
|मैथड्स का समान नाम होता है लेकिन अलग-अलग तर्कों के साथ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:59&lt;br /&gt;
|कंपाइलर कंपाइल-टाइम पर मैथड कॉल को समझने में सक्षम है। यही कारण है कि इसे '''compile time polymorphism.''' के रूप में जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:09&lt;br /&gt;
|अत:, संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:11&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा&lt;br /&gt;
जावा में  Polymorphism क्या है&lt;br /&gt;
'''Run-time polymorphism'''&lt;br /&gt;
'''Virtual Method Invocation'''और&lt;br /&gt;
'''Compile-time polymorphism'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:23&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में,  '''Vehicle''' और '''Bike class''' के लिए मैथड्स ओवरराइड करें जो हमने पिछले ट्यूटोरियल में उपयोग किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:32&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे देखें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:40&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:51&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:03&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Variables/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Static-Variables/Hindi</title>
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				<updated>2017-11-08T18:21:01Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
|&amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार,  '''Static Variables.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम सीखेंगे:  static variables क्या हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:10&lt;br /&gt;
|static variables बनाना और static variables कैसे उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:17&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं '''Ubuntu ऊबंटु 12.04''' , '''JDK 1.7 ''' और '''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:27&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको ''' Java''' और ''' Eclipse IDE''' का बुनियादी ज्ञान होना चहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:35&lt;br /&gt;
|आपको जावा में ''' classes, objects ''' और ''' instance variables''' का ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:42&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो, संबंधित जावा ट्यूटोरियल के लिए, कृपया प्रदर्शित लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:49&lt;br /&gt;
|static variable एक वेरिएबल है जो पूर्ण  class के साथ जु़डा हुआ है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:55&lt;br /&gt;
|इसे class variable भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58&lt;br /&gt;
|इसे static कीवर्ड का उपयोग करके घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| हमने पहले ट्यूटोरियल में static variable के बारे में संक्षेप में देखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:08&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में, हम इसे विस्तार से देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:11&lt;br /&gt;
|अब, हम Eclipse पर जाएंगे और StaticVariableDemo नामक प्रोजेक्ट बनाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:18&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में, हम Static variables के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक क्लासेस बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:26&lt;br /&gt;
|अत:,  src फोल्डर पर राइट-क्लिक करें और '''New &amp;gt; Class''' पर क्लिक करें और क्लास का नाम  StudentEnroll टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:37&lt;br /&gt;
| उदाहरण के साथ ''static variables '' के उपयोग के बारे में देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:42&lt;br /&gt;
|किसी संगठन में छात्र नामांकन ( student enrollments) प्रदर्शित करने के लिए बनाई गए '' 'class' 'पर विचार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|इस क्लास में नामांकित छात्रों के '''Name, Id , Branch''' और ''' Total Count''' शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:56&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि जब छात्र नामांकन पूरा होता है तो क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:02&lt;br /&gt;
|डिफॉल्ट रूप से, '''Total Count'''  0 है। पहले छात्र का नामADIL है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:09&lt;br /&gt;
|Id  IT101 है और Branch   IT है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:14&lt;br /&gt;
|अब Total Count  1 अपडेट किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
|इसीतरह, जब दूसरा छात्र AMAL नामांकन करता है, तो '''Total Count''' में 2 अपडेट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|जब तीसरा छात्र CAROL नामांकन करता है, तो  Total Count में 3 अपडेट हो जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:32&lt;br /&gt;
|अब हम पहचान सकते हैं कि वैरिएबलTotal Count सभी ऑब्जेक्ट्स के लिए समान है और सिंगल वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40&lt;br /&gt;
|अत:, वैरिएबल Total Count  को static variable के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
|हम यह भी देख सकते हैं कि प्रत्येक object के लिए वैरिएबल्स ''' Name, Id''' और ''' Branch''' की अपनी कॉपी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:54&lt;br /&gt;
|इसके अलावा उनके प्रत्येक '' 'object' 'के लिए विशिष्ट वैल्यूज हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59&lt;br /&gt;
|इन वेरिएबल्स को instance variables के रूप में माना जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:04&lt;br /&gt;
| अब,  student enrollment class को दर्शाने वाले कोड को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:09&lt;br /&gt;
|instance variables ''' id, name''' और ''' branch''' के रूप में घोषित हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
|वेरिएबल  count   static के रूप में घोषित है क्योंकि यह पूरे क्लास के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:22&lt;br /&gt;
|जब क्लास लोडेड है, तो  static variable एक सिंगल फिक्स मैमोरी में स्थित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|जबकि प्रत्येकobject का Instance variables भिन्न मैमोरी पर स्थित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:35&lt;br /&gt;
|अब ''' Source''' &amp;gt;' पर क्लिक करें औरGenerate Constructor using Fields चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:41&lt;br /&gt;
|बने हुए कोड से  super कीवर्ड डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:45&lt;br /&gt;
|यह constructor  ''' id, name''' और ''' branch ''' फिल्ड्स की वैल्यूज इनीशिलाइज कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
|प्रत्येक बार एक ''object '' 'बनाया जाता है तो हमें वैरिएबल count की वैल्यू में वृद्धि करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
|अत:, constructor में, टाइप करें: '''count ++''' सेमीकॉलन।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:05&lt;br /&gt;
|अब हम सभी वैरिएबल्स की वैल्यू प्रिंट करने के लिए, इस क्लास में '''showData'''( ) मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:13&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void showData( ) ब्रैकेट्स में,  ''' id, name, branch,''' और छात्र नामांकन की कुल संख्या को प्रिंट करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:27&lt;br /&gt;
|अब default package पर राइट-क्लिक करें और '''New &amp;gt; Class'''  पर क्लिक करें और फिर Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:36&lt;br /&gt;
|इस class में, हमारे पास main मैथड होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:39&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें main और फिर main मैथड बनाने के लिए एक साथ ctrl+space दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46&lt;br /&gt;
|अब हमें Student Enrollment data प्रिंट करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:50&lt;br /&gt;
|छात्र नामांकन प्रदर्शित करने के लिए हम StudentEnroll class में कुछ ऑब्जेक्ट्स बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:57&lt;br /&gt;
|अत:, निम्न कोड टाइप करें: ''' StudentEnroll s1 equals new StudentEnroll'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:04&lt;br /&gt;
|अब हम भिन्न arguments की वैल्यूज पास कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
|ब्रैकेट्स में, टाइप करें ''' IT101 '''   id के लिए,  ADIL नाम के लिए और  IT ब्रांच के लिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17&lt;br /&gt;
|अब नामांकन विवरण को प्रिंट करने के लिए showData मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:22&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें 's1.showData( ). आब डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:29&lt;br /&gt;
|| हम देख सकते हैं कि '' 's1' 'से संबंधित इंस्टेंस वैरिएबल की वेल्यूज प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:36&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि छात्र नामांकन की संख्या की वेल्यू 1 है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:42&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि हमने केवल एक ऑब्जेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:47&lt;br /&gt;
|अब और object s2 बनाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:52&lt;br /&gt;
|showData मैथड को एक बार फिर से s2 का उपयोग करके कॉल किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
|फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:59&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि '' 's2' 'से संबंधित इंस्टेंस वैरिएबल की वेल्यूज प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:06&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि छात्र नामांकन की सख्या की वेल्यू ''' s1''' और ''' s2''' दोनों के लिए अपडेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:14&lt;br /&gt;
|अब एक और object s3 बनाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:18&lt;br /&gt;
|अब फिर से s3 का उपयोग करके showData मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
|फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि '' 's3' 'से संबंधित इंस्टेंस वैरिएबल की वेल्यूज प्रिंट होती हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:32&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि सभी मामलों में छात्रों के नामांकन की संख्या की वेल्यू अब 3 में अपडेट कर दी गई है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:41&lt;br /&gt;
|अब हम समझ सकते हैं कि छात्र नामांकन की संख्या की वेल्यू सभी ऑब्जेक्टस के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48&lt;br /&gt;
|स्लाइड्स पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:51&lt;br /&gt;
|static modifier  का उपयोग final modifier के साथ भी किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:56&lt;br /&gt;
|यह constant को परिभाषित करने के लिए किया जाता है जो पूर्ण क्लास के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:01&lt;br /&gt;
|परंपरागत रूप से, ऐसे constant variables के अक्षर अपरकेस में हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:08&lt;br /&gt;
|अब eclipse पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:11&lt;br /&gt;
|StudentEnroll class खोलें और '''public static final String ORG_NAME = “IITB”;''' के रूप में '''variable declaration'''   टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:23&lt;br /&gt;
|उदाहरण के रूप में, यदि सभी छात्र एक ही सगंठन IITB से नामांकित किये जा रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
|इसे '''constant static variable'''   ''' ORG_NAME.''' का उपोयग करके प्रदर्शित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:38&lt;br /&gt;
|यदि नाम एक से अधिक शब्द से बना है, तो शब्दों को '' अंडरस्कोर '' से अलग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44&lt;br /&gt;
|आमतौर पर हम इस प्रकार के constants  को public दृश्यता के साथ घोषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:49&lt;br /&gt;
| अब डेमो क्लास पर जाएँ और निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:55&lt;br /&gt;
|यहाँ आप देख सकते हैं कि ORG_NAME को इसके class नाम  StudentEnroll का उपयोग करके एक्सेस किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:03&lt;br /&gt;
|अब फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:06&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि ORGANISATION का नाम IITB के रूप में प्रिंट हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:11&lt;br /&gt;
|सक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में, हमने सीखा:&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
|static variable क्या है और कब इसे उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
|static variable कैसे बनाना और लागू करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:25&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में, एक कार सर्विस स्टेशन को प्रदर्शित करने के लिए एक '''class CarService''' तैयार करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:32&lt;br /&gt;
|इस क्लास में निम्नलिखित विवरण प्रदर्शित करने के लिए वैरिएबल्स होने चाहिए&lt;br /&gt;
सर्विस स्टेशन का नाम&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:39&lt;br /&gt;
|Car '''make, model''' और '''register number''' जो कि चार सर्विस में हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:44&lt;br /&gt;
|'''No. of Cars in''' सर्विस के लिए,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:47&lt;br /&gt;
|'''instance variables''' और '''static variables''' ज्ञात करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:51&lt;br /&gt;
|उपयुक्त कीवर्ड का उपयोग करके उन्हें घोषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55&lt;br /&gt;
|Car '''make, model''' और '''register number''' की वैल्यू इनीशिलाइज करने के लिए constructor परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
|सभी वैरिएबल्स की वैल्यू प्रिंट करने के लिए show( ) मैथड परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:07&lt;br /&gt;
|इसके साथ ही, परिणामों को सत्यापित करने के लिए '''main''' मैथड वाली '' डेमो क्लास '' बनाएँ, अर्थातCarService के कुछ ऑब्जेक्ट्स बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16&lt;br /&gt;
|इनobjects का उपयोग करके show( ) मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|इसके अलावा, सीधे ही class नाम का उपयोग करके  static variables एक्सेस करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:25&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर दिए गए वीडियो में स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट का सारांश है। कृपया डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:32&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:41&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:45&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्टNMEICT MHRD, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:51&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:56&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:03&lt;br /&gt;
| IIT Bombay से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Exception-Handling/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Exception-Handling/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Exception-Handling/Hindi"/>
				<updated>2017-11-08T18:16:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|''' Exception Handling''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे:  ''' exception ''' क्या है, '''exceptions '''  को चेक और अनचेक करना '''try-catch''' '''block ''' और '''finally block ''' का उपयोग करके '''exceptions''' को नियंत्रित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:20&lt;br /&gt;
|   यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं '''Ubuntu Linux 16.04 OS'''  '''JDK 1 .8 ''' और '''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको ''' Java''' और''' Eclipse IDE''' का बुनियादी ज्ञान होना चहिए ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:39&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो संबंधित जावा ट्यूटोरियल के लिए कृपया दिखाई गई वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:45&lt;br /&gt;
| एक '''exception''' अनपेक्षित घटना है, जो प्रोग्राम के निष्पादन के समय होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:52&lt;br /&gt;
|यह प्रोग्राम के सामान्य फ्लो को बाधित करता है और परिणाम गलत होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:00&lt;br /&gt;
|उनकी घटना के आधार पर '''exceptions'''  को '''unchecked'''  exceptions और '''checked''' exceptions के रूप में वर्गीकृत किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| अब हम''' eclipse''' खोलेंगे और '''ExceptionDemo''' नामक नया प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में हम '''exception handling''' के प्रदर्शन के लिए आवश्यक क्लासेस बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:24&lt;br /&gt;
| हम नया '''class Marks''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
| अब '''Marks class''' को दर्शाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:34&lt;br /&gt;
|यह प्रोग्राम 5 छात्रों के मार्क्स प्रिंट करता है, जो अरै ''marks'''  में संग्रहीत हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:41&lt;br /&gt;
| इस प्रोग्राम को रन करें और आउटपुट का सत्यापन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि अरै में वेल्यूज प्रिंट हो रही हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:50&lt;br /&gt;
| देखें कि क्या होगा यदि हम एक अरै एलिमेंट को एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हैं जो मौजूद नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:57&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:00&lt;br /&gt;
| हम जानते हैं कि यहाँ हमारे अरै में केवल 5 एलिमेंट्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
| लेकिन इस स्टेटमेंट में हम '''index 50''' पर एलिमेंट एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हैं जो मौजूद नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
| इस प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:15&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि प्रोग्राम लाइन संख्या 7 पर एक मैसेज “'''ArrayIndexOutOfBoundsException''' के साथ टर्मिनेट होता है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:25&lt;br /&gt;
|एरर मैसेज exception का विवरण दर्शाता है जैसे  exception का प्रकार यह कहाँ घटित हुआ और अन्य विवरण।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:35&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि '''print statement''' निष्पादित नहीं हुआ है क्योंकि प्रोग्राम एरर के बाद टर्मिनेट हो गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
|यह '''Unchecked exception''' का एक उदाहरण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
|  '''Unchecked exceptions''' को '''Runtime exception''' कहते हैं क्योंकि यह केवल निष्पादन के समय चेक होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:54&lt;br /&gt;
|वे प्रोग्रामिंग बग्स और लॉजिकल एरर्स को नियंत्रित करते हैं जैसे कि शून्य से संख्या को विभाजित करना और एक अरै एलिमेंट एक्सेस करना जो मौजूद न हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:07&lt;br /&gt;
| अब सीखते हैं कि ''' try catch block'''का उपयोग करके '''exception ''' कैसे नियंत्रित करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| '''try block''' में कोड का यह भाग '''exception''' को रेज़ कर सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:19&lt;br /&gt;
|अनुरूपी '''catch block'''  ऑब्जेक्ट '''e''' में '''exception''' का विवरण प्राप्त कर सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:26&lt;br /&gt;
|'''catch block''' में हम एरर मैसेज को प्रदर्शित करने या एरर से बचने के लिए कोड लिख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:34&lt;br /&gt;
|  अब '''eclipse''' पर जाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:37&lt;br /&gt;
| पहले कोड में '''try block ''' को जोड़ें जो इस प्रकार के '''exception'''  का कारण होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:44&lt;br /&gt;
| अब हमें अनुरूपी '''catch block''' जोड़ना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:48&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:51&lt;br /&gt;
|यहाँ हम कस्टम मैसेज '''“Array Overflow Exception occurred”''' प्रिंट कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   03:57&lt;br /&gt;
| राउंड ब्रैकेट्स में हमने '''ArrayIndexOutOfBoundsException''' का एक उदाहरण बनाया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:05&lt;br /&gt;
| अतः यह ब्लॉक '''ArrayIndexOutOfBoundsException''' के '''exceptions''' को कैच कर सकता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:11&lt;br /&gt;
| अब प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:14&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि एरर मैसेज प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:18&lt;br /&gt;
| लेकिन इस समय उस प्रिंटिंग पर ध्यान दें '''marks array''' भी निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:24&lt;br /&gt;
| इस तरह से हम '''exceptions''' नियंत्रित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
| आगे देखते हैं कि विभिन्न '''catch blocks''' का उपयोग कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:32&lt;br /&gt;
| हम उनका उपयोग कर सकते हैं जब ब्लॉक द्वारा विभिन्न प्रकार के '''exceptions''' रेज़ होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:38&lt;br /&gt;
| '''try block''' में निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:42&lt;br /&gt;
| कोड की यह लाइन एक '''array element''' को जीरो द्वारा विभाजित करती है क्योंकि '''a ''' की वेल्यू  0 है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:49&lt;br /&gt;
|तो एक '''ArithmeticException''' पहले रेज़ होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:53&lt;br /&gt;
|'''ArithmeticException''' को नियंत्रित करने के लिए एक और'''catch block''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   04:58&lt;br /&gt;
| मौजूदा '''catch block''' के बाद निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:03&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:06&lt;br /&gt;
| इस समय एरर मैसेज '''&amp;quot;Arithmetic Exception occurred&amp;quot;''' प्रिंट होता है क्योंकि यह पहले कैच हुआ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
|कोड का बाकी भाग '''try catch block ''' के बाहर निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:19&lt;br /&gt;
| अब '''checked exceptions''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:23&lt;br /&gt;
| '''Checked exceptions'''  '''compile time''' पर चेक होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
|अतः उन्हें प्रोग्राम रन करने से पहले नियंत्रित करना जरूरी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:31&lt;br /&gt;
| उदाहरणस्वरूप: फाइल को एक्सेस करना जो मौजूद नहीं है या नेटवर्क सिस्टम को एक्सेस करना जब नेटवर्क डाउन हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:41&lt;br /&gt;
| अब '''Eclipse''' पर जाएँ और नया '''class MarksFile ''' बनाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
| '''main method''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:50&lt;br /&gt;
|अब हमें कंप्यूटर में स्थित फाइल को पढ़ना चाहिए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:54&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:57&lt;br /&gt;
| यहाँ '''FileReader''' ऑब्जेक्ट '''fr '''  '''null''' के रूप में इनिसिलीइज है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:03&lt;br /&gt;
| '''FileReader''' ऑब्जेक्ट का उपयोग विशेष फाइल को एक्सेस करने और पढ़ने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:08&lt;br /&gt;
|  '''Eclipse''' एक एरर दिखायेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:11&lt;br /&gt;
|एरर को सही करने के लिए इस पर क्लिक करें और '''import FileReader java dot io''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:19 &lt;br /&gt;
| '''FileReader class''' को '''java dot io package''' से इंपोर्ट किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:25 &lt;br /&gt;
| हम '''package''' और इसके उपयोग के बारे में बाद के ट्यूटोरियल में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
| ''' Marks''' नामक फाइल को एक्सेस करने के लिए, जो कि होम फोल्डर में स्थित है,  निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:40&lt;br /&gt;
| यहाँ दिखाए गए पाथ को अपने सिस्टम के होम फोल्डर के साथ बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:46&lt;br /&gt;
|एक एरर आती है। यह दर्शाती है कि कोड की यह लाइन '''FileNotFoundException''' बना सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:55&lt;br /&gt;
| एरर पर क्लिक करें और '''Surround with try/catch''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:00&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि इस एरर को सही करने के लिए '''Eclipse'''  स्वतः ही '''try catch block'''  प्रविष्ट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:08&lt;br /&gt;
| हम समझ सकते हैं कि यह '''checked exception''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:12&lt;br /&gt;
| अब देखते हैं कि '''finally block''' का उपयोग कैसे करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:16&lt;br /&gt;
| निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:18&lt;br /&gt;
| '''finally block''' आमतौर पर '''try-catch block ''' का अनुकरण करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:22&lt;br /&gt;
|इस ब्लॉक का कोड निष्पादित होता है, चाहे exception हुआ हो या नहीं। इसमें '''print statement''' शामिल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:32&lt;br /&gt;
| अब '''finally block''' में फाइल रिफ्रेंस को बंद करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:37&lt;br /&gt;
| टाइप करें'''fr dot close'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:40&lt;br /&gt;
|  अब '''Eclipse''' दर्शाता है कि यह एक '''IOException''' रेज़ करेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:45&lt;br /&gt;
| एरर पर क्लिक करें और '''Surround with try/catch''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:51&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:54&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि ''' FileNotFoundException''' मैसेज प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   07:59&lt;br /&gt;
| ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे होम फोल्डर में '''Marks''' नामक फाइल नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:04&lt;br /&gt;
| हम '''NullPointerException ''' भी देख सकते हैं क्योंकि '''fr ''' की वेल्यू अभी भी नल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|   08:12&lt;br /&gt;
| लेकिन हम देख सकते हैं कि '''finally block''' में '''print statement''' निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:18&lt;br /&gt;
| अपने होम फोल्डर में '''Marks''' टेक्स्ट फाइल बनाएँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
| यदि आप विंडो यूजर हैं तो अपने लोकल ड्राइव में टेक्स्ट फाइल बनाएँ और पाथ निर्दिष्ट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए यह '''D:\\Marks.txt''' इस तरह निर्दिष्ट हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:37&lt;br /&gt;
| प्रोग्राम को फिर से रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:40&lt;br /&gt;
| हम सत्यापन कर सकते हैं कि '''Marks''' फाइल बनने के बाद वहाँ  exceptions नहीं हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:46&lt;br /&gt;
| '''“Inside finally block”''' प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:50&lt;br /&gt;
| '''cleanup operation'''  अर्थात '''FileReader''' ऑब्जेक्ट '''fr ''' बंद करना, यह भी सफलतापूर्वक निष्पादित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:58&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:02&lt;br /&gt;
| संक्षेप में..&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:04&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरिल में हमने सीखा:  '''Exception''' क्या है, ''Checked '''और '''Unchecked Exceptions ''',  ''try-catch''' '''block''' और '''finally block ''' का उपयोग करके '''Exceptions''' निष्पादित करना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:17&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में '''NullPointerException''' नामक अन्य '''Runtime Exception''' के बारे में सीखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:24&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल के '''Assignment''' लिंक में दिए गए '''Demo.java ''' नामक जावा प्रोग्राम को देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
|एक '''exception'''  रेज़ होगा जब आप इस कोड को रन करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:35&lt;br /&gt;
|कोड ज्ञात करें जो '''exception''' के लिए जिम्मेदार है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
|''' try-catch block''' का उपयोग करके इसे सही करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:43&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया'''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:04&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:15&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|IIT Bombay से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Java-Interfaces/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Java-Interfaces/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Java-Interfaces/Hindi"/>
				<updated>2017-11-06T18:47:17Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, ''' Java Interfaces''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम  interface बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:10&lt;br /&gt;
|Implementation classes बनानाऔर  Interface के उपयोग के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| इसके लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''Ubuntu ऊबंटु 12.04''', '''JDK 1.7 ''' और '''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको '' Java''' और ''' Eclipse IDE.''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:36&lt;br /&gt;
|आपको जावा में ''' subclassing''' और''' Abstract classes ''' का ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:42&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो, जावा से संबंधित ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया प्रदर्शित लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:48&lt;br /&gt;
|  सबसे पहले  interface के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
|इंटरफैस में  abstract''' मैथड्स और ''' static data members''' का सेट शामिल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:58&lt;br /&gt;
|यह बिना बॉडी के मैथड्स के सेट के signatures को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
|इसे '' 'interface' '' कीवर्ड का उपयोग करके घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| अब  Eclipse पर जाएँ और  InterfaceDemo नामक नया प्रोजेक्ट बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:15&lt;br /&gt;
|यहाँ, हम  interfaces के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक ''' classes''' और ''' interface''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| src फोल्डर पर राइट-क्लिक करें और ''' New &amp;gt; Interface''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
|नाम  Animal टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:34&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि  interface कीवर्ड का उपयोग इंटरफेस को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:39&lt;br /&gt;
|अब स्क्रीन पर प्रदर्शित कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
| यहाँ, इंटरफेस का नाम  Animal है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:46&lt;br /&gt;
|इसमें तीन एब्स्ट्रैक मैथड्स ''' talk(), see()''' और ''' move().''' शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में सभी तरह के मैथड्स  ''' public''' और ''' abstract''' परस्पर हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:59&lt;br /&gt;
|एक इंटरफेस में  constant variable डिक्लेरेशन भी शामिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
|यहाँ, कॉंन्टेंट स्ट्रिंग वैल्यू  Mammal वैरिएबल  type1 के लिए असाइन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|और  Reptiles वैरिएबल  type2 के लिए असाइन है।&lt;br /&gt;
|-, &lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
|सभी  constant वैल्यूज एक इंटरफेस में परिभाषित हैं, जो ''' public, static''' और ''' final''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
| आगे, हम उदाहरण के साथ इंटरफेस के लिए  implementation क्लास के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Human क्लास है जो  Animal इंटरफेस लागू करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:38&lt;br /&gt;
|अत:, इसे मैथड्स ''' talk(), see()''' और ''' move().''' के लिए कार्यान्वयन प्रदान करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
| क्लास भी कई इंटरफेसेस का कार्यान्वयन कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:49&lt;br /&gt;
|जैसे कि उदाहरण में दिखाया गया है,  Human क्लास दो इंटरफेस '''Animal''' और ''' Action''' का कार्यान्वयन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:57&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि सिंटैक्स में उपयोग किए गए '' comma operator '' को विभिन्न इंटरफेस की पहचान करनी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:04&lt;br /&gt;
|अब इस क्लास को दोनों ''' Animal''' और ''' Action''' इंटरफेस में सभी  abstract मैथड्स के लिए कार्यान्वयन प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| फिगर यहाँ कार्यान्वयन संबंध प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:18&lt;br /&gt;
|Animal क्लास एक इंटरफेस है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
|Human और  Snake क्लासेस दो  implementation classes हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
|Human क्लास ''' talk()''',''' see()''' और ''' move()'''  मैथड्स के लिए अपना स्वयं का भिन्न कार्यान्वयन प्रदान करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:36&lt;br /&gt;
|और Snake क्लास '''talk(), see()''' और '''move()''''  मैथड्स के लिए अपना स्वयं का विभिन्न कार्यान्वयन प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| अब सैम्पल प्रोग्राम के साथ  interfaces के उपयोग को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
| default package पर राइट-क्लिक करें और  Human नामक क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:56&lt;br /&gt;
|अब, इसे  Animal क्लास का  implementation class बनाने के लिए, टाइप करें  implements Animal&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
| अब, हम Eclipse IDE में एक एरर देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|यह एरर इंगित करता है कि हमें  Animal interface को  implementation प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:15&lt;br /&gt;
| देखें कि इस एरर को कैसे सुधारें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| अब  '''talk(), see()''' और ''' move().''' मैथड्स परिभाषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:23&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void talk( )''' कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें System.out.println कोट्स में &amp;quot;I am a human and I belong to&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
|अब हम  Animal इंटरफेस में घोषित ''' static, final variable type1'' के वैल्यू का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:45&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें '''+ Animal.type1+''' कोट्स में  family सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:54&lt;br /&gt;
|अब see() मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:57&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void see( ) कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें System.out.println कोट्स में &amp;quot;I can see all colors&amp;quot;  सेमिकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:11&lt;br /&gt;
|हमें move() मैथड भी परिभाषित करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:14&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void move( ) कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें  System.out.println कोट्स में &amp;quot;I move by walking&amp;quot; सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, एरर गायब हो जाती है, एक बार सभी मैथड्स इंप्लिमेंट होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:34&lt;br /&gt;
| आगे हम सीखेंगे कि  Snake क्लास कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:38&lt;br /&gt;
| मैंने इसे पहले से ही अपने प्रोजेक्ट में बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:42&lt;br /&gt;
|कृपया अपने प्रोजेक्ट में  snake क्लास बनाएँ और स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:49&lt;br /&gt;
|अब कोड पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि ''' Animal interface के सभी मैथड्स- talk(), see()''' और ''' move()'''  इस क्लास में लागू हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:01&lt;br /&gt;
|यहाँ, talk() मैथड “I am a snake and I belong to” प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
|फिर,  Animal.type2 की वैल्यू प्रिंट होती है और फिर  family की।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
|यहाँ, see() मैथड “I can see only in black and white” प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:19&lt;br /&gt;
|move() मैथड &amp;quot;I move by crawling&amp;quot; प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
| ध्यान दें,  Human क्लास के ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड के स्वयं के कार्यान्वयन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
|और,  Snake क्लास के ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स के स्वंय के कार्यान्वयन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| अब,  default package पर राइट-क्लिक करें, '' new &amp;gt;  class''' पर क्लिक करें और फिर  Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
|इस केस में, हमारे पास  main मैथड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें main और फिर main मैथड बनाने के लिए  '''ctrl+space''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
|इस लाइन में, हम  Animal इंटरफेस का उपयोग करके  Human क्लास दृष्टांत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:07&lt;br /&gt;
|यह '''Animal h''' equals''' new Human()''' के रूप में दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:14&lt;br /&gt;
|अब हम इस '' 'object' 'को '''h.talk(); h.see();   h.move();''' के रूप में उपयोग करके विभिन्न तरीकों को लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:26&lt;br /&gt;
| फिर, हम  Animal इंटरफेस का उपयोग करके  Snake क्लास दृष्टांत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
|अब  हम इस  object का उपयोग करके भिन्न मैथड्स को लागू कर सकते हैं जैसे कि दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:38&lt;br /&gt;
| अब, इस डेमो प्रोग्राम को रन करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:41&lt;br /&gt;
| अत:,  Demo क्लास पर राइट क्लिक करें और फिर ''' Run as &amp;gt; Java Application''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:48&lt;br /&gt;
|हम आउटपुट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:52&lt;br /&gt;
|ये ''' human class object h''' का उपयोग करके ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स लागू करके प्रिंट हुए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:00&lt;br /&gt;
| ये ''' Snake class object s''' का उपयोग करके ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स लागू करके प्रिंट हुए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:08&lt;br /&gt;
| अब,  interface और  abstract क्लास के बीच भिन्नता का पता लगाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:14&lt;br /&gt;
| इंटरफेस में सभी मैथड्स  abstract होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:18&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में, यहाँ कोई भी  constructors,  concrete मैथड्स नहीं होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:23&lt;br /&gt;
| static  मैथड्स और main  मैथड्स नहीं होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:28&lt;br /&gt;
|लेकिन एक  abstract क्लास में यह सब हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:32&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में वेरिएबल्स ''' static''' और ''' final.''' होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:38&lt;br /&gt;
|यहाँ  abstract क्लास के लिए ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:43&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं। संक्षेप में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हमने इंटरफेस बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:53&lt;br /&gt;
| implementation क्लास बनाना और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:56&lt;br /&gt;
|इंटरफेस के उपयोग के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:59&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में,  Vehicle इंटरफेस बनाएँ, जिसमें '''brake()''' और ''' run()''' मैथड्स शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:07&lt;br /&gt;
| एक और  Fuel इंटरफेस बनाएँ, जिसमें निम्न मैथड्स शामिल हो।&lt;br /&gt;
  '''fill(String type,int quantity)''', '''pay(int quantity,int price)'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
| सबक्लास  Car बनाएँ, जो दोनों इंटरफेस  Vehicle और  Fuel का कार्यान्वयन करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
|यहाँ,  brake मैथड  &amp;quot;Car Applies Power brake&amp;quot; प्रिंट करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
|और  run मैथड  &amp;quot;Car is running on 4 wheels&amp;quot; प्रिंट करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:35&lt;br /&gt;
| इसीतरह fill() मैथड  fuel फिल्ड के टाइप और क्वालिटी प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए: 10 Litres of petrol.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:44&lt;br /&gt;
|pay() मैथड दी जाने वाली कीमत प्रिंट करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए Pay Rs. 640&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
|एक और  Bike सबक्लास बनाएँ, जिसमें फिर से दोनों इंटरफेस  Vehicle और  Fuel का कार्यान्वयन करता हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
|यहाँ,  brake मैथड &amp;quot;Bike Applies hand brake&amp;quot; प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
|और  run मैथड “Bike is running on 2 wheels” प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:10&lt;br /&gt;
|फिर, '''fill()''' और '''pay()''' मैथड्स लागू करें जो पहले समझाये गए थे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:15&lt;br /&gt;
|आखिरकार परिणामों को सत्यापित करने के लिए  Demo class बनाएँ जिसमें  main मैथड शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:21&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:38&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  NMEICT MHRD, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:48&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:52&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:01&lt;br /&gt;
| IIT बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूं ,हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Java-Interfaces/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Java-Interfaces/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Java-Interfaces/Hindi"/>
				<updated>2017-11-06T18:45:51Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार, ''' Java Interfaces''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हम  interface बनाने &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:10&lt;br /&gt;
|Implementation classes बनाने और  Interface के उपयोग के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| इसके लिए, मैं उपयोग कर रहा हूँ '''Ubuntu ऊबंटु 12.04''', '''JDK 1.7 ''' और '''Eclipse 4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:28&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको '' Java''' और ''' Eclipse IDE.''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:36&lt;br /&gt;
|आपको जावा में ''' subclassing''' और''' Abstract classes ''' का ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:42&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो, जावा से संबंधित ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया प्रदर्शित लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:48&lt;br /&gt;
|  सबसे पहले  interface के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:52&lt;br /&gt;
|इंटरफैस में  abstract''' मैथड्स और ''' static data members''' का सेट शामिल होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:58&lt;br /&gt;
|यह बिना बॉडी के मैथड्स के सेट के signatures को परिभाषित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
|इसे '' 'interface' '' कीवर्ड का उपयोग करके घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| अब  Eclipse पर जाएँ और  InterfaceDemo नामक नया प्रोजेक्ट बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:15&lt;br /&gt;
|यहाँ, हम  interfaces के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक ''' classes''' और ''' interface''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| src फोल्डर पर राइट-क्लिक करें और ''' New &amp;gt; Interface''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
|नाम  Animal टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:34&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि  interface कीवर्ड का उपयोग इंटरफेस को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:39&lt;br /&gt;
|अब स्क्रीन पर प्रदर्शित कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:43&lt;br /&gt;
| यहाँ, इंटरफेस का नाम  Animal है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:46&lt;br /&gt;
|इसमें तीन एब्स्ट्रैक मैथड्स ''' talk(), see()''' और ''' move().''' शामिल हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में सभी तरह के मैथड्स  ''' public''' और ''' abstract''' परस्पर हैं।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
|  01:59&lt;br /&gt;
|एक इंटरफेस में  constant variable डिक्लेरेशन भी शामिल हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
|यहाँ, कॉंन्टेंट स्ट्रिंग वैल्यू  Mammal वैरिएबल  type1 के लिए असाइन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:12&lt;br /&gt;
|और  Reptiles वैरिएबल  type2 के लिए असाइन है।&lt;br /&gt;
|-, &lt;br /&gt;
|  02:16&lt;br /&gt;
|सभी  constant वैल्यूज एक इंटरफेस में परिभाषित हैं, जो ''' public, static''' और ''' final''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
| आगे, हम उदाहरण के साथ इंटरफेस के लिए  implementation क्लास के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Human क्लास है जो  Animal इंटरफेस लागू करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:38&lt;br /&gt;
|अत:, इसे मैथड्स ''' talk(), see()''' और ''' move().''' के लिए कार्यान्वयन प्रदान करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
| क्लास भी कई इंटरफेसेस का कार्यान्वयन कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:49&lt;br /&gt;
|जैसे कि उदाहरण में दिखाया गया है,  Human क्लास दो इंटरफेस '''Animal''' और ''' Action''' का कार्यान्वयन करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:57&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि सिंटैक्स में उपयोग किए गए '' comma operator '' को विभिन्न इंटरफेस की पहचान करनी है ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:04&lt;br /&gt;
|अब इस क्लास को दोनों ''' Animal''' और ''' Action''' इंटरफेस में सभी  abstract मैथड्स के लिए कार्यान्वयन प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:13&lt;br /&gt;
| फिगर यहाँ कार्यान्वयन संबंध प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:18&lt;br /&gt;
|Animal क्लास एक इंटरफेस है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
|Human और  Snake क्लासेस दो  implementation classes हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:28&lt;br /&gt;
|Human क्लास ''' talk()''',''' see()''' और ''' move()'''  मैथड्स के लिए अपना स्वयं का भिन्न कार्यान्वयन प्रदान करता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:36&lt;br /&gt;
|और Snake क्लास '''talk(), see()''' और '''move()''''  मैथड्स के लिए अपना स्वयं का विभिन्न कार्यान्वयन प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| अब सैम्पल प्रोग्राम के साथ  interfaces के उपयोग को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:50&lt;br /&gt;
| default package पर राइट-क्लिक करें और  Human नामक क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:56&lt;br /&gt;
|अब, इसे  Animal क्लास का  implementation class बनाने के लिए, टाइप करें  implements Animal&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:04&lt;br /&gt;
| अब, हम Eclipse IDE में एक एरर देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|यह एरर इंगित करता है कि हमें  Animal interface को  implementation प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:15&lt;br /&gt;
| देखें कि इस एरर को कैसे सुधारें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:19&lt;br /&gt;
| अब  '''talk(), see()''' और ''' move().''' मैथड्स परिभाषित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:23&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void talk( )''' कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें System.out.println कोट्स में &amp;quot;I am a human and I belong to&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:37&lt;br /&gt;
|अब हम  Animal इंटरफेस में घोषित ''' static, final variable type1'' के वैल्यू का उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:45&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें '''+ Animal.type1+''' कोट्स में  family सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:54&lt;br /&gt;
|अब see() मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:57&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void see( ) कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें System.out.println कोट्स में &amp;quot;I can see all colors&amp;quot;  सेमिकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:11&lt;br /&gt;
|हमें move() मैथड भी परिभाषित करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:14&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें public void move( ) कर्ली ब्रैकेट्स में टाइप करें  System.out.println कोट्स में &amp;quot;I move by walking&amp;quot; सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:29&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, एरर गायब हो जाती है, एक बार सभी मैथड्स इंप्लिमेंट होते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:34&lt;br /&gt;
| आगे हम सीखेंगे कि  Snake क्लास कैसे परिभाषित करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:38&lt;br /&gt;
| मैंने इसे पहले से ही अपने प्रोजेक्ट में बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:42&lt;br /&gt;
|कृपया अपने प्रोजेक्ट में  snake क्लास बनाएँ और स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:49&lt;br /&gt;
|अब कोड पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि ''' Animal interface के सभी मैथड्स- talk(), see()''' और ''' move()'''  इस क्लास में लागू हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:01&lt;br /&gt;
|यहाँ, talk() मैथड “I am a snake and I belong to” प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
|फिर,  Animal.type2 की वैल्यू प्रिंट होती है और फिर  family की।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
|यहाँ, see() मैथड “I can see only in black and white” प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:19&lt;br /&gt;
|move() मैथड &amp;quot;I move by crawling&amp;quot; प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:23&lt;br /&gt;
| ध्यान दें,  Human क्लास के ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड के स्वयं के कार्यान्वयन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:31&lt;br /&gt;
|और,  Snake क्लास के ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स के स्वंय के कार्यान्वयन हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| अब,  default package पर राइट-क्लिक करें, '' new &amp;gt;  class''' पर क्लिक करें और फिर  Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
|इस केस में, हमारे पास  main मैथड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें main और फिर main मैथड बनाने के लिए  '''ctrl+space''' दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:01&lt;br /&gt;
|इस लाइन में, हम  Animal इंटरफेस का उपयोग करके  Human क्लास दृष्टांत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:07&lt;br /&gt;
|यह '''Animal h''' equals''' new Human()''' के रूप में दर्शाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:14&lt;br /&gt;
|अब हम इस '' 'object' 'को '''h.talk(); h.see();   h.move();''' के रूप में उपयोग करके विभिन्न तरीकों को लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:26&lt;br /&gt;
| फिर, हम  Animal इंटरफेस का उपयोग करके  Snake क्लास दृष्टांत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:31&lt;br /&gt;
|अब  हम इस  object का उपयोग करके भिन्न मैथड्स को लागू कर सकते हैं जैसे कि दिखाया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:38&lt;br /&gt;
| अब, इस डेमो प्रोग्राम को रन करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:41&lt;br /&gt;
| अत:,  Demo क्लास पर राइट क्लिक करें और फिर ''' Run as &amp;gt; Java Application''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:48&lt;br /&gt;
|हम आउटपुट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:52&lt;br /&gt;
|ये ''' human class object h''' का उपयोग करके ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स लागू करके प्रिंट हुए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:00&lt;br /&gt;
| ये ''' Snake class object s''' का उपयोग करके ''' talk(), see()''' और ''' move()''' मैथड्स लागू करके प्रिंट हुए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:08&lt;br /&gt;
| अब,  interface और  abstract क्लास के बीच भिन्नता का पता लगाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:14&lt;br /&gt;
| इंटरफेस में सभी मैथड्स  abstract होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:18&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में, यहाँ कोई भी  constructors,  concrete मैथड्स नहीं होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:23&lt;br /&gt;
| static  मैथड्स और main  मैथड्स नहीं होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:28&lt;br /&gt;
|लेकिन एक  abstract क्लास में यह सब हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:32&lt;br /&gt;
|इंटरफेस में वेरिएबल्स ''' static''' और ''' final.''' होने चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:38&lt;br /&gt;
|यहाँ  abstract क्लास के लिए ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:43&lt;br /&gt;
| इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में आते हैं। संक्षेप में।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:48&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में, हमने इंटरफेस बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:53&lt;br /&gt;
| implementation क्लास बनाना और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:56&lt;br /&gt;
|इंटरफेस के उपयोग के बारे में सीखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:59&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में,  Vehicle इंटरफेस बनाएँ, जिसमें '''brake()''' और ''' run()''' मैथड्स शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:07&lt;br /&gt;
| एक और  Fuel इंटरफेस बनाएँ, जिसमें निम्न मैथड्स शामिल हो।&lt;br /&gt;
  '''fill(String type,int quantity)''', '''pay(int quantity,int price)'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:19&lt;br /&gt;
| सबक्लास  Car बनाएँ, जो दोनों इंटरफेस  Vehicle और  Fuel का कार्यान्वयन करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
|यहाँ,  brake मैथड  &amp;quot;Car Applies Power brake&amp;quot; प्रिंट करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
|और  run मैथड  &amp;quot;Car is running on 4 wheels&amp;quot; प्रिंट करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:35&lt;br /&gt;
| इसीतरह fill() मैथड  fuel फिल्ड के टाइप और क्वालिटी प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:41&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए: 10 Litres of petrol.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:44&lt;br /&gt;
|pay() मैथड दी जाने वाली कीमत प्रिंट करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए Pay Rs. 640&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
|एक और  Bike सबक्लास बनाएँ, जिसमें फिर से दोनों इंटरफेस  Vehicle और  Fuel का कार्यान्वयन करता हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:00&lt;br /&gt;
|यहाँ,  brake मैथड &amp;quot;Bike Applies hand brake&amp;quot; प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:05&lt;br /&gt;
|और  run मैथड “Bike is running on 2 wheels” प्रिंट कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:10&lt;br /&gt;
|फिर, '''fill()''' और '''pay()''' मैथड्स लागू करें जो पहले समझाये गए थे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:15&lt;br /&gt;
|आखिरकार परिणामों को सत्यापित करने के लिए  Demo class बनाएँ जिसमें  main मैथड शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:21&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:29&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:38&lt;br /&gt;
| अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:41&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  NMEICT MHRD, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:48&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:52&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  11:01&lt;br /&gt;
| IIT बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूं ,हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Custom-Exceptions/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Custom-Exceptions/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Custom-Exceptions/Hindi"/>
				<updated>2017-11-06T18:44:12Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
|''' custom exceptions''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे:  '''Custom exceptions ''' और '''throw''' और '''throws keywords''' का उपयोग।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:14&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ :'''Ubuntu Linux 16.04 OS''' '''JDK 1 .7 ''' और '''Eclipse 4.3.1 '''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:26&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए आपको Java  में Exceptions Handling का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। यदि नहीं है तो संबंधित जावा ट्यूटोरियल के लिए कृपया निम्न लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:38&lt;br /&gt;
|पहले '''custom exceptions''' के बारे में सीखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:42&lt;br /&gt;
| '''Custom exception''' एक '''user defined exception class''' है, इसे आमतौर पर '''checked exceptions''' के रूप में बनाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
|इसका उपयोग यूजर की आवश्यकता के अनुसार exception कस्टमाइज करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
|हम ''' eclipse''' खोलेंगे और ''' CustomExceptionDemo''' नामक एक नया प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:04&lt;br /&gt;
|'''custom exceptions''' के  प्रदर्शन के लिए इस प्रोजेक्ट में हम आवश्यक  classes बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:11&lt;br /&gt;
|हम नया '''class InvalidMarkException''' बनायेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
|इसे exception class का प्रकार बनाने के लिए,  यह Java exception class का  subclass होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:22&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए टाइप करें''' extends Exception'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:27&lt;br /&gt;
|'''Source''' मेन्यू पर क्लिक करें और फिर '''Generate constructors from Superclass''' चुनें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:34&lt;br /&gt;
| अब दाईं ओर पर '''Deselect All''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:38&lt;br /&gt;
| फिर '''single string argument''' के साथ '''constructor''' को चुनें और नीचे '''OK''' बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
|इस '''string argument'''  का उपयोग प्रदर्शित मैसेज को कस्टमाइज करने के लिए किया जा सकता है जब यह '''exception''' आता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:52&lt;br /&gt;
| '''StudentMarks''' नामक अन्य '''class''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
|फिर निम्न कोड टाइप करें,&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:00&lt;br /&gt;
|इस '''class''' में '''marks''' नामक केवल एक '''variable''' है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:04&lt;br /&gt;
|यह '''constructor'''  '''marks''' की वेल्यू इनिसिलाइज करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:09&lt;br /&gt;
| मार्क्स को मान्य करने के लिए '''method''' जोड़ें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:13&lt;br /&gt;
|मार्क्स की सामान्य श्रेणी 0 से 100 तक होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:18&lt;br /&gt;
|यदि'''marks less than 0 or greater than 100''' परिष्कृत है '''InvalidMarkException''' आयेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:25&lt;br /&gt;
|इसके लिए हमें '''custom exception''' को हटाने के लिए '''throw keyword''' का उपयोग करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:33&lt;br /&gt;
|यदि मार्क सही है, तो '''“Entry OK” ''' प्रदर्शित होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:39&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि यहाँ एक '''InvalidMarkException''' एरर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
|इस चेक करें और पुनः हल करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:46&lt;br /&gt;
| एरर पर क्लिक करें और '''“Add throws declaration'''” पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि '''method signature''' में '“throws InvalidMarkException”''' जोड़ने पर एरर गायब हो जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:00&lt;br /&gt;
| यहाँ हम देख सकते हैं कि '''throws keyword'' का उपयोग '''methods''' के साथ किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:06&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है कि मैथड  '''specified exception''' को बढायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:11&lt;br /&gt;
| हमें '''exception handling''' प्रदान करना होगा जब इस मैथड का कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:16&lt;br /&gt;
|अब '''file access operation''' दर्शाते हैं, जो '''FileNotFoundException''' को बढायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
|'''FileReader class''' का एक उदाहरण बनाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29&lt;br /&gt;
|  '''Eclipse''' कुछ एरर्स दिखायेगा क्योंकि हमने संबंधित '''Java packages''' को इंपोर्ट नहीं किया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:36&lt;br /&gt;
|उसको सही करने के लिए एरर पर क्लिक करें और फिर '''import 'FileReader' (java.io)''' पर डबल क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:44&lt;br /&gt;
|हम '''package''' और उसके उपयोग के बारे में बाद के ट्यूटोरियल में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:50&lt;br /&gt;
|होम फोल्डर में ''' Marks''' नामक फाइल को ऐक्सेस करने के लिए '''fr ''' को अनुमति देने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
|यहाँ दिखाए गए पाथ को अपने सिस्टम के होम फोल्डर के साथ बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:05&lt;br /&gt;
| एक एरर दर्शाती है कि कोड की यह लाइन '''FileNotFoundException'' को बढ़ा सकती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:10&lt;br /&gt;
|हम '''throws clause''' में इस एक्सेप्शन को जोड़ कर इसे सही कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:16&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि '''FileNotFoundException''' भी '''throws clause''' में जुड़ गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:22&lt;br /&gt;
|जैसा कि यहाँ दिखाया गया है  हम का उपयोग '''throws''' करके कई '''exceptions''' को नियंत्रित कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:28&lt;br /&gt;
| अब हम '''StudentMarks class''' में '''main method''' बनायेंगे और परिणामों का सत्यापन करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:34&lt;br /&gt;
| यहाँ हमने '''marks''' के लिए वेल्यू के रूप में 40 इनिसीलाइज करने के साथ एक ऑब्जेक्ट '''m1''' बनाया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:41&lt;br /&gt;
|अगली लाइन में हम '''m1''' ऑब्जेक्ट का उपयोग करके '''validate''' मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:47&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि यहाँ एक एरर है जब '''validate method''' लागू होता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
|यह दर्शाता है कि यह मैथड '''InvalidMarkException''' और '''FileNotFoundException''' को बढायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:59&lt;br /&gt;
|एरर को सही करने के लिए हम '''main method'''  में '''throws clause''' जोड़ सकते हैं। जैसा हमने पहले किया।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:05&lt;br /&gt;
|लेकिन '''try''' और '''catch block''' का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:10&lt;br /&gt;
|अतः '''Surround with try/catch''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:14&lt;br /&gt;
|अब आवश्यक '''try-catch blocks''' जोड़े गए हैं और are added and the '''exception''' को नियंत्रित किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| अब प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:23&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है “Entry OK” और “rest of the code”.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
|यह इसलिए होता है क्योंकि '''marks''' की वेल्यू 40 एक सही प्रविष्टि है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
| अब वेल्यू को -10 करें जो सही प्रविष्टि नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
|  हम प्रोग्राम को फिर से रन करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:40&lt;br /&gt;
| अब हम देख सकते हैं कि '''InvalidMarkException''' को हटाता है क्योंकि -10 सही प्रविष्टि नहीं है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:47&lt;br /&gt;
|चूँकि हमने '''exception''' को नियंत्रित कर दिया है, हम “rest of the code” मैसेज देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:53&lt;br /&gt;
|इसके बजाय यदि हम ''“throws” clause''' का उपयोग करते हैं, तो यह मैसेज “rest of the code” प्रिंट नहीं होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
|और प्रोग्राम टर्मिनेट हो जायेगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:03&lt;br /&gt;
|अतः '''try catch block''' का उपयोग करना बेहतर है, जब '''main method''' में एक मैथड कॉल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम इस ट्यूटोरियल के अंत में आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
| संक्षेप में..&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:15&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा :'''Custom Exception''' क्या है '''throw''' और '''throws keywords''' का उपयोग,  '''custom exceptions''' को कैसे बनाएँ और उपयोग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:26&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में:  '''InvalidAgeException''' नामक '''custom exception class''' बनाएँ।&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:33&lt;br /&gt;
| अन्य '''class Age'''  बनाएँ और age की वेल्यू को इनिसीलाइज करने के लिए '''constructor''' बनाएँ। &lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
|एक '''exception''' का हटाने के लिए '''method validate''' भी बनाएँ, यदि उम्र 18 से कम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:45&lt;br /&gt;
|'''main method''' में ऑब्जेक्ट बनाएँ और '''validate() method''' लागू करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:51&lt;br /&gt;
|जब भी आवश्यक हो '''try-catch blocks''' का उपयोग करके '''exception handling''' प्रदान करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:56&lt;br /&gt;
|'''custom exception class''' का सत्यापन करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
| निम्न लिंक पर उपलब्ध वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। कृपया इसे देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:06&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया'''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:18&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:29&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| IIT बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूं ,हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Abstract-Classes/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Abstract-Classes/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Abstract-Classes/Hindi"/>
				<updated>2017-11-06T18:43:00Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:00&lt;br /&gt;
| नमस्कार, ''' Abstract Classes''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपको स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे, '''Abstract Methods '''और''' Concrete Methods'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:12&lt;br /&gt;
|'''Abstract Classes '''और ''' Concrete Classes '''और&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:16&lt;br /&gt;
| '''Abstract Classes''' का उपयोग कैसे करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:18&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल के लिए, मैं उपयोग कर रही हूँ '''Ubuntu ऊबंटु 12.04''' , '''JDK 1.7 ''' और  '''Eclipse''' '''4.3.1'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:28&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको '' Java''' और ''' Eclipse IDE.''' का बुनियादी  ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:36&lt;br /&gt;
|आपको जावा में  subclassing का  ज्ञान भी होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:40&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है तो, प्रासंगिक जावा ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया दिखाए गए लिंक पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:46&lt;br /&gt;
|पहले हम  Abstract मैथड के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:50&lt;br /&gt;
| एक  Abstract मैथड एक मैथड है जो  implementation के बिना घोषित किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:55&lt;br /&gt;
|यह  abstract कीवर्ड का उपयोग करके घोषित होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:59&lt;br /&gt;
|इस मैथड के लिए कोष्ठक को खोलना और बंद नहीं करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|सैम्पल प्रोग्राम के साथ  Abstract क्लास के उपयोग को समझते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09&lt;br /&gt;
|अब हम  Eclipse पर जायेंगे और  AbstractDemo नामक नया प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:16&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में, हम  Abstract क्लास के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक  classes बनाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:24&lt;br /&gt;
|अब,  src फोल्डर पर राइट-क्लिक करें औऱ '''New &amp;gt; Class''' पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
|Person के रूप में क्लास का नाम टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:35&lt;br /&gt;
|अब, हम नाम का प्रतिनिधित्व करने के लिए  field और  Person की उम्र जोड देंगे । टाइप करें ''' String name''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:44&lt;br /&gt;
|इसके अलावा टाइप करें: ''' int age''' semicolon. सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:48&lt;br /&gt;
|अब  Source पर क्लिक करें और ''' Generate constructor using fields''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:55&lt;br /&gt;
|उत्पन्न कोड से  super कीवर्ड डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:59&lt;br /&gt;
|Constructor '''name''' और '''age ''' फिल्ड्स की वैल्यूज को इनीशिलाज कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05&lt;br /&gt;
|अब हम '''concrete method''' के बारे में सीखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:08&lt;br /&gt;
|Concrete मैथड को पूर्ण रूप से कर्ली ब्रैकेट्स में लागू कर दिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:14&lt;br /&gt;
|हम इस क्लास में नेम और एज प्रिंट करने के लिए  concrete मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:21&lt;br /&gt;
|स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड को टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|यह मैथड showBasicDetails() यहाँ सचित्र है, यह  concrete मैथड का एक उदाहरण है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:32&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि यह मैथड पूरी तरह लागू किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:36&lt;br /&gt;
|अब हम इस क्लास के लिए  abstract मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें '''public void showDetails( )''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:46&lt;br /&gt;
|एक एरर आती है, क्योंकि हमने अभी तक  abstract मैथड नहीं जोडा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|अत:,  abstract कीवर्ड जोडें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:55&lt;br /&gt;
|अब हम एक और एरर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:58&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि,  abstract मैथड केवल  abstract क्लासेस के लिए जोड़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:03&lt;br /&gt;
|अत:, इसे  abstract क्लास बनाने के लिए  Person क्लास में  abstract कीवर्ड जोड़ें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
| '''class Person''' यहाँ एक  abstract क्लास प्रदर्शित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
|इसमें showDetails() नामक  abstract मैथड शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
|फिगर यहाँ एक '''inheritance relation''' का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:24&lt;br /&gt;
|यहाँ,  Person क्लास एक  abstract क्लास है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:29&lt;br /&gt;
|Employee क्लास और  Student क्लास    Person क्लास के  subclasses हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:35&lt;br /&gt;
|ये  subclasses अपने स्वयं के विभिन्न कार्यान्वयन प्रदान कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:40&lt;br /&gt;
|इसे  Person क्लास में उपस्थित showDetails( ) मैथड द्वारा किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:45&lt;br /&gt;
|उदाहरण के लिए,  Employee क्लास में ShowDetails() मैथड ''Employee ID''' और ''' Salary''' प्रिंट करता है, जबकि  Student क्लास में ShowDetails() मैथड  '''Student Register Number''' और '''Grade''' प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:01&lt;br /&gt;
|फिर  default package पर राइट-क्लिक करें और  Employee नामक अन्य क्लास बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:07&lt;br /&gt;
|अब इसे  Person क्लास का  subclass बनाने के लिए, टाइप करें '' extends Person''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:14&lt;br /&gt;
|अब, हम Eclipse IDE में एक एरर देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:19&lt;br /&gt;
|यह इंगित करता है कि हमें '''abstract method showDetails( )''' से एक  implementation प्रदान करना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:26&lt;br /&gt;
|हम इसे थोडी देर बाद करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
| अब '''employee id''' और '''employee salary''' को दर्शाने के लिए दो  field बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें  ''' String empid''' सेमीकॉलन और ''' int salary''' सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:42&lt;br /&gt;
|अब  Source पर क्लिक करें और फिर '' Generate constructor using fields.'' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:49&lt;br /&gt;
|यह  constructor  '''name, age, empid '''और''' salary''' की वैल्यू इनीशिलाज कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:56&lt;br /&gt;
|अब  showDetails मैथड परिभाषित करते हैं। अत:, टाइप करें ''' public void showDetails( )'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:04&lt;br /&gt;
|इस मैथड में, हमें  employee की जानकारी को प्रिंट करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:09&lt;br /&gt;
|स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:13&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, एरर गायब हो जाती है, एक बार जब showDetails() मैथड लागू किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19&lt;br /&gt;
|आगे हम प्रोजेक्ट के  Student क्लास के बारे में देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:23&lt;br /&gt;
|मैंने पहले से ही  Student नामक  subclass बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|यहाँ  Student क्लास में दो फिल्ड्स हैं- register number और grade, जो स्टुडेंट रजिस्ट्रैशन नंबर और ग्रेड को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:37&lt;br /&gt;
|इस क्लास में  constructor भी बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:42&lt;br /&gt;
|इस  constructor का उपयोग ''' name, age, register number '''और''' grade''' की वैल्यू को इनीशिलाइज करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:50&lt;br /&gt;
| showDetails मैथड इस क्लास में भी लागू किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
|यह '' Student Register Number''' और ''' grade'' की वैल्यूज को प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
| अब ध्यान दें,  Employee क्लास का अपना स्वयं का showDetails() का कार्यान्वयन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
|और  Student क्लास का अपना स्वंय का showDetails() का  कार्यान्वयन है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| अब  default package पर राइट-क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17&lt;br /&gt;
|'''New''' &amp;gt; '''Class''' पर क्लिक करें और  Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
|इस क्लास में, हमारे पास main मैथड होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:27&lt;br /&gt;
|अत:,  टाइप करें  main और फिर  main मैथड बनाने के लिए '''ctrl+space'''  दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| अब '''Person p equals new Person.''' टाइप करके  Person क्लास को दृष्टांत करने की कोशिश करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|ब्रैकेट्स और डबल कोट्स में टाइप  करें John और सेमीकॉलन डालें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:48&lt;br /&gt;
|अब हम एक एरर देख सकते हैं। यह इसलिए क्योंकि  Person क्लास  abstract है और यह दृष्टांतिकृत नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:58&lt;br /&gt;
|इस लाइन को हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:00&lt;br /&gt;
|स्क्रीन पर प्रदर्शित निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:04&lt;br /&gt;
|अब,  ''' Employee class'''    '''Person p1 equals new Employee.'''  के रूप में  Person क्लास को  दृष्टांतिकृत करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:14&lt;br /&gt;
|पहली लाइन में, हम विभिन्न arguments की वैल्यूज को पास कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:19&lt;br /&gt;
|John '''Employee name''' को पास करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:22&lt;br /&gt;
|40   age की वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:25&lt;br /&gt;
|E267  ''Employee ID''' की वैल्यू और  10000   Employee salary की वैल्यू है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:33&lt;br /&gt;
|अब हम '''p1.showBasicDetails()''' के रूप में  Person क्लास में  concrete मैथड लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
|हम  object p1 को '''p1.showDetails()''' के रूप में showDetails() मैथड कॉल कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50&lt;br /&gt;
|इसीतरह,  Student क्लास का उपयोग करके  Person क्लास दृष्टांतिकृत करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:55&lt;br /&gt;
|यह '''Person p2 equals new Student.''' के रूप में प्रदर्शित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:01&lt;br /&gt;
|अब हम विभिन्न arguments के लिए वैल्यूज पास कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:06&lt;br /&gt;
|हम  object का उपयोग करके showBasicDetails() मैथड और showDetails() मैथड को लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
| अब इस डेमो प्रोग्राम को रन करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:18&lt;br /&gt;
|तो,  class Demo पर राइट क्लिक करें और फिर  '''Run as''' &amp;gt;''' Java Application''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:25&lt;br /&gt;
| हम बुनियादी जानकारी जैसे कि ''' name '''और''' age''' आउटपुट देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:31&lt;br /&gt;
|ये showBasicDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
|अन्य employee जानकारी जैसे कि ''' employee ID '''और '''salary '''  showDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:43&lt;br /&gt;
|इसीतरह छात्र की बुनियादी जानकारी जैसे कि '''name''' और '''age''  showBasicDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
|छात्र की अन्य जानकारी जैसे कि  '''Student register number '''और '''grade'''    showDetails() मैथड द्वारा प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:01&lt;br /&gt;
|इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं। संक्षेप में&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:07&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:  '''Abstract Methods '''और ''' Concrete Methods'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:14&lt;br /&gt;
| '''Abstract Classes '''और''' Concrete Classes '''और ''' Abstract Classes''' कैसे बनाना और उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में, एक  abstract class Vehicle बनाएँ, जिसमें '''abstract method''' '''run()''' शामिल हो।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|subclass Car क्लास बनाएँ जो  Vehicle class का विस्तार करता हो और '''run''' मैथड लागू करें, जो “Car is running on 4 wheels” प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:39&lt;br /&gt;
| subclass Bike भी बनाएँ जो फिर से  Vehicle class का विस्तार करता हो और  run मैथड लागू करें, जो  “Bike is running on 2 wheels” प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
|परिणामों की पुष्टि करने के लिए '' 'main' '' मैथड  वाली '' Demo class '' भी बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:56&lt;br /&gt;
|निम्न लिंक पर दिए गए वीडियो में स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट का सारांश है। कृपया डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:03&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:09&lt;br /&gt;
|ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:16&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:28&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
|IIT बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूं ,हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Methods/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Static-Methods/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Static-Methods/Hindi"/>
				<updated>2017-11-03T17:18:31Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|| '''Time'''&lt;br /&gt;
|| '''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:01&lt;br /&gt;
| नमस्कार,  Static Methods पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:05&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे:  static methods क्या हैं,  static methods परिभाषित करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:12&lt;br /&gt;
|'''instance methods''' और '''static methods'' के बीच अंतर औरstatic methods कैसे उपयोग करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:20&lt;br /&gt;
|यहाँ हम ऊबंटु 14.04, '''JDK 1 .7''' और '''Eclipse 4.3.1''' का उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:31&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुकरण करने के लिए, आपको '''Java''' और '''Eclipse IDE''' का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:38&lt;br /&gt;
|आपको जावा में '''instance variables''', '''methods''' और '''static variables''' का भी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:45&lt;br /&gt;
|यदि नहीं है, तो जावा के संबधित ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:50&lt;br /&gt;
|static method एक मैथड है जो पूर्ण क्लास के साथ जुडा होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:56&lt;br /&gt;
|इसे class method भी कहते हैं और इसे static keyword का उपयोग करके घोषित किया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:02&lt;br /&gt;
|Static methods का आमतौर पर static variables हैंडल करने के लिए उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:07&lt;br /&gt;
|अब हम Eclipse पर जायेंगे और StaticMethodDemo नामक प्रोजेक्ट बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:14&lt;br /&gt;
|इस प्रोजेक्ट में, हम Static methods के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक classes बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:21&lt;br /&gt;
|हम StudentEnroll नामक नया क्लास बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:25&lt;br /&gt;
|एक उदाहरण के साथ  static methods के उपयोग को देखते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
|उदाहरण उसी के समान है, जिसका प्रयोग '' Static Variable '' ट्यूटोरियल में किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:37&lt;br /&gt;
|यहाँ हम फिर से StudentEnroll class प्रदर्शित कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:42&lt;br /&gt;
|याद रखें कि वैरिएबल name और  id   को instance variable के रूप में हैंडल किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:48&lt;br /&gt;
|यहाँ वैरिएबल्स '''organization''' और '''total count''' सभी क्लास के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:54&lt;br /&gt;
|इसलिए इन्हें static variables के रूप में माना जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:58&lt;br /&gt;
|अब StudentEnroll class प्रदर्शित करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:03&lt;br /&gt;
|ध्यान दें यहाँ दो  static variables '''count''' और '''orgname''' हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:08&lt;br /&gt;
|यह भी ध्यान दें कि orgname    static constant नहीं है बल्कि यह सामान्य static variable है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:15&lt;br /&gt;
|static variable orgname    IIT Bombay के रूप में इनीशिलाइज्ड किया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:21&lt;br /&gt;
|अब '''Source''' -&amp;gt; पर क्लिक करें और '''Generate Constructor using Fields''' चुनें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:27&lt;br /&gt;
| बने हुए कोड से super कीवर्ड डिलीट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:32&lt;br /&gt;
|Constructor में, टाइप करें '''count ++ semicolon''', अत: count वैल्यू हर बार बढ़ जाता है, जबobject बनाया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:36&lt;br /&gt;
|अत: count वैल्यू हर बार बढ़ जाता है, जब object बनाया जाता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:42&lt;br /&gt;
|अब हम वैरिएबल्स की वैल्यूज प्रिंट करने के लिए इस क्लास में '''showData'''( ) मैथड जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:48&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें '''public void showData'''( ).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:51&lt;br /&gt;
|'''id''', name और '''organisation name''' प्रिंट करने के लिए ब्रैकेट्स में निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:58&lt;br /&gt;
|अब हम स्टेटिक मैथड setOrgName जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:03&lt;br /&gt;
|निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:05&lt;br /&gt;
|प्रदर्शित SetOrgName मैथड  static मैथड है जो orgname की वैल्यू को संशोधित कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:13&lt;br /&gt;
|कोई भी मैथड जिसका उपयोग static variables हैंडल करने के लिए किया जाता है  static method के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:19&lt;br /&gt;
|अब ''instance method''' और '''static method' के बीच अंतर का पता करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:25&lt;br /&gt;
|Instance methods    static variables एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:29&lt;br /&gt;
|जबकि static method सीधे केवल static variables को एक्सेस और संशोधित कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:35&lt;br /&gt;
|Instance मैथड्स केवल object द्वारा लागू होते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:39&lt;br /&gt;
|जबकि static मैथड object बनाए बिना सीधे लागू किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:45&lt;br /&gt;
|हम static method में  '''‘this’''' और '''‘super’''' कीवर्ड उपयोग नहीं कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:50&lt;br /&gt;
|यह इसलिए क्योंकि ये कीवर्ड्स किसी खास क्लास के उदाहरण का उल्लेख करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:56&lt;br /&gt;
|static context में, हम क्लास के उदाहरणों का उल्लेख नहीं कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:01&lt;br /&gt;
|देखते हैं कि क्या होता है जब हम सीधे ही static method में instance variable एक्सेस करने की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:09&lt;br /&gt;
|टाइप करें '''id= “newid” सेमीकॉलन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:13&lt;br /&gt;
|अब  Eclipse मे एक एरर आती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:17&lt;br /&gt;
|यह इंगित करता है कि एक instance variable सीधे ही static method में एक्सेस नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:23&lt;br /&gt;
|अत: इस लाइन को कमेंट करते हैं और आगे बढते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:27&lt;br /&gt;
|अब हम एक औऱ '''static method showOrgData''' जोडेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:31&lt;br /&gt;
|ये स्टेटमेंट '''orgname''' और '''count''' की वैल्यूज प्रिंट करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:36&lt;br /&gt;
|अब default package पर राइट-क्लिक करें,  '''New-&amp;gt; Class''' पर क्लिक करें और फिर Demo नाम टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:44&lt;br /&gt;
|इस क्लास में हमारे पास main मैथड है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:48&lt;br /&gt;
|अत: टाइप करें main और फिर main मैथड बनाने के लिए Ctrl+space दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:54&lt;br /&gt;
|हम छात्र नामांकन प्रदर्शित करने के लिएStudentEnroll क्लास के कुछ ऑब्जेक्टस बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:01&lt;br /&gt;
|अत: 3 ऑब्जेक्ट्स '''s1, s2''' और '''s3''' बनाने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:08&lt;br /&gt;
|अब, नामांकन विवरण प्रिंट करने के लिए showData मैथड लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:12&lt;br /&gt;
|'''s1, s2''' और '''s3''' पर showData मैथड लागू करने के लिए निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:19&lt;br /&gt;
|'''orgname''' और '''count''' की वैल्यू प्रिंट करने के लिए showOrgData मैथड भी लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:27&lt;br /&gt;
|चूँकि यह एक static मैथड है इसलिए हम इसके class नाम का उपयोग करके सीधे इसे लागू कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:31&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, इस कोड को टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:34&lt;br /&gt;
|अब डेमो प्रोग्राम को रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:37&lt;br /&gt;
|हम देख सकते है कि  s1 से संबंधित वैरिएबल की वैल्यू अर्थात '''IT101, ADIL''' और  '''IIT BOMBAY''' प्रिंट होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:47&lt;br /&gt;
|इसीतरह '''s2''' और '''s3''' संबधित वैल्यू भी प्रिंट होती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:53&lt;br /&gt;
|ध्यान दें, '''orgname अर्थात IIT BOMBAY''' की वैल्यू '''s1, s2''' और '''s3''' के लिए समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:02&lt;br /&gt;
|orgname और count,   static method showOrgData द्वारा अलग-अलग प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:08&lt;br /&gt;
|ध्यान दें,  organisation का नाम '''IIT Bombay''' के रूप में प्रिंट होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:13&lt;br /&gt;
|छात्र नामांकन की संख्या की वैल्यू 3 प्रिंट होती है, क्योंकि हमने पहले ही 3 ऑब्जेक्ट्स बनाए हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:21&lt;br /&gt;
|static method को सीधे class नाम से लागू किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:26&lt;br /&gt;
|अब  static method setOrgName लागू करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:30&lt;br /&gt;
|हम संस्थान का नाम '''“IIT Bombay”''' से '''“IIT Mumbai”''' में बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:36&lt;br /&gt;
|अत:, निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:38&lt;br /&gt;
|अब, फिर से नामांकन विवरण प्रिंट करने के लिए '''s1, s2''' और '''s3''' पर  showData मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:47&lt;br /&gt;
|उसके लिए फिर से निम्न कोड टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:50&lt;br /&gt;
|एक बार फिर से, ''orgname''' और '''count'' की वैल्यू प्रिंट करने के लिएshowOrgData मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:58&lt;br /&gt;
|ऐसा करने के लिए, इस कोड को टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:00&lt;br /&gt;
|अब फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:03&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि संस्थान का नाम '''“IIT Mumbai”''' में बदल गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:08&lt;br /&gt;
|स्लाइड्स पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:11&lt;br /&gt;
|Object references को static method  पर पास किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:15&lt;br /&gt;
|इस तरह से  static method उस विशिष्ट  object के instance variables को एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:22&lt;br /&gt;
|हम इसे अपने कोड में करते हैं।  Eclipse पर जाएँ और StudentEnroll क्लास पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:30&lt;br /&gt;
|अब setOrgName मैथड में, अन्य argument को StudentEnroll क्लास के object के रूप में पास करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:38&lt;br /&gt;
|अत:,  String org के बाद, टाइप करें कोमा '''StudentEnroll s'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:45&lt;br /&gt;
|अब इस मैथड में, '''id = &amp;quot;newid&amp;quot;''' अनकमेंट करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:50&lt;br /&gt;
|और id के स्थान पर s.id टाइप करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:54&lt;br /&gt;
|अब Demo क्लास पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:56&lt;br /&gt;
|अब StudentEnroll object s1 पास करके '''function call''' से '''setOrgName method''' में परिवर्तित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:05&lt;br /&gt;
|अत:, यहाँ '''“IIT Mumbai”''' के बाद टाइप करें कोमा  s1.&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:10&lt;br /&gt;
|अब फिर से डेमो प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:12&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि s1 के लिएid की वैल्यू '''“newid”'' में बदल गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:19&lt;br /&gt;
|संक्षेप में, इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:24&lt;br /&gt;
|static method क्या है और इसका उपयोग कब किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:28&lt;br /&gt;
|'''static methods''' और '''instance methods'''  कैसे अलग-अलग करना है और &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:33&lt;br /&gt;
|static methods को कैसे बनाना है और लागू करना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:37&lt;br /&gt;
|यह नियत-कार्य '' 'Static variable' ' के नियत-कार्य की निरंतरता है I&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:42&lt;br /&gt;
|सुनिश्चित करें कि आपने Static variable का नियत-कार्य पूरा कर लिया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:47&lt;br /&gt;
|हम यहां केवल संशोधनों को चिन्हांकित करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:50&lt;br /&gt;
|हमारे पास  status प्रदर्शित करने के लिए एक बैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:55&lt;br /&gt;
|यह इंगित करने के लिए प्रयोग किया जाता है कि कार सर्विर के लिए '''“in”'''  है या सर्विस के बाद '''“out”''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:01&lt;br /&gt;
|हमारे पास  '''No of cars out after Service'' को प्रदर्शित करने के लिए एक और वैरिएबल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:08&lt;br /&gt;
|मैथड service( Car c) परिभाषित करें जो out के लिए स्टेटस अपडेट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:13&lt;br /&gt;
|तदनुसार यह &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:17&lt;br /&gt;
|सर्विस के लिए '''No of Cars in''' और सर्विस के बाद '''No of Cars out'''  के लिए वेल्यूज को संशोधित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:21&lt;br /&gt;
|कार के विवरण को प्रिंट करने के लिए '''show'''( )  मैथड भी परिभाषित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:26&lt;br /&gt;
|पहले जैसे, हमें सूचीबद्ध के अनुसार निम्न कार्य करने की आवश्यकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:30&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि हमें आवश्यकतानुसार  static method को पहचानना और परिभाषित करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:35&lt;br /&gt;
|Demo क्लास भी बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:38&lt;br /&gt;
|main मैथड में,  CarService के कुछ ऑब्जेक्ट्स बनाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:43&lt;br /&gt;
|उनमें से कुछ पर service( ) मैथड लागू करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:47&lt;br /&gt;
|सभी ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करके show( ) मैथड को लागू करें औऱ परिणामों की पुष्टि करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:52&lt;br /&gt;
| निम्नलिखित लिंक पर दिए गए वीडियो में स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट  का सारांश है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:57&lt;br /&gt;
|कृपया इसे डाउनलोड करें और देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  09:59&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाओं का आयोजन करती है और ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र भी देती हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:08&lt;br /&gt;
|अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमें लिखें&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:11&lt;br /&gt;
|'''Spoken Tutorial Project is''' funded by the NMEICT, MHRD, Government of India. &lt;br /&gt;
स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:18&lt;br /&gt;
|इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:22&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  10:30&lt;br /&gt;
| हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</id>
		<title>Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Java/C3/Subclassing-and-Method-Overriding/Hindi"/>
				<updated>2017-11-01T17:58:07Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Time'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;'''Narration'''&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
|नमस्कार, ''' Subclassing''' and '''Method overriding.''' पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:06&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: '''subclassing''' , '''extends '''कीवर्ड और '''method overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
|यहाँ हम उपयोग कर रहे हैं: ऊबंटु लिनक्स वर्जन 12.04, '''JDK '''1.7, '''Eclipse '''4.3.1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए, आपको ''Java''' और Eclipse IDE का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:32&lt;br /&gt;
| यदि नहीं है तो, संबंधित  Java ट्यूटोरियल्स के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:37&lt;br /&gt;
| सबसे पहले, हम सीखेंगे कि  subclassing क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| यह एक मौजूदा  class से नए  class बनाने का एक तरीका है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:46&lt;br /&gt;
| नया क्लास  '''subclass ''' या ''' derived class ''' या ''' child class''' बनता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| पहले से ही मौजूद  क्ला को  '''superclass ''' या ''' base class ''' या ''' parent class''' कहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| अब, मैं आपको दिखाती हूँ कि  subclass कैसे बनाना है। मैंने पहले से ही  MyProject नामक एक प्रोजेक्ट बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:10&lt;br /&gt;
|मैंने इसमें  Employee नामक एक क्लास बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स  name और  '''email_addressहै।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
| इसमें क्लास के लिए '''setter ''' और '''getter''' मैथड  भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:24&lt;br /&gt;
| इसमें &amp;quot;getDetails()&amp;quot; मैथड है। यह मैथड  '''&amp;quot;name&amp;quot; '''और''' &amp;quot;email_address&amp;quot; रिटर्न करता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:31&lt;br /&gt;
|अब,  Manager क्लास पर आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
| इसमें वैरिएबल्स ''', name, email_address '''और '''department.''' है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:40&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि कुछ वैरिएबल्स '''Employee ''' और '''Manager class''' दोनों में समान हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:47&lt;br /&gt;
| '''name ''' और ''' email_address '''  Employee क्लास में हैं। हम देख सकते हैं कि ये  Manager क्लास में भी हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:57&lt;br /&gt;
| इस प्रकार,  Manager क्लास को Employee क्लास का  subclass बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:03&lt;br /&gt;
| इसके लिए, हमें  Manager क्लास में कुछ परिवर्तन करना होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:08&lt;br /&gt;
|public class Manager के बाद, टाइप करें : '''extends Employee'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| हम मौजूदा क्लास से  subclass बनाने के लिए  extends कीवर्ड का उपयोग करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:21&lt;br /&gt;
| दोनो क्लास में समान डुप्लिकेट वैरिएबल्स को हटाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:26&lt;br /&gt;
| अत:,  Manager क्लास से '''name '''और ''' email_address ''' हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:32&lt;br /&gt;
| इसके अलावा '''setter ''' और '''getter''' मैथड भी हटा दें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| Manager क्लास में, हमारे पास केवल एक department वैरिएबल होगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:43&lt;br /&gt;
| हमारे पास  department के लिए '''setter '''और '''getter''' मैथड भी है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
| इस तरह,  Manager क्लास  Employee क्लास के मैंबर्स को संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| एक क्लास को अन्य क्लास में विस्तार करने का यह तरीका  single inheritance कहलाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:02&lt;br /&gt;
| मैंने एक अन्य  TestEmployee नामक क्लास भी बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:08&lt;br /&gt;
| Main मैथड में, हम  Manager क्लास का  object बनायेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| अत:,  main मैथड में, टाइप करें Manager manager''' equal to '''new Manager''' parentheses&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:23&lt;br /&gt;
| फिर, हम  Manager क्लास के  setter मैथड को कॉल करेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| तो, टाइप करें  manager dot setName ब्रैकेट में, और डबल कोट्स में  Nikkita Dinesh&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:38&lt;br /&gt;
|फिर टाइप करें: '''manager''' dot '''setEmail'' ब्रैकेट्स और डबल कोट्स में  abc at gmail dot com&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| फिर टाइप करें:  manager dot setDepartment ब्रैकेट्स में और डबल कोट्स में  Accounts&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:57&lt;br /&gt;
| आप कोई भी '''name, email address''' और '''department''' उपयोग कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| अब,  Manager ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करके  '''getDetails()''' मैथड को कॉल करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:08&lt;br /&gt;
|अत:, टाइप करें: System.out.println  ब्रैकेट्स में  manager dot getDetails&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:17&lt;br /&gt;
|अब, प्रोग्राम को सेव और रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:21&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जेक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:36&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास पर आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:39&lt;br /&gt;
|हम देख सकते हैं कि यहाँ getDetails() मैथड नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:43&lt;br /&gt;
|लेकिन, फिर भी हमें आउटपुट प्राप्त हुआ है। यह इसलिए क्योंकि,  '''Manager क्लास  Employee  क्लास का विस्तार करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:52&lt;br /&gt;
| Manager क्लास स्वचालित रूप से  Employee क्लास के वैरिएबल्स और मैथड्स को बनाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:59&lt;br /&gt;
| अत:, यह  parent क्लास की जाँच करता है जो कि  Employee है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| Employee क्लास पर वापस आते हैं। यह यहाँ getDetails() मैथड प्राप्त करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:11&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, हमने  department रिटर्न नहीं किया है। फलस्वरूप, यह आउटपुट में  department प्रिंट नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:20&lt;br /&gt;
| अब,  getDetails मैथड को  private में बदलते हैं। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:27&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि हमें TestEmployee क्लास में एक संकलन  एरर मिलती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| यह दर्शाता है: &amp;quot;The method getDetails() from the type Employee is not visible&amp;quot;.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| इसका मतलब है कि getDetails() मैथड का उपयोग नहीं किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
| यह इसलिए क्योंकि हमने getDetails() मैथड को  private किया था।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
|subclass इसके  superclass के  private मैंबर्स को नहीं संभालता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:58&lt;br /&gt;
| Subclass    superclass के  private मैंबर्स को सीधे एक्सेस नहीं कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| superclass    public या  protected मैथड हो सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:09&lt;br /&gt;
|  ये मैथड्स उसके private फिल्ड्स को एक्सेस कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| subclass  इन मैथड्स के माध्यम से private फिल्ड्स को भी एक्सेस कर सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:18&lt;br /&gt;
| अत: इसे  public में वापस बदलते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| अब,  Manager क्लास में  getDetails मैथड सम्मिलित करते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:27&lt;br /&gt;
| यह मैथड  '''name, email_address ''' और '''department.''' रिटर्न करेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| अत:, टाइप करें ''public String getDetails'' ब्रैकेट्स&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:39&lt;br /&gt;
| मैथड में टाइप करें: '''return''' ब्रैकेट्स में '''Name''' plus '''getName()''' plus '''slash n''' plus '''Email''' plus '''getEmail() '''plus '''slash n''' plus '''Manager of '''plus '''getDepartment()''' सेमिकॉलन। फाइल को सेव करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:07&lt;br /&gt;
|ध्यान दें कि अब, हमारे पास  getDetails मैथड  Manager और  Employee दोनों क्लास में है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:15&lt;br /&gt;
| मैथड का '''name, return type ''' और  '''argument list ''' दोनों क्लासेस में समान है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:22&lt;br /&gt;
| subclass में मैथड   parent क्लास में मैथड को override करने को कहता है यदि:&lt;br /&gt;
'''name'''&lt;br /&gt;
'''return type'''&lt;br /&gt;
'''argument list''' बिल्कुल समान हो।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:33&lt;br /&gt;
| Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:36&lt;br /&gt;
| getDetails() मैथड से पहले टाइप करें: @Override&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:43&lt;br /&gt;
| यह एक  override annotation है। यह इंगित करता है कि मैथड superclass में मैथड को override करने के लिए अभिप्रेत करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:53&lt;br /&gt;
| अब, देखते हैं कि  annotation क्या है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:57&lt;br /&gt;
| '''Annotations:'''&lt;br /&gt;
at (@) चिन्ह कैरेक्टर से साथ शुरू होता है&lt;br /&gt;
प्रोग्राम के बारे में डेटा प्रदान करता है&lt;br /&gt;
कोड के ऑपरेशन पर कोई सीधा प्रभाव नहीं डालता है&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
|यदि मैथड @Override के साथ  annotate है, कंपाइलर एरर उत्पन्न करता है यदि:  superclass में घोषित मैथड  override नहीं करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:23&lt;br /&gt;
|method signature इसके  superclass से भिन्न है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:28&lt;br /&gt;
| अब,  IDE पर वापस आएँ। Manager क्लास पर वापस आएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:34&lt;br /&gt;
|  '''at (@)'''  चिन्ह कैरेक्टर कंपाइलर को इंगित करता है कि  annotation के बाद क्या होता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:42&lt;br /&gt;
| यहाँ, यह दर्शाता है कि getDetails() मैथड overridden है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:48&lt;br /&gt;
| TestEmployee क्लास पर वापस आते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:51&lt;br /&gt;
| फाइल को सेव करें और प्रोग्राम रन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:55&lt;br /&gt;
|हमें निम्न आउटपुट प्राप्त होता है:&lt;br /&gt;
'''Name: Nikkita Dinesh'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Email: abc@gmail.com'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Manager of Accounts'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:05&lt;br /&gt;
|यहाँ,  Manager क्लास का ऑब्जैक्ट getDetails() मैथड को कॉल करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:11&lt;br /&gt;
| लेकिन इस समय, यह स्वयं  Manager क्लास के मैथड को कॉल कर रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
|इस तरह, हम  subclass द्वारा  parent क्लास के मैथड को  override कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:23&lt;br /&gt;
|संक्षेप में। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
'''Subclassing'''और '''Method Overriding'''.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:31&lt;br /&gt;
|नियत-कार्य के रूप में, एक  Vehicle क्लास बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि “'''The Vehicle is running.”''' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:40&lt;br /&gt;
| एक  Bike क्लास भी बनाएँ, जिसमें  run मैथड हो, जो कि  “'''The Bike is running safely.”'' प्रिंट करे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:48&lt;br /&gt;
| आउटपुट  “'''The Bike is running safely”''' होना चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:52&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए, निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध वीडियो देखें। यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। यदि आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:06&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया  '''contact@spoken-tutorial.org''' पर लिखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:21&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
'''http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:42&lt;br /&gt;
|यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। IIT Bombay से मैं जया आपसे विदा लेती  धन्यवाद।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C4/File-Extensions/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C4/File-Extensions/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C4/File-Extensions/Hindi"/>
				<updated>2017-11-01T17:38:38Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: Created page with &amp;quot;{| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- |00:01 | 'File Extensions'पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| 'File Extensions'पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:05&lt;br /&gt;
|. इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: 'कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री'प्रोग्राम्स जैसे: 'GAMESS, Gaussian, MOPAC, NWChem'आदि के लिए इनपुट फाइल्स तैयार करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:18&lt;br /&gt;
|  और 'GAMESS'और 'Gaussian'सॉफ्टवेयर से उत्पन्न हुई आउटपुट फाइल्स उपयोग करके 'मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल्स'देखना और 'IR स्पेक्ट्रम'की गणना करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:28&lt;br /&gt;
|  यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ 'Ubuntu Linux' OS वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Avogadro''' version 1.1.1.  'Avogadro'वर्जन 1.1.1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:38&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:43&lt;br /&gt;
|   यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:49&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल के लिए आवश्यक उदाहरण फाइल्स कोड फाइल्स में दी गयी हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:55&lt;br /&gt;
|  डाउनलोड करें और उन्हें डेस्कटॉप पर सेव करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:00&lt;br /&gt;
|  यहाँ मैंने 'Avogadro'विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
|  'Insert fragment'लाइब्रेरी उपयोग करके 'Build'मेनू से बेंज़ीन अणु लोड करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:12&lt;br /&gt;
|  टूल बार से 'Auto-optimization tool'उपयोग करके ज्योमेट्री को ऑप्टिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:20&lt;br /&gt;
|   'Extensions'मेनू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:23&lt;br /&gt;
| 'Avogadro'उपयोग करके हम प्रसिद्ध क्वांटम कोड्स के लिए निम्न इनपुट फाइल्स तैयार कर सकते हैं जैसे: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'GAMESS'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Gaussian'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'MOLPRO'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'MOPAC'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Q-CHEM'आदि। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
|  'Gaussian'विकल्प पर क्लिक करें। एक ग्राफ़िकल डेटा इनपुट डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:43&lt;br /&gt;
|  अब मैं दिखाती हूँ कि 'Gaussian'प्रोग्राम के लिए इनपुट फाइल्स कैसे बनती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:49&lt;br /&gt;
|   हमें डायलॉग बॉक्स में प्रदर्शित आवश्यक फीचर्स भरने हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:55&lt;br /&gt;
|  ''Avogadro'अपने आप से 'मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल्स'की गणना नहीं कर सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:59&lt;br /&gt;
| अब 'बेंज़ीन'अणु के 'मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल्स'दिखाने के लिए एक इनपुट फाइल बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:05&lt;br /&gt;
|  'Gaussian'इनपुट डायलॉग बॉक्स में शीर्षक में 'Benzene hyphen MO'टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
|  'Calculation'ड्राप डाउन से 'Frequencies'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''''Processors'को '1'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''''Theory'को 'B3LYP'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''''Basis set'को '6-31G(d)'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.''''Charge'को ज़ीरो &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.''''Multiplicity''1'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''''Output'को 'Standard'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''''Format'को 'cartesian'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
''''checkpoint check box'को चेक करें। &lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40&lt;br /&gt;
|   आप डायलॉग बॉक्स के नीचे इनपुट फाइल का प्रीव्यू देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:45&lt;br /&gt;
| जैसे ही आप विकल्प बदलेंगे यह अपडेट होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
|   'Generate'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
| 'Save input Deck'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:56&lt;br /&gt;
| बनी हुई 'Gaussian input'फाइल 'dot com'एक्सटेंशन के साथ सेव होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:02&lt;br /&gt;
|  फाइल का नाम 'Benzene'टाइप करें। लोकेशन में 'Desktop'चुनें। 'Save'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:10&lt;br /&gt;
|  फाइल 'Benzene.com'नाम से डेस्कटॉप पर सेव होगी। फाइल को 'gedit'में खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:18&lt;br /&gt;
| अब इस फाइल को 'Gaussian'सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के लिए इनपुट फाइल की तरह सेव किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03: 24&lt;br /&gt;
|  'Gaussian'सॉफ्टवेयर के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|'Gaussian''कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री'के लिए कंप्यूटर प्रोग्राम है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:32&lt;br /&gt;
| 'यह 'Gaussian Inc'द्वारा बनाया और लाइसेंस किया गया कमर्शियल सॉफ्टवेयर है। &lt;br /&gt;
अधिक जानकारी दिए गए लिंक पर उपलब्ध है  http://www.gaussian.com/&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:41&lt;br /&gt;
|    'Avogadro'विंडो पर वापस जाएँ। डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:46&lt;br /&gt;
| अब देखते हैं कि 'GAMESS'प्रोग्राम के लिए इनपुट फाइल्स को कैसे तैयार करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:51&lt;br /&gt;
| एक नयी विंडो खोलें। 'Tools'मेनू से 'New'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:56&lt;br /&gt;
| 'Draw tool'उपयोग करके वॉटर मॉलिक्यूल बनाएं। एलिमेंट को 'ऑक्सीजन'करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:01&lt;br /&gt;
| पैनल पर क्लिक करें। 'auto-optimization tool'उपयोग करके ज्योमेट्री को ऑप्टिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:08&lt;br /&gt;
|  'Extensions'मेनू पर क्लिक करें। सब-मेनू से 'GAMESS, Input generator'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:16&lt;br /&gt;
|  'GAMESS'इनपुट डायलॉग बॉक्स खुलता है। 'Basic setup'और 'Advanced setup'दो टैब्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:24&lt;br /&gt;
| आवश्यक जानकारी भरें, जैसे हमने 'Gaussian'इनपुट फाइल के साथ किया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:29&lt;br /&gt;
|  'Basic Setup'में हम 'Calculate'फील्ड में 'Equilibrium Geometry'चुनेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:36&lt;br /&gt;
|'RHF', 'Restricted Hartee Fock''वेव फंक्शन'को निर्धारित करने के लिए मेथड ऑफ़ अप्रोक्सिमेशन (अंदाज़ा लगाने का मेथड) है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:44&lt;br /&gt;
|'चूँकि वॉटर बहुत छोटा अणु है हम 'Basis set'में '6-31G(d,p)'चुनेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:52&lt;br /&gt;
| 'gas'फेज़ में 'singlet'क्योंकि सारे इलेक्ट्रॉन्स युग्मित हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
| वॉटर न्यूट्रल (उदासीन) अणु है अतः 'charge''neutral'होगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:02&lt;br /&gt;
|   ऑप्टिमाइज़ेशन को नियंत्रित करने हेतु कुछ अधिक पैरामीटर्स जोड़ने के लिए 'Advanced Setup'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
|  यदि आप फंक्शन्स का सेट बदलना चाहते हैं तो 'Basis'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:12&lt;br /&gt;
| 'Data'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:14&lt;br /&gt;
| 'Title'में 'water-MO'टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:18&lt;br /&gt;
| 'Point Group'को 'CnV'करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:21&lt;br /&gt;
|'Order of Principal Axis'को '2'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:24&lt;br /&gt;
|  अभी के लिए हम डिफ़ॉल्ट पैरामीटर्स को ऐसे ही रखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:29&lt;br /&gt;
| 'Generate'पर क्लिक करें। 'Save Input deck'खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:34&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से फाइल एक्सटेंशन 'dot inp'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
| फाइल का नाम 'Water'टाइप करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:42&lt;br /&gt;
|  '''फाइल लोकेशन में 'Desktop'चुनें। 'Save button'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48&lt;br /&gt;
|  'GAMESS'इनपुट फाइल 'डेस्कटॉप'पर 'Water.inp'नाम से सेव हुई है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:55&lt;br /&gt;
|  About '''GAMESS''''GAMESS'के बारे में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:57&lt;br /&gt;
| 'GAMESS'का मतलब: 'General Atomic and Molecular Electronic Structure System' (सामान्य परमाण्विक और आणविक इलेक्ट्रॉनिक संरचना सिस्टम) &lt;br /&gt;
यह सामान्य ab इनिशिओ क्वांटम केमिस्ट्री पैकेज है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:08&lt;br /&gt;
|  यह ऐकडेमिक और इंडस्ट्रीयल यूज़र्स दोनों के लिए निःशुल्क उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:14&lt;br /&gt;
| संस्थापन और डाउनलोड के बारे में जानकारी निम्न लिंक पर उपलब्ध है। http://www.msg.ameslab.gov/gamess /download.html&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20&lt;br /&gt;
|  अब हमने 'GAMESS'और 'Gaussian'प्रोग्राम्स के लिए इनपुट फाइल बना ली हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
| ये इनपुट फाइल्स सम्बंधित प्रोग्राम्स में लोड होने के लिए तैयार हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:31&lt;br /&gt;
|  दर्शक कृपया ध्यान दें: 'Gaussian'कमर्शियल सॉफ्टवेयर है। अतः इनपुट फाइल लोड करने हेतु इंटरफ़ेस दिखाने के लिए मैं सक्षम नहीं हूँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:41&lt;br /&gt;
|  पहले उल्लिखित की तरह 'GAMESS'फ्री सॉफ्टवेयर है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:45&lt;br /&gt;
| इच्छुक लोग दिए लिंक से 'GAMESS'सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
http://www.msg.ameslab.gov/gamess/download.htm  और आउटपुट फाइल बनाने के लिए इनपुट फाइल लोड कर सकते हैं। http://www.msg.ameslab.gov/gamess/download.htm &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:53&lt;br /&gt;
|  मेरे पास डेस्कटॉप पर 'Gaussian और GAMESS'की कुछ आउटपुट फाइल्स हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:58&lt;br /&gt;
| मैंने इन फाइल्स को इस ट्यूटोरियल के साथ कोड फाइल्स में दिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:03&lt;br /&gt;
| अब इन आउटपुट फाइल्स को 'avogadro'में देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:07&lt;br /&gt;
|  एक नयी Avogadro विंडो खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:10&lt;br /&gt;
| टूल बार में 'open'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
|  फाइल लोकेशन पर जाएँ। 'Benzene.log'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:18&lt;br /&gt;
|  फाइल खुलती है, हम पैनल पर 'बेंज़ीन की संरचना देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:24&lt;br /&gt;
| 'Benzene.log'को 'Gaussian'उपयोग करके बनाया गया था। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:28&lt;br /&gt;
| यह 'मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल्स'और 'C-C', 'C-H'बॉन्ड स्ट्रैचिंग के बारे में जानकारी रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36&lt;br /&gt;
|  कभी-कभी लॉग फाइल ऑर्बिटल की जानकारी नहीं भी दिखा सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:40&lt;br /&gt;
| उस केस में कोड फाइल्स में दी गयी '.fchk'फाइल खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47&lt;br /&gt;
| 'ऑर्बिटल्स'देखने के लिए सूची से 'orbital'नाम पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:54&lt;br /&gt;
|  यदि आप 'ऑर्बिटल्स'की दिखावट बदलना चाहते हैं तो 'Display types'में 'Surfaces'विकल्प के आगे वाले 'स्पेनर'सिंबल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
|  'Surface Setting'डायलॉग बॉक्स में ओपेसिटी को बदलने के लिए 'स्लाइडर'को ड्रैग करें। पैनल को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:10&lt;br /&gt;
|  'Render'ड्राप डाउन में तीन विकल्प हैं 'fill', 'lines'और 'points'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:17&lt;br /&gt;
|  डिफ़ॉल्ट रूप से 'ऑर्बिटल्स''fill'की तरह दिए गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:21&lt;br /&gt;
|  लोब्स (lobes) के रंग को बदलने के लिए भी एक विकल्प है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:25&lt;br /&gt;
| 'positive'और 'negative'विकल्प के आगे कलर टैब्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:30&lt;br /&gt;
| 'Select Color'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:33&lt;br /&gt;
|  चयन के लिए किसी भी रंग पर क्लिक करें। 'OK'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:38&lt;br /&gt;
| पैनल को देखें, ऑर्बिटल्स के रंग अब बदल गये हैं। डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:45&lt;br /&gt;
|  'संरचना से ऑर्बिटल्स को हटाने के लिए 'Display Types'में 'Surfaces'विकल्प को अनचेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:51&lt;br /&gt;
|  ''''vibrational frequencies'देखने के लिए 'Vibrations'टैब पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:56&lt;br /&gt;
|  'Vibration'विंडो में सूची से किसी भी फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
| विंडो में नीचे 'Start Animation'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06&lt;br /&gt;
| पैनल को देखें। 'C-C'और 'C-H'बॉन्ड्स की स्ट्रेचिंग एनिमेट होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:13&lt;br /&gt;
|  हम संरचना के लिए IR स्पेक्ट्रम भी देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:17&lt;br /&gt;
|  ''''Show Spectra'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
|  'Spectra Visualization'विंडो खुलती है। यह 'बेंज़ीन'का गणना किया हुआ 'IR spectrum'दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:27&lt;br /&gt;
|  एक नयी विंडो खोलें। 'GAMESS'प्रोग्राम उपयोग करके वॉटर मॉलिक्यूल के लिए बनी 'log'फाइल खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| 'log'फाइल वॉटर और मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल जानकारी की संरचना के साथ खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:41&lt;br /&gt;
|  सूची से 'ऑर्बिटल'के नाम पर क्लिक करें। पैनल पर ऑर्बिटल दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:47&lt;br /&gt;
|  सारांश में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:49&lt;br /&gt;
| '''इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा 'कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री'प्रोग्राम जैसे 'GAMESS'और 'Gaussian'के लिए इनपुट फाइल्स तैयार करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:58&lt;br /&gt;
|  'बेंज़ीन'और 'वॉटर'मॉलिक्यूल के लिए 'मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल्स'देखना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:04&lt;br /&gt;
|   'Gaussian'से बनी लॉग फाइल्स उपयोग करके अणुओं के 'IR स्पेक्ट्रम'की गणना करना। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:11&lt;br /&gt;
|  असाइनमेंट में दी गयी कोड फाइल्स से 'बेंज़ीन'अणु के लिए लॉग फाइल खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:18&lt;br /&gt;
| सूची से कोई भी 'मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल'दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:22&lt;br /&gt;
| लोब्स का रंग और प्रदर्शन बदलना। इमेज को 'JPEG'फॉर्मेट में बदलना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:29&lt;br /&gt;
| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:42&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट 'NMEICT, MHRD'भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:48&lt;br /&gt;
|  यह स्क्रिप्ट जया द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं _____ आपसे विदा लेती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C3/Stereoisomerism/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C3/Stereoisomerism/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C3/Stereoisomerism/Hindi"/>
				<updated>2017-10-29T18:45:27Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: Created page with &amp;quot;{| border=1 | &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; | &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- || 00:01 || 'Stereoisomerism'पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्व...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:01&lt;br /&gt;
|| 'Stereoisomerism'पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:06&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम निम्न के बारे में सीखेंगे: उदाहरणों के साथ 'Conformational isomerism', 'Geometrical isomerism'और 'R-S configurations'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:18&lt;br /&gt;
||  यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Ubuntu Linux' OS वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Avogadro'वर्जन 1.1.1.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:28&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
  यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:39&lt;br /&gt;
||   इस ट्यूटोरियल में उपयोग हुई उदाहरण फाइल्स कोड फाइल्स में दी गयी हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:45&lt;br /&gt;
||  इस ट्यूटोरियल में हम 'Avogadro'उपयोग करके 'stereoisomers'बनाना सीखेंगे।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:51&lt;br /&gt;
||  मैं 'stereoiosmersism'के बारे में संक्षिप्त परिचय दूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:56&lt;br /&gt;
||  'Stereoisomersism'परमाणुओं की त्रिआयामी व्यवस्था (spatial arrangement) में भिन्नता के कारण उत्पन्न होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:03&lt;br /&gt;
||'Isomers'समान संरचना रखते हैं और गुणों में ज़्यादा अंतर नहीं होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:09&lt;br /&gt;
||  यहाँ एक स्लाइड है जो 'isomers'का वर्गीकरण दिखाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:16&lt;br /&gt;
||  मैं 'Conformational isomerism'के साथ शुरू करती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:21&lt;br /&gt;
||  यह स्टीरियोआइसोमेरिस्म का एक प्रकार है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:23&lt;br /&gt;
||  इसमें 'isomers'को सिंगल बॉन्ड्स के चारों ओर रोटेट करके अन्तः-परिवर्तित किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||01:30&lt;br /&gt;
|| सिंगल बॉन्ड के चारों ओर रोटेशन 'rotational energy barrier'से प्रतिबंधित किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:36&lt;br /&gt;
||   अब '1,2-dichloroethane'के कन्फॉर्मर्स (conformers) के साथ शुरू करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| '1,2-dichloroethane'तीन कन्फॉर्मर्स में होता है जैसे कि: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Eclipsed', 'Gauche' और 'Anti'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:50&lt;br /&gt;
|| मैंने 'Avogadro'विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:53&lt;br /&gt;
||   'Draw'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:55&lt;br /&gt;
||   'Adjust Hydrogens'चेक बॉक्स को अनचेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:59&lt;br /&gt;
||  'Panel'पर क्लिक करें और दो परमाणु बनाने के लिए ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  02:04&lt;br /&gt;
||    'Element'ड्राप डाउन से 'Chlorine'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  02:08&lt;br /&gt;
||  प्रत्येक 'कार्बन' पर एक बॉन्ड बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:11&lt;br /&gt;
||   'Build' मेनू पर जाएँ और 'Add Hydrogens' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:15&lt;br /&gt;
||  '1,2-dichloroethane' पैनल'पर बनता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:19&lt;br /&gt;
|| अब संरचना को ऑप्टिमाइज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:22&lt;br /&gt;
||   'Auto Optimization'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:25&lt;br /&gt;
||    'Force Field'में 'MMFF94'चुनें और 'Start'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:35&lt;br /&gt;
||     'ऑप्टिमाइज़ेशन'प्रक्रिया रोकने के लिए 'Stop'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:40&lt;br /&gt;
||  उचित ओरिएंटेशन हेतु संरचना को रोटेट करने के लिए 'Navigation'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:45&lt;br /&gt;
||  हमारे पास 'पैनल'पर 'Gauche conformer'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:49&lt;br /&gt;
||   '1,2-dichloroethane'के 'conformers'दिखाने के लिए मैं रोटेशन के प्लेन को स्थिर करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:55&lt;br /&gt;
||    'Bond Centric Manipulation'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:59&lt;br /&gt;
||   दो 'कार्बन'परमाणुओं के बीच के बॉन्ड पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:03&lt;br /&gt;
||  परमाणुओं के बीच का प्लेन नीले या पीले रंग में दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:08&lt;br /&gt;
||  'क्लोरीन'परमाणु पर कर्सर रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:10&lt;br /&gt;
||  बॉन्ड को दक्षिणावर्त दिशा में घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:14&lt;br /&gt;
||  'Navigation'टूल पर क्लिक करें और संरचना को रोटेट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:18&lt;br /&gt;
||  हमारे पास 'पैनल'पर 'Anti conformer'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:21&lt;br /&gt;
||   'C-C bond'को रोटेट करने के लिए दोबारा 'Bondcentric Manipulation'टूल उपयोग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:25&lt;br /&gt;
||  हमारे पास 'पैनल'पर 'Eclipsed conformer'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:30&lt;br /&gt;
|| अब मैं 'Cyclohexane'के अनेक 'conformers'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:35&lt;br /&gt;
||   एक नयी विंडो खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:38&lt;br /&gt;
|| 'Draw settings'मेनू में 'कार्बन'डिफ़ॉल्ट एलिमेंट की तरह चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:44&lt;br /&gt;
||   'Adjust Hydrogens'चेक बॉक्स को अनचेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:48&lt;br /&gt;
||  अब 'cyclohexane'संरचना को 'boat form'में बनाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||03:53&lt;br /&gt;
||   'पैनल'पर 'cyclohexane'का 'boat conformer'बनाने के लिए क्लिक और ड्रैग करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:01&lt;br /&gt;
||  परमाणुओं को लेबल करने के लिए 'Display Types'मेनू में 'Label'चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:07&lt;br /&gt;
|| ध्यान दें लेबलिंग हर समय एक सी नहीं भी हो सकती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:11&lt;br /&gt;
||  अपनी आवश्यकता के अनुसार 'conformers'को लेबल करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:16&lt;br /&gt;
||  'Selection'टूल पर क्लिक करें फिर पहले 'कार्बन'परमाणु पर राइट क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:21&lt;br /&gt;
||  एक मेनू खुलता है। 'Change label' चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:25&lt;br /&gt;
||  'Change label of the atom' टेक्स्ट बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:30&lt;br /&gt;
|| 'New Label' फील्ड में 1 टाइप करें और 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:35&lt;br /&gt;
|| आगे दूसरे परमाणु पर राइट क्लिक करें और लेबल को 2 करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:41&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार मैं परमाणुओं के लेबल्स को 3, 4, 5 और 6 करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:50&lt;br /&gt;
|| हम 'boat'को 'twist boat conformer'में बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:54&lt;br /&gt;
|| 'Manipulation'टूल पर क्लिक करें। 2 पर क्लिक करें और इसे ऊपर ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:57&lt;br /&gt;
|| 5 पर क्लिक करके इसे ऊपर ड्रैग करें। 3 पर क्लिक करके इसे ऊपर ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:08&lt;br /&gt;
|| हमारे पर 'पैनल'पर 'twist boat'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:10&lt;br /&gt;
|| अब हम 'twist boat'को 'half chair conformer'में बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:16&lt;br /&gt;
|| 2 पर क्लिक करके इसे नीचे ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:19&lt;br /&gt;
|| 5 पर क्लिक करके इसे नीचे ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:23&lt;br /&gt;
|| 4 पर क्लिक करें और इसे क्षैतिज स्थान पर ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:27&lt;br /&gt;
|| सही संरचना के लिए, अगर अवश्यक हो तो सारे 'कार्बन'परमाणुओं के स्थानों को समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:33&lt;br /&gt;
|| हमारे पास 'पैनल'पर 'half chair' है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:36&lt;br /&gt;
|| अब हम 'half chair' को 'chair conformer' में बदलेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:41&lt;br /&gt;
|| 4 पर क्लिक करें और इसे नीचे ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:44&lt;br /&gt;
|| 1 पर क्लिक करें और इसे नीचे ड्रैग करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:47&lt;br /&gt;
||  सही संरचना के लिए, अगर अवश्यक हो तो सारे 'कार्बन'परमाणुओं के स्थानों को समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:53&lt;br /&gt;
|| हमारे पास 'पैनल'पर 'chair conformer'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:56&lt;br /&gt;
|| असाइनमेंट में 'ब्यूटेन'और 'साइक्लोपेन्टेन'के अनेक 'कन्फॉरमर्स'बनाएं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:03&lt;br /&gt;
||  अब मैं 'geometrical isomerism'दिखाने के लिए संरचनाएं बनाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:09&lt;br /&gt;
|| 'geometrical isomerism'बनता है: 'डबल-बॉन्ड'के चारों तरफ परमाणुओं की भिन्न-भिन्न त्रिआयामी व्यवस्था (spatial arrangement) के कारण &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:17&lt;br /&gt;
|| यहाँ 'डबल-बॉन्डेड कार्बन'के चारों तरफ परमाणुओं या ग्रुप्स का रोटेशन प्रतिबंधित है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:24&lt;br /&gt;
||  प्रदर्शन के लिए मैं 'diamminedichloroplatinum(II)' संरचना बनाऊँगी, जिसे 'cisplatin' भी कहते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:33&lt;br /&gt;
||  एक नयी विंडो खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:36&lt;br /&gt;
|| 'Draw settings'मेनू में 'Element'ड्राप डाउन पर क्लिक करें और 'Other'चुनें। &lt;br /&gt;
'''Periodic table''' window opens. 'Periodic table'विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:44&lt;br /&gt;
||  टेबल से 'Platinum(Pt)'चुनें। 'Periodic table'विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:50&lt;br /&gt;
||  'Panel'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:53&lt;br /&gt;
||  'Element'ड्राप डाउन से 'Chlorine'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||06:55&lt;br /&gt;
||   'Platinum'परमाणु पर एक ही तरफ दो 'chlorine bonds'बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:00&lt;br /&gt;
||  'Element'ड्राप डाउन से 'Nitrogen'चुनें। पहले की तरह दो 'nitrogen bonds'बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:07&lt;br /&gt;
|| संरचना पूरी करने के लिए हमें नाइट्रोजन परमाणुओं पर तीन जुड़े हुए हाइड्रोजन्स की ज़रुरत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:13&lt;br /&gt;
|| 'Element'ड्राप डाउन से 'Hydrogen'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:16&lt;br /&gt;
||  तीसरा बॉन्ड बनाने के लिए प्रत्येक 'नाइट्रोजन'परमाणु पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:21&lt;br /&gt;
||  संरचना को ऑप्टिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:24&lt;br /&gt;
||  'Auto Optimization'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:27&lt;br /&gt;
||  'Force Field'में 'UFF'चुनें और 'Start'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:35&lt;br /&gt;
||  ऑप्टिमाइज़ेशन प्रक्रिया को रोकने के लिए 'Stop'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:39&lt;br /&gt;
||  प्रदर्शन के लिए मुझे दो संरचनाओं की ज़रुरत होगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:43&lt;br /&gt;
||  मैं संरचनाओं को कॉपी और पेस्ट करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:46&lt;br /&gt;
||  संरचना को चुनने के लिए 'Selection'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:50&lt;br /&gt;
||  कॉपी के लिए 'CTRL+C'और पेस्ट के लिए 'CTRL+V'दबाएं। पेस्ट की हुई संरचना को दायीं तरफ ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||07:57&lt;br /&gt;
||  सुविधा के लिए मैं परमाणुओं को लेबल करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:00&lt;br /&gt;
|| 'Display Types' मेनू में 'Label'चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:05&lt;br /&gt;
||  'हाइड्रोजन्स'हटाने के लिए 'Build'मेनू पर जाकर 'Remove Hydrogens'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:11&lt;br /&gt;
||  हमारे पास 'पैनल'पर 'cisplatin'के दो आइसोमर्स (isomers) हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:16&lt;br /&gt;
||  मैं दूसरे 'cis isomer'को 'trans isomer' में बदलूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:21&lt;br /&gt;
|| 'Manipulation'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:24&lt;br /&gt;
|| 'Cl4'पर क्लिक करके बायीं तरफ लाएं। 'N4'पर क्लिक करके दायीं तरफ लाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:32&lt;br /&gt;
||  फिर उचित ओरिएंटेशन  (अभिविन्यास) दिखाने के लिए सारे बॉन्ड्स के स्थानों को समायोजित करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:38&lt;br /&gt;
||  'Build'मेनू पर जाएँ और 'Add Hydrogens'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:43&lt;br /&gt;
||  पहले की तरह प्रत्येक 'नाइट्रोजन'दो जुड़े हुए परमाणु रखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:48&lt;br /&gt;
|| 'Draw'टूल से 'Hydrogen'उपयोग करके तीसरा 'हाइड्रोजन'जोड़ें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:53&lt;br /&gt;
||  अब संरचनाओं को ऑप्टिमाइज़ करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||08:55&lt;br /&gt;
|| 'Auto Optimization' टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:59&lt;br /&gt;
||  'Force Field'में 'UFF'चुनें और 'Start'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:05&lt;br /&gt;
||  ऑप्टिमाइज़ेशन प्रक्रिया को रोकने के लिए 'Stop'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:09&lt;br /&gt;
|| अब हमारे पास 'पैनल'पर 'diamminedichloroplatinum(II)'के दो 'ज्योमेट्रीकल आइसोमर्स'हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:17&lt;br /&gt;
||  उसीप्रकार हमारे पास 'diamminetetracyanoferrate(III)ion'के 'ज्योमेट्रीकल आइसोमर्स'हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:25&lt;br /&gt;
||  आगे हम 'R-S configuration' के बारे में चर्चा करेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:29&lt;br /&gt;
||  'R-S configurations', 'Chiral centre' की उपस्थिति के कारण होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:35&lt;br /&gt;
||  'Chiral centre'चार भिन्न-भिन्न प्रतिस्थापियों से जुड़ा हुआ परमाणु होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:41&lt;br /&gt;
|| कॉन्फ़िग्रेशन्स एक दूसरे की 'non-superimposable mirror images'होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:47&lt;br /&gt;
||  'R-S configurations'के प्रदर्शन के लिए मैं 'amino acid - Alanine'उपयोग करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:53&lt;br /&gt;
|| एक नयी विंडो खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||09:56&lt;br /&gt;
||   मैं 'Fragment library'से 'Alanine'संरचना लोड करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:01&lt;br /&gt;
|| 'Fragment library'में उपलब्ध सारे 'amino acids'दृष्टिगत रूप से सक्रीय हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:07&lt;br /&gt;
||  आप अपने आप लोड और अन्वेषण कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:11&lt;br /&gt;
||  संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL+SHIFT'और 'A' कीज़ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:15&lt;br /&gt;
||  उचित ओरिएंटेशन हेतु संरचना को रोटेट करने के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:22&lt;br /&gt;
||  केंद्रीय 'कार्बन'परमाणु 'chiral'है जो 4 भिन्न-भिन्न ग्रुप्स से जुड़ा हुआ है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:26&lt;br /&gt;
|| 'R S configuration'दक्षिणावर्त या वामावर्त दिशाओं में प्रतिस्थापी को दी गयी वरीयता पर आधारित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:35&lt;br /&gt;
||  वरीयता प्रतिस्थापी के एटॉमिक नंबर पर आधारित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:40&lt;br /&gt;
||  उच्च एटॉमिक नंबर वाले प्रतिस्थापी को पहली वरीयता मिलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:45&lt;br /&gt;
||  अब हम दक्षिणावर्त दिशा में वरीयता देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:49&lt;br /&gt;
||  इस संरचना में 'नाइट्रोजन'को पहली वरीयता दी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||10:53&lt;br /&gt;
||  'ऑक्सीजन'से जुड़े हुए 'कार्बन'को दूसरी और 'मिथाइल'को तीसरी वरीयता दी गयी है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:02&lt;br /&gt;
|| संरचना 'R configuration'रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:05&lt;br /&gt;
|| मैं जुड़े हुए ग्रुप्स के स्थानों को 'chiral carbon'से बदलूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:10&lt;br /&gt;
|| 'Build'मेनू पर जाएँ और 'Remove Hydrogens'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:15&lt;br /&gt;
|| 'Manipulation'टूल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:17&lt;br /&gt;
|| 'कार्बन'को दायीं तरफ लाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:20 &lt;br /&gt;
|| 'ऑक्सीजन'से जुड़े हुए 'कार्बन'को बायीं तरफ लाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:25&lt;br /&gt;
|| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:29&lt;br /&gt;
||  अब वामावर्त दिशा में वरीयता देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:33&lt;br /&gt;
|| 'नाइट्रोजन'की पहली वरीयता है। 'ऑक्सीजन'से जुड़े हुए 'कार्बन'की दूसरी वरीयता है &lt;br /&gt;
और 'मिथायल'की तीसरी वरीयता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:45&lt;br /&gt;
|| संरचना 'S configuration'रखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:48&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार हमारे पास 'पैनल''Glyceraldehyde'के 'R'और 'S configurations'हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:55&lt;br /&gt;
|| सारांश में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||11:57&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हमने निम्न बनाना सीखा: &lt;br /&gt;
'1,2-dichloroethane' के 'Conformations'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'cyclohexane' के 'Conformations'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'cisplatin'के 'Geometrical isomers'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'amino acid Alanine'के 'R-S configurations'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:15&lt;br /&gt;
|| असाइनमेंट में '2-butene'और '1,2-dichloroethene'के ज्योमेट्रीकल 'आइसोमर्स', 'bromochloroiodomethane'के 'R-S configurations'बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:29&lt;br /&gt;
|| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:37&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:44&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रॉजेक्ट NMEICT, MHRD, भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||12:51&lt;br /&gt;
|| यह स्क्रिप्ट जया द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ। धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Hydrogen-Bonding/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C2/Hydrogen-Bonding/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Hydrogen-Bonding/Hindi"/>
				<updated>2017-10-29T18:43:46Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: Created page with &amp;quot;{| border=1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- | 00:01 | 'Hydrogen bonding in molecules'पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्व...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| 'Hydrogen bonding in molecules'पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे Avogadro कॉन्फ़िगर करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:11&lt;br /&gt;
| अणुओं में हाइड्रोजन बॉन्डिंग दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:14&lt;br /&gt;
| हाइड्रोजन बांड्स की लम्बाई नापना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:16&lt;br /&gt;
| अणुओं में फ़ोर्स डिस्प्ले टाइप और डाइपोल मोमेंट्स दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ उबुन्टु लिनक्स OS वर्जन 14.04 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:27&lt;br /&gt;
| Avogadro वर्जन 1.1.1 और एक कार्यरत इन्टरनेट कनेक्शन  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:34&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'इंटरफ़ेस से पारिचित होना चाहिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:40&lt;br /&gt;
| यदि नहीं, तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:45&lt;br /&gt;
| आपके लिए, इस ट्यूटोरियल में प्रयोग की गयीं संरचनायें कोड फाइल्स की तरह दी गयीं हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
| मैंने एक नयी '''Avogadro'''विंडो खोली है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:56&lt;br /&gt;
| '''Draw Tool'''आइकन पर क्लिक करें और फिर '''Panel'''पर क्लिक करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:01&lt;br /&gt;
|'''methane''', '''Panel'''पर आ जाता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:04&lt;br /&gt;
| अब हम '''Avogadro'''को कॉन्फ़िगर करना सीखेंगे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:08&lt;br /&gt;
| '''Settings'''मेनू पर जाएँ और '''Configure Avogadro'''पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:13&lt;br /&gt;
|'''Settings'''डायलॉग बॉक्स आता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:16&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स में एक साइड मेनू है जिसमें और तीन मेनू आइटम्स हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
General&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Plugins&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Project tree.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:24&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से '''General'''मेनू ही चुना जाता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:28&lt;br /&gt;
|'''General'''मेनू में दो स्लाइडर्स हैं: '''Quality'''और '''Fog'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:34&lt;br /&gt;
| आप जैसे ही स्लाइडर को '''Low'''से  '''High'''की तरफ खींचतें हैं तब रेंडरिंग कि गुणवत्ता बढ़ जाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:41&lt;br /&gt;
| '''Quality'''स्लाइडर को ‘‘‘Low’’’ पर लायें और '''Apply'''आइकन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:47&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि संरचना ठीक प्रकार से रेंडर नहीं हुई है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51&lt;br /&gt;
| '''Quality'''स्लाइडर को ‘‘‘High’’’ पर लायें और '''Apply'''आइकन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:56&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि उच्च गुणवत्ता की रेंडरिंग से अणु ज्यादा चमकदार प्रतीत होते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:02&lt;br /&gt;
| इमेजेज प्रकाशित करने और प्रिंट करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली रेंडरिंग सेट की जाती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:07&lt;br /&gt;
| ये ज्यादा CPU पॉवर व्यय करता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
| '''Quality''' स्लाइडर को ‘‘‘Medium’’’ पर लायें और '''Apply'''पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:16&lt;br /&gt;
| सामान्य रूप से देखने के लिए मध्यम गुणवत्ता की सेटिंग ठीक काम करती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:21&lt;br /&gt;
| अब '''Fog''' स्लाइडर &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:24&lt;br /&gt;
| '''Fog'''स्लाइडर को '''Lots'''पर लायें और '''Apply'''पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:28&lt;br /&gt;
| ध्यान दें कि संरचना धुंधली या अस्पष्ट हो गयी है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:32&lt;br /&gt;
| '''Fog'''स्लाइडर को '''Some'''पर लायें और '''Apply'''पर क्लिक करें. संरचना स्पष्ट दिखाई देती है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:40&lt;br /&gt;
| अब '''Plugins'''मेनू &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:43&lt;br /&gt;
|'''Display Types''' drop downs दिखाई देते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:46&lt;br /&gt;
| ध्यान दें की सारे चेक बॉक्सेस सक्रिय हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
| '''Axes'''पर क्लिक करें. '''Axes Display Type'''के बारे में विवरण '''Details'''टेक्स्ट बॉक्स में प्रदर्शित है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:59&lt;br /&gt;
| इसी तरह आप अन्य '''Display Types'''का विवरण देख सकते हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:04&lt;br /&gt;
| मैं सारे चेक बॉक्सेस अनचेक करुँगी और '''Apply'''बटन पर क्लिक करुँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:11&lt;br /&gt;
|'''Display Types'''मेनू में अकेला '''Ball and Stick'''चेक बॉक्स ही दिखाई देता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:16&lt;br /&gt;
| '''Ball and Stick Display Type'''चेकबॉक्स को अनचेक करें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
|  यदि '''Ball and Stick'''भी अक्रिय है तो अणु '''Panel'''से गायब हो जाते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:26&lt;br /&gt;
|  डिस्प्ले को सक्रिय करने के लिए '''Ball and Stick'''चेक बॉक्स पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:30&lt;br /&gt;
|  सभी '''Display Types'''को सक्रिय करने के लिए '''Plugins'''पर जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33&lt;br /&gt;
|  '''Display Types'''ड्राप डाउन में सारे चेक बॉक्सेस पर क्लिक करें  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:39&lt;br /&gt;
|  '''Apply'''बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:41&lt;br /&gt;
|  '''Display Types'''ड्राप डाउन में सारे '''Display Types'''प्रदर्शित हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:46&lt;br /&gt;
|  '''Settings'''डायलोग बॉक्स को बंद करने के लिए  '''OK'''पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:50&lt;br /&gt;
|  यदि '''Display Types'''मेनू में से कोई '''Display Types'''सक्रिय नही होता है: '''Add'''बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:58&lt;br /&gt;
|  '''Add Display Type'''डायलोग बॉक्स प्रदर्शित होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:02&lt;br /&gt;
|  '''Types'''ड्राप डाउन पर क्लिक करें और अपनी जरुरत का '''Display Type'''चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:07&lt;br /&gt;
| मैं '''Hydrogen Bond'''चुनुगीं और '''OK'''पर क्लिक करुँगी &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:11&lt;br /&gt;
|  '''Hydrogen Bond Display Type''''''Display Types'''मेनू में प्रदर्शित होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:16&lt;br /&gt;
|  अब मैं '''polar methanol'''में हाइड्रोजन बोन्डिंग दिखाउंगी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:22&lt;br /&gt;
|  हमारे पास '''Panel''पर एक '''methane'''अणु है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:26&lt;br /&gt;
|  दर्शाने के लिए मुझे '''methane'''अणुओं के एक समूह की जरुरत है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:31&lt;br /&gt;
|  '''methane'''अणुओं को बनाने का एक आसान तरीका '''Draw tool'''उपयोग करना है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:36&lt;br /&gt;
|डिफ़ॉल्ट रूप से '''Draw Settings'''मेनू में '''Element''''''Carbon'''की तरह और '''Bond Order'''''Single'''की तरह है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:43&lt;br /&gt;
| ''Panel''' पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:46&lt;br /&gt;
|  '''Element''' ड्राप डाउन पर क्लिक करें और '''Oxygen''' चुनें&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:50&lt;br /&gt;
|  फिर '''methane''' अणुओं की किसी भी एक हाइड्रोजन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:56&lt;br /&gt;
|  अब हमारे पास पैनल पर '''Methanol''' अणुओं का एक समूह है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:00&lt;br /&gt;
|  '''Display Types'''में '''Hydrogen Bond''' चेक बॉक्स पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:04&lt;br /&gt;
|  अणुओं को सही दिशा के लिए ओपटीमाइज़ करते हैं&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:08&lt;br /&gt;
|  टूल बार पर '''Auto Optimization Tool''' को क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:12&lt;br /&gt;
| बायीं तरफ '''Auto Optimization Settings'''मेनू प्रकट होता है &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:17&lt;br /&gt;
|  '''Force Field'''ड्राप डाउन में ''MMFF94'''चुनें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:22&lt;br /&gt;
|  करने के लिए '''Start'''बटन पर क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:26&lt;br /&gt;
|  आप '''hydrogen'''बोंड के बनने  पीली देशड रेखाओं की तरह देख सकते हैं  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:31&lt;br /&gt;
|  ये रेखाएं एक अणु की '''hydrogen'''और दूसरे की '''oxygen'''के बीच बनती हैं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
|  '''Auto optimization'''बंद करने के लिए पर '''Stop'''क्लिक करें &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:42&lt;br /&gt;
| मैं अब '''ortho-nitrophenol'''में इंट्रा मॉलिक्यूलर '''hydrogen'''बोन्डिंग दर्शाऊँगी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:48&lt;br /&gt;
|  इसके लिए मैं 'Chemical structure database'से अणु निकालूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:54&lt;br /&gt;
|  पहले खुली हुई विंडो को बंद करें और एक नयी विंडो खोलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:59&lt;br /&gt;
|   'File' मेनू पर क्लिक करके 'Import' पर जाएँ। 'Fetch by Chemical name' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:06&lt;br /&gt;
|  'Chemical Name'टेक्स्ट बॉक्स दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:09&lt;br /&gt;
|  छोटे अक्षर में 'ortho-nitrophenol' टाइप करें और OK बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:15&lt;br /&gt;
|  'Ortho-nitrophenol' अणु पैनल पर दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:19&lt;br /&gt;
|  'hydrogen'बॉन्डिंग दिखाने के लिए आपको पैनल पर 'Ortho-nitrophenol'अणुओं के ग्रुप की ज़रुरत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:26&lt;br /&gt;
|  मैंने पैनल पर अणुओं को कॉपी और पेस्ट कर दिया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:30&lt;br /&gt;
| 'selection' टूल उपयोग करके अणु चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34&lt;br /&gt;
|    कॉपी के लिए 'CTRL + C'और पेस्ट के लिए 'CTRL + V'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:39&lt;br /&gt;
| 'Hydrogen Bond'चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|  यदि आवश्यक हो तो उचित ओरिएंटेशन के लिए अणुओं को ऑप्टिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:46&lt;br /&gt;
|  ऑप्टिमाइज़ेशन प्रक्रिया के दौरान अणुओं में अंतः मॉलिक्यूलर हाइड्रोजन बॉन्ड बनता है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:54&lt;br /&gt;
|  अणु में 'नाइट्रो'ग्रुप के ऑक्सीजन और 'हाइड्रो'ग्रुप के हाइड्रोजन के बीच हाइड्रोजन बॉन्ड बनता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:02&lt;br /&gt;
|  अब हाइड्रोजन बॉन्ड की लम्बाई नापते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:06&lt;br /&gt;
|   टूल बार पर 'Click to Measure'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:10&lt;br /&gt;
|  हाइड्रोजन परमाणु और ऑक्सीजन परमाणु पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:14&lt;br /&gt;
|  पैनल पर नीचे हाइड्रोजन बॉन्ड की लम्बाई दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:19&lt;br /&gt;
|  यह स्लाइड हाइड्रोजन बॉन्डिंग का महत्व दिखाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:23&lt;br /&gt;
| हाइड्रोजन बॉन्ड्स - वॉटर की अद्वितीय सॉल्वेंट (विलायक) क्षमता निर्धारित और बर्फ़ की क्रिस्टल संरचना को स्थिर करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:32&lt;br /&gt;
|  एक साथ DNA के अतिरिक्त स्ट्रैंड्स को रखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:36&lt;br /&gt;
|  प्रोटीन्स और न्यूक्लिक एसिड्स की संरचनाओं को निर्धारित और स्थिर करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
|  एंजाइम कटैलिसिस की क्रियाविधि में शामिल होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:46&lt;br /&gt;
|   असाइनमेंट में निम्न में हाइड्रोजन बॉन्डिंग दिखाएं &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1. Para-hydroxybenzoic acid.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2. Nucleobases- adenine और uracil.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:56&lt;br /&gt;
|  आपका असाइनमेंट इस प्रकार दिखना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:00&lt;br /&gt;
| निम्न में अंतः हाइड्रोजन बॉन्डिंग देखें: 'Para-hydroxybenzoic acid'अणुओं में तथा 'adenine'और 'uracil'अणुओं में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:10&lt;br /&gt;
|  अणुओं के लिए फ़ोर्स दिखाने हेतु हमारे पास 'Display Types'में विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
|  कुछ वॉटर अणुओं के साथ मैं एक नयी विंडो खोलती हूँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:19&lt;br /&gt;
|  'Display Types'में 'Force'चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:23&lt;br /&gt;
|  'Hydrogen Bond'चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:26&lt;br /&gt;
|  टूल बार में 'Auto Optimization Tool'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:30&lt;br /&gt;
|  'MMFF94 Force Field' चुनें। 'Start' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:36&lt;br /&gt;
|  ऑप्टिमाइज़ेशन प्रक्रिया के दौरान: 'Force display type'हरे एरोज़ के साथ प्रत्येक परमाणु पर फ़ोर्स दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:45&lt;br /&gt;
|  एरोज़ दिशा और फ़ोर्स की मात्रा दिखाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:49&lt;br /&gt;
|  जब एक अणु ऑप्टिमाइज़ेशन के करीब होता है तो एरोज़ छोटे हो जाते हैं और समाप्त हो जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:55&lt;br /&gt;
|  अब अणु में 'dipole moment'के लिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:59&lt;br /&gt;
|   'Dipole moment''पोलर'अणुओं में चार्ज विभाजन के कारण होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:04&lt;br /&gt;
|Dipole moment(μ) = charge(Q) times  distance of separation(r)  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|  'डाईपोल मूमेंट'की यूनिट 'Debye'होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:13&lt;br /&gt;
|  अब मैं 'हाइड्रोजन साइनाइड'और वॉटर अणुओं में 'डाईपोल मूमेंट'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:20&lt;br /&gt;
| एक नयी विंडो खोलें। &lt;br /&gt;
 'Draw'टूल उपयोग करके पैनल पर 'हाइड्रोजन साइनाइड'अणु बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:27&lt;br /&gt;
|  'Hydrogen'चुनें और कार्बन पर एक बॉन्ड बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:31&lt;br /&gt;
|  'Nitrogen'चुनें 'Bond order'को 'triple'चुनें और प्रदर्शित की तरह बॉन्ड बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:38&lt;br /&gt;
|  'MMFF94 Force Field'उपयोग करके संरचना को ऑप्टिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:44&lt;br /&gt;
|   'dipole moment'दिखाने के लिए 'Display Types'में 'Dipole'चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
|  'Dipole'एक लाल रंग के एरो से दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:54&lt;br /&gt;
|  अनुमानित डाइपोल मूमेंट दिखाने के लिए 'View'मेनू पर जाएँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:57&lt;br /&gt;
|  'Properties'पर जाएँ और 'Molecule Properties'चुनें। &lt;br /&gt;
 'Molecule Properties'विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:05&lt;br /&gt;
|  विंडो 'हाइड्रोजन साइनाइड'का अनुमानित 'डाइपोल मूमेंट''0.396D'दिखाती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:13&lt;br /&gt;
|  उसी प्रकार वॉटर का अनुमानित 'डाइपोल मूमेंट''0.245D'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:21&lt;br /&gt;
|  सारांश में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:23&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा-&lt;br /&gt;
Avogadro कॉन्फ़िगर करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:27&lt;br /&gt;
|  मेथनॉल में इंटरमॉलिक्यूलर हाइड्रोजन बॉन्डिंग दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:31&lt;br /&gt;
|  ऑर्थो-नाइट्रोफिनॉल में इंट्रामॉलिक्यूलर हाइड्रोजन बॉन्डिंग दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
|  हाइड्रोजन बॉन्ड्स की लम्बाई नापना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:38&lt;br /&gt;
|  वाटर अणुओं में फ़ोर्स डिस्प्ले टाइप दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:42&lt;br /&gt;
|  हाइड्रोजन साइनाइड और वॉटर अणुओं में डाइपोल मोमेंट्स दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:48&lt;br /&gt;
|  असाइनमेंट में &lt;br /&gt;
1.  कार्बन डाइऑक्सइड और मिथाइल क्लोराइड अणुओं के लिए डाइपोल मोमेंट्स दिखाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2. अमोनिया अणुओं के लिए 'Force Display Type'दिखाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:59&lt;br /&gt;
| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। &lt;br /&gt;
अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:06&lt;br /&gt;
| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:12&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:18&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट जया द्वारा अनुवादित है। आई आई टी बॉम्बे से मैं श्रुति आर्य आपसे विदा लेती हूँ, धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi"/>
				<updated>2017-10-26T04:57:36Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार, Simulating 2D Laminar Flow in a Channel using OpenFoam पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:09&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, मैं आपको दिखाऊँगी: चैनल की 2D geometry, Geometry Mesh करना, Paraview में Solving' और Post Processing results, और analytic result का उपयोग करके प्रमाणीकरण करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:25&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम ऊबंटु वर्जन 12.04, OpenFOAM वर्जन 2.1.1, ParaView वर्जन 3.12.0&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें, OpenFOAM वर्जन 2.1.1 उबंटु वर्जन 12.04 पर समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:45&lt;br /&gt;
|  इसके बाद सभी ट्यूटोरियल्स OpenFOAM वर्जन 2.1.1 और ऊबंटु वर्जन 12.04 के जरिए कवर किए जाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:56&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल के  लिए पूर्व-आवश्यकतानुसार, आपको पता होना चाहिए कि OpenFOAM का उपयोग करके geometry कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:03&lt;br /&gt;
|  यदि नहीं जानते तो, हमारी वेबसाइट पर संबधित ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09&lt;br /&gt;
| हम डाउनस्ट्रीम के साथ फ्लो डेवलपमेंट लैंथ निर्धारित करने के लिए एक चैनल में फ्लो को सेम्युलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
Channel flowसमस्या का विवरण। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:19&lt;br /&gt;
|  boundary नाम और inlet कंडिशन इस चित्र में प्रदर्शित हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:26&lt;br /&gt;
|  flow develpoment length सूत्र L= 0.05 *(times) Re जो कि Reynolds number है  aur   * D  जो कि channel height है द्वारा दिया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:37&lt;br /&gt;
|  सूत्र का उपयोग करके, चैनल की लंबाई 5 मीटर हो जाती है और ऊँचाई 1 मीटर होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:45&lt;br /&gt;
|  Inlet velocity 1 मीटर प्रति सेकंड है। और, हम इसे Reynolds number ( Re ) equal to 100 के लिए हल कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:53&lt;br /&gt;
|यह steady state problem है। इसलिए हम इस केस के लिए steady state incompressible सोल्वर उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| यह हमारी फाइल संरचना है। फोल्डर solver टाइप में बनाया जाना चाहिए, जिसे हम चुनते हैं। मैंने पहले से ही incompressible flow solvers के simpleFoam फोल्डर में एक फोल्डर बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
|  फोल्डर का नाम channel है। अब, फोल्डर पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|   SimpleFoam डाइरेक्टरी में 0, Constant और System फोल्डर कॉपी करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
|  मैंने केस pitzDaily के फाइल संरचना को कॉपी किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| इसे channel फोल्डर के अंदर पैस्ट करें और geometry, boundary faces और boundary condition  में आवश्यक परिवर्तन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:48&lt;br /&gt;
|  अब, मैं कमांड टर्मिनल खोलता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिए, अपने कीबोर्ड पर एक साथ Ctrl+Alt +t कीज दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|  टर्मिनल में, run टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:01&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space tutorials और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:08&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें cd space incompressible और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
| टाइप करें cd space simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space channel और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|  अब, टाइप करें    ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33&lt;br /&gt;
|  आप 0, Constant और system  तीन फोल्डर्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space constant और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52&lt;br /&gt;
| इसमें, आप fluid की फाइल्स प्रोपर्टिज सहित फाइल्स और polymesh नाम्क फोल्डर देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
| RASProperties में Reynolds-averaged stress model शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
|  TransportProperties में transport model और kinematic viscosity शामिल है, जो कि (nu)  है, यह केस में 0.01 m²/s meter square per second पर सेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
| अब टर्मिनल में, टाइप करें  cd space polyMesh और एंटर दबाएँ। अब, टाइप ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:30&lt;br /&gt;
| आप यहाँ blockMeshDict फाइल देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:33&lt;br /&gt;
| blockMeshDict फाइल खोलने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें gedit space blockMeshDict और एंटर दबाएँ। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48&lt;br /&gt;
|Geometry मीटर्स में है। अत:, convertTometers 1 पर सेट है। फिर, हमने channel के कोनों को परिभाषित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:59&lt;br /&gt;
|  हमनें यहां 100 X 100 mesh size का उपयोग किया है और cell spacing को ( 1 1 1 ) रखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:07&lt;br /&gt;
|  फिर, हमने boundary conditions सेटअप किया है और उसके प्रकार जो कि inlet, outlet, top और bottom हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19&lt;br /&gt;
| चूंकि यह 2D Geometry है, front and Back को empty रखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, यह एक सरल geometry है, mergePatchPair और edges रिक्त रखा जाना चाहिए। blockMeshDict फाइल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें cd space ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:44&lt;br /&gt;
| फिर, टाइप करें cd space .. (dot dot) और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:49&lt;br /&gt;
| अब, टर्मिनल में टाइप करें cd space 0 (Zero) और एंटर दबाएँ। अब, ls टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:58&lt;br /&gt;
|  इसमें channel case के लिए intial boundary conditions और wall functions शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:04&lt;br /&gt;
|  इसमें epsilon, k, nut, nuTilda जैसी कई फाइल्स शामिल हैं, जो कि wall functions है और 'p' , 'R' और कैपिटल 'U' जो कि flow की initial conditions है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20&lt;br /&gt;
|  स्लाइड्स पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
|k की गणना करें जो कि स्लाइड में दिए गए फॉर्मूले से turbulent kinetic energy है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29&lt;br /&gt;
| जहाँ, Ux, Uy और Uz x, y और z डायरेक्शन में velocity घटक हैं और U' ( dash ) = 0.05 times u actual&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|दिए गए फॉर्मूले से epsilon की गणना करें जहाँ epsilon rate of dissipation of turbulent energy है, C mu constant है और इसकी वैल्यू 0.09 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:56&lt;br /&gt;
|  और l channel की लंबाई है। मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:02&lt;br /&gt;
| उपरोक्त सभी फाइल्स में केवल boundary का नाम बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:06&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, nut, nuTilda, R की वैल्यू डिफॉल्ट रूप में रखी गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
| बाकि फाइल्स में प्रत्येक boundary faces के लिए प्रारंभिक वैल्यू होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
|  अब, टर्मिनल में, टाइप करें cd (space) ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
|  यहाँ system फोल्डर में किए जाने वाले कोई भी बदलाव नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
|  अब हमें geometry को mesh   करने की आवश्यकता है।ऐसा करने के लिए, कमांड टर्मिनल में, टाइप करें blockMesh और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:40&lt;br /&gt;
| Meshing पूर्ण हो गया है। अब स्लाइड पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:45&lt;br /&gt;
|  solver का प्रकार,जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं SimpleFoam है। यह in-compressible और turbulent flows के लिए Steady-state सोल्वर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:54&lt;br /&gt;
| मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ। कमांड टर्मिनल में, टाइप करें simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
|  Iterations रनिंग कमांड टर्मिनल में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:07&lt;br /&gt;
| Iterations रनिंग में कुछ समय लग सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:10&lt;br /&gt;
|  समाधान एक बार होने मिलने पर iterations बंद हो जायेगा या यह अपने 'end time value तक पहुँच जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16&lt;br /&gt;
|  paraView में रिजल्ट देखने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें paraFoam और एंटर दबाएँ। यह paraView विंडो खोलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28&lt;br /&gt;
| paraView विंडो के बाईं ओर, Apply पर क्लिक करें। geometry को यहाँ देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
| active variable control मैन्यू के शीर्ष पर, ड्रॉप-डाउन मैन्यू को solid color से capital U में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42&lt;br /&gt;
|  आप inlet पर velocity magnitude का initial state देख सकते हैं। paraView विंडो के शीर्ष पर, VCR control के play बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:53&lt;br /&gt;
| आप velocity magnitude की अंतिम वैल्यू देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:59&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, active variable control मैन्यू के शीर्ष बाईं ओर color legend पर  टॉगल करें, फिर APPLY पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|  अब Display पर जाएँ, नीचे स्क्रोल करें। आप Rescale देख सकते हैं, इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:17&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि flow पूरी तरह से विकसित हो जाने के बाद, यह केंद्र पर अधिकतम uniform velocity प्राप्त करता है। अब, मैं स्लाइड पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|  प्राप्त रिजल्ट्स channel में laminar flow के लिए विश्लेषणात्मक समाधान के साथ मान्य किया जा सकता है जो कि u(max)=(is)1.5 U avg(average) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:39&lt;br /&gt;
|  OpenFoam का उपयोग करके, हम u(max) = 1.48 मीटर्स प्रति सेकंड का परिणाम प्राप्त करते हैं जो कि एक अच्छा मेल है।इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: channel की फाइल संरचना, steady state solver का उपयोग करके समाधान प्राप्त करना। paraview में geometry देखना और analytic results के साथ प्रमाणीकरण।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में, Reynold's Number equal to 1500 के लिए समस्या हल करें और इसे विश्लेषणात्मक परिणाम के साथ प्रमाणित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10&lt;br /&gt;
|  इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अगर आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:21&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपयाcontact@spoken-tutorial.org पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:45&lt;br /&gt;
|  इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:50&lt;br /&gt;
|  यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi"/>
				<updated>2017-10-26T04:55:42Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार, Simulating 2D Laminar Flow in a Channel using OpenFoam पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:09&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, मैं आपको दिखाऊँगी: चैनल की 2D geometry, Geometry Mesh करना, Paraview में Solving' और Post Processing results, और analytic result का उपयोग करके प्रमाणीकरण करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:25&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम ऊबंटु वर्जन 12.04, OpenFOAM वर्जन 2.1.1, ParaView वर्जन 3.12.0&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें, OpenFOAM वर्जन 2.1.1 उबंटु वर्जन 12.04 पर समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:45&lt;br /&gt;
|  इसके बाद सभी ट्यूटोरियल्स OpenFOAM वर्जन 2.1.1 और ऊबंटु वर्जन 12.04 के जरिए कवर किए जाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:56&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल के  लिए पूर्व-आवश्यकतानुसार, आपको पता होना चाहिए कि OpenFOAM का उपयोग करके geometry कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:03&lt;br /&gt;
|  यदि नहीं जानते तो, हमारी वेबसाइट पर संबधित ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09&lt;br /&gt;
| हम डाउनस्ट्रीम के साथ फ्लो डेवलपमेंट लैंथ निर्धारित करने के लिए एक चैनल में फ्लो को सेम्युलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
Channel flowसमस्या का विवरण। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:19&lt;br /&gt;
|  boundary नाम और inlet कंडिशन इस चित्र में प्रदर्शित हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:26&lt;br /&gt;
|  flow develpoment length सूत्र L= 0.05 *(times) Re जो कि Reynolds number है  aur   * D  जो कि channel height है द्वारा दिया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:37&lt;br /&gt;
|  सूत्र का उपयोग करके, चैनल की लंबाई 5 मीटर हो जाती है और ऊँचाई 1 मीटर होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:45&lt;br /&gt;
|  Inlet velocity 1 मीटर प्रति सेकंड है। और, हम इसे Reynolds number ( Re ) equal to 100 के लिए हल कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:53&lt;br /&gt;
|यह steady state problem है। इसलिए हम इस केस के लिए steady state incompressible सोल्वर उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
| यह हमारी फाइल संरचना है। फोल्डर solver टाइप में बनाया जाना चाहिए, जिसे हम चुनते हैं। मैंने पहले से ही incompressible flow solvers के simpleFoam फोल्डर में एक फोल्डर बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
|  फोल्डर का नाम channel है। अब, फोल्डर पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|   SimpleFoam डाइरेक्टरी में 0, Constant और System फोल्डर कॉपी करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
|  मैंने केस pitzDaily के फाइल संरचना को कॉपी किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| इसे channel फोल्डर के अंदर पैस्ट करें और geometry, boundary faces और boundary condition  में आवश्यक परिवर्तन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:48&lt;br /&gt;
|  अब, मैं कमांड टर्मिनल खोलता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिए, अपने कीबोर्ड पर एक साथ Ctrl+Alt +t कीज दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|  टर्मिनल में, run टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:01&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space tutorials और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:08&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें cd space incompressible और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
| टाइप करें cd space simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space channel और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|  अब, टाइप करें    ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33&lt;br /&gt;
|  आप 0, Constant और system  तीन फोल्डर्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space constant और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52&lt;br /&gt;
| इसमें, आप fluid की फाइल्स प्रोपर्टिज सहित फाइल्स और polymesh नाम्क फोल्डर देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
| RASProperties में Reynolds-averaged stress model शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
|  TransportProperties में transport model और kinematic viscosity शामिल है, जो कि (nu)  है, यह केस में 0.01 m²/s meter square per second पर सेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
| अब टर्मिनल में, टाइप करें  cd space polyMesh और एंटर दबाएँ। अब, टाइप ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:30&lt;br /&gt;
| आप यहाँ blockMeshDict फाइल देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:33&lt;br /&gt;
| blockMeshDict फाइल खोलने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें gedit space blockMeshDict और एंटर दबाएँ। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48&lt;br /&gt;
|Geometry मीटर्स में है। अत:, convertTometers 1 पर सेट है। फिर, हमने channel के कोनों को परिभाषित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:59&lt;br /&gt;
|  हमनें यहां 100 X 100 mesh size का उपयोग किया है और cell spacing को ( 1 1 1 ) रखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:07&lt;br /&gt;
|  फिर, हमने boundary conditions सेटअप किया है और उसके प्रकार जो कि inlet, outlet, top और bottom हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19&lt;br /&gt;
| चूंकि यह 2D Geometry है, front and Back को empty रखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, यह एक सरल geometry है, mergePatchPair और edges रिक्त रखा जाना चाहिए। blockMeshDict फाइल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें cd space ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:44&lt;br /&gt;
| फिर, टाइप करें cd space .. (dot dot) और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:49&lt;br /&gt;
| अब, टर्मिनल में टाइप करें cd space 0 (Zero) और एंटर दबाएँ। अब, ls टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:58&lt;br /&gt;
|  इसमें channel case के लिए intial boundary conditions और wall functions शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:04&lt;br /&gt;
|  इसमें epsilon, k, nut, nuTilda जैसी कई फाइल्स शामिल हैं, जो कि wall functions है और 'p' , 'R' और कैपिटल 'U' जो कि flow की initial conditions है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20&lt;br /&gt;
|  स्लाइड्स पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
|k की गणना करें जो कि स्लाइड में दिए गए फॉर्मूले से turbulent kinetic energy है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29&lt;br /&gt;
| जहाँ, Ux, Uy और Uz x, y और z डायरेक्शन में velocity घटक हैं और U' ( dash ) = 0.05 times u actual&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|दिए गए फॉर्मूले से epsilon की गणना करें जहाँ epsilon rate of dissipation of turbulent energy है, C mu constant है और इसकी वैल्यू 0.09 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:56&lt;br /&gt;
|  और l channel की लंबाई है। मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:02&lt;br /&gt;
| उपरोक्त सभी फाइल्स में केवल boundary का नाम बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:06&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, nut, nuTilda, R की वैल्यू डिफॉल्ट रूप में रखी गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
| बाकि फाइल्स में प्रत्येक boundary faces के लिए प्रारंभिक वैल्यू होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
|  अब, टर्मिनल में, टाइप करें cd (space) ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
|  यहाँ system फोल्डर में किए जाने वाले कोई भी बदलाव नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
|  अब हमें geometry को mesh   करने की आवश्यकता है।ऐसा करने के लिए, कमांड टर्मिनल में, टाइप करें blockMesh और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:40&lt;br /&gt;
| Meshing पूर्ण हो गया है। अब स्लाइड पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:45&lt;br /&gt;
|  solver का प्रकार,जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं SimpleFoam है। यह in-compressible और turbulent flows के लिए Steady-state सोल्वर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:54&lt;br /&gt;
| मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ। कमांड टर्मिनल में, टाइप करें simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
|  Iterations रनिंग कमांड टर्मिनल में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:07&lt;br /&gt;
| Iterations रनिंग में कुछ समय लग सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:10&lt;br /&gt;
|  समाधान एक बार होने मिलने पर iterations बंद हो जायेगा या यह अपने 'end time value तक पहुँच जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16&lt;br /&gt;
|  paraView में रिजल्ट देखने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें paraFoam और एंटर दबाएँ। यह paraView विंडो खोलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28&lt;br /&gt;
| paraView विंडो के बाईं ओर, Apply पर क्लिक करें। geometry को यहाँ देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
| active variable control मैन्यू के शीर्ष पर, ड्रॉप-डाउन मैन्यू को solid color से capital U में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42&lt;br /&gt;
|  आप inlet पर velocity magnitude का initial state देख सकते हैं। paraView विंडो के शीर्ष पर, VCR control के play बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:53&lt;br /&gt;
| आप velocity magnitude की अंतिम वैल्यू देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:59&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, active variable control मैन्यू के शीर्ष बाईं ओर color legend पर  टॉगल करें, फिर APPLY पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|  अब Display पर जाएँ, नीचे स्क्रोल करें। आप Rescale देख सकते हैं, इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:17&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि flow पूरी तरह से विकसित हो जाने के बाद, यह केंद्र पर अधिकतम uniform velocity प्राप्त करता है। अब, मैं स्लाइड पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|  प्राप्त रिजल्ट्स channel में laminar flow के लिए विश्लेषणात्मक समाधान के साथ मान्य किया जा सकता है जो कि u(max)=(is)1.5 U avg(average) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:39&lt;br /&gt;
|  OpenFoam का उपयोग करके, हम u(max) = 1.48 मीटर्स प्रति सेकंड का परिणाम प्राप्त करते हैं जो कि एक अच्छा मेल है।इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: channel की फाइल संरचना, steady state solver का उपयोग करके समाधान प्राप्त करना। paraview में geometry देखना और analytic results के साथ प्रमाणीकरण।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में, Reynold's Number equal to 1500 के लिए समस्या हल करें और इसे विश्लेषणात्मक परिणाम के साथ प्रमाणित करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:10&lt;br /&gt;
|  इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अगर आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:21&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपयाcontact@spoken-tutorial.org पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:45&lt;br /&gt;
|  इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:50&lt;br /&gt;
|  यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi"/>
				<updated>2017-10-26T04:51:21Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
| &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
|  नमस्कार, Simulating 2D Laminar Flow in a Channel using OpenFoam पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:09&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में, मैं आपको दिखाऊँगी: चैनल की 2D geometry, Geometry Mesh करना, Paraview में Solving' और Post Processing results, और analytic result का उपयोग करके प्रमाणीकरण करना।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:25&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम ऊबंटु वर्जन 12.04, OpenFOAM वर्जन 2.1.1, ParaView वर्जन 3.12.0&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:39&lt;br /&gt;
|  ध्यान दें, OpenFOAM वर्जन 2.1.1 उबंटु वर्जन 12.04 पर समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:45&lt;br /&gt;
|  इसके बाद सभी ट्यूटोरियल्स OpenFOAM वर्जन 2.1.1 और ऊबंटु वर्जन 12.04 के जरिए कवर किए जाएँगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:56&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल के  लिए पूर्व-आवश्यकतानुसार, आपको पता होना चाहिए कि OpenFOAM का उपयोग करके geometry कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:03&lt;br /&gt;
|  यदि नहीं जानते तो, हमारी वेबसाइट पर संबधित ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:09 हम डाउनस्ट्रीम के साथ फ्लो डेवलपमेंट लैंथ निर्धारित करने के लिए एक चैनल में फ्लो को सेम्युलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
Channel flowसमस्या का विवरण। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:19&lt;br /&gt;
|  boundary नाम और inlet कंडिशन इस चित्र में प्रदर्शित हो रहा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:26&lt;br /&gt;
|  flow develpoment length सूत्र L= 0.05 *(times) Re जो कि Reynolds number है  aur   * D  जो कि channel height है द्वारा दिया गया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:37&lt;br /&gt;
|  सूत्र का उपयोग करके, चैनल की लंबाई 5 मीटर हो जाती है और ऊँचाई 1 मीटर होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:45&lt;br /&gt;
|  Inlet velocity 1 मीटर प्रति सेकंड है। और, हम इसे Reynolds number ( Re ) equal to 100 के लिए हल कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:53&lt;br /&gt;
|यह steady state problem है। इसलिए हम इस केस के लिए steady state incompressible सोल्वर उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:01&lt;br /&gt;
यह हमारी फाइल संरचना है। फोल्डर solver टाइप में बनाया जाना चाहिए, जिसे हम चुनते हैं। मैंने पहले से ही incompressible flow solvers के simpleFoam फोल्डर में एक फोल्डर बनाया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:18&lt;br /&gt;
|  फोल्डर का नाम channel है। अब, फोल्डर पर जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:25&lt;br /&gt;
|   SimpleFoam डाइरेक्टरी में 0, Constant और System फोल्डर कॉपी करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:34&lt;br /&gt;
|  मैंने केस pitzDaily के फाइल संरचना को कॉपी किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:38&lt;br /&gt;
| इसे channel फोल्डर के अंदर पैस्ट करें और geometry, boundary faces और boundary condition  में आवश्यक परिवर्तन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:48&lt;br /&gt;
|  अब, मैं कमांड टर्मिनल खोलता हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:51&lt;br /&gt;
|  ऐसा करने के लिए, अपने कीबोर्ड पर एक साथ Ctrl+Alt +t कीज दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:57&lt;br /&gt;
|  टर्मिनल में, run टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:01&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space tutorials और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:08&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें cd space incompressible और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:15&lt;br /&gt;
| टाइप करें cd space simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:20&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space channel और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:28&lt;br /&gt;
|  अब, टाइप करें    ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:33&lt;br /&gt;
|  आप 0, Constant और system  तीन फोल्डर्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:37&lt;br /&gt;
| अब टाइप करें cd space constant और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:48&lt;br /&gt;
|  अब टाइप करें ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:52&lt;br /&gt;
| इसमें, आप fluid की फाइल्स प्रोपर्टिज सहित फाइल्स और polymesh नाम्क फोल्डर देखेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
| RASProperties में Reynolds-averaged stress model शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
|  TransportProperties में transport model और kinematic viscosity शामिल है, जो कि (nu)  है, यह केस में 0.01 m²/s meter square per second पर सेट है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:17&lt;br /&gt;
| अब टर्मिनल में, टाइप करें  cd space polyMesh और एंटर दबाएँ। अब, टाइप ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:30&lt;br /&gt;
| आप यहाँ blockMeshDict फाइल देखेंगे।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:33&lt;br /&gt;
| blockMeshDict फाइल खोलने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें gedit space blockMeshDict और एंटर दबाएँ। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:48&lt;br /&gt;
|Geometry मीटर्स में है। अत:, convertTometers 1 पर सेट है। फिर, हमने channel के कोनों को परिभाषित किया है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:59&lt;br /&gt;
|  हमनें यहां 100 X 100 mesh size का उपयोग किया है और cell spacing को ( 1 1 1 ) रखा है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:07&lt;br /&gt;
|  फिर, हमने boundary conditions सेटअप किया है और उसके प्रकार जो कि inlet, outlet, top और bottom हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:19&lt;br /&gt;
| चूंकि यह 2D Geometry है, front and Back को empty रखा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:27&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, यह एक सरल geometry है, mergePatchPair और edges रिक्त रखा जाना चाहिए। blockMeshDict फाइल बंद करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:38&lt;br /&gt;
| कमांड टर्मिनल में टाइप करें cd space ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:44&lt;br /&gt;
| फिर, टाइप करें cd space .. (dot dot) और एंटर दबाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:49&lt;br /&gt;
| अब, टर्मिनल में टाइप करें cd space 0 (Zero) और एंटर दबाएँ। अब, ls टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:58&lt;br /&gt;
|  इसमें channel case के लिए intial boundary conditions और wall functions शामिल है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:04&lt;br /&gt;
|  इसमें epsilon, k, nut, nuTilda जैसी कई फाइल्स शामिल हैं, जो कि wall functions है और 'p' , 'R' और कैपिटल 'U' जो कि flow की initial conditions है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:20&lt;br /&gt;
|  स्लाइड्स पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:23&lt;br /&gt;
|k की गणना करें जो कि स्लाइड में दिए गए फॉर्मूले से turbulent kinetic energy है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:29&lt;br /&gt;
| जहाँ, Ux, Uy और Uz x, y और z डायरेक्शन में velocity घटक हैं और U' ( dash ) = 0.05 times u actual&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
|दिए गए फॉर्मूले से epsilon की गणना करें जहाँ epsilon rate of dissipation of turbulent energy है, C mu constant है और इसकी वैल्यू 0.09 है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:56&lt;br /&gt;
|  और l channel की लंबाई है। मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:02&lt;br /&gt;
| उपरोक्त सभी फाइल्स में केवल boundary का नाम बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:06&lt;br /&gt;
| ध्यान दें, nut, nuTilda, R की वैल्यू डिफॉल्ट रूप में रखी गई है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
| बाकि फाइल्स में प्रत्येक boundary faces के लिए प्रारंभिक वैल्यू होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
|  अब, टर्मिनल में, टाइप करें cd (space) ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
|  यहाँ system फोल्डर में किए जाने वाले कोई भी बदलाव नहीं है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
|  अब हमें geometry को mesh   करने की आवश्यकता है।ऐसा करने के लिए, कमांड टर्मिनल में, टाइप करें blockMesh और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:40&lt;br /&gt;
| Meshing पूर्ण हो गया है। अब स्लाइड पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:45&lt;br /&gt;
|  solver का प्रकार,जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं SimpleFoam है। यह in-compressible और turbulent flows के लिए Steady-state सोल्वर है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:54&lt;br /&gt;
| मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ। कमांड टर्मिनल में, टाइप करें simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
|  Iterations रनिंग कमांड टर्मिनल में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:07&lt;br /&gt;
| Iterations रनिंग में कुछ समय लग सकता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:10&lt;br /&gt;
|  समाधान एक बार होने मिलने पर iterations बंद हो जायेगा या यह अपने 'end time value तक पहुँच जायेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:16&lt;br /&gt;
|  paraView में रिजल्ट देखने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें paraFoam और एंटर दबाएँ। यह paraView विंडो खोलेगा।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:28&lt;br /&gt;
| paraView विंडो के बाईं ओर, Apply पर क्लिक करें। geometry को यहाँ देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:35&lt;br /&gt;
| active variable control मैन्यू के शीर्ष पर, ड्रॉप-डाउन मैन्यू को solid color से capital U में बदलें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42&lt;br /&gt;
|  आप inlet पर velocity magnitude का initial state देख सकते हैं। paraView विंडो के शीर्ष पर, VCR control के play बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:53&lt;br /&gt;
| आप velocity magnitude की अंतिम वैल्यू देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:59&lt;br /&gt;
| इसके अलावा, active variable control मैन्यू के शीर्ष बाईं ओर color legend पर  टॉगल करें, फिर APPLY पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:09&lt;br /&gt;
|  अब Display पर जाएँ, नीचे स्क्रोल करें। आप Rescale देख सकते हैं, इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:17&lt;br /&gt;
| हम देख सकते हैं कि flow पूरी तरह से विकसित हो जाने के बाद, यह केंद्र पर अधिकतम uniform velocity प्राप्त करता है। अब, मैं स्लाइड पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
|  प्राप्त रिजल्ट्स channel में laminar flow के लिए विश्लेषणात्मक समाधान के साथ मान्य किया जा सकता है जो कि u(max)=(is)1.5 U avg(average) है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:39&lt;br /&gt;
|  OpenFoam का उपयोग करके, हम u(max) = 1.48 मीटर्स प्रति सेकंड का परिणाम प्राप्त करते हैं जो कि एक अच्छा मेल है।इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: channel की फाइल संरचना, steady state solver का उपयोग करके समाधान प्राप्त करना। paraview में geometry देखना और analytic results के साथ प्रमाणीकरण।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
| नियत-कार्य के रूप में, Reynold's Number equal to 1500 के लिए समस्या हल करें और इसे विश्लेषणात्मक परिणाम के साथ प्रमाणित करें।|-&lt;br /&gt;
|10:10&lt;br /&gt;
|  इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अगर आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:21&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपयाcontact@spoken-tutorial.org पर लिखें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
|  स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:45&lt;br /&gt;
|  इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:50&lt;br /&gt;
|  यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</id>
		<title>OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi"/>
				<updated>2017-10-06T15:29:57Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
OpenFOAM/C2/2D-Laminar-Flow-in-a-channel/Hindi&lt;br /&gt;
Time	Narration&lt;br /&gt;
00:01	नमस्कार, Simulating 2D Laminar Flow in a Channel using OpenFoam पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।&lt;br /&gt;
00:09	इस ट्यूटोरियल में, मैं आपको दिखाऊँगी: चैनल की 2D geometry, Geometry Mesh करना, Paraview में Solving' और Post Processing results, और analytic result का उपयोग करके प्रमाणीकरण करना।&lt;br /&gt;
00:25	इस ट्यूटोरियल को रिकॉर्ड करने के लिए मैं उपयोग कर रही हूँ: लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम ऊबंटु वर्जन 12.04, OpenFOAM वर्जन 2.1.1, ParaView वर्जन 3.12.0&lt;br /&gt;
00:39	ध्यान दें, OpenFOAM वर्जन 2.1.1 उबंटु वर्जन 12.04 पर समर्थित है।&lt;br /&gt;
00:45	इसके बाद सभी ट्यूटोरियल्स OpenFOAM वर्जन 2.1.1 और ऊबंटु वर्जन 12.04 के जरिए कवर किए जाएँगे।&lt;br /&gt;
00:56	इस ट्यूटोरियल के  लिए पूर्व-आवश्यकतानुसार, आपको पता होना चाहिए कि OpenFOAM का उपयोग करके geometry कैसे बनाना है।&lt;br /&gt;
01:03	यदि नहीं जानते तो, हमारी वेबसाइट पर संबधित ट्यूटोरियल देखें।&lt;br /&gt;
01:09	हम डाउनस्ट्रीम के साथ फ्लो डेवलपमेंट लैंथ निर्धारित करने के लिए एक चैनल में फ्लो को सेम्युलेट करते हैं।&lt;br /&gt;
Channel flowसमस्या का विवरण।&lt;br /&gt;
01:19	boundary नाम और inlet कंडिशन इस चित्र में प्रदर्शित हो रहा है।&lt;br /&gt;
01:26	flow develpoment length सूत्र L= 0.05 *(times) Re जो कि Reynolds number है  aur   * D  जो कि channel height है द्वारा दिया गया है।&lt;br /&gt;
	&lt;br /&gt;
01:37	सूत्र का उपयोग करके, चैनल की लंबाई 5 मीटर हो जाती है और ऊँचाई 1 मीटर होती है।&lt;br /&gt;
01:45	Inlet velocity 1 मीटर प्रति सेकंड है। और, हम इसे Reynolds number ( Re ) equal to 100 के लिए हल कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
01:53	यह steady state problem है। इसलिए हम इस केस के लिए steady state incompressible सोल्वर उपयोग कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
02:01	यह हमारी फाइल संरचना है। फोल्डर solver टाइप में बनाया जाना चाहिए, जिसे हम चुनते हैं। मैंने पहले से ही incompressible flow solvers के simpleFoam फोल्डर में एक फोल्डर बनाया है।&lt;br /&gt;
02:18	फोल्डर का नाम channel है। अब, फोल्डर पर जाएँ।&lt;br /&gt;
 02:25	SimpleFoam डाइरेक्टरी में 0, Constant और System फोल्डर कॉपी करें।&lt;br /&gt;
02:34	मैंने केस pitzDaily के फाइल संरचना को कॉपी किया है।&lt;br /&gt;
02:38	इसे channel फोल्डर के अंदर पैस्ट करें और geometry, boundary faces और boundary condition  में आवश्यक परिवर्तन करें।&lt;br /&gt;
02:48	अब, मैं कमांड टर्मिनल खोलता हूँ।&lt;br /&gt;
02:51	ऐसा करने के लिए, अपने कीबोर्ड पर एक साथ Ctrl+Alt +t कीज दबाएँ।&lt;br /&gt;
02:57	टर्मिनल में, run टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:01	अब टाइप करें cd space tutorials और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:08	अब टाइप करें cd space incompressible और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:15	टाइप करें cd space simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:20	अब टाइप करें cd space channel और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:28	अब, टाइप करें    ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:33	आप 0, Constant और system  तीन फोल्डर्स देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
03:37	अब टाइप करें cd space constant और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:48	अब टाइप करें ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
03:52	इसमें, आप fluid की फाइल्स प्रोपर्टिज सहित फाइल्स और polymesh नाम्क फोल्डर देखेंगे।&lt;br /&gt;
03:59	RASProperties में Reynolds-averaged stress model शामिल है।&lt;br /&gt;
04:03	TransportProperties में transport model और kinematic viscosity शामिल है, जो कि (nu)  है, यह केस में 0.01 m²/s meter square per second पर सेट है।&lt;br /&gt;
04:17	अब टर्मिनल में, टाइप करें  cd space polyMesh और एंटर दबाएँ। अब, टाइप ls और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
04:30	आप यहाँ blockMeshDict फाइल देखेंगे।&lt;br /&gt;
04:33	blockMeshDict फाइल खोलने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें gedit space blockMeshDict और एंटर दबाएँ। नीचे स्क्रोल करें।&lt;br /&gt;
 04:48	Geometry मीटर्स में है। अत:, convertTometers 1 पर सेट है। फिर, हमने channel के कोनों को परिभाषित किया है।&lt;br /&gt;
04:59	हमनें यहां 100 X 100 mesh size का उपयोग किया है और cell spacing को ( 1 1 1 ) रखा है।&lt;br /&gt;
05:07	फिर, हमने boundary conditions सेटअप किया है और उसके प्रकार जो कि inlet, outlet, top और bottom हैं।&lt;br /&gt;
05:19	चूंकि यह 2D Geometry है, front and Back को empty रखा।&lt;br /&gt;
05:27	इसके अलावा, यह एक सरल geometry है, mergePatchPair और edges रिक्त रखा जाना चाहिए। blockMeshDict फाइल बंद करें।&lt;br /&gt;
05:38	कमांड टर्मिनल में टाइप करें cd space ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
05:44	फिर, टाइप करें cd space .. (dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
05:49	अब, टर्मिनल में टाइप करें cd space 0 (Zero) और एंटर दबाएँ। अब, ls टाइप करें और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
05:58	इसमें channel case के लिए intial boundary conditions और wall functions शामिल है।&lt;br /&gt;
06:04	इसमें epsilon, k, nut, nuTilda जैसी कई फाइल्स शामिल हैं, जो कि wall functions है और 'p' , 'R' और कैपिटल 'U' जो कि flow की initial conditions है।&lt;br /&gt;
06:20	स्लाइड्स पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
06:23	k की गणना करें जो कि स्लाइड में दिए गए फॉर्मूले से turbulent kinetic energy है।&lt;br /&gt;
06:29	जहाँ, Ux, Uy और Uz x, y और z डायरेक्शन में velocity घटक हैं और U' ( dash ) = 0.05 times u actual&lt;br /&gt;
06:42	दिए गए फॉर्मूले से epsilon की गणना करें जहाँ epsilon rate of dissipation of turbulent energy है, C mu constant है और इसकी वैल्यू 0.09 है।&lt;br /&gt;
06:56	और l channel की लंबाई है। मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ।&lt;br /&gt;
07:02	उपरोक्त सभी फाइल्स में केवल boundary का नाम बदलें।&lt;br /&gt;
07:06	ध्यान दें, nut, nuTilda, R की वैल्यू डिफॉल्ट रूप में रखी गई है।&lt;br /&gt;
07:13	बाकि फाइल्स में प्रत्येक boundary faces के लिए प्रारंभिक वैल्यू होनी चाहिए।&lt;br /&gt;
07:20	अब, टर्मिनल में, टाइप करें cd (space) ..(dot dot) और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
07:27	यहाँ system फोल्डर में किए जाने वाले कोई भी बदलाव नहीं है।&lt;br /&gt;
07:31	अब हमें geometry को mesh   करने की आवश्यकता है।ऐसा करने के लिए, कमांड टर्मिनल में, टाइप करें blockMesh और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
07:40	Meshing पूर्ण हो गया है। अब स्लाइड पर वापस जाते हैं।&lt;br /&gt;
07:45	solver का प्रकार,जो हम यहाँ उपयोग कर रहे हैं SimpleFoam है। यह in-compressible और turbulent flows के लिए Steady-state सोल्वर है।&lt;br /&gt;
07:54	मैं इसे मिनिमाइज करती हूँ। कमांड टर्मिनल में, टाइप करें simpleFoam और एंटर दबाएँ।&lt;br /&gt;
08:03	Iterations रनिंग कमांड टर्मिनल में दिखाई देगा।&lt;br /&gt;
08:07	Iterations रनिंग में कुछ समय लग सकता है।&lt;br /&gt;
08:10	समाधान एक बार होने मिलने पर iterations बंद हो जायेगा या यह अपने 'end time value तक पहुँच जायेगा।&lt;br /&gt;
08:16	paraView में रिजल्ट देखने के लिए, टर्मिनल में टाइप करें paraFoam और एंटर दबाएँ। यह paraView विंडो खोलेगा।&lt;br /&gt;
	&lt;br /&gt;
08:28	paraView विंडो के बाईं ओर, Apply पर क्लिक करें। geometry को यहाँ देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
08:35	active variable control मैन्यू के शीर्ष पर, ड्रॉप-डाउन मैन्यू को solid color से capital U में बदलें।&lt;br /&gt;
08:42	आप inlet पर velocity magnitude का initial state देख सकते हैं। paraView विंडो के शीर्ष पर, VCR control के play बटन पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
08:53	आप velocity magnitude की अंतिम वैल्यू देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
08:59	इसके अलावा, active variable control मैन्यू के शीर्ष बाईं ओर color legend पर  टॉगल करें, फिर APPLY पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
09:09	अब Display पर जाएँ, नीचे स्क्रोल करें। आप Rescale देख सकते हैं, इस पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
09:17	हम देख सकते हैं कि flow पूरी तरह से विकसित हो जाने के बाद, यह केंद्र पर अधिकतम uniform velocity प्राप्त करता है। अब, मैं स्लाइड पर वापस जाती हूँ।&lt;br /&gt;
09:29	प्राप्त रिजल्ट्स channel में laminar flow के लिए विश्लेषणात्मक समाधान के साथ मान्य किया जा सकता है जो कि u(max)=(is)1.5 U avg(average) है।&lt;br /&gt;
09:39	OpenFoam का उपयोग करके, हम u(max) = 1.48 मीटर्स प्रति सेकंड का परिणाम प्राप्त करते हैं जो कि एक अच्छा मेल है।इसी के साथ हम ट्यूटोरियल के अंत में पहुँचते हैं।&lt;br /&gt;
09:50	इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: channel की फाइल संरचना, steady state solver का उपयोग करके समाधान प्राप्त करना। paraview में geometry देखना और analytic results के साथ प्रमाणीकरण।&lt;br /&gt;
10:01	नियत-कार्य के रूप में, Reynold's Number equal to 1500 के लिए समस्या हल करें और इसे विश्लेषणात्मक परिणाम के साथ प्रमाणित करें।&lt;br /&gt;
10:10	इस URL पर उपलब्ध वीडियो देखें: http://spoken-tutorial.org/What_is_a_Spoken_Tutorial&lt;br /&gt;
यह स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अगर आपके पास अच्छा बैंडविड्थ नहीं है, तो आप इसे डाउनलोड कर देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
10:21	स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट टीम- स्पोकन ट्यूटोरियल का उपयोग कर कार्यशालाएं आयोजित करती है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने वालों को प्रमाण पत्र देती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपयाcontact@spoken-tutorial.org पर लिखें।&lt;br /&gt;
10:35	स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट Talk to a Teacher प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। यह आईसीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन,एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा समर्थित है।&lt;br /&gt;
10:45	इस मिशन पर अधिक जानकारी यहां उपलब्ध है:&lt;br /&gt;
http://spoken-tutorial.org/NMEICT- Intro&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
10:50	यह स्क्रिप्ट विकास द्वारा अनुवादित है। हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C3/General-Features-in-Avogadro/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C3/General-Features-in-Avogadro/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C3/General-Features-in-Avogadro/Hindi"/>
				<updated>2017-09-18T13:56:40Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: Created page with &amp;quot;{|border=1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- |00:01 | 'General Features in Avogadro'पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वा...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{|border=1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| 'General Features in Avogadro'पर स्पोकन ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:08&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे 'pH values'बदलकर कंपाउंड्स (यौगिकों) में 'Proton transfer'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:16&lt;br /&gt;
| क्रिस्टल संरचनाओं को लोड करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:19&lt;br /&gt;
| विभिन्न 'Miller planes'दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:22&lt;br /&gt;
| सुपर सेल्स बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:24&lt;br /&gt;
| कोऑर्डिनेशन (समन्वय) कंपाउंड्स में ज्योमेट्रीज़ दिखाना और 'nanotubes'बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:31&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ 'Ubuntu Linux' OS वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:37&lt;br /&gt;
|'Avogadro'वर्जन 1.1.1.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:41&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:47&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:52&lt;br /&gt;
|  इस ट्यूटोरियल में उपयोग हुई उदाहरण फाइल्स कोड फाइल्स में दी गयी हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:58&lt;br /&gt;
|. मैंने एक नयी 'Avogadro'विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:01&lt;br /&gt;
| मैं 'pH values'बदलकर कंपाउंड्स में 'proton transfer'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:07&lt;br /&gt;
| इसके लिए ‘ment library'से मैं 'amino acids'लोड करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:12&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू उपयोग करके 'Fragment library'पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:16&lt;br /&gt;
| 'Fragment library'में 'Amino acids'फोल्डर पर डबल क्लिक्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:21&lt;br /&gt;
| 'D-alanine.cml'चुनें और 'Insert'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:26&lt;br /&gt;
| 'Insert Fragment'डायलॉग बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:30&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL, SHIFT'और 'A'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:34&lt;br /&gt;
|उचित ओरिएंटेशन (अभिविन्यास) के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके संरचना को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:39&lt;br /&gt;
| मैं 'pH'बदलकर 'amino acids'में 'proton transfer'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:46&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:51&lt;br /&gt;
|डिफ़ॉल्ट वैल्यू 7.4 के साथ 'Add Hydrogens for pH'टेक्स्ट बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|01:57&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH value'को बदलकर 7.0 करें। 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:04&lt;br /&gt;
| संरचना पर ध्यान दें। 'Carboxylic group(COOH)''Carboxylate ion'में बदल गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:11&lt;br /&gt;
|'Amino group(NH2)'पर 'प्रोटॉन(NH3+)'आ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:15&lt;br /&gt;
| Build'मेनू पर जाएँ और 'Add Hydrogens for pH'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:20&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'को 2.0 करें और 'Ok'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:26&lt;br /&gt;
|'Carboxylate ion''Carboxylic group'में बदल गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:31&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाएँ और 'Add Hydrogens for pH'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:35&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'को 10.0 करें और 'Ok'पर क्लिक करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:41&lt;br /&gt;
|.  'Carboxylic group''Carboxylate ion'में बदल गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:46&lt;br /&gt;
|'Amino'ग्रुप(NH2)'से 'प्रोटॉन'हट गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:49&lt;br /&gt;
| संरचना को डिलीट करने के लिए 'Delete' key दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:52&lt;br /&gt;
| 'pH'बदलकर मैं 'amines'में 'proton transfer'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|02:58&lt;br /&gt;
| इसके लिए मैं 'Fragment library'से 'ethylamine'संरचना लोड करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:05&lt;br /&gt;
| 'Insert Fragment'डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:09&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL, SHIFT'और 'A'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:13&lt;br /&gt;
| उचित ओरिएंटेशन (अभिविन्यास) के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके संरचना को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:18&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:23&lt;br /&gt;
|'Add Hydrogens for pH'टेक्स्ट बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:27&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'वैल्यू को 7.0 करें। 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:34&lt;br /&gt;
| संरचना को देखें। 'Amino'ग्रुप पर 'प्रोटॉन'आ गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:39&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:43&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'Add Hydrogens for pH'को 2.0 करें और 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:49&lt;br /&gt;
| यहाँ हम संरचना में कोई बदलाव नहीं देखते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:53&lt;br /&gt;
|क्योंकि 'ethylamine'केवल बुनियादी मीडियम में 'proton transfer'दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|03:59&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाकर 'Add Hydrogens for pH'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:03&lt;br /&gt;
| टेक्स्ट बॉक्स में 'pH'को 10.0 करें और 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:09&lt;br /&gt;
|'Amino group'से 'प्रोटॉन'हट गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:12&lt;br /&gt;
| अब मैं 'Crystal Library'से 'Crystal structures'लोड करना और कुछ 'Crystal properties'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:20&lt;br /&gt;
| नयी विंडो खोलने के लिए टूल बार पर 'New'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:25&lt;br /&gt;
| 'File'मेनू पर जाएँ 'Import'पर जाएँ और 'Crystal'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:30&lt;br /&gt;
|'Insert Crystal'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:34&lt;br /&gt;
| यहाँ हम विभिन्न फ़ोल्डर्स देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:37&lt;br /&gt;
| 'halides'फोल्डर पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:40&lt;br /&gt;
| 'NaCl-Halite.cif'फाइल चुनें और 'Insert'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:47&lt;br /&gt;
| 'Insert Crystal'डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:51&lt;br /&gt;
|. यहाँ उचित व्यू के लिए मैं 'Tool Settings'और 'Display Settings'बंद करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|04:58&lt;br /&gt;
|'Panel'पर 'सोडियम क्लोराइड'की 'क्रिस्टल'संरचना दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:02&lt;br /&gt;
| संरचना के साथ इसके 'Cell Parameters'दिखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:07&lt;br /&gt;
| 'पैनल'के ऊपरी बायीं तरफ आप देख सकते हैं: 'सोडियम क्लोराइड क्रिस्टल'का &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Lattice Type'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Spacegroup'और &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'Unit cell volume'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:18&lt;br /&gt;
| अब इस 'क्रिस्टल'के लिए मैं 'Miller planes'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:22&lt;br /&gt;
| इससे पहले मैं 'Miller indices'के बारे में एक संक्षिप्त परिचय दूँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:28&lt;br /&gt;
|'Miller Indices'तीन नंबर ('''hkl''') का एक सेट होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:34&lt;br /&gt;
| वे 'क्रिस्टल सिस्टम्स'में दिशाओं और आंतरिक 'planes'को उल्लिखित करने में उपयोग होते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:41&lt;br /&gt;
| अब 'सोडियम क्लोराइड सिस्टम'में 'Miller planes'के लिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:45&lt;br /&gt;
| 'View'मेनू पर जाएं और 'Crystal View Options'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:51&lt;br /&gt;
|'Crystal View Options'मेनू दायीं तरफ लोड होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|05:56&lt;br /&gt;
| 'Miller Indices'रेडियो बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:00&lt;br /&gt;
| मैं 'h', 'k', 'l'वैल्यूज़ को 2, 3, 2 करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:07&lt;br /&gt;
| 'क्रिस्टल'में परमाणुओं के 'प्लेन्स'और स्थानों में बदलाव को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:13&lt;br /&gt;
| अब मैं सुपर सेल बनाने के बारे में समझाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:17&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाएँ और 'Super Cell Builder'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:22&lt;br /&gt;
|'Super Cell Parameters'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:26&lt;br /&gt;
| 'Super Cell Options'में हम यूनिट सेल पैरामीटर्स 'A', 'B'और 'C'बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:34&lt;br /&gt;
| मैं A', 'B'और 'C'की फील्ड वैल्यूज़ बदलकर '2', '2', '2'करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:43&lt;br /&gt;
| फिर 'Generate cell'पर क्लिक करें। डायलॉग बॉक्स बंद करने के लिए 'Close'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:50&lt;br /&gt;
| उचित व्यू के लिए आवश्यकतानुसार ज़ूम करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:55&lt;br /&gt;
|पैनल पर 'Crystal lattice'दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:59&lt;br /&gt;
| अब मैं 'Miller Indices'को बदलकर 3, 2, 3 करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:05&lt;br /&gt;
| 'Navigation'टूल उपयोग करके सेल को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:09&lt;br /&gt;
| यहाँ डॉटेड चित्र'प्लेन'दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:13&lt;br /&gt;
| h', 'k', 'l'वैल्यूज़ को बदलकर आप विभिन्न 'प्लेन्स'देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:20&lt;br /&gt;
|अब मैं 'Hexamminecobalt(III)'के लिए 'octahedral'ज्योमेट्री बनाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:26&lt;br /&gt;
| एक नयी विंडो खोलने के लिए टूल बार पर 'New'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:31&lt;br /&gt;
|'Hexammine cobalt(III)'बनाने के लिए 'Draw'टूल आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:37&lt;br /&gt;
| 'Element'ड्राप डाउन में 'Other'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:41&lt;br /&gt;
|  'Periodic table'विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:44&lt;br /&gt;
| सूची से 'Cobalt'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47&lt;br /&gt;
| 'Periodic table'विंडो बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:50&lt;br /&gt;
| 'पैनल'पर क्लिक करें। 'Element'ड्राप डाउन से 'Nitrogen'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:56&lt;br /&gt;
| 'कोबॉल्ट परमाणु'पर छः 'बॉन्ड्स'बनाने के लिए क्लिक और ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:03&lt;br /&gt;
| ध्यान दें प्रत्येक 'नाइट्रोजन'दो जुड़े हुए 'हाइड्रोजन्स'रखता है । &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:08&lt;br /&gt;
| 'hexamminecobalt(III)'संरचना में प्रत्येक 'नाइट्रोजन'तीन जुड़े हुए 'हाइड्रोजन्स'रखता है ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:15&lt;br /&gt;
| 'Element'ड्राप डाउन से 'Hydrogen'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:19&lt;br /&gt;
| सारे 'नाइट्रोजन परमाणुओं'पर क्लिक और ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:25&lt;br /&gt;
|'Hexamminecobalt(III)'संरचना पैनल पर बनती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:29&lt;br /&gt;
| 'Display Settings'मेनू को खोलने के लिए 'Display Settings'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:36&lt;br /&gt;
| अब मैं 'Hexamminecobalt(III)'संरचना की 'octahedral geometry'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:42&lt;br /&gt;
| इसके लिए मैं 'Polygon Display Type'उपयोग करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:46&lt;br /&gt;
| यदि 'Polygon Display Type'सक्रीय नहीं है तो सक्रीय करने के लिए 'Add'बटन का उपयोग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:52&lt;br /&gt;
| 'Polygon Display Type'चेकबॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:56&lt;br /&gt;
| ऑप्टिमाइज़ करने के लिए टूल बार पर 'Auto Optimization Tool'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:01&lt;br /&gt;
| 'Force Field'ड्राप डाउन में 'UFF'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:06&lt;br /&gt;
| ऑप्टिमाइज़ करने के लिए 'Start'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:11&lt;br /&gt;
| 'Auto optimization'प्रक्रिया रोकने के लिए 'Stop'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:16&lt;br /&gt;
| 'Navigation'टूल उपयोग करके 'octahedral geometry'देखने के लिए संरचना को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:22&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार यह 'iodine heptafluoride'की 'pentagonal bipyramidal geometry'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:29&lt;br /&gt;
| अब हम 'Build'मेनू में 'Nanotube builder'नामक एक अन्य विशेषता देखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:35&lt;br /&gt;
| एक 'nanotube''nanometer-scale'की ट्यूब जैसी संरचना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:40&lt;br /&gt;
| '''Boron carbon''' and   '''Carbon'''. भिन्न-भिन्न प्रकार के 'nanotubes'के उदाहरण हैं: 'Boron carbon nitrogen', 'Boron carbon'और 'Carbon'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|09:50&lt;br /&gt;
| 'carbon nanotube''कार्बन संरचना'का लघु रूप सिलिंडर है जो किनारों पर जुड़े हुए हेक्ज़ागोनल 'ग्रेफाइट मॉलिक्यूल्स'रखता है।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:01&lt;br /&gt;
|Click on '''New''' icon on the tool bar to open a new window.नयी विंडो खोलने के लिए टूल बार पर 'New'आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:06&lt;br /&gt;
| 'nanotube'के बेहतर व्यू के लिए मैं बैकग्राउंड रंग को नीला करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:12&lt;br /&gt;
| 'View'पर जाएँ और 'Set Background Color'पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:17&lt;br /&gt;
|'Select Color'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:21&lt;br /&gt;
| बॉक्स में नीला रंग चुनें और 'Ok'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:26&lt;br /&gt;
|'Build'मेनू पर जाएँ और 'Nanotube Builder'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:30&lt;br /&gt;
|'Nanotube Builder''पैनल'के नीचे खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:35&lt;br /&gt;
| 'Nanotube Builder'मेनू को देखने के लिए मैं 'Avogadro'विंडो को री-साइज़ करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:40&lt;br /&gt;
| 'nanotube'के प्रकार को निर्धारित करने के लिए आप 'chirality indexes n, m'को सेट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:47&lt;br /&gt;
| मैं 'index वैल्यूज़ n'और 'm'को 4 और 4 सेट करुँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:53&lt;br /&gt;
| 'Length'को 4.00(four point zero zero) करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|10:57&lt;br /&gt;
| 'Unit'फील्ड को 'Periodic units'करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:01&lt;br /&gt;
| 'nanotube'में डबल बॉन्ड्स को दिखाने के लिए 'Find double bonds'चेकबॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:08&lt;br /&gt;
| फिर 'Build'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:10&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL + SHIFT + A'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:15&lt;br /&gt;
| अच्छे व्यू के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके 'nanotube'को घुमाएं और ज़ूम करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:21&lt;br /&gt;
| आगे मैं 6,6 'index values'के साथ एक नैनोट्यूब बनाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:27&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर जाएँ और 'Nanotube Builder'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:31&lt;br /&gt;
| 'n'और 'm'वैल्यूज़ को बदलकर 6 और 6 करें। फिर 'Build'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:40&lt;br /&gt;
| दो ओवरलैपिंग 'नैनोट्यूब्स'को देखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:44&lt;br /&gt;
| 'नैनोट्यूब्स'को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए 'Auto Optimization Tool'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:50&lt;br /&gt;
| 'Force Field'ड्राप डाउन में 'MMFF94'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|11:56&lt;br /&gt;
| ऑप्टिमाइज़ करने के लिए 'Start'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:02&lt;br /&gt;
| 'auto optimization'प्रक्रिया को रोकने के लिए 'Stop'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:07&lt;br /&gt;
| संरचना को अचयनित करने के लिए 'CTRL + SHIFT + A'दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:11&lt;br /&gt;
| पैनल पर डबल-वॉल्ड (दोहरी दीवार) 'नैनोट्यूब'दिखती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:16&lt;br /&gt;
| अच्छे व्यू के लिए 'Navigation tool'उपयोग करके 'नैनोट्यूब'को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12:21&lt;br /&gt;
| अब मैं 'नैनोट्यूब'में 'carbon hexagon rings'दिखाऊँगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:26&lt;br /&gt;
|'Display Types'मेनू में 'Ring'चेकबॉक्स चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:31&lt;br /&gt;
| 'carbon hexagons'देखने के लिए 'Navigation'टूल उपयोग करके 'नैनोट्यूब'को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:38&lt;br /&gt;
| सारांश में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:40&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:43&lt;br /&gt;
| 'pH values'बदलकर कंपाउंड्स में 'Proton transfer'करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:48&lt;br /&gt;
| 'crystal library'से 'crystal structures'लोड करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:51&lt;br /&gt;
| विभिन्न 'Miller planes'दिखाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:54&lt;br /&gt;
| सुपर सेल्स बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|12:56&lt;br /&gt;
| कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स में ज्योमेट्रीज़ दिखाना और 'नैनोट्यूब्स'बनाना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:03&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट में &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'silver chloride(AgCl) crystal structure'लोड करें और इसका 'Miller planes'दिखाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:09&lt;br /&gt;
| कोऑर्डिनेशन लाइब्रेरी से संरचनाएं लोड करें और ज्योमेट्रीज़ दिखाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:14&lt;br /&gt;
| 'chirality index' 9,9 के साथ 'नैनोट्यूब'बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:19&lt;br /&gt;
| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:27&lt;br /&gt;
| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:34&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट 'NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|13:41&lt;br /&gt;
| यह स्क्रिप्ट जया द्वारा अनुवादित है। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Create-Surfaces/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C2/Create-Surfaces/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Create-Surfaces/Hindi"/>
				<updated>2017-09-18T13:54:56Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| 'Create surfaces'पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: अणु के दिखने वाले गुण &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'सरफेस बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
| 'electrostatic potential'एनर्जीज़ के अनुसार सरफेस को रंग करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ 'Ubuntu Linux' OS वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Avogadro''' version 1.1.1. 'Avogadro'वर्जन 1.1.1.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:35&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने 'Avogadro'विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
| 'Insert Fragment Library'से 'ब्यूटेन'का अणु प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर फिर 'Insert -&amp;gt;fragment'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
| 'alkanes'फोल्डर को खोलने के लिए डबल क्लिक करें। 'butane.cml'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:11&lt;br /&gt;
|'Insert'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:14&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:17&lt;br /&gt;
| पैनल पर 'n-butane'का मॉडल दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
|. 'Select'मेनू से 'Select none'विकल्प उपयोग करके चयन को क्लियर करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:26&lt;br /&gt;
| अब अणु के मॉलिक्यूलर प्रॉपर्टीज़ (आणविक गुण) दिखाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
| 'View'मेनू पर क्लिक करें 'Properties'विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
|'सब-मेनू से 'Molecule Properties'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:39&lt;br /&gt;
|'Molecule Properties'विंडो कुछ जानकारी के साथ खुलती है जैसे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'IUPAC Molecule Name', 'Molecular weight', 'Chemical Formula', 'Dipole moment'आदि &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:54&lt;br /&gt;
| विंडो बंद करने के लिए 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:57&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार 'Atom Properties'देखने के लिए 'properties'मेनू से 'Atom properties'विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
| अणु में प्रत्येक परमाणु के लिए कुछ गुणों की वैल्यूज़ के साथ एक सूची खुलती है जैसे 'Element', 'Type', 'Valence', 'Formal charge'आदि। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:20&lt;br /&gt;
| सूची से अन्य गुणों जैसे 'Angle', 'Torsion'और 'Conformer'को खोजें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:27&lt;br /&gt;
| अब 'partial charge'के साथ अणु में परमाणुओं को लेबल करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:33&lt;br /&gt;
| 'Display settings'पर क्लिक करें: 'Display Types'सूची से 'Label'के सामने वाला बॉक्स चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:43&lt;br /&gt;
| 'Label'चेक बॉक्स के दायीं तरफ 'Spanner'सिंबल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
| 'Label Settings'विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:51&lt;br /&gt;
| 'atom labels'टेक्स्ट ड्राप डाउन से 'Partial charge'विकल्प पर क्लिक करें। अब अणु में सारे परमाणु 'partial charge'से लेबल होते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:01&lt;br /&gt;
| 'partial charge'डिस्ट्रीब्यूशन कार्बन परमाणुओं की रीएक्टिविटी का पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:07&lt;br /&gt;
| 'Inductive effect'को 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करके समझाया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| 'hydrogen'को 'chlorine'से बदलें। 'कार्बन'चेन के साथ 'partial charge'की वैल्यू में बदलाव पर ध्यान दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
| 'inductive effect'के कारण 'कार्बन्स''क्लोरीन'के पास ज़्यादा पॉजिटिव हो जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| हमारे पास बॉन्ड्स को लेबल करने का एक विकल्प भी है। 'bond labels'टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:35&lt;br /&gt;
| ड्राप-डाउन में बॉन्ड्स को लेबल करने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| 'bond length'पर क्लिक करें। सभी बॉन्ड्स के लिए 'bond lengths'पैनल पर दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:46&lt;br /&gt;
| लेबल्स का रंग बदलने के लिए रंग से भरे हुए बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
| 'Select atoms label color'विंडो से वो रंग चुनें। 'OK'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
| हम 'X, Y'और 'Z'दिशाओं में लेबल्स शिफ्ट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:04&lt;br /&gt;
| 'label shift'मेनू में 'increment or decrement buttons'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:12&lt;br /&gt;
| 'Avogadro'का एक अन्य सबसे उपयोगी विशेषता है कि इसमें सरफेसेस बनाने की क्षमता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:18&lt;br /&gt;
| 'extensions'मेनू में सरफेसेस बनाने के लिए विकल्प उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:24&lt;br /&gt;
| 'extensions'मेनू पर क्लिक करें फिर 'create surfaces'विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर 'create surface'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:34&lt;br /&gt;
| 'Surface type'ड्राप डाउन में दो विकल्प हैं: 'Van der waals'और 'electro-static potential'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:42&lt;br /&gt;
| 'Electrostatic potential surfaces''Avogadro'में अब तक समर्थित नहीं हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:48&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'विकल्प चुनें। 'Color By'ड्राप डाउन में 'Nothing'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:55&lt;br /&gt;
| 'Resolution'को 'Medium'करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
|'Iso value'को 0 करें। 'Calculate'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:07&lt;br /&gt;
| पैनल पर 'van der waals'सरफेस दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:11&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'सरफेस, सरफेस का एक प्रदर्शन है जिससे एक अणु दूसरे अणु के साथ पारस्परिक व्यवहार करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:19&lt;br /&gt;
| सरफेस की सेटिंग्स बदलने के लिए सरफेसेस के तत्स्थानी स्पेनर सिंबल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:26&lt;br /&gt;
| एक 'surface setting'डायलॉग बॉक्स खुलता है। 'opacity'को समायोजित करने के लिए 'स्लाइडर'को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| 'Render'ड्राप डाउन में चुनने के लिए भिन्न-भिन्न प्रदर्शित विकल्प हैं जैसे: 'Fill','lines'और 'points'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:42&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट विकल्प 'fill'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:45&lt;br /&gt;
| सरफेस का रंग बदलने के लिए 'positive'विकल्प के आगे रंग से भरे बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| रंग पर क्लिक करके बुनियादी रंग चार्ट से रंग का चयन करें। 'OK'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:00&lt;br /&gt;
| 'Create surface'विंडो के आगे: 'Color by'ड्राप-डाउन से 'Electrostatic potential'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
| 'resolution'को 'medium'करें। 'Iso value'को 0.02 करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| कम 'Iso value'सेट करना अच्छी सरफेस देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:18&lt;br /&gt;
| ''Calculate'बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| 'पैनल'पर हम परमाणुओं की 'electro-static potential values'के आधार पर '1-chloro butane'की रंगीन सरफेस देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
| 'Electrostatic potential surface'अणु का 'charge distributions'दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:37&lt;br /&gt;
| वे अणुओं के व्यवहार का अनुमान लगाने में भी उपयोग किये जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से, 'electronegativity'के उच्चतम क्षेत्र लाल रंग में और निम्नतम क्षेत्र नीले में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:49&lt;br /&gt;
| ''' यहाँ 'electro-static potential surfaces'के साथ अणुओं के अधिक उदाहरण हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:56&lt;br /&gt;
|'Aniline और cyclohexylamine'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:00&lt;br /&gt;
| 'cyclohexylamine'के 'नाइट्रोजन'पर 'इलेक्ट्रान डेंसिटी''aniline'की तुलना में ज़्यादा स्थानीय है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:08&lt;br /&gt;
| अतः 'cyclohexylamine'मज़बूत बेस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:12&lt;br /&gt;
|. इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: अणु के गुणों को देखना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:20&lt;br /&gt;
| 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:24&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'सरफेस बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
| 'electrostatic potential'एनर्जीज़ के आधार पर सरफेस को रंग करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:33&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट में: 'electro-static potential surface'उपयोग करके 'acetaldehyde'और 'formamide'की रीऐक्टिवटी (प्रतिक्रिया) की तुलना करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
| 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47&lt;br /&gt;
| आपका पूरा असाइनमेंट इस तरह दिखना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:51&lt;br /&gt;
| लाल रंग में नेगेटिव (ऋणात्मक) चार्ज 'acetaldehyde'के 'ऑक्सीजन'परमाणु पर ज़्यादा स्थानीय है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:58&lt;br /&gt;
| 'formamide'में नेगेटिव चार्ज ज़्यादा गतिमान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
| अतः 'Acetaldehyde''Formamide'से ज़्यादा रिएक्टिव है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:07&lt;br /&gt;
| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
|  Please contact us. हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाते हैं और प्रमाणत्र देते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:22&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट 'NMEICT, MHRD'भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल जया द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं _____ आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Create-Surfaces/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C2/Create-Surfaces/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Create-Surfaces/Hindi"/>
				<updated>2017-09-18T13:52:57Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: Created page with &amp;quot; {| border=1 ! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt; ! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;  |- |00:01 | 'Create surfaces'पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्व...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Time&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
! &amp;lt;center&amp;gt;Narration&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:01&lt;br /&gt;
| 'Create surfaces'पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  00:07&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे: अणु के दिखने वाले गुण &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:13&lt;br /&gt;
| 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'सरफेस बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:20&lt;br /&gt;
| 'electrostatic potential'एनर्जीज़ के अनुसार सरफेस को रंग करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ 'Ubuntu Linux' OS वर्जन 14.04&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Avogadro''' version 1.1.1. 'Avogadro'वर्जन 1.1.1.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|00:35&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'इंटरफ़ेस से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:41&lt;br /&gt;
| यदि नहीं तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:47&lt;br /&gt;
| यहाँ मैंने 'Avogadro'विंडो खोल ली है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:51&lt;br /&gt;
| 'Insert Fragment Library'से 'ब्यूटेन'का अणु प्रविष्ट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:57&lt;br /&gt;
| 'Build'मेनू पर फिर 'Insert -&amp;gt;fragment'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:04&lt;br /&gt;
| 'alkanes'फोल्डर को खोलने के लिए डबल क्लिक करें। 'butane.cml'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:11&lt;br /&gt;
'Insert'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:14&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:17&lt;br /&gt;
| पैनल पर 'n-butane'का मॉडल दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:21&lt;br /&gt;
|. 'Select'मेनू से 'Select none'विकल्प उपयोग करके चयन को क्लियर करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:26&lt;br /&gt;
| अब अणु के मॉलिक्यूलर प्रॉपर्टीज़ (आणविक गुण) दिखाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:30&lt;br /&gt;
| 'View'मेनू पर क्लिक करें 'Properties'विकल्प चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:35&lt;br /&gt;
|'सब-मेनू से 'Molecule Properties'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:39&lt;br /&gt;
|'Molecule Properties'विंडो कुछ जानकारी के साथ खुलती है जैसे &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'IUPAC Molecule Name', 'Molecular weight', 'Chemical Formula', 'Dipole moment'आदि &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:54&lt;br /&gt;
| विंडो बंद करने के लिए 'OK'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  01:57&lt;br /&gt;
| उसी प्रकार 'Atom Properties'देखने के लिए 'properties'मेनू से 'Atom properties'विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:04&lt;br /&gt;
| अणु में प्रत्येक परमाणु के लिए कुछ गुणों की वैल्यूज़ के साथ एक सूची खुलती है जैसे 'Element', 'Type', 'Valence', 'Formal charge'आदि। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:17&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:20&lt;br /&gt;
| सूची से अन्य गुणों जैसे 'Angle', 'Torsion'और 'Conformer'को खोजें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:27&lt;br /&gt;
| अब 'partial charge'के साथ अणु में परमाणुओं को लेबल करना सीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:33&lt;br /&gt;
| 'Display settings'पर क्लिक करें: 'Display Types'सूची से 'Label'के सामने वाला बॉक्स चेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:43&lt;br /&gt;
| 'Label'चेक बॉक्स के दायीं तरफ 'Spanner'सिंबल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
| 'Label Settings'विंडो खुलती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  02:51&lt;br /&gt;
| 'atom labels'टेक्स्ट ड्राप डाउन से 'Partial charge'विकल्प पर क्लिक करें। अब अणु में सारे परमाणु 'partial charge'से लेबल होते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:01&lt;br /&gt;
| 'partial charge'डिस्ट्रीब्यूशन कार्बन परमाणुओं की रीएक्टिविटी का पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:07&lt;br /&gt;
| 'Inductive effect'को 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करके समझाया जा सकता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:14&lt;br /&gt;
| 'hydrogen'को 'chlorine'से बदलें। 'कार्बन'चेन के साथ 'partial charge'की वैल्यू में बदलाव पर ध्यान दें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:22&lt;br /&gt;
| 'inductive effect'के कारण 'कार्बन्स''क्लोरीन'के पास ज़्यादा पॉजिटिव हो जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:28&lt;br /&gt;
| हमारे पास बॉन्ड्स को लेबल करने का एक विकल्प भी है। 'bond labels'टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:35&lt;br /&gt;
| ड्राप-डाउन में बॉन्ड्स को लेबल करने के लिए विकल्प हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| 'bond length'पर क्लिक करें। सभी बॉन्ड्स के लिए 'bond lengths'पैनल पर दिखती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  03:46&lt;br /&gt;
| लेबल्स का रंग बदलने के लिए रंग से भरे हुए बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:51&lt;br /&gt;
| 'Select atoms label color'विंडो से वो रंग चुनें। 'OK'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:59&lt;br /&gt;
| हम 'X, Y'और 'Z'दिशाओं में लेबल्स शिफ्ट कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:04&lt;br /&gt;
| 'label shift'मेनू में 'increment or decrement buttons'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:12&lt;br /&gt;
| 'Avogadro'का एक अन्य सबसे उपयोगी विशेषता है कि इसमें सरफेसेस बनाने की क्षमता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:18&lt;br /&gt;
| 'extensions'मेनू में सरफेसेस बनाने के लिए विकल्प उपलब्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:24&lt;br /&gt;
| 'extensions'मेनू पर क्लिक करें फिर 'create surfaces'विकल्प पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:30&lt;br /&gt;
| स्क्रीन पर 'create surface'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:34&lt;br /&gt;
| 'Surface type'ड्राप डाउन में दो विकल्प हैं: 'Van der waals'और 'electro-static potential'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:42&lt;br /&gt;
| 'Electrostatic potential surfaces''Avogadro'में अब तक समर्थित नहीं हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  04:48&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'विकल्प चुनें। 'Color By'ड्राप डाउन में 'Nothing'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:55&lt;br /&gt;
| 'Resolution'को 'Medium'करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:58&lt;br /&gt;
|'Iso value'को 0 करें। 'Calculate'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:04&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:07&lt;br /&gt;
| पैनल पर 'van der waals'सरफेस दिखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:11&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'सरफेस, सरफेस का एक प्रदर्शन है जिससे एक अणु दूसरे अणु के साथ पारस्परिक व्यवहार करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:19&lt;br /&gt;
| सरफेस की सेटिंग्स बदलने के लिए सरफेसेस के तत्स्थानी स्पेनर सिंबल पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:26&lt;br /&gt;
| एक 'surface setting'डायलॉग बॉक्स खुलता है। 'opacity'को समायोजित करने के लिए 'स्लाइडर'को ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:34&lt;br /&gt;
| 'Render'ड्राप डाउन में चुनने के लिए भिन्न-भिन्न प्रदर्शित विकल्प हैं जैसे: 'Fill','lines'और 'points'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:42&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट विकल्प 'fill'है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  05:45&lt;br /&gt;
| सरफेस का रंग बदलने के लिए 'positive'विकल्प के आगे रंग से भरे बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:52&lt;br /&gt;
| रंग पर क्लिक करके बुनियादी रंग चार्ट से रंग का चयन करें। 'OK'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:00&lt;br /&gt;
| 'Create surface'विंडो के आगे: 'Color by'ड्राप-डाउन से 'Electrostatic potential'चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:07&lt;br /&gt;
| 'resolution'को 'medium'करें। 'Iso value'को 0.02 करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:14&lt;br /&gt;
| कम 'Iso value'सेट करना अच्छी सरफेस देता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:18&lt;br /&gt;
| ''Calculate'बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:21&lt;br /&gt;
| 'पैनल'पर हम परमाणुओं की 'electro-static potential values'के आधार पर '1-chloro butane'की रंगीन सरफेस देखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:31&lt;br /&gt;
| 'Electrostatic potential surface'अणु का 'charge distributions'दिखाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:37&lt;br /&gt;
| वे अणुओं के व्यवहार का अनुमान लगाने में भी उपयोग किये जाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:42&lt;br /&gt;
| डिफ़ॉल्ट रूप से, 'electronegativity'के उच्चतम क्षेत्र लाल रंग में और निम्नतम क्षेत्र नीले में हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|06:49&lt;br /&gt;
| ''' यहाँ 'electro-static potential surfaces'के साथ अणुओं के अधिक उदाहरण हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  06:56&lt;br /&gt;
|'Aniline और cyclohexylamine'&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:00&lt;br /&gt;
| 'cyclohexylamine'के 'नाइट्रोजन'पर 'इलेक्ट्रान डेंसिटी''aniline'की तुलना में ज़्यादा स्थानीय है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:08&lt;br /&gt;
| अतः 'cyclohexylamine'मज़बूत बेस है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:12&lt;br /&gt;
|. इसे सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: अणु के गुणों को देखना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:20&lt;br /&gt;
| 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:24&lt;br /&gt;
| 'Van der waals'सरफेस बनाना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:27&lt;br /&gt;
| 'electrostatic potential'एनर्जीज़ के आधार पर सरफेस को रंग करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  07:33&lt;br /&gt;
| असाइनमेंट में: 'electro-static potential surface'उपयोग करके 'acetaldehyde'और 'formamide'की रीऐक्टिवटी (प्रतिक्रिया) की तुलना करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:43&lt;br /&gt;
| 'partial charge'के साथ परमाणुओं को लेबल करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:47&lt;br /&gt;
| आपका पूरा असाइनमेंट इस तरह दिखना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:51&lt;br /&gt;
| लाल रंग में नेगेटिव (ऋणात्मक) चार्ज 'acetaldehyde'के 'ऑक्सीजन'परमाणु पर ज़्यादा स्थानीय है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|07:58&lt;br /&gt;
| 'formamide'में नेगेटिव चार्ज ज़्यादा गतिमान है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:02&lt;br /&gt;
| अतः 'Acetaldehyde''Formamide'से ज़्यादा रिएक्टिव है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:07&lt;br /&gt;
| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है। अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:15&lt;br /&gt;
|  Please contact us. हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाते हैं और प्रमाणत्र देते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|08:22&lt;br /&gt;
| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट 'NMEICT, MHRD'भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|  08:29&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल जया द्वारा अनुवादित है, आई आई टी बॉम्बे से मैं _____ आपसे विदा लेती हूँ। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Edit-molecules/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C2/Edit-molecules/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Edit-molecules/Hindi"/>
				<updated>2017-09-12T12:34:59Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: Created page with &amp;quot; {| border=1 ||'''Time''' ||'''Narration'''  |- ||00:01 || '''Edit molecules'''पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
{| border=1&lt;br /&gt;
||'''Time'''&lt;br /&gt;
||'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:01&lt;br /&gt;
|| '''Edit molecules'''पर इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:08&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे - परमाणुओं (एटम्स) को जोड़ना और डिलीट (मिटाना) करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:14&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड्स को जोड़ना और डिलीट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:16&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड्स को घूमना (रोटेट करना)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:18&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड की लम्बाई बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:20&lt;br /&gt;
|| हाइड्रोजन को मिथाईल ग्रुप में बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:23&lt;br /&gt;
|| संरचनाओं को कॉपी, पेस्ट और ज्वाइन करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||00:27&lt;br /&gt;
|| यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Ubuntu Linux''' OS version. 14.04 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''Avogadro''' version 1.1.1.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:37&lt;br /&gt;
|| इस ट्यूटोरियल के अनुसरण के लिए आपको 'Avogadro'अंतरापृष्ठ से परिचित होना चाहिए। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:43&lt;br /&gt;
|| अगर नहीं है, तो सम्बंधित ट्यूटोरियल्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:49&lt;br /&gt;
|| यहाँ मैं बताउंगी कि 'Terminal'प्रयोग करके 'Avogadro'कैसे खोलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 00:55&lt;br /&gt;
||टर्मिनल खोलने के लिए 'CTRL, ALT'और 'T'एक साथ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:03&lt;br /&gt;
|| टाइप करें '''avogadro'''प्रॉम्प्ट पर और एंटर दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:08&lt;br /&gt;
||'''Avogadro'''एप्लीकेशन विंडो खुलेगी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:12&lt;br /&gt;
|| दिखाने के लिए मैं '''Fragment'''लाइब्रेरी से '''n-butane'''का अणु दिखाउंगी।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:19&lt;br /&gt;
||''Build'''मेनू पर क्लिक करें। '''Insert-&amp;gt;Fragment'''तक जाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:25&lt;br /&gt;
|| '''Insert fragment'''डायलॉग बॉक्स दिखेगा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:29&lt;br /&gt;
|| फ़्रैगमेन्ट्स की सूची से, खोलने के लिए '''alkanes'''पर डबल क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:35&lt;br /&gt;
|| ड्राप डाउन जो दिखता है उससे '''butane.cml'''का चयन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:41&lt;br /&gt;
|| ''' Insert'''बटन पर क्लिक करें। '''Insert Fragment'''डायलॉग बॉक्स बंद करने के लिए X पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:49&lt;br /&gt;
|| '''Butane'''अणु नीले रंग में हाईलाइट होकर '''Panel'''पर आता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 01:54&lt;br /&gt;
|| हाइलाइटिंग को हटाने के लिए, '''Ctrl, Shift '''और '''A'''एक साथ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:02&lt;br /&gt;
||उचित एलाइनमेंट के लिए '''Navigation '''टूल उपयोग करके संरचना को घुमाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||02:09&lt;br /&gt;
|| अब हम सीखेंगे कि अणु में परमाणुओं को कैसे जोड़ते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  02:14&lt;br /&gt;
|| टूल बार में '''Draw tool'''आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:18&lt;br /&gt;
|| '''अंतिम '''Carbon'''परमाणु पर क्लिक करें और '''Panel'''पर खींचें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:23&lt;br /&gt;
|| आवश्यक जुड़े हुए हयड्रोजन्स के साथ कार्बन परमाणु है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:27&lt;br /&gt;
||हमारे पास '''Panel'''पर '''pentane'''अणु है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:32&lt;br /&gt;
|| उसी प्रकार alkanes की सूची बनाने के लिए आप '''Draw tool'''उपयोग करके परमाणु जोड़ सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:39&lt;br /&gt;
||'''एक नयी विंडो खोलें। '''Draw tool.'''उपयोग करके प्रोपेन ड्रा करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:45&lt;br /&gt;
|| अब '''Ethane'''का अणु प्राप्त करने के लिए अंतिम कार्बन परमाणु को हयड्रोजन्स से डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:52&lt;br /&gt;
|| परमाणु डिलीट करने के लिए टूल बार पर '''Selection tool'''आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 02:57&lt;br /&gt;
||क्लिक करें और चयनित करने के लिए अंतिम कार्बन परमाणु पर ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:02&lt;br /&gt;
|| चयनित परमाणु नीले रंग में दीखते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:06&lt;br /&gt;
|| डिलीट करने के लिए '''Backspace'''दबाएं। वैकल्पिक रूप से आप '''Edit'''मेनू में clear ऑप्शन उपयोग कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:14&lt;br /&gt;
| फिर से करने के लिए '''Ctrl and Z keys '''एकसाथ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:20&lt;br /&gt;
|| हम दिखाएंगे कि अणु में बॉन्ड्स को कैसे जोड़ते और डिलीट करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:26&lt;br /&gt;
||  बॉन्ड्स जोड़ने के लिए टूल बार पर '''Draw tool'''आइकन का चयन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:31&lt;br /&gt;
||बायीं तरफ '''Draw Settings'''मेनू खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:35&lt;br /&gt;
|| बाइ डिफ़ॉल्ट '''Element '''ड्राप डाउन सूची में '''Carbon'''चयनित है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:40&lt;br /&gt;
||एक डबल बॉन्ड इंट्रोड्यूस करने के लिए '''Bond Order '''ड्राप डाउन से '''Double'''का चयन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:46&lt;br /&gt;
|| C-1 और C-2 के बीच के बॉन्ड पर क्लिक करें इसे डबल बॉन्ड में बदलने के लिए &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:52&lt;br /&gt;
|| '''डबल बॉन्ड को ट्रिपल बॉन्ड में बदलने के लिए '''Bond Order.'''से '''Triple'''चुनें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
बॉन्ड पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 03:59&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड्स को डिलीट करने के लिए माउस का दाँया बटन पकड़ें और बॉन्ड्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:04&lt;br /&gt;
|| इसका परिणाम दो भिन्न-भिन्न अणु है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:08&lt;br /&gt;
||अब अणु को दोबारा सम्मिलित करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:11&lt;br /&gt;
|| एक अणु के कार्बन पर क्लिक करें, अन्य अणु के कार्बन पर क्लिक करके ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:18&lt;br /&gt;
||  हम '''Bond Centric Manipulation'''टूल उपयोग करके बॉन्ड्स को रोटेट और उनकी लम्बाई बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:24&lt;br /&gt;
|| टूल बार पर '''Bond Centric Manipulation tool'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:29&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ '''Bond Centric Manipulate'''सेटिंग्स मेनू खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:34&lt;br /&gt;
|| बाइ डिफ़ॉल्ट '''Show Angles'''और '''Snap-to Bonds'''चेक हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:39&lt;br /&gt;
||'''Snap-to Threshold''''''10&amp;lt;sup&amp;gt;0'''&amp;lt;/sup&amp;gt;(10 degree) पर सेट है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:43&lt;br /&gt;
|| उपयोगकर्ता आवश्यकता के अनुसार अपनी पसंद की सेटिंग्स कर सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:49&lt;br /&gt;
|| एंगल्स (कोणों) दिखाने के लिए दो परमाणुओं के बीच के बॉन्ड पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 04:55&lt;br /&gt;
|| हमें बॉन्ड्स के प्लेन ऑफ़ रोटेशन को बदलने की ज़रुरत है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||04:59&lt;br /&gt;
|| जो प्लेन आप फिक्स करना चाहते हैं। उस बॉन्ड पर क्लिक करें और ऊपर और नीचे घुमाएं।   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:05&lt;br /&gt;
|| परमाणुओं के बीच का प्लेन नीले ये पीले रंग में दीखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:11&lt;br /&gt;
||  रोटेट करने के लिए किसी एक परमाणु पर क्लिक करें और घुमाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:16&lt;br /&gt;
||जुड़ा हुआ बॉन्ड परमाणुओं के साथ स्थिर प्लेन में रोटेट होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:21&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड की लंबई बदलने के लिए माउस का दाँया बटन पकड़ें और ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:27&lt;br /&gt;
|| अब हम दिखाएँगे कि हयड्रोजन्स को methyl ग्रुपस में कैसे बदलते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:32&lt;br /&gt;
|| '''Build '''मेनू पर क्लिक करें और '''Change H To Methyl.'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:38&lt;br /&gt;
||  सारे '''Hydrogens'''अब '''Methyl'''ग्रुप्स से बदल गए हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:43&lt;br /&gt;
|| बदलावों को अनडू करने के लिए '''CTRL'''और ''' Z keys'''एक साथ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:49&lt;br /&gt;
|| हम एक विशेष 'हाइड्रोजन'परमाणु भी चुन सकते हैं और इसे '''methyl'''ग्रुप में बदल सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||05:55&lt;br /&gt;
|| टूल बार पर '''Selection tool '''आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 05:59&lt;br /&gt;
|| चयन के लिए अंतिम कार्बन परमाणु से जुड़े हुए '''हाइड्रोजन'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:04&lt;br /&gt;
|| '''Build'''मेनू पर जाएँ और '''Change H to Methyl'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:10&lt;br /&gt;
|| चयनित 'हाइड्रोजन''''methyl'''ग्रुप से बदल गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:15&lt;br /&gt;
|| अचयनित करने के लिए '''Ctrl, Shift'''और '''A'''एक साथ दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:22&lt;br /&gt;
|| अब देखें कि संरचनाओं को कॉपी, पेस्ट और ज्वाइन कैसे करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:28&lt;br /&gt;
|| एक नयी विंडो खोलने के लिए '''File'''-&amp;gt;'''New'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:33&lt;br /&gt;
|| हम '''Maltose'''अणु को बनाना सीखेंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:37&lt;br /&gt;
||'''Maltose'''दो '''glucose'''अणुओं से बनता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:41&lt;br /&gt;
|| एक '''glucose'''अणु को सम्मिलित करने के लिए '''Build'''मेनू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:46&lt;br /&gt;
|| जाएँ और '''Insert''' -&amp;gt;'''Fragment'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:51&lt;br /&gt;
|| '''Insert''' -&amp;gt;'''Fragment'''डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 06:55&lt;br /&gt;
|| सूची में नीचे जाएँ और '''Cyclic sugar'''फ़ोल्डर्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:01&lt;br /&gt;
|| एक सब मेनू खुलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:04&lt;br /&gt;
||'''नीचे जाएँ और '''beta-d-glucopyranose.cml'''का चयन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:10&lt;br /&gt;
|| '''Insert'''बटन पर क्लिक करें। डायलॉग बॉक्स बंद करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:16&lt;br /&gt;
||'''beta-D-glucopyranose.cml'''नीले रंग में पैनल पर दीखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:24&lt;br /&gt;
|| हैंड टूल उपयोग करके इसे केंद्र में ट्रांसलेट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:28&lt;br /&gt;
|| अब एक अन्य '''glucose'''अणु को कॉपी और पेस्ट करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:33&lt;br /&gt;
|| मेनू बार पर '''Edit'''मेनू पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:36&lt;br /&gt;
|| और '''Copy'''पर क्लिक करें। दोबारा एडिट मेनू में नीचे जाएँ और '''Paste'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:44&lt;br /&gt;
||  ध्यान दें कॉपी पेस्ट कार्य-विधि के समय थोड़ी देर के लिए विंडो मन्द होती है और दोबारा ठीक हो जाती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:51&lt;br /&gt;
|| पैनल पर मौजूदा अणु पर एक नया अणु कॉपी और पेस्ट हो गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 07:58&lt;br /&gt;
|| कर्सर हैंड टूल में बदलता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:01&lt;br /&gt;
||कॉपी किये हुए अणु को मौलिक अणु से हटाएँ। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:06&lt;br /&gt;
|| अब हमारे पास पैनल पर दो अलग-अलग अणु हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:10&lt;br /&gt;
|| अचयनित करने के लिए एक साथ '''Ctrl, Shift '''और '''A'''दबाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:17&lt;br /&gt;
|| अब अणुओं को लेबल करते हैं। लेबलिंग सारे परमाणुओं के स्थान को पहचानने में मदद करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:25&lt;br /&gt;
|| लेबल करने के लिए ''' Display Types'''ड्राप डाउन से '''Label'''चेक बॉक्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:32&lt;br /&gt;
|| '''Maltose'''बनाने के लिए जल के अणु को हटाना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:37&lt;br /&gt;
|| पहले अणु के C-1 पर OH ग्रुप को और दूसरे अणु के C-9 पर हाइड्रोजन को डिलीट करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:46&lt;br /&gt;
|| ''''''Draw tool settings'''में  '''Carbon'''का चयन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:50&lt;br /&gt;
|| '''Bond Order'''में ''' Single'''का चयन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:54&lt;br /&gt;
|| '''Adjust Hydrogens'''चेक बॉक्स अनचेक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 08:58&lt;br /&gt;
|| पहले अणु के C-1 को और दूसरे अणु के C-9 को '''oxygen'''परमाणु से ज्वाइन करने के लिए क्लिक और ड्रैग करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:07&lt;br /&gt;
|| हमें ज्योमेट्री को ऑप्टिमाइज़ (उपयुक्त बनाना) करना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:11&lt;br /&gt;
|| '''Auto Optimization tool'''का चयन करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:15&lt;br /&gt;
|| बायीं तरफ '''Auto Optimization settings'''मेनू दीखता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:20&lt;br /&gt;
|| '''MMFF94'''फाॅर्स फील्ड चुनें और '''Start'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:27&lt;br /&gt;
||  ऑप्टिमाइज़ेशन पूरा होने में कुछ समय लग सकता है। अब आप लेबल्स हटा सकते हैं।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:35&lt;br /&gt;
|| अब हमारे पास पैनल पर '''Maltose'''की ऑप्टीमाइज़्ड संरचना है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:40&lt;br /&gt;
|| अब सारांशित करते हैं। इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा: परमाणुओं को जोड़ना और डिलीट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:47&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड्स को जोड़ना और डिलीट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:50&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड्स को रोटेट करना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:52&lt;br /&gt;
|| बॉन्ड की लम्बाई बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:54&lt;br /&gt;
|| हाइड्रोजन को Methyl ग्रुप से बदलना &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 09:56&lt;br /&gt;
|| संरचनाओं को कॉपी पेस्ट और ज्वाइन करना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:00&lt;br /&gt;
||  नियत कार्य में ड्रा टूल उपयोग करके Butane अणु बनाएं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:06&lt;br /&gt;
|| इसे '''2,3 dimethyl Butane'''में बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:10&lt;br /&gt;
|| बांड्स को रोटेट और बॉन्ड की लम्बाई को बदलें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:14&lt;br /&gt;
|| '''cellulose'''का अणु बनाएं (हिंट: इन्सर्ट फ्रेगमेंट लाइब्रेरी में D- glucose monomer उपलब्ध है)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:22&lt;br /&gt;
|| UFF फाॅर्स फील्ड उपयोग करके ज्योमेट्री को ऑप्टिमाइज़ करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:27&lt;br /&gt;
|| यह वीडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।, अच्छी बैंडविड्थ न मिलने पर आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:36&lt;br /&gt;
|| हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं चलाते हैं और प्रमाणपत्र देते हैं। कृपया हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
||  10:44&lt;br /&gt;
|| स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट '''NMEICT, MHRD'''भारत सरकार द्वारा निधिबद्ध है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|| 10:52&lt;br /&gt;
|| यह ट्यूटोरियल जया द्वारा अनुवादित है। हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

	<entry>
		<id>https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Build-molecules/Hindi</id>
		<title>Avogadro/C2/Build-molecules/Hindi</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://script.spoken-tutorial.org/index.php/Avogadro/C2/Build-molecules/Hindi"/>
				<updated>2017-09-12T12:12:11Z</updated>
		
		<summary type="html">&lt;p&gt;Jayarastogi: Created page with &amp;quot;{| border =1 |'''Time''' |'''Narration'''  |- | 00:01 | ‘Build Molecules’ के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है।...&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| border =1&lt;br /&gt;
|'''Time'''&lt;br /&gt;
|'''Narration'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:01&lt;br /&gt;
| ‘Build Molecules’ के इस ट्यूटोरियल में आपका स्वागत है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:07	&lt;br /&gt;
|इस ट्यूटोरियल में हम सीखेगे: डेटाबेस से अणुओं को इम्पोर्ट करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:11&lt;br /&gt;
|रोटेट, ज़ूम इन और ज़ूम आउट करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:15&lt;br /&gt;
|पैनल पर अणुओं को बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:17&lt;br /&gt;
|फ़ोर्स फ़ील्ड सेट अप करना और ज्योमेट्री को उपयुक्त बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:21&lt;br /&gt;
| बांड की लम्बाई, बांड कोण, डीहाइड्रल कोण नापना  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:25&lt;br /&gt;
| फ्रेगमेंट लायब्रेरी दिखाना &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:27&lt;br /&gt;
|DNA अणु और 'Peptides'बनाना। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:31&lt;br /&gt;
|यहाँ मैं उपयोग कर रही हूँ  Ubuntu Linux OS वर्जन 14.04 'Avogadro'वर्जन 1.1.1 और एक कार्यकारी इंटरनेट कनेक्शन।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:44&lt;br /&gt;
| इस ट्यूटोरियल का अनुसरण करने के लिए आपको केमिस्ट्री यानि रसायन शास्त्र का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। 'Avogadro'डाउनलोड करने के लिए कृपया प्रदर्शित लिंक का उपयोग करें 'sourceforge.net/projects/avogadro'&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:53&lt;br /&gt;
| मैंने पहले से ही 'Avogadro'डाउनलोड कर लिया है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 00:56&lt;br /&gt;
| Avogadro  खोलने लिए 'Dash home'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:00&lt;br /&gt;
| सर्च बार में टाइप करे 'Avogadro'&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:02&lt;br /&gt;
| एप्लीकेशन को खोलने के  लिए 'Avogadro' आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:08&lt;br /&gt;
| 'chemical structure database'से  'xylene'अणुको इम्पोर्ट करके शुरू करते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:15&lt;br /&gt;
| अणु के इम्पोर्ट के लिए हमे कार्यकारी इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:19&lt;br /&gt;
|'File ' मेन्यू पर क्लिक करें। 'Import'पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:23&lt;br /&gt;
| एक sub-menu खुलेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:25&lt;br /&gt;
| 'Fetch by chemical name'चुनें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:28&lt;br /&gt;
|'Chemical name'डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:30&lt;br /&gt;
| प्रदर्शन के लिए मैं सर्च बॉक्स में 'xylene' टाइप करुँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:36&lt;br /&gt;
| 'OK'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:38&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास 'पैनल'पर xylene अणु है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:42&lt;br /&gt;
| अब 'पैनल'पर अणु को रोटेट हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:45&lt;br /&gt;
| टूल बार में 'Navigation tool'पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:49&lt;br /&gt;
| अणु पर कर्सर रखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:52&lt;br /&gt;
| माऊस के बाएं बटन को दबाएंऔर खींचें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 01:56&lt;br /&gt;
| ध्यान दें डायरेक्शन एरोज़ ड्रैग को इंगित कर रहे हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:00&lt;br /&gt;
| अणु को ट्रांसलेट  करने के लिए  माऊस के दाहिने बटन का उपयोग करें और खीचे खींचें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:06&lt;br /&gt;
| संरचना को zoom in और zoom out करने के लिए माऊस के पहिये को स्क्रॉल करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:10&lt;br /&gt;
| अब सीखते हैं कि अणु को कैसे बनाते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:14&lt;br /&gt;
| अणु को बनाने के लिए ,टूल बार  में  'Draw Tool'आइकन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:19&lt;br /&gt;
| Draw Settings ''मेन्यू में हम निम्न देख सकते हैं &lt;br /&gt;
'Element'ड्राप डाउन बटन &lt;br /&gt;
'Bond Order'ड्राप डाउन बटन &lt;br /&gt;
'Adjust Hydrogens'चेक बॉक्स &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:30&lt;br /&gt;
| यदि आप संरचना  में हाइड्रोजन्स नहीं चाहते है तो 'Adjust Hydrogens'चेक बॉक्स को अन-चेक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:37&lt;br /&gt;
| 'Element'ड्राप डाउन सूची तत्वों की सूची दिखाती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:42&lt;br /&gt;
| एक अलग विंडो में पूरी 'Periodic table'दिखाने के लिए 'Other'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:48&lt;br /&gt;
| विंडो को बंद करने के लिए  'Close'  (X) पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:51&lt;br /&gt;
|अब पैनल पर '''  Aniline '''की संरचना बनाएं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:55&lt;br /&gt;
| 'Element'ड्राप डाउन सूची से 'Carbon'का चयन करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 02:59&lt;br /&gt;
|Select '''  Single '''  '''  Bond Order '''ड्राप डाउन से '''  Single '''का चयन करें।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:03&lt;br /&gt;
|Click on the '''  Panel ''' . 'पैनल'पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:05&lt;br /&gt;
|6 कार्बन परमाणुओं की एक बंद श्रृंखला बनाने के लिए खींचें और छोड़े।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:10&lt;br /&gt;
|To show double bonds, select '''  Double '''  from '''  Bond Order '''  drop dowडबल बॉन्ड्स दिखाने के लिए '''  Bond Order '''ड्राप डाउन से '''  Double '''का चयन करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:16&lt;br /&gt;
|Click on alternate bonds to obtain '''  Benzene ''' structure. '''  Benzene '''संरचना प्राप्त करने के लिए वैकल्पिक बाँड्स पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:21&lt;br /&gt;
| अब '''  Aniline '''की संरचना पूरी होती है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:24&lt;br /&gt;
| 'Element'ड्राप डाउन सूची से 'Nitrogen'का चयन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:29&lt;br /&gt;
| 'Bond Order' ड्राप डाउन से 'Single' चयन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:33&lt;br /&gt;
|संरचना के किसी भी एक कार्बन परमाणु पर क्लिक करें और खींचें।&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:39&lt;br /&gt;
| 'Build' मेन्यू पर जाए और '''  Add Hydrogens '''का चयन करें।  &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 03:45&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास पैनल पर '''  Aniline'''की  संरचना है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:49&lt;br /&gt;
| एक स्थिर रचना प्राप्त करने के लिए पैनल पर '''  Aniline '''संरचना को उपयुक्त बनाने की ज़रूरत है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 03:56&lt;br /&gt;
| उपयुक्त बनाने के लिए टूल बार में 'Auto Optimization Tool'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:02&lt;br /&gt;
| बायीं तरफ '''  AutoOptimization Settings '''मेन्यू दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:06&lt;br /&gt;
| 'Force Field'ड्राप डाउन सूची पर क्लिक करें , '''MMFF94'''का चयन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:13&lt;br /&gt;
|छोटे कार्बनिक अणुओं को उपयुक्त बनाने के लिए सामान्यतः'MMFF94'का उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:20&lt;br /&gt;
| 'Start' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:23&lt;br /&gt;
|उपयुक्त बनाने के लिए ये कुछ सेकंड्स लेगा। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:28&lt;br /&gt;
|'  Optimization Settings' 'को बंद करने के लिए 'Stop' पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:33&lt;br /&gt;
|अब '''  Aniline '''की बॉन्ड की लम्बाई कोण और डीहाइड्राल कोण को नापते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:40&lt;br /&gt;
| टूल बार में '''  Click to Measure '''आइकन का चयन करें।  &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 04:44&lt;br /&gt;
| दूरी नापने के लिए किसी भी दो क्रमागत कार्बन परमाणुओं पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:49&lt;br /&gt;
| कोण नापने के लिए किन्हीं तीन क्रमागत परमाणुओं  पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 04:55&lt;br /&gt;
| डीहाइड्राल कोण नापने के लिए किन्हीं चार क्रमागत परमाणुओं पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:02&lt;br /&gt;
| नापी हुई वैल्यूज़ पैनल पर नीचे दिखती हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:07&lt;br /&gt;
| फाइल सेव करने के लिए ''' File'''और ''' Save As'''पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:13&lt;br /&gt;
| ''' Save Molecule As'''डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:17&lt;br /&gt;
| फाइल का नाम '''Aniline.cml'''लिखें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:21&lt;br /&gt;
| स्थान 'Desktop' चुनें और 'Save'बटन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:28&lt;br /&gt;
| नई विंडो खोलने के लिए 'New' आइकन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:32&lt;br /&gt;
|' Avogadro '''सॉफ्टवेर में 'fragment' लाइब्रेरी का उपयोग करके जटिल अणुओं को बनाने की सुविधा है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:38&lt;br /&gt;
| 'Build' मेन्यू पर जाएँ। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:40&lt;br /&gt;
| 'Insert' पर जाएँ और ''Fragment'विकल्प का चयन करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:45&lt;br /&gt;
|''' Insert Fragment '''डायलॉग बॉक्स खुलता है।   &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 05:49&lt;br /&gt;
| हम विभिन रासायनिक संरचनाओ की 'cml'फाइल वाले फोल्डर की सूची देख सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 05:55&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए , ''' alkenes '''फोल्डर खोलें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:00&lt;br /&gt;
| फोल्डर की विषय-वस्तु देखने के लिए फोल्डर पर डबल क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:04&lt;br /&gt;
| ''' 2-methyl-buta-1,3-diene.cml '''का  चयन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:10&lt;br /&gt;
|. 'Insert' बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:13&lt;br /&gt;
| डायलोग बॉक्स बंद करेने के लिए 'Close'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:17&lt;br /&gt;
|पैनल पर  ''' 2-methyl-1,3-butadiene की संरचना दिखती है।    &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:22&lt;br /&gt;
|इसे सामान्यतः 'Isoprene.'''कहते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:26&lt;br /&gt;
|हम '''  Isoprene '''का उपयोग करके बहुत से प्राकृतिक उत्पाद बना सकते है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:30&lt;br /&gt;
|अणु अब चयन मोड में है।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:33&lt;br /&gt;
| अचयनित करने के लिए ''CTRL, SHIFT '''और  '''A'''कीज़ को एक साथ दबाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:39&lt;br /&gt;
| उदाहरण के लिए मैं 'Vitamin A'और 'natural rubber'दिखाऊँगी जो '''  Isoprene '''उपयोग करके बनाये गए थे।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:47 &lt;br /&gt;
|'Vitamin A'और 'natural rubber'&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:51&lt;br /&gt;
| मैं 'Isoprene'को एक कोने में ट्रांसलेट करुँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 06:56&lt;br /&gt;
| ''' Build '' मेन्यू पर क्लिक करें, 'Insert'पर जाएँ और '''  Fragment '''का चयन करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:02&lt;br /&gt;
| '''  macrocycles '''फोल्डर में नीचे जाए; खोलने के लिए डबल क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:08&lt;br /&gt;
| '''  porphin '''फ्रेगमेंट का चयन  और '''  Insert'''पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:14&lt;br /&gt;
| डायेलॉग बॉक्स बंद करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:16&lt;br /&gt;
| 'porphyrin'फ्रेगमेंट उपयोग करके हम जटिल रासायनिक संरचनायें बना सकते है, जैसे 'Chlorophyll'और 'Vitamin B12'&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:25&lt;br /&gt;
|''' Chlorophyll '''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:27&lt;br /&gt;
|'''  Vitamin B12.'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:30&lt;br /&gt;
| '''  Avogadro '''उपयोग करके जटिल अणु जैसे '''  DNA '''और  '''  peptides '''आसानी से बनाये जा सकते हैं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:37&lt;br /&gt;
| '''  New '''आइकन उपयोग करके एक नई विंडो खोलें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:41&lt;br /&gt;
| एक DNA अणु को इन्सर्ट करने के लिए 'Build' मेन्यु पर जाकर 'Insert' पर जाएँ और सब मेन्यू से 'DNA/RNA'पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:51&lt;br /&gt;
|''' Insert Nucleic Acids '''डायलॉग बॉक्स खुलता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 07:55&lt;br /&gt;
| ''' DNA/RNA Builder''' ड्राप डाउन से 'DNA'का चयन करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:00&lt;br /&gt;
| चार 'nucleic acid bases'बटन की तरह दिखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:05&lt;br /&gt;
| ''' nucleic acid '''अनुक्रम  चुनने के लिए बटन्स पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:10&lt;br /&gt;
| आप 'acids' का अपना खुद का अनुक्रम चुन सकते हैं।   &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:14&lt;br /&gt;
| '''प्रदर्शन के लिए मैं   '''  A T G C A T G C.'''का चयन करुँगी। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:26&lt;br /&gt;
| ''' nucleic acids '''के चयन का अनुक्रम 'Sequence' टेक्स्ट बॉक्स में दिखता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:32&lt;br /&gt;
| 'Bases Per Turn'ड्राप डाउन में A चुनें, &amp;quot;5&amp;quot;चुनें: जो कि ‘बेस पेयर्स पर Helix'की संख्या है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:41&lt;br /&gt;
| 'Strands' में ‘Single’ चुने और 'Insert'बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 08:47&lt;br /&gt;
| डायलॉग बॉक्स बंद करने के लिए ' Close'पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:51&lt;br /&gt;
| अब हमारे पास पैनल पर एकल स्ट्रैन्डेड 'DNA'अणु है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 08:56&lt;br /&gt;
| संरचना को  ज़ूम आउट करें और पैनल के बीच तक खींचें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:01&lt;br /&gt;
|पैनल पर ''' DNA '''अणु को  अचयनित करने के लिए 'CTRL, SHIFT'और  'A' कीज़ को एक साथ दबाएं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:09&lt;br /&gt;
| हम 'Insert' मेन्यू में ''' Peptide '''विकल्प उपयोग करके एक ''' Peptide ''' अनुक्रम भी बना सकते है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:16&lt;br /&gt;
| नई विंडो खोलने के लिए फिर से 'New'आइकॉन पर क्लिक करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:21&lt;br /&gt;
|'Build' मेन्यू  पर जाकर 'Insert'और 'Peptide'तक नीचे जाएँ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:26&lt;br /&gt;
|''' Insert Peptide '''डायलॉग बॉक्स दिखता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:29&lt;br /&gt;
| ''' amino acids '''बटन पर क्लिक करके ''' Peptide''' अनुक्रम के लिए ''' amino acids '''का चयन करें।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:36&lt;br /&gt;
| प्रदर्शन के लिए मैं निम्न क्रम में चयन करुगी 'Glycine(Gly) -Valine(Val) -Proline(Pro) और Cystine(Cys)’&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:45&lt;br /&gt;
| '''  Sequence '''टेक्स्ट बॉक्स में चयन का क्रम दिखता है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:50&lt;br /&gt;
|. ''' Insert Peptide '''बटन पर क्लिक करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:53&lt;br /&gt;
| '''  Insert Peptide '''डायलॉग बॉक्स को बंद करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 09:57&lt;br /&gt;
|पैनल पर ''' Peptide '''श्रृंखला दिखती है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:00&lt;br /&gt;
|पैनल पर ''' Peptide '''को अचयनित करने के लिए '''   CTRL, SHIFT '''और  ''' A '''कीज़ को  एक साथ दबाएं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:07&lt;br /&gt;
| आप अपनी पसंद के '''  amino acids '''का चुनाव कर सकते हैं और ''' Peptide ''' अनुक्रम बना सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:13&lt;br /&gt;
| अब सारांशित करते हैं ।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:15&lt;br /&gt;
|x इस ट्यूटोरियल में हमने सीखा  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:18&lt;br /&gt;
| डेटाबेस से अणुओ को इम्पोर्ट करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:21&lt;br /&gt;
| रोटेट, ज़ूम इन और ज़ूम आउट करना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:24&lt;br /&gt;
| पैनल पर अणु बनाना &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:26&lt;br /&gt;
| फ़ोर्स फ़ील्ड सेट अप करना और ज्योमेट्री को उपयुक्त बनाना&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:30&lt;br /&gt;
| बॉन्ड की लम्बाई ,बॉन्ड कोण डीहाइड्राल कोण नापना &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:35&lt;br /&gt;
| फ्रेगमेंट लाइब्रेरी दिखाना &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:37&lt;br /&gt;
| ''' DNA '''अणु और ''' Peptides '''बनाना।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:41&lt;br /&gt;
| एक असाइंमेंट के रूप (नियत कार्य) में निम्नलिखित अमीनो एसिड रेसिड्यूज़ का उपयोग करके प्रोटीन अनुक्रम बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:49&lt;br /&gt;
| UFF'''फ़ोर्स फ़ील्ड उपयोग करके ज्योमेट्री को उपयुक्त बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:53&lt;br /&gt;
| इमेज को ''' .cml '''फाइल की तरह सेव करें।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10:58&lt;br /&gt;
| ‘Nucleic acids: AUGC'उपयोग करके ‘RNA’ का अनुक्रम बनाएं।  &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:04&lt;br /&gt;
|'MMFF94'फ़ोर्स फ़ील्ड उपयोग करके ज्योमेट्री को उपयुक्त बनाएं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:10&lt;br /&gt;
| इमेज को ''' .cml '''फाइल की तरह सेव करें। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:14&lt;br /&gt;
| यह विडियो स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट को सारांशित करता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:18&lt;br /&gt;
|अच्छी बैंडविथ न मिलने पर भी आप इसे डाउनलोड करके देख सकते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:23&lt;br /&gt;
|हम स्पोकन ट्यूटोरियल्स का उपयोग करके कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और प्रमाण पत्र देते है, कृपया हमसे संपर्क करें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:30&lt;br /&gt;
|स्पोकन ट्यूटोरियल प्रोजेक्ट NMEICT, MHRD भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11:36&lt;br /&gt;
| यह ट्यूटोरियल जया द्वारा अनुवादित है आई आई टी बॉम्बे से मैं जया आपसे विदा लेती हूँ।हमसे जुडने के लिए धन्यवाद।|}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Jayarastogi</name></author>	</entry>

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